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- 0- सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गयानारायणपुर। नारायणपुर पुलिस द्वारा गौवंश संरक्षण संबंधी कानूनों के प्रभावी पालन हेतु लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में थाना बेनूर पुलिस ने ग्राम मालिंगनार पटेलपारा में गौवंश वध की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 12 आरोपियों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की है।27 जून को थाना बेनूर को सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम मालिंगनार पटेलपारा में कुछ व्यक्तियों द्वारा गौवंश का वध किया जा रहा है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी बेनूर पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे।मौके पर 12 व्यक्ति गौवंश को काटते हुए पाए गए। पुलिस ने घटनास्थल से गौवंश का मांस, पका हुआ मांस, गौवंश के चार पैर, पूंछ के टुकड़े, खाल तथा घटना में प्रयुक्त एक टंगिया एवं दो धारदार छुरियां बरामद कर जब्त कीं।प्रथम दृष्टया आरोपियों का कृत्य छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम, 2004 की धारा 4, 5 एवं 10 के अंतर्गत दंडनीय पाए जाने पर थाना बेनूर में अपराध क्रमांक 08/2026 पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई।प्रकरण में नामजद आरोपियों में मंगलूराम सलाम (32 वर्ष), सिद्दू सलाम (58 वर्ष), मनकूर वड्डे (40 वर्ष), सुखमन करंगा (45 वर्ष), रामसिंग सलाम (35 वर्ष), इतवारु राम करंगा (42 वर्ष), मंगिया सलाम (30 वर्ष), सोमारू सलाम (27 वर्ष), मंगेल सलाम (50 वर्ष), मनकू वड्डे (40 वर्ष), सोमजी सलाम (30 वर्ष) तथा सन्नू (22 वर्ष) शामिल हैं। सभी आरोपी ग्राम मालिंगनार पटेलपारा, थाना बेनूर, जिला नारायणपुर के निवासी हैं।प्रकरण में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।नारायणपुर पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि गौवंश संरक्षण संबंधी कानूनों का पालन करें तथा इस प्रकार की किसी भी अवैधानिक गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम थाना अथवा पुलिस नियंत्रण कक्ष को दें, ताकि समय पर प्रभावी वैधानिक कार्रवाई की जा सके।
- 0- किसानों को दी गई समिति के कार्यों की जानकारीबलौदाबाजार. सहकारिता मंत्रालय गठन के 5 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में सहकारी सप्ताह के दिनांक 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक सहकारिता सप्ताह मनाया जा रहा है। जिले के सभी सहकारी समितियो एवं सहकारी बैंक शाखाओ में सहकारी ध्वजारोहण कर सोमवार को सहकारिता सप्ताह का शुभारम्भ किया गया।सहकारी सप्ताह में जिला स्तर पर अनेक सहकारी गतिविधियॉ तथा सहकारी चिंतन एवं सहकारी मेला का आयोजन किया जाएगा। जिले के 168 पैक्स, 15 बैंक शाखा एवं जिला सहकारी संघ, लघु वनोपज सहकारी समिति, दुग्ध एवं मत्स्य, विपणन सहकारी समिति, कृशक उत्पादक (एफपीओ) सहकारी समितियों में हर्षोल्लास के साथ ध्वाजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें ग्रामीणों, कृषक सदस्यों, जनप्रतिनिधि की उपस्थिति रही। कार्यक्रम के दौरान समिति के सदस्यों को संस्था की व्यवसाय, खाद-बीज, संस्था उपविधि का पाठ्न किया गया।आगामी दिवसों में समितियों मे होने वाले गतिविधियों, कृषक संगोष्ठी, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर, केसीसी कार्ड, रुपे कार्ड वितरण, विद्यालय एवं महाविद्यालय मे निबंध, क़्विज प्रतियोगिता एवं सहकार संकल्प दौड़ आयोजित की जाएगी।
- 0- समस्त श्रेणी के नवीन कृषकों का एग्रीस्टेक में पंजीयन जरुरीबलौदाबाजार. राज्य शासन द्वारा खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान उपार्जन हेतु नवीन किसान पंजीयन एवं संशोधन के लिये 1 जुलाई से 31 अक्टूबर 2026 तक समय -सीमा निर्धारित किया गया है।धान उपार्जन हेतु समस्त श्रेणी के किसानों का एग्रीस्टेक पंजीयन अनिवार्य है।ऐसे कृषक जिनके द्वारा विगत वर्ष 2025-26 में धान विक्रय हेतु पंजीयन कराया गया है एवं जिनके पास एग्रीस्टेक फार्मर आई.डी. तथा किसान कोड उपलब्ध है उन्हें पृथक से कोई नवीन पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी। इन कृषकों द्वारा खरीदी-बिकी,नामांतरण,बटवारा,फौती,अन्य माध्यम से यदि नवीन भूमि प्राप्त की गई हो, तो केवल ऐसी भूमि,खसरा नंबर का संशोधन धान विक्रय हेतु संबंधित उपार्जन केन्द्रों या समितियों में किया जाएगा।वन पटटाधारी,डुबान,शासकीय पटटेदार,कोटवार, संस्थागत कृषकों को भी धान विक्रय किये जाने हेतु एग्रीस्टेक में पंजीयन किया जाना अनिवार्य होगा।अधिया,रेगहा बटाईदार,लीज के माध्यम से धान विक्रय करने वाले कृषकों को एग्रीस्टेक पोर्टल में प्रदाय किये गये ऑथराईजेशन मॉड्यूल के माध्यम से अधिकृत किया जाना है।विगत खरीफ वर्ष 2025-26 में धान विक्रय हेतु पंजीयन नहीं कराया गया था एवं जिनके पास किसान कोड उपलब्ध नहीं है, ऐसे नवीन कृषकों के एग्रीस्टेक में पंजीयन उपरांत, संबंधित समिति,उपार्जन में संपर्क कर अपनी भूमि,खसरे का पंजीयन, बैंक का विवरण, नॉमिनी विवरण ऑनलाईन सोसायटी माड्यूल में समिति या उपार्जन केन्द्र करेंगे।वन पटटाधारी,डुबान श्रेणी के नवीन कृषक के एग्रीस्टेक में पंजीयन हेतु इनके खसरे,कम्पार्टमेंट नंबर की फॉर्म आई.डी. बनाये जाने हेतु आवश्यक जानकारी खाद्य अधिकारी मॉड्यूल में किया जाएगा। एग्रीस्टेक में पंजीयन उपरांत वन पटटाधारी,डुबान श्रेणी के उक्त नवीन कृषक भी संबंधित समिति में अपने भूमि,खसरा नंबर का मैपिंग कर किसान कोड प्राप्त करेंगे। विगत वर्ष 2025-26 के संस्थागत पंजीयन एवं नवीन पंजीयन कृषकों के एग्रीस्टेक आई.डी. बनाये जाने हेतु संस्था के प्रतिनिधि का नाम, मोबाईल नंबर, आधार नंबर, पंजीयन कमांक इत्यादि की प्रविष्टि खाद्य अधिकारी माड्यूल में किया जावेगा, जिसके उपरांत संस्था को एग्रीस्टेक आई.डी. प्राप्त हो सकेगी।
- बलौदाबाजार. खरीफ वर्ष 2026 के दौरान किसानों को यूरिया की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से राज्य शासन के कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग ने सहकारी क्षेत्र में यूरिया वितरण संबंधी दिशा-निर्देशों में संशोधन किया है। शासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार यूरिया की वर्तमान पर्याप्त उपलब्धता को देखते हुए पूर्व में जारी कुछ प्रतिबंधों को समाप्त कर दिया गया है।नए निर्देशों के अनुसार अब पात्र किसानों को खरीफ 2025 में प्राप्त यूरिया की मात्रा के बराबर ही खरीफ 2026 में भी यूरिया उपलब्ध कराया जाएगा। किसानों को यह उर्वरक एकमुश्त अथवा संबंधित सहकारी समिति में उपलब्ध स्टॉक के आधार पर चरणबद्ध तरीके से वितरित किया जाएगा। यदि किसी समिति में तत्काल पर्याप्त यूरिया उपलब्ध नहीं है, तो शेष मात्रा बाद में स्टॉक उपलब्ध होते ही संबंधित किसान को प्रदान की जाएगी। शासन ने सभी जिला कलेक्टर, कृषि अधिकारियों तथा सहकारी संस्थाओं को संशोधित निर्देशों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं ताकि किसानों को समय पर यूरिया उपलब्ध हो सके और खरीफ फसलों के लिए उर्वरकों की सुचारू आपूर्ति बनी रहे।
- -खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर 37 गोल्ड एवं 27 सिल्वर मेडल किया प्राप्तबिलासपुर /खेलों ताइक्वांडो युथ स्पोर्ट्स फेडरेशन एवं पीसीए मैनेजमेंट स्पोर्ट्स नेपाल द्वारा इंडो नेपाल इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप का आयोजन पोखरा में 12 से 18 जून 2026 तक किया। इस इंटरनेशनल ताइक्वांडो चैंपियनशिप में भारत, बांग्लादेश, नेपाल, भूटान ताईक्वांडो के खिलाड़ियों ने भाग लिया। जिसमें भारत के 61 खिलाड़ी एवं बिलासपुर जिले से 17 खिलाडी प्रतियोगिता में शामिल हुए। शामिल हुए। खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 37 गोल्ड एवं 27 सिल्वर मेडल प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। भारत के लिए यह गौरव की बात है। द्वितीय स्थान पर नेपाल और तृतीय स्थान बांग्लादेश ने प्राप्त किया। विजेता खिलाड़ियों ने एसएसपी श्री रजनेश सिह, नगर निगम कमिश्नर श्री प्रकाश कुमार सर्वे, टीवायएफ स्पोर्ट्स फेडरेशन के अध्यक्ष टी आर बाबा पात्रे, उपाध्यक्ष उमाशंकर साहू, कमलेश वाशनिक से सौजन्य मुलाक़ात कर आशीर्वाद प्राप्त किया। जिनमें खिलाडी अमन गेंडारे, नीलिमा, रिमझिम गुप्ता, गुलमित्रा बाँधी, राजवीर, सिल्वर मेडल पाने वाले खिलाडी ऋषभ, जतिन, गौरव, मानसी, उपाशना, आसना, मिहिल, आदित्य, संजनी, गीतांजलि साहू ने पदक अपने नाम किया। सभी पदक विजेता को इंटरनेशनल मास्टर गणेश सागर ने बधाई दी।
- -पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया उद्घाटन-रामगढ़ सरगुजा अंचल की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक धरोहर है : मंत्री श्री अग्रवाल-समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे मुख्य अतिथिरायपुर / आषाढ़ मास के प्रथम दिवस पर सरगुजा अंचल की गौरवशाली ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं साहित्यिक विरासत के प्रतीक दो दिवसीय रामगढ़ महोत्सव-2026 का शुभारंभ सोमवार को पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने किया। पारंपरिक गरिमा, सांस्कृतिक उल्लास और ऐतिहासिक चेतना से ओतप्रोत इस आयोजन में लोक संस्कृति, साहित्य, पुरातत्व और पर्यटन का अद्भुत समागम देखने को मिला। महोत्सव के उद्घाटन अवसर पर स्कूली बच्चों एवं स्थानीय कलाकारों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया, वहीं नई दिल्ली से आए कलाकारों द्वारा प्रस्तुत भव्य रामलीला ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।इस अवसर पर सांसद श्री चिंतामणि महाराज, लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज, जिला एवं जनपद पंचायत के जनप्रतिनिधि, साहित्यकार, इतिहासकार, प्रशासनिक अधिकारी तथा बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव प्रदेश की समृद्ध लोक संस्कृति, इतिहास, पुरातत्व, साहित्य और पर्यटन का अद्भुत संगम है, जो आने वाली पीढ़ियों को अपनी गौरवशाली विरासत से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनेगा।मंत्री श्री अग्रवाल ने रामगढ़ महोत्सव के 50 वर्ष पूर्ण होने पर सभी को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए कहा कि रामगढ़ केवल सरगुजा ही नहीं, बल्कि पूरे देश की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान का महत्वपूर्ण केंद्र है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है।उन्होंने बताया कि महोत्सव के दौरान आगंतुकों को विश्व की प्राचीनतम रंगशाला के रूप में प्रसिद्ध सीताबेंगरा गुफा, ऐतिहासिक जोगीमारा गुफा, रामगढ़ पर्वत श्रृंखला तथा अन्य महत्वपूर्ण पुरातात्विक स्थलों का भ्रमण कराया जाएगा। इतिहास एवं पुरातत्व विशेषज्ञ इन स्थलों के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और पुरातात्विक महत्व की विस्तृत जानकारी भी प्रदान करेंगे, जिससे नई पीढ़ी अपनी ऐतिहासिक विरासत को बेहतर ढंग से समझ सकेगी।उन्होंने कहा कि रामगढ़ महोत्सव क्षेत्रीय पर्यटन को नई दिशा देने के साथ-साथ सरगुजा की ऐतिहासिक धरोहर, प्राकृतिक सौंदर्य और समृद्ध जनजातीय संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम बनेगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि महोत्सव के समापन समारोह में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।सांसद श्री चिंतामणि महाराज ने अपने संबोधन में कहा कि रामगढ़ भारत की प्राचीन सांस्कृतिक चेतना का महत्वपूर्ण केंद्र है। मान्यता है कि भगवान श्रीराम ने अपने वनवास काल का समय यहां व्यतीत किया था। उन्होंने कहा कि महाकवि कालिदास ने भी यहीं मेघदूतम् की रचना की थी। सीताबेंगरा, जोगीमारा, राम-जानकी मंदिर तथा हाथीपोल जैसे ऐतिहासिक स्थल विश्व पर्यटन के मानचित्र पर अपनी विशिष्ट पहचान बनाने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि सभी के सामूहिक प्रयासों से रामगढ़ को विश्वस्तरीय पहचान दिलाई जाएगी।लुंड्रा विधायक श्री प्रबोध मिंज ने कहा कि रामगढ़ केवल धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक एवं साहित्यिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण स्थल है। यहां की सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य पर्यटन की अपार संभावनाओं से परिपूर्ण है। उन्होंने इस धरोहर को वैश्विक स्तर पर प्रचारित एवं संरक्षित करने की आवश्यकता पर बल दिया।कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने उपस्थित अतिथियों एवं नागरिकों का स्वागत करते हुए कहा कि रामगढ़ महोत्सव सरगुजा की प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय एवं प्रदेश स्तर पर नई पहचान दिलाने का महत्वपूर्ण मंच है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में स्थानीय कलाकारों, लोक संस्कृति और पारंपरिक कला को विशेष स्थान दिया गया है, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी कला प्रदर्शित करने का अवसर मिल रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि रामगढ़ की ऐतिहासिक पहचान भविष्य में विश्वस्तर पर और अधिक सशक्त होगी तथा अधिकाधिक पर्यटक इस धरोहर से जुड़ेंगे। उन्होंने सभी आगंतुकों से महोत्सव के विभिन्न आयोजनों में सहभागिता कर सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक विरासत का आनंद लेने का आग्रह किया।कार्यक्रम में जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री देवनारायण यादव, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक अध्यक्ष श्री राम किशुन सिंह, पूर्व सांसद श्री कमलभान सिंह मरावी, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती राधा रवि एवं श्रीमती रायमुनिया कुरियम, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री आलोक सिंह, उपाध्यक्ष श्री सिद्धार्थ सिंह, पार्षद श्री आलोक दुबे, एल्डरमैन श्री करता राम गुप्ता, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री राजेश अग्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री विनय कुमार अग्रवाल, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, साहित्यकार, स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित रहे।
- - देवेंद्र नगर महिला केंद्र की नई संयोजिका बनी नम्रता, सेवाभावी कार्यों के विस्तार और नए सदस्य बनाने पर भी चर्चारायपुर। महाराष्ट्र मंडल की देवेंद्र नगर महिला केंद्र की टीम ने शीतल रनदीवे के निवास पर मासिक बैठक में रोचक गेम्स खेले। ‘ऑड एंड ईवन’ के गेम में रोशनी मेढ़ेकर विजेता रहीं। वहीं दूसरे गेम में पेसिंल में सबसे ज्यादा बैंगल्स फंसाकर साक्षी टोले विनर रहीं। महिलाओं ने अपने केंद्र की संयोजिका का कार्यकाल खत्म होने पर नम्रता गगने को नई संयोजिका चुना गया। वहीं मंडल के सेवाभावी कार्यों के विस्तार और मंडल की सामाजिक गतिविधियों में अधिक से अधिक शामिल होने पर चर्चा की गई।साक्षी टोले ने बताया कि केंद्र की मासिक बैठक की शुरुआत हनुमान चालीसा पाठ के साथ की गई। वहीं दो रोचक गेम्स में महिलाओं में गजब का उत्साह देखा गया। पहले गेम में एक बाउल में चावल लेकर उसमें पेंसिल को खड़ा किया गया। फिर निश्चित दूरी से सभी ने पेंसिल में चूडियां फंसाना शुरू किया। किसी के एक तो किसी ने दो चूड़ियां फंसाई। खेल में तीन चूड़ी फंसाकर साक्षी टोले विनर रहीं। इस खेल के साथ महिलाओं ने बचपन के मीना बाजार की यादें ताजा कर लीं।साक्षी के अनुसार दूसरा रोचक गेम ऑड एंड इवन नंबर का खेला गया। इसमें पहले टेबल से छह चूड़ियां रखीं गईं। फिर सभी महिलाओं ने एक-एक करके छह-छह बार पासा फेंका। जिस प्रतिभागी के जितने नंबर आए, उन चूड़ियों में उतना नंबर लिखा गया। छह बार डायस फेंकने के बाद बाउल में दो पर्ची रखी गई। इसमें ऑड और इवन लिखा था। महिलाओं को जिसमें से एक पर्ची उठानी थी। ऑड आने पर चूड़ियों में लिखे ऑड नंबर को जोड़ा जाता और इवन आने पर इवन नंबरों को जोड़ा जाता।इस रोचक खेल में रोशनी मेढ़ेकर विजेता रहीं। उन्होंने ऑड पर्ची उठाई, छह में पांच चूड़ियों में ऑड नंबर थे, जिसका जोड़ 18 आया। इस तरह वह विजेता बनीं। बैठक में रोशनी मेढ़ेकर, श्वेता सायंकर, शीतल रनदीवे, चित्रा खोनदे, साक्षी टोले, हर्षला भारंबे, दीपाली अमीन, सविता भागडीकर, मीना लोनकर, पद्मजा लाड, कुमुद लाड, विद्या लोखंडे, खुशी, नम्रता गंगने उपस्थित थीं।
- - महाराष्ट्र मंडल के आयोजन में समाज कल्याण विभाग के लोक कलाकारों ने दी संगीतमय प्रस्तुतिरायपुर। अंतरराष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के तहत समाज कल्याण विभाग रायपुर के लोक कलाकारों की टीम ने सियान गुड़ी में नशा मुक्ति पर संगीतमय प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर सियान गुड़ी में आए बुजुर्गों ने रायपुर को नशा मुक्त बनाने और लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित करने की शपथ ली।जिला समाज कल्याण विभाग के प्रभारी और प्रमुख कलाकार संतोष चंद्राकर ने वंदेमातरम... वंदेमातरम्..., 'इतनी शक्ति हमें देना दाता’, ‘बैठो मत, हार के छेड़ों सरगम', 'काम बहुत करना है जिंदगी है कम’ देवी जसगीत और नशा मुक्ति पर सुमधुर गीतों की प्रस्तुति दी। इनके साथ दुर्गा कालेज की प्रो. सुनीता चंसोरिया ने गायन में साथ दिया। वहीं तबले पर परमात्मा स्वरूप वस्त्रकार और हारमोनियम पर रमेश सिंह ठाकुर ने संगत दी। अंत में प्रो. सुनीता चंसोरिया ने सभी को नशा न करने और लोगों को नशा न करने के लिए प्रेरित करते हुए शपथ दिलाई।समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित सियान गुड़ी के इस कार्यक्रम में अध्यक्षीय संबोधन में अजय मधुकर काले ने कहा कि मंडल के कई सेवा प्रकल्पों में एक सियान गुड़ी वरिष्ठ नागरिकों के डे केयर के रूप में स्थापित हो रहा है। इसके अलावा संत ज्ञानेश्वर स्कूल, सखी निवास, दिव्यांग बालिका विकास गृह, हाईटेक आंगनबाड़ी, मेडिकल एक्यूपमेंट, फिजियोथैरेपी सेंटर जैसे प्रकल्पों के माध्यम से आमजन की सेवा की जा रही है। जल्द ही महाराष्ट्र मंडल की एबुंलेंस सेवा भी शुरू हो रही है। मंडल के 17 महिला केंद्रों के माध्यम से समय- समय पर नशा मुक्ति को लेकर नुक्कड़ नाटक और जागरूकता के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।इस अवसर पर मंडल के मुख्य समन्वयक श्याम सुंदर खंगन, सह सचिव मालती मिश्रा, आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले, स्वास्थ्य समिति की समन्वयक डाॅ. कमल वर्मा, अंजलि काले, प्रवीण क्षीरसागर, हेमंत मार्डीकर, डीडी ढगे, कोठेराव ढगे, डा. ओपी सोनी, विकासचंद सिन्हा, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, राजेश शर्मा, रामदयाल अवधिया, रामसिंह नायक, डा. ओसी बिसेन, विष्णु कुमार मिश्रा, सुशील कुमार श्रीवास्तव, अनिल पांडे, रामाराव सेंदरे, हिमांचल परगहनिया, केके पाठक, एसएन चौहान, श्याम दलाल, कैलाश कुमार अग्रवाल, श्याम कुमार नायडू, कमला सोनी, डीएल कश्यप, प्रतिभा रामटेके सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक उपस्थित थे।
- -बच्चों की शिक्षा, सुरक्षा और पुनर्वास पर दिया विशेष जोरदुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सोमवार को महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शासकीय बालगृह, बाल खुला आश्रय गृह, सेवा भारती मातृछाया बोरसी, सम्प्रेक्षण गृह पुलगांव एवं प्लेस ऑफ सेफ्टी (बालक) का भ्रमण कर बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, भोजन एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को सभी संस्थानों में बच्चों के सर्वांगीण विकास एवं बेहतर देखभाल सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सबसे पहले कलेक्टर श्री सिंह शासकीय बालगृह पहुंचे, जहां वर्तमान में 16 बच्चे निवासरत हैं। उन्होंने बच्चों से बातचीत कर उनकी दिनचर्या, पढ़ाई और खान-पान की जानकारी ली। बच्चों के शैक्षणिक स्तर का आकलन करने के लिए उन्होंने गणित के जोड़-घटाव से जुड़े प्रश्न भी पूछे। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधीक्षक को निर्देशित किया कि प्रत्येक बच्चे का उसकी आयु के अनुरूप विद्यालय में प्रवेश कराया जाए तथा अध्ययन सामग्री एवं पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएं, ताकि बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो। उन्होंने बालगृह में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और नियमित शैक्षणिक गतिविधियों पर विशेष ध्यान देने को कहा।इसके बाद कलेक्टर श्री सिंह ने बाल खुला आश्रय गृह का निरीक्षण किया, जहां सात बच्चे रह रहे हैं। उन्होंने सभी बच्चों की नियमित काउंसिलिंग कराने और उनके पुनर्वास की दिशा में प्रभावी प्रयास करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि सात में से पांच बच्चों को बिहार से एक ठेकेदार द्वारा फैक्ट्री में काम कराने के उद्देश्य से लाया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को संबंधित ठेकेदार एवं फैक्ट्री प्रबंधन के विरुद्ध बाल संरक्षण कानूनों के तहत तत्काल कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।निरीक्षण के क्रम में कलेक्टर श्री सिंह सेवा भारती मातृछाया बोरसी भी पहुंचे। यहां उन्होंने नवजात एवं छोटे बच्चों की देखभाल की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। संस्थान में छह केयर टेकर बच्चों की देखरेख कर रहे हैं। कलेक्टर ने यहां की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए बच्चों की देखभाल और स्वास्थ्य सेवाओं को निरंतर बेहतर बनाए रखने के निर्देश दिए।इसके पश्चात उन्होंने पुलगांव स्थित सम्प्रेक्षण गृह का निरीक्षण किया। यहां वर्तमान में 38 किशोर रह रहे हैं, सम्प्रेक्षण गृह में किसी अपराध में शामिल पाए गए 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को जेल भेजने के बजाय एक सुरक्षित और सुधारात्मक वातावरण में रखकर उनका पुनर्वास करना है। बच्चों को अपराधी बनने से रोकना, उनकी मानसिक और शारीरिक स्थिति में सुधार करना है। कलेक्टर ने बच्चों से संवाद कर भोजन, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास एवं अन्य सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास, शिक्षा और कौशल प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जाए, ताकि वे समाज की मुख्यधारा से जुड़ सकें। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर पुलगांव स्थित प्लेस ऑफ सेफ्टी (बालक) का भी जायजा लिया। यहां 16 से 18 वर्ष आयु वर्ग के गंभीर अपराधों में संलिप्त किशोरों को पृथक रूप से रखा जाता है। वर्तमान में यहां 38 किशोर रह रहे हैं। कलेक्टर ने संस्थान की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के साथ ही स्टॉक पंजी का अवलोकन किया और आवश्यक अभिलेखों के सुव्यवस्थित संधारण के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर, परियोजना समन्वयक श्री चंद्रप्रकाश पटेल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / दुर्ग वनमंडल के अंतर्गत पाटन क्षेत्र में वन एवं पर्यावरण की सुरक्षा को लेकर प्रशासनिक टीम पूरी तरह मुस्तैद है। ग्राम देमार-अरसनारा मुख्य मार्ग के समीप वन विभाग के अधिकारियों द्वारा क्षेत्र का सघन मुआयना कर प्राकृतिक परिस्थितियों का जायजा लिया गया। निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार की अनधिकृत गतिविधियों का कोई अस्तित्व नहीं है और संपूर्ण परिक्षेत्र में हरियाली पूरी तरह सुरक्षित है।विभागीय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अरसनारा स्थित एक निजी स्वामित्व की भूमि पर वर्षा जल की सुचारू निकासी के लिए कार्य कराया जा रहा था। इस कार्य के दौरान कहुआ प्रजाति का एक वृक्ष (लंबाई लगभग 6-7 मीटर एवं गोलाई 100 से.मी.) प्राकृतिक रूप से जड़ से उखड़कर गिर गया। प्रशासनिक सजगता का परिचय देते हुए उक्त वृक्ष को तुरंत स्थानीय ग्रामवासी श्री बुधारू साहू के सुपुर्दनामे में सुरक्षित सौंप दिया गया है। इसके अतिरिक्त, क्षेत्र में वन संपदा की सुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम द्वारा आवश्यक प्रक्रियात्मक एवं अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। वनमंडलाधिकारी दुर्ग द्वारा हरियाली और वृक्षों के संरक्षण के लिए निरंतर प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है।
- दुर्ग / कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने सोमवार को सुपेला स्थित कल्याणी सोशल वेलफेयर एंड रिसर्च ऑर्गेनाइजेशन द्वारा संचालित नशा मुक्ति केंद्र का निरीक्षण कर उपचार, परामर्श एवं पुनर्वास संबंधी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने केंद्र में भर्ती मरीजों से चर्चा कर उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं, उपचार एवं काउंसलिंग की जानकारी ली। कलेक्टर श्री सिंह ने केंद्र के संचालक श्री अजय कल्याणी को भोजन, दवाइयों की उपलब्धता, सुरक्षा व्यवस्था तथा चिकित्सकीय सेवाओं की समीक्षा करते हुए सभी आवश्यक सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण ढंग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति केंद्र केवल उपचार का स्थान नहीं, बल्कि नशे की लत से जूझ रहे लोगों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने मरीजों के समग्र पुनर्वास पर विशेष ध्यान देने की बात कही।संचालक श्री अजय कल्याणी ने बताया कि केंद्र में मरीजों को सकारात्मक वातावरण के साथ नियमित काउंसलिंग, योग, व्यायाम, मेडिटेशन एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं, जिससे वे स्वस्थ एवं सामान्य जीवन की ओर लौट सकें। उन्होंने बताया कि मरीजों को सामान्यतः एक माह तक केंद्र में रखकर उपचार एवं पुनर्वास कराया जाता है। घर लौटने के बाद भी उनकी नियमित फॉलोअप काउंसलिंग की जाती है, ताकि वे दोबारा नशे की ओर न लौटें। निरीक्षण के दौरान संचालक ने केंद्र के संचालन, उपलब्ध सुविधाओं एवं पुनर्वास गतिविधियों की जानकारी दी। इस अवसर पर समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री ए.पी. गौतम सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।
- - अंधविश्वास, डायन-टोनही जैसी कुप्रथाओं तथा इनके नाम पर होने वाली हिंसा और प्रताडऩा को रोकने के लिए पूरे देश में एक प्रभावी कानून बनाया जाएरायपुर। वरिष्ठ नेत्र विशेषज्ञ एवं अंधश्रद्धा निर्मूलन समिति के अध्यक्ष डॉ. दिनेश मिश्र ने कहा कि अंधविश्वास, सामाजिक कुरीतियों तथा वैज्ञानिक दृष्टिकोण के अभाव के कारण आज भी देश में हजारों निर्दोष लोग शारीरिक, मानसिक एवं आर्थिक प्रताडऩा का शिकार हो रहे हैं। विशेष रूप से महिलाओं को डायन/टोनही होने के संदेह में अमानवीय यातनाएं दी जाती हैं तथा अनेक मामलों में उनकी हत्या तक कर दी जाती है। यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है और सभ्य समाज के लिए गंभीर चुनौती है।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" में अंधविश्वास के विरुद्ध वैज्ञानिक सोच अपनाने का संदेश देकर एक महत्वपूर्ण सामाजिक विषय को राष्ट्रीय स्तर पर उठाया है। प्रधानमंत्री ने कहा कि अंधविश्वास केवल एक गलत धारणा नहीं, बल्कि ऐसा भय है जो व्यक्ति को तर्क, विवेक और सत्य से दूर कर देता है।डॉ. मिश्र ने बताया कि अंधविश्वास निर्मूलन समिति पिछले तीन दशकों से अंधविश्वास, टोनही प्रथा तथा अन्य सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध जनजागरण अभियान चला रही है। इस दौरान हजारों महिलाओं को डायन/टोनही के आरोपों के कारण होने वाली प्रताडऩा से बचाया गया है। समिति द्वारा पीडि़त महिलाओं के उपचार, पुनर्वास तथा समाज में सम्मानजनक पुनस्र्थापना के लिए भी निरंतर कार्य किया जा रहा है।उन्होंने प्रधानमंत्री द्वारा इस गंभीर विषय पर ध्यान दिए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि इससे अंधविश्वास उन्मूलन के प्रयासों को नई गति मिलेगी और समाज में वैज्ञानिक चेतना का विस्तार होगा। उन्होंने केंद्र सरकार से आग्रह किया कि अंधविश्वास, डायन-टोनही जैसी कुप्रथाओं तथा इनके नाम पर होने वाली हिंसा और प्रताडऩा को रोकने के लिए पूरे देश में एक प्रभावी एवं सशक्त राष्ट्रीय कानून बनाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक, विशेषकर महिलाओं और कमजोर वर्गों को न्याय एवं सुरक्षा मिल सके।
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बेमेतरा .जिले में रविवार को घर की दीवार गिरने से आठ और 10 साल उम्र की दो बहनों की मौत हो गई तथा 30 साल की एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। इस संबंध में एक अधिकारी ने बताया कि यह घटना बेमेतरा थाना क्षेत्र के रौरपुर गांव में सुबह के समय हुई। उन्होंने कहा कि जान गंवाने वालों की पहचान वंशिका कोसले (10) और उसकी छोटी बहन राधिका (8) के तौर पर हुई है। अधिकारी ने बताया कि दोनों बहनों की मौत घटनास्थल पर ही हो गई।
ग्रामीणों ने खंडेलवाल को मलबे से बाहर निकाला और उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। बाद में उन्हें रायपुर के एक अस्पताल में रेफर कर दिया गया। अधिकारी ने कहा कि पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। - रायपुर। रायपुर प्रेस क्लब द्वारा सोमवार को आयोजित आम महोत्सव उत्साह और गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने किया। इस अवसर पर रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी, क्लब के पदाधिकारी, वरिष्ठ एवं युवा पत्रकार बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे आयोजन के दौरान आत्मीयता, सौहार्द और संवाद का माहौल देखने को मिला।मुख्य अतिथि कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने अपने संबोधन में कहा कि "आम हर किसी का खास है। यह केवल फलों का राजा नहीं, बल्कि हर वर्ग के लोगों की पसंद और हमारी संस्कृति का हिस्सा है। आम किसानों की मेहनत और प्रकृति की अनमोल देन का प्रतीक भी है।" उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बागवानी फसलों की अपार संभावनाएं हैं और राज्य सरकार किसानों की आय बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने पत्रकारों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि लोकतंत्र में मीडिया समाज और शासन के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करता है।रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष मोहन तिवारी ने अतिथियों एवं पत्रकार साथियों का स्वागत करते हुए कहा कि प्रेस क्लब केवल एक संगठन नहीं, बल्कि पत्रकारों का परिवार है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन पत्रकारों के बीच आपसी भाईचारे, संवाद और सौहार्द को मजबूत करते हैं। व्यस्त दिनचर्या के बीच ऐसे कार्यक्रम एक-दूसरे से मिलने और अनुभव साझा करने का अवसर प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी सदस्यों का आभार भी व्यक्त किया।इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार रामावतार तिवारी ने अपने उद्बोधन में कहा कि पत्रकारिता केवल खबर देने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को सही दिशा दिखाने की जिम्मेदारी भी है। उन्होंने निष्पक्ष, तथ्यपरक और जिम्मेदार पत्रकारिता पर बल देते हुए कहा कि बदलते समय में पत्रकारों को अपनी विश्वसनीयता बनाए रखते हुए जनहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी चाहिए। उन्होंने युवा पत्रकारों से सतत अध्ययन, संवेदनशीलता और ईमानदारी के साथ पत्रकारिता करने का आह्वान किया।महोत्सव में विभिन्न किस्मों के स्वादिष्ट आम, आम पन्ना, आम की कुल्फी सहित अन्य व्यंजनों का सभी ने आनंद लिया। पत्रकारों ने एक-दूसरे से मुलाकात कर समसामयिक विषयों पर चर्चा की और आयोजन की सराहना की।कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों एवं पत्रकारों ने रायपुर प्रेस क्लब की इस पहल को सराहा।कार्यक्रम में महासचिव गौरव शर्मा, उपाध्यक्ष दिलीप साहू, कोषाध्यक्ष दिनेश यदु, संयुक्त सचिव निवेदिता साहू, भूपेश जांगड़े, कार्यकारिणी सदस्य संदीप पुराणिक, अंशुमन शर्मा, संजीव सिन्हा, वरिष्ठ पत्रकार राजेश दुबे, प्रशांत शर्मा, मंजूषा शर्मा, बृजेश चौबे, प्रदीप दुबे, नारायण भोई, नंदकुमार कंसारी, अनिल पवार, बाबूलाल शर्मा, मनीष वोरा, ठाकुरराम साहू, गोकुल सोनी, बल्ला तिवारी, सनत तिवारी, अजीत शर्मा, कुणाल मिश्रा, अंकित मिश्रा, सैय्यद सलमा, शगुफ्ता, व्यास पाठक, प्रिया पाठक, मीनल शर्मा, विनिता मंडल, रत्ना पांडे, सहित बड़ी संख्या में पत्रकार उपस्थित थे।
- -कब्जाधारियों का नया रायपुर के सेक्टर-30 में किया जा रहा है व्यवस्थापन-कार्रवाई के दौरान भोजन, पेयजल, चिकित्सा, परिवहन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं की रही व्यवस्थारायपुर । धरसींवा विकासखंड के ग्राम सम्मानपुर (नकटी) में सोमवार को राजस्व, पुलिस एवं नगर निगम के अमले ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लगभग 9 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर बने 77 अवैध मकानों को हटाया।संबंधित अधिकारियों ने बताया कि उक्त शासकीय भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा था। कार्रवाई से पूर्व प्रशासन द्वारा सभी कब्जाधारियों को नियमानुसार नोटिस जारी किए गए थे तथा अंतिम सूचना भी दी गई थी।कार्रवाई के पश्चात सभी कब्जाधारियों के व्यवस्थापन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा नया रायपुर के सेक्टर-30 स्थित आवासों में की जा रही है। वहां उनके लिए भोजन एवं पेयजल तथा स्वास्थ्य के लिए एम्बुलेंस एवं डॉक्टर्स की टीम की व्यवस्था भी की गई है। सामान के परिवहन के लिए मालवाहक वाहनों की व्यवस्था की गई है तथा सामान सुरक्षित रखने के लिए कोटवारों की ड्यूटी लगाई गई है। व्यवस्थापन स्थल तक लोगों को पहुंचाने के लिए बसों की भी व्यवस्था की गई है।
- रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित प्रदेश कार्यालय में जनसमस्याओं के निवारण और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के लिए संचालित 'सहयोग केन्द्र' की नियमित कड़ी में मंगलवार 30 जून को लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा एवं बीस सूत्रीय कार्यान्वयन मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल उपस्थित रहकर कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। इस दौरान वे सहयोग केंद्र में कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद के माध्यम से आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।
- -कम लागत में मिलेगी जीवनरक्षक सुविधा, उप मुख्यमंत्री ने की अग्रवाल महासभा के सेवा कार्य की सराहना-समाज सेवा की प्रेरक मिसाल बना अग्रवाल समाज, महाराजा अग्रसेन के आदर्शों पर चलने का आह्वानबिलासपुर। उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने रविवार को बिलासपुर के अग्रसेन चौक में अत्याधुनिक वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस का लोकार्पण किया। यह एंबुलेंस सर्व समाज के लोगों को कम लागत पर उपलब्ध होगी। इस जनसेवा के कार्य के लिए उन्होंने अग्रवाल महासभा को बधाई और शुभकामनाएं दी।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कहा कि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अक्सर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल ले जाना पड़ता है। ऐसे समय में वेंटिलेटर युक्त एंबुलेंस की आवश्यकता सबसे अधिक होती है। इसके अभाव में कई बार मरीज की जान पर भी संकट आ जाता है।डिप्टी सीएम श्री साव ने कहा कि अग्रवाल महासभा ने लोगों की इस आवश्यकता को समझते हुए समाज को अत्याधुनिक एंबुलेंस समर्पित की है। यह सेवा अनेक जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होगी। समाज को पोर्टेबल वेंटिलेटर की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है, जिससे मरीजों को बेहतर उपचार मिल सकेगा।श्री साव ने कहा कि यह एंबुलेंस समाज के हर वर्ग के लिए कम कीमत पर उपलब्ध रहेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को भी बड़ी राहत मिलेगी। यह सेवा मानवता और जनकल्याण का उत्कृष्ट उदाहरण है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि अग्रवाल समाज हमेशा से समाज सेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है। शिक्षा, स्वास्थ्य और जनहित के अनेक कार्यों में समाज की सक्रिय भागीदारी रही है। अत्याधुनिक एंबुलेंस उपलब्ध कराकर समाज ने अनुकरणीय कार्य किया है।उन्होंने विश्वास जताया कि अग्रवाल समाज भविष्य में भी महाराजा अग्रसेन के आदर्शों पर चलते हुए सेवा और परोपकार के ऐसे कार्य करता रहेगा। उन्होंने सभी सदस्यों को समाज के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर अग्रवाल महासभा अध्यक्ष श्री बाबूलाल अग्रवाल जी, महामंत्री श्री ओमप्रकाश अग्रवाल जी, प्रदेश महामंत्री श्री राजेंद्र अग्रवाल जी, समाज के प्रबुद्धजन श्री चतुर्भुज अग्रवाल जी, श्री राजकुमार अग्रवाल जी, श्री मनीष अग्रवाल जी, श्री नित्यानंद अग्रवाल जी, श्री सुरजमल अग्रवाल जी, श्री इन्द्रसेन अग्रवाल जी, श्री संतोष अग्रवाल जी, श्री सुरेश जी, श्री प्रह्लाद जी, श्री रामदेव कुमावत जी, श्री राजेश सिंह जी एवं समाज के अलग-अलग विंग के पदाधिकारी गण उपस्थित रहे।
- -प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में डीलर दीदी मॉडल को मिली राष्ट्रीय पहचान-आरसेटी और कौशल विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की भी हुई प्रशंसा-राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में शामिल हुए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मारायपुर । नई दिल्ली में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय ग्रामीण विकास सम्मेलन में छत्तीसगढ़ की अभिनव पहल मटेरियल बैंक मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष सराहना मिली। केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत विकसित इस मॉडल की प्रशंसा करते हुए इसे ग्रामीण आवास निर्माण को गति देने वाला प्रभावी नवाचार बताया। सम्मेलन में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री श्री विजय शर्मा ने किया।छत्तीसगढ़ में विकसित मटेरियल बैंक मॉडल का संचालन स्व सहायता समूह की महिलाओं द्वारा “डीलर दीदी” के रूप में किया जा रहा है। इसके माध्यम से दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के हितग्राहियों को निर्माण सामग्री एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जा रही है। इससे आवास निर्माण कार्य अधिक सुगम, तेज और किफायती हुआ है।इस पहल से स्व सहायता समूह की महिलाओं की आय में वृद्धि हुई है और 10,000 से अधिक दीदियां लखपति दीदी बनने की दिशा में आगे बढ़ी हैं। इस मॉडल को महिला सशक्तिकरण, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण आवास निर्माण के क्षेत्र में एक प्रभावी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया।केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छत्तीसगढ़ ने ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार और प्रभावी क्रियान्वयन का उदाहरण प्रस्तुत किया है। उन्होंने ग्रामीण युवाओं को कौशल विकास, स्वरोजगार और आजीविका से जोड़ने के लिए आरसेटी तथा पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के अंतर्गत किए जा रहे कार्यों की भी सराहना की। उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ में आरसेटी के माध्यम से पिछले वित्तीय वर्ष में देश में सर्वाधिक राज मिस्त्री प्रशिक्षण दिया गया है ।उन्होंने इन प्रयासों को अन्य राज्यों के लिए प्रेरणादायक बताया।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण विकास, कौशल उन्नयन, स्वरोजगार संवर्धन और गरीब परिवारों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर मिली यह सराहना प्रदेश के जनकल्याणकारी कार्यों, नवाचारों और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन का प्रमाण है तथा इससे राज्य को ग्रामीण विकास के क्षेत्र में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलेगी।
- रायपुर ।सरस्वती साइकिल वितरण योजना छत्तीसगढ़ सरकार की एक प्रमुख कल्याणकारी पहल है, जिसके तहत हाई स्कूल में पढ़ने वाली छात्राओं को स्कूल तक आवागमन सुगम बनाने के लिए निःशुल्क साइकिल प्रदान की जाती है। इसका उद्देश्य बालिकाओं की शिक्षा को प्रोत्साहित करना, उन्हें दूरदराज के क्षेत्रों से सुरक्षित और समय पर स्कूल पहुँचाने में मदद करना और ड्रॉप-आउट दर को कम करना है।छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी सरस्वती साइकिल योजना बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में सार्थक पहल साबित हो रही है। सूरजपुर जिले के शासकीय कन्या उच्च माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर की छात्रा वैष्णवी कसेरा को निःशुल्क साइकिल प्रदान की गई, जिससे उसके शिक्षा के सपनों को नई उड़ान मिली है।बाजारपारा निवासी वैष्णवी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए बताया कि पहले वह प्रतिदिन पैदल विद्यालय आती-जाती थी, जिससे समय के साथ-साथ पढ़ाई पर भी प्रभाव पड़ता था। अब शासन से निःशुल्क साइकिल मिलने के बाद विद्यालय पहुँचना आसान हो जाएगा और वह नियमित रूप से अध्ययन कर अपने सपनों को साकार करने की दिशा में आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि अब मेरे सपनों को नया पंख मिल गया है। पहले पैदल विद्यालय आती थी, अब साइकिल से विद्यालय जाऊंगी और मन लगाकर पढ़ाई कर अपने लक्ष्य को प्राप्त करूंगी।वैष्णवी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं छत्तीसगढ़ शासन के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना बालिकाओं को शिक्षा से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। सरस्वती साइकिल योजना से छात्राओं में शिक्षा के प्रति उत्साह बढ़ा है तथा उनके उज्ज्वल भविष्य का मार्ग और अधिक सुगम हुआ है।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका ने सोमवार को नई दिल्ली प्रवास के दौरान राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु से सौजन्य भेंट की।
- रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से सोमवार को राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में कर्नाटक के राज्यपाल श्री थावरचंद गहलोत ने सौजन्य भेंट की। मुख्यमंत्री श्री साय ने छत्तीसगढ़ प्रवास पर आए राज्यपाल श्री गहलोत का आत्मीय स्वागत करते हुए उन्हें बस्तर की समृद्ध कला एवं सांस्कृतिक विरासत बस्तर आर्ट का प्रतीक चिन्ह भेंट किया। इस अवसर पर दोनों के बीच विभिन्न समसामयिक विषयों एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर आत्मीय चर्चा हुई।
- विभिन्न समुदायों का जीवन स्तर सुधारने और उनके कल्याण के लिए प्रदान किया गया सम्माननई दिल्ली/ जिन्दल फाउंडेशन की चेयरपर्सन श्रीमती शालू जिन्दल को सामाजिक विकास के क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट नेतृत्व और अनुकरणीय योगदान के लिए प्रतिष्ठित 'सीएसआर विजनरी लीडर ऑफ द ईयर' अवार्ड से सम्मानित किया गया है।यह सम्मान नई दिल्ली के एयरोसिटी स्थित होटल प्राइड प्लाजा में 'द ब्रेनालिटिक्स' द्वारा हाल ही में आयोजित '7वें भारत सीएसआर एंड सस्टेनेबिलिटी समिट एंड अवार्ड्स 2026' में प्रदान किया गया।यह सम्मान देश भर में विभिन्न समुदायों का जीवन स्तर सुधारने और उनके कल्याण के लिए जिन्दल फाउंडेशन के माध्यम से श्रीमती शालू जिन्दल द्वारा किये गए दूरदर्शी और समर्पित प्रयासों की कड़ी में मील का एक पत्थर है। उनके कुशल मार्गदर्शन में फाउंडेशन ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, आजीविका, जल और स्वच्छता, ग्रामीण बुनियादी ढांचे, पर्यावरणीय विकास, कला व संस्कृति और सामाजिक उत्थान जैसे अनेक क्षेत्रों में अपनी उल्लेखनीय उपस्थिति दर्ज कराई है।इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए श्रीमती शालू जिन्दल ने इस अवार्ड को फाउंडेशन की सेवा यात्रा से जुड़े सहयोगियों, साझेदारों और टीम के सामूहिक प्रयासों और उनके समर्पण का सम्मान बताया, जो सामाजिक उत्थान के पवित्र प्रयासों में निरंतर योगदान कर रहे हैं।जिन्दल फाउंडेशन के बारे में - जिन्दल स्टील की सामाजिक सेवा शाखा 'जिन्दल फाउंडेशन' देशभर में लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और समाज में समान अवसरों व खुशहाली को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है। फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास, महिला सशक्तिकरण, बुनियादी ढांचे के विकास, पर्यावरण संरक्षण, खेल तथा कला एवं संस्कृति जैसे विविध क्षेत्रों में जनकल्याणकारी पहल के माध्यम से लाखों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रहा है।
- -सहकारी सप्ताह में होंगे विविध गतिविधियों का आयोजनबिलासपुर /भारत सरकार के सहकारिता मंत्रालय की स्थापना के पांच वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में 29 जून से 6 जुलाई 2026 तक जिले में "सहकारी सप्ताह" मनाया जाएगा। इस संबंध में आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं, रायपुर के निर्देश पर बिलासपुर जिले में भी विभिन्न जागरूकता, प्रशिक्षण, स्वच्छता, वृक्षारोपण, स्वास्थ्य शिविर एवं सहकारिता आधारित कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार कर जिले की सभी प्राथमिक समितियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं।उप आयुक्त सहकारिता बिलासपुर ने बताया कि 29 जून को पैक्स कार्यालयों में सहकारी ध्वजारोहण, सदस्यता अभियान, सहकारिता शपथ, सदस्यों की आय वृद्धि में दुग्ध एवं मत्स्य समितियों की भूमिका पर परिचर्चा आयोजित होगी। 30 जून को जिला सहकारी विकास समिति की बैठक तथा एफपीओ एवं पैक्स की भूमिका पर चर्चा होगी। 1 जुलाई को इफको एवं कृषकों द्वारा ड्रोन से तरल उर्वरक छिड़काव का प्रदर्शन, कृषक संगोष्ठी तथा मृदा स्वास्थ्य विषयक कार्यक्रम होंगे।2 जुलाई को किसानों के लिए मॉडल पैक्स पीपरतराई, सकर्रा, नरगोड़ा और सेंदरी का भ्रमण कराया जाएगा। साथ ही माइक्रो एटीएम, केसीसी एवं रुपे केसीसी कार्ड का वितरण किया जाएगा। 3 जुलाई को वृक्षारोपण एवं स्वच्छता अभियान तथा सहकारी समाचार पत्र का प्रचार-प्रसार किया जाएगा। 4 जुलाई को पैक्स संचालित जनऔषधि केंद्रों में स्वास्थ्य शिविर लगाए जाएंगे। 5 जुलाई को विद्यालयों में सहकारिता विषय पर निबंध, चित्रकला एवं क्विज प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। 6 जुलाई को एफसीआई की विकेंद्रीकृत अन्न भंडारण योजना के तहत चयनित पांच पैक्स—पीपरतराई, करगीकला, नेवरा, बिल्हा एवं दगौरी में गोदामों के लिए भूमिपूजन कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। यह आयोजन जिले की 130 सेवा सहकारी समितियों, 92 मत्स्य सहकारी समितियों, 15 दुग्ध सहकारी समितियों तथा 12 बुनकर सहकारी समितियों में किया जाएगा। विभाग का उद्देश्य सहकारिता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना, सदस्यों की आय में वृद्धि, आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना तथा सहकारी संस्थाओं की भूमिका को मजबूत करना है। विभाग ने अधिक से अधिक लोगों से कार्यक्रमों में सहभागिता की अपील की है।
- -आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को किया गणवेश वितरण, शत-प्रतिशत टीकाकरण का किया आह्वानकोण्डागांव । राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत रविवार को कोण्डागांव जिले में व्यापक स्तर पर पोलियो टीकाकरण अभियान का शुभारंभ किया गया। बस्तर विकास प्राधिकरण की उपाध्यक्ष एवं कोण्डागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने विकासखंड कोण्डागांव के ग्राम पंचायत फरसगांव (डोंगरीगुड़ा) स्थित आंगनबाड़ी केंद्र तथा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र चिपावंड पहुंचकर पांच वर्ष तक के बच्चों को पोलियोरोधी दवा की दो बूंद पिलाकर अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों को गणवेश वितरित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना भी की।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि पोलियो जैसी गंभीर एवं दिव्यांगता का कारण बनने वाली बीमारी से बच्चों की सुरक्षा के लिए प्रत्येक अभिभावक का दायित्व है कि वे जन्म से पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को समय पर पोलियोरोधी दवा की दो बूंद अवश्य पिलाएं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ बचपन ही विकसित समाज और सशक्त राष्ट्र की आधारशिला है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों, मितानिनों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से अभियान को शत-प्रतिशत सफल बनाने तथा कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, इसके लिए घर-घर पहुंचकर जनजागरूकता फैलाने का आह्वान किया।विधायक ने आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण कर बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की जानकारी ली तथा बच्चों के बेहतर पोषण, स्वास्थ्य एवं शिक्षा के लिए शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर बल दिया।राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के अंतर्गत विकासखंड कोण्डागांव में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 30,966 बच्चों को पोलियोरोधी दवा पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। स्वास्थ्य विभाग द्वारा बूथों एवं विशेष टीमों के माध्यम से अभियान का सफल संचालन किया गया, ताकि कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे।कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्री नंद लाल राठौर,सरपंच सुश्री सूरज नेताम, श्री दीपेश अरोरा, श्री चंदन साहू, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री अविनाश भोई, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आर.के. चतुर्वेदी, खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरेंद्र बघेल, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. प्रतीक चौधरी, प्रभारी चिकित्सा अधिकारी श्री आशुतोष मिश्रा, बीईटीओ सुश्री सुनीता सरकार, बीपीएम श्री नीरज सोरी, सेक्टर सुपरवाइजर श्री हरीश जायसवाल एवं श्रीमती देवकी देवांगन सहित स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी क्षेत्र के जनप्रतिनिधि, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, मितानिन, अभिभावक एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -34,129 बच्चों को पोलियो की खुराक देने का लक्ष्यबैकुंठपुर । कलेक्टर श्रीमती रोक्तिमा यादव ने जिला अस्पताल बैकुंठपुर के टीकाकरण केंद्र में राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का शुभारंभ किया। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती यादव ने कहा कि प्रत्येक बच्चे तक पोलियो की खुराक पहुंचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि 0 से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को अनिवार्य रूप से पोलियो की दवा पिलाकर अभियान को सफल बनाएं। उन्होंने स्वयं बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाकर अभियान की शुरुआत की।मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 34,129 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिलेभर में 341 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। अभियान के दौरान यदि कोई बच्चा पोलियो की खुराक लेने से छूट जाता है, तो 29 एवं 30 जून 2026 को स्वास्थ्य विभाग की टीम घर-घर जाकर मॉप-अप गतिविधि के माध्यम से उन्हें पोलियो की दवा पिलाएगी। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय सघन पल्स पोलियो अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि "एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे तथा सभी बच्चों को वाइल्ड पोलियो वायरस के संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके।










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