ग्रामीण इलाकों में सेनेटरी पैड के इस्तेमाल का आंकड़ा बढ़कर 45 प्रतिशत हुआ: मांडविया
नयी दिल्ली. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने बृहस्पतिवार को कहा कि पिछले तीन वर्ष में देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना केंद्रों (पीएमबीजेपी) के माध्यम से 35 करोड़ से अधिक ‘जन औषधि सुविधा सेनेटरी पैड' बेचे गए हैं। मांडविया ने कहा कि ग्रामीण इलाकों में सेनेटरी पैड का इस्तेमाल 11-12 प्रतिशत बढ़कर 45 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जन औषधि सेनेटरी पैड का इस्तेमाल 55 प्रतिशत तक बढ़ गया है। उन्होंने कहा, ‘‘पीएमबीजेपी के तहत ग्रामीण महिलाओं के बीच सेनेटरी पैड के इस्तेमाल में पर्याप्त वृद्धि दर्ज की गई है, जो पहले शहरी आबादी तक ही सीमित थी।'' मांडविया ने महिलाओं और बच्चों के विकास के मोर्चे पर पिछले नौ वर्षों में सरकार की उपलब्धियों के बारे में मीडिया को जानकारी देते हुए कहा कि मोदी सरकार के शासन में देश में महिलाओं की भूमिका और स्थिति में भारी बदलाव आया है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने महिला सुरक्षा, महिला सशक्तीकरण, महिलाओं की समृद्धि, महिलाओं के लिए समान भागीदारी, महिलाओं का सम्मान, महिलाओं को सुविधाएं प्रदान करना और महिला स्वास्थ्य के सात स्तंभों पर काम किया है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नए भारत की महिलाएं वास्तव में सशक्त हों। महिलाओं के कल्याण के लिए शुरू की गई योजनाओं को सूचीबद्ध करते हुए, उन्होंने कहा कि यह मोदी सरकार ही थी जिसने ‘‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ'' अभियान शुरू किया था और इसका उद्देश्य लड़कियों के बीच शिक्षा के साथ-साथ उनके लिए कल्याणकारी सेवा की दक्षता में सुधार करना था। ‘तीन तलाक' के खिलाफ कानून के बारे में मांडविया ने कहा कि यह मुस्लिम महिलाओं को सदियों पुरानी परंपरा से छुटकारा दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम था। मांडविया ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार ने विशेष रूप से महिलाओं के लिए विभिन्न कौशल विकास योजनाएं लागू कीं। उन्होंने कहा, ‘‘हमने प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना शुरू की जिसके तहत गर्भवती और स्तनपान कराने वाली माताओं को वित्तीय सहायता प्रदान करती है।'' उन्होंने कहा कि महिलाओं की सेहत को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि परियोजना के तहत महिलाओं को एक रुपये में सेनेटरी पैड दिए जा रहे हैं और ये पैड 10,000 से अधिक जन औषधि केंद्रों में बेचे जा रहे हैं। मांडविया ने कहा, ‘‘पिछले तीन वर्षों में ग्रामीण महिलाओं में सेनेटरी पैड का इस्तेमाल 11-12 प्रतिशत से बढ़कर 45 प्रतिशत हो गया है। राष्ट्रीय स्तर पर यह लगभग 30 प्रतिशत से बढ़कर 55 प्रतिशत तक पहुंच गया है।'' उन्होंने कहा, ‘‘सुकन्या समृद्धि योजना के तहत हम देश की तीन करोड़ से अधिक बेटियों का भविष्य सुरक्षित करते हैं।'' उन्होंने कहा, ‘‘आज देश की सभी महिलाओं के पास बैंक खाता है। वर्ष 2014 से पहले, जब केवल 50 प्रतिशत से भी कम महिलाओं के पास बैंक खाते थे, हमने इस अंतर को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।'' इस दौरान उन्होंने महिलाओं के लिए सरकार की ओर से संचालित की जा रही अन्य योजनाओं की भी जानकारी दी।








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