ब्रेकिंग न्यूज़

शंघाई सहयोग संगठन ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की

 नई दिल्ली।  शंघाई सहयोग संगठन ने आतंकवाद, अलगाववाद और उग्रवाद से लड़ने की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की है। संगठन ने आतंक का वित्तपोषण रोकने, युवाओं में कट्टरता रोकने और स्लीपर सेल तथा आतंकियों के सुरक्षित ठिकानों और उनकी सीमा पार आवाजाही समाप्‍त करने के उपाय करने पर बल दिया है।

 संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की वर्चुअल माध्‍यम से बैठक के बाद नई दिल्ली घोषणा को स्‍वीकार किया गया। इसके अनुसार सदस्य देश आतंकवादी, अलगाववादी और चरमपंथी संगठनों की एकीकृत सूची बनाने के लिए सामान्य सिद्धांत और दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास करेंगे। इन चरमपंथी संगठनों की गतिविधियां शंघाई सहयोग संगठन के सदस्‍य देशों में प्रतिबंधित हैं। सदस्‍य देशों ने सूचना और संचार प्रौद्योगिकियों के सैन्यीकरण का विरोध किया। इसके अलावा मादक पदार्थों के बढ़ते उत्पादन, तस्करी और दुरुपयोग तथा मादक पदार्थों की तस्करी से प्राप्त धन का आतंकवाद के वित्तपोषण के रूप में इस्‍तेमाल करने के खतरों के बारे में चिंता व्यक्त की गई।
 घोषणा में कहा गया है कि कुछ देशों द्वारा वैश्विक मिसाइल रक्षा प्रणालियों के एकतरफा और असीमित विस्तार का अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
 सदस्य देशों ने आतंकवाद, युद्ध और मादक पदार्थों से मुक्त एक स्वतंत्र, लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण अफगानिस्तान के निर्माण पर बल दिया। अफगानिस्तान में उभरती मानवीय स्थिति को देखते हुए, सदस्य देशों ने अफगान लोगों की सहायता के लिए निरंतर प्रयासों का समर्थन किया।
 विश्व व्यापार संगठन की अधिक प्रभावशीलता का आह्वान करते हुए, संगठन के समावेशी सुधार के शीघ्र कार्यान्वयन की आवश्यकता पर बल दिया गया। सदस्य देशों ने शिक्षा, विज्ञान और प्रौद्योगिकी, संस्कृति, स्वास्थ्य, आपदा प्रबंधन, पर्यटन, खेल और लोगों के बीच आपसी संपर्क में सहयोग को मजबूत करने के अपने इरादे व्यक्त किए। वैश्विक अनिश्चितताओं से उत्पन्न चुनौतियों से निपटने के लिए, सदस्य देशों ने अधिक न्यायसंगत और प्रभावी अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने के लिए नए दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। बातचीत और परामर्श के माध्यम से देशों के बीच असहमति और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की प्रतिबद्धता व्‍यक्‍त की गई। सदस्य देश वर्ष 2024 को एससीओ पर्यावरण वर्ष घोषित करने पर सहमत हुए।
 सदस्य देशों ने 2022-2023 में एससीओ की भारत की अध्यक्षता के परिणामों की सराहना की। भारत ने बहुआयामी और पारस्परिक रूप से लाभदायक सहयोग के विकास में योगदान दिया है। संगठन की अगली अध्‍यक्षता कजाकिस्तान को सौंपी गई। संगठन के राष्ट्राध्यक्षों की अगली बैठक 2024 में कजाकिस्तान में होगी।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english