सिस्टर सीरिल का निधन
कोलकाता. कई दशकों तक वंचित वर्गों के बच्चों को शिक्षा दिलाने के लिए काम करने वाली और लोरेटो सियालदाह की पूर्व प्रधानाचार्य सिस्टर सीरिल का निधन हो गया है। वह 86 वर्ष की थीं। यहां एन्ताल्ली में स्थित ‘इंस्टीट्यूट ऑफ ब्लेस्ड वर्जिन मैरी, लोरेटो रेजिडेंस' ने कहा कि उनका निधन शनिवार को हुआ। सिस्टर सीरिल पढ़ाने के नवोन्मेषी तरीकों और ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों में रहने वाले वंचित बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने के लिए जानी जाती थीं। वह 32 साल तक लोरेटो सियालदाह की प्रधानाचार्य रही थीं। उन्होंने 2007 में ‘पद्म श्री' से नवाजा गया था। उन्होंने 1983 में ‘रेनबॉ' परियोजना की शुरुआत की थी। इस परियोजना के तहत अंग्रेजी माध्यम के विद्यार्थी स्कूल के बाद आर्थिक रूप से पिछड़े बच्चों को पढ़ाते थे। आयरलैंड में जन्मीं सिस्टर सीरिल 1956 में कोलकाता आ गई थीं और तब से वह भारत में रह रही थीं। वह यहां एन्ताल्ली में नन के लिए वृद्धाश्रम में रहती थीं। वह लोरेटो सियालदाह से प्रधानाचार्य के तौर पर सेवानिवृत्त होने के बाद राज्य में शिक्षा पर विभिन्न सलाहकार समितियों की सदस्य भी रही थीं।









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