मोहब्बत के शायर राहत इंदौरी का निधन
नई दिल्ली। मशहूर और हर दिल अज़ीज़ शायर राहत इंदौरी का निधन हो गया है। उनके ट्वीटर अकाउंट पर शाम 5.52 मिनट पर सूचना दी गई है कि राहत साहब का कार्डियक अरेस्ट की वजह से शाम 5,00 बजे इंतेकाल हो गया है। वे 70 साल के थे।
आज सुबह ही उन्होंने ट्वीट कर अपने कोरोना पॉजिटिव होने की जानकारी दी थी। उनके निधन से शायरी का समंदर शांत हो गया। मध्यप्रदेश के इंदौर में जन्मे राहत साहब अपनी शायरी की वजह से खासे लोकप्रिय थे।
राहत इंदौरी का जन्म इंदौर में 1 जनवरी 1950 में कपड़ा मिल के कर्मचारी रफ्तुल्लाह कुरैशी और मकबूल उन निशा बेगम के यहां हुआ था। वे उन दोनों की चौथी संतान हैं। उनकी प्रारंभिक शिक्षा नूतन स्कूल इंदौर में हुई। उन्होंने इस्लामिया करीमिया कॉलेज इंदौर से 1973 में अपनी स्नातक की पढ़ाई पूरी की और 1975 में बरकतउल्लाह विश्वविद्यालय, भोपाल से उर्दू साहित्य में एमए किया। 1985 में मध्य प्रदेश के मध्य प्रदेश भोज मुक्त विश्वविद्यालय से उर्दू साहित्य में पीएचडी की उपाधि प्राप्त की।
राहत इंदौरी ने 11 अगस्त को सुबह ट्वीट किया था- कोविड के शुरुआती लक्षण दिखाई देने पर कल मेरा कोरोना टेस्ट किया गया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आयी है। ऑरबिंदो हॉस्पिटल में एडमिट हूं। दुआ कीजिये जल्द से जल्द इस बीमारी को हरा दूं। एक और इल्तेजा है, मुझे या घर के लोगों को फ़ोन ना करें, मेरी ख़ैरियत ट्विटर और फेसबुक पर आपको मिलती रहेगी। लेकिन शाम को उन्हें दिल का दौरा पड़ा और उन्हें बचाया नहीं जा सका।
कुमार विश्वास ने जताया शोक
राहत इंदौरी के निधन पर कवि डॉ. कुमार विश्वास ने शोक जताते हुए लिखा- हे ईश्वर ! बेहद दुखद ! इतनी बेबाक़ जिदंगी और ऐसा तरंगित शब्द-सागर इतनी ख़ामोशी से विदा होगा,कभी नहीं सोचा था ! शायरी के मेरे सफऱ और काव्य-जीवन के ठहाकेदार किस्सोंं का एक बेहद जिंदादिल हमसफऱ हाथ छुड़ा कर चला गया!








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