ब्रेकिंग न्यूज़

केंद्र सरकार सिख समुदाय के सम्मान और न्याय के लिए प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही: प्रधानमंत्री मोदी

नवी मुंबई. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को कहा कि केंद्र सरकार सिख समुदाय के सम्मान और न्याय के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है। मोदी ने नवी मुंबई के खारघर में गुरु तेग बहादुर की शहादत की 350वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित 'हिंद-दी-चादर' स्मृति कार्यक्रम को डिजिटल माध्यम से संबोधित किया। प्रधानमंत्री ने कहा, ''हमारी सरकार सिख समुदाय के सम्मान और न्याय के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है।'' उन्होंने कहा कि यह प्रतिबद्धता सरकार द्वारा 1984 के (सिख विरोधी) दंगों की जांच के लिए एक विशेष जांच समिति (एसआईटी) का गठन किए जाने से दिखाई देती है। प्रधानमंत्री ने कहा, "1984 के दंगों से संबंधित कई मामले बंद कर दिए गए थे। हमने इसे दोबारा खोला, और सरकार ने दंगा प्रभावित परिवारों के लिए अतिरिक्त मुआवजे की भी घोषणा की। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग को अधिक सक्रिय भूमिका सौंपी गई।" उन्होंने कहा कि जब अफगानिस्तान में सिख परिवारों की सुरक्षा और गुरु ग्रंथ साहिब की पवित्र प्रतियों से संबंधित मुद्दे उठे, तो सरकार ने मिशन मोड में कार्रवाई की। मोदी ने कहा, ''हम मिशन मोड में काम कर रहे हैं। हमारी सरकार अफगानिस्तान से 'सरूप' (श्री गुरु ग्रंथ साहिब की प्रतियां) सुरक्षित वापस लेकर आई। हमने अफगानिस्तान से सिखों और हिंदुओं को नागरिकता देने का मार्ग प्रशस्त किया। सीएए के माध्यम से हमने उत्पीड़ित सिखों को राहत प्रदान की।'' उन्होंने यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर के सिख परिवारों के लिए पुनर्वास पैकेज लागू किए गए, जबकि ओसीआई और वीजा नियमों को सरल बनाया गया और सिखों के हजारों ब्लैकलिस्टेड नामों को हटा दिया गया। मोदी ने कहा कि हिंद-दी-चादर जैसी घटनाएं यह सुनिश्चित करती हैं कि इतिहास महज एक स्मृति बनकर न रह जाए, बल्कि "भविष्य का मार्ग" बने। अपने डिजिटल संबोधन में प्रधानमंत्री ने कहा, "साहस और सत्य के साथ खड़े रहना आज भी उतना ही प्रासंगिक है जितना गुरु तेग बहादुर के समय में था। जब नई पीढ़ी इन मूल्यों से जुड़ती है, तो परंपरा केवल स्मृति बनकर नहीं रह जाती बल्कि भविष्य का मार्ग बन जाती है। इस बैठक का यही उद्देश्य है। हम न केवल इतिहास को याद करते हैं, बल्कि उसे अपने जीवन में उतारते हैं।" उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास शौर्य, समन्वय और सहयोग से भरा हुआ था और गुरुओं के सर्वोच्च बलिदान ने राष्ट्रीय एकता को मजबूत किया। मोदी ने कहा कि समाज के हर वर्ग ने उनसे प्रेरणा ली, जिससे समाज को सत्य और संस्कृति के मार्ग पर दृढ़ रहने में मदद मिली। प्रधानमंत्री ने कहा, "जब देश को सामाजिक एकता की सबसे अधिक आवश्यकता है, तब यह आयोजन हमें विश्वास दिलाता है कि हमारे गुरुओं और संतों का आशीर्वाद हमारे साथ है। इस यात्रा की शुरुआत पिछले वर्ष नागपुर से हुई थी, फिर इसे नांदेड़ में आयोजित किया गया। आज नवी मुंबई की यह यात्रा एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंच गई है।" उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय स्तर पर गुरु तेग बहादुर से संबंधित कार्यक्रमों का आयोजन कर रही है। प्रधानमंत्री ने कहा, "सिख समुदाय की आस्था का सम्मान करना और उसकी प्रगति के अवसर पैदा करना सरकार का दायित्व और सम्मान है।"

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english