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- रायपुर /छत्तीसगढ़ व्यावसायिक परीक्षा मंडल द्वारा आयोजित संचालक, संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं, नवा रायपुर से प्राप्त प्रस्ताव के आधार पर फार्मासिस्ट ग्रेड-2 के रिक्त पदों पर भर्ती हेतु लिखित परीक्षा (HSP-25) का आयोजन 12 अप्रैल 2026 (रविवार) को किया जाएगा। यह परीक्षा सुबह 11:00 बजे से दोपहर 01:15 बजे तक जिले के विभिन्न परीक्षा केन्द्रों में संचालित होगी।परीक्षा से संबंधित गोपनीय सामग्री का वितरण 12 अप्रैल 2026 को प्रातः 7:00 बजे से जिला कोषालय, कलेक्टर परिसर रायपुर से किया जाएगा। यह परीक्षा में जिले के 17 परीक्षा केंद्रों में आयोजित होगी जिसमें कुल 5577 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए श्री उपेन्द्र किण्डो, डिप्टी कलेक्टर रायपुर को नोडल अधिकारी तथा श्री केदारनाथ पटेल, रोजगार अधिकारी, विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर को सहायक नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
- -स्व-सहायता समूह से जुड़कर बनीं आत्मनिर्भर, प्रतिमाह कमा रही 10 हजार से 40 हजार रूपए तकरायपुर। जहां चाह-वहां राह, इस युक्ति को चरितार्थ किया है सविता ने, मुंगेली जिले के पथरिया विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम अमलडीहा निवासी श्रीमती सविता यादव आज स्व-सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की प्रेरक मिसाल बन गई हैं। कभी आर्थिक तंगी और कर्ज के बोझ से जूझने वाली सविता यादव आज अपने हुनर और मेहनत के दम पर सशक्त जीवन जी रही हैं। आर्थिक सशक्तिकरण के साथ ही सविता यादव के जीवन में कई सकारात्मक परिवर्तन आए हैं। अब वे अपने परिवार की जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही हैं, बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर भी बेहतर ध्यान दे रही हैं। समूह में उनके सक्रिय योगदान और उत्कृष्ट कार्य को देखते हुए वे वर्तमान में आरबीके के पद पर भी कार्यरत हैं।सविता यादव ने बताया कि समूह से जुड़ने से पहले उनकी आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी। परिवार की आजीविका मजदूरी पर निर्भर थी और सीमित आय के कारण घर की जरूरतें पूरी करना भी मुश्किल हो जाता था। मजबूरी में उन्हें गांव के साहूकारों से ऊंचे ब्याज पर कर्ज लेना पड़ता था, जिससे वे कर्ज के जाल में फंसी रहती थीं। बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी आवश्यक जरूरतें भी प्रभावित होती थीं। सविता यादव के जीवन में सकारात्मक बदलाव तब आया, जब वे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के अंतर्गत गौरी महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ीं। समूह से जुड़ने के बाद उन्होंने बचत, बैंकिंग और वित्तीय प्रबंधन के महत्व को समझा। उन्हें रिवॉल्विंग फंड, कम्युनिटी इन्वेस्टमेंट फंड तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से आसान शर्तों पर ऋण प्राप्त हुआ।प्राप्त ऋण राशि का सदुपयोग करते हुए सविता यादव ने अपने गांव में सिलाई सेंटर की शुरुआत की। अपने कौशल और मेहनत के बल पर उन्होंने इस कार्य को आगे बढ़ाया और धीरे-धीरे उनकी आय में वृद्धि होने लगी। जहां पहले उनकी मासिक आय लगभग 10 हजार रुपये थी, वहीं अब बढ़कर 40 हजार रुपये तक पहुंच गई है। सविता यादव आज न केवल खुद आत्मनिर्भर बनी हैं, बल्कि अपने गांव की अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।
- -तकनीक, तत्परता और जनसहभागिता से सुरक्षित हो रहे कवर्धा के वनरायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के कवर्धा परियोजना मंडल में वनों की सुरक्षा अब तकनीक और त्वरित कार्रवाई के समन्वय से और अधिक प्रभावी हो गई है। 25 हजार 436 हेक्टेयर के विशाल वन क्षेत्र, जो 25 बीटों में विभाजित है, की निगरानी के लिए ‘फायर अलर्ट’ सिस्टम सक्रिय किया गया है, जिससे आग की घटनाओं पर समय रहते नियंत्रण संभव हो पा रहा है।उल्लेखनीय है कि वन विभाग द्वारा FMIS (फॉरेस्ट मैनेजमेंट इंफॉर्मेशन सिस्टम) के माध्यम से सभी मैदानी अधिकारियों और कर्मचारियों को जोड़ा गया है। जैसे ही किसी क्षेत्र मंय आग लगने की सूचना मिलती है, संबंधित कर्मचारियों को तत्काल अलर्ट प्राप्त होता है और वे बिना विलंब मौके पर पहुंचकर आग पर नियंत्रण पा लेते हैं।अग्नि सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए मानव संसाधन और उपकरणों को भी सुदृढ़ किया गया है। प्रत्येक बीट में अग्नि सुरक्षा श्रमिकों की तैनाती की गई है, जो लगातार सतर्क रहते हैं। फायर सीजन शुरू होने से पहले ही संवेदनशील क्षेत्रों में फायर लाइन तैयार कर ली गई है, जिससे आग के फैलाव को रोका जा सके। साथ ही, सभी परिक्षेत्रों में आधुनिक फायर ब्लोअर उपलब्ध कराए गए हैं, जो त्वरित नियंत्रण में सहायक साबित हो रहे हैं। सूचना के त्वरित आदान-प्रदान के लिए सोशल मीडिया समूह भी बनाए गए हैं, जहां आग से संबंधित सूचना तुरंत साझा की जाती है। इसके साथ ही, वन क्षेत्रों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों को जागरूक कर उनकी सहभागिता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे सामूहिक प्रयासों से बेहतर परिणाम मिल रहे हैं।अग्नि नियंत्रण के बाद की पूरी जानकारी विभागीय वेबसाइट पर दर्ज की जाती है, जिससे कार्यों में पारदर्शिता बनी रहती है। इन सभी प्रयासों का सकारात्मक परिणाम सामने आया है। मार्च 2026 तक इस परियोजना मंडल में केवल 23 अग्नि प्रकरण दर्ज किए गए हैं, जिनमें भी त्वरित कार्रवाई के चलते आग पर शीघ्र काबू पा लिया गया। इससे वन संपदा और वन्य जीवों को होने वाली संभावित क्षति को न्यूनतम किया जा सका है। इस प्रकार तकनीक, सजगता और जनसहभागिता के समन्वित प्रयासों से कवर्धा के वन अब अधिक सुरक्षित हो रहे हैं और यह पहल एक प्रभावी मॉडल के रूप में उभर रही है।
- -शिक्षा में आगे बढ़ने का दे रही अवसर, बढ़ रहा दिव्यांग विद्यार्थियों का आत्मविश्वासरायपुर । मेहनत, आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प के साथ यदि कोई आगे बढ़े तो कोई भी बाधा उसकी सफलता की राह में रुकावट नहीं बन सकती। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के उद्देश्य से संचालित “क्षितिज अपार संभावनाएं” योजना ऐसे ही विद्यार्थियों के जीवन में नई उम्मीद जगा रही है। यह योजना दिव्यांग छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान कर उनकी पढ़ाई को आगे बढ़ाने के साथ-साथ उनके आत्मविश्वास को भी मजबूत कर रही है।कबीरधाम जिले में इस योजना के माध्यम से वर्ष 2023 से 2026 तक कुल 35 दिव्यांग विद्यार्थियों को 4 लाख 76 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जा चुकी है। इसमें सिविल सेवा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 6 दिव्यांगजनों को 2 लाख 90 हजार रुपये तथा शिक्षा प्रोत्साहन योजना के तहत 29 दिव्यांग विद्यार्थियों को 1 लाख 86 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। इस योजना के माध्यम से दिव्यांग विद्यार्थियों को न केवल आर्थिक सहयोग मिल रहा है, बल्कि उन्हें अपने सपनों को साकार करने का नया हौसला भी मिल रहा है। शासन की यह पहल दिव्यांग विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हुए उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य कर रही है।कवर्धा के ऐसे ही एक होनहार छात्र रवियांशु साहू ने अपनी दिव्यांगता को कमजोरी नहीं, बल्कि हौसले की ताकत बनाकर यह साबित कर दिया है कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की जा सकती है। कवर्धा के दुर्गावती चौक स्थित स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में अध्ययनरत रवियांशु साहू ने कक्षा 10वीं की परीक्षा में कुल 600 अंकों में से 378 अंक (63 प्रतिशत) प्राप्त किए। रवियांशु 40 प्रतिशत अस्थि बाधित दिव्यांग हैं, इसके बावजूद उन्होंने निरंतर परिश्रम और दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ पढ़ाई करते हुए यह सफलता हासिल की। शिक्षा सत्र 2024-25 में कक्षा 10वीं में दिव्यांगजनों की श्रेणी में जिला कबीरधाम में सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र रवियांशु साहू को समाज कल्याण विभाग द्वारा 2 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई। यह राशि उन्हें उनकी शैक्षणिक उपलब्धि के लिए प्रोत्साहन स्वरूप दी गई।
- -आंगनवाड़ी केंद्र में कार्यकर्ताओं व सहायिकाओं को कराया गया योग, स्वस्थ तन-मन पर दिया गया जोरकोरिया। जिले के आंगनवाड़ी केंद्र कटगोडी में मंगलवार को आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं सहायिकाओं को योगाभ्यास कराया गया। यह पहल कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के मार्गदर्शन में संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत विभिन्न आंगनबाड़ी केंद्रों में योग को बढ़ावा दिया जा रहा है।आयुष जिलाधिकारी डॉ. एलविना ग्रेस टोप्पो ने बताया कि इस पहल का उद्देश्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं एवं नन्हे बच्चों में योग के प्रति रुचि जागृत करना तथा 'स्वस्थ तन, स्वस्थ मन' की अवधारणा को साकार करना है।उन्होंने कहा कि योगाभ्यास हर वर्ग और हर आयु के लोगों के लिए लाभकारी है, लेकिन इसे शुरू करने से पहले विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में करना आवश्यक है। वर्तमान समय में भागदौड़ भरी जीवनशैली, तनाव और अनियमित खानपान के कारण लोग शारीरिक एवं मानसिक समस्याओं से जूझ रहे हैं, ऐसे में योग एक प्रभावी समाधान के रूप में उभर रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने और नियमित योगाभ्यास को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संदेश भी दिया गया।
- -जल संचयन हेतु समुदाय की सहभागिता पर जोर-राजस्व शिविर में पटवारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के दिए निर्देशबलौदाबाजार। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने मंगलवार को साप्ताहिक समय -सीमा की बैठक में राज्य और केंद्र शासन की.विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने भूमिगत जल के रिचार्ज हेतु सभी शासकीय भवनों में सोखता गढ्ढा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग की संरचनाएँ निर्मित करने और जन भागीदारी से जल संचयन के कार्य पूर्ण करने पर जोर दियाकलेक्टर ने जल संसाधन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिये कि नहरों के आसपास भी ऐसी संरचनाएं निर्मित करें जो पानी रोककर भूमिगत जल रिचार्ज में सहायक हों।उन्होंने खेतों के सबसे निचले क्षेत्र में भी जल संरक्षण की संरचना बनाने के निर्देश दिए हैं। श्री शर्मा ने आंगनवाड़ी,शासकीय और निजी स्कूलों में भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग और सोखता पिट निर्माण के निर्देश दिए। उन्होंने इस संबंध में जन जागरूकता हेतु अधिक से अधिक प्रचार प्रस्ताव के साथ आम नागरिकों से इस कार्य में सहयोग की अपील भी की है । जल संचयन की संरचनाओं के गुणवत्ता पूर्ण निर्माण में बाद उसकी फोटो और अनिवार्य जियो टैगिंग के भी निर्देश उन्होंने दिए।बैठक में उन्होंने लोक सेवा गारंटी के तहत विभिन्न प्रकरणों के समय सीमा में निराकरण और पोर्टल में तत्काल एंट्री के निर्देश भी दिए हैं,ऐसा न करने पर संबंधित अधिकारी -कर्मचारी पर लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी । उन्होंने राजस्व पखवाड़े में पटवारियों को अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के निर्देश देते हुए मामलों का ऑन द स्पॉट निराकरण करने को कहा है। श्री शर्मा ने जनगणना के कार्यों को संवेदनशीलता और कर्मठता से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए।उन्होंने कहा जनगणना सर्वोच्च प्राथमिकता में शामिल है इस कार्य में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शासकीय ज़मीन पर अतिक्रमण के मामलों को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने भूराजस्व संहिता के तहत कठोर कार्रवाई के निर्देश सभी अनुविभागीय अधिकारियों को दिए हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत भूमिहीन नागरिकों को भी लाभान्वित किया जाना है। उन्होंने सभी अनुविभागीय अधिकारियों को पंचायत स्तर पर आबादी भूमि का चिन्हांकन कर भूमिहीनों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए हैं।
- बलौदाबाजार । भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन,हर घर जल के अंतर्गत विकासखंड पलारी के ग्राम पंचायत तेलास में ग्राम के प्रत्येक घर तक स्वच्छ पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हुई है। इसके साथ हर घर जल प्रमाणीकरण प्राप्त किया है। उपलब्धि के उपरांत जलापूर्ति योजना का विधिवत हस्तांतरण ग्राम पंचायत को कर दिया गया है।योजना के सफल क्रियान्वयन में जनप्रतिनिधियों, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग एवं ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही। ग्राम पंचायत स्तर पर पाइपलाइन विस्तार, घरेलू नल कनेक्शन एवं जल संरचनाओं का निर्माण गुणवत्ता के साथ पूर्ण किया गया।योजना के दीर्घकालिक संचालन एवं रख-रखाव को सुनिश्चित करने हेतु ग्राम पंचायत में आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित की गई हैं।योजना के संचालन हेतु प्रति परिवार ₹80 प्रतिमाह जल कर निर्धारित किया गया है।जल आपूर्ति के नियमित संचालन के लिए स्थानीय स्तर पर पंप ऑपरेटर नियुक्त कोयन गया है। योजना के संचालन, रख-रखाव एवं निगरानी की जिम्मेदारी ग्राम जल एवं स्वच्छता समिति को सौंपी गई है।जल वाहिनी टीम द्वारा समय-समय पर जल की गुणवत्ता की जांच सुनिश्चित की जा रही है।
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-उप मुख्यमंत्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा स्वीकृति आदेश जारी
रायपुर ।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोरबा नगर निगम में चार प्रमुख सड़कों के डामरीकरण के लिए पांच करोड़ 93 लाख 45 हजार रुपए मंजूर किए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद विभाग ने संचालनालय से इनकी मंजूरी के आदेश जारी कर दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव ने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं।नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने कोरबा नगर निगम के कोरबा जोन में सुनालिया ब्रिज से पॉवर हाउस रोड फाटक अंडर ब्रिज रोड तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 12 लाख 55 हजार रुपए स्वीकृत किए हैं। कोरबा जोन में ही पॉवर हाउस रोड फाटक से पुराने बस स्टैंड अंडर ब्रिज तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 56 लाख 90 हजार रुपए मंजूर किए गए हैं। विभाग ने कोसाबाड़ी जोन अंतर्गत जैन चौक से घंटा घर सड़क तक डामरीकरण के लिए एक करोड़ 25 लाख रुपए तथा घंटा घर से कोसाबाड़ी चौक तक डामरीकरण कार्य के लिए एक करोड़ 99 लाख रुपए मंजूर किए हैं। - रायपुर । महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 9 से 23 अप्रैल 2026 तक देशभर में आठवें ‘पोषण पखवाड़ा-2026’ का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष का विषय “जीवन के पहले छह वर्षों में मस्तिष्क के विकास को अधिकतम करना” रखा गया है, जो बच्चों के शुरुआती वर्षों में पोषण, देखभाल और शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। इस राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत 9 अप्रैल को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन से केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी के नेतृत्व में की जाएगी, जिसमें राज्य मंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर एवं सचिव श्री अनिल मलिक की उपस्थिति रहेगी।छत्तीसगढ़ में भी इस राष्ट्रीय अभियान के अनुरूप राज्य स्तरीय कार्यक्रमों की शुरुआत की जाएगी। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा सभी जिलों के आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से व्यापक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें माताओं, बच्चों, परिवारों और समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी।प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने पोषण के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा है कि “एक स्वस्थ बच्चा एक मजबूत राष्ट्र की नींव होता है।” उन्होंने ‘पोषण अभियान’ को जन आंदोलन बताते हुए प्रत्येक मां और बच्चे तक समुचित पोषण पहुंचाने का आह्वान किया है।पोषण पखवाड़ा-2026 के तहत विशेष रूप से मातृ एवं शिशु पोषण, जन्म से 3 वर्ष तक के बच्चों में मस्तिष्क विकास हेतु प्रारंभिक प्रोत्साहन, 3 से 6 वर्ष तक के बच्चों के लिए खेल-आधारित शिक्षा, स्क्रीन टाइम में कमी और आंगनबाड़ी केंद्रों को सामुदायिक सहयोग से सशक्त बनाने पर फोकस किया जाएगा। वैज्ञानिक तथ्यों के अनुसार, बच्चे के मस्तिष्क का लगभग 85 प्रतिशत विकास छह वर्ष की आयु तक हो जाता है, जिससे इन वर्षों में पोषण और देखभाल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है।राज्य में इस अवधि के दौरान ‘पोषण पंचायत’, जागरूकता अभियान, प्रारंभिक शिक्षण गतिविधियां, स्वास्थ्य एवं पोषण परामर्श सत्र और व्यवहार परिवर्तन से जुड़ी पहलें संचालित की जाएंगी। साथ ही, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं की भूमिका को सशक्त करते हुए जमीनी स्तर पर सेवाओं की गुणवत्ता को और बेहतर बनाने पर जोर दिया जाएगा।उल्लेखनीय है कि पोषण अभियान आज एक राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसका उद्देश्य कुपोषण मुक्त भारत का निर्माण करना है। ‘पोषण पखवाड़ा’ इसी दिशा में जागरूकता, जनभागीदारी और सामुदायिक एकजुटता को बढ़ावा देने का एक सशक्त माध्यम है।छत्तीसगढ़ में इस अभियान के माध्यम से यह संदेश दिया जाएगा कि पोषण, देखभाल, प्रारंभिक शिक्षा और समाज की भागीदारी मिलकर ही एक स्वस्थ, शिक्षित और सशक्त भविष्य की नींव रख सकते हैं।
- -आयोग चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में लेता है : मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमाररायपुर। भारत निर्वाचन आयोग ने 07 अप्रैल को नई दिल्ली में असम, केरल और पुडुचेरी की विधानसभाओं के आगामी आम चुनावों के लिए अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP), 2026 की शुरुआत की। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने निर्वाचन आयुक्त डॉ. एस.एस. संधू और डॉ. विवेक जोशी के साथ भारत अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र और चुनाव प्रबंधन संस्थान (IIIDEM) में इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया। मुख्य निर्वाचन आयुक्त श्री ज्ञानेश कुमार ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत निर्वाचन आयोग (ECI) भारत में चुनावों को लोकतंत्र के उत्सव के रूप में लेता है और इसे ‘मिशन मोड’ में सुनिश्चित करने की दिशा में कार्य करता है। उन्होंने प्रतिभागियों से राज्यों के दौरे का आनंद लेने तथा भारत की विविधता को सीखने, देखने व अनुभव करने का आह्वान किया।कार्यक्रम के प्रथम चरण में प्रतिनिधि 8-9 अप्रैल 2026 को असम, केरल और पुडुचेरी का दौरा करेंगे। द्वितीय चरण में प्रतिनिधि 20 अप्रैल 2026 से पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु राज्यों का दौरा करेंगे।कार्यक्रम के पहले चरण में दिल्ली स्थित पांच विदेशी मिशनों के प्रतिनिधियों सहित 23 देशों के 43 प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। प्रतिनिधियों को IIIDEM में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) का प्रदर्शन दिखाया गया तथा उन्होंने ‘मॉक पोल’ (दिखावटी मतदान) के माध्यम से मतदान प्रक्रिया का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।प्रतिनिधियों ने भारत की चुनाव प्रक्रिया में तकनीकी हस्तक्षेपों एवं प्रशासनिक सुरक्षा उपायों में गहरी रुचि दिखाई। इस दौरान विशेषज्ञों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें प्रतिभागियों ने अपनी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया।प्रतिनिधि 8 अप्रैल को असम, केरल एवं केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी की यात्रा करेंगे। वे प्रेषण एवं वितरण केंद्रों, जिला नियंत्रण कक्षों तथा मीडिया निगरानी केंद्रों सहित विभिन्न व्यवस्थाओं का अवलोकन करेंगे तथा 9 अप्रैल 2026 की सुबह वास्तविक मतदान प्रक्रिया के साक्षी बनेंगे। अंतर्राष्ट्रीय निर्वाचन आगंतुक कार्यक्रम (IEVP) भारत निर्वाचन आयोग का एक प्रमुख कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य अन्य देशों के चुनाव प्रबंधन निकायों (EMBs) एवं अंतर्राष्ट्रीय संगठनों के साथ सहयोग एवं सहभागिता को बढ़ावा देना है। यह कार्यक्रम भारत के चुनावी ढांचे, संस्थागत तंत्र एवं परिचालन व्यवस्था का व्यापक अवलोकन प्रदान करता है तथा विदेशी प्रतिनिधियों को चुनाव प्रबंधन की सर्वोत्तम प्रथाओं एवं नवाचारों से अवगत कराता है। IEVP अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के समक्ष भारत की चुनावी प्रणाली की सुदृढ़ता को प्रदर्शित करता है तथा विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र में अपनाई जाने वाली श्रेष्ठ चुनावी प्रक्रियाओं को साझा करने का अवसर प्रदान करता है।
- -कुल 90.5 किमी लंबाई के 15 फोरलेन सड़कों का होगा निर्माण-फोरलेन सड़कों के विस्तार से सुरक्षित यातायात के साथ आर्थिक प्रगति का आधार भी मजबूत होगा – उप मुख्यमंत्री अरुण सावरायपुर । प्रदेशवासियों को यातायात के लिए मजबूत और चौड़ी सड़कें उपलब्ध कराने लोक निर्माण विभाग ने 15 फोरलेन सड़कों के निर्माण के लिए 708 करोड़ 21 लाख 35 हजार रुपए मंजूर किए हैं। हाल ही में समाप्त हुए वित्तीय वर्ष 2025-26 में स्वीकृत इस राशि से विभिन्न जिलों में कुल 90.5 किमी फोरलेन सड़कों का निर्माण किया जाएगा। इनके निर्माण से प्रमुख सड़कों पर सुगम यातायात और जॉम से मुक्ति के साथ ही यात्रा का समय घटेगा। फोरलेन सड़कों से सुरक्षित यातायात के साथ ही आर्थिक विकास को भी मजबूती मिलेगी। इससे कृषि, व्यापार, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को भी बढ़ावा मिलेगा।लोक निर्माण विभाग ने दुर्ग जिले में दुर्ग-धमधा-बेमेतरा अंडर ब्रिज से अग्रसेन चौक तक 0.5 किमी फोरलेन मार्ग के लिए तीन करोड़ 41 लाख रुपए, स्मृति नगर पेट्रोल पंप से आई.आई.टी. जेवरा सिरसा तक 7 किमी फोरलेन सड़क के लिए 20 करोड़ 64 लाख रुपए, मिनी माता चौक से महाराजा चौक-ठगड़ा बांध तक 4.70 किमी फोरलेन मार्ग के लिए 28 करोड़ 58 लाख रुपए तथा महाराजा चौक से बोरसी चौक तक 1.80 किमी फोरलेन सड़क के लिए 23 करोड़ 97 लाख रुपए मंजूर किए हैं।विभाग ने रायगढ़ में ढिमरापुर चौक से कोतरा थाना चौक तक 2.50 किमी के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 41 करोड़ 49 लाख रुपए, रायगढ़-कोतरा-नंदेली राज्य मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 55 करोड़ 29 लाख रुपए, रायगढ़-लोईंग-महापल्ली मुख्य जिला मार्ग के किमी 1 से किमी 5 तक विद्युतीकरण सहित फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 81 करोड़ 48 लाख रुपए तथा 6 किमी तमनार फोरलेन बायपास के निर्माण के लिए 152 करोड़ 17 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं।रायपुर जिले में अभनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग-30 में 2.8 किमी लंबाई के फोरलेन में उन्नयन के लिए 17 करोड़ 9 लाख रुपए, राजिम में नवीन मेला स्थल से लक्ष्मण झूला तक 3.50 किमी फोरलेन सड़क के निर्माण के लिए 34 करोड़ 20 लाख रुपए, अंबिकापुर में गांधी चौक से रेलवे स्टेशन तक 5 किमी लंबाई के फोरलेन चौड़ीकरण के लिए 61 करोड़ 34 लाख रुपए, बिलासपुर में 13.40 किमी कोनी-मोपका फोरलेन बायपास मार्ग के लिए 82 करोड़ 80 लाख 26 हजार रुपए एवं कोटा-लोरमी-पंडरिया मार्ग में 21 किमी सड़क के फोरलेन चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 14 करोड़ 71 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।लोक निर्माण विभाग ने जशपुर जिले में कुल 7.30 किमी लंबाई के तीन सड़कों के फोरलेन में उन्नयन एवं मजबूतीकरण के लिए 36 करोड़ 85 लाख रुपए स्वीकृत किए हैं। इनमें 2 किमी लंबा पत्थलगांव के इंदिरा चौक से जशपुर रोड, 1.50 किमी लंबा इंदिरा चौक से अंबिकापुर रोड तथा 3.80 किमी लंबा इंदिरा चौक से रायगढ़ रोड शामिल हैं। विभाग ने कबीरधाम जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-30 के किमी 50 से किमी 57 तक फोरलेन में उन्नयन और डिवाइडर निर्माण के लिए भी 54 करोड़ 21 लाख रुपए मंजूर किए हैं।“राज्य में बेहतर और सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है। फोरलेन सड़कों का विस्तार केवल यातायात सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह प्रदेश की आर्थिक प्रगति का मजबूत आधार भी तैयार करता है। लोक निर्माण विभाग द्वारा अधोसंरचना विकास में बड़े पैमाने पर निवेश कर कनेक्टिविटी को सुदृढ़ किया जा रहा है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संतुलित विकास को नई गति मिलेगी।” – श्री अरुण साव, उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री
- रायपुर । किसी समय बस्तर का नाम सुनते ही जेहन में केवल घने जंगल और माओवाद की दहशत उभरती थी। बस्तर जिले के दरभा ब्लॉक का कोलेंग गांव भी एक ऐसे ही इलाका था, जहां विकास की किरणें नक्सली साये और दुर्गम रास्तों के कारण पहुँचने से कतराती थीं। लेकिन आज तस्वीर बदल चुकी है। कभी गोलियों की गूंज के लिए पहचाने जाने वाले इस क्षेत्र में अब की-बोर्ड की टिक-टिक और डिजिटल लेनदेन की गूंज सुनाई दे रही है। इस परिवर्तन की कहानी गांव के ही एक शिक्षित युवा संतोष कुमार के इर्द-गिर्द घूमती है। हायर सेकेंडरी तक शिक्षा प्राप्त करने के बाद संतोष ने शहर की ओर रुख करने के बजाय अपने ही गांव की मिट्टी को सींचने का फैसला किया। पिछले तीन वर्षों से वे ग्राम पंचायत कॉम्प्लेक्स में एक कॉमन सर्विस सेंटर का संचालन कर रहे हैं। जिस क्षेत्र में कभी नेटवर्क की समस्या और संचार के साधनों का अभाव था, वहाँ संतोष अपनी मेहनत और दृढ़ इच्छाशक्ति से ग्रामीणों को सुविधाएं सुलभ करवा रहे हैं। आज उनकी वजह से कोलेंग सहित क्षेत्र के चांदामेटा, मुण्डागांव, छिंदगुर, कांदानार, सरगीपाल, काचीरास आदि गांवों के ग्रामीणों को छोटी-छोटी जरूरतों, जैसे नकदी निकासी, बैंक खाता खोलने या आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए दरभा या जगदलपुर तक जाने की जरूरत नहीं पड़ती है।संतोष की सेवाएं केवल बैंकिंग तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि वे ई-श्रम कार्ड, किसान पंजीयन और पैन कार्ड जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज भी गांव में ही तैयार कर रहे हैं। विशेष रूप से पिछले वर्ष आधार पंजीयन की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद उन्होंने गांव में ही आधार कार्ड बनाने की सुविधा शुरू की है, जो इस दुर्गम क्षेत्र के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। अब यहाँ के निवासियों को जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसे जरूरी कागजात बनवाने के लिए मीलों का सफर तय नहीं करना पड़ता, जिससे उनके समय और मेहनत के साथ-साथ पैसों की भी बड़ी बचत हो रही है।नक्सलवाद के प्रभाव और नेटवर्क की चुनौतियों को मात देते हुए संतोष ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों, तो विकास की धारा को सबसे अंतिम छोर तक पहुँचाया जा सकता है। इस कार्य से जहाँ वे स्वयं हर महीने लगभग 15 हजार रुपये की आय अर्जित कर आत्मनिर्भर बने हैं, वहीं वे अपने गांव सहित क्षेत्र को भी डिजिटल युग की मुख्यधारा से जोड़ रहे हैं। संतोष कुमार का यह प्रयास न केवल कोलेंग की डिजिटल दूरियों को पाट रहा है, बल्कि यह उस आत्मविश्वास का भी प्रतीक है जो बस्तर के युवाओं में अब माओवाद की दहशत को पीछे छोड़कर अपने भविष्य को संवारने के लिए जागृत हो रहा है। आज कोलेंग इलाके में डिजिटल लेनदेन की सुगमता, बदलते बस्तर और सशक्त होते ग्रामीण भारत की एक जीवंत तस्वीर पेश करती है।
- रायपुर । वन धन विकास केंद्र आदिवासी समुदायों को सशक्त बनाने के लिए में शुरू की गई एक अनूठी पहल है। ये केंद्र स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को जोड़कर, लघु वन उत्पादों (MFP) के मूल्यवर्धन, प्रसंस्करण और विपणन के माध्यम से आदिवासियों की आय और आजीविका को बढ़ाते हैं। ये समूह जंगलों में मिलने वाली औषधीय जड़ी-बूटियों से च्यवनप्राश, वासावलेह, कौंचपाक और आरोग्य अमृत जैसे उत्पाद तैयार कर रहे हैं, जिससे उन्हें स्थायी रोजगार मिल रहा है।जशपुर जिले के पंचक्की स्थित वन धन विकास केंद्र (VDVK) के अंतर्गत संचालित स्व-सहायता समूह ग्रामीण उद्यमिता और जनजातीय सशक्तिकरण का अच्छा उदाहरण बनकर सामने आए हैं। इस पहल से उरांव जनजाति के लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिला है। पहले ये लोग मुख्य रूप से खेती और मजदूरी पर निर्भर थे, लेकिन अब प्रधानमंत्री जनजातीय वन धन विकास योजना (PMJVM) के तहत छत्तीसगढ़ राज्य लघु वनोपज संघ (CGMFED) और ट्राइफेड (TRIFED) के सहयोग से सफल उद्यमी बन गए हैं।वित्तीय वर्ष 2025-26 में इन समूहों ने 23.16 लाख रूपए की वार्षिक बिक्री दर्ज की है, जबकि पिछले पाँच वर्षों में औसत वार्षिक बिक्री 31.9 लाख रूपए रही है। यह उनकी लगातार मेहनत और उत्पादों की गुणवत्ता का परिणाम है।इस सफलता में प्रशिक्षण और संस्थागत सहयोग की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। CGMFED द्वारा समूहों को उत्पाद की गुणवत्ता, स्वच्छता, पैकेजिंग और मूल्य संवर्धन का प्रशिक्षण दिया गया। साथ ही विशेषज्ञों द्वारा तकनीकी मार्गदर्शन, मशीनरी और विपणन में भी सहायता प्रदान की गई। समूहों ने ‘छत्तीसगढ़ हर्बल्स’ ब्रांड के तहत अपनी पहचान बनाई है और ‘संजीवनी’ आउटलेट्स के माध्यम से अपने उत्पादों की बिक्री कर रहे हैं। इसके अलावा, आयुष विभाग से आवश्यक लाइसेंस प्राप्त कर उत्पादों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता भी सुनिश्चित की गई है। इस पहल से समूह के सदस्यों की आय बढ़ी है और उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।अब वे अपने बच्चों की शिक्षा और स्वास्थ्य पर अधिक ध्यान दे पा रहे हैं। बेहतर कार्य के लिए समूहों को सम्मान भी मिला है, जिससे उनका आत्मविश्वास और सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ी है। वन धन विकास केंद्र पंचक्की की यह सफलता दर्शाती है कि सही प्रशिक्षण, सहयोग और सामूहिक प्रयास से जनजातीय समुदायों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया जा सकता है।
- -सभी अधिकारी कर्मचारी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होंगेआई-गॉट साधना सप्ताह के अंतर्गत छत्तीसगढ़ मिशन कर्मयोगी कार्यशाला हुई आयोजितरायपुर । मुख्य सचिव श्री विकासशील ने राज्य शासन के सभी विभाग के प्रमुख अधिकारियों से कहा है कि वे मिशन कर्मयोगी के अंतर्गत आई-गॉट ट्रेनिंग कार्यक्रम से अपने विभाग को अनिवार्य रूप से ऑन-बोर्ड कर लें। उन्होंने कहा कि सभी विभाग ऑन-बोर्ड हो जाये मुख्य सचिव ने सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को भी अपने मोबाईल से ऑन-बोर्ड होने को कहा है। राज्य शासन के सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों को उनकी आवश्यकता अनुसार विभागीय स्किल डेवलपमेंट के लिए प्रशिक्षित किया जा सकेगा। मुख्य सचिव ने सभी विभाग प्रमुखों से कहा है कि वे अपने-अपने विभाग की आवश्यकता अनुसार अधिकारी-कर्मचारियों के लिए प्रशिक्षण कोर्स तय कर लें, जिससे उन्हे प्रशिक्षित किया जा सके। आज आई-गॉट प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत साधना सप्ताह के मौके पर सभी विभागों के अधिकारी-कर्मचारी को कर्मयोगी मिशन के तहत प्रशिक्षण हेतु कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में राज्य शासन के विभागों के प्रमुख अधिकारी सहित विभागीय सचिव, संयुक्त सचिव, उप सचिव, अवर सचिव, अनुभाग अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में सभी जिलों के प्रमुख अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए शामिल हुए।कार्यशाला के प्रारंभ में बताया गया की कर्मचारियों को डिजिटल लर्निंग प्लेटफॉर्म आई-गॉट और ई-एच.आर.एम.एस. से जुड़ते हुए उनकी क्षमता एवं कौशल विकास को बढ़ावा देना है। मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि ‘आई-गॉट’ प्लेटफॉर्म पर ए.आई का उपयोग बढ़ रहा है और यह कर्मचारियों को स्मार्ट एवं प्रभावी प्रशिक्षण प्रदान करने में सहायक सिद्ध होगा। उन्होंने शत् प्रतिशत ऑनबोर्डिंग सुनिश्चित करने और उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए सकारात्मक परिणाम प्राप्त करने पर जोर दिया। कार्यशाला में अधिकारियों-कर्मचारियों को यह भी अवगत कराया गया कि प्रशिक्षण केवल कौशल विकास तक ही नहीं, बल्कि जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम है, जिससे प्रत्येक कर्मचारी अपने विभाग की योजनाओं और कार्यप्रणाली से भली-भांति परिचित हो सकेंगे।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा बलरामपुर-रामानुजगंज जिले के विकासखण्ड-बलरामपुर की खटवा बरदर डायवर्सन योजना के लिए 19 करोड़ 02 लाख रुपये स्वीकृत किये गये हैं। योजना के निर्माण से 400 हेक्टेयर खरीफ एवं 80 हेक्टेयर रबी सहित कुल 480 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। मुख्य अभियंता हसदेव गंगा कछार जल संसाधन विभाग अम्बिकपुर को डायवर्सन योजना के कार्यों को पूर्ण कराने के लिए प्रशासकीय स्वीकृति दी गई है।
- -किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने इस संबंध में सीएम, कृषि मंत्री, मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव का ध्यान आकृष्ट कराया थारायपुर । प्रदेश के दलहन - तिलहन उत्पादक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ सुनिश्चित करने के लिए लागू की गई पीएम आशा योजना में जहां किसानो की फसल व रकबा सत्यापन करने हेतु नया निर्देश नया नियम जारी कर दिया गया है , वहीं किसान पंजीयन तिथि भी आसन्न 20 अप्रैल तक के लिए बढ़ा दी गई है । दलहन - तिलहन उत्पादक किसानों के हित में ध्यानाकर्षण के बाद शासन - प्रशासन ने यह निर्णय लिया है ।ज्ञातव्य हो किसान पंजीयन तिथि समाप्त होने के लगभग एक सप्ताह पहले ही गिरदावरी पंजीयन पोर्टल बंद कर दिये जाने की वजह से किसानों का गिरदावरी डाटा इन्द्राज न हो पाने से किसानों में व्याप्त आक्रोश की ओर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, कृषि मंत्री रामविचार नेताम , मुख्य सचिव विकासशील व मुख्यमंत्री सचिवालय के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह का ध्यान किसान संघर्ष समिति के संयोजक भूपेंद्र शर्मा ने बीते 4 अप्रैल को ज्ञापन सौंप आकृष्ट कराया था । इसके बाद हरकत में आये कृषि विभाग ने बीते कल 7 अप्रैल को एक आदेश जारी कर जहां बीते 31 मार्च को समाप्त हो चुकी किसान पंजीयन तिथि को आगामी 20 अप्रैल तक के लिये बढ़ा दी है वहीं एक दूसरा आदेश जारी कर गिरदावरी पुष्टि हेतु नया नियम बना दिया है । पंजीयन तिथि वृद्धि संबंधी आदेश में लिखा गया है कि पूर्व में यह तिथि बीते 01 दिसंबर से 28 फरवरी तक निर्धारित थी जिसे 31 मार्च तक विस्तारित किया गया था । पुन: कृषि संचालक व जिलाधीशों द्वारा अभी भी कृषक पंजीयन लंबित होने की जानकारी दिये जाने पर एकीकृत किसान पोर्टल में किसान पंजीयन हेतु तिथि आगामी 20 अप्रैल तक बढायी जाती है ।वहीं गिरदावरी डाटा के पोर्टल में इन्द्राज के संबंध में नया निर्देश जारी करते हुये कहा गया है कि विभाग के संज्ञान में लाया गया है कि रबी फसल हेतु की गयी गिरदावरी / डी सी एस अपूर्ण होने के कारण उपार्जन हेतु फसल एवं रकबा के सत्यापन में कठिनाई हो रही है। अत: फसल एवं रकबा के सत्यापन हेतु पटवारी व ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी प्रमाण पत्र किसान द्वारा प्रस्तुत किये जाने पर प्रमाण पत्र को मान्य करते हुये फसल एवं रकबा का सत्यापन कर उपार्जन की कार्यवाही सुनिश्चित किया जाए । ज्ञातव्य हो कि किसान पंजीयन हेतु पूर्व में निर्धारित 31 मार्च की तिथि के पहले ही गिरदावरी प्रविष्टि पोर्टल 26 मार्च से बंद कर दिये जाने के कारण व इसके पूर्व भी पंजीयन करा चुके रबी उत्पादक किसानों का फसल - रकबा संबंधित पोर्टल में प्रविष्ट न हो पाने के कारण किसानों में आक्रोश व्याप्त हो गया था ।
- रायपुर। अध्यक्ष सरयूपरिण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के अध्यक्ष डॉ. सुरेश शुक्ला ने कहा कि बीते सप्ताह मुझे हृदय रोग की गंभीर स्थिति से जूझना पड़ा, आप सबके स्नेह शुभकामनाओं से स्वास्थ्य लाभ ले रहा। इसी दौरान मैने अनुभव किया कि समय रहते शरीर की जांच होती रहनी आवश्यक है। कुछ परिजन आर्थिक कारणों से जांच नहीं करा पाते। इसके लिए सरयूपारीण ब्राह्मण सभा छत्तीसगढ़ के द्वारा स्वास्थ्य की नि:शुल्क जांच एमएम नारायणा हॉस्पिटल लालपुर के सहयोग(सीबीसी,ईसीजी,लिपिड प्रोफाइल,आर बी एस जांच) एक विशेषज्ञ चिकित्सक की उपस्थिति में सोमवार 6अप्रैल से 10अप्रैल शुक्रवार तक किए जाने की व्यवस्था की गई है । इसके अलावा विशेष जांच चिकित्सा में 50 प्रतिशत छूट भी मिलेगी। जिस किसी को इस भी सुविधा का लाभ लेना हो **कृपया चिकित्सा कूपन मुझसे या समाज कार्यालय से प्राप्त कर स्वास्थ्य जांच कराए।
- 0- करीब 11 हजार पुस्तकें दान दी गई है0- आप भी इस पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में बनें भागीदाररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।इसी क्रम में आज आदिवासी विकास विभाग की छात्रावास अधीक्षक श्रीमती आरती शर्मा ने एसएससी, बैंकिंग, पीएससी, ग्रंथ अकादमी एवं व्यापम सहित अन्य विषयों की 120 पुस्तकें जिला प्रशासन को दान कीं।कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहना करते हुए उन्हें प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रयास से जरूरतमंद एवं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।श्रीमती शर्मा ने बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी विभागीय बैठक के माध्यम से मिली। उन्होंने कहा कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने की भावना से उन्होंने पुस्तक दान का निर्णय लिया। उन्हें खुशी है कि इन पुस्तकों से जरूरतमंद विद्यार्थियों को पढ़ने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक 10 हजार 850 से अधिक पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक श्री प्रभात सक्सेना (94060 49000) एवं श्री केदार पटेल (94255 02970) से संपर्क कर सकते हैं।इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, जिला रोजगार अधिकारी श्री केदार पटेल, नोडल अधिकारी श्री प्रभात सक्सेना सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- मिशन के तहत कार्य कर रहे प्राचार्य एवं ग्रंथपाल का कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने बढ़ाया उत्साह किया सम्मानितरायपुर। ज्ञान भारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में पांडुलिपि सर्वेक्षण अभियान की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य प्राचीन पांडुलिपियों, ताड़पत्रों एवं हस्तलिखित ग्रंथों का संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण करना है, ताकि देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखा जा सके।कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने बताया कि इस अभियान के माध्यम से जिले के विभिन्न भागों में स्थित प्राचीन पांडुलिपियों का सर्वेक्षण किया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह अभियान देश की सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इस अभियान के तहत प्राचीन पांडुलिपियों का संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण किया जाएगा, जिससे इनका उपयोग शोध एवं अध्ययन के लिए किया जा सके।इस अवसर पर शासकीय संस्कृत कॉलेज के प्राचार्य एवं (संरक्षक) डॉ.सीमा शुक्ला एवं शासकीय संस्कृत कॉलेज के ग्रंथपाल (सर्वेयर) श्री सुनील सोनी को "ज्ञानभारतम मिशन" के अंतर्गत पांडुलिपि सर्वेक्षण कार्य करने हेतु कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने प्रशस्ति पत्र देकर उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
- 0- छात्रों द्वारा परिचय पत्र दिखाने पर मिलेंगे 5 किलो वाले गैस सिलेंडर0- गैस वितरण में बाधा उत्पन्न करने वालों पर की जाएगी कड़ी कार्रवाईरायपुर। एलपीजी गैस से जुड़े मुद्दों को लेकर आज कलेक्टरेट परिसर स्थित रेडक्रॉस हॉल में कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर ने जिले के एलपीजी वितरकों की बैठक ली।अपर कलेक्टर श्री राठौर ने कहा जिले में निवासरत विद्यार्थियों को 5 किलो का छोटा सिलेंडर गैस एजेंसी द्वारा आधार कार्ड एवं निवास प्रमाण पत्र के आधार पर प्रदान किया जाएगा।उन्होंने बताया कि जिले में एलपीजी सिलेण्डर का पर्याप्त स्टॉक है। नियमानुसार उपभोक्ताओं को सिलेण्डर का वितरण किया जा रहा है। यह ध्यान रखें कि वितरण में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें। साथ ही यदि कोई तत्व वितरण में बाधा पहुंचाता है या एजेंसी कार्यालय में नियम के विरूद्ध सिलेण्डर लेने की कोशिश या डिलिवरी मैन से दुर्व्यवहार करता है, उनके विरूद्ध कड़ी कार्यवाही की जाएगी। श्री सिंह ने कहा कि सभी वितरक व्यवस्था बनाए रखें एवं किसी प्रकार की कानून व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न होने पर संबंधित क्षेत्र के अनुविभागीय अधिकारी और पुलिस को सूचना दें। उन्होेंने कहा कि अस्पताल जैसे एम्स, मेकाहारा, वृद्धाश्रम, अनाथाश्रम एवं अन्य समाज कल्याण विभाग से जुड़े अन्य संस्थानों में भी गैस की पूर्ति सुनिश्चित करें। बैठक में ऑयल कंपनी के प्रतिनिधि ने बताया कि वर्तमान स्थिति के अनुसार शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्र में 45 दिन की लिमिट रखी गई है जिसके बाद अगली बुकिंग की जा सकेगी।उन्होंने यह भी बताया कि अभी नए कनेक्शन और सिंगल-डबल कनेक्शन लेने पर प्रतिबंध लगा हुआ है। आदेश आने पर रायपुर जिले के इंडेन डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष एवं ऑल एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष श्री विकास मरकाम ने आम उपभोक्ताओं से अपील की, कि पैनिक न हों जिले में इस समय पर्याप्त मात्रा में स्टॉक है। एजेंसी के कार्यालय में पहुंचकर किसी प्रकार का व्यवधान न उत्पन्न करें, हमारे कार्यों में सहयोग करें। सभी उपभोक्ताओं को नियमानुसार सिलेण्डर दिया जाएगा।इस अवसर पर खाद्य नियंत्रक श्री भूपेन्द्र मिश्रा सहित जिले के खाद्य निरीक्षक एवं जिले के एलपीजी वितरक उपस्थित थे।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँ’रायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में चौकीदार श्री मनोज कुमार वर्मा ने आंगनबाड़ी केंद्र सील्पट्टी, तिल्दा में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।--
- रायपुर. संघ लोक सेवा आयोग, नई दिल्ली द्वारा आयोजित Combined Defence Services (CDS) Examination-2026 एवं National Defence Academy and Naval Academy (NDA) Examination-2026 का आयोजन 12 अप्रैल 2026 को जिले के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में किया जाएगा।CDS परीक्षा तीन पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली प्रातः 9:00 बजे से 11:00 बजे तक, द्वितीय पाली दोपहर 12:30 बजे से 2:30 बजे तक तथा तृतीय पाली शाम 4:00 बजे से 6:00 बजे तक निर्धारित की गई है। यह परीक्षा कुल 3 केंद्रों राष्ट्रीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बाल आश्रम परिसर कचहरी चौक, पी.जी. उमाठे शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला शांति नगर एवं श्रीमती पी.जी. डागा गर्ल्स कॉलेज बाल आश्रम परिसर कचहरी चौक में आयोजित की जाएगी।NDA परीक्षा दो पालियों में आयोजित होगी। प्रथम पाली प्रातः 10:00 बजे से 12:30 बजे तक तथा द्वितीय पाली दोपहर 2:00 बजे से 4:30 बजे तक संपन्न होगी। यह परीक्षा जिले के 5 परीक्षा केंद्रों लक्ष्मीनारायण कन्या उच्चतर माध्यमिक शाला गुरुकुल परिसर कालीबाड़ी रोड, स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम विद्यालय (एम एम आई हॉस्पिटल के पास) लालपुर, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय डब्ल्यू आर एस कॉलोनी, रायपुर कॉन्वेंट उच्च. मा. विद्यालय जनता कॉलोनी बालाजी मंदिर के पास गुढियारी एवं श्री शंकराचार्य इंस्टीट्यूट ऑफ प्रोफे. मैने. एंड टेक्नो. पोस्ट सेजबहार मुजगहन रायपुर में आयोजित की जाएंगी।परीक्षा के संचालन हेतु डिप्टी कलेक्टर श्री उपेन्द्र किण्डो को सहायक को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर तथा विशेष रोजगार कार्यालय रायपुर के रोजगार अधिकारी श्री केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी नियुक्त किया गया है।--
- 0- यातायात व्यवस्था सुधारने पहलभिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन-3 मदर टेरेसा नगर अंतर्गत पावर हाउस चौक पर बढ़ते आवागमन एवं सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए निगम प्रशासन द्वारा अवैध रूप से सड़क किनारे खड़े ठेलों के खिलाफ कार्रवाई की गई। निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर सड़क किनारे लगाए गए ठेलों को हटाया और संबंधित ठेलासंचालकों को सख्त हिदायत दी कि वे भविष्य में सड़क पर अतिक्रमण न करें। पावर हाउस चौक शहर का अत्यंत व्यस्त मार्ग होने के कारण यहां अवैध ठेलों के कारण यातायात प्रभावित हो रहा था और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ था। निगम अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई आम नागरिकों की सुरक्षा और सुगम यातायात व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि पुनः अतिक्रमण किया गया तो और कड़ी कार्रवाई की जाएगी। निगम प्रशासन द्वारा शहर के अन्य व्यस्त क्षेत्रों में भी इसी प्रकार की अभियानात्मक कार्रवाई आगे भी जारी रखने की बात कही गई है, ताकि शहर में यातायात व्यवस्था बेहतर बनी रहे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा शहर में पेयजल व्यवस्था को बेहतर बनाने के उद्देश्य से सुपेला क्षेत्र के लक्ष्मी नगर निजामी चौक में नई टंकी से पाइपलाइन इंटरकनेक्शन का कार्य तेजी से प्रगति पर है। इस कार्य के पूर्ण होने से क्षेत्रवासियों को नियमित एवं पर्याप्त जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी।निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार, नई टंकी से पुरानी पाइपलाइन को जोड़ने का कार्य योजनाबद्ध तरीके से किया जा रहा है, ताकि जल वितरण प्रणाली में किसी प्रकार की बाधा न आए। कार्य के दौरान तकनीकी मापदंडों और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। स्थानीय नागरिकों को कार्य पूर्ण होने के बाद जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। निगम प्रशासन ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करते हुए आम नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
- 0- जनगणना कार्य में लगे अधिकारी व कर्मचारियों को विशेष परिस्थितियों में ही मिलेगा अवकाशदुर्ग। कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित समय-सीमा की बैठक में जनगणना कार्य को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनगणना कार्य के लिए प्रगणक और पर्यवेक्षकों को समय पर प्रशिक्षण दिया जाना अनिवार्य है। इसके लिए इंचार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण हेतु उपयुक्त भवनों का चयन कर प्रशिक्षण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने कहा कि जिन अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी जनगणना कार्य में लगाई गई है, उनका अवकाश स्वीकृत विशेष परिस्थितियों में ही किया जाए। उन्होंने बताया कि जनगणना दो चरणों में आयोजित होगी। पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण एवं गणना का होगा, जबकि दूसरा चरण फरवरी 2027 में परिवारों की व्यक्तिगत जानकारी एकत्रित करने के लिए किया जाएगा।बैठक में ग्राम पंचायतों में राजस्व संबंधी कार्यों की भी समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अविवादित नामांतरण, बंटवारा और पंजीयन प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए। सभी पंचायतों में पंजीयन कार्य प्रारंभ हो चुका है, लेकिन जहां अब तक कार्य शुरू नहीं हुआ है, वहां के सचिवों का वेतन रोकने के निर्देश दिए। साथ ही जिन पंचायतों में प्रकरण दर्ज हो चुके हैं, वहां संबंधित एसडीएम को नियमित समीक्षा कर त्वरित निराकरण सुनिश्चित करने को कहा गया।कलेक्टर श्री सिंह ने जिले में विद्यार्थियों के बायोमेट्रिक अपडेट कार्य की भी समीक्षा की। कलेक्टर के मार्गदर्शन में शासकीय और निजी स्कूलों में यह कार्य निरंतर जारी है। वर्तमान में कई स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं और कुछ में समाप्त हो चुकी हैं, जिसके कारण विद्यार्थियों की उपस्थिति कम है। इस स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए कि स्कूल प्राचार्यों के साथ समन्वय स्थापित कर निःशुल्क बायोमेट्रिक अपडेट कार्य को शीघ्र पूर्ण कराए।बैठक में एडीएम श्री वीरेन्द्र सिंह, अपर कलेक्टर श्रीमती योगिता देवांगन, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश सिंह मिरी एवं श्रीमती सिल्ली थॉमस सहित सभी एसडीएम एवं जनपद सीईओ और समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।

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