'एम्स' राजकोट को देश में सर्वश्रेष्ठ बनाने के लिए सभी प्रयास किये जा रहे : नड्डा
राजकोट। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने शनिवार को कहा कि गुजरात के राजकोट स्थित अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) को देश के सर्वश्रेष्ठ संस्थानों में से एक बनाने के लिए सर्वोत्तम संकाय सदस्य और चिकित्सकों की नियुक्ति सहित सभी प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने एम्स राजकोट में वायरस अनुसंधान एवं निदान (वीआरडी) लैब का भी उद्घाटन किया। इसका उद्देश्य महाराष्ट्र के पुणे स्थित राष्ट्रीय विषाणु विज्ञान संस्थान (एनआईवी) पर राज्य की निर्भरता को समाप्त करना है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "कोरोना महामारी के कारण देरी के बावजूद एम्स राजकोट सबसे तेजी से बढ़ते संस्थानों में से एक के रूप में उभरा है। इसके ओपीडी, आईपीडी और ट्रॉमा (विभाग) में रोगियों की संख्या में तीव्र वृद्धि देखी गई है। सरकार का प्रयास यह सुनिश्चित करना है कि इसे सर्वश्रेष्ठ संकाय सदस्य और चिकित्सक मिलें ताकि राजकोट एम्स मानवता और सौराष्ट्र के लोगों की सेवा करने वाला एक उच्च श्रेणी का संस्थान बन सके।" नड्डा ने कहा कि उन्होंने जिस वीआरडी लैब का उद्घाटन किया वह 'बायोलॉजिकल सेफ्टी लेवल' (बीएसएल) 2 श्रेणी की लैब है जिसे जल्द ही बीएसएल 3 में अद्यतन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इससे एनआईवी पुणे पर निर्भरता खत्म होगी। नड्डा ने कहा, "1960 से 1998 तक कांग्रेस के शासन के दौरान देश में केवल एक एम्स था। 1998-2004 में तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में देश को छह नए एम्स मिले। इसके बाद संप्रग (संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन) के शासन में रायबरेली में केवल एक एम्स खोला गया। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 10 वर्षों में देश को 22 एम्स समर्पित किए, जिनमें से 18 चालू हैं और चार अन्य पर काम चल रहा है।" नड्डा ने कहा, "मैं आपको आश्वस्त करना चाहता हूं कि एम्स राजकोट को सर्वश्रेष्ठ एम्स में से एक के रूप में विकसित किया जाएगा और संस्थान में उच्च स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।"

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