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- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश में जिले के किसानों से समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी की जा रही है। जिले में शुक्रवार को 2374 किसानों से 1 लाख 11 हजार 730.00 क्विंटल धान की खरीदी की गई। इस प्रकार अब तक 17888 किसानों से 8 लाख 38 हजार 108.00 क्विंटल की खरीदी हुई है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में धान खरीदी केन्द्रों में किसानों को आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जा रही है, जिससे किसानों में धान बेचने को लेकर उत्साह है।
- -सुंदर विहार कॉलोनी दुर्ग का पंजीयन रद्द-पंजीयन निरस्तीकरण के लिए 15 अन्य समितियां को नोटिस-वार्षिक विवरणी न देने वाली समितियों पर भी कार्रवाईरायपुर / रजिस्ट्रार, फर्म्स एवं संस्थाएँ, छत्तीसगढ़ द्वारा छत्तीसगढ़ सोसायटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम-1973 (संशोधित 1998) के तहत प्रस्तुत पंजीयन आवेदनों की समीक्षा के दौरान बड़ी कार्रवाई की गई है। जिन समितियों को उनके आवेदन पत्रों में पाई गई आपत्तियों के सुधार हेतु ऑनलाइन सूचना भेजी गई थी, उनके द्वारा छह माह से अधिक समय बीत जाने पर भी सुधार नहीं किए गए। इसके कारण ऐसे कुल 2742 आवेदन पत्रों को निरस्त कर दिया गया है तथा इनसे प्राप्त पंजीयन शुल्क को राजसात किया गया है।इसी प्रकार जो समितियां अधिनियम की धारा 27 एवं 28 के अनुसार अपना वार्षिक विवरण प्रस्तुत करने में विफल रहीं, उन्हें नोटिस जारी किया गया था। नोटिस का जवाब न मिलने की स्थिति में संबंधित समितियों का पंजीयन निरस्त कर दिया गया है। इसी क्रम में सुंदर विहार कॉलोनी वेलफेयर सोसायटी, जिला दुर्ग का पंजीयन भी निरस्त किया गया है।इसके अलावा 15 अन्य समितियों को भी वार्षिक विवरणी प्रस्तुत न करने पर पंजीयन निरस्तीकरण नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि समिति के पदाधिकारियों के विरुद्ध अधिनियम की धारा 37 के तहत सिविल न्यायालय में परिवाद (मुकदमा) दायर करने की कार्यवाही की जाएगी।रजिस्ट्रार , फर्म्स एवं संस्थाएं छत्तीसगढ़ श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने कहा है कि अधिनियम का पालन सुनिश्चित करने और पंजीकृत समितियों की जवाबदेही बनाए रखने के लिए यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
- -छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग की रणनीति पर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक-अंजोर विजन के लघु, मध्यम और दीर्घकालीन लक्ष्यों पर व्यापक एवं गहन विमर्श-मुख्यमंत्री ने कहा — लक्ष्य बड़े हैं, इसलिए कार्ययोजना ठोस हो और क्रियान्वयन पूरी ईमानदारी से होरायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में छत्तीसगढ़ अंजोर विजन 2047 के तहत शिक्षा विभाग के लक्ष्यों की प्राप्ति को लेकर उच्चस्तरीय बैठक की। बैठक में उन्होंने वर्ष 2030 तक के लघु अवधि, 2035 तक के मध्य अवधि तथा दीर्घकालीन लक्ष्यों पर विस्तृत चर्चा की और अधिकारियों को ठोस कार्ययोजना तैयार कर त्वरित एवं प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा विकसित भारत 2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है, और इसी क्रम में ‘अंजोर विजन’ के माध्यम से विकसित छत्तीसगढ़ के लक्ष्य की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इन लक्ष्यों की प्राप्ति का सबसे सशक्त आधार शिक्षा है, क्योंकि दक्ष, कुशल और स्मार्ट बच्चे ही भविष्य की चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होंगे। मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि प्रदेश में शिक्षकों की संख्या राष्ट्रीय औसत से बेहतर है और सरकारी स्कूलों में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराई जा रही है। बैठक के दौरान स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से समस्त जानकारी मुख्यमंत्री के साथ साझा की।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यदि एक शिक्षक अपनी जिम्मेदारी को दृढ़ता से निभा ले, तो बच्चों के भविष्य को स्वर्णिम बनने से कोई नहीं रोक सकता। उन्होंने शिक्षकों के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने, प्रतिभाशाली शिक्षकों को नेतृत्व के अवसर प्रदान करने और बेहतर अकादमिक माहौल विकसित करने पर बल दिया। उन्होंने आंगनबाड़ी एवं बालवाड़ी के माध्यम से प्रारंभिक शिक्षा को मजबूत करने तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के साथ समन्वय को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए। बैठक में अंजोर विजन 2047 के अंतर्गत 1000 मॉडल स्कूलों की स्थापना, स्कूल कॉम्प्लेक्स प्रणाली, अंतर्राष्ट्रीय स्तर के स्कूलों की शुरुआत, एआई-आधारित मूल्यांकन प्रणाली, डिजिटल ऐप के माध्यम से व्यक्तिगत पाठ योजनाएं, शिक्षक प्रशिक्षण के उन्नयन तथा STEM शिक्षा के विस्तार जैसे प्रमुख लक्ष्यों की समीक्षा की गई।मुख्यमंत्री ने STEM शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु साइंस सिटी की स्थापना, विज्ञान मेलों के आयोजन और एआई एवं रोबोटिक्स लैब प्रारंभ करने पर विशेष जोर दिया। बैठक में वर्ष 2035 तक ड्रॉपआउट दर को शून्य करने, राज्य स्तरीय ECCE समिति के गठन, शिक्षकों की भर्ती, मूल्यांकन केंद्रों को सुदृढ़ करने और आगामी तीन वर्षों के लक्ष्यों को निर्धारित कर शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित करने संबंधी विषयों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। उन्होंने छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की कार्यप्रणाली — परीक्षार्थियों के डेटा संकलन, प्रश्नपत्र निर्माण, परीक्षा संचालन एवं मूल्यांकन — की समीक्षा की तथा हायर सेकेंडरी स्तर पर अतिरिक्त विषयों के विकल्प, प्रतियोगी परीक्षाओं पर आधारित प्रश्न बैंक, त्रुटिरहित मूल्यांकन व्यवस्था और गोपनीय प्रश्नपत्रों के परिवहन हेतु ट्रैकिंग सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए।बैठक में एनईपी 2020 के तहत नामांकन दर में हुई उल्लेखनीय वृद्धि, बालवाड़ी को स्कूली शिक्षा से जोड़ने, मातृभाषा-आधारित शिक्षण, ‘जादुई पिटारा’ एवं संवाद कार्यक्रम, इको क्लब की गतिविधियाँ, पीएम ई-विद्या के अंतर्गत डिजिटल प्रसारण तथा व्यावसायिक शिक्षा के विस्तार जैसी उपलब्धियाँ भी प्रस्तुत की गईं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अंजोर विजन 2047 के लक्ष्य छत्तीसगढ़ की आने वाली पीढ़ी को सशक्त, आत्मनिर्भर और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।बैठक में स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री विकास शील, छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल की अध्यक्ष श्रीमती रेणु पिल्लै, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, महिला एवं बाल विकास विभाग की सचिव श्रीमती शम्मी आबिदी, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री रजत कुमार सहित स्कूल शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे।
- -पचास प्रतिशत प्रमाण पत्र जमारायपुर। छत्तीसगढ़ शासन के पेंशनरों को सुविधा प्रदान करने के उद्देश्य से संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि द्वारा नवंबर माह में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करने का विशेष अभियान चलाया जा रहा है। संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू के निर्देश पर सभी बैंकों में पेंशनरों से जीवन प्रमाण पत्र प्राप्त करने का कार्य तेजी से किया जा रहा है।वृद्ध पेंशनरों को बैंक शाखाओं में जाकर जीवन प्रमाण पत्र जमा करने में होने वाली कठिनाइयों को देखते हुए भारत सरकार के कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन मंत्रालय तथा संचालनालय पेंशन एवं भविष्य निधि, छत्तीसगढ़ के निर्देशानुसार “डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र मिशन 4.0” के तहत अब पेंशनर किसी भी बैंक में डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा करा सकते हैं।राज्य के विभिन्न शहरों में भारतीय स्टेट बैंक सहित अन्य 8 अधिकृत बैंकों द्वारा विशेष कैंप आयोजित किए जा रहे हैं, जहां फेस ऑथेंटिकेशन तकनीक से पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र लिए जा रहे हैं।इसके साथ ही पेंशनरों को यह सुविधा भी दी गई है कि वे “JEEVAN PRAMAAN” मोबाइल ऐप या वेबसाइट के माध्यम से अपने आधार और मोबाइल नंबर का उपयोग कर घर बैठे ही डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकें।अब तक प्राप्त जानकारी के अनुसार, राज्य के पेंशनरों की कुल संख्या में से लगभग 50 प्रतिशत पेंशनरों के डिजिटल जीवन प्रमाण पत्र जमा किए जा चुके हैं।संचालक पेंशन एवं भविष्य निधि द्वारा पेंशनरों से अपील की गई है कि वे नवंबर माह में जारी इस विशेष अभियान का लाभ अवश्य लें और समय पर अपना जीवन प्रमाण पत्र जमा करें।
- -बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण हो रहा है स्थापित - मुख्यमंत्रीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि “आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति 2025” तथा “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” जैसी मानवीय, संवेदनशील और दूरदर्शी पहल ने बस्तर में विश्वास, सुरक्षा और स्थायी शांति का वातावरण स्थापित किया है।मुख्यमंत्री ने कहा कि माओवादी भ्रमजाल में फँसे अनेक लोग अब हिंसा का मार्ग छोड़कर विकास और मुख्यधारा की ओर लौट रहे हैं। इसी क्रम में आज दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एवं 25 लाख के इनामी चैतू उर्फ श्याम दादा सहित कुल 65 लाख रुपए के इनाम वाले 10 माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री ने इसे बदलते बस्तर और सरकार की नीतियों की सफलता का स्पष्ट प्रमाण बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी कहा कि सरकार की प्रतिबद्धता के अनुरूप सभी आत्मसमर्पित साथियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन हेतु आवश्यक पुनर्वास सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी। उन्होंने उल्लेख किया कि आत्मसमर्पण की बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि जनता सरकार की नीतियों पर भरोसा कर रही है और बस्तर तेजी से शांति, विश्वास और विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य की प्रभावी रणनीति, पुलिस प्रशासन की सतत मेहनत और जनविश्वास का सामूहिक परिणाम बताते हुए बस्तर में स्थायी शांति स्थापना की दिशा में इसे एक महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा।
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-आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी भाषा जल्द ही शामिल होगी: संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल
रायपुर,। छत्तीसगढ़ राजभाषा दिवस के अवसर पर पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल मुख्य अतिथि के रूप में संस्कृति विभाग के अडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में रायपुर उत्तर विधायक श्री पुरन्दर मिश्रा, धरसींवा विधायक श्री अनुज शर्मा, छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष सुश्री मोना सेन, छत्तीसगढ़ साहित्य अकादमी के अध्यक्ष श्री शशांक शर्मा, संचालक संस्कृति एवं राजभाषा श्री विवेक आचार्य, छत्तीसगढ़ी राजभाषा आयोग की सचिव डॉ. अभिलाषा बेहार उपस्थित रहीं। अतिथियों का स्वागत पारंपरिक छत्तीगढ़िया तरीके से खुमरी पहना कर किया गया। कार्यक्रम की सबसे विशेष बात यह रही कि सभी अतिथियों ने अपना उद्बोधन छत्तीसगढ़ी में दिया।छत्तीसगढ़ी में उद्बोधन देते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी को शामिल करने के लिए पूर्व में प्रयास हो चुके हैं तथा अब पूरी तैयारी के साथ केंद्र को प्रस्ताव भेजकर इसे जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में बोली जाने वाली छत्तीसगढ़ी की विविधता पर जोर देते हुए प्रसिद्ध कहावत ‘‘कोस-कोस पर पानी बदले, चार कोस पर बानी‘‘ का उल्लेख किया तथा सभी बोलियों को समाहित कर भाषा को समृद्ध बनाने का संकल्प लिया। उन्होंने साहित्यकारों को उनके छत्तीसगढ़ी भाषा में योगदान के लिए बधाई दी तथा छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों द्वारा लिखित पुस्तकों का विमोचन भी किया। मंत्री श्री अग्रवाल ने संस्कृति विभाग परिसर में लगाई गई छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा सेल्फी प्वाइंट पर अपनी सेल्फी भी ली।छह साहित्यकारों का सम्मान, 13 पुस्तकों का विमोचनकार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा के प्रति योगदान हेतु पद्मश्री धर्मपाल सैनी (जगदलपुर), सरला शर्मा (दुर्ग), एस.पी. जायसवाल (सरगुजा), हेमलाल साहू निर्माेही (दुर्ग), डॉ. प्रकाश पतंगीवार (रायपुर) तथा काशी साहू (बिलासपुर) को मुख्य अतिथियों ने छत्तीसगढ़ी भाषा एवं साहित्य में उनके योगदान हेतु सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी भाषा में लिखी पुस्तकों का विमोचन भी किया गया जिसमें ‘‘आठवीं अनुसूची में छत्तीसगढ़ी‘‘ प्रधान संपादक डॉ. अभिलाषा बेहार, संपादक डॉ. सुधीर शर्मा, ‘‘छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग प्रांतीय सम्मेलन 2024 की स्मारिका‘‘, श्री सदाराम सिन्हा ‘स्नेही‘ कृत ‘‘सूरूज खड़े मुहाटी म‘‘, स्व. नोहरलाल साहू ‘अधमरहा‘ कृत ‘‘हाना के तराना‘‘, श्री मकसूदन साहू कृत ‘‘बरीवाला‘‘, श्री अरविंद मिश्र कृत ‘‘छत्तीसगढ़ी शब्द सामरथ‘‘, डॉ. राघवेन्द्र दुबे कृत ‘‘मोर छत्तीसगढ़ के माटी‘‘, डॉ. किशन टण्डन कृत ‘‘भुंइयां के भगवान‘‘, श्री जमुना प्रसाद चौहान कृत ‘‘मया के खोंदरा‘‘, डॉ. नरेन्द्र वर्मा कृत ‘‘मैं बेटा किसान के‘‘, डॉ. विवेक तिवारी कृत ‘‘हमर परियावरन‘‘, स्व. भूषण लाल परगनिहा कृत ‘‘श्री गउ रामायन‘‘, श्री विकास कश्यप कृत ‘‘एक दिया‘‘, श्री बलराम मिर्झा कृत ‘‘मन चंगा तो कठौती में गंगा‘‘ और श्रीमती आशा झा कृत ‘‘मया भरे आंखी‘‘ प्रमुख हैं।कविता पाठ, गोष्ठी और प्रदर्शनी से सजा समारोहकार्यक्रम में छत्तीसगढ़ी किताबों की प्रदर्शनी, साहित्यकारों द्वारा कविता पाठ, आठवीं अनुसूची हेतु चर्चा गोष्ठी आयोजित हुई। छत्तीसगढ़ी साहित्यकारों ने कविता पाठ से अतिथियों को मंत्र मुग्ध कर दिया। यह समारोह छत्तीसगढ़ी भाषा के संवर्धन में मील का पत्थर साबित हुआ। - टी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक के ओपन बैडमिंटन ग्राउंड में खेले गए अटल बिहारी वाजपेयी बैडमिंटन के फायनल मैच में सुपर सीनियर ग्रुप में बीआर ढोके और सब जूनियर ग्रुप में गौरव देवांगन ने चैंपियनशिप जीत ली है। सुपर सीनियर ग्रुप में ढोके ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए तीन सेटों में से लगातार दो सेट जीतकर खिताब अपने नाम किया है। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी जीके पिल्लै को 21-14 और 22-20 के स्कोर से पराजित किया। पिल्लै ने दूसरे सेट में वापसी की भरपूर कोशिश की, लेकिन अंतिम क्षणों में ढोके उन पर भारी पड़ गए।मैच के अन्य परिणामउधर सब जूनियर ग्रुप में गौरव देवांगन ने संघर्षपूर्ण मुकाबले में रक्षित कांबले को 21-15, 18-21 तथा 21-19 के स्कोर से हरा दिया। सबसे ज्यादा रोमांच इसी मैच में देखने को मिला। इस मैच में कांबले ने देवांगन को कड़ी टक्कर दी। दूसरी ओर बालक वर्ग के सब जूनियर के एक अन्य फायनल मैच में तरुण ने विख्यात को 21-12 तथा 21-13 के स्कोर से आसानी से पराजित कर दिया। सब जूनियर ग्रुप में सेमीफाइनल मैच तरुण और अंशुमन के बीच खेला गया था, जिसमें तरुण विजयी रहे, जबकि तरुण और प्रियांश सिंह दक्ष के बीच हुई भिड़ंत में प्रियांश को कामयाबी मिली।विजेताओं को विधायक ने दिए कप और मैडलइस अवसर पर विधायक ललित चंद्राकर खिलाड़ियों के उत्साहवर्धन के लिए खास तौर पर मौजूद थे। उन्होंने विजेता खिलाड़ियों को कप और मैडल भी प्रदान किए। अपने संक्षिप्त संबोधन में उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ की रजत जयंती के अवसर पर पूर्व प्रधानमंत्री, भारत रत्न और प्रदेश के निर्माता अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृति में आयोजित यह प्रतियोगिता उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है। इससे पहले एसोसिएशन के अध्यक्ष कुबेर राम देशमुख, संयोजक ओपी मिश्रा, भूतपूर्व उपाध्यक्ष असीम सिंह, आयोजकों महेश विश्वकर्मा, गजानन अवचट तथा रवींद्र देवांगन ने विधायक चंद्राकर और पार्षद सविता ढवस का आत्मीय स्वागत किया। इसके साथ ही बैडमिंटन अकादमी और बी ब्लॉक एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में महीने भर से चली आ रही प्रतियोगिता का समापन हो गया।
- -बायोमेट्रिक उपस्थिति के साथ स्टूडियो निर्माण, ई-क्लासरूम और अन्य डिजिटल संसाधनों को सुदृढ़ करने पर हुई गहन चर्चा-सभी महाविद्यालयों में प्राचार्याे की नियुक्ति-कैंपस से लेकर कक्षा तक सुधार करने मंत्री ने दिए निर्देश-उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन भी रहे उपस्थितरायपुर, /नवा रायपुर स्थित मंत्रालय में आज उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा की अध्यक्षता में उच्च शिक्षा विभाग की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन, आयुक्त उच्च शिक्षा श्री संतोष देवागंन सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री श्री वर्मा ने बैठक की शुरुआत में कहा कि राज्य में गुणवत्ता युक्त शिक्षा प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है इसके लिए जो भी सुधार की आवश्यकता होगी विभाग सक्षम है और इसे लेकर विभाग को और अधिक सक्रियता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।बैठक में मंत्री श्री वर्मा ने विश्वविद्यालयों व संभाग के एक-एक महाविद्यालयों में स्टूडियो निर्माण, सभी महाविद्यालयों में ई-क्लासरूम विकसित करने और विद्यार्थियों के लिए डिजिटल संसाधनों को सुदृढ़ बनाने पर भी विचार-विमर्श किया। प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे सभी प्राध्यापकों से व्याख्यान बनाकर विद्यार्थियों को उपलब्ध कराएँ ताकि गुणवत्तापूर्ण शिक्षण सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा को उच्च शिक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल करने की प्रक्रिया को भी आगे बढ़ाने के निर्देश दिए।बैठक में महाविद्यालयों में प्राचार्यों एवं प्राध्यापकों तथा समस्त कर्मचारियों की उपस्थिति अनिवार्य करने हेतु बायोमैट्रिक्स मशीन लगाई जाए तथा समय पर उपस्थित न होने वालो पर कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। प्रदेश के समस्त विश्वविद्यालय व महाविद्यालय के प्राचार्य अकादमिक कैलेंडर का पालन सुनिश्चित करें और समय-सारणी के अनुसार कक्षाओं का संचालन हो। मंत्री श्री वर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्राचार्य सुबह 10ः30 बजे से शाम 5ः30 बजे तक महाविद्यालय में स्वंय अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें और कक्षाओं के निरीक्षण की जिम्मेदारी गंभीरता से निभाएँ। उन्होंने एनईपी-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, एनईपी कार्यक्रम के प्रचार-प्रसार के कार्य को निरंतर जारी रखने तथा अतिथि व्याख्याताओं को एनईपी प्रशिक्षण देने पर जोर दिया। शैक्षणिक गतिविधियों में किसी भी प्रकार की लापरवाही पर कठोर कार्रवाई के संकेत भी दिए।मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने न्यायालयीन मामलों में समयबद्ध कार्रवाई न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि विलंब के कारण विभाग की छवि प्रभावित हो रही है, अतः ऐसे मामलों में तत्काल कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि विभागीय कार्यों में देरी किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी।उच्च शिक्षा सचिव डॉ. एस. भारतीदासन ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता को आवश्यक बताते हुए कहा कि इंटरनेट सुविधा, ऑनलाइन शिक्षण सामग्री, तथा नवीन शैक्षणिक संसाधनों को लगातार बेहतर बनाने की बात कही। उन्होंने यह भी कहा कि महाविद्यालयों में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने हेतु प्राचार्यों की वरिष्ठता सूची निर्धारित समय में प्रकाशित करने के साथ-साथ डीपीसी से संबंधित सभी लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा किया जाएगा।बैठक में परीवीक्षा अवधि पूर्ण कर चुके सहायक प्राध्यपकों के परीवीक्षा समाप्ति आदेश 15 कार्य दिवस के भीतर जारी करने के निर्देश भी दिए गए। इसके साथ ही यह भी तय किया गया कि न मांग, न जांच सेवा नियुक्ति संबंधी आदेश 7 दिनों में जारी किए जाएँ। पीएचडी अनुमति हेतु लंबित प्रकरणों की जांच 15 दिनों में पूर्ण कर स्वीकृति पत्र प्रदान किए जाएँ। वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान एवं प्रवर श्रेणी वेतनमान जनवरी के प्रथम सप्ताह तक जारी करने के निर्देश दिए।इसके अतिरिक्त प्राध्यापकों की वरिष्ठता सूची एक सप्ताह के भीतर जारी करने का ओदश दिया। तथा यह भी कहाँ कि वर्ष 2024 की रिव्यू डीपीसी कर प्राध्यापकों को प्राचार्य पद पर पदोन्नति 24 दिसंबर 2025 तक प्रक्रिया पूर्ण करने का निर्णय लिया गया। विश्वविद्यालयों में ज्ञानअर्जन पोर्टल लागू करने हेतु निर्देश जारी किए जाए तथा एक टास्क फोर्स गठित की जाए। EHRMS के तहत प्रदेश के सभी महाविद्यालयों से प्राध्यापक, सहायक प्राध्यापक, ग्रंथपाल एवं क्रीड़ाअधिकारियों की समस्त जानकारी जनवरी 2026 तक ऑनलाईन कर दी जाए। बैठक में उच्च शिक्षा को मजबूत और आधुनिक बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- - नारायणपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण ने पकड़ी रफ्ताररायपुर । भारत निर्वाचन आयोग के निर्देश पर पूरे प्रदेश में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान को नारायणपुर जिले में गति मिल रही है। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी के मार्गदर्शन में प्रशासनिक टीमें और बीएलओ जंगलों-पहाड़ों के बीच बसे दुर्गम इलाकों तक पहुंचकर मतदाता सूची अद्यतन कार्य को निरंतर अंजाम दे रहे हैं। लक्ष्य है—कोई भी पात्र नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रहे।जिले में वर्तमान में कुल 92,637 मतदाता पंजीकृत हैं। इनमें से 77.25 प्रतिशत गणना पत्रक का डिजिटाइजेशन अब तक पूरा किया जा चुका है। प्रशासनिक टीमें त्रुटिरहित अद्यतन सुनिश्चित करने के लिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने, गलतियों को सुधारने और मृत अथवा स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने के कार्य में पूरी गम्भीरता से जुटी हुई हैं।बीएलओ समरूलाल यादव की प्रेरक कहानीदुर्गम ग्राम गट्टाकाल से एक प्रेरक उदाहरण सामने आया है। मतदान केंद्र क्रमांक 09 के बीएलओ समरूलाल यादव को पुनरीक्षण कार्य के लिए पहाड़ी पगडंडियों पर मीलों पैदल चलना पड़ा। कई बार उन्हें बिना पुल वाले नदी-नालों को पार करना पड़ा, फिर भी वे लगातार घर-घर पहुंचकर मतदाताओं का सत्यापन करते रहे।इस मतदान केंद्र के 360 मतदाताओं में से 262 का पुनरीक्षण कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि शेष 98 मतदाताओं का कार्य भी तेजी से जारी है। समरूलाल यादव का कहना है कि कठिन रास्ते भी उन्हें लोकतंत्र को मजबूत करने के संकल्प से नहीं रोक पाते।20 बीएलओ ने किया शत-प्रतिशत कार्य पूर्णजिला निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, जिले के 20 बीएलओ अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत पुनरीक्षण कार्य पूरा कर चुके हैं। उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें कलेक्टर प्रतिष्ठा द्वारा निरंतर प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया जा रहा है।दुर्गम पहाड़ी क्षेत्रों में पहुंचकर मतदाताओं को जोड़ने का यह निरंतर प्रयास जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता, पारदर्शिता और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को मजबूत करने का सशक्त उदाहरण प्रस्तुत करता है।
- -समर्थन मूल्य में धान खरीदी से किसानों को मिल रही आर्थिक सुरक्षारायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान हितैषी नीतियों और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के तहत किसान खुशी-खुशी अपनी फसल बेच रहें हैं। इसी कड़ी में बलरामपुर जिला के बरदर उपार्जन केंद्र में किसान श्री नीरज गिरी ने अपनी पसीने की कमाई धान को सरकार द्वारा तय समर्थन मूल्य पर बेचा।बच्चों की शिक्षा और खेती से जुड़े कार्य पूरा करेंगेनीरज गिरी ने बताया कि उनके पास कुल 2.1400 हेक्टेयर भूमि है और खेती ही उनके परिवार का मुख्य आजीविका स्रोत है। पिछले वर्ष उन्होंने लगभग 95 क्विंटल धान उत्पादन किया, जिससे परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की शिक्षा और खेती से जुड़े कार्य पूरे हुए। उन्होंने कहा कि खरीदी केंद्र में व्यवस्था सुव्यवस्थित और पारदर्शी है। समय पर तौल, बारदाने की उपलब्धता और ऑनलाइन टोकन प्रणाली ने प्रक्रिया को सरल बना दिया है। वे बताते हैं कि उन्होंने 110 क्विंटल धान बेचने के लिए ऑनलाईन टोकन सुविधा का उपयोग किया था। जिससे लंबी लाइन और भीड़-भाड़ से बचा जा सका।किसानों में नई उम्मीद और आत्मविश्वास बढाश्री नीरज गिरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और राज्य सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि समर्थन मूल्य पर धान खरीदी से किसानों को आर्थिक सुरक्षा मिलती है, जिससे वे अगली फसल की तैयारी कर पा रहे हैं। वे कहते है कि शासन की समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किसानों के लिए नई उम्मीद और आत्मविश्वास लेकर आई है।
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*-निजी क्षेत्र के 530 पदों पर होगी भर्ती*
दुर्ग,/ जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र मालवीय नगर चौक दुर्ग में 04 दिसंबर 2025 को प्रातः 10.30 बजे से प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जाएगा। इस प्लेसमेंट कैम्प में 530 रिक्त पदों हेतु भर्ती प्रक्रिया की जायेगी। जिसमें कायरोस सिक्युरिटी, हेल्थ एवं कम्पोजिट सर्विस प्रा० लि० हैदराबाद के सिक्युरिटी गार्ड एवं सिक्युरिटी सुपरवाईजर, हाउस कीपिंग एवं मुथुत माइकोफाइन लि. छत्तीसगढ़ के रिलेशनशिप ओफिसर एवं ब्रांच क्रेडिट मेनेजर इत्यादि पद शामिल है। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त पदों हेतु वेतन 16 हजार से 25 हजार रूपए तक है जिसके लिए 10वीं, 12वीं एवं कोई भी स्नातक शैक्षणिक योग्यताधारी आवेदक उक्त प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित हो सकतें है। विस्तृत जानकारी erojgar.cg.gov.in, chhattisgarh rozgar app अथवा रोजगार कार्यालय के सूचना पटल के माध्यम से प्राप्त कर सकते है। जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार इच्छुक आवेदक समस्त शैक्षणिक मूल प्रमाण/अंकसूची, पहचान पत्र (मतदाता परिचय पत्रध्आधार कार्ड/पेनकार्ड/ड्रायविंग लाइसेंस/राशन कार्ड), रोजगार कार्यालय का पंजीयन पत्रक, छ.ग. निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र समस्त दस्तावेजों की (छायाप्रति) के साथ प्लेसमेंट रोजगार मेला में उपस्थित हो सकते हैं। -
दुर्ग/ कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला दुर्ग द्वारा राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के अंतर्गत सोशल वर्कर-एनएमएचपी के पद पर भर्ती हेतु विज्ञापन जारी किया गया था। विज्ञापन में यह स्पष्ट किया था कि सोशल वर्कर पद के लिए शैक्षणिक योग्यता और अनुभव के आधार पर एमफिल साईकाईट्रिक सोशल वर्क की अर्हता रखने वालों को वरीयता (प्राथमिकता) दी जाएगी। इस प्राथमिकता के अनुरूप, 06 जून 2025 को जारी मेरिट सूची में एमफिल अर्हताधारी उम्मीदवार को प्रथम स्थान पर रखा गया था। कौशल परीक्षा के बाद, चयन समिति ने विज्ञापन के नियमों का पूर्णतः पालन सुनिश्चित करने के लिए 18 नवंबर 2025 को जारी की गई सोशल वर्कर की चयन सूची को संशोधित किया। इस संशोधित सूची में यह स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि भर्ती विज्ञापन की शर्तों के अनुसार एमफिल साइकाईट्रिक सोशल वर्क को चयन सूची में वरीयता दी गई है। यह संशोधन दर्शाता है कि भर्ती प्रक्रिया में तथ्यों और योग्यता पर पूरा ध्यान दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सरल क्रमांक 04 और 05 के तहत अन्य क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट पदों की चयन प्रक्रिया में भी इसी वरीयता के आधार का पालन किया गया है, जिसकी सूची विभागीय वेबसाइट पर उपलब्ध है। इस प्रकार, पूरी चयन प्रक्रिया पारदर्शी और नियमसंगत रही है।
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*-पात्र आवेदक 15 दिसम्बर तक कर सकते है आवेदन*
दुर्ग/ महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत संचालित जिला बाल संरक्षण इकाई जिला दुर्ग में मिशन वात्सल्य के तहत रिक्त पदों हेतु संचालक, महिला एवं बाल विकास विभाग (आईसीपीएस) से प्राप्त स्वीकृति के अनुरूप संविदा भर्ती हेतु पात्र आवेदकों से 15 दिसम्बर 2025 तक केवल स्पीड पोस्ट के माध्यम से आवेदन आमंत्रित किए जाते हैं। उल्लेखनीय है कि जिला बाल संरक्षण इकाई में रिक्त विभिन्न पदों की पूर्ति हेतु राज्य शासन द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई। उपरोक्त स्वीकृति के अनुक्रम में जिला बाल संरक्षण इकाई में जिला बाल संरक्षण अधिकारी, संरक्षण अधिकारी (गैर संस्थागत देखभाल), विधिक सह परिवीक्षा अधिकारी, लेखापाल, आउटरीच वर्कर के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु विज्ञापन जारी किया गया है। जारी विज्ञापन में आवश्यक शैक्षणिक योग्यता एवं अनुभव संबंधी विस्तृत विवरण भी जारी किया गया है। यह विज्ञापन दुर्ग जिले की वेबसाईट www.durg.gov.in पर उपलब्ध है। विज्ञापन में भर्ती प्रक्रिया संबंधी संपूर्ण जानकारी तथा आवेदन पत्र का प्रारूप भी उपलब्ध है। यह समस्त जानकारी उपरोक्त वेबसाईट पर जाकर डाउनलोड की जा सकती है। -
*उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद सूडा द्वारा आदेश जारी*
बिलासपुर.. नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) द्वारा बिलासपुर जिले के तखतपुर नगर पालिका में परमेश्वरी तालाब के सौंदर्यीकरण और मरम्मत कार्य के लिए एक करोड़ सात लाख 28 हजार रुपए स्वीकृत किए गए हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरुण साव के अनुमोदन के बाद सूडा द्वारा इसकी स्वीकृति के आदेश जारी कर दिए गए हैं। श्री साव ने कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करते हुए समय-सीमा में काम पूर्ण करने के निर्देश दिए हैं। -
*- धान उपार्जन केन्द्र कुर्मीगुंडरा, जामगांव (एम) और घुघुवा में गत वर्ष की तुलना हुई अधिक खरीदी, वहीं पंदर में कम हुई है*
*- कलेक्टर ने ग्राम गब्दी के किसान से मोबाईल में चर्चा कर धान बेचने की जानकारी ली**- रकबा समर्पण नहीं कराने पर कुर्मीगुण्डरा के समिति प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस**- निर्धारित मात्रा से बोरे में धान की अधिक तौल होने पर जामगांव (एम) के समिति प्रबंधक को भी कारण बताओ नोटिस*दुर्ग/ कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने आज जिले के पाटन विकासखण्ड के ग्राम कुर्मीगुण्डरा, जामगांव (एम), घुघवा और पंदर में धान उपार्जन केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने पंदर में एसआईआर कार्य का भी अवलोकन किया। इस दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने आये किसानों से रू-ब-रू चर्चा कर व्यवस्था के संबंध में जानकारी ली।धान उपार्जन केन्द्र कुर्मीगुंडरा, जामगांव (एम) और घुघुवा में गत वर्ष की तुलना इस वर्ष अधिक खरीदी, वहीं पंदर में कम खरीदी हुई है। आज की तिथि में धान उपार्जन केन्द्र कुर्मीगुण्डरा में 8295 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिसमें धान मोटा 2378 क्विंटल, धान पतला 2003 क्विंटल एवं धान सरना 3914 क्विंटल शामिल है। जबकि गत वर्ष इस उपार्जन केन्द्र में 7006 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। जामगांव (एम) उपार्जन केन्द्र में 5940 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिसमें धान मोटा 2737 क्विंटल, धान पतला 943 क्विंटल एवं धान सरना 2261 क्विंटल शामिल है। गत वर्ष इस उपार्जन केन्द्र में 5346 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। इसी प्रकार घुघवा उपार्जन केन्द्र में 4750 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिसमें धान मोटा 1960 क्विंटल, धान पतला 435 क्विंटल एवं धान सरना 2356 क्विंटल शामिल है। गत वर्ष इस उपार्जन केन्द्र 4460 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी। पंदर उपार्जन केन्द्र में आज की तिथि में 5492 क्विंटल धान की खरीदी हुई है। जिसमें धान मोटा 1322 क्विंटल, धान पतला 1912 क्विंटल एवं धान सरना 2258 क्विंटल शामिल है। जबकि गत वर्ष इस उपार्जन केन्द्र में 6299 क्विंटल धान की खरीदी हुई थी।कलेक्टर श्री सिंह ने कुर्मीगुण्डरा उपार्जन केन्द्र में धान बिक्री कर चुके ग्राम गब्दी के किसान श्री चितरंजन लाल से मोबाईल पर चर्चा कर धान की उपज एवं रकबा समर्पण आदि के संबंध में जानकारी ली। किसान चितरंजन ने कलेक्टर को अवगत कराया कि उन्होंने उत्पादित धान फसल 55.20 क्विंटल धान की बिक्री कर चुके हैं। अब उनके पास बिक्री हेतु धान शेष उपलब्ध नहीं हैं। उन्होंने रकबा समर्पण नहीं होने की जानकारी दी। कलेक्टर श्री सिंह ने समिति द्वारा किसान से रकबा समर्पण नहीं कराने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए समिति प्रबंधक को कारण बताओं नोटिस जारी करने के निर्देश दिये हैं। उन्होंने धान बेच चुके सभी कृषकों से बिक्री पश्चात् शीघ्रतापूर्वक रकबा समर्पण कराने अधिकारियों को निर्देशित किया।इसी प्रकार जामगांव (एम) उपार्जन केन्द्र में धान बोरे में अधिक तौल कराने की शिकायत पर कलेक्टर ने मौके पर धान बोरे की रेण्डम तौल करायी। जिसमें बोरा में 300 ग्राम धान की अधिक मात्रा पायी गई। बोरे में निर्धारित मात्रा से अधिक धान तौल कराने पर कलेक्टर ने समिति प्रबंधक को कारण बताओं नोटिस देने निर्देशित किया। कलेक्टर श्री सिंह ने उक्त गांवों में एसआईआर के अंतर्गत डिजिटाइजेशन कार्यों का भी अवलोकन किया और प्रगति लाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर एसडीएम श्री लवकेश ध्रुव, तहसीलदार श्री पवन ठाकुर, खाद्य नियंत्रक श्री अनुराग भदौरिया, सीसीबी के प्रभारी नोडल अधिकारी श्री हृदेश शर्मा, धान उपार्जन केन्द्रों के समिति प्रबंधक व अन्य कर्मचारी और धान बेचने पहुंचे क्षेत्र के कृषक उपस्थित थे। - -किसान भूपेन्द्र, पवन और सतीश ने कहा कि टोकन तुहर एप से सब किसानों के लिए समान अवसररायपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में राज्य सरकार के मंशानुरूप जिले में धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। जिले के 182 धान उपार्जन केन्द्रों में आज दिनांक तक 80 हजार 600 टन धान की खरीदी की जा चुकी है। बता दें कि जिले में धान खरीदी का अभी 40 दिन शेष है।जिले के सभी धान उपार्जन केन्द्रों में धान खरीदी शुरू हो गई है। महासमुंद जिले के ग्राम बेलसोंडा धान उपार्जन केंद्र में विपणन वर्ष 2025-26 के तहत धान खरीदी सुचारू और पारदर्शी तरीके से जारी है। अब तक इस केंद्र में 9,330.80 क्विंटल से अधिक धान की खरीदी हो चुकी है, जिसमें 2,346.80 क्विंटल मोटा धान तथा 6,984 क्विंटल सरना (पतला) धान शामिल है। किसानों की बढ़ती भागीदारी और सुव्यवस्थित व्यवस्थाएँ खरीदी केंद्र की सफलता को दर्शाती हैं। बेलसोंडा के केंद्र प्रभारी ने बताया कि अधिकांश किसान पहले से ही ऑनलाइन टोकन कटवाकर निर्धारित समय पर धान लेकर केंद्र पहुंच रहे हैं। इससे खरीदी प्रक्रिया तेज़, सरल और भीड़मुक्त बनी हुई है।यहां धान बेचने आए नांदगांव के किसान भूपेंद्र कुमार पटेल ने अपने 7 एकड़ खेत से उपजाया 80 क्विंटल धान बेचकर खरीदी प्रक्रिया पूरी की। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन टोकन प्रणाली से उन्हें केंद्र पर इंतजार नहीं करना पड़ा और पूरी प्रक्रिया सहज रही। इसी तरह नांदगांव की सतीश सोनी ने अपने 5 एकड़ खेत से उपजाए गए धान में से 28 क्विंटल धान बेलसोंडा केंद्र में बेचा। वे भी निर्धारित समय पर पहुंचीं और बिना किसी परेशानी के खरीदी प्रक्रिया संपन्न की।घोड़ारी गांव के लघु कृषक पवन कुमार चक्रधारी ने 2 एकड कृषि भूमि पर अपनी मेहनत से उपजाएं 44.40 क्विंटल धान केंद्र में आसानी से विक्रय किया। छोटे किसान होने के बावजूद उन्होंने समय पर टोकन कटवा कर खरीदी का लाभ उठाया और सरकार की किसान हितैषी नीतियों की सराहना की। केंद्र प्रभारी ने बताया कि केंद्र में खरीदी कार्य पूरी पारदर्शिता और कम्प्यूटरीकृत प्रक्रिया के साथ किया जा रहा है।टोकन की सुविधा नजदीकी सीएससी, मोबाइल ऐप व सहकारी समिति कार्यालय में उपलब्ध है। यहां बारदाना पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है। तौल, नमी की जांच और भुगतान प्रणाली पूरी तरह डिजिटाइज्ड है। किसानों को 72 घंटे के भीतर भुगतान सीधे बैंक खाते में जमा किया जा रहा है। बेलसोंडा केंद्र में सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के चलते किसानों का विश्वास और सहभागिता लगातार बढ़ रही है। आने वाले दिनों में और अधिक मात्रा में किसानों के धान की खरीदी होने की उम्मीद है।
- -किसान अनिल प्रजापति ने सरकार की योजना की सराहना कीरायपुर। शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में धान उपार्जन कार्य सुचारू रूप से जारी है। सूरजपुर जिले की खोपा धान खरीदी समिति में धरतीपारा निवासी 29 वर्षीय किसान अनिल प्रजापति पिता श्री ललन राम प्रजापति 30 क्विंटल धान का विक्रय के लिए आए । उन्होंने कहा कि शासन द्वारा निर्धारित 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। निश्चित रूप से यह किसान हित में किया जा रहा है।किसान अनिल ने कहा कि प्राप्त होने वाली धनराशि का उपयोग वे व्यापार में निवेश, घरेलू आवश्यकताओं की पूर्ति तथा बच्चे की शिक्षा में करेंगे। उन्होंने कहा धान का यह मूल्य किसानों को धान की खेती के लिए प्रोत्साहित कर रहा है। उन्होंने खुशी जाहिर की है कि शासन किसान हित में कार्य कर रही है। इसके अलावा किसान अनिल प्रजापति ने ‘टोकन तुहर हाथ’ मोबाइल ऐप की सराहना करते हुए कहा कि इस ऐप ने खरीदी प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बना दिया है। ऑनलाइन टोकन बुकिंग, लंबी कतारों से मुक्ति, समय की बचत जैसी सुविधाओं ने किसानों को बड़ी राहत प्रदान की है। उन्होंने बताया कि अब खरीदी केंद्र में अनावश्यक प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती है।किसान अनिल ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं राज्य शासन को किसानों के हित में चलाई जा रही योजनाओं के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि-“सरकार द्वारा किसानों के लिए चलाई जा रही योजनाएं और सुविधाएं हमारे जीवन में बड़ा परिवर्तन ला रही हैं। हमें अच्छा मूल्य, पारदर्शी व्यवस्था और समय पर भुगतान मिलता है, जिसके लिए हम राज्य शासन के आभारी हैं।” साथ ही उन्होंने खरीदी केंद्रों में उपलब्ध पेयजल, बैठने की व्यवस्था, शेड, एवं पारदर्शी तौल प्रक्रिया जैसी सुविधाओं की प्रशंसा की।उल्लेखनीय है कि टोकन वितरण को लेकर किसानों की आशंकाओं को दूर करते हुए भूमि आधारित टोकन प्रणाली लागू की गई है। जिला खाद्य अधिकारी ने बताया-02 एकड़ तक की भूमि वाले किसानों को 01 टोकन, 02 से 10 एकड़ तक भूमि वाले किसानों को 02 टोकन और तथा 10 एकड़ से अधिक भूमि वाले किसानों को 03 टोकन प्रदान किए जाएंगे। किसान ‘टोकन तुहर हाथ’ ऐप के माध्यम से प्रतिदिन सुबह 08 बजे से शाम 05 बजे तक ऑनलाइन टोकन प्राप्त कर सकेंगे।
- -आधा दर्जन से अधिक किसानों के दस एकड़ खेतों में सिंचाई की मिली सुविधारायपुर ।जिला कोरिया के विकासखण्ड मुख्यालय बैकुण्ठपुर से लगभग 15 किलोमीटर दूर ग्राम भखार में खरपोली एक पुराना तालाब था। यह तालाब सिर्फ एक जल निकाय नहीं, बल्कि पूरे गांव की जीवन रेखा था। लेकिन समय के साथ, इस तालाब की हालत जर्जर हो गई थी। महात्मा गांधी नरेगा की मदद से ग्रामीणों ने अपने तालाब को एक नया जीवन देते हुए बहुपयोगी जल संसाधन बना लिया है।बरसों से गाद और मिट्टी भर जाने के कारण, तालाब ने अपनी गहराई खो दी थी। गांव वालों के लिए यह एक बड़ी समस्या बन गई थी क्योंकि हर साल गर्मी आते ही तालाब पूरी तरह से सूख जाता, जिससे न तो मवेशियों के लिए पानी बचता और न ही खेतों की सिंचाई के लिए। गांव के लोग लंबे समय से इसकी दशा सुधारने की मांग कर रहे थे।ग्राम पंचायत की मांग के अनुसार इसे ग्राम सभा के लेबर बजट में शामिल करते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 में, जिला पंचायत, कोरिया की पहल पर, इस तालाब के गहरीकरण कार्य की स्वीकृति जारी की गई। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटीयोजना के तहत, ग्राम पंचायत चारपारा को कार्यान्वयन एजेंसी बनाया गया और खरपोली तालाब गहरीकरण कार्य के लिए 7 लाख 55 हजार की राशि स्वीकृत की गई।खरपोली तालाब में गहरीकरण का कार्य शुरू करना आसान नहीं था। तालाब में बहुत अधिक मात्रा में कमलदण्ड के पौधे उगे हुए थे, जिससे गाद निकालने और खुदाई के दौरान श्रमिकों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। लेकिन ग्राम पंचायत के सरपंच, मेट और रोजगार सहायक ने हार नहीं मानी। उन्होंने गांव में मुनादी कराई, मजदूरों से समन्वय स्थापित किया और हर सप्ताह 100 से अधिक श्रमिकों को काम में लगाया। सामुदायिक प्रयास से यह मुश्किल कार्य धीरे-धीरे पूरा होने लगामनरेगा के तहत स्वीकृत खरपोली तालाब के गहरीकरण के सकारात्मक परिणाम सामने आए। कार्य पूर्ण होने के बाद, खरपोली तालाब में पर्याप्त पानी का भराव संभव हो सका। इस कार्य से सीधे तौर पर 8 परिवार लाभान्वित हुए, जिनमें परिवार प्रमुख श्री कतवारी, संतोष,द्वारिका, विश्वनाथ,कीर्तिदेव और रामप्रसाद,भैयालाल जैसे किसान शामिल थे, जिनके पास कुल 2.70 हेक्टेयर रकबा था।इस कार्य के पूर्णता के बाद सबसे बड़ा बदलाव सिंचाई के क्षेत्र में आया। आस पास के आधा दर्जन से ज्यादा किसानों को अपने खेतों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होने लगा, जिससे धान की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि हुई। इस अतिरिक्त आय से किसानों के जीवन स्तर में सुधार होने लगा है। इतना ही नहीं, तालाब से निकाली गई मिट्टी का उपयोग सड़क के किनारे तटबंध बनाने और सड़क को मजबूत करने में भी किया गया। खरपोली तालाब का यह पुनरुद्धार कार्य सामूहिक प्रयास और मनरेगा की मदद से ग्रामीण जीवन में समृद्धि लाने का एक सफल उदाहरण बन गया।
- -ऊर्जा आत्मनिर्भरता की ओर बलरामपुररायपुर । भारत सरकार की प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना जिले में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक परिवर्तनकारी कदम साबित हो रही है। इस योजना के माध्यम से नागरिकों को स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में अब तक 314 नागरिकों द्वारा आवेदन किए जा चुके हैं, जिससे आमजनों में योजना को लेकर उत्साह देखा जा सकता है।इसी कड़ी में नगर पालिका बलरामपुर पुलिस लाईन रोड निवासी श्री सुदेश्वर तिवारी ने प्रेरणादायक पहल करते हुए अपने घर की छत पर 03 किलोवॉट क्षमता का सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित किया है। श्री तिवारी ने बताया कि सूर्य की अनंत ऊर्जा को अपनाकर हर घर अपनी विद्युत आवश्यकताओं की पूर्ति स्वयं कर सकता है। उन्होंने बताया कि सौर ऊर्जा न केवल पर्यावरण के लिए लाभकारी है, बल्कि भविष्य में ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी बड़ा कदम है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में इस योजना को तेजी से आम नागरिकों तक पहुंचाने के प्रयास जारी हैं। योजना के तहत सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने पर केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 30 हजार से 78 हजार रुपये तक की सब्सिडी दी जा रही है। योजनान्तर्गत शासन द्वारा 01 किलोवाट पर 45 हजार रुपए, 02 किलोवाट पर 90 हजार रुपए तथा 03 किलोवॉट पर 01 लाख 08 हजार रुपए तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। श्री सुदेश्वर तिवारी की पहल उदाहरण है कि जब सरकारी योजनाएँ नागरिकों की दूरदर्शिता और सक्रिय सहभागिता से जुड़ती हैं, तब ऊर्जा-आत्मनिर्भर भारत का सपना वास्तविकता में बदलने लगता है।प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए वेब पोर्टलpmsuryaghar.gov.in या PMSuryaGhar Mobile App पर पंजीयन कर लॉगिन आईडी प्राप्त किया जाता है तत्पश्चात स्वयं वंडर का चुनाव कर वेब पोर्टल पर आवेदन पूर्ण किया जाता है। निर्धारित अनुबंध के बाद वेंडर द्वारा छत पर प्लांट की स्थापना एवं डिस्कॉम द्वारा नेट मीटर स्थापित किया जाता है। स्थापित प्लांट के सत्यापन पश्चात शासन द्वारा सब्सिडी ऑनलाईन सीधे उपभोक्ता के बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाती है।
- -राज्य में महासमुन्द जिला प्रदेश में अव्वल एक लाख से अधिक आवासों का निर्माण पूरा-गरीब परिवारों का सपना हो रहा है साकाररायपुर। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में चल रहे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) महाअभियान को छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की सरकार ने गति और मजबूती दोनों दी है। परिणामस्वरूप पात्र हितग्राहियों को पक्के घर का सपना अब हकीकत में बदल रहा है। इसी कड़ी में महासमुंद जिले ने अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत करते हुए वर्ष 2016 से 2024-25 की अवधि में कुल 1 लाख 36 आवासों का निर्माण कर इतिहास रच दिया है, जो पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में किसी भी जिले द्वारा प्राप्त सर्वाधिक उपलब्धि है। जिंदगी भर कच्चे मकानों में रहने वाले एक लाख परिवार अब अपने नए, सुरक्षित और सम्मानजनक पक्के घर में सपनों की नई शुरुआत कर रहे हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के मूल मंत्र के साथ देश के उन सभी नागरिकों तक पक्की छत पहुँचाने का संकल्प लिए आगे बढ़ रही है, जिनके सिर पर अब तक अपना घर नहीं था। जिला प्रशासन महासमुद की सतत् मॉनिटरिंग, टीमवर्क और दृढ़ संकल्प के चलते लगभग एक लाख ग्रामीण परिवारों को नया, सुरक्षित और सम्मानजनक आवास प्राप्त हुआ है। यह सफलता ग्रामीण क्षेत्रों में आवास संकट को दूर करने की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि है। कलेक्टर के कुशल नेतृत्व जिला पंचायत सीईओ मार्गदर्शन तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की टीम भावना ने इस लक्ष्य को वास्तविक रूप दिया। लगातार फील्ड विज़िट, गुणवत्ता जांच और पारदर्शिता इस सफलता के प्रमुख बिंदु रहे। जिले को प्रधानमंत्री आवास योजना में कुल 1 लाख 29 हजार आवासों का लक्ष्य मिला है, जिनमें से शेष आवासों का निर्माण भी तेज गति से जारी है। प्रशासन ने कहा है कि आगामी महीनों में शत-प्रतिशत लक्ष्य जल्दी ही प्राप्त कर लिया जाएगा।प्रधानमंत्री आवास के हितग्राही ग्राम बरेकेल कला के श्रीमती अंगुरी बाई ने भावुक होकर बताया कि उनके सपनों का घर बनने से वे बहुत खुश है। वे कहती है कि यह घर मेरे बुढ़ापे का सहारा बन गया है। पहले खपरैल के घर में बारिश के दिनों में पानी टपकने से, तो ग्रीष्म में धूल और गर्मी की समस्या से उन्हें बहुत अधिक परेशानी होती थी। वे इस दौर में हमेशा गांव में जब भी दूसरे के पक्के मकान देखती थी, मन में बस एक ही ख्वाहिश उठती थी कि उनका भी अपना छत का घर होता। आज प्रधानमंत्री आवास योजना ने उनके उन अधूरे सपनों को पूरा कर उनके समस्याओं को दूर किया है। इसके लिए उन्होंने शासन एवं प्रशासन का दिल से धन्यवाद ज्ञापित किया है।आवास के हितग्राही श्रीमती शिवबती ध्रुव ने खुशी व्यक्त करते हुए बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना से उनके सपनों का घर बनकर तैयार हो गया है। वे कहती है कि अपने घर और पति के सपनों को प्रधानमंत्री आवास योजना ने साकार किया है। उन्होंने बताया कि शादी के समय वे कच्चे खपरैल के घर में आई थी तबसे आज लगभग 25 वर्षों बाद उनका सपना पूरा हुआ है। अब प्रधानमंत्री आवास योजना से पक्का घर मिला है। बारिश हो या गर्मी अब घर में सुकून है। मैं सरकार और जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करती हूँ। ऐसे ही लाखों हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ महासमुंद जिले में मिला है तथा शेष हितग्राहियों को लाभ मिलने जा रहा है।
- रायपुर। रायपुर पश्चिम विधायक राजेश मूणत ने गुरुवार की रात्रि केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर हार्दिक स्वागत और अभिनंदन किया।श्री मूणत ने कहा कि केन्द्रीय गृह मंंत्री अमित शाह के आगमन से पूरे छत्तीसगढ़ में एक नई ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ है। उनका मार्गदर्शन और उपस्थिति छत्तीसगढ़ राज्य के विकास और सुरक्षा के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- रायपुर। रायपुर पश्चिम विधायक और पूर्व मंत्री राजेश मूणत ने आज भारतीय जनता पार्टी, छत्तीसगढ़ के प्रभारी एवं बिहार सरकार के कैबिनेट मंत्री नितिन नवीन से सौजन्य मुलाकात की।इस अवसर पर श्री मूणत ने उन्हें बिहार विधानसभा चुनाव में, विशेषकर बांकीपुर सीट पर लगातार पाँचवीं बार मिली ऐतिहासिक जीत के लिए हार्दिक शुभकामनाएं दीं। श्री मूणत ने कहा कि यह शानदार जीत जनता के बीच श्री नवीन के प्रति गहरे विश्वास और उनके द्वारा किए गए विकास कार्यों का प्रमाण है। श्री नवीन का मार्गदर्शन और अनुभव सभी कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत है।श्री मूणत ने कहा कि श्री नवीन के कुशल नेतृत्व और मार्गदर्शन में बिहार और छत्तीसगढ़ दोनों राज्यों में पार्टी और जनता का कल्याण होता रहे, यही कामना है।
- रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के द्वारा तीन दिवसीय ’मिश्रित मत्स्य पालन’ विषय पर प्रशिक्षण आज समापन हुआ। यह प्रशिक्षण राष्ट्रीय मात्स्यिकी विकास बोर्ड, हैदराबाद द्वारा प्रायोजित किया गया। इस प्रशिक्षण में छत्तीसगढ़ राज्य के अलग- अलग जिलों से कुल 25 प्रशिक्षणर्थियों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।इस प्रशिक्षण के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. अजय कुमार वर्मा, अधिष्ठाता, स्वामी विवेकानंद कॉलेज ऑफ एग्रीकल्चरल इंजीनियरिंग एवं टेक्नोलॉजी, इं.गां.कृ.वि. उपस्थित थे। इस कार्यक्रम में कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गौतम रॉय ने अपने उदबोधन में कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर में चल रही मछली पालन की विभिन्न गतिविधियों के बारे में विस्तार से अवगत कराया। प्रशिक्षण प्रभारी डॉ. एस. सासमल ने अपने उद्बोधन में तीन दिवसीय प्रशिक्षण की रूपरेखा की विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान ‘मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति’ विषय पर तैयार तकनीकी बुलेटिन का विमोचन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. वर्मा ने कहा कि सिर्फ भारत से ही नही बल्कि विदेशों से भी प्रशिक्षणार्थी इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर में प्रशिक्षण लेने के लिए आए हैं, यह गर्व की बात है। इस प्रशिक्षण के उद्घाटन सत्र के बाद दो सत्रों में मिश्रित मत्स्य पालन पद्धति विषय पर डॉ. एस. आर गौर, प्राध्यापक एवं श्री तोषण कुमार ठाकुर, ने विस्तृत जानकारी दी।प्रशिक्षण के दूसरे दिन डॉ. एस. सासमल एवं डॉ. अंकित ठाकुर ने मिश्रित मछली पालन के प्रायोगिक पहलुओं पर प्रक्षेत्र प्रशिक्षण दिया। इस कड़ी में तालाबों का चयन, मछली बीज संचयन, खाद प्रबंधन, प्राकृतिक भोजन उत्पादन आदि को प्रायोगिक रूप से प्रदर्शित किया गया। प्रशिक्षण के अंतिम दिवस में श्री अमित वर्मा, मत्स्य निरीक्षक, मछली पालन विभाग,रायपुर ने मछली पालन में राज्य सरकार तथा केन्द्रीय सरकार के सब्सिडी स्कीमस् के बारे में विस्तृत जानकारी दी साथ ही साथ किसान कैसे सब्सिडी का लाभ उठा सकते है उसके बारें में भी जानकारी दी। डॉ. एस. सासमल ने मिश्रित मछली पालन पद्धति के शुद्ध आय-व्यय के बारे में जानकारी दी एवं समन्वित मछली पालन करके आपने आय को कैसे दोगुना किया जा सकता है इससे अवगत करवाया।समापन समारोह के मुख्य अतिथि श्री कृष्णा चम्पालाल हिरवानी, प्रदेश अध्यक्ष, सहकारिता प्रकोष्ठ, छ.ग. धीवर समाज महासभा एवं विशिष्ठ अतिथि श्री सुशील जलक्षत्री, प्रदेश अध्यक्ष, शिक्षा एवं संस्कृतिक प्रकोष्ठ, छ.ग. धीवर समाज महासभा एवं मीडिया फेडरेशन ऑफ इण्डिया के छत्तीसगढ़ प्रदेश सचिव पक्की कूर्मा राव उपस्थित थे। डॉ. एस. सासमल, प्रशिक्षण प्रभारी ने तीन दिवसीय प्रशिक्षण के गतिविधियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी तथा प्रशिक्षणार्थियों ने अपने अनुभव सभी के साथ साझा किए।
- -गणना पत्रक संकलन एवं डिजिटाजेशन में तेजी लाने के निर्देशबलौदाबाजार / कलेक्टर दीपक सोनी ने गुरुवार को सुहेला प्रवास के दौरान तहसील कार्यलय में एसआईआर कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने बीएलओ एवं ऑपरेटर से गणना पत्रक संकलन एवं डिजिटाईजेशन कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिये।कलेक्टर ने तहसीलदार से अब तक की डिजिटाइजेशन प्रतिशत की जानकारी ली और तय समय पर कार्य पूर्ण करने के. निर्देश दिये।उन्होंने ऑपरेटर से कहा कि डिजिटाइजेशन के साथ -साथ गणना पत्रकों का संकलन क़ा कार्य भी करें ताकि समय सीमा में कार्य पूर्ण हो सके। कलेक्टर ने तहसील कार्यालय का निरीक्षण करते हुए तहसीलदार कक्ष, नायब तहसीलदार क़क्ष, प्रतीक्षा क़क्ष, माल जमादार क़क्ष लोक सेवा केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होने लोक सेवा केन्द्र संचालक से आय, जाति एवं निवास प्रमाण पत्र हेतु आवश्यक दस्तावेजों की सूची, आरटीआई एवं लोक सेवा केन्द्र में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी हेतु फ्लेक्स लगाने के. निर्देश दिये।इस दौरान तहसीलदार किशोर वर्मा, नायब तहसीलदार दिलीप श्यामल सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
- बलौदाबाजार /शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बलौदाबाजार में उपकरण यांत्रिकी, मशीनिष्ट, वुड वर्क टेक्निशियन (कारपेंटर) व्यवसाय के लिए एवं शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था कसडोल में वेल्डर प्रशिक्षण कार्य पूर्ण कराये जाने के लिए प्रशिक्षण सत्र अगस्त 2025 से जुलाई 2026 हेतु मेहमान प्रवक्ता (गेस्ट लेक्चरर) के लिए 3 से 9 दिसम्बर 2025 को शाम 4 बजे तक आवेदन मंगाये गये है। आवेदन पत्र निर्धारित प्रारूप में स्वयं उपस्थित होकर कार्यालय शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था बलौदाबाजार, जिला बलौदाबाजार-भाटापारा(छ.ग.) में जमा कर सकते है।अधिक जानकारी के लिए संस्था के सूचना पटल एवं जिले की वेबसाईट http://balodabazar.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है।


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