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- 0- श्रीमती कमला मिश्रा का नहीं बना था राशन कार्ड, 06 घण्टे में ही बना कार्ड, पुत्र श्री आनंद मिश्रा ने दिया मुख्यमंत्री को धन्यवादरायपुर. मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में जनता की समस्याओं का एक कॉल में समाधान हो रहा है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 में नागरिक अपनी समस्याओं को लेकर संपर्क कर रहे हैं और उनका जल्द निराकरण भी हो रहा है। रायपुर जिले की ग्राम मांढर निवासी श्रीमती कमला मिश्रा का राशन कार्ड कॉल करने के मात्र 6 घण्टे के भीतर ही बनकर मिल गया। उन्हें संबंधित विभाग ने स्वयं संपर्क कर उनके घर राशन कार्ड प्रदान किया।श्रीमती कमला मिश्रा के पुत्र श्री आनंद मिश्रा ने बताया कि उन्होंने राशन कार्ड बनाने के लिए आवेदन किया था मगर नहीं बन पाया था। तभी उन्होंने मुख्यमंत्री के आधिकारिक सोशल मीडिया हैण्डल के माध्यम से मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 की जानकारी 09 जून को मिली। जिसके अगले दिन श्री मिश्रा ने हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर अपने माता जी के राशन कार्ड नहीं बनने की समस्या बताई, जिसके बाद उन्हें यूनीक टोकन नंबर प्राप्त हुआ। कॉल करने के करीब 6 घण्टे के भीतर उन्हें विभाग के अधिकारियों ने राशन कार्ड बनने की जानकारी दी और कार्ड प्रदान किया ।श्री मिश्रा कहते हैं कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 हमारी समस्या के समाधान के लिए उपयुक्त माध्यम है। इससे हमारी छोटी समस्याओं का समाधान हो रहा है, जिसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का धन्यवाद किया।
- 0- निःशुल्क मरम्मत सेवा से फिर सुचारू हुआ बैटरी चालित ट्रायसिकलरायपुर. समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित संबल केंद्र, रायपुर द्वारा दिव्यांग हितग्राहियों को सहायक उपकरणों की मरम्मत की निःशुल्क सुविधा प्रदान की जा रही है। इसी कड़ी में भाठागांव निवासी दिव्यांग हितग्राही श्रीमती सुरेखा रगेनकर को संबल केंद्र की सहायता से उनके बैटरी चालित ट्रायसिकल की मरम्मत कर पुनः उपयोग योग्य बनाया गया है।श्रीमती रगेनकर अपने दैनिक आवागमन एवं आवश्यक कार्यों के लिए बैटरी चालित ट्रायसिकल का उपयोग करती हैं। साथ ही वे जिला न्यायलय रायपुर परिसर में संचालित "दिव्यांग टी एक्सप्रेस" में कार्यरत हैं इस कार्य से उन्हें नियमित आय प्राप्त होती है जिससे वे अपने परिवार के भरण - पोषण में योगदान भी दे रही हैं | ट्रायसिकल खराब हो जाने के कारण उन्हें आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था, जिससे उनके दैनिक कार्य प्रभावित हो रहे थे। जानकारी मिलने पर उन्होंने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित संबल केंद्र से संपर्क किया।संबल केंद्र के तकनीकी कर्मचारियों द्वारा ट्रायसिकल का परीक्षण कर उसमें आई तकनीकी खराबियों की पहचान की गई। आवश्यक मरम्मत कार्य करते हुए चार्जिंग सॉकेट, ब्रेक एवं वायरिंग संबंधी समस्याओं को दूर किया गया, जिसके बाद ट्रायसिकल को पुनः सुचारू रूप से संचालित करने योग्य बना दिया गया।ट्रायसिकल के पुनः चालू होने से श्रीमती रगेनकर को आवागमन संबंधी समस्याओं से राहत मिली है। उन्होंने बताया कि अब वे अपने दैनिक कार्य स्वतंत्र रूप से कर पा रही हैं। उन्होंने निःशुल्क मरम्मत सुविधा के लिए समाज कल्याण विभाग एवं संबल केंद्र के प्रति आभार व्यक्त किया।
- बिलासपुर. राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी के जीवनदीप समिति की बैठक संभागायुक्त श्री सुनील जैन की अध्यक्षता में 3 जुलाई को दोपहर 12 बजे से राज्य मानसिक चिकित्सालय सेंदरी के सभाकक्ष में होगी। बैठक में संबंधित अधिकारियों को उपस्थित होने के निर्देश दिए गए है।
- 0- शिकायत के दूसरे ही दिन मिला खाद, किसान ने कहा अब सुनी जाती है हमारी बातबिलासपुर. कभी-कभी एक छोटी सी पहल किसी व्यक्ति की बड़ी समस्या का समाधान बन जाती है। मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना ने ग्राम घुटकू के किसान परिवार के लिए ऐसा ही भरोसा जगाया है। समय पर खाद नहीं मिलने से परेशान किसान की समस्या का समाधान महज एक दिन में हुआ और उसके चेहरे पर फिर से मुस्कान लौट आई।ग्राम घुटकू निवासी नरेंद्र कौशिक अपने चाचा दिलीप कौशिक के साथ कई दिनों से घुटकू सेवा सहकारी समिति के चक्कर लगा रहे थे। दिलीप कौशिक एक छोटे किसान हैं और खरीफ सीजन की तैयारी के लिए उन्हें यूरिया खाद की आवश्यकता थी। लेकिन हर बार सोसायटी पहुंचने पर उन्हें आज नहीं, कल आना कहकर लौटा दिया जाता था। लगातार चक्कर लगाने से समय और श्रम दोनों की बर्बादी हो रही थी। खेत की तैयारी प्रभावित हो रही थी और परिवार चिंता में था। इसी दौरान प्रदेश में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन सेवा (1076) शुरू हुई। योजना के प्रति जागरूक नरेंद्र कौशिक ने 10 जून को खाद नहीं मिलने की शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत दर्ज होते ही प्रशासन और कृषि विभाग सक्रिय हो गया। अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की और अगले ही दिन दिलीप कौशिक को सोसायटी से 6 बोरी यूरिया खाद उपलब्ध करा दी गई।समस्या का त्वरित समाधान होने से किसान परिवार बेहद खुश है। नरेंद्र कौशिक बताते हैं कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनकी शिकायत पर इतनी जल्दी कार्रवाई होगी। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह व्यवस्था आम लोगों की समस्याओं को सीधे शासन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने भी पूरे मामले में सक्रिय सहयोग प्रदान किया और यह सुनिश्चित किया कि किसान को समय पर आवश्यक खाद मिल सके। इस बीच कलेक्टर संजय अग्रवाल ने स्वयं किसान नरेंद्र कौशिक से दूरभाष पर चर्चा कर उनकी समस्या के समाधान की जानकारी ली। उन्होंने नरेंद्र की सराहना करते हुए कहा कि हेल्पलाइन में अपनी बात रखना एक जागरूक नागरिक होने का परिचायक है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ तभी सार्थक है जब आम नागरिक अपनी समस्याओं को सामने रखें और प्रशासन उनका त्वरित निराकरण सुनिश्चित करे। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि किसानों और आम नागरिकों की शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समयबद्ध समाधान किया जाए।मुख्यमंत्री हेल्पलाइन योजना की यह कहानी दर्शाती है कि जब प्रशासन संवेदनशील हो और नागरिक जागरूक हों, तब समस्याओं का समाधान तेजी से संभव है। यह पहल न केवल शिकायतों के निराकरण का माध्यम बन रही है, बल्कि शासन और जनता के बीच विश्वास की नई डोर भी मजबूत कर रही है।
- 0- सीएमएचओ ने अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देशबिलासपुर. आगामी वर्षा ऋतु के मद्देनजर जिले में संक्रामक रोगों के प्रकोप और मौसमी बीमारियों से आम जनता को बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गया है। सीएमएचओ ने पूर्व तैयारियां सुनिश्चित करने अधिकारी-कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए है। वर्षा ऋतु में उल्टी-दस्त, आंत्रशोथ, पीलिया और वेक्टर जनित बीमारियों (जैसे मलेरिया) के फैलने का खतरा सबसे अधिक रहता है। जिसे रोकने के लिए जिला मुख्यालय सहित सभी विकासखंडों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में महामारी नियंत्रण कक्ष को सक्रिय कर दिया गया है। आपात स्थिति में तुरंत संपर्क करने के लिए जिला स्तरीय नियंत्रण कक्ष के प्रभारी व जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. प्रमोद कुमार तिवारी (मोबाइल नं. 87706-64365) और डिस्ट्रिक्ट एपिडेमियोलॉजिस्ट श्री पंकज सिंह (मोबाइल नं. 75870-38622) के नंबर भी जारी किए गए हैं। इसके साथ ही आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए गठित रैपिड रिस्पांस टीम को पुनः सक्रिय कर वाहनों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए है।दवाइयों के प्रबंधन को लेकर सीएमएचओ ने निर्देश दिया है कि सभी स्वास्थ्य संस्थाओं में क्लोरीन टैबलेट, ब्लीचिंग पाउडर, ओ.आर.एस. पैकेट, एंटीबायोटिक्स, मेट्रानिडाजोल, एंटी एमेटिक्स, एंटी मलेरियल्स, आई.वी. फ्लूइड्स के साथ-साथ एंटी स्नेक वीनम (सांप काटने की दवा) और एंटी रेबीज सीरम की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। सभी स्वास्थ्य केंद्रों में ओ.आर.एस. कॉर्नर बनाए जाएंगे। जल जनित संक्रामक रोगों से बचाव के लिए सभी ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के पेयजल स्रोतों की पहचान और मानचित्रीकरण कर नियमित जलशुद्धिकरण के निर्देश दिए गए हैं। कुओं में आम दिनों में सप्ताह में एक बार और प्रकोप की स्थिति में प्रतिदिन ब्लीचिंग पाउडर डाला जाएगा। इसके अतिरिक्त पीएचई विभाग के सहयोग से खराब पड़े हैंडपंपों की मरम्मत कराकर उनमें क्लोरीन की गोली या लिक्विड डाला जाएगा। शहरी क्षेत्रों में भी नगरीय निकायों के माध्यम से पेयजल की पाइप लाइनों का निरीक्षण कर टूट-फूट को तत्काल सुधारा जाएगा ताकि गंदे पानी से प्रदूषण न हो। बीमारी के फैलने के कारणों को खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। आम जनता को जागरूक किया जाएगा कि वे सड़ी-गली सब्जियां, कटे हुए फल, बासी मांस या मछली का सेवन न करें। बाजार में ऐसी दूषित सामग्रियों की बिक्री पाए जाने पर उन्हें तत्काल नष्ट कराया जाएगा और दुकानदारों को खाद्य सामग्रियों को अनिवार्य रूप से ढककर बेचने की हिदायत दी गई है।संक्रामक रोगों की त्वरित सूचना के लिए आईएचआईपी, आईडीएसपी मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग किया जाएगा, जिससे ग्रामीण स्तर पर बीमारी फैलते ही तुरंत इवेंट अलर्ट जारी हो सके। इसके लिए सभी आर.एच.ओ. और ए.एन.एम. को इलेक्ट्रॉनिक टैबलेट एवं मोबाइल दिए गए हैं। बीमारी के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए सिम्स के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में स्थापित स्टेट रेफरल लेबोरेटरी में सैंपल भेजकर जांच कराई जाएगी। जिला एवं विकासखंड स्तर पर संबंधित अधिकारियों को अपने क्षेत्रों के गांवों का सतत भ्रमण कर पैनी नजर रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
- बिलासपुर. जिले में इस वर्ष अल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून की अनिश्चितता और सामान्य से कम वर्षा की संभावना को देखते हुए कृषि विभाग ने किसानों को वैकल्पिक कृषि रणनीतियां अपनाने की सलाह दी है। विभाग ने किसानों से उपलब्ध वर्षा एवं जल संसाधनों के अनुरूप कम अवधि वाली धान की किस्मों का चयन करने तथा जल संरक्षण तकनीकों को अपनाने का आग्रह किया है।कृषि विभाग ने किसानों को एमटीयू-1010, एमटीयू-1156, एमटीयू-1153 तथा आईआर-64 जैसी कम अवधि वाली धान किस्मों की खेती करने की सलाह दी गई है। साथ ही पारंपरिक रोपाई के स्थान पर डायरेक्ट सीडेड राइस (डीएसआर) अथवा खुर्रा बुवाई जैसी तकनीकों के उपयोग से पानी की बचत करने पर जोर दिया गया है। विभाग ने बताया कि जिन किसानों द्वारा खुर्रा बुवाई की जा चुकी है, वे वर्षा में विलंब की स्थिति में उपलब्ध संसाधनों से हल्की सिंचाई कर बीज अंकुरण सुनिश्चित करें तथा प्रारंभिक अवस्था में खरपतवार नियंत्रण पर विशेष ध्यान दें। यदि लंबे समय तक वर्षा नहीं होती और पुनर्बुवाई की आवश्यकता पड़ती है, तो किसान दन्तेश्वरी, इंदिरा बरानी एवं सहभागी जैसी कम अवधि वाली धान किस्मों का चयन कर सकते हैं। अत्यधिक विलंबित बुवाई की स्थिति में किसानों को खुर्रा बोनी के स्थान पर लेही पद्धति अपनाने तथा रोपाई के लिए बोरवेल अथवा अन्य उपलब्ध सिंचाई स्रोतों की सहायता से नर्सरी तैयार रखने की सलाह दी गई है, ताकि पर्याप्त वर्षा होने पर तुरंत रोपाई की जा सके।कृषि विभाग ने किसानों को धान के साथ-साथ कोदो, कुटकी, रागी, कुल्थी, उड़द, मूंग, तिल, रामतिल और मूंगफली जैसी कम पानी की आवश्यकता वाली फसलों को अपनाने के लिए भी प्रोत्साहित किया है। इसके अलावा उपलब्ध जल संसाधनों का विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा स्प्रिंकलर एवं ड्रिप सिंचाई जैसी सूक्ष्म सिंचाई प्रणालियों को बढ़ावा देने की अपील की गई है। विभाग ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ लेने तथा मौसम एवं फसल संबंधी तकनीकी सलाह के लिए कृषि विभाग और कृषि विज्ञान केंद्र के संपर्क में नियमित रूप से बने रहने का आग्रह किया है, ताकि संभावित अल्पवृष्टि अथवा सूखे की स्थिति में फसल नुकसान के जोखिम को कम किया जा सके।
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बिलासपुर. नगरपालिकाओं एवं त्रिस्तरीय पंचायतों के आम निर्वाचन 2024-25 के दौरान अधिग्रहित किए गए वाहनों के लंबित वाहन किराया एवं पीओएल (पेट्रोल, ऑयल एवं लुब्रिकेंट) देयकों का भुगतान किया जा रहा है।उप जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि जिन संस्थाओं अथवा वाहन मालिकों का भुगतान अभी तक लंबित है, वे जिला स्थानीय निर्वाचन कार्यालय, न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग, बिलासपुर में संपर्क कर सकते हैं। संबंधितों से शीघ्र कार्यालय पहुंचकर आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने तथा अपने लंबित देयकों का भुगतान प्राप्त करने की अपील की गई है।
- 0- जिला पंचायत सीईओ ने हरदी में आयोजित ग्राम सभा में लिया हिस्सा0- पोंसरी में विकास कार्यों का किया निरीक्षणबिलासपुर. प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अंतर्गत आवास प्लस 2.0 के तहत तैयार की गई सिस्टम जनरेटेड स्थायी प्रतीक्षा सूची के अंतरिम वाचन, अवलोकन एवं अनुमोदन के लिए आज जिले की सभी 486 ग्राम पंचायतों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इसी क्रम में जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप कुमार अग्रवाल ने विकासखंड बिल्हा के ग्राम हरदी में आयोजित विशेष ग्राम सभा में भाग लिया। ग्राम सभा में आवास प्लस 2.0 के अंतर्गत तैयार की गई सूची का वाचन कर ग्रामवासियों के समक्ष प्रस्तुत किया गया तथा उनके सुझाव एवं आपत्तियां प्राप्त की गईं। ग्राम हरदी में सर्वेक्षित हितग्राहियों की कुल संख्या 348 है।विशेष ग्राम सभा में ग्राम सभा अध्यक्ष, सरपंच श्री मनीराम ध्रुव, जनपद सदस्य श्री मनोज यादव, जनपद पंचायत बिल्हा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुमार सिंह, सहायक अभियंता आवास, सहायक लेखा परीक्षण अधिकारी, तकनीकी सहायक, उप सरपंच, पंचगण, ग्राम सचिव, रोजगार सहायक, आवास मित्र एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र हितग्राहियों का चयन पूरी पारदर्शिता एवं निष्पक्षता के साथ किया जा रहा है। ग्राम सभाओं के माध्यम से पात्रता सूची का सार्वजनिक परीक्षण सुनिश्चित कर शासन की मंशानुरूप वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ दिलाया जाएगा। इसके पूर्व श्री अग्रवाल ने ग्राम पंचायत पोंसरी का भ्रमण कर महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) अंतर्गत निर्मित चेक डेम, आंगनबाड़ी भवन एवं प्रधानमंत्री आवासों का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का अवलोकन करते हुए संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
- 0- राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण की ताजा रिपोर्ट छत्तीसगढ़ के लिए चौंकाने वाले....रायपुर। इस समय हम दुनिया की सबसे बड़ी युवा आबादी वाले देश के नागरिक हैं, लेकिन इस आबादी की सेहत पर 'जंक फूड' का गहरा साया मंडरा रहा है। राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण (एचएफएचएस-6) की ताजा रिपोर्ट के अनुसार, भारतीय किशोरों के खान-पान की आदतों में आया बदलाव एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है। इस मामले में छत्तीसगढ़ की ताजा रिपोर्ट चिंताजनक तो है ही, साथ ही कुछ बिंदु ध्यान देने योग्य हैं:-0- एचएफएचएस-6 के आंकड़े बताते हैं घर के भोजन का स्थान पैकेटबंद स्नैक्स ने ले लिया है। डिजिटल विज्ञापनों, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और सेलिब्रिटी एंडोर्समेंट के चलते किशोरों में प्रोसेस्ड फूड के प्रति आकर्षण खतरनाक स्तर तक बढ़ गया है। शहरी ही नहीं, ग्रामीण इलाकों के किशोर भी सप्ताह में कई बार इंस्टेंट नूडल्स, आलू के चिप्स, नमकीन, पिज्जा, बर्गर और कार्बोनेटेड कोल्ड ड्रिंक्स (सॉफ्ट ड्रिंक्स) का सेवन कर रहे हैं। जंक फूड के बढ़ते चलन के कारण किशोरों की थाली से दाल, हरी पत्तेदार सब्जियां, मोटे अनाज और फल गायब हो रहे हैं। ये खाली कैलोरी (Empty Calories) किशोरों का पेट तो भर रही हैं, लेकिन उनके शरीर को जरूरी पोषक तत्व नहीं दे पा रही है।0- एचएफएचएस-6 के आंकड़ों के अनुसार सर्वेक्षण के आंकडे़ शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। एचएफएचएस-5 से एचएफएचएस-6 की तुलना करें तो पता चलता है की 15 से 49 वर्ष के शहरी और ग्रामीण युवाओं में मोटापे की दर पहले से बढ़ी हुई है। इसी प्रकार महिलाओं के मोटापे की दर 14 से बढ़ाकर 20.3 हुई है। विशेष रूप से अस्वास्थ्यकर खान-पान और शारीरिक रूप से निष्क्रिय जीवनशैली, स्क्रीन टाइम बढ़ने का सीधा नतीजा वजन बढ़ने के रूप में सामने आया है। शहरों के संपन्न परिवारों के किशोरों में ओवरवेट (ज्यादा वजन) और मोटापे की दर में पिछले सर्वेक्षणों की तुलना में काफी तेजी से वृद्धि दर्ज की गई है। पहले मोटापा केवल अमीर या शहरी बच्चों की समस्या माना जाता था। लेकिन एचएफएचएस-6 के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में सस्ते और कम गुणवत्ता वाले पैकेटबंद स्नैक्स की आसान पहुंच होने के कारण ग्रामीण किशोर भी अब तेजी से मोटापे की चपेट में आ रहे हैं।0- हिडन हंगर: मोटे लेकिन एनीमिकजंक फूड कैलोरी से भरपूर होते हैं, लेकिन इसमें विटामिन और मिनरल्स शून्य होते हैं। इस वजह से भारतीय किशोरों में एक अजीब विरोधाभास देखने को मिल रहा है। देश की 50 फीसदी से अधिक किशोरियां एनीमिया (खून की कमी) की शिकार हैं और किशोरों में भी यह दर ऊंची है। इस स्थिति को चिकित्सा विज्ञान में 'हिडन हंगर' (छिपी हुई भूख) कहा जाता है, जहां एक किशोर देखने में भारी-भरकम या मोटा लग सकता है, लेकिन आंतरिक रूप से वह गंभीर कुपोषण और आयरन की कमी से जूझ रहा होता है।0- एचएफएचएस-6 का सबसे चिंताजनक संकेत यह है कि जो बीमारियां पहले 40 साल की उम्र के बाद होती थीं, वे अब 15 से 19 साल के किशोरों में पैर पसार रही हैं। मीठे पेय पदार्थों (सॉफ्ट ड्रिंक्स, पैकेज्ड जूस) के अत्यधिक सेवन के कारण किशोरों में इंसुलिन रेजिस्टेंस बढ़ रहा है, जिससे वे कम उम्र में ही डायबिटीज के मुहाने पर खड़े हैं। पैकेटबंद चिप्स, सॉस और नूडल्स में सोडियम (नमक) की मात्रा बहुत अधिक होती है। इसके नियमित सेवन से किशोरों में हाइपर टेंशन के लक्षण देखे जा रहे हैं।0- जंक फूड और किशोर स्वास्थ्य संकेतक युवाओं में मुख्य रुझान एचएफएचएस-6 स्वास्थ्य पर प्रभाव खान-पान का तरीका एचएफएसएस (हाई फैट, शुगर, साल्ट) और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड का अत्यधिक सेवन। शरीर में सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी, कमजोर इम्युनिटी। मोटापा किशोरों और युवाओं में ओवरवेट होने की दर में निरंतर उछाल। भविष्य में दिल की बीमारियों और स्ट्रोक का खतरा: ब्लड, शुगर का स्तर 15 साल के किशोरों और युवाओं में खाली पेट ग्लूकोज का स्तर एक बढ़ा हुआ पाया गया।एचएफएचएस-6 के इन चौंकाने वाले आंकड़ों के बाद नीति निर्माताओं और स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कड़े कदम उठाने की मांग की है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) अब पैकेट के आगे 'रेड वॉर्निंग साइन' लगाने पर विचार कर रहा है, ताकि यह साफ दिखे कि भोजन में नमक, चीनी या फैट कितना ज्यादा है। इसी तरह स्कूल परिसरों और उनके 50 मीटर के दायरे में अस्वास्थ्यकर भोजन और कोल्ड ड्रिंक्स की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने की नीतियों को सख्ती से लागू करने की जरूरत है। 'ईट राइट इंडिया' और 'पोषण अभियान' के जरिए अब स्कूलों और कॉलेजों में किशोरों को सीधे टारगेट कर काउंसलिंग की जा रही है, ताकि वे पारंपरिक और सेहतमंद भारतीय भोजन (जैसे बाजरा, रागी, छाछ, फल) की तरफ वापस लौट सकें।... तो बीमार हो जाएगी युवा पीढ़ीयदि समय रहते किशोरों की इस 'जंक फूड' संस्कृति पर लगाम नहीं कसी गई, तो भारत का 'डेमोग्राफिक यूथ डिविडेंड' बीमारियों के बोझ तले दब जाएगा। इस कार्य के लिए भी सरकार की ओर इशारा करने से कुछ नहीं होगा। परिवार के सदस्यों, विशेष रूप से माता- पिता को अपने बच्चों के लिए समय निकलना पड़ेगा। अगर घर पर स्वच्छ और पौष्टिक भोजन बनेगा, तो बच्चे भी उसका सेवन करेंगे। परिवार दिन में एक बार साथ में बैठकर खाना खाएं।डॉ. अभया जोगलेकरडायटिशियन व प्राचार्यबद्री प्रसाद लोधी गवर्नमेंट कॉलेज, आरंग
- भिलाईनगर। शासन के निर्देशानुसार नागरिकों की मांगों एवं शिकायतों के त्वरित निराकरण के लिए सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 तथा कार्यालयीन कार्यों के सुचारू संचालन हेतु ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नगर पालिक निगम भिलाई में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।निगम आयुक्त की उपस्थिति में निगम सभागार कक्ष में आयोजित बैठक में मुख्य कार्यालय एवं सभी जोन कार्यालयों के अधिकारी, लिपिक तथा कम्प्यूटर ऑपरेटर शामिल हुए। बैठक में सीएम हेल्पलाइन पोर्टल एवं ई-ऑफिस प्रणाली के संचालन के दौरान सामने आ रही तकनीकी एवं प्रक्रियागत समस्याओं पर विस्तार से चर्चा कर उनका समाधान किया गया। बैठक में अधिकारियों को बताया गया कि सीएम हेल्पलाइन पोर्टल के माध्यम से नागरिकों की शिकायतों एवं समस्याओं का समयबद्ध और पारदर्शी तरीके से निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा। वहीं ई-ऑफिस प्रणाली के माध्यम से कार्यालयीन कार्यों में गति, पारदर्शिता एवं दक्षता बढ़ेगी तथा फाइलों के संचालन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित होगी।इस दौरान उपस्थित कर्मचारियों को ई-ऑफिस में नस्तियों एवं फाइलों को लिपिक स्तर से उच्च अधिकारियों तक अनुमोदन के लिए भेजने की पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी गई। साथ ही पोर्टल के विभिन्न फीचर्स एवं कार्यप्रणाली का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी प्रदान किया गया। निगम आयुक्त ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देशित किया कि सीएम हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित निराकरण करें तथा ई-ऑफिस प्रणाली का अधिकतम उपयोग कर कार्यालयीन कार्यों को पेपरलेस एवं पारदर्शी बनाएं, जिससे आम नागरिकों को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।
- 0- महाराष्ट्र मंडल के सामूहिक पाठ अभियान को वरिष्ठ नागरिकों का मिल रहा उत्साहपूर्ण साथ, सियान गुडी में बन रहा भक्तिमय वातावरणरायपुर। महाराष्ट्र मंडल द्वारा संचालित और छत्तीसगढ़ शासन के समाज कल्याण विभाग की ओर से अनुदानित सियान गुड़ी में बीते दिनों भजनों की महफिल भी सज रही है। सियान गुड़ी पहुंचे वरिष्ठ नागरिकों ने हनुमान चालीसा के सामूहिक पाठ के साथ अपने भक्तिमय आयोजन की शुरुआत की। फिर उन्होंने राम, कृष्ण सहित माता रानी के कई सुमधुर भजन सुनाए। इस बीच सियान गुड़ी का पूरा माहौल भक्तिमय हो गया।प्रभारी श्याम सुंदर खंगन ने बताया कि सियान गुड़ी में प्रतिदिन बड़ी संख्या में बुजुर्ग आते हैं। इस बीच वे सामूहिक पाठ अभियान के अनुसार हनुमान चालीसा का एक साथ पाठ करते हैं। साथ ही भजनों की सुमधुर प्रस्तुति भी देते हैं। इसके बाद सभी एक साथ भोजन का आनंद लेते हैं और थोड़ी देर आराम भी करते हैं।मंगलवार को हुएआयोजन में डॉ. ओसी बिसेन, रामाराव सेंदरे, अनिल पांडे, सुशील कुमार श्रीवास्तव, विकास चंद सिन्हा, हिमाचल प्रसाद परगनिहा, वीरेंद्र सिंह ठाकुर, लखन लाल साहू, डॉ. ओपी सोनी, एसएन चौहान, कैलाश कुमार अग्रवाल, हीराधर पटेल, केके. पाठक सहित अनेक वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।बताते चलें कि सियान गुड़ी में प्रतिदिन कोई न कोई विशेष गतिविधि कराई जाती है। कभी कोई एक्टिविटी महाराष्ट्र मंडल के सदस्य कराते हैं, तो कोई कार्यक्रम यहां आने वाले बुजुर्ग स्वयं ही करते है। इस बीच डॉ. कमल वर्मा और डॉ. अंकिता काले भी उनके स्वास्थ्य का निरीक्षण करतीं हैं। निरीक्षण के दौरान पाई जाने वाली कमी, कमजोरी व बीमारी के संदर्भ में उन्हें सावधान किया जाता है। साथ ही दोनों डॉक्टर उन्हें यह भी बतातीं हैं कि उनकी दिनचर्या और खानपान कैसा हो, किस- किस तरह की सावधानी बरती जाए, जिससे वे वर्तमान स्वास्थ्यगत समस्या से उभर सकें। बहरहाल महाराष्ट्र मंडल के सियान गुड़ी में समय के साथ आने वाले बुजुर्गों की संख्या बढ़ रही है।
- रायपुर. रायपुर जिला कलेक्टर डॉ गौरव कुमार सिंह के आदेशानुसार और रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम, अग्निशमन विभाग एवं संबंधित विभागों के संयुक्त दल द्वारा लगातार दो दिन दिनांक 23-24 जून 2026 को शहर के प्रमुख कोचिंग संस्थानों का सुरक्षा निरीक्षण किया गया।निरीक्षण के दौरान कुल 7 प्रमुख कोचिंग संस्थानों का परीक्षण किया गया, जिनमें प्रवेश-निकास व्यवस्था, अग्नि सुरक्षा, फायर एनओसी, अग्निशामक यंत्र, वेंटिलेशन, विद्युत सुरक्षा, सीढ़ियों की सुरक्षा, क्षमता अनुरूप संचालन एवं अन्य सुरक्षा मानकों की जांच की गई।निरीक्षण में अनअकादमी , विद्यापीठ एवं एलन में अधिकांश आवश्यक सुरक्षा व्यवस्थाएं उपलब्ध पाई गईं, हालांकि कुछ संस्थानों में वेंटिलेशन एवं क्षमता अनुरूप संचालन के संबंध में सुधारात्मक सुझाव दिए गए हैं।वहीं अकादजा , आरसीसी अकादमी , आभा लाइब्रेरी एवं टुटेजा अकादमी में विभिन्न सुरक्षा मानकों के संबंध में गंभीर कमियां पाई गईं। कुछ संस्थानों में फायर एनओसी, अग्नि सुरक्षा व्यवस्था, आपातकालीन निकास, वेंटिलेशन, विद्युत सुरक्षा एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का अभाव पाया गया।अग्निशमन विभाग द्वारा गंभीर कमियों वाले संस्थानों के संबंध में असंतोष व्यक्त करते हुए आवश्यक सुधारात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की गई है। संबंधित संस्थानों को नोटिस जारी कर 7 दिवस के भीतर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया है।साथ ही संबंधित जोनों को भवन अनुमति, बीसीसी, स्वीकृत क्षमता, पार्किंग एवं अन्य वैधानिक प्रावधानों की जांच कर आवश्यक नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।रायपुर नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा निर्धारित अवधि के उपरांत पुनः निरीक्षण कर अनुपालन की समीक्षा की जाएगी। अनुपालन न करने वाले संस्थानों के विरुद्ध नियमानुसार आगे की कार्यवाही की जाएगी।
- 0- 30 जून तक वर्तमान वर्ष 2026-27 का सम्पतिकर का पूर्ण भुगतान करने वाले सभी सम्पतिकर दाताओं को सम्पतिकर की राशि में 6:25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रहीरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री संबित मिश्रा के निर्देश पर आज दिनांक 24 जून 2026 बुधवार को रायपुर नगर निगम राजस्व विभाग द्वारा निर्धारित लक्ष्य अनुसार 1 करोड़ रूपये से भी अधिक 607 सम्पतियों से 1 करोड़ 27 लाख 16954 रूपये का राजस्व वसूला गया. जोन 2 ने 77 सम्पतियों से 20 लाख 43 हजार 266 रूपये राजस्व वसूली की.इसी प्रकार जोन 7 द्वारा 64 सम्पतियों से 16 लाख 43 हजार 511 रूपये, जोन 8 द्वारा 67 सम्पतियों से 10 लाख 95 हजार 536 रूपये का राजस्व वसूला गया. जोन 9 द्वारा 70 सम्पतियों से 14 लाख 45 हजार 839 रूपये का राजस्व और नगर निगम जोन 10 द्वारा 95 सम्पतियों से 27 लाख 20 हजार 665 रूपये का राजस्व आज दिनांक 24 जून 2026 बुधवार को वसूला गया. यहां यह उल्लेखनीय है कि दिनांक 30 जून 2026 तक वित्त वर्ष 2025-26 के देय सम्पतिकर की राशि की पूर्ण अदायगी करने वाले सम्पति करदाता नागरिकों को सम्पतिकर की राशि में 6:25 प्रतिशत की छूट प्रदान की जा रही है.
- 0- निक्षय मित्र’ बनकर क्षय रोगियों को संबल प्रदान करने तथा लक्षणों को न छिपाने की अपीलबालोद. राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत बालोद जिले को शत-प्रतिशत टीबी (क्षय रोग) मुक्त बनाने के उद्देश्य से जिला प्रशासन द्वारा प्रयासों को गति दी गई है। इसी क्रम में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने समस्त जिले वासियों से इस राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय सहभागिता और जागरूकता प्रदर्शित करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि बालोद जिला सदैव स्वास्थ्य चेतना और सामूहिक प्रयासों में अग्रणी रहा है, अतः अब समय आ गया है कि हम सब मिलकर जिले से क्षय रोग के समूल उन्मूलन का संकल्प लें। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने नागरिकों को सचेत करते हुए कहा कि यदि किसी व्यक्ति को दो सप्ताह से अधिक समय से लगातार खांसी हो, सायंकाल के समय बुखार आता हो, अचानक वजन में गिरावट आ रही हो अथवा भूख न लग रही हो, तो इसे सामान्य शारीरिक कमजोरी मानकर नजर अंदाज न करें। ये लक्षण क्षय रोग (टीबी) के संकेतक हो सकते हैं। उन्होंने कहा कि इन लक्षणों को समय पर पहचानें और बीमारी को छिपाने के बजाय तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लें।कलेक्टर ने अवगत कराया कि बालोद जिले के समस्त शासकीय अस्पतालों, प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में टीबी की अत्याधुनिक जांच (बलगम एवं सीबीनाट टेस्ट) सहित संपूर्ण उपचार पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध है। प्रभावित नागरिक समय पर इन शासकीय सुविधाओं का लाभ उठाकर पूर्णतः स्वस्थ हो सकते हैं। उन्होंने समाज के सक्षम नागरिकों, स्वैच्छिक संस्थाओं और जनप्रतिनिधियों से विशेष आग्रह करते हुए कहा कि वे सामाजिक दायित्व का निर्वहन करते हुए ’निक्षय मित्र’ के रूप में अपना पंजीकरण कराएं। निक्षय मित्र बनकर क्षय रोगियों को गोद लें तथा उन्हें आवश्यक पौष्टिक आहार किट एवं मानसिक संबल प्रदान करें, जो उनके त्वरित स्वास्थ्य लाभ के लिए अत्यंत सहायक सिद्ध होगा।कलेक्टर ने समाज से क्षय रोगियों के प्रति सकारात्मक एवं संवेदनशील दृष्टिकोण अपनाने पर बल दिया। उन्होंने निर्देशित किया कि टीबी ग्रसित व्यक्तियों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव या अलगाव न बरतें, बल्कि उन्हें निर्धारित समयावधि तक नियमित उपचार लेने हेतु निरंतर प्रेरित करें।
- बालोद. छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर के द्वारा नालसा के निर्देशानुसार 18 जुलाई 2026 को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के निराकरण हेतु स्पेशल लोक अदालत के तैयारी के संबंध में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण श्री श्याम लाल नवरत्न के द्वारा 24 जून 2026 को अधिवक्तासंघ कार्यालय में अधिवक्ताओं के साथ बैठक आयोजित किया गया।उक्त बैठक में प्रधान जिला न्यायाधीश एवं अध्यक्ष द्वारा स्पेशल लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का आपसी राजीनामा के माध्यम से निराकरण किए जाने हेतु दिशा-निर्देश दिये गए। इस अवसर पर अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एफटीसी श्री ताजुद्दीन आसिफ, मुख्य न्यायिक मजिस्टेट श्री संजय कुमार सोनी, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भारती कुलदीप, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी श्रीमती हीरा सिन्हा, न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय श्रेणी भूमिका धु्रव, अध्यक्ष अधिवक्तासंघ श्री सुनील कुमार सोनी तथा जिला न्यायालय बालोद के समस्त अधिवक्तागण उपस्थित थे।
- बालोद. आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा संचालित पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए ऑनलाइन पंजीयन, स्वीकृति एवं छात्रवृत्ति वितरण की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। योजना के तहत शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, इंजीनियरिंग, मेडिकल एवं नर्सिंग कॉलेजों, आईटीआई तथा पॉलिटेक्निक संस्थानों में अध्ययनरत अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति का लाभ प्रदान किया जाएगा।सत्र 2026-27 के लिए नवीनीकरण आवेदन की ऑनलाइन प्रक्रिया 20 जून 2026 से प्रारंभ होकर 30 दिसंबर 2026 तक संचालित होगी, जबकि नवीन आवेदन 01 अगस्त 2026 से 30 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन किए जा सकेंगे। छात्रवृत्ति की राशि विद्यार्थियों के आधार से सीडेड बैंक खातों में भुगतान आदेश जारी होने के पश्चात 07 कार्य दिवस के भीतर अंतरित की जाएगी। विभाग द्वारा सभी संस्था प्रमुखों, छात्रवृत्ति प्रभारियों एवं संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन, सत्यापन एवं स्वीकृति संबंधी समस्त कार्यवाही पूर्ण करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अंतिम तिथि के पश्चात छात्रवृत्ति पोर्टल बंद कर दिया जाएगा तथा ड्राफ्ट प्रपोजल लॉक एवं सैंक्शन ऑर्डर लॉक करने का अवसर उपलब्ध नहीं रहेगा। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि निर्धारित समयावधि में आवश्यक कार्यवाही पूर्ण नहीं होने के कारण यदि किसी संस्था के विद्यार्थी छात्रवृत्ति लाभ से वंचित रह जाते हैं, तो इसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी संबंधित संस्था प्रमुख की होगी। विद्यार्थियों से अपील की गई है कि वे समय रहते ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूर्ण कर योजना का लाभ सुनिश्चित करें।
- बालोद. पंचायत संचालनालय छत्तीसगढ़ शासन द्वारा ग्राम पंचायतों को मूलभूत कार्यों हेतु राशि जारी किया गया है। इसके अंतर्गत बालोद जिले के सभी 436 ग्राम पंचायतों को मूलभूत कार्यों के लिए कुल 338.19 लाख रूपये प्राप्त हुआ है। प्राप्त राशि का वितरण जनसंख्या के मापदंड के आधार पर ग्राम पंचायतों को उनके मूलभूत कार्यों के लिए किया जा रहा है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चन्द्रवंशी ने बताया कि जारी राशि में बालोद विकासखण्ड़ के 60 ग्राम पंचायतों में मूलभूत कार्य हेतु 41.74 लाख रूपये, डौण्डी विकासखण्ड के 62 ग्राम पंचायतों के लिए 40.49 लाख रूपये, डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के 120 ग्राम पंचायतों के लिए 78.51 लाख रूपये, गुण्डरदेही विकासखण्ड के 117 ग्राम पंचायतों के लिए 78.48 लाख रूपये, गुरूर विकासखण्ड के 77 ग्राम पंचायतों के लिए 55.31 लाख रूपये तथा अनुसूचित क्षेत्र विकासखण्ड डौण्डी के 62 ग्राम पंचायतों के लिए पृथक से 43.64 लाख रूपये खातें में हस्तांतरित किया गया है।
- 0- भूजल एवं पर्यावरण प्रदुषण को बचाने के लिए संचालित की जा रही है डी-स्लजिंग व्यवस्थाबालोद. स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित स्वच्छता व्यवस्था एवं पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुंडरदेही विकासखंड के ग्राम रूदा में 03 केएलडी का फिकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट स्थापित किया गया है। इस प्लांट के माध्यम से विकासखंड के सभी ग्राम पंचायतों में सेप्टिक टैंकों की नियमित डी-स्लजिंग की व्यवस्था संचालित की जा रही है। जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस व्यवस्था के तहत विशेष डी-स्लजिंग वाहनों के माध्यम से घरों, संस्थानों एवं सार्वजनिक परिसरों में स्थापित सेप्टिक टैंकों से फीकल स्लज (मल-मूत्र अपशिष्ट) का सुरक्षित संग्रहण कर उसे फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुँचाया जा रहा है, जहां उसका वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीके से उपचार किया जा रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में परिवार सेप्टिक टैंकों का उपयोग करते हैं।समय-समय पर इन टैंकों की सफाई नहीं होने से ओवरफ्लो, दुर्गंध, भूजल प्रदूषण तथा विभिन्न संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना रहता है। इन समस्याओं के समाधान हेतु प्रशासन द्वारा नियोजित डी-स्लजिंग व्यवस्था लागू की गई है, जिसके अंतर्गत प्रशिक्षित कर्मियों द्वारा आधुनिक सक्शन मशीनयुक्त वाहनों से सेप्टिक टैंकों की सुरक्षित सफाई की जा रही है। संग्रहित फीकल स्लज को किसी भी स्थिति में खुले स्थान, खेत, नालों, जलाशयों अथवा नदी-नालों में नहीं डाला जाता, बल्कि सीधे फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट में पहुंचाया जाता है। प्लांट में निर्धारित तकनीकी मानकों एवं पर्यावरणीय दिशा निर्देशों के अनुरूप अपशिष्ट का उपचार किया जाता है। उपचार की प्रक्रिया के दौरान अपशिष्ट में उपस्थित हानिकारक जीवाणुओं एवं प्रदूषक तत्वों को नियंत्रित कर पर्यावरणीय प्रभाव को न्यूनतम किया जाता है। फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट की स्थापना से ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता प्रबंधन की व्यवस्था और अधिक सुदृढ़ हुई है। इससे भूजल स्त्रोतों, हैंडपंपों, कुओं तथा अन्य जल स्त्रोतों को प्रदूषण से बचाने में सहायता मिल रही है। साथ ही ग्रामीणों को स्वच्छ एवं सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने में भी यह व्यवस्था महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।जिला प्रशासन द्वारा समय-समय पर ग्राम पंचायतों, स्वच्छता दीदियों, स्वयं सहायता समूहों एवं ग्रामीण नागरिकों को सुरक्षित स्वच्छता प्रबंधन के संबंध में जागरूक किया जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने सेप्टिक टैंकों की नियमित अंतराल पर सफाई कराएं तथा अधिकृत डी-स्लजिंग सेवा का ही उपयोग करें, ताकि अपशिष्ट का वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निपटान सुनिश्चित किया जा सके। यह पहल स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण, सुरक्षित स्वच्छता श्रृंखला तथा सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। प्रशासन का लक्ष्य है कि ब्लॉक के सभी ग्रामों में स्वच्छता प्रबंधन की ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे पर्यावरण संरक्षण, जनस्वास्थ्य संवर्धन एवं स्वच्छ ग्रामीण जीवनशैली को बढ़ावा मिल सके।
- बालोद. राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान योजनांतर्गत 18 से 19 जून 2026 तक जिला पंचायत संसाधन केन्द्र बालोद मंे जिला पंचायत के नवनिर्वाचित सदस्यों का ’पंचायत विकास योजना सह पंचायत उन्नति सूचकांक’ विषय पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण मंे जिला पंचायत के सभी नवनिर्वाचित सदस्य उपस्थित हुए। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील कुमार चंद्रवंशी के निर्देशानुसार विषय विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को 16वंे वित्त आयोग की नवीन गाइडलाइन के अनुसार पंचायत विकास योजना, पचंायत विकास सूचकांक सहित शासन की महत्वाकांक्षी योजना ठोस अपशिष्ट नियम 2026, वीबी जी राम जी के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। उक्त प्रशिक्षण का संचालन उपसंचालक पंचायत श्रीमती काव्या जैन की उपस्थिति में किया गया।
- बालोद. प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के अंतर्गत ’आवास प्लस 2.0’ की स्थाई प्रतीक्षा सूची के संबंध में जिला पंचायत के सभाकक्ष में 23 जून को एक दिवसीय प्रशिक्षण का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। जिला पंचायत के अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि इस कार्यशाला में जिले के समस्त 436 ग्राम पंचायतों के सरपंचों एवं सचिवों को आमंत्रित किया गया था। कार्यशाला में प्रधानमंत्री आवास-ग्रामीण, आवास प्लस 2.0, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026, 16वें वित्त आयोग, विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई। यह कार्यशाला कुल 03 पालियों में आयोजित की गई, जिसमें प्रत्येक पाली में जनपद पंचायतवार पृथक-पृथक ग्राम पंचायत सचिव सम्मिलित हुए। कार्यशाला में ग्राम पंचायत सरपंचों और सचिवों को अवगत कराया गया कि प्रधानमंत्री आवास-ग्रामीण योजना के तहत जिले के सभी गांवों में आयोजित होने वाली ग्राम सभाओं में ’आवास प्लस 2.0’ सर्वेक्षण से प्राप्त सिस्टम-जनरेटेड प्रतीक्षा सूची का सार्वजनिक वाचन किया जाना है।साथ ही, शासन द्वारा निर्धारित 12 मापदंडों के आधार पर इसका अवलोकन व सत्यापन कार्य किया जाएगा और योजना की मार्गदर्शिका के निर्देशानुसार स्थाई प्रतीक्षा सूची तैयार की जाएगी। इसके साथ ही, स्वच्छ भारत मिशन-ग्रामीण के अंतर्गत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के विषय में विस्तृत जानकारी प्रदान करते हुए इन नियमों को शत-प्रतिशत लागू करने के निर्देश दिए गए। इसी तरह 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत प्राप्त दिशा-निर्देशों, कार्यप्रणाली तथा वित्तीय आवंटन के नए प्रावधानों से भी अवगत कराया गया। साथ ही समर्थ पोर्टल की उपयोगिता एवं 16वें वित्त आयोग के कार्य निष्पादन अनुदान में इसके महत्व को विस्तार से समझाया गया। कार्यशाला में ’विकसित भारत ग्रामीण रोजगार एवं आजीविका मिशन-ग्रामीण’ योजनाओं के तहत निर्मित नए कानूनों के विषय में जानकारी प्रदान की गई। इसमें जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया गया कि योजना के नवीन प्रावधानों के तहत प्रत्येक ग्रामीण परिवार को अब 125 दिनों के अकुशल शारीरिक श्रम की गारंटी प्रदान की जाएगी। इस नए कानून में मुख्य रूप से 04 क्षेत्रों-जल सुरक्षा, ग्रामीण बुनियादी ढांचा, आजीविका बुनियादी ढांचा और जलवायु परिवर्तन से निपटने की क्षमता से संबंधित कार्यों को प्राथमिकता दी गई है। प्रशिक्षण के दौरान जनप्रतिनिधियों द्वारा पूछे गए विभिन्न सवालों के जवाब देकर योजनाओं के सुचारू एवं सफल क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन दिया गया।
- दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह द्वारा सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त शक्तियों का उपयोग करते हुए जिले में जनहित के 04 विभिन्न विकास कार्यों के लिए कुल 33 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। लोकसभा सांसद श्री विजय बघेल द्वारा अनुशंसित उक्त कार्यों का संपादन संबंधित क्रियान्वयन एजेंसियों द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, इसके तहत ग्रामीण यांत्रिकी सेवा संभाग दुर्ग द्वारा 28 लाख रूपए की लागत से 03 विकास कार्य कराए जाएंगे, जिसमें सिविल लाइन दक्षिण जलाराम सांस्कृतिक भवन के पास भवन निर्माण हेतु 10 लाख रूपए, वार्ड 52 गणपति विहार कॉलोनी माता कमला देवी उद्यान बोरसी (पश्चिम) में मंच निर्माण हेतु 10 लाख रूपए तथा पोटियाकला में शिवाजी मूर्ति के पास भवन निर्माण कार्य के लिए 08 लाख रूपए की स्वीकृति दी गई है। इसी प्रकार, जनपद पंचायत पाटन के अंतर्गत ग्राम रूही में प्रतीक्षालय (शेड) निर्माण कार्य हेतु 05 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है, जिसका क्रियान्वयन मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत पाटन द्वारा किया जाएगा।
- फाइल फोटो
0- धमधा में 1525 वर्गफीट सरकारी आबादी भूमि से अवैध निर्माण हटाकर जमीन की गई सुरक्षितदुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह के निर्देशन में शासकीय संपत्तियों को सुरक्षित रखने और अवैध कब्जों को हटाने विधि सम्मत कार्रवाई जारी है। इसी तारतम्य में मुस्तैदी का परिचय देते हुए धमधा तहसील अंतर्गत एक महत्वपूर्ण शासकीय आबादी भूमि को अतिक्रमण से पूरी तरह मुक्त कराया गया है।तहसीलदार धमधा श्रीमती मीना साहू से प्राप्त जानकारी के अनुसार, धमधा स्थित शासकीय आबादी भूमि खसरा नंबर 1719/1 के आंशिक भाग (रकबा 1525 वर्गफीट) पर अनावेदक संतु यादव पिता कार्तिक यादव द्वारा अनाधिकृत रूप से टीन शेड लगाकर अतिक्रमण किया गया था। इस शिकायत पर त्वरित संज्ञान लेते हुए राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार जांच व सुनवाई की गई तथा अनावेदक के विरुद्ध बेदखली आदेश पारित किया गया। उक्त आदेश के परिपालन में विगत 23 जून 2026 को तहसीलदार धमधा की उपस्थिति में प्रशासनिक टीम द्वारा बेदखली की कार्रवाई निष्पादित की गई। मौके पर अवैध टीन शेड को हटवाकर उक्त मूल्यवान भूमि को शासन के नियंत्रण में सुरक्षित कर लिया गया है। इस पूरी कार्यवाही के दौरान हल्का पटवारी, कोटवार, स्थानीय पार्षदगण एवं नगरवासी प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। प्रशासन की इस निष्पक्ष और वैधानिक कार्रवाई की स्थानीय नागरिकों द्वारा सराहना की जा रही है। - दुर्ग. कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र विकास योजनांतर्गत प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए अहिवारा विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न गांवों में 10 विकास कार्यों के लिए कुल 60 लाख रूपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की है। विधायक श्री डोमनलाल कोर्सेवाड़ा द्वारा अनुशंसित उक्त कार्यों का संपादन क्रियान्वयन एजेंसी मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत धमधा द्वारा किया जाएगा।जिला योजना एवं सांख्यिकी कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अहिवारा विधानसभा के धमधा विकासखंड के अंतर्गत कुल 10 ग्राम पंचायतों में ओपन जीम निर्माण कार्य की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत ग्राम पंचायत मलपुरीखुर्द, ग्राम हिंगनाडीह (ग्राम पंचायत ढौर), ग्राम पंचायत खपरी (गि), ग्राम करहीडीह (ग्राम पंचायत डूमर), ग्राम पंचायत लहंगा (ढौर), ग्राम पंचायत ढौर (खेरधी), ग्राम पंचायत सहगांव (पथरिया), ग्राम पंचायत नंदौरी, ग्राम पंचायत चेटुवा तथा ग्राम पंचायत ढाबा में प्रत्येक ओपन जिम निर्माण कार्य हेतु 06-06 लाख रूपए (कुल 60 लाख रूपए) की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा है कि भारतीय जनता पार्टी अपने कार्यकर्ताओं को आधुनिक तकनीकों और डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग में निपुण बनाने के लिए देशव्यापी अभियान चला रही है। श्री साव बुधवार को यहाँ कुशाभाऊ ठाकरे परिसर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय में पं. दीनदयाल उपाध्याय महाप्रशिक्षण अभियान के तहत डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म की बैठक के दौरान पत्रकारों से चर्चा कर रहे थे।प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बताया कि भाजपा एक कार्यकर्ता-आधारित पार्टी है। कार्यकर्ताओं की योग्यता और क्षमता को बढ़ाने के उद्देश्य से ही लगातार विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। इसी कड़ी में प्रदेश की सभी 90 विधानसभा क्षेत्रों से चिन्हित किए गए तीन-तीन प्रमुख कार्यकर्ताओं को विशेष रूप से आमंत्रित कर प्रशिक्षित किया जा रहा है। यहाँ प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद, ये कार्यकर्ता जमीनी स्तर तक जाकर अन्य साथियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के सही और प्रभावी उपयोग का प्रशिक्षण देंगे। श्री साव ने कहा कि हमारा उद्देश्य है कि हमारे कार्यकर्ता हर क्षेत्र में सक्षम और योग्य बनें। उनका संगठनात्मक और वैचारिक विकास हो, ताकि एक योग्य सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में समाज में उनकी प्रतिष्ठा और मजबूत हो सके। कार्यकर्ताओं के प्रबोधन और प्रशिक्षण की यह प्रक्रिया भाजपा की एक निरंतर चलने वाली व्यवस्था का हिस्सा है, जिसके अंतर्गत वर्तमान में डिजिटल प्लेटफॉर्म से जुड़े कौशल सिखाए जा रहे हैं।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के कौशल विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, अनुसूचित जाति विकास मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बुधवार को भाजपा प्रदेश कार्यालय 'कुशाभाऊ ठाकरे परिसर' स्थित 'सहयोग केन्द्र' में पहुँचे। इस दौरान उन्होंने प्रदेशभर से आए पार्टी कार्यकर्ताओं से सीधे मुलाकात कर उनकी समस्याओं व सुझावों को सुना। राज्य के अलग-अलग क्षेत्रों से कार्यकर्ता अपनी बात लेकर पहुंचे थे। मंत्री गुरु खुशवंत साहेब ने बेहद संवेदनशीलता के साथ एक-एक कर सभी कार्यकर्ताओं से संवाद किया और उनकी समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान सहयोग केन्द्र प्रभारी सच्चिदानंद उपासने उपस्थित रहे।



























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