- Home
- छत्तीसगढ़
-
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई जोन-2 वैशाली नगर अंतर्गत आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने शांति नगर क्षेत्र का प्रातः भ्रमण किये। भ्रमण के दौरान त्रिकोणा उद्यान, नवीन डामरीकरण रोड, प्रस्तावित सड़क निर्माण सहित साफ-सफाई का मौका निरीक्षण कर जायजा लिये और उपस्थित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये है।
निगम आयुक्त द्वारा वैशाली नगर अंतर्गत वार्ड क्रं. 14 शांति नगर क्षेत्र में स्थित त्रिकोणा उद्यान का निरीक्षण किया गया है। उद्यान में साफ-सफाई, सिंचाई एवं प्रकाश व्यवस्था को और बेहतर कराने कार्यपालन अभियंता अरविंद शर्मा एवं उद्यान अधिकारी तिलेश्वर साहू को निर्देशित किया गया है। मोहल्ले के उपस्थित नागरिको से उद्यान रखरखाव एवं अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में चर्चा किये। दिगम्बर जैन मंदिर के समीपस्थ नागरिको एवं मोहल्ले वासियो को सुगम यातायात की सुविधा मिले इस हेतु नया डामरीकरण सड़क निर्माण किया गया है, जिसका अवलोकन आयुक्त द्वारा किया गया है। शिव मंदिर कालोनी में स्थानीय नागरिको द्वारा सड़क बनाने मांग किया गया है। उक्त स्थल पर सड़क निर्माण होना प्रस्तावित है। जिसका अवलोकन कर आयुक्त ने कार्यवाही पूर्ण कर कार्य कराने निर्देशित किये है। शांति नगर में गली, मोहल्लो का साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश किये है। रिक्त भूमि में लोगो द्वारा अपने घरो का कचरा फेका जाता था, जिसका कायाकल्प करते हुए गार्बेज वेरियेबल प्वाइंट के रूप में पेविंग कर ब्यूटिफिकेशन का कार्य किया गया है। जिससे जगह की खुबसुरती बड़ गई है। उक्त स्थल का शेष बचे हुए भूमि में वेडिंग जोन हेतु उपयोग करने कहा गया है।निगम आयुक्त द्वारा शहर की नागरिकों से अपील किया गया है कि अपने घरों के सामने व्यर्थ का पानी न बहाएं । अनजाने में किए गए आपके इस रोड धुलाई से डामर रोड की मजबूती खत्म होती है और ज्यादातर स्थलों में रोड ध्वस्त हो जाता है जिससे पूरा शहर परेशान होता है।निरीक्षण के दौरान सहायक अभियंता अर्पित बंजारे, उप अभियंता चंदन निर्मलकर, सहायक राजस्व अधिकारी शरद दुबे, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी, स्वच्छता निरीक्षक अंजनी सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।संल -
एमआईसी में संकल्प पारित, प्रभावित दुकानदार महापौर मीनल चौबे से मिले, दिया हार्दिक धन्यवाद0*
रायपुर- राजधानी शहर रायपुर में ऑक्सीजोन का निर्माण किये जाने लगभग 8 वर्ष पूर्व खालसा स्कूल के सामने से हटाए गए प्रभावित 69 दुकानदारों को क्रिस्टल आर्केड के सामने शीघ्र व्यवस्थापन दिए जाने का मार्ग प्रशस्त हो गया है. महापौर श्रीमती मीनल चौबे की अध्यक्षता में एमआईसी ने इसे लेकर संकल्प पारित किया है, जिससे प्रसन्न होकर प्रभावित दुकानदारों ने नगर निगम मुख्यालय भवन पहुंचकर महापौर श्रीमती मीनल चौबे से मिलकर उन्हें बुके प्रदत्त करते हुए हार्दिक धन्यवाद दिया. महापौर से मिलने वालों में प्रभावित दुकानदार श्री उमेश नामदेव, श्री परेश चौहान सहित नगर निगम रायपुर के पूर्व पार्षद श्री दिलीप किरण सारथी, वरिष्ठ पत्रकार श्री अनिरुद्ध दुबे की महापौर कक्ष में उपस्थिति रही. -
रायपुर - आज नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और जोन 9 जोन कमिश्नर श्री अंशुल शर्मा सीनियर के निर्देशानुसार नगर निगम जोन 9 क्षेत्र अंतर्गत महात्मा गाँधी वार्ड कमांक 8 क्षेत्र में हाउसिंग बोर्ड कालोनी सड्डू क्षेत्र में सडक पर भवन निर्माण सामग्री रखकर उसे बाधित करने पर संबंधित भवन स्वामी पर तत्काल 2000 रू. का जुर्माना करके भवन निर्माण सामग्री को जेसीबी मशीन की सहायता से जप्त करने की कार्यवाही की एवं इस संबंध में प्राप्त जनशिकायत का संबंधित स्थल पर त्वरित निदान कार्यपालन अभियंता श्री शरद ध्रुव सहायक अभियंता श्री सैयद जोहेब, उपअभियंता श्री आशुतोष पाण्डेय की उपस्थिति में किया गया।
-
बिजली विकास का जिलानामा
पारेषण - वितरण अधोसंरचना में 5 गुना से अधिक वृ़िद्धरायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के अंतर्गत अंबिकापुर क्षेत्र में आने वाले कोरिया जिले में विगत 25 वर्षों में बहुत तेजी से विद्युत अधोसंरचना का विकास हुआ है। वर्ष 2000 में कोरिया जिले में वर्तमान का मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिला शामिल था जिसका भौगोलिक क्षेत्रफल 6228 वर्ग किलोमीटर था। वर्ष 2022 सितम्बर में नया जिला बन जाने के कारण जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल घटकर 2002 वर्ग किलोमीटर शेष रह गया। विद्युत प्रदाय की निरंतरता और विश्वसनीयता के कारण जिले में उपभोक्ताओं की संख्या कुल उपभोक्ता(एलटी एवं एचटी) 25,922 से बढ़कर 94,065 हो गई हैं। जिसमें निम्नदाब उपभोक्तओं की संख्या 11617 से बढ़कर 48965 हो गई है। निम्नदाब कनेक्शन के अंतर्गत बीपीएल कनेक्शन 4354 से बढ़कर 21026,घरेलू कनेक्शन 9776 से बढ़कर 21425 एवं पंप कनेक्शन 157 से बढ़कर 2634 हो गई है। इस प्रकार 25 वर्षों में विद्युत उपभोक्ताओं में लगभग 362 प्रतिशत की वृद्धि हुई है, जिसके विद्युत आपूर्ति हेतु छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने विद्युत अधोसंरचनाओं में विस्तार एवं मैदानी अमलों को तैयार किया है। इसके अलावा कंपनी प्रबंधन ने हर वर्ग के लिए अलग अलग योजनाएं बना कर सभी वर्ग के उपभोक्ताओं को योजनाअनुसार रियायतें एवं विशेष छूट दे कर उभोक्ताओं को लाभ पहुंचाया जा रहा हैं।विगत 25 वर्षों में कोरिया जिले में 132/33 केवी उपकेंद्रों की संख्या 00 से बढ़कर 1 हो गई इसी प्रकार 33/11 केवी उपकेंद्रों की संख्या 02 से बढ़कर 10, पाॅवर ट्रांसफार्मरों की संख्या 03 से बढ़कर 15 हो गई। वितरण ट्रांसफार्मरों की संख्या 338 से बढ़कर 1988, उच्चदाब लाईनों की लंबाई 897 किलोमीटर से बढ़कर 2072 किलोमीटर हो गई तथा निम्नदाब लाईनों की लंबाई 449 से बढ़कर 2636 किमी हो गई। इस प्रकार कोरिया जिले में विगत 25 वर्षों में तेजी से विकास कार्यों से लाखों उपभोक्ता लाभान्वित हुए हैं।कोरिया जिले में कुल उपभोक्ता लगभग 3 ़62 गुना और सिंचाई पंप 16 गुना बढ़े जिसके लिए 5 वितरण केंद्र का निर्माण कर कुल 45675 उपभोक्ताओं को निर्बाध विद्युत प्रदाय किया जा रहा एवं ग्रामों का विद्युतीकरण शत-प्रतिशत पूर्ण किया गया। -
युवा दिवस पर लोकार्पित विकास से युवाओं के लिए खुलेंगे स्वरोजगार के द्वार - मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय
- प्रधानमंत्री श्री मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री साय राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्प के साथ कर रहे कार्य - सासंद श्री भोजराज नाग
- ग्रामीण व शहरी अधोसंरचना को मिलेगी मजबूती, आमजन को मिलेगा सीधा लाभ
- गुण्डरदेही में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन हेतु एक करोड़ और प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य हेतु एक करोड़ की घोषणा
बालोद/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने जिले के नगर पंचायत मुख्यालय गुण्डरदेही में 233 करोड़ रूपए की लागत के 103 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं लोकार्पण कर जनता को विकास की बड़ी सौगात दी। इन कार्यों में 16,388.83 लाख रूपए के 61 विकास कार्यों का भूमिपूजन एवं 6,982.45 लाख रूपए के 42 कार्यों का लोकार्पण शामिल है। मुख्यमंत्री ने यहां पर गुण्डरदेही में सर्वसुविधायुक्त सामुदायिक भवन हेतु एक करोड़ और प्रत्येक वार्ड में विकास कार्य हेतु एक करोड़ रूपए की घोषणा की। उन्होंने गुण्डरदेही में एसटीपी निर्माण का भी भरोसा दिलाया।
समारोह को सम्बोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि आज कुल 233 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन किया गया। इसके अंतर्गत 1 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले व्यावसायिक परिसर के भूमिपूजन से युवाओं को स्वरोजगार एवं व्यवसाय के नए अवसर प्राप्त होंगे। वहीं सड़क एवं पुल के निर्माण से जनसामान्य को यातायात में सुगमता मिलेगी।
उन्हांेने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के उद्देश्य से महतारी वंदन योजना का सफल संचालन किया जा रहा है। इसी तरह तेंदूपत्ता संग्राहक परिवारों को तेंदूपत्ता का उच्चतम समर्थन मूल्य प्रदान किया जा रहा है तथा चरण पादुका योजना को पुनः प्रारंभ किया गया है। वनोपज का मूल्य संवर्धन (वैल्यू एडिशन) कर स्थानीय स्तर पर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इस प्रकार सभी वर्ग को ध्यान में रख कर योजनाओं का सफल संचालन किया जा रहा हैं।
राम लाल दर्शन योजना एवं मुख्यमंत्री दर्शन योजना के माध्यम से जनता को प्रदेश की संस्कृति एवं विरासत से जोड़ा जा रहा है। प्रदेश में लाल आतंक को समाप्त करने के लिए प्रभावी पुनर्वास नीति अपनाई गई है, जिससे न केवल नक्सलवाद पर नियंत्रण पाया जा रहा है, बल्कि विकास को भी गति मिल रही है। इससे बस्तर अंचल में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है और लोगों के जीवन स्तर में सुधार आ रहा है।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आज स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के अवसर पर हम सभी युवा दिवस मना रहे हैं, जिसकी सभी को हार्दिक बधाई। स्वामी विवेकानंद जी ने अल्पायु में ही अपने विचारों और सनातन संस्कृति के माध्यम से पूरे विश्व में भारत को गौरवान्वित किया।
उन्होंने कहा कि आज हमारा छत्तीसगढ़ राज्य रजत जयंती वर्ष मना रहा है। इसी क्रम में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सौगात के रूप में रायपुर में डिजिटल आदिवासी संग्रहालय का निर्माण किया गया है, जहां आदिवासी महानायकों के संघर्ष, इतिहास एवं जीवन गाथा को संजोकर रखा गया है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य समावेशी विकास है, जिससे गांव, गरीब, किसान और आम नागरिक को सीधे लाभ मिले। इन विकास कार्यों से जिले में आवागमन सुगम होगा, आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा तथा जनजीवन की गुणवत्ता में सुधार आएगा। इन कार्यों का लाभ गुंडरदेही, डौंडी लोहारा एवं संजारी बालोद विधानसभा क्षेत्रों के नागरिकों को मिलेगा। राज्य सरकार निरंतर आधारभूत संरचना को सुदृढ़ करते हुए छत्तीसगढ़ को विकास के नए आयामों तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध है।
सांसद श्री भोजराज नाग ने जनसामान्य को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए दृढ़ संकल्प के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में राज्य विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। उन्होंने कहा कि जो बस्तर अंचल कभी लाल आतंक के नाम से जाना जाता था, वह आज नक्सलवाद से मुक्त होने की दिशा में तेजी से अग्रसर है। इससे बस्तर क्षेत्र में विकास को नई गति मिलेगी तथा आम नागरिकों को इसका प्रत्यक्ष लाभ प्राप्त होगा। बस्तर अब शांति, प्रगति और समृद्धि के पथ पर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वीबी जी राम जी के तहत अब ग्राम स्तर पर विकास संभव हो पाएगा।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का स्थानीय व्यापारियों ने लड्डुओं से तौलकर स्वागत किया। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री साय ने विभिन्न विभागीय योजनाओं के पात्र हितग्राहियों को योजनांतर्गत सामग्री, पात्रता प्रमाण पत्र वितरित किए। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले की विकास प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम में बहुमूल्य उपस्थिति के लिए मुख्यमंत्री साय एवं अतिथियों का हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। इस अवसर उन्होंने मुख्यमंत्री साय के प्रेरणा एवं मार्गदर्शन बालोद जिले को मिल रहे निरंतर उपलब्धियों के संबंध में भी प्रकाश डाला।नगर पंचायत अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन ने स्वागत उद्बोधन में नगर के विकास हेतु विभिन्न मांगों की ओर मुख्यमंत्री जी का ध्यान आकृष्ट किया।
इस अवसर पर पूर्व सांसद श्री मोहन मंडावी, गुण्डरदेही पूर्व विधायक श्री राजेंद्र राय, कंवर समाज के संरक्षक श्री वीरेंद्र शेखर कंवर, श्री पीआर कंवर, लघु वनोपज संघ के उपाध्यक्ष श्री यज्ञदत्त शर्मा, जिला पंचायत बालोद अध्यक्ष श्रीमती तारिणी चंद्राकर, नगर पंचायत गुण्डरदेही अध्यक्ष श्री प्रमोद जैन, जिला सहकारी केंद्रीय बैंक दुर्ग के उपाध्यक्ष श्री नरेश यदु सहित अन्य जनप्रतिनिधि तथा संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, आईजी श्री आरजी गर्ग पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, सी ई ओ जिलापंचायत श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर क्लेक्टर श्री चन्द्रकान्त कौशिक सहित अधिकारी कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। -
बालोद जिले में 20 हजार लोगों का एक साथ शपथ लेने का बना विश्व रिकार्ड
मुख्यमंत्री ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा को प्रदान किया गोल्डन बूक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड्स प्रमाण पत्र, मेडल पहनाकर किया सम्मानित
जिले को मिल रहे निरंतर उपलब्धियों की फेहरिस्त में एक और कड़ी हुआ शामिल
बालोद/ जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में आयोजित देश का प्रथम राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी का सफल एवं बेहतरीन आयोजन बालोद जिले को मिल रहे लगातार उपलब्धियों की श्रृंखला में एक और कड़ी को जोड़ने की दिशा में अत्यंत निर्णायक साबित हुआ है। आज आयोजित राष्ट्रीय रोवर रेंजर जंबूरी के समापन अवसर में उपस्थित 20 हजार लोगों के बाल विवाह मुक्ति के कार्य में सहभागिता सुनिश्चित करने के संबंध में शपथ लेकर विश्व रिकार्ड बनाया। मुख्यमंत्री श्री साय ने कार्यक्रम में उपस्थित रोवर रेंजरों, स्काउटर गाइडर्स सहित कार्यक्रम में शामिल जनप्रतिनिधियों, अधिकारी-कर्मचारियों एवं उपस्थित जन समुदाय को बाल विवाह की रोकथाम हेतु सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु शपथ दिलाई। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने बालोद जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु बालोद जिला प्रशासन द्वारा किए जा रहे बेहतरीन प्रयासों की सराहना की। इस दौरान कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने बाल विवाह की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु अपनी सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने तथा अपने घर, परिवार, जान-पहचान, रिश्तेदार एवं पास-पड़ोस के लोगों को बाल विवाह की दुष्प्रभावों की जानकारी देकर इस सामाजिक कुरीति को रोकने में बहुमूल्य भूमिका दिलाने की शपथ ली। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को बाल विवाह मुक्त अभियान में भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु एक साथ 20 हजार लोगों के शपथ लेेने पर बालोद जिले का गोल्डन बूक आॅफ वल्र्ड रिकार्ड्स में दर्ज होने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया। श्री साय ने बालोद जिले को बाल विवाह मुक्त जिला बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास करने के लिए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को मेडल पहनाकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर स्कूली शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग, भारत स्काउट गाइड के मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त श्री के के खण्डेलवाल, राष्ट्रीय महासचिव श्री पीजीआर सिंधिया, भारत स्काउट गाइड के राज्य मुख्य आयुक्त श्री इंदरजीत सिंह खालसा, छत्तीसगढ़ राज्य बीज निगम के अध्यक्ष श्री चंद्रहास चंद्राकर, छत्तीसगढ़ मछुआ कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष श्री भरत मटियारा, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारणी पुष्पेन्द्र चंद्राकर, भारत स्काउट गाइड के जिला मुख्य आयुक्त श्री राकेश यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री तोमन साहू, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री चेमन देशमुख, श्री सौरभ लुनिया, नगर पालिका परिषद बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के अलावा स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, दुर्ग संभाग आयुक्त श्री सत्यनारायण राठौर, पुलिस अधीक्षक श्री योगेश पटेल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री सुनील चंद्रवंशी, अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा, ग्राम पंचायत दुधली की सरपंच श्रीमती पिलेश्वरी नेताम एवं स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, गणमान्य नागरिक तथा देश के विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजर, स्काउट गाइड्स एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। -
प्रदर्शनी देखने उमड़ी भीड़, ओड़िसा व राजस्थान के ब्रिज एवं टावर मॉडल्स बना आकर्षण का केन्द्र
सांध्यकालीन बेला पर विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजरों द्वारा नैनाभिराम एवं सुमधुर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की दी गई प्रस्तुति, सांस्कृतिक संध्या में बड़ी संख्या में शामिल हुए लोग
बालोद/बालोद जिले के ग्राम दुधली में प्रथम नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के समापन अवसर पर आज पायोनरिंग स्काउटिंग आदि गतिविधियां खासा आकर्षण का केन्द्र रहा। इसके अलावा आज जंबूरी के समापन दिवस के सांस्कृतिक संध्या के बेला पर विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजरों द्वारा नैनाभिराम एवं सुमधुर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति से उपस्थित जन समुदाय को भाव विभोर कर दिया। आज सांस्कृतिक संध्या के अवसर पर विभिन्न राज्यों के रोवर रेंजरो द्वारा प्रस्तुति की जाने वाली रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों का अवलोकन करने हेतु बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराकर सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया। इस दौरान छत्तीसगढ़ी लोक संगीत के अलावा संबलपुरी, राजस्थानी लोक कलाओं के अलावा कार्यक्रम में उपस्थित रोवर रेंजरो ने अपने-अपने राज्यों के लोक कला एवं लोक संस्कृति की मनमोहक प्रस्तुति दी।
उल्लेखनीय है कि स्काउटिंग केवल गतिविधियों का समूह नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, अनुशासन और सेवा का जीवन-दर्शन है। इस दर्शन की आत्मा यदि किसी एक कला में साकार होती है, तो वह है पायोनरिंग। स्काउटिंग में पायोनरिंग का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि यह सीख को केवल सैद्धांतिक नहीं रहने देती, बल्कि हाथों से गढ़े गए अनुभव में बदल देती है। कैंपों के दौरान पायोनरिंग का प्रदर्शन स्काउटिंग की रचनात्मकता और तकनीकी दक्षता का प्रतीक होता है। रोवर्स, स्काउट्स, रेंजर्स एवं गाइड्स को गठानों और बंधनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। ये गठानें केवल रस्सी बांधने की कला नहीं, बल्कि आपात परिस्थितियों से निपटने का मजबूत आधार हैं। प्राकृतिक आपदाएं हों, जंगल कैंप हों या सीमित संसाधनों में जीवनयापन-पायोनरिंग हर स्थिति में स्काउट्स को समाधान तलाशना सिखाती है। पायोनरिंग स्काउट्स को यह भी सिखाती है कि कम से कम साधनों में अधिक से अधिक कैसे किया जाए। जंगल कैंप में उपलब्ध बांस, रस्सी और सही गठानों के सहारे जीवन की सुविधाएं खड़ी कर देनाकृयह कला आत्मविश्वास, धैर्य और टीमवर्क का अद्भुत संगम है। दुधली में आयोजित नेशनल रोवर रेंजर जंबूरी के अंतर्गत पायोनरिंग प्रोजेक्ट की विशेष प्रदर्शनी इस कला का जीवंत उदाहरण बनी हुई है। ओड़िसा व राजस्थान के रोवर्स एवं रेंजर्स द्वारा बांस, स्काउट रस्सी और विविध गठान-बंधन तकनीकों से निर्मित ब्रिज, वॉच टावर और रोप ब्रिज दर्शकों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। इन अद्वितीय मॉडल्स को देखने के लिए प्रदर्शनी स्थल पर लगातार बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। इन संरचनाओं को देखकर दर्शकों की आंखों में कौतूहल और प्रशंसा साफ झलकती है, वहीं युवा स्काउट्स के लिए यह प्रदर्शनी प्रेरणा का सशक्त माध्यम बन रही है। -
आत्मनिर्भर दिव्यांगजन : श्रवण बाधित युवक को मिला रोजगार का अवसर
रायपुर/ समाज कल्याण विभाग रायपुर द्वारा सेवा पखवाड़ा के अंतर्गत संबल केंद्र में आयोजित वॉक-इन इंटरव्यू के माध्यम से चयनित श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को निरंतर रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। इसी क्रम में राजधानी रायपुर के श्रवण बाधित दिव्यांग श्री उज्जवल सिंह को एक पेट्रोल पंप में स्वागतकर्ता के पद पर नियुक्ति प्रदान की गई है।
नियुक्ति प्राप्त होने पर श्री उज्जवल सिंह ने साइन लैंग्वेज के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि वे इस अवसर से अत्यंत प्रसन्न एवं उत्साहित हैं। उन्होंने बताया कि पूर्व में श्रवण बाधित दिव्यांगजनों को रोजगार देने को लेकर समाज में संकोच देखा जाता था, किंतु मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के संवेदनशील नेतृत्व एवं सकारात्मक प्रयासों के कारण आज दिव्यांगजन सम्मानपूर्वक रोजगार प्राप्त कर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
श्री सिंह ने इस अवसर पर रोजगार उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं जिला प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शासन की इस पहल से दिव्यांगजनों में आत्मविश्वास बढ़ा है और वे समाज की मुख्यधारा से जुड़कर गरिमापूर्ण जीवन यापन कर पा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि समाज कल्याण विभाग द्वारा दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ने हेतु लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे उन्हें समाज में सम्मान, स्वावलंबन एवं आर्थिक सुरक्षा प्राप्त हो सके। -
दुर्ग/ राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत टीबी मुक्त भारत अभियान की तैयारियों के क्रम में कार्यालय डीडीजी (टीबी), सेंट्रल टीबी डिवीजन के निर्देशानुसार केंद्रीय टीम द्वारा दुर्ग जिले का दौरा किया गया। इस दौरान डीडीजी (टीबी) डॉ. शोबिनी राजन, तथा टीबी ऑफिसर डॉ. भवानी सिंह कुशवाहा सेंट्रल टीबी डिवीजन स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली द्वारा जिले के विभिन्न स्वास्थ्य संस्थानों का भ्रमण किया गया। केंद्रीय टीम ने आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमलेश्वर (विकासखंड पाटन), सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीट, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन तथा ए.आर.टी. सेंटर दुर्ग का निरीक्षण किया। आयुष्मान आरोग्य मंदिर अमलेश्वर में भ्रमण के दौरान सीएचओ एवं मितानिनों के पास उपलब्ध अति जोखिम जनसंख्या की सूची, टीबी ट्रीटमेंट कार्ड तथा एक्स-रे जांच हेतु रिफर रजिस्टर का अवलोकन किया गया। साथ ही उपस्थित मितानिनों से टीबी कार्यक्रम की जानकारी ली गई एवं वहां मौजूद दो टीबी मरीजों का साक्षात्कार कर उन्हें टीबी के प्रति जागरूक किया गया। इसके पश्चात टीम द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झीट का निरीक्षण किया गया, जहां NAAT सेंटर का अवलोकन करते हुए टीबी नोटिफिकेशन रजिस्टर, लैब रजिस्टर, NAAT टेस्ट रजिस्टर, कल्चर डीएसटी रजिस्टर एवं ट्रीटमेंट कार्ड की जांच की गई। इसके साथ ही एक पल्मोनरी टीबी मरीज का होम विजिट कर उनके द्वारा ली जा रही दवाइयों की जानकारी ली गई तथा उचित परामर्श प्रदान किया गया।
टीम ने ग्राम पंचायत चीचा का भी भ्रमण किया, जहां सरपंच से मुलाकात कर टीबी फ्री ग्राम पंचायत से संबंधित जानकारी प्राप्त की गई। इसके बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाटन में मितानिनों से टीबी कार्यक्रम पर चर्चा की गई तथा पांच टीबी मरीजों को पोषण आहार प्रदान किया गया। यहां वॉलंटियर से मुलाकात कर टीबी कार्यक्रम की आगामी गतिविधियों पर चर्चा की गई। साथ ही हमर लैब के NAAT सेंटर एवं आईसीटीसी सेंटर का निरीक्षण कर संबंधित रजिस्टरों का अवलोकन किया गया। अंत में टीम द्वारा ए.आर.टी. सेंटर दुर्ग का भ्रमण किया गया। इस अवसर पर जिला स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग, जिला क्षय अधिकारी दुर्ग, श्री निशांत मेश्राम (माइक्रोबायोलॉजिस्ट, ईक्यूए), डॉ. मनीष मसीह (डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट), डॉ. सचिन चंद्राकर (माइक्रोबायोलॉजिस्ट, आईआरएल), डॉ. रोचक सक्सेना (डब्ल्यूएचओ कंसलटेंट) सहित एनटीईपी के समस्त कर्मचारी उपस्थित रहे। -
- पेट्रोल पम्पों में नो हेलमेट, नो पेट्रोल का सुस्पष्ट बोर्ड/पोस्टर लगाने के निर्देश
दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अभिजीत सिंह ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चलाने वाले वाहन चालक/सवार को किसी भी पेट्रोल पंप संचालकों की ओर से आकस्मिक सेवा मेडिकल इमरजेंसी एवं धार्मिक पगड़ी पहनने वाले व्यक्तियों को छोड़कर पेट्रोल एवं अन्य उपयोगी इंधन उपलब्ध नहीं कराने संबंधी आदेश दिये हैं। जिला दण्डाधिकारी के आदेशानुसार सभी पेट्रोल पम्प संचालक उक्त नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पेट्रोप पम्प परिसर में ’नो हेलमेट, नो पेट्रोल’ का सुस्पष्ट बोर्ड/पोस्टर अनिवार्य रूप से लगाएंगे। उक्त आदेश का उल्लंघन किए जाने पर पेट्रोल पम्प संचालकों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता के तहत विधि अनुसार दण्डात्मक कार्यवाही की जाएगी। यह आदेश जनहित में नागरिकों के जीवन की सुरक्षा के दृष्टिकोण से तत्काल पारित किया जाना अत्यावश्यक हैं एवं इतना समय उपलब्ध नहीं हैं कि सभी पक्षों को सूचना दी जाए। यह आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 (2) के तहत एक पक्षीय जारी किया गया हैं। यह आदेश तत्काल प्रभावशील हो गया है और आगामी आदेश पर्यन्त लागू रहेगा।
ज्ञात हो कि दुर्ग जिले में दोपहिया वाहन चालकों को स्वयं की सुरक्षा के लिए हेलमेट धारण करने व सड़क दुर्घटनाओं से हो रही जन-धन की हानि को नियंत्रित करने हेतु लगातार जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर आमजन को जागरूक किया जा रहा है। यातायात के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध प्रवर्तन कार्यवाही की जा रही है, परंतु दोपहिया वाहनों से घटित सड़क दुर्घटनाओं में कमी नहीं आ रही है। इसलिए आमजन को व्यवहारिक स्तर पर इसका पालन करने हेतु कठोर व प्रभावी उपाय किया जाना आवश्यक है। इस हेतु जिले में समस्त पेट्रोल पम्प संचालकों को बिना सुरक्षात्मक उपाय जैसे-हेलमेट धारण नहीं किये दोपहियां वाहन चालकों को पेट्रोल या अन्य उपयोगी ईंधन नहीं देने हेतु प्रतिबंधित किये जाने तथा प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पेट्रोल पम्प परिसर में आवश्यक सूचना पटल लगाए जाने व आदेश का उल्लंघन करने वाले पेट्रोल पम्प संचालकों के विरुद्ध विधि अनुसार कार्यवाही हेतु प्रस्ताव प्राप्त हुए है। उक्त प्रस्ताव के आधार पर जिला दण्डाधिकारी द्वारा पेट्रोल पम्प संचालकों को उक्त आदेश दिये गये हैं। -
- किसानों को 84,921.44 लाख रूपये ऑनलाईन भुगतान
दुर्ग/राज्य सरकार की सुचारू, पारदर्शी और किसान हितैषी नीति के कारण जिले में धान खरीदी और उपार्जन केन्द्रों से धान के उठाव में तेजी आई है। धान खरीदी को आसान बनाने की दिशा में राज्य सरकार की निर्णायक कदम से धान विक्रय की प्रक्रिया सरल हुई है। धान बेचने के बाद त्वरित भुगतान का किसानों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है। सरकार की व्यवस्था से प्रभावित होकर किसान अपनी उपज बेचने टोकन प्राप्त निर्धारित तिथि अनुसार उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। जिले में अब तक 90,556.49 लाख रूपए की लागत से 3,81,992.64 मे. टन धान की खरीदी हो चुकी है। समय पर भुगतान राशि मिलने पर 69995 किसान लाभान्वित हुए हैं। उपार्जन केन्द्रों से धान की उठाव भी तेजी से होने लगी है। उठाव हेतु 2,31,011.74 मे. टन धान का डीओ जारी हुआ है। अब तक उपार्जन केन्द्रों से 1,45,118.52 मे. टन धान का उठाव किया जा चुका है। सरकार की इस पारदर्शी व्यवस्था में किसान भी सहभागी बनते हुए धान बेचने के पश्चात् रकबा समर्पण करने आगे आ रहे हैं। जिससे बिचौलियों को अपनी धान खपाने का अवसर नहीं मिला है। जिले में अब तक धान बेच चुके 39377 कृषकों ने 982.01 हेक्टेयर रकबा समर्पण कर चुके हैं। उपार्जन केन्द्रों में धान बेचने के लिए पहुंचने वाले किसानों हेतु जिला प्रशासन द्वारा समुचित प्रबंध किया गया है। वर्तमान में उपार्जन केन्द्रों में बारदाने की पर्याप्त व्यवस्था है। इसके तहत केन्द्रों में 28,43,883 बारदाने उपलब्ध है। -
दुर्ग/ परिवहन आयुक्त, कार्यालय नवा रायपुर एवं सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देश के अनुसार राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 दिनांक 01 जनवरी 2026 से 31 जनवरी 2026 तक मनाया जाना है। क्षेत्रीय परिवहन दुर्ग द्वारा सड़क सुरक्षा हेतु विविध कार्यक्रम आयोजित कर आम जनता एवं युवाओं को जागरूक किया जा रहा है। माननीय उच्चतम न्यायालय नई दिल्ली के दिशा निर्देश अनुसार जिले के निजी स्कूलों के बसों का निरीक्षण/परीक्षण कार्य 11 जनवरी 2026 से सेक्टर 06 पुलिस ग्राउंड भिलाई में किया गया। जिसमें कुल 230 बसों को चेकिंग गया है, जिसमें से 65 बसों पर दस्तावेज/तकनीकी खराबी के कारण 50900 रूपए जुर्माना वसूल किया गया। आगामी दिनों में नियमित रूप से चेंकिग की कार्यवाही जारी रहेगी। उक्त चेंकिग कार्यक्रम में वाहन चालक एवं परिचालकों का स्वास्थ्य परीक्षण/नेत्र परीक्षण भी किया गया। साथ ही उन्हें सड़क सुरक्षा विषय पर जागरूक किया गया। उक्त कार्यक्रम परिवहन विभाग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी श्री एस.एल. लकड़ा के मार्गदर्शन में परिवहन निरीक्षक श्री सनत कुमार जांगड़े, श्रीमती अरूणा साहू, एवं श्री अनिश बघेल, परिवहन उप निरीक्षक सुश्री रिचा मिश्रा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, यातायात, जिला दुर्ग के संयुक्त तत्वाधान में सम्पन्न हुआ।
-
-टी सहदेव
भिलाई नगर। अग्रसेन भवन में सोमवार को भिलाई के आधुनिक शिल्पकार एवं सामाजिक व शैक्षणिक विकास में अहम भूमिका निभाने वाले भूमित्र गुप्ता की स्मृति में उनका जन्म शताब्दी समारोह शहर की जानीमानी हस्तियों, उद्योगपतियों, शिक्षाविदों और समाजसेवियों की मौजूदगी में मनाया गया। भूमित्र गुप्ता के कार्यों को जनसामान्य तक पहुंचाने के उद्देश्य से अग्रवाल समाज द्वारा मनाए गए इस समारोह में उनके समकालीन व्यक्तियों ने उनके सामाजिक योगदान, सार्वभौमिक उपलब्धियों, उनके साथ बिताए हुए सुनहरे पलों को साझा किया। इस अवसर पर उनकी धर्मपत्नी पुष्पा भूमित्र गुप्ता की स्मृति में तुलेश्वरी, सीता साहू, ऋद्धिमा शर्मा, श्रेया सिंह, प्रिंसि ठाकुर, साक्षी सिंह, प्रीति मल, पी ज्योति, हिमाद्रि नायक, संचिता, ऋद्धिमा पटेल, वर्दापति काव्या तथा तान्या मिश्रा को स्कॉलरशिप प्रदान की गई, वहीं दर्शिका प्रवीण भूटड़ा को पीयूष भूमित्र गुप्ता मेमोरी गोल्ड मेडल दिया गया।
वैदिक भजनों ने किया मंत्रमुग्ध
दिल्ली से पधारे आर्यसमाज प्रचारक पंडित कंचन कुमार ने अपनी टीम के सदस्यों शिवा राय तथा बृजमोहन के साथ वैदिक भजन प्रस्तुत किया। लोगों ने उनके द्वारा गाए मन के गहरे अंधियारे में ओम का नाम दीये जैसा, जो मिटाना चाहे जीवन की तृष्णा सुबह-शाम बोल बंदे कृष्णा- कृष्णा, पापों का दमन न किया जीवन गंवा दिया और माता पिता की सेवा की ही नहीं देवी देवताओं को मनाता है जैसे भजनों को मंत्रमुग्ध होकर सुना। इन दिनों भूमित्र गुप्ता की सेवा परंपरा को उनके पुत्र सुरेंद्र गुप्ता तथा पौत्र- पौत्रियों द्वारा स्थापित प्रभु चैरिटेबल ट्रस्ट के माध्यम से आगे बढ़ाया जा रहा है। जहां समारोह का संचालन पीयूष अग्रवाल और सविता गुप्ता ने किया, वहीं नीना गुप्ता ने आभार जताया।
भूमित्र की उपलब्धियों का बखान
इस अवसर पर उनके समकालीन बीके इंडस्ट्रीज के मैनेजिंग ट्रस्टी विजय गुप्ता ने कहा कि उनकी उपलब्धियों की फेहरिस्त काफी लंबी है। भूमित्र जी ने भिलाई स्टील प्लांट को अपना सौ प्रतिशत दिया है। शिक्षा के क्षेत्र से लेकर इस्पात नगरी के चहुंमुखी विकास में उनका योगदान अतुलनीय है। प्राइवेट इंजीनियरिंग कॉलेजों की स्थापना में उनकी भूमिका अविस्मरणीय है। उन्हीं के एक और समकालीन शंकराचार्य इंस्टिट्यूट के संस्थापक आईपी मिश्रा ने उन्हें युगद्रष्टा बताते हुए कहा कि जीने का अर्थ यह नहीं कि आप कितने वर्ष जिए, बल्कि आपका नाम कितने वर्षों तक जिंदा रहता है, यह मायने रखता है। इनके अलावा अग्रवाल जनकल्याण समिति के अध्यक्ष बंसी अग्रवाल, आर्यसमाज के अध्यक्ष अवनी पूरंग, संजीव कासलीवाल, मनोज गुप्ता, जेपी अग्रवाल, दिनेश सिंघल, भिलाई महिला महाविद्यालय की प्रिंसिपल प्रतिभा छाया क्लाडियस तथा आईएम जैन ने भी उनके कार्यों की सराहना की। - -35 एकड़ में रागी उत्पादन से बदली खेती की तस्वीररायपुर। धमतरी जिले के वनाच्छादित एवं आदिवासी बहुल उच्चहन क्षेत्र में कृषि के इतिहास में एक नई इबारत जुड़ गई है। गंगरेल बांध के ऊपरी क्षेत्र में स्थित ग्राम डांगीमांचा और खिड़कीटोला में लगभग 50 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद रबी सीजन में संगठित रूप से खेती की शुरुआत की गई है। कृषि विभाग द्वारा संचालित कृषि सुधार एवं विस्तार कार्यक्रम “आत्मा” योजना के तहत इन दोनों गांवों में कुल 35 एकड़ रकबा में लघु धान्य फसल रागी (मिलेट) की खेती की जा रही है।विशेष भौगोलिक परिस्थितियों वाले इस उच्चहन क्षेत्र में रागी की खेती की पहल को ऐतिहासिक उपलब्धि माना जा रहा है। शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप वनांचल और आदिवासी क्षेत्रों में पोषणयुक्त लघु धान्य फसलों को बढ़ावा दिया जा रहा है। आत्मा योजना के माध्यम से कृषकों को आधुनिक तकनीक, SMI (Systematic Millets Intensification) पद्धति और बीज उत्पादन की जानकारी देकर उनकी आय बढ़ाने के साथ-साथ पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जा रहा है। भविष्य में मिलेट आधारित खेती का विस्तार करते हुए किसानों को बाजार से जोड़ने के लिए सभी आवश्यक सहयोग प्रदान किए जाने की योजना है।विगत सप्ताह जिले में आयोजित मिलेट महोत्सव के बाद आज आत्मा एवं कृषि विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ग्राम स्तर पर कृषक पाठशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर ग्राम पंचायत तुमराबहार के सरपंच श्री दीपक राम ध्रुव, संबंधित विभागीय अधिकारी, 40 महिला कृषक एवं 32 पुरुष कृषक उपस्थित रहे।कृषक पाठशाला में रागी फसल की उन्नत खेती से जुड़ी SMI पद्धति, बीज उत्पादन, फसल एवं पोषक तत्व प्रबंधन, कीट-रोग नियंत्रण तथा उत्पादन लागत कम कर अधिक लाभ अर्जित करने की व्यावहारिक जानकारी दी गई। साथ ही रागी के पोषण एवं स्वास्थ्य लाभ तथा इसकी बाजार संभावनाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई।कार्यक्रम के दौरान कृषकों को मिलेट आधारित आजीविका सुदृढ़ीकरण, जलवायु अनुकूल खेती और शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। उपस्थित कृषकों ने क्षेत्र में रागी की खेती के सफल प्रयोग को भविष्य में और अधिक विस्तार देने की सहमति व्यक्त की।
- -31 मार्च 2026 तक चरणबद्ध रूप से रेजिडेंट वेलफेयर एसोशिएशन को सौंपा जाएगा प्रबंधनरायपुर /छत्तीसगढ़ हाउसिंग बोर्ड ने अपनी आवासीय कॉलोनियों के संधारण एवं प्रबंधन को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत बोर्ड के अधीन संचालित कॉलोनियों के रख-रखाव की जिम्मेदारी चरणबद्ध रूप से संबंधित रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशनों (RWA) को हस्तांतरित की जाएगी। यह प्रक्रिया 31 मार्च 2026 तक पूर्ण की जाएगी।हाउसिंग बोर्ड मुख्यालय में आयुक्त श्री अवनीश कुमार शरण की अध्यक्षता में आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की समीक्षा बैठक में इस सम्बन्ध में विस्तृत चर्चा की गई। बैठक में उन सभी कॉलोनियों का मूल्यांकन किया गया, जिनका अब तक नगर निगम या स्थानीय निकायों को विधिवत हस्तांतरण नहीं हो सका है।आयुक्त श्री शरण ने निर्देश दिए कि ऐसी प्रत्येक कॉलोनी में रेसिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन का गठन अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि जब कॉलोनीवासी स्वयं अपने क्षेत्र के रख-रखाव और विकास से जुड़ते हैं, तो न केवल सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर होती है, बल्कि उत्तरदायित्व और स्वामित्व की भावना भी सुदृढ़ होती है। इस उद्देश्य से संबंधित उपायुक्तों एवं कार्यपालन अभियंताओं को कॉलोनीवासियों के साथ बैठकें आयोजित कर RWA गठन की प्रक्रिया को तेज करने और आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान करने के निर्देश दिए गए हैं।बैठक में यह भी स्पष्ट किया गया कि छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल अधिनियम एवं RERA प्रावधानों के अनुसार परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद निर्धारित अवधि में संधारण की जिम्मेदारी RWAs को सौंपना वैधानिक दायित्व है। हाउसिंग बोर्ड इस प्रक्रिया को सुनियोजित, समयबद्ध और विधिसम्मत तरीके से लागू कर रहा है।प्रथम चरण में बोर्ड की कुल 32 कॉलोनियों को RWA-आधारित संधारण व्यवस्था के तहत सौंपा जाएगा। हस्तांतरण की पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुव्यवस्थित और जवाबदेह बनाने के लिए विशेष प्रशासनिक दिशानिर्देश भी जारी किए गए हैं।हाउसिंग बोर्ड का यह निर्णय न केवल कॉलोनीवासियों को अपने परिवेश के विकास में सक्रिय भागीदारी का अवसर देगा, बल्कि शहरी आवासीय क्षेत्रों में नागरिक सहभागिता, स्वशासन और उत्तरदायी संधारण व्यवस्था को भी नई मजबूती प्रदान करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ में सशक्त सामुदायिक शहरी प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में देखी जा रही है।
- -दो भूमि स्वामियों पर 5 लाख रुपये का अर्थदंडरायपुर । छत्तीसगढ़ रियल एस्टेट विनियामक प्राधिकरण (CGRERA) ने रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के उल्लंघन पर कठोर कदम उठाते हुए रायपुर के दो भूमि स्वामियों श्री गोवर्धन और श्री रामानुज पर 5 लाख रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया है। प्राधिकरण के संज्ञान में यह मामला आया कि दोनों भूमि स्वामी ओम फार्म, लखोली रेलवे स्टेशन नाम से प्लॉट विकसित कर बिना वैध RERA पंजीकरण के विज्ञापन, प्रचार-प्रसार और विक्रय का कार्य कर रहे थे। यह गतिविधि अधिनियम की धारा 3 का स्पष्ट उल्लंघन है। धारा 3 के अनुसार, किसी भी रियल एस्टेट परियोजना का रेरा पंजीकरण कराए बिना उसके प्रचार, बुकिंग अथवा विक्रय का आमंत्रण देना पूर्णतः प्रतिबंधित है। रियल एस्टेट (विनियमन एवं विकास) अधिनियम, 2016 के उल्लंघन पर कठोर कदम उठाते हुए प्राधिकरण ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि बिना पंजीकरण किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग, विज्ञापन या विक्रय को गंभीर कानूनी अपराध माना जाएगा। साथ ही, भविष्य में ऐसे मामलों पर और अधिक कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।मामले की जांच, दस्तावेजों की पड़ताल एवं सुनवाई के बाद प्राधिकरण ने निष्कर्ष निकाला कि संबंधित व्यक्तियों द्वारा कानून का उल्लंघन किया गया है। परिणामस्वरूप CGRERA ने दोनों भूमि स्वामियों पर कुल 5 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया है।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ के उच्च शिक्षा विभाग में शासकीय खरीदी नियमों के उल्लंघन से जुड़े गंभीर प्रकरणों पर शासन द्वारा त्वरित और कठोर कार्रवाई लगातार की जा रही है। विश्वविद्यालयों एवं शासकीय महाविद्यालयों में बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए करोड़ों रुपये की खरीदी किए जाने की शिकायत विभिन्न माध्यम से प्राप्त हुई थी।विभागीय जांच में यह उजागर हुआ कि कुछ विश्वविद्यालयों और शासकीय महाविद्यालयों द्वारा बिना निविदा प्रक्रिया अपनाए बड़े पैमाने पर क्रय आदेश जारी किए गए।प्राप्त जानकारी के अनुसार, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर द्वारा 15 अप्रैल 2025 को एक ही दिन में लगभग 1 करोड़ रुपये के 26 क्रय आदेश बिना निविदा के जारी किए गए। इसी तरह शासकीय बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर द्वारा 14 अक्टूबर 2025 को एक ही दिन में 35 लाख रुपये के 22 क्रय आदेश तथा शासकीय आदर्श महाविद्यालय, लोहारकोट महासमुंद द्वारा 22 अक्टूबर 2025 को 1 करोड़ रुपये मूल्य के 36 क्रय आदेश बिना निविदा प्रक्रिया के जारी किए गए।मामले की गंभीरता को देखते हुए उच्च शिक्षा विभाग द्वारा 28 नवंबर 2025 को अपर संचालक की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया। समिति की रिपोर्ट के आधार पर शासकीय आदर्श महाविद्यालय लोहारकोट महासमुंद के प्राचार्य एवं क्रय समिति के सदस्यों को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय, बिलासपुर तथा बोरणा सनातन संस्कृत आदर्श महाविद्यालय, नारायणपुर के प्रकरणों में भी कार्रवाई के तहत प्राचार्य सहित 4 सहायक प्राध्यापकों को निलंबित किया गया है।उच्च शिक्षा आयुक्तालय ने स्पष्ट किया है कि शासकीय खरीदी नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। यह मामला प्रदेश में उच्च शिक्षा संस्थानों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
- -एआई टेक्नालॉजी के उपयोग से कम एफर्ट में होगा ज्यादा काम-जनसम्पर्क की नई चुनौतियाँ: जनसंपर्क अधिकारियों की दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला का शुभारंभरायपुर, / मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव एवं जनसंपर्क विभाग के आयुक्त डॉ. रवि मित्तल ने कहा कि जनसंपर्क अधिकारी एक्सक्लूजिव स्टोरी तैयार करें और इसके व्यापक प्रचार के लिए मीडिया के सभी माध्यमों का उपयोग करें। उन्होंने कहा कि जिन अधिकारियों की स्टोरी नेशनल और स्टेट लेवल पर प्रकाशित होगी, उन्हें प्रोत्साहन स्वरूप सम्मानित किया जाएगा। आयुक्त डॉ. मित्तल नवा रायपुर स्थित संवाद के ऑडिटोरियम में जनसम्पर्क की नई चुनौतियां विषय पर जनसम्पर्क अधिकारियों की व्यावसायिक दक्षताओं को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आयोजित दो दिवसीय राज्य स्तरीय कौशल संवर्धन कार्यशाला में उक्त बाते कहीं।आयुक्त डॉ. मित्तल ने कहा कि वर्तमान दौरे में जनसंपर्क में सूचना एवं जनसंपर्क का माध्यम बदल रहे हैं। नए-नए तकनीक आ रहे हैं, जनसंपर्क अधिकारियों को भी उन तकनीकों का उपयोग कर अपने कार्य को प्रमाणिक, बेहतर और समय सीमा में पूरा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि हमें सिर्फ प्रिंट मीडिया के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और सोशल मीडिया का बखूबी उपयोग करना है, ताकि शासन की फैसलों को जनता तक पहुंचाया जा सके। इसके लिए अधिकारियों को नए टेक्नोलॉजी से अपडेट रहना होगा। उन्होंने इस मौके पर पत्रकारिता स्कूल-कॉलेजों के बच्चों को भी जनसंपर्क विभाग में इंटरशीप का अवसर देने पर बल दिया।उद्घाटन सत्र में वरिष्ठ अधिकारियों में अपर संचालक श्री जवाहरलाल दरियो, श्री संजीव तिवारी, श्री उमेश मिश्रा, श्री आलोक देव ने जनसेवा में स्पष्ट, सरल और समयबद्ध संवाद की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जनसंपर्क के लिए प्रभावी संवाद सबसे बड़ी आवश्यकता है। प्रतिभागियों को दो दिनों तक चलने वाले सत्रों की रूपरेखा और अपेक्षाओं से अवगत कराया गया। अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यशाला का उद्देश्य समाचार लेखन, टेलीविजन सहभागिता और सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग के माध्यम से जनसंपर्क को अधिक सशक्त, आधुनिक, संवेदनशील और उन्मुखी बनाना है।कार्यशाला के प्रथम दिवस की शुरुआत पाठक-अनुकूल लेखन सरकारी समाचार को आकर्षक बनाना विषयक सत्र से हुई, जिसमें दैनिक भास्कर के संपादक श्री शिव दुबे ने मार्गदर्शन दिया। उन्होंने सरकारी आदेशों और सूचनाओं से जनता से जुड़ी मुख्य बात को पहचानने, सरल और सुबोध भाषा के प्रयोग, प्रभावी हेडलाइन एवं लीड पैराग्राफ लिखने की जानकारी दी। साथ ही, प्रेस विज्ञप्ति की संरचना, उपयुक्त उद्धरणों के प्रयोग तथा संकट के समय मीडिया से संतुलित और समयबद्ध संवाद की आवश्यकता पर भी विस्तार से चर्चा की।द्वितीय सत्र में आकाशवाणी के समाचार संपादक श्री विकल्प शुक्ला ने टेलीविजन मीडिया की कार्यप्रणाली पर प्रकाश डाला। उन्होंने शासकीय योजनाओं और कार्यक्रमों को विजुअल स्टोरी के रूप में प्रस्तुत करने, टीवी कवरेज के लिए आवश्यक तत्वों, कैमरे पर संक्षिप्त बाइट लेने और फैक्ट शीट के महत्व की जानकारी दी।तीसरे सत्र में सोशल मीडिया और एआई टूल्स के उपयोग पर चर्चा हुई। सोशल मीडिया, डिजिटल मार्केटिंग और एआई विशेषज्ञ श्री राकेश साहू ने एआई डिजिटल टूल्स का उपयुक्त उपयोग कर फोटो, वीडियो एडिटिंग के बारे में मार्गदर्शन दिया।आज के अंतिम सत्र में जनसंपर्क संचालनालय, भोपाल के सेवानिवृत्त संचालक श्री लाजपत आहूजा ने पीआर टूल बॉक्स, स्टेकहोल्डर प्रबंधन तथा आपातकालीन संचार (क्राइसिस कम्युनिकेशन) से जुड़े तुरंत उपयोग योग्य उपकरणों की जानकारी दी। कार्यशाला में राज्यभर से आए जनसंपर्क अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
- रायपुर ।स्वामी विवेकानंद कृषि अभियांत्रिकी एवं अनुसंधान केंद्र, कृषि अभियांत्रिकी संकाय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर में आज 12 जनवरी 2026 को स्वामी विवेकानंद जयंती (राष्ट्रीय युवा दिवस) का गरिमामय एवं प्रेरणादायी आयोजन श्रद्धा और उत्साह के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय परिसर में स्थित स्वामी विवेकानंद जी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया।कार्यक्रम में प्रो. टोपलाल वर्मा, सेवानिवृत्त प्राध्यापक, शासकीय छत्तीसगढ़ महाविद्यालय, रायपुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कुलपति, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर डॉ. गिरीश चंदेल की विशिष्ट उपस्थिति ने समारोह को और अधिक गरिमामय बनाया। मुख्य अतिथि प्रो. टोपलाल वर्मा ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में स्वामी विवेकानंद जी के जीवन दर्शन, उनकी शिक्षाओं, राष्ट्र निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान तथा उच्च नैतिक मूल्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि विश्व के अनेक देशों की तुलना में भारत में युवा जनसंख्या अत्यधिक है, जो राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति है। यदि भारतीय युवा स्वामी विवेकानंद जी के विचारों और दृष्टि को आत्मसात कर उन्हें व्यवहार में उतारें, तो वे राष्ट्र निर्माण में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सशक्त, अनुशासित एवं आदर्शवादी युवाओं की सक्रिय भागीदारी से विकसित भारत के संकल्प के अनुरूप वर्ष 2047 तक भारत एक विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित हो सकता है।कार्यक्रम का आयोजन डॉ. अजय वर्मा, अधिष्ठाता, कृषि अभियांत्रिकी संकाय के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। डॉ. अजय वर्मा द्वारा स्वागत भाषण प्रस्तुत किया गया। इस अवसर पर डॉ. विवेक त्रिपाठी, संचालक अनुसंधान, पूर्व अधिष्ठाता प्रो. विनय कुमार पांडे, डॉ. धनंजय शर्मा, सहायक संचालक अनुसंधान, प्रो. एम. एल. वर्मा, प्राचार्य, शासकीय महाविद्यालय, तिल्दा सहित विश्वविद्यालय एवं महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, अधिकारीगण, कर्मचारीगण तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान शोधार्थी एवं छात्र प्रतिनिधि निहाल पांडेय ने कुशलतापूर्वक मंच संचालन किया तथा विद्यार्थियों से नशा, मादक पदार्थों एवं अन्य सामाजिक कुरीतियों से दूर रहकर सकारात्मक, अनुशासित एवं उद्देश्यपूर्ण जीवन अपनाने की अपील की। कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापक डॉ. एस. वी. जोगदंड द्वारा धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया गया। संपूर्ण कार्यक्रम का समापन युवाओं में चरित्र निर्माण, आत्मविश्वास एवं राष्ट्र निर्माण के प्रेरक संदेश के साथ हुआ।
- -राष्ट्रीय युवा दिवस पर युवाओं में देशभक्ति और नेतृत्व का संचार-बलौदाबाजार–भाटापारा में युवा संवाद कार्यक्रम, 900 से अधिक युवाओं की सहभागितारायपुर । छत्तीसगढ़ शासन के उच्च शिक्षा विभाग द्वारा राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के माध्यम से राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर बलौदाबाजार–भाटापारा जिले में जिला स्तरीय युवा संवाद एवं नेतृत्व विकास कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्र निर्माण की भावना, सामाजिक दायित्व और नेतृत्व क्षमता का विकास करना रहा।कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उच्च शिक्षा मंत्री श्री टंकराम वर्मा उपस्थित रहे। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं। उनके विचार, ऊर्जा और संकल्प से ही विकसित भारत का निर्माण संभव है। उन्होंने युवाओं से आत्मनिर्भरता, नवाचार और सामाजिक सहभागिता के माध्यम से सकारात्मक बदलाव लाने का आह्वान किया।कार्यक्रम में एनएसएस स्वयंसेवकों, कॉलेज विद्यार्थियों और शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। विभिन्न सत्रों में युवाओं से सीधा संवाद, प्रेरक व्याख्यान, सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ और अनुभव साझा किए गए। युवाओं ने शिक्षा, रोजगार, सामाजिक जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण से जुड़े विषयों पर अपने विचार रखे।जिला प्रशासन एवं उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के विभिन्न महाविद्यालयों से आए 900 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए तथा राष्ट्र सेवा और सामाजिक कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प दिलाया गया। यह आयोजन जिले में युवाओं के सर्वांगीण विकास और राष्ट्र निर्माण में उनकी सक्रिय भूमिका को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
- रायपुर,। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायपुर में कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ छत्तीसगढ़ की कृषि अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंच से जोड़ने वाला ऐतिहासिक कदम है। उन्होंने कहा कि यह पहल प्रदेश के किसानों, एफपीओ (Farmer Producer Organisations) और निर्यातकों को सीधे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार से जोड़कर राज्य की कृषि को नई ऊँचाई देगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के मंच से शुरू हुई यह पहल छत्तीसगढ़ को उच्च-मूल्य कृषि निर्यात के नक्शे पर मजबूती से स्थापित करेगी। जीआई टैग प्राप्त विशिष्ट चावल किस्में जैसे जीराफूल और नागरी दुबराज, साथ हीa राज्य के अन्य कृषि एवं प्रोसेस्ड फूड उत्पाद अब वैश्विक बाजारों में नई पहचान बनाएंगे। इससे किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य मिलने के साथ-साथ कृषि आधारित उद्यमों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों की आय बढ़ाने, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और हर खेत तक नए अवसर पहुँचाने के लिए निरंतर काम कर रही है। APEDA का क्षेत्रीय कार्यालय इस दिशा में एक मजबूत संस्थागत आधार प्रदान करेगा, जिससे निर्यात प्रक्रियाएं सरल होंगी, गुणवत्ता मानक सुधरेंगे और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों से सीधा संपर्क स्थापित होगा।उन्होंने विश्वास जताया कि यह पहल छत्तीसगढ़ को उच्च-मूल्य, सतत और प्रतिस्पर्धी कृषि निर्यात के क्षेत्र में अग्रणी राज्यों की श्रेणी में ले जाएगी और राज्य के किसानों की समृद्धि को स्थायी आधार प्रदान करेगी।
- -तहसीलदार हरदीबाजार को कारण बताओ नोटिस-कलेक्टर कोरबा के निर्देश पर हुई कार्रवाईरायपुर / कृषकों के रकबा सुधार एवं ऑनलाइन मैपिंग में लापरवाही बरतने के मामले में कोरबा जिले के पटवारी हल्का क्रमांक 3 की पटवारी श्रीमती कामिनी कारे को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। इस कार्य की मॉनिटरिंग में उदासीनता बरतने के कारण तहसीलदार हरदीबाजार को भी कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। यह कार्रवाई कोरबा कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देश पर की गई है।गौरतलब है कि जिला प्रशासन कोरबा को यह शिकायत मिली कि जिले के पटवारी हल्का क्रमांक 03, राजस्व निरीक्षक मंडल तिवरता, तहसील हरदीबाजार अंतर्गत ग्राम नोनबिर्रा, उड़ता एवं पूटा के कृषक उपार्जन केन्द्र में समर्थन मूल्य पर अपना धान विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत ने मामले की जांच के निर्देश दिए थे।अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, पाली द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन में यह पाया गया कि संबंधित हल्का पटवारी द्वारा अनेक कृषकों का क्षेत्र निरीक्षण एवं सत्यापन नहीं किया गया है। इस लापरवाही के कारण प्रभावित कृषक अपना धान विक्रय नहीं कर पा रहे हैं। पटवारी श्रीमती कारे के इस कृत्य को शासन के निर्देशों की अवहेलना एवं कर्तव्य के प्रति उदासीनता व स्वेच्छाचारिता मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय तहसील कार्यालय पाली निर्धारित किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि शासन के निर्देशानुसार कोरबा जिले में गिरदावरी में छूटे किसानों, त्रुटिपूर्ण दर्ज रकबा सुधार और ऑनलाइन मैपिंग का कार्य तेजी से किया जा रहा है।
- रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित सांसद संकुल विकास परियोजना की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय विकास को सांसद संकुल विकास परियोजना से गति मिलेगी। उन्होंने कहा कि योजना के तहत लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने महत्वपूर्ण पहल की जा रही है, इससे जनजातीय क्षेत्रों से पलायन पर रोक लगेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनजातीय क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने लगातार प्रयास किया जा रहा है। सांसद संकुल विकास परियोजना के तहत गांवों के क्लस्टर बना कर विकास का मॉडल विकसित किया जा रहा है, जिसका सीधा लाभ लोगों को मिल रहा है। स्थानीय संसाधनों के समुचित उपयोग द्वारा लोगों का कौशल विकास कर उन्हें स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ाना ही योजना का उद्देश्य है।मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ राज्य को धान का कटोरा कहा जाता है। हमारे यहां धान की कई किस्में हैं जिनके निर्यात की बड़ी संभावना है। कृषि के साथ ही मत्स्य पालन, बकरी पालन, गौ पालन, शूकर पालन से ग्रामीणों को जोड़ कर उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा सकता है। हमारे जनजातीय लोग महुआ, इमली, चिरौंजी आदि वनोपज का पुश्तैनी रूप से उत्पादन करते आ रहे हैं, इनका वैल्यू एडिशन कर मार्केट से जोड़ा जा रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राज्य की नई उद्योग नीति में भी अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। सांसद संकुल विकास परियोजना से जुड़े जनप्रतिनिधि और विकास सहयोगी सुनिश्चित करें कि जनजातीय क्षेत्रों में नई उद्योग नीति के लाभ भी मिलें। सांसद संकुल विकास परियोजना के बेहतर क्रियान्वयन के लिए नोडल अधिकारियों की भी नियुक्ति की जाएगी।बैठक में श्री वी सतीश ने सांसद संकुल विकास परियोजना की परिकल्पना और लक्ष्य से जुड़े बिंदुओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि जनजातीय क्षेत्रों में लोगों को स्वरोजगार से जोड़कर पलायन रोकने की दिशा में योजना के तहत महत्वपूर्ण कार्य किया जा रहा है। इस योजना के तहत गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे जनजातीय बहुल राज्यों में आमजन, एनजीओ, जनप्रतिनिधि और सरकार के समन्वित प्रयास से समग्र विकास किया जा रहा है।कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि विभिन्न विभागों से जुड़े शासकीय अधिकारी भी संकुल से जुड़े गांवों के विकास में अपनी भूमिका का पूरी निष्ठा से निर्वहन करें। स्थानीय जरूरतों की बेहतर समझ से कौशल विकास कर लोगों को स्थाई रोजगार के अवसर प्रदान किए जा सकते हैं।बैठक में रायगढ़ के लैलूंगा संकुल, सरगुजा के परशुरामपुर संकुल, बस्तर के बकावंड संकुल, बलरामपुर के माता राजमोहिनी देवी संकुल और केशकाल के धनोरा संकुल में योजना के तहत किए गए कार्यों की विस्तार से जानकारी दी गई।इस अवसर पर सांसद श्री भोजराज नाग, श्री चिंतामणि महाराज, श्री राधेश्याम राठिया, श्री देवेंद्र प्रताप सिंह, विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, श्रीमती गोमती साय, श्री प्रसाद इंडेप, श्री कपिल सहस्त्रबुद्धे सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी व गणमान्यजन उपस्थित थे।
- -चीनी मांझा प्रतिबंधित, उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाईरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मकर संक्रांति पर्व के अवसर पर प्रदेशवासियों से पतंगों के इस उल्लासपूर्ण पर्व को सुरक्षित, जिम्मेदार और पारंपरिक हर्षोल्लास के साथ मनाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि त्योहार के आसपास चीनी मांझा से होने वाली दुर्घटनाओं की खबरें अत्यंत चिंताजनक हैं, इसलिए इसका प्रयोग पूरी तरह से वर्जित है।मुख्यमंत्री श्री साय ने स्पष्ट किया कि चीनी मांझा प्रतिबंधित है और इसका उपयोग न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह आमजन, पक्षियों और राहगीरों के लिए भी गंभीर खतरा बनता है। उन्होंने कहा कि सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि प्रतिबंध का कड़ाई से पालन कराया जाए।मुख्यमंत्री श्री साय ने यह भी निर्देशित किया है कि चीनी मांझा के खिलाफ व्यापक जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि नागरिकों को इसके खतरों और कानूनी प्रावधानों की पूरी जानकारी मिल सके।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि मकर संक्रांति के इस पावन अवसर पर परंपरा, आनंद और सुरक्षा—तीनों का संतुलन बनाए रखें। उन्होंने सभी को मिलकर इस पर्व को हर्ष, सौहार्द और जिम्मेदारी के साथ मनाने की अपील की।
-
रायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के मौके पर प्रदेश के युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार आज भी भारत की युवाशक्ति के लिए ऊर्जा, दिशा और आत्मविश्वास का सबसे बड़ा स्रोत हैं।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को यह विश्वास दिया कि वे स्वयं अपने भविष्य के निर्माता हैं। उनके विचारों ने सेवा, आत्मबल और राष्ट्रप्रेम को जीवन का उद्देश्य बनाने की प्रेरणा दी। आज जब भारत अमृतकाल की ओर अग्रसर है, तब विवेकानंद जी की शिक्षाएँ युवाओं को जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और राष्ट्रहित के प्रति सजग नागरिक बनने का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि स्वामी विवेकानंद का जीवन रायपुर से भी जुड़ा रहा है। यहां की धरती पर बिताया गया उनका समय प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना और वैचारिक परंपरा को विशेष पहचान देता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी विवेकानंद के विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के युवा उनके आदर्शों को अपनाकर समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री निवास में स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी और ‘राष्ट्रीय युवा दिवस’ के मौके पर प्रदेश के युवाओं को हार्दिक शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन और विचार आज भी भारत की युवाशक्ति के लिए ऊर्जा, दिशा और आत्मविश्वास का सबसे बड़ा स्रोत हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को यह विश्वास दिया कि वे स्वयं अपने भविष्य के निर्माता हैं। उनके विचारों ने सेवा, आत्मबल और राष्ट्रप्रेम को जीवन का उद्देश्य बनाने की प्रेरणा दी। आज जब भारत अमृतकाल की ओर अग्रसर है, तब विवेकानंद जी की शिक्षाएँ युवाओं को जिम्मेदार, आत्मनिर्भर और राष्ट्रहित के प्रति सजग नागरिक बनने का मार्ग दिखाती हैं। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का विषय है कि स्वामी विवेकानंद का जीवन रायपुर से भी जुड़ा रहा है। यहां की धरती पर बिताया गया उनका समय प्रदेश की सांस्कृतिक चेतना और वैचारिक परंपरा को विशेष पहचान देता है।मुख्यमंत्री श्री साय ने विश्वास व्यक्त किया कि स्वामी विवेकानंद के विचार आने वाली पीढ़ियों को भी प्रेरित करते रहेंगे और छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश के युवा उनके आदर्शों को अपनाकर समाज, राष्ट्र और मानवता की सेवा में अग्रणी भूमिका निभाएंगे।




.jpeg)










.jpg)
.jpg)





.jpg)



.jpg)
