विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत में हरित हाइड्रोजन निर्यातक बनने की क्षमता है
नई दिल्ली। विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने कहा है कि भारत में हरित हाइड्रोजन निर्यातक बनने की क्षमता है। डॉक्टर जितेंद्र सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में हरित हाइड्रोजन-2023 अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लगभग दो अरब 40 करोड़ डॉलर के बजटीय परिव्यय के साथ राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन को मंजूरी दी थी। उन्होंने कहा कि यह वर्ष 2070 तक शून्य कार्बन उत्सर्जन का लक्ष्य प्राप्त करने की चुनौतियों से निपटने के लिए भारत के दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करता है। उन्होंने कहा कि देश की मजबूत स्टार्टअप व्यवस्था के कारण हाइड्रोजन मिशन में रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं।
इस अवसर पर पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि सरकार ने हरित हाइड्रोजन के विकास के लिए उचित प्रबंध किए हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2030 तक हाइड्रोजन की वैश्विक मांग 200 मिलियन टन तक पहुंचने की आशा है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों ने 2030 तक एक मिलियन मीट्रिक टन से अधिक हरित हाइड्रोजन का उत्पादन करने का लक्ष्य रखा है।







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