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- -बॉटेनिकल गार्डन में ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर की दुर्लभ मौजूदगी दर्ज’-जैव विविधता संरक्षण के प्रयासों को मिली नई पहचानरायपुर । नवा रायपुर स्थित जंगल सफारी के बॉटेनिकल गार्डन में पक्षी प्रेमियों और प्रकृति संरक्षण से जुड़े लोगों के लिए एक सुखद समाचार सामने आया है। हाल ही में आयोजित बर्ड वॉक के दौरान वन्यजीव छायाकारों ने भारत के सबसे छोटे कठफोड़वों में से एक ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर (Brown&capped Pygmy Woodpecker) को कैमरे में कैद किया। तेजी से विकसित हो रहे शहरी क्षेत्र में इस दुर्लभ पक्षी की मौजूदगी जैव विविधता संरक्षण की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है।वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में नवा रायपुर का जंगल सफारी और बॉटेनिकल गार्डन जैव विविधता संरक्षण का महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है। यहां विकसित हरित वातावरण और संरक्षण उपायों के कारण अनेक पक्षी एवं वन्यजीवों को सुरक्षित आवास मिल रहा है। दुर्लभ पक्षियों की बढ़ती उपस्थिति इन प्रयासों की सफलता को दर्शाती है।ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर भारत के सबसे छोटे कठफोड़वों में शामिल है। इसकी लंबाई लगभग 13 से 15 सेंटीमीटर होती है। यह पक्षी पेड़ों की छाल पर बेहद फुर्ती से चढ़ता-उतरता है और अपनी विशिष्ट गतिविधियों के लिए जाना जाता है। इसके सिर पर भूरे रंग का मुकुटनुमा भाग तथा शरीर पर काले-सफेद धब्बेदार पंख होते हैं, जो इसे आकर्षक और आसानी से पहचानने योग्य बनाते हैं।यह छोटा पक्षी पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपनी नुकीली चोंच की सहायता से यह पेड़ों की छाल में छिपे हानिकारक कीटों और लार्वा को खाकर पेड़ों को स्वस्थ रखने में मदद करता है। इसी कारण इसे पेड़ों का प्राकृतिक संरक्षक भी कहा जाता है।आमतौर पर यह पक्षी घने और शांत जंगलों में पुराने वृक्षों पर पाया जाता है। शहरी क्षेत्र में इसकी उपस्थिति यह दर्शाती है कि जंगल सफारी और बोटेनिकल गार्डन में विकसित पारिस्थितिकी तंत्र वन्यजीवों के लिए अनुकूल बन रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार यह उपलब्धि प्रकृति संरक्षण और हरित विकास के प्रयासों की सफलता का प्रमाण है।ब्राउन-कैप्ड पिग्मी वुडपैकर का यह रिकॉर्ड न केवल छत्तीसगढ़ की पक्षी विविधता को समृद्ध करता है, बल्कि आम नागरिकों को भी पर्यावरण संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक होने की प्रेरणा देता है।
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- शिवनाथ नदी महिला घाट की शासकीय भूमि से हटाया गया अतिक्रमण
राजनांदगांव। कलेक्टर जनदर्शन में प्राप्त शिकायतों के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण के लिए जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शिवनाथ वार्ड राजनांदगांव के नागरिकों द्वारा प्रस्तुत शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शिवनाथ नदी स्थित महिला घाट के समीप शासकीय भूमि से अवैध अतिक्रमण हटा दिया गया। शिवनाथ वार्ड के नागरिकों ने कलेक्टर जनदर्शन में आवेदन प्रस्तुत कर अवगत कराया था कि शिवनाथ नदी के महिला घाट के पास स्थित शासकीय भूमि पर कुछ व्यक्तियों द्वारा अवैध रूप से कब्जा कर निर्माण का प्रयास किया जा रहा है। नागरिकों ने सार्वजनिक उपयोग की इस भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराने की मांग की थी।
कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राजस्व एवं नगर निगम अधिकारियों को तत्काल मौके पर जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निर्देशानुसार अधिकारियों ने स्थल का निरीक्षण किया, जिसमें शिकायत सही पाई गई। जिला प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शासकीय भूमि पर किए जा रहे अतिक्रमण को हटाया गया तथा भूमि को अतिक्रमणमुक्त कराया गया। कार्रवाई के दौरान तहसीलदार श्री प्यारेलाल नाग मौके पर उपस्थित रहे और राजस्व अमले की निगरानी में अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया पूर्ण की गई। इस कार्रवाई से महिला घाट की सार्वजनिक उपयोगिता सुरक्षित हुई है तथा स्थानीय नागरिकों और महिलाओं के आवागमन एवं उपयोग में आने वाली भूमि को संरक्षित किया गया है। स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन की त्वरित कार्रवाई की सराहना करते हुए कलेक्टर जनदर्शन के माध्यम से समस्या के समाधान पर आभार व्यक्त किया। -
- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के लिए ग्रामीणों ने दिखाई उत्साहपूर्ण भागीदारी
- प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के संबंध में लाभान्वित हितग्राहियों ने की अपनी प्रतिक्रिया
- सूर्यघर सभा में ग्रामीणों से किया अधिक से अधिक पंजीयन कराने का आह्वान
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा में आयोजित सूर्यसभा में शामिल हुए। इस दौरान जिला पंचायत सीईओ सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित रही। ग्राम बरगा में 224 से अधिक परिवार रहते हैं। कलेक्टर ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री सूर्यघरमुफ्त बिजली योजना की जानकारी देते हुए अधिक से अधिक पंजीयन कराने और गांव को शत-प्रतिशत सोलर गांव बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ग्राम बरगा ने मिशन जल रक्षा, स्वच्छता अभियान, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करते हुए जिले में एक विशिष्ट पहचान बनाई है। कलेक्टर ने कहा कि भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना महत्वाकांक्षी पहल है। जिसका उद्देश्य देश के हर घर तक मुफ्त बिजली पहुंचाना है। इस योजना के तहत उपभोक्ताओं के घरों में रूफटॉप सोलर पैनल स्थापित करना है तथा बिजली बिल मुफ्त अथवा बहुत कम करना है। इस योजना के तहत रूफटॉप सोलर पैलन लगाने के लिए भारत सरकार एवं राज्य शासन द्वारा सब्सिडी प्रदान की जा रही है। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना पूरी तरह लाभकारी योजना है। जिले में अब तक लगभग 3 हजार 500 हितग्राहियों के यहां सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें अधिकांश लोगों के बिजली बिल शून्य या 80 प्रतिशत तक कम हो गए हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना भविष्य के लिए अत्यंत लाभदायक है।
सूर्यघर सभा के दौरान योजना का लाभ प्राप्त कर चुके हितग्राहियों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना उनके लिए अत्यंत लाभकारी साबित हुई है। हितग्राही श्रीमती सरिता सोनवानी ने बताया कि सोलर संयंत्र लगवाने से पहले उनके घर का बिजली बिल प्रतिमाह 1200 रूपए से 1500 रूपए तक आता था, जबकि सोलर संयंत्र स्थापित होने के बाद बिजली बिल शून्य हो गया है। उन्होंने बताया कि अपने घर में प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से जनवरी 2026 में 3 किलोवाट क्षमता का सोलर संयंत्र स्थापित किया है। श्रीमती सरिता ने बताया कि खपत से ज्यादा उत्पादित अतिरिक्त बिजली विद्युत विभाग को भेजी जा रही है, जिसके बदले राशि उनके खाते में समायोजित हो रही है। इसी प्रकार ग्राम बरगा के सरपंच श्री विनोद कुमार कंवर ने भी सोलर संयंत्र स्थापित कराया है। सोलर संयंत्र लगने से पूर्व उनका बिजली बिल 2000-2500 रूपए तक आता था, जबकि संयंत्र स्थापित होने के बाद मई माह में उनका बिजली बिल 117 रूपए ऋणात्मक दर्ज किया गया। उन्होंने बताया कि पहले केवल विद्युत उपभोक्ता थे, लेकिन अब वे अतिरिक्त बिजली उत्पादन कर विद्युत विभाग को उपलब्ध करा रहे हैं, जिससे उन्हें आर्थिक लाभ भी प्राप्त हो रहा है।
सूर्यघर सभा में अधिकारियों ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि योजना के अंतर्गत एक किलोवाट क्षमता के सोलर संयंत्र पर केंद्र सरकार द्वारा 30 हजार रुपए तथा राज्य सरकार द्वारा 15 हजार रुपए, कुल 45 हजार रुपए की सब्सिडी प्रदान की जाती है। दो किलोवाट क्षमता पर केंद्र एवं राज्य सरकार की ओर से कुल 90 हजार रुपए तथा तीन किलोवाट क्षमता पर केंद्र सरकार से 78 हजार रुपए एवं राज्य सरकार से 30 हजार रुपए, कुल 1 लाख 8 हजार रुपए की सब्सिडी उपलब्ध कराई जाती है। ग्रामीणों को बताया कि सोलर संयंत्र की लगभग तीन से चार वर्षों में इसकी लागत की भरपाई हो जाती है। इसके बाद उपभोक्ता को लंबे समय तक नि:शुल्क बिजली का लाभ मिलता है। उन्होंने कहा कि सोलर संयंत्र से उत्पादित अतिरिक्त बिजली को विद्युत विभाग को बेचकर अतिरिक्त आय भी अर्जित की जा सकती है। - -आंचल महिला संकुल संगठन को मिलेगा वेंडर का दर्जा, महिलाओं को दिया गया तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षणरायपुर ।सोलर दीदी' पहल ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी प्रशिक्षण देकर सौर ऊर्जा क्षेत्र में उद्यमी और आत्मनिर्भर बना रही है। वे गांवों में सोलर प्लांट लगाने, रखरखाव और मरम्मत का काम संभालती हैं। इससे पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ महिलाओं की आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में बालोद जिले में एक अभिनव पहल की गई है। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के मार्गदर्शन में बालोद के गुरूर विकासखंड के जनपद सभागार में ‘आंचल महिला संकुल संगठन’ को योजना के तहत अधिकृत वेंडर के रूप में विकसित करने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई। इसके तहत संगठन से जुड़ी महिलाओं को सौर ऊर्जा क्षेत्र से संबंधित विस्तृत तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।इस पहल के बाद आंचल महिला संकुल संगठन क्षेत्र में सोलर पैनलों की स्थापना, उपभोक्ता मार्गदर्शन, प्रचार-प्रसार तथा योजना से संबंधित सेवाओं में सक्रिय भागीदारी निभा सकेगा। इससे एक ओर जहां ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ एवं हरित ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा, वहीं दूसरी ओर स्व-सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार और आय के नए अवसर सृजित होंगे।सहायक परियोजना अधिकारी श्री नितेश साहू ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान महिलाओं को सौर ऊर्जा प्रणाली की कार्यप्रणाली, सोलर पैनलों की क्षमता एवं स्थापना से जुड़ी मूलभूत तकनीकी जानकारियां प्रदान की गईं। साथ ही प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना के ऑनलाइन पोर्टल पर उपभोक्ताओं का पंजीयन, आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज अपलोड करने की विधि तथा वेंडर एप के संचालन का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया। प्रशिक्षण में योजना के अंतर्गत उपलब्ध सब्सिडी, वित्तीय सहायता एवं बैंक ऋण की प्रक्रिया के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी गई, ताकि ग्रामीण महिलाओं को योजना का लाभ दिलाने में प्रभावी भूमिका निभा सकें।प्रशासन का उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर उन्हें ऊर्जा क्षेत्र में नई पहचान दिलाना है। आंचल महिला संकुल संगठन का वेंडर के रूप में चयन इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण को नई गति देगी, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार को भी मजबूत आधार प्रदान करेगी।कार्यक्रम में वेंडर पंजीयन हेतु राज्य नोडल अधिकारी श्री महेश जायसवाल, सहायक अभियंता सीएसईबी तथा ब्लॉक परियोजना प्रबंधक श्रीमती लक्ष्मी ठाकुर सहित विभागीय अधिकारी एवं आंचल महिला संकुल संगठन की पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में स्व-सहायता समूह की महिलाओं ने प्रशिक्षण में भाग लिया।
- - कुल 47.47 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक जप्त- 129 केन्द्रों की जांच की गई- 44 केन्द्रों को कारण बताओ नोटिस एवं 9 विक्रय केन्द्रों का लाईसेंस किया गया निलंबितराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने निर्देशानुसार कृषि विभाग द्वारा किसानों को निर्धारित मूल्य पर उर्वरक उपलब्ध कराने तथा खाद की कालाबाजारी व जमाखोरी पर प्रभावी नियंत्रण के लिए जिलेभर में सघन निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में कृषि विभाग की टीम द्वारा निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर यूरिया विक्रय की शिकायत मिलने पर छुरिया विकासखंड के चिचोला रोड स्थित ग्रामोदय कृषि संसार निजी रासायनिक उर्वरक विक्रय केंद्र का औचक जांच की गई।उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि कृषि विभाग की टीम द्वारा जांच के दौरान कार्यालय अनुविभागीय कृषि अधिकारी राजनांदगांव के वाहन चालक श्री संजय कुमार सिन्हा को ग्राहक बनाकर ग्रामोदय कृषि संसार निजी रासायनिक उर्वरक विक्रय केंद्र भेजा गया। केंद्र के कर्मचारी श्री गोविंद तिवारी द्वारा श्री सिन्हा को यूरिया खाद 600 रूपए प्रति बोरी की दर से विक्रय किया गया तथा राशि फोन-पे के माध्यम से प्राप्त की गई। जांच में निर्धारित दर से अधिक मूल्य पर उर्वरक विक्रय किया जाना प्रमाणित पाया गया, जो उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 के प्रावधानों का उल्लंघन है। अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए विक्रय केन्द्र में उपलब्ध कुल 47.47 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरक जप्त कर सुपुर्दगी में दिया गया तथा विके्रता को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। जप्त किए गए उर्वरकों में 6.05 मीट्रिक टन डीएपी, 15.57 मीट्रिक टन यूरिया, 10.85 मीट्रिक टन ट्रिपल सुपर फास्फेट, 12.50 मीट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट एवं 2.50 मीट्रिक टन म्यूरेट ऑफ पोटाश शामिल हैं। कार्रवाई में अनुविभागीय कृषि अधिकारी राजनांदगांव श्री एसएल देशलहरे, उर्वरक निरीक्षक छुरिया श्री जीपी सहाड़े तथा ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी श्री सुरेश ठाकुर शामिल थे।उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर ने बताया कि किसानों के हितों की रक्षा के लिए जिले में उर्वरक विक्रय केंद्रों की लगातार निगरानी एवं जांच की जा रही है। अब तक जिले के 129 उर्वरक विक्रय केंद्रों का निरीक्षण किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान अनियमितता पाए जाने पर 44 विक्रय केंद्रों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। 12 केंद्रों में उपलब्ध उर्वरकों की जप्ती की कार्रवाई की गई है तथा 9 विक्रय केंद्रों के लाइसेंस निलंबित किए गए हैं। इसके अतिरिक्त गंभीर अनियमितता के 4 प्रकरण न्यायालय में प्रस्तुत किए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उचित मूल्य पर गुणवत्तायुक्त उर्वरक उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उर्वरक नियंत्रण आदेश 1985 के किसी भी प्रावधान का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के विरूद्ध आगे भी कड़ी वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी। कृषि विभाग द्वारा किसानों से निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर उर्वरक विक्रय किए जाने अथवा किसी भी प्रकार की अनियमितता की सूचना तत्काल कृषि विभाग को देने की अपील की है, ताकि दोषियों के विरूद्ध त्वरित कार्रवाई की जा सके।
- -ऋण सहायता से स्वरोजगार को मिल रहा विस्तार, आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हितग्राहीरायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दूरदर्शी सोच और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में प्रदेश में छोटे व्यापारियों एवं पथ विक्रेताओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में प्रभावी कार्य किया जा रहा है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के माध्यम से रेहड़ी-पटरी एवं फुटकर व्यवसाय से जुड़े लोगों को बिना किसी जटिल प्रक्रिया के ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे वे अपने व्यवसाय का विस्तार कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।प्रदेशभर में संचालित विशेष शिविरों और जनसंपर्क गतिविधियों के माध्यम से पात्र हितग्राहियों को योजना से जोड़ने का कार्य लगातार किया जा रहा है। योजना के अंतर्गत प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय चरण में ऋण सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है, जिससे छोटे व्यवसायियों को आवश्यक कार्यशील पूंजी प्राप्त हो रही है और उनके कारोबार को नई गति मिल रही है।बलरामपुर जिले के ग्राम जतरो निवासी श्री उमाचंद सिंह इसकी प्रेरणादायक मिसाल हैं। फल विक्रय का कार्य करने वाले श्री उमाचंद सिंह को व्यवसाय विस्तार के लिए पूंजी की आवश्यकता थी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत उन्हें पहले 10 हजार रुपये की ऋण सहायता मिली थी, जिसका समय पर उपयोग और पुनर्भुगतान करने के बाद उन्हें 25 हजार रुपये का ऋण स्वीकृत हुआ। इस राशि से वे अपने व्यवसाय के लिए आवश्यक सामग्री की उपलब्धता बढ़ा रहे हैं तथा ग्राहकों की मांग के अनुरूप बेहतर सेवाएं देने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।श्री उमाचंद सिंह का कहना है कि योजना से प्राप्त ऋण ने उनके व्यवसाय को नई मजबूती दी है। पहले सीमित पूंजी के कारण उन्हें कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था, लेकिन अब वे अपने कारोबार को अधिक व्यवस्थित ढंग से संचालित कर पा रहे हैं। उन्हें विश्वास है कि इससे उनकी आय में भी निरंतर वृद्धि होगी।प्रदेश में जिला प्रशासनों द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार विशेष शिविर आयोजित कर पीएम स्वनिधि योजना के अंतर्गत ऋण प्रकरणों का पंजीयन, नवीन आवेदन, ऋण स्वीकृति एवं वितरण की प्रक्रिया को सरल बनाया जा रहा है। साथ ही हितग्राहियों को डिजिटल भुगतान एवं वित्तीय साक्षरता के प्रति भी जागरूक किया जा रहा है।प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना न केवल छोटे व्यवसायियों को आर्थिक सहायता प्रदान कर रही है, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने का अवसर भी दे रही है। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से प्रदेश के हजारों पथ विक्रेता और लघु व्यवसायी सम्मानजनक आजीविका की दिशा में सशक्त कदम बढ़ा रहे हैं।
- -अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन से बढ़ा आत्मविश्वास, दो माह में गिटार वादन में सीखी फिंगर स्टाइल की बारीकियांरायपुर। सही मार्गदर्शन, निरंतर अभ्यास और सीखने की लगन किसी भी चुनौती को सफलता में बदल सकती है। कभी गिटार सीखने की बुनियादी तकनीकों को समझने में कठिनाई महसूस करने वाली सुश्री मान्या चौबे ने कला केंद्र रायपुर में प्राप्त व्यवस्थित प्रशिक्षण और अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन से न केवल अपनी संगीत प्रतिभा को निखारा, बल्कि ड्रॉइंग एवं राइटिंग गतिविधियों से अपनी रचनात्मकता का विस्तार भी किया।सुश्री मान्या पिछले दो महीने से कला केन्द्र में गिटार, ड्रॉइंग एवं राइटिंग का प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। कला केन्द्र से जुड़ने के पहले उन्हें गिटार सीखने में काफी दिक्कतें आ रही थीं, विशेष रूप से फिंगर प्लेसमेंट, स्ट्रमिंग पैटर्न्स एवं फिंगर स्टाइल तकनीकों को समझने में मान्या को मुश्किलें हो रही थीं। जिसके बाद कला केन्द्र में नियमित अभ्यास, अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन तथा प्रशक्षिण के माध्यम से मान्या ने केवल दो महीनों में गिटार में विभिन्न प्रकार के संगीत पैटर्न एवं फिंगर स्टाइल को सफलतापूर्वक सीखा। उनके उंगलियों की गति, ताल की समझ एवं गिटार बजाने में आत्मविश्वास पहले की तुलना में काफी बेहतर हुआ है। आज मान्या गिटार पर फिंगर स्टाइल तकनीकों को अधिक सटीकता और आत्मविश्वास के साथ प्रस्तुत कर पा रही हैं।उल्लेखनीय है कि कला केंद्र मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देशन में स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य युवाओं की प्रतिभा को मंच प्रदान करना तथा कला एवं संस्कृति का संरक्षण एवं संवर्धन करना है।
- -धान का उचित मूल्य मिलने पर बालोद के किसान ने बंजर भूमि को बनाया उपजाऊ, खेती का बढ़ाया रकबारायपुर । कृषि उन्नति योजना सरकार द्वारा कृषि के समग्र विकास, उत्पादन बढ़ाने और किसानों की आय में वृद्धि करने के लिए चलाई जा रही एक प्रमुख केंद्रीय योजना है। इसके तहत बीज वितरण, सूक्ष्म सिंचाई, जैविक खेती और कृषि मशीनीकरण जैसी कई योजनाएं शामिल हैं।छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियां प्रदेश के किसानों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही हैं। राज्य शासन द्वारा संचालित कृषक उन्नति योजना किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ-साथ उन्हें खेती-किसानी के प्रति नए उत्साह और आत्मविश्वास से भी भर रही है। इसका प्रेरक उदाहरण बालोद जिले के गुरूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम रेंगाडबरी के प्रगतिशील किसान श्री थान सिंह साहू हैं, जिन्होंने धान का बेहतर मूल्य मिलने के बाद अपनी वर्षों से अनुपयोगी पड़ी बंजर भूमि को भी कृषि योग्य बनाकर खेती का दायरा बढ़ाया है।श्री थान सिंह साहू लंबे समय से अपनी लगभग 5 एकड़ कृषि भूमि पर खेती करते आ रहे हैं। खेती उनकी आजीविका का प्रमुख साधन है। राज्य सरकार द्वारा कृषक उन्नति योजना लागू किए जाने और किसानों को धान का मूल्य 3100 रुपये प्रति क्विंटल उपलब्ध कराने के निर्णय ने उनके जीवन में नई उम्मीद जगाई। धान की फसल का उचित मूल्य मिलने से उनकी आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई और खेती को लेकर उनका विश्वास पहले से कहीं अधिक मजबूत हुआ। खेती से प्राप्त बेहतर लाभ ने श्री साहू को कृषि विस्तार के लिए प्रेरित किया। उनके पास कुछ ऐसी भूमि भी थी, जो लंबे समय से बंजर और अनुपयोगी पड़ी हुई थी। पहले खेती में अपेक्षित लाभ नहीं मिलने के कारण उस भूमि को विकसित करना संभव नहीं हो पा रहा था, लेकिन अब आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होने के बाद उन्होंने उस जमीन को कृषि योग्य बनाने का संकल्प लिया। लगातार मेहनत, भूमि सुधार कार्यों और सुनियोजित प्रयासों के माध्यम से उन्होंने बंजर भूमि को समतल कर उपजाऊ बनाया और खेती के लिए तैयार कर लिया।आज वह भूमि भी खेती के लिए तैयार है और आगामी सीजन में वहां फसल उत्पादन की योजना बनाई जा रही है। इससे न केवल उनकी कृषि योग्य भूमि का रकबा बढ़ा है, बल्कि भविष्य में उत्पादन और आय में भी वृद्धि होने की संभावना है। श्री थान सिंह साहू की यह सफलता इस बात का प्रमाण है कि यदि किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिले तो वे कृषि क्षेत्र में नए निवेश और नवाचार के लिए आगे आते हैं।श्री थान सिंह साहू अपने जीवन में आए इस सकारात्मक परिवर्तन का श्रेय राज्य सरकार की किसान कल्याणकारी नीतियों और कृषक उन्नति योजना को देते हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहले खेती में लागत निकालना भी चुनौतीपूर्ण होता था, लेकिन अब धान का उचित मूल्य मिलने से किसानों की मेहनत का सम्मान हो रहा है। सरकार के इस निर्णय ने किसानों का आत्मविश्वास बढ़ाया है और उन्हें खेती को और अधिक लाभकारी बनाने की प्रेरणा दी है।कृषक उन्नति योजना के माध्यम से प्रदेश में किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयास न केवल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रहे हैं, बल्कि खेती को एक लाभकारी और सम्मानजनक व्यवसाय के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
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रायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिले में राजस्व अनुभाग स्तर पर 18 से 20 जून 2026 तक तीन दिवसीय वृहद पंजीकरण शिविरों का आयोजन किया जाएगा। शिविरों में केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के लिए नए पंजीकरण, त्रुटि सुधार तथा विभिन्न समस्याओं के त्वरित निराकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।
18 जून 2026 को टाउन हॉल आरंग में, 19 जून 2026 को शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चपरीद एवं 20 जून 2026 को डॉ. अंबेडकर सर्व समाज मांगलिक भवन, मंदिर हसौद में वृहद पंजीकरण शिविर का आयोजन किया गया है। यह शिविर सुबह 11 बजे से आयोजित किए जाएंगे। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में जिले में संचालित स्मृति पुस्तकालय योजना जनभागीदारी का प्रेरक उदाहरण बनती जा रही है। इस पहल के माध्यम से लोग स्वेच्छा से पुस्तकें और इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट दान कर युवाओं के उज्ज्वल भविष्य निर्माण में योगदान दे रहे हैं।इसी क्रम में बुधवार को रायपुर राजस्व पटवारी संघ ने कलेक्टर डॉ गौरव सिंह को प्रतियोगी परीक्षा सबंधी पुस्तकें दान की।कलेक्टर डॉ सिंह ने उनके इस सराहनीय योगदान की सराहन की कहा कि इस प्रकार के प्रयास से जरूरतमंद एवं प्रतिभावान अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में महत्वपूर्ण सहयोग मिलेगा।उल्लेखनीय है कि स्मृति पुस्तकालय योजना के तहत अब तक करीब 14 हजार पुस्तकें और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स दान किए जा चुके हैं। इन संसाधनों का लाभ लेकर अनेक विद्यार्थी अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को नई दिशा दे रहे हैं। इस दौरान राजस्व पटवारी संघ के जिलाध्यक्ष श्री कमलेश तिवारी सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।जिला प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि वे भी इस पुनीत पहल से जुड़कर ज्ञान के दान में भागीदार बनें और युवाओं के सपनों को साकार करने में सहयोग दें। पुस्तक अथवा इलेक्ट्रॉनिक गैजेट दान करने के इच्छुक नागरिक 94060 49000 एवं 94255 02970 से संपर्क कर सकते हैं।
- रायपुर / कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने बुधवार को नीट परीक्षा के केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होने सेरीखेड़ी, उपरवारा, माना बस्ती माना कैम्प और डुमरतराई के मिन्टु शर्मा स्मृति हायर सेकेडरी स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि बारिश की संभावना देखते हुए विधार्थियों की फिस्किंग शेड वाले जगह पर किया जाएं। डॉ सिंह ने केन्द्र में पेयजल शौचालय इत्यादि की व्यवस्थाओं करने का निर्देश दिए। साथ ही यह ध्यान रखें कि केन्द्र के आस-पास ध्वनि विस्तारक यंत्रो का प्रयोग न किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि जिस स्कूल में केन्द्र है वहां पर आने जाने का रास्ता अच्छा हो। इस अवसर पर रायपुर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता सिन्हा, जिला पंचायत के सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, एडिशन एसपी ग्रामीण श्री प्रशांत शुक्ला, एसडीएम अभनपुर श्री रवि सिंह, डिल्टी कलेक्टर श्री उपेन्द्र किंडों एवं संबंधित अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -सभी केन्द्राध्यक्ष बिजली, पंखा, साफ-सफाई, पेयजल एवं वॉशरूम की सफाई की व्यवस्था सुनिश्चित करें - कलेक्टर डॉ. गौरव सिंहरायपुर / कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने नीट परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने कहा कि परीक्षा संचालन के समय सभी केन्द्राध्यक्ष परीक्षा केन्द्रों में फर्नीचर, बिजली, पंखा, साफ-सफाई, पेयजल, वॉशरूम की सफाई, पार्किंग, दीवाल घड़ी की व्यवस्था, जनरेटर (डीजी सेट) की व्यवस्था, वीडियोग्राफर की व्यवस्था एवं साउंड सिस्टम की व्यवस्था सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि केन्द्राध्यक्ष प्रश्न-पत्र की सील बन्दपेटी रखने के लिए अलग से स्ट्रांग रूम की व्यवस्था करें एवं हर केन्द्र में मेडिकल टीम एवं फ्रिस्किंग टीम की बैठने की व्यवस्था करें।उल्लेखनीय है कि जिले में 25 परीक्षा केन्द्र हैं जिसमें 9 हजार 50 विद्यार्थी उपस्थित होंगे। इस परीक्षा में 3 हजार 3 सौ 48 पुरूष, 5 हजार 6 सौ 65 महिला एवं 37 दिव्यांग विद्यार्थी शामिल होंगे। परीक्षा का समय दोपहर 2 बजे से शाम 5ः15 बजे तक है। परीक्षार्थियों को परीक्षा केन्द्र में प्रवेश आधे घण्टे पहले 1ः30 बजे तक दिया जाएगा तत्पश्चात् प्रवेश द्वारा बंद कर दिया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीण एसपी श्रीमती श्वेता सिन्हा, अपर कलेक्टर श्री कीर्तिमान सिंह राठौर, अपर कलेक्टर श्री मनीष मिश्रा एवं एडीसीपी श्री राहुल देव शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थिति रहे।
- -टाउन हॉल में 19 जून तक चलेगी प्रदर्शनी, सुबह 11 से शाम 7 बजे तक आमजन कर सकेंगे अवलोकन-जनकल्याणकारी योजनाओं एवं ऐतिहासिक निर्णयों को चित्रों के माध्यम से किया गया प्रदर्शितरायपुर । वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री तथा जिले के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर स्थित टाउन हॉल में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सफल एवं ऐतिहासिक 12 वर्षों के कार्यकाल की उपलब्धियों पर आधारित विशेष प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।प्रदर्शनी के माध्यम बताया गया है कि प्रधानमंत्री जन-मन योजना, स्वामित्व योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री स्व निधि योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मन निधि, धरती आबा जनजातिय ग्राम उत्कर्ष अभियान, आयुष्मान कार्ड, महतारी वंदन योजना सहित अन्य योजनाओं को प्रदर्शित किया गया है।यह प्रदर्शनी प्रधानमंत्री के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के क्षेत्र में पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्यों पर केंद्रित है। प्रदर्शनी में विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्यों, जनकल्याणकारी योजनाओं एवं ऐतिहासिक निर्णयों को चित्रों एवं जानकारी के माध्यम से प्रदर्शित किया गया है। आमजन 19 जून तक प्रतिदिन सुबह 11 बजे से शाम 7 बजे तक प्रदर्शनी का अवलोकन कर सकेंगे। इस अवसर पर लौह शिल्पकार विकास बोर्ड के अध्यक्ष श्री प्रफुल्ल विश्वकर्मा, राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्ष डॉ. वर्णिका शर्मा, फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, विधायक श्री सुनील सोनी, विधायक श्री मोतीलाल साहू, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा एवं सभापति श्री सूर्यकांत राठौर सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
- रायपुर ।खरीफ सीजन में किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद-बीज उपलब्ध कराने और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन बलौदाबाजार द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। जिलेभर में कृषि केंद्रों पर चलाए जा रहे सघन जांच अभियान के तहत बुधवार को बिना लाइसेंस खाद और बीज बेचने के मामले में एक गोदाम सील कर बड़ी मात्रा में उर्वरक और बीज जब्त किए गए। वहीं, अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध खाद की बिक्री और स्टॉक में गड़बड़ी मिलने पर भी कार्रवाई की गई है।बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम सरखोर स्थित गोवर्धन कृषि केंद्र के औचक निरीक्षण में पाया गया कि संचालक चंदाराम वर्मा बिना वैध अनुज्ञप्ति के किसानों को बीज और उर्वरकों का विक्रय कर रहे थे। उनके पास केवल कीटनाशक विक्रय का लाइसेंस था। जांच के दौरान यह भी पता चला कि विकास ट्रेडर्स के नाम से संचालित एक अन्य गोदाम में 7.75 मीट्रिक टन उर्वरक का अवैध भंडारण किया गया था, जबकि गोवर्धन कृषि केंद्र के गोदाम में 12.5 क्विंटल बीज भी बिना अनुमति के रखा गया था। प्रशासन ने इसे उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985, बीज नियंत्रण आदेश, 1983 तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम का उल्लंघन मानते हुए तत्काल 7.75 मीट्रिक टन उर्वरक और 12.5 क्विंटल बीज जब्त कर गोदाम सील कर दिया और संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।पलारी विकासखंड के ग्राम देवसुन्द्रा में किसानों से मिली सूचना पर प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई की। सूचना थी कि कुछ लोग पिकअप वाहन से रायपुर से खाद लाकर किसानों को बेच रहे हैं। तहसीलदार ईश्वर केंवट और निरीक्षक सुचिन वर्मा मौके पर पहुंचे। हालांकि संबंधित व्यक्ति मौके से फरार हो गया। वाहन की तलाशी में पुलकित बायो फर्टिलाइजर प्राइवेट लिमिटेड, गुरुग्राम (हरियाणा) का 13 बोरी दानेदार सॉयल कंडीशनर और 12 बोतल ह्यूमिक एसिड बरामद कर जब्त किया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह सामग्री किसानों को 1,400 रुपये प्रति बोरी की दर से बेची जा रही थी। अधिकारियों ने बताया कि खाद की पैकिंग और दाने डीएपी जैसे बनाए गए थे, ताकि किसानों को भ्रमित कर आसानी से बेचा जा सके। मामले में उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 और आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।जिला स्तरीय उड़नदस्ता दल ने कसडोल में संचालित जोगी कृषि केंद्र और आचार्य कृषि सेवा केंद्र के निरीक्षण के दौरान दोनों केंद्रों पर पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और भौतिक रूप से उपलब्ध स्टॉक में अंतर पाया गया। इस अनियमितता पर दोनों विक्रेताओं को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला प्रशासन का कहना है कि किसानों के हितों की रक्षा और नकली अथवा अवैध खाद-बीज के कारोबार पर रोक लगाने के लिए जिले में जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
- -आत्मा योजना अंतर्गत कृषि महाविद्यालय में जैविक कृषि कार्यशाला आयोजित-जैविक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों का किया गया सम्मानरायपुर । उप मुख्यमंत्री तथा बिलासपुर जिले के प्रभारी मंत्री श्री अरुण साव ने बुधवार को बिलासपुर में कृषि विभाग की एक्सटेंशन रिफॉर्म्स (आत्मा) योजना अंतर्गत कृषि महाविद्यालय में आयोजित जैविक कृषि कार्यशाला का शुभारंभ किया। उन्होंने कार्यशाला में कहा कि जैविक खेती से गांव समृद्ध होेंगे और किसान आत्मनिर्भर बनेंगे। उप मुख्यमंत्री ने किसानों से जैविक खेती अपनाने का आह्वान भी किया। कार्यक्रम में बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री राजेश सूर्यवंशी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती ललिता संतोष कश्यप, सभापति श्रीमती अंबालिका साहू, श्रीमती अनुसुईया जागेंद्र कश्यप, रतनपुर नगर पालिका परिषद के अध्यक्ष श्री लवकुश कश्यप, नगर निगम आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल, डॉ आर.के.एस. तोमर, श्री राजेश सिंह, श्री राकेश तिवारी, श्री धीरेंद्र दुबे और श्री दिनेश कौशिक सहित कृषि वैज्ञानिक, अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अपने संबोधन में कहा कि किसान धरती पुत्र हैं। कृषि केवल आजीविका का साधन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन का आधार है। उन्होंने कहा कि गांवों की समृद्धि, किसानों की खुशहाली और प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं। जैविक खेती समय की आवश्यकता है, क्योंकि रासायनिक खेती के दुष्प्रभाव भूमि की उर्वरता और मानव स्वास्थ्य दोनों पर दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने किसानों से जैविक खेती को अपनाने, जल संरक्षण को बढ़ावा देने तथा पशुपालन और गौसंवर्धन को कृषि व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि गांवों में आपसी सहयोग और सामुदायिक सहभागिता से ही आत्मनिर्भरता का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है।उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किसानों के हित में अनेक योजनाएं संचालित की जा रही है जिनसे किसानों को आर्थिक संबल मिला है। उन्होंने कहा कि गांवों को फिर से समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाना हम सबकी जिम्मेदारी है।बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि भारतीय लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति गांव, किसान और जनभागीदारी में निहित है। किसानों का परिश्रम देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है। राष्ट्र निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने किसानों से परंपरागत खेती के साथ-साथ विविध एवं रसायनमुक्त खेती को अपनाने का आग्रह किया। उन्होंने जल संरक्षण, वृक्षारोपण तथा मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण ही समृद्ध भविष्य की आधारशिला है।कार्यक्रम में कृषि वैज्ञानिक डॉ. गीत शर्मा ने स्वागत उद्बोधन देते हुए कहा कि कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को जैविक एवं प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें टिकाऊ कृषि पद्धतियों से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि प्राकृतिक खेती उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।कार्यशाला के दौरान जैविक खेती के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसान श्री जदूनंदन साहू, श्री हजारीलाल पटेल, श्रीमती श्रद्धा मिश्रा एवं श्रीमती शिल्पी राजपूत सहित अन्य किसानों का सम्मान किया गया। इस अवसर पर कृषि विशेषज्ञ श्री बृजलाल राठौर ने जैविक खेती की तकनीकों, लाभों एवं संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाकर उत्पादन लागत कम करने, मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने तथा गुणवत्तापूर्ण कृषि उत्पाद प्राप्त करने के उपाय बताए। कार्यशाला में किसानों को मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, जैविक उर्वरकों के उपयोग, प्राकृतिक खेती की तकनीकों तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों की विस्तृत जानकारी दी गई। किसानों ने भी अपने अनुभव साझा किए तथा जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजनों को उपयोगी बताया।
- -परमिट लेकर बस न चलाने वालों पर होगी कार्रवाईरायपुर / परिवहन विभाग की संयुक्त समीक्षा बैठक में सचिव एवं परिवहन आयुक्त श्री एस प्रकाश ने कई कड़े निर्देश जारी किए। बैठक में RTO/DTO प्रवर्तन अमला, बस संचालक संघ और वाहन डीलर एसोसिएशन के पदाधिकारी शामिल हुए। RTO/DTO अब मुख्यालय छोड़ नहीं सकेंगे, सभी क्षेत्रीय एवं जिला परिवहन अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से अपने पदस्थापना मुख्यालय में रहकर ही काम करने के निर्देश दिए गए। बैठक में अतिरिक्त परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर भी मौजूद थे।जिलावार बकाया राजस्व की समीक्षा की गई। सचिव एवं परिवहन आयुक्त ने सभी RTO/DTO को वाहनों पर बकाया कर वसूलने के लिए अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही जांच चौकियों और फ्लाइंग स्क्वॉड को बकायादार वाहनों की लिस्ट दी जाएगी। बस स्टैंडों पर बसों की रोजाना मॉनिटरिंग होगी। बस आपरेटरों के द्वारा समय सारिणी तोड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। परमिट लेकर भी बस न चलाने वाले संचालकों के परमिट निरस्त होंगे, ताकि नए आवेदकों को मौका मिले। बिना उपयोग खड़ी निजी बसों की जांच होगी।दुर्ग के ऑटोमेटेड फिटनेस सेंटर द्वारा अवैध फिटनेस देने पर सेंटर, वाहन मालिक और वेंडरों पर कार्रवाई के आदेश दिए गए। लग्जरी बसों में ज्वलनशील पदार्थ, अवैध सामान या ओवरलोडिंग मिलने पर जब्ती और FIR होगी। ड्राइविंग लाइसेंस का टेस्ट सिर्फ RTO या अधिकृत अधिकारी की मौजूदगी में परिवहन कार्यालय के भीतर ही होगा।सड़क हादसों में घायलों की मदद के लिए प्रधानमंत्री राहत योजना जमीनी स्तर पर लागू होगी। RTO/DTO दुर्घटना स्थल की जांच करेंगे। अस्पतालों-थानों में योजना का प्रचार-प्रसार किया जाएगा।नए वाहनों के पंजीयन और यूज्ड कार नामांतरण की प्रक्रिया सरल होगी। डीलर्स को ट्रेड सर्टिफिकेट और सर्विस सेंटर के नियम मानने होंगे। ई-चालान हुआ आसान होगा ANPR से कटे ई-चालानों के भुगतान के लिए परिवहन कार्यालय में अलग काउंटर लगेगा। गलत चालान पर आपत्ति करने पर तुरंत सत्यापन कर निरस्त किया जाएगा। परिवहन आयुक्त ने सभी अधिकारियों को 15 दिन में अनुपालन रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं।
- -अपनी जड़ों से जुड़कर आगे बढ़ेगा समाज , विकास में सरकार हर कदम पर साथ - मुख्यमंत्री श्री साय-मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किया कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पणरायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने बुधवार को गरियाबंद जिले के ग्राम दर्रापारा में अखिल भारतीय गोंडवाना गोंड महासभा केंद्रीय समिति बिन्द्रानवागढ़ द्वारा आयोजित कार्यक्रम में 1 करोड़ 7 लाख रुपए की लागत से निर्मित कचना धुरवा गोंडवाना भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर आदिवासी परंपरा के अनुरूप मुख्यमंत्री का पगड़ी पहनाकर एवं पीला चावल से तिलक लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम स्थल स्थित आदिवासी देवस्थल देवठाना में पारंपरिक विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर प्रदेश की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उन्होंने ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत पीपल का पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। इस अवसर पर उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाज के प्रतिनिधियों ने भी वृक्षारोपण किया।सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि कचना धुरवा की यह पवित्र भूमि आदिवासी समाज की आस्था, संस्कृति और गौरवशाली विरासत का प्रतीक है। उन्होंने गोंडवाना भवन के निर्माण के लिए समाज को बधाई देते हुए कहा कि यह भवन सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षणिक और सामुदायिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा तथा नई पीढ़ी को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता के आशीर्वाद से बनी सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की गारंटी के अनुरूप निरंतर कार्य कर रही है। बीते ढाई वर्षों में गरीब, किसान, महिला, युवा और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य विकास का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत प्रदेश में 18 लाख गरीब परिवारों को आवास स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें 10 लाख 60 हजार से अधिक आवास पूर्ण हो चुके हैं। प्रतिदिन लगभग 1600 आवासों का निर्माण किया जा रहा है। किसानों को 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान का मूल्य मिल रहा है, तेंदूपत्ता संग्राहकों को 5500 रुपए प्रति मानक बोरा की दर से भुगतान किया जा रहा है तथा महतारी वंदन योजना के तहत लगभग 70 लाख महिलाओं के खातों में प्रतिमाह एक हजार रुपए की राशि अंतरित की जा रही है।मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समय गरियाबंद और बस्तर क्षेत्र नक्सलवाद की चुनौती से प्रभावित थे, लेकिन आज यहां शांति, सुरक्षा और विकास का वातावरण निर्मित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी नीतियों और सुरक्षा बलों के प्रयासों से विकास की नई तस्वीर उभर रही है। नियद नेल्लानार योजना के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि श्रीरामलला दर्शन योजना के माध्यम से अब तक 42 हजार से अधिक श्रद्धालु अयोध्या धाम के दर्शन कर चुके हैं। मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजना के जरिए भी प्रदेशवासियों को विभिन्न धार्मिक स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है।उन्होंने मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि सरचार्ज माफी का लाभ लेने के लिए उपभोक्ता नजदीकी बिजली कार्यालय में पंजीयन कराएं। प्रदेश में अब तक 757 करोड़ रुपए से अधिक की राशि माफ की जा चुकी है। उन्होंने कहा कि अटल डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से आम नागरिकों को आय, जाति, निवास सहित विभिन्न प्रमाण पत्र आसानी से उपलब्ध हो रहे हैं।मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 का उल्लेख करते हुए कहा कि शासन की मंशा आमजन की समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। खाता विभाजन, नामांतरण, फौती, बिजली ट्रांसफार्मर सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए प्रशासन लगातार कार्य कर रहा है।मुख्यमंत्री की महत्वपूर्ण घोषणाएंमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कचना धुरवा गोंडवाना भवन परिसर के विकास के लिए 63 लाख रुपए की घोषणाएं कीं। इनमें भवन की बाउंड्रीवाल निर्माण हेतु 27 लाख रुपए, छात्र-छात्राओं के लिए ग्रंथालय निर्माण हेतु 20 लाख रुपए, भगवान कचना धुरवा की प्रतिमा स्थापना हेतु 6 लाख रुपए तथा भवन के सौंदर्यीकरण हेतु 10 लाख रुपए की स्वीकृति शामिल है।आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि समाज की आवश्यकताओं के अनुरूप लगभग ढाई एकड़ भूमि में यह भव्य भवन निर्मित किया गया है। उन्होंने कहा कि अपनी संस्कृति और परंपराओं को सुरक्षित रखते हुए समाज को शिक्षित, संगठित और आत्मनिर्भर बनाना समय की आवश्यकता है।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार गरीबों, किसानों और जनजातीय समाज के उत्थान के लिए लगातार कार्य कर रही है। पीएम जनमन योजना के माध्यम से विशेष पिछड़ी जनजातियों तक बिजली, पानी, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं। उन्होंने किसानों से प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाने का भी आह्वान किया।कार्यक्रम में जिले के प्रभारी मंत्री एवं खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, राजिम विधायक श्री रोहित साहू सहित अन्य जनप्रतिनिधिगण, गोंड महासभा के पदाधिकारी, समाजजन, महिलाएं एवं बड़ी संख्या में युवा उपस्थित थे।
- -अच्छी गुणवत्ता पर दिया जोर, अगस्त तक काम पूरा करने के दिए निर्देशरायपुर। लोक निर्माण विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल ने बुधवार को गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पेण्ड्रा रोड में निर्माणाधीन कंपोजिट बिल्डिंग का निरीक्षण किया। उन्होंने भवन में चल रहे फिनिशिंग कार्यो के साथ ही शेष रह गए कार्यो की जानकारी ली। उन्होंने पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम करते हुए आगामी अगस्त माह तक इसका निर्माण पूरा करने के निर्देश निर्माण एजेंसी को दिए। उन्होंने लगभग 17 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे कंपोजिट बिल्डिंग में कलेक्टर चेंबर, कलेक्टर न्यायालय, मीटिंग हॉल, वेटिंग रुम, आवक-जावक शाखा, पोर्च और लिफ्ट सहित विभिन्न कमरों का अवलोकन कर वहां लगे टाइल्स, ग्रेनाइट, वायरिंग इत्यादि कार्यों की गुणवत्ता देखी। सचिव श्री बंसल ने कलेक्टर न्यायालय एवं मीटिंग हॉल में आवश्यक सुधार के निर्देश भी दिए। उन्होंने मुख्य मार्ग से भवन तक पहुंच मार्ग, परिसर की बाउंड्रीवॉल, पार्किंग तथा कैन्टीन के काम जल्दी पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कलेक्टर डॉ. संतोष कुमार देवांगन को विभिन्न विभागों के लिए कक्ष आबंटन की कार्यवाही करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के प्रमुख अभियंता श्री व्ही.के. भतपहरी, जिला पंचायत के सीईओ श्री मुकेश रावटे और लोक निर्माण विभाग की कार्यपालन अभियंता श्रीमती नित्य कुमारी ठाकुर सहित अन्य अधिकारी भी श्री बंसल के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
- -बिना पंजीयन एवं वैध दस्तावेजों के बैटरी अपशिष्ट का संग्रहण, भंडारण और व्यापार दंडनीय अपराधरायपुर /छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने राज्य में अवैध रूप से स्क्रैप एवं प्रयुक्त बैटरियों के संग्रहण, भंडारण, परिवहन, पुनर्चक्रण (रीसाइक्लिंग) तथा व्यापार में संलिप्त व्यक्तियों एवं संस्थाओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। मंडल ने सभी व्यापारियों, कबाड़ संचालकों, स्क्रैप डीलरों, परिवहनकर्ताओं तथा बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े हितधारकों को निर्देशित किया है कि वे अपना संचालन केवल बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 एवं अन्य प्रचलित वैधानिक प्रावधानों के अनुरूप ही करें।मंडल के संज्ञान में आया है कि राज्य के कुछ क्षेत्रों में बिना आवश्यक पंजीयन, प्राधिकार एवं वैध दस्तावेजों के प्रयुक्त एवं स्क्रैप बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन तथा क्रय-विक्रय किया जा रहा है। मंडल ने स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गतिविधियां पर्यावरण एवं जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न करती हैं तथा पर्यावरणीय कानूनों का उल्लंघन हैं।मंडल ने बताया कि बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 के तहत प्रयुक्त एवं अपशिष्ट बैटरियों का संग्रहण, भंडारण, परिवहन तथा व्यापार केवल विधिवत पंजीकृत एवं अधिकृत संस्थाओं द्वारा ही किया जा सकता है। अपशिष्ट बैटरियों के परिवहन के दौरान निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन तथा आवश्यक दस्तावेजों का संधारण अनिवार्य है। इसके साथ ही खरीद-बिक्री संबंधी अभिलेख एवं अन्य आवश्यक रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखना आवश्यक है।मंडल ने स्पष्ट किया है कि खुले स्थानों पर अपशिष्ट बैटरियों का भंडारण, अनधिकृत संग्रहण, पर्यावरणीय मानकों के विपरीत संचालन अथवा अवैध व्यापार दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पर्यावरण (संरक्षण) अधिनियम, 1986, बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 तथा अन्य लागू कानूनी प्रावधानों के अंतर्गत कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।इस संबंध में राज्यभर में विशेष निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया जाएगा। अभियान के दौरान अवैध गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों, फर्मों एवं संस्थानों के विरुद्ध जांच, निरीक्षण तथा विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। गंभीर उल्लंघन पाए जाने पर अभियोजन दर्ज कर न्यायालयीन कार्रवाई भी की जा सकती है।छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल ने सभी संबंधित हितधारकों से अपने संचालन को तत्काल प्रभाव से नियमों के अनुरूप सुनिश्चित करने तथा आवश्यक पंजीयन एवं अनुमतियां प्राप्त करने का आग्रह किया है। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि यदि कहीं भी स्क्रैप अथवा अपशिष्ट बैटरियों का अवैध संग्रहण, भंडारण, परिवहन अथवा व्यापार किया जा रहा हो तो इसकी सूचना निकटतम क्षेत्रीय कार्यालय अथवा मंडल को दें। मंडल ने कहा है कि पर्यावरण संरक्षण एवं जनस्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए नागरिकों और संबंधित संस्थाओं का सक्रिय सहयोग आवश्यक है।
- -समर्थ भारत कॉन्क्लेव 2026 का समापन किया उद्योग मंत्री नेरायपुर /वाणिज्य उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन बुधवार को रायपुर में डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय (बिलासपुर) एवं आइसेक्ट इंडिया गु्रप के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित दो दिवसीय समर्थ भारत कॉन्क्लेव के समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर श्री देवांगन ने कहा कि किसी भी देश की सबसे बड़ी ताकत उसका मानव संसाधन होती है। भारत के पास दुनिया की सबसे युवा आबादी है, लेकिन चुनौती है उन्हें आज के दौर के अनुसार हुनरमंद बनाना। श्री देवांगन ने कहा कि आज हम ऐसे दौर में जी रहे हैं जहां परिर्वतन ही एक मात्र स्थिर चीज है और इस दौर में भारत को एक महा शक्ति बनाने का सबसे बड़ा सारथी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.)।विकसित भारत के लिए ए.आई. संचालित कौशल विकास वित्तीय समावेशन और सामाजिक उद्यम विषय पर आईसेक्ट द्वारा इसका आयोजन किया गया। केबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जब हम साल 2047 तक विकसित भारत के सपने को साकार करने की बात करते हैं तो ए.आई. केवल एक तकनीक नहीं बल्कि वह इंजन है जो हमारे कौशल, हमारी अर्थव्यव्स्था और हमारे समाज को नई दिशा और रफतार देगी। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना तब तक अधूरा है जब तक विकास की रोशनी देश के आखरी कोने में बैठे व्यक्ति तक न पहुंचे। वित्तीय समावेशन का मतलब है, हर नागरिक को बैंकिंग और आर्थिक व्यवस्था से जोड़ना। श्री देवांगन ने कहा कि आजकल सामाज के प्रत्येक वर्ग का व्यक्ति मोबाइल ऐप के माध्यम से सरकार के समस्त योजनाओं की जानकारी घर बैठे प्राप्त कर सकता है। यह केवल तकनीकि उत्थान एवं ए.आई. के माध्यम से संभव हो सका है। इस अवसर पर उद्योग मंत्री ने 5 युवा उद्यमियों को सम्मानित किया।कार्यक्रम के दौरान डॉ. सी.वी. रमन विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. पी.के. घोष, आईसेक्ट के चेयरमेन डॉ. सिद्धार्थ चतुर्वेदी ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर पद्म श्री अजय मंडावी, डॉ. तोपलाल वर्मा,डॉ. अनुराग होता, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के महाप्रबंधक श्री राजेश भुतड़ा, भारतीय स्टेट बैंक के श्री ललित कुमार, सीआईआई के छत्तीसगढ़ प्रमुख श्री पदम गोयल, श्री अनुराग गुप्ता, बजरंग गोयल सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -पीएम सेतु योजना की राज्य स्टीयरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्नरायपुर / पीएम-सेतु (PM-SETU) योजना के तहत सरकारी औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों (ITI) को आधुनिक और उद्योग-अनुकूल बनाया जा रहा है । इस योजना का मुख्य उद्देश्य छात्रों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और ड्रोन जैसी नई तकनीकों में प्रशिक्षित कर रोजगार के काबिल बनाना है। पुरानी मशीनों को बदलकर नई तकनीक वाली मशीनें लगाई जाएंगी और डिजिटल कंटेंट व स्मार्ट क्लासरूम की सुविधा दी जाएगी। मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में बुधवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में राज्य में पीएम सेतु योजना के तहत गठित राज्य स्तरीय स्टीयरिंग समिति की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में मुख्य सचिव ने योजना के तहत राज्य की चयनित औद्यागिक प्रशिक्षण संस्थानों को अपग्रेड करने की जा रही कार्यवाही की प्रगति की समीक्षा की।बैठक में पीएम सेतु के तहत राज्य के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों की सलाह से स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराने के लिए आईटीआई अपग्रेड करने और उद्योग नेतृत्व वाले एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के चयन हेतु जारी किए जाने वाले पात्रता मापदण्डों के संबंध में विस्तार से चर्चा हुई। इसी तरह से ईओआई में भाग लेने वाले उद्योगों सहित समस्त पात्र उद्योगों एवं सार्वजनिक उपक्रमों को प्रस्ताव के लिए अनुरोध के बारे में प्रक्रिया में सहभागिता हेतु अवसर प्रदान करने पर भी चर्चा हुई।इसी तरह से प्रधानमंत्री सेतु योजना अंतर्गत एंकर इंडस्ट्रियल पार्टनर्स के ऑनबोर्डिंग हेतु जारी किए जाने वाले ड्राफ्ट के प्रस्ताव के अनुरोध के बारे में भी चर्चा हुई। बैठक में वाणिज्य एवं उद्योग विभाग के सचिव श्री रजत कुमार, कौशल विकास एवं तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार विभाग के सचिव श्री बसवराजु एस. सहित वित्त विभाग, श्रम, स्कूल शिक्षा, सूचना प्रौद्योगिकी, छत्तीसगढ़ स्टेट काउंसिल, रोजगार एवं प्रशिक्षण, सीआईआई एवं भारत सरकार कौशल विकास और उद्यम शीलता महानिदेशालय छत्तीसगढ़ क्षेत्र के अधिकारियों ने भाग लिया।
- -मुख्यमंत्री श्री साय नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के शपथ ग्रहण समारोह में हुए शामिल-मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकन, विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया लाभान्वितरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय बुधवार को अपने सूरजपुर प्रवास के दौरान नवनिर्मित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष एवं पार्षदों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने नगर पंचायत अध्यक्ष श्री रितेश जायसवाल सहित सभी नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों को बधाई एवं शुभकामनाएं देते हुए जनसेवा और विकास के प्रति समर्पित भाव से कार्य करने का आह्वान किया।इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने नगर पंचायत शिवनंदनपुर के वार्ड क्रमांक 06 में सुसज्जित मंगल भवन निर्माण की घोषणा कर क्षेत्रवासियों को महत्वपूर्ण सौगात दी। मुख्यमंत्री की घोषणा पर उपस्थित नागरिकों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उनका आभार जताया।सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा मिलना क्षेत्र की वर्षों पुरानी आकांक्षा की पूर्ति है। इससे क्षेत्र में सुनियोजित नगरीय विकास का मार्ग प्रशस्त होगा तथा नागरिकों को बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी। उन्होंने कहा कि जनता ने जिस विश्वास के साथ अपने प्रतिनिधियों का चयन किया है, उस विश्वास पर खरा उतरना अब उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।मुख्यमंत्री ने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से बिजली, पानी, सड़क, स्वच्छता तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए पूरी निष्ठा और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। जनप्रतिनिधि जनता और शासन के बीच सेतु बनकर जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में अग्रणी भूमिका निभाएं।मुख्यमंत्री श्री साय ने शासन की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने तथा अपने अधिकारों और सुविधाओं के प्रति जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री कॉल सेंटर के माध्यम से नागरिक अपनी शिकायतें और समस्याएं दर्ज करा सकते हैं। सरकार जनता की समस्याओं के समयबद्ध और प्रभावी निराकरण के लिए प्रतिबद्ध है।सभा को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि शिवनंदनपुर के नगर पंचायत बनने से क्षेत्र के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में शिवनंदनपुर में विकास की नई गाथा लिखी जाएगी। उन्होंने नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों से जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने तथा क्षेत्र के विकास के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करने का आह्वान किया।महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रयासों और दूरदर्शी सोच के कारण शिवनंदनपुर को नगर पंचायत का दर्जा प्राप्त हुआ है। यह क्षेत्र के विकास की दिशा में ऐतिहासिक कदम है, जिससे नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं और विकास कार्यों का लाभ मिलेगा। उन्होंने इसके लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया।मुख्यमंत्री ने विभागीय स्टॉलों का किया अवलोकनशपथ ग्रहण समारोह के पश्चात मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रिमंडल के सदस्यों के साथ विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए प्रदर्शनी एवं जागरूकता स्टॉलों का अवलोकन किया।समाज कल्याण विभाग के स्टॉल में दो दिव्यांग हितग्राहियों को ट्राइसाइकिल प्रदान की गई तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तीन हितग्राहियों को उनके नवीन आवास की चाबियां सौंपी गईं।महिला एवं बाल विकास विभाग के स्टॉल में बच्चों के पोषण हेतु तैयार किए जाने वाले खिचड़ी, हलवा, खुरमा, बर्फी, कटुआ, गुलगुला तथा रेडी-टू-ईट पोषण आहार का प्रदर्शन किया गया। मुख्यमंत्री ने पोषण आहार का अवलोकन कर इसकी सराहना की। इस दौरान तीन गर्भवती महिलाओं की गोदभराई तथा दो बच्चों का अन्नप्राशन संस्कार भी संपन्न कराया गया। मुख्यमंत्री ने महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाओं से संवाद कर योजना से प्राप्त लाभों की जानकारी ली।इसके अलावा आदिवासी विकास विभाग, कृषि विभाग, वन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, जल संसाधन विभाग तथा स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉलों का भी अवलोकन किया गया। स्कूल शिक्षा विभाग के स्टॉल में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय करवां के विद्यार्थियों द्वारा सोलर सैनिटेशन किट सहित विभिन्न नवाचारों एवं वैज्ञानिक मॉडलों का प्रदर्शन किया गया, जिसकी मुख्यमंत्री ने सराहना की।विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को किया गया लाभान्वितमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्यक्रम के दौरान विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री एवं लाभ का वितरण किया। मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत फुटकर मत्स्य विक्रय उपकरण प्रदाय योजना के तहत कुंजनगर निवासी श्रीमती भारती केवट एवं श्रीमती तपेश्वरी राजवाड़े को आइस बॉक्स के साथ 6-6 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई।सामाजिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य योजनाओं के तहत शिवनंदनपुर निवासी श्री अमरूत को वय वंदन कार्ड प्रदान किया गया। वहीं आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत शिवनंदनपुर एवं कुरूवां के पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड वितरित कर योजना का लाभ प्रदान किया गया।कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री दयाल दास बघेल, सांसद श्री चिंतामणि महाराज, प्रेमनगर विधायक श्री भूलन सिंह मरावी, छत्तीसगढ़ राज्य वन विकास निगम के अध्यक्ष श्री रामसेवक पैकरा, सरगुजा संभाग के आयुक्त श्री नरेंद्र दुग्गा, आईजी श्री दीपक झा, कलेक्टर श्रीमती रेना जमील सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- -खिलाड़ियों को उत्कृष्ट सुविधाएं देने में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, कार्यों में तेजी लाकर 15 दिनों में दें प्रगति रिपोर्ट - श्री अरुण साव-खेल प्रशिक्षण केंद्र का औचक निरीक्षण कर अधिकारियों को दिए विस्तृत दिशा-निर्देशरायपुर ।उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने बुधवार को बिलासपुर में स्वर्गीय बी.आर. यादव राज्य खेल प्रशिक्षण केन्द्र बहतराई का औचक निरीक्षण कर निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की धीमी प्रगति पर अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों के प्रति कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है, इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निरीक्षण के दौरान कार्यों को जल्दी पूरा करने, सुविधाएं बढ़ाने तथा प्रशिक्षण केंद्र की अधोसरंचना को मजबूत करने जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निरीक्षण के दौरान मैपलवुड फ्लोरिंग, तीरंदाजी मैदान, हॉकी गैलरी एवं फ्लड लाइट, कबड्डी इण्डोर व आउटडोर मैदान, एच.व्ही.ए.सी. कार्य तथा आउटडोर स्टेडियम के कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से हॉस्टल के रखरखाव की जानकारी लेते हुए नाराजगी व्यक्त की कि जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से राशि उपलब्ध होने के बावजूद आवश्यक मेंटेनेंस कार्य समय पर नहीं किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि संसाधनों की उपलब्धता के बाद भी काम में देरी स्वीकार्य नहीं है।उप मुख्यमंत्री ने कार्यों की धीमी गति पर नाखुशी जाहिर करते हुए अधिकारियों से कहा कि बिलासपुर प्रदेश का दूसरा सबसे बड़ा मुख्यालय है। यहां खिलाड़ियों की सुविधा बढ़ाने किए जा रहे कार्यों की गति बहुत धीमी है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के उप अभियंता, एसडीओ, कार्यपालन अभियंता एवं अन्य अधिकारियों को बेहतर समन्वय के साथ सभी कार्यों में तेजी लाते हुए इन्हें योजनाबद्ध तरीके से शीघ्र पूर्ण करने को कहा। उन्होंने संयुक्त बैठक कर लंबित कार्यों को जल्दी पूरा करने की कार्ययोजना बनाने तथा 15 दिनों के भीतर सभी निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की वस्तुस्थिति के बारे में उप मुख्यमंत्री कार्यालय आकर प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के निर्देश कार्यपालन अभियंता श्री बी.बी.एस. गौतम को दिए।श्री साव ने इण्डोर स्टेडियम में मैपलवुड फ्लोरिंग के लिए वर्ष 2017 में कार्यादेश जारी होने के बावजूद इसके अब तक अधूरे रहने पर लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, अनुविभागीय अधिकारी तथा उप अभियंता पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए शीघ्र कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि इतने लंबे समय तक कार्यों का लंबित रहना गंभीर विषय है। सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं और उनकी नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इण्डोर स्टेडियम में एच.व्ही.ए.सी. कार्य के लिए अतिरिक्त राशि की जरूरत पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को प्राक्कलन तैयार करने के पहले स्थल का निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने एच.व्ही.ए.सी. कार्य तेजी से पूर्ण करने तथा डक्टिंग की पूर्ण रूप से सफाई करने को कहा। उन्होंने एस.ई.सी.एल. द्वारा दो करोड़ की लागत से बनाए जा रहे तीरंदाजी मैदान के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा के दौरान इसका निर्माण आगामी जुलाई तक पूर्ण कराने के निर्देश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सहायक संचालक श्री ए. एक्का को दिए। उन्होंने आउटडोर स्टेडियम में स्थापित हाई मास्ट लाइट के तत्काल मरम्मत के भी निर्देश दिए।श्री साव ने निर्माणाधीन कबड्डी इण्डोर एवं आउटडोर मैदान की पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति के लिए लोक निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता को प्रमुख अभियंता कार्यालय में स्वयं उपस्थित होकर जानकारी प्रस्तुत करने तथा मंत्रालय से समन्वय कर पुनरीक्षित स्वीकृति प्राप्त करने को कहा। उन्होंने लोक निर्माण विभाग तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारियों को संयुक्त रूप से स्टेडियम परिसर का निरीक्षण कर अन्य आवश्यक कार्यों के लिए प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने हॉकी मैदान में बन रहे पैवेलियन में अधिकारियों के लिए टॉयलेट बनाने के साथ ही दर्शकों के लिए टॉयलेट की संख्या में बढ़ोतरी के भी निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने निरीक्षण के दौरान कहा कि बहतराई खेल प्रशिक्षण केन्द्र को उत्कृष्ट खेल प्रशिक्षण केन्द्र के रूप में विकसित करने खेल एवं युवा कल्याण विभाग खेल अधोसंरचना के सुदृढ़ीकरण, आधुनिक सुविधाओं के विस्तार और खिलाड़ियों के लिए बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने अधिकारियों और निर्माण एजेंसियों को सभी कार्यों में तेजी लाते हुए समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा, ताकि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और खेल सुविधाओं का लाभ यथाशीघ्र मिल सके। विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, नगर निगम के आयुक्त श्री प्रकाश कुमार सर्वे और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री संदीप अग्रवाल भी श्री साव के निरीक्षण के दौरान मौजूद थे।
- रायपुर / मुख्य सचिव श्री विकासशील ने बुधवार को यहां मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत छत्तीसगढ़ में टीवी मुक्त भारत के तहत छत्तीसगढ़ को टीवी मुक्त बनाने के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से समीक्षा की। मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम एवं प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत किए जा रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।मुख्य सचिव ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत छत्तीसगढ़ में कार्य करने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों को कहा है कि राज्य में टीबी के मरीजों की जांच के लिए व्यापक स्तर पर जांच शिविर लगाये जायें। जिसमें जांच के दौरान मिलने वाले टीबी के मरीजों का त्वरित ईलाज किया जाए। इसके लिए प्रत्येक गांव और शहरों में विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने टीबी मरीजों के जांच के लिए सभी जरूरी उपकरणों एक्स-रे मशीन एवं रेडियोग्राफरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने कहा है।श्री विकासशील ने मरीजों की शीघ्र पहचान कर ईलाज शुरू किया जाना चाहिए एवं मरीजों को स्वास्थ्य कार्यक्रमों के तहत पोषण आहार एवं पौष्टिक सामग्री हेतु निर्धारित राशि तुरंत उपलब्ध कराया जाना चाहिए। टीबी मुक्त अभियान के अंतर्गत जो गांव और ग्राम पंचायतें टीबी मुक्त होती है। इसके बारे में गांव में होने वाली ग्राम सभा में लोगों को बताया जाना चाहिए। इसी तरह से प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की घर-घर जाकर जांच की जाए। महिलाओं के बीपी, वजन, हिमोग्लोबिन इत्यादि की जांच की जाए। आवश्यकता पड़ने पर गर्भवती महिलाओं को एफआरयू में रेफर किए जाए।मुख्य सचिव ने बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बच्चों की स्क्रीनिंग की जाए। सभी आंगनबाड़ी, स्कूलों में हर बच्चें की जांच अनिवार्य रूप से की जाए। रोग युक्त पाए जाने बच्चों को बड़े अस्पतालों में ईलाज के लिए भेजा जाए। अस्पतालों में ईलाज करा रहे बच्चों की टैªकिंग की जाकर उनके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग कर समुचित उपचार दिया जाए। सभी शिशुओं को जरूरी टीके लगाए जाये। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत राज्य में किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी।
- -विकसित छत्तीसगढ़ एवं बस्तर अंजोर को मिला अंतरराष्ट्रीय समर्थनरायपुर / राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ के उपाध्यक्ष श्री गणेश शंकर मिश्रा से बुधवार को यूनिसेफ इंडिया के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने नीति भवन नवा रायपुर में सौजन्य भेंट की। प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने किया। इस अवसर पर यूनिसेफ छत्तीसगढ़ फील्ड कार्यालय की प्रमुख श्रीमती सीमा कुमार एवं सामाजिक नीति प्रमुख डॉ. बाल परितोष दाश भी उपस्थित रहे।बैठक में विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त, सामुदायिक जागरूकता एवं सामाजिक व्यवहार परिवर्तन और बस्तर अंजोर कार्यक्रम पर विस्तृत चर्चा हुई।बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने स्पष्ट किया कि विकसित छत्तीसगढ़ की परिकल्पना में बच्चे केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि राज्य के विकास की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि जब तक राज्य के प्रत्येक बच्चे को स्वास्थ्य, पोषण, शिक्षा और संरक्षण सुनिश्चित नहीं होता, तब तक विकसित छत्तीसगढ़ का लक्ष्य अधूरा है। राज्य नीति आयोग ने विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क के अंतर्गत 50 से अधिक विभागों के लिए प्रमुख प्रदर्शन संकेतक विकसित किए हैं, जिसमें बाल कल्याण को एक स्वतंत्र एवं समर्पित विषयक्षेत्र के रूप में सम्मिलित किया गया है।राज्य नीति आयोग एवं यूनिसेफ के संयुक्त प्रयास से स्थापित विकसित छत्तीसगढ़ सामाजिक नीति सहयोग इकाई (VC-SPS Unit) राज्य में साक्ष्य-आधारित नीति निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण संस्थागत पहल है। यह इकाई विकसित छत्तीसगढ़ प्रगति फ्रेमवर्क, बाल कल्याण सूचकांक, बच्चों के लिए बजट विश्लेषण और सामाजिक संरक्षण को सुदृढ़ करने के लिए राज्य के विभागों को निरंतर तकनीकी सहयोग प्रदान करती है। बैठक में इस इकाई के कार्यों की सराहना की गई और इसे और अधिक सशक्त बनाने पर सहमति व्यक्त की गई।राज्य नीति आयोग देश में पहली बार एक राज्य-विशिष्ट बाल कल्याण मापन पद्धति एवं बाल वंचना सूचकांक विकसित करेगा। यह सूचकांक राज्य के विभागों को बच्चों तक सेवा वितरण की कमियों की पहचान करने और बाल-केंद्रित नीतियों को सुदृढ़ करने में सहायक होगा। साथ ही बच्चों के लिए बजट का एक मानक ढांचा भी तैयार किया जाएगा। यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने इस प्रस्तावित पहल की सराहना करते हुए कहा कि यह राष्ट्रीय स्तर पर एक अनुकरणीय मॉडल सिद्ध होगा।बैठक में बस्तर अंजोर को आदिवासी समुदायों और बच्चों के कल्याण के लिए एक अभूतपूर्व अवसर के रूप में रेखांकित किया गया। राज्य नीति आयोग द्वारा प्रवर्तित यह अभिनव समन्वय पहल बस्तर संभाग के सातों जिलों को आच्छादित करती है। 3+4 मॉडल पर आधारित यह कार्यक्रम तीन कलेक्टर नेतृत्व वाली जिला पहलों -नियद नेल्ला नार, बस्तर मुन्ने और स्वस्थ बस्तर को चार राष्ट्रीय एवं राज्य मिशनों से जोड़ता है। इस कार्यक्रम के 90 प्रतिशत से अधिक हस्तक्षेप क्षेत्र बाल स्वास्थ्य, पोषण एवं सामाजिक संरक्षण से संबंधित हैं। यूनिसेफ ने इस कार्यक्रम को संघर्ष प्रभावित क्षेत्र में विकास की रोशनी पहुँचाने का एक दुर्लभ एवं महत्वपूर्ण अवसर बताया और बस्तर अंजोर के औपचारिक लोकार्पण में मुख्य अतिथि एवं रणनीतिक भागीदार के रूप में सहभागिता की सहर्ष स्वीकृति दी।बैठक में इस बात पर विशेष बल दिया गया कि सरकारी योजनाओं की सफलता केवल नीति एवं बजट से नहीं, बल्कि समुदाय के विश्वास और व्यवहार परिवर्तन से भी निर्धारित होती है। बस्तर जैसे आदिवासी एवं संघर्ष प्रभावित क्षेत्रों में सामुदायिक जागरूकता और जन विश्वास का निर्माण विकास की पूर्वशर्त है।यूनिसेफ की सामाजिक व्यवहार परिवर्तन विशेषज्ञता को बस्तर अंजोर और विकसित छत्तीसगढ़ के जमीनी क्रियान्वयन से जोड़ने पर सहमति व्यक्त की गई। इसके अंतर्गत पोषण, स्वास्थ्य, शिक्षा और बाल संरक्षण के क्षेत्रों में समुदाय स्तर पर जागरूकता अभियान, स्थानीय नेतृत्व का सुदृढ़ीकरण और परिवारों में सकारात्मक व्यवहार परिवर्तन को बढ़ावा देने की दिशा में संयुक्त प्रयास किए जाएंगे।यूनिसेफ इंडिया की फील्ड सेवा प्रमुख सुश्री सोलेदाद हेरेरो ने कहा कि यूनिसेफ वर्ष 2019 से छत्तीसगढ़ सरकार का विश्वसनीय रणनीतिक भागीदार रहा है और यह साझेदारी आगे और सुदृढ़ होगी। उन्होंने विकसित छत्तीसगढ़, बस्तर अंजोर, बाल कल्याण सूचकांक, सामुदायिक जागरूकता और बच्चों के लिए सार्वजनिक वित्त के क्षेत्रों में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय तकनीकी विशेषज्ञता के माध्यम से सहयोग विस्तार का आश्वासन दिया।बैठक के अंत में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष श्री मिश्रा ने यूनिसेफ की पूरी टीम के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी छत्तीसगढ़ के बच्चों के उज्जवल भविष्य और विकसित भारत के स्वप्न को साकार करने की दिशा में एक सशक्त एवं प्रेरणादायी कदम है।



























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