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- -एक घर, नया भरोसा: पीएम आवास से लक्ष्मीन बाई के जीवन में आई स्थिरता-जहाँ टपकती थी बारिश की बूंदे, अब बसता है सुकूनरायपुर। हर व्यक्ति के मन में यह सपना होता है कि उसका अपना एक सुरक्षित आशियाना हो, जहाँ वह और उसका परिवार निश्चिंत होकर जीवन-यापन कर सकें। प्रधानमंत्री आवास योजना इसी सपने को साकार करने का सशक्त माध्यम बन रही है। इस योजना के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को पक्का, सुरक्षित और स्थायी आवास उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे उनके जीवन में स्थिरता और आत्मविश्वास का संचार हो रहा है।इसी कड़ी में जांजगीर-चांपा जिले के नवागढ़ जनपद अंतर्गत ग्राम अवरीद की हितग्राही श्रीमती लक्ष्मीन बाई की कहानी प्रेरणास्रोत बनकर सामने आई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत स्वीकृत उनका पक्का आवास अब पूरी तरह बनकर तैयार हो चुका है, जो उनके जीवन का सबसे बड़ा सपना था। लक्ष्मीन बाई ने बताया कि पहले उनका घर कच्चा था। बरसात के दिनों में छप्पर से पानी टपकता था, घर के भीतर नमी और गंदगी बनी रहती थी। इसके अलावा बंदर, साँप और बिच्छू जैसे जीव-जंतुओं का हमेशा डर लगा रहता था, जिससे परिवार की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी रहती थी। हर बारिश उनके लिए एक नई चुनौती बनकर आती थी।प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्का घर मिलने के बाद उनके जीवन में बड़ा बदलाव आया है। अब बरसात हो या तेज धूप, किसी भी मौसम में चिंता नहीं रहती। मजबूत छत, सुरक्षित दीवारें और व्यवस्थित घर ने उनके परिवार को सुकून, सुरक्षा और आत्मसम्मान दिया है। लक्ष्मीन बाई बताती हैं कि अब वे अपने परिवार के साथ स्वच्छ, सुरक्षित और सुखद वातावरण में रह रही हैं। परिवार की आजीविका खेती मजदूरी पर निर्भर है, इसके बावजूद पक्का आवास मिलने से उनका जीवन पहले की तुलना में कहीं अधिक स्थिर और सुरक्षित हो गया है। घर की चिंता से मुक्त होकर अब वे अपने परिवार के बेहतर भविष्य और परिवार की खुशहाली पर ध्यान दे पा रही हैं। उन्होंने यह भी बताया कि उनके परिवार को सरकार की अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना का लाभ मिल रहा है तथा परिवार को नियमित रूप से मुफ्त राशन भी प्राप्त हो रहा है, जिससे दैनिक जीवन की आवश्यकताएँ सहज रूप से पूरी हो रही हैं और आर्थिक दबाव में कमी आई है।
- -संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने राज्य सरकार की अभिनव पहलरायपुर ।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार संस्थागत स्वच्छता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक अभिनव पहल की शुरूआत हुई है। आदिम जाति विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम और स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मनेन्द्रगढ़ भरतपुर चिरमिरी जिले के विकासखंड खड़गवां से प्रदेश में जर्नी आफ सेनिटेशन हाइजिन (जोश) का हरी झंडी दिखाकर औपचारिक शुभारंभ किया है।गौरतलब है कि ‘जोश’ पहल के माध्यम से स्कूलों, स्वास्थ्य केंद्रों, छात्रावासों, आंगनबाड़ी केंद्रों एवं अन्य संस्थागत व सामुदायिक शौचालयों की नियमित, वैज्ञानिक और सुरक्षित सफाई सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही स्थानीय युवाओं को ‘स्वच्छता प्रहरी’ के रूप में रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराए जाएंगे।जिले के प्रभारी मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि स्वच्छता केवल स्वास्थ्य से जुड़ा विषय नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन और रोजगार सृजन का प्रभावी माध्यम है। ‘जोश’ पहल से युवा स्वच्छता प्रहरी बनकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाएंगे। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में तैयार इस योजना के तहत प्रारंभिक चरण में प्रत्येक जनपद में एक स्वच्छता प्रहरी नियुक्त किया गया है। योजना की सफलता के आधार पर इसे पूरे जिले में विस्तारित किया जाएगा।स्वच्छता प्रहरी निर्धारित रूट चार्ट के अनुसार ग्राम पंचायतों का भ्रमण करेंगे और आधुनिक उपकरणों की सहायता से शौचालयों की पाक्षिक व मासिक सफाई सुनिश्चित करेंगे। कार्यक्रम के दौरान चयनित स्वच्छता प्रहरियों को आधुनिक सफाई उपकरणों से युक्त स्वच्छता किट एवं सुरक्षा सामग्री भी प्रदान की गई। संस्था प्रभारी के अनुरोध पर सफाई उपरांत प्रति यूनिट 200 रूपए स्वच्छता शुल्क का भुगतान किया जाएगा, जिससे युवाओं को अतिरिक्त आय का साधन मिलेगा।
- संवेदनशील शासन की मिसालरायपुर/ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से अंतिम छोर पर खड़े व्यक्ति की पीड़ा सुनते हुए न केवल उसकी समस्या को समझ रहे हैं, बल्कि मौके पर ही समाधान सुनिश्चित कर रहे हैं। लोगों की जरूरतों, मांगों और तकलीफों के प्रति यह संवेदनशील और त्वरित दृष्टिकोण यह स्पष्ट करता है कि संवेदनशीलता ही सुशासन के केंद्र में है। जब जन आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता से दिशा मिलती है, तब अंत्योदय की संकल्पना साकार होती है।राजधानी रायपुर स्थित मुख्यमंत्री के शासकीय निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन आज सेवा, संवेदना और समाधान का सजीव उदाहरण बन गया। आज आयोजित जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए।मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के दूर-दराज़ अंचलों से आए नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और उनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को मौके पर ही स्पष्ट निर्देश दिए। कई जरूरतमंदों के लिए तत्काल आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई, जिससे यह संदेश और मजबूत हुआ कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का समाधान राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भरता की राह: जीवन में लौटी गतिशीलताआज के जनदर्शन ने कई दिव्यांगजनों के जीवन में नई उम्मीद जगाई। रायपुर के खमतराई निवासी श्री जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के श्री भारत साहू को मुख्यमंत्री द्वारा बैटरीचलित ट्राइसिकल प्रदान की गई। ट्राइसिकल पाकर उनके चेहरे पर आत्मनिर्भरता की मुस्कान स्पष्ट झलक रही थी। अब उन्हें आवागमन के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। इसी तरह रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को ट्राइसिकल एवं व्हीलचेयर प्रदान की गई। वहीं, सुनने की क्षमता खो चुके सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वे फिर से दुनिया की आवाज़ें सुन सकेंगे।लकवा पीड़ित बसंती को इलाज के लिए मिली 5 लाख रुपए की सहायताजनदर्शन में महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी की श्रीमती बसंती साव की बड़ी उम्मीद आज पूरी हुई। पैरों से लकवाग्रस्त बसंती ने अपने इलाज के लिए आर्थिक सहायता की आवश्यकता और पारिवारिक स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री श्री साय ने मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना के अंतर्गत 5 लाख रुपए की राशि स्वीकृत कराई। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी बसंती को शासन से 75 हजार रुपए की सहायता मिल चुकी है। इस त्वरित निर्णय से बसंती और उनके परिवार को बड़ी राहत मिली।60 वर्षीय हनुमंत राव को मिलेगा सरकारी योजनाओं का लाभजनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव की समस्या का भी मौके पर ही समाधान हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड की पात्रता को लेकर परेशान श्री राव ने मुख्यमंत्री को अपनी व्यथा बताई। मुख्यमंत्री ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और उपस्थित अधिकारियों को तत्काल राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए, जिससे वे अब शासकीय योजनाओं का लाभ प्राप्त कर सकेंगे।तीन दिव्यांगों को 20-20 हजार रुपए की तात्कालिक सहायतामुख्यमंत्री श्री साय ने सूरज नगर लाभांडी, रायपुर निवासी 17 वर्षीय दिव्यांग राज शर्मा को दोनों पैरों से दिव्यांग होने के कारण 20 हजार रुपए की तात्कालिक आर्थिक सहायता का चेक प्रदान किया। इसके साथ ही श्री फूल गिरी गोस्वामी को पुत्री के विवाह हेतु 20 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई। रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को उच्च शिक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री द्वारा 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता तत्काल स्वीकृत की गई।जनदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि यह केवल आवेदन प्राप्त करने की प्रक्रिया नहीं है, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनदर्शन में प्राप्त प्रत्येक आवेदन पर संवेदनशीलता और तत्परता के साथ कार्यवाही सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी जरूरतमंद नागरिक को अनावश्यक भटकना न पड़े।
- आज के जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्तरायपुर/ लोकतंत्र में सरकार और जनता के बीच का सीधा संवाद ही सुशासन की असली कसौटी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ‘जनदर्शन’ के माध्यम से अंतिम छोर के व्यक्ति की पीड़ा सुन रहे हैं और मौके पर ही उनका समाधान भी कर रहे हैं। इससे न केवल लोगों की उम्मीदें तत्परता से पूरी हो रही हैं, बल्कि यह नागरिकों में व्यवस्था के प्रति विश्वास भी बढ़ा रहा है। लोगों की जरूरतों, मांगों और तकलीफों के प्रति संवेदनशीलता के साथ तत्परता साबित करती है कि संवेदनशीलता ही सुशासन के केंद्र में है। जब लोगों की उम्मीदों और जन आकांक्षाओं को मुख्यमंत्री की सहृदयता से पंख मिलते हैं, तो सही मायनों में अंत्योदय का सपना साकार होता है। आज के जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्त हुए।आज के जनदर्शन में कुल 1950 आवेदन प्राप्तमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के राजधानी रायपुर स्थित शासकीय निवास कार्यालय में आज आयोजित जनदर्शन सेवा, संवेदना और समाधान का त्रिवेणी संगम बन गया। मुख्यमंत्री श्री साय ने एक बार फिर साबित किया कि जन सरोकारों से जुड़ी समस्याओं का निराकरण उनकी सरकार की सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने घंटों तक प्रदेश के कोने-कोने से आए फरियादियों की अर्जी सुनी। लोगों की समस्याओं के निराकरण के लिए उन्होंने तत्काल ही संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया। कई जररूतमंदों के लिए तुरंत आर्थिक सहायता मंजूर की।दिव्यांगों के जीवन से छटेगा अंधेरा, अब खुद तय करेंगे अपनी राहमुख्यमंत्री श्री साय ने आज के जनदर्शन ने कई दिव्यांगजनों के चेहरे पर मुस्कान बिखेरी। रायपुर के खामतराई के श्री जीवन दास मानिकपुरी और आरंग के श्री भारत साहू को मुख्यमंत्री ने जब बैटरीचलित ट्राइसिकल सौंपी, तो उनकी आंखों में आत्मनिर्भरता की चमक साफ दिखाई दी। अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए किसी और का मोहताज नहीं होना पड़ेगा। इसी तरह रायपुर के चंदू यादव और सुमन साहू को भी ट्राइसिकल व व्हीलचेयर प्रदान की गई। वहीं, सुनने की क्षमता खो चुके सागर नायक और उमेश पटेल को तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराए गए, जिससे वे अब दुनिया की आवाजें सुन सकेंगे।लकवा के इलाज के लिए बसंती को मिले 5 लाख रुपएजनदर्शन में महासमुंद जिले के ग्राम बड़ेटेमरी की श्रीमती बसंती साव की बड़ी उम्मीद आज पूरी हुई। पैरों से लकवाग्रस्त बसंती ने जब इलाज के लिए बड़ी रकम की जरूरत और अपनी कमजोर आर्थिक स्थिति की जानकारी मुख्यमंत्री को दी, तो श्री साय ने तनिक भी देरी नहीं की। उन्होंने अधिकारियों को तत्काल निर्देशित कर मुख्यमंत्री आर्थिक सहायता योजना से पांच लाख रुपए की राशि स्वीकृत कराई। बसंती को इससे पहले भी शासन से 75 हजार रुपए की मदद मिल चुकी है। मुख्यमंत्री की इस त्वरित कार्रवाई ने बसंती के परिवार को बड़ी चिंता से मुक्त कर दिया। श्री साय ने इलाज के साथ ही शिक्षा व अन्य जरूरतों के लिए भी कई लोगों के लिए आर्थिक सहायता की तत्काल मंजूरी दी।60 साल के हनुमंत राव को अब मिलेगा सरकारी राशनजनदर्शन में रायपुर के तात्यापारा निवासी 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव की समस्या का भी त्वरित निराकरण हुआ। माता-पिता के निधन के बाद राशन कार्ड की पात्रता को लेकर जूझ रहे श्री राव ने अपनी व्यथा मुख्यमंत्री को सुनाई। उन्होंने बताया कि राशन कार्ड न होने से वे सरकारी योजनाओं से वंचित हैं। मुख्यमंत्री ने आत्मीयता से उनकी बात सुनी और मौके पर उपस्थित अधिकारियों को तत्काल उनका राशन कार्ड बनाने के निर्देश दिए।तीन दिव्यांगों को 20-20 हजार रुपए की आर्थिक सहायतामुख्यमंत्री ने सूरज नगर लाभांडी, रायपुर निवासी दिव्यांग 17 वर्षीय राज शर्मा की भी समस्या का त्वरित निदान किया। उन्होंने दोनों पैरों से दिव्यांग राज को 20 हजार रुपए का चेक देकर तात्कालिक सहायता प्रदान की। श्री साय ने श्री फूल गिरी गोस्वामी को बेटी की शादी के लिए 20 हजार रुपए की सहायता राशि का चेक प्रदान किया। रायगढ़ निवासी दोनों पैरों से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद को भी उच्च शिक्षा के लिए मुख्यमंत्री ने तत्काल 20 हजार रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की।संवेदनशीलता ही सुशासन का आधार- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जनदर्शन में कहा कि यह केवल आवेदन लेने का माध्यम नहीं, बल्कि आम जनता के प्रति सरकार की जवाबदेही का प्रतीक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनदर्शन में आने वाले हर आवेदन पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए ताकि जररूतमंदों को भटकना न पड़े।
- मुख्यमंत्री जनदर्शन, दिव्यांग सहायता, आर्थिक सहायता, त्वरित समाधान, सामाजिक कल्याणरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित महत्वकांक्षी जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान सूरज नगर लभांडी रायपुर निवासी दिव्यांग 17 वर्षीय राज शर्मा के समस्या का त्वरित निदान किया।उन्होंने दोनों पैर से दिव्यांग राज शर्मा को 20 हजार रूपए का चेक देकर तत्कालीक सहायता प्रदान की। दिव्यांग श्री राज शर्मा के माता श्रीमती विभा शर्मा ने इसके लिए मुख्यमंत्री श्री साय का हृदय से आभार व्यक्त किया।गौरतलब है कि दोनों पैर से दिव्यांग श्री राज शर्मा की माता श्रीमती विभा शर्मा ने जीवन यापन हेतु डेली निड्स की दुकान खोलने हेतु जनदर्शन में आज मुख्यमंत्री से मिलकर आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की थी। जिसपर मुख्यमंत्री श्री साय ने तत्कालिक 20 हजार रूपए का आर्थिक सहायता प्रदान की।इसी प्रकार रायगढ़ निवासी दोनांे पैर से दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद ने उच्च शिक्षा हेतु मुख्यमंत्री से मिलकर आर्थिक सहायता के लिए निवेदन किया था, जिस पर मुख्यमंत्री त्वरित निर्णय लेते हुए 20 हजार रूपए का आर्थिक सहायता प्रदान की। दिव्यांग ओमप्रकाश निषाद ने इसके लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताया।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया। इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांगजनों को बैटरी ट्राइसिकल प्रदान किए गए।जनदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज जनदर्शन में पैरों से चलने में असमर्थ रायपुर शंकर नगर से श्रीमती बिन्दु बीरे उम्र 45 वर्ष बेट्री चालित ट्रायसायकल प्रदान किया l कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे ट्रायसायकल नहीं खरीद पा रही थी l उनकी समस्या सुनते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल बेट्री चालित ट्रायसायकल उपलब्ध कराया।बेट्री चालित ट्रायसायकल मिलने पर श्रीमती बिन्दु बीरे ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें अब कहीं भी आने-जाने में कठिनाई नहीं होगी, उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की।
- मुख्यमंत्री ने कहा- सरकार दे रही खेलों को बढ़ावा, छत्तीसगढ़ का नाम करें रोशनरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से आज यहां जनदर्शन कार्यक्रम में आर्चरी के दिव्यांग खिलाड़ी श्री होरीलाल यादव और लक्की सोनी ने मुलाकात की। मुख्यमंत्री को श्री यादव और श्री सोनी ने बताया कि वे दिव्यांग तीरंदाजी के नेशनल खिलाड़ी हैं और आगामी फरवरी महीने में पटियाला में पुनः तीरंदाजी नेशनल में शामिल होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय को दोनों खिलाड़ियों ने बताया कि वे आर्चरी की इंटरनेशनल स्पर्धाओं में भी अपने टैलेंट का प्रदर्शन करना चाहते हैं, इसके लिए उन्हें उच्च स्तरीय खेल उपकरण की जरूरत होगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने तीरंदाजों को खेल की सभी सुविधाएं प्रदान करने आश्वस्त किया। उन्होंने कहा कि सरकार सभी खेलों को बढ़ावा दे रही है। अपने खेल हुनर को तराशें और छत्तीसगढ़ का नाम रोशन करें।
- -9 से 13 जनवरी तक ग्राम दुधली में जुटेंगे देश-विदेश के 15 हजार रोवर-रेंजररायपुर। बालोद जिले के लिए यह अत्यंत गौरव का विषय है कि भारत स्काउट्स एवं गाइड्स, नई दिल्ली के तत्वावधान में जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम दुधली में 09 से 13 जनवरी 2026 तक ‘प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी’ का वृहद एवं भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन देश में पहली बार आयोजित हो रहा है, जिसमें छत्तीसगढ़ के 4,252 सहित देश-विदेश से कुल 15,000 रोवर, रेंजर एवं सीनियर स्काउट-गाइड भाग लेंगे। प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का शुभारंभ शुक्रवार 09 जनवरी 2026 को दोपहर 2 :00 बजे राज्यपाल श्री रमेन डेका के मुख्य आतिथ्य में किया जाएगा। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व राज्यसभा सांसद डॉ. अनिल जैन करेंगे।उद्घाटन समारोह में अनेक गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति उद्घाटन समारोह में अति विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेन्द्र यादव, कांकेर लोकसभा सांसद श्री भोजराज नाग, मुख्य राष्ट्रीय आयुक्त डॉ. के.के. खंडेलवाल उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा विधायकगण, राज्य व जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी, भारत स्काउट्स एवं गाइड्स के राष्ट्रीय व राज्य पदाधिकारी, तथा स्थानीय जनप्रतिनिधि भी समारोह की गरिमा बढ़ाएंगे।जंबूरी के समापन अवसर पर 12 जनवरी 2026 को मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके साथ ही आयोजन के विभिन्न दिवसों में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, केन्द्रीय राज्य मंत्री श्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी सहित अनेक राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय अतिथि शामिल होंगे।पांच दिवसीय इस आयोजन के दौरान छत्तीसगढ़ सहित देश के विभिन्न राज्यों एवं अन्य देशों से आए प्रतिभागियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी जाएगी।इस जंबूरी के माध्यम से छत्तीसगढ़ी एवं भारतीय संस्कृति के साथ-साथ वैश्विक संस्कृति की भी आकर्षक झलक देखने को मिलेगी।जंबूरी के दौरान मार्च पास्ट, क्लोजिंग सेरेमनी, एथनिक फैशन शो, एडवेंचर एरिया, वॉटर स्पोर्ट्स, कैप फायर, रोड कैम्प फायर, राज्य प्रदर्शनी, आदिवासी कार्निवल, राष्ट्रीय युवा दिवस, मास ट्री प्लांटेशन, आपदा प्रबंधन, बैंड प्रतियोगिता, युवा सांसद, क्विज प्रतियोगिता, लोक नृत्य सहित अनेक शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं साहसिक गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी।भारत स्काउट्स एवं गाइड्स जंबूरी काउंसिल एवं जिला प्रशासन द्वारा आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं। जंबूरी मार्केट में खाद्य सामग्री, दवाइयाँ एवं आवश्यक वस्तुएँ उपलब्ध रहेंगी। शुद्ध पेयजल, शौचालय, स्नानघर एवं स्वच्छता व्यवस्था, 30 बिस्तरों वाला अस्थायी अस्पताल, 24 घंटे चिकित्सकीय सुविधा, अग्निशमन, पुलिस, यातायात एवं सुरक्षा बलों की तैनाती एनडीआरएफ टीम की विशेष तैनातीरहेगी।प्रथम राष्ट्रीय रोवर-रेंजर जंबूरी का आयोजन बालोद जिला एवं सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ राज्य के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि है। इस आयोजन से न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर सुदृढ़ होगी, बल्कि युवाओं में नेतृत्व, सेवा एवं राष्ट्र निर्माण की भावना भी प्रबल होगी।
- -एक चिकित्सा अधिकारी समेत प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में होंगे 12 मेडिकल स्टाफ-स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वीकृति के लिए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का जताया आभाररायपुर । स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल पर बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य में 12 नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने की स्वीकृति दी गई है।वित्तीय वर्ष 2024-25 के मुख्य बजट के प्रावधान अनुसार नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्थापना की घोषणा की गई थी।घोषणा के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी करते हुए नगर निगम चिरमिरी के कोरिया कालरी, खड़गवाँ जनपद के ग्राम पंचायत जरौंधा, कोंडागांव विकासखंड के ग्राम गोलावंड, बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम मुरमा, कोरिया जिले के ग्राम सकरिया, राजपुर विकाखंड के ग्राम सेवारी, विकासखंड दरभा के ग्राम पोड़ागुड़ा तथा ग्राम चिंतापुर, दुलदुला विकासखंड के ग्राम करडेगा , विकासखंड फरसाबहार के ग्राम पेटामारा(अकीरा) तथा ग्राम गंझियाडीह और विकासखंड कुनकुरी के ग्राम केराडीह में नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खोलने के लिए नवीन पदों की स्वीकृति दी गई है।आदेश के अनुसार प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र में एक चिकित्सा अधिकारी, एक ग्रामीण चिकित्सा सहायक, एक फार्मासिस्ट ग्रेड 2, एक महिला स्वास्थ्य कार्यकर्ता, 3 स्टाफ नर्स, एक लैब टेक्निशियन, एक सहायक ग्रेड 3, 1 वार्ड बॉय और 2 आया का पद शामिल है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस महत्वपूर्ण उपलब्धि के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा है कि नए स्वास्थ्य केंद्रों की स्थापना से राज्य के लोगों को ग्रामीण स्तर पर भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी और जरूरतमंद लोगों का सही समय पर शीघ्र उपचार संभव हो सकेगा।
- मुख्यमंत्री ने जनदर्शन में तत्काल राशन कार्ड बनाने के दिए निर्देश, मिलेगा शासकीय योजनाओं का लाभरायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय से जनदर्शन में अपनी समस्या लेकर बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं। मुख्यमंत्री सभी से बड़ी ही आत्मीयता से मुलाकात कर उनकी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं। उसी क्रम में रायपुर के 60 वर्षीय अविवाहित श्रमिक श्री हनुमंत राव ने मुख्यमंत्री से मिलकर कर उन्हें बताया कि उनके पास राशन कार्ड नहीं है, जिसकी वजह से वे शासकीय योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने तत्काल श्री राव का राशन कार्ड बनाने के निर्देश अधिकारियों को दिए ।मुख्यमंत्री को श्री राव ने बताया कि वे राजधानी रायपुर के तात्यापारा वार्ड में लगभग 60 वर्ष से निवासरत हैं। पूर्व में उनके माता-पिता के राशन कार्ड में उनका भी नाम जुड़ा था, जिससे उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ मिलता था। उनके माता-पिता की अब मृत्यु हो चुकी है। वे अविवाहित हैं और अकेले जीवन यापन करते हैं। राशन कार्ड नहीं होने की वजह से उन्हें खाद्य विभाग की योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय की व्यथा को बहुत आत्मीयता से सुना और अधिकारियों को तत्काल श्री राव को राशनकार्ड उपलब्ध कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
- मुख्यमंत्री ने प्रदान किया बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर और श्रवण यंत्ररायपुर/मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ त्वरित समाधान किया। इस अवसर पर जरूरतमंद दिव्यांगजनों को बैटरी ट्राइसिकल, व्हीलचेयर एवं श्रवण यंत्र प्रदान किए गए।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनदर्शन में आरंग से आए श्री भारत साहू को बैटरी चालित ट्राइसिकल प्रदान किया, श्री साहू ने बताया कि अब उन्हें कहीं आने-जाने के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। पहले किसी के समय मिलने पर ही वे बाहर जा पाते थे, जिससे उन्हें काफी परेशानी होती थी। बैटरी ट्राइसिकल मिलने से उनका जीवन अब कहीं अधिक सहज हो जाएगा।इसी तरह खमतराई रायपुर निवासी श्री जीवन दास मानिकपुरी ने बताया कि उनका पैर बचपन से पोलियोग्रस्त है, आज उन्हें बैटरी ट्राइसिकल प्रदान की गई। श्री दास ने बताया कि जनदर्शन में उनकी समस्या का तत्काल समाधान हुआ। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस सहायता से उनकी दैनिक दिनचर्या आसान हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने रायपुर के मोवा निवासी श्री चंदू यादव को ट्राइसिकल और सुश्री सुमन साहू को व्हीलचेयर प्रदान किया। जिसे पाकर दोनों के चेहरे खिल गए।जनदर्शन के दौरान रायपुर निवासी श्री सागर नायक एवं श्री उमेश पटेल को श्रवण यंत्र भी प्रदान किए गए। श्री सागर नायक ने बताया कि बीते कुछ समय से उनकी श्रवण क्षमता पूरी तरह समाप्त हो गई थी, लेकिन कमजोर आर्थिक स्थिति के कारण वे श्रवण यंत्र नहीं खरीद पा रहे थे। उनकी समस्या सुनते ही मुख्यमंत्री ने तत्काल श्रवण यंत्र उपलब्ध कराया।श्रवण यंत्र मिलने पर श्री उमेश पटेल ने मुख्यमंत्री श्री साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें फिर से सुनने की क्षमता मिल पाई है, उन्होंने मुख्यमंत्री की संवेदनशीलता की प्रशंसा की।
- रायपुर/ रायपुर नगर पालिक निगम के आयुक्त श्री विश्वदीप के आदेशानुसार और नगर निगम जोन 10 जोन कमिश्नर श्री विवेकानंद दुबे के निर्देशानुसार जोन 10 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 10 क्षेत्र अंतर्गत होटल गुरुकृपा राजधानी की स्वच्छता का औचक निरीक्षण जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक श्री यशवंत बेरिहा एवं अन्य सम्बंधित कर्मचारियों की उपस्थिति में प्राप्त जनशिकायत की वस्तुस्थिति की जानकारी लेने किया गया. औचक निरीक्षण के दौरान होटल में गन्दगी पायी गयी और प्राप्त जनशिकायत स्थल पर सही पायी गयी. जोन कमिश्नर के निर्देश पर जोन स्वास्थ्य अधिकारी ने होटल गुरुकृपा राजधानी के संचालक पर तत्काल 2500 रूपये का ई जुर्माना किया और प्राप्त जनशिकायत का जोन के स्तर पर त्वरित निदान किया.
- रायपुर/छत्तीसगढ़ राज्य खाद्य आयोग के अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा की अध्यक्षता में आज खाद्य आयोग के राज्य कार्यालय स्थित सभा कक्ष में NFSA (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013) एवं CGFSA (छत्तीसगढ़ खाद्य एवं पोषण सुरक्षा अधिनियम 2012) के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर राज्य स्तरीय अंतर्विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आयोग के सदस्य सचिव श्री राजीव जायसवाल, सदस्यगण तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।बैठक में सदस्य सचिव श्री जायसवाल द्वारा आयोग की शक्तियों, दायित्वों एवं कार्यप्रणाली पर विस्तृत प्रस्तुति दी गई। उन्होंने बताया कि आयोग का प्रमुख दायित्व हितग्राहियों की पात्रताओं के क्रियान्वयन की सतत निगरानी, शिकायतों की जांच, जिला शिकायत निवारण अधिकारी के आदेशों के विरुद्ध अपीलों की सुनवाई तथा राज्य सरकार को आवश्यक अनुशंसाएं देना है।बैठक में AAY, PHH, APL, निराश्रित एवं निशक्त श्रेणी के अंतर्गत निर्धारित राशन पात्रताओं की समीक्षा की गई। आयोग ने उचित मूल्य दुकानों में समय पर राशन वितरण, स्टॉक की सही प्रविष्टि, APL एवं फोर्टिफाइड चावल का पृथक भंडारण, FIFO प्रणाली के पालन, रैंडम बोरा तौल एवं विभागीय कॉल सेंटर नंबर के प्रदर्शन के निर्देश दिए।पूरक पोषण आहार योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की समीक्षा करते हुए 6 माह से 6 वर्ष तक के बच्चों, गर्भवती एवं शिशुवती महिलाओं को पात्रता अनुसार पोषण उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। पोषण ट्रैकर में दर्ज आंकड़ों के भौतिक सत्यापन, आंगनबाड़ी केंद्रों के नियमित निरीक्षण, फोर्टिफाइड चावल के उपयोग संबंधी जानकारी प्रदर्शित करने तथा भवन एवं आधारभूत सुविधाओं में सुधार के निर्देश दिए गए।प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों में निर्धारित मात्रा अनुसार भोजन सामग्री उपयोग, दैनिक मेन्यू का प्रदर्शन, माप-तौल उपकरण की उपलब्धता, किचन व भोजन क्षेत्र में स्वच्छता तथा कॉल सेंटर नंबर प्रदर्शित करने के निर्देश दिए गए।आश्रम एवं छात्रावासों में प्रति छात्र निर्धारित खाद्यान्न वितरण, भोजन की गुणवत्ता, अधीक्षक के छात्रावास में अनिवार्य निवास, मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता एवं स्टॉक रजिस्टर अद्यतन रखने पर विशेष जोर दिया गया।सितंबर से दिसंबर 2025 की अवधि में आयोग द्वारा 15 जिलों में निरीक्षण किया गया, जिसमें 33 उचित मूल्य दुकानें, 17 आंगनबाड़ी केंद्र, 13 स्कूल एवं 16 आश्रम/छात्रावास शामिल थे। निरीक्षण में पाई गई कमियों के आधार पर सभी विभागों को समयबद्ध सुधारात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।अध्यक्ष श्री संदीप शर्मा ने कहा कि शासन की योजनाओं का उद्देश्य अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण भोजन एवं पोषण पहुंचाना है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आयोग द्वारा आगे भी नियमित निरीक्षण एवं कड़ी निगरानी जारी रहेगी।
- रायपुर/ राष्ट्रीय आयुष कार्यक्रम “सुप्रजा” के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं, प्रसवोत्तर माताओं एवं नवजात शिशुओं की समग्र देखभाल सुनिश्चित की जा रही है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य आयुष पद्धतियों के माध्यम से सुरक्षित मातृत्व, स्वस्थ शिशु तथा शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा देना है।कार्यक्रम के अंतर्गत गर्भवती महिलाओं की नियमित एएनसी जांच की जाती है, जिसमें यूरिन प्रेगनेंसी टेस्ट, रक्तचाप, ब्लड शुगर, पेशाब की जांच, हीमोग्लोबिन प्रतिशत, ऊंचाई एवं वजन तथा गर्भस्थ शिशु की स्थिति की जांच शामिल है। ये सेवाएं प्रतिमाह शिविरों एवं ओपीडी के माध्यम से प्रदान की जाती हैं। आवश्यकता अनुसार सोनोग्राफी कराने की सलाह भी दी जाती है। इसके साथ ही गर्भवती महिला, टारगेट कपल एवं परिवार के सदस्यों की काउंसलिंग भी की जाती है।योग चिकित्सकों एवं योग प्रशिक्षकों द्वारा गर्भावस्था के अनुसार सुरक्षित योग, प्राणायाम एवं मानसिक विश्रांति के अभ्यास कराए जाते हैं। साथ ही माहवार आहार-विहार की जानकारी दी जाती है, जिसमें गर्भावस्था के दौरान किन खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए तथा किन चीजों से परहेज करना चाहिए, इस पर विशेष मार्गदर्शन दिया जाता है।आयुष विभाग द्वारा गर्भ संस्कार के अंतर्गत सकारात्मक विचार, अच्छी पुस्तकें पढ़ना, पेंटिंग, संगीत एवं ध्यान जैसी रचनात्मक गतिविधियां कराई जाती हैं, जिससे गर्भस्थ शिशु के सर्वांगीण विकास में सहायता मिल सके।प्रसव के बाद माताओं के वजन, रक्तचाप, ब्लड शुगर एवं हीमोग्लोबिन की जांच की जाती है। नवजात शिशुओं के वजन, पीलिया एवं छाती की जांच की जाती है।“सुप्रजा” कार्यक्रम का संचालन वर्तमान में रायपुर की तीन आयुष संस्थाओं में किया जा रहा है। अक्टूबर 2023 से वर्तमान तक इस कार्यक्रम के माध्यम से लगभग 500 गर्भवती महिलाएं (ANC) एवं 250 प्रसवोत्तर महिलाएं (PNC) लाभान्वित हो चुकी हैं।आयुष विभाग का यह प्रयास मातृ-शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों को आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के साथ जोड़ते हुए एक समग्र एवं प्रभावी मॉडल प्रस्तुत कर रहा है।“सुप्रजा” कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. पूर्णिमा राजपूत, डॉ. नमीरा आलम, डॉ. प्रतिमा धृतलहरे सहित अन्य नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
- रायपुर। शासकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान में प्राचार्य मेजर नरेंद्र उपाध्याय के कुशल नेतृत्व में वेल्डर ट्रेड के प्रशिक्षकों एवं प्रशिक्षार्थियों द्वारा “बेस्ट आउट ऑफ वेस्ट” की भावना को साकार करते हुए अनुपयोगी सामग्री से “छत्तीसगढ़ महतारी” की सुंदर एवं प्रेरणादायी प्रतिमा का निर्माण किया गया।यह प्रतिमा प्रशिक्षार्थियों की तकनीकी दक्षता, रचनात्मक सोच एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है। अनुपयोगी एवं स्क्रैप सामग्री के रचनात्मक उपयोग से निर्मित यह कलाकृति स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, नवाचार एवं आत्मनिर्भरता का सशक्त संदेश देती है।संस्थान प्रबंधन के अनुसार इस पहल का उद्देश्य प्रशिक्षार्थियों में कौशल विकास के साथ-साथ सृजनात्मकता, सामाजिक चेतना एवं सांस्कृतिक मूल्यों को बढ़ावा देना है। वेल्डर ट्रेड के प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रशिक्षार्थियों ने इस प्रतिमा को पूरी एवं तकनीकी कौशल के साथ तैयार किया।संस्थान में किए गए इस अभिनव प्रयास की विभिन्न स्तरों पर सराहना की जा रही है। यह पहल न केवल कौशल प्रशिक्षण की गुणवत्ता को दर्शाती है, बल्कि युवाओं को पर्यावरण के प्रति संवेदनशील एवं आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा भी प्रदान करती है।
- 70 वर्ष से अधिक आयु के नागरिकों को वय वंदना कार्ड से मिलेगा ₹5 लाख तक का निःशुल्क उपचारशिविर आयोजन हेतु सीएमएचओ कार्यालय के हेल्पलाइन नंबर 0771-4045849 पर करें संपर्करायपुर। आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जिले में 70 वर्ष एवं उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों का वय वंदना कार्ड पंजीयन कार्य निरंतर जारी है। आधार कार्डधारी पात्र वरिष्ठ नागरिकों को इस कार्ड के माध्यम से प्रति वर्ष ₹5 लाख तक के निःशुल्क स्वास्थ्य उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।इसके साथ ही, जिन परिवारों के पास राशन कार्ड उपलब्ध है तथा जिनका नाम राशन कार्ड में दर्ज है, उनके सभी पात्र सदस्यों के आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा रहे हैं। आयुष्मान कार्ड के माध्यम से सूचीबद्ध शासकीय एवं निजी अस्पतालों में निःशुल्क उपचार की सुविधा प्राप्त की जा सकेगी।स्वास्थ्य विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि जिन हितग्राहियों ने अब तक स्वयं अथवा अपने परिवार के वरिष्ठ नागरिकों का वय वंदना कार्ड या आयुष्मान कार्ड नहीं बनवाया है, वे शीघ्र अपने नजदीकी शासकीय स्वास्थ्य केंद्र या चॉइस सेंटर में जाकर पंजीयन कराएं।शहरी क्षेत्रों में अधिक से अधिक नागरिकों को योजना का लाभ प्रदान करने के उद्देश्य से सोसाइटी एवं कॉलोनी स्तर पर विशेष पंजीयन शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इच्छुक सोसाइटी अथवा कॉलोनी निवासी शिविर आयोजन हेतु मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं या दूरभाष क्रमांक 0771-4045849 पर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
- गौरेला पेंड्रा मरवाही/राजस्व विभाग के अधिकारियों और पटवारियों द्वारा किए गए भौतिक सत्यापन के उपरांत “विवरण संशोधन” का प्रावधान 7 जनवरी 2026 तक सभी समितियों के समिति लॉगिन में उपलब्ध करा दिया गया है। इसके साथ ही कृषकों द्वारा खसरा एवं रकबा सुधार, कैरी फारवर्ड फसल विवरण, नवीन पंजीयन तथा रकबा संशोधन जैसी प्रक्रियाओं के लिए लगातार किए जा रहे अनुरोधों को दृष्टिगत रखते हुए राज्य शासन ने एकीकृत किसान पोर्टल में अतिरिक्त प्रावधान करने का निर्णय लिया है। आदेशानुसार सभी समितियों के समिति लॉगिन में अब कैरी फारवर्ड रिमार्क एवं विवरण की प्रविष्टि 15 जनवरी 2026 तक की जा सकेगी। वन अधिकार पट्टाधारी कृषकों के नवीन पंजीयन की सुविधा भी 15 जनवरी 2026 तक उपलब्ध रहेगी। विभिन्न प्रकार के विवरण संशोधन की अंतिम तिथि 31 जनवरी 2026 निर्धारित की गई है। जिन प्रकरणों में आधार संख्या त्रुटिपूर्ण है, वहां पूर्व पंजीयन को निरस्त कर नया पंजीयन करने की अनुमति 15 जनवरी 2026 तक दी गई है। इसी प्रकार राजस्व विभाग द्वारा की गई गिरदावरी तथा भौतिक सत्यापन के आधार पर जिला कलेक्टर की अनुशंसा से नवीन पंजीयन भी 15 जनवरी 2026 तक किया जा सकेगा। राज्य शासन ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि इन समय-सीमाओं का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि किसी भी कृषक को आवश्यक सेवाओं के लिए अतिरिक्त प्रतीक्षा नहीं करनी पड़े। किसानों की सुविधा, पारदर्शिता और त्वरित सेवा-प्रदान सुनिश्चित करने हेतु पोर्टल पर तकनीकी व्यवस्थाओं को और अधिक मजबूत किया जा रहा है।
- रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के कुशल नेतृत्व में जशपुर जिले में धान खरीदी का कार्य पूरी तरह व्यवस्थित एवं सुचारू रूप से संचालित किया जा रहा है। खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के अंतर्गत समर्थन मूल्य पर धान खरीदी हेतु जिले के विभिन्न धान उपार्जन केंद्रों में किसानों की निरंतर आवक बनी हुई है। शासन की किसान-हितैषी नीतियों एवं पारदर्शी व्यवस्था का सकारात्मक प्रभाव अब ज़मीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है।धान खरीदी केंद्र में अपनी उपज बेचने पहुंचे ग्राम बसरूपपुर निवासी किसान श्री कृष्णा यादव ने बताया कि उन्हें केंद्र में किसी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ा। उन्होंने बताया कि पिताजी के नाम से “टोकन तुंहर हाथ” मोबाइल एप के माध्यम से घर बैठे ही ऑनलाइन टोकन लिया गया, जिससे निर्धारित तिथि पर केंद्र पहुंचकर बिना किसी प्रतीक्षा के धान की बिक्री संभव हो सकी।श्री यादव ने कहा कि धान खरीदी केंद्र में समय पर नया और साफ-सुथरा बारदाना उपलब्ध कराया गया तथा धान तौल भी समय पर पूरी की गई। उन्होंने बताया कि सुव्यवस्थित व्यवस्था के चलते न केवल समय की बचत हुई, बल्कि धान की बिक्री भी सहज और पारदर्शी ढंग से हो पाई।किसान श्री यादव ने शासन द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए कहा कि डिजिटल टोकन प्रणाली एवं सुव्यवस्थित खरीदी प्रक्रिया से किसानों को अपनी उपज बेचने में सुविधा मिल रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन द्वारा किसानों को उनकी मेहनत का उचित मूल्य दिया जा रहा है, जिससे किसानों का सम्मान बढ़ा है और उनमें आत्मविश्वास भी सुदृढ़ हुआ है।
- समर्थन मूल्य पर धान की खरीदीरायपुर/प्रदेश सरकार द्वारा समर्थन मूल्य पर धान की खरीदी किए जाने से किसानों की मेहनत को उचित दाम मिल रहा है और वे आर्थिक रूप से समृद्धि की ओर अग्रसर हो रहे हैं। कोंडागांव जिले के ग्राम बड़ेबेन्दरी निवासी श्री नंदलाल राठौर ने बताया कि उनके पास 5 एकड़ भूमि है, जिससे उन्होंने 104 क्विंटल धान का उत्पादन किया और उसे उपार्जन केंद्र में बेचा।धान विक्रय से प्राप्त राशि से वे अपने परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करने के साथ-साथ आगामी फसल की तैयारी में भी निवेश करेंगे। उन्होंने बताया कि वे रबी फसल के मौसम में मक्का की खेती करने की तैयारी कर रहे हैं।श्री नंदलाल ने यह भी बताया कि उन्हें प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ मिल रहा है, जिसके अंतर्गत उन्हें प्रति वर्ष 6,000 रुपये की राशि 2,000 रुपये की तीन किस्तों में प्राप्त होती है। इस राशि का उपयोग वे घरेलू छोटी-छोटी जरूरतों के साथ-साथ खेती-बाड़ी से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में करते हैं।उन्होंने समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की व्यवस्था तथा किसानों के हित में संचालित विभिन्न योजनाओं के लिए शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
- पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान से खुशहाली का नया दौरसुव्यवस्थित खरीदी से किसानों को मिल रहा उचित मूल्यरायपुर/छत्तीसगढ़ सरकार की धान खरीदी नीति ने किसानों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन ला दिया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में लागू की गई यह नीति न केवल पारदर्शी और सुगम है, बल्कि किसानों को उनके पसीने की कमाई का पूरा हक दिला रही है। समर्थन मूल्य पर समयबद्ध भुगतान और आधुनिक व्यवस्था ने राज्य के लाखों किसानों को आर्थिक रूप से मजबूत किया है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई गति आई है।गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के किसान जोधन केंवट की सफलता इस नीति की जीती-जागती मिसाल है। उन्होंने अपनी लगभग 5 एकड़ भूमि पर उगाए धान को दो चरणों में कुल 99 क्विंटल उपार्जन केंद्र पेंड्रा में बेचा। जोधन ने खुशी से बताया कि पहले की तुलना में अब खरीदी प्रक्रिया कहीं अधिक बेहतर और आसान हो गई है। समिति के माध्यम से टोकन कटवाकर बिना किसी झंझट के धान बेच पाया।ऑनलाइन टोकन और पारदर्शी प्रक्रिया से खत्म हुई पुरानी परेशानियांराज्य सरकार की पहल से धान खरीदी में क्रांति आ गई है। ऑनलाइन और समिति आधारित टोकन प्रणाली ने लंबी कतारों व अव्यवस्था का अंत कर दिया है। किसानों को अब न तो इंतजार करना पड़ता है और न ही कोई बिचौलिया हस्तक्षेप होता है। पूरी प्रक्रिया डिजिटल रूप से निगरानी में रहती है, जो पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करती है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा घोषित 3100 रुपये प्रति क्विंटल की दर और प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान खरीदने की सीमा ने किसानों की चिंताओं को दूर कर दिया। जोधन केवट जैसे हजारों किसान अब अपनी उपज का पूरा मूल्य समय पर प्राप्त कर रहे हैं, जिससे उनके परिवारों में खुशहाली लौट आई है। यह व्यवस्था न केवल आर्थिक लाभ दे रही है, बल्कि किसानों में आत्मविश्वास भी भर रही है।किसान हित में सरकार की प्रतिबद्धता, कृषि क्षेत्र में बढ़ा विश्वासमुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सरकार की यह नीति छत्तीसगढ़ के कृषि क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा रही है। किसानों को समय पर भुगतान मिलने से वे नई फसल के लिए बेहतर निवेश कर पा रहे हैं, जिससे उत्पादकता में वृद्धि हो रही है। राज्य भर के उपार्जन केंद्रों पर सुव्यवस्थित व्यवस्था ने ग्रामीणों का भरोसा जीत लिया है। जोधन केंवट ने कहा कि सरकार की इस किसान हितैषी नीति से हमारी तकदीर बदल गई है। अब हम बिना चिंता के खेती पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यह नीति राज्य को कृषि प्रधान अर्थव्यवस्था के रूप में मजबूत बनाएगी। सरकार की यह सकारात्मक पहल अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन रही है।
- आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के इलाज के लिए सुरक्षा कवचरायपुर/जिले में स्वास्थ्य सेवाओं एवं सुविधाओं के उन्नयन हेतु निरंतर और प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। शासन की विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के माध्यम से शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में आम नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत आयुष्मान कार्ड एवं आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन में राजनांदगांव जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर रहा है।आयुष्मान वय वंदना कार्ड में शत-प्रतिशत से अधिक उपलब्धिआयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले में आयुष्मान वय वंदना कार्ड के लिए निर्धारित लक्ष्य के विरुद्ध 100.20 प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त की गई है। इसके साथ ही राजनांदगांव जिला राज्य का सर्वप्रथम शत-प्रतिशत पंजीयन पूर्ण करने वाला जिला बन गया है। जिले में 70 वर्ष या उससे अधिक आयु के 25 हजार 138 पात्र वरिष्ठ नागरिकों में से 25 हजार 88 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है।आयुष्मान कार्ड पंजीयन में भी प्रदेश में अग्रणीआयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना अंतर्गत जिले में आयुष्मान कार्ड पंजीयन का लक्ष्य 9 लाख 52 हजार 546 के विरुद्ध 9 लाख 37 हजार 461 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया है, जो कि 98.42 प्रतिशत उपलब्धि है। इस उपलब्धि के साथ आयुष्मान कार्ड पंजीयन में भी राजनांदगांव जिला प्रदेश में प्रथम स्थान पर है।घर-घर पहुंचकर किया गया पंजीयन कार्यस्वास्थ्य विभाग द्वारा जिले के सभी पात्र हितग्राहियों के घर-घर पहुँचकर आयुष्मान वय वंदना कार्ड पंजीयन का कार्य पूर्ण किया गया है। इस अभियान के माध्यम से कोई भी पात्र हितग्राही योजना के लाभ से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित किया गया।वरिष्ठ नागरिकों को मिलेगा अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार लाभआयुष्मान वय वंदना कार्ड के अंतर्गत पात्र वरिष्ठ नागरिकों को शासकीय एवं निजी चिकित्सालयों में 5 लाख रुपये तक का अतिरिक्त नि:शुल्क उपचार प्रदान किए जाने का प्रावधान है। इससे बुजुर्गों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएँ प्राप्त हो रही हैं।आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सुरक्षा कवचआयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत आयुष्मान कार्ड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का नि:शुल्क, कैशलेस एवं पेपरलेस उपचार सार्वजनिक एवं निजी अस्पतालों में उपलब्ध कराया जा रहा है। यह योजना शासन की एक महत्वपूर्ण स्वास्थ्य बीमा पहल है, जो सभी के लिए गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच सुनिश्चित करती है।
- किसानों व मछुवारों की बदली आर्थिक तस्वीररायपुर/प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से राज्य के सभी जिलो में मत्स्य क्रांति की मजबूत नींव रखी जा रही है। इस योजना के माध्यम से किसानों एवं मछुवा परिवारों के जीवन में उल्लेखनीय और सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिल रहा है। आधुनिक तकनीकों को अपनाकर मत्स्योत्पादन क्षमता में कई गुना वृद्धि हुई है, जिससे आय एवं रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं।आधुनिक तकनीकों से बढ़ा मत्स्योत्पादनयोजना के अंतर्गत केज कल्चर, पॉण्ड बायोफ्लॉक एवं नवीन तालाब निर्माण को प्रोत्साहित किया गया है। जिले के खदानों एवं जलाशयों में 21 केज इकाईयाँ स्थापित कर मत्स्यपालन का कार्य किया जा रहा है, जिससे सीमित जल संसाधनों में भी अधिक उत्पादन संभव हो पाया है।1500 मछुवारों को मिला प्रशिक्षण एवं आवश्यक संसाधनमछली पालन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी हेतु राजनांदगांव जिले के 1900 मछुवारों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया है। इसके साथ ही मछुवा परिवारों को मछली बीज, जाल, आइस बॉक्स, मोटर साइकिल एवं पिकअप वाहन जैसी आवश्यक सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं। किसान क्रेडिट कार्ड योजना के माध्यम से मछुवारों को सस्ती एवं सुलभ ऋण सुविधा भी प्रदान की जा रही है।मत्स्य बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता की ओर राजनांदगांव जिलाराजनांदगांव जिले में मत्स्य बीज उत्पादन को बढ़ावा देने हेतु 2 नवीन हेचरी का निर्माण किया गया है, जिससे जिला अब मत्स्य बीज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में अग्रसर है। इसके परिणामस्वरूप जिले में मछली बीज उत्पादन में 20 प्रतिशत तथा कुल मत्स्योत्पादन में 29 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।बड़े पैमाने पर तालाब एवं संवर्धन पोखरों का निर्माणमत्स्य बीज उत्पादन एवं संवर्धन हेतु जिले में 3 प्रक्षेत्रों की स्थापना की गई है। इसके अतिरिक्त किसानों की निजी भूमि में 148 हेक्टेयर क्षेत्रफल में 590.166 लाख रुपये की लागत से नवीन तालाब एवं संवर्धन पोखरों का निर्माण किया गया है।रोजगार एवं सामाजिक सुरक्षा में वृद्धिमत्स्य पालन से जिले में 2500 से अधिक रोजगार के अवसर सृजित हुए हैं। योजना के अंतर्गत 11 हजार 471 मछुवा हितग्राहियों को नि:शुल्क दुर्घटना बीमा, 1900 हितग्राहियों को प्रशिक्षण, 450 हितग्राहियों को मछली जाल, आइस बॉक्स एवं मछली बीज प्रदान किया गया है।दो वर्षों में बदली मत्स्य क्षेत्र की तस्वीरपिछले दो वर्षों में प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के सफल क्रियान्वयन से जिले के मत्स्य क्षेत्र की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। किसानों एवं मछुवारों की आय में वृद्धि, रोजगार के नए अवसर और मत्स्य उत्पादन में निरंतर बढ़ोतरी इस योजना की सफलता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है।
- रायपुर/ छत्तीसगढ़ में बुनियादी ढांचे के विकास और आवास निर्माण को गति देने के उद्देश्य से, छत्तीसगढ़ शासन ने हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (आवास और शहरी विकास निगम हुडको) के साथ एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह रणनीतिक साझेदारी राज्य के विकास लक्ष्यों की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिसका मुख्य उद्देश्य प्रमुख आवास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए वित्तपोषण सुरक्षित करना है। इस अवसर पर वित्त विभाग के सचिव श्री मुकेश कुमार बंसल, विशेष सचिव श्री चन्दन कुमार, विशेष सचिव श्रीमती शीतल शाश्वत वर्मा, उप सचिव श्री ऋषभ कुमार पाराशर व अवर सचिव श्री चंद्र प्रकाश पाण्डेय तथा हुडको से निदेशक वित्त श्री दलजीत सिंह खत्री व क्षेत्रीय प्रमुख हितेश बोराड मौजूदगी में सम्पन्न हुए। यह कार्यक्रम महानदी भवन, मंत्रालय, नवा रायपुर, अटल नगर में कल संपन्न हुआ। यह समझौता हुडको द्वारा राज्य शासन की विभिन्न विकास पहलों के लिए वित्तीय सहायता और तकनीकी सहयोग प्रदान करने के लिए एक रूपरेखा स्थापित करता है।समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) का मुख्य उद्देश्य है कि छत्तीसगढ़ में प्रमुख आवास परियोजनाओं और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए वित्तपोषण की सुविधा प्रदान करना है। यह सहयोग मजबूत बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण और किफायती आवास की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर केंद्रित होगा। इससे सीधे तौर पर छत्तीसगढ़ के नागरिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में योगदान मिलेगा।यह साझेदारी आधुनिकीकरण और सतत् विकास के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को रेखांकित करता है। जो हुडको की विशेषज्ञता और वित्तीय क्षमता का लाभ उठाकर परिवर्तनकारी परियोजनाओं को मूर्त रूप देने में मदद करेगी। हाउसिंग एंड अर्बन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (हुडको) एक नवरत्न केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम है, जो देश में आवासीय उद्देश्यों के लिए घरों के निर्माण या आवास और शहरी विकास कार्यक्रमों के वित्तपोषण के लिए दीर्घकालिक वित्त प्रदान करता है।
- 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद के पूर्ण उन्मूलन निश्चित - उपमुख्यमंत्री श्री शर्माउपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बीजापुर में जिला स्तरीय अधिकारियों से नियद नेल्ला नार योजना की ली समीक्षा बैठकरायपुर/छत्तीसगढ़ शासन के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा बीजापुर के अपने दो दिवसीय प्रवास के दौरान बुधवार को जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ नियद नेल्ला नार योजनान्तर्गत संचालित विकास कार्यों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में उन्होंने विभागवार योजनाओं के जमीनी स्तर पर क्रियान्वयन की जानकारी लेते हुए कहा कि केंद्रीय गृहमंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में 31 मार्च 2026 तक सशस्त्र माओवाद का पूरी तरह उन्मूलन सुनिश्चित किया जाएगा। इसके बाद बस्तर क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और विकास का नया अध्याय शुरू होगा।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि माओवाद के समूल उन्मूलन के बाद लोगों में विश्वास जगाना और विकास कार्यों में तीव्रता लाना आवश्यक होगा। अब समय बहुत कम है, इसलिए शासन की सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन नई ऊर्जा, नई रणनीति और जनकल्याण की भावना के साथ सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने अधिकारियों को अपनी नैतिक जिम्मेदारियों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने के निर्देश दिए।उन्होंने कहा कि बीजापुर के सुदूर अंचलों में सड़क, बिजली, पानी, स्कूल, अस्पताल, आंगनबाड़ी सहित केंद्र एवं राज्य सरकार की सभी हितग्राही मूलक योजनाओं से प्रत्येक व्यक्ति को जोड़ा जाएगा। जिले के अंतिम व्यक्ति तक शासन की योजनाएं सुगमता से पहुंचेंगी, जिसमें जिला, विकासखण्ड और मैदानी अमले के अधिकारी-कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।उपमुख्यमंत्री ने बताया कि माओवाद मुक्त ग्राम पंचायतों को विशेष परियोजना के तहत ‘इलवद पंचायत’ के रूप में एक करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात दी जाएगी। इसके साथ ही शासन की महत्वाकांक्षी ‘नियद नेल्ला नार' योजना के अंतर्गत जिले के 201 गांवों को शामिल किया गया है, जहां शासकीय योजनाओं की शत-प्रतिशत संतृप्तता और प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया जा रहा है।बैठक में एडीजी नक्सल ऑपरेशन श्री विवेकानंद सिन्हा ने कहा कि बीजापुर में अब शांति और सुरक्षा की स्थिति सुदृढ़ हो रही है, जिससे शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन में पहले की तुलना में अधिक सुगमता आई है। उन्होंने कहा कि पहले और आज के बीजापुर में स्पष्ट अंतर दिखाई देता है।पंचायत विभाग के सचिव श्री भीम सिंह ने बताया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का निराकरण लगातार किया जा रहा है और बस्तर संभाग का विकास शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है।कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा के दिशा-निर्देशों का पालन करते हुए बीजापुर के समग्र विकास के लिए पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ कार्य करने का आश्वासन दिया।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती जानकी कोरसा, बस्तर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, संचालक श्री अश्विनी देवांगन, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, डीएफओ श्री रंगानाथन रामाकृष्णन, जिला पंचायत सीईओ श्रीमती नम्रता चौबे सहित जिला स्तरीय वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
- ऊर्जा क्षेत्र के जोखिमपूर्ण कार्यों में महिलाओं की समान भागीदारीबिलासपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी के विद्युत विकास की गाथा में पुरूश कर्मियों के साथ- साथ महिला कर्मियों की भी अहम भूमिका रही है। वे निरंतर कंधे से कंधा मिलाकर जोखिमपूर्ण कार्यों का निश्पादन बडी सहजता के साथ कर रही हैं। वह कार्य चाहे डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी, ट्रांसमिषन कंपनी या उत्पादन कंपनी की हो। सभी कंपनी में महिला कर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। दूरस्थ वनांचल क्षेत्र अथवा दूर्गम पहाडी क्षेत्रों में भी दिन-रात उपस्थित होकर सदैव विद्युत उपभोक्ताओें की सेवा में तत्पर रहकर कार्य करती हैं।छत्तीसगढ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूषन कंपनी लिमिटेड बिलासपुर क्षेत्र में महिलाओं के कर्तव्य और भूमिकाएं सामान्यतः विद्युत क्षेत्र के नियमों, कंपनी के दिषा-निर्देषों और विभागीय नीतियों के तहत होते हैं, जिसमें तकनीकी, प्रषासनिक और ग्राहक सेवा के क्षेत्र षामिल हैं, बिजली वितरण, रखरखाव, और नए कनेक्षन से जुडे़ कार्यों में महिला इंजीनियर और तकनीषियन षामिल हो सकती हैं। कार्यालयीन कार्यों, बिलिंग, ग्राहक सेवा, मानव संसाधन और प्रबंधन में महिला अधिकारी/कर्मचारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उपभोक्ताओं को बिजली संबंधी जानकारी देना, षिकायतों का निवारण करना और योजनाओं की जानकारी देने के साथ ही बिजली बचाने और नई तकनीकों (जैसे स्मार्ट मीटर) के उपयोग के बारे में उपभोक्ताओं को जागरूक करना।पॉवर कंपनी में महिलाओं के कर्तव्य कंपनी के कार्यक्षेत्र और उनकी विषेशज्ञता पर निर्भर करते हैं। सरकार की विभिन्न महिला सषक्तिकरण योजनाओं के माध्यम से, महिलाएं न केवल सषक्त हो रही हैं, बल्कि ऊर्जा क्षेत्र सहित हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभाकर राज्य के विकास में योगदान दे रही हैं।बिलासपुर क्षेत्र के कार्यपालक निदेषक श्री ए.के.अम्बस्ट ने बताया कि बिलासपुर रीजन के विभिन्न कार्यालयों तथा मैदानी क्षेत्रों में लगभग 230 से अधिक महिला विद्युत कर्मी जिनमें अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, कनिश्ठ अभियंता तथा अन्य कार्यालयीन स्टॉफ षामिल हैं, जो ऊर्जा क्षेत्र के विकास एवं जोखिमपूर्ण कार्यों में अपने कर्तव्यों का निर्वहन बडी निश्ठा एवं मेहनत के साथ कर रही हैं।

















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