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- रायपुर । बिलासपुर के बिलासा देवी केवट एयरपोर्ट से आज रात्रि उड़ान सेवा की ऐतिहासिक शुरुआत हो गई। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने नाइट ऑपरेशन्स का लोकार्पण किया और इसी दौरान स्वयं रात में पहली उड़ान से रायपुर के लिए रवाना हुए। विधायक श्री धर्मजीत सिंह भी मुख्यमंत्री जी के साथ रात्रिकालीन उड़ान में रायपुर गए।उल्लेखनीय है कि एयरपोर्ट को 3सी वीएफआर से उन्नत कर 3सी आईएफआर श्रेणी में विकसित करने का कार्य लगभग 31 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण किया गया। इस उन्नयन के बाद डीजीसीए के द्वारा 6 फरवरी 2026 को एयरपोर्ट को 3सी आईएफआर श्रेणी में रात्रिकालीन संचालन की अनुमति प्रदान की गई, जिससे अब यहां रात में भी उड़ानों का संचालन संभव हो सका है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि रात्रि उड़ान सेवा शुरू होने से अब निर्धारित उड़ानों के साथ-साथ आपातकालीन एवं मेडिकल फ्लाइट्स भी रात में संचालित हो सकेंगी, जिससे जीवनरक्षक सेवाएं और अधिक प्रभावी होंगी। बेहतर हवाई संपर्क से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से इस नई सुविधा का अधिकतम लाभ उठाने की अपील करते हुए सभी यात्रियों के लिए सुरक्षित और सुखद यात्रा की कामना की।समारोह को केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू और विधायक श्री धरमलाल कौशिक ने भी संबोधित किया।इस अवसर पर विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्रीमती पूजा विधानी, संभाग आयुक्त श्री सुनील जैन, आईजी श्री राम गोपाल गर्ग, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, एसपी श्री रजनीश सिंह, एयरपोर्ट के डायरेक्टर श्री एन वीरेंद्र सिंह सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित थे।
- -किसानों के लिए बड़ी सौगात, राम्हेपुर नहर लाइनिंग से 1540 एकड़ में पहुंचेगा पानी-नहरों का होगा कायाकल्प, 6 गांवों के किसानों को मिलेगा सिंचाई लाभ-छीरपानी जलाशय से जुड़ी नहरों की लाइनिंग कार्य शुरू, खेती को मिलेगी नई मजबूती-उप मुख्यमंत्री ने सारंगपुर में 41 लाख रुपए की सीसी रोड और मेन चौक पर भव्य डोम निर्माण की घोषणा कीरायपुर।, कबीरधाम जिले के बोड़ला क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराने की दिशा में लंबे समय से चली आ रही बहुप्रतीक्षित मांग को पूरा करते हुए उप मुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने ग्राम सारंगपुर पहुंचकर 8.10 करोड़ रुपए की लागत से बोड़ला विकासखंड अंतर्गत छीरपानी जलाशय से जुड़ी राम्हेपुर वितरक नहर एवं उससे संबद्ध माइनर नहरों के सी.सी. लाइनिंग कार्य का विधिवत भूमिपूजन किया। यह महत्वाकांक्षी परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए वरदान साबित होगी। कार्य पूर्ण होने पर कुल 1540 एकड़ क्षेत्र में सुचारू सिंचाई सुविधा उपलब्ध हो सकेगी तथा 6 गांवों के 800 से अधिक किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। नहरों के सुदृढ़ीकरण से जल का अपव्यय रुकेगा, अंतिम छोर तक पानी पहुंचेगा और खेती-किसानी को नई मजबूती मिलेगी। इस दौरान उप मुख्यमंत्री ने सारंगपुर गांव के विकास के लिए 41 लाख रुपए की सीसी रोड निर्माण और गांव के मेन चौक में भव्य डोम निर्माण की घोषणा की।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भूमि पूजन के अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सरकार गांव, गरीब और किसान को केंद्र में रखकर योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। उन्होंने कहा कि नहरों की लाइनिंग से पानी का अनावश्यक रिसाव रुकेगा, जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और नहरों के अंतिम छोर तक भी समान रूप से पानी पहुंच सकेगा। इससे न केवल फसलों की उत्पादकता बढ़ेगी, बल्कि किसानों की आय में भी वृद्धि होगी। कार्यक्रम के दौरान उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की मंशा है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और क्षेत्र के समग्र विकास को गति मिले। उन्होंने कहा कि नहर निर्माण कार्य से उनकी खेती को सीधा लाभ मिलेगा। आज से निर्माण कार्य प्रारंभ किया जा रहा है, इसलिए गांव के लोग भी इसमें सक्रिय रूप से ध्यान दें और जनसहयोग से कार्य को सफल बनाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी विकास कार्य की सफलता में आमजन की भागीदारी सबसे अहम होती है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने इस अवसर पर गांव में संचालित विभिन्न विकास कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को आवास स्वीकृत किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि सरकार ने अपने वादे के अनुरूप गठन के साथ ही कैबिनेट की पहली बैठक में आवास योजना को स्वीकृति देकर इसे प्राथमिकता दी है।उन्होंने कहा कि ग्रामीणों को योजनाओं के तहत मिली राशि गांव में ही आसानी से मिल सके, इसके लिए ग्राम पंचायत भवन में डिजिटल सुविधा केंद्र संचालित किया जा रहा है, जिससे महिलाओं और बुजुर्गों को विशेष सुविधा मिल रही है। साथ ही महतारी वंदन योजना के तहत अब तक 25 किस्तों में 25 हजार रुपए की राशि हितग्राहियों के खातों में अंतरित की जा चुकी है, जिससे महिलाओं को आर्थिक मजबूती मिली है। इसके साथ ही सीएलएफ स्तर पर गांव में महतारी सदन का निर्माण भी किया जा रहा है।उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने यह भी बताया कि स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीणों को उनके संपत्ति अधिकार सुनिश्चित करने के लिए अधिकार पत्र तैयार किए जा रहे हैं, जिससे गांवों में पारदर्शिता और स्वामित्व की स्पष्टता बढ़ेगी। कार्यक्रम में पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, जनपद उपाध्यक्ष श्री नंद श्रीवास, श्री राम किंकर वर्मा, श्री मनीराम साहू सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामवासी उपस्थित रहे।*1540 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का होगा विस्तार*वर्तमान में इन नहरों के माध्यम से लगभग 1045 एकड़ क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है। परियोजना पूर्ण होने के पश्चात सिंचाई क्षमता में 495 एकड़ की अतिरिक्त वृद्धि होगी, जिससे कुल 1540 एकड़ क्षेत्र में किसानों को नियमित एवं सुचारू रूप से खरीफ फसलों के लिए पानी मिल सकेगा। इससे क्षेत्र में कृषि उत्पादन को नई गति मिलने की उम्मीद है।13.65 किलोमीटर लंबी नहरों का होगा कायाकल्पपरियोजना के अंतर्गत कुल लगभग 13.65 किलोमीटर लंबाई की नहरों का सी.सी. लाइनिंग एवं जीर्णोद्धार कार्य किया जाएगा। इसमें प्रमुख रूप से राम्हेपुर वितरक नहर (4650 मीटर), सिल्हाटी माइनर-1 (1230 मीटर), सिल्हाटी माइनर-2 (1680 मीटर), बघरा माइनर (780 मीटर) तथा राम्हेपुर टेल माइनर (दांयी एवं बांयी) कुल 5310 मीटर शामिल हैं। इसके साथ ही नहरों में आवश्यक पक्के संरचनाओं का पुनर्निर्माण एवं मरम्मत कार्य भी किया जाएगा, जिससे नहरों की मजबूती और जल प्रवाह की क्षमता में वृद्धि होगी।6 गांवों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभइस योजना से मुख्य रूप से मानिकपुर, सिल्हाटी, बघर्रा, सारंगपुर कला, सिंधनुपरी एवं राम्हेपुर कला ग्रामों के किसान सीधे तौर पर लाभान्वित होंगे। नहरों के सुदृढ़ीकरण से इन गांवों में जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए वैकल्पिक साधनों पर निर्भरता कम करनी पड़ेगी।
- - केन्द्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री ने जिले में जल संरक्षण, भूमिगत जल स्तर सुधार और सतत जल प्रबंधन हेतु किए जा रहे अभिनव कार्यों की सराहना कीराजनांदगांव । केन्द्रीय जलशक्ति राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने आज राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम बरगा में परकोलेशन टैंक, इंजेक्शन वेल, बोरवेल सह रिचार्ज साफ्ट सैंड फिल्टर स्ट्रक्चर का अवलोकन किया। राज्य मंत्री डॉ. राजभूषण चौधरी ने जिले में जल संरक्षण, भूमिगत जल स्तर सुधार और सतत जल प्रबंधन हेतु किए जा रहे अभिनव कार्यों की सराहना की। उन्होंने कहा कि जल प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयास मॉडल के रूप में पूरे देश के लिए अच्छा उदाहरण है। राज्य मंत्री डॉ. चौधरी ने ग्रामीणों से कहा कि फसल चक्र को अपनाकर कम पानी उपयोग वाली फसलों का अधिक से अधिक उपयोग करें। धान की जगह दलहन-तिलहन फसल लेने के लिए किसानों को प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा पीएम-आशा योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन किसानों से खरीदी की जा रही है। जिससे किसानों को अच्छी आमदनी हो रही है।कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले में निर्मित विभिन्न वॉटर रीचार्ज स्ट्रक्चर, पर्कोलेशन टैंक, रीचार्ज शाफ्ट, तालाब संरक्षण मॉडल तथा ग्राउंड वाटर मैनेजमेंट से जुड़े विस्तृत तकनीकी पहलुओं की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कम लागत में उच्च गुणवत्ता के जिले के वॉटर रीचार्ज स्ट्रक्चर बड़े स्तर पर बनाए गए हैं। जिससे भूमिगत जल स्तर में सुधार दर्ज किया गया है। कलेक्टर ने बताया कि जिन गांवों में रिचार्ज स्ट्रक्चर बनाया गया है। वहां के बोरवेल्स की जल क्षमता दोगुनी तक बढ़ी है, जिससे ग्रामीण इलाकों में पानी की उपलब्धता लगातार बेहतर हुई है। जल पुनर्भरण की इस तकनीक से जिले में लंबे समय से खराब पड़े बोरवेल्स में पुनरू पानी आने लगा है। रीचार्ज शाफ्ट बनाकर वर्षा जल को सीधे भूमिगत धारण क्षमता वाले हिस्सों तक पहुँचाया जाता है। उन्होंने बताया कि वर्षा जल और ग्रे वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट के लिए अलग-अलग संरचनाओं का निर्माण किया जा रहा है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव, कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह उपस्थित थे।
- -छत्तीसगढ़ के निर्माता भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा का अनावरण-अटल जी की प्रतिमा उनके व्यक्तित्व और विचारों को सहेजने की प्रेरक पहल — मुख्यमंत्री विष्णुदेव सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बिलासपुर प्रवास के दौरान अरपा रिवर व्यू के समीप नवनिर्मित ‘अटल परिसर’ में भारत रत्न श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी जी की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें नमन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने शहर के समग्र विकास को नई दिशा देते हुए 26 करोड़ 93 लाख रुपये से अधिक लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि आधुनिक भारत के स्वप्न दृष्टा, प्रखर वक्ता, संवेदनशील कवि और छत्तीसगढ़ राज्य के निर्माता थे। उन्होंने कहा कि अटल जी के नेतृत्व में 1 नवंबर 2000 को छत्तीसगढ़ का गठन हुआ, जिसने प्रदेश को विकास की नई दिशा और पहचान प्रदान की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि अटल जी की प्रतिमा उनके ऐतिहासिक व्यक्तित्व, विचारों और राष्ट्र निर्माण के संकल्प को सहेजने की एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि यह परिसर आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देगा और समाज में राष्ट्र निर्माण की भावना को और मजबूत करेगा।मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सभी नगरीय निकायों में ‘अटल परिसर’ के निर्माण का निर्णय लिया गया है, ताकि अटल जी के विचारों और आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने कहा कि 25 दिसंबर को प्रदेश के 115 नगरीय निकायों में अटल परिसरों का लोकार्पण किया जा चुका है और यह अभियान निरंतर आगे बढ़ रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बिलासपुर के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है और आज किए गए 26 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्य शहर की अधोसंरचना को सुदृढ़ करेंगे तथा नागरिक सुविधाओं को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों के माध्यम से शहर को आधुनिक और सुविधायुक्त बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन में वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में उत्पन्न संकट के बावजूद भारत प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में मजबूती से खड़ा है। उन्होंने कहा कि देश की सुदृढ़ विदेश नीति और प्रभावी समन्वय के कारण आपूर्ति व्यवस्था सुचारु है तथा आम नागरिकों को किसी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहों से दूर रहें और जिम्मेदार नागरिक की भूमिका निभाएं।मुख्यमंत्री श्री साय द्वारा इस अवसर पर लगभग 12.43 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए विभिन्न निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया गया। इनमें अटल परिसर निर्माण, मराठी कन्या शाला भवन में प्रथम तल निर्माण, इमलीपारा में व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स तथा रक्षित आरक्षी केंद्र का निर्माण प्रमुख रूप से शामिल हैं, जो शहरी विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने में सहायक सिद्ध होंगे।इसके साथ ही मुख्यमंत्री श्री साय ने लगभग 14.50 करोड़ रुपये की लागत के नए विकास कार्यों का भूमिपूजन भी किया। इनमें अरपा क्षेत्र में सड़क, नाला एवं पिचिंग कार्य, जरहाभाठा क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण एवं नवीनीकरण तथा उसलापुर में भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा एवं चबूतरा निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं, जो शहर के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के साथ-साथ सांस्कृतिक पहचान को भी सशक्त करेंगे।कार्यक्रम में केंद्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू ने कहा कि अटल परिसर का निर्माण प्रदेश के लिए गौरव का विषय है और यह मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के दूरदर्शी नेतृत्व का परिणाम है। उन्होंने कहा कि अटल जी के योगदान को शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता और उनके आदर्श आज भी देश को दिशा दे रहे हैं।इस अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री धर्मजीत सिंह, श्री सुशांत शुक्ला सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।
- कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने संयम बरतने की अपील कीबालोद/ जिले में ईंधन की आपूर्ति को लेकर फैल रही विभिन्न चर्चाओं और आशंकाओं के बीच कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने आम जनता के लिए महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है, इसलिए नागरिकों को घबराने या अनावश्यक भंडारण करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने अफवाहों पर ध्यान न देने और आपूर्ति सुचारू रूप से शुरू होने की बात कही है। पिछले कुछ दिनों से ईंधन की कमी को लेकर सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से भ्रम की स्थिति पैदा हो रही थी। इस पर विराम लगाते हुए कलेक्टर दिव्या मिश्राने कहा कि प्रशासन आपूर्ति श्रृंखला पर निरंतर नजर बनाए हुए है। जिले के सभी पेट्रोल पंपों और गैस एजेंसियों के पास वर्तमान में नागरिक उपयोग के लिए पर्याप्त मात्रा में स्टॉक मौजूद है।आवश्यकतानुसार ही करें खर्च-कलेक्टर दिव्या मिश्रा ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे ईंधन का उपयोग विवेकपूर्ण और जरूरत के हिसाब से ही करें। उन्होंने कहा की जिले में ईंधन की कोई कमी नहीं है। नागरिक अपनी दैनिक आवश्यकता के अनुसार ही पेट्रोल-डीजल की खरीद करें। अनावश्यक रूप से स्टॉक जमा करने से बाजार में कृत्रिम कमी की स्थिति पैदा हो सकती है, जिससे बचें। प्रशासनिक निगरानी- उन्होने कहा कि जिले में कालाबाजारी या अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही प्रशासन ने आम जनता से सहयोग का आग्रह किया है ताकि जिले की व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे और किसी भी नागरिक को असुविधा का सामना न करना पड़े।
- कोरिया मॉडल की देशभर में गुंज- प्रधानमंत्री ने बताया जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरणकोरिया का प्रयास बना राष्ट्रीय उदाहरण: जल संरक्षण को जनभागीदारी से सशक्त करना हमारा संकल्प- मुख्यमंत्रीरायपुर/कोरिया जिले में जल संरक्षण को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए “कैच द रेन” तथा राज्य शासन के मोर गाव मोर पानी महा अभियान अभियान के अंतर्गत में “आवा पानी झोंकी” अभियान संचालित किया गया। इस पहल ने जल संरक्षण को केवल एक सरकारी योजना से आगे बढ़ाकर व्यापक जनभागीदारी पर आधारित आंदोलन बना दिया है।इस अभिनव प्रयास को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान तब मिली, जब माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय कार्यक्रम “मन की बात” में कोरिया मॉडल की सराहना की और इसे जनभागीदारी आधारित जल संरक्षण का प्रेरक उदाहरण बताया।इसके अतिरिक्त, केंद्रीय स्तर पर भी इस मॉडल को सराहना प्राप्त हुई है। केंद्रीय जलशक्ति मंत्री सी आर पाटिल द्वारा भी कोरिया मॉडल को अन्य राज्यों में लागू किए जाने योग्य पहल के रूप में उल्लेखित किया गया, जिससे इसकी उपयोगिता और विस्तार की संभावनाएँ स्पष्ट होती हैं।पृष्ठभूमिकोरिया जिले में लगभग 1370 मिमी वार्षिक वर्षा होने के बावजूद भू-आकृतिक परिस्थितियों के कारण जल का तीव्र बहाव होता था, जिससे भूजल पुनर्भरण सीमित था।कोरिया मॉडल: जन आंदोलन की अवधारणा“जल संचय जन भागीदारी अभियान” के अंतर्गत लागू 5% मॉडल के तहत किसानों ने अपनी भूमि का 5% भाग छोटी सीढ़ीदार जल संरचनाओं के लिए समर्पित किया साथ ही सोखता गड्ढे और मनरेगा के अंतर्गत संरचनाएं बनाईं गईं।सामुदायिक एवं वैज्ञानिक समन्वयमहिलाओं ने नीर नायिका, युवाओं ने जल दूत के रूप में भूमिका निभाई और ग्राम सभाओं के माध्यम से विकेंद्रीकृत योजना को सशक्त बनाया। इससे समुदाय स्वयं कार्यान्वयनकर्ता बना।2025 की उपलब्धियाँ (जल पुनर्भरण)जिले में कुल लगभग 2.8 MCM (28 लाख घन मीटर) जल का भूजल में पुनर्भरण हुआ।यह जल मात्रा लगभग 230–235 (12000 m³/ तालाब ) बड़े तालाबों के बराबर और 1800 से अधिक ( 1500 m³/ डबरी ) डबरियों के बराबर है। ( गणनाएं मानक वैज्ञानिक मानकों एवं सावधानीपूर्वक किए गए आकलन पर आधारित हैं।)भूजल स्तर में सुधारCGWB की रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में कोरिया जिले के भूजल स्तर में 5.41 मीटर की उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो इस मॉडल की प्रभावशीलता को दर्शाती है।2026 में प्रगति20,612 से अधिक जल संरक्षण कार्य पूर्ण/प्रगति पर हैं जिनके अंतर्गत 17,229 सामुदायिक कार्य तथा 3,383 मनरेगा आधारित संरचनाएँ शामिल हैं।कलेक्टर का वक्तव्यजिला कलेक्टर श्रीमती चंदन संजय त्रिपाठी ने कहा—“कोरिया मॉडल की सफलता का मूल आधार जनभागीदारी है। जब समाज स्वयं जल संरक्षण का संकल्प लेता है, तो परिणाम स्थायी और व्यापक होते हैं। हमारा प्रयास है कि हर बूंद को संजोकर आने वाली पीढ़ियों के लिए जल सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।”कोरिया मॉडल यह प्रमाणित करता है कि जब जनभागीदारी, वैज्ञानिक योजना, शासन और प्रशासनिक नेतृत्व एक साथ कार्य करते हैं, तो जल संरक्षण को एक स्थायी जन आंदोलन में परिवर्तित किया जा सकता है— और यही मॉडल अब राष्ट्रीय स्तर पर भी अपनाए जाने की दिशा में अग्रसर है।
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0- बच्चों को शिक्षा देने के साथ संस्कारवान बनाने वाले अभिभावकों का रुझान महाराष्ट्र मंडल की स्कूल की ओर
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल के संत ज्ञानेश्वर विद्यालय (एसडीवी) में इन दिनों छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अंतर्गत पांचवीं और आठवीं की परीक्षाएं जारी हैं। 10वीं और 12वीं के नतीजे आने में अभी काफी समय है। इसके बावजूद यहां बच्यों के नए प्रवेश को लेकर अभिभावकों में काफी उत्सुकता और उत्साह देखा जा रहा है।प्राचार्य मनीष गोवर्धन ने बताया कि अभी नौनिहालों के प्रवेश को लेकर अभिभावकों का एसडीवी की जानकारी हासिल कर एडमिशन फार्म ले जाने का सिलसिला लगातर बढ़ रहा है। साथ ही इनके प्रवेश का क्रम भी जारी है। प्राचार्य के अनुसार 10वीं- 12वीं की परीक्षाओं के परिणाम के बाद भी एसडीवी में नए प्रवेश को तेजी मिलती है।प्री प्राइमरी इंचार्ज अस्मिता कुसरे ने जानकारी दी कि एसडीवी में बच्चों को प्रार्थना के साथ ही जिस शिद्दत के साथ संस्कार दिये जाते हैं, वो अन्य शालाओं में आसानी से देखने को नहीं मिलते। यही कारण है कि जो अभिभावक अपने बच्चों को शिक्षित करने के साथ ही संस्कारवान बनाना चाहते हैं, उनकी पसंद संत ज्ञानेश्वर स्कूल होती है। बच्चे जैसे- जैसे अगली कक्षाओं में पहुंचते जाते हैं, वैसे- वैसे वे अपने में अच्छे संस्कारों के साथ आध्यात्म से जुड़ी बहुत सी सीख को आत्मसात करते रहते हैं।उप प्राचार्य राहुल वोडितेलवार कहते हैं कि सीएसइबी और आइसीएससी के 10वीं और 12वीं के परिणामों के बाद उन बच्चों के एसडीवी में प्रवेश शुरू होते हैं, जो अपना बोर्ड बदलकर छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल के अंतर्गत अपनी शिक्षा आगे बढ़ाना चाहते हैं। बहरहाल एसडीवी में पिछले शिक्षा सत्र में वाणिज्य संकाय से चार बच्चों के 10वीं व 12वीं की प्रावीण्य सूची में आने के बाद अभिभावकों की भारी अपेक्षाओं के बीच इस बार भी कुछ बच्चों की मेरिट लिस्ट के हिसाब से तैयारी कराई गई थी। वहीं इस बार साइंस फैकल्टी को लेकर भी इस नए सिरे से काम किया गया है। हमें विश्वास है कि इसके भी उत्साहजनक परिणाम सामने आएंगे। - 0- गणेश वंदना और रामस्तुति से प्रारंभ हुई वाल्मिकी रामायण कथारायपुर। राम चरित्र मानस सिर्फ एक धर्मग्रंथ या काव्य नहीं, अपितु हमारे जीवन का आधार है। राम चरित्र मानस में मानस का अर्थ अंतर्मन से है। हमारा मन अगर अच्छा होगा, तो हमारा चरित्र भी उत्तम होगा। उत्तम चरित्र से हम राम के वंशज कहलाएंगे, यानी हम राम चरित्र मानस को अपने जीवन में उतारने में सफल होंगे। उक्ताशय के विचार महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित श्री वाल्मिकी रामायण कथा के दौरान पुणे से पहुंचे कथावाचक आचार्य रामनाथ रामचंद्र अय्यर ने कहीं।आचार्य अय्यर ने कहा कि महर्षि वाल्मिकी, जो पहले डाकू रत्नाकर ने नाम से जाने जाते थे, उन्होंने नारद ऋषि के कहने पर अपने मानस को उत्तम किया। डाकू होने के कारण उनके मुख से राम का नाम नहीं निकल रहा था, तो नारद जी ने उन्हें मरा-मरा उच्चारण करने को कहा। चार बार मरा-मरा बोलने पर तीन बार राम का नाम निकल ही रहा था। अपनी कठोर साधना से डाकू रत्नाकर ने अपने मानस को अच्छा किया और फिर उनके श्रेष्ठ चरित्र का निर्माण हुआ। बाद में वे महर्षि वाल्मिकी कहलाए और रामायण जैसे महाकाव्य की रचना की। महर्षि वाल्मिकी का समूचा जीवन हमें इस बात की सीख देता है कि यदि हम अपने चरित्र निर्माण को लेकर तटस्थ रहे, तो अपने जीवन की रचना महाकाव्य की तरह कर सकते हैं।पांच दिवसीय महर्षि वाल्मिकी रामायण कथा का शुभारंभ गणेश वंदना और रामस्तुति के साथ हुआ। मंडल के सभासद दत्त प्रसन्न राजवाड़े और दीपाली राजवाड़े की पुत्री प्रचिति ने सुंदर शास्त्रीय नृत्य प्रस्तुत कर वातावरण को राममय बना दिया। कथावाचक अय्यर ने कहा कि भगवान राम का नाम राजा दशरथ या माता कौशल्या ने नहीं, बल्कि कुलगुरु वशिष्ठ ने रखा था। राम को गोद में लेते ही उनके पूरे जीवन का वैभव उनके मानस पटल पर उतर आया और अंतःकरण की आवाज पर उनके मुख पर राम नाम निकल आया।रामनाथ अय्यर ने कहा कि जीवन में नाम का अत्यधिक महत्व होता हैं, क्योंकि वहीं हमारे व्यक्तित्व और चरित्र को भी प्रभावित व परिभाषित करता है। विडंबना है कि नई पीढ़ी अपने बच्चों के नाम अंग्रेजी शब्दावली के आधार पर रखती है। इनमें बहुत से रशियन भी होते हैं। आचार्य अय्यर ने कथा के पहले दिन भगवान राम द्वारा मां सीता के परित्याग की कथा सुनाई।कथा समाप्ति के बाद भगवान श्रीराम की आरती की गई। तत्पश्चात प्रसाद के साथ भंडारे का भी आयोजन किया गया। कार्यक्रम के शुभारंभ पर पूर्व दीप प्रज्ज्वलन आध्यात्मिक समिति की आस्था काले, सृष्टि दंडवते और संध्या खंगन ने किया। मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले और अंजलि काले ने कथावाचक रामनाथ रामचंद्र अय्यर की पूजा की।--
- 0- महापौर और सभापति से सभी पार्षदों से लेह लद्दाख तीर्थ यात्रा प्रथम सिंधु कुम्भ में जाने शीघ्र अपना पंजीयन करवाने की विनम्र अपील कीरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम की महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने हिमालय परिवार द्वारा लगातार 30वें वर्ष आयोजित लेह लद्दाख तीर्थ यात्रा के पोस्टर का विमोचन राष्ट्रीय उपाध्यक्ष श्री साकेत मिश्रा और प्रदेश यात्रा प्रभारी नगर निगम रायपुर संस्कृति विभाग अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी सहित नगर निगम सभापति कक्ष में नगर निगम रायपुर के सभी एमआईसी सदस्यों और जोन अध्यक्षगणों और वार्ड पार्षदों सहित आयोजन समिति पदाधिकारियों पार्षद श्रीमती स्वप्निल मिश्रा, सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री परवानी, सुश्री गायत्री देवांगन, आयोजन समिति के मीडिया प्रभारी श्री सोनी आदि पदाधिकारियों सहित विमोचित किया.महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने प्रथम सिंधु कुम्भ के रूप में दिनांक 22 जून से 27 जून 2026 तक आयोजित की जा रही लेह लद्दाख तीर्थ यात्रा आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त की और इसकी सफलता हेतु हार्दिक मंगलकामनायें कीं. महापौर श्रीमती मीनल चौबे और सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने रायपुर नगर पालिक निगम के सभी पार्षदों से लेह लद्दाख तीर्थ यात्रा दिनांक 22 जून से 27 जून 2026 तक के हिमालय परिवार द्वारा रखे गए प्रथम सिंधु कुम्भ आयोजन में सम्मिलित होने अपना पंजीयन शीघ्र करवाने और तीर्थयात्रा प्रथम सिंधु कुम्भ आयोजन को सफल बनाने अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील की है.
- 0- 31 मार्च 2026 तक नगर निगम रायपुर के सभी जोन कार्यालय के राजस्व विभाग 29 मार्च रविवार और 31 मार्च महावीर जयन्ती के अवकाश दिवसों में भी कार्यालय राजस्व वसूली के लिए खुले रहेंगे0- मोर रायपुर एप और ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ से ऑनलाइन सम्पतिकर भुगतान की सुविधा की निरन्तर उपलब्धतारायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के राजस्व विभाग द्वारा एक बार पुनः सभी बड़े बकायादारों को अवगत करवाया गया है कि बकाया अदा नहीं किये जाने पर सम्बंधित बड़े बकायादारों पर कुर्की और सीलबंदी करने की नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की जाएगी. कार्यवाही की परेशानी और तनाव से बचने सम्बंधित बड़े बकायादार नगर निगम राजस्व विभाग को तत्काल अपना सम्पूर्ण बकाया अदा कर दें. सभी सम्पतिकरदाता नागरिक अपना देय सम्पतिकर तत्काल नगर निगम रायपुर के राजस्व विभाग को अदा कर दें और अंतिम नियत तिथि दिनांक 31 मार्च 2026 तक करों की अदायगी नहीं होने पर नियमानुसार 17 प्रतिशत अधिभार सहित बकाया राजस्व की वसूली की नियमानुसार कड़ी कार्यवाही की परेशानी के तनाव और परेशानी से बचें.नगर निगम रायपुर के समस्त 10 जोन कार्यालय के राजस्व विभाग और समस्त सदर काउंटर अंतिम देय तिथि दिनांक 31 मार्च 2026 तक दिनांक 29 मार्च 2026 को रविवार और दिनांक 31 मार्च 2026 को महावीर जयन्ती के शासकीय अवकाश दिवसों में आम कार्य दिवसों की तरह जनसुविधा हेतु राजस्व वसूली के लिए सामान्य कार्यालयीन दिवसों की तरह खुले रहेंगे. सम्पतिकरदाता नागरिक जोन कार्यालय जाकर अपना देय सम्पतिकर अदा कर सकते हैँ.इसके साथ ही नगर पालिक निगम रायपुर के मोर रायपुर एप को प्ले स्टोर से डाउनलोड करके और ऑनलाइन लिंक https://mcraipur.in/ से ऑनलाइन सम्पतिकर भुगतान की सुविधाकी निरन्तर उपलब्धता है. जिससे कोई भी सम्पतिकरदाता नागरिक अपने सम्पतिकर सहित सभी निगम करों का घर बैठे एक क्लिक पर आसानी से नगर निगम राजस्व विभाग को भुगतान कर सकता है. रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र के सभी 10 जोनों के समस्त 70 वार्डों के रहवासी सम्पति करदाता नागरिकों को इस सहज और सरल प्रशासनिक जनसुविधा का लाभ अधिकाधिक संख्या में अवश्य उठाना चाहिए..
- रायपुर. नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और उपायुक्त राजस्व श्रीमती जागृति साहू एवं नगर निगम जोन 1 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देशानुसार रायपुर नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 के राजस्व विभाग द्वारा बड़े बकायदारों पर कार्यवाही करते हुए सीलबंदी की कार्यवाही की गयी है .सीलबंद कार्यवाही के दौरान स्थल पर ही सम्बंधित 3 बड़े बकायादारों द्वारा 448325 /- के बकाये की राशि का तत्काल भुगतान कर दिया गया3 बड़े बकायादारों द्वारा तत्काल 448325/ का भुगतान सीलबंद की कार्यवाही के दौरान स्थल पर कर दिया गया एवं अन्य एक बड़े बकायादार एल शारदा के भनपुरी स्थित सम्बंधित प्रतिष्ठान को 217711/- बकाया अदा नहीं किये जाने के कारण तत्काल सीलबंद करने की कार्रवाई की गयी.आज के नगर पालिक निगम जोन क्रमांक 1 राजस्व विभाग के सीलबंदी कार्रवाई अभियान में नगर पालिक निगम जोन 1 कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के मार्गनिर्देशन मे जोन कार्यपालन अभियंता श्री द्रोनी कुमार पैकरा, जोन सहायक राजस्व अधिकारी श्री मनीष मरकाम, राजस्व निरीक्षक श्री आशीष शर्मा, श्री संतोष साहू और सहायक राजस्व निरीक्षक अरविंद छेदइया की स्थल पर उपस्थिति रही.
- 0- कलेक्टर-एसपी और तेल कंपनियों को दिए अहम निर्देश0- आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता, अफवाहों पर नियंत्रण और सख्त मॉनिटरिंग के निर्देशबिलासपुर. पश्चिम एशिया में उत्पन्न परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा दिए गए निर्देशों के अनुरूप संभागीय कमिश्नर श्री सुनील जैन एवं आईजी श्री रामगोपाल गर्ग ने मंथन सभाकक्ष में समीक्षा बैठक लेकर कलेक्टर पुलिस अधीक्षक तथा तेल कंपनियों के अधिकारियों, डीलरों एवं वितरकों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर संजय अग्रवाल, एसएसपी रजनेश सिंह सहित अन्य अधिकारी बैठक में उपस्थित थे।बैठक में कमिश्नर श्री सुनील जैन ने पेट्रोलियम उत्पादों, एलपीजी गैस, उर्वरकों एवं अन्य आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता और आपूर्ति व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की । अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि बिलासपुर सहित पूरे संभाग में इन वस्तुओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए तथा किसी भी प्रकार की कमी की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। कमिश्नर श्री जैन ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में अफवाहों पर नियंत्रण अत्यंत आवश्यक है। आमजन तक सही एवं तथ्यात्मक जानकारी समय पर पहुंचाई जाए तथा सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों पर भ्रामक खबरों की सतत निगरानी रखते हुए उनका तत्काल खंडन किया जाए।कंट्रोल रूम सक्रिय रखें, 1800-233-3663 का व्यापक प्रचार करेंबैठक में निर्देश दिए गए कि राज्य स्तरीय कंट्रोल रूम नंबर 1800-233-3663 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। साथ ही प्रत्येक जिले में कंट्रोल रूम को सक्रिय रखते हुए प्राप्त शिकायतों एवं सूचनाओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया जाए।कालाबाजारी और जमाखोरी पर सख्त कार्रवाईकमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि पेट्रोल, डीजल, गैस सिलेंडर सहित आवश्यक वस्तुओं की कालाबाजारी या जमाखोरी करने वालों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाए। पेट्रोल पंपों एवं गैस एजेंसियों के स्टॉक और वितरण की नियमित जांच सुनिश्चित की जाए। कमिश्नर ने निर्देशित किया कि उर्वरकों की होल्डिंग पर रोक लगाई जाए तथा किसानों को उनकी आवश्यकता के अनुरूप समय पर खाद उपलब्ध कराया जाए। दैनिक स्टॉक की निगरानी कर वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाया जाए। अस्पतालों, छात्रावासों, शैक्षणिक संस्थानों, रेलवे एवं अन्य आवश्यक सेवाओं में गैस और ईंधन की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।सीमावर्ती क्षेत्रों में बढ़ाई जाए निगरानीआईजी श्री गर्ग ने निर्देश दिए कि सीमावर्ती चेक पोस्टों पर विशेष सतर्कता बरती जाए। गैस सिलेंडरों एवं पेट्रोल-डीजल के परिवहन पर कड़ी नजर रखी जाए तथा अवैध रूप से कंटेनरों में ईंधन बिक्री पर रोक लगाई जाए।बैठक में तेल कंपनियों के अधिकारियों ने बताया कि संभाग में पेट्रोलियम पदार्थों एवं गैस की पर्याप्त उपलब्धता है तथा आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। अंत में कमिश्नर एवं आईजी ने सभी अधिकारियों को टीम भावना से कार्य करते हुए आमजन को निर्बाध सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
- 0- सभापति सूर्यकान्त राठौड़ सभा संचालन हेतु सहयोग माँगा0- सत्ता पक्ष भाजपा की बैठक में महापौर मीनल चौबे की विशेष उपस्थिति रही0- पार्षदगण एक-दूसरे पर व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी ना करें, व्यक्तिगत आरोप लगने पर पार्षद उसका जवाब ना देंरायपुर. रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने सभापति कक्ष में नगर निगम सत्ता पक्ष भारतीय जनता पार्टी, प्रतिपक्ष कांग्रेस, निर्दलीय पार्षदों की पृथक - पृथक बैठक लेकर उनसे नगर निगम रायपुर की दिनांक 30 मार्च को प्रातः 11 बजे आहुत सामान्य सभा की बैठक के अच्छी तरह संचालन करने हेतु सहयोग माँगा.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ ने भाजपा, कांग्रेस, निर्दलीय पार्षदों को सुझाव दिया कि वे सामान्य सभा में एक - दूसरे पर व्यक्तिगत टीका - टिप्पणी ना करें और व्यक्तिगत आरोप लगने पर पार्षद उसका जवाब ना दें. ऐसे में जवाब देने हेतु महापौर और सम्बंधित विभाग के अध्यक्ष सक्षम हैँ. पार्षदगण नगर हित में खुलकर चर्चा सामान्य सभा में करें, किन्तु समय बर्बाद ना करें, काफी समय के बाद सामान्य सभा नगर निगम रायपुर में हो रही है, इसका जनहित में चर्चा करने नागरिकों के कल्याणार्थ समय का सामान्य सभा में पूर्ण सदुपयोग करें.सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ द्वारा बुलाई गयी बैठक में सत्ता पक्ष भाजपा की बैठक में महापौर श्रीमती मीनल चौबे की सभापति कक्ष में विशेष उपस्थिति रही. सभी एमआईसी सदस्यों, जोन अध्यक्षगणों, पार्षदगणों की उपस्थिति रही. कांग्रेस पार्षदों और निर्दलीय पार्षदों की पृथक - पृथक बैठक में उपस्थिति रही. सभी पार्षदों ने सभापति को सामान्य सभा का अच्छी तरह से संचालन करने सहयोग देने के प्रति बैठक में आश्वास्त किया.
- 0- स्वच्छ पेयजल निरन्तरता से उपलब्ध करवाने दिए निर्देश0- वाटर एटीएम मशीन को मरम्मत करवाकर पुनः प्रारम्भ करवाने और गन्दे पानी की सुगम निकासी के दिए निर्देश0- नगर निगम जोन 9 जल विभाग ने जोरा पानी टंकी की सफाई करवाईरायपुर. गन्दा पानी मिलने की शिकायत पर नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री विश्वदीप ने नगर निगम जोन 9 अंतर्गत लभांडी में संकल्प सोसायटी फेस - 2 का प्रत्यक्ष निरीक्षण किया. आयुक्त ने रहवासियों को पेयजल टैंकरों से स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाने, वाटर एटीएम मशीन की मरम्मत करवाकर पुनः प्रारम्भ करवाने, गन्दे पानी के सुगम निकास हेतु नाला शीघ्र बनाने प्रस्ताव देने के नगर निगम जोन 9 अधिकारियों को निर्देश दिए. नगर निगम जोन 9 जल विभाग ने जोरा पानी टंकी की सफाई करवाई और पेयजल टैंकरों से स्वच्छ पेयजल उपलब्धता सुनिश्चित की. स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा मेडिकल मोबाइल यूनिट से वहाँ शिविर लगाकर रहवासियों के स्वास्थ्य का परीक्षण किया और आवश्यक चिकित्सक़ीय परामर्श दिया और आवश्यक दवाईयां उपलब्ध करवाई. आयुक्त श्री विश्वदीप द्वारा किये गए निरीक्षण में नगर निगम जोन 9 जोन कमिश्नर श्री राकेश शर्मा, कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव, उपअभियंता श्री आशुतोष पाण्डेय, रविप्रभात साहू, श्रीमती अंकिता जनार्दन की उपस्थिति रही.
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राजनांदगांव । पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा संचालित छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अम्बागढ़ चौकी एवं खैरागढ़ -छुईखदान-गण्डई जिला अंतर्गत जिला व विकासखंड स्तर पर विभिन्न संविदा पदों पर भर्ती के लिए 17 अप्रैल 2026 आवेदन पत्र आमंत्रित किया गया है। इसके अंतर्गत जिला व विकासखंड स्तर पर रिक्त विकासखंड परियोजना प्रबंधक के 2 पद, क्षेत्रीय समन्वयक के 9 पद, लेखापाल के 2 पद, कार्यालय सहायक सह डाटा एण्ट्री ऑपरेटर के 2 पद, लेखा सह एमआईएस सहायक के 2 पद तथा भृत्य के 1 पद पर संविदा नियुक्ति हेतु आवेदन पत्र आमंत्रित की गई है। भर्ती के लिए इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित अंतिम तिथि तक निर्धारित प्रारूप में रजिस्टर्ड डाक व स्पीड पोस्ट के माध्यम से कार्यालय जिला पंचायत राजनांदगांव में आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। इस संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए कार्यालय जिला पंचायत राजनांदगांव के सूचना पटल एवं राजनांदगांव जिले की वेबसाईट का अवलोकन किया जा सकता है।
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- अवैध प्लाटिंग पर निर्माणाधीन रोड और पुल-पुलिया को जेसीबी से हटाया गया
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में अवैध प्लाटिंग एवं शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा और अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसडीएम राजनांदगांव श्री गौतम पाटिल एवं तहसीलदार राजनांदगांव श्री प्यारेलाल नाग के नेतृत्व में राजस्व विभाग की टीम द्वारा ग्राम सोमनी के खसरा नंबर 182 में अवैध प्लाटिंग पर कार्रवाई की गई। टीम द्वारा अवैध प्लाटिंग स्थल पर निर्माण किए जा रहे रोड और पुल-पुलिया को बुलडोजर से हटाया गया। इस दौरान अवैध प्लाटिंग एवं अतिक्रमण करने वालों को भविष्य में शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण या अवैध निर्माण नहीं करने की हिदायत दी गई। जिले में अवैध प्लाटिंग करने वालों और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण करने वालों के विरूद्ध निरंतर कार्रवाई किया जा रहा है। - रायपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देते हुए “ग्रीन एनेस्थीसिया” की पहल की जा रही है। इस पहल के तहत मरीजों को सुरक्षित उपचार प्रदान करने के साथ-साथ पर्यावरण और चिकित्सकों की सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।ऑपरेशन थिएटर में उपयोग होने वाली एनेस्थीसिया गैसों के दुष्प्रभाव को कम करने के उद्देश्य से सिम्स द्वारा आधुनिक और पर्यावरण हितैषी तकनीकों को अपनाया जा रहा है।सर्जरी के दौरान उपयोग की जाने वाली गैसें, जैसे डेसफ्लुरेन और नाइट्रस ऑक्साइड, ग्रीनहाउस गैसों के रूप में जानी जाती हैं। इनका प्रभाव कार्बन डाइऑक्साइड से कई गुना अधिक होता है और ये लंबे समय तक वातावरण में बनी रहती हैं।हर वर्ष बड़ी संख्या में होने वाली सर्जरी से निकलने वाली ये गैसें ग्लोबल वार्मिंग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।एनेस्थीसिया का प्रभाव केवल मरीज तक सीमित नहीं रहता। जहां एक मरीज को ऑपरेशन के दौरान एक बार एनेस्थीसिया दिया जाता है, वहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ चिकित्सक दिनभर में 10 से 12 घंटे तक लगातार कई मरीजों को एनेस्थीसिया प्रदान करते हैं।इस दौरान वे बार-बार इन गैसों के संपर्क में आते हैं, जिससे लंबे समय में उनके स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में ग्रीन एनेस्थीसिया चिकित्सकों की सुरक्षा के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।क्या है ग्रीन एनेस्थीसियाग्रीन एनेस्थीसिया एक ऐसी पद्धति है, जिसमें मरीज को सुरक्षित बेहोशी देने के साथ-साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभाव को कम किया जाता है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुरक्षित और टिकाऊ बनाना है।सिम्स में अपनाए जा रहे प्रमुख उपायसिम्स में इस दिशा में कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं—टी.आई.वी.ए. (Total Intravenous Anesthesia)इस तकनीक में प्रोपोफोल, मिडाज़ोलम आदि दवाओं को इंट्रावेनस (रक्त शिरा द्वारा) दिया जाता है, जो बेहद प्रभावी एवं सुरक्षित माना जाता है। इससे गैसों के उपयोग में कमी आती है और पर्यावरण पर दुष्प्रभाव भी कम होता है।लो फ्लो एनेस्थीसिया तकनीककम मात्रा में गैस देकर भी सुरक्षित एनेस्थीसिया दिया जाता है, जिससे गैस की खपत और प्रदूषण दोनों में कमी आती है।आधुनिक उपकरणों का उपयोगनई तकनीकों के माध्यम से गैस लीकेज को नियंत्रित कर ऑपरेशन थिएटर के बाहर प्रदूषण को कम किया जा रहा है।किफायती और प्रभावी प्रणालीयह पद्धति पर्यावरण के साथ-साथ आर्थिक रूप से भी लाभकारी (Cost Effective) साबित हो रही है।निश्चेतना में उपयोग होने वाली गैसों का अत्यधिक प्रयोग ग्लोबल वार्मिंग और स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालता है। ग्रीन एनेस्थीसिया के माध्यम से इन दुष्प्रभावों को काफी हद तक कम किया जा सकता है। सिम्स इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है।ग्रीन एनेस्थीसिया सिम्स की एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल है, जो यह दर्शाती है कि बेहतर इलाज के साथ पर्यावरण और मानव दोनों की सुरक्षा संभव है। यह प्रयास भविष्य में अन्य चिकित्सा संस्थानों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।
- - कलेक्टर ने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति में पीएम-आशा योजना के तहत खरीदी व्यवस्था का किया औचक निरीक्षण- किसानों के लिए खरीदी केंद्र में किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए- धान की जगह दलहन-तिलहन जैसी कम पानी वाली फसलें लेने के लिए किसानों को किया प्रोत्साहित- पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर खरीदी से किसानों की आय होगी अधिकराजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शनिवार को प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण (पीएम-आशा) योजना के प्रभावी क्रियान्वयन और किसानों को समर्थन मूल्य का लाभ सुचारू रूप से उपलब्ध कराने के लिए तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति का औचक निरीक्षण किया। जिले में पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर किसानों से दलहन-तिलहन की खरीदी शुरू कर दी गई है। कलेक्टर ने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति में चना विक्रय करने पहुंचे ग्राम दर्राबांधा के किसान श्री कमल नारायण साहू से बातचीत की। किसान ने बताया कि उन्होंने धान को छोड़कर अन्य फसल लगाई है। दलहन-तिलहन फसलों में कम पानी का उपयोग होता है। किसान ने बताया कि चना का समर्थन मूल्य 5 हजार 875 रूपए प्रति क्विंटल है, जो ग्रीष्मकालीन धान के एमएसपी से कही अधिक है, जिससे किसानों को अधिक लाभ होगा। खरीदी केन्द्र में उपस्थित अन्य किसानों ने भी धान फसल छोड़कर अन्य फसल उत्पादन करने की बात कही।कलेक्टर ने खरीदी केंद्र में तौल मशीन, बारदाना उपलब्धता, रिकॉर्ड संधारण, भंडारण, परिवहन एवं किसानों के भुगतान से संबंधित व्यवस्थाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने कहा कि किसानों को खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसी भी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा सभी व्यवस्थाएं पारदर्शी और समयबद्ध रूप से संचालित करें। कलेक्टर ने किसानों से चर्चा करते हुए पीएम आशा योजना के तहत उनकी उपज का समर्थन मूल्य पर खरीदी होने से होने वाले लाभ तथा समर्थन मूल्य की राशि समय पर मिलने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने किसानों को बताया कि पीएम आशा योजना के तहत दलहन-तिलहन की समर्थन मूल्य पर खरीदी से उन्हें अधिक आय प्राप्त होगी और फसल विविधिकरण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने खरीदी केंद्रों की नियमित रूप से निरीक्षण करने के निर्देश दिए। उन्होंने पीएम-आशा योजना अंतर्गत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन की खरीदी को अधिक सुचारू, पारदर्शी तरीके से खरीदी करने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने बताया कि पीएम आशा योजना के तहत समर्थन मूल्य पर दलहन-तिलहन खरीदी के लिए जिले के 15 सेवा सहकारी समितियों को रबी में चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में अधिसूचित किया है। साथ ही एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला कृषक उत्पादन सगठन सुकुलदैहान को अधिसूचित किया गया है। कलेक्टर ने किसानों को गर्मी के मौसम में धान जैसी अधिक पानी मांगने वाली फसलों के स्थान पर दलहन-तिलहन एवं कम पानी वाली फसलों की खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने दलहन तिलहन फसलों के रकबे को बढ़ाने तथा गर्मी मौसम में धान फसल के स्थान पर चना, सरसों एवं मसूर जैसे फसलों को लेने कहा। कलेक्टर ने कहा कि फसल चक्र सुधारने से कृषि की स्थिरता बढ़ेगी और गांवों में जल संरक्षण के प्रयास मजबूत होंगे। किसानों ने बताया कि खरीफ में धान फसल लेने के बाद रबी में चना फसल कटाई पश्चात मार्च-अप्रैल में मूंग उड़द की फसल जो 70-75 दिन में पक कर तैयार हो जाती है। इसकी खेती करने से वे वर्ष में 3 फसल ले रहे है, जिससे उन्हें अधिक लाभ हो रहा है। किसान अब पीएम आशा के माध्यम से दलहन-तिलहन फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी होने से गर्मी धान को छोड़कर वैकल्पिक फसलों की ओर बढ़ रहे है।डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम दर्राबांधा के किसान श्री कमल नारायण साहू ने बताया कि 50 क्विंटल चना विक्रय करने तुमड़ीबोड़ सेवा सहकारी समिति खरीदी केन्द्र पहुंचे हैं। जिससे उन्हें 5 हजार 875 प्रति क्विंटल की दर से 2 लाख 93 हजार रूपए की आमदनी होगी। साथ ही उनके द्वारा खरीफ में भी 23 क्विंटल सोयाबीन पीएम आशा योजना के तहत विक्रय किया गया था। जिससे उन्हें 5300 प्रति क्विंटल की दर से लगभग 1 लाख 21 हजार 900 रूपए प्राप्त हुआ है। किसानों ने बताया कि पीएम आशा योजना के माध्यम से दलहन तिलहन फसलों के क्षेत्र में वृद्धि होगी तथा किसान अत्मनिर्भर बनेगें।उल्लेखनीय है कि शासन द्वारा पीएम आशा योजना के तहत जिले के 15 सेवा सहकारी समितियों को रबी में चना, मसूर एवं सरसों की खरीदी के लिए उपार्जन केन्द्र के रूप में अधिसूचित किया है। साथ ही एक एफपीओ स्वर्ण उपज महिला कृषक उत्पादन संगठन सुकुलदैहान को अधिसूचित किया गया है। शासन द्वारा चना, मूसर के लिए 1 मार्च 2026 से लेकर 30 मई 2026 तक तथा सरसों फसल के लिए 15 फरवरी से 15 मई 2026 तक उपार्जन तिथि निर्धारित किया गया है। जिले के दलहन तिलहन का उत्पादन करने वाले किसानों को उनके उपज का उचित लाभ दिलाने के लिए चना फसल पर 5 हजार 875 रूपए, मसूर फसल पर 7 हजार रूपए तथा सरसों फसल पर 6 हजार 200 रूपए समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। जिले में अब तक 661 किसानों ने 974 हेक्टेयर चना, 324 किसानों द्वारा 214 हेक्टेयर मसूर तथा 122 किसानों द्वारा 120 हेक्टेयर रकबे के सरसों फसल का उपार्जन हेतु पंजीयन कराया जा चुका है। जिले में अब तक समर्थन मूल्य पर 238 क्विंटल चना, 265 क्विंटल मसूर का उपार्जन किया जा चुका है। निरीक्षण के दौरान उप संचालक कृषि श्री टीकम सिंह ठाकुर, सहायक संचालक कृषि डॉ. बीरेन्द्र अनंत सहित ग्रामीण एवं किसान उपस्थित थे।
- रायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स-2026 के अंतर्गत शनिवार को चौथे दिन सरगुजा जिले के अम्बिकापुर में कुश्ती प्रतियोगिता की शानदार शुरुआत हुई। अम्बिकापुर के गांधी स्टेडियम में आयोजित प्रतियोगिता में देश के 30 राज्यों से आए 144 खिलाड़ी शामिल हो रहे हैं। प्रतियोगिता के शुरुआत के साथ ही पहले दिन खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबला हुआ। युवा पहलवानों ने अपनी तकनीक एवं रणनीति का जबरदस्त प्रदर्शन किया।प्रतियोगिता के पहले दिन पुरुष फ्रीस्टाइल सीनियर में 74 किलोग्राम भार वर्ग में जम्मू-कश्मीर के मुनैर हुसैन एवं महाराष्ट्र के विक्रम साहेबराव पवार ने विभिन्न पड़ाव में जीत हासिल कर फाइनल मुकाबले में अपनी जगह बनाई। इसी प्रकार फ्रीस्टाइल सीनियर में 125 किलोग्राम भार वर्ग में तेलंगाना के बनोथ विनोदकुमार एवं महाराष्ट्र के विनोद यशवंत सलकार विजेता रहे, जिनके बीच आगे फ़ाइनल मुकाबला होगा।ग्रीको रोमन सीनियर 67 किलोग्राम भार वर्ग में गुजरात के वसावा मुकेश भाई एवं झारखंड के अंजीतकर मुंडा तथा 97 किलोग्राम भार वर्ग में हिमाचल प्रदेश के नवीश कुमार एवं जम्मू-कश्मीर के शमा हुन के बीच आगे फ़ाइनल मुकाबले होंगे। विभिन्न राउंड्स में विजेता रहीं महिला सीनियर 50 किलोग्राम भार वर्ग में झारखण्ड की पूनम ओरांव एवं तेलंगाना की के. गीता के बीच फाइनल मुकाबले होंगे। महिला सीनियर 62 किलोग्राम भार वर्ग में असम की देबी दैमारी एवं हिमाचल की प्रियंका चौधरी के बीच फाइनल मुकाबला होगा।
- रायपुर, ।छत्तीसगढ़ शासन के खेल एवं युवा कल्याण विभाग की संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने शनिवार को अम्बिकापुर स्थित गांधी स्टेडियम में आयोजित होने वाले खेलों इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 की तैयारियों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विशेष रूप से रेसलिंग (कुश्ती) चैंपियनशिप के आयोजन स्थल का जायजा लिया और तकनीकी टीम के साथ बैठक कर आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए।निरीक्षण के दौरान संचालक श्रीमती सलाम ने गांधी स्टेडियम में तैयार किए गए अभ्यास स्थल, मुख्य प्रतियोगिता स्थल, भोजन व्यवस्था तथा मेडिकल यूनिट का अवलोकन किया। इसके साथ ही उन्होंने खिलाड़ियों के ठहरने के लिए चिन्हित ग्रैंड बसंत और होटल मयूरा का भी दौरा किया। उन्होंने आवास स्थलों पर स्वच्छता, सुरक्षा एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं को उच्च गुणवत्ता के साथ बनाए रखने के निर्देश दिए।श्रीमती सलाम ने विभिन्न राज्यों से आए प्रतिभागियों से सीधे संवाद कर खेल सुविधाओं, आवास एवं भोजन की गुणवत्ता के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनजातीय क्षेत्रों से आने वाले खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।आयोजन को सफलतापूर्वक संपन्न कराने के उद्देश्य से संचालक द्वारा तकनीकी स्टाफ एवं खेल अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई। बैठक में रेसलिंग चैंपियनशिप के दौरान नियमों का कड़ाई से पालन करने तथा खिलाड़ियों की सुविधाओं का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। इस अवसर पर जिला खेल एवं युवा कल्याण अधिकारी श्री राम कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य अधिकारी, कोच एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
- -उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कवर्धा में किया स्वदेशी मेला का उद्घाटन-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्वदेशी मेले में स्टॉलों का किया अवलोकनरायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने कवर्धा के पीजी कॉलेज मैदान में आयोजित भव्य स्वदेशी मेला का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्वदेशी मेला स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा सहित जनप्रतिनिधियों ने स्वदेशी मेला में लगे प्रदर्शनी एवं विक्रय स्टॉलों का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर स्थानीय उत्पादों की जानकारी ली और उनके निर्माण एवं विशेषताओं के बारे में विस्तार से जाना। 27 मार्च से 2 अप्रैल तक आयोजित इस मेले में स्वदेशी वस्तुओं के कई स्टॉल लगाए गए हैं, जहां स्थानीय उत्पादों का प्रदर्शन और विक्रय किया जा रहा है। भारतीय विपणन विकास केंद्र स्वदेशी जागरण फाउंडेशन की इकाई द्वारा आयोजित यह मेला स्थानीय प्रतिभाओं और स्वदेशी उत्पादों को मंच प्रदान कर रहा है।उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि मेले में लगे सभी स्टॉल भारत में निर्मित उत्पादों के हैं, जो स्वदेशी भावना को मजबूत करते हैं। उन्होंने कहा कि देश की बड़ी जनसंख्या के अनुसार हमारा बाजार भी बहुत बड़ा है और यदि हम अपने ही बाजार का सही उपयोग करें, तो अपनी आर्थिक स्थिति के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बना सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्य केवल सरकार के माध्यम से नहीं, बल्कि समाज के माध्यम से संभव है। समाज एक बहुत बड़ी ताकत है और यदि समाज के लोगों में स्वदेशी अपनाने का भाव जागृत हो जाए, तो बड़े परिवर्तन संभव हैं। उपमुख्यमंत्री ने जापान जैसे देशों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के लोग अपने ही देश में निर्मित वस्तुओं का उपयोग करते हैं, जिससे उनकी अर्थव्यवस्था मजबूत होती है। इसी प्रकार हमें भी स्वदेशी को अपनाते हुए देश में निर्मित उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करना चाहिए।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि स्वदेशी का अर्थ है कि किसी भी उत्पाद में भारत के नागरिक का श्रम और पसीना शामिल हो। ऐसे आयोजनों से स्वदेशी के प्रति जागरूकता बढ़ती है। कार्यक्रम में पूर्व विधायक डॉ. सियाराम साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री ईश्वरी साहू, श्री नितेश अग्रवाल, उपाध्यक्ष श्री कैलाश चंद्रवंशी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्र प्रकाश चंद्रवंशी, पुलिस प्राधिकरण जवाबदेही के सदस्य श्री भगत पटेल, जिला पंचायत सभापति श्री राम कुमार भट्ट, जिला पंचायत सदस्य श्री वीरेंद्र साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्री मनीराम साहू, मेला प्रमुख मार्गदर्शक श्री सुब्रत चाकी, संयोजक डॉ अतुल जैन, सह संयोजक श्री अमित बरडिया, श्री संदीप अग्रवाल, श्री शेखर बख्सी, श्री राघव साहू सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।मेला के शुभारंभ अवसर पर बॉलीवुड की पार्श्व गायिका ऐश्वर्या पंडित ने अपनी शानदार प्रस्तुति दी। उन्होंने हिंदी गीतों की मधुर प्रस्तुति से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और पूरे वातावरण को संगीतमय बना दिया। उल्लेखनीय है कि जिले में स्वदेशी मेला 27 मार्च से 2 अप्रैल तक संचालित किया जायेगा। मेले के दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जा रहा है, इसमें विशेष रूप से बच्चों और महिलाओं के लिए आयोजित प्रतियोगिताएं उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच प्रदान कर रही हैं। इस आयोजन के माध्यम से महिलाओं को शिक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे उन्हें सीखने, आगे बढ़ने और आत्मविश्वास विकसित करने का बेहतर अवसर मिल रहा है।
- -समूह की 40 दीदियां मंडला, बिछिया, जबलपुर में रोजगारपरक गतिविधियों का करेंगी अवलोकनरायपुर। उपमुख्यमंत्री और कवर्धा विधायक श्री विजय शर्मा ने महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने की दिशा में अहम पहल करते हुए जिला कबीरधाम में आयोजित अंतर्राज्यीय दिशा दर्शन भ्रमण कार्यक्रम के तहत समूह की महिलाओं के बस को हरी झंडी दिखाकर मंडला, बिछिया और जबलपुर के लिए रवाना किया।उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है और इस तरह के भ्रमण से उन्हें नए अवसरों की समझ मिलती है। उपमुख्यमंत्री ने सभी समूह दीदियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह भ्रमण उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगा और वे सीखकर अपने क्षेत्र में स्वरोजगार के नए आयाम स्थापित करेंगी।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में लोहारा एवं कवर्धा विकासखंड से कुल 40 स्वसहायता समूह की दीदियां शामिल हो रही हैं। यह भ्रमण कार्यक्रम महिलाओं को स्वरोजगार और उद्यमिता के क्षेत्र में प्रेरित करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया है। भ्रमण के दौरान महिलाएं विभिन्न स्थानों पर संचालित रोजगारपरक गतिविधियों का अवलोकन करेंगी, उनके कार्यप्रणाली को समझेंगी तथा अपने अनुभवों को साझा करेंगी। इस पहल से समूह की महिलाओं को नए अवसरों की जानकारी मिलेगी और वे अपने क्षेत्र में भी स्वरोजगार के नए आयाम स्थापित कर सकेंगी।
- -खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ को पहला स्वर्ण: मुख्यमंत्री श्री साय ने निकिता को दी बधाईरायपुर। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में छत्तीसगढ़ की बेटी निकिता ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश को पहला स्वर्ण पदक दिलाया है। निकिता ने महिला 77 किलोग्राम भारोत्तोलन स्पर्धा में 160 किलोग्राम वजन उठाकर यह उपलब्धि हासिल की और छत्तीसगढ़ का नाम राष्ट्रीय स्तर पर गौरवान्वित किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए निकिता को हार्दिक बधाई एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जीत केवल एक पदक नहीं, बल्कि प्रदेश की बेटियों के अदम्य साहस, कठिन परिश्रम और सपनों की उड़ान का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संदेश में कहा, “शाबाश निकिता बिटिया… छत्तीसगढ़ को आप पर गर्व है।” उन्होंने विश्वास जताया कि निकिता की यह उपलब्धि प्रदेश के अन्य युवा खिलाड़ियों, विशेषकर बेटियों को खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी।
- -मेहनतकश श्रमिकों का सशक्तिकरण ही विकसित छत्तीसगढ़ की नींव है — मुख्यमंत्री विष्णु देव सायरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने शनिवार को जशपुर में आयोजित जिला स्तरीय श्रमिक सम्मेलन में 79,340 निर्माण श्रमिकों एवं उनके परिजनों को 27.15 करोड़ रुपए की राशि प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में अंतरित की।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश के श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने की। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध के बावजूद छत्तीसगढ़ में पेट्रोल, डीज़ल और एलपीजी गैस की उपलब्धता को लेकर किसी भी प्रकार की चिंता करने की आवश्यकता नहीं है।उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत अपनी ईंधन आवश्यकताओं के लिए आयात पर निर्भर है, लेकिन केंद्र सरकार की प्रभावी विदेश नीति और विभिन्न देशों के साथ मजबूत संबंधों के कारण आपूर्ति पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा सोशल मीडिया पर भ्रामक खबरें और अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे लोगों में अनावश्यक भय और भ्रम का वातावरण बन रहा है।उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे ऐसी अफवाहों पर ध्यान न दें और पेट्रोल, डीज़ल या गैस का अनावश्यक भंडारण न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जैसे पहले ईंधन की उपलब्धता बनी रही है, वैसे ही आगे भी निर्बाध रूप से मिलती रहेगी।कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रमिकों के कल्याण के लिए राज्य और केंद्र सरकार द्वारा संचालित 12 विभिन्न योजनाओं का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को बच्चे के जन्म पर 20,000 रुपए की सहायता राशि दी जाती है। इसके अलावा मकान निर्माण के लिए 1.5 लाख रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्रमिकों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए ई-रिक्शा खरीदने में भी सहायता दी जा रही है, जिसे पहले 1 लाख रुपए से बढ़ाकर 1.5 लाख रुपए कर दिया गया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में भी सरकार ने महत्वपूर्ण पहल की है। यदि किसी श्रमिक का बच्चा 10वीं या 12वीं बोर्ड परीक्षा में टॉप-10 में स्थान प्राप्त करता है, तो उसे 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जाती है।इसके साथ ही मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए पहले 100 बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाया जाता था, जिसे अब बढ़ाकर 200 सीट कर दिया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि भूमिहीन कृषि मजदूरों के लिए “दीनदयाल भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना” संचालित की जा रही है, जिसके तहत ऐसे मजदूरों को सालाना 10,000 रुपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है।उन्होंने जानकारी दी कि हाल ही में लाखों भूमिहीन मजदूरों के खातों में लगभग 495 करोड़ रुपए से अधिक की राशि सीधे हस्तांतरित की गई है।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण प्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि जनधन खातों के माध्यम से अब योजनाओं का लाभ सीधे हितग्राहियों तक पहुंच रहा है।उन्होंने कहा कि पहले भेजी गई राशि का बड़ा हिस्सा बीच में ही खत्म हो जाता था, लेकिन अब पूरी राशि सीधे लाभार्थियों तक पहुंच रही है, जिससे पारदर्शिता और विश्वास दोनों मजबूत हुए हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रोविडेंट फंड (PF) प्रणाली को यूनिवर्सल बनाया गया है, जिससे श्रमिक देश के किसी भी हिस्से में काम करने पर अपना पीएफ लाभ जारी रख सकते हैं।इसके अलावा न्यूनतम पेंशन राशि को बढ़ाकर 1000 रुपए किया गया है। उन्होंने यह भी बताया कि ईएसआईसी अस्पतालों के माध्यम से पंजीकृत श्रमिकों को बेहतर और निःशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने संबोधन के अंत में श्रमिकों को प्रदेश के विकास की रीढ़ बताते हुए कहा कि उनके परिश्रम और योगदान से ही राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने सभी श्रमिकों का सम्मान करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर पूरे प्रदेश में श्रमिक सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है, ताकि श्रमिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और उन्हें अधिकतम लाभ मिल सके।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों को प्रसूति सहायता के रूप में 20,000 रुपए, मकान निर्माण के लिए आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति सहित कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसके साथ ही 10वीं और 12वीं में टॉप-10 में आने वाले श्रमिकों के बच्चों को 2 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है। उन्होंने कहा कि पिछले सवा दो वर्षों में 800 करोड़ रुपए से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में डीबीटी के माध्यम से सीधे ट्रांसफर की गई है।इसके अलावा “अटल शिक्षा योजना” के तहत श्रमिकों के बच्चों को निजी स्कूलों में पढ़ाई की सुविधा दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि श्रमिकों को योजनाओं का पूरा लाभ मिले और उनके जीवन स्तर में सुधार हो।छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष डॉ. रामप्रताप सिंह ने भी राज्य सरकार द्वारा श्रमिकों के हित में संचालित योजनाओं की जानकारी देते हुए श्रमिकों से इनका अधिकाधिक लाभ उठाने की अपील की।इस अवसर पर श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष योगेश दत्त मिश्रा, माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष श्री शंभूनाथ चक्रवर्ती, नगर पालिका जशपुर के अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यशप्रताप सिंह जुदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जुदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष जशपुर श्री गंगाराम भगत सहित अन्य जनप्रतिनिधि, श्रमिक बंधु एवं अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने जशपुर सर्किट हाउस में मातृत्व वन का किया लोकार्पण-एक पेड़ माँ के नाम अभियान से जुड़ा जनभावना और पर्यावरण संरक्षण का संदेश: लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में 400 से अधिक पौधे रोपितरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने शनिवार को जशपुर सर्किट हाउस परिसर में विकसित मातृत्व वन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मातृत्व वन न केवल हरित क्षेत्र के रूप में विकसित होगा, बल्कि यह प्रकृति के प्रति भावनात्मक जुड़ाव का एक सशक्त प्रतीक भी है और आने वाले समय में पर्यावरण संरक्षण एवं जागरूकता का केंद्र बनेगा।उल्लेखनीय है कि जशपुर मंडल द्वारा विकसित मातृत्व वन में लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में 400 से अधिक विभिन्न प्रजातियों के पौधों का रोपण किया गया है, जो पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक संवेदनाओं के अद्वितीय समन्वय का उदाहरण प्रस्तुत करता है। इस अवसर पर ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत जिले के जनप्रतिनिधियों द्वारा अपनी माताओं के नाम पर पौधरोपण किया गया, जिससे प्रकृति और परिवार के बीच भावनात्मक संबंध को और अधिक सुदृढ़ करने का संदेश दिया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने अपने संबोधन में कहा कि माँ हमारे जीवन की प्रथम गुरु होती हैं और उनका स्थान सर्वोच्च होता है। ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के माध्यम से हम माँ के प्रति सम्मान को प्रकृति से जोड़ने का एक सार्थक प्रयास कर रहे हैं। यह पहल आने वाली पीढ़ियों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के साथ-साथ सामाजिक मूल्यों को भी सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि मातृत्व वन जैसी पहल न केवल हरित क्षेत्र के विस्तार में सहायक होगी, बल्कि समाज में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करेंगी।मातृत्व वन के अंतर्गत पर्यावरणीय एवं औषधीय दृष्टि से महत्वपूर्ण पौधों का चयन कर उनका रोपण किया गया है। इनमें टिकोमा, झारुल, सीताअशोक, गुलमोहर, लक्ष्मीतरु, आंवला, बीजा, सिन्दूर, नागकेसरी, अर्जुन एवं जामुन जैसी प्रजातियाँ प्रमुख हैं। ये पौधे न केवल पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में सहायक होंगे, बल्कि भविष्य में औषधीय उपयोग एवं जैव विविधता के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।मातृत्व वन की स्थापना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाना, माताओं के प्रति सम्मान को प्रकृति के माध्यम से अभिव्यक्त करना तथा नई पीढ़ी में संवेदनशीलता और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। यह पहल ‘हर घर एक पेड़, हर पेड़ में माँ की ममता’ के संदेश को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज और पर्यावरण के लिए प्रेरणादायक बताया। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री रामप्रताप सिंह, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सालिक साय, नगर पालिका अध्यक्ष श्री अरविंद भगत, नगर पालिका उपाध्यक्ष श्री यश प्रताप सिंह जूदेव, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री शौर्य प्रताप सिंह जूदेव, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्री गंगाराम भगत, श्री विजय आदित्य सिंह जूदेव सहित जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।



























