- Home
- छत्तीसगढ़
- -“स्वस्थ जीवनशैली ही सर्वोत्तम औषधि” — सचिव, स्वास्थ्य-सात माह में राज्य में 38 लाख से अधिक मधुमेह तथा 37 लाख से अधिक नागरिकों की रक्तचाप जांचरायपुर। विश्व मधुमेह दिवस के पूर्व सर्किट हाउस, रायपुर में आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय स्वास्थ्य समीक्षा बैठक के दौरान सचिव स्वास्थ्य श्री अमित कटारिया के निर्देशन में गैर-संचारी रोग (एनसीडी) स्क्रीनिंग शिविर का आयोजन किया गया। इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मचारियों में गैर-संचारी रोगों की शीघ्र पहचान, रोकथाम तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना था।तेजी से बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान की प्रवृत्तियों के कारण मधुमेह आज केवल एक व्यक्तिगत स्वास्थ्य समस्या नहीं, बल्कि समाज के लिए गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से “अपने स्वास्थ्य के प्रहरी बनने” का आह्वान किया है।शिविर में संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, छत्तीसगढ़ तथा जिला स्वास्थ्य टीम, रायपुर के संयुक्त सहयोग से सभी संभागों के संयुक्त संचालक, कार्यक्रमों के उप संचालक, नोडल अधिकारी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सिविल सर्जन, जिला कार्यक्रम प्रबंधक एवं अस्पताल सलाहकारों की स्वास्थ्य जांच की गई। कुल 110 प्रतिभागियों की स्क्रीनिंग के दौरान 41 व्यक्तियों में उच्च रक्तचाप तथा 9 व्यक्तियों में उच्च रक्त शर्करा स्तर दर्ज किया गया।सचिव श्री कटारिया ने कहा कि “स्वस्थ नागरिक ही स्वस्थ राज्य की नींव हैं।” उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे स्वयं की नियमित स्वास्थ्य जांच कर प्रेरक उदाहरण प्रस्तुत करें तथा फील्ड स्तर पर नागरिकों को संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने हेतु प्रेरित करें।राज्य में गैर-संचारी रोगों की रोकथाम हेतु समुदाय स्तर तक ‘स्क्रीनिंग से सेवा तक’ की एकीकृत व्यवस्था विकसित की गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लेकर जिला अस्पतालों तक जांच, औषधि वितरण और परामर्श सेवाएं नियमित रूप से संचालित की जा रही हैं।राष्ट्रीय एनसीडी पोर्टल के आंकड़ों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2025-26 में अक्टूबर माह तक राज्य में 38,61,980 नागरिकों की मधुमेह तथा 37,76,077 नागरिकों की रक्तचाप जांच की जा चुकी है। इनमें से 6,88,753 मधुमेह और 11,82,409 उच्च रक्तचाप के रोगियों की पहचान कर उन्हें उपचार, परामर्श एवं नियमित फॉलोअप सेवाएं प्रदान की जा रही हैं।स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य है कि प्रत्येक नागरिक अपने स्वास्थ्य का संरक्षक बने — नियमित जांच कराएं, संतुलित जीवनशैली अपनाएं और रोगों से एक कदम आगे रहें।विश्व मधुमेह पर स्वास्थ्य विभाग का संदेश स्पष्ट है —“अपने स्वास्थ्य के प्रहरी बनें, नियमित जांच कराएं और स्वस्थ जीवन की दिशा में कदम बढ़ाएं।”
- रायपुर ।आगामी प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में आज उनके निवास/कार्यालय में एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज्य मुख्य आयुक्त (स्काउट/गाइड) श्री इंद्रजीत सिंह खालसा, राज्य सचिव श्री जितेन्द्र साहू, राज्य प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) श्रीमति सरिता पांडेय, श्री विजय कुमार यादव, एल.टी. (रोवर) श्री अशोक देशमुख, एल.टी. (स्काउट) डॉ. पूनम सिंह साहू, ए.एल.टी. (रोवर) श्री अमित क्षेत्रीय सहित प्रदेश के वरिष्ठ स्काउटर, गाइडर एवं विभिन्न दायित्व प्राप्त अधिकारीगण उपस्थित रहे।प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी की तैयारियों हेतु शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव की अध्यक्षता में समीक्षा बैठक संपन्नबैठक के दौरान जंबूरी से संबंधित सभी तैयारियों एवं व्यवस्थाओं जैसे प्रतिभागियों के आवास, भोजन, परिवहन, सुरक्षा, चिकित्सा एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय जंबूरी छत्तीसगढ़ राज्य की गरिमा और संगठन की कार्यकुशलता को प्रदर्शित करने का अवसर है, इसलिए प्रत्येक व्यवस्था को उत्कृष्टता के साथ पूर्ण किया जाए। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाए रखते हुए निर्धारित समय सीमा में सभी तैयारियाँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने आयोजन की रूपरेखा, जिम्मेदारियों के वितरण और आवश्यक संसाधनों की उपलब्धता पर भी विस्तारपूर्वक चर्चा की।बैठक में उपस्थित स्काउटर-गाइडर ने अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत किए और जंबूरी को एक अनुशासित, प्रेरणादायी तथा आदर्श आयोजन बनाने हेतु सामूहिक संकल्प व्यक्त किया। बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी को संगठनात्मक अनुशासन, सशक्त आयोजना और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराना रहा।
- दंतेवाड़ा । विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण कार्यक्रम के तहत बारसूर नगर पंचायत क्षेत्र में मतदाता सूची अद्यतन कार्य को लेकर निरंतर प्रगति पर है। इस क्रम में मुख्य नगरपालिका अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी बारसूर द्वारा नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर गणना पत्रक (फॉर्म-6, 7, 8) का वितरण किया जा रहा है। इसके साथ ही तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार कटेकल्याण द्वारा भाग संख्या 167 (कटेकल्याण-1), 168 (कटेकल्याण-2) तथा 169 (बेंगुलूर) में एस.आई.आर. ई.एफ. फॉर्म वितरण कार्य की प्रगति की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने फील्ड में जाकर बीएलओ एवं सुपरवाइजरों से जानकारी प्राप्त की तथा कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वहीं, तहसीलदार गीदम एवं सुपरवाइजर द्वारा भी अपने-अपने क्षेत्रों में एस.आई.आर. (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) कार्य का निरीक्षण कर आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया गया। अधिकारियों ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य को समय सीमा के भीतर पूर्ण करने एवं अधिक से अधिक पात्र नागरिकों का नाम जोड़े जाने के निर्देश दिए।
- दंतेवाड़ा, । जिला आयुष विभाग से प्राप्त जानकारी अनुसार संचालनालय आयुष छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार विगत दिवस को साप्ताहिक बाजार दंतेवाड़ा कतियाररास में आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का शुभारंभ विधायक श्री चैतराम अटामी और नगर पालिका अध्यक्षा श्रीमती पायल गुप्ता की उपस्थिति में हुआ। शिविर में आयुष सिस्टम के आयुर्वेद, होम्योपैथी, यूनानी चिकित्सा और योग के चिकित्सक द्वारा परीक्षण कर मरीजों को दवाई वितरित किया गया। इस संबंध में प्रभारी डॉक्टर बी आर भुआर्य ने बताया कि इस समय मौसमी बीमारियों के साथ ही पुराने जीर्ण रोग से ग्रस्त मरीज इस शिविर में यूनानी और होम्योपैथी की दवाई ले रहे है, इनमें सर्वाधिक वात रोग और पेट रोग से ग्रसित मरीजों ने अपना उपचार करवाया। इस तरह जिला स्तरीय आयुष स्वास्थ्य शिविर में 536 मरीज लाभान्वित हुए। शिविर में चिकित्सक दल जगदम्बा पांडा, मधु साहू, डॉली ठाकुर, साकेत, किशन ठाकुर, संतोष बर्मन, रविन्द्र, प्रभजोत, तानिया द्वारा अपनी सेवाएं दी गई। उक्त शिविर में जिला आयुष अधिकारी डॉ. बसंत कुमार कोसरे सहित नेतराम कंवर, जयनारायण, अहिरवार देवांगन सहित अन्य स्टाफ उपस्थित थे।
- -नक्सल उन्मूलन मिशन निर्णायक चरण में - मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर । बीजापुर जिले के नेशनल पार्क क्षेत्र में आज छत्तीसगढ़ पुलिस, जिला रिज़र्व गार्ड (DRG) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) की संयुक्त कार्रवाई में सुरक्षाबलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली। मुठभेड़ के दौरान छह माओवादी न्यूट्रलाइज किए गए। इसमें ₹8 लाख का इनामी कन्ना ऊर्फ बुचन्ना भी शामिल है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में हिंसा, भय और माओवादी गतिविधियों को संचालित कर रहा था। इस कार्रवाई को लाल आतंक के समूल नाश की दिशा में एक महत्वपूर्ण और निर्णायक उपलब्धि माना जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सुरक्षाबलों की इस सफलता की सराहना करते हुए कहा कि यह उपलब्धि पुलिस बलों के उत्कृष्ट समन्वय, साहस और सटीक रणनीति का परिणाम है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन के संकल्प के साथ मिशन मोड में कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और सुरक्षा एजेंसियाँ एकजुट होकर इस लड़ाई को निर्णायक अंत तक ले जाएंगी। file photo
- दंतेवाड़ा, । कार्यालय जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी अनुसार उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम अंतर्गत 07 दिसम्बर 2025 को राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत ने जिले के सभी नवसाक्षरों से अपील की है कि अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर जिले को साक्षर बनाने में सहयोग देवें। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के उपाध्यक्ष एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्री जयंत नाहटा के मार्गदर्शन में संपूर्ण जिले के शैक्षिक संस्थाओं को परीक्षा केन्द्र बनाए गए है। इसके परिपालन में जिला शिक्षा अधिकारी श्री प्रमोद ठाकुर द्वारा जिले एवं ब्लाक स्तर पर ऑनलाईन बैठक लेकर राष्ट्रव्यापी बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा हेतु निर्देश दिया गया। इस संबंध में जिला परियोजना अधिकारी डॉ. रत्नबाला मोहंती ने बताया कि राष्ट्रव्यापी को बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान मूल्यांकन परीक्षा के लिए जिले को कुल 8000 नवसाक्षरों को परीक्षा में शामिल करने का लक्ष्य राज्य कार्यालय द्वारा दिया गया है। यह परीक्षा का समय प्रातः 10 से शाम 5 बजे तक होगी। इसमें नवसाक्षर अपनी सुविधा अनुसार आकर परीक्षा दे पाएंगे।
- -प्राकृतिक खेती पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में शामिल हुए राज्यपालरायपुर ।प्राकृतिक और जैविक खेती आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। रासायनिक उर्वरकों का उपयोग केवल उतना ही होना चाहिए जितना बिल्कुल जरूरी हो। किसानों में इस बात की जागरूकता लाना समय की मांग है। जल संरक्षण के लिएअभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में जल संकट और तेज़ी से बढ़ेगा। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज प्राकृतिक खेती विषय पर आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी के उद्घाटन कार्यक्रम में उक्त विचार व्यक्त किए।संगोष्ठी का आयोजन कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग तथा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा किया गया जिसके उद्घाटन कार्यक्रम में श्री डेका मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने की।राज्यपाल श्री डेका ने अपने संबोधन में कहा कि 1960 के दशक में जब देश खाद्यान्न संकट का सामना कर रहा था, तब हरित क्रांति ने बड़ी भूमिका निभाई। नए बीज, रासायनिक खाद, सिंचाई और मशीनों के उपयोग से उत्पादन में वृद्धि हुई, जो उस समय देश के लिए बड़ी उपलब्धि थी।उन्होंने कहा कि किसी भी क्षेत्र में अति हानिकारक होती है। आज रासायनिक खादों और माइक्रोप्लास्टिक का अत्यधिक उपयोग कई समस्याओं को जन्म दे रहा है। इसलिए जैविक और प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ना बेहद जरूरी है। इससे फसलों का मूल्य संवर्धन होगा और किसान बेहतर लाभ कमा सकेंगे।राज्यपाल ने कृषि के विद्यार्थियों से अपील की कि पढ़ाई पूरी करने के बाद वे जैविक खेती को अपनाएं, जिससे अन्य किसान भी प्रेरित होंगे। उन्होंने कहा कि आज के समय में जैविक खेती बड़ा व्यवसाय बन चुका है और इसे सही दिशा देने की आवश्यकता है।अपने संबोधन में श्री डेका ने छत्तीसगढ़ में जल दोहन की स्थिति पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि राज्य में अच्छी वर्षा होने के बावजूद कई क्षेत्रों में पानी की कमी रहती है। वर्षा जल को संरक्षित करने के लिए डबरी निर्माण जैसे उपाय बढ़ाने होंगे। उन्होंने कहा कि पानी नहीं तो जीवन नहीं, इसलिए जल संरक्षण अनिवार्य है।संगोष्ठी में कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आज सबसे बड़ी चुनौती यह है कि प्राकृतिक खेती को किस प्रकार व्यापक रूप से बढ़ावा दिया जाए। रासायनिक खादों के अत्यधिक उपयोग से धरती विषैली हो रही है और कई तरह की बीमारियाँ बढ़ रही हैं। आने वाली पीढ़ी के हित में समय रहते बदलाव करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार जैविक खेती को बढ़ाने के लिए मिशन मोड में कार्य कर रही है।कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव शहला निगार ने राज्य में प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने स्वागत भाषण दिया।कार्यक्रम में पद्मश्री सुश्री साबरमती सहित कई उत्कृष्ट किसानों को सम्मानित किया गया। इसके पूर्व राज्यपाल श्री डेका ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया जिसमें जैविक एवं प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों द्वारा उत्पादित सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया था।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ बीज विकास निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ कृषक कल्याण परिषद के अध्यक्ष श्री सुरेश चंद्रवंशी, कृषि विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक, विशेषज्ञ, किसान, कृषि सखियाँ तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री ने की सराहना, रचनात्मक प्रतिभा का किया सम्मानरायपुर / मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान सारंगढ़–बिलाईगढ़ जिले के ग्राम चकरदा निवासी पेंटर श्री शिवकुमार निराला ने अनूठा ‘राजनीतिक मानचित्र’ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को भेंट किया। उनकी इस अद्वितीय कला प्रस्तुति ने कार्यक्रम का विशेष आकर्षण बढ़ा दिया।श्री निराला द्वारा तैयार यह सचित्र मानचित्र छत्तीसगढ़ की सम्पूर्ण राजनीतिक यात्रा का विस्तृत और कलात्मक दस्तावेज है। इसमें राज्य के लोकसभा एवं विधानसभा सदस्यों, मंत्रिमंडल की रूपरेखा, संसदीय क्षेत्रवार विवरण तथा वर्ष 1998 से अब तक हुए सभी लोकसभा और विधानसभा चुनावों का तुलनात्मक विश्लेषण सुव्यवस्थित रूप से दर्शाया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में जीत के अंतर, राजनीतिक दलवार जनप्रतिनिधियों का क्रम तथा सीटों के ऐतिहासिक बदलाव को भी कलात्मक शैली में शामिल किया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस रचनात्मक मानचित्र की सराहना करते हुए कहा कि “श्री शिवकुमार निराला ने आंकड़ों और तथ्यों को इतनी सहज, सुंदर और विश्लेषणात्मक शैली में प्रस्तुत किया है कि यह कला-कृति राजनीति के विद्यार्थियों, शोधकर्ताओं और आम नागरिकों—सभी के लिए उपयोगी दस्तावेज बन जाती है।” मुख्यमंत्री ने उनकी प्रतिभा को सम्मानित करते हुए उन्हें पुरस्कृत भी किया।
- -जनदर्शन में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन के प्रतिनिधिमंडल ने की मुलाकातरायपुर/ मुख्यमंत्री निवास में आज आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में वूमेन्स सेल्फ डिफेंस ऑर्गनाइजेशन छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से सौजन्य मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कराटे, कुश्ती और ताइक्वांडो जैसे खेलों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर प्रदेश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों के लिए स्वेच्छानुदान स्वीकृत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने संगठन के पदाधिकारियों और खिलाड़ियों द्वारा रखे गए सुझावों और मांगों को ध्यानपूर्वक सुना। खिलाड़ियों ने बताया कि वे देश और विदेश में विभिन्न प्रतियोगिताओं में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं तथा आगे भी राज्य का नाम और ऊंचा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और सहयोग की आवश्यकता है। खिलाड़ियों ने खेल उपकरण, प्रशिक्षण सुविधाओं और प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने का अनुरोध भी किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने खिलाड़ियों की भावनाओं की सराहना करते हुए कहा कि राज्य सरकार खेल प्रतिभाओं के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि उनकी मांगों पर यथासंभव सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा और खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
- -छत्तीसगढ़ में पर्यटन-संस्कृति के साथ उद्योगों-कृषि आधारित उद्योगों की संभावनाओं का होगा प्रदर्शन-वनोपज उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ मिलेट कैफे भी लगेगारायपुुर / नईदिल्ली के भारत मण्डपम में 14 नवंबर से छत्तीसगढ़ के औद्योगिक विकास की छटा बिखरेगी। यहां 27 नवंबर तक भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले का आयोजन किया जा रहा है। इस मेले में एक भारत-श्रेष्ठ भारत की थीम पर छत्तीसगढ़ का आकर्षक पवेलियन बनाया जा रहा है। इस मेले में देश के सभी राज्यों सहित अंतर्राष्ट्रीय स्तर के उद्योगपति और निवेशक भी आयेंगे। मेले में बने छत्तीसगढ़ पवेलियन में राज्य के औद्योगिक विकास की झलक दिखाई जायेगी। यहां छत्तीसगढ़ की अर्थव्यवस्था, उद्योगों के लिए व्यापक अनुकूल माहौल और व्यवस्थाऐं तथा नई औद्योगिक नीति के बारे में आगंतुकों को पूरी जानकरी दी जायेगी। इस मेले में राज्य की नई औद्योगिक विकास नीति में उपलब्ध निवेश प्रोत्साहन, सुक्ष्म लघु एवं मध्यम ईकाईयों की स्थापना, उनके उत्पादों से संबंधित जानकारियों का भी प्रदर्शन किया जायेगा। मेला अवधि में छत्तीसगढ़ में औद्योगिक निवेश बढ़ाने के लिए निवेशेकों के साथ बैठकें, इन्वेस्टर कनेक्ट आदि भी किये जायेंगे।इस अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ की समृद्ध संस्कृति और पर्यटन की संभावना का भी प्रदर्शन किया जायेगा, ताकि संस्कृति और पर्यटन पर आधारित रोजगार मूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये निवेशकों को आकर्षित किया जा सके। मेले में बने पवेलियन में छत्तीसगढ़ के हस्तशिल्प, वनोपज उत्पादों, खादी ग्रामोद्योग क्षेत्र में उद्योग शुरू करने की संभावनाओं के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। पवेलियन में बस्तर क्षेत्र को फोकस करते हुए डिजिटल तकनीकों से सुसज्जित प्रदर्शनी भी लगाई जायेगी।अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले के दौरान 24 नवंबर को भारत मण्डपम दिल्ली में छत्तीसगढ़ दिवस भी मनाया जायेगा। शाम 6 बजे शुरू होने वाले इस कार्यक्रम में राज्यपाल, मुख्यमंत्री सहित मंत्रीमण्डल के सदस्य भी शामिल होंगे। यह आयोजन संस्कृति विभाग द्वारा किया जायेगा। छत्तीसगढ़ पवेलियन में हर दिन राज्य की सांस्कृतिक छटा का प्रदर्शन नृतक दलों के माध्यम से किया जायेगा। यहां छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग हस्तकला, हथकरघा, चरखा आदि का जीवंत प्रदर्शन, उत्कृष्ट उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री की भी व्यवस्था रहेगी।छत्तीसगढ़ पवेलियन में मिलेट से संबंधी उत्पादों के प्रदर्शन के साथ-साथ मिलेट कैफे भी लगाया जायेगा। इससे लोगों को छत्तीसगढ़ में उगाये जाने वाले लघु धान्यों कोदो, कुटकी, रागी, संवा आदि के उत्पादन, उनके व्यवसाय के लिये आकर्षित किया जा सकेगा। इस मेले में छत्तीसगढ़ में उपलब्ध जैविक और एक्जॉटिक खाद्यन्नों का भी प्रदर्शन होगा, ताकि इन उत्पादकों राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान मिल सके। लघु वनोपज संघ के द्वारा अपने वनोपजों से बने उत्पादों का प्रदर्शन और बिक्री भी कि जायेगी। राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर एफएमसीजी कंपनियों के माध्यम से इन उत्पादों की मार्केटिंग करने की व्यवस्था का प्रयास किया जायेगा। पवेलियन में छत्तीसगढ़ के आकर्षक पर्यटन स्थलों, उपलब्ध अधोसंरचना और ईको-टूरिज्म के बारे में भी जानकारी दी जायेगी। ताकि अधिक से अधिक लोग छत्तीसगढ़ के बारे में जान सके।
- -“अब फिर से सुन पा रहा हूं”— जनदर्शन में मुख्यमंत्री साय की त्वरित मदद से बदली श्री निर्मलकर की जिंदगीरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान रायपुर के ब्राह्मणपारा वार्ड निवासी श्री रमन निर्मलकर को श्रवण यंत्र सौंपा।जनदर्शन में पहुँचे श्री निर्मलकर ने बताया कि बीते कुछ समय से उनकी श्रवण क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई है। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे श्रवण यंत्र खरीद नहीं पा रहे थे। उनकी समस्या सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने फौरन ही उन्हें श्रवण यंत्र प्रदान किया। मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए श्री निर्मलकर ने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि “मुझे फिर से सुनने की क्षमता वापस मिल गई है। मुख्यमंत्री जी ने मेरी समस्या को तुरंत समझा और मदद की, इसके लिए मैं उनका आभारी हूं।” मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा जनदर्शन में आमजन की समस्याओं पर तुरंत संज्ञान लेकर सहायता प्रदान करने की यह पहल जनकल्याण के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने चेक के माध्यम से प्रदान की सहायता राशिरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निवास में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में आज रायपुर जिले के अभनपुर से आए दिव्यांग रग्बी खिलाड़ी श्री पिंटू राम साहू की मांग पर मुख्यमंत्री ने त्वरित निर्णय लेते हुए 90 हजार रुपए का आर्थिक अनुदान स्वीकृत किया। श्री साहू ने व्हीलचेयर और आवश्यक खेल सामग्री खरीदने हेतु सहायता मांगी थी। उनकी परिस्थितियों और आवश्यकता को समझते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें तत्काल चेक प्रदान कर उनकी सहायता की।आवेदक श्री पिंटू राम साहू ने बताया कि वे पिछले चार वर्षों से खेल जगत से जुड़े हुए हैं। उन्होंने 2 अक्टूबर 2025 को पहली बार रग्बी खेलने के लिए ग्वालियर का दौरा किया था। श्री साहू वर्तमान में बी.ए. फाइनल ईयर के छात्र हैं और दिव्यांगता के बावजूद लगातार खेल में अपना भविष्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।मुख्यमंत्री द्वारा आर्थिक सहायता प्राप्त होने पर श्री साहू ने खुशी व्यक्त करते हुए कहा कि यह सहयोग उनके लिए बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार जताते हुए कहा कि अब वे खेल में और बेहतर प्रदर्शन करने के लिए लगातार मेहनत करेंगे और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करेंगे।
-
— अब विशेष विद्यालय में मिलेगा शिक्षण और छात्रवृत्ति
रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज जनदर्शन में दूर-दूर से मुख्यमंत्री निवास पहुँच रहे लोगों से मुलाकात कर रहे हैं और उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान भी कर रहे हैं। आज जनदर्शन की शुरुआत में ही मुख्यमंत्री ने रायपुर के तेलीबांधा की रहने वाली 11 वर्षीय बिटिया पूनम से भेंट की।बिटिया पूनम की माता ने मुख्यमंत्री श्री साय को बताया कि वह सेरेब्रल पाल्सी से जूझ रही है और बातचीत करने में भी असमर्थ है। उन्होंने बताया कि इस चुनौती के बावजूद पूनम अपने पैरों से बहुत सुंदर चित्र बनाती है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अत्यंत आत्मीयता से बिटिया पूनम से बात की और उसे स्नेहपूर्वक दुलार किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने पूनम की माता को आश्वस्त करते हुए कहा कि “हम आपके साथ हैं, आपको बिटिया के लिए किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।” मुख्यमंत्री ने पूनम बिटिया की पढ़ाई की उचित व्यवस्था के लिए उसे विशेष विद्यालय में भर्ती कराने और छात्रवृत्ति प्रदान करने के निर्देश दिए। - -ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधाकांकेर । जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र कोड़ेजुंगा कांकेर में एक दिवसीय प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन 20 नवम्बर को सुबह 11 से अपरान्ह 03 बजे तक किया जाएगा, जिसमें निजी क्षेत्र के नियोजकों द्वारा 539 रिक्तियों के आधार पर भर्ती की जाएगी। जिला रोजगार अधिकारी श्री बी.आर. ठाकुर ने बताया कि उक्त प्लेसमेंट कैम्प में सिक्युरिटी गार्ड के 500 पद, ट्रेनी केन्द्र मैनेजर के 30 पद और टीचर/शिक्षक के 09 पदों पर भर्ती की जाएगी। उन्होंने कहा कि इच्छुक आवेदक उक्त प्लेसमेंट कैम्प में उपस्थित होकर अपना सम्पूर्ण बायोडाटा के साथ आवेदन पत्र जमा कर सकते हैं। आवेदक ई-रोजगार के पोर्टलhttps://erojgar.cg.gov.in/पर भी ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्राप्त आवेदनों के आधार पर नियोक्ता द्वारा प्राथमिक चयन कर साक्षात्कार लिया जाएगा, जिसकी सूचना पृथक से फोन के माध्यम से आवेदक को दी जाएगी।
-
रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर नगर निगम जोन 6 राजस्व विभाग की टीम द्वारा जोन 6 जोन कमिश्नर श्री हितेन्द्र यादव के नेतृत्व और जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्रीमती स्वाती शुक्ला सहित अन्य सम्बंधित राजस्व विभाग कर्मचारियों की उपस्थिति में जोन क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 59 और वार्ड क्रमांक 62 अंतर्गत क्षेत्र में कुल दो दुकानों को बकाया राशि अदा नहीं किये जाने पर उन्हें तत्काल स्थल पर सीलबंद करने की कार्यवाही की गयी.
-
*नई दिल्ली में ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव-2025 में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने बढ़ाया राज्य का गौरव*
रायपुर/ ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया गया, जिसमें देशभर से आए उद्यमियों,नीति-निर्माताओं एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने भी हिस्सा लेकर उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों को प्रदर्शित किया। ये स्टार्टअप्स न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि जनजातीय परंपराओं और पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान भी दे रहे हैं।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल एवं केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण। इस अवसर पर उन्होंने सभी स्टार्टअप्स के स्टॉलों का अवलोकन किया, उद्यमियों से संवाद किया तथा उनके उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। केन्द्रीय मंत्री श्री गोयल ने छत्तीसगढ़ एग्रोफैब कंपनी के प्रतिनिधि श्री करण चंद्राकर से विशेष चर्चा करते हुए उनके नवाचारों की सराहना की। दोनों मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स द्वारा प्रदर्शित उत्पादों को जनजातीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
कार्यक्रम में निवेश आयुक्त, छत्तीसगढ़ श्रीमती ऋतु सेन ने राज्य में उद्यमिता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमों एवं स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता, परामर्श तथा विपणन सहयोग जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक उद्यमिता से जोड़कर जनजातीय समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करना। उन्होंने कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले उद्यमियों को उनके उत्पादों के विस्तार एवं बाज़ार पहुँच बढ़ाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए।
छत्तीसगढ़ के अनेक स्टार्टअप्स - सिद्धार्थ एग्रोमार्केटिंग प्रा. लि., अंकुरण सीड्स, कोशल, शांति आनंद वेलनेस, बस्तर से बाज़ार तक, कोईतूर फिश कंपनी, कोया बाज़ार, एग्रोफैब तथा हेमल फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. ने प्रदर्शनी में भाग लेकर अपने उत्पादों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया। इन स्टार्टअप्स ने कृषि विपणन, बीज उत्पादन, जनजातीय हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, वेलनेस उत्पादों तथा वनोपज आधारित व्यापार से जुड़ी अभिनव पहलें प्रस्तुत कीं।
यह सम्मेलन जनजातीय उद्यमियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करता है, जिससे छत्तीसगढ़ की छवि समावेशी एवं समुदाय-केन्द्रित उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ हुई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उद्योग संचालनालय के संयुक्त संचालक श्री संजय गजघाटे तथा निवेश आयुक्त कार्यालय की महाप्रबंधक सुश्री अंजली पटेल भी उपस्थित थीं। - रायपुर, /मुख्यमंत्री निवास रायपुर में 13 नवंबर गुरुवार को जनदर्शन का आयोजन दोपहर 12:00 बजे से 3:00 बजे तक किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय इस अवसर पर प्रदेशवासियों से सीधे संवाद करेंगे और उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन का त्वरित और संवेदनशील निराकरण सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को समयबद्ध समाधान मिल सके।राज्य सरकार के जनदर्शन कार्यक्रम का उद्देश्य शासन और जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित करना है। यह पहल मुख्यमंत्री श्री साय की जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्धता और पारदर्शी सुशासन के संकल्प को दर्शाती है, जिससे आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित हो सके। file photo
- -छत्तीसगढ़ को सर्वश्रेष्ठ जिला, सर्वश्रेष्ठ पंचायत और सर्वश्रेष्ठ संस्थान श्रेणी में मिलेगा सम्मान: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दी बधाई-राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के हाथों से 18 नवंबर 2025 को मिलेगा सम्मान-प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में छत्तीसगढ़ का योगदान महत्वपूर्ण: मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर, / केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय ने छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा कर दी है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सी. आर. पाटिल ने इन पुरस्कारों की घोषणा की। छत्तीसगढ़ को तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कारों के लिए विभिन्न श्रेणियों में विजेता घोषित किया गया है।छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले को पूर्वी जोन में सर्वश्रेष्ठ जिला, कांकेर जिले की डूमरपानी ग्राम पंचायत को श्रेष्ठ ग्राम पंचायत श्रेणी में तीसरा स्थान तथा रायपुर के कृष्णा पब्लिक स्कूल को सर्वश्रेष्ठ स्कूल श्रेणी में सम्मानित किया जाएगा।प्रत्येक पुरस्कार विजेता को एक प्रशस्ति पत्र, एक ट्रॉफी और कुछ श्रेणियों में नकद पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे।छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कार, 2024 का पुरस्कार वितरण समारोह 18 नवंबर 2025 को प्रातः 11:30 बजे विज्ञान भवन, नई दिल्ली के प्लेनरी हॉल में आयोजित होगा। इस समारोह में भारत की राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छत्तीसगढ़ को मिले तीन राष्ट्रीय जल पुरस्कारों पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान राज्य के सतत जल संरक्षण और जनसहभागिता आधारित प्रबंधन के प्रति हमारी प्रतिबद्धता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को मूर्त रूप देने में छत्तीसगढ़ ने उल्लेखनीय कार्य किया है। राजनांदगांव, कांकेर और रायपुर के इन उदाहरणों ने यह सिद्ध किया है कि जब समाज, प्रशासन और संस्थान एक साथ कार्य करते हैं, तब जल संरक्षण एक जन-आंदोलन बन जाता है। मुख्यमंत्री ने सभी विजेताओं को बधाई दी और कहा कि राज्य सरकार हर जिले और पंचायत में जल संवर्धन के इस मॉडल को आगे बढ़ाएगी।वर्ष 2018 से हुई शुरुआत – अब तक पाँच संस्करण आयोजितप्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जल शक्ति मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्तर पर जल प्रबंधन और जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए एक व्यापक अभियान प्रारंभ किया।लोगों में पानी के महत्व के प्रति जागरूकता पैदा करने और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाएँ अपनाने के लिए प्रेरित करने हेतु वर्ष 2018 में राष्ट्रीय जल पुरस्कार की शुरुआत की गई थी।दूसरे, तीसरे, चौथे और पाँचवें राष्ट्रीय जल पुरस्कार क्रमशः वर्ष 2019, 2020, 2022 और 2023 के लिए प्रदान किए गए। कोविड महामारी के कारण वर्ष 2021 में ये पुरस्कार नहीं दिए जा सके।साढ़े सात सौ आवेदनों में से केवल 46 का चयनवर्ष 2024 के लिए छठे राष्ट्रीय जल पुरस्कारों की घोषणा 23 अक्टूबर 2024 को गृह मंत्रालय (एमएचए) के राष्ट्रीय पुरस्कार पोर्टल पर की गई थी। इस वर्ष कुल 751 आवेदन प्राप्त हुए।निर्णायक समिति द्वारा सभी आवेदनों की जाँच और मूल्यांकन किया गया। चयनित आवेदनों की जमीनी स्तर पर जाँच केंद्रीय जल आयोग और केंद्रीय भूजल बोर्ड द्वारा की गई। जमीनी जाँच रिपोर्टों के आधार पर संयुक्त विजेताओं सहित कुल 46 विजेताओं को वर्ष 2024 के लिए 10 विभिन्न श्रेणियों में चयनित किया गया।जल संरक्षण और कुशल प्रबंधन के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना उद्देश्यजल शक्ति मंत्रालय देश में जल के विकास, संरक्षण और कुशल प्रबंधन के लिए नीतिगत ढाँचा तैयार करने और कार्यक्रमों को लागू करने वाला केंद्रीय मंत्रालय है।राष्ट्रीय जल पुरस्कार, सरकार के ‘जल समृद्ध भारत’ के दृष्टिकोण को साकार करने हेतु व्यक्तियों और संगठनों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्यों पर केंद्रित हैं।इन पुरस्कारों का उद्देश्य लोगों में जल के महत्व के प्रति जागरूकता बढ़ाना और उन्हें सर्वोत्तम जल उपयोग प्रथाएँ अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह आयोजन देशभर के नागरिकों और संस्थानों को जल संसाधन संरक्षण व प्रबंधन गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता और साझेदारी को प्रोत्साहित करने का अवसर प्रदान करता है।
- -नई दिल्ली में ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव-2025 में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने बढ़ाया राज्य का गौरवरायपुर, /ट्राइबल बिजनेस कॉन्क्लेव 2025 का आयोजन नई दिल्ली स्थित यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में किया गया, जिसमें देशभर से आए उद्यमियों,नीति-निर्माताओं एवं स्टार्टअप प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस कॉन्क्लेव में छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स ने भी हिस्सा लेकर उनके द्वारा किए जा रहे नवाचारों को प्रदर्शित किया। ये स्टार्टअप्स न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त कर रहे हैं, बल्कि जनजातीय परंपराओं और पारंपरिक ज्ञान को नई पहचान भी दे रहे हैं।केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल एवं केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री श्री जुएल उरांव ने छत्तीसगढ़ पवेलियन का किया निरीक्षण। इस अवसर पर उन्होंने सभी स्टार्टअप्स के स्टॉलों का अवलोकन किया, उद्यमियों से संवाद किया तथा उनके उत्पादों के बारे में जानकारी प्राप्त की। केन्द्रीय मंत्री श्री गोयल ने छत्तीसगढ़ एग्रोफैब कंपनी के प्रतिनिधि श्री करण चंद्राकर से विशेष चर्चा करते हुए उनके नवाचारों की सराहना की। दोनों मंत्रियों ने छत्तीसगढ़ के स्टार्टअप्स द्वारा प्रदर्शित उत्पादों को जनजातीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने वाला उत्कृष्ट उदाहरण बताया।कार्यक्रम में निवेश आयुक्त, छत्तीसगढ़ श्रीमती ऋतु सेन ने राज्य में उद्यमिता और निवेश को प्रोत्साहित करने वाली विभिन्न पहलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जनजातीय क्षेत्रों में कार्यरत उद्यमों एवं स्टार्टअप्स को विशेष प्रोत्साहन, वित्तीय सहायता, परामर्श तथा विपणन सहयोग जैसी सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य है कि स्थानीय संसाधनों और पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक उद्यमिता से जोड़कर जनजातीय समुदायों के लिए सतत आजीविका के अवसर सृजित करना। उन्होंने कॉन्क्लेव में भाग लेने वाले उद्यमियों को उनके उत्पादों के विस्तार एवं बाज़ार पहुँच बढ़ाने के लिए उपयोगी सुझाव दिए।छत्तीसगढ़ के अनेक स्टार्टअप्स - सिद्धार्थ एग्रोमार्केटिंग प्रा. लि., अंकुरण सीड्स, कोशल, शांति आनंद वेलनेस, बस्तर से बाज़ार तक, कोईतूर फिश कंपनी, कोया बाज़ार, एग्रोफैब तथा हेमल फूड प्रोडक्ट्स प्रा. लि. ने प्रदर्शनी में भाग लेकर अपने उत्पादों एवं नवाचारों का प्रदर्शन किया। इन स्टार्टअप्स ने कृषि विपणन, बीज उत्पादन, जनजातीय हस्तशिल्प, फूड प्रोसेसिंग, वेलनेस उत्पादों तथा वनोपज आधारित व्यापार से जुड़ी अभिनव पहलें प्रस्तुत कीं।यह सम्मेलन जनजातीय उद्यमियों, निवेशकों और नीति-निर्माताओं को एक साझा मंच प्रदान करता है, जिससे छत्तीसगढ़ की छवि समावेशी एवं समुदाय-केन्द्रित उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले अग्रणी राज्य के रूप में और अधिक सुदृढ़ हुई है। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ उद्योग संचालनालय के संयुक्त संचालक श्री संजय गजघाटे तथा निवेश आयुक्त कार्यालय की महाप्रबंधक सुश्री अंजली पटेल भी उपस्थित थीं।
-
- महाराष्ट्र मंडल में अभिनंदन कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने दिया मार्गदर्शन
- कुटुंब में जीवन मूल्यों के हो रहे क्षरण को रोकने की दिशा में सहभागी बने महाराष्ट्र मंडल: भागैया
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल स्किल डेवलपमेंट की दिशा में काम करे। जो अप्रशिक्षित मजदूर हैं, उन्हें प्रशिक्षित करें, जो प्रशिक्षित हैं, उन्हें अति प्रशिक्षित करे। भारतीय मजदूर संघ इसी दिशा में काम करने जा रहा है। इस आशय के विचार बुधवार शाम को महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर सभागृह में आयोजित अभिनंदन कार्यक्रम में भारतीय मजदूर संघ (बीएमस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष हिरण्मय पंड्या ने व्यक्त किए।
पंड्या ने कहा कि अगले साल बीएमस ब्रिक्स देशों का सम्मेलन आयोजित करने जा रहा है। इसमें अभी सात देश हैं, छह देश और जुड़ने वाले हैं। साथ ही चार और देशों के जुड़ने की संभावना है। इस तरह करीब 17 देशों के 200 प्रतिनिधियों के सम्मेलन में शामिल होने की संभावना है। महाराष्ट्र मंडल रायपुर में बीएमएस राष्ट्रीय कार्यसमिति की दो दिवसीय बैठक में इस विषय पर चर्चा होनी है।
बीएमएस राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि बैठक में स्किल डेवलपमेंट को लेकर भावी कार्ययोजना पर भी मंथन किया जाना है। उन्होंने कहा कहा कि महाराष्ट्र मंडल को 90 साल हो गए और बीएमएस को 70 साल। इस लिहाज से महाराष्ट्र मंडल का छोटा भाई बीएमस हुआ। हम आपसी समन्वय से आगे भी काम करेंगे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह वी. भागैया ने कहा कि हमारे कुटुंब में जीवन मूल्यों का लगातार क्षरण हो रहा है। अभिभावक बड़े गर्व के साथ अपने बच्चों को विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए भेज रहे हैं। इसे दुर्भाग्य ही कहा जाए कि वे बच्चे वहीं विदेशों में नौकरी करने लगते हें, घर बसा लेते हैं और इधर उनके माता-पिता अकेले रह जाते हैं। विदेशों में उच्च शिक्षा के लिए जाना गलत नहीं है लेकिन अपने अभिभावकों को छोड़कर वहां रहना अनुचित है। हमें कुटुंब में जीवन मूल्यों के क्षरण को रोकना होगा। महाराष्ट्र मंडल को इस दिशा में काम करना चाहिए।
कार्यक्रम की शुरुआत मंडल के अध्यक्ष अजय मधुकर काले के अध्यक्षीय भाषण से हुई। इस मौके पर वी. भागैया, हिरण्मय पंड्या, बीएमएस के महामंत्री रवींद्र हिमते, संगठन मंत्री बी. सुरेंद्रन का मंडल की ओर से अजय काले, चेतन गोविंद दंडवते, दीपक पात्रीकर, गीता दलाल, नमिता शेष, रेणुका पुराणिक, कुमुद लाड, सुबोध टोले ने सम्मान किया। कार्यक्रम का संचालन बीएमस के पवन ओगले ने किया।
आभार प्रदर्शन करते हुए मंडल के सचिव चेतन दंडवते ने कहा कि महाराष्ट्र मंडल गत तीन-चार वर्षों से कुटुंब जीवन मूल्य क्षरण को रोकने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। अब आपके मार्गदर्शन में हम इस कार्य को और भी गति प्रदान करेंगे। इस मौके पर वरिष्ठ सभासद अनिल श्रीराम कालेले, अरविंद जोशी, प्रेम उपवंशी, प्रवीण क्षीरसागर सहित मंडल के अनेक पदाधिकारी व सभासद और बीएमस पदाधिकारी- सदस्य उपस्थित रहे। - -तीन दिवस के भीतर आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं को रिपोर्ट देगी जांच समितिरायपुर ।जिला अस्पताल बीजापुर में हुए नेत्र आपरेशन के बाद जटिलता के मामले में आयुक्त सह संचालक डॉ प्रियंका शुक्ला ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है। यह टीम नेत्र आपरेशन में आई जटिलता के कारणों की जांच एवं घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रकरण की जांच करेगी। इस टीम में राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ निधि अत्रिवाल, संयुक्त संचालक स्वास्थ्य सेवाएं बस्तर संभाग डॉ महेश साण्डिया तथा नेत्र सर्जन जिला चिकित्सालय जगदलपुर डॉ सरिता थॉमस शामिल हैं। यह जांच समिति तीन दिन में अपनी जांच रिपोर्ट को आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं के समक्ष प्रस्तुत करेगी।गौरतलब है कि बीजापुर जिला अस्पताल में नेत्र आपरेशन के बाद कुछ मरीजों के मामले में जटिलता देखने को मिली। मामले की जानकारी मिलते ही आयुक्त सह संचालक के निर्देश पर 9 मरीजों को रायपुर के डॉ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय में भर्ती कराया गया एवं इलाज से संबंधित सभी आवश्यक उपकरण एवं दवाइयां उपलब्ध कराई गयीं। मामले की जांच के लिए बनायी गयी तीन सदस्यीय समिति को निर्देश हैं कि वो शीघ्र ही बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचकर जांच शुरू करें।
- -भारत के हृदय से विश्व बाजार तक — छत्तीसगढ़ बन रहा है लॉजिस्टिक्स क्रांति का नेतृत्वकर्तारायपुर /छत्तीसगढ़ के तीव्र गति से विकसित होते लॉजिस्टिक्स सेक्टर में आज एक ऐतिहासिक मील का पत्थर स्थापित हुआ है। छत्तीसगढ़ से अब तक का सबसे बड़ा, कुल 12,000 मीट्रिक टन कॉपर कॉन्सन्ट्रेट (Copper Concentrate) निर्यात कंसाइनमेंट, नवा रायपुर स्थित मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क (MMLP) से चीन के लिए रवाना किया गया। इस श्रृंखला की पहली खेप 2,200 मीट्रिक टन की रही, जो 11 नवम्बर को विशाखापट्टनम पोर्ट के लिए भेजी गई, जहाँ से इसे आगे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भेजा जाएगा।उद्योग विभाग, छत्तीसगढ़ शासन द्वारा विकसित यह अत्याधुनिक मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, मध्य भारत के औद्योगिक और व्यापारिक विकास का नया द्वार बन रहा है। अत्याधुनिक कार्गो हैंडलिंग सिस्टम, रेल कनेक्टिविटी, और मल्टी-मॉडल इंटीग्रेशन से सुसज्जित यह सुविधा राज्य एवं देश के अन्य हिस्सों की औद्योगिक इकाइयों को वैश्विक बाजारों तक कुशल, सुरक्षित और तीव्र पहुँच प्रदान कर रही है।यह उपलब्धि दर्शाती है कि छत्तीसगढ़ अब खनिज और उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था से लॉजिस्टिक्स और निर्यात केंद्रित अर्थव्यवस्था की दिशा में तेज़ी से अग्रसर है। विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे, कुशल कनेक्टिविटी और सक्रिय शासन के समन्वय ने छत्तीसगढ़ को मध्य भारत का लॉजिस्टिक्स पावरहाउस बना दिया है।इस निर्यात अभियान के साथ छत्तीसगढ़ ने अपने खनिज और औद्योगिक उत्पादन को अंतरराष्ट्रीय व्यापार गलियारों से जोड़ने की दिशा में निर्णायक कदम बढ़ाया है। यह कदम भारत के लॉजिस्टिक्स मानचित्र पर छत्तीसगढ़ की आर्थिक प्रासंगिकता को और सुदृढ़ करता है।राज्य सरकार ने इस प्रगति को और तीव्र करने के लिए ‘छत्तीसगढ़ राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025’ लागू की है। यह नीति वर्ष 2047 तक छत्तीसगढ़ को देश का अग्रणी लॉजिस्टिक्स हब बनाने के लक्ष्य के साथ तैयार की गई है। नीति के अंतर्गत आधुनिक मल्टीमॉडल अधोसंरचना, लॉजिस्टिक्स लागत में कमी, निर्यात संवर्द्धन, और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर विशेष बल दिया गया है। साथ ही, लॉजिस्टिक्स पार्क, वेयरहाउसिंग, कोल्ड स्टोरेज जैसी परियोजनाओं के लिए आकर्षक प्रोत्साहन भी प्रदान किए जा रहे हैं, जिससे संतुलित क्षेत्रीय विकास और स्थायित्व सुनिश्चित हो सके।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “नवा रायपुर मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क से राज्य के सबसे बड़े कॉपर कॉन्सन्ट्रेट निर्यात का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक उपलब्धि है। यह कदम इस दिशा में हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ को हम लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक शक्ति के रूप में विकसित करेंगे।”मुख्यमंत्री ने कहा कि नई राज्य लॉजिस्टिक्स नीति 2025 के माध्यम से सरकार कनेक्टिविटी बढ़ाने, निजी निवेश आकर्षित करने और बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि “नीतिगत सुधार, रणनीतिक अवसंरचना और उद्योगों के आत्मविश्वास के इस समन्वय से छत्तीसगढ़ न केवल मध्य भारत को वैश्विक वैल्यू चेन से जोड़ रहा है, बल्कि लॉजिस्टिक्स आधारित विकास के नए युग को भी परिभाषित कर रहा है।”
-
राजनांदगांव । देश के पहले उप प्रधानमंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह आज जिला मुख्यालय में आयोजित यूनिटी मार्च में शामिल हुए। जिला मुख्यालय में यूनिटी मार्च अंतर्राष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम से प्रारंभ होकर गुरूद्वारा चौक में समापन किया गया। इस दौरान सांसद श्री संतोष पाण्डेय, महापौर श्री मधुसूदन यादव विशेष रूप से उपस्थित थे। यूनिटी मार्च में स्थानीय विद्यालयों के स्काउट गाइड रोवर रेंजर्स की सक्रिय सहभागिता रही। इस अवसर पर राज्य उपाध्यक्ष भारत स्काउट्स एवं गाइड्स श्री राजेन्द्र गोलछा, जिला संगठन आयुक्त स्काउट श्री मयूख श्रीवास्तव, जिला संगठन आयुक्त गाइड श्रीमती भारती रजक, श्रीमती कामिनी मानिकपुरी, श्री खिलावन साहू, श्रीमती अर्चना नेताम, श्री प्रवीण साव सहित शाला प्रभारी शामिल हुए।
-
राजनांदगांव । देश के पहले उप प्रधानमंत्री भारत रत्न सरदार वल्लभ भाई पटेल की 150वीं जयंती के अवसर पर जिला मुख्यालय में यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कार्यक्रम अंतर्गत जन समुदाय को नशा मुक्त भारत का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, महापौर श्री मधुसूदन यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी, जनसमुदाय उपस्थित थे।
- - विधानसभा अध्यक्ष ने आदर्श कृषि उपज मंडी समिति राजनांदगांव के अनाज एवं फल सब्जी मंडी में 1 करोड़ 33 लाख 36 हजार रूपए की लागत की बीटी रोड डामरीकरण कार्य का किया भूमिपूजनराजनांदगांव विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने आज आदर्श कृषि उपज मंडी समिति राजनांदगांव के अनाज एवं फल सब्जी मंडी में 1 करोड़ 33 लाख 36 हजार रूपए की लागत की बीटी रोड डामरीकरण कार्य का भूमिपूजन किया। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने बताया कि आदर्श कृषि उपज मंडी में 6 करोड़ 49 लाख रूपए की लागत से निर्माण कार्य जारी है। इससे जिले के किसान, व्यापारी और नागरिक लाभान्वित होंगे। उन्होंने मंडी प्रांगण में सभी निर्माणाधीन कार्यों को निर्धारित समय में गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूर्ण करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. सिंह ने बताया कि आदर्श कृषि उपज मंडी में वर्षभर दोनों सीजन में धान खरीदी की जाती है और यहां सब्जी की भी मंडी है। प्रदेश में सर्वाधिक धान खरीदी में राजनांदगांव आदर्श कृषि मंडी की महत्वपूर्ण भागीदारी रहती है। यह एक आदर्श कृषि उपज मंडी के रूप में है। इस मंडी में किसानों और व्यापारियों के लिए विश्राम गृह, मॉल, कपड़ा, राशन सहित सभी आवश्यकता वाली वस्तुएं बिक्री के लिए उपलब्ध है। वही मंडी प्रांगण में ट्रेक्टर से लेकर सभी प्रकार के कृषि उपकरण बिक्री के लिए उपलब्ध है। यह पूरे छत्तीसगढ़ राज्य के लिए अच्छा उदाहरण है। जहां आने के बाद किसानों और व्यापारियों के लिए सभी आवश्यक वस्तुएं एक साथ उपलब्ध हैं। कृषि उपज मंडी का प्रांगण राजनांदगांव के विकास की पूंजी है। यहां आर्थिक रूप में बड़ा कार्य होता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में राजनांदगांव आदर्श रूप में उदाहरण बनेगा। उन्होंने कृषि उपज मंडी में चल रहे कार्यों को निर्धारित समय में और गुणवत्तापूर्ण तरीके से करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गुणवत्ता में किसी तरह का समझौता नहीं होनी चाहिए।सांसद श्री संतोष पाण्डेय ने कहा कि कृषि उपज मंडी में आने के बाद किसान लाभान्वित होते हैं। किसानों के उद्देश्य की पूर्ति मंडी के अधिकारी-कर्मचारी करते हैं। उन्होंने कहा कि किसानों के लाभ के लिए मंडी में सभी प्रकार की सुविधाएं उपलब्ध है। उन्होंने कहा कि सड़क का भूमि पूजन हुआ है, इसे अच्छी गुणवत्ता के साथ निर्माण करने कहा। कार्यक्रम को पूर्व उपाध्यक्ष कृषि उपज मंडी समिति श्री कोमल सिंह राजपूत ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर महापौर श्री मधुसूदन यादव, अध्यक्ष जिला पंचायत श्रीमती किरण वैष्णव, अध्यक्ष जनपद पंचायत श्रीमती प्रतिमा चंद्राकर, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल श्री नीलू शर्मा, अध्यक्ष छत्तीसगढ़ श्रम कल्याण मंडल श्री योगेशदत्त मिश्रा, श्री कोमल सिंह राजपूत, श्री खूबचंद पारख, श्री विनोद खांडेकर, श्री रामजी भारती, श्री सचिन बघेल, श्री रमेश पटेल, श्री संतोष अग्रवाल, श्रीमती गीता साहू, श्री सुरेश एच लाल, श्री सौरभ कोठारी, श्री भावेश बैद, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, कृषि उपज मंडी के अधिकारी-कर्मचारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि, किसान एवं नागरिकगण उपस्थित थे।






.jpg)




















.jpg)