कश्मीरी केसर को मिला जीआई प्रमाण-पत्र
नई दिल्ली। केन्द्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में पुलवामा जिले के पम्पोर इलाके में उगायी जाने वाली केसर बेहतरीन किस्म की मानी जाती है। हाल में केन्द्र सरकार ने कश्मीर घाटी में उगने वाली केसर के लिए जी.आई. यानी जियोग्रेफिकल इंडीकेशन पंजीयन प्रमाणपत्र जारी किया है। इस पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उप राज्यपाल गिरीश चंद्र मुर्मू ने कहा है कि यह कश्मीर घाटी में उगने वाली केसर को प्रमाण पत्र के साथ विश्व मानचित्र पर लाने की दिशा में पहला प्रमुख कदम है।
जी. आई. टैग मिल जाने के बाद निर्यात बाजार में कश्मीर की केसर का महत्व और बढ़ जायेगा और इससे किसान अपनी उपज के लिए बेहतर दाम भी हासिल कर सकेंगे। उपराज्यपाल ने जी. आई. प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए प्रदेश के कृषि निदेशक की सराहना की है और कहा है कि कश्मीर की केसर को फिर से उसका गौरवपूर्ण स्थान दिलाना, केन्द्र सरकार और प्रदेश प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
इसी महीने अत्याधुनिक मसाला पार्क का कार्य पूरा होने और इसके उद्घाटन से कश्मीर में केसर उत्पादन के क्षेत्र में भारी बदलाव आने की संभावना है। जी. आई. प्रमाण पत्र से किसी खास क्षेत्र में पैदा होने वाली खास वस्तुओं को विशेष पहचान मिलती है। यह प्रमाण पत्र प्राप्त कर लेने के बाद उस नाम का इस्तेमाल कोई और नहीं कर सकता। भौगोलिक संकेतक प्रमाण पत्र मिलने से कश्मीरी केसर में मिलावट नहीं की जा सकेगी और खरीदारों को प्रमाणिक सामग्री तथा किसानों को बेहतर दाम मिल सकेंगे।

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