ब्रेकिंग न्यूज़

एलपीजी संकट के बीच केंद्र का राज्यों को पीएनजी परियोजनाओं में तेजी लाने का निर्देश

नयी दिल्ली. तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) की आपूर्ति में कमी के कारण होटल, व्यवसायों और घरेलू उपभोक्ताओं पर पड़ रहे प्रभाव को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्यों से पाइप के जरिये घरों में आपूर्ति की जाने वाली(पीएनजी) परियोजनाओं के अनुमोदन में तेजी लाने को कहा है। इसका उद्देश्य घरेलू रसोई गैस पर दबाव कम करना और वैकल्पिक व्यवस्था को तेजी से लागू करना है।
पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के कारण भारत की लगभग 60 प्रतिशत एलपीजी आपूर्ति बाधित हुई है।
स्थिति को देखते हुए सरकार अब इंडक्शन कुकर जैसे वैकल्पिक माध्यमों के उपयोग को भी बढ़ावा दे रही है।
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा, "स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन हम घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह ही आपूर्ति प्रदान कर रहे हैं।" होटल और रेस्तरां जैसी वाणिज्यिक एलपीजी खपत को शुरू में सीमित किया गया था, लेकिन बाद में इसे उनके सामान्य उपयोग का एक-पांचवां हिस्सा बहाल कर दिया गया। उन्होंने संवाददाता सम्मेलन में कहा, ''हमें विकल्पों पर विचार करना होगा।''
आंकड़े देते हुए उन्होंने कहा कि एलपीजी सिलेंडर को भराने के लिए अचानक घबराहट के कारण हुई बुकिंग 13 मार्च को 87.7 लाख तक पहुंच गई थीं, लेकिन उसके बाद इसमें कमी आई है और सोमवार को यह लगभग 70 लाख बुकिंग पर आ गई। युद्ध से पहले यह संख्या लगभग 55 लाख थी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव ने कहा कि एलपीजी की आपूर्ति में तेजी जारी है।
उन्होंने कहा, ''हमने 13 मार्च को 62.5 लाख सिलेंडर और 14 मार्च को 60 लाख सिलेंडर वितरित किए... इसकी तुलना में संघर्ष से पहले के समय में 50 लाख सिलेंडर वितरित किए जाते थे।" उन्होंने कहा कि घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिए पर्याप्त एलपीजी आपूर्ति सुनिश्चित किए जाने के बावजूद अभी भी लोग घबराकर बुकिंग करा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि एलपीजी का घरेलू उत्पादन पांच मार्च के स्तर की तुलना में 38 प्रतिशत बढ़ गया है। शर्मा ने बताया कि एलपीजी पर दबाव कम करने के लिए सरकार वाणिज्यिक और घरेलू एलपीजी उपयोगकर्ताओं को पीएनजी का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। शहरी गैस वितरण कंपनियां प्रोत्साहन और त्वरित कनेक्शन की पेशकश कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार एलपीजी की मांग पर दबाव कम करने के लिए शहरों में गैस वितरण नेटवर्क का विस्तार भी कर रही है। केंद्र सरकार ने 16 मार्च को सभी राज्य सरकारों को पत्र लिखकर शहरी गैस परियोजनाओं की मंजूरी में तेजी लाने का निर्देश दिया है। सरकार ने उनसे बड़ी शहरी गैस पाइपलाइन के लिए लंबित आवेदनों को स्वतः स्वीकृत करने, नई शहरी गैस परियोजनाओं को 24 घंटे के भीतर मंजूरी देने, सड़क मरम्मत शुल्क माफ करने और कार्य समयसारणी में ढील देने को कहा है। उन्होंने कहा, ''हालात अभी भी चिंताजनक हैं, लेकिन किसी भी एलपीजी वितरक के यहां आपूर्ति बंद नहीं हुई है।'' भारत की एलपीजी आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है क्योंकि आयात के लिए एक प्रमुख मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य, अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए हमले और जवाबी ईरानी कार्रवाई के बाद बाधित हो गया है। उन्होंने बताया कि ईंधन की आपूर्ति स्थिर बनी हुई है और सभी रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं। वाणिज्यिक एलपीजी भंडारण राज्यों के पास रखा गया है और उन्हें इसका उपयोग प्राथमिकता के अनुसार तय करने को कहा गया है। बिहार, दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, गुजरात, हिमाचल प्रदेश, कर्नाटक और उत्तराखंड ने पहले ही वितरण दिशानिर्देश जारी किए हैं।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english