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- रायपुर। भारत की अर्थव्यवस्था में सहकारी क्षेत्र की अहम भूमिका के मद्देनज़र इसके वास्तविक आर्थिक योगदान और रोजगार सृजन का समग्र आकलन करने के लिए राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा ‘कार्यात्मक सहकारी समितियों का त्वरित सर्वेक्षण’ (Rapid Survey of Functional Cooperatives - आरएसएफसी) 1 अप्रैल 2026 से देशभर में प्रारंभ किया जाएगा। यह सर्वेक्षण छह माह तक संचालित होगा।सहकारी क्षेत्र कृषि उत्पादन, ग्रामीण विकास, आवास, रोजगार सृजन तथा समाज के वंचित वर्गों के सशक्तिकरण में महत्वपूर्ण योगदान देता है, किंतु इसके उत्पादन मूल्य और रोजगार सृजन संबंधी विश्वसनीय आंकड़ों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही है। इसी कमी को दूर करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण (National Sample Survey - एनएसएस) द्वारा यह सर्वेक्षण सहकारिता मंत्रालय (Ministry of Cooperation - एमओसी) के राष्ट्रीय सहकारी डाटाबेस के आधार पर किया जा रहा है।सर्वेक्षण में वित्तीय वर्ष 2020-21 तथा 2023-24 को संदर्भ अवधि के रूप में लिया जाएगा, जिससे सहकारी समितियों की परिचालन एवं आर्थिक गतिविधियों के साथ-साथ रोजगार से जुड़े पहलुओं का तुलनात्मक विश्लेषण संभव हो सके। सर्वेक्षण के सुचारू संचालन हेतु राज्य सहकारी समितियों के रजिस्ट्रार तथा जिला रजिस्ट्रार कार्यालयों का सहयोग लिया जाएगा, जो संबंधित समितियों की पहचान और मैदानी कार्य में सहायता करेंगे।इसी क्रम में रायपुर स्थित राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (क्षेत्र संकार्य प्रभाग) के क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा सोमवार को एक दिवसीय ‘क्षेत्रीय प्रशिक्षण शिविर’ का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य क्षेत्रीय अधिकारियों को सर्वेक्षण की अवधारणाओं, परिभाषाओं, प्रक्रियाओं एवं कार्यप्रणाली से अवगत कराना था, ताकि आरएसएफसी का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा सके।कार्यक्रम की अध्यक्षता राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर के उप महानिदेशक श्री अल्ताफ हुसैन हाजी ने की। उन्होंने दीप प्रज्वलन कर प्रशिक्षण शिविर का शुभारंभ किया तथा अपने संबोधन में आरएसएफसी की आवश्यकता और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने राज्य सहकारी अधिकारियों और राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय के मैदानी अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर देते हुए सर्वेक्षण के सफल संचालन हेतु राज्य स्तर पर पूर्ण सहयोग की अपेक्षा व्यक्त की। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे सर्वेक्षण के दौरान राज्य सहकारी संस्थाओं के साथ मजबूत संवाद स्थापित करें।राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर की उप निदेशक एवं कार्यालयाध्यक्ष सुश्री अग्रवाल सचिता राकेश ने प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए प्रशिक्षण शिविर के उद्देश्यों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह सर्वेक्षण 30 विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत प्राथमिक सहकारी समितियों को कवर करेगा, जिनसे संबंधित आंकड़े एकत्र किए जाएंगे।प्रशिक्षण शिविर में सहकारी विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जिनमें कोरबा के उप रजिस्ट्रार श्री एम.आर. ध्रुव तथा रायपुर के सहायक रजिस्ट्रार श्री विनय कश्यप सहित अन्य अधिकारी शामिल रहे, ने सर्वेक्षण कार्य में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, रायपुर के वरिष्ठ सांख्यिकी अधिकारी श्री निरंजन कुमार पटेल ने आभार व्यक्त किया। यह सर्वेक्षण सहकारी क्षेत्र की वास्तविक आर्थिक स्थिति और रोजगार क्षमता का सटीक आकलन प्रस्तुत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे भविष्य की नीतियों के निर्माण को ठोस आधार मिल सकेगा।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ के जनजातीय कार्य मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कहा है कि जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौती से निपटने में जनजातीय ज्ञान प्रणालियाँ प्रभावी सिद्ध हो सकती हैं। उन्होंने जनजातीय समुदायों को सतत विकास का सक्रिय भागीदार बताते हुए उनके पारंपरिक ज्ञान और प्रकृति-आधारित जीवन शैली को नीति निर्माण में समुचित स्थान देने की आवश्यकता पर बल दिया।श्री नेताम हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर द्वारा 28 मार्च को आयोजित दो दिवसीय ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन “लॉ, राइट्स एंड इंडिजिनस फ्यूचर्स: रीथिंकिंग ट्राइबल जस्टिस इन अ ग्लोबलाइज्ड वर्ल्ड” के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे। अपने मुख्य भाषण में उन्होंने कहा कि न्याय, समानता और गरिमा के संवैधानिक मूल्यों पर आधारित समावेशी नीतियाँ समय की आवश्यकता हैं। उन्होंने जलवायु परिवर्तन और सामाजिक असमानता जैसी समकालीन चुनौतियों के समाधान में जनजातीय ज्ञान की उपयोगिता को रेखांकित किया।कार्यक्रम की शुरुआत हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉक्टर) वी. सी. विवेकानंदन के उद्घाटन वक्तव्य से हुई। उन्होंने समकालीन विधिक विमर्श में जनजातीय न्याय की प्रासंगिकता को रेखांकित करते हुए कहा कि प्रकृति के साथ सामंजस्य स्थापित करने वाली जनजातीय प्रणालियाँ “प्रकृति पर नियंत्रण” आधारित विकास मॉडल के कारण धीरे-धीरे समाप्त हो रही हैं। उन्होंने केवल शैक्षणिक विश्लेषण तक सीमित न रहकर ठोस नीतिगत कार्ययोजना तैयार करने की आवश्यकता पर बल दिया।यह सम्मेलन “सेंटर फॉर स्टडी ऑफ लॉ एंड इंडिजिनस पीपल” द्वारा आयोजित किया गया, जिसका नेतृत्व केंद्र प्रमुख डॉ. अयान हाजरा ने किया। कार्यक्रम में प्रभारी रजिस्ट्रार डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत किया, जबकि श्री आशुतोष कुमार आहिरे ने सम्मेलन के संयोजक के रूप में दायित्व निभाया।दो दिवसीय सम्मेलन में देश-विदेश से शिक्षाविदों, नीति-निर्माताओं, विधि विशेषज्ञों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों ने भाग लिया। विभिन्न तकनीकी सत्रों में जनजातीय अधिकार और संवैधानिक ढांचा, संस्कृति और विधिक बहुलवाद, जलवायु न्याय एवं पर्यावरणीय सततता, विकास और विस्थापन, तथा जनजातीय समुदायों में लैंगिक मुद्दों जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।29 मार्च को आयोजित समापन सत्र में छत्तीसगढ़ शासन के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री सोनमणि बोरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने जनजातीय समुदायों के न्याय, समावेशन और सशक्तिकरण के लिए सुशासन, नीतियों के प्रभावी क्रियान्वयन तथा संस्थागत समन्वय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।स्कूल ऑफ लॉ एंड ह्यूमैनिटीज के निदेशक डॉ. अविनाश सामल ने प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संवाद और विचार-विमर्श को सार्थक बताया।सम्मेलन का समापन सभी गणमान्य अतिथियों, प्रतिभागियों एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए किया गया। यह आयोजन कानून, समाज और जनजातीय ज्ञान प्रणालियों के बीच सतत संवाद को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जो समावेशी एवं सतत भविष्य के निर्माण में सहायक होगा।
- भिलाई । भारत सरकार के सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (Steel Authority of India Limited - SAIL) के प्रमुख संयंत्र भिलाई इस्पात संयंत्र (Bhilai Steel Plant) ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में हॉट मेटल उत्पादन के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए 6 मिलियन टन का आंकड़ा पार कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह उपलब्धि संयंत्र की परिचालन उत्कृष्टता, तकनीकी दक्षता और सामूहिक प्रयासों का सशक्त प्रमाण है।उल्लेखनीय है कि संयंत्र ने वर्ष 2005–06 में पहली बार 5 मिलियन टन हॉट मेटल उत्पादन का स्तर हासिल किया था, उस समय सात ब्लास्ट फर्नेस संचालित थे। इसके विपरीत वर्तमान में केवल चार ब्लास्ट फर्नेस के संचालन के साथ 6 मिलियन टन उत्पादन का यह मील का पत्थर प्राप्त किया जाना संयंत्र की उन्नत तकनीक, संसाधनों के बेहतर उपयोग और परिचालन अनुशासन को दर्शाता है।इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर संयंत्र के निदेशक प्रभारी श्री चित्त रंजन महापात्र, कार्यपालक निदेशक (वर्क्स) श्री राकेश कुमार तथा वरिष्ठ प्रबंधन ने ब्लास्ट फर्नेस से जुड़े सभी कर्मियों और हितधारकों को बधाई दी है। प्रबंधन ने ब्लास्ट फर्नेस के प्रदर्शन में निरंतर सुधार की सराहना करते हुए इस उपलब्धि को भविष्य की प्रगति के लिए एक नया मानक बताया और टीमों को इसी प्रतिबद्धता एवं उत्साह के साथ आगे बढ़ते हुए उच्चतर उत्पादन लक्ष्य हासिल करने के लिए प्रेरित किया।
- -नक्सलवाद अब इतिहास बन कर रह जाएगा - संतोष पांडेयरायपुर। भाजपा मुख्य प्रवक्ता एवं सांसद संतोष पांडेय ने लोकसभा सदन में चर्चा के दौरान छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद की पूर्ण समाप्ति को लेकर कहा कि सदन में देश की आंतरिक सुरक्षा के सबसे महत्वपूर्ण विषय वामपंथी उग्रवाद पर सरकार के पक्ष में बोलते हुए कहा कि हम सभी जानते हैं कि किस प्रकार से भ्रमजाल पैदा किया गया और सशस्त्र आंदोलन के नाम पर लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के बड़े हिस्से को नक्सलवाद ने जकड़ रखा गया था। अब नक्सलवाद इतिहास बन कर रह जाएगा। आज नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसे गिन रहा है। दशकों तक लाल आतंक का साया हमारे आदिवासी क्षेत्रों पर मंडराता रहा है और आज जब 31 मार्च 2026 तक भारत को हथियारबंध नक्सलवाद से मुक्त करेंगे तो यह केवल एक सरकारी लक्ष्य नहीं है बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की साझा प्रतिज्ञा है और यह प्रतिज्ञा जब नेतृत्व लेता है तो पूरा देश उन पर विश्वास करते हुए उनके पीछे खड़ा होता है। यह दृढ़ इच्छा शक्ति के संकल्प का प्रभाव है।सांसद श्री पांडेय ने कहा कि भारत के इतिहास में जब आंतरिक सुरक्षा के ऊपर चर्चा की जाएगी, शोध किया जाएगा तो देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदर दास मोदी और देश के गृहमंत्री अमित शाह का नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा। जिस तरह देश के एकीकरण के लिए जब रियासतों का विलयीकरण हुआ था तब देश के पूर्व गृह मंत्री लौह पुरूष सरदार वल्लभभाई पटेल के फौलादी नेतृत्व और इतिहास को हम सब स्मरण करते हैं और आज जब छत्तीसगढ़ के बस्तर, बीजापुर, सुकमा, दंतेवाड़ा, कोंडागांव, कांकेर, नारायणपुर, भानुप्रतापपुर, मानपुर, मोहला, मदनवाड़ा, बगड़गट्टा, रेंगाखार, गरियाबंद, संपूर्ण छत्तीसगढ़ की ओर से मैं अपने नेतृत्व के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करने खड़ा हुआ हूं।आगे उन्होंने कहा कि देश के अंगभूत हम सभी घटक हैं किंतु हमारा यह नेतृत्व और उस कर्तव्य को आपने निभाया। बस्तर जिसे दण्डकारण्य कहते हैं पूरे छत्तीसगढ़ को आपने नक्सल मुक्त किया है इस पर हम छत्तीसगढ़ वासी उऋण नहीं हो सकते। इस ऋण को हम कभी नहीं चुका सकते। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एक टाईमलाइन के तहत एक लक्ष्य लेकर, एक टारगेट निर्धारित के नक्सलवाद का समूल नाश किया है। उन्होंने कहा कि 40 साल तक माओवाद नहीं यह मवाद था जिसने पूरे छत्तीसगढ़ को रेड कॉरिडोर बना रखा था। ऐसे मवाद को केन्द्र सरकार ने ऑपरेशन करके निकालने का काम किया है।सांसद श्री पांडेय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में कई वीभत्स घटनाएं विभीषिका घटित हुई जिसे छत्तीसगढ़ की जनता जानती है और जिसके ऊपर गुजारा है वह जानता है। माओवादियों ने कई बड़े-बड़े हमले किए 2010 में 76 सीआरपीएफ के जवान शहीद हुए हो गए, किंतु दिल्ली के जेएनयू में जश्न मनाया गया। वह कौन लोग हैं जो बस्तर में हमारे सीआरपीएफ के सैनिक, जवान, प्रहरी शहीद होते हो रहे थे तो जश्न मनाते थे। अब यह देश की जनता जान चुकी है। उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा कि हिड़मा से लेकर पापाराव तक 2013 में झीरम घाटी में नरसंहार हुआ था उसका भी गुनहगार हिड़मा ही था जिसने नेताओं को मौत के घाट उतार दिया। 2021 में बस्तर-सुकमा के बीच में 22 जवान शहीद हुए थे और मेरे क्षेत्र के आठ विधानसभा में से सात विधानसभा नक्सलवाद से प्रभावित रहा हैं। मदनवाड़ा में 29 जवान के साथ एसपी विनोद चौबे शहीद हुए थे। जिन परिवारों के साथ घटना घटित हुई उसका दर्द वही जान सकता है।सांसद श्री पांडेय ने कहा कि जितनी हत्याएं देश की सीमाओं में नहीं हुई उतनी हत्या छत्तीसगढ़ में हुई है। इस दर्द को मिटाने का काम प्रधानमंत्री मोदी जी के नेतृत्व वाली केन्द्र सरकार ने किया है। इस संवेदना को समझ करके केन्द्र सरकार आगे बढ़ रही है। नक्सलियों के समूल नाश में लगे सीआरपीएफ के कोबरा फोर्स, आरटीबीपी, बीएसएफ, एसएसबी, डीआईजी, डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड, एसटीएफ, छत्तीसगढ़ आर्म्ड फोर्स, बस्तर फाइटर, झारखंड जैगुवार ऐसे लगभग 18 से 19 फोर्सेस ने अपना सर्वस्व अर्पण किया।उन्होंने सदन में बताया कि आज लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में देश को वामपंथी उग्रवाद (नक्सलवाद) से मुक्त करने हेतु केंद्र सरकार के ठोस प्रयासों पर चर्चा की शुरुआत किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व और गृहमंत्री अमित शाह जी के सशक्त रणनीति के मार्गदर्शन में देश मे नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई तेज़ी से आगे बढ़ रही है। मार्च 2026 तक छत्तीसगढ़ को नक्सलवाद मुक्त बनाने का लक्ष्य यह केवल संकल्प नहीं, बल्कि केंद्र सरकार, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, सुरक्षा बलों और जनता के सामूहिक प्रयासों का परिणाम बनने की दिशा में एक मजबूत कदम है। छत्तीसगढ़ सरकार, पुलिस बल और हमारे वीर जवानों का अदम्य साहस, समर्पण और बलिदान इस अभियान की सबसे बड़ी शक्ति है। सांसद पांडेय ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के संयुक्त प्रयासों के लिए आभार व्यक्त किया।
- जगदलपुर/रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा लोकसभा में नक्सलवाद को लेकर दिए गए सख्त और स्पष्ट बयान का समर्थन करते हुए छत्तीसगढ़ के वन मंत्री केदार कश्यप ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि आज जब देश नक्सलवाद के खात्मे की ओर निर्णायक रूप से बढ़ रहा है, तब कांग्रेस नेताओं की बेचैनी साफ नजर आ रही है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में जो कहा है, वह जमीनी हकीकत पर आधारित है। 31 मार्च तक नक्सलवाद के पूर्ण उन्मूलन का जो लक्ष्य रखा गया है, वह केवल एक घोषणा नहीं बल्कि सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति और सुसंगठित रणनीति का प्रतीक है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज देशभर में नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक और परिणामकारी कार्रवाई हो रही है, जिसका असर छत्तीसगढ़ विशेषकर बस्तर में स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।इस अवसर पर मंत्री केदार कश्यप ने छत्तीसगढ़ को नक्सल मुक्त बनाने की दिशा में निरंतर प्रयासों के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और गृह मंत्री विजय शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश में चल रहे सशक्त अभियान की सराहना करते हुए उनका भी धन्यवाद ज्ञापित किया।उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि नक्सलवाद जैसे गंभीर विषय पर भ्रम फैलाना कांग्रेस की पुरानी आदत रही है। “झीरम हत्या कांड का सबूत जेब में होने” की बात कहकर पांच वर्षों तक उसे सार्वजनिक न करना कांग्रेस की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े करता है। आज जब नक्सलवाद कमजोर पड़ रहा है और सुरक्षा बलों को लगातार सफलता मिल रही है, तब कांग्रेस के नेताओं की पीड़ा स्वाभाविक रूप से सामने आ रही है।वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि यदि कांग्रेस सरकार ने वास्तव में ठोस कार्रवाई की होती, तो प्रदेश को इतने लंबे समय तक नक्सलवाद की समस्या से जूझना नहीं पड़ता। उनके कार्यकाल में केवल बैठकें, बयान और कागजी दावे अधिक देखने को मिले, जबकि आज डबल इंजन सरकार के तहत जमीन पर बदलाव स्पष्ट दिखाई दे रहा है—नए सुरक्षा कैंप, सड़कों का जाल, विकास कार्यों की गति और आम जनता का बढ़ता विश्वास इसका प्रमाण है।उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह समझना चाहिए कि नक्सलवाद कोई राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और जनहित का विषय है। इस पर राजनीति करने के बजाय सभी को एकजुट होकर इसका समाधान निकालने की दिशा में काम करना चाहिए। लेकिन दुर्भाग्यवश कांग्रेस आज भी तथ्यों से परे जाकर केवल राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रही है।मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति के चलते छत्तीसगढ़ बहुत जल्द नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा और बस्तर क्षेत्र शांति, सुरक्षा और विकास की नई पहचान के साथ आगे बढ़ेगा।
- -खिलाड़ियों ने जीत के लिए लगाया दमरायपुर /खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में आयोजित कुश्ती स्पर्धा के तीसरे दिन भी मुकाबले का रोमांच जारी रहा। खिलाड़ियों ने एक से बढ़कर एक दांवपेंच लगाकर जीत के लिए जोर लगाया। इस दौरान विजेता प्रतिभागियों को पदक प्रदान किया गया।कड़े मुकाबले के बीच विजेता पदक प्राप्त करने वालों में आज महिला सीनियर 53 किलोग्राम में झारखंड की नेहा ओराँव ने गोल्ड, असम की प्रतिमा खाखलरी ने सिलवर, असम की मैनारी खाखलरी एवं मिज़ोरम की लालवेनहीमी ने कांस्य पदक जीता। महिला सीनियर 76 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक की मनीषा जुवाव सिद्दी ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश की मुस्कान ने सिल्वर, मिजोरम की लालहमंगहिसँगी ने कांस्य पदक जीता।इसी प्रकार पुरुष वर्ग में ग्रीको रोमन सीनियर 60 किलोग्राम भारवर्ग में कर्नाटक के रोहन एम दोद्दामनी को गोल्ड, राजस्थान के दिनेश सोलंकी को सिल्वर, मेघालय के झु पा यू झु नोंगतडु ने कांस्य पदक अपने नाम किया। फ्रीस्टाइल 97 किलोग्राम भारवर्ग में जम्मू कश्मीर के हमाम हुसैन ने गोल्ड, हिमाचल प्रदेश के मोहित कुमार ने सिल्वर, जम्मू कश्मीर के मोहम्मद वसीम चौधरी ने कांस्य पदक जीता। ग्रीको रोमन सीनियर में 87 किलोग्राम भारवर्ग में हिमाचल प्रदेश के पीयूष गुज्जर को गोल्ड,जम्मू कश्मीर के रियाज़ हुसैन को सिल्वर एवं हिमाचल प्रदेश के टेकचंद ने कांस्य पदक जीता। फ्रीस्टाइल सीनियर में 65 किलोग्राम भारवर्ग में बिहार के मुलायम खरवार को गोल्ड, राजस्थान के राकेश कुमार मीना को सिल्वर एवं कर्नाटक के कैम्पानगौड़ा वी केम्प्पणवार ने कांस्य पदक जीता।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान महावीर स्वामी के सत्य, अहिंसा, करुणा और अपरिग्रह के सिद्धांत आज भी मानव जीवन के लिए मार्गदर्शक हैं। उन्होंने कहा कि इन मूल्यों को अपनाकर समाज में शांति, सद्भाव और संतुलन स्थापित किया जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भगवान महावीर का जीवन हमें आत्मसंयम, त्याग और सह-अस्तित्व की भावना के साथ जीवन जीने की प्रेरणा देता है। उनका संदेश केवल किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि समूची मानवता के लिए प्रासंगिक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे भगवान महावीर की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करें और समाज के कमजोर एवं जरूरतमंद वर्गों की सहायता के लिए सदैव आगे आएं।
- -जगदलपुर में बेमौसम बारिश के कारण एथलेटिक्स का शाम का सत्र रद्द-कुश्ती में दो स्वर्ण के साथ कर्नाटक ने पदक तालिका में 17 स्वर्ण के साथ बढ़त मजबूत की-पहलवान मुलायम खरवार ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल में जीतकर बिहार का खाता खोलारायपुर / अरुणाचल प्रदेश की मिडिल-डिस्टेंस धाविका नेडी न्गी ने महिलाओं की 5000 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक जीता, जबकि महाराष्ट्र ने पुरुष वर्ग में शानदार 1-2 स्थान हासिल किया। वहीं, बेमौसम बारिश के कारण सोमवार को खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के छठे दिन एथलेटिक्स प्रतियोगिताओं के उद्घाटन दिन का शाम का सत्र रद्द करना पड़ा। नेडीन्गी ने अधिकांश दौड़ में खुद को संयमित रखा और अंतिम 200 मीटर में जोरदार स्प्रिंट लगाते हुए 18:24.66 सेकंड के समय के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पुरुषों की 5000 मीटर दौड़ में महाराष्ट्र के गोविंद पाडेकर (15:11.35 सेकंड) और सूरज माशी (15:11.64 सेकंड) ने बेहतरीन तालमेल के साथ दौड़ते हुए क्रमशः स्वर्ण और रजत पदक जीते।नेडीन्गी ने दौड़ के बाद साई मीडिया से कहा, “मैं अकादमियों पर ध्यान देने के बाद वापसी कर रही हूं और यहां स्वर्ण पदक जीतकर बेहद खुश हूं। अब जब मेरी ग्रेजुएशन पूरी हो गई है, तो मैं नेशनल कैंप में जगह बनाने और आगे चलकर बड़े अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए भारतीय टीम में चयनित होने पर ध्यान देना चाहती हूं।”अरुणाचल प्रदेश की नेडी न्गी के स्वर्ण पदक जीतने से राज्य ने पदक तालिका में अपना तीसरा स्थान मजबूत किया, जहां उसके खाते में अब छह स्वर्ण, एक रजत और दो कांस्य पदक हो गए हैं।अंबिकापुर में कुश्ती से मिले दो स्वर्ण पदकों के साथ कर्नाटक ने तालिका में अपनी बढ़त और मजबूत कर ली। रोहन डोड्डामनी ने स्विमिंग पूल के बाहर कर्नाटक का पहला स्वर्ण पदक दिलाया, जब उन्होंने 60 किग्रा ग्रीको-रोमन फाइनल में राजस्थान के दिनेश सोलंकी को तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर हराया।इसके बाद मनीषा ने दिन का समापन करते हुए हिमाचल प्रदेश की मुस्कान को कड़े मुकाबले में 12-8 से हराकर कर्नाटक के लिए एक और स्वर्ण पदक जीता। कर्नाटक के अब कुल 17 स्वर्ण, छह रजत और पांच कांस्य पदक हो गए हैं। ओडिशा नौ स्वर्ण, चार रजत और 10 कांस्य पदकों के साथ दूसरे स्थान पर बना हुआ है।वहीं, मुलायम खरवार ने पुरुषों के 65 किग्रा फ्रीस्टाइल फाइनल में राजस्थान के राकेश मीणा को एकतरफा मुकाबले में हराकर बिहार को दिन का पहला स्वर्ण पदक दिलाया। कर्नाटक के केवी केम्प्पन्नावर ने इस वर्ग में कांस्य पदक जीता।रायपुर के अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में पसंदीदा टीम ओडिशा ने फाइनल में जगह बनाते हुए मिजोरम से मुकाबला तय किया। सेमीफाइनल में ओडिशा ने मध्य प्रदेश को 8-0 से हराया, जबकि मिजोरम ने झारखंड को 3-2 से मात दी।परिणामएथलेटिक्समहिला5000 मीटर: स्वर्ण – नेडी न्गी (अरुणाचल प्रदेश) 18:24.66 सेकंड; रजत – आरती दावर (मध्य प्रदेश) 18:29.28 सेकंड; कांस्य – त्सुचोई टी (नागालैंड) 18:35.60 सेकंडपुरुष5000 मीटर: स्वर्ण – गोविंद पाडेकर (महाराष्ट्र) 15:11.35 सेकंड; रजत – सूरज माशी (महाराष्ट्र) 15:11.64 सेकंड; कांस्य – रंगलाल डोडियार (मध्य प्रदेश) 15:22.48 सेकंडहॉकी (सेमीफाइनल)महिला: मिजोरम ने झारखंड को 3-2 से हराया; ओडिशा ने मध्य प्रदेश को 8-0 से हरायाकुश्तीमहिला53 किग्रा: स्वर्ण – नेहा उरांव (झारखंड); रजत – प्रीतीमा खाखलारी (असम); कांस्य – मैनारी खाखलारी (असम), लालवेनहिमी (मिजोरम)76 किग्रा: स्वर्ण – मनीषा सिद्दी (कर्नाटक); रजत – मुस्कान (हिमाचल प्रदेश); कांस्य – लालहमंगाईहसांगी (मिजोरम)पुरुष65 किग्रा फ्रीस्टाइल: स्वर्ण – मुलायम खरवार (बिहार); रजत – राकेश मीणा (राजस्थान); कांस्य – केवी केम्प्पन्नावर (कर्नाटक)97 किग्रा फ्रीस्टाइल: स्वर्ण – हमाम हुसैन (जम्मू-कश्मीर); रजत – मोहित कुमार (हिमाचल प्रदेश); कांस्य – मोहम्मद वसीम चौधरी (जम्मू-कश्मीर)60 किग्रा ग्रीको-रोमन: स्वर्ण – रोहन डोड्डामनी (कर्नाटक); रजत – दिनेश सोलंकी (राजस्थान); कांस्य – जुह पा यू जुह नोंगतडू (मेघालय)87 किग्रा ग्रीको-रोमन: स्वर्ण – पियूष गुज्जर (हिमाचल प्रदेश); रजत – रियाज हुसैन (जम्मू-कश्मीर); कांस्य – टेक चंद (हिमाचल प्रदेश)
- रायपुर / 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026' के अंतर्गत सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में महिला हॉकी प्रतियोगिता के सेमीफाइनल मुकाबले आज उत्साह और रोमांच के बीच खेले गए।पहले सेमीफाइनल मैच में मिजोरम की टीम ने झारखंड को कड़े मुकाबले में 3-2 से पराजित कर फाइनल में स्थान बनाया। दोनों टीमों के बीच मैच बेहद प्रतिस्पर्धात्मक रहा, जिसमें मिजोरम ने अंत तक बढ़त बनाए रखी।दूसरे सेमीफाइनल मैच में उड़ीसा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-0 से हराया। उड़ीसा की टीम ने पूरे मैच में आक्रामक खेल दिखाते हुए एकतरफा जीत दर्ज की।इन परिणामों के साथ मिजोरम और उड़ीसा की टीमें अब फाइनल में आमने-सामने होंगी, जहाँ खेल प्रेमियों खिताब के लिए रोमांचक मुकाबला देखने को मिलेगा।
- -पल्लवी की बेटी महज छह महीने की थी जब उन्होंने दोबारा वेटलिफ्टिंग पर ध्यान देने का फैसला किया-बीएसएफ में कार्यरत पति के सहयोग के बगैर आसान नहीं था यह वापसी का सफररायपुर / जब पल्लवी पायेंग की बेटी सिर्फ छह महीने की थी, तब असम की इस वेटलिफ्टर के सामने एक कठिन फैसला था। या तो वह अपने पसंदीदा खेल को छोड़ दें या फिर अपनी बेटी से दूर रहकर दोबारा ट्रेनिंग शुरू करें। ऐसे समय में उनके पति सुखावन थौमंग ने उन्हें अपने सपनों को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित किया, जबकि उनकी मां ने बच्चे की देखभाल की जिम्मेदारी संभाली। पल्लवी ने इस त्याग को सार्थक करते हुए यहां आयोजित पहले खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स में महिलाओं के 69 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता।असम की मिसिंग जनजाति से ताल्लुक रखने वाली पल्लवी ने 2018 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की थी और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर अपनी पहचान बनाई। लेकिन कोविड-19 लॉकडाउन ने उनके खेल जीवन की रफ्तार को रोक दिया। इसी दौरान वह मां बनीं, लेकिन वेटलिफ्टिंग मंच पर वापसी की इच्छा उनके भीतर हमेशा बनी रही। हालांकि, मां बनने के बाद खेल में लौटने का विचार जितना उत्साहजनक था, उतना ही चुनौतीपूर्ण भी।पल्लवी ने साई मीडिया से कहा, “यह आसान नहीं है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई महिलाओं ने मां बनने के बाद शानदार प्रदर्शन किया है, लेकिन एक महिला ही समझ सकती है कि पूरी फिटनेस में लौटने के लिए उसे किन परिस्थितियों से गुजरना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “मैंने अपनी बेटी को तब छोड़ा जब वह सिर्फ छह महीने की थी, ताकि मैं दोबारा ट्रेनिंग शुरू कर सकूं। यह भावनात्मक फैसला था, लेकिन मुझे लगा कि यही सही समय है।” अब चार साल की उनकी बेटी, पल्लवी के सरूपथार स्थित किराए के घर और गोलाघाट जिले के बोरपाथार स्थित नानी के घर के बीच समय बिताती है, जो करीब 20 किलोमीटर दूर है।यह फैसला आसान नहीं था।बेटी से दूर लंबे समय तक रहना और कई बार अपने निर्णय पर सवाल उठाना, पल्लवी के सफर का हिस्सा रहा। लेकिन परिवार के सहयोग ने उन्हें कभी अकेला महसूस नहीं होने दिया। उन्होंने कहा, “मेरे पति ने हमेशा मेरा साथ दिया है, जबकि मेरी मां यह सुनिश्चित करती हैं कि जब मैं प्रतियोगिताओं के लिए बाहर जाती हूं, तो मेरी बेटी का पूरा ख्याल रखा जाए।” पल्लवी के पति, जो राष्ट्रीय स्तर के पूर्व मुक्केबाजी पदक विजेता रह चुके हैं, वर्तमान में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) में ड्राइवर के रूप में कार्यरत हैं और जम्मू में तैनात हैं।इसके बावजूद वापसी का रास्ता बिल्कुल आसान नहीं था। मां बनने के बाद 2023 में गोलाघाट में हुए राज्य चैंपियनशिप में पल्लवी छठे स्थान पर रहीं। अगले साल डिब्रूगढ़ में उन्हें निराशा हाथ लगी, जब प्रतियोगिता देर रात तक चली और वह अपनी लय नहीं बना सकीं। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। 2025 में उनकी मेहनत रंग लाने लगी। तेजपुर में हुए राज्य चैंपियनशिप में उन्होंने रजत पदक जीता और उसी साल अस्मिता लीग में स्वर्ण पदक हासिल किया। इस वर्ष भी अस्मिता लीग में एक और स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपनी वापसी को और मजबूत किया।रायपुर में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक उनके लिए खास रहा। उन्होंने कहा, “खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का यह रजत पदक मेरे करियर के लिए एक अहम उपलब्धि है। इससे मुझे आत्मविश्वास मिला है कि मैं इस स्तर की खिलाड़ी हूं।”
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- 296 दिव्यांगजनों को मिला लाभ
दुर्ग/ स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव के मुख्य आतिथ्य में एनटीपीसी-सेल पावर कंपनी लिमिटेड की कॉर्पाेरेट सामाजिक उत्तरदायित्व (सीएसआर) योजना के तहत दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण वितरण कार्यक्रम का आयोजन जिला प्रशासन और समाज कल्याण विभाग द्वारा किया गया। यह कार्यक्रम भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को) जबलपुर के सहयोग से मानस भवन (रविशंकर स्टेडियम के पास) में आयोजित किया गया।
विगत दिवस भिलाई-03, नगर पालिक निगम सुपेला भिलाई और जिला पंचायत परिसर में दिव्यांगजनों के लिए चिन्हांकन शिविर लगाए गए थे। साथ ही 18 से 20 फरवरी तक मूल्यांकन एवं परीक्षण शिविर आयोजित कर पात्र हितग्राहियों का चयन किया गया था। कार्यक्रम में कुल 296 हितग्राहियों को 584 सहायक उपकरण वितरित किए गए। इनमें बैसाखी 86, व्हीलचेयर 41, मोटराइज्ड ट्राइसायकल 68, श्रवण यंत्र 128, स्मार्टफोन 11, सामान्य ट्राइसायकल 53, ब्रेल किट 20, स्मार्ट केन 30, क्रच एल्बो लार्च 34, वॉकिंग स्टिक 13, टीएलएम किट 21, वॉकर 13, कुशन 20, कृत्रिम पैर एवं कैलिपर 27, टेट्रापॉड 10, सीपी व्हीलचेयर 4 और रोलैटर 5 शामिल हैं।
इस अवसर पर मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि सहायक उपकरण मिलने से दिव्यांगजनों को दैनिक जीवन में सुविधा होगी और वे सामाजिक एवं आर्थिक गतिविधियों में अधिक सक्रिय भागीदारी निभा सकेंगे। उन्होंने कहा कि तकनीक और संसाधनों की मदद से दिव्यांगजन हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कोई भी पात्र हितग्राही लाभ से वंचित न रहे और अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचे।
इस अवसर पर महापौर श्रीमती अलका बाघमार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरस्वती बंजारे, एनटीपीसी कंपनी से श्री नील कुमार शर्मा, श्री जे.के. दलाई, समाज कल्याण विभाग के उपसंचालक श्री ए.पी.गौतम, अध्यक्ष जनभागीदारी समिति श्री शिवेन्द्र परिहार, पार्षदगण श्री ज्ञानेश्वर ताम्रकार, श्री देवनारायण चंद्राकर, श्री शिव नायक, श्री मनीष कोठारी, श्री गुलशन साहू, श्री संजय अग्रवाल सहित विभाग के अधिकारी व कर्मचारी और बड़ी संख्या में हितग्राही उपस्थित थे। -
- संभाग आयुक्त श्री राठौर के मार्गदर्शन में ई-आफिस का सफल संचालन
दुर्ग/ सरकारी कामकाज में पारदर्शिता, गतिशीलता और पेपरलेस गवर्नेंस को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लागू की गई ई-ऑफिस प्रणाली के संचालन में दुर्ग संभागीय कार्यालय ने पूरे छत्तीसगढ़ में अपनी विशिष्ट पहचान बनाई है। प्राप्त नवीनतम आंकड़ों के अनुसार, ई-फाइल काउण्ट के मामले में संभागीय कार्यालय दुर्ग 1373 फाइलों के साथ पूरे प्रदेश में प्रथम स्थान में रहते हुए अपना दबदबा कायम रखा है। यह उपलब्धि संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर के कुशल मार्गदर्शन और उनके द्वारा दी गई निर्देशन का प्रतिफल है। सभागीय कार्यालय में इस प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों को उच्च स्तरीय तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे कार्यालयीन फाइलों के निपटान में तेजी आई है। साथ ही प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनी है। संभाग आयुक्त श्री राठौर ने स्पष्ट किया है कि ई-ऑफिस केवल एक सॉफ्टवेयर मात्र नहीं, कार्य संस्कृति में एक क्रांतिकारी बदलाव है, जिससे आम जनता के कार्यों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित हो रहा है।
प्रदेश के सभागीय कार्यालय स्तर पर ई-ऑफिस की वर्तमान स्थिति के अनुसार दुर्ग संभागीय कार्यालय में 1373 ई-आफिस काउण्ट के साथ संभाग प्रथम स्थान पर बना हुआ है। इसके अलावा सरगुजा में 1054 ई-आफिस काउण्ट, बस्तर में 929 ई-आफिस काउण्ट, रायपुर में 356 ई-आफिस काउण्ट तथा संभागीय कार्यालय बिलासपुर में 327 ई-आफिस काउण्ट किया गया है। दुर्ग संभागाीय कार्यालय ने अपनी सक्रियता और बेहतर प्रशिक्षण रणनीति के माध्यम से बहुत कम समय में प्रथम स्थान हासिल कर अपना दबदबा कायम रखा है। छत्तीसगढ़ शासन की मंशा के अनुरूप, संभाग स्तरीय सभी सरकारी कार्यालयों में अब भौतिक फाइलों के स्थान पर डिजिटल फाइलों के चलन को प्राथमिकता दी जा रही है, जिससे भविष्य में ’जीरो पेंडेंसी’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में बड़ी मदद मिलेगी। -
1अप्रैल से 15 जुलाई तक रायपुर जलाभाव ग्रस्त क्षेत्र घोषित
बिना अनुमति बोर खनन करने पर होगी कार्रवाई
रायपुर/ गर्मी के मौसम में पेयजल की कमी को देखते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर रायपुर जिले में नवीन बोर खनन (नलकूप) पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश जारी किया गया है।
छत्तीसगढ़ पेयजल अधिनियम 1986 के तहत जिले को 1 अप्रैल 2026 से 15 जुलाई 2026 तक जलाभाव (पानी की कमी) वाला क्षेत्र घोषित किया गया है। इस अवधि में बिना अनुमति कोई भी व्यक्ति या संस्था नया बोर/नलकूप नहीं खोद सकेगी, चाहे वह पेयजल के लिए हो या किसी अन्य उपयोग के लिए।
इस नियम के अपवाद स्वरूप कुछ शासकीय विभाग जैसे लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) को पूरे जिले में तथा नगर निगम और नगर पंचायतों को अपने क्षेत्र में केवल पेयजल के लिए बोर खनन हेतु अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होगी।
जनसुविधा को ध्यान में रखते हुए एडीएम रायपुर, एसडीएम रायपुर, एसडीएम आरंग, एसडीएम अभनपुर और एसडीएम तिल्दा को अपने क्षेत्र में छत्तीसगढ़ पेयजल परिरक्षण अधिनियमों में उल्लेखित प्रावधानों के अनुसार आवश्यकता पड़ने पर अनुमति देने के लिए अधिकृत किया गया है। नियमों का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। -
दुर्ग/ विगत 28 मार्च को मुख्यालय स्थित केन्द्रीय जेल दुर्ग का प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश जिला दुर्ग (छ.ग.) द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में उन्होंने महिला प्रकोष्ठ में निरूद्ध महिला बंदियों से उनकी प्रकरण की स्थिति, स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, भोजन की गुणवत्ता, साफ सफाई एवं स्वच्छता व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली गई। तत्पश्चात जेल अस्पताल में बीमार बंदियों के स्वास्थ्य के बारे में व्यक्तिगत चर्चा कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं से अवगत हुए। उन्होंने पुनर्वास आधारित योजनाएँ के तहत कम्प्यूटर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बंदियों, एल.ई.डी. बल्ब, आचार, फर्नीचर एवं अन्य सामग्री तैयार कर रहे बंदियों से उनके प्रकरण में बारे में जानकारी ली गई। निरीक्षण के दौरान उन्होंने जेल में सजायाफ्ता बंदियों के अपील संबंधी प्रकरणों को अद्यतन करने एवं बंदियों को प्रकरण की वर्तमान स्थिति से अवगत कराने के निर्देश जेल अधिकारियों को दिये।
उन्होंने बंदियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को सुना और उनकी दैनिक दिनचर्या से संबंधित जानकारी प्राप्त की। उन्होंने नालसा की निःशुल्क और सक्षम विधिक सेवाएँ के तहत नव आगंतुक बंदियों को उनके प्रकरण से संबंधित जानकारी प्राप्त करने के विषय में बताया गया तथा जो बंदी निजी अधिवक्ता नियुक्त नहीं कर सकते हैं, उन्हें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा निःशुल्क विधिक सहायता सलाह प्रदान कर उनकी पैरवी हेतु निःशुल्क अधिवक्ता की नियुक्ति किए जाने की जानकारी दी गई। जेल प्रशासन को ऐसे बंदी जिन्हें परिहार का लाभ दिया जा सकता है, उनके आवेदन के लंबित रहने के कारणों सहित जानकारी प्राधिकरण को प्रेषित किए जाने हेतु निर्देशित किया गया। उन्होंने स्वच्छता का विशेष ध्यान देने पर जोर देते हुए जेल प्रशासन को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया कि बंदियों को प्रदान की जाने वाली सभी मौलिक सुविधाएं, जिनमें स्वच्छ वातावरण, पौष्टिक भोजन, नियमित चिकित्सा जाँच और शिक्षा के अवसर भी सम्मिलित हैं, को बिना किसी व्यवधान के प्रदान किया जाना सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कैदियों का डेटा (ट्रायल स्थिति, जमानत, सजा अवधि) डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सत्यापित किये जाने के संबंध में जानकारी लेकर लंबित मामलों वाले बंदियों की पहचान कर त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित किए जाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, चतुर्थ व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण दुर्ग के सचिव, जेल अधीक्षक, महिला प्रकोष्ठ प्रभारी, एलएडीसीएस के कौंसिल व अन्य कर्मचारीगण उपस्थित रहे। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा अपने वित्तीय संसाधनों को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बकाया संपत्तिकर दाताओं को अंतिम सूचना दिया जा रहा है। निगम प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने लंबित संपत्तिकर का भुगतान 31 मार्च 2026 तक अनिवार्य रूप से कर दें। निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशानुसार निर्धारित तिथि के बाद बकाया कर जमा करने पर 18 प्रतिशत का अधिभार तथा 1000 रुपये का पेनाल्टी शुल्क लगाया जाएगा। वहीं, 31 मार्च तक कर जमा करने वाले नागरिकों से किसी प्रकार का अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाएगा। करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए नगर निगम द्वारा विशेष व्यवस्था की गई है। अवकाश के दिनों में भी संपत्तिकर काउंटर खुले रखे गए हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग समय सीमा के भीतर अपना लंबित कर जमा कर सकें। नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार न करें और जल्द से जल्द बकाया कर का भुगतान कर अतिरिक्त आर्थिक भार से बचें।
- -भारतीय सेना में 'अग्निवीर' के रूप में दे रहे हैं सेवाएंरायपुर / कहते हैं कि यदि इरादे फौलादी हों और लक्ष्य के प्रति समर्पण हो, तो अभाव भी सफलता की राह नहीं रोक सकते। झारखंड के रामगढ़ जिले के एक छोटे से गाँव सुगिया के रहने वाले युवा पहलवान अंजित कुमार मुंडा ने इस बात को सच कर दिखाया है। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित 'खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स' के दौरान अंजित ने 67 किलोग्राम भार वर्ग की कुश्ती स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया है।संघर्ष से सफलता तक का सफरमात्र 20 वर्ष की आयु में सफलता के शिखर को छूने वाले अंजित का जीवन चुनौतियों से भरा रहा है। वर्ष 2009 में पिता के साये के उठ जाने के बाद, उनकी माता ने खेती-बारी और कठिन परिश्रम के बल पर परिवार को संभाला। अंजित ने वर्ष 2017-18 में कुश्ती की शुरुआत की और जेएसएसपीएस स्पोर्ट्स अकादमी में लगभग 6 वर्षों तक कड़ा अभ्यास किया। उनकी शारीरिक क्षमता और तकनीक को देखते हुए प्रशिक्षकों ने उन्हें कुश्ती के लिए तराशा।भारतीय सेना में 'अग्निवीर' के रूप में दे रहे हैं सेवाएंअंजित की खेल प्रतिभा और देश सेवा के जज्बे ने उन्हें भारतीय सेना तक पहुँचाया। पिछले वर्ष ही उनका चयन 'अग्निवीर जीडी' के पद पर हुआ है। अपनी इस सफलता का श्रेय वे अपने कोच को देते हैं।जनजातीय प्रतिभाओं के लिए बड़ा मंचअपनी जीत पर खुशी जाहिर करते हुए अंजित मुंडा ने कहा, खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स हम जैसे जनजातीय बच्चों के लिए एक उत्कृष्ट मंच है, जो अक्सर मुख्यधारा से पीछे छूट जाते हैं। पहली बार आयोजित इस प्रतियोगिता में गोल्ड जीतना मेरे लिए गर्व की बात है। अब मेरा अगला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में आयोजित होने वाली आगामी प्रतियोगिताओं में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना है।"उज्ज्वल भविष्य की उम्मीदपूर्व में कांस्य पदक जीतने के कारण छात्रवृत्ति से वंचित रहे अंजित को अब स्वर्ण पदक जीतने के बाद केंद्र सरकार से सहयोग और स्कॉलरशिप मिलने की पूरी उम्मीद है, ताकि वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन कर सकें। अम्बिकापुर में चल रहे खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स में अंजित की यह उपलब्धि न केवल झारखंड बल्कि पूरे देश के जनजातीय युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी है।
- रायपुर / खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के रंग में इस समय पूरा छत्तीसगढ़ सराबोर नजर आ रहा है। खेल प्रतियोगिताओं के साथ-साथ राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और प्राकृतिक सौंदर्य भी देशभर से आए खिलाड़ियों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। अंडमान-निकोबार से आए वेटलिफ्टिंग के खिलाड़ियों के लिए सिरपुर और बारनवापारा के भ्रमण ने उनकी छत्तीसगढ़ की यात्रा को और यादगार बना दिया।छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल ने आज खिलाड़ियों को ऐतिहासिक नगरी सिरपुर का भ्रमण कराया, जहां उन्होंने प्राचीन मंदिरों, बौद्ध विहारों और पुरातात्विक धरोहरों के माध्यम से राज्य के गौरवशाली इतिहास को करीब से जाना। सिरपुर की ऐतिहासिक विरासत ने खिलाड़ियों को खासा प्रभावित किया और उन्होंने इसकी समृद्ध संस्कृति की सराहना की।बारनवापारा अभयारण्य के भ्रमण और प्रकृति की सुरम्य वादियों ने सभी खिलाड़ियों को मंत्रमुग्ध कर दिया। घने जंगल, शांत वातावरण और हरियाली से भरपूर इस क्षेत्र में खिलाड़ियों ने सुकून के पल बिताए। बारनवापारा स्थित छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के हरेली इको रिसोर्ट में उन्होंने स्थानीय स्वादिष्ट व्यंजनों का भी आनंद लिया।अंडमान-निकोबार के खिलाड़ियों की इस रोमांचक यात्रा का सबसे आकर्षक हिस्सा रहा बाँबू राफ्टिंग, जिसमें खिलाड़ियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और प्राकृतिक जलधाराओं के बीच रोमांच का अनुभव किया। यह गतिविधि उनके लिए न केवल मनोरंजक रही, बल्कि टीम भावना को भी और मजबूत करने वाली साबित हुई। छत्तीसगढ़ की आत्मीयता और मेहमाननवाज़ी ने सभी खिलाड़ियों का दिल जीत लिया। अंडमान-निकोबार से आए खिलाड़ियों ने राज्य सरकार एवं छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह अनुभव उनके जीवन की अविस्मरणीय स्मृतियों में शामिल रहेगा। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के माध्यम से छत्तीसगढ़ न केवल खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान कर रहा है, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत, पर्यटन स्थलों और आतिथ्य की उत्कृष्टता को भी राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला रहा है। यह आयोजन राज्य की बहुआयामी सकारात्मक छवि को और सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो रहा है।
- रायपुर । राजधानी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल इंटरनेशनल हॉकी स्टेडियम में खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 के अंतर्गत पुरुष हॉकी के सेमीफाइनल मुकाबले उत्साह और रोमांच से भरपूर रहे।पहले सेमीफाइनल मैच में झारखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश को 8-1 के बड़े अंतर से पराजित कर फाइनल में अपनी जगह पक्की की।दूसरे सेमीफाइनल में ओडिशा और छत्तीसगढ़ के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। दोनों टीमों ने बेहतरीन खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन अंततः ओडिशा ने 5-1 से जीत दर्ज कर फाइनल में प्रवेश किया। मैच के दौरान दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिला। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के शुभंकर ‘मोर वीर’ के साथ दर्शकों ने जमकर आनंद लिया और वातावरण उत्सवमय बना रहा। इस अवसर पर खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के सांई डिप्टी डायरेक्टर श्री मयंक श्रीवास्तव भी उपस्थित रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए मैच का आनंद लिया।
- रायपुर। क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय, रायपुर के अंतर्गत संचालित पासपोर्ट सेवा केंद्र (PSK), जो वर्तमान में श्याम प्लाजा, यूनिट-5, दूसरी मंजिल, पुराने बस स्टैंड के सामने, पंडरी, रायपुर (पिन: 492003) में स्थित है, को नए पते पर स्थानांतरित किया जा रहा है। नया पासपोर्ट सेवा केंद्र अब वन हाई स्ट्रीट (One High Street), दूसरी मंजिल, तेलीबांधा मेन रोड, रायपुर (पिन: 492001), छत्तीसगढ़ में संचालित होगा। नया पासपोर्ट सेवा केंद्र 06 अप्रैल 2026 से कार्य करना प्रारंभ करेगा।क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी रायपुर ने बताया कि वे सभी आवेदक जिन्होंने 06 अप्रैल 2026 या उसके बाद की तिथि के लिए पासपोर्ट सेवा केंद्र, रायपुर में अपॉइंटमेंट निर्धारित की है, उनसे अनुरोध है कि वे अपनी आवेदन की रसीद में उल्लिखित तिथि एवं समय के अनुसार नए पते (वन हाई स्ट्रीट, तेलीबांधा मेन रोड, रायपुर) पर उपस्थित हों, ताकि किसी भी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर की जयंती के अवसर पर प्रदेशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।राज्यपाल ने अपने संदेश में कहा कि भगवान महावीर ने मानवता के कल्याण के लिए सत्य, अहिंसा, अस्तेय, अपरिग्रह और ब्रह्मचर्य जैसे उच्च जीवन मूल्यों का संदेश दिया। उन्होंने समाज को अंधविश्वास, आडम्बर और कुरीतियों से दूर रहकर नैतिकता, करुणा और संयम का मार्ग अपनाने की प्रेरणा दी। भगवान महावीर के विचार आज भी समाज को शांति, सद्भाव और सहअस्तित्व की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।राज्यपाल ने कहा कि भगवान महावीर का अहिंसा का सिद्धांत विश्व में शांति और भाईचारे की स्थापना का सशक्त माध्यम है। उनके जीवन से हमें आत्मसंयम, अनुशासन और सरल जीवन जीने की प्रेरणा मिलती है।राज्यपाल श्री डेका ने प्रदेशवासियों से भगवान महावीर के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने तथा आपसी सद्भाव, सहिष्णुता और मानवीय मूल्यों को मजबूत करने का आह्वान किया।
- -जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय-नेताजी सुभाष चंद्र बोस पुलिस अकादमी में 859 प्रशिक्षुओं का दीक्षांत समारोह संपन्नरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज चंदखुरी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस राज्य पुलिस अकादमी में आयोजित उप निरीक्षक संवर्ग के दीक्षांत (पासिंग आउट परेड) समारोह में शामिल हुए। उन्होंने परेड का निरीक्षण किया और सलामी ली। इस अवसर पर सूबेदार, उप निरीक्षक एवं प्लाटून कमांडर संवर्ग के अधिकारियों को सफल प्रशिक्षण पूर्ण करने पर बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। इस सत्र में कुल 859 प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण पूर्ण किया, जिनमें 54 सूबेदार, 528 उप निरीक्षक (जीडी), 02 उप निरीक्षक (कंप्यूटर), 01 उप निरीक्षक (रेडियो), 01 उप निरीक्षक (अंगुली चिन्ह), 68 उप निरीक्षक (एसबी) तथा 205 प्लाटून कमांडर शामिल हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि यह दिन सभी प्रशिक्षुओं के जीवन का एक यादगार पड़ाव है, जहाँ से वे राष्ट्र और छत्तीसगढ़ महतारी की सेवा के लिए संकल्पित होकर आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि कठोर प्रशिक्षण के बाद प्राप्त यह उपलब्धि न केवल प्रशिक्षुओं के लिए, बल्कि उनके परिजनों और पूरे प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने उल्लेख किया कि पिछले वर्ष जब उन्होंने इन्हीं युवाओं को नियुक्ति पत्र प्रदान किए थे, तब उनके पास प्रतिभा थी, और आज प्रशिक्षण के बाद उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का समावेश हो चुका है, जो उन्हें एक सफल अधिकारी बनाएगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने पुलिस सेवा को अत्यंत प्रतिष्ठित एवं जिम्मेदारीपूर्ण बताते हुए कहा कि किसी भी प्रतिष्ठित सेवा का आधार सत्यनिष्ठा होती है। उन्होंने प्रशिक्षुओं को प्रेरित करते हुए कहा कि पुलिस का मूल दायित्व नागरिकों की रक्षा करना है। जब भी कोई नागरिक असुरक्षित महसूस करता है, तो सबसे पहले पुलिस के पास ही जाता है। इसलिए जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि वर्दी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जनता की सुरक्षा का संकल्प और उससे जुड़ी प्रतिष्ठा का प्रतीक है, जिसे हर परिस्थिति में बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारी कभी आसान नहीं होती, लेकिन क्षमता और समर्पण के साथ इसे सफलतापूर्वक निभाया जा सकता है। प्रशिक्षण के दौरान किए गए कठिन परिश्रम की तरह ही सेवा में भी निरंतर प्रयास और समर्पण से संतोष और सफलता प्राप्त होती है।मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि आज का यह निष्क्रमण केवल अकादमी से बाहर निकलना नहीं, बल्कि वास्तविक कार्यक्षेत्र में प्रवेश का संकेत है। उन्होंने इसे सनातन परंपरा के ‘निष्क्रमण संस्कार’ से जोड़ते हुए बताया कि जैसे शिशु पहली बार घर से बाहर निकलता है, उसी प्रकार आज ये प्रशिक्षु सुरक्षित प्रशिक्षण वातावरण से निकलकर व्यापक जिम्मेदारियों वाले सेवा क्षेत्र में प्रवेश कर रहे हैं।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ में पुलिसिंग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। पिछले दो वर्षों में भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी एवं त्वरित बनाया गया है, आधुनिक तकनीक और उपकरणों को पुलिस बल में शामिल किया गया है तथा साइबर अपराधों से निपटने के लिए विशेष इकाइयाँ स्थापित की गई हैं। साथ ही प्रशिक्षण व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक और आधुनिक स्वरूप दिया गया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य की पुलिस केवल कानून लागू करने वाली संस्था नहीं होगी, बल्कि एक सक्रिय सेवा प्रदाता के रूप में कार्य करेगी, जिसके लिए उसे प्रतिक्रियात्मक से सक्रियात्मक एजेंसी में रूपांतरित होना होगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि देश वर्तमान में एक ऐतिहासिक परिवर्तन के दौर से गुजर रहा है, जिसमें औपनिवेशिक कानूनों के स्थान पर भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानून लागू किए गए हैं। यह दीक्षांत समारोह इस दृष्टि से विशेष महत्व रखता है कि यह उप निरीक्षकों का पहला बैच है, जिसने इन नवीन संहिताओं के तहत प्रशिक्षण प्राप्त किया है। उन्होंने विश्वास जताया कि ये अधिकारी इन कानूनों को प्रभावी ढंग से लागू करते हुए न्याय व्यवस्था को सुदृढ़ करेंगे।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सुरक्षा, विकास और विश्वास इन तीन स्तंभों पर कार्य कर रही है और पुलिस की भूमिका इन तीनों को सशक्त बनाने में अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि पुलिस को केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि समाज से जुड़कर लोगों का विश्वास जीतना चाहिए, क्योंकि क्षेत्र डर से जीता जा सकता है, लेकिन दिल केवल विश्वास से ही जीता जा सकता है।उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि देश में स्मार्ट, तकनीक-संचालित और संवेदनशील पुलिस व्यवस्था की दिशा में कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि भविष्य की पुलिस डिजिटल, तकनीकी और उन्नत साधनों से लैस होगी, लेकिन जनता का विश्वास केवल व्यवहार, आचरण और निष्ठा से ही अर्जित किया जा सकता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि अब इन प्रशिक्षुओं का जीवन केवल व्यक्तिगत नहीं रहा, बल्कि समाज और राज्य की सेवा के लिए समर्पित हो गया है। उन्होंने सभी अधिकारियों से आह्वान किया कि वे प्रतिदिन अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते समय न्याय, ईमानदारी और मानवता को सर्वोच्च प्राथमिकता दें। अंत में उन्होंने सभी को इस उपलब्धि के लिए बधाई देते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अपनी निष्ठा और समर्पण से छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, सशक्त और समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि ये अधिकारी केवल कानून के रक्षक ही नहीं, बल्कि प्रदेश की आशाओं और विश्वास के संरक्षक भी हैं।उप मुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री श्री विजय शर्मा ने इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके सभी उप निरीक्षकों एवं उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि ये प्रशिक्षु छत्तीसगढ़ पुलिस की ताकत को और सुदृढ़ करेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में भर्ती प्रक्रिया पूर्ण पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुई है, जो शासन की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ऐसा वातावरण बनाएँ जिसमें अपराधियों के मन में कानून का भय और आम नागरिकों के मन में पुलिस के प्रति विश्वास बना रहे।समारोह में विभिन्न विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं—सर्वेश कुमार, किरण, मीताली बुग्गे, देवेन्द्र सिंह, भरत कुमार, जयप्रकाश राठौर, सचिन यादव, सुंदर मनीष, जितेन्द्र कुमार वैष्णव, जितेंद्र सिंह राजपूत एवं राकेश वैष्णव—को ट्रॉफी एवं प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, एडीजी श्री दीपांशु काबरा, अकादमी के संचालक श्री अजय यादव, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक पल्लव सहित अन्य अधिकारी एवं बड़ी संख्या में प्रशिक्षुओं के परिजन उपस्थित थे।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील और जनहितकारी शासन की एक भावुक झलक आज चंदखुरी में देखने को मिली, जब उन्होंने एक दिव्यांग ग्रामीण की समस्या को न केवल सुना, बल्कि मौके पर ही उसका समाधान सुनिश्चित कर मानवता और उत्तरदायी नेतृत्व का उदाहरण प्रस्तुत किया।चंदखुरी निवासी दिव्यांग श्री चंदूलाल वर्मा के लिए यह दिन जीवन का अविस्मरणीय क्षण बन गया। वे मुख्यमंत्री से मिलने की आशा लेकर कायस्थ मंगल भवन के लोकार्पण कार्यक्रम में पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्ति के बाद जब वे मुख्यमंत्री से मिलने के लिए आगे बढ़े, तो सुरक्षा कारणों से उन्हें रोक दिया गया।इसी दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की नजर उन पर पड़ी। उन्होंने तत्परता दिखाते हुए सुरक्षाकर्मियों को निर्देश दिया कि श्री वर्मा को मंच पर बुलाया जाए। यह एक छोटा-सा निर्णय था, लेकिन चंदूलाल के जीवन में बड़ा बदलाव लेकर आया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से मिलते ही चंदूलाल ने अपनी व्यथा साझा की। उन्होंने बताया कि वे पहले राजमिस्त्री का कार्य करते थे, लेकिन शुगर की बीमारी और डायबिटिक फुट के कारण उनके पैरों में गंभीर समस्या हो गई, जिससे चलना-फिरना कठिन हो गया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण वे अब कोई कार्य नहीं कर पा रहे हैं और उन्हें बैटरी संचालित ट्राईसिकल की आवश्यकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अत्यंत संवेदनशीलता के साथ उनकी पूरी बात सुनी और तत्काल सहायता राशि प्रदान करते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि उन्हें शीघ्र मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध कराया जाए।मुख्यमंत्री के निर्देशों का त्वरित पालन सुनिश्चित किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रतीक बैस ने तत्काल प्रक्रिया पूर्ण कर चंदूलाल वर्मा को मोटराइज्ड ट्राईसिकल उपलब्ध कराया।अपनी खुशी व्यक्त करते हुए चंदूलाल भावुक हो उठे। उन्होंने कहा कि “मैंने सोचा भी नहीं था कि मुख्यमंत्री मुझसे मिलेंगे और मेरी समस्या का इतना जल्दी समाधान हो जाएगा। मैं उनका दिल से आभारी हूँ। धन्यवाद विष्णु भईया।”यह घटना केवल एक व्यक्ति की सहायता भर नहीं, बल्कि यह दर्शाती है कि राज्य सरकार का उद्देश्य हर नागरिक तक संवेदनशीलता, पहुंच और त्वरित समाधान सुनिश्चित करना है। मुख्यमंत्री का यह व्यवहार सुशासन के उस मॉडल को मजबूत करता है, जिसमें हर जरूरतमंद की आवाज सीधे शासन तक पहुंचती है और समाधान भी उतनी ही तेजी से मिलता है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी स्थित माता कौशल्या मंदिर पहुंचकर माता कौशल्या एवं भगवान श्रीराम के दर्शन कर प्रदेश की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में ग्रामवासी उपस्थित थे।
- -कायस्थ समाज का देश-प्रदेश की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान: मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय-सर्व समाज के लिए उपयोगी होगा कायस्थ मंगल भवन: संजय श्रीवास्तवरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज चंदखुरी में कायस्थ मंगल भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कायस्थ समाज को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि चंदखुरी में इस मंगल भवन का शुभारंभ होना पूरे समाज के लिए खुशी और गौरव का विषय है।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कायस्थ समाज सदैव से एक प्रबुद्ध और जागरूक समाज रहा है, जिसने देश एवं प्रदेश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन से लेकर सामाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में इस समाज की सक्रिय भूमिका रही है, जो प्रेरणादायी है।मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि राज्य सरकार द्वारा तैयार किए गए विजन डॉक्यूमेंट में समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है और उन्हें विश्वास है कि कायस्थ समाज इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि यह आयोजन इस बात का प्रतीक है कि जब समाज संगठित होकर कार्य करता है, तो बड़े से बड़ा लक्ष्य भी सहजता से प्राप्त किया जा सकता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर प्रदेश में कनेक्टिविटी के क्षेत्र में हो रहे विस्तार का उल्लेख करते हुए बताया कि आज अंबिकापुर से दिल्ली और कलकत्ता के लिए सीधी हवाई सेवा प्रारंभ की गई है, जिससे प्रदेशवासियों को आवागमन में बड़ी सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अपने बजट में सीजी वायु योजना का प्रावधान किया है, जिसके तहत छत्तीसगढ़ के सभी हवाई अड्डों का विकास किया जाएगा। साथ ही कार्गो सेवा भी प्रारंभ की गई है, जिससे किसान अपने उत्पाद राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार तक आसानी से पहुंचा सकेंगे।इस अवसर पर नागरिक आपूर्ति निगम के अध्यक्ष श्री संजय श्रीवास्तव ने कहा कि कायस्थ मंगल भवन का निर्माण समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह भवन किसी एक समाज के लिए नहीं, बल्कि सर्व समाज के उपयोग के लिए बनाया गया है। यहां सामाजिक, सांस्कृतिक एवं पारिवारिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जा सकेगा, जिससे विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सुविधा मिलेगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।वी.वाय. हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. पूर्णेंदु सक्सेना ने कहा कि इस मंगल भवन का निर्माण पूरे समाज के सहयोग से संभव हुआ है और इसके लिए सभी लोग बधाई के पात्र हैं। उन्होंने कहा कि माता कौशल्या की पावन भूमि पर इस भवन का निर्माण होना हम सभी के लिए सौभाग्य की बात है और यह भवन निश्चित रूप से शुभ कार्यों में उपयोगी सिद्ध होगा।कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन, सहित कायस्थ समाज के समाज के अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
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महापौर मीनल चौबे ने नगर निगम सामान्य सभा में वित्त वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया, निगम बजट पर दिया अभिभाषण
निगम सामान्य सभा की बैठक में पहुंचे रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और राज्यसभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा, महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी, आयुक्त श्री विश्वदीप ने किया आत्मीय स्वागत
रायपुर/ आज रायपुर नगर पालिक निगम का वार्षिक बजट वित्त वर्ष 2026-27 को रायपुर नगर निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ के सभापतित्व में नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के चतुर्थ तल पर स्थित नगर निगम सामान्य सभा सभागार में आहुत सामान्य सभा की बैठक में प्रस्तुत किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे द्वारा सामान्य सभा में नगर निगम बजट पर अभिभाषण प्रस्तुत करने के पूर्व नगर निगम बजट की प्रथम प्रति आसन्दी पर सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ को नगर निगम वित्त विभाग के अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार सहित दी. वित्त विभाग अध्यक्ष श्री महेन्द्र खोडियार ने महापौर श्रीमती मीनल चौबे को बजट की प्रति दी, नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी और नगर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप को महापौर और वित्त विभाग अध्यक्ष ने बजट की प्रति दी.इसके पूर्व नगर निगम सामान्य सभा की बैठक में पहुँचने पर रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और राज्यसभा सदस्य श्रीमती लक्ष्मी वर्मा का महापौर श्रीमती मीनल चौबे, नेता प्रतिपक्ष श्री आकाश तिवारी और आयुक्त श्री विश्वदीप ने बुके प्रदत्त कर आत्मीय स्वागत किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने नगर निगम रायपुर के वित्त वर्ष 2026-27 के वार्षिक बजट और बजट पर अभिभाषण की प्रस्तुति सामान्य सभा की बैठक में की. रायपुर नगर निगम का वित्त वर्ष 2026-27 हेतु 1 करोड़ 39 लाख 89 हजार रूपये के फायदे का बजट प्रस्तुत किया गया. 1924 करोड़ 9 लाख 12 हजार की कुल वार्षिक आय के प्रस्तुत बजट में प्रारम्भिक शेष 207 करोड़ 65 लाख 90 हजार रूपये, कुल योग 2131 करोड़ 75 लाख 2 हजार रूपये और कुल अनुमानित व्यय 2130 करोड़ 35 लाख 13 हजार रूपये दर्शाया गया है.इस प्रकार नगर निगम महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने सामान्य सभा की बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 का 1 करोड़ 39 लाख 89 हजार रूपये के फायदे का वार्षिक बजट प्रस्तुत किया.


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