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- महासमुंद। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की डिजिटल इंडिया पहल और विष्णुदेव साय के सुशासन एवं पारदर्शिता के संकल्प को साकार करते हुए महासमुंद जिला प्रशासन ने ई-ऑफिस प्रणाली को तेजी से अपनाया है। शासन की प्राथमिकता के अनुरूप ई-ऑफिस प्रणाली अब जिले के लगभग सभी विभागों में गति पकड़ चुकी है। जिले के लगभग सभी विभागों में अब परंपरागत कागज़ी फाइलों के स्थान पर ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य किए जा रहे हैं। 1366 अधिकारी-कर्मचारियों का ई-ऑफिस के लिए ऑनबोर्डिंग किया जा चुका है, जो इस प्रणाली के व्यापक क्रियान्वयन को दर्शाता है। अब तक लगभग साढ़े 5 हजार से अधिक फाइलों का मूवमेंट डिजिटल माध्यम से किया जा चुका है, जिससे कार्यों में गति और दक्षता आई है।कलेक्टर विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में कलेक्ट्रेट का अधिकांश कार्य ई-ऑफिस प्रणाली से संचालित हो रहा है। प्रत्येक सप्ताह समय-सीमा की बैठकों में इसकी समीक्षा कर विभागवार प्रगति की समरी रिपोर्ट ली जाती है। सभी शासकीय पत्राचार, नियमित फाइलें और वित्तीय स्वीकृतियाँ यहां तक कि छोटी नोटशीट्स भी अब ऑनलाइन दर्ज की जा रही हैं, जिससे कार्यों की पारदर्शिता और निगरानी आसान हो गई है।ई-ऑफिस प्रणाली का सबसे महत्वपूर्ण लाभ इसकी ऑनलाइन ट्रैकिंग सुविधा है। अब किसी भी फाइल की स्थिति को आसानी से देखा जा सकता है, वह किस अधिकारी के पास लंबित है और कितने समय से। इससे कार्यों में अनावश्यक विलंब कम हुआ है और जवाबदेही भी सुनिश्चित हुई है। इस प्रणाली को प्रभावी बनाने के लिए अधिकारी-कर्मचारियों को तीन चरणों में प्रशिक्षण दिया गया है, जिससे वे फाइल निर्माण, नोटशीट लेखन और दस्तावेज अपलोडिंग में दक्ष हो चुके हैं। तकनीकी समस्याओं के समाधान के लिए एनआईसी और तकनीकी टीम का सहयोग भी लगातार लिया जा रहा है।शासन की मंशा है कि भविष्य में संपूर्ण पत्राचार केवल ई-ऑफिस के माध्यम से ही किया जाए। शासन की यह कदम समय की बचत और विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा कार्यों में पारदर्शिता भी सुनिश्चित करेगा। महासमुंद जिले में यह पहल निश्चित रूप से डिजिटल, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की दिशा में सार्थक रूप से संचालित हो रहा है।
- 0- हर घर मिल रहा शुद्ध पेयजलराजनांदगांव। डोंगरगढ़ विकासखंड के दूरस्थ वनांचल स्थित ग्राम घीकुडिय़ा में जल जीवन मिशन के तहत सोलर आधारित जल आपूर्ति शुरू होने से गांव की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। अब हर घर तक शुद्ध पेयजल की पहुंच सुनिश्चित हो गई है, जिससे ग्रामीणों के जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में पानी टंकी का निर्माण, पाइपलाइन बिछाने तथा टेप नल कनेक्शन के माध्यम से प्रत्येक घर तक जल पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। इस सुविधा से विशेष रूप से महिलाओं को राहत मिली है, जिन्हें पहले पानी के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती थी। अब उन्हें पानी के लिए भटकना नहीं पड़ता और वे अपने अन्य कार्यों पर ध्यान दे पा रही हैं। इस पहल का असर बच्चों की दिनचर्या पर भी देखने को मिला है। पहले जहां पानी लाने में समय व्यतीत होता था, वहीं अब बच्चे पढ़ाई और अन्य गतिविधियों में अधिक समय दे पा रहे हैं। साथ ही गांव में स्वच्छता के प्रति जागरूकता बढ़ी है, जिससे जलजनित बीमारियों में भी कमी आई है। ग्रामीणों ने पानी की महत्ता को समझते हुए हर घर नल के साथ जिम्मेदारी भी निभानी शुरू कर दी है। जल संरक्षण और स्वच्छता को लेकर गांव में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।गौरतलब है कि जल जीवन मिशन से पहले गर्मी के मौसम में गांव में पानी की भारी किल्लत रहती थी। एक-एक बाल्टी पानी के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ता था, जिससे समय की बर्बादी और स्वास्थ्य समस्याएं होती थी, लेकिन अब जल जीवन मिशन के क्रियान्वयन से ग्राम घीकुडिय़ा के हर घर तक नियमित रूप से शुद्ध पेयजल उपलब्ध हो रहा है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन, तकनीकी समाधान और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी से यह परिवर्तन संभव हो सका है, जो दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में विकास की एक मिसाल बन गया है।--
- राजनांदगांव । राज्य शासन के निर्देशानुसार सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जिले के नागरिकों एवं राशनकार्डधारियों की सुविधा को दृष्टिगत सभी पात्र हितग्राहियों को माह अप्रैल, मई एवं जून 2026 का तीन माह का चावल एकमुश्त प्रदाय किया जा रहा है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव के निर्देशानुसार जिले में संचालित सभी 498 उचित मूल्य दुकानों को तीन माह का खाद्यान्न आबंटित कर दिया गया है। नागरिक आपूर्ति निगम द्वारा जिले की सभी दुकानों में खाद्यान्न का भंडारण कार्य तीव्र गति से किया गया है, जिसमें कुल आबंटन के विरूद्ध लगभग 75 प्रतिशत भंडारण पूर्ण किया जा चुका है। इसके साथ ही वितरण की स्थिति भी संतोषजनक है। जिले में तीन माह के आबंटन के विरूद्ध लगभग 41 प्रतिशत राशनकार्डधारियों को तीन माह का चावल एकमुश्त वितरित किया जा चुका है। शेष हितग्राहियों को भी निरंतर वितरण प्रक्रिया के माध्यम से लाभान्वित किया जा रहा है।जिला खाद्य अधिकारी श्री रविन्द्र सोनी द्वारा जिले में भंडारण एवं वितरण की वास्तविक स्थिति के आकलन करने राजनांदगांव शहर के मोतीपुर, नवागांव, नया ढाबा, राहुल नगर, पुलिस लाईन, स्टेडियम वार्ड के उचित मूल्य दुकानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान हितग्राही उर्मिला चंद्राकर, देवकी पटेल, मनीषा वर्मा, कमलेश्वरी साहू, टाकेश्वरी साहू, भुवन ढीमर एवं अन्य हितग्राहियों ने बताया कि तीन माह का चावल एकमुश्त मिल हो रहा है। वितरण प्रक्रिया सुव्यवस्थित एवं पारदर्शी रूप से संचालित हो रही है। निरीक्षण के दौरान शासकीय उचित मूल्य दुकान संचालकों को तीन माह का राशन एकमुश्त वितरण के निर्देश दिये गये। नागरिकों से संबंधित उचित मूल्य दुकानों से निर्धारित प्रक्रिया अनुसार तीन माह का चावल प्राप्त करने की अपील की गई है। वितरण के दौरान किसी प्रकार की समस्या या अनियमितता की शिकायत होने पर तत्काल खाद्य विभाग के कॉल सेंटर नंबर 1800-233-3663 या 1967 पर शिकायत दर्ज करा सकते है।
- राजनांदगांव । केन्द्रीय जल शक्ति मंत्री श्री सीआर पाटिल की अध्यक्षता में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जल जीवन मिशन के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा के लिए सुजल ग्राम संवाद के 6वें संस्करण का आयोजन किया गया। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से शामिल हुए। उन्होंने जिले में जल जीवन मिशन अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी दी। उन्होंने जल जीवन मिशन के माध्यम से सोर्स सस्टेनेबिलिटी को लेकर जल संरक्षण के लिए परकोलेसन टैंक, इंजेक्शन वेल, सोख्ता गड्ढा सहित अन्य संरचनाओं के संबंध में जानकारी दी। राष्ट्रीय स्तर से जल संरक्षण के लिए जिले में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की गई।जल जीवन मिशन अंतर्गत आयोजित सुजल ग्राम संवाद के 6वें संस्करण से डोंगरगांव विकासखंड के ग्राम बाघमार से पंचायत प्रतिनिधि एवं ग्रामीण शामिल हुए। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा जल जीवन मिशन अंतर्गत ग्राम में पेयजल व्यवस्था के संबंध में सरपंच श्रीमती उर्वशी धु्रव एवं जल बहिनीयों के साथ विशेष चर्चा की गई। इस दौरान जल जीवन मिशन से पूर्व ग्राम में पेयजल की स्थिति एवं वर्तमान सुधार, एफ टीके किट के माध्यम से जल गुणवत्ता की जांच की प्रक्रिया, जल संरक्षण के लिए सोख्ता गड्ढा निर्माण का महत्व, जल उपयोग एवं प्रबंधन अंतर्गत वाटर टैक्स के संबंध में जागरूक किया गया। ग्रामवासियों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक करते हुए जल के समुचित उपयोग एवं संरक्षण हेतु प्रेरित किया गया।
- 0- उप मुख्यमंत्री ने पांच टीमों को प्रदान किए क्रिकेट किट0- क्रिकेट पिच पर दिखा युवाओं का जोश, खेल भावना से जीता सबका दिलबिलासपुर. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने मुंगेली जिले के ग्राम अखरार में आयोजित रात्रिकालीन विधायक क्रिकेट कप प्रतियोगिता में शामिल होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने विजेता टीम एसके हंटर औराबांधा को जीत की बधाई दी और उप विजेता अखरार इलेवन टीम को बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित किया।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने इस अवसर पर खिलाड़ियों व ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि फाइनल मुकाबले में युवाओं का जोश और ऊर्जा क्षेत्र के उज्ज्वल भविष्य का संकेत है। उन्होंने प्रतियोगिता में भाग लेने वाली पांच टीमों को क्रिकेट किट वितरित किए और सभी खिलाड़ियों को अच्छे प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने सारिसताल के बागेश्वर इलेवन, अखरार इलेवन, उरई कछार इलेवन, एसपी इलेवन सरईपटेरा और प्रिंस इलेवन कंसरी को क्रिकेट किट प्रदान किए।श्री साव ने कहा कि गांव-गांव से खेल प्रतिभाएं निकलें, यही हमारा लक्ष्य है। खेल के माध्यम से अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है, जो जीवन में सफलता दिलाने में मददगार साबित होता है। खेल युवाओं को स्वस्थ जीवन, अच्छे संस्कार और बेहतर समन्वय की सीख देता है। मुंगेली जिला पंचायत की सभापति सुश्री अनिता साहू और जनपद पंचायत के सभापति श्री वेदराम पटेल सहित अनेक जनप्रतिनिधि, खेलप्रेमी और ग्रामीण भी बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- 0- जल जीवन मिशन की समीक्षा : समय सीमा और गुणवत्ता पर कलेक्टर का जोर0- अधूरे कार्यों पर नहीं मिलेगा अंतिम भुगतानबिलासपुर. जिले में जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देने और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज समस्त कार्य एजेंसियों एवं ठेकेदारों की बैठक लेकर प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में वर्क्स-2 के भुगतान से संबंधित शर्तों को स्पष्ट करते हुए कलेक्टर ने कहा कि हर घर तक जल पहुंचने और योजना के पूर्ण हस्तांतरण के बाद ही अंतिम भुगतान किया जाएगा।कलेक्टर संजय अग्रवाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में जल जीवन मिशन अंतर्गत जिले में संचालित विभिन्न योजनाओं की प्रगति, गुणवत्ता और समयसीमा की गहन समीक्षा की गई। बैठक में कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी योजना का अंतिम भुगतान तभी किया जाएगा, जब संबंधित कार्य एजेंसी द्वारा “हर घर जल” की उपलब्धता सुनिश्चित कर योजना का पूर्ण हस्तांतरण (हैंडओवर) किया जाए तथा शत-प्रतिशत कार्य पूर्णता प्रमाण पत्र प्रस्तुत किया जाए। बैठक के दौरान “वर्क्स-2” भुगतान प्रक्रिया एवं उससे जुड़ी शर्तों की विस्तृत जानकारी देते हुए कलेक्टर ने कहा कि अपूर्ण कार्यों या अधूरी योजनाओं पर किसी भी प्रकार की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कार्य एजेंसियों को चेताया कि गुणवत्ता और समयसीमा में लापरवाही पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।बैठक के दौरान कार्य एजेंसियों द्वारा प्रस्तुत समस्याओं पर भी गंभीरता से चर्चा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि श्रोत (सोर्स) से संबंधित समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाए, ताकि जल आपूर्ति बाधित न हो। साथ ही एक ही गांव में एकाधिक योजनाओं के संचालन की स्थिति में समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक घर तक जल पहुंचाने की सुनिश्चितता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।विद्युत कनेक्शन से जुड़े लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने तथा स्रोत निरंतरता के लिए आवश्यक कार्यों को तेजी से पूर्ण करने के निर्देश भी दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि जल स्रोतों की दीर्घकालिक उपलब्धता सुनिश्चित करना मिशन की सफलता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। बैठक के अंत में कलेक्टर ने सभी कार्य एजेंसियों और ठेकेदारों को सख्त निर्देश दिए कि वे निर्धारित समयसीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करें और शासन की “हर घर जल” परिकल्पना को जमीनी स्तर पर साकार करें। जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल, ईई पीएचई श्री धनंजय सहित अन्य विभागीय अधिकारी और ठेकेदार उपस्थित थे।--
- बिलासपुर. कलेक्टर एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत द्वारा आज जनपद पंचायत तखतपुर के सचिवों और रोजगार सहायकों की बैठक लेकर विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में विशेष रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना तथा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत जल संरक्षण से जुड़े कार्यों की प्रगति पर चर्चा की गई।अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन की स्थिति की जानकारी लेते हुए निर्देशित किया कि सभी कार्य समयसीमा में पूर्ण किए जाएं और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्र हितग्राहियों को शीघ्र लाभान्वित करने तथा अधूरे आवासों को जल्द पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मनरेगा के अंतर्गत जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण में तेजी लाने और अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। बैठक में विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।इस अवसर पर जनपद पंचायत तखतपुर के सीईओ सत्यव्रत तिवारी, एसडीओ आर.बी. साहू, सभी सचिव एवं रोजगार सहायक उपस्थित रहे।
- 0- हजारों जिंदगियों को मिला नया जीवनबिलासपुर. छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स), बिलासपुर ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संस्थान के रक्त केंद्र ने वित्तीय वर्ष 01अप्रैल 2025 से 31मार्च 2026 के दौरान कुल *10,043 यूनिट* रक्त संग्रह कर संभाग के मरीजों के लिए जीवनरक्षक की भूमिका निभाई है। सिम्स की यह उपलब्धि न केवल संख्यात्मक है, बल्कि मानवीय दृष्टिकोण से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि संस्थान ने सिकल सेल, थैलेसीमिया और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों को बिना डोनर के भी नि:शुल्क रक्त उपलब्ध कराया है।सेवा और समर्पण का विजन- सिम्स के अधिष्ठाता डॉ. रमणेश मूर्ति ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए संस्थान के विजन को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:> "सिम्स का मूल मंत्र केवल चिकित्सकीय उपचार तक सीमित नहीं है, बल्कि हमारा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी जरूरतमंद आर्थिक या संसाधनों के अभाव में इलाज से वंचित न रहे। हमने एक ऐसी व्यवस्था विकसित की है जहाँ सिकल सेल और थैलेसीमिया जैसी बीमारियों से पीड़ित बच्चों को बिना किसी डोनर की अनिवार्यता के नि:शुल्क रक्त दिया जा रहा है। 10 हजार यूनिट का आंकड़ा हमारे स्टाफ की मेहनत और जनता के भरोसे का परिणाम है।"विभागाध्यक्ष पैथोलॉजी डॉ. बी.पी. सिंह (चिकित्सा अधीक्षक सुपर स्पेशलिस्ट हॉस्पिटल): बेहतर प्रबंधन से सुलभ हुई राह**रक्त केंद्र के सुदृढ़ प्रबंधन और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया:> "पिछले एक साल में हमने ब्लड बैंक की कार्यप्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और सुगम बनाया है। हमारा निरंतर प्रयास रहा है कि आपातकालीन स्थिति में आने वाले मरीजों, विशेषकर दुर्घटना पीड़ितों और गंभीर एनीमिया के मरीजों को तत्काल रक्त प्राप्त हो। बेहतर इन्वेंट्री मैनेजमेंट के कारण ही हम 33 रक्तदान शिविरों के माध्यम से भारी मात्रा में यूनिट एकत्रित कर पाए। अब सिम्स में रक्त की उपलब्धता पहले से कहीं अधिक सुगम और सुरक्षित है।"चिकित्सा अधीक्षक सिम्स डॉ. लखन सिंह सामाजिक सहभागिता और स्वैच्छिक रक्तदान पर जोररक्तदान मुहिम को जन-आंदोलन बनाने में सक्रिय भूमिका निभाने वाले ने सामाजिक संगठनों के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने कहा:> "रक्त कृत्रिम रूप से नहीं बनाया जा सकता, यह केवल दान से ही संभव है। इस 10,043 यूनिट के संग्रह में उन स्वैच्छिक रक्तदाताओं का बड़ा हाथ है जिन्होंने बिना किसी पहचान के मानवता के लिए रक्तदान किया। विशेष रूप से *संत निरंकारी मंडल* जैसे संगठनों का सहयोग अनुकरणीय रहा है। मेरा युवाओं से आह्वान है कि वे आगे आएं, क्योंकि आपका एक यूनिट रक्तदान तीन जिंदगियां बचा सकता है।"*रक्त संग्रह एवं उपयोग का विश्लेषण (2025-26)* संस्थान ने न केवल रक्त एकत्रित किया, बल्कि उसके घटकों (Components) का भी वैज्ञानिक तरीके से वितरण किया:| विवरण इकाई (यूनिट) कुल रक्त संग्रह 10,043 | स्वैच्छिक रक्तदान (इन-हाउस) | 3,541 रक्तदान शिविर (33 शिविर) 1,340 परिजनों द्वारा (रिप्लेसमेंट) | 5,162 | *घटकों का उपयोग:* * लाल रक्त कणिकाएं** 4,282 यूनिट (एनीमिया और सर्जरी हेतु) * प्लाज्मा 977 यूनिट मरीजों को एवं 2,260 यूनिट दवा निर्माण हेतु। * प्लेटलेट्स221 यूनिट (डेंगू व अन्य संक्रमण हेतु) *मानवीय पहल: बिना डोनर के नि:शुल्क रक्त*सिम्स प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि थैलेसीमिया और सिकल सेल के मरीजों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। इन मरीजों को बार-बार रक्त की आवश्यकता होती है, जिसे सिम्स प्राथमिकता के आधार पर बिना किसी प्रतिस्थापन (Replacement) के उपलब्ध करा रहा है। इसके साथ ही, नेगेटिव ब्लड ग्रुप के प्रबंधन के लिए एक विशेष डेटाबेस भी तैयार किया गया है ताकि संकट के समय समय न गंवाना पड़े।*अपील:* सिम्स प्रबंधन ने आम जनता से अपील की है कि वे रक्तदान को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाएं ताकि बिलासपुर और आसपास के क्षेत्रों में रक्त की कमी से होने वाली मौतों को शून्य पर लाया जा सके।
- 0- पंचायत दिवस पर स्व-गणना के लिए ग्रामीणों को किया प्रेरितबिलासपुर. पंचायत दिवस के अवसर पर जिले की सभी ग्राम सभाओं में जनगणना से संबंधित व्यापक जागरूकता अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान के तहत जिले के जनगणना अधिकारियों द्वारा ग्रामीणों को जनगणना की प्रक्रिया, उसके महत्व तथा विकास योजनाओं में इसके उपयोग के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।अधिकारियों ने बताया कि जनगणना केवल जनसंख्या का आंकलन नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार एवं विभिन्न सरकारी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का आधार भी है। उन्होंने ग्रामीणों को स्व-गणना (Self Enumeration) की प्रक्रिया के बारे में समझाते हुए कहा कि प्रत्येक नागरिक समय पर और सही जानकारी देकर देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभाओं में बैनर, पोस्टर एवं प्रचार सामग्री का वितरण किया गया, जिससे लोगों में जनगणना के प्रति जागरूकता बढ़े। साथ ही अधिकारियों ने ग्रामीणों को यह भी बताया कि कैसे वे डिजिटल माध्यम से या निर्धारित प्रक्रिया के तहत स्वयं अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।ग्राम सभाओं में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों एवं पंचायत प्रतिनिधियों की उपस्थिति रही। लोगों ने अभियान में रुचि दिखाते हुए प्रश्न भी पूछे, जिनका अधिकारियों द्वारा उत्तर दिया गया। अभियान का मुख्य उद्देश्य ग्रामीणों को जनगणना के प्रति जागरूक करना तथा उन्हें समय पर, सही और पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराने के लिए प्रेरित करना रहा, ताकि आगामी योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक प्रभावी रूप से पहुंच सके।--
- 0- कलेक्टर ने की अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपीलबिलासपुर. सुशासन तिहार 2026 के अंतर्गत जिले में आमजनों की समस्याओं के त्वरित एवं प्रभावी निराकरण हेतु 1 मई से 10 जून 2026 तक शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में तिथि-वार शिविर आयोजित किए जाएंगे। इस अभियान के अंतर्गत जिलेभर में कुल 73 शिविरों का आयोजन किया जाएगा, जिसमें नगरीय निकाय क्षेत्रों में 24, नगर पंचायत क्षेत्रों में 18 तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 31 शिविर शामिल हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में संचालित इस अभियान का उद्देश्य शासन की सेवाओं को आमजन तक उनके द्वार तक पहुंचाना एवं समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित करना है। कलेक्टर के निर्देशन में यह अभियान जिलेभर में चरणबद्ध तरीके से संचालित होगा, जिसमें सभी विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाएंगी।निगम में आयोजित वार्डवार शिविर*निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार नगर निगम क्षेत्रों में 1 मई को वार्ड 1 एवं 2, 4 मई सोमवार को वार्ड 5, 6, 7 एवं 8, 5 मई को वार्ड 15, 16 एवं 17, 6 मई को वार्ड 23,और 24 , 7 मई को वार्ड 30, 35 एवं 36, 8 मई को वार्ड 38, 39एवं 41, 11 मई सोमवार को वार्ड 47 , 48, 51, एवं 52, 12 मई को वार्ड 59, 60, 61 एवं 62, 13 मई को वार्ड 03, 04, 14 मई को वार्ड 09, 15 मई को वार्ड 19, 20 एवं 21, 18 मई को वार्ड 25 एवं 26, 19 मई को वार्ड 31, 32, एवं 40, 20 मई को वार्ड 42, एवं 43, 21 मई को वार्ड 49 एवं 50, 53, 54, एवं 55, 22 मई शुक्रवार को वार्ड 63, 64, 65, 66, 25 मई को वार्ड 13, 14, 26 मई को वार्ड क्रमांक 10, 11, एवं 12, 28 मई को वार्ड 18, 22, 2 जून मंगलवार को वार्ड 27, 28 एवं 29, 3 जून को वार्ड 33, 34 एवं 37, 4 जून को वार्ड 44, 45, 46, 69 एवं 70, 5 जून शुक्रवार को वार्ड 56, 57 एवं 58, 8 जून को वार्ड 67 एवं 68 में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार नगर पंचायतों में भी वार्डवार शिविर आयोजित किये जाएंगे।ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायतवार शिविर*इसी प्रकार ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यक्रम अनुसार 1 मई को ग्राम पंचायत हरदीकला, 2 मई को ग्राम पंचायत रानीडेरा, 4 मई को सोंठी, 5 मई को बिटकुली, 6 मई को उच्चभट्ठी , 7 मई को सीपत, तथा 8 मई को तखतपुर क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत विजयपुर, 9 मई को कोटा ब्लाॅक के बानाबेल में शिविर आयोजित किए जाएंगे। इसी प्रकार 11 मई को बिल्हा ब्लाॅक के खम्हारडीह, 13 मई को मस्तुरी ब्लाॅक के पंधी, 14 मई को हरदी, 15 मई को पोंड़ी मोहदा, 16 मई को नेवसा, एवं 18 मई को मस्तुरी ग्राम पंचायत में शिविर लगाए जाएंगे। 20 मई को मोछ, 21 मई को मिट्ठुनवागांव, 22 मई को हिर्री, 23 मई को भटचैरा, 25 मई को सकर्रा, 28 मई को कोटा ब्लाॅक के रानीगांव, 29 मई को गोढ़ी, 30 मई को परसोड़ी, 01 जून को गनियारी ,03 जून को मनपहरी, 04 जून को गोंदईया, 05 जून को केंवटाडीह टांगर, 06 जून को भरारी, 08 जून को बिल्हा के नगोई एवं कोटा ब्लाॅक के पिपरतराई, 09 जून को बूढ़ीखार, 10जून को तखतपुर ब्लाॅक के बोड़सरा में शिविर आयोजित किए जाएंगे।शिविरों में मिलेगी सभी प्रमुख सेवाएं एक ही स्थान पर*इन शिविरों में आय, जाति, निवास प्रमाण पत्र, पेंशन, राशन कार्ड, प्रधानमंत्री आवास योजना, मनरेगा, स्वास्थ्य सेवाएं तथा महिला एवं बाल विकास विभाग सहित अन्य योजनाओं से संबंधित सेवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्राप्त आवेदनों का यथासंभव मौके पर ही निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।कलेक्टर ने कहा है कि “सुशासन तिहार का उद्देश्य शासन की सेवाओं को आमजन तक उनके द्वार तक पहुंचाना है। उन्होने निर्देश दिये है कि सभी अधिकारी शिविरों में पूर्ण तैयारी के साथ उपस्थित रहें और अधिक से अधिक प्रकरणों का निराकरण मौके पर ही सुनिश्चित करें।कलेक्टर ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर अपने निकटतम शिविर स्थल में पहुंचकर अधिक से अधिक संख्या में शिविरों का लाभ उठाएं और शासन की योजनाओं से जुड़कर अपनी समस्याओं का समाधान कराएं।
- दुर्ग. राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर जिले के सभी 300 ग्राम पंचायतों एवं उनके आश्रित ग्रामों में विशेष ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन ग्राम सभाओं में ‘नवा तरिया आय के जरिया’, जनगणना, प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई।जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के अधिकारियों को ग्राम सभाओं में अनिवार्य रूप से शामिल होने के निर्देश दिए गए थे, जिसके परिणामस्वरूप बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली।ग्राम सभाओं में ग्राम पंचायतों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘संपदा’ ऐप में परिसंपत्तियों का अपलोड, ‘मोर गांव मोर पानी’ महाअभियान के अंतर्गत जल संरक्षण एवं आजीविका संवर्धन, तथा ‘नवा तरिया आय के जरिया’ जैसे विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। साथ ही जनगणना के लिए स्वयं गणना पत्रक भरने की प्रक्रिया एवं उससे संबंधित जानकारियों के प्रति ग्रामीणों को जागरूक किया गया।कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह द्वारा पूर्व में ही सभी ग्राम पंचायतों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए थे। निर्देशानुसार ग्राम सभाओं में जनप्रतिनिधियों एवं सम्मानित नागरिकों को आमंत्रित कर शासन की विभिन्न योजनाओं की जानकारी साझा की गई।मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री बजरंग कुमार दुबे ने बताया कि ग्राम सभाओं में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ अंतर्गत लखपति दीदियों एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों का सम्मान किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत जल संरक्षण एवं आजीविका बढ़ाने के उपायों पर ग्रामीणों से सुझाव लिए गए।इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में संचालित “मोर गांव मोर पानी महाअभियान” के अंतर्गत एक अभिनव पहल की गई है। इसके तहत प्रत्येक ग्राम पंचायत में पंचायत भवन की दीवारों पर गांव के जलस्तर (वॉटर लेवल) की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे आम नागरिक अपने क्षेत्र के भू-जल स्तर से अवगत हो सकें।‘जल-दूत’ मोबाइल ऐप के माध्यम से जलस्तर से संबंधित आंकड़े संकलित कर पोर्टल पर अपलोड किए जा रहे हैं तथा एकरूपता के साथ दीवार लेखन कार्य किया जा रहा है। इस पहल से ग्रामीणों में जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन एवं भू-जल पुनर्भरण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।ग्राम पंचायत रसमड़ा में आयोजित ग्राम सभा में भी ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली। ग्राम सभा में सरपंच श्रीमती मोतीराम निषाद, उपसरपंच बालकिशन निषाद, ग्राम पंचायत सचिन कमिनी चंद्राकर, पंच बसंत निर्मलकर, कौशल्या साहू, संजू कुमार निषाद एवं प्रीति शिक्का सहित अन्य ग्रामीण उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि 73वें संविधान संशोधन के तहत पंचायती राज व्यवस्था को संवैधानिक दर्जा प्राप्त है। प्रत्येक वर्ष 24 अप्रैल को राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस मनाया जाता है। जिले के ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे ग्राम सभाओं में अधिक से अधिक संख्या में भाग लेकर योजनाओं का लाभ उठाएं तथा अपने गांव के विकास में सक्रिय सहभागिता निभाएं।--
- दुर्ग. पंचायती राज दिवस के अवसर पर कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ), दुर्ग द्वारा आज 24 अप्रैल को पाटन विकासखण्ड के दो ग्राम पंचायतों खम्हारिया एवं पाहंदा (अ) में संतुलित उर्वरक उपयोग पर जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर वैज्ञानिक श्री मनीष कुमार वर्मा ने खाद की कमी होने पर घबराने के बजाय आगामी खरीफ सीजन में धान की खेती के लिए विकल्प सुझाए। उन्होंने बताया कि किसान पारम्परिक खाद के जगह नैनों यूरिया, नैनो डी.ए.पी, नील हरित काई, पी.एस.बी., के.एस.बी. जेड.एस.बी., एजोस्पाईरिलम का उपयोग कर सकते है। इससे न केवल खेती की लागत कम होगी बल्कि लाभ भी बढ़ेगा।मृदा वैज्ञानिक डॉ. ललिता रामटेके ने बताया कि असंतुलित मात्रा में खाद डालने से केवल फसल का उत्पादन ही प्रभावित नहीं होता बल्कि हमारी मिट्टी की उपजाऊ क्षमता भी लगातार घट रही है। उन्होंने मिट्टी की जॉच करवाने और जैविक रासायनिक खाद दोनों को संतुलित रूप में उपयोग करने पर जोर दिया। साथ ही साथ मिट्टी को सेहतमंद बनाने के लिए केचुऑ खाद, हरी खाद, एजोला बनाने की विधि के बारे में किसानों को विस्तार से बताया। इस कार्यक्रम में ग्राम पंचायत खम्हारिया की सरपंच श्रीमती सोनिया यदु एवं पाहंदा (अ) की सरपंच श्रीमती ईसरावती ठाकुर, सचिव एवं बड़ी संख्या में कृषक उपस्थित थे।
- 0- टिकाउ एवं सतत खेती को दिया जाए बढ़ावा - श्रीमती निगार0- संभाग आयुक्त और सातों जिले के कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ भी हुए शामिल0- बीज निगम प्रक्षेत्र रूआबांधा में नील हरित काई उत्पादन का किया अवलोकनदुर्ग. क्षेत्रीय कृषि प्रसार एवं प्रशिक्षण संस्थान, रूआबांधा दुर्ग के प्रशिक्षण हॉल में आज कृषि उत्पादन आयुक्त एवं प्रमुख सचिव कृषि विकास एवं किसान कल्याण तथा जैव प्रौद्योगिकी विभाग श्रीमती शहला निगार की अध्यक्षता में दुर्ग संभाग की रबी 2025-26 की प्रगति एवं खरीफ 2026 की कार्यक्रम निर्धारण संबंधी संभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। उक्त बैठक में संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, संचालक कृषि श्री राहुल देव, एमडी मार्कफेड श्री जितेन्द्र शुक्ला, प्रबंध संचालक बीज निगम श्री अजय अग्रवाल, संचालक उद्यानिकी श्री लोकेश चन्द्राकर, प्रबंध संचालक मण्डी बोर्ड श्री महेन्द्र सवन्नी, प्रबंध संचालक बीज प्रमाणीकरण श्री अश्वनी बंजारा, अपर संचालक कृषि श्री सी.बी. लोण्डेकर, उप सचिव कृषि श्री विकास मिश्रा, महाप्रबंधक बीज निगम श्री विनोद वर्मा तथा कलेक्टर दुर्ग श्री अभिजीत सिंह सहित संभाग के अन्य जिले के कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ भी सम्मिलित हुए।बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त श्रीमती निगार ने रबी 2025-26 में दुर्ग संभाग के दलहन, तिलहन क्षेत्र विस्तार में उल्लेखनीय वृद्धि के लिए सराहना किया। उन्होंने आने वाले वर्षों में ग्रीष्मकालीन धान को हतोत्साहित कर दलहन, तिलहन, मक्का एवं अन्य फसलों के रकबा को बढ़ाने के निर्देश दियेे। आगामी खरीफ 2026 में धान के स्थान पर अन्य उपयुक्त वैकल्पिक फसल जैसे सुगंधित धान, अरहर, मक्का, सोयाबीन, कपास, साग-सब्जी इत्यादि फसलों को प्रोत्साहित करते हुए सभी जिले में न्यूनतम धान की एक निर्यात योग्य विशिष्ट गुण/सुगंधित किस्म का क्लस्टर में अधिक से अधिक क्षेत्र विस्तार करने के निर्देश दिये।समीक्षा के दौरान अवगत कराया गया कि पी.एम. आशा योजनांतर्गत दलहन, तिलहन खरीदी में राज्य के अन्य संभाग की तुलना में दुर्ग संभाग में सर्वाधिक लगभग 60,000 क्विंटल उपार्जन किया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त ने किसानों के मांग के आधार पर पी.एम. आशा योजना के पंजीयन तिथि में वृद्धि की जानकारी देते हुए किसानों के अधिक से अधिक उपार्जन करने तथा समय पर भुगतान सुनिश्चित करने के निर्देश दिये।बैठक में उर्वरकों के समान एवं संतुलित वितरण सुनिश्चित करने के लिए आगामी खरीफ 2026 हेतु लागू की जाने वाली नवीन ई-उर्वरक वितरण प्रणाली के संबंध में व्यापक चर्चा किया गया। नवीन ई-उर्वरक वितरण प्रणाली में एग्रीस्टेक में पंजीकृत रकबा एवं फसल के आधार पर उर्वरक का वितरण किया जायेगा। कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा जिला कलेक्टर्स से सभी किसानों का एग्रीस्टेक में तत्काल पंजीयन कराने की अपेक्षा की गयी।बैठक में मुख्य रूप से टिकाउ एवं सतत् खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया ताकि फसल उत्पादकता एवं मृदा की उर्वरकता बनी रहे व रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम हो। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अनुसंधान इकाई द्वारा उर्वरकों के सस्ते एवं आसान वैकल्पिक उपाय हरी खाद, नील हरित काई, जैव उर्वरक, नैनों उर्वरकों के विषेष रूप से प्रस्तुतीकरण दिया गया, जिस पर कृषि उत्पादन आयुक्त द्वारा सभी जिला कलेक्टर से इसका व्यापक प्रचार-प्रसार कर इसे बढ़ावा देने हेतु निर्देशित किया गया। साथ ही डी.ए.पी. के वैकल्पिक उर्वरकों जैसे- नैनो डी.ए.पी., एन.पी.के., एस.एस.पी., टी.एस.पी. इत्यादि वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग पर जोर दिया गया।नील हरित काई धान फसल में नाइट्रोजन का बहुत अच्छा वैकल्पिक स्त्रोत है। बीज निगम के प्रक्षेत्र रूआबांधा, दुर्ग में उपलब्ध 40 पक्के टांके में से प्रथम चरण में 5 पक्के टांके में नील हरित काई का उत्पादन किया जा रहा है। इस संबंध में कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा किये जा रहे कार्याे की सराहना की गयी। कृषि उत्पादन आयुक्त एवं राज्य स्तरीय अधिकारियों द्वारा इसका अवलोकन किया गया एवं नील हरित काई उत्पादन की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी लेते हुए नये टांके में उत्पादन हेतु कल्चर डाला गया। उत्पादित नील हरित काई का उपयोग चयनित किसानों के खेतों में प्रगुणन पश्चात् धान के खेतों में किया जाएगा।समीक्षा बैठक में सभी जिलों से जिले की आवश्यकता अनुसार फसल एवं किस्म अनुसार प्रमाणित बीज में आत्मनिर्भर होने के लिए कार्यक्रम तैयार करने के निर्देश दिये गये, जिसमें न्यूनतम 40 प्रतिशत 10 वर्ष के भीतर की किस्मों का समावेश हो। आगामी खरीफ 2026 में विकसित कृषि संकल्प अभियान की तैयारी, कृषि आदानों के गुण नियंत्रण हेतु प्रभावी कार्यवाही, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत पात्र समस्त हितग्राहियों के एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन, लक्ष्य अनुसार केसीसी अंतर्गत दलहन तिलहन, उद्यानिकी फसलों के ऋण वितरण, ऑयल पॉम के क्षेत्र विस्तार इत्यादि महत्वपूर्ण बिंदुओं पर समीक्षा की गयी। बैठक में संयुक्त संचालक कृषि श्री आर.एल. धुरंधर एवं श्रीमती गोपिका बघेल, उप संचालक कृषि श्रीमती प्रीति तिवारी एवं श्री संदीप भोई, बीज प्रबंधक श्री एस.के. बेहरा एवं प्रक्षेत्र प्रबंधक श्री जयन्त लोध एवं कृषि व संबंधित विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग. जिले में आपदा प्रबंधन की तैयारियों के उद्देश्य से हवाई हमले की स्थिति से निपटने के लिए नागरिक सुरक्षा स्वयंसेवकों, एनसीसी एवं होमगॉर्ड जवानों को सिविल डिफेंस, एयर रेडियो/ब्लैकआउट एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन आज डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेंट दुर्ग कैंपस केन्द्रीय विद्यालय के पास (केन्द्रीय जेल) में किया गया।हवाई हमलों जैसी आपात स्थितियों में नागरिक सुरक्षा और राहत कार्यों की रणनीतिक तैयारी को परखना था, जिसमें जवानों को अंधेरे में प्रभावी संचार व्यवस्था बनाए रखने, एयर रेड सायरन बजने पर त्वरित प्रतिक्रिया देने, सुरक्षित आश्रय स्थलों का प्रबंधन करने और आपातकालीन स्थिति में त्वरित प्राथमिक उपचार प्रदान करने का विस्तृत व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने ब्लैकआउट की प्रक्रिया को विस्तार से समझाते हुए बताया कि किस प्रकार न्यूनतम रोशनी में भी अनुशासन और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ रखा जा सकता है।मॉक ड्रिल के दौरान सायरन बजाकर आपात स्थिति का संकेत दिया गया, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य शुरू किए गए। एसडीआरएफ के जवानों ने प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर घायलों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, प्राथमिक उपचार देने तथा सुरक्षित निकासी की तकनीकों का प्रदर्शन किया। इस दौरान वालेंटियर्स ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, भीड़ नियंत्रण करने और आपातकालीन निर्देशों का पालन कराने में सहयोग किया। इसके साथ ही आगजनी वाले स्थानों पर अग्निशमन वाहनों द्वारा आग पर काबू पाया गया। दूसरी और तीसरी मंजिल पर फंसे लोगों को एसडीआरएफ टीम ने स्ट्रेचर और रस्सी की सहायता से नीचे उतारा तथा एंबुलेंस द्वारा उपचार के लिए भेजा। सुरक्षित बिल्डिंग में फंसे लोगों को भी सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया गया।इस दौरान सांसद श्री विजय बघेल, कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह, संयुक्त कलेक्टर श्री हरवंश मिरी, प्रभारी अधिकारी श्रीमती सिल्ली थॉमस, नोडल अधिकारी श्री नागेन्द्र सिंह सहित विभागीय अधिकारी सहित एसडीआरएफ की टीमों के साथ स्थानीय वालेंटियर्स उपस्थित थे।--
- 0- जिले के 6263 श्रमिकों के खाते में 02 करोड़ 96 लाख रूपए डीबीटी के माध्यम से अंतरित0- शासन श्रमिकों के मेहनत की कीमत समझती है, उन्हें योजनाओं का लाभ दे रही है - सांसद श्री नागबालोद. जिला प्रशासन बालोद और श्रम विभाग के संयुक्त प्रयासों से आज जिले के हजारों श्रमिकों में खुशियों का संचार हुआ। जिला मुख्यालय बालोद में आयोजित श्रमिक सम्मेलन में जिले के विकास की रीढ़ माने जाने वाले हजारों श्रमिकों को करोड़ों रुपये की सौगात दी गई। श्रमिक सम्मलेन में जिले भर से पहुँचे पंजीकृत श्रमिकों को श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित किया गया। मुख्य अतिथि के रूप में सांसद श्री भोजराज नाग, श्रम कल्याण मंडल रायपुर के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा, गुण्डरदेही विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती तारिणी पुष्पेंद्र चंद्राकर, नगर पालिका बालोद की अध्यक्ष श्रीमती प्रतिभा चैधरी, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री तोमन साहू, जनपद पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती टेमरिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद थे।श्रमिक सम्मेलन में श्रम विभाग की विभिन्न योजनाओं के तहत कुल 6263 श्रमिकों के बैंक खाते में 02 करोड़ 96 लाख 15 हजार 740 रूपए डीबीटी के माध्यम से अंतरित किया गया। जिसमंें मुख्यमंत्री नौनिहाल छात्रवृत्ति योजना से 5513 श्रमिक, मुख्यमंत्री नोनी बाबू मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन योजना से 53 श्रमिक, मिनीमाता महतारी जतन योजना से 431 श्रमिक, मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता योजना से 30 श्रमिक और मुख्यमंत्री नोनी सशक्तिकरण सहायता योजना से 236 श्रमिकों को लाभान्वित किया गया। कार्यक्रम में अतिथियों द्वारा उक्त योजना से लाभान्वित हितग्राहियों को डेमो चेक प्रदान कर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी गई।श्रमिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि शासन श्रमिकों के पसीने की कीमत समझती है। हमारा लक्ष्य है कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुँचे। शिक्षा से लेकर स्वास्थ्य तक, हर मोड़ पर सरकार आपके साथ खड़ी है। उन्होंने शासन द्वारा श्रमिकों में हित में लिए गए निर्णयों की भी विस्तृत जानकारी दी तथा सभी श्रमिकों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने प्रेरित किया। श्रम कल्याण मंडल के अध्यक्ष श्री योगेश दत्त मिश्रा ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के विजन की प्रशंसा करते हुए कहा कि अब श्रमिकों के बच्चे भी मेधावी शिक्षा प्रोत्साहन पाकर ऊँचे सपनों को साकार कर रहे हैं। उन्होंने सभी अपंजीकृत श्रमिकों से जल्द से जल्द पंजीयन कराने का आह्वान किया ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति लाभ से वंचित न रहे। कार्यक्रम को विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद ने भी संबोधित किया और सभी श्रमिकों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में अपर कलेक्टर श्री अजय किशोर लकरा ने आभार प्रदर्शन किया तथा अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट किया गया।--
- 0- जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से तांदुला नदी अपने नए स्वरूप में दिखेगा0- जल संसाधन विभाग जिला बालोद एवं आईआईटी भिलाई के मध्य आज हुआ एमओयू0- तांदुला नदी के पुनरूद्धार से नदी पुर्नजीवन से संबंधित अनेक परियोजनाओं के लिए प्रशस्त होगा मार्गबालोद. जिला प्रशासन के अथक प्रयासों से शीघ्र ही जिले की जीवन दायिनी तांदुला नदी का पुनरूद्धार होने से यह नदी अपने नए स्वरूप में प्रस्तुत होगा। इसके पुनरूद्धार कार्य हेतु जल संसाधन विभाग जिला बालोद एवं आईआईटी भिलाई के इनोवेशन एंड टेक्नोलॉजी फाउंडेशन के मध्य औपचारिक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया गया। जिला प्रशासन के विशेष पहल पर शुरू किए गए यह कार्य बालोद जिले में नदी पुर्नजीवन के लिए एक वैज्ञानिक सतत एवं सामुदायिक भागीदारी आधारित माडल स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई में आज संपन्न एमओयू के दौरान दुर्ग संभाग के आयुक्त श्री सत्य नारायण राठौर, कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा, जल संसाधन विभाग के कार्यपालन अभियंता श्री पीयूष देवांगन सहित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई के अधिकारीगण उपस्थित थे। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के दिशा-निर्देशन में बालोद जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए इस पहल से जिले की जीवन दायिनी तांदुला नदी का शीघ्र ही कायाकल्प होने के साथ-साथ यह नदी धरती माता आम जनता की सेवा में अपनी स्वरूप में प्रस्तुत होने वाली है।संभाग आयुक्त श्री सत्य नारायण राठौर ने बालोद जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से जीवन दायिनी तांदुला नदी को सजाने, संवारने की दिशा में शुरू किए गए इस महत्वपूर्ण कार्य की भूरी-भूरी सराहना की। श्री राठौर ने बालोद जिला प्रशासन की महत्वपूर्ण पहल को अत्यंत महत्वपूर्ण एवं समयोचित प्रयास बताया। उन्होंने आशा व्यक्त किया कि इस परियोजना की सफलता न केवल बालोद जिले के लिए बल्कि भविष्य में समूचे छत्तीसगढ़ राज्य में नदी पुर्नजीवन से संबंधित अनेक परियोजनाओं के लिए मार्ग प्रशस्त करेगी। संभाग आयुक्त ने जिला प्रशासन बालोद एवं आईआईटी भिलाई को इस महत्वपूर्ण कार्य की सफलता के लिए हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने इस परियोजना के व्यापक उद्देश्यों के संबंध में एक स्पष्ट दृष्टि प्रस्तुत की। उन्होंने वर्तमान में तांदुला नदी के समक्ष सेलेटेशन, प्रदूषण, जल प्रवाह में मौसमी अस्थिरता एवं पारिस्थितिक क्षरण जैसे मौजूद चुनौतियों के संबंध में प्रकाश डाला।इसके अलावा उन्होंने बालोद जिला प्रशासन की ओर से तांदुला जलाशय से हीरापुर एनीकट तक 03 किमी. के क्षेत्र तक के क्षेत्र को भविष्य में संतुलित स्वच्छ एवं पर्यावरणीय रूप से सुदृढ़ नदी तंत्र के रूप में विकसित करने की योजना के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर आईआईटी भिलाई की टीम के द्वारा इस बहुद्देश्यी परियोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण भी दिया गया। जिसके अंतर्गत निर्धारित समयावधि में इनके क्रियान्वयन के संबंध में विस्तृत योजना एवं प्रमुख फोकस क्षेत्रों के संबंध में जानकारी भी साझा की गई। इसके अलावा वैज्ञानिक सर्वेक्षण, जल गुणवत्ता सुधार, जैव विविधता संरक्षण, जल प्रबंधन एवं सामुदायिक सहभागिता जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं को भी रेखांकित किया गया। जिसका बालोद जिला प्रशासन द्वारा भूरी-भूरी सराहना की गई।उल्लेखनीय है कि इस परियोजना के अंतर्गत तांदुला जलाशय से हीरापुर एनीकट तक 03 किमी. के चयनित क्षेत्र के महत्वपूर्ण हिस्से को एक हाइड्रोलॉजिकली स्थिर एवं पारिस्थितिक रूप से समृद्ध नदी कॉरिडोर में परिवर्तित करने की योजना शामिल है। इसमें उन्नत तकनीकी सर्वेक्षण, प्रकृति-आधारित समाधान एवं समुदाय की सक्रिय भागीदारी को समाहित किया गया है। जिससे कि आम जनता को इस योजना का दीर्घकालिक परिणाम मिल सके। बालोद जिला प्रशासन के विशेष प्रयासों से शुरू किया गया यह पहल परियोजना अंचल के सतत विकास, पर्यावरणीय पुर्नस्थापना और जनभागीदारी के माध्यम से क्षेत्रीय विकास का एक प्रेरणादायी मॉडल बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रयास है। इसके माध्यम से तांदुला नदी के जल को स्वच्छ एवं निर्मल बनाने के साथ-साथ नदी के जल कंुभियों का समुचित उपयोग के अलावा इस पूरे क्षेत्र को पर्यटन क्षेत्र के रूप में भी विकसित करने का प्रयास किया जाएगा।
- 0- स्वगणना प्रक्रिया की जानकारी देने के अलावा स्वगणना की जानकारी भरने के लिए किया गया प्रेरित0- जिले में द्वितीय चरण का प्रशिक्षण पूर्णबालोद.कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के निर्देशानुसार जनगणना कार्य में लगे अधिकारियों के द्वारा बालोद जिले के सभी ग्राम पंचायतों में आज 24 अप्रैल को आयेाजित विशेष ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों को जनगणना 2027 के कार्यों के संबंध में जानकारी दी गई। इस दौरान उन्होेंने जनगणना के कार्य को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए सभी नागरिकों से जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों को आवश्यक जानकारी उपलब्ध कराकर जनगणना के राष्ट्रीय कार्य में सहयोग करने की अपील की गई। इस दौरान जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा विशेष ग्राम सभा में उपस्थित ग्रामीणों को आॅनलाईन स्वगणना भरने की प्रक्रिया की जानकारी देते हुए सभी को आॅनलाईन स्वगणना भरने के लिए प्रेरित भी किया गया। उल्लेखनीय है कि बालोद जिले में जनगणना कार्य में लगे अधिकारी-कर्मचारियों का द्वितीय चरण का प्रशिक्षण पूर्ण कर लिया गया है। इसके अंतर्गत आज डिप्टी कलेक्टर एवं सहायक नोडल अधिकारी श्रीमती प्राची ठाकुर ने बालोद विकासखण्ड के ग्राम पंचायत जमरूवा एवं ओरमा तथा डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम पंचायत दुपेचरा में पहुँचकर जनगणना के कार्य का अवलोकन किया।
- 0- 'द टी-एक्सप्रेस’ से नई पहचान, 10 दिव्यांगों को मिला रोजगाररायपुर। कहते हैं, दृढ़ संकल्प और मेहनत के सामने कोई बाधा बड़ी नहीं होती। शांती नगर की निवासी श्रीमती गिरजा जलक्षत्री ने इस बात को सच साबित किया है। छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम की ऋण योजना से मिली सहायता ने उनके जीवन को नई दिशा दी। योजना से मिली राशि से न केवल उन्होंने व्यवसाय शुरू किया बल्कि उनके जैसे और दिव्यांगजनों को रोजगार देकर समाज में प्रेरणा का स्रोत भी बनी हैं।श्रीमती जलक्षत्री 60 प्रतिशत अस्थिबाधित दिव्यांग हैं। उन्हें समाज कल्याण विभाग की योजना ‘‘छत्तीसगढ़ दिव्यांगजन वित्त एवं विकास निगम‘‘ के तहत इलेक्ट्रीकल एण्ड इलेक्ट्रानिक शॉप हेतु 06 जनवरी 2017 में 01 लाख 75 हजार रूपए ऋण स्वीकृत हुआ। जिसकी पूरी किश्त नियमित रूप से श्रीमती जलक्षत्री द्वारा चुका दी गई तथा नियमानुसार कुल ब्याज राशि पर उन्हें 25 प्रतिशत सब्सिडी भी प्राप्त हुई।योजना से मिले सहयोग से आगे बढ़ते हुए उन्हें पुनः 2 लाख 75 हजार रुपये का ऋण प्राप्त हुआ और उन्होंने “द टी-एक्सप्रेस” के नाम से कोर्ट परिसर रायपुर में चाय एवं स्वल्पाहार केंद्र की शुरुआत की। उनके इस व्यवसाय से 10 दिव्यांगजनों को आश्रय और रोजगार मिला है, जिससे वे और उनके परिवार आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
- 0- बेलदार सिवनी के प्रकाश धीवर ने 20 लोगों को दिया रोजगाररायपुर। रायपुर से लगभग 35 किमी दूर विकासखण्ड तिल्दा-नेवरा की ग्राम पंचायत बेलदार सिवनी निवासी श्री प्रकाश धीवर ने मछली पालन को आजीविका का मुख्य साधन बनाकर आत्मनिर्भरता की मिसाल पेश की है।12वीं की पढ़ाई पूरी करने के बाद रोजगार की तलाश में प्रकाश ने मछली पालन विभाग से संपर्क किया। वहां से जानकारी मिली कि ग्राम पंचायत के तालाबों को पट्टे पर लेकर मछली पालन किया जा सकता है। इसके बाद उन्होंने समिति बनाकर ग्राम पंचायत सिवनी के तालाबों को शासन के नियमानुसार 10 वर्षीय पट्टे पर लिया तथा कुछ निजी तालाब लीज पर लेकर मछली पालन शुरू किया।श्री प्रकाश धीवर जय महामाया मछुआ सहकारी समिति बेलदार सिवनी के अध्यक्ष हैं, जिसमें 21 सदस्य हैं। वर्तमान में उनकी समिति के पास कुल 5 तालाब (8.835 हेक्टेयर) पट्टे पर हैं, जिनसे प्रतिवर्ष लगभग 22 से 25 टन मछली का उत्पादन होता है।प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत प्रकाश को 40 प्रतिशत अनुदान पर चार पहिया वाहन उपलब्ध कराया गया है। इस वाहन की मदद से वे रायपुर, खरोरा, तिल्दा व बलौदा बाजार जैसे बड़े मछली बाजारों में जीवित मछली बेचकर अतिरिक्त आमदनी प्राप्त करते हैं। सभी स्रोतों से उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 15 से 20 लाख रुपये की आय होती है।प्रकाश मछली पालन के लिए जिला सहकारी बैंक से न्यूनतम ब्याज दर पर 3 लाख रुपये तक का केसीसी ऋण लेते हैं, जिसका उपयोग मछली बीज, चूना व जाल खरीदने में करते हैं। शासन की योजनाओं का लाभ लेकर श्री प्रकाश धीवर आत्मनिर्भर मत्स्य कृषक बन गए हैं और साथ ही 15 से 20 लोगों को रोजगार भी उपलब्ध करा रहे हैं।--
- 0- “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” के तहत शासकीय कर्मचारी बच्चों संग साझा कर रहे हैं खुशियाँरायपुर। जिले में शासकीय कर्मचारियों के जन्मदिन अब केवल व्यक्तिगत आयोजन नहीं रह गए हैं, बल्कि समाज सेवा का माध्यम बनते जा रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मंशानुसार प्रधानमंत्री पोषण शक्ति योजना और न्योता भोज के अंतर्गत संचालित “प्रोजेक्ट आओ बाँटें खुशियाँ” का उद्देश्य ही है - खुशियों को बाँटना, और इस पहल को शासकीय कर्मचारी पूरे उत्साह के साथ अपना रहे हैं।इसी क्रम में सचिव श्री टेमन लाल देवांगन ने आंगनबाड़ी केंद्र 2 जवईबांधा, नर्सिंग ऑफिसर सुश्री कंचन लोधी ने आंगनबाड़ी केंद्र तुलसी नगर, स्टॉफ नर्स सुश्री गीता बंजारे ने आंगनबाड़ी केंद्र त्रिमूर्ति नगर एवं सहायक अधीक्षक भू-अभिलेख सुश्री स्वाती गुरुदान ने आंगनबाड़ी केंद्र तुलसी नगर में विद्यार्थियों के साथ जन्मदिवस के अवसर पर बच्चों के साथ केक काटकर, फल और पौष्टिक आहार वितरित कर इस दिन को विशेष बनाया।
- 0- अब तक 4500 से अधिक शासकीय कर्मचारियों को मिल चुका तकनीकि ज्ञानरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की मंशा के अनुरूप तथा कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में प्रोजेक्ट दक्ष का सफल क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत अब तक कुल 265 बैचों में 4500 से अधिक अधिकारी-कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया जा चुका है। इसी कड़ी में शिक्षा विभाग के कुल 37 सहायक शिक्षक एवं प्रधान पाठकों ने प्रोजेक्ट दक्ष के तहत ट्रेनिंग ली।इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य शासकीय कार्यप्रणाली को डिजिटल रूप से सशक्त, पारदर्शी और अधिक प्रभावी बनाना है। प्रशिक्षण के माध्यम से कर्मचारियों को कंप्यूटर एवं मोबाइल के मूलभूत उपयोग, साइबर सुरक्षा, डेटा गोपनीयता, डिजिटल दस्तावेज़ प्रबंधन तथा ई-मेल जैसे आधुनिक डिजिटल टूल्स की व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है।प्रोजेक्ट दक्ष से शासकीय कर्मचारियों की तकनीकी दक्षता में वृद्धि हुई है, जिससे ई-गवर्नेंस को मजबूती मिल रही है और नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं की गुणवत्ता व गति में भी सुधार हो रहा है। यह पहल शासन की डिजिटल इंडिया और सुशासन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो रही है।
- -भारत को 2047 तक खेलों में भी अग्रणी बनाने होगा मंथन : अरुण सावबिलासपुर ।. उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित चिंतन शिविर में शामिल होंगे। भारत सरकार द्वारा 24 अप्रैल से 26 अप्रैल तक आयोजित इस तीन दिवसीय चिंतन शिविर में केंद्रीय युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मंडाविया, विभिन्न राज्यों के खेल मंत्री तथा अधिकारी भारत को खेल शक्ति बनाने की कार्ययोजनाओं पर मंथन करेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव चिंतन शिविर में शामिल होने शुक्रवार को सवेरे श्रीनगर के लिए रवाना हुए। उन्होंने बताया कि इस राष्ट्रीय चिंतन शिविर में आने वाले समय में देश में खेलों के विकास के लिए किए जाने वाले कार्यों, खिलाड़ियों की तरक्की और बेहतरी के विषय में विचार-विमर्श किया जाएगा। सभी राज्यों के खेल मंत्री और अधिकारी केंद्र सरकार के साथ मंथन कर खेलों के विकास की योजनाएं बनाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के विजन के अनुरूप 2047 तक भारत दुनिया में खेल के क्षेत्र में भी अग्रणी बने, इस लक्ष्य के साथ काम किया जा रहा है। आने वाले समय में इनके सकारात्मक परिणाम दिखेंगे।
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रायपुर। भारतीय जनता पार्टी के मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद संतोष पाण्डेय ने रायपुर प्रेस क्लब के अध्यक्ष पत्रकार मोहन तिवारी के पिता दिलीप तिवारी के देहावसान पर गहन शोक व्यक्त किया है।
भाजपा मुख्य प्रदेश प्रवक्ता व सांसद श्री पाण्डेय ने स्व. तिवारी को भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि एक परिवार के लिए पिता का साया उठना अपूरणीय क्षति है। स्व. तिवारी एक सरल, सहज और सेवाभावी व्यक्तित्व के धनी थे। उनका मार्गदर्शन न केवल उनके परिवार के लिए, बल्कि समाज के लिए भी प्रेरणादायी रहा। श्री पाण्डेय ने ईश्वर से दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान देने और शोकाकुल परिजनों को इस वज्रपात को सहने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की है।
भाजपा मीडिया के समस्त प्रदेश प्रवक्ता एवं पैनलिस्ट गण ने भी स्व. तिवारी को अपनी भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी है। -
मानव श्रृंखला के माध्यम से दिया गया जल संरक्षण का संदेश
बालोद/जिले के गुरूर विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पेंडरवानी में “नीर चेतना अभियान 2026” अंतर्गत जल संरक्षण, जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान ग्रामीणों ने भारत का नक्शा एवं जेएसजेबी 2.0 का मानव श्रृंखला बनाकर जल बचाओ, जीवन बचाओ का संदेश दिया। कार्यक्रम में कुल 475 लोग शामिल हुए। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने ग्रामीणों को अपने घरों में सोकपीट और रैन वाटर हार्वेस्टिंग निर्माण कराने को कहा। जिससे वर्षा जल का संचय कर भूजल स्तर में वृद्धि की जा सके। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे। -
बालोद/जिले में वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य मई माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होने जा रहा है। जिसके लिए जिला यूनियन वनमंडल बालोद द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। वनमण्डलाधिकारी एवं जिला लघु वनोपज सहकारी संघ मर्यादित बालोद के प्रबंध संचालक श्री अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि जिले के लगभग 25 हजार संग्राहकों के द्वारा तेंदुपत्ता संग्रहण का कार्य किया जाना है। जिन्हंें 5,500 रुपये प्रति मानक बोरा की दर से ऑनलाइन भुगतान सीधे उनके बैंक खातों में किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वर्ष 2026 के लिए तेन्दूपत्ता संग्रहण का कार्य मई माह के प्रथम सप्ताह से शुरू होगा। जिसके लिए 252 फड़ खोले जाएंगे। कलेक्टर द्वारा अन्य विभागों से 151 फड़ एवं वनमंडलाधिकारी द्वारा 101 विभागीय और अभिरक्षकों की नियुक्ति की जा चुकी है। इसके अलावा निगरानी के लिए जोनल अधिकारी और पोषक अधिकारियों की नियुक्तियां भी पूर्ण हो चुकी हैं।
प्रबंध संचालक ने बताया कि संग्रहण कार्य की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए ’शाखकर्तन कार्यशाला’ का आयोजन पूर्व में किया जा चुका है। फड़मुंशियों का अनुमोदन भी हो गया है। जब तक अच्छी गुणवत्ता के पत्ते प्राप्त होंगे, तब तक संग्रहण केंद्र खुले रहेंगे ताकि संग्राहकों को अधिकतम लाभ मिल सके। संग्रहण और भुगतान प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसके अलावा 21 अप्रैल 2026 को जिला पंचायत की वन स्थायी समिति के सदस्यों के साथ विस्तृत चर्चा की गई है। समिति के सदस्य स्वयं फड़ों का निरीक्षण करेंगे। उन्होंने बताया कि संग्रहण कार्य को अंतिम रूप देने के लिए इसी सप्ताह क्रेता, प्रबंधक और पोषक अधिकारियों की संयुक्त बैठक आयोजित की जाएगी। जिले में तेन्दूपत्ता संग्रहण के लिए पूरी व्यवस्था चाक-चैबंद है। संग्राहकों को सही समय पर उनकी मेहनत का उचित मूल्य मिले और संग्रहण प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी संपन्न कराना हमारा लक्ष्य है।



























