इसरो ने क्रायोजेनिक इंजन का समुद्र तल पर परीक्षण किया
बेंगलुरु/ भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने बृहस्पतिवार को कहा कि उसने तमिलनाडु के महेंद्रगिरि स्थित अपने प्रणोदन परिसर में नोजल सुरक्षा प्रणाली और बहु-तत्व इग्नाइटर का इस्तेमाल करते हुए 22 टन थ्रस्ट स्तर पर अपने क्रायोजेनिक इंजन (सीई20) का समुद्र तल पर सफलतापूर्वक परीक्षण (हॉट टेस्ट) किया है। इससे पहले, नोजल सुरक्षा प्रणाली का इस्तेमाल करते हुए समुद्र तल परीक्षण 19 टन थ्रस्ट स्तर पर किए जा रहे थे। सीई20 क्रायोजेनिक इंजन 'लॉन्च व्हीकल मार्क-3' (एलवीएम3) के ऊपरी क्रायोजेनिक चरण को शक्ति प्रदान करता है। इसरो ने अपनी वेबसाइट पर एक पोस्ट में कहा, ''एलवीएम3 वाहन की भार वहन क्षमता को बढ़ाने के लिए, एलवीएम3 के भावी मिशनों को उन्नत सी32 चरण के साथ संचालित करने की योजना है, जिसमें सीई20 इंजन के लिए 22 टन का थ्रस्ट होगा। इस बात को ध्यान में रखते हुए, सीई20 इंजन का उड़ान स्वीकृति परीक्षण भी 22 टन थ्रस्ट स्तर पर आयोजित किया जाना आवश्यक है।'' इसमें कहा गया है, ''इसलिए, वर्तमान परीक्षण (10 मार्च को) ने नोजल सुरक्षा प्रणाली (एनपीएस) का इस्तेमाल करते हुए 22 टन थ्रस्ट स्तर पर 165 सेकंड की परीक्षण अवधि के साथ इंजन के समुद्र-स्तर परीक्षण को सफलतापूर्वक पूरा किया।




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