NCERT ने अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों में किए नए बदलाव, अब छात्रों को पढ़ाई जाएगी भारतीय ज्ञान प्रणाली
नई दिल्ली। भारतीय स्कूली छात्रों की पाठ्य पुस्तकों को स्वदेशी और भारतीय ज्ञान प्रणालियों के आधार पर विकसित किया जा रहा है। मौजूदा साल में ही छात्रों को यह स्वदेशी सिलेबस पढ़ने को मिलेगा। एनसीईआरटी ने अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों में नए बदलाव लागू किए हैं। इसके तहत अंग्रेजी भाषा की पाठ्यपुस्तकों को तैयार करने के लिए अब विदेशी लेखकों को नहीं बल्कि भारतीय शिक्षाविदों को तरजीह दी है।
एनसीईआरटी, यानी राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, ने कक्षा 9 की अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक में व्यापक बदलाव किए हैं। शिक्षाविदों का कहना है कि हुए नए बदलावों के चलते सिलेबस सटीक और थोड़ा हुआ है। कक्षा 9 की अंग्रेजी की इस पाठ्यपुस्तक में भारतीय साहित्य पर ज्यादा ध्यान दिया गया है। इस पाठ्यपुस्तक में राज्यसभा की मनोनीत सांसद सुधा मूर्ति का अध्याय है। पाठ्यपुस्तक में रवीन्द्रनाथ टैगोर जैसे सुप्रसिद्ध व महान भारतीय लेखकों की रचनाएं भी शामिल की गई हैं।
एनसीईआरटी के एक अधिकारी ने बताया कि पहले पुस्तक में कुल 29 अध्याय थे। अब इनकी संख्या घटाकर 16 कर दी गई है। खास बात यह है कि पहले इन 29 चैप्टर्स में से 15 चैप्टर विदेशी या अंतरराष्ट्रीय लेखकों द्वारा लिखे गए थे। यह सिलसिला वर्ष 2006-07 से लेकर 2025-26 के शैक्षणिक वर्ष तक जारी रहा, लेकिन अब इसमें बदलाव कर दिया गया है।
अधिकारियों का कहना है कि अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तकों की संख्या भी दो से कम कर एक कर दी गई है। इस पुस्तक में अब कुछ 16 चैप्टर्स होंगे। कक्षा 9 की इस नई अंग्रेजी पाठ्यपुस्तक का नाम कावेरी है। पाठ्यपुस्तक में पहला चैप्टर राज्यसभा सांसद व लेखिका सुधा मूर्ति की पुस्तक ‘हाउ आई टॉट माय ग्रैंडमदर टू रीड एंड अदर स्टोरीज’ से लिया गया है।
सुधा मूर्ति की यह पुस्तक वर्ष 2004 में प्रकाशित हुई थी। सभी पुस्तकें तय नियमों के तहत राष्ट्रीय विद्यालय शिक्षा पाठ्यक्रम ढांचा 2023 के अनुरूप तैयार की गई हैं। अंग्रेजी की इस पाठ्यपुस्तक में सुधा मूर्ति के अलावा भी कई अन्य भारतीय लेखकों की रचनाएं शामिल की गई हैं। जिन लेखकों की रचनाओं को सम्मिलित किया गया है, उनमें तमिल के महान कवि सुब्रमण्यम भारती, नागा लेखिका टेमसुला आओ, प्रसिद्ध कवि रवीन्द्रनाथ टैगोर और असमिया उपन्यासकार मित्रा फुकन जैसे लेखक शामिल हैं।
एनसीईआरटी के अधिकारियों का कहना है कि नई पुस्तकों में भारतीय ज्ञान प्रणालियों (आईकेएस) को महत्व दिया गया है। वहीं, अंग्रेजी की पाठ्यपुस्तक के 16 चैप्टर्स में से आठ चैप्टर्स भारतीय लेखकों द्वारा लिखित हैं और छह अंतरराष्ट्रीय लेखक भी इस पुस्तक का हिस्सा हैं।

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