कर्नाटक के मंदिरों में वरिष्ठ नागरिकों को सीधे दर्शन होंगे
बेंगलुरु. कर्नाटक में 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को लगभग 358 राज्य-संचालित मंदिरों में दर्शन के लिए कतार में लगने की आवश्यकता नहीं होगी और उन्हें प्रार्थना करने के लिए सीधे प्रवेश मिलेगा। मुजराई विभाग ने बुधवार को इस संबंध में परिपत्र जारी किया।
विभाग ने यह निर्णय ‘ऑल कर्नाटक हिंदू टेंपल्स अर्चाकारा, अगामीकारा और उपधिवंता फेडरेशन' की एक याचिका पर लिया है। जिसने इस पीड़ा को रेखांकित किया कि वरिष्ठ नागरिकों को विभाग के तहत आने वाले श्रेणी ‘ए' (202) और श्रेणी ‘बी' मंदिरों में कतार में खड़े होने पड़ता है। राज्य के कई प्रमुख मंदिर जैसे दक्षिण कन्नड़ में कुक्के श्री सुब्रह्मण्य मंदिर, बेलगावी में रेणुका येल्लम्मा मंदिर, इन श्रेणियों के अंतर्गत आते हैं। मुजराई आयुक्त द्वारा जारी परिपत्र में कहा गया, “हाल के दिनों में विभाग के अंतर्गत आने वाले मंदिरों में पहुंचने वाले भक्तों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है। वरिष्ठ नागरिकों के लिये कतार में खड़े होकर इंतजार करना मुश्किल हो गया। यह निर्देश दिया जाता है कि 65 वर्ष और उससे अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को आयु प्रमाण या आधार प्रस्तुत करने पर शीघ्र दर्शन कराने की व्यवस्था करें। ”









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