संसद में पारित तीन आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन के लिए सभी केंद्र शासित प्रदेशों में बुनियादी ढांचे का काम दिसंबर 2024 तक पूरा किया जाएगा- अमित शाह
नई दिल्ली। केंद्रीय गृह मंत्री और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि संसद में हाल में पारित तीन आपराधिक कानूनों को लागू करने के लिए दिसंबर 2024 तक सभी केंद्र शासित प्रदेशों में बुनियादी ढांचे, सॉफ्टवेयर, मानव संसाधनों का प्रशिक्षण और अदालतों के पूर्ण कम्प्यूटरीकरण का काम पूरा हो जाएगा। उन्होंने कल चंडीगढ़ में साइबर ऑपरेशन एंड सिक्योरिटी सेंटर (CENCOPS) का उद्घाटन करते हुए कहा कि मोदी सरकार ने क्राइम एण्ड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एण्ड सिस्टम - सीसीटीएनएस और इंटर-ऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम-आईसीजेएस के जरिए यह कानून लागू करने का काम शुरू भी कर दिया है। श्री शाह ने कहा कि आतंकवाद और संगठित अपराध की परिभाषा लागू करने, अभियोजन निदेशालय के गठन और आईसीजेएस और सीसीटीएनएस में खामियाँ दूर करने के लिए एक समयबद्ध कार्यक्रम तैयार किया जाएगा।
श्री शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की संसद ने तीन ऐतिहासिक विधेयकों को कानून में बदल दिया है जो देश की आपराधिक न्याय प्रणाली में बदलाव लाएंगे। उन्होंने कहा कि पूरे देश की न्याय व्यवस्था भारत के संविधान की भावना के अनुरूप चलनी चाहिए। गृह मंत्री ने कहा कि हमारे कानूनों को नवीनतम तकनीक स्वीकार करने के लिए स्वयं को तैयार करना चाहिए।
उन्होंने कहा कि जब आपराधिक न्याय प्रणाली में महत्वपूर्ण बदलाव लाने के लिए संसद में चर्चा हो रही थी तब विपक्षी दल उपराष्ट्रपति की नकल उतारने का निंदनीय कार्य कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस देश में कई सरकारें आई और चली गई लेकिन संवैधानिक पदों के प्रति हमेशा सम्मान दिया जाता रहा है।
गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत अपनी आपराधिक न्याय प्रणाली को भारतीय सोच के साथ चलाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि भारत की आपराधिक न्याय प्रणाली भी 19वीं सदी से सीधे 21वीं सदी में जाने के लिए तैयार है। श्री शाह ने कहा कि इन कानूनों के लागू होने के बाद हमारी आपराधिक न्याय प्रणाली दुनिया की सबसे आधुनिक आपराधिक न्याय प्रणाली बन जाएगी।








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