हैदराबाद में मुख्यमंत्री के समक्ष 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया
हैदराबाद. तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए रेवंत रेड्डी के समक्ष शनिवार को 130 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया। आत्मसमर्पण प्रक्रिया के तहत, माओवादियों ने एके-47 राइफलों समेत 124 आग्नेयास्त्र और 5,200 से अधिक कारतूस सौंपे, जो हाल के समय में देश में पीएलजीए (पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी) द्वारा आत्मसमर्पण किए गए हथियारों की गुणवत्ता और संख्या के मामले में सबसे अधिक है। तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) बी शिवधर रेड्डी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 130 माओवादियों में से 125 छत्तीसगढ़ के, चार तेलंगाना के और एक आंध्र प्रदेश से है। डीजीपी ने पत्रकारों से कहा, ''अब तेलंगाना राज्य में माओवादियों की कोई कमेटी नहीं है। यह पूरी तरह से समाप्त हो गई है।'' डीजीपी ने कहा कि हथियारों के आत्मसमर्पण से क्षेत्र में भाकपा (माओवादी) की परिचालन और संघर्ष क्षमता काफी कमजोर हो गई है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों ने प्रतीकात्मक रूप से अपने हथियार मुख्यमंत्री को सौंप दिए।
डीजीपी ने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पीपुल्स लिबरेशन गुरिल्ला आर्मी (पीएलजीए) से संबंधित थे, जिसका अब पूरी तरह से अस्तित्व समाप्त हो चुका है। मुख्यमंत्री रेड्डी ने भूमिगत माओवादियों से मुख्यधारा में शामिल होने की अपील करते हुए कहा कि जनवरी 2024 से तेलंगाना में 721 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र सरकार ने तेलंगाना को आत्मसमर्पण करने वालों के लिए स्वास्थ्य सेवा, वित्तीय सहायता और आवास प्रदान करने की स्वतंत्रता दी है। उन्होंने कहा, ''मैं भूमिगत हो चुके गणपति और अन्य माओवादियों से आत्मसमर्पण करने का आह्वान करता हूं। सार्वजनिक जीवन की मुख्यधारा में शामिल हों और तेलंगाना के पुनर्निर्माण में भागीदार बनें।










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