भूस्खलन से 100 मीटर सड़क बही, बदरीनाथ यात्रा प्रभावित
देहरादून/गोपश्वर. उत्तराखंड के चमोली जिले में गौचर के पास कमेड़ा में रातभर भारी बारिश के बाद सोमवार को हुए जबरदस्त भूस्खलन से ऋषिकेश-बदरीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का लगभग 100 मीटर हिस्सा बह गया जिससे हिमालयी धाम की तीर्थयात्रा प्रभावित हुई। यहां जारी एक सरकारी बयान में कहा गया है कि यह मार्ग बदरीनाथ धाम को जाने वाले तीर्थयात्रियों और वाहनों के लिए दो से तीन दिन तक बाधित रहेगा। बयान में कहा गया है कि मार्ग को जल्द से जल्द बहाल करने के लिए संबंधित विभाग एवं एजेंसियां युद्धस्तर पर काम कर रही हैं। मार्ग खुलने में दो—तीन का दिन का समय लगने की संभावना को देखते हुए पुलिस ने कर्णप्रयाग और बदरीनाथ जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करने की सलाह दी जिसके बाद सुबह से इंतजार में खड़े वाहन गंतव्य की ओर रवाना हो गए । रूद्रप्रयाग की पुलिस अधीक्षक विशाखा अशोक भदाणे ने स्वयं मौके पर पहुंचकर मलबा साफ करने में लगी एजेंसियों के अधिकारियों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि मार्ग के खुलने में लंबा समय लगने के मददेनजर सड़क पर वाहनों का अनावश्यक रूप से खड़ा रहना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि श्रीनगर की ओर से रूद्रप्रयाग पहुंच रहे वाहन चालकों को इस संबंध में पहले से सूचित किया जा रहा है। इस बाधित मार्ग के विकल्प के रूप में बदरीनाथ और हेमकुंड जाने वाले बड़े वाहनों को रुद्रप्रयाग से पोखरी, कर्णप्रयाग और चमोली होते हुए गंतव्य पर पहुंचने को कहा जा रहा है जबकि छोटे वाहनों को चोपता, गोपेश्वर होते हुए जाने की सलाह दी जा रही है। क्षेत्र में बारिश के कारण अन्य वैकल्पिक मार्ग बीच—बीच में बाधित चल रहे हैं जिस कारण वाहनों को इन मार्गों से नहीं भेजा जा रहा है । वैकल्पिक मार्गों से जा रहे तीर्थयात्रियों को पोखरी में प्रशासन के निर्देश पर हल्की भोजन सामग्री भी वितरित की जा रही है । राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, सोमवार सुबह भारी बारिश के कारण गौचर भट्टनगर में भी एक पुश्ता टूट गया जिससे सड़क किनारे खड़े पांच वाहन मलबे में दब गए। मलबे को साफ किया जा रहा है । घटना में कोई व्यक्ति घायल नही हुआ ।
उधर, तीन दिन पहले शुक्रवार को भूस्खलन के कारण सड़क धंसने से गैरसैंण के पास कालीमाठी में अवरुद्ध हुआ कर्णप्रयाग-नैनीताल राष्ट्रीय राजमार्ग भी अभी तक नहीं खुल पाया है। इसके अलावा, नंदप्रयाग और छिनका में भी बोल्डर (भारी पत्थर) गिरने के कारण यातायात अवरुद्ध है । बारिश के कारण भूधंसाव ग्रस्त जोशीमठ के सिंहधार वार्ड में दैनिक विहार त्रिदंडी आश्रम की दीवार ढह गई। आश्रम के संतोष बाबा ने बताया कि शनिवार देर रात बारिश के चलते दीवार ढह गई। यह आश्रम जेपी कालोनी के ठीक ऊपर है, जहां इस साल की शुरुआत में अचानक जमीन से पानी निकला था और मकान धंस गए थे। उस दौरान आश्रम के खेतों में और आसपास दरारें आ गई थीं।







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