ब्रेकिंग न्यूज़

ट्रंप ने मोदी को प. एशिया संकट के बारे में जानकारी दी; गोर बोले- जल्द बडे़ सौदों की उम्मीद

नयी दिल्ली.  अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को फोन करके पश्चिम एशिया संकट के बारे में जानकारी दी और होर्मुज जलडमरूमध्य को "खुला एवं सुरक्षित" रखने की आवश्यकता पर जोर दिया। इस बीच, भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देशों के ऊर्जा सहित अन्य क्षेत्रों में जल्द कुछ "बड़े" सौदों पर दस्तखत करने की उम्मीद है, जिससे द्विपक्षीय संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा। ट्रंप के साथ फोन पर हुई लगभग 40 मिनट की बातचीत के बाद मोदी ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने और अमेरिकी राष्ट्रपति ने द्विपक्षीय संबंधों में हुई "महत्वपूर्ण प्रगति" की समीक्षा की। प्रधानमंत्री ने कहा कि दोनों पक्ष "सभी क्षेत्रों" में भारत-अमेरिका व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। ट्रंप और मोदी के बीच फोन पर यह बातचीत ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी को लेकर बढ़ती वैश्विक चिंताओं के बीच हुई है। ऐसी खबरें हैं कि इस्लामाबाद में पहले दौर की शांति वार्ता के बेनतीजा रहने के बाद वाशिंगटन और तेहरान दूसरे दौर की सीधी बातचीत कर सकते हैं। ट्रंप-मोदी की बातचीत के बाद अमेरिकी राजदूत ने कहा कि नयी दिल्ली और वाशिंगटन के बीच "आने वाले दिनों में" ऊर्जा सहित विभिन्न क्षेत्रों में कुछ बड़े सौदे होने की उम्मीद है। हालांकि, उन्होंने इन सौदों के बारे में विस्तार से बताने से इनकार कर दिया। यह ट्रंप और मोदी के बीच इस साल फोन पर हुई तीसरी बातचीत थी। वहीं, अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान में हाल में हुई शांति वार्ता के बाद यह दोनों नेताओं की पहली बातचीत है।
ट्रंप और मोदी ने दो फरवरी को एक व्यापार समझौते में हुई प्रगति की घोषणा करने और 24 मार्च को पश्चिम एशिया की स्थिति पर चर्चा करने के लिए फोन पर बातचीत की थी। मोदी ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा, "मुझे मेरे मित्र राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया था। हमने विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग में हासिल की गई महत्वपूर्ण प्रगति का जायजा लिया। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।" उन्होंने लिखा, "हमने पश्चिम एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला एवं सुरक्षित रखने के महत्व पर जोर दिया।" गोर के मुताबिक, बातचीत के अंत में ट्रंप ने मोदी से कहा, "मैं बस आपको यह बताना चाहता हूं कि हम सब आपसे प्यार करते हैं।" अमेरिकी राजदूत ने कहा, "कुछ बड़े सौदे हैं, जिनकी घोषणा अगले कुछ दिनों या हफ्तों में की जाएगी। हमारे रिश्ते मजबूत स्थिति में हैं ...कुछ बहुत ही दिलचस्प और रोमांचक होगा।"
सूत्रों के अनुसार, भारत में ऊर्जा क्षेत्र की कुछ सरकारी कंपनियां आने वाले दिनों में अमेरिकी कंपनियों के साथ साझेदारी की घोषणा कर सकती हैं। मोदी-ट्रंप के बीच पश्चिम एशिया संकट पर चर्चा को लेकर गोर ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री मोदी को क्षेत्र की समग्र स्थिति से वाकिफ कराना चाहते थे। उन्होंने कहा, "आपके पास एक ऐसा राष्ट्र है, जिसने पूरी दुनिया को बंधक बना रखा है। ये अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग हैं। यहां अंतरराष्ट्रीय संधियां हैं।" गोर ने यह टिप्पणी ईरान के होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही को अवरुद्ध किए जाने के मद्देनजर की, जिससे वैश्विक स्तर पर तेल-गैस की कीमतों में भारी वृद्धि दर्ज की जा रही है। अमेरिकी राजदूत ने कहा, "तेल और गैस की कीमतों में वृद्धि का केवल एक ही कारण है और वह यह है कि कोई (ईरान) इस क्षेत्र को बंधक बनाए हुए है।" उन्होंने कहा, "तो जाहिर है कि अमेरिका इस जलमार्ग को खोलना चाहता है और इसलिए मुझे लगता है कि इससे भारत सहित पूरी दुनिया को फायदा होगा।" गोर ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरानी बंदरगाहों की अमेरिकी नाकेबंदी पर भी चर्चा की। उन्होंने इस्लामाबाद में वार्ता विफल होने के बाद ईरान और अमेरिका के बीच नयी बातचीत की संभावनाओं से जुड़े सवालों का जवाब देने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा, "भविष्य में होने वाली किसी भी वार्ता की घोषणा करना मेरा काम नहीं है। उन्होंने नाकेबंदी और इसे (होर्मुज जलडमरूमध्य) जल्द से जल्द फिर से खोलने के महत्व पर चर्चा की। सच कहूं तो, इस वजह से पूरा क्षेत्र, पूरी दुनिया पीड़ित है।" उन्होंने कहा, "एक देश को दुनिया के किसी भी हिस्से की बत्तियां बुझाने का अधिकार क्यों होना चाहिए? यह अन्यायपूर्ण है। इसे रोकना होगा और अमेरिका इसे सुनिश्चित करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।" ट्रंप और मोदी के बीच फोन पर बातचीत विदेश सचिव विक्रम मिसरी के वाशिंगटन की अपनी तीन-दिवसीय यात्रा संपन्न करने के दो दिन बाद हुई है। दोनों देश अनिश्चितता और तनाव के लंबे दौर के बाद अपने संबंधों को स्थिर करने की दिशा में काम कर रहे हैं। ट्रंप के रूसी कच्चे तेल की खरीद के विरोध में भारतीय वस्तुओं के आयात पर भारी 'टैरिफ' लगाने और पिछले साल मई में भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रुकवाने में वाशिंगटन की भूमिका को लेकर विवादित दावे करने के बाद दोनों देशों के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो अगले महीने भारत की यात्रा पर आएंगे। इस दौरान वह विदेश मंत्री एस जयशंकर और सरकार के अन्य पदाधिकारियों के साथ व्यापक वार्ता करेंगे।

Related Post

Leave A Comment

Don’t worry ! Your email address will not be published. Required fields are marked (*).

Chhattisgarh Aaj

Chhattisgarh Aaj News

Today News

Today News Hindi

Latest News India

Today Breaking News Headlines News
the news in hindi
Latest News, Breaking News Today
breaking news in india today live, latest news today, india news, breaking news in india today in english