अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ हजारों मरीजों को मिल रहा स्वास्थ्य लाभ
आयुष्मान भारत योजना से जिला अस्पताल में इस वर्ष 07 हजार से अधिक लोगों को मिला सुरक्षा कवच
बालोद/जिला अस्पताल बालोद आज केवल एक अस्पताल मात्र नहीं रह गया है, बल्कि यह अत्याधुनिक मशीनों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम के साथ बेहतर स्वास्थ्य सेवा का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। यहाँ की स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि पड़ोसी जिलों के लोगों के लिए भी भरोसे का प्रतीक बन गया है।
सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. आर. के. श्रीमाली ने बताया कि जिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार तेजी से हुआ है। नियमित ओपीडी और आईपीडी में मरीजों की निरंतर जांच और भर्ती की सुविधा मिली है। पैथोलॉजी लैब, सीटी स्कैन और डिजिटल एक्सरे से अत्याधुनिक जांच की सुविधा लोगों को मिल रही है। इसके साथ ही विशेष रूप से निःशुल्क डायलिसिस की सुविधा, विशेष नवजात शिशु देखभाल इकाई में नियमित ही लोग स्वास्थ्य सुविधाएं प्राप्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल बालोद के मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केन्द्र में सामान्य प्रसव और जटिल सिजेरियन (सीजर) ऑपरेशन की चैबीसों घंटे की उपलब्धता जिलेवासियों को मिल रही है। सिविल सर्जन डाॅ. श्रीमाली ने बताया कि वर्ष 2025-26 में जिला अस्पताल बालोद में 01 लाख 32 हजार 512 लोगों ने ओपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाओं को लाभ लिया है। जिसमें 11 हजार 225 मरीजों को आईपीडी के माध्यम से स्वास्थ्य सुविधाएं मिली है। उन्होंने बताया कि जिला अस्पताल बालोद में आयुष्मान भारत योजना के तहत इस वर्ष 07 हजार 138 लोगों ने निःशुल्क इलाज करा कर लाभान्वित हुए हैं।
स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आयुष्मान भारत योजना आज मध्यम और गरीब परिवारों के लिए एक सुरक्षा कवच बनकर उभरी है। बालोद जिले में यह योजना न केवल आंकड़ों में, बल्कि लोगों की मुस्कान और उनके विश्वास में भी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही है। जिला अस्पताल बालोद आज अत्याधुनिक सुविधाओं और आयुष्मान कार्ड के सफल क्रियान्वयन के कारण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करने वाला नया केन्द्र बनता जा रहा है।
आयुष्मान कार्ड की शक्ति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांकेर जिले के पखांजूर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से भी लोग बालोद आ रहे हैं। पखंाजूर से पहुॅची निकीता बाला ने बताया कि उनके नवजात शिशु को गंभीर स्वास्थ्य समस्या थी, जिसके लिए उन्होंने बालोद जिला अस्पताल के एसएनसीयू पर भरोसा जताया। निकिता बताती हैं कि यहाँ मेरे बच्चे को जो देखभाल मिली, उसने हमें आर्थिक और मानसिक, दोनों ही संकटों से बचा लिया। आयुष्मान कार्ड की बदौलत 5 लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज ने हमारे लिए एक अनमोल उपहार की तरह काम किया है। बालोद जिले की निवासी श्रीमती देववती ने बताया कि उन्होंने अपने पहले बच्चे के जन्म के समय निजी अस्पताल में भारी खर्च उठाया था। लेकिन इस बार, उन्होंने जिला अस्पताल बालोद को चुना, यहाॅ उनका प्रसव पूरी तरह निःशुल्क और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। उन्होंने बताया कि चिकित्सकों और स्टाफ द्वारा समय पर जांच और सहयोग ने उन्हें निजी अस्पतालों से भी बेहतर अनुभव प्रदान किया। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आयुष्मान कार्ड ने हम मध्यमवर्गीय परिवारों की इलाज की चिंता को इलाज के भरोसे में बदल दिया है। आज जिला अस्पताल बालोद लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा प्रदान करते हुए ‘‘स्वस्थ समाज-सशक्त छत्तीसगढ़‘‘ की नई इबारत लिख रहा है।
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