किसान ने बेटे और खुद पर हमला करने वाले तेंदुए को दरांती और बरछी से मार डाला
वेरावल/ गुजरात के गिर सोमनाथ जिले में तेंदुए के हमले के बाद खुद को और अपने बेटे को बचाने के लिए 60 वर्षीय किसान ने हंसिया और बरछी से उस जंगली जानवर को मार डाला। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। हमले के बाद किसान बाबू वाजा और उनके बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया गया, वहीं वन अधिकारियों ने उनके खिलाफ तेंदुए को मारने का मामला दर्ज किया है। यह घटना बुधवार रात उस समय घटी, जब वाजा जिला मुख्यालय वेरावल से लगभग 100 किलोमीटर दूर गंगदा गांव के बाहरी इलाके में स्थित अपने घर के बरामदे में आराम कर रहे थे। रेंज वन अधिकारी एल बी भरवाड ने बताया कि पास के खेतों से एक तेंदुआ निकला और बिना किसी उकसावे के वाजा पर कूद पड़ा। वाजा के अनुसार, तेंदुए ने उनकी बांह पकड़ ली और खींचने लगा।
वाजा ने ऊना कस्बे के एक अस्पताल में पत्रकारों को बताया, "मेरी चीखें सुनकर मेरा बेटा शार्दुल मुझे बचाने के लिए दौड़ा। लेकिन तेंदुए ने उस पर हमला कर दिया और उसे घायल कर दिया। जब मैंने शार्दुल को बचाने की कोशिश की, तो तेंदुए ने मुझ पर फिर से हमला कर दिया। उन कुछ मिनटों में उसने हम पर कई बार हमला किया।" अधिकारियों ने बताया कि दोनों को बांहों और माथे पर चोट आई हैं।
बुजुर्ग व्यक्ति ने बताया कि उन्होंने बरामदे में रखी दरांती और बरछी उठाकर तेंदुए को मार डाला। घटना की जानकारी मिलते ही भरवाड और उनकी टीम मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। भरवाड ने बताया, "हमने वाजा द्वारा जानवर को मारने के लिए इस्तेमाल किए गए हथियार भी बरामद किए हैं। हमने वाजा के खिलाफ तेंदुए की हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।







.jpg)

Leave A Comment