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- - एकटकन्हार धान उपार्जन केंद्र में 120 क्विंटल धान का किया विक्रय, पारदर्शी धान खरीदी प्रक्रिया की सराहनामोहला । जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी अभियान सुगम, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से जारी है। शासन द्वारा लागू की गई डिजिटल प्रणाली और उपार्जन केंद्रों की सुदृढ़ व्यवस्था से किसानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। वही जिले में धान खरीदी में तेजी आयी है।विकासखण्ड मोहला के ग्राम काड़े निवासी किसान श्री सियाराम आज एकटकन्हार धान उपार्जन केंद्र पहुंचे थे। उन्होने बताया कि समर्थन मूल्य पर धान विक्रय के लिए घर बैठे ही किसान-तुंहर टोकन ऐप के माध्यम से ऑनलाइन टोकन प्राप्त किया। जिससे धान विक्रय की प्रक्रिया आसान और सुविधाजनक हो गई। वही ऐप के माध्यम से टोकन मिलने से उपार्जन केन्द्र जाने में लगने वाले समय एवं कतार में लगने वाले श्रम दोनों की बचत हो रही है।श्री सियाराम ने बताया कि एकटकन्हार धान उपार्जन केंद्र में 120 क्विंटल धान लेकर विक्रय करने पहुंचे है। यहां सभी प्रकार की समुचित व्यवस्था के साथ ही पर्याप्त बारदाना, पारदर्शी प्रक्रिया तथा उपस्थित कर्मचारियों के सहयोगात्मक व्यवहार सराहनीय रहा। जिससे धान विक्रय सुविधाजनक हो गई। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा समर्थन मूल्य में धान खरीदी से किसानों को बेहतर आमदनी हो रही है। इस वर्ष की फसल पिछले वर्ष की तुलना में काफी बेहतर हुई है। जिससे आय में भी वृद्धि होगी। उन्होंने धान का उचित समर्थन मूल्य एवं पारदर्शी प्रक्रिया उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया।
- -अब 123 उपार्जन केंद्रों में धान खरीदी शुरू, 01 लाख 44 हजार 506 क्विंटल धान खरीदा गया-उत्साह पूर्वक धान बेचने पहुंच रहे हैं किसानमहासमुंद / राज्य शासन के मंशानुरूप खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत कृषक उन्नति योजना के तहत जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी बिना किसी रुकावट के तेजी से जारी है। जिले में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का आज 7वां दिन हैं। जिले के 130 समितियों के 182 उपार्जन केन्द्रों में से 123 केन्द्रों में आज दिनांक तक एक लाख 44 हजार 506.80 क्विंटल धान की खरीदी की गई है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के मार्गदर्शन में जिन केन्द्रों में धान खरीदी की शुरुआत नहीं हुई है लगभग उन सभी उपार्जन केंद्रों में किसानों से निर्बाध रूप से धान खरीदने की पूरी तैयारी की गई है।जिले में किसान उत्साह से धान खरीदी केंद्रों में धान लेकर पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में आज प्राथमिक सहकारी समिति बेमचा में धान बेचने आए कृषक श्री प्रहलाद चंद्राकर एवं श्री देवेन्द्र साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में किसानों के हित में उठाए गए कदमों से हमें भरोसा मिल रहा है कि हमारा धान उचित मूल्य पर सुरक्षित तरीके से खरीदी जाएगा। उन्होंने बताया कि खरीदी केन्द्र में व्यवस्था बेहतर और खरीदी प्रक्रिया पारदर्शी है। वे बताते है कि बिना किसी परेशानी के उन्होंने धान का विक्रय किया। उन्होंने सरकार द्वारा दी जा रही सुविधाओं और सहयोग के लिए शासन एवं प्रशासन का धन्यवाद ज्ञापित किया।उत्साह पूर्वक धान बेचने पहुंच रहे हैं किसानटोकन तुहर हाथ मोबाइल एप से आसानी से कट रहा है टोकन- किसान प्रहलाद एवं देवेन्द्रग्राम कौंदकेरा के किसान प्रह्लाद चंद्राकर ने कहा कि सरकार धान खरीदी में किसानों का पूरा ध्यान रख रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जारी मोबाइल ऐप द्वारा घर में टोकन काटा गया। उन्होंने बताया कि आज 550 कट्टा धान बेमचा मंडी में लाया हूं। धान की तौलाई अच्छे से हो रही है। उन्होंने कहा कि बारदाना भी आसानी से मिल रहा है। हम सरकार की व्यवस्था से खुश है। इसी तरह किसान देवेंद्र साहू ने भी बताया कि उनका 25 एकड़ खेत है और आज लगभग 60 क्विंटल धान बेचने आए है। मुस्कुराते हुए कहा कि धान खरीदी हम लोगों का त्यौहार है। आसानी से धान बिक जाए तो ये हमारे लिए बहुत बड़ी खुशी की बात है। बेमचा सहकारी समिति में अब तक 34 किसानों का टोकन काटा गया है। यहां 5 पंचायत के 12 गांव के किसान धान बेचने आते हैं।
- - अपर कलेक्टर श्री मरकाम ने ली उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा एवं आदिवासी विकास विभाग की संयुक्त बैठक,दिए आवश्यक दिशा-निर्देशमोहला । कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति के निर्देशानुसार अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में उच्च शिक्षा, स्कूल शिक्षा एवं आदिवासी विकास विभाग के जिला स्तरीय अधिकारियों तथा प्राचार्यों की संयुक्त बैठक ली। इस अवसर पर श्री डीआर ध्रुव सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।अपर कलेक्टर श्री जी.आर. मरकाम ने सभी विभागों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति से जुड़े प्रकरण में पात्र विद्यार्थियों की संख्या, पूर्ण पंजीकरण, संस्थागत स्वीकृतियां तथा विद्यार्थियों के खातों में राशि हस्तांतरण को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। साथ ही राष्ट्रीय उच्च शिक्षा अभियान (रूसा) की प्रगति रिपोर्ट अद्यतन कर प्रस्तुत करने तथा महाविद्यालय एवं आईटीआई संस्थानों के इन्फ्रास्ट्रक्चर संबंधी आवश्यक प्रस्ताव शीघ्र तैयार करने के निर्देश दिए गए।अपर कलेक्टर श्री मरकाम ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि स्वीकृत, रिक्त एवं भरे पदों की सटीक जानकारी, विषयवार सीटों एवं दर्ज विद्यार्थियों का अद्यतन डेटा तथा संस्थानों की मूलभूत सुविधाओं से संबंधित कमी को तत्काल दूर करने की कार्यवाही सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त छात्रों के जाति प्रमाण पत्र, ग्रंथालय में अध्ययन सामग्री, नेट/सेट एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु अनुकूल वातावरण निर्मित तथा गत वर्ष के परीक्षा परिणामों की समीक्षा संबंधी कार्यों को भी समयबद्ध रूप से पूरा करने के निर्देश दिए।
- - पिछले वर्ष धान विक्रय की राशि से किसान श्री गोपाल साहू ने खरीदा मोटरसाईकल- विगत वर्ष धान बिक्री की प्राप्त राशि से किसान शांतनुराम ने खेत में लगवाया स्प्रिंकलर, ले रहे डबल फसल- किसानों को उनकी मेहनत का मिल रहा फल- शासन की कृषक उन्नति योजना और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किसानों के घर आ रही समृद्धि- धान खरीदी केन्द्र सांकरा में किसानों ने उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा कीराजनांदगांव । जिले में खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 अंतर्गत धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से चल रहा है। जिले के 96 धान उपार्जन केन्द्रों में समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के अंतर्गत धान खरीदी का कार्य तेज गति से जारी है। किसानों की सुविधा के लिए खरीदी केन्द्रों में पर्याप्त मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध है। किसानों को धान विक्रय करने में किसी प्रकार की समस्या नहीं हो रही है। धान उपार्जन केन्द्र सांकरा में किसानों में धान उत्सव को लेकर हर्ष व्याप्त है। ग्राम सांकरा से आए किसान श्री गोपाल साहू ने कहा कि वे 350 कट्टा धान बिक्री के लिए लेकर आए हैं। उनके पास 8 एकड़ 50 डिसमिल खेती जमीन है। उन्होंने कहा कि ऑनलाईन के माध्यम से टोकन कटवाया था और धान खरीदी केन्द्र आने के बाद उनके धान की तौलाई इलेक्ट्रानिक मशीन के माध्यम से पादर्शितापूर्वक शीघ्र किया गया। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र सांकरा में किसानों के लिए उपलब्ध सुविधाओं की प्रशंसा की। किसान श्री गोपाल ने कहा कि पिछले वर्ष धान की बिक्री से प्राप्त राशि से वे अपनी आजीविका के साथ ही खेती-किसानों के कार्य में मददगार साबित हुई है। धान विक्रय की प्राप्त राशि का उपयोग अपने खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए खेत में बोर करवाया और आने जाने के लिए एक मोटरसाईकल खरीदी है। जिससे उन्हें कही पर भी आना-जाना सुगम हो गया है। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा सही दर पर धान खरीदी की जा रही है। शासन की धान खरीदी नीति से वे बहुत संतुष्ट है। इसके लिए वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को कृतज्ञता ज्ञापित किया है।ग्राम सांकरा के किसान श्री शांतनुराम साहू ने बताया कि उनके पास पौने 2 एकड़ खेती जमीन है और 24 क्ंिवटल धान बिक्री के लिए लेकर आए थे। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र सांकरा में ऑनलाईन टोकन और इलेक्ट्रानिक कांटा बाट के माध्यम से धान की तौलाई की जा रही है। किसानों के वास्तविक उपज का सही दाम मिलने से खेती-किसानी की ओर रूझान बढ़ा है। उन्होंने बताया कि शासन द्वारा 3100 रूपए प्रति क्विंटल धान खरीदी से किसानों की आर्थिक स्थिति सुदृढ हो रही है। किसान शांतनुराम ने बताया कि वे पिछले वर्ष धान बिक्री से मिली राशि का उन्होंने खेती-किसानी को बढ़ाने के लिए खेत में स्प्रिंकलर खरीदे हैं। उन्होंने बताया कि रबी सीजन में सब्जी की खेती करते हैं, लेकिन इस वर्ष सब्जी के साथ गेंहू की फसल लेने का सोच रहे हैं। उन्होंने कहा कि किसानों को उनकी मेहनत का फल मिल रहा है। शासन की कृषक उन्नति योजना और समर्थन मूल्य पर धान खरीदी किसानों के लिए बहुत लाभकारी साबित हो रही है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद ज्ञापित किया। उल्लेखनीय है कि राजनांदगांव विकासखंड के धान उपार्जन केन्द्र सांकरा के अंतर्गत इंदावनी, धीरी, सांकरा और ईरा ग्राम शामिल है। धान उपार्जन केन्द्र सांकरा में 1174 पंजीकृत किसान है। खरीदी केन्द्र में ऑनलाईन टोकन तुंहर हाथ के माध्यम से टोकन कटवाकर किसान धान विक्रय करने आ रहे हैं। किसानों को यह जानकारी दी जा रही है कि किसान अपनी टोकन पर्ची, ऋण पुस्तिका, आधार कार्ड, बैंक का पासबुक की प्रति लेकर आए। धान उपार्जन केन्द्रों में मोटा, सरना एवं पतला धान की खरीदी की जा रही है।
- - राजनांदगांव जिले में लगभग 8 लाख 35 हजार मतदाता, लगभग 1 लाख 75 हजार मतदाताओं का फॉर्म प्राप्त कर किया गया डिजिटाइजेशन- मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 कोराजनांदगांव भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ में विशेष गहन पुनरीक्षण अर्हता तिथि 1 जनवरी 2026 का कार्य किया जा रहा है। राजनांदगांव जिले में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2025 की मतदाता सूची के आधार पर सभी मतदाताओं को गणना पत्रक का वितरण बीएलओ के माध्यम से घर-घर जाकर किया जा रहा है। यह गणना पत्रक सभी मतदाताओं को भरना अनिवार्य है। जिला निर्वाचन कार्यालय राजनांदगांव में मतदाता हेल्पलाइन 1950 एवं हेल्पडेस्क की सहायता से मतदाताओं को 2003 की मतदाता सूची में नाम खोजने की सुविधा दी जा रही है। नगरीय क्षेत्र में शिविर का आयोजन कर मतदाताओं से गणना फॉर्म भरवाया जा रहा है। जिले में लगभग 8 लाख 35 हजार मतदाता है। अब तक जिले में लगभग 1 लाख 75 हजार मतदाताओं का फॉर्म प्राप्त कर डिजिटाइजेशन किया जा चुका है। मतदाता गणना पत्रक को पूर्ण रूप से भरकर 4 दिसम्बर 2025 के पूर्व बीएलओ के पास जमा करना होगा। बीएलओ द्वारा गणना पत्रक भरने में मतदाताओं की सहायता की जा रही है। बीएलओ 4 नवम्बर से 4 दिसंबर 2025 के बीच प्रत्येक मतदाता के पास अधिकतम तीन बार मतदाता द्वारा भरे गणना पत्रक प्राप्त करने के लिए जाएगे। गणना पत्रक ऑनलाईन पोर्टल voters.eci.gov.in के माध्यम से भी भरा जा सकता है। विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान वर्ष 2025 में दर्ज मतदाताओं की जानकारी वर्ष 2003 की मतदाता सूची से मिलान किया जायेगा। इस दौरान मतदाता के स्वयं तथा उनके माता, पिता, दादा व दादी के नाम का मिलान 2003 की मतदाता सूची से हो जाता है, तो ऐसे मतदाताओं को किसी भी प्रकार के दस्तावेज प्रस्तुत करने की आवश्यकता नहीं होगी। विशेष गहन पुनरीक्षण वर्ष 2003 की मतदाता सूची में नाम ऑनलाईन पोर्टल voters.eci.gov.inपर सर्च करने के लिए उपयोग कर सकते है। इसके अतिरिक्त मतदाता वोटर हेल्प लाईन टोल फ्री नम्बर 1950 में संपर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते है। मतदाता सूची का प्रारंभिक प्रकाशन 9 दिसम्बर 2025 को किया जायेगा। प्रारंभिक प्रकाशन में उन्ही मतदाताओं के नाम शामिल किए जाएगे, जिनके गणना पत्रक बीएलओ या ऑनलाईन पोर्टल के माध्यम से प्राप्त होंगे। प्रारंभिक प्रकाशन उपरांत प्रकाशित मतदाता सूची हेतु दावा आपत्ति 8 जनवरी 2026 तक प्राप्त की जाएगी। दावा आपत्ति के निराकरण उपरांत अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन 7 फरवरी 2025 को किया जाएगा।
- - कलेक्टर ने जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र के संबंध में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश- पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने के लिए नि:शुल्क उपचार के साथ मिल रहा समृद्ध आहार- वर्ष 2024-2025 में एनआरसी में 484 कुपोषित बच्चों का किया गया सफल उपचार- एनआरसी में गंभीर कुपोषित बच्चों को 15 दिन तक नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं दी जा रहीराजनांदगांव । जिले के पोषण पुनर्वास केन्द्रों में गंभीर कुपोषण से ग्रस्त बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए विशेष तौर पर कार्य किया जा रहा है। पोषण पुर्नवास केन्द्र में किए जा रहे कार्यों के कारगर परिणाम प्राप्त हो रहे है। कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने जिले में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र के संबंध में स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए है। कलेक्टर ने कहा कि पोषण पुनर्वास केन्द्र कार्यक्रम शासन की महत्वाकांक्षी योजना है। कार्यक्रम का उद्देश्य कुपोषण मुक्त समाज का निर्माण करना तथा जिले में कुपोषण की दर को कम करना है। जिसके लिए स्वास्थ्य विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग को विभिन्न स्तरों पर समन्वित तरीके से कार्य करने के लिए कहा। जिला अस्पताल राजनांदगांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में संचालित पोषण पुनर्वास केन्द्र में कुपोषित बच्चों को भर्ती कर नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं प्रदान की जा रही है, ताकि कुपोषित बच्चे सुपोषण की श्रेणी में आ सके। प्रक्रिया में नोडल अधिकारी द्वारा रेफर किए गये गंभीर कुपोषित बच्चों के परामर्श और भर्ती में फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर द्वारा सहायता प्रदान करने हेतु निर्देश दिए गए है।गौरतलब है कि एनआरसी में कार्यरत स्टॉफ नर्स और फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर नियमित रूप से ओपीडी, आईपीडी और इन्फैंट एण्ड यंग चाइल्ड फीडिंग कांउसलिंग सेंटर पर आने वाले कुपोषित बच्चों को प्रोटोकॉल के अनुसार एनआरसी में भर्ती कराने की प्रक्रिया सुनिश्चित कर रहे हैं। पोषण पुनर्वास केन्द्र में बच्चों के खेल-कूद हेतु व्यवस्था कर बच्चों को स्वस्थ माहौल प्रदान कराया जा रहा है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं मितानिन से समन्वय स्थापित कर गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान कर इलाज हेतु पोषण पुनर्वास केन्द्र जिला चिकित्सालय राजनांदगांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में भर्ती कराया जा रहा है। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा एनआरएलएम के सहयोग से जिले में पोट्ठ लईका कार्यक्रम का संचालन भी किया जा रहा है। पोषण पुनर्वास केन्द्र के ओपीडी में स्क्रिनिंग से आने वाले बच्चों का डेटा संधारित किया जाएगा और इसकी नियमित समीक्षा की जायेगी। जिला अस्पताल राजनांदगांव एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र डोंगरगढ़ में एनआरसी, कुपोषित बच्चों के लिए 10-बेड वाला विशेष वार्ड है। यहां गंभीर कुपोषित बच्चों को 15 दिन तक नि:शुल्क उपचार, प्रोटीन-विटामिन-समृद्ध आहार और आवश्यक दवाएं दी जाती हैं। अप्रैल 2024-अक्टूबर 2025 के 1 साल में इन केन्द्र ने 484 कुपोषित बच्चों का सफल उपचार किया है।
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- किसान गेंदलाल चंद्राकर ने विगत वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से परिवार के लिए कार खरीदकर दिया उपहार
- सरकार द्वारा धान खरीदी से किसानों के जीवन में आई समृद्धि : किसान श्री गेंदलाल चंद्राकर
- उम्मीद संजोए मेहनतकश किसान नए उत्साह और जज्बे के साथ धान खरीदी केंद्रों में पहुंच रहे
- धान उपार्जन समिति सुरगी में पेयजल, छांव, बारदाना, श्रमिकों की पर्याप्त व्यवस्था
- किसानों ने समर्थन मूल्य में धान खरीदी तथा धान उपार्जन केन्द्रों में अच्छी सुविधा मिलने पर शासन को दिया धन्यवाद
राजनांदगांव । खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 में शासन की धान खरीदी का यह महोत्सव किसानों के चेहरों पर मुस्कान लेकर आया है। उम्मीद संजोए मेहनतकश किसान नए उत्साह और जज्बे के साथ धान खरीदी केंद्रों में अपना धान बिक्री के लिए पहुंच रहे हैं। यह समय है जब खुशियों की गुल्लक से किसानों को सौगात मिलेगी। किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल रहा है और उनके खातों में राशि प्राप्त हो रही है। खेत-खलिहानों से अपने धान को संग्रहित कर किसान धान उपार्जन केन्द्र पहुंच रहे हैं। ग्राम बुचीभरदा के किसान श्री गेंदलाल चंद्राकर धान उपार्जन केन्द्र सुरगी धान बिक्री के लिए पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके पास 50 एकड़ कृषि भूमि है और आज वे 190 क्विंटल धान बिक्री के लिए लेकर आए है। उन्होंने टोकन तुंहर हाथ मोबाईल एप के माध्यम से टोकन कटवाया था। उन्होंने कहा कि सरकार धान का अच्छा मूल्य दे रही है। समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना के तहत 3100 रूपए प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी होने से किसानों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। उन्होंने बताया कि विगत वर्ष धान विक्रय से प्राप्त राशि से परिवार के लिए कार खरीदकर उपहार में दिया है। इसके साथ ही उन्होंने दो ट्रेक्टर, थ्रेसर मशीन एवं अन्य कृषि यंत्र खरीदे है। उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के माध्यम से किसानों को हर 3 माह में 2000 रूपए के हिसाब से वर्ष में 6000 रूपए की आर्थिक सहायता भी मिल रही है। किसान श्री गेंदलाल चंद्राकर ने धान उपार्जन समिति सुरगी में पेयजल, छांव, पर्याप्त संख्या में बारदाना, श्रमिकों की व्यवस्था के लिए खुशी जाहिर की। इलेक्ट्रानिक मशीन से धान की तौलाई आसानी से हो रही है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा धान खरीदी से किसानों के जीवन में समृद्धि आयी है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को बहुत धन्यवाद दिया।
गौरतलब है कि धान उपार्जन केन्द्र सुरगी अंतर्गत ग्राम कुम्हालोरी, बेलटिकरी, आरला, बुचिभरदा, सुरगी, कोटराभाटा, मुड़पार म, मलपुरी ग्राम के किसान धान बिक्री के लिए पहुंचते है। धान उपार्जन केन्द्र सुरगी में 1768 किसान पंजीकृत है और वे ऑनलाईन टोकन कटाकर अपने धान की बिक्री बारी-बारी से कर रहे है। ग्राम मुड़पार के किसान श्री परमेश्वर साहू धान बिक्री के लिए सुरगी पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि उनके पास लगभग 9 एकड़ जमीन है। जिसमें उन्होंने धान की खेती की है। धान उपार्जन केन्द्र सुरगी में सुचारू रूप से धान की खरीदी हो रही है। आसानी से टोकन प्राप्त हो गया है। पहले किसानों को खेती करने के लिए मार्केट से ऋण लेना पड़ता था। अब किसानों को साहूकार, बिचौलियों से मुक्ति मिल गयी है। सरकार की समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना से अब किसानों को इतनी बचत हो रही है कि अब किसान आसानी से कृषि कर पा रहे है। - -विभिन्न नवाचारी योजनाओं से आर्थिक उन्नति की दिशा में कारगर पहलमहासमुंद / महासमुंद जिले में कृषि विकास को गतिशील एवं लाभकारी बनाने के लिए केन्द्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन में उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की गई है। आधुनिक सिंचाई तकनीकों के विस्तार से लेकर किसानों को प्रत्यक्ष लाभ पहुँचाने वाली योजनाओं तक, जिले ने लक्ष्य प्राप्ति में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के सफल क्रियान्वयन ने कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के साथ जल संरक्षण, फसल उत्पादकता वृद्धि और किसानों की आर्थिक उन्नति की दिशा में विशेष योगदान दिया है।जिले में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के अंतर्गत वर्ष 2024-25 में जिले ने उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की है। निर्धारित 151 हेक्टेयर सिंचाई लक्ष्य के विरुद्ध 84 कृषकों के खेतों में 149.66 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप एवं स्प्रिंकलर के माध्यम से सिंचाई व्यवस्था स्थापित की गई। लक्ष्य के लगभग पूर्ण होने से किसानों को आधुनिक सिंचाई सुविधाओं का महत्वाकांक्षी लाभ मिला है। वर्ष 2025-26 के लिए कृषि विभाग ने कुल 264 हेक्टेयर क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई प्रणाली विस्तार का लक्ष्य रखा है, जिसमें 235 हेक्टेयर क्षेत्र में ड्रिप सिंचाई तथा 29 हेक्टेयर क्षेत्र में स्प्रिंकलर सिंचाई स्थापित की जाएगी। इस योजना से जल संरक्षण, फसलों की उत्पादकता वृद्धि और कृषि लागत में कमी की दिशा में प्रगति होगी।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना अंतर्गत जिले में 1,26,234 किसानों को योजना का लाभ प्रदान किया जा रहा है और पात्र किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया निरंतर जारी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 21वीं किस्त के तहत जिले में 25.25 करोड़ रूपए की राशि किसानों को उनके खाते में प्राप्त हुई है। जिले में 1,39,063 किसानों का लैंड सीडिंग का कार्य पूर्ण कर लिया गया है। इसी प्रकार 1,37,835 किसानों की आधार सीडिंग तथा 1,40,733 किसानों का ई-केवाईसी पूरा हो चुका है। जिले में 1,461 पात्र पीव्हीटीजी हितग्राही इस योजना के अंतर्गत पंजीकृत हैं।इसी तरह राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 1,920 हेक्टेयर क्षेत्र में मिलेट्स रागी फसल प्रदर्शन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके अलावा 1,320 हेक्टेयर में मक्का, 260 हेक्टेयर में उड़द एवं मूंग, 50 हेक्टेयर में मूंगफली तथा 20-20 हेक्टेयर में सूरजमुखी एवं तिल फसल प्रदर्शन किया जाएगा। साथ ही 250 हेक्टेयर क्षेत्र में शैलो ट्यूबवेल सब्सिडी प्रदान करने का लक्ष्य भी रखा गया है।
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- मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक लगभग पौने दो लाख मरीजों का इलाज
महासमुंद / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के मार्गदर्शन में प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आमजन तक पहुंचाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना को प्रभावी रूप से संचालित किया जा रहा है। योजना का मुख्य लक्ष्य शहरी स्लम क्षेत्रों में रहने वाले जरूरतमंद नागरिकों को निःशुल्क, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशन में नगर पालिका परिषद महासमुंद के विभिन्न वार्डों में नियमित स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य नगरपालिका अधिकारी श्री अशोक सलामे की देखरेख में शिविरों का संचालन सुचारू रूप से किया जा रहा है।प्रोजेक्ट मैनेजर धर्मेन्द्र भारद्वाज ने बताया कि महासमुंद जिले के शहरी क्षेत्रों में संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से अब तक लगभग पौने दो लाख मरीजों का इलाज किया जा चुका है। इनमें से 50 हजार से अधिक नागरिकों के मुफ्त लैब टेस्ट कराए गए हैं तथा डेढ़ लाख से अधिक मरीजों को निःशुल्क दवाइयां उपलब्ध कराई गई हैं। शिविरों में डॉक्टर, फार्मासिस्ट, नर्स और प्रशिक्षित लैब टेक्नीशियन की टीम द्वारा मरीजों को विशेषज्ञ परामर्श और जांच की सुविधा दी जाती है। योजना के अंतर्गत 170 प्रकार की आवश्यक दवाइयां तथा 41 प्रकार की लैब जांच पूरी तरह निःशुल्क उपलब्ध कराई जाती हैं। इसके साथ ही नगर के सफाई मित्रों के लिए भी प्रति माह नियमित स्वास्थ्य जांच की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे उनके स्वास्थ्य संरक्षण को सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के अंतर्गत मोबाइल चिकित्सा दल शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर नागरिकों को उनके घर के पास ही उच्चतम स्वास्थ्य परामर्श, जांच और दवाइयों की सुविधा प्रदान कर रहा है। - मनेंद्रगढ़/ मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के शिक्षित बेरोजगार युवाओं के लिए रोजगार का सुनहरा अवसर उपलब्ध करवाते हुए जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केंद्र द्वारा 27 नवंबर 2025 को भव्य रोजगार मेला/प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। कार्यालय द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार यह रोजगार मेला युवाओं को निजी क्षेत्र में सीधी नियुक्ति का अवसर प्रदान करेगा। प्लेसमेंट कैम्प का आयोजन मनेंद्रगढ़ के लालपुर स्थित शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्था में सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक किया जाएगा, जिसके लिए जिलेभर से युवाओं के बड़ी संख्या में पहुंचने की उम्मीद है। इस कैंप में शामिल होने के लिए प्रतिष्ठित निजी संस्थान योकोहामा इंडिया प्रा. लि. (ATC Tires), दहेज, गुजरात ने महिला अभ्यर्थियों के लिए मशीन ऑपरेटर के 50 रिक्त पदों की जानकारी रोजगार कार्यालय को प्रदान की है। इन पदों के लिए बीए, बीएससी, बीकॉम, आईटीआई और डिप्लोमा उत्तीर्ण युवा महिलाएं आवेदन कर सकती हैं। चयनित अभ्यर्थियों को प्रति माह 17,500 रुपये का वेतनमान प्राप्त होगा तथा कार्य स्थल दहेज, गुजरात होगा। रोजगार मेला पूर्णतः निःशुल्क है और इसमें भाग लेने के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा।प्लेसमेंट कैम्प में सम्मिलित होने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों का ई-रोजगार पोर्टल में पंजीयन अनिवार्य किया गया है। इसके लिए अभ्यर्थीhttps://erojgar.cg.gov.in/पर ऑनलाइन पंजीकरण कर सकते हैं या गूगल प्ले स्टोर में उपलब्ध ‘सीजी रोजगार पंजीयन एप’ के माध्यम से भी पंजीकरण संभव है। केवल वही आवेदक प्लेसमेंट कैम्प में शामिल किए जाएंगे, जिनका पोर्टल में वैध पंजीयन उपलब्ध होगा। जिला रोजगार केंद्र ने अभ्यर्थियों से आग्रह किया है कि वे प्लेसमेंट कैम्प में उपस्थित होने के समय अपने साथ सभी आवश्यक दस्तावेज जैसे-शैक्षणिक एवं तकनीकी योग्यता प्रमाण-पत्र, निवास एवं जाति प्रमाण-पत्र, रोजगार कार्यालय का पंजीयन प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड तथा पासपोर्ट आकार के फोटोग्राफ अवश्य लेकर आएं।
- रायपुर । छत्तीसगढ़ राज्य जैव विविधता बोर्ड आदिवासी क्षेत्रों के युवाओं को कौशल विकास से जोड़कर जैव-विविधता संरक्षण को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। इसी उद्देश्य से बोर्ड ने वन मंत्री श्री केदार कश्यप की पहल पर पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के सहयोग से हरित कौशल विकास कार्यक्रम शुरू किया है। यह विशेष प्रशिक्षण इसलिए तैयार किया गया है ताकि जंगलों में रहने वाले युवाओं को जैव विविधता संरक्षण से जुड़ी जानकारी, व्यवहारिक प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर मिल सकें।वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सरकार का यह प्रयास आदिवासी युवाओं को कौशल, ज्ञान और रोजगार उपलब्ध कराने के साथ-साथ जैव विविधता संरक्षण को भी सशक्त बना रहा है।गौरतलब है कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को आजीविका के नए अवसर प्रदान करना, पर्यावरण मित्र करियर की ओर प्रेरित करना तथा उन्हें स्थानीय संसाधनों के संरक्षण में सक्षम बनाना है। प्रशिक्षण में युवाओं को राष्ट्रीय उद्यान गाइड, पर्यटक गाइड, प्राकृतिक इतिहास प्रदर्शक, वन संसाधन सहायक, पारंपरिक वन संरक्षण तकनीकों, और वन आधारित आजीविका से जुड़े विभिन्न कौशल सिखाए गए।इसी कड़ी में राज्य के जांजगीर, कटघोरा, कोरबा, जगदलपुर, बीजापुर, सुकमा आदि कई जिले से कुल 105 युवाओं ने प्रथम चरण में भाग लिया। प्रशिक्षण 10 से 30 दिनों तक चला और इसमें युवाओं को बिना किसी शुल्क के फील्ड भ्रमण, जैव विविधता पहचान, पारिस्थितिक संवेदनशीलता, वन संपदा का संरक्षण, औषधीय पौधों की पहचान और दस्तावेजीकरण जैसे महत्वपूर्ण विषयों का ज्ञान दिया गया। विशेष रूप से आकांक्षी सुकमा जिले के 65 युवाओं ने जंगलों में पाए जाने वाले 153 प्रजातियों के पौधों और 47 पक्षी प्रजातियों की पहचान की। वन विभाग के विशेषज्ञों ने उन्हें हर्बेरियम बनाने, जैव-विविधता सर्वे तथा उपकरणों के उपयोग का भी प्रशिक्षण दिया। इस कार्यक्रम का एक महत्वपूर्ण भाग यह भी है कि युवाओं को वैज्ञानिक तरीके से परंपरागत ज्ञान का संरक्षण करना सिखाया जा रहा है। इससे स्थानीय समुदायों में जैव-विविधता के प्रति जागरूकता बढ़ रही है और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में ग्रामीणों की भागीदारी भी मजबूत हो रही है। इस प्रशिक्षण का मुख्य प्रभाव यह रहा कि अब युवा अपने क्षेत्र में पाए जाने वाले दुर्लभ पौधों और जीवों की पहचान कर पा रहे हैं। कई प्रशिक्षण प्राप्त युवा ईको-गाइड, नेचर गाइड, बैचलर सर्वे टीम और ईको-टूरिज्म गतिविधियों से जुड़ कर रोजगार प्राप्त कर रहे हैं।
- रायपुर /वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य आद्रभूमि प्राधिकरण द्वारा राज्य में वेटलैंड संरक्षण के लिए “वेटलैंड मित्र” बनाने का अभियान शुरू किया गया है। वेटलैंड मित्र स्थानीय आद्रभूमियों के संरक्षण में समुदाय की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।वेटलैंड मित्र बनने के लिए इच्छुक व्यक्ति QR कोड स्कैन करके निर्धारित फॉर्म में आवश्यक जानकारी भरकर अपने निकटतम आद्रभूमि क्षेत्र से जुड़ सकते हैं। पंजीकृत वेटलैंड मित्रों को वेटलैंड संरक्षण से संबंधित जानकारी, प्रशिक्षण एवं जन-जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लेने का अवसर मिलेगा। साथ ही वे वेटलैंड क्षेत्र में होने वाले परिवर्तनों की पहचान, अवैध गतिविधियों की सूचना देने तथा स्थानीय समुदाय तक आवश्यक जानकारी पहुँचाने में सहयोग करेंगे।उल्लेखनीय है कि इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि पूरे राज्य में अब तक 500 से अधिक वेटलैंड मित्र पंजीकृत किए जा चुके हैं। यह संख्या न केवल जन-जागरूकता के बढ़ते स्तर को दर्शाती है, बल्कि आद्रभूमि संरक्षण के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत करती है। वेटलैंड मित्र स्थानीय स्तर पर आद्रभूमि के स्वास्थ्य, संरक्षण गतिविधियों में भागीदारी तथा वैज्ञानिक जानकारी के प्रसार में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कोरबा जिले में लगभग 200 वेटलैंड मित्र अपने-अपने क्षेत्र में सक्रिय रूप से संरक्षण कार्यों में सहयोग कर रहे हैं।राज्य में जागरूक और समर्पित वेटलैंड मित्रों का मजबूत नेटवर्क विकसित किया गया है, जो विभाग और आम जनता के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य कर रहा है। इनके सहयोग से आद्रभूमि के जैव-विविधता मूल्य, पारिस्थितिक महत्व और सतत उपयोग की अवधारणाओं का व्यापक प्रसार हो रहा है।वेटलैंड मित्र अभियान ने समुदाय की भागीदारी को बढ़ावा देते हुए राज्य की दीर्घकालिक संरक्षण योजनाओं को मजबूत आधार प्रदान किया है। यह पहल न केवल छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक संपदा की रक्षा कर रही है, बल्कि जनता और प्रशासन को वेटलैंड संरक्षण से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
- -राज्य वेटलैंड प्राधिकरण ने भेजा प्रस्तावरायपुर, /वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले में स्थित कोपरा जलाशय को राज्य सरकार ने प्रस्तावित रामसर स्थल घोषित करने की दिशा में बड़ी पहल की है। प्राकृतिक और मानव निर्मित विशेषताओं से युक्त यह जलाशय पूरे क्षेत्र के लिए जलसंसाधन, सिंचाई और जैव विविधता का महत्वपूर्ण केंद्र माना जाता है।कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मिलेगी पहचानवन मंत्री श्री कश्यप ने उम्मीद जताई है कि कोपरा जलाशय के रामसर स्थल बनने से क्षेत्र को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी। गौरतलब है कि कोपरा जलाशय मुख्य रूप से वर्षा जल और आसपास के छोटे नालों से भरता है। यह जलाशय स्थानीय ग्रामीणों की जल आवश्यकताओं को पूरा करता है और किसानों के लिए सिंचाई का प्रमुख स्रोत है। जलाशय के आसपास की भूमि अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जिससे क्षेत्र के कई गाँवों और छोटे कस्बों की कृषि पूरी तरह इस जलाशय पर निर्भर है।जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है यहाँ कीइसके अलावा यह क्षेत्र वर्षभर विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों, जलचर जीवों और वनस्पतियों का सुरक्षित आवास बना रहता है। खासकर प्रवासी पक्षियों की बड़ी संख्या यहाँ हर वर्ष दर्ज की जाती है। जलाशय में मछलियाँ, जलीय पौधे, उभयचर, सरीसृप और अनेक प्रकार के कीट-पतंगे बड़ी मात्रा में पाए जाते हैं, जिससे इसकी जैव विविधता अत्यधिक समृद्ध मानी जाती है।दुर्लभ पक्षियों के संरक्षण के लिए उपयुक्त स्थलराज्य वेटलैंड प्राधिकरण के अनुसार कोपरा जलाशय रिवर टर्न, कॉमन पोचार्ड और इजिप्शियन वल्चर जैसे दुर्लभ व महत्वपूर्ण पक्षियों के संरक्षण के लिए अत्यंत उपयुक्त स्थान है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह जलाशय रामसर मानदंड संख्या 02, 03 और 05 की पूर्णता करता है, जो इसे एक उत्कृष्ट वेटलैंड इकोसिस्टम का उदाहरण साबित करता है।स्वीकृति मिलने पर पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगाइसी महत्व को देखते हुए राज्य सरकार ने इसे रामसर स्थल घोषित करने के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजा है। यदि इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिलती है, तो कोपरा जलाशय को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षण मिलेगा और इसका वैज्ञानिक, पर्यावरणीय तथा पर्यटन संबंधी महत्व और बढ़ जाएगा।ग्रामीण आजीविका के विकास को मजबूत करने की तैयारीसरकारी योजनाओं के तहत इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण, जैव विविधता संवर्धन तथा ग्रामीण आजीविका विकास से जुड़ी गतिविधियों को और मजबूत करने की तैयारी है, ताकि स्थानीय आबादी और प्राकृतिक संसाधनों के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
- - ईश्वरी–विद्या जैसी महिलाएँ बनीं आत्मनिर्भरता की मिसालरायपुर, / प्रदेशभर की तरह धमतरी जिले में भी खरीफ उपार्जन वर्ष 2025-26 की शुरुआत 15 नवंबर से सुचारू रूप से हो चुकी है। खरीदी केंद्रों में जहाँ किसानों के चेहरों पर संतोष और प्रसन्नता दिखाई दे रही है, वहीं गांवों में श्रमिक परिवारों के बीच भी खुशी का माहौल है। धान खरीदी से जुड़े कार्यों ने ग्रामीण श्रमिकों, विशेषकर महिलाओं के लिए रोजगार एवं अतिरिक्त आय के अवसर बढ़ा दिए हैं, जिससे गांवों की अर्थव्यवस्था में नई जान आई है।संबलपुर गांव के खरीदी केंद्र में काम कर रहीं ईश्वरी यादव और विद्या मरकाम जैसी महिलाएँ इस बदलाव का सशक्त उदाहरण हैं। धान के कट्टों की सिलाई और भराई में व्यस्त ये महिलाएँ बताती हैं कि खरीफ सीजन उनके लिए उम्मीद और आत्मनिर्भरता का समय बन गया है। गांव की 5-6 महिलाएँ मिलकर प्रतिदिन 400 से 500 कट्टे तैयार करती हैं, जिससे प्रत्येक महिला को सीजन के दौरान लगभग 20 से 22 हजार रुपये की आय हो जाती है। यह राशि उनके परिवार की जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण सहारा साबित होती है।इन महिलाओं का कहना है कि पहले उन्हें मजदूरी के लिए गांव से बाहर जाना पड़ता था, लेकिन अब धान खरीदी केंद्रों में मिल रहा स्थानीय कार्य उन्हें सुरक्षित, सुविधाजनक और सम्मानजनक रोजगार उपलब्ध करा रहा है। भुगतान समय पर होता है और कार्य के अवसर लगातार बढ़ रहे हैं, जिससे उनमें आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ आत्मविश्वास भी बढ़ा है।धान खरीदी प्रक्रिया किसानों की आय बढ़ाने के साथ-साथ हमालों, परिवहनकर्ताओं, तौलदारों, डेटा-एंट्री ऑपरेटरों और सहायक कर्मचारियों के लिए भी व्यापक रोजगार सृजित करती है। सुगम व्यवस्था और पारदर्शी प्रक्रिया ने इस सीजन को ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मजबूत आधार बना दिया है।सरकार द्वारा समय पर समर्थन मूल्य भुगतान, सुरक्षित भंडारण व्यवस्था और खरीदी केंद्रों में बेहतर प्रबंधन ने ग्रामीण जनता के भरोसे को और मजबूत किया है। खरीफ उपार्जन 2025-26 न केवल कृषि उत्पादन का महत्वपूर्ण चरण है, बल्कि यह महिलाओं को रोजगार से जोड़कर, गांवों को सशक्त बनाने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति देने वाला प्रेरक माध्यम भी बनकर उभरा है।
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दुर्ग। दुर्ग जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आज अछोटी में जिला स्तरीय दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन हुआ। कार्यशाला के मुख्य अतिथि स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव रहे, उन्होंने अपने उद्बोधन में नई शिक्षा नीति में शिक्षा के साथ कौशल उन्नयन पर बल देते हुए कहा कि आधुनिक परिवेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ कौशल आधारित प्रशिक्षण ही विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुख बनाएगा।
अछोटी स्थित डाइट भवन में आयोजित कार्यशाला में शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि-विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने व्यवसायिक शिक्षा की चुनौतियों व संभावनाओं पर कार्यशाला में शिक्षको से विस्तृत चर्चा किये। उन्होंने कहा कि रोजगारमुखी शिक्षा और आधुनिक कौशल विकास को पाठ्यक्रम से जोड़ने की दिशा में यह कार्यशाला एक महत्वपूर्ण पहल है।केबिनेट मंत्री श्री यादव कहा की नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही कौशल शिक्षा, प्रायोगिक अधिगम, डिजिटल साक्षरता और व्यवसायिक प्रशिक्षण से जोड़ने की व्यवस्था की गई है, जिससे भविष्य में युवाओं के लिए रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध होंगे।इस अवसर पर प्राचार्य डाइट श्री पी. सी. मर्कले, डॉ. शिशिरकला भट्टाचार्य, श्रीमति संध्या शर्मा, डॉ. नीलम दुबे, डॉ. वंदना सिंह, डॉ. एच के साहू सहित शिक्षकगण उपस्थित रहे। -
मिर्रीटोला, कनेरी, गुरूर, धनोरा, सांकरा क धान खरीदी केन्द्रों में मूलभूत सुविधा, धान की गुणवत्ता, अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति एवं उनके कार्यों का किया पड़ताल
खरीदी में गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही धान की खरीदी करने के दिए निर्देशबालोद/ कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने जिले के गुरूर एवं बालोद विकासखण्ड के विभिन्न धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर वहाँ के संपूर्ण व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने गुरूर विकासखण्ड के मिर्रीटोला, कनेरी, गुरूर, धनोरा एवं बालोद विकासखण्ड के सांकरा क धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर वहाँ मूलभूत सुविधाओं की उलपब्धता किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए जाने वाले धान की गुणवत्ता, धान खरीदी केन्द्रों के संचालन हेतु नियुक्त किए गए अधिकारी-कर्मचारियों की समय पर उपस्थिति एवं उनके कार्यों का गहनता से अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने सभी धान खरीदी केन्द्रों में अपने धान की बिक्री हेतु आने वाले किसानों के लिए पेयजल, बैठक एवं छांव इत्यादि व्यवस्थाओं के अवलोकन के अलावा ड्यूटी में तैनात अधिकारी-कर्मचारियों को किसानों के लिए शौचालय आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने समिति प्रबंधक तथा मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को केवल गुणवत्तायुक्त धान की खरीदी करने के अलावा केवल वास्तविक किसानों के वास्तविक रकबे के आधार पर ही धान की खरीदी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। इस दौरान एसडीएम बालोद श्री नूतन कंवर, एसडीएम गुरूर श्री आरके सोनकर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष, उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री आरके राठिया, जिला खाद्य अधिकारी श्री तुलसी ठाकुर सहित तहसीलदार गुरूर श्री हनुमंत श्याम, तहसीलदार बालोद श्री आशुतोष शर्मा के अलावा अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं कृषकगण उपस्थित थे।इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर धान खरीदी केन्द्रों के नोडल अधिकारियों, समिति प्रबंधकों एवं निगरानी समितियों में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों से अब तक की कुल धान खरीदी तथा इस वर्ष धान खरीदी हेतु निर्धारित लक्ष्य तथा धान की पैदावार की जानकारी सहित अन्य व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने धान खरीदी पंजी का अवलोकन कर धान की नमी जाँच का संधारण एवं किसानों से खरीदे गए कुल धान की मात्रा आदि की जानकारी ली। इसके अलावा उन्होेंने धान खरीदी केन्द्रों में बारदानों की समुचित उलपब्धता एवं अवैध धान की खरीदी की रोकथाम के उपाय के संबंध में भी जानकारी ली। कलेक्टर ने समिति प्रबंधकों, नोडल अधिकारियों तथा निगरानी दल में शामिल अधिकारी-कर्मचारियों को प्रतिदिन सुबह 08 बजे धान खरीदी केन्द्रों में उपस्थित होकर धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने धान खरीदी केन्द्र में किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान का भी अवलोकन किया। इस मौके पर श्रीमती मिश्रा ने किसानों द्वारा बिक्री हेतु लाए गए धान को नमी मापक यंत्र के माध्यम से धान की नमी जाँच करने के भी निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने धान बिक्री हेतु उपस्थित कृषकों का किसान पुस्तिका का भी अवलोकन किया।कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने किसानों को साफ-सूथरे एवं गुणवत्तायुक्त धान ही बिक्री के लिए धान खरीदी केन्द्रों में लाने की समझाईश दी। इस दौरान उन्होेंने धान खरीदी केन्द्रों के गोदामों में पहुँचकर वहाँ उपलब्ध बारदानों का भी अवलोकन किया। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने किसानों को धान खरीदी केन्द्रों की व्यवस्था एवं अन्य जरूरी सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि राज्य शासन द्वारा एकीकृत किसान पोर्टल में पंजीयन कराने हेतु शेष रह गए किसानों के पंजीयन हेतु 19 नवंबर से 25 नवंबर तक का अतिरिक्त समय दिया गया है। श्रीमती मिश्रा ने कहा कि एग्रीस्टेक पोर्टल में पंजीयन कराने के लिए शेष रह गए कृषक धान खरीदी केन्द्रों में पहुँचकर अपना पंजीयन करा सकते हैं। उन्होंने समिति प्रबंधकों एवं मौके पर उपस्थित अधिकारियों को समुचित प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने समिति प्रंबधक एवं अधिकारी-कर्मचारियों से आज जारी किए गए टोकन की संख्या तथा रकबा समर्पण आदि के कार्यों के संबंध में भी जानकारी ली। उन्होंने रकबा समर्पण के कार्य को आज से ही प्रारंभ करने के निर्देश दिए। श्रीमती मिश्रा ने अधिकारियों को सभी धान खरीदी केन्द्रों में धान की औसत उपज की ग्रामवार सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर ने कहा कि खरीदी की जाने वाली धान में नमी का प्रतिशत 17 प्रतिशत से अधिक नही होना चाहिए। कलेक्टर ने अधिकारी-कर्मचारियों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि किसी भी स्थिति में कोचियों, दलालों आदि की धान की खरीदी न की जाए। उन्होंने अधिकारियों को धान के अवैध बिक्री एवं खरीदी की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु जरूरी उपाय सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए। -
सभी चेक पोस्टों में समुचित अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के दिए निर्देश
बालोद/कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी के कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने तथा इस दौरान धान की अवैध खरीदी, बिक्री एवं परिवहन पर रोक लगाने हेतु जिले में आवश्यकतानुसार चेक पोस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत उन्होंने डौण्डी विकासखण्ड के मरकाटोला, डौण्डी एवं कुसुमकसा के मानपुर चैक में स्थित वन विभाग के नाकों के अलावा राजनांदगांव जिले के सीमा पर स्थित डौण्डीलोहारा विकासखण्ड के ग्राम रानीतराई में चेक पोस्ट बनाने के निर्देश दिए हैं। जिससे कि धान की अवैध परिवहन आदि की सतत निगरानी की जा सके। श्रीमती मिश्रा ने इन सभी चेक पोस्टों में समुचित अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाकर 24 घण्टा निगरानी सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए है। -
बालोद/जल संचय, जन भागीदारी अभियान अंतर्गत बालोद जिले में हुए उत्कृष्ट कार्यों के लिए राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को सम्मानित की जाने पर सिटी प्रेस क्लब बालोद के सदस्यों ने उन्हें गुलदस्ता भेंट कर बधाई दी। साथ ही इसी तरह से अन्य क्षेत्रों में भी बालोद जिला हमेशा उत्कृष्ट स्थान बनाता रहे इसके लिए अग्रिम शुभकामनाएं दी। ज्ञात हो कि देश के पूर्वी जोन में शामिल बालोद जिले को बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है। जिले को इसके लिए 02 करोड़ रूपये की प्रोत्साहन राशि भी मिली है। इस पुरस्कार को प्राप्त कर गुरुवार को कलेक्टर श्रीमती मिश्रा बालोद कलेक्ट्रेट अपने कार्यालय पहुंची। जहां सिटी प्रेस क्लब के सदस्यों ने उनसे मुलाकात की। इस अवसर पर सिटी प्रेस क्लब अध्यक्ष टीकम पिपरिया, मोइन खान उपाध्यक्ष, प्रकाश उपाध्याय महासचिव, जुनैद कुरैशी कोषाध्यक्ष, हरिवंश देशमुख सहसचिव, बोधन भट्ट मिडिया प्रभारी, तिलक देशमुख सह मिडिया प्रभारी, केशव सिन्हा प्रवक्ता, जितेन्द्र साहू सलाहकार, निलेश श्रीवास्तव सलाहकार आदि उपस्थित रहे।इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने बालोद जिले को प्राप्त इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय संपूर्ण बालोद जिले के पत्रकारों सहित संपूर्ण जिलेवासियों को दिया है।
- -मुख्यमंत्री ग्रामीण बस सेवा से ग्रामीणों में खुशी की लहररायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की जनहितकारी सोच एवं मंशानुरूप परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के भरतपुर ब्लॉक में ग्रामीण बस सेवा के तहत नई बसों का शुभारंभ किया गया। उल्लेखनीय है कि परिवहन मंत्री श्री केदार कश्यप के मार्गदर्शन में ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर, सुगम और सुरक्षित परिवहन व्यवस्था उपलब्ध कराने का लक्ष्य लगातार साकार हो रहा है। उनकी प्राथमिकता हमेशा से अंतिम व्यक्ति तक शासकीय सुविधाएं पहुँचाना रही है। ग्रामीण बस सेवा इसी संकल्प का प्रभावी उदाहरण है, जिसने गांवों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में नई ऊर्जा प्रदान की है।नई बस सेवा शुरू होने से भरतपुर एवं आसपास के गांवों के विद्यार्थियों, महिलाओं, मजदूरों तथा आम लोगों को अब नियमित और सुरक्षित परिवहन सुविधा मिल सकेगी। अब विद्यार्थियों को स्कूल-कॉलेज पहुँचने में आसानी होगी, महिलाएं बिना परेशानी अस्पताल, बाज़ार और आवश्यक कामों के लिए अपने गंतव्य तक सुगमता से यात्रा कर सकेंगी, वहीं मजदूर वर्ग को रोजगार स्थलों तक पहुंचने में समय और सुविधा दोनों मिलेंगी।इस अवसर पर सभी जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की उपस्थिति में बसों को हरी झंडी दिखाकर उनके निर्धारित मार्गों पर रवाना किया गया। बसों के प्रस्थान के साथ ही ग्रामीणों में उत्साह और प्रसन्नता का माहौल रहा। लोगों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सेवा उनकी वास्तविक जरूरतों को पूरा करती है।यह बस सेवा केवल परिवहन व्यवस्था का विस्तार नहीं, बल्कि ग्रामीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, गांव और शहर के बीच संपर्क बढ़ेगा तथा विकास की गति और तेज होगी। मुख्यमंत्री श्री साय की प्रतिबद्धता और प्रशासनिक टीम के समन्वित प्रयासों का परिणाम है कि ग्रामीण क्षेत्र अब सुविधाओं और विकास के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष माया प्रताप सिंह, उपाध्यक्ष हीरालाल मौर्य, जनपद सदस्य सुखलाल मरावी, नगर पंचायत अध्यक्ष कौशल पटेल, उपाध्यक्ष निलेश मिश्रा, जनपद सीईओ, परिवहन अधिकारी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
- -गुणवत्ता पर नाराजगी, पुनः निर्माण और कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देशरायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने सूरजपुर जिले के ओड़गी विकासखंड के धरसेड़ी-कर्री-कुप्पी मार्ग पर लोक निर्माण विभाग द्वारा निर्मित सड़क और पुलिया का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने नव-निर्मित सड़क की गुणवत्ता, सामग्री के उपयोग तथा संपूर्ण निर्माण प्रक्रिया का सूक्ष्मता से अवलोकन किया। निरीक्षण में यह स्पष्ट हुआ कि सड़क के कई हिस्सों में निर्माण मानकों का समुचित पालन नहीं किया गया है और कार्य अभी भी अधूरा है। इस पर उन्होंने विभागीय अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने संबंधित अधिकारियों और निर्माण एजेंसी को पूरे मार्ग का पुनः निर्माण मानक गुणवत्ता के साथ कराने तथा निर्धारित समय सीमा में कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों की सड़कें आमजन की जीवनरेखा हैं, जिस पर आवागमन, एम्बुलेंस सुविधा, बच्चों की स्कूल पहुँच और आवश्यक सेवाओं की निर्भरता होती है। इसलिए कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी। निरीक्षण के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधिकारी, ओड़गी क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं ग्रामीण उपस्थित रहे।
- -मुख्यमंत्री श्री साय की किसान हितैषी नीतियों से धान खरीदी प्रक्रिया हुई सहजरायपुर। प्रदेश में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य सुचारू रूप से जारी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान हितैषी नीतियों और सुव्यवस्थित व्यवस्थाओं के कारण पूरे राज्य के धान उपार्जन केन्द्रों में किसानों का उत्साह देखने को मिल रहा है। बलरामपुर जिले के बड़कीमहरी धान खरीदी केंद्र में किसानों ने समर्थन मूल्य के साथ अतिरिक्त प्रोत्साहन राशि से मिल रहे लाभ पर प्रसन्नता व्यक्त की है।शासन द्वारा इस वर्ष किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल (समर्थन मूल्य एवं कृषक उन्नति योजना सहित) की दर से तथा प्रति एकड़ 21 क्विंटल के मान से धान खरीदी की जा रही है। ग्राम नवाडीहकला के किसान श्री बरथोलोमी एक्का ने बताया कि वे 10 एकड़ में खेती करते हैं और इस वर्ष बेहतर पैदावार हुई है। वे कुल 295 क्विंटल धान विक्रय कर रहे हैं, जिसमें से 28 क्विंटल का टोकन उन्होंने मोबाइल ऐप के माध्यम से प्राप्त किया और आज उसी के तहत धान बेचने केंद्र पहुँचे।किसान श्री एक्का ने बताया कि धान उपार्जन केंद्र बड़कीमहरी में आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे खरीदी प्रक्रिया सहज और निरंतर चल रही है। उन्होंने कहा कि पिछले दो वर्षों से धान का बेहतर मूल्य मिलने के कारण उन्होंने अपने खेतों में सिंचाई व्यवस्था का विस्तार किया है, जिससे खेती के लिए पानी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की किसान केंद्रित नीतियों के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि कृषक उन्नति योजना के माध्यम से किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिल रहा है, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हो रही है। प्रदेशभर में किसानों से धान खरीदी सुचारू रूप से जारी है और शासन द्वारा निरंतर निगरानी के साथ किसानों के लिए उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ शासन, जल संसाधन विभाग द्वारा कोरबा जिले के विकासखण्ड-पाली के अंतर्गत उतरदा जलाशय योजना के लिए 8 करोड़ 41 लाख 74 हजार रुपये स्वीकृत किये गये हैं। इस योजना के कार्य पूरा हो जाने पर करीब 154 हेक्टेयर खरीफ क्षेत्र में सिंचाई की जा सकेगी। जल संसाधन विभाग मंत्रालय महानदी भवन द्वारा योजना के कार्य कराने मुख्य अभियंता हसदेव कछार जल संसाधन विभाग को पुनरीक्षित प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है।
- -आंगनबाड़ी भवन निर्माण में मनरेगा ने निभाई अहम भूमिकारायपुर ।छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले में आंगनबाड़ी सेवाओं का व्यापक सुदृढ़ीकरण ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में बच्चों के समग्र विकास का मजबूत आधार बन रहा है। प्रारंभिक शिक्षा, पोषण, स्वास्थ्य सुरक्षा और अनुशासन की नींव रखने वाले आंगनबाड़ी केंद्र अब आधुनिक सुविधाओं से लैस होकर नौनिहालों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।पिछले एक दशक में महात्मा गांधी नरेगा और महिला एवं बाल विकास विभाग के समन्वित प्रयासों से जिले में 148 नए आंगनबाड़ी भवनों का निर्माण पूरा किया गया है। इस मॉडल ने हजारों बच्चों को गुणवत्तापूर्ण पोषण और शिक्षा गतिविधियों से जोड़कर उनके उज्ज्वल भविष्य की दिशा में ठोस कदम बढ़ाए हैं।वनांचल क्षेत्र सोनहत में 26 और बैकुण्ठपुर क्षेत्र में 122 नए आंगनबाड़ी भवन तैयार किए गए हैं। सोनहत में 133 लाख रुपये और बैकुण्ठपुर में 9 करोड़ 9 लाख रुपये से अधिक की राशि मनरेगा से स्वीकृत की गई। नए मानक के अनुसार प्रति भवन 11.69 लाख रुपये की लागत निर्धारित है, जिसमें 8 लाख रुपये मनरेगा से उपलब्ध कराए जाते हैं। वर्ष 2024 से पूर्व स्वीकृत भवनों की लागत 6.45 लाख रुपये थी, जिसमें 5 लाख रुपये मनरेगा से प्रदान किए जाते थे।विभागीय मांग के आधार पर जनपद पंचायतों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों पर कलेक्टर एवं जिला कार्यक्रम समन्वयक (मनरेगा) द्वारा प्रशासकीय स्वीकृति जारी की जाती है। प्रत्येक भवन का निर्माण ग्राम पंचायतों की देखरेख में गुणवत्ता और समयबद्धता के साथ कराया जाता है।कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने हाल ही में सोनहत के लिए 2 नए आंगनबाड़ी भवन और बैकुण्ठपुर के लिए 23 नए भवनों के निर्माण की स्वीकृति दी है। सभी निर्माण कार्यों को प्राथमिकता के साथ तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।कोरिया जिले में आंगनबाड़ी केंद्रों का यह सुदृढ़ विस्तार बाल विकास के क्षेत्र में एक अनुकरणीय मॉडल के रूप में उभर रहा है, जो ग्रामीण नौनिहालों को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव प्रदान कर रहा है।
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कलेक्टर श्रीमती के कुशल नेतृत्व में जल संचय, जन भागीदारी अभियान अंतर्गत बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के फलस्वरूप जिले को मिली इस महत्वपूर्ण उपलब्धि की भूरी-भूरी सराहना की
कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के इस महत्वपूर्ण उपलब्धि का श्रेय जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों सहित संपूर्ण जिले वासियों को दियाबालोद/राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा ’जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के अंतर्गत बालोद जिले में हुए उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित होेने के पश्चात वापस जिले में आगमन पर जिला प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारियों के द्वारा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने कलेक्टर श्रीमती मिश्रा की कुशल नेतृत्व में ’जल संचय, जन भागीदारी’ अभियान के तहत बालोद जिले में उल्लेखनीय कार्यों की भूरी-भूरी सराहना भी की। अधिकारी-कर्मचारियों ने कहा कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में जल संचय एवं जन भागीदारी अभियान के अंतर्गत जिले में हुए बेहतरीन कार्यों के फलस्वरूप बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में बालोद जिले के प्रथम स्थान प्राप्त होेने का गौरव प्राप्त हुआ है। उन्होंने कहा कि इस कार्य को सफलतापूर्वक संपादित करने में हमारे टीम लीडर कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा का सतत मार्गदर्शन, प्रेरणा के साथ-साथ लक्ष्य को हासिल करने के लिए सटीक कार्य योजना बनाकर निर्धारित समयावधि में उसे कार्य रूप में परिणीत कराने में महत्वपूर्ण भूमिका रही है। जिसके फलस्वरूप बालोद जिले को राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू के कर कमलों से सम्मानित होेने का गौरव प्राप्त हुआ है। उल्लेखनीय है कि जल संचय, जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन मेें शामिल बालोद जिला को बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होेने पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा मंगलवार 18 नवंबर को विज्ञान भवन नई दिल्ली में आयोजित 6वाँ राष्ट्रीय जल पुरस्कार एवं जल संचय, जन भागीदारी अवार्ड समारोह में कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा को सम्मानित किया गया है। इस अवसर पर राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बालोद जिले में हुए उल्लेखनीय कार्यों के लिए बालोद जिले को 02 करोड़ रूपये का प्रोत्साहन राशि भी प्रदान किया गया। कलेक्टर श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा के आज संयुक्त जिला कार्यालय पहुँचने पर अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक, श्री अजय किशोर लकरा एवं श्री नूतन कंवर, संयुक्त कलेक्टर श्रीमती मधुहर्ष एसडीएम गुण्डरदेही श्रीमती प्रतिमा ठाकरे झा, डिप्टी कलेक्टर श्रीमती प्राची ठाकुर सहित जिला प्रशासन के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया।इस अवसर पर जिले के अधिकारी-कर्मचारियों ने संयुक्त जिला कार्यालय के प्रवेश द्वार पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा की आगवानी की और कलेक्टर श्रीमती मिश्रा के आगमन के पश्चात् आत्मीय अभिनंदन एवं स्वागत करते हुए संयुक्त जिला कार्यालय स्थित उनके कक्ष तक ले गए। इस मौके पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के अधिकारी-कर्मचारियों के आत्मीय स्वागत से अभिभूत होकर बालोद जिले को मिले इस महत्वपूर्ण उलपब्धि का श्रेय इस कार्य से जुड़े सभी लोगों के अलावा जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों तथा जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं मीडिया कर्मियों सहित संपूर्ण जिलेवासियों को दिया है। उन्होंने कहा कि सभी के समवेत प्रयासों से जल संचय, जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी 1.0) के तहत पूर्वी जोन मेें शामिल बालोद जिला को बेस्ट परफाॅर्मिंग जिले के रूप में प्रथम स्थान प्राप्त होेने के साथ-साथ देश के राष्ट्रपति के कर कमलों से सम्मानित होेने का अवसर प्राप्त हुआ है। कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने बालोद जिले में जनहित के इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने के लिए इस कार्य में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से भागीदारी निभाने वाले प्रत्येक लोगों के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए उन्हें हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है। उन्होंने कहा कि आप सभी का कार्य तेजी से घटते भूजल स्तर की रोकथाम के उपाय सुनिश्चित करने तथा पर्यावरण के संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में भी अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगा। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने जिले के सभी अधिकारी-कर्मचारियों को जल संचय, जन भागीदारी अभियान (जेएसजेबी 2.0) के कार्यों के लिए पूरे मनोयोग से जुट जाने को कहा। इस अवसर पर कलेक्टर श्रीमती मिश्रा ने तात्कालीन जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अपर कलेक्टर श्री चंद्रकांत कौशिक सहित जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों तथा जल संसाधन एवं वन विभाग, महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना सहित इस कार्य में सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना करते हुए उन्हें राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू द्वारा बालोद जिले को प्रदान किया गया प्रशस्ति पत्र भी भेंट किया। -
रायपुर/ संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज महासमुंद जिले के झलखम्हरिया, सम्हर और पिथौरा के धान खरीदी केन्द्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने सभी केन्द्रों में बारदाना, मॉइस्चर मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन, सीसीटीवी, कंप्यूटर ऑपरेटर व्यवस्था सहित नागरिक सुविधाओं की जानकारी ली और उपस्थित किसानों से चर्चा भी की। श्री कावरे ने उपस्थित अधिकारीगण श्री रवि साहू अपर कलेक्टर, श्री सचिन भूतड़ा, एसडीएम एवं तहसीलदार को किसानों की समस्या को तुरन्त हल करने के निर्देश दिए।
धान खरीदी केंद्र के पश्चात श्री कावरे ने अवैध धान रोकने के लिए राज्य सीमा पर स्थापित चेकपोस्ट टेमरी का निरीक्षण किया और ड्यूटी से नदारद सैनिक को नोटिस देने के निर्देश दिए।

















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