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देशभर में 9 से 23 अप्रैल तक मनाया जाएगा 8वां पोषण पखवाड़ा

 नई दिल्ली। केंद्र सरकार मिशन पोषण 2.0 के तहत पूरे देश में 8वां पोषण पखवाड़ा आयोजित करने जा रही है। यह अभियान 9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026 तक चलेगा। इस बार का मुख्य विषय है – “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना”। इसी के साथ सरकार का लक्ष्य है कि बच्चों के शुरुआती बचपन (0-6 वर्ष) में उनके मस्तिष्क का सर्वोत्तम विकास सुनिश्चित किया जाए, ताकि उनकी शारीरिक, मानसिक और संज्ञानात्मक क्षमता की मजबूत नींव तैयार हो सके। यह अभियान ‘कुपोषण मुक्त भारत’ के लक्ष्य को मजबूत करने के साथ-साथ जन-जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देगा।

 केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अनुसार, इस पखवाड़े का राष्ट्रीय स्तर पर शुभारंभ 9 अप्रैल को दिल्ली के विज्ञान भवन में दोपहर 3 से 4 बजे के बीच होगा। कार्यक्रम का नेतृत्व केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी करेंगी। इस अवसर पर राज्य मंत्री सवित्री ठाकुर और विभाग के सचिव अनिल मलिक भी उपस्थित रहेंगे।
 मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन में संचालित “मिशन पोषण 2.0” के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह पहल बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुरुआती वर्षों में पोषण और देखभाल को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।
 पोषण पखवाड़े के दौरान देशभर के आंगनवाड़ी केंद्रों में माताओं, अभिभावकों, परिवारों और स्थानीय संस्थाओं की भागीदारी से विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। इनमें पोषण पंचायतें, जागरूकता अभियान, शुरुआती उत्तेजना गतिविधियां, खेल आधारित शिक्षा और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रम शामिल होंगे। साथ ही, राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की उत्कृष्ट पहलों को भी प्रदर्शित किया जाएगा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के योगदान को सराहा जाएगा।
 कार्यक्रम का सीधा प्रसारण एनआईसी वेबकास्ट प्लेटफॉर्म और मंत्रालय के यूट्यूब चैनल पर किया जाएगा। मंत्रालय के अनुसार, बच्चों के जीवन के पहले छह वर्षों में लगभग 85 प्रतिशत मस्तिष्क विकास हो जाता है। ऐसे में शुरुआती 1,000 दिन पोषण, देखभाल और सीखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जाते हैं। इस वर्ष के अभियान में मातृ एवं शिशु पोषण, स्तनपान और पूरक आहार पर विशेष जोर दिया जाएगा। साथ ही 0 से 3 वर्ष के बच्चों के लिए संवेदनशील देखभाल और शुरुआती सीखने की गतिविधियों को प्रोत्साहित किया जाएगा, जबकि 3 से 6 वर्ष के बच्चों के लिए खेल आधारित शिक्षा को बढ़ावा दिया जाएगा।

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