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- शिविर में बच्चों को आध्यात्म के प्रति जागरूक करने और पारंपरिक खेलों से जोड़ने का होगा अभिनव प्रयास
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल की आध्यात्मिक समिति की ओर से एक मई से 30 मई तक तक ग्रीष्मकालीन बाल संस्कार शिविर लगाया जा रहा है। हर साल ऑनलाइन मोड पर लगने वाला यह शिविर इस वर्ष वीकएंड पर ऑफलाइन भी होगा। यानी बाल संस्कार शिविर सोमवार से गुरुवार तक ऑनलाइन चलेगा, तो शुक्रवार व शनिवार को ऑफलाइन होगा और सभी शिविरार्थी बच्चे सुबह सात से आठ बजे महाराष्ट्र मंडल परिसर में जुटेंगे और शिविर को एंजॉय करेंगे।
आध्यात्मिक समिति की समन्वयक आस्था काले ने बताया कि अपने बच्चों को आध्यात्म और संस्कारों से जोड़ने का यह अभिभावकों के पास अच्छा अवसर है। इस संदर्भ में 22 अप्रैल को आध्यात्मिक समिति की ऑनलाइन बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए कार्यक्रम की रूपरेखा भी सुनिश्चित की गई। आस्था के अनुसार अगर बच्चों को अपने पारंपरिक खेलों से परिचित कराते हुए उससे जोड़ना है, तो आपको शिविर को ऑफलाइन मोड पर लाना ही होगा। हम शुक्रवार और शनिवार को शिविर में बच्चों को पिट्टूल, बिल्लस, पोशमपा, छुपन छुपाई, रेस टीप जैसे खेल भी खिलाएंगे। इसके अलावा बच्चों को नाटक की बुनियादी सीख दी जाएगी। फायरलेस कुकिंग के माध्यम से भी बच्चों को परिस्थितियों से जूझना सिखाया जाएगा।आध्यात्म समिति प्रमुख आकांक्षा गद्रे ने बताया कि ऑनलाइन शिविर सुबह सात से आठ बजे लगेगा। इसमें बच्चों को दैनंदिनी के स्तोत्र, गणपति स्तोत्र, अथर्व शीर्ष पाठ, राम रक्षा स्त्रोत, हनुमान चालीसा, विष्णु सहस्त्र नाम, गीता का 12वां और 15वां अध्याय सहित विविध मंत्रोच्चार सिखाएं व याद कराए जाएंगे। इसके साथ ही इन मंत्रों का अर्थ भी बच्चों को बताया जाएगा। इसके अलावा उन्हें शिक्षाप्रद कहानियां, सामान्य ज्ञान, पहेलियां बताई जाएंगी। सम सामयिक विषयों पर भी बच्चों से चर्चा की जाएगी। वहीं व्यायाम, योग, ड्राइंग, पेंटिंग, संगीत जैसे सेगमेंट से बच्चों को शिविर से जोड़ा जाएगा।आध्यात्म समिति प्रमुख सृष्टि दंडवते के अनुसार शुक्रवार और शनिवार को महाराष्ट्र मंडल परिसर में लगने वाले ऑफलाइन शिविर में बच्चों को ब्रेन गेम, खेल-खेल में योग, पेड़- पौधे लगाने का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा। शिविर के प्रत्येक सेगमेंट के लिए अलग- अलग प्रशिक्षक अथवा प्रशिक्षिकाओं की व्यवस्था की गई है। सृष्टि ने स्पष्ट किया कि ऑनलाइन मोड पर शिविर से जुड़ने वाले शहर से बाहर के बच्चों के लिए शुक्रवार और शनिवार को भी ऑनलाइन शिविर से जुड़ने की सुविधा होगी। उन्हें ऐसी प्रशिक्षक का सानिध्य भी मिलेगा, जो शहर के बाहर ऑनलाइन शिविर में अपनी सेवाएं दे रहे होंगे। सृष्टि के अनुसार बृहन्महाराष्ट्र मंडल के राष्ट्रीय प्रमुख कार्यवाह शेखर राव साहेब अमीन और छत्तीसगढ़ कार्यवाह सुबोध टोले के माध्यम से ऑनलाइन शिविर को लेकर बड़े पैमाने पर प्रचार- प्रसार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक बच्चे इस शिविर से लाभान्वित हो सके। -
-21 गायिकाओं की सुरीला सफर ‘अभी ना जाओ छोडकर’ से शुरू होकर ‘जीते हैं शान से...’ तक रहेगा जारी
रायपुर। 12 अप्रैल को फिल्म इंडस्ट्री की सुप्रसिद्ध गायिका आशा भोसले के निधन के करीब पखवाड़े भर बाद महाराष्ट्र मंडल का म्युजिकल ग्रुप संगीतमय कार्यक्रम के माध्यम से उन्हें श्रद्धांजलि देने जा रहा है। 29 अप्रैल, बुधवार को शाम सात बजे आयोजित इस विशेष कार्यक्रम में 21 महिला सभासद गायिकाएं आशा भोसले के चुनिंदा 21 गानों की सुमधुर प्रस्तुति देकर उन्हें श्रद्धसुमन अर्पित करेंगी।
कार्यक्रम की संयोजक भारती पलोसकर ने बताया कि कार्यक्रम में उन्हीं गायिकाओें के गाने सुनने का अवसर मिलेगा, जो पहले से ही लाइव म्युजिक अथवा कोराओके माध्यम से अपनी आवाज का जादू बिखेरते रहे हैं। इतना तो तय है कि भारतीय फिल्मों की वर्सिटाइल सिंगर आशा भोसले को श्रद्धांजलि देने का यह संगीतमय सिलसिला ‘अभी न जाओ छोड़कर’ से शुरू होकर ‘दम मारो दम मिट जाए गम, ‘ये मेरा दिल प्यार का दिवाना’, दो लफ्जों की है दिल की कहानी या है मोहब्बत या है जुबानी से होते हुए ‘… जीते हैं शान से, मरते हैं शान से’ तक जाकर ही थमेगा। भारती के अनुसार कार्यक्रम में संगीतप्रेमियों को हर दशक और प्रत्येक एरा के चुने हुए बेहतरीन गानों को एंजॉय करने का मौका मिलेगा।कार्यक्रम की सह संयोजक अंकिता किरवई ने जानकारी दी है कि आशा भोसले के गानों को अपनी मौलिक आवाज में हम तक पहुंचाने वाली महाराष्ट्र मंडल की गायिकाओं में भारती पलसोदकर, देविका देशपांडे, स्वाति जोशी, वैशाली जोशी, प्रीति केसकर, अंकिता किरवई, मंजरी बक्षी, साक्षी जोशी, अंजलि कान्हे, सुमिता रायजादा, रुक्मणी रामटेके, प्रगति ओगले, सुरेखा पाटिल, अस्मिता कुसरे, निशा देव, स्मिता राजे, अनुभा झा, सुप्रिया शेष, पूजा सिंग, आरती दीप शामिल हैं। आशीष गुप्ता, रंजन मोड़क सहित अनेक संगीत के क्षेत्र से जुड़े सदस्यों का सहयोग भी कार्यक्रम में मिलेगा।अध्यक्ष अजय मधुकर काले ने कहा कि संगीतमय कार्यक्रम के रूप में यह महाराष्ट्र मंडल का पहला प्रयोगात्मक प्रयास है। हमें विश्वास है कि फिल्मी गानों को पसंद करने और आमतौर पर सुनने वाले संगीतप्रेमी दर्शक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जुटेंगे। जिससे हर आयुवर्ग की गायिकाओं को प्रोत्साहन की ऊर्जा मिलेगी। मंडल के अनेक रंगसाधकों ने भी 29 अप्रैल के कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दर्शकों से पहुंचने की अपील की है, ताकि भविष्य में भी ऐसे संगीतमय आयोजन जारी रहें। -
0 अध्यक्ष काले का आग्रह- समसामयिक विषय पर आधारित नाटक मराठी के साथ हिंदी में भी मंचित करें, ताकि इसका संदेश पहुंचे अधिकाधिक लोगों तक
रायपुर। महाराष्ट्र मंडल में वरिष्ठ रंगसाधकों ने एक बार फिर सम सामयिक ज्वंलत विषय पर आधारित नाटक ‘सेलिबेशन’ को मंचित करने की तैयारी शुरू कर दी है। सन् 2003 को प्रशांत दलवी द्वारा मराठी में लिखे गए इस नाटक का वाचन रंगसाधक- निर्देशक प्रसन्न विजय निमोणकर ने प्रिया प्रशांत बक्षी के साथ किया, तो कक्ष में बैठे तमाम कलाकार स्तब्ध रहे गए। कुछ की तो आंखें नम थीं। कोई भी कलाकार कुछ कहने की स्थिति में नहीं था।दो अंकों वाले इस नाटक के निर्देशक प्रसन्न निमोणकर और मार्गदर्शक अनिल श्रीराम कालेले होंगे। नाटक में कुछ और कसावट लाने के बाद इसकी स्क्रिप्ट को लॉक किया जा रहा है। उसके बाद नाटक के प्रत्येक पात्रों पर कलाकारों के नामों की अंतिम मुहर लगाकर इसकी रिहर्सल शुरू की जाएगी। ‘सेलिबेशन’ की स्क्रिप्ट सुनने के लिए मंडल अध्यक्ष अजय मधुकर काले, सचिव चेतन गोविंद दंडवते, रंजन मोडक, पवन ओगले, प्रिया बक्षी, कुंतल कालेले, कीर्ति हिशीकर, अभिषेक बक्षी, जयेश कालेले, रविंद्र ठेंगड़ी, नवीन देशमुख, समीर टुल्लु सहित अनेक रंगसाधक उपस्थित रहे।स्क्रिप्ट वाचन के बाद अध्यक्ष अजय काले ने नए नाटक को लेकर सभी कलाकारों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने आग्रह किया कि चूंकि यह नाटक मराठी में लिखा गया है, इसलिए केवल मराठी तक ही इसे सिमित न रखें। बेहद ज्वलंत, गंभीर विषय पर लिखे गए इस नाटक का मैसेज सही मायनों में हिंदी में मंचन करने के बाद ही अधिकाधिक लोगों का पहुंचेगा। इसके साथ ही महाराष्ट्र मंडल के कलाकारों को रायपुर के अलावा दूसरे शहरों में इस नाटक को मंचित करने का अवसर मिलेगा। काले ने स्पष्ट किया कि इस नाटक का मंचन किसी तीज- त्योहार या पूर्व निर्धारित उत्सव पर नहीं, बल्कि किसी विशेष अवकाश के दिन किया जाएगा, ताकि बड़ी संख्या रंगप्रेमी दर्शक इसे देखने के लिए जुट सके।नाटक के रिहर्सल को लेकर सचिव चेतन दंडवते ने भी कई अहम् सुझाव दिए। मार्गदर्शक कालेले व निर्देशक निमोणकर को अध्यक्ष का सुझाव पसंद आया। इस पर अंतिम निर्णय लेने के बाद जल्द ही ‘सेलिब्रेशन’ की रिसर्हल शुरू की जाएगी। दोनों ने ही यह स्पष्ट किया कि नाटक में कई पुराने रंगसाधकों के साथ नए कलाकारों को भी अभिनय करने का मौका मिलेगा। -
0- महाराष्ट्र मंडल के फिट उत्सव में दिखा हर वर्ग के प्रतिस्पर्धियों में उत्साह
0- फिल्मी गानों पर सभी ने जमकर किया जुंबारायपुर। हम भारतीयों के खाने की थाली में आमतौर पर रोटी, सब्जी, दाल, चावल और मिठाइयां नजर आती हैं। इन दिनों आम का सीजन होने के कारण आम बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं। हम लोग आमतौर पर कुछ मीठा पहले, तो कुछ मीठा भोजन के अंत में खाते हैं। हमारा डाइट अच्छा है, लेकिन इसे लेने का तरीका हमें बदलना होगा। डाइट का सही तरीका आपको फिट रखेगा और यही हमारे आज के कार्यक्रम का लक्ष्य है। उक्त बातें महाराष्ट्र मंडल के छत्रपति शिवाजी महाराज सभागृह में आयोजित फिट उत्सव के दौरान फिटनेस कोच श्रेयस कुलकर्णी ने कही।श्रेयस ने बताया कि आमतौर पर भारतीयों का आहार ज्यादा कार्बोहाइड्रेटयुक्त होता है, जो उनके वजन बढ़ने और डायबिटीज का बड़ा कारण है। हमारी थाली को संतुलित करने के लिए हमें भोजन में प्रोटीन और फाइबर को शामिल करना होगा। फिट रहने के लिए खाने का आर्डर क्या होना चाहिए, यह जिज्ञासा सबके मन में आती है। डायट विशेषज्ञ श्रेयस ने अनुसार सबसे पहले आपको सलाद खाना चाहिए, जिसमें आपको फाइबर मिलेगा, उसके बाद वसा और प्रोटीन खाना है जैसे अंडा, चिकन, पनीर, टोफू, दही आदि। उसके बाद उसके बाद सब्जियां जैसे लौकी, भिंडी, कद्दू, गोभी और अंत में दाल चावल, ओट्स का उपमा, दलिया खाना चाहिए।श्रेयस ने आगे कहा कि स्ट्रेंथ ट्रेनिंग एक ऐसा व्यायाम है, जिसमें मांसपेशियों की ताकत और सहनशक्ति बढ़ाने के लिए बाहरी प्रतिरोध जैसे डंबल, रेजिस्टेंस बैंड या शरीर के वजन का उपयोग किया जाता है। इसके लिए आपको सिर्फ जिम जाने की जरूरत नहीं है, आप घर पर रहकर भी अपनी स्ट्रेंथ बिल्ड कर सकते हैं। ट्रेनिंग शुरू करने से पहले पांच-10 मिनट का वार्मअप (जैसे जंपिंग जैक या हल्की जॉगिंग) जरूर करें, जिससे चोट न लगे। आप बिना किसी उपकरण के भी इसकी शुरुआत कर सकते हैं।मोटिवेशनल टॉक के तहत युवा समिति की प्रमुख डाॅ. शुचिता देशमुख ने कहा कि फिट रहने के लिए जागरूक होने की कोई उम्र नहीं होती। आप जब सक्रिय होंगे, तब से आपकी फिटनेस अच्छी होनी शुरू हो जाएगी। फिट उत्सव का उद्देश्य भी यही है कि लोगों को कैसे फिट रखा जाए, वो भी तब, जब हमारी पीढ़ी का डाइट प्लान पूरी तरह बिगड़ा हुआ है। आज हम जंक फूड से घिरे हैं। ऐसे में सही डाइट और सही तरीके से डाइट बेहद जरूरी है। कार्यक्रम की शुरुआत श्रावणी मुकादम के जुंबा डांस के साथ की गई। इस अवसर पर कार्यकारिणी सदस्य मालती मिश्रा, युवा समिति के समन्वयक विनोद राखुंडे, अजय पोतदार, शुभम् पुराणिक, पल्लवी मुकादम, भारती पलसोदकर, अंकिता किरवई, मेघा पोतदार सहित बड़ी संख्या में युवा समिति के पदाधिकारी, सभासद और प्रतिस्पर्धी उपस्थित थे।*स्ट्रेंथ ट्रेनिंग के चरण:-*0- स्क्वैट्स: पैरों की ताकत के लिए 0- पुशअप्स: छाती और बाहों के लिए 0- लंजेस: पैरों और संतुलन के लिए 0- प्लैंक्स: कोर (पेट) की ताकत के लिए (20-60 सेकंड तक रुकेग्लूट ब्रिजेस: हिप्स के लिए। -
बिलासपुर/ देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके को अपने पुत्र शिवांश रामटेके के इलाज के लिए मुख्यमन्त्री विशेष स्वास्थ्य सहायता योजना से बड़ी राहत मिली है सिकलसेल की गंभीर बीमारी से जूझ रहे 15 वर्षीय बालक को इस सहायता से जीवनदान मिला है जिसके लिए परिवार ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया है।
देवरीखुर्द निवासी मनीष रामटेके ने बताया कि उनके जीवन की सबसे बड़ी चुनौती तब खड़ी हो गई, जब उन्हें ये पता चला कि उनका पुत्र सिकलसेल की गंभीर बीमारी से ग्रसित है। प्राइवेट कंपनी में नौकरी से महँगा इलाज करा पाना उनके लिए संभव नहीं था ऐसे में उन्हें मुख्यमंत्री विशेष सहायता योजना की जानकारी मिली और उन्होंने इसके लिए आवेदन किया। त्वरित रूप से उनका आवेदन स्वीकृत हुआ और उन्हें 15 लाख रुपए इलाज के लिए मिले।मनीष कश्यप बताते हैं कि यह दिन उनके लिए सबसे बड़ी खुशी का दिन था उन्हें बेटे के इलाज और जीवन बचाने की उम्मीद मिली योजना के तहत 15 लाख रुपए की आर्थिक सहायता से बेटे के इलाज का रास्ता आसान हुआ और परिवार के जीवन में खुशियां लौटी, शिवांश इलाज के बाद अब पूरी तरह स्वस्थ है और डाक्टरों की निगरानी में है। शिवांश के पिता भावुक होकर कहते हैं कि मुख्यमन्त्री श्री विष्णु देव साय की संवेदनशील पहल ने उनके बेटे को नया जीवन दिया है , जिसके लिए वे उनका हृदय से आभार व्यक्त करते हैं। - रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने रविवार को बूथ क्रमांक 203, क्लब हाउस, विनायक सिटी, भाठागांव रायपुर में मन की बात कार्यक्रम के 133वें संस्करण का श्रवण किया। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, भाजपा क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जम्वाल, मंत्री केदार कश्यप, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी, भाजपा प्रदेश मंत्री अमित साहू, विधायक सुनील सोनी, पुरंदर मिश्रा, जिला अध्यक्ष रायपुर शहर रमेश सिंह ठाकुर, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता सहित आमजन ने भी मन की बात कार्यक्रम का श्रवण किया।मुख्यमंत्री साय ने 'मन की बात' में छत्तीसगढ़ के संरक्षण प्रयासों के उल्लेख पर जताया आभारमन की बात का प्रसारण सुनने के बाद मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने मीडिया से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री द्वारा छत्तीसगढ़ में काले हिरण के संरक्षण और संवर्धन के प्रयासों का विशेष उल्लेख करने पर प्रसन्नता व्यक्त की। श्री साय ने कहा कि यह पूरे छत्तीसगढ़ के लिए अत्यंत गर्व और सौभाग्य का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने हमारे राज्य में काले हिरणों के संरक्षण की दिशा में हो रहे कार्यों की सराहना की है। प्रदेश की 3 करोड़ जनता की ओर से प्रधानमंत्री का हृदय से आभार व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देशवासियों को हर महीने के अंतिम रविवार का बेसब्री से इंतज़ार रहता है। प्रधानमंत्री एक 'परिवार के मुखिया' की भांति 140 करोड़ भारतीयों से जुड़ते हैं और देश के विभिन्न कोनों में हो रहे नवाचारों को साझा करते हैं, जिससे आम जनता को प्रोत्साहन मिलता है। श्री साय ने प्रधानमंत्री द्वारा बांस को 'पेड़' की श्रेणी से हटाकर 'घास' की श्रेणी में लाने के निर्णय की चर्चा की।जिससे अब बांस की कटाई, परिवहन और बिक्री में सुगमता होगी, जो ग्रामीणों के लिए आय का एक बड़ा ज़रिया बनेगा।"मन की बात" हम सभी के लिए प्रेरणादायक : किरण देवभाजपा प्रदेश अध्यक्ष किरण देव ने जगदलपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत कालीपुर के बूथ क्रमांक 14 में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात की 133वीं कड़ी का श्रवण किया। इस दौरान जिला महामंत्री रजनीश पाणिग्रही,मंडल अध्यक्ष महेन्द्र सेठिया, सीमांचल दास, मनोज पटेल, आरेंद्र, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष पुरुषोत्तम कश्यप, जनपद सदस्य अनिता नागे , संरपंच सरिता भोयर,तेमल कश्यप, प्रदीप गुहा,लाला पटेल, अनंत राम , खगेश्वर भाजपा भोयर,सुरेश ठाकुर,धासीराम ,उदय दुबे,राधे पन्द्रै,प्रेम ठाकुर,व पदाधिकारी, ग्रामीण जन उपस्थित थे।भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री देव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम हम सभी के लिये प्रेरणादायक है। मन की बात के माध्यम से प्रधानमंत्री श्री मोदी समाज के विभिन्न प्रेरणादायी पहलुओं, देश के विभिन्न हिस्सों से जुड़ी नई जानकारी व नये कार्यों सहित अनेक विषयों का संदेश देशवासियों से साझा करते हैं। जनभागीदारी के साथ राष्ट्र निर्माण के संकल्प का बड़ा संदेश प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की मन की बात कार्यक्रम का आधार है। श्री देव ने कहा कि मन की बात के ज़रिये प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी देश की करोड़ों करोड़ जनता से सीधे संवाद स्थापित करते हैं। उनके विचारों को आत्मसात कर सशक्त, आत्मनिर्भर एवं विकसित भारत के निर्माण में अपना अमूल्य योगदान देने हम सभी भी आगे आयें।केंद्रीय राज्यमंत्री साहू व कौशिक ने सरगाँव में सुना प्रसारणकेंद्रीय राज्यमंत्री तोखन साहू ने बिल्हा विधानसभा के सरगांव नगर पंचायत बूथ क्रमांक 121 में “मन की बात” का श्रवण किया। इस अवसर पर बिल्हा विधायक धरयलाल कौशिक, पार्टी के पदाधिकारीगण एवं कार्यकर्तागण उपस्थित रहे।टिफिन मीटिंग में दिखी संगठन की आत्मीयता और एकजुटता‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत छत्तीसगढ़ भाजपा द्वारा आयोजित टिफिन मीटिंग में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने साथ लाए टिफिन से भजिया और टमाटर की चटनी कार्यकर्ताओं को स्वयं परोसी और सभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर भोजन किया। आयोजन में संगठन की आत्मीयता स्पष्ट रूप से देखने को मिली कैबिनेट मंत्री केदार कश्यप फरा, विधायक पुरंदर मिश्रा धुसका-बड़ा, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ठेठरी, प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज चौसेला और मोना सेन खुरमी जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन लेकर टिफिन मीटिंग में पहुँचे। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी विविध स्थानीय व्यंजनों से आयोजन को और समृद्ध बनाया।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि इस प्रकार की टिफिन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के बीच भाईचारा और समर्पण की भावना सुदृढ़ होती है तथा मतभेद स्वतः समाप्त हो जाते हैं। श्री साय ने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया।
- -काले हिरण संरक्षण के प्रयासों को राष्ट्रीय सराहना प्रदेश के लिए गर्व का विषय : कश्यपरायपुर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लोकप्रिय कार्यक्रम मन की बात में छत्तीसगढ़ के काले हिरण संरक्षण कार्यों का उल्लेख किए जाने पर वन मंत्री केदार कश्यप ने इसे प्रदेश के लिए एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक क्षण बताया है। श्री कश्यप ने कहा कि यह केवल एक उल्लेख नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के जंगलों, वन्यजीवों और यहां की जनभागीदारी पर आधारित संरक्षण मॉडल की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। राज्य सरकार के सतत प्रयासों, वन विभाग की सक्रियता और स्थानीय समुदायों की भागीदारी ने मिलकर काले हिरण जैसे संवेदनशील वन्यजीवों के संरक्षण को एक सफल अभियान बनाया है।वन मंत्री श्री कश्यप ने बताया कि प्रदेश में जैव विविधता को सहेजने के लिए आधुनिक तकनीक, सतत निगरानी और जनजागरूकता को प्राथमिकता दी जा रही है। “मन की बात” जैसे राष्ट्रीय मंच पर इन प्रयासों की चर्चा होना यह दर्शाता है कि छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में एक मजबूत और विश्वसनीय मॉडल बनकर उभर रहा है। श्री कश्यप ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार वन्यजीव संरक्षण, हरित विकास और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। बांस आधारित आजीविका को बढ़ावा देने से जहां ग्रामीणों की आय बढ़ी है, वहीं महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण को भी नई दिशा मिली है। श्री कश्यप ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा नवीकरणीय ऊर्जा, विशेषकर पवन ऊर्जा पर दिए जा रहे बल के अनुरूप छत्तीसगढ़ में भी हरित ऊर्जा के क्षेत्र में नए अवसर विकसित किए जा रहे हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन और आर्थिक विकास दोनों को मजबूती मिलेगी। श्री कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह समय अपनी उपलब्धियों को और आगे बढ़ाने का है। “मन की बात” के माध्यम से मिली यह पहचान प्रदेश के हर नागरिक, वनकर्मी और जनप्रतिनिधि के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो हमें प्रकृति संरक्षण और सतत विकास के मार्ग पर और अधिक प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है।
- भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष व दुर्ग सम्भाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही ने कहा : शीघ्र जारी होगी नई सूचीभिलाई। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष एवं दुर्ग सम्भाग प्रभारी जगन्नाथ पाणिग्रही ने बताया है कि भिलाई जिला भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला मंडल की हाल ही में जारी की गई सूची की घोषणा स्थगित कर दी गई है। श्री पाणिग्रही ने स्पष्ट किया कि संगठन के संज्ञान में यह बात आई है कि जारी की गई सूची में कुछ गंभीर तकनीकी विसंगतियां रह गई थीं। पार्टी की रीति-नीति और सांगठनिक मापदण्डों की पारदर्शिता को अक्षुण्ण रखने के उद्देश्य से वर्तमान सूची की घोषणा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है। भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं दुर्ग सम्भाग प्रभारी श्री पाणिग्रही ने कहा कि जिला मंडल की पिछली सूची में कुछ तकनीकी त्रुटियाँ पाई गई थीं, जिसे सुधारना आवश्यक है। कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए श्री पाणिग्रही ने कहा कि पार्टी हितों को सर्वोपरि रखते हुए, सभी पहलुओं पर पुनः विचार कर एक नई और त्रुटिहीन सूची शीघ्र ही जारी की जाएगी।
- -‘मन की बात’ के बाद आयोजित टिफिन मीटिंग में दिखी संगठन की आत्मीयता और एकजुटतारायपुर, // ‘मन की बात’ कार्यक्रम के उपरांत छत्तीसगढ़ भाजपा द्वारा आयोजित टिफिन मीटिंग में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अपने साथ लाए टिफिन से भजिया और पताल की चटनी कार्यकर्ताओं को स्वयं परोसी और सभी कार्यकर्ताओं के साथ बैठकर भोजन किया।आयोजन में संगठन की आत्मीयता स्पष्ट रूप से देखने को मिली। कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने घरों से टिफिन लाकर एक-दूसरे के साथ भोजन साझा किया। केबिनेट मंत्री श्री केदार कश्यप फरा, विधायक श्री पुरंदर मिश्रा धुसका-बड़ा, प्रदेश महामंत्री अखिलेश सोनी ठेठरी, प्रदेश कार्यालय प्रभारी अशोक बजाज चौसेला और मोना सेन खुरमी जैसे पारंपरिक छत्तीसगढ़ी व्यंजन लेकर टिफिन मीटिंग में पहुंचे। महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं ने भी विविध स्थानीय व्यंजनों से आयोजन को और समृद्ध बनाया। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे को अपने हाथों से भोजन कराकर आपसी स्नेह और एकता का परिचय दिया।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि परिवार के सदस्यों की तरह एक साथ बैठकर भोजन करने से आत्मीयता बढ़ती है और आपसी संवाद मजबूत होता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की टिफिन बैठकों के माध्यम से कार्यकर्ताओं के बीच भाईचारा और समर्पण की भावना सुदृढ़ होती है तथा मतभेद स्वतः समाप्त हो जाते हैं। उन्होंने ऐसे आयोजनों को समय-समय पर निरंतर आयोजित किए जाने की आवश्यकता पर बल दिया। भाजपा में नेता और कार्यकर्ता के बीच कोई भेद नहीं है, बल्कि सभी एक समान भाव से संगठन के उद्देश्य के लिए कार्यरत हैं।उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने दशकों पूर्व ‘टिफिन बैठक’ की परंपरा प्रारंभ की थी, जिसका उद्देश्य संगठन में आत्मीयता और सहभागिता की भावना को प्रोत्साहित करना था। यह परंपरा आज भी भाजपा के संगठनात्मक जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखती है। छत्तीसगढ़ में इस पहल की शुरुआत बूथ स्तर से की जा रही है, जिससे संगठन की जड़ों को और अधिक मजबूत बनाने का लक्ष्य रखा गया है।
- -स्थानीय विलुप्ति से लेकर लगभग 200 की संख्या तक पहुँचे काले हिरण : ‘मन की बात’ में मिली राष्ट्रीय पहचानरायपुर /यह छत्तीसगढ़ के लिए गर्व का विषय है कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने लोकप्रिय रेडियो कार्यक्रम 'मन की बात' के आज के प्रसारण में छत्तीसगढ़ के काले हिरण के संरक्षण प्रयासों का उल्लेख करते हुए सराहना की। इसने न केवल छत्तीसगढ़ की पहचान को सुदृढ़ किया है, बल्कि जमीनी स्तर पर कार्य कर रहे लोगों का मनोबल भी बढ़ाया है। इस उल्लेख से राज्य की पर्यावरणीय पहल राष्ट्रीय स्तर पर प्रमुखता से सामने आई हैं और बारनवापारा अभयारण्य को नई पहचान मिली है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने राजधानी रायपुर के भाटागांव स्थित विनायक सिटी में 'मन की बात' कार्यक्रम की 133वी कड़ी के श्रवण के बाद यह बात कही।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में स्थित, लगभग 245 वर्ग किलोमीटर में फैला बारनवापारा वन्यजीव अभयारण्य आज वन्यजीव संरक्षण की एक महत्वपूर्ण सफलता के रूप में उभरा है।एक समय ऐसा था जब यह अभयारण्य अपने प्रमुख वन्यजीव - काले हिरण - से लगभग खाली हो चुका था। लेकिन अब यही क्षेत्र करीब 200 काले हिरणों (ब्लैकबक) का सुरक्षित आवास बन गया है। यह उपलब्धि योजनाबद्ध प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और निरंतर निगरानी का परिणाम है।बारनवापारा के खुले घास के मैदानों में काले हिरणों (Antilope cervicapra) की सक्रिय मौजूदगी इस बात का प्रमाण है कि लंबे समय बाद भी किसी प्रजाति को उसके प्राकृतिक परिवेश में पुनर्स्थापित किया जा सकता है। जो क्षेत्र कभी सूना हो गया था, वह अब पुनर्जीवन की एक सशक्त कहानी प्रस्तुत कर रहा है।छत्तीसगढ़ में इस उपलब्धि तक पहुंचने की प्रक्रिया लंबी और चुनौतीपूर्ण रही है। 1970 के दशक के बाद अतिक्रमण और प्राकृतिक आवास के नुकसान के कारण काले हिरण इस क्षेत्र से लगभग समाप्त हो गए थे और करीब पांच दशकों तक यहां स्थानीय रूप से विलुप्त रहे।अप्रैल 2018 में आयोजित राज्य वन्यजीव बोर्ड की नौवीं बैठक में पुनर्स्थापन योजना को स्वीकृति मिलने के बाद स्थिति में बदलाव आया। इसके बाद एक सुविचारित योजना के तहत काले हिरणों को फिर से बसाने की प्रक्रिया शुरू की गई। इसी प्रयास के परिणामस्वरूप उनकी संख्या बढ़कर लगभग 200 तक पहुंची और इस सफलता को रविवार को प्रधानमंत्री श्री मोदी के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भी उल्लेखित किया गया।संरक्षण के शुरुआती चरण में कई चुनौतियां सामने आईं। वन अधिकारियों के अनुसार, निमोनिया के कारण लगभग आठ काले हिरणों की मृत्यु हुई, जिसके बाद प्रबंधन प्रणाली में सुधार किए गए। बाड़ों में मजबूत सतह के लिए रेत की परत बिछाई गई, जलभराव रोकने के लिए उचित निकासी व्यवस्था विकसित की गई, अपशिष्ट प्रबंधन को बेहतर बनाया गया और एक समर्पित पशु चिकित्सक की नियुक्ति की गई।इन सतत प्रयासों के परिणामस्वरूप काले हिरणों की आबादी पहले स्थिर हुई और फिर धीरे-धीरे बढ़ने लगी। बेहतर पोषण, नियमित निगरानी और अनुकूल वातावरण के कारण आज इनकी संख्या लगभग 200 तक पहुंच चुकी है। यह इस बात का संकेत है कि ये अपने नए परिवेश में सफलतापूर्वक अनुकूलित हो चुके हैं और भविष्य में इन्हें खुले जंगल में छोड़ने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण आधार तैयार करता है।काले हिरण के बारे में:काला हिरण (ब्लैकबक) भारतीय उपमहाद्वीप में पाया जाने वाला एक संकटग्रस्त मृग है। नर काले हिरण का रंग गहरा भूरा से काला होता है, उसके लंबे सर्पिलाकार सींग होते हैं और शरीर का निचला भाग सफेद होता है। मादा काले हिरण हल्के भूरे रंग की होती हैं और सामान्यतः उनके सींग नहीं होते। यह प्रजाति खुले घास के मैदानों में पाई जाती है और दिन के समय सक्रिय रहती है। इसका मुख्य आहार घास और छोटे पौधे होते हैं। इनकी ऊंचाई लगभग 74 से 84 सेंटीमीटर होती है। नर का वजन 20 से 57 किलोग्राम के बीच और मादाओं का 20 से 33 किलोग्राम तक होता है। नर काले हिरण की सर्पिलाकार सींगें, जो लगभग 75 सेंटीमीटर तक लंबी हो सकती हैं, इन्हें आसानी से पहचानने योग्य बनाती हैं।
- रायपुर ।छत्तीसगढ़ की विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा समुदाय की महिलाएं, सरकारी योजनाओं और अपनी मेहनत के दम पर आत्मनिर्भरता की नई मिसाल कायम कर रही हैं। इसी कड़ी में सरगुजा जिले के धौरपुर क्षेत्र की रहने वाली शाम कुमारी पहाड़ी कोरवा की सफलता की कहानी अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की मार्गदर्शन और जिला प्रशासन के पहल पर शाम कुमारी को स्वास्थ्य विभाग में रोजगार उपलब्ध कराया गया है, जिससे अब वे अपनी उच्च शिक्षा का सपना स्वयं के दम पर पूरा कर रही हैं।सरगुजा जिले के विकासखंड लुंड्रा के ग्राम पंचायत चिरमुण्डा निवासी शाम कुमारी वर्तमान में बी.एससी. (B.Sc.) अंतिम वर्ष की छात्रा हैं। शिक्षा के प्रति उनके जज्बे और आर्थिक आत्मनिर्भरता की आवश्यकता को देखते हुए उन्हें 'शहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, नवापारा' में वार्ड आया (Ward Aya) के पद पर पदस्थ किया गया है।अपनी खुशी साझा करते हुए शाम कुमारी कहती हैं कि उच्च शिक्षा प्राप्त करना उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी, लेकिन रोजगार मिलने से अब राह आसान हो गई है। उन्होंने बताया, मैं बहुत खुश हूँ कि मुझे रोजगार का अवसर मिला है। अब मैं अपनी आगे की पढ़ाई का खर्च खुद उठा सकती हूँ और अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने में मदद कर सकती हूँ।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य शासन विशेष पिछड़ी जनजाति समूहों (PVTG) के युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है। जिला प्रशासन की पहल पर डीएमएफ मद से शिक्षित पहाड़ी कोरवा युवक युवती को स्वास्थ्य विभाग में वार्ड बॉय और वार्ड आया के 30 पदों पर नियुक्ति किया गया है। शाम कुमारी ने इस अवसर के लिए प्रदेश के मुख्यमंत्री और जिला प्रशासन सरगुजा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के लिए शासन द्वारा उठाए जा रहे ये कदम समाज में नया हौसला भर रहे हैं।शाम कुमारी का चयन न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह क्षेत्र के अन्य पहाड़ी कोरवा छात्र-छात्राओं के लिए भी एक संदेश है कि शासन की योजनाओं और दृढ़ इच्छाशक्ति से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है।
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आयुष्मान भारत योजना से जिला अस्पताल में इस वर्ष 07 हजार से अधिक लोगों को मिला सुरक्षा कवच
बालोद/जिला अस्पताल बालोद आज केवल एक अस्पताल मात्र नहीं रह गया है, बल्कि यह अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवा का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। यहाँ की स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों के लोगों के लिए भी भरोसे का प्रतीक बन गया है।सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर. के. श्रीमाली ने बताया कि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। नियमित ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की निरंतर जांच और भर्ती की सुविधा मिली है। पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे से अत्याधुनिक जांच की सुविधा लोगों को मिल रही है। इसके साथ ही विशेष रूप से निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा, विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई में नियमित ही लोग स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल बालोद के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र में सामान्य प्रसव और जटिल सिजेरियन (सीजर) ऑपरेशन की चैबीसों घंटे की उपलब्धता जिलेवासियों को मिल रही है। सिविल सर्जन डाॅ. श्रीमाली ने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिला अस्पताल बालोद में 01 लाख 32 हजार 512 लोगों ने ओपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को लाभ लिया है। जिसमें 11 हजार 225 मरीजों को आईपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं मिली है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल बालोद में आयुष्मान भारत योजना के तहत इस वर्ष 07 हजार 138 लोगों ने निःशुल्क इलाज करा कर लाभान्वित हुए हैं।स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना आज मध्यम और गरीब परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। बालोद जिले में यह योजना न केवल आंकड़ों में, बल्कि लोगों की मुस्कान और उनके विश्वास में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। जिला अस्पताल बालोद आज अत्याधुनिक सुविधाओं और आयुष्मान कार्ड के सफल क्रियान्वयन के कारण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने वाला नया केन्द्र बनता जा रहा है।आयुष्मान कार्ड की शक्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांकेर जिले के पखांजूर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से भी लोग बालोद आ रहे हैं। पखंाजूर से पहुॅची निकीता बाला ने बताया कि उनके नवजात शिशु को गंभीर स्वास्थ्य समस्या थी, जिसके लिए उन्होंने बालोद जिला अस्पताल के एसएनसीयू पर भरोसा जताया। निकिता बताती हैं कि यहाँ मेरे बच्चे को जो देखभाल मिली, उसने हमें आर्थिक और मानसिक, दोनों ही संकटों से बचा लिया। आयुष्मान कार्ड की बदौलत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज ने हमारे लिए एक अनमोल उपहार की तरह काम किया है। बालोद जिले की निवासी श्रीमती देववती ने बताया कि उन्होंने अपने पहले बच्चे के जन्म के समय निजी अस्पताल में भारी खर्च उठाया था। लेकिन इस बार, उन्होंने जिला अस्पताल बालोद को चुना, यहाॅ उनका प्रसव पूरी तरह निःशुल्क और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों और स्टाफ द्वारा समय पर जांच और सहयोग ने उन्हें निजी अस्पतालों से भी बेहतर अनुभव प्रदान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड ने हम मध्यमवर्गीय परिवारों की इलाज की चिंता को इलाज के भरोसे में बदल दिया है। आज जिला अस्पताल बालोद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करते हुए ‘‘स्वस्थ समाज-सशक्त छत्तीसगढ़‘‘ की नई इबारत लिख रहा है।क्रमांक/92 -
-उप मुख्यमंत्री ने श्रीनगर में राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर में 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' सत्र की अध्यक्षता की, छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों को किया साझा
-केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय जल्दी ही युवा मामलों पर भी आयोजित करेगा विशेष चिंतन शिविररायपुर / केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्रालय द्वारा श्रीनगर में आयोजित खेल चिंतन शिविर के दूसरे दिन आज उप मुख्यमंत्री तथा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव ने 'गुड गवर्नेंस इन स्पोर्ट्स' (Good Governance in Sports) पर आयोजित सत्र की अध्यक्षता की। उन्होंने इस दौरान छत्तीसगढ़ की खेल योजनाओं एवं भविष्य की रणनीतियों पर बेस्ट प्रेक्टिसेस पर आधारित वीडियो प्रेजेंटेशन भी दिया। श्री साव ने विभिन्न राज्यों से आए खेल मंत्रियों एवं अधिकारियों के समक्ष छत्तीसगढ़ में खेलों और खिलाड़ियों के विकास के लिए लागू बेस्ट गवर्नेंस प्रेक्टिसेस (Best Governance Practices) को विस्तार से साझा किया। उन्होंने विभिन्न राज्यों से सुझाव भी प्राप्त किए। चिंतन शिविर में शामिल अलग-अलग राज्यों के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ की भावी योजनाओं की सराहना करते हुए इसे एक प्रभावी मॉडल बताया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने राष्ट्रीय खेल चिंतन शिविर के दौरान दो दिनों तक विभिन्न राज्यों के खेल मंत्रियों एवं अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों से संवाद कर महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। उन्होंने खेलों को बढ़ावा देने की अपनी दृढ़ प्रतिबद्धता को दोहराते हुए छत्तीसगढ़ में बेहतर खेल अवसंरचना, प्रतिभा संवर्धन एवं खिलाड़ियों को अधिक अवसर प्रदान करने पर जोर दिया।श्री साव ने कहा कि प्रतिभा, पारदर्शिता और अवसर से ही भारत वैश्विक खेल शक्ति बनेगा। मजबूत खेल व्यवस्था और प्रोत्साहन से ही देश को ओलंपिक खेलों में बड़ी सफलता मिलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह चिंतन शिविर छत्तीसगढ़ और पूरे देश में खेलों के समग्र विकास, सुदृढ़ खेल व्यवस्था के निर्माण तथा खिलाड़ियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए नई दिशा प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।चिंतन शिविर के दूसरे दिन भी आज अलग-अलग सत्रों में खेल प्रशासन, नीतिगत सुधार एवं युवा मामलों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर व्यापक चर्चा की गई। इस दौरान राज्यों में खेल सामग्रियों के निर्माण, सरकारी योजनाओं तथा स्पोर्ट्स स्टार्ट-अप्स (Sports Startups) को बढ़ावा देने पर चर्चा की गई। इसमें यह बात प्रमुखता से आई कि भारत में ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेल उपकरणों का निर्माण किया जाए, जिससे देश का खेल उद्योग आत्मनिर्भर बन सके।आज एक महत्वपूर्ण सत्र में सलेक्शन पॉलिसी और एज फ्रॉड (Selection Policy & Age Fraud) पर भी विशेष चर्चा हुई। इसमें खिलाड़ियों के चयन में पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं स्पष्ट मापदंड सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। साथ ही उम्र में गड़बड़ी (Age Fraud) की रोकथाम के लिए सख्त सत्यापन प्रक्रिया एवं तकनीकी उपाय अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि खेलों में ईमानदारी एवं विश्वसनीयता बनी रहे।आज का अंतिम सत्र 'माई भारत' (MY Bharat) की योजनाओं और इसकी कार्ययोजना (Action Plan) पर केंद्रित रहा। इसमें खेलों के साथ-साथ युवा मामलों को भी समान महत्व देते हुए केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला गया। साथ ही योजनाओं के प्रभावी प्रचार-प्रसार पर जोर दिया गया, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक इनका लाभ पहुंच सके।चिंतन शिविर के समापन के दौरान केन्द्रीय युवा कार्य और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने घोषणा की कि जल्दी ही केवल युवा मामलों पर केंद्रित एक विशेष चिंतन शिविर का आयोजन किया जाएगा। दो दिवसीय चिंतन शिविर में देश के दिग्गज खिलाड़ी ओलंपियन श्री अभिनव बिंद्रा, श्री पुलेला गोपीचंद और श्री गगन नारंग सहित खेल प्रशासक और नीति निर्माता भी बड़ी संख्या में शामिल हुए। - बलौदाबाजार / पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से न केवल बिजली बिल से राहत मिल रही है बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी भागीदारी का अवसर दे रहा है। सोलर पैनल अपनाकर लोग आत्मनिर्भर बन रहे हैं। शिक्षिका देवश्री साहु ने भी योजना के तहत अपने मकान के छत पर सोलर पैनल लगवाया जिससे अब मुफ्त बिजली का लाभ मिल रहा है।ग्राम खैरघटा निवासी और पेशे से शिक्षिका देवश्री साहू ने बताया कि सोलर पैनल लगाने की प्रेरणा उन्हें अपने भाई के घर से मिली, जहाँ उन्होंने पहली बार इस तकनीक को देखा और इसके फायदों के बारे में विस्तार से समझा। शासन की इस लोक-कल्याणकारी योजना से प्रभावित होकर उन्होंने जून 2025 में अपने घर की छत पर 3 किलोवाट का सोलर पैनल स्थापित करवाया।सोलर पैनल लगने के बाद देवश्री के घर की बिजली व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव आया है। उन्होंने हर्ष व्यक्त करते हुए बताया कि पहले जिस बिजली बिल के भुगतान की चिंता बनी रहती थी, वह अब लगभग शून्य हो गया है। साथ ही इसे लगाने पर केंद्र और राज्य सरकार से सब्सिडी भी मिली है। एक शिक्षिका होने के नाते वे समाज में जागरूकता के महत्व को समझती हैं और अब वे अपने आस-पड़ोस के लोगों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रही हैं।आज क्षेत्र की अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई हैं।देवश्री ने अपनी इस आर्थिक बचत और सहूलियत के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का हृदय से आभार व्यक्त किया है। उनका मानना है कि यह योजना न केवल पर्यावरण संरक्षण में मददगार है, बल्कि आम नागरिकों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने और उन्हें बिजली के खर्चों से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में 'पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना' का क्रियान्वयन जिस तेजी से हो रहा है, उसका सीधा लाभ देवश्री जैसे मध्यमवर्गीय परिवारों को मिल रहा है।
- - स्वैच्छिक योगदान से अब तक 22.57 लाख रुपए जल कर संग्रहितत-पाइपलाइन की त्वरित मरम्मत व जलापूर्ति प्रणाली के नियमित रख-रखाव में होग़ा उपयोगबलौदाबाजार / जिले जल जीवन मिशन अंतर्गत हर -घर नल से जल के बेहतर संचालन के लिये ग्रामीण परिवारों में जागरूकता बढ़ी है जिससे वे स्वयं आगे बढ़कर जल कर क़ी राशि जमा कर रहे है।ग्रामीण परिवारों द्वारा जल कर का नियमित, स्वैच्छिक एवं उत्साहपूर्ण योगदान इस बात का प्रमाण है कि समुदाय अब जल प्रबंधन में सक्रिय भागीदारी निभा रहा है।कलेक्टर कुलदीप शर्मा के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ सुश्री दिव्या अग्रवाल के नेतृत्व में हर- घर जल के बेहतर प्रबंधन व संचालन हेतु ग्राम पंचायतों को जिम्मेदारी दी गई है। जनभागीदारी के फलस्वरूप अब तक कुल 22 लाख 57 हजार 415 की राशि संकलित की जा चुकी है। इस राशि का उपयोग नल एवं पाइपलाइन की त्वरित मरम्मत, जल आपूर्ति प्रणाली के नियमित रख-रखाव एवं उन्नयन तथा जल संरक्षण एवं संवर्धन के स्थायी कार्यों में किया जा रहा है।विकासखंड भाटापारा के 54 ग्राम पंचायतों से ₹4,32,580, कसडोल के 116 ग्राम पंचायतों से ₹92,430, सिमगा के 86 ग्राम पंचायतों से ₹1,43,620, पलारी के 102 ग्राम पंचायतों से ₹13,57,215 तथा बलौदाबाजार के 78 ग्राम पंचायतों से ₹2,31,550 राशि संग्रहित किया गया है।प्रति ग्राम पंचायत 60 रुपए प्रति माह जलकर निर्धारित किया गया है। इस पहल से गांवों में “अपना जल, अपनी जिम्मेदारी” की भावना विकसित हुई है। साथ ही जल के दुरुपयोग पर ग्राम पंचायत द्वारा आर्थिक दंड एवं जागरूकता के माध्यम से अनुशासन सुनिश्चित किया जा रहा है।
- -खाद्य सुरक्षा, राजस्व एवं पुलिस क़ी संयुक्त टीम गठित, आज से जांच शुरू,ठेले से लेकर बड़े प्रतिष्ठानों में दी जाएगी दबिशबलौदाबाजार / जिले के नागरिकों को सुरक्षित एवं गुणवत्तायुक्त खाद्य एवं औषधि उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 27 अप्रैल से 11 मई तक 15 दिवसीय सघन जांच अभियान संचालित किया जाएगा है। यह अभियान "सही दवा शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार" थीम के अंतर्गत संचालित किया जाएगा। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने सघन जांच अभियान हेतु खाद्य एवं औषधि प्रशासन, राजस्व तथा पुलिस क़ी संयुक्त टीम गठित किया है। खाद्य पदार्थो एवं औषधि क़ी जांच हेतु दो अलग -अलग टीम गठित है। इसके साथ ही मॉनिटरिंग के लिये अपर कलेक्टर निशा नेताम मड़ावी को नोडल अधिकारी एवं डिप्टी कलेक्टर रजनी छड़ीमली को सहायक नोडल अधिकारी बनाया है।सघन जांच अभियान के दौरान तहसीलवार प्रतिदिन दोनों जांच टीम जिलेभर में जांच क़ी कार्यवाही करंगे। खाद पदार्थ जांच टीम के द्वारा चाट, गुपचुप सेंटर्स स्ट्रीटवेंडर्स, गन्नारस, साफ्ट ड्रिक्स, आईसक्रीम, जूस सेंटर्स,डेयरी प्रोडक्ट, दूध, दही, पनीर, लस्सी, छाछ आदि विक्रेता फर्म, स्वीट शॉप, स्वीट मैन्यूफैक्चरिंग प्रोसेसिंग यूनिट,होटल, रेस्टोरेंट,केक एवं अन्य बेकरी प्रोडक्ट, मिड-डे-मिल सेंटर्स, हॉस्पिटल केन्टीन, पैकेज ड्रिकिंग वाटर,कन्फेक्शनरी प्रतिष्ठान,ढाबा,फल एवं सब्जी विक्रेता,पेप्सी, आईसकैंडी, आईसगोला विक्रेता प्रतिष्ठानों की जांच क़ी जाएगी। इसके साथ ही औषधि जांच टीम के द्वारा मार्केट से फास्टमुविंग कॉस्मेटिक की जानकारी एवं कॉस्मेटिक एजेंसियों का निरीक्षण, थोक औषधि विक्रय परिसरों की जांच,खुदरा औषधि विकय परिसरों की जांच,ग्रामीण अंचलों में प्रसाधन सामग्री विकय परिसरों की जांच,कोल्डचेन एवं वैक्सीन स्टोरेज परिसर, अस्पतालों एवं अस्पतालों से जुड़े फार्मेसी,वैक्सीन एजेंसियों के वैक्सीन संधारण एवं कोल्ड चैन,शासकीय परिसरों में वैक्सीन संधारण एवं कोल्ड चैन, स्वापक औषधियों के थोक विक्रेताओं की जांच,सावर्जनिक स्थलों पर कोटपा अधिनियम के तहत कार्यवाही एवं जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- रायपुर - आज रायपुर नगर पालिक निगम जोन 5 स्वास्थ्य विभाग के सफाई मित्रों ने जोन 5 जोन कमिश्नर श्री खीरसागर नायक के मार्गनिर्देशन और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री संदीप वर्मा, स्वच्छता निरीक्षक श्री दिलीप साहू की उपस्थिति में एनजीओ ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर नगर निगम जोन 5 अंतर्गत पण्डित दीनदयाल उपाध्याय नगर वार्ड क्षेत्र अंतर्गत रोहिणीपुरम तालाब की सफाई श्रमदान करते हुए की और समाज हित में पर्यावरण संरक्षण अभियान में सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील नागरिकों से की.इसी प्रकार नगर निगम जोन 10 स्वास्थ्य विभाग के सफाई मित्रों द्वारा एनजीओ ग्रीन आर्मी ऑफ रायपुर के स्वयंसेवकों के साथ मिलकर डॉ राजेन्द्र प्रसाद वार्ड क्रमांक 52 के पार्षद श्री विनय पंकज निर्मलकर के नेतृत्व में जोन 10 अंतर्गत वार्ड 52 अंतर्गत अपना गार्डन तालाब अमलीडीह की श्रमदान से सफाई जोन 10 जोन कमिश्नर श्री मोनेश्वर शर्मा और जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री अमित बेहरा की उपस्थिति में करते हुए जन - जन को स्वच्छ पर्यावरण का सकारात्मक सन्देश दिया.
- -महिला अल्पकालिक सशक्तिकरण हेतु जनजागरूकता अभियान के आयोजन एवं समन्वय पर चर्चा होगीरायपुर - रायपुर नगर पालिक निगम के सभापति श्री सूर्यकान्त राठौड़ के आदेशानुसार नगर निगम सचिवालय द्वारा दिनाक 27 अप्रैल 2026 को प्रात 11 बजे रायपुर नगर निगम मुख्यालय भवन महात्मा गाँधी सदन के चतुर्थ तल पर स्थित सभागार में विशेष सामान्य सभा (विशेष सम्मिलन) की बैठक आहुत की गयी है। सामान्य सभा की बैठक में सभापति श्री सूर्यकांत राठौड़ के समापतित्व में महिला सशक्तिकरण हेतु अल्पकालिक जनजागरूकता अभियान के आयोजन एव समन्वय पर चर्चा और विचार विमर्श किया जायेगा।
- रायपुर -आज स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान अंतर्गत रायपुर नगर पालिक निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा जोन 8 जोन अध्यक्ष श्री प्रीतम सिंह ठाकुर और नगर निगम जोन 8 जोन कमिश्नर श्रीमती राजेश्वरी पटेल और कार्यपालन अभियंता श्री अतुल चोपड़ा के निर्देश पर नगर निगम जोन 8 अंतर्गत डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वार्ड क्रमांक 19 क्षेत्र अंतर्गत झगरहीन तालाब के सामने जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की ओर से सफाई मित्रों और स्वच्छता दीदियों की उपस्थिति में नागरिकों को स्वच्छ सर्वेक्षण अभियान 2026 अंतर्गत स्वच्छता जनजागरूकता अभियान चलाकर भजन कीर्तन के माध्यम से स्वच्छता का सकारात्मक सन्देश दिया गया. नागरिकों से कूड़ा इधर - उधर नहीं फेंकने और सफाई मित्र को सफाई वाहन में कूड़ा देकर स्वच्छता बनाये रखने की अपील जोन 8 जोन स्वास्थ्य अधिकारी श्री गोपीचंद देवांगन, स्वच्छता निरीक्षक श्री रितेश झा, श्री राकेश बंजारे द्वारा की गयी. साथ ही खुले में कूड़ा डाले जाने पर सम्बंधित पर व्यवस्था सुधार हेतु जुर्माना करने की कड़ी चेतावनी दी गयी.नगर निगम जोन 8 स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नागरिकों को दिनांक 1 अप्रैल 2026 से प्रभावशील नवीन ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 अंतर्गत चार डिब्बा प्रणाली को लेकर जागरूक बनाया. नागरिकों से सूखा, गीला, सेनेटरी और विशेष देखभाल कूड़ा पृथक - पृथक करके क्रमशः नीला, हरा, लाल और काला रंग के डस्टबिन में रखकर सफाई मित्र को देकर रायपुर को स्वच्छ राजधानी शहर बनाने में सक्रिय सहभागिता दर्ज करवाने की विनम्र अपील की.
- ▪️ गिरोह द्वारा गोवा, रायपुर, दुर्ग सहित विभिन्न राज्यों से फर्जी सिम, म्यूल अकाउंट एवं ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से अवैध सट्टा संचालन किया जा रहा था।▪️ कार्रवाई में 2 लाख 70 हजार रुपए ,लैपटॉप, मोबाइल, बैंक दस्तावेज, एटीएम कार्ड, सिम कार्ड सहित नगद राशि जप्त कर प्रकरण में वैधानिक कार्यवाही की गई।▪️ विवेचना में प्रतिदिन लाखों रुपये के लेनदेन एवं आईपीएल सीजन में करोड़ों रुपये के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है।दुर्ग। दुर्ग पुलिस द्वारा ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के विरुद्ध लगातार की जा रही सख्त कार्यवाही के तहत थाना सिटी कोतवाली दुर्ग के अपराध के प्रकरण में विवेचना के दौरान एक संगठित अंतरराज्यीय ऑनलाइन सट्टा गिरोह का पर्दाफाश किया गया। जांच में यह तथ्य सामने आया कि गिरोह छत्तीसगढ़, गोवा एवं अन्य राज्यों से संगठित रूप से संचालित हो रहा था।प्रकरण में पूर्व में 06 आरोपियों की गिरफ्तारी के पश्चात विस्तृत तकनीकी एवं वित्तीय विश्लेषण के आधार पर गिरोह के ऊपरी स्तर तक पहुंचते हुए 05 अन्य मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। आरोपीगण इंटरनेट, व्हाट्सएप कॉल, इंस्टाग्राम कॉल, म्यूल अकाउंट एवं फर्जी सिम के माध्यम से संपर्क में रहकर ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहे थे। जांच में प्रतिदिन लगभग 10 से 15 लाख रुपये के लेनदेन एवं प्रति माह लगभग 4 से 5 करोड़ रुपये के अवैध कारोबार का संचालन होना पाया गया।▪️ घटना का कारण :आईपीएल क्रिकेट मैचों के दौरान अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने के उद्देश्य से संगठित ऑनलाइन सट्टा संचालन किया जाना।▪️ घटनास्थल :थाना सिटी कोतवाली क्षेत्र सहित गोवा, रायपुर, भिलाई एवं अन्य राज्यों से ऑनलाइन नेटवर्क के माध्यम से संचालन।▪️ आरोपी का नाम :1. राहुल रंगवानी, उम्र 26 वर्ष, निवासी देवपुरी, रायपुर।2. सोविंद यादव उर्फ राजू यादव, उम्र 26 वर्ष, निवासी प्रयागराज, उत्तर प्रदेश।3. संदीप कापसे, उम्र 25 वर्ष, निवासी गोंदिया, महाराष्ट्र।4. अमन अली, उम्र 23 वर्ष, निवासी गौतम नगर, खुर्सीपार, भिलाई।5. हुसैन अली, उम्र 21 वर्ष, निवासी गौतम नगर, खुर्सीपार, भिलाई।▪️ जप्त सामग्री :1. 03 लैपटॉप2. 26 मोबाइल फोन3. 45 बैंक पासबुक4. 76 एटीएम कार्ड5. 10 चेक बुक6. 01 वाई-फाई राउटर7. 05 सिम कार्ड8. 02 आधार कार्ड9. 02 पैन कार्ड10. नगद राशि 2,70,000/- रुपये▪️ सराहनीय भूमिका :उक्त कार्यवाही में थाना सिटी कोतवाली एवं साइबर टीम के अधिकारियों/कर्मचारियों द्वारा तकनीकी विश्लेषण, बैंकिंग ट्रेल जांच एवं समन्वित कार्रवाई के माध्यम से आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई, जिनकी भूमिका सराहनीय रही।▪️ दुर्ग पुलिस की अपील :दुर्ग पुलिस आम नागरिकों से अपील करती है कि ऑनलाइन सट्टा, अवैध गेमिंग एवं साइबर अपराधों से दूर रहें तथा इस प्रकार की गतिविधियों की सूचना तत्काल पुलिस को दें। अवैध सट्टा संचालन में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
- -परीक्षा केंद्रों पर मोबाइल, गैजेट्स और ज्वेलरी पूर्णतः प्रतिबंधित, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी सख्त कार्रवाईदुर्ग । कलेक्टर श्री अभिजीत सिंह ने शनिवार को कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आगामी 3 मई को होने वाली नीट (एनईईटी) परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा हेतु जिला समन्वयकों और केंद्र अधीक्षकों की बैठक ली। बैठक के दौरान कलेक्टर श्री सिंह ने परीक्षा को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए । उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा केंद्र के भीतर किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाएं और अभ्यर्थियों की गहन जांच (सिक्योरिटी फ्रिस्किंग) सुनिश्चित की जाए। अभ्यर्थियों को किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए रिपोर्टिंग समय से कम से कम 2 घंटे पहले केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है। बैठक में परीक्षा केंद्र के भीतर वर्जित वस्तुओं की विस्तृत सूची साझा करते हुए अवगत कराया गया कि किसी भी परिस्थिति में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जैसे मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, इयरफोन, पेजर, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर और पेन ड्राइव ले जाना सख्त मना है। इसके अतिरिक्त, स्टेशनरी मदों में ज्यामिति या पेंसिल बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, लिखने के पैड, स्केल, इरेज़र और किसी भी प्रकार की लिखित सामग्री पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। व्यक्तिगत सामान जैसे वॉलेट, हैंडबैग, बेल्ट, टोपी, बड़े चश्मे और किसी भी प्रकार के आभूषण या धातु की वस्तुएं पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षार्थियों को यह भी सूचित किया गया है कि वे अपने साथ पेन न लाएं, परीक्षा केंद्र पर पारदर्शी पेन उपलब्ध कराए जाएंगे। खाद्य पदार्थ और पानी की बोतलें (पारदर्शी बोतल को छोड़कर) भी प्रतिबंधित हैं। कलेक्टर ने कहा कि यदि कोई अभ्यर्थी इन प्रतिबंधित वस्तुओं के साथ पाया जाए, तो उसे 'अनफेयर मीन्स' (अनुचित साधन) का दोषी मानते हुए उसके विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- --कलेक्टर श्री लंगेह ने विद्यार्थियों को चेक प्रदान कर उज्ज्वल भविष्य की कामना कीमहासमुंद / राज्यपाल श्री रमेन डेका द्वारा महासमुंद जिले के आकांक्षी ब्लॉक पिथौरा अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2024-25 में कक्षा 10वीं एवं 12 वीं में टॉप 3 स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभाशाली छात्राओं की उपलब्धि को प्रोत्साहित करने हेतु स्वेच्छानुदान मद से प्रत्येक को 10-10 हजार रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई है। कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने अपने कक्ष में छात्राओं को उक्त राशि का चेक वितरण करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं तथा उन्हें निरंतर परिश्रम कर उच्च लक्ष्य प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय कुमार लहरे उपस्थित रहे।उल्लेखनीय है कि शैक्षणिक सत्र 2024-25 में बसना विकासखंड अंतर्गत संचालित स्कूलों के छात्राओं ने उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन करते हुए जिले का गौरव बढ़ाया है। जिसमें शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय पिथौरा के कक्षा 10वीं की छात्रा रेणु पटेल ने 95.67 प्रतिशत अंक अर्जित किया, वहीं कक्षा 12वीं विज्ञान संकाय की छात्रा पायल साहू ने 96.20 प्रतिशत अंक हासिल किया। इसी तरह फुलझर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भगतदेवरी की कक्षा 10वीं की छात्रा लिशा साहू ने 96.17 प्रतिशत एवं कक्षा 12वीं की छात्रा नंदनी नायक ने 88.40 प्रतिशत अंक प्राप्त किया। वहीं सरस्वती शिशु मंदिर पिरदा के कक्षा 10वीं की छात्रा आस्था पटेल ने 95.50 प्रतिशत तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बरनईदादर के कक्षा 12 वीं की छात्रा अस्मिता भोई ने 95.20 प्रतिशत अंक हासिल किया।
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महासमुंद / स्वर्गीय मोहनलाल चौधरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरायपाली में शनिवार को खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ.कुणाल नायक व खंड विस्तार प्रशिक्षण अधिकारी टी आर धृतलहरे के संयुक्त तत्वधान में विश्व मलेरिया दिवस मनाया गया। इस अवसर परपर डॉ. नायक द्वारा बताया गया कि मलेरिया बुखार मादा एनाफिलीज मच्छर के काटने से होता है जो ठहरे हुए गंदा पानी में पनपता है मादा एनाफिलीज मच्छर संक्रमित व्यक्ति को काटने की पश्चात स्वस्थ व्यक्ति को काटने से मलेरिया फैलता है। भारत में प्लाज्मोडियम फैल्सीफेरम व प्लाज्मोडियम वायवेक्स दो प्रकार के मलेरिया पैरासाइट मुख्य रूप से पाया जाता है इसमें प्लाज्मोडियम फैल्सीफेरम खतरनाक मलेरिया है जिसे मस्तिष्क मलेरिया के नाम से भी जाना जाता है। मलेरिया बुखार के प्रमुख लक्षण है ठंड लगकर कंपकपी के साथ बुखार, तेज़ सिरदर्द, उल्टी होना, किसी किसी को चक्कर आना व पसीना के साथ बुखार का उतर जाना है। जिससे मरीज को कमजोरी लगता है लंबे समय तक के मलेरिया बुखार से पीड़ित होने पर मरीज को खून की कमी, पीलिया और किडनी फेल भी हो सकता है। इसी कड़ी में टी आर धृतलहरे ने बताया कि मलेरिया परजीवी के बारे में सर्वप्रथम सर रोनाल्ड रॉस ने 1897 में विस्तृत जानकारी दिया था, मलेरिया से बचाव हेतु हमें मच्छर दानी का उपयोग, घर के आस पास पानी का जमाव नहीं होने देना, घरों में नीम के पत्ती का धुआं देना तथा बुखार आने पर नजदीक के स्वास्थ्य केंद्र में अपना खून का जांच कराना है, क्योंकि कोई भी बुखार मलेरिया हो सकता है। विश्व स्वास्थ्य संगठन के द्वारा पूरे विश्व में जॉर्जिया देश को मलेरिया मुक्त घोषित किया है तथा नाइजीरिया में सबसे ज्यादा मलेरिया का केस मिलता है भारत सरकार का वर्ष 2026 केलिए थीम मलेरिया उन्मूलन के लिए प्रतिबद्ध "अब हम कर सकते हैं अब हमें करना ही होगा" तय किया गया है। कार्यक्रम में डॉ. जनक कुमार जेरी, डॉ. स्मृति चौधरी, डॉ. दुतकामड़ी, डोलचंद पटेल, समीर पटेल परमेश्वर सेन, रूपचंद साहू, रेखा सिंह व मितानिन कार्यक्रम से माधुरी पंडा इत्यादि उपस्थित रहे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों से अपील किया गया है कि घर, गांव, गली, मोहल्ला व शहर को स्वच्छ रखकर मलेरिया उन्मूलन में सहयोग प्रदान करें।
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- आने वाले पीढिय़ों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण होंगे ऐसे प्रयास
- कलेक्टर ने ग्रामीणों की मांग पर पचरी निर्माण के लिए तकनीकी स्वीकृति तैयार करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री जितेन्द्र यादव ने शनिवार को छुरिया विकासखंड के ग्राम घुपसाल पहुंचकर जल संरक्षण एवं संवर्धन को बढ़ावा देने हेतु ग्रामीणों द्वारा किए जा रहे नाला बोरी बंधान कार्य का अवलोकन किया। उन्होंने श्रमदान कर रहे ग्रामीणों के प्रयासों की सराहना की और जल संरक्षण के लिए सामुदायिक भागीदारी को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती किरण वैष्णव एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह भी उपस्थित थी।
कलेक्टर ने कहा कि वर्षा जल के अधिकतम संचयन के लिए सामुदायिक सहभागिता अनिवार्य है। उन्होंने ग्रामीणों की मांग पर नाला के ऊपर पचरी निर्माण के लिए तकनीकी स्वीकृति (टीएस) तैयार करने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। ग्रामीणों ने बताया कि नाला लगभग 3 किलोमीटर से अधिक लंबा है और बोरी बंधान के माध्यम से पानी रोकने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जल संरक्षण के साथ-साथ निस्तारी कार्यों में भी पानी का उपयोग किया जा सकेगा। कलेक्टर ने कहा कि वर्तमान समय में जल संरक्षण अत्यंत आवश्यक हो गया है। बोरी बंधान जैसे सरल एवं प्रभावी उपायों से वर्षा जल को संरक्षित कर भू-जल स्तर को बढ़ाया जा सकता है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे इस प्रकार के कार्यों में नियमित रूप से सहभागिता सुनिश्चित करें तथा अपने गांव में जल संरक्षण की दिशा में निरंतर प्रयास करें। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयास आने वाली पीढिय़ों के लिए जल उपलब्धता सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। इस दौरान सीईओ छुरिया श्री होरी लाल साहू, सरपंच श्री नरेश शुक्ला, जनप्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। -
महासमुंद / संभागीय संयुक्त संचालक रायपुर श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में शनिवार को विकासखंड शिक्षा अधिकारियों एवं विकासखंड स्त्रोत समन्वयकों की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक में सुशासन तिहार की तैयारियों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा विभिन्न विभागीय योजनाओं की समीक्षा की गई। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा मौजूद थे।
इस अवसर पर संयुक्त संचालक रायपुर श्री संजीव कुमार श्रीवास्तव ने उपस्थित अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि सभी का प्रमुख उद्देश्य बच्चों की गुणवत्तापूर्ण पढ़ाई सुनिश्चित करना होना चाहिए। उन्होंने निर्देशित किया कि बच्चों में कक्षा एवं विषयानुसार दक्षता विकसित की जाए तथा आगामी शैक्षणिक सत्र में अध्ययन-अध्यापन पर विशेष ध्यान दिया जाए।जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे एवं जिला मिशन समन्वयक रेखराज शर्मा ने डीप अकाउंट एवं इनएक्टिव अकाउंट को 30 अप्रैल तक पूर्ण रूप से क्लियर करने के निर्देश दिए। अपार आईडी में प्रगति लाने हेतु जिन विद्यार्थियों का आधार कार्ड नहीं बना है, उनके पालकों को प्रेरित कर शीघ्र आधार कार्ड बनवाने तथा स्कूल में प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही आधार में आवश्यक सुधार एवं एमबीयू कार्य शीघ्र पूर्ण करने को कहा गया।बैठक में आई गोट कर्मयोगी पोर्टल पर सभी शिक्षा विभाग के कर्मचारी की ऑनबोर्डिंग एवं कोर्स पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को सेवा पुस्तिका, पासबुक एवं कार्यालयीन अभिलेख अद्यतन रखने हेतु निर्देशित किया गया।विद्यालयों में अनिवार्य पेयजल सुविधा सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र मांग पत्र प्रस्तुत करने, तथा निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं गणवेश हेतु सटीक संख्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए, ताकि सत्र प्रारंभ होने से पूर्व ही सामग्री विद्यालयों तक पहुंचाई जा सके।इसके अतिरिक्त विद्यार्थियों के जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र हेतु विशेष अभियान चलाकर पालकों को जागरूक करने, तथा cgschool.in पोर्टल में मूलभूत जानकारी दर्ज करने के निर्देश दिए गए। लंबे समय से अनुपस्थित कर्मचारियों की जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने को भी कहा गया।अशासकीय विद्यालयों के संबंध में निर्देशित किया गया कि संबंधित बोर्ड की मान्यता अनुसार ही पुस्तकें संचालित की जाएं। यदि विद्यालय CBSE से संबद्ध है तो NCERT की पुस्तकें तथा छत्तीसगढ़ बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में छत्तीसगढ़ पाठ्यपुस्तक निगम की पुस्तकें ही लागू हों। साथ ही शुल्क वृद्धि शुल्क विनियमन अधिनियम 2020 के तहत समिति की अनुशंसा के पश्चात ही की जाए।इस संबंध में जिले के समस्त अशासकीय विद्यालयों के नोडल प्राचार्यों को निर्देशित किया गया कि वे दिनांक 27 अप्रैल (सोमवार) को संस्था प्रमुखों की बैठक आयोजित कर आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करें। बैठक में डीपीओ श्री प्रमोद कन्नौजे सहित सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारी एवं बीआरसीसी उपस्थित रहे।


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