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बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के आदेशानुसार बालोद जिले में 02 से 04 नवंबर तक आयोजित होने वाली राज्योत्सव समारोह के सफल आयोजन सुनिश्चित करने हेतु अधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। जारी आदेश में समारोह के सफल आयोजन हेतु अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसी तरह पुलिस अधीक्षक श्री योगेश कुमार पटेल को सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लोक निर्माण विभाग एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के कार्यपालन अभियंता को मंचीय व्यवस्था, फ्लैक्स एवं आवश्यक टेंट पंडाल, दो स्वागत द्वार की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह कार्यपालन अभियंता छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण मण्डल एवं अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग (विद्युत यांत्रिकी) को विद्युत व्यवस्था, लाईटिंग, माईक व्यवस्था, सहायक संचालक उद्यानिकी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग को फुलमाला, गुलदस्ता, गमला, स्वागत द्वार व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को स्वास्थ्य सुविधा, जिला सेनानी होमगार्ड को फायर ब्रिगेड, मुख्य नगरपालिका अधिकारी बालोद को साफ-सफाई की व्यवस्था, जिला खनिज अधिकारी को मुख्य कार्यक्रम स्थल पर मैदान समतलीकरण की जिम्मेदारी सौपीं गई है। इसी तरह सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं जिला शिक्षा अधिकारी को सांस्कृतिक कार्यक्रम, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास एवं मुख्य नगरपालिका अधिकारी बालोद को कलाकारों के ठहरने की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह जिला आबकारी अधिकारी, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता को सांस्कृतिक कार्यक्रम के कलाकारों की भोजन व्यवस्था, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना बालोद के कार्यपालन अभियंता को सांस्कृतिक दल मोमेंटो, प्रमाण पत्र, प्रशस्ति पत्र की व्यवस्था, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास, जिला परिवहन विभाग एवं जिला मिशन समन्वयक को कलाकारों को लाने व ले जाने हेतु वाहन की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह जिला खाद्य अधिकारी को मंच पर स्वल्पाहार, उप संचालक, पंचायत को आमंत्रण पत्र, छपाई, वितरण, सभी तहसीलदारों को आमंत्रण पत्र वितरण, जिला मिशन समन्वयक राजीव गांधी शिक्षा मिशन को मंच संचालन, उद्घोषक, वन मंडलाधिकारी को कार्यक्रम स्थल पर आवश्यक बास-बल्ली की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह कृषि विभाग एवं उद्यानिकी विभाग, जिला पंचायत एवं ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, स्वास्थ्य विभाग, आदिम जाति कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, श्रम विभाग, सी.एस.एस.डी.ए. विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, खाद्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल संसाधन विभाग, जिला पंचायत एन.आर.एल.एम., पशु चिकित्सा विभाग, शक्कर कारखाना, खादी ग्रामोद्योग हथकरघा, राजस्व विभाग, उद्योग विभाग, जिला अंत्यावसायी विभाग, नगरपालिका परिषद बालोद, वन विभाग, जनसम्पर्क विभाग को प्रदर्शनी हेतु स्टाॅल की व्यवस्था की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी बालोद को कार्यपालिक मजिस्टेªट ड्यूटी लगाने, कार्यपालन अभियंता लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को पेयजल की संपूर्ण व्यवस्था, जिला शिक्षा अधिकारी बालोद को मंच पर मां सरस्वती की फोटो, दीप प्रज्ज्वलन की व्यवस्था, उप संचालक पंचायत जिला पंचायत को स्टाल का वितरण, मुख्य नगर पालिका अधिकारी बालोद को फुड जोन एवं सभी विभाग प्रमुखों को विभागीय योजनाओं के बैनर, फ्लैक्स, पोस्टर लगाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
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दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन में जिला मुख्यालय दुर्ग में 2 से 4 नवंबर 2025 तक तीन दिवसीय राज्योत्सव कार्यक्रम का आयोजन पुराना गंज मंडी गंजपारा परिसर दुर्ग में किया जा रहा है। राज्योत्सव के सुचारू संचालन हेतु कलेक्टर श्री सिंह की अध्यक्षता में तीन सदस्य कार्यक्रम संचालन समिति का गठन किया गया है। उपयुक्त समिति में जिला पंचायत दुर्ग के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन एवं श्री वीरेंद्र सिंह शामिल है। अपर कलेक्टर श्री वीरेंद्र सिंह को संपूर्ण कार्यक्रम हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है तथा अनुविभागीय अधिकारी श्री हरवंश मिरी एवं दंडाधिकारी दुर्ग श्री उत्तम ध्रुव को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। इसके अलावा विभिन्न अधिकारियों को अलग-अलग दायित्व सौंपे गए हैं। जिसके अंतर्गत कलेक्टर से अनुमोदन प्राप्त कर आमंत्रण पत्र की छपाई एवं वितरण हेतु जिला पंचायत सीईओ श्री दुबे, मंत्रीगण/सदस्यीय सचिव एवं गणमान्य अतिथियों को आमंत्रण पत्र वितरण हेतु अनुविभागीय अधिकारी श्री हरवंश मिरी, तहसीलदार श्री प्रफुल्ल गुप्ता और अतिरिक्त तहसीलदार श्रीमती क्षमा यदु को दायित्व दिया गया है। इसी क्रम में प्रतिदिन कार्य स्थल की साफ सफाई, डस्टबिन व्यवस्था तथा फूड स्टॉल आबंटन का दायित्व नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल को, मंच, स्टॉल, बैरिकेटिंग, सोफा, कुर्सी, माइक लाइटिंग आदि की संपूर्ण व्यवस्था का दायित्व लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री आशीष भट्टाचार्य, तांदुला जल संसाधन के कार्यपालिका अभियंता श्री आशुतोष सारस्वत, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग के कार्यपालन अभियंता श्री जे.के. मेश्राम और लोक निर्माण विभाग (ई एंड एम) के कार्यपालन अभियंता श्री आर.एल. गायकवाड को दिया गया है। सांस्कृतिक दलों कलाकारों का चयन, सांस्कृतिक कार्यक्रम की रूपरेखा तैयार करने एवं मंच की समस्त व्यवस्था का दायित्व नगर निगम रिसाली आयुक्त सुश्री मोनिका वर्मा, डिप्टी कलेक्टर दुर्ग श्री हितेश पिस्दा, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा और आदिवासी विकास विभाग दुर्ग के सहायक आयुक्त श्री राजेश श्रीवास को, कार्यस्थल पर वाहन पार्किंग पहुंच एवं निगम स्थल पर यातायात व्यवस्था का दायित्व यातायात अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री ऋचा मिश्रा को, अतिथियों हेतु शाल, श्रीफल एवं मोमेंटो की व्यवस्था का दायित्व क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री एस.एल. लकड़ा को, स्थानीय कलाकार को रुकवाने एवं ठहरने की व्यवस्था का दायित्व खाद्य नियंत्रक श्री अनुराग भदौरिया, आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त श्री राजेश श्रीवास और सहायक आयुक्त आबकारी श्री सी.आर. साहू को दिया गया है। कार्यस्थल पर फर्स्ट एड किट एवं एंबुलेंस व्यवस्था का कार्य मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनोज दानी और सिविल सर्जन सह अस्पताल अधीक्षक डॉ. अशीषन मिंज करेंगे। आवश्यकतानुसार फूलमाला, गुलदस्ता इत्यादि की व्यवस्था, मंच पर कलाकारों के सम्मान हेतु शाल, श्रीफल, मोमेंटो इत्यादि की व्यवस्था एवं महत्वपूर्ण अतिथियों तथा कलाकारों के सत्कार की व्यवस्था का दायित्व उपसंचालक कृषि श्री संदीप कुमार भोई, खनिज अधिकारी श्री दीपक मिश्रा, उप संचालक उद्यानिकी श्री नारायण सिंह लहरे और तहसीलदार श्री प्रफुल्ल गुप्ता का होगा। मंच संचालन हेतु उद्घोषकों की व्यवस्था जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविंद मिश्रा, पानी टैंकर एवं पेयजल की व्यवस्था नगर निगम आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री उत्कर्ष पांडेय करेंगे। राज्योत्सव का प्रेस एवं मीडिया के माध्यम से कार्यक्रम का प्रचार प्रसार करने एवं प्रेस/मीडिया की बैठक की व्यवस्था का दायित्व जनसंपर्क विभाग के संयुक्त संचालक श्री एम.एस. सोरी का होगा। जिला व्यापार एवं उद्योग के मुख्य महाप्रबंधक श्री बी.आर. निकुंज और श्रम पदाधिकारी श्री विकास सरोदे, अपर कलेक्टर के निर्देशानुसार स्टॉल आवंटन का दायित्व संभालेंगे। अग्निशमन यंत्र एवं फायर ब्रिगेड की व्यवस्था जिला सेनानी नगर सेनानी श्री नागेंद्र कुमार सिंह, कार्यक्रम स्थल पर अबाध विद्युत व्यवस्था एवं जनरेटर की व्यवस्था विद्युत मंडल के कार्यपालन अभियंता श्री आर.के. दानी करेंगे। विभाग के अंतर्गत 25 वर्षों की विकास यात्रा (जर्नी ऑफ़ 25 ईयर्स) की थीम पर योजनाओं तथा उपलब्धियों के पोस्टर, बैनर अथवा लाइव प्रदर्शन एवं प्रदर्शनी स्टॉल की व्यवस्था का दायित्व सर्व विभाग प्रमुखों का होगा। संबंधित सभी अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों की गंभीरता एवं तत्परतापूर्वक संपादन सुनिश्चित करने कहा गया है।
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*- एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीयन की ली जानकारी, दिये आवश्यक निर्देश*
*- पटवारी और समिति प्रबंधक को कारण बताओं नोटिस*दुर्ग/ जिले के किसानों के एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन हेतु सभी सेवा सहकारी समितियों में 24 से 26 अक्टूबर तक शिविर आयोजित किये जा रहे है। शिविर के प्रथम दिवस कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सेवा सहकारी समिति मर्यादित सिरसाखुर्द, करंजा-भिलाई, कोड़िया और अहिवारा का आकस्मिक निरीक्षण किया। उन्हांेने शिविर में एग्रीस्टैक पर किसानों के पंजीयन और अब तक पंजीयन नहीं होने संबंधी कारणों की जानकारी ली। कलेक्टर ने उक्त शिविर को गंभीरतापूर्वक नहीं लेने पर सीबीसी के अधिकारियों, समिति प्रबंधकों और कम्प्यूटर ऑपरेटर को कड़ी फटकार भी लगाई। उन्होेंने करंजा-भिलाई की पटवारी सुश्री अनिता साहू और सेवा सहकारी समिति अहिवारा के समिति प्रबंधक श्री देवेन्द्र साहू को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिये। कलेक्टर ने समितियों के निरीक्षण के दौरान कहा कि पंजीयन हेतु व्यक्तिगत जानकारी के अभाव में किसानों की सूचीबद्ध पंजी संधारित कर उनके मोबाईल नंबरों पर पंजीयन की जानकारी उपलब्ध कराये। साथ ही ऋण पुस्तिका, आधार नंबर एवं आधार से लिंकेड मोबाईल नंबर के साथ शिविर में उपस्थित होकर पंजीयन कराने प्रेरित किया जाए। शिविर स्थल पर पंजीयन हेतु थम्ब, आधार नंबर एवं लिंकेड मोबाईल नंबर की आवश्यकता संबंधी फ्लैक्स के माध्यम से सूचना प्रदर्शित की जाए। शिविर के दौरान फौती, नामांतरण, आधार में नाम त्रुटि, मृत्यु प्रमाण पत्र आदि की उपलब्धता अधिकारी अपने स्तर से सुनिश्चित कर कृषकों का पंजीयन कराये। राजस्व पटवारी फौती-नामांतरण नहीं कराने वालों किसानों को प्रेरित कर फौती-नामांतरण कराये ताकि किसान अपने नाम से धान का विक्रय कर सकें।कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने समितियों में कृषक पंजीयन प्रक्रिया का अवलोकन किया। उन्होंने मौके पर पंजीयन हेतु पहुंचे किसानों का रू-ब-रू चर्चा कर धान विक्रय हेतु एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन की आवश्यकता के संबंध में अवगत कराया। कलेक्टर को समिति प्रबंधकों ने अवगत कराया कि सेवा सहकारी समिति सिरसाखुर्द में 1196 पंजीकृत कृषक है। जिसमें 1090 का पंजीयन हो चुका है। व्यक्तिगत जानकारी के अभाव में 106 शेष है। सेवा समिति करंजा भिलाई में 1161 पंजीकृत किसानों में से 24 का पंजीयन होना शेष है। सेवा सहकारी समिति कोड़िया में पंजीकृत 2037 कृषकों मंे से 17 कृषकों का एग्रीस्टैक पोर्टल में पंजीयन होना शेष है। इसी प्रकार सेवा सहकारी समिति अहिवारा में पंजीकृत 1616 कृषकों में 1600 का पंजीयन हो चुका है, 16 किसान पंजीयन हेतु शेष है। यहां पर 152 कृषकों का व्यक्तिगत जानकारी अप्राप्त है। उक्त कृषकों से जानकारी प्राप्त करने और शिविर के माध्यम से पंजीयन कराने में उदासीनता बरतने पर कलेक्टर ने समिति प्रबंधक श्री देवेन्द्र साहू को कारण बताओ नोटिस जारी करने सीबीसी के नोडल अधिकारी को निर्देशित किया। उन्होंने उक्त सभी कृषकों से जानकारी प्राप्त कर पंजीयन कराने के कड़े निर्देश समिति प्रबंधक को दिये हैं। इसी प्रकार मृत्यु प्रमाण पत्र होने के बावजूद भी मृत कृषक के फौती उठाने के कार्यवाही लंबित रखने पर करंजा भिलाई की पटवारी सुश्री अनिता साहू को नोटिस जारी करने तहसीलदार श्री गुप्ता को निर्देशित किया है। इस अवसर पर एसडीएम दुर्ग नगर श्री उत्तम ध्रुव, एसडीएम भिलाई-3 श्री महेश राजपूत, तहसीलदार श्री प्रफुल्ल कुमार गुप्ता एवं सीबीसी के अधिकारी, समिति प्रबंधक और पंजीयन शिविर में पहुंचे कृषकबंधु उपस्थित थे। -
रायपुर/ कलेक्टर कार्यालय रायपुर की नाजरात शाखा द्वारा जिला रायपुर अंतर्गत निष्प्रयोज्य (अनुपयोगी) सामग्रियों की सार्वजनिक नीलामी आयोजित की जाएगी। यह नीलामी दिनांक 30 अक्टूबर 2025 (गुरुवार) को प्रातः 11:00 बजे, रेडकॉस भवन सभा कक्ष, कलेक्टोरेट परिसर रायपुर में संपन्न होगी।
नीलामी में लकड़ी, लोहा एवं प्लास्टिक/रबर श्रेणी की वस्तुएँ सम्मिलित हैं, जिनका विवरण इस प्रकार है - लकड़ी की वस्तुएँ :- चेयर (गद्दा वाला) – 07 नग, चेयर (केनिन वाला) – 09 नग, दरवाजा – 02 नग, टेबल – 04 नग, लकड़ी का काँच लगा रैक – 01 नगलोहा की वस्तुएँ :- 1. चेयर – 03 नग, 2. टेबल – 04 नग, 3. फोटो कॉपी मशीन – 01 नगप्लास्टिक/रबर सामग्री :- टायर – 30 नगइच्छुक व्यक्ति या संस्थान निर्धारित दिनांक एवं समय पर उपस्थित होकर बोली लगाकर नीलामी में भाग ले सकते हैं। सर्वोच्च बोली लगाने वाले को तत्काल राशि जमा करनी होगी तथा सामग्री का उठाव अपने व्यय पर करना होगा। अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें नाजिर शाखा, कलेक्टर कार्यालय | -
रायपुर/ 25 अक्टूबर 2025 से होने जा रहे छठ पूजा पर्व के पूर्व स्वच्छता कायम करने नगर पालिक निगम रायपुर के स्वास्थ्य विभाग और सभी जोनों के स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा राजधानी शहर रायपुर के तालाबों की सफाई का विशेष अभियान महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर चलाया जा रहा है.
इसके अंतर्गत नगर पालिक निगम जोन 9 जोन अध्यक्ष श्री गोपेश साहू, एमआईसी सदस्य और कुशाभाऊ ठाकरे वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद श्री खेम कुमार सेन, जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा के निर्देश पर नगर निगम जोन 9 की टीम द्वारा जोन क्षेत्र अंतर्गत कुशाभाऊ ठाकरे वार्ड क्रमांक 7 अंतर्गत सड्डू तालाब की छठ पूजा पूर्व लगातार की जा रही विशेष सफाई के अभियान का औचक निरीक्षण नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर ने कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, उप अभियंता श्री आशुतोष पाण्डेय, जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री बारोन बंजारे, स्वच्छता निरीक्षक श्री भोला तिवारी की उपस्थिति में छठ पूजा आयोजन समिति के पदाधिकारियों सहित नगर निगम जोन 9 के अन्य सम्बंधित अधिकारियों की उपस्थिति में किया और सम्बंधित जोन अधिकारियों को छठ पूजा समिति पदाधिकारियों के साथ प्रत्यक्ष चर्चा और सड्डू तालाब के सफाई अभियान का निरीक्षण करने के पश्चात सड्डू तालाब की छठ पूजा पूर्व विशेष सफाई अभियान के सम्बन्ध में जोन के सम्बंधित अधिकारियों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ प्रभावी तरीके से विशेष सफाई अभियान चलाने के सम्बन्ध में आवश्यक निर्देश दिए.नगर निगम जोन 9 द्वारा जेसीबी मशीन और 50 सफाई कामगारों की सहायता से सड्डू तालाब की अभियानपूर्वक विशेष सफाई करवाई गयी. अभियान में भारी मात्रा में कचरा और गन्दगी तालाब से बाहर निकालकर उसका तत्काल परिवहन करवाकर सूर्य छठ पूजा पर्व पूर्व स्वच्छता कायम की गयी.सड्डू तालाब के किनारे सभी घाटों में स्वच्छता कचरा उठवाकर कायम की गयी. जोन 9 जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन 9 विद्युत विभाग की टीम ने सड्डू तालाब के चारों ओर समुचित प्रकाश व्यवस्था का तत्काल प्रबंध करवाया. सड्डू तालाब के किनारे सुन्दर वाल रायटिंग करवाकर स्वच्छ पर्यावरण और स्वच्छ सरोवर का सकारात्मक स्वच्छता सन्देश दिया गया. -
रायपुर .समता कॉलोनी रायपुर निवासी श्रीमती इंद्रमोहिनी नैयर (धर्म पत्नी स्व. श्री रमेश नैयर) उम्र 85 वर्ष का आज यहां आकस्मिक निधन हो गया. वो संजय और संदीप नैयर की मां थी. उनका अंतिम संस्कार रविवार 26 अक्टूबर को प्रातः 11 बजे मारवाड़ी श्मशान घाट में किया जाएगा.
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*‘‘बिलासापेक्स’’ 2025 में डाक टिकटों के इतिहास की दिखेगी झलक*
बिलासपुर/बिलासपुर डाक संभाग द्वारा 31 अक्टूबर से 1 नवम्बर 2025 तक दो दिवसीय जिला स्तरीय डाक टिकट प्रदर्शनी ‘‘बिलासापेक्स-2025’’ का आयोजन राघवेन्द्र राव सभा भवन, कंपनी गार्डन के पास सवेरे 10 बजे से किया जाएगा। प्रदर्शनी में डाक संभाग के सभी डाक टिकट संग्रहकर्ता भाग लेंगे। उक्त प्रदर्शनी के माध्यम से डाक टिकट के क्रमशः विकास एवं समग्र इतिहास की झलक, राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय ऐतिहासिक घटनाक्रम इत्यादि की जानकारी प्राप्त होगी। साथ ही साथ शालेय छात्र-छात्राओं को प्रदर्शनी में महापुरूषों, खेल, ज्ञान-विज्ञान, प्रकृति, पर्यावरण, वन्य जीव-जन्तु, विभिन्न देश-विदेशों की कला संस्कृति आदि की रोचक जानकारी प्राप्त होगी। उक्त रोचक व ज्ञानवर्धक डाक टिकट प्रदर्शनी का अवलोकन विद्यार्थी के सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत लाभदायक होगा।विभाग द्वारा प्रदर्शनी स्थल पर ही माई स्टेम्प योजना की सुविधा भी प्रदान की जाएगी। इस येाजना के अंतर्गत कोई भी व्यक्ति अपनी फोटो डाक टिकट के साथ छपवा सकता है। माई स्टेम्प योजना के डाक टिकट विभिन्न प्रकार के शीटों में उपलब्ध है। इच्छुक व्यक्ति अपना स्वयं का फोटो एवं परिचय पत्र के साथ आवेदन पत्र भर कर निर्धारित शुल्क 300 रूपए अदा कर उक्त डाक टिकट की सुविधा प्राप्त कर सकते है। आवेदक को 5 रूपये मूल्यवर्ग के कुल 12 टिकटों का एक सेट प्रदान किया जाता है। डाकघर अधीक्षक ने नागरिकों से अनुरोध किया है कि वे इस दो दिवसीय डाक टिकट प्रदर्शनी का अवलोकन कर रोचक एवं ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त करें। -
रायपुर / 25 अक्टूबर 2025 से होने जा रहे सूर्य उपासना के विशेष पर्व छठ पूजा के पूर्व राजधानी शहर के महादेवघाट को नगर निगम रायपुर के जोन क्रमांक 8 स्वास्थ्य विभाग द्वारा महापौर श्रीमती मीनल चौबे, स्वास्थ्य विभाग अध्यक्ष श्रीमती गायत्री सुनील चंद्राकर, आयुक्त श्री विश्वदीप के निर्देश पर सूर्य उपासना हेतु स्वच्छता कायम करते हुए तैयार किया जा रहा है. विशेष सफाई अभियान पोकलेन मशीन की सहायता से विशेष सफाई गैंग भेजकर लगातार चलाया जा रहा है.
छठ पूजा पूर्व महादेवघाट में विशेष सफाई अभियान महादेवघाट छठ पूजा समिति के पदाधिकारियों के अनुरोध पर भगवान सूर्यनारायण के भक्तों की विशेष पूजा आराधना की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम रायपुर जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर, माधव राव सप्रे वार्ड क्रमांक 69 के पार्षद श्री महेन्द्र औसर, संत रविदास वार्ड क्रमांक 70 के पार्षद श्री अर्जुन यादव, जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल और कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा के निर्देश पर चलाया जा रहा है, महादेवघाट में छठ पूजा पूर्व विशेष सफाई अभियान का निरीक्षण और सतत मॉनिटरिंग जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन और स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा द्वारा की जा रही है. जोन 8 जोन अध्यक्ष और जोन 8 जोन कमिश्नर और जोन 8 कार्यपालन अभियंता ने छठ पूजा के पूर्व महादेवघाट में सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर स्वच्छता कायम करना सुनिश्चित करवाने जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी और स्वच्छता निरीक्षक को निर्देशित किया है. - 0- महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर स्कूल में दीपावली पर बच्चों की मोहक प्रस्तुतियों ने किया प्रभावितरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय में दीपावली के पूर्व सुआ नृत्य, लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी की मोहक प्रस्तुतियों के साथ दीप सजाओ स्पर्धा में सभी वर्ग के बच्चों ने उत्साह से भाग लिया। प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि बच्चों को हमारी संस्कृति से जोड़े रखने के लिए स्कूल में लगभग सभी तीज- त्योहारों को उत्साह के साथ मनाया जाता है। इसी क्रम में अलग- अलग क्लास के बच्चों ने दीपावली से संबंधित अलग- अलग प्रस्तुतियां दी। मिडिल क्लास के बच्चों ने असेंबली में सुआ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी। नृत्य पेश करने वालों में समृद्धि मिश्रा, प्राची टांगल, हंसिका भारद्वाज और रागिनी टोंडर शामिल रहीं। वहीं लंका विजय के बाद भगवान श्रीराम की अयोध्या वापसी का मंत्रमुग्ध करने वाला मंचन भी बच्चों ने किया। इसमें भगवान श्रीराम के वेश में आदित्य साहू, लक्ष्मण बने प्रदीप साहू, सिद्धांत सिंह हनुमान की वेशभूषा में और सीता माता की वेश में पूनम पटेल का मंचन प्रशंसनीय रहा।प्री पाइमरी के बच्चों ने दीया की आकृति में आकर्षक प्रस्तुति दी। बच्चों का ड्रेस कोड और कलर काम्बिनेशन जोरदार रहा। प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे, हार्दिक बोबडे, शिखा गुप्ता और सुरेखा नायक ने बच्चों को सुंदर दीये की आकृति में बिठाकर बच्चों को दीप व दीप महोत्सव का महत्व समझाया।सुबह प्रार्थना सभा में शिक्षिका रेणुका शुक्ला ने धनतेरस का महत्व बताते हुए कहा कि यह पर्व दिवाली के दो दिन पहले मनाया जाता हैं। इस दिन भगवान धन्वंतरी और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती हैं। मान्यता है कि इस दिन सोना, चांदी या बर्तन खरीदने से घर में सुख-समृद्धि आती है। प्रार्थना सभा का संचालन चौथी के छात्र लव पाठक ने किया। सौरव राउत, ध्रुविता प्रसाद माता लक्ष्मी बनकर आईं थीं। इसके साथ स्कूल में "दीया डेकोरेशन" एवं "हैंडराइटिंग" प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इसमें बच्चों ने बड़े उत्साह से भाग लिया।
- 0- दिव्यांग बालिका विकास गृह के सहायतार्थ मेस प्रकल्प के प्रयास को मंडल के सभासदों सहित अस्पतालों, शैक्षणिक संस्थाओं से लेकर कार्पोरेट आफिसों तक में रही जोरदार डिमांडरायपुर। महाराष्ट्र मंडल के दिवाली व्यंजनों को लगभग हर क्षेत्र व वर्ग का जोरदार प्रतिसाद मिला। मंडल के मेस प्रकल्प की ओर से दिव्यांग बालिका विकास गृह के सहायतार्थ बनाए जाने वाले दीपावली फराळ (व्यंजनों) की मांग इस वर्ष भी कार्पोरेट सेक्टर, शैक्षणिक संस्थानों, आटो मोबाइल कंपनियों से लेकर अस्पतालों में तक उत्साहवर्धक रही।मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, मेस प्रभारी दीपक किरवईवाले ने बताया कि करीब नौ साल पहले शुरू किया गया दीपावली व्यंजनों का यह प्रयास आजीवन सभासदों के अलावा गैर मराठी भाषी लोगों और व्यापारिक, शैक्षणिक, स्वास्थ्य संस्थाओं की ओर से लगातार मिल रहे जोरदार प्रतिसाद के कारण बढ़ते जा रहा है। इसका एक प्रत्यक्ष असर तो यह है कि दीपावली व्यंजनों की बिक्री से दिव्यांग बालिका विकास गृह को संचालित करने में आसानी हो रही है। वहीं दूसरा अप्रत्यक्ष प्रभाव यह है कि जो कंपनियां, संस्थाओं के साथ आमजन महाराष्ट्र मंडल के दीपावली व्यंजनों को खरीदते हैं, वे अप्रत्यक्ष रूप से ही सही, दिव्यांग बालिकाओं की रहन-सहन, शिक्षा, स्वास्थ्य आदि में सहयोग करते हैं। महाराष्ट्र मंडल की इसी सेवा भावना से प्रेरित होकर यहां के व्यंजन खरीदने वालों की संख्या और मांग सतत बढ़ रही है।काले ने बताया कि देश में पोलियो उन्मूलन के कारण अब पोलियो ग्रस्त बालिकाएं नहीं मिलती इसलिए महाराष्ट्र मंडल ने पहले ही किसी भी तरह की अस्थि बाधित दिव्यांग बालिका को पूरी जिम्मेदारी के साथ रखना शुरू किया है। अब शासन के नए निर्देशानुसार महाराष्ट्र मंडल ने मूक-बधिर बच्चियों को भी अपने साथ आवास, शिक्षा-दीक्षा और स्वास्थ्यगत समस्याओं के समाधान के लिए रखना प्रारंभ कर दिया है। इसलिए दिव्यांग बालिका विकास गृह में दिव्यांग बच्चियों की संख्या फिर बढ़ने लगी है। इसके साथ ही जिम्मेदारी और खर्च भी बढ़ने लगे हैं।सचिव चेतन गोविंद दंडवते ने बताया कि दिव्यांग बच्चियों की बेहतर देखभाल करने के लिए मंडल ने अपने मेस प्रकल्प के माध्यम से दीपावली व्यंजनों का उपक्रम शुरू किया है। इस महाअभियान में जिन सभासदों, आमजन और संस्थाओं ने दिवाली व्यंजन लेकर सहयोग प्रदान किया है उसका अध्यक्ष काले, सचिव दंडवते, प्रेम प्रभारी किरवाईवाले ने अपनी पूरी कार्यकारिणी के साथ आभार व्यक्त किया है।
- भिलाईनगर। शासन द्वारा 60 वर्ष या अधिक उम्र के हितग्राहियों को ’’मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना’’ अंतर्गत दिनांक 05 नवम्बर से 11 नवम्बर तक द्वारिका, सोमनाथ, नागेश्वर की यात्रा पर भेजे जाने का निर्देश प्राप्त हुआ है। इस योजना के तहत 80 प्रतिशत हितग्राही बीपीएल, अंत्योदय एवं मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना के कार्डधारी एवं 20 प्रतिशत हितग्राही गरीबी रेखा के उपर के नागरिक होगें। यात्रा में शामिल होने इच्छुक नागरिक दिनांक 25.10.2025 तक आवेदन नगर निगम भिलाई मुख्य कार्यालय के समाज कल्याण विभाग में जमा कर सकते है।विधवा एवं परित्यक्त महिलाओं को भी योजना में शामिल किया गया है। 65 वर्ष के अधिक उम्र के नागरिकगण अपने साथ यात्रा में एक सहयोगी भी ले जा सकते है। आवेदन हिन्दी में भरकर दो प्रतियों में संलग्न किया जाना है। आवेदन के साथ नवीनतम रंगीन फोटो और पहचान पत्र के रूप में आधार कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाईसेंस, मतदाता परिचय पत्र सहित राज्य शासन द्वारा स्वीकार्य कोई अन्य प्रमाण पत्र अथवा अभिलेख जमा कर सकते है। हितग्राही को आवेदन के साथ स्वास्थ्य जांच के रूप में शासकीय चिकित्सक से जारी प्रमाण पत्र जमा करना अनिवार्य है।
- भिलाईनगर। वरिष्ठ जनों एवं दिव्यांग जनों को प्रधानमंत्री आवास योजना अंतर्गत भूतल के आवास आवंटन हेतु अंतिम अवसर दिया जा रहा है। केन्द्र सरकार की प्रधानमंत्री आवास योजना मोर मकान-मोर आस एवं मोर मकान-मोर चिन्हारी घटक के विभिन्न परियोजना स्थलों में निर्मित/निर्माणाधीन आवासों का आबंटन नगर निगम भिलाई मुख्य कार्यालय सभागार में दिनांक 24.10.2025 को दोपहर 12 बजे लाटरी आयोजित किया गया है।150 आवासों का निर्माण किया गया है जिसमें निर्मित आवासों का लॉटरी किया जा रहा है। लॉटरी के पूर्व समय 11.30 बजे तक हितग्राहियो द्वारा अंशदान राशि का 10 प्रतिशत राशि तथा बेदखली व्यवस्थापन हेतु हितग्राही अंशदान राशि 75000 निगम कोष में जमा कराया जा सकता है। नियमानुसार लाटरी पद्वति से सामान्य वर्ग के हितग्राहियों को अन्य तल (प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय) तथा वरिष्ठ नागरिकों एवं दिव्यांगजनों को भूतल के आवासों का लाटरी निकालकर आवास आबंटन किया जाएगा। नगर निगम भिलाई अपील करती है कि पीएम आवास के वरिष्ठ नागरिक, दिव्यांगजन एवं हितग्राही निर्धारित तिथि व समय पर उपस्थित होकर लाटरी का लाभ उठावें।
- -सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ ऐप बनेंगे सुरक्षा कवचरायपुर ।अब बाढ़, आकाशीय बिजली, चक्रवात, भूकंप और लू जैसी आपदाओं की जानकारी लोगों को पहले ही मिल सकेगी। भारत सरकार ने समय रहते अलर्ट देने के लिए ‘सचेत’, ‘दामिनी’ और ‘मेघदूत’ मोबाइल ऐप विकसित किए हैं, जिन्हें गूगल प्ले स्टोर से आसानी से डाउनलोड किया जा सकता है। आपदा संबंधी किसी भी स्थिति में तत्काल मदद के लिए टोल फ्री नंबर 1070 भी जारी है।आकाशीय बिजली से सबसे ज्यादा जान-माल की हानि होती है। ऐसे में ‘दामिनी ऐप’ बिजली गिरने के खतरे का 10-30 किलोमीटर पहले अलर्ट दे देता है और बचाव के उपाय भी बताता है। वहीं ‘मेघदूत ऐप’ किसानों के लिए बेहद उपयोगी है, क्योंकि यह मौसम पूर्वानुमान, तापमान, वर्षा और हवा की दिशा जैसी सटीक जानकारी उपलब्ध कराता है, जिससे किसान अपनी फसल से जुड़े फैसले समय पर ले सकते हैं। इसी तरह ‘सचेत ऐप’ राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण द्वारा संचालित है, जो रीयल-टाइम चेतावनी भेजकर नागरिकों को सुरक्षित स्थान पर जाने में मदद करता है। यह ऐप जीपीएस आधारित अलर्ट, आपातकालीन संपर्क और राहत केंद्रों की जानकारी भी उपलब्ध कराता है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन ऐप्स के उपयोग से समय रहते सतर्कता बढ़ेगी और जन-धन की हानि में बड़ी कमी आएगी।
- रायपुर। विद्यार्थियों में बढ़ते मानसिक तनाव एवं आत्महत्या की घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थानों के लिए मानसिक स्वास्थ्य संबंधी निर्देश जारी किए गए हैं। यह पहल सर्वाेच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में की गई है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि सभी शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों, महाविद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, प्रशिक्षण केन्द्रों एवं छात्रावासों में ‘उम्मीद’ एवं ‘मनोदर्पण’ से प्रेरित मानसिक स्वास्थ्य नीति को अनिवार्य रूप से लागू किया जाएगा। सुकमा जिला कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने कहा कि विद्यार्थियों में सकारात्मक सोच, भावनात्मक संतुलन और आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत 100 या अधिक विद्यार्थियों वाले संस्थानों में प्रशिक्षित परामर्शदाता अथवा मनोवैज्ञानिक की नियुक्ति अनिवार्य होगी, वहीं इससे कम संख्या वाले संस्थान आवश्यकता अनुसार पंजीकृत मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का सहयोग प्राप्त किया जाएगा। कलेक्टर ने यह भी कहा कि शासन की यह पहल विद्यार्थियों के मानसिक स्वास्थ्य के संरक्षण, आत्महत्या जैसी घटनाओं की रोकथाम तथा संवेदनशील एवं सहयोगी शैक्षणिक वातावरण निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सार्थक कदम सिद्ध होगी।
- बिलासपुर. जिला निर्वाचन अधिकारी, बिलासपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए जिले के 6 विधानसभा क्षेत्रों क्रमांक 25-कोटा, 28-तखतपुर, 29-बिल्हा, 30-बिलासपुर, 31-बेलतरा एवं 32-मस्तुरी के लिए फोटोयुक्त मतदाता सूचियों के मुद्रण कार्य हेतु निविदाएँ आमंत्रित की गई हैं। इच्छुक मुद्रकों एवं फर्मों से मोहरबंद निविदाएँ 6 नवम्बर 2025 अपरान्ह 3 बजे तक स्वीकार की जाएंगी। नियत तिथि एवं समय के बाद प्राप्त निविदाएँ स्वीकार नहीं की जाएंगी। प्राप्त निविदाओं को 6 नवम्बर 2025 को शाम 4 बजे गठित समिति के द्वारा उपस्थित निविदाकारों एवं उनके अधिकृत प्रतिनिधियों के समक्ष खोला जाएगा। निविदा प्रपत्र, शर्तें एवं विस्तृत विवरण जिला निर्वाचन कार्यालय, बिलासपुर से 500 रूपए चालान के माध्यम से जमा कर 29 अक्टूबर अपरान्ह 3 बजे तक कार्यालयीन दिवस में प्राप्त कर सकते है।
- -नियद नेल्लानार ग्रामों में बीपीएल परिवारों को उज्ज्वला गैस कनेक्शन में प्राथमिकतारायपुर । महिला सशक्तिकरण, स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने तथा ग्रामीण परिवारों के स्वास्थ्य संरक्षण के उद्देश्य से प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना को और अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। केंद्र सरकार द्वारा योजना के अंतर्गत 25 लाख अतिरिक्त एलपीजी गैस कनेक्शन जारी करने की मंजूरी दी गई है। इसके तहत छत्तीसगढ़ के “नियद नेल्लानार योजना” में शामिल ग्रामों के बीपीएल परिवारों को प्राथमिकता से लाभ प्रदान किया जाएगा।खाद्य सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले ने तेल विपणन कंपनियों के अधिकारियों की बैठक लेकर योजना के पारदर्शी, त्वरित और प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश दिए। उन्होंने बताया कि “सुशासन तिहार” और “नियद नेल्लानार योजना” के तहत पात्र 1.59 लाख माताओं-बहनों को उज्ज्वला कनेक्शन उपलब्ध कराया जाएगा। सुकमा कलेक्टर श्री देवेश कुमार धु्रव ने संबंधित अधिकारियों को चिन्हांकित ग्रामों में विशेष शिविर आयोजित कर आवेदन प्राप्त करने, लाभार्थियों का सत्यापन करने तथा गैस सुरक्षा संबंधी जानकारी देने के निर्देश दिए हैं। स्वच्छ रसोई ईंधन की उपलब्धता से महिलाओं को धूम्ररहित रसोई, समय की बचत, स्वास्थ्य सुरक्षा, सुविधा और सम्मानपूर्ण जीवन की दिशा में नई मजबूती प्राप्त होगी।
- बिलासपुर. कृषि उत्पादन आयुक्त एवं सचिव महोदया की अध्यक्षता में खरीफ वर्ष 2025 की समीक्षा तथा रबी वर्ष 2025-26 के कार्यक्रम निर्धारण के लिए संभागीय बैठक 29 अक्टूबर को सवेरे 11 बजे कलेक्ट्रेट सभागार कोरबा में आयोजित होगी। बैठक में संभागायुक्त बिलासपुर, संचालक कृषि, उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, पशुपालन, मछली पालन, समेती, प्रबंध संचालक, बीज निगम, मार्कफेड, बीज प्रमाणीकरण संस्था, अपेक्स बैंक, मण्डी बोर्ड, दुग्ध महासंघ, विद्युत वितरण कंपनी छ.ग., प्रमुख अभियंता जल संसाधन विभाग, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, छ.ग. राज्य जलग्रहण क्षेत्र प्रबंधन एजेंसी, रायपुर, पंजीयक सहकारी संस्थाएं छ.ग., निर्देशक, अनुसंधान सेवाएं, विस्तार सेवाएं, इं.गां.कृ.वि.वि. रायपुर छ.ग., दाउ श्री कामधेनु, वि.वि. अंजोरा, दुर्ग, क्षेत्रीय प्रबंधक, नाबार्ड एवं विभागों के राज्य स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित रहेंगे।
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दुर्ग/ जिले के ग्राम पंचायत कचान्दुर के आश्रित ग्राम समोदा, विकासखण्ड दुर्ग में उल्टी-दस्त के मरीज प्राप्त होने की सूचना प्राप्त होने पर डॉ. मनोज दानी, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, दुर्ग के निर्देश में डॉ. सी.बी.एस. बंजारे, जिला सर्वेलेंस अधिकारी एवं एन. एल. बंजारे, खण्ड चिकित्सा अधिकारी वि.ख. निकुम, दुर्ग के मार्गदर्शन में श्रीमती रितीका सोनवानी, जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट, दुर्ग, श्री निर्मल कुमार टंडन, बीईटीओ एवं स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ता एवं मितानिनों के साथ प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण किया गया।
प्रभावित क्षेत्र का स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा नियमित सर्वे किया जा रहा है। सर्वे में 22 अक्टूबर 2025 को कुल 450 घरों का सर्वे किया गया, जहाँ उल्टी-दस्त के नये मरीज नहीं मिले हैं। 04 अक्टूबर 2025 से आज दिनांक तक कुल 60 मरीज मिले जिनमें से 13 मरीजों का जिले के विभिन्न अस्पतालों में उपचार चल रहा है। 12 मरीज चंदूलाल चंद्राकर कचांदुर भिलाई, 01 निहार अस्पताल व अन्य सभी मरीज घर पर चिकित्सकीय उपचार ले कर वर्तमान में स्वास्थ हैं। संक्रमित क्षेत्र में उल्टी-दस्त से किसी भी मरीज की मृत्यु नहीं हुई है।
स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा भ्रमण के दौरान उपस्थित सरपंच श्री अरूण गौतम, उपसरपंच श्री अनुज निषाद, पंचायत सचिव श्रीमती कमला देवांगन व कोतवाल पिताम्बर चौहान को प्रभावित क्षेत्र में पानी के पाईप लाईन को बंद कर, सभी पाईप लाईन की मरमत व साफ-सफाई किये जाने हेतु कहा गया एवं सी.ई.ओ. जिला जनपद के द्वारा सिरसा में पानी टैंकर की व्यवस्था किया गया है। सक्रिय सर्वेलेंस का कार्य स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा नियमित रूप से किया जा रहा है। 22 अक्टूबर 2025 को संक्रमित क्षेत्र का पुनः पानी सैम्पल जांच हेतु लोक स्वास्थ्य यंत्रिकी विभाग दुर्ग भेजा गया एवं स्टूल सैम्पल जांच हेतु रायपुर भेजे जाने हेतु निर्देशित किया गया।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों द्वारा ग्रामीण जनता को समझाइश दी गई है कि समस्त जनता से अपील करता है कि पानी उबाल कर पिये, सड़े गले सब्जी न खाये, बाहर का खाना बंद करे, मांसाहार ना खाये, तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर चिकित्सकीय परामर्श लें और अपने व परिवार का ध्यान रखें।
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दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशानुसार जिले में किसानों के एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन हेतु 24 से 26 अक्टूबर 2025 तक समितियों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष धान बेचने के लिए किसानों को 31 अक्टूबर 2025 के पूर्व एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराना अनिवार्य होगा। जिसके लिए विगत कई महीनों से समितियों में च्वाईस सेंटर के द्वारा एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन का कार्य चल रहा है। जिले में 4292 किसान ऐसे है जिनकी व्यक्तिगत जानकारी अप्राप्त है तथा 1737 किसानों का एग्रीस्टेक में पंजीयन लंबित है। उक्त लंबित पंजीयन कार्य 24 से 26 अक्टूबर 2025 तक समितियों में शिविर लगाकर पूर्ण किया जा रहा है। किसान भाइयों से अपील की गई है कि जिन्होंने एग्रीस्टेक पोर्टल पर अपना पंजीयन नहीं कराया है वे शीघ्र समिति में उपस्थित होकर धान पंजीयन का कार्य पूर्ण कराये, ताकि वे समर्थन मूल्य के अंतर्गत अपना धान समितियों में बेच सकें।
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शास्त्री बाजार सहित अन्य स्थानों पर कचरे के ढेर, गंदगी देखकर नाराजगी व्यक्त की
रायपुर। रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने दीपावली पर्व के पश्चात राजधानी शहर की सफाई व्यवस्था का औचक निरीक्षण किया।
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने दीपावली पश्चात शहर में सफाई व्यवस्था के औचक निरीक्षण के दौरान शास्त्री बाजार क्षेत्र और अन्य स्थानों में कचरा और गन्दगी यहां - वहाँ फैली देखी, तो इसे लेकर महापौर ने सम्बंधित जोन कमिश्नरों और जोन स्वास्थ्य अधिकारियों को दीपावली पश्चात लचर सफाई व्यवस्था विभिन्न स्थानों पर मिलने पर अपनी गहन नाराजगी व्यक्त की और विभिन्न बाजारों और मुख्य मार्गो से कचरे के ढेर और गन्दगी तत्काल हटवाकर वहाँ जनहित में जनस्वास्थ्यसुरक्षा बाबत स्वच्छता कायम करना सुनिश्चित करने निर्देशित किया है.
महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने मोतीबाग के सामने मुख्य मार्ग में उर्स के आयोजन की समाप्ति के पश्चात भी सड़क पर लगाकर रखी गयी पूरी तरह अस्थायी दुकानों को जनहित में जनसुविधा हेतु इस कारण यातायात जाम की समस्या दूर करने तत्काल सड़क सीमा से हटाने सम्बंधित नगर निगम अधिकारियों को निर्देशित किया है। -
रायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रायपुर आगमन को लेकर तैयारी चल रही है। एनआरडीए सीईओ चंदन कुमार, कलेक्टर डॉक्टर गौरव सिंह एयरपोर्ट के पास जैनम मानस भवन के पास पहुंचे और तैयारी का जायजा लिया। उनके साथ में नगर निगम कमिश्नर श्री विश्वदीप, अपर कलेक्टर सुश्री नम्रता जैन भी उपस्थित थे।
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-खनिज संसाधनों का विवेकपूर्ण दोहन – आत्मनिर्भर अर्थव्यवस्था की दिशा में बड़ा कदम
-वन संरक्षण और खनन का संतुलन: विकास के साथ हरियाली का विस्तार-खनिजों से चमक रही प्रदेश की अर्थव्यवस्था – खनिज राजस्व में 34 गुना की ऐतिहासिक वृद्धिरायपुर /छत्तीसगढ़ यह नाम अब केवल हरियाली और संस्कृति का पर्याय नहीं रहा, बल्कि भारत की खनिज राजधानी के रूप में भी अपनी पहचान बना चुका है। देश के कुल खनिज भंडार का बड़ा हिस्सा छत्तीसगढ़ की धरती में छिपा है। यही कारण है कि राज्य की अर्थव्यवस्था में खनिजों का योगदान लगातार बढ़ रहा है और प्रदेश की सकल घरेलू उत्पाद जीएसडीपी में खनिज क्षेत्र की हिस्सेदारी करीब 10 प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। राज्य गठन के समय खनिज राजस्व 429 करोड़ रूपए था, जो अब बढ़कर 14 हजार 592 करोड़ हो गया है। 25 साल में राज्य का खनिज राजस्व में 34 गुना बढ़ गया है। वन एवं पर्यावरण संतुलन को बनाए रखते हुए छत्तीसगढ़ राज्य की यह उपलब्धि विशेष रूप से उल्लेखनीय है।यहां यह भी उल्लेखनीय है कि 1980 से अब तक वनसंरक्षण अधिनियम के तहत छत्तीसगढ़ राज्य में केवल 28 हजार 700 हेक्टेयर भूमि ही खनन के लिए दी गई है, जो कि राज्य के वन क्षेत्र 59.82 लाख हेक्टेयर का 0.47 प्रतिशत और राज्य के कुल भू-भाग 135 लाख हेक्टेयर का 0.21 प्रतिशत है। खनन क्षेत्र में कटाई के साथ 5 से 10 गुना वृक्षारोपण को अनिवार्य किए जाने से राज्य के वन क्षेत्र में 68 हजार 362 हेक्टेयर की वृद्धि हुई है, जो इंडिया स्टेट ऑफ फॉरेस्ट रिपोर्ट के अनुसार देश में सर्वाधिक है।खनिज राजस्व से न केवल प्रदेश को आर्थिक संबल मिल रहा है, बल्कि हजारों युवाओं के लिए रोज़गार के नए अवसर भी खुल रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार खनिज संपदा के दोहन को पर्यावरणीय संतुलन और जनहित से जोड़कर “खनिज से विकास” की नई परिभाषा गढ़ रही है।छत्तीसगढ़ के प्रमुख खनिजों में से महत्वपूर्ण कोयला, ऊर्जा का सबसे बड़ा स्रोत है। छत्तीसगढ़ देश का दूसरा सबसे बड़ा कोयला उत्पादक राज्य है। राज्य में कोयले का भंडारण 74,192 मिलियन टन है, जो देश के कोयल भण्डार का लगभग 20.53 प्रतिशत है। कोयला उत्पादन में छत्तीसगढ़ राज्य की देश में 20.73 प्रतिशत हिस्सेदारी है। देश के कोयला उत्पादक राज्यों में छत्तीसगढ़ का दूसरा स्थान है। प्रदेश के कोयले का उपयोग ताप विद्युत संयंत्रों, सीमेंट, इस्पात और कोयला आधारित मध्यम व लघु उद्योगों में किया जा रहा है। ऊर्जा क्षेत्र की आत्मनिर्भरता में छत्तीसगढ़ का योगदान पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण है।लौह अयस्क देश के इस्पात उद्योग की रीढ़ है, जो छत्तीसगढ़ में प्रचुर मात्रा में विद्यमान है। कबीरधाम से लेकर दल्लीराजहरा से होते हुए दंतेवाड़ा बैलाडीला तक फैली पर्वत श्रृंखलाओं में 4,592 मिलियन टन लौह अयस्क भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 19.09 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 16.64 प्रतिशत है। एनएमडीसी की बैलाडीला खदानें (दंतेवाड़ा) और दल्ली-राजहरा खदानें (बालोद) देश के इस्पात उद्योगों की जीवनरेखा हैं। यहां से भिलाई इस्पात संयंत्र और देशभर के उद्योगों को उच्च गुणवत्ता वाला लौह अयस्क मिलता है। लौह अयस्क उत्पादन में छत्तीसगढ़ का देश में द्वितीय स्थान है।छत्तीसगढ़ में 992 मिलियन टन बाक्साइट भंडार है, जो देश का 20 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 4.3 प्रतिशत है। सरगुजा, बलरामपुर और कबीरधाम जिलों में हिन्डाल्को, वेदांता और सीएमडीसी जैसी कंपनियाँ सक्रिय हैं। बाक्साइट से निर्मित एल्युमिनियम ऊर्जा, निर्माण और रक्षा उद्योग के लिए अहम है।चूना पत्थर सीमेंट उद्योग का मेरुदंड है। राज्य में 13,211 मिलियन टन चूना पत्थर का भंडार है, जो देश के कुल भंडार का 5.8 प्रतिशत है। राष्ट्रीय उत्पादन में छत्तीसगढ़ का योगदान 11 प्रतिशत है। बलौदाबाजार, रायपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में अल्ट्राटेक, एसीसी, अम्बुजा, श्री सीमेंट, ग्रासिम जैसे संयंत्र कार्यरत हैं। बलौदाबाजार को अब ‘सीमेंट हब’ कहा जाता है।देश का 100 प्रतिशत टिन उत्पादन छत्तीसगढ़ में होता है। सामरिक महत्व के टिन अयस्क का यहां 30 मिलियन टन का भंडार उपलब्ध है। दंतेवाड़ा और सुकमा में मिलने वाला यह खनिज इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। इसे अनुसूचित जनजाति की सहकारी समितियों के माध्यम से क्रय करने का प्रावधान राज्य सरकार ने लागू किया है।राज्य में 992 मिलियन टन डोलोमाइट भंडार मौजूद है, जो राष्ट्रीय भंडार का 20 प्रतिशत है। मुख्यतः रायपुर, दुर्ग, बेमेतरा, बिलासपुर, जांजगीर-चांपा और रायगढ़ जिलों में पाया जाता है। यह खनिज इस्पात उद्योग में फ्लक्स मटेरियल के रूप में उपयोगी है। गरियाबंद जिले के बेहराडीह और पायलीखंड क्षेत्रों में हीरा का प्रमाणित भंडार है। बलौदाबाजार जिले के सोनाखान क्षेत्र में 2780 किलोग्राम स्वर्ण भंडार के अतिरिक्त जशपुर, महासमुंद और कांकेर जिलों में भी स्वर्ण और हीरा खनिज की संभावनाएं पाई गई हैं।छत्तीसगढ़ में गौण खनिजों की भी बड़ी भूमिका है। राज्य में 37 प्रकार के गौण खनिज जैसे-रेत, मुरम, ईमारती पत्थर, साधारण मिट्टी, निम्न श्रेणी चूना पत्थर, डोलोमाइट और ग्रेनाइट की खुदाई लगभग हर जिले में होती है। रेत और मिट्टी का उपयोग सड़क, भवन और पुल निर्माण में व्यापक रूप से किया जा रहा है। गौण खनिजों से राज्य को स्थानीय राजस्व, रोजगार और पंचायत निधि का बड़ा हिस्सा प्राप्त होता है। जिला पंचायतों और नगर निकायों को इन खनिजों से प्रतिवर्ष सैकड़ों करोड़ रुपये का राजस्व मिलता है, जिससे ग्रामीण विकास कार्यों को गति मिलती है। खनिज विकास के साथ-साथ राज्य सरकार ने पर्यावरण संरक्षण और खनन प्रभावित इलाकों के पुनर्वास पर विशेष ध्यान दिया है। डीएमएफ के माध्यम से शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़कों जैसी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं।खनिज विकास और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन का जो उदाहरण छत्तीसगढ़ ने प्रस्तुत किया है, वह आज पूरे देश के लिए एक सस्टेनेबल ग्रोथ मॉडल बन गया है। यहां विकास और हरियाली विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि नीति में दूरदृष्टि और क्रियान्वयन में संवेदनशीलता हो, तो खनिज संपदा केवल भूमि की गहराई में नहीं, बल्कि जनजीवन की समृद्धि में भी झलक सकती है। - -राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत किसानों को ग्राफ्टेड टमाटर पौधे किए वितरित-जनप्रतिनिधियों ने जैविक खेती अपनाने किसानों को किया प्रेरितरायपुर । जिला स्तरीय किसान मेले कृषि विभाग, उद्यानिकी विभाग, पशुधन विकास विभाग एवं मत्स्य पालन विभाग द्वारा विभिन्न योजनाओं एवं नवीन तकनीकों की जानकारी हेतु स्टॉल लगाए गए, जिनका जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में किसानों ने अवलोकन किया। यह आयोजन कृषि विज्ञान केन्द्र अजिरम, अम्बिकापुर में आज किया गया। कृषि वैज्ञानिकों ने मेले में फसल विविधीकरण के महत्व पर चर्चा हुए बताया कि पारंपरिक धान की खेती की तुलना में गन्ना, सब्जी एवं उद्यानिकी फसलों से किसानों को अधिक लाभ प्राप्त हो सकता है। वैज्ञानिकों ने बताया कि जहां धान की खेती में एक रुपए की लागत पर लगभग 50 पैसे का लाभ मिलता है, वहीं गन्ने की खेती में एक रुपए की लागत पर 75 पैसे का लाभ प्राप्त होता है। वहीं शासन द्वारा संचालित किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी गई।हितग्राहियों को सामग्री का वितरणकार्यक्रम में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना अंतर्गत 5 किसानों को टमाटर के ग्राफ्टेड पौधे, 5 किसानों को सरसों बीज मिनीकिट, 5 किसानों को स्वॉयल हेल्थ कार्ड एवं बीमा पॉलिसी प्रमाणपत्र प्रदान किए गए। मत्स्य पालन विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के तहत 7 लाभार्थियों को आईस बॉक्स एवं मछली पकड़ने के जाल का वितरण किया गया। साथ ही जनप्रतिनिधियों ने ए हेल्प पुस्तक का विमोचन किया।जैविक खेती को बढ़ावा देने किसानों से आग्रहपर्यटन, संस्कृति, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में किसानों के उत्थान के लिए अनेक योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि किसान सम्मान निधि की राशि अब सीधे ग्राम पंचायत स्तर पर उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे किसानों को बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने, रासायनिक खादों के अत्यधिक प्रयोग से बचने और मृदा की पोषकता बनाए रखने पर किसानों से आग्रह किया। उन्होंने कहा कि पशुधन विकास विभाग के माध्यम से कृत्रिम गर्भाधान कार्यक्रम को गति दी जा रही है, जिससे 90 प्रतिशत बछिया प्राप्त होने की संभावना बढ़ी है। उन्होंने मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए भी किसानों को प्रेरित किया गया।किसान मेला नवाचार एवं तकनीकी ज्ञान का मंचसांसद सरगुजा श्री चिंतामणि महाराज ने कहा कि प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य कर रहे हैं। उन्होंने रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करने और जैविक खेती अपनाने का आग्रह किया। लूण्ड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कहा कि किसान मेला किसानों के लिए नवाचार एवं तकनीकी ज्ञान का मंच है। यहां विभिन्न विभागों द्वारा अपनी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है, जिससे किसानों को खेती-बाड़ी में आधुनिक तकनीक अपनाकर पैदावार बढाने का अवसर मिलेगा।किसानों से बैंक संबंधी सतर्कता बरतने की अपीलकलेक्टर ने किसानों से कहा कि आगामी 15 नवम्बर से धान खरीदी प्रारंभ होने जा रही है। इस अवसर पर उन्होंने किसानों से बैंक संबंधी सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि किसान अपनी मेहनत की कमाई पसीना बहाकर अर्जित करते हैं, लेकिन कई बार बैंक धोखाधड़ी के मामलों में उनकी गाढ़ी कमाई चली जाती है। उन्होंने किसानों को सलाह दी कि वे अपने बैंक पासबुक का स्टेटमेंट हर 15 से 30 दिनों में अवश्य जांचें, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या संदेहास्पद लेन-देन का तुरंत पता चल सके। उन्होंने ने कहा कि धोखाधडी का शिकार होने के बाद अपराधी भले ही जेल चला जाए, लेकिन किसान की मेहनत की कमाई वापस नहीं मिल पाती, इसलिए जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है। उन्होंने बताया कि सभी बैंक प्रबंधकों को इस संबंध में निर्देशित किया गया है कि यदि किसी किसान को बैंक लेन-देन में समस्या होती है या किसी प्रकार की धोखाधड़ी की आशंका होती है, तो तत्काल प्रशासन को सूचित करें ताकि शीघ्र कार्रवाई की जा सके।किसान मेला में जिले के सर्वश्रेष्ठ पशुपालकों को सम्मानित किया गया। किसान मेले के माध्यम से किसानों को कृषि, पशुपालन, उद्यानिकी और मत्स्य पालन के क्षेत्र में नवाचार अपनाने तथा आत्मनिर्भर बनने का संदेश दिया गया।कार्यक्रम में जिला पंचायत सरगुजा के अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सदस्य, कृषि स्वामित्व समिति की अध्यक्ष पूर्व हस्तशिल्प बोर्ड अध्यक्ष,कृषि मंत्री के प्रतिनिधि सहित बड़ी संख्या में जिले के कृषकगण उपस्थित रहे।
- रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज विधायक एवं मध्य क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष श्री प्रणव कुमार मरपच्ची की माताजी स्वर्गीय श्रीमती चन्दन बाई जी की तेरहवीं एवं श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री ने श्रद्धांजलि सभा में दिवंगत आत्मा को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर श्री मरपच्ची सहित शोक संतप्त परिवार के सदस्यों से मिलकर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने ईश्वर से प्रार्थना की कि वे स्वर्गीय चन्दन बाई जी की आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिवार को यह अपार दुःख सहने की शक्ति प्रदान करें।
- -छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान बनेगा ‘जशपुर जम्बूरी 2025’- ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ — रोमांच, संस्कृति और परंपरा का अद्भुत उत्सवरायपुर ।छत्तीसगढ़ का पर्वतीय और हरियाली से आच्छादित जिला जशपुर एक बार फिर उत्सव, संस्कृति और रोमांच का केंद्र बनने जा रहा है। यहाँ आगामी 6 से 9 नवम्बर 2025 तक आयोजित होने वाले ‘जशपुर जम्बूरी 2025’ में प्रदेश और देशभर से पर्यटक प्रकृति की गोद में रोमांचक अनुभवों, जनजातीय परंपराओं और सामुदायिक उत्सव के रंगों का आनंद लेंगे। यह आयोजन प्राकृतिक सौंदर्य, जनजातीय परंपराओं और आधुनिक रोमांच का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।प्रकृति की गोद में चार दिन का उत्सवजशपुर अपनी प्राकृतिक सुंदरता, झरनों, पहाड़ियों और हरे-भरे जंगलों के कारण पहले से ही पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र है। इन चार दिनों में यह जिला उत्साह, उमंग और अनूठे अनुभवों का जीवंत मंच बन जाएगा। देशभर से आने वाले सैलानी यहां रोमांचक खेलों, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और जनजातीय लोकपर्वों की रंगीन झलक का आनंद लेंगे।हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग का रोमांचइस वर्ष का सबसे बड़ा आकर्षण रहेगा हॉट एयर बलून और पैरामोटरिंग शो, जिसमें प्रतिभागी मधेश्वर पहाड़ियों के ऊपर से उड़ान भरकर जशपुर की भव्यता को नई ऊँचाई से देख सकेंगे। नीले आसमान और हरी वादियों का यह संगम एक अविस्मरणीय अनुभव बनेगा।कयाकिंग, एटीवी और मोटर बोटिंग से मिलेगा एडवेंचर का आनंदफेस्टिवल में कयाकिंग, मोटर बोटिंग और एटीवी राइड्स जैसी गतिविधियाँ रोमांच प्रेमियों को अपनी सीमाओं को परखने का अवसर देंगी। झरनों की धारा में कयाकिंग और जंगलों के बीच मिट्टी के रास्तों पर एटीवी चलाने का रोमांच हर आगंतुक के लिए यादगार रहेगा।फॉरेस्ट ट्रेकिंग और प्राकृतिक अनुभवप्रकृति प्रेमियों के लिए विशेष फॉरेस्ट ट्रेकिंग ट्रेल्स तैयार की गई हैं। घने पेड़ों के बीच, फूलों की महक और पक्षियों की चहचहाहट में चलना जशपुर की जैव विविधता से गहरा जुड़ाव कराएगा। यह पर्यावरण और पर्यटन के बीच सामंजस्य का प्रतीक है।खुले आसमान तले स्टार गेज़िंग सेशन्सरात्रिकालीन आयोजनों में स्टार गेज़िंग सेशन्स विशेष आकर्षण होंगे। तारों से सजे जशपुर के निर्मल आसमान में सैकड़ों नक्षत्रों को निहारने का अनुभव आगंतुकों को अद्भुत शांति और विस्मय का एहसास कराएगा।लोककला, संगीत और बोनफायर नाइट्स से सजेगा हर शाम का माहौलहर शाम बोनफायर नाइट्स में जनजातीय लोकनृत्य, संगीत और हँसी से भरी संध्याएँ होंगी। पारंपरिक गीतों की धुन और आग की लपटों के बीच साझा होती मुस्कानें इस आयोजन को आत्मीयता का नया अर्थ देंगी।फेस्टिवल में स्थानीय व्यंजनों का विशेष स्टॉल आकर्षण का केंद्र रहेगा। स्थानीय पारंपरिक पकवानों के स्वाद से पर्यटक छत्तीसगढ़ की मिट्टी की असली महक महसूस करेंगे। ‘जशपुर जम्बूरी’ केवल एक पर्यटन आयोजन नहीं, बल्कि जनजातीय गौरव और सांस्कृतिक आत्मसम्मान का उत्सव भी है। पारंपरिक हस्तशिल्प, लोककला प्रदर्शनी और आदिवासी परिधानों की झलक इस आयोजन को विशिष्ट बनाएगी।जशपुर प्रशासन और पर्यटन विभाग ने पर्यटकों की सुविधा के लिए ठहरने, खानपान, सुरक्षा और स्वच्छता की संपूर्ण व्यवस्था की है।डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बढ़ेगी पहचानइस आयोजन में देशभर से एडवेंचर प्रेमी, फोटोग्राफर, ट्रैवल ब्लॉगर और इनफ्लुएंसर भाग लेंगे, जिससे जशपुर की पहचान राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल माध्यमों से और सशक्त होगी। "हमारा प्रयास है कि जशपुर की प्रकृति और संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान मिले। जशपुर जम्बूरी 2025’ न केवल छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को प्रखर करेगा, बल्कि पर्यटन, उद्यमिता और सामुदायिक सहभागिता को नई ऊर्जा देगा। यह आयोजन राज्य के लिए गौरव और विकास दोनों का प्रतीक बनेगा। ऐसे आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देते हैं, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता के नए अवसर भी पैदा करते हैं। जशपुर के लोग जितने सादगीपूर्ण हैं, उतने ही उत्साही और साहसी भी हैं। ‘जशपुर जम्बूरी’ जैसे आयोजन इस क्षेत्र की पहचान को राष्ट्रीय पटल पर स्थापित कर रहे हैं। यह फेस्टिवल छत्तीसगढ़ को ‘एडवेंचर टूरिज्म हब’ के रूप में आगे बढ़ाएगा।" - मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

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