उत्तराखंड में सुरंग में फंसे मजदूरों के सुरक्षित बचाव के लिए प्रार्थना कर रहे हैं परिजन
कोकराझार। उत्तराखंड में निर्माणाधीन सुरंग के अंदर 14 दिनों से फंसे असम के दो मजदूरों के परिवार के सदस्य उन्हें वहां से सुरक्षित तरीके से निकाले जाने के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। इन दोनों श्रमिकों के परिजनों को उम्मीद है कि उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में सिलक्यारा सुरंग के अंदर मौजूद सभी श्रमिकों को जल्द ही निकाल लिया जाएगा। सुरंग का एक हिस्सा ढह जाने से उसमें कुल 41 श्रमिक फंसे हुए हैं और उन्हें निकालने का अभियान किसी न किसी कारण से बाधित हो रहा है। कोकराझार जिले के रामफलबिल गांव के रहने वाले 40 वर्षीय रामप्रसाद नारजरी और 35 वर्षीय संजय बासुमतारी मई में वहां गए थे। बासुमतारी के पिता धीरेन बासुमतारी ने कहा, ‘‘हम केवल उम्मीद और प्रार्थना कर सकते हैं कि सभी को जल्द ही वहां से सुरक्षित निकाल लिया जाए और वे अपने-अपने घर लौट आएं।'' उन्होंने कहा कि सरकार उन्हें बचाने के लिए कई अत्याधुनिक मशीनें लेकर आई है लेकिन इसमें काफी समय लग रहा है और ‘‘अब हम चिंतित हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘हम यहां से कुछ नहीं कर सकते, केवल ईश्वर और सरकार पर भरोसा रख सकते हैं। मेरा बड़ा बेटा रॉकेट बासुमतारी भी वहां काम कर रहा था और वह ही हमें अंदर फंसे लोगों के बारे में जानकारी दे रहा है।'' नारजरी की पत्नी सुमित्रा ने उत्तराखंड और केंद्र सरकार से फंसे हुए सभी श्रमिकों को सुरक्षित निकालने की अपील की। उन्होंने कहा, ‘‘हमें खबर मिल रही है कि उन्हें भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है लेकिन हम उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। हमें उनकी सुरक्षित वापसी की उम्मीद है।''

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