आधार सुरक्षा मजबूत करने के लिए UIDAI ने शुरू किया बग बाउंटी कार्यक्रम
नई दिल्ली। आधार प्रणाली की डिजिटल सुरक्षा को और मजबूत बनाने के लिए भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने नया बग बाउंटी कार्यक्रम शुरू किया है। इसके तहत साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और एथिकल हैकर्स को डिजिटल प्लेटफॉर्म में संभावित कमजोरियों की पहचान करने के लिए आमंत्रित किया गया है।
इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अनुसार इस पहल के तहत 20 अनुभवी सुरक्षा शोधकर्ताओं और एथिकल हैकर्स के पैनल का चयन किया गया है। ये विशेषज्ञ यूआईडीएआई के प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म की सुरक्षा जांच करेंगे।
किन प्लेटफॉर्म की होगी जांच
शोधकर्ता यूआईडीएआई के कई डिजिटल प्लेटफॉर्म की जांच करेंगे, जिनमें
यूआईडीएआई की आधिकारिक वेबसाइट
मायआधार पोर्टल
सिक्योर क्यूआर कोड एप्लिकेशन
शामिल हैं।
इन प्लेटफॉर्म में मौजूद संभावित कमजोरियों को क्रिटिकल, हाई, मीडियम और लो जोखिम श्रेणियों में वर्गीकृत किया जाएगा। जिन शोधकर्ताओं द्वारा महत्वपूर्ण सुरक्षा खामियां खोजी जाएंगी, उन्हें उनकी गंभीरता के आधार पर पुरस्कार दिया जाएगा।
साइबर सुरक्षा कंपनी के साथ साझेदारी
यह कार्यक्रम साइबर सुरक्षा समाधान प्रदाता कॉमओल्हो आईटी प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से संचालित किया जा रहा है।
डिजिटल सुरक्षा को प्राथमिकता
यूआईडीएआई का कहना है कि डिजिटल युग में सूचना सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है। संस्था पहले से ही कई स्तरों पर सुरक्षा उपाय लागू कर रही है, जिनमें नियमित सुरक्षा ऑडिट, कमजोरियों का आकलन, पेनिट्रेशन टेस्टिंग और निरंतर निगरानी शामिल हैं।
स्कूलों में बायोमेट्रिक अपडेट अभियान
हाल ही में यूआईडीएआई ने आधार के तहत छात्रों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए देशभर के 1.03 लाख से अधिक स्कूलों को शामिल किया है। इस पहल के तहत अब तक लगभग 1.2 करोड़ बच्चों का बायोमेट्रिक अपडेट स्कूल परिसर में ही पूरा कराया जा चुका है।










Leave A Comment