- Home
- छत्तीसगढ़
- रायपुर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के अधीन राष्ट्रीय जैविक तनाव प्रबंधन संस्थान (नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ बायोटिक स्ट्रेस मैनेजमेंट – एनआईबीएसएम), रायपुर में स्वच्छता पखवाड़ा (16 से 31 दिसंबर 2025) का सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। इस पखवाड़े में वैज्ञानिकों, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्रों, किसानों, युवाओं तथा स्थानीय समुदाय की व्यापक और उत्साहपूर्ण भागीदारी देखने को मिली।स्वच्छता पखवाड़ा के दौरान स्वच्छता शपथ, संस्थान एवं आसपास के क्षेत्रों में विशेष सफाई अभियान, वृक्षारोपण कार्यक्रम, कचरे से धन विषय पर जन-जागरूकता गतिविधियाँ, प्लास्टिक कचरा उन्मूलन हेतु श्रमदान, ग्राम संपर्क कार्यक्रम, किसान दिवस समारोह, हस्ताक्षर अभियान, प्लॉगिंग कार्यक्रम, वॉकथॉन तथा विभिन्न सामुदायिक लामबंदी गतिविधियाँ आयोजित की गईं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से स्वच्छता को जनआंदोलन के रूप में स्थापित करने का प्रभावी प्रयास किया गया।आयोजित गतिविधियाँ स्वच्छ भारत मिशन की भावना और उद्देश्यों के अनुरूप रहीं, जिनका उद्देश्य स्वच्छता, सतत स्वच्छता पद्धतियों, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, पर्यावरण संरक्षण तथा सामुदायिक सहभागिता के प्रति जन-जागरूकता को और अधिक सुदृढ़ करना था। कार्यक्रमों ने स्वच्छ एवं स्वस्थ जीवनशैली को अपनाने के प्रति प्रतिभागियों को प्रेरित किया।स्वच्छता पखवाड़ा के समापन पर संस्थान परिवार एवं सहभागियों ने सामूहिक रूप से स्वच्छ, हरित और सतत भारत के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह आयोजन न केवल स्वच्छता के संदेश को मजबूती देने में सफल रहा, बल्कि समाज के विभिन्न वर्गों को एक साझा उद्देश्य के लिए एकजुट करने का सशक्त उदाहरण भी बना।
-
-प्री-समिट कोलॉक्वियम की घोषणा
रायपुर । विश्व व्यापार संगठन (वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन—डब्ल्यूटीओ) की स्थापना के 30 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (एचएनएलयू), रायपुर, अपने स्कूल ऑफ लॉ एंड टेक्नोलॉजी के अंतर्गत स्थापित सेंटर फॉर वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन एंड वर्ल्ड इंटेलेक्चुअल प्रॉपर्टी ऑर्गेनाइजेशन स्टडीज़ के माध्यम से 2 से 4 अक्टूबर, 2026 तक तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि शिखर सम्मेलन “डब्ल्यूटीओ@30 समिट” का आयोजन करेगा।यह शिखर सम्मेलन वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यंग ट्रेड लीडर्स प्रोग्राम तथा सेंटर फॉर ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट लॉ, इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेन ट्रेड, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से, डब्ल्यूटीओ चेयर्स प्रोग्राम के अंतर्गत आयोजित किया जा रहा है। वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन यंग ट्रेड लीडर्स प्रोग्राम की प्रमुख आउटरीच पहल के रूप में परिकल्पित इस शिखर सम्मेलन का उद्देश्य वैश्विक व्यापार के प्रति जागरूकता को सुदृढ़ करना तथा छात्रों, युवा पेशेवरों, शोधकर्ताओं, नीति-निर्माताओं और प्रैक्टिशनर्स के लिए अकादमिक एवं व्यावसायिक अवसरों का विस्तार करना है।मुख्य शिखर सम्मेलन से पूर्व, विश्वविद्यालय 6 फरवरी, 2026 को “वैश्विक व्यापार में करियर, डब्ल्यूटीओ की 30-वर्षीय विरासत और भविष्य की दिशाएँ” विषय पर एक दिवसीय प्री-समिट अंतरराष्ट्रीय कोलॉक्वियम का आयोजन करेगा। यह कोलॉक्वियम छात्रों, शोधार्थियों, शिक्षाविदों और व्यापार विशेषज्ञों के बीच अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि एवं नीति के क्षेत्र में उभरते रुझानों, आवश्यक कौशलों और विकसित हो रहे करियर मार्गों पर सार्थक विमर्श का मंच प्रदान करेगा।कोलॉक्वियम का प्रमुख आकर्षण “मीट द यंग ट्रेड लीडर” शीर्षक से आयोजित एक विशेष प्रत्यक्ष संवाद सत्र होगा, जिसमें वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन की यंग ट्रेड लीडर (भारत) तथा ग्लोबल काउंसिल में अंतरराष्ट्रीय व्यापार एवं औद्योगिक नीति विश्लेषक सुश्री आरुषि श्रीवास्तव प्रतिभागियों से संवाद करेंगी। यह सत्र प्रतिभागियों को समकालीन वैश्विक व्यापार अधिवक्तिता से परिचित कराने के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि में करियर निर्माण के व्यावहारिक दृष्टिकोण प्रदान करेगा।कार्यक्रम में “वैश्विक व्यापार करियर, डब्ल्यूटीओ का संस्थागत विकास और उससे आगे” विषय पर एक पैनल चर्चा भी आयोजित की जाएगी, जिसमें प्रमुख विशेषज्ञ और प्रैक्टिशनर्स भाग लेंगे। चर्चा के दौरान पिछले तीन दशकों में अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि के विकास, वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन के संस्थागत स्वरूप में आए परिवर्तनों तथा वैश्विक आर्थिक विकास पर व्यापार नीति के प्रभावों पर विमर्श किया जाएगा। साथ ही, भविष्य में वैश्विक व्यापार परिदृश्य को आकार देने वाली चुनौतियों और अवसरों पर भी प्रकाश डाला जाएगा।कोलॉक्वियम का समापन “डब्ल्यूटीओ@30 समिट” की आधिकारिक पुस्तिका और समर्पित वेबपेज के औपचारिक विमोचन के साथ होगा, जिससे अक्टूबर 2026 में आयोजित होने वाले मुख्य शिखर सम्मेलन की तैयारियों का औपचारिक शुभारंभ होगा। शिखर सम्मेलन में शोध पत्र प्रस्तुतियों के लिए तकनीकी सत्रों के साथ-साथ डिजिटल व्यापार एवं डेटा शासन, सतत विकास, संस्थागत सुधार तथा व्यापार एवं प्रतिस्पर्धा नीति जैसे प्रमुख विषयों पर विशेषज्ञ पैनल चर्चाएँ आयोजित की जाएँगी।शिखर सम्मेलन का एक प्रमुख आकर्षण भारत में पहली बार आयोजित किया जाने वाला मॉक वर्ल्ड ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन सिमुलेशन होगा, जिसके माध्यम से छात्रों और युवा पेशेवरों को बहुपक्षीय व्यापार वार्ताओं और प्रस्ताव मसौदा निर्माण का व्यावहारिक अनुभव प्राप्त होगा। इसके अतिरिक्त, सिमुलेशन से पूर्व सभी पंजीकृत प्रतिभागियों के लिए व्यापार वार्ता पर एक प्रमाणपत्र कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।इस पहल के अंतर्गत अंतरराष्ट्रीय व्यापार विधि के क्षेत्र में अधिवक्तिता, क्षमता निर्माण और उच्च गुणवत्ता वाले शोध को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से “इंटरनेशनल नेटवर्क फॉर ट्रेड एडवोकेसी, डेवलपमेंट एंड रिसर्च (आईएन-टैडर)” की स्थापना भी की जाएगी।प्री-समिट अंतरराष्ट्रीय कोलॉक्वियम के लिए भारतीय एवं विदेशी प्रतिभागियों से पंजीकरण आमंत्रित किए गए हैं। भारतीय शिक्षाविदों और पेशेवरों के लिए पंजीकरण शुल्क ₹1,000 तथा शोधार्थियों और छात्रों के लिए ₹800 निर्धारित किया गया है। विदेशी प्रतिभागियों के लिए शिक्षाविदों और पेशेवरों का पंजीकरण शुल्क 20 अमेरिकी डॉलर तथा शोधार्थियों और छात्रों के लिए 10 अमेरिकी डॉलर है। पंजीकरण शुल्क में 6 फरवरी, 2026 को आयोजित कार्यक्रम हेतु पंजीकरण किट, दोपहर का भोजन और हाई टी शामिल है। आवास शुल्क पंजीकरण में शामिल नहीं है और इच्छुक प्रतिभागी उपलब्धता के आधार पर प्रथम आओ, प्रथम पाओ के सिद्धांत पर पृथक रूप से आवास का विकल्प चुन सकते हैं। पंजीकरण शुल्क किसी भी स्थिति में वापस नहीं किया जाएगा।डब्ल्यूटीओ@30 शिखर सम्मेलन से संबंधित विस्तृत जानकारी 6 फरवरी, 2026 को आयोजित प्री-समिट अंतरराष्ट्रीय कोलॉक्वियम के दौरान साझा की जाएगी। -
रायपुर, / उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने पशु संरक्षण और संवेदनशील सेवा की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए पशु रेस्क्यु वाहन का विधिवत पूजा-अर्चना के साथ लोकार्पण किया। 13 लाख 60 हजार रूपए की लागत के इस वाहन को श्री विजय शर्मा द्वारा विधायक मद से प्रदान किया गया है।
लोकार्पण के अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा ने पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों से वाहन की तकनीकी विशेषताओं, उपयोगिता और संचालन प्रक्रिया की विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने मौके पर ही वाहन का परीक्षण कराते हुए घायल पशुओं को सुरक्षित रूप से वाहन में लाने एवं ले जाने की पूरी प्रक्रिया का प्रत्यक्ष अवलोकन किया।पशु चिकित्सा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस आधुनिक पशु रेस्क्यु वाहन के माध्यम से सड़क दुर्घटना अथवा अन्य कारणों से घायल पशुओं को त्वरित रूप से घटनास्थल से पशु चिकित्सालय तक पहुंचाया जा सकेगा। उपचार के उपरांत पशुओं को सुरक्षित रूप से गौशाला अथवा पशु शेल्टर तक ले जाने की भी समुचित व्यवस्था वाहन में उपलब्ध है। इससे घायल एवं असहाय पशुओं को समय पर उपचार मिल सकेगा और उनकी जान बचाने में प्रभावी सहायता मिलेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गौ संरक्षण और पशु कल्याण के प्रति पूरी संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। पशु रेस्क्यु वाहन जैसी सुविधाएं न केवल पशुओं के जीवन की रक्षा करेंगी, बल्कि आम नागरिकों और पशुपालकों के लिए भी अत्यंत उपयोगी सिद्ध होंगी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि वाहन का नियमित, समुचित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित किया जाए तथा इसकी सतत निगरानी और रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए।इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डॉ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे। - -साल के अंतिम दिन पुलिस अधिकारियों उपमुख्यमंत्री मंत्री श्री शर्मा की विशेष पहल से मिली सौगातरायपुर / मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अनुशंसा पर तथा उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा की विशेष पहल से राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों को वर्ष के अंतिम दिन एक महत्वपूर्ण सौगात मिली है। छत्तीसगढ़ शासन के गृह (पुलिस) विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत पुलिस अधिकारियों के हित में यह निर्णय लिया गया है, जिसे पुलिस महकमे में उत्साहवर्धक कदम माना जा रहा है।गृह (पुलिस) विभाग द्वारा विभागीय पदोन्नति एवं छानबीन समिति की अनुशंसा के आधार पर राज्य पुलिस सेवा संवर्ग के वरिष्ठ श्रेणी वेतनमान प्राप्त 16 अधिकारियों को उप पुलिस अधीक्षक/सहायक सेनानी या समतुल्य रैंक के पद से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक/उप सेनानी या समतुल्य रैंक के पद पर स्थानापन्न रूप से पदोन्नत किया गया है। पदोन्नत अधिकारियों में श्री रितेश चौधरी, श्री जितेन्द्र कुमार खूंटे, श्रीमती अंजली नाग (गुप्ता), श्री कर्ण कुमार उके, श्री मनोज कुमार ध्रुव, श्री पुष्पेन्द्र नायक, श्री मनोज तिर्की, श्रीमती सारिका वैद्य, सुश्री निधि नाग, श्री कपिल चन्द्रा, श्री अविनाश कुमार मिश्रा, श्री ईश्वर प्रसाद त्रिवेदी, श्री योगेश कुमार साहू, श्री मयंक तिवारी, सुश्री रश्मीत कौर चांवला तथा श्री अनिल कुमार विश्वकर्मा शामिल हैं।
- रायपुर / उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान पंचमुखी बूढ़ा महादेव मंदिर परिसर से आधुनिक तकनीक से युक्त 02 स्क्वायर बेलर मशीनों का विधिवत पूजा-अर्चना कर लोकार्पण किया।इस अवसर पर उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मशीनों की कार्यप्रणाली, उपयोगिता एवं उद्देश्य के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने बताया कि स्क्वायर बेलर मशीन अत्याधुनिक तकनीक से सुसज्जित है, जो एक घंटे में लगभग डेढ़ एकड़ क्षेत्र में हार्वेस्टर से कटे हुए पैरा को चौकोर बंडल (बेल) के रूप में तैयार करती है। इन बंडलों का उपयोग आगे चलकर गौ-वंश के लिए चारे के रूप में किया जाएगा, जिससे चारे की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।यह भी जानकारी दी गई कि स्क्वायर बेलर मशीनों के उपयोग से खेतों में पैरा जलाने की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इससे न केवल किसानों को अवशेष प्रबंधन में सुविधा मिलेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण, वायु प्रदूषण में कमी और गौ संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, चारे के सुव्यवस्थित संग्रहण और परिवहन की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित हो सकेगी।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि राज्य सरकार किसान हित, गौ संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा के लिए निरंतर ठोस कदम उठा रही है। स्क्वायर बेलर मशीन जैसी पहल से कृषि अवशेषों का सार्थक उपयोग होगा और किसानों को आर्थिक एवं पर्यावरणीय दोनों स्तरों पर लाभ मिलेगा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को मशीनों के नियमित, समुचित और प्रभावी उपयोग के निर्देश भी दिए।इस अवसर पर सांसद श्री संतोष पाण्डेय, पूर्व संसदीय सचिव डॉ. सियाराम साहू, पूर्व विधायक श्री योगेश्वर राज सिंह, श्री अशोक साहू, जिला पंचायत सभापति डॉ. बीरेन्द्र साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री चंद्रप्रकाश चंद्रवंशी, उपाध्यक्ष श्री पवन जायसवाल, जनपद उपाध्यक्ष श्री गणेश तिवारी, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री विदेशी राम धुर्वे, श्रीमती विजयलक्ष्मी तिवारी, श्रीमती सतविंदर पाहुजा, समस्त पार्षद, जनप्रतिनिधि तथा पंचमुखी बूढ़ा महादेव सेवा समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
- - आवश्यक पार्ट्स बाहर से मंगवाए गएरायपुर- रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा राजधानी शहर रायपुर में नगर घड़ी चौक ( बाबा गुरू घासीदास टाइम स्क्वायर ) में स्थापित नगर घड़ी का संधारण कार्य किया जा रहा है. नगर घड़ी में आवश्यक तकनीकी सुधार कार्य करने आवश्यक पार्ट्स रायपुर शहर और छत्तीसगढ़ राज्य में उपलब्ध नहीं होने के कारण आवश्यक पार्ट्स को छत्तीसगढ़ राज्य के बाहर से मंगवाया गया है. आवश्यक पार्ट्स अगले 2-3 दिवस में आने के उपरांत शीघ्र नगर घड़ी का संधारण कार्य रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा पूर्ण कर लिया जायेगा.
- दुर्ग। केबिनेट मंत्री श्री गजेन्द्र यादव ने प्रदेशवासियों को नववर्ष 2026 की हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं। उन्होंने कहा कि नया वर्ष हम सभी के जीवन में सुख, समृद्धि लेकर आए। मंत्री श्री यादव ने कहा कि नववर्ष आत्मचिंतन और सकारात्मक संकल्प लेने का अवसर होता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि नए साल में प्रकृति संरक्षण को प्राथमिकता दें, पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखने में अपनी सहभागिता निभाएँ तथा सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास करें।शिक्षा ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने कहा कि आइए, नववर्ष में हम सभी सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ें और प्रदेश के विकास तथा जनकल्याण कार्यों में अपनी भूमिका निभाएँ। उन्होंने प्रदेशवासियों के लिए स्वस्थ, सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।नये वर्ष मे दुर्ग को मिलेगी सौगात-साल 2026 में दुर्गवासियों को कई सौगात मिलने वाली है। दुर्ग विधानसभा क्षेत्र में संचालित विकास कार्यों को लेकर मंत्री गजेन्द्र यादव निरंतर मॉनिटरिंग कर रहे है। गुणवत्तापूर्ण और निर्धारित समायावधी में कार्य पूर्ण निर्देश दिए है। खेल को बढ़ावा देने उरला क्षेत्र में निर्माणाधीन मिनी स्टेडियम आगामी 4 माह में पूर्ण हो जाएगा। गयानगर में निर्माणाधीन मांगलिक भवन आधे से ज्यादा कार्य हो चुका है अप्रैल के आखिरी तक पूर्ण हो जाएगा। इसी तरह तैराक में रूचि रखने वाले खिलाड़ियों के लिए अच्छी खबर है, फरवरी तक आधुनिक स्विमिंग पुल का लोकार्पण किया जाएगा।कसारीडीह सिविल लाइन में रजिस्ट्री कार्यालय का नया भवन और शीतला सब्जी मंडी का उन्नयन कार्य भी इसी वर्ष पूर्ण हो जाएगा।शिक्षा के क्षेत्र में साइंस कॉलेज में फंड की कमी अधूरे पड़े ऑडीटोरियम निर्माण को पूर्ण करने मंत्री गजेन्द्र यादव की पहल के बाद अब निर्माण कार्य में तेजी आई है और इस वर्ष यह कार्य भी पूर्ण हो जाएगा।आयुर्वेद अस्पताल के पीछे वार्ड 15 सिकोला बस्ती में 50 लाख सामुदायिक भवन,बघेरा से आनंद सरोवर होते हुए नेशनल हाईवे तक अप्रोच सड़क, 2 करोड़ की लागत से शुरू हुए निर्माण कार्य भी पूर्ण हो जाएगा।जेल तिराहा से मिनिमाता पुलगांव चौक तक और महाराजा चौक से बोरसी तक फोरलेन सड़क निर्माण का कार्य जल्द ही शुरू किया जाना है।
- दुर्ग। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मासिक रेडियो कार्यक्रम "मन की बात" के 129वें एपिसोड को लेकर दुर्ग विधानसभा क्षेत्र ने पूरे छत्तीसगढ़ में प्रथम स्थान प्राप्त कर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है।इस उपलब्धि पर शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधी विधायी मंत्री गजेन्द्र यादव ने भारतीय जनता पार्टी दुर्ग के समस्त पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को हृदय से बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के मन की बात कार्यक्रम को लेकर दुर्ग शहर के भाजपा कार्यकर्ताओं में विशेष उत्साह रहता है। प्रत्येक माह समाज के विभिन्न वर्गों के साथ बैठकर इस संवाद को सुनने की परंपरा दुर्ग में बनी है।केबिनेट मंत्री गजेन्द्र यादव स्वयं जनसंपर्क एवं सार्वजनिक आयोजनों के माध्यम से आमजन को मन की बात सुनने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम न केवल विचारों का आदान-प्रदान है, बल्कि यह देश के युवाओं, वैज्ञानिकों, किसानों, महिलाओं और जनसाधारण के नवाचारों और सफल प्रयासों को उजागर करने का एक प्रेरणादायी माध्यम है।प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के इस संवाद में बदलते भारत की तस्वीर, विज्ञान, तकनीक, कौशल विकास और सामाजिक समरसता के साथ-साथ आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हो रहे प्रयासों की झलक मिलती है, जो भावी कार्ययोजनाओं के निर्धारण में दिशा प्रदान करती है। दुर्ग विधानसभा की यह उपलब्धि भाजपा कार्यकर्ताओं की निष्ठा, सक्रियता और समाज के प्रति समर्पण का प्रतिफल है।मन की बात पर दुर्ग को उपलब्धि मिलने पर मंत्री गजेन्द्र यादव ने दुर्ग जिला अध्यक्ष सुरेन्द्र कौशिक, मन की बात के जिला प्रभारी संतोष सोनी एवं सह प्रभारी रजा खोखर, विधान सभा प्रभारी राहुल पंडित, सह प्रभारी आसिफ़ अली सैय्यद, मंडल अध्यक्ष बंटी चौहान, मनमोहन शर्मा, कौशल साहू, महेन्द्र लोढ़ा, कमलेश फेकर, मंडल के प्रभारी, मन के बात के अतिथि, बूथ कार्यक्रम के प्रभारी, बूथ अध्यक्ष कार्यकर्ता के साथ साथ प्रत्येक कार्यकर्ता जिन्होंने प्रत्यक्ष-अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया उन सभी को बधाई दिए है।
- बिलासपुर /जिले के युवाओं को मतदान के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष शिविर एवं विभिन्न गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री संजय अग्रवाल ने इस संबंध में कॉलेज के प्राचार्याें एवं जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखा है। जिसके अनुसार हायर सेकेण्डरी स्कूलों एवं महाविद्यालयों में शिविर लगाकर छात्र-छात्राओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए फॉर्म 6 भरवाये जाएंगे। नुक्कड़ नाटक आदि स्वीप गतिविधियों के माध्यम से विशेष गहन पुनरीक्षण एवं मतदान प्रक्रिया के प्रति जागरूक करेंगे। मतदाता सूची में नाम जुड़वाने के लिए विभिन्न नवाचार के माध्यम से लोगों को प्रेरित किया जाएगा। पूर्व में गठित मतदाता साक्षरता क्लबों को पुनः ऐक्टिवेट किया जाएगा। लोगों को जागरूक करने के लिए जिले द्वारा संधारित अधिकारिक सोशल मीडिया के माध्यम से नियमित रूप से मतदाता जागरूकता पर आधारित कंटेंट साझा किये जाएंगे। जिला निर्वाचन अधिकारी ने युवाओं से अपील है कि वे फॉर्म-6 भरकर अपना नाम मतदाता सूची में अवश्य जुड़वाएं और अपने मताधिकार के महत्व को समझें।
- -नाम जुड़वाने अब तक 1037 आवेदनबिलासपुर, /भारत निर्वाचन आयोग, नई दिल्ली द्वारा जारी निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ राज्य में अर्हता तिथि निर्वाचक नामावलियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) 1 जनवरी 2026 के संदर्भ में जिले के सभी छः विधानसभा क्षेत्र के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के द्वारा आज सभी मान्यता प्राप्त राजनैतिक दलों की बैठक आयोजित कर दावा आपत्तियों की सूची उपलब्ध करा दी गई है। राजनैतिक दलों को संचयी एवं बढ़ते क्रम में साप्ताहिक सूची सौंप दी गई है। जिसके विवरण के अनुसार फार्म - 6 नये निर्वाचक के रूप में नाम शामिल करने के लिए प्राप्त कुल दावा आपत्त्यिों की संख्या 1037 है। फार्म 7 में विलोपन के लिए प्राप्त कुल दावा आपत्तियों की संख्या शून्य है। फार्म 8 स्थानांतरण और त्रुटि सुधार हेतु प्राप्त कुल दावा आपत्तियों की संख्या शून्य है।बैठक में इंडियन नेशनल कांग्रेस, भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी एवम बहुजन समाज पार्टी, मार्कसवादी कम्यूनिस्ट पार्टी एवं छत्तीसगढ़ जनता कांग्रेस (जे) के प्रतिनिधिगण उपस्थित रहे ।
- बिलासपुर /जिला प्रशासन की अवैध धान संग्रहण एवं परिवहन के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। इस क्रम में कलेक्टर संजय अग्रवाल के निर्देश पर जांच टीम ने तीन स्थलों पर छापामार कार्रवाई कर 4.80 लाख रूपए के अवैध धान जब्त किये। आरोपियों के विरूद्ध मण्डी अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जिला खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर ने बताया कि तीन संस्थाओं में 390 बोरी (155 क्विंटल) धान बरामद किया गया है। राजस्व विभाग के नेतृत्व में खाद्य एवं मण्डी विभाग के अधिकारियों से बनी टीम द्वारा छापे की कार्रवाई की गई। इनमें कृषि उपज मंडी समिति क्षेत्र अंतर्गत मुरकुटा के एक व्यापारी से 63 बोरी (25 क्विंटल) धान, कृषि उपज मंडी समिति कोटा क्षेत्र अंतर्गत दिनेश राज लोरमी के वाहन से 100 बोरी (40 क्विंटल) धान और कर्मा ट्रेडर्स चंगोरी कोटा के संस्थान से 227 बोरी (90 क्विंटल) धान शामिल हैं। अवैध धान संग्रहण एवं परिवहन के विरूद्ध कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अब तक जिले में अवैध धान संग्रहण एवं परिवहन के कुल 56 प्रकरण तैयार किये गए हैं। इनसे लगभग 36 लाख 83 हजार 304 रूपये मूल्य के 304 क्विंटल धान बरामद किये गए हैं।
- -प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक पहुँचाई जाएंगी नियमित स्वास्थ्य सेवाएँरायपुर / दूरस्थ और घने वनांचल वाले आदिवासी क्षेत्रों में अब स्वास्थ्य सेवाएँ लोगों के दरवाज़े तक पहुँचेंगी। प्रधानमंत्री जनजातीय आदिवासी न्याय महाअभियान “पीएम जनमन” के तहत बुधवार को नवा रायपुर में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। कार्यक्रम में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल सहित मंत्रिमंडल के सदस्य, जनप्रतिनिधि और विभागीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।मोबाइल मेडिकल यूनिटों के संचालन से विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूहों (पीवीटीजी) तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाने की तैयारी पूरी कर ली गई है। सरकार का मानना है कि दुर्गम अंचलों में रहने वाले समुदायों को अस्पताल तक पहुँचने में आने वाली कठिनाइयों को देखते हुए यह व्यवस्था स्वास्थ्य सुविधाओं को सीधे उनके गाँवों व बसाहटों तक पहुँचाएगी।मोबाइल मेडिकल यूनिटों की तैनाती से प्रदेश के 18 जिलों के 2100 से अधिक गाँवों और बसाहटों तक नियमित स्वास्थ्य सेवाएँ पहुँचाई जाएँगी। इससे दो लाख से अधिक विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह (PVTG) आबादी को प्रत्यक्ष लाभ मिल सकेगा।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि पहाड़ी और दुर्गम इलाकों में रहने वाले परिवारों के लिए अब इलाज और जाँच की सुविधा गाँव में ही उपलब्ध होगी। उन्होंने इस पहल को आदिवासी समुदायों की “सर्वांगीण भागीदारी और स्वास्थ्य सुरक्षा का ठोस आधार” बताया।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह गौरव का दिन है। समाज में आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक प्रत्येक दृष्टिकोण से पिछड़े लोग विशेष पिछड़ी जनजाति के लोग हैं। छत्तीसगढ़ में निवासरत 3 करोड़ की आबादी में विशेष पिछड़ी जनजाति के 2 लाख 30 हजार लोग 18 जिलों के 21 सौ बसाहटों में निवासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट उनके लिए वरदान साबित होगा। इन सर्वसुविधा-संपन्न 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट के माध्यम से यह कार्य आसान होगा। इस यूनिट में डॉक्टर, नर्स, लैब टेक्निशियन और स्थानीय वालंटियर उपस्थित होंगे। इस यूनिट में 25 तरह की जाँच सुविधाएँ तथा 106 तरह की दवाइयाँ निःशुल्क उपलब्ध होंगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस नवीन योजना के लिए स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, सीजीएमएससी के अध्यक्ष श्री दीपक म्हस्के सहित सभी अधिकारियों-कर्मचारियों को बधाई एवं शुभकामनाएँ दीं।इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि विशेष पिछड़ी जाति के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रयासरत हैं। यह मोबाइल मेडिकल यूनिट ऐसे सुदूर वनांचलों के लिए हैं जहाँ स्वास्थ्य सुविधाओं की पहुँच कम है। आज 57 मोबाइल मेडिकल यूनिट पूरे प्रदेश के लिए समर्पित कर रहे हैं, जो प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूर्ण करेगा। मंत्री श्री जायसवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद देते हुए कहा कि उन्होंने इस पुनीत कार्य में छत्तीसगढ़ को सहभागी बनकर योगदान देने का अवसर प्रदान किया।स्वास्थ्य सचिव श्री अमित कटारिया ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2023 को विशेष पिछड़ी जनजातियों के सामाजिक, आर्थिक उत्थान के लिए पीएम जनमन योजना की शुरुआत की। इसका उद्देश्य बुनियादी सुविधाओं को सीधे बसाहटों तक पहुँचाना है। उन्होंने कहा कि आपातकालीन स्थिति में मरीज को इन यूनिट के माध्यम से निकट स्वास्थ्य केंद्रों में पहुँचाना आसान होगा। हमारा उद्देश्य सिर्फ मशीनें ही नहीं, अपितु कुशल एवं संवेदनशील कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करना भी है। प्रत्येक मोबाइल मेडिकल यूनिट में चिकित्सक, नर्स, लैब तकनीशियन, फार्मासिस्ट और स्थानीय स्वास्थ्य स्वयंसेवक तैनात किए गए हैं। ये यूनिटें हर 15 दिन में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करेंगी, जिनमें 25 से अधिक प्रकार की जाँच और रोगों का उपचार किया जाएगा और आवश्यक दवाइयों का वितरण किया जाएगा। गंभीर मरीजों को आवश्यकता अनुसार निकटतम स्वास्थ्य संस्थानों में भेजा जाएगा।उल्लेखनीय है कि पूर्व में संसाधनों की कमी के कारण दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएँ नियमित रूप से नहीं पहुँच पाती थीं। अब नए वाहन और प्रशिक्षित कर्मियों की उपलब्धता के साथ यह व्यवस्था लगातार संचालित की जा सकेगी। इस पहल से टीबी, मलेरिया, एनीमिया और कुपोषण जैसी समस्याओं की समय पर पहचान व रोकथाम में मदद मिलेगी।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित छत्तीसगढ़ राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में राज्य की औद्योगिक विकास नीति 2024–30 में महत्वपूर्ण संशोधनों को स्वीकृति प्रदान की गई है। इन संशोधनों के माध्यम से नीति को अन्य राज्यों की तुलना में और अधिक प्रतिस्पर्धात्मक, स्पष्ट एवं निवेश-अनुकूल बनाया गया है। इससे राज्य में औद्योगिक एवं सेवा क्षेत्र के साथ-साथ रोजगार के नए अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावनाएँ सुदृढ़ हुई हैं।मंत्रिपरिषद द्वारा लिए गए निर्णयों का मुख्य उद्देश्य राज्य के मूल निवासियों के लिए स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण रोजगार का सृजन सुनिश्चित करना है। इसी दृष्टि से ईपीएफ प्रतिपूर्ति तथा रोजगार सृजन अनुदान से संबंधित नए प्रावधान जोड़े गए हैं। अब 50 से अधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाले विशेष सेक्टर के उद्यम — जैसे फार्मा, टेक्सटाइल, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, एआई, आईटी आदि के एमएसएमई इकाइयों को भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को दिए जाने वाले वेतन पर अनुदान प्राप्त होगा।सेवा क्षेत्र के दायरे का विस्तार करते हुए, मंत्रिमंडल ने कंप्यूटर-आधारित टेस्टिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, ई-कॉमर्स एवं ऐप-आधारित एग्रीगेटर, तथा NABL मान्यता प्राप्त डायग्नोस्टिक लैब को भी नीति के अंतर्गत सम्मिलित किया है। इन संस्थाओं को अब औद्योगिक विकास नीति के तहत निर्धारित प्रोत्साहन एवं अनुदान का लाभ मिलेगा।पर्यटन एवं स्वास्थ्य अधोसंरचना के विकास को गति देने के उद्देश्य से रायपुर, दुर्ग और बिलासपुर में पाँच सितारा होटलों तथा अन्य जिलों में तीन सितारा होटलों की स्थापना के लिए प्रोत्साहनात्मक संशोधन किए गए हैं। इसी प्रकार राज्य में बड़े निजी मल्टी-स्पेशियलिटी हॉस्पिटल की स्थापना को भी बढ़ावा देने का निर्णय लिया गया है।उच्च शिक्षा के क्षेत्र में गुणवत्ता संवर्धन के लिए यह महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है कि NIRF Ranking में शीर्ष 100 में शामिल शिक्षण संस्थानों द्वारा राज्य में परिसर स्थापित किए जाने पर उन्हें नीति के अंतर्गत विशेष अनुदान प्रदान किया जाएगा। इससे छत्तीसगढ़ में उच्च स्तरीय शिक्षण संस्थानों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा और राज्य के युवाओं को विश्व-स्तरीय शिक्षा एवं बेहतर अवसर प्राप्त होंगे।मंत्रिपरिषद द्वारा स्वीकृत ये संशोधन छत्तीसगढ़ को उद्योग एवं सेवा क्षेत्र में तेजी से उभरता हुआ निवेश गंतव्य बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम हैं। इन निर्णयों से राज्य में निवेश बढ़ने, व्यापक रोजगार सृजन और औद्योगिक विकास की गति को और अधिक तेज एवं संतुलित बनाने में सहायता मिलेगी।
- -बस्तर की लोक-संस्कृति का महोत्सव-लोक-संस्कृति का यह महोत्सव 10 जनवरी से 06 फरवरी तक चलेगारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के दिशा निर्देश पर छत्तीसगढ़ के जनजातीय बहुल बस्तर संभाग की लोक-संस्कृति, परंपरा और विरासत को राष्ट्रीय पहचान दिलाने के लिए बस्तर पंडुम 2026 के आयोजन की तैयारियां शुरु कर दी गई है। छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा वर्ष 2026 में “बस्तर पंडुम 2026” का आयोजन जनपद, जिला एवं संभाग स्तर पर प्रतियोगात्मक स्वरूप में किया जाएगा। यह आयोजन बस्तर अंचल की लोककला, शिल्प, नृत्य, गीत-संगीत, पारंपरिक व्यंजन, बोली-भाषा, वेश-भूषा, आभूषण, वाद्य यंत्र, नाट्य एवं जनजातीय जीवन-पद्धति के संरक्षण और संवर्धन का एक भव्य मंच बनेगा।राज्य शासन ने बस्तर संभाग के सभी सात जिलों-बस्तर, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर, कांकेर, कोण्डागांव एवं नारायणपुर-में इस उत्सव को व्यापक सहभागिता के साथ आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके अंतर्गत बस्तर संभाग की 1885 ग्राम पंचायतों से जुड़े 32 जनपद मुख्यालयों में 12 विधाओं पर आधारित प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। ग्राम पंचायत स्तर से चयनित लोक कलाकारों और कला दलों को निःशुल्क ऑनलाइन एवं ऑफलाइन माध्यम से जनपद स्तरीय प्रतियोगिता में आमंत्रित किया जाएगा। पहले चरण में जनपद स्तरीय प्रतियोगिताएं 10 से 20 जनवरी 2026 के बीच आयोजित होंगी। प्रत्येक विधा से एक-एक विजेता दल का चयन किया जाएगा, जिन्हें 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। जनपद स्तर पर आयोजन के लिए प्रत्येक जनपद पंचायत को 5 लाख रुपये का बजट आबंटित किया गया है।दूसरे चरण में जिला स्तरीय प्रतियोगिताएं 24 से 29 जनवरी 2026 तक आयोजित की जाएंगी। जिला स्तर पर प्रत्येक विधा के विजेता दल को 20 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। इसके लिए प्रत्येक जिले को 10 लाख रुपये की राशि उपलब्ध कराई गई है। अंतिम और सबसे भव्य चरण के रूप में संभाग स्तरीय प्रतियोगिता 2 से 6 फरवरी 2026 तक जगदलपुर, जिला बस्तर में आयोजित होगी। इसमें सातों जिलों से चयनित 84 विजेता दल भाग लेंगे। संभाग स्तर पर प्रथम पुरस्कार 50 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार 30 हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार 20 हजार रुपये तथा शेष 48 प्रतिभागी दलों को 10 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी।इस महोत्सव की विशेषता यह होगी कि इसमें केवल वही कलाकार भाग ले सकेंगे, जो बस्तर संभाग के वास्तविक मूल निवासी हैं और जनजातीय लोक कला विधाओं में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। साथ ही, गांवों और कस्बों में अपनी कला से पहचान बना चुके वरिष्ठ कलाकारों के साथ-साथ नवोदित कलाकारों को भी मंच प्रदान किया जाएगा।प्रत्येक स्तर पर विजेता दलों को पुरस्कार राशि के साथ प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिन्ह (फोटो फ्रेम) प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। आयोजन को जनउत्सव का स्वरूप देने के लिए समाज प्रमुखों, वरिष्ठ नागरिकों, आदिवासी मुखियाओं, जनप्रतिनिधियों एवं संस्कृति प्रेमियों को अतिथि के रूप में आमंत्रित किया जाएगा। व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं सोशल मीडिया के माध्यम से बड़े पैमाने पर प्रचार-प्रसार किया जाएगा।इस संपूर्ण आयोजन के लिए संचालनालय, संस्कृति एवं राजभाषा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। संस्कृति विभाग से श्री युगल तिवारी, नोडल अधिकारी एवं कार्यक्रम संयोजक (मोबाइलः 94063-98080) को आयोजन का दायित्व सौंपा गया है। समन्वय हेतु श्री प्रशांत दुबे (मोबाइलः 75093-62263) एवं श्री भाविन राठौर (मोबाइलः 99071-41307) को नामांकित किया गया है। सभी जिलों को अपने-अपने स्तर पर नोडल अधिकारी नियुक्त कर विभाग को सूचित करने के निर्देश दिए गए हैं।राज्य शासन ने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि “बस्तर पंडुम 2026” को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध, सुव्यवस्थित और गरिमामय ढंग से आयोजित किया जाए, ताकि बस्तर की लोक-संस्कृति की असली पहचान को सहेजते हुए उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाया जा सके।
- -टी सहदेवभिलाई नगर। सेक्टर 05 स्थित बालाजी मंदिर में आंध्र साहित्य समिति के तत्वावधान में धनुर्मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को वैकुंठ एकादशी उत्सव विशाल जनसमुदाय के बीच धार्मिक सद्भाव से मनाया गया। दक्षिण भारत में इसे मुक्कोटि एकादशी भी कहा जाता है। बालाजी मंदिर और गणेश मंदिर के बीच बना वैकुंठ द्वार (उत्तर द्वार) ब्रह्ममुहूर्त में ही खुल गया था। सबसे पहले पंडित गोपालाचारी के सान्निध्य में विशेष रूप से सुसज्जित श्रीविष्णु के अवतारी भगवान बालाजी, माताओं श्रीदेवी-भूदेवी के उत्सव विग्रहों को मंडप के बीचों बीच स्थापित किया गया। उसके बाद उनकी वैदिक विधि विधान से पूजा-अर्चना की गई। पूजा के पश्चात वैकुंठ द्वार को भक्तों के प्रवेश के लिए खोल दिया गया।*उत्तर द्वार से गुजरने से मिलता है वैकुंठ धाम*ऐसा धार्मिक विश्वास है कि इस द्वार से गुजरने वाले को वैकुंठ धाम (स्वर्ग) की प्राप्ति होती है। इसलिए भक्तगणों ने इसी द्वार से प्रविष्ट करते हुए सर्वप्रथम श्रीविष्णु, श्रीदेवी-भूदेवी के दर्शन किए और उसके बाद परिसर में स्थित तीनों मंदिरों में माथा टेकने के उपरांत दक्षिण द्वार से बाहर की ओर प्रस्थान किया। उत्सव की तैयारियां काफी पहले से की गई थीं। उत्सव को देखते हुए मंदिर परिसर में स्थित मुख्य मंदिर के साथ-साथ, श्रीदेवी और भूदेवी के मंदिरों को भी फूलों के आकर्षक तोरणों से सजाया गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए अध्यक्ष पीवी राव और सचिव पीएस राव ने असुविधा, भीड़भाड़ और अव्यवस्था से बचने के लिए जगह-जगह वालंटियर तैनात किए थे।*कन्नड़ भवन तक लगी भक्तगणों की कतार*भीड़ का आलम यह था कि भक्तगण कन्नड़ भवन तक कतार में थे। इधर बालाजी मंदिर और गणेश मंदिर के बीच की तीनों गैलरियां भी श्रद्धालुओं से खचाखच भर गई थीं। वैकुंठ द्वार (उत्तर द्वार) से प्रवेश करने तथा महाविष्णु के दर्शन में कोई असुविधा न हो, इसके लिए समिति के पदाधिकारी के सुब्बाराव, टीवीएन शंकर, एनएस राव, के लक्ष्मीनारायण और एस रवि कड़ी नजर रखे हुए थे। अध्यक्ष पीवी राव ने कहा कि वैकुंठ एकादशी का विशेष महत्व है, इस दिन दर्शन करने से श्रीविष्णु की कृपा हमेशा बनी रहती है। सचिव पीएस राव ने मंदिर में जुटी भक्तों की भीड़ को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि श्रीविष्णु के दर्शन से हमारे सभी पाप मिट जाते हैं।*एकादशी देवी की आंखों की ज्वाला से मुरासुर भस्म*पद्मपुराण के अनुसार मुर नामक दानव के अत्याचारों से भयभीत होकर देवतागण भगवान विष्णु की शरण में गए। मुर से मुक्ति के लिए देवताओं द्वारा प्रार्थना करने पर श्रीविष्णु ने मुरासुर से युद्ध किया, जो काफी लंबा चला। उस महा शक्तिशाली राक्षस के संहार के लिए विष्णु भगवान ने दिव्यास्त्र की खोज में भद्रिकाश्रम की हैमावती नामक गुफा में पहुंचे, जहां अपनी थकान दूर करने के लिए उन्होंने कुछ देर विश्राम किया। सोते हुए श्रीविष्णु को मारने के उद्देश्य से वह गुफा में घुस गया। तभी भगवान के शरीर से दुर्गा के रूप में एक दिव्य शक्ति प्रकट हुई और उस देवी ने अपनी आंखों की ज्वाला से मुरासुर को भस्म कर दिया। तब श्रीविष्णु ने प्रसन्न होकर उस शक्ति को एकादशी नाम दिया और वरदान मांगने को कहा। एकादशी ने वरदान मांगा कि जो भी उनके प्राकट्य दिवस धनुर्मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को व्रत रख कर पूजा करेंगे, उन्हें वैकुंठ धाम की प्राप्ति होगी। तब से वैकुंठ एकादशी उत्सव मनाया जाता है।
- रायपुर/ अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल का उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन करने रायपुर नगर पालिक निगम के संस्कृति विभाग के तत्वावधान में नगर निगम जोन क्रमांक 4 के सहयोग से राजधानी शहर रायपुर में जिलाधीश कार्यालय के सामने नगर निगम रायपुर के पण्डित रविशंकर शुक्ल उद्यान परिसर में स्थित उनके प्रतिमा स्थल के समक्ष पुष्पांजलि आयोजन रखा गया.नगर निगम रायपुर के तत्वावधान में रखे गए संक्षिप्त पुष्पांजलि आयोजन में पहुंचकर प्रमुख रूप से नगर पालिक निगम रायपुर के संस्कृति विभाग के अध्यक्ष श्री अमर गिदवानी सहित बड़ी संख्या में गणमान्यजनों, सामाजिक कार्यकर्त्ताओं नवयुवकों, आमजनों ने प्रतिमा स्थल पर अविभाजित मध्यप्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पण्डित रविशंकर शुक्ल का उनकी पुण्यतिथि पर सादर नमन किया.
- --इसके एवज में संस्था द्वारा ई - वेस्ट हेतु रेट लिस्ट अनुसार राशि का भुगतान भी किया जा रहा है*0रायपुर नगर पालिक निगम क्षेत्र से वर्तमान में संस्था ई स्टार प्रोसेसर द्वारा प्रतिदिन औसतन लगभग 1 टन ई-वेस्ट का परिवहन कर प्रसंस्करण कार्य किया जा रहा है0*रायपुर/ रायपुर शहर से निकलने वाले इलेक्ट्रानिक वेस्ट को व्यवस्थित करने हेतु पब्लिक एरिया में स्मार्ट डस्टबिन रायपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा स्थापित किया गया है। परन्तु वर्तमान में उक्त स्मार्ट बिन मरम्मत कार्य नही होने के कारण कार्यरत नहीं है। नगर पालिक निगम, रायपुर क्षेत्र से निकलने वाले ई-वेस्ट को परिवहन कर प्रसंस्करण कार्य करने हेतु संस्था स्टॉर ई प्रोसेसर को अनापत्ति जारी किया गया है। तदानुसार संस्था स्टॉर ई प्रोसेसर द्वारा आम जनता से ई-वेस्ट संग्रहण हेतु *टोल फ्री नम्बर *18008917656* जारी किया गया है। जिसमें काल कर आम जनता अपना ई- वेस्ट दे सकती है तथा इसके एवज में संस्था द्वारा ई-वेस्ट हेतु रेट लिस्ट अनुसार राशि का भुगतान भी किया जा रहा है।वर्तमान में संस्था स्टॉर ई प्रोसेसर द्वारा रायपुर नगर पालिक निगम रायपुर क्षेत्र से प्रतिदिन औसतन लगभग 1 टन ई-वेस्ट का परिवहन कर प्रसंस्करण कार्य किया जा रहा है।
- रामशर साईट की मानकों के अनुरूप कोपराजलाशय के विकास के लिए बनाएं कार्य-योजनाबिलासपुर/कलेक्टर संजय अग्रवाल ने आज साप्ताहिक टीएल बैठक में राज्य सरकार की फ्लेगशीप योजनाओं और लंबित मामलों के निराकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्हेांने कोपरा जलाशय के विकास के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने काम की गति बढ़ाते हुए फरवरी 2026 तक प्रत्येक हितग्राही मूलक योजनाओं में लक्ष्य पूरा करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बचे हुए स्कूली बच्चों को जाति प्रमाण पत्र शतप्रतिशत बनाने और वितरित करने के लिए 15 जनवरी तक की मोहलत दी है। स्कूल शिक्षा विभाग और राजस्व विभाग को आपसी तालमेल के साथ इस समय-सीमा में काम पूर्ण कर रिपोर्ट देने को कहा है। बैठक में नगर निगम आयुक्त प्रकाश सर्वे, जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल सहित जिला स्तरीय विभागीय अधिकारी मौजूद थे।कलेक्टर ने बताया कि आगामी 15 जनवरी को सिम्स बिलासपुर में निःशुल्क स्पाईन सर्जरी आयोजित की गई है। देश के जाने-माने स्पाईन सर्जरी विशेषज्ञ डॉ. भोजराज जिला प्रशासन के अनुरोध पर शिविर में सेवाएं देंगे। फिलहाल लगभग एक दर्जन मरीज सर्जरी के लिए चिन्हित कर लिए गए हैं। गरीब मरीजों के लिए यह शिविर वरदान साबित होगा। पशुधन विकास विभाग के संयुक्त संचालक ने बैठक में बताया कि जिले में दो गोधाम- लाखासार (तखतपुर) एवं ओखर (मस्तुरी) का संचालन शुरू हो गया है। लगभग दो सौ गौवंशियों की देख-भाल इनमें की जा रही है। स्वीकृति के लिए 14 और गौधामों का प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को भेजा गया है। कलेक्टर ने पीएम आवास निर्माण की धीमी गति पर असंतोष जाहिर करते हुए इनमें तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए। लगभग 43 हजार आवास निर्माण फिलहाल प्रगति पर हैं। पीएम अभ्युदय योजना की जानकारी देते हुए अधिकाधिक अनुसूचित जाति के उद्यमियों को इनका लाभ दिलाने के निर्देश दिए। योजना में उद्यमियों को आकर्षक सबसिडी प्रदान की जाती है। कलेक्टर ने कोपरा जलाशय के विकास के लिए एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए। रामशर साईट की दिशा-निर्देशों के अनुरूप वन विभाग और जिला पंचायत संयुक्त रूप से कार्य-योजना बनाएं। जलाशय से अवैध मछलीपालन की गतिविधियों को रोकने के निर्देश दिए। पक्षियों के अवलोकन के लिए दूरबीन और वॉच टॉवर निर्माण कर स्थानीय स्व सहायता समूह को इसका प्रशिक्षण एवं काम देने कहा गया हैं। ठेकेदारों और अन्य वेन्डरों द्वारा गुणवत्ता पूर्ण काम कर लिए जाने पर इसका निरीक्षण कर अविलंब भुगतान किया जाए ताकि उन्हें भटकना न पड़े। कलेक्टर ने श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की और हर पात्र श्रमिक को आगे आकर इनका लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
- बिलासपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव ने आज नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ संवाद के ऑडिटोरियम में पत्रकार-वार्ता को संबोधित किया। उन्होंने इस दौरान पिछले दो वर्षों में लोक निर्माण विभाग द्वारा किए गए कार्यों तथा विभाग की आगामी कार्ययोजना की जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, प्रमुख अभियंता श्री वी.के. भतपहरी और अपर सचिव श्री एस.एन. श्रीवास्तव भी पत्रकार-वार्ता में मौजूद थे।
- बिलासपुर संसदीय क्षेत्र को बड़ी सौगातबिलासपुर/रतनपुर/ छत्तीसगढ़ की जल संपदा और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण की दिशा में केंद्र सरकार ने एक मील का पत्थर स्थापित किया है। भारत सरकार के आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत बिलासपुर संसदीय क्षेत्र के 5 प्रमुख तालाबों के कायाकल्प के लिए ₹28.05 करोड़ की भारी-भरकम राशि को आधिकारिक मंजूरी प्रदान कर दी है।छत्तीसगढ़ के विकास को मिली नई गतिइस मंजूरी के साथ छत्तीसगढ़ में अमृत 2.0 के तीसरे चरण के तहत कुल 37 परियोजनाएं संचालित होंगीकेंद्र सरकार ने राज्य के शहरी विकास हेतु कुल ₹1303 करोड़ की सहायता राशि स्वीकृत की है, जो प्रदेश के भविष्य को जल-समृद्ध बनाने में सहायक होगी।*श्रमदान से सरकारी मंजूरी तक: श्री तोखन साहू की प्रतिबद्धता*गौरतलब है कि केंद्रीय राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने स्वयं रतनपुर के तालाबों में उतरकर श्रमदान किया था और जल संरक्षण का संदेश दिया था। उनके उस व्यक्तिगत जुड़ाव और 'भागीरथी प्रयास' का ही परिणाम है कि आज इन तालाबों के पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण के लिए इतनी बड़ी राशि स्वीकृत हुई है। श्री साहू के सक्रिय हस्तक्षेप के कारण ही केंद्र की एपेक्स कमेटी ने राज्य जल कार्य योजना (SWAP) के तीसरे चरण में इन महत्वपूर्ण परियोजनाओं को प्राथमिकता दी।परियोजनाओं का विवरण और बजट:स्वीकृत की गई ₹28.05 करोड़ की राशि से इन 5 तालाबों की सूरत बदलेगी:* रतनपुर क्षेत्र:* रत्नेश्वर तालाब: ₹9.5 करोड़ (पुनर्जीवन एवं सौंदर्यीकरण)* कृष्णार्जुनी तालाब: ₹7.5 करोड़ (कायाकल्प)* बिलासपुर शहर:* हरसागर तालाब: ₹5 करोड़* माँ महामाया तालाब: ₹3.5 करोड़* माँ शारदा तालाब: ₹2.55 करोड़प्रमुख लाभ और प्रभाव:* पुनर्जीवन और सौंदर्यीकरण: इन ऐतिहासिक तालाबों की गाद निकाली जाएगी, तटबंधों को मजबूत किया जाएगा और चारों ओर लाइटिंग व पाथवे बनाकर इनका सौंदर्यीकरण किया जाएगा।* जल संरक्षण: श्री तोखन साहू के श्रमदान अभियान को आगे बढ़ाते हुए, इन जलाशयों के संरक्षण से क्षेत्र के भूजल स्तर में भारी सुधार होगा।* पर्यटन को बढ़ावा: रतनपुर की ऐतिहासिक पहचान को इन तालाबों के सजने से नई मजबूती मिलेगी।
- *सेवानिवृत्त एसीएस श्री एम. के. राउत ने प्रोजेक्ट दधीचि के तहत नेत्र दान करने हेतु नेहा झा को किया सम्मानित*रायपुर/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देशन में जिला प्रशासन रायपुर द्वारा चलाया जा रहा प्रोजेक्ट 'दधीचि' अब समाज में मानव सेवा का प्रतीक बन रहा है। इस अनूठी पहल ने अंगदान को लेकर लोगों, विशेषकर युवाओं में नई जागरूकता पैदा की है।अब तक जिले में 63 लोगों ने अंगदान कर इस अभियान को समर्थन दिया है। इसका उद्देश्य शासकीय अधिकारियों, कर्मचारियों एवं आम नागरिकों को अंगदान के लिए प्रेरित करना है। इस कड़ी में आज पीडब्ल्यूडी विभाग में सहायक ग्रेड 3 श्रीमती नेहा झा ने एक प्रेरणादायक कदम उठाते हुए नेत्र दान करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी के सीईओ एवं सेवानिवृत्त एसीएस श्री एम. के. राउत एवं कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने उन्हें सम्मानित करते हुए शॉल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किया। श्रीमती झा ने कहा की "मैं प्रोजेक्ट दधीचि के तहत अपना नेत्र दान कर रही हूँ ताकि मेरे मृत्यु के बाद मेरा नेत्र किसी के काम आ सके"। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने आमजनों से अपील की कि वे आगे आकर अंग एवं देहदान के इस महान कार्य में भागीदार बनें। इस अवसर पर निगम आयुक्त श्री विश्वदीप, जिला पंचायत सीईओ श्री कुमार बिश्वरंजन सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
- *1 लाख 33 हजार 053 मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने किया आग्रह*रायपुर। भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिला रायपुर में विशेष गहन पुनरीक्षण (एस.आई.आर.) कार्यक्रम के तहत जिले की 07 विधानसभा क्षेत्रों में नो-मैपिंग (केटेगरी-सी) वाले कुल 1 लाख 33 हजार 053 मतदाताओं को आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु नोटिस जारी किया जा रहा है।विधानसभा के अनुसार धरसींवा-47 में 8,896, रायपुर ग्रामीण-48 में 39,835, रायपुर नगर पश्चिम-49 में 46,675, रायपुर नगर उत्तर-50 में 17,416, रायपुर नगर दक्षिण-51 में 12,495, आरंग-52 में 3,531 एवं अभनपुर-53 विधानसभा क्षेत्र में 4,205 नो-मैपिंग मतदाता चिन्हांकित किए गए हैं।निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी एवं सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों द्वारा आज 30 दिसंबर 2025 तक कुल 3,570 मतदाताओं को नोटिस तामील कराया जा चुका है।जिला निर्वाचन कार्यालय से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 03 जनवरी 2026 से जिले में कुल 116 अधिकारियों द्वारा जारी नोटिसों पर सुनवाई की प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी। संबंधित मतदाताओं से निर्धारित तिथि पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर सहयोग करने की अपील की गई है, ताकि मतदाता सूची को अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाया जा सके।*
- रायपुर। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अंतर्गत सभी राशनकार्डधारी परिवारों के प्रत्येक सदस्य का आधार आधारित eKYC कराना अनिवार्य किया गया है। जिन परिवारों के कुछ सदस्यों का eKYC अब तक नहीं हुआ है, वे शीघ्र ही अपनी नजदीकी शासकीय उचित मूल्य (राशन) दुकान में जाकर eKYC करवा लें, ताकि भविष्य में राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।खाद्य विभाग के अनुसार जिले में कुल 22,04,430 राशनकार्डधारी सदस्यों में से 18,67,768 सदस्यों का eKYC पूर्ण हो चुका है, जबकि अभी भी 3,36,662 सदस्यों का eKYC शेष है। विभाग द्वारा शेष सदस्यों से समय रहते eKYC कराने की अपील की गई है।*फिंगरप्रिंट नहीं आने पर घबराने की जरूरत नहीं*कई मामलों में नागरिकों के फिंगरप्रिंट मशीन में नहीं आ पाते हैं। ऐसे में घबराने की आवश्यकता नहीं है। शासन द्वारा फेस ऑथेंटिकेशन अथवा अन्य वैकल्पिक सत्यापन व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। इसके लिए संबंधित राशन दुकान से संपर्क किया जा सकता है।*राशन दुकानदारों को दिए गए निर्देश*सभी शासकीय उचित मूल्य दुकानदारों को निर्देशित किया गया है कि जिन राशनकार्डधारी सदस्यों का eKYC शेष है, उनकी सूची अपने पास रखें तथा इसकी जानकारी संबंधित पार्षद, सरपंच एवं सचिव को उपलब्ध कराएं। साथ ही अपने क्षेत्र में लोगों को eKYC के लिए लगातार जागरूक करें।*आम नागरिकों से अपील*सभी राशनकार्डधारी परिवारों से अपील की गई है कि वे अपने परिवार के शेष सभी सदस्यों का eKYC समय पर अवश्य करवा लें। निर्धारित समय तक eKYC नहीं होने की स्थिति में संबंधित सदस्य का नाम अस्थायी रूप से राशनकार्ड से हटाया जा सकता है, जिससे राशन प्राप्त करने में समस्या हो सकती है।*मृत अथवा विवाह के बाद अलग रहने वाले सदस्यों की जानकारी आवश्यक*यदि राशनकार्ड में दर्ज कोई सदस्य मृत हो गया है अथवा विवाह के पश्चात् अलग निवास कर रहा है, तो परिवार को आवश्यक दस्तावेजों के साथ संबंधित राशन दुकान या स्थानीय निकाय कार्यालय (नगर पंचायत/नगर पालिका/ग्राम पंचायत) में जानकारी देकर नाम हटाने की प्रक्रिया पूर्ण करनी चाहिए, ताकि रिकॉर्ड अद्यतन किया जा सके।
- अब तक 4,379 आवारा श्वानों का बंधियाकरण एवं एंटी रेबिस टीकाकरण किया गयारायपुर । कलेक्टर डॉ गौरव सिंह के निर्देशानुसार जिले में पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम का प्रभावी एवं सतत क्रियान्वयन किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत आवारा श्वानों का बंधियाकरण (नसबंदी) एवं एंटी रेबिस टीकाकरण किया जा रहा है, जिससे श्वानों की संख्या पर नियंत्रण के साथ-साथ जनस्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।आयुक्त नगर निगम श्री विश्वदीप के मार्गदर्शन में नगर निगम क्षेत्र के विभिन्न वार्डों से घुमन्तु श्वानों को निगम के डॉग कैचर दल द्वारा पकड़कर नगर निगम के एनिमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर, बैरनबाजार लाया जाता है। यहां प्रशिक्षित चिकित्सकों द्वारा श्वानों की नसबंदी के साथ-साथ एंटी रेबिस का टीकाकरण किया जा रहा है। इस विशेष कार्य के लिए दो चिकित्सकों की तैनाती की गई है। नसबंदी उपरांत 3 से 4 दिवस तक पोस्ट ऑपरेटिव केयर के बाद श्वानों को उसी स्थान पर सुरक्षित रूप से छोड़ा जाता है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था।इसी क्रम में नगर निगम बिरगांव में भी एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है, जिसके पूर्ण होने के पश्चात् क्षेत्र में पशु जन्म नियंत्रण कार्य को और अधिक गति मिलेगी।इसके अतिरिक्त पशु चिकित्सा सेवाएं के संयुक्त संचालक डॉ. शंकर लाल उइके के मार्गदर्शन में शासकीय पशु चिकित्सालय बैरनबाजार एवं भांठागांव में विभिन्न पशु प्रेमियों एवं स्वयंसेवी संस्थाओं (NGO) के सहयोग से श्वानों की नसबंदी एवं एंटी रेबिस टीकाकरण किया जा रहा है। पशु प्रेमियों द्वारा श्वानों को इन चिकित्सालयों में लाकर नसबंदी कराई जा रही है।वर्तमान वित्तीय वर्ष में पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत अप्रैल माह से अब तक जिले में कुल 4379 श्वानों की नसबंदी की जा चुकी है। इनमें नगर निगम के एबीसी सेंटर द्वारा 3604 तथा शासकीय पशु चिकित्सालयों द्वारा 775 श्वानों की नसबंदी की गई है। इस पहल से श्वानों की जन्म दर में अपेक्षित नियंत्रण देखा जा रहा है। शासन द्वारा पशु जन्म नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आम नागरिकों की सुविधा हेतु डॉग से संबंधित सूचना अथवा शिकायत दर्ज कराने के लिए हेल्पलाइन नंबर निदान 1100 जारी किया गया है। नागरिक इस नंबर पर संपर्क कर अपनी शिकायत अथवा सूचना दर्ज करा सकते हैं।
- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना से मिली 15 लाख रुपए की अनुदान राशि*अच्छी आय अर्जित करने के साथ स्थानीय लोगों को दे रहीं रोजगार*रायपुर/ सपनों की कोई उम्र नहीं होती, इस बात को सच कर दिखाया है जिले के अभनपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम चम्पाझर (चम्पारण) की श्रीमती अनिता गोस्वामी ने। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना का लाभ लेकर उन्होंने न केवल आत्मनिर्भरता हासिल की, बल्कि ग्रामीण क्षेत्र में रोजगार सृजन का नया मार्ग भी प्रशस्त किया है।श्रीमती गोस्वामी बताती हैं कि वे पूर्व में शिक्षिका थीं तथा सेवानिवृत्ति के पश्चात अपना खुद का बिज़नेस प्रारम्भ करने के उद्देश्य से अपना स्वयं का रोजगार प्रारंभ करने का निर्णय लिया। इसी दौरान उन्हें जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में मत्स्य विभाग द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना की जानकारी प्राप्त हुई। योजना के अंतर्गत उन्होंने फिन फिश हेचरी के माध्यम से मछली पालन कार्य प्रारंभ किया। इस परियोजना पर कुल 25 लाख रुपये की लागत आई, जिसमें से शासन द्वारा 15 लाख रुपये का अनुदान प्रदान किया गया, जबकि 10 लाख रुपये की राशि उन्होंने स्वयं निवेश की। प्रारंभ में उन्होंने एक हेक्टेयर क्षेत्र में यह कार्य शुरू किया था, जो आज बढ़कर सात हेक्टेयर तक पहुंच चुका है।श्रीमती गोस्वामी के इस प्रयास से इस वर्ष उन्होंने 10 लाख रुपए के बीज की बिक्री आसपास के क्षेत्र में की है साथ ही वर्तमान में 10 से 12 स्थानीय लोगों को रोजगार भी उपलब्ध कराया। उन्होंने बताया प्रतिवर्ष 5 करोड़ स्पॉन एवं 1 करोड़ स्टैंडर्ड फ्राई फिश बीज का उत्पादन होता है। साथ ही योजना का लाभ लेकर 5000 देसी मांगुर का भी पालन भी कर रहें हैं जिससे उन्हें 3 लाख रुपए की अतिरिक्त आमदनी होगी।अनिता का यह प्रयास न केवल महिला उद्यमिता को सशक्त बना रहा है, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती प्रदान कर रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना ने उन्हें आत्मनिर्भर बनने का अवसर दिया और यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में आजीविका एवं रोजगार सृजन के लिए अत्यंत प्रभावी सिद्ध हो रही है।श्रीमती गोस्वामी की सफलता यह संदेश देती है कि यदि इच्छाशक्ति मजबूत हो और योजनाओं का सही उपयोग किया जाए, तो हर चुनौती अवसर में बदल सकती है।


.jpg)



.jpg)










.jpg)




.jpg)
.jpg)



