संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एक पुराने क्लब की तरह है जहां स्थापित सदस्य नए सदस्यों को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं- एस जयशंकर
नई दिल्ली। विदेश मंत्री एस जयशंकर ने संयुक्त राष्ट्र संगठन में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया है। आज बेंगलुरु में रोटरी संस्थान के कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद एक पुराने क्लब की तरह है जहां स्थापित सदस्य नए सदस्यों को स्वीकार नहीं करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन में सुधार न होने के कारण संयुक्त राष्ट्र की प्रभावशीलता कम हो रही है। उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा चुनौतियों से निपटने के लिए बड़ी संख्या में देश संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में सुधार का आग्रह कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत लगातार वैश्विक मंच पर सुधारों का मुद्दा उठाता रहा है। भारत-चीन संबंधों के बारे श्री जयशंकर ने कहा कि दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध कठिन हो गए हैं और इसका कारण चीन द्वारा सीमा संबंधी समझौतों का पालन न किया जाना है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि भारत चीन के साथ बेहतर संबंध चाहता है। वर्ष 2047 तक भारत के विकसित देश बनने की आकांक्षा पर डॉ. जयशंकर ने कहा कि देश सुधारों की राह पर है और सभी आकांक्षाओं को पूरा किया जा सकता है।








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