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- -छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों से आते हैं यहाॅ वर्षभर पर्यटक-रामायण काल से जुड़ी है यहाॅ की गाथाबालोद । प्रकृति की गोद में स्थित माँ सियादेवी नारागाँव, बालोद जिले के सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों में जाना जाता है। यह स्थान प्राकृतिक जलप्रपात, घने वन, धार्मिक एवं आध्यात्मिक स्थल के रूप में काफी प्रसिद्ध है। यहाॅ प्रतिदिन आने वाले पर्यटक माॅ सियादेवी का आर्शीवाद लेने के साथ ही प्रकृति की खूबसूरती से भरपूर इस स्थान का आनंद उठाते हुए अपना एक दिन सफल करते हुए बहुत सी खूबसूरत यादों को समेट कर वापस यहां लौटने की इच्छा लेकर जाते है। इस स्थान ने अपनी प्राकृतिक सुंदरता से छत्तीसगढ़ में पर्यटन के क्षेत्र में अपनी अलग ही पहचान बनाई है। बालोद जिले के ग्राम नारागांव के समीप स्थित यह स्थान प्राकृतिक सुंदरता से परिपूर्ण है। यहाॅ चारों ओर घने जंगल हैं, तो वहीं प्राकृतिक झरने की समधुर आवाज एक रोमांच पैदा कर देती है। सियादेवी जलप्रपात बारिश के दिनों में अपने रौद्र रूप में नजर आता है, जब यहाॅ पानी की मात्रा अत्यधिक होती है, जलप्रपात से गिरने वाले पानी की आवाज और दृश्य का संगम इस जगह को पर्यटकों के लिए बहुत ही रोमांचकारी बना देता है।सियादेवी मंदिर के पुजारी श्री नानिक राम कोर्राम ने इस स्थान के बारे में प्रचलित मान्यता के बारे में बताया कि वनवास काल में भगवान श्रीराम और लक्ष्मण, देवी सीता को ढूंढते हुए यहां आए थे। उनकी निष्ठा के परीक्षण के लिए माता पार्वती ने माता सीता के रूप में भगवान राम की परीक्षा ली। लेकिन भगवान राम ने उन्हें पहचान लिया और मां के रूप में संबोधन किया। माता पार्वती को इस घटना से अपराध बोध हुआ। उन्होंने इस संबंध में भगवान शिव को बताया और क्षमा मांगी तब शिवजी ने मां पार्वती को देवी सीता के अवतार में इसी स्थान में विराजमान होने के लिए कहा। तभी से यह स्थान सिया देवी माता के नाम से जाना जाता है। उन्होंने बताया कि यहां बहुत सी धार्मिक एवं आध्यात्मिक मान्यताएं हैं। वर्षभर यहाॅ पर्यटक आते हैं, लेकिन नवरात्र के समय में यहाॅ हजारों श्रद्धालुओं का आना होता है। यहाॅ पहुंचे पर्यटक श्री साकेत श्रीवास्तव ने बताया कि वे खैरागढ़ से यहाॅ आए हैं। उन्हें यहाॅ की प्राकृतिक सुंदरता और मा सियादेवी का मंदिर देखकर काफी खुशी मिली है। उन्होंने बताया कि यहाॅ अच्छा पर्यटन को विकसित करने बेहतर कार्य किया गया है, सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं देखकर अच्छा लगा। इसी प्रकार यहाॅ महाराष्ट्र के भण्डारा से पहुॅचे पर्यटक श्री वसंतराव ने बताया कि वे पहली बार इस स्थान पर आए हैं, उन्हें यह स्थान बहुत ही अच्छा लगा, घुमने और प्राकृतिक खुबसुरती का आनंद लेने के लिए यह बहुत ही उपयुक्त स्थान है। जिला प्रशासन बालोद और पर्यटन विभाग द्वारा माॅ सियादेवी नारागांव में पर्यटन को बढ़ावा देने मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। यहाॅ सीसीरोड, बेरिकेट, सीढ़ियाॅ, पेयजल, शौचालय, सोलर लाईट, शेड, भवन सहित बैठक आदि की भी व्यवस्था है। ओनाकोना में रायपुर, धमतरी, बालोद से आसानी से पहुॅचा जा सकता है। बालोद जिले के ग्राम सांकरा क से लगभग 08 किलोमीटर की दूरी पर स्थित ग्राम नारागांव होते हुए यहाॅ पहुॅचा जा सकता है।
- -शैल चित्रों के रूप में हजारों सालों में मानव सभ्यता के विकास की अमिट छाप है दर्जरायगढ़ । हर सभ्यता वक्त की रेत पर अपने निशान छोड़ जाती है, ऐसे ही शैलचित्रों की अनोखी दुर्लभ श्रृंखला रायगढ़ की पहाडिय़ों में बिखरी हुई है, जो सदियां बीतने पर भी धूमिल नहीं हुई है और प्रागैतिहासिक काल से मानव विकास क्रम की कहानियां कह रही हैं। रायगढ़ जिले में हजारों वर्ष पुराने पाषाणकालीन समृद्ध शैलचित्रों का खजाना है, जो न केवल देश एवं प्रदेश में बल्कि पूरे विश्व में प्रसिद्ध है। ऐसी दुर्लभ पुरासंपदा हमारी प्राचीन सभ्यता के जीवंत अमूल्य अवशेष है। जिले में आदिम मानवों द्वारा सिंघनपुर, करमागढ़, कबरापहाड़, ओंगना, नवागढ़ पहाड़ी, बसनाझर, भैंसगढ़ी, खैरपुर, बेनिपाट, पंचभैया पहाड़, राबकोब गुफा, सारंगढ़ के सिरौलीडोंगरी जैसे अनेक स्थानों में शैलाश्रय में शैलचित्र उकेरे गए है, जिनमें पशु-पक्षी, आखेट के दृश्य, परम्परा, जीवनशैली, पर्व एवं त्यौहार का चित्रांकन दीवारों पर किया गया है। ऐसे रॉक पेंटिंग विश्व के अन्य देशों फ्रांस, स्पेन, आस्ट्रेलिया एवं मेक्सिको में भी पाये गए हैं। प्रागैतिहासिक काल में आदिम मानव इन सघन एवं दुर्गम पहाडिय़ों में गुफाओं एवं कंदराओं में निवास करते थे और यहां सभ्यता का विकास होता गया। आदिम कुशल चित्रकारों द्वारा बनाये इन शैलचित्रों में उनकी जीवनशैली एवं परिवेश की अनुगूंज सुनाई देती है, जिसकी भावनात्मक अभिव्यक्ति इन रेखाचित्रों के रूप में उभरकर सामने आती है। आदिमानव रंगों के प्रयोग से अनभिज्ञ नहीं थे। यह शैलचित्र हमारे पुरखों द्वारा दिया गया बहुमूल्य उपहार है।हमीरपुर रोड से कुछ दूरी पर सघन वनों के बीच प्राकृतिक छटा से घिरी रमणीय करमागढ़ की पहाडिय़ों के बीच 'उषा कोटि' शैलाश्रय में पाषाणकालीन आदिम मानवों ने गहरे गैरिक रंग से ग्रामीण जन-जीवन को प्रदर्शित करते हुए विभिन्न पशुओं एवं सुंदर श्रृंखलाओं में ज्यामितीय आकृतियां चट्टानों मेंं अंकित किए हैं। उषा कोटि में धान की बालियां, चांद, ढेकी, हिरन, खरगोश, बारहसिंघा, कछुआ, हाथी, छिपकली, मेंढक, बैल, पेड़-पौधे, मोती की सुंदर लडिय़ों जैसी आकृतियां स्पष्ट नजर आती है। विख्यात पुरातत्वविद स्व.पंडित लोचन प्रसाद पाण्डेय ने इसकी तुलना अमेरिका के गुफा चित्रों से की थी। उडिय़ा संस्कृति से प्रभावित इन शैलचित्रों में घर, आंगन एवं दीवारों में पर्व के अवसर पर सजाने के लिए अल्पना सदृश्य खूबसूरत चित्र बनाये गये है। वैसे ही कमल के फूल, गेहू एवं धान की बालियां एवं तरह-तरह के अनोखी कलात्मक आकृतियां बनी हुई है। शासन के पुरातत्व विभाग द्वारा इन शैलचित्रों को संरक्षित किया जा रहा है। ग्रामीण यहां त्यौहार के अवसर पर ग्राम देवता के रूप में पूर्वजों की पूजा करने आते है।रायगढ़ जिला मुख्यालय से 20 किलो मीटर दूर भूपदेवपुर के समीप ग्राम सिंघनपुर के समीप मैकल पर्वत श्रेणी में लगभग 2 हजार फीट की ऊंचाई पर मनोरम पहाडिय़ों के बीच जैव विविधता से परिपूर्ण सिंघनपुर की अद्वितीय गुफा है, जहां गैरिक रंग में मानव शरीर का आकार सीढ़ीनुमा सदृश, मानव आकृतियां एवं पशु-पक्षी की आकृतियां बनी हुई है। सिंघनपुर की पहाडिय़ों में तीन गुफाएं हैं, जिनमें से दो दक्षिणमुखी है एवं तीसरा पूर्वमुखी है। पूर्वमुखी गुफा जिसके बाह्य भाग में शैल चित्र है, जहां जाना भी कठिन ही है। प्रागैतिहासिक शैलाश्रय की पुष्टि 19 वीं शताब्दी के मध्य पुरातत्व अधिकारी श्री ए.सी.करलेले ने की थी। आदिम युगीन के इन शैलचित्रों को स्व.एंडरसन ने 1912 ईसवीं में पहली बार देखा था। उन्होंने 1918 में इंडियन म्यूजियम ऑफ कलकत्ता के निदेशक श्री पर्सी ब्राउन को इसकी जानकारी दी थी, जिन्होंने अपनी पुस्तक इंडियन पेंटिंग में शैलचित्रों का जिक्र किया था। स्व.श्री एंडरसन अपने साथी श्री राबर्टसन के साथ सिंघनपुर की गुफा गए थे और यहां का अन्वेषण किया। इसी दौरान गुफा में मधुमक्खियों के काटने से राबर्टसन की मृत्यु हो गयी। उनकी स्मृति में रेलवे स्टेशन का नाम रॉबर्टसन रखा गया है। पर्सी ब्राउन के बाद कई पुरातत्वविद सर हेनरी हडवे, श्री व्ही स्मिथ, अमरनाथ दत्ता और पंडित लोचन प्रसाद पांडेय ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किया। सिंघनपुर की गुफा, पुरातत्वविदों के लिए जिज्ञासा एवं कौतुहल से भरी हुई है।रायगढ़ से 15 किलो मीटर दूर लोईंग से कुछ दूर पर कबरापहाड़ में पाषाण युग के विशिष्ट शैलचित्र है। जहां गैरिक रंग में छिपकली, हिरण, जंगली भैसा, बारहसिंघा, मेंढक, कछुआ, चक्र, जंगली भैसा मानव आकृतियां एवं विभिन्न प्रकार की ज्यामितियां आकृतियां है। यहां बने चक्र की खासियत यह है कि इसमें 36 लकीर बनी हुई है। पुरातत्वविदों के अनुसार कबरा पहाडिय़ों के शैलचित्र लगभग 5000 वर्ष पुराने हैं। ग्रामवासी इन शैलचित्रों की पूजा करते है।रायगढ़ से लगभग 70 किलोमीटर दूर धरमजयगढ़ विकासखण्ड मुख्यालय से ग्राम ओंगना 4 किलोमीटर दूर है। वहां समीप के पहाडिय़ों में शैलाश्रय में मोहक शैलचित्र बने हुए है। ओंगना के शैलचित्र मानवीय सभ्यता के क्रम को प्रगट करते है। यहां तीन मानव की आकृतियां है। सामूहिक नृत्य का चित्रांकन, बैल की आकृति, साज-सज्जा वाली मानव आकृतियां है। ग्रामीण इसे देव स्थान के रूप में मानते है। धरमजयगढ़ से 17 किलोमीटर दूर पंचभैया पहाड़ी पर प्राचीन महत्व के शैलचित्र हैं। ऐसी किवदंति है कि प्राचीन काल में पांचों पांडवों ने यहां रूककर विश्राम किया था। पहाड़ी के कटाव पर शैलचित्र हैं, जो गेरूए रंग से बने हुए हैं। इस पहाड़ पर हाथा नामक स्थान है, जहाँ चट्टानों पर 34 पंजों के निशान मिले हैं। वन्दनखोह गुफा के शैलचित्र, घोड़ी डोंगरी पहाड़ी के शैलचित्र, सिसरिंगा के चिनिडंड पहाड़ी के शैलचित्र एवं वोडरा कछार पहाड़ी के शैलचित्र अनूठे हैं। धरमजयगढ़ की राबकोब गुफा के शैलचित्र विशेष हैं। यह स्थल धरमजयगढ़ के ग्राम पोटिया के समीप पहाड़ी की तलहटी में अवस्थित है। कार्बन डेटिंग से गुफा में निर्मित शैलचित्र 20 से 30 हजार वर्ष पुराना निर्धारित किया गया है।रायगढ़ से दक्षिण दिशा में 8 किलोमीटर दूर ब्रम्हनीन पहाड़ी पर बसनाझर पहाड़ी के गुफाओं एवं कंदराओं में अनगिनत शैलचित्र बिखरे हुए है। स्व.श्री एंडरसन द्वारा सिंघनपुर के शैलचित्रों के खोज के बाद बसनाझर के शैलचित्र पर भी अनुसंधान किया गया। पुरातत्वविदों के अनुसार ये शैलचित्रों 10 हजार ईसा पूर्व के है। ये शैलचित्र प्रस्तर युग तथा नवीन प्रस्तर युग के है। जिनमें आखेट युग को भी दर्शित किया गया है। आदिम शैलचित्रकारों ने आखेट दृश्य को प्रस्तुत किया है। यहां हिरण मानव आकृतियां एवं खेती तथा पशुपालन, सूर्यचक्र, देव आकृति प्रदर्शित किए गए है।जिले में प्रागैतिहासिक कालीन शैलचित्रों में प्राचीन सभ्यता एवं संस्कृति उत्कृष्ट रूप में अभिव्यक्त हुई है और यह पुरातत्वविदों के लिए अनुकरणीय है। रहस्य एवं रोमांच से भरपूर इन शैलचित्रों में अभी भी बहुत कुछ खोजना शेष है। इन कहानियों को क्रमिकता में समझने की जरूरत है, कि उस काल में जीवन किस तरह का था और रचनात्मकता किस तरह की थी। इनका सही वैज्ञानिक विश्लेषण करने पर मानव विकास के क्रम की कई तस्वीरें सामने आएगी।
- रायपुर। धमतरी के गंगरेल और मुरूमसिल्ली बांध की खूबसूरती लुभा रही पर्यटकों कोछत्तीसगढ़ की जीवनदायिनी महानदी और उसके सहायक नदी सिलयारी नदी पर धमतरी जिले में बने रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) और मुरूमसिल्ली बांध की खूबसूरती सभी को लुभाती है। इसी वजह से लाखों लोग यहां आते हैं। महानदी अत्यंत विशाल नदी है, जिसका उद्गम धमतरी जिले के सिहावा पर्वत से होता है और यह नदी अपने उद्गम के बाद उत्तर-पूर्व दिशा में प्रवाहित होती है। इस नदी पर बड़े-बड़े बांधों का निर्माण किया गया है, जिनमें से प्रमुख हैं रुद्री बांध, गंगरेल या रविशंकर बांध और उड़ीसा में निर्मित हीराकुंड (बांध) छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा बांध गंगरेल या रविशंकर बांध इसी नदी पर निर्मित है।यहां दर्शनीय स्थल मां अंगारमोती मंदिर के अलावा बोटिंग, मिनी गोवा, रंग-बिरंगे फूलों से सुसज्जित गार्डन पर्यटकों का मन अपनी ओर अनायास ही आकर्षित कर लेती है। गंगरेल डैम पर खूबसूरत हट बने हुए हैं, जहां से बांध के पास रहने और 24 घंटे उसे निहारने का आनंद भी उठाया जा सकता है।वास्तुशिल्प चमत्कारों में से एक मुरूमसिल्ली बांध को एशिया का पहला सायफन सिस्टम वाला बांध माना गया है। 1914 से 1923 के बीच निर्मित इस बांध में बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने आते हैं। चारों तरफ घने पेड़ों से आच्छादित यह बांध अपनी खूबसूरती से आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।100 साल की उम्र बीत जाने के बाद भी इस बांध की मजबूती में कोई फर्क नहीं आया है, और आज भी इनके सभी गेट चालू हालत में हैं। बारिश के मौसम में बांध लबालब होते ही ऑटोमेटिक सायफन गेट से पानी निकलना शुरू हो जाता है। मुरुमसिल्ली बांध राजधानी रायपुर से सिर्फ 95 किलो मीटर की दूरी पर स्थित है।धमतरी जिले के ग्राम छाती की श्रीमती डिगेश्वरी साहू बताती हैं कि वे अपने परिवार के साथ गंगरेल और मुरूमसिल्ली घूमने आती रहतीं हैं। यहां का शांत वातावरण, अंगारमोती का दर्शन कर उन्हें काफी अच्छा लगता है और मन को सुकून मिलता है। इसके साथ ही बोटिंग, आकर्षक गार्डन और नदी को देख मन प्रफुल्लित होने लगता है। वहीं महासमुंद जिले से गंगरेल और मुरूमसिल्ली पहुंची कुमारी मोना साहू और उनके साथियों ने गंगरेल और मुरूमसिल्ली के मनोरम वातावरण, बोटिंग, विशाल नदी और अंगारमोती मां के मंदिर की काफी प्रशंसा करते नहीं थकती।
- रायपुर / माननीय न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) श्री अभय मनोहर सप्रे की अध्यक्षता तथा मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की उपस्थिति में न्यू सर्किट हाउस रायपुर में छत्तीसगढ़ राज्य के सडक सुरक्षा परिदृश्य की समीक्षा बैठक की गई। बैठक में अंतर्विभागीय लीड एजेंसी (सड़क सुरक्षा) के अध्यक्ष श्री संजय शर्मा द्वारा समग्र सड़क सुरक्षा परिदृश्य, सडक दुर्घटनाओं के कारण, नियंत्रण के उपाय-लक्ष्य, सडक सुरक्षा अंकेक्षण तथा प्रवर्तन, अंभियांत्रिकीय, शिक्षा, आकस्मिक उपचार आदि की भावी कार्ययोजना के संबंध में विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया गया।अध्यक्ष सुप्रीम कोर्ट कमेटी ऑन रोड सेफ्टी श्री सप्रे ने बैठक में ब्लैक स्पॉट्स के चिन्हाकन के पश्चात् यथा शीघ्र सुधारात्मक उपायों, घायलों की त्वरित उपचार देने, विद्यार्थियों को सड़क सुरक्षा की समुचित जानकारी एवं नियम तोड़ने वालों के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। शासकीय अधिकारियों-कर्मचारियों तथा जनसामान्य को सुरक्षा के लिए वाहन चालन के दौरान सीटबेल्ट, हेलमेट की अनिवार्यता को बढ़ावा देने को कहा। श्री सप्रे ने नागरिकों को जागरूक करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि आपातकालीन उपचार एवं ट्रामा केयर के लिये विशेष पहल करके सड़क दुर्घटना में मृत्युदर में कमी की जा सकती है। इसके लिए अंतर्विभागीय समन्वय से रणनीति एवं योजना बनाकर बेहतर कार्य किया जा सकता है।बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज पिंगुआ, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री प्रदीप गुप्ता सहित सचिवगण सर्वश्री एस प्रकाश, डॉ. बसव राजू, डॉ. कमलप्रीत सिंह, श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी, श्री भीम सिंह सहित आयुक्त स्वास्थ्य डॉ. प्रियंका शुक्ला, अपर परिवहन आयुक्त श्री डी. रविशंकर, प्रमुख अभियंता लोक निर्माण विभाग श्री के.के. पिपरे, क्षेत्रीय अधिकारी एनएचएआई श्री एम. टी अटारे, संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग श्री कुंदन कुमार उपस्थित थे।
- -तीन महीने में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण कर सौंपने के निर्देश-सिम्स सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कर मरीजों का इलाज करने लायक सुविधा तीन महीने में सुनिश्चित करने के निर्देशबिलासपुर / संभागायुक्त महादेव कावरे ने कोनी में बन रहे नए संभागायुक्त कार्यालय भवन का निरीक्षण किया। उन्होंने समयसीमा में कार्य पूर्ण नहीं करने पर नाराज़गी जाहिर करते हुए 31 मार्च 2025 के पहले कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। अनुबंध के अनुसार इसे सितंबर 2024 तक पूर्ण कर लिया जाना था। श्री कावरे ने निर्माण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। संभागायुक्त ने कोनी मल्टी सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में अगले तीन महीने में आईपीडी सुविधा विकसित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान निगम आयुक्त अमित कुमार भी उपस्थित थे।गौरतलब है कि नया संभाग आयुक्त भवन के लिए लगभग 12 करोड रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है। भवन निर्माण का कार्य पूर्णता की ओर है। अब केवल फिनिशिंग कार्य बचा है। श्री कावरे ने कोनी में निर्माणाधीन संभागयुक्त कार्यालय के पास नगर निगम द्वारा कराये जा रहे 06 एमएलडी का एसटीपी निर्माण कार्य, जिसकी लागत राशि 7.80 करोड़ रूपये है, इस कार्य को मार्च 2025 तक पूर्ण करने के निर्देश दिये गये। अरपा फ्रंट कोनी रोड कार्य एवं राशि 30.00 करोड़ रूपये की लागत से निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर कोनी का भी निरीक्षण किया। यह कार्य माह अप्रैल, 2025 तक पूर्ण कर लिया जायेगा।संभागायुक्त श्री कावरे ने कोनी में 200 करोड़ रूपये की लागत से नव निर्मित सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय का भी निरीक्षण किया गया। उन्होंने ओ.पी.डी., ट्राएज, एम.आर.आई., सी.टी. स्कैन कक्ष व निर्माणाधीन लैब इत्यादि कक्षों का बारीकी से अवलोकन किया। नव निर्मित सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय भवन अधोतल सहित कुल 10 फ्लोर का अत्याधुनिक चिकित्सालय भवन का निर्माण हुआ है। वर्तमान में 04 विभाग- न्यूरोलॉजी, यूरोलॉजी, पल्मोनोलरी, जनरल मेडिसीन के ओ.पी.डी. प्रारंभ कर जनमानस को सुविधाएँ प्रदान की जा रही है। संभागायुक्त द्वारा आई.पी.डी. को भी आगामी तीन माह में शुरू करने हेतु निर्देशित किया गया। नवनिर्मित सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय भवन का निर्माण केन्द्रीय लोक निर्माण विभाग द्वारा किया गया है। निरीक्षण के समय उपस्थित सिम्स के अधिष्ठाता डॉ० रमणेश मूर्ति, चिकित्सा अधीक्षक, सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सालय डॉ० बी० पी० सिंह, चिकित्सा अधीक्षक सिम्स डॉ० लखन सिंह एवं नोडल अधिकारी नवीन सिम्स भवन डॉ० भूपेन्द्र कश्यप उपस्थित थे।
- -अब तक 4.67 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी-उठाव कार्य में तेजी, 50 प्रतिशत हो चुका उठाव-किसानों को 1073 करोड़ रुपए का भुगतान-गड़बड़ी की आशंका वाले केन्द्रों की हो रही विशेष निगरानीबिलासपुर, / कलेक्टर अवनीश शरण ने एनआईसी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी की समीक्षा की। उन्होंने कोचियों और दलालों के खिलाफ कार्रवाई में और तेज़ी लाने के निर्देश दिए। गड़बड़ी की संभावना वाले खरीदी केन्द्रों की सूची सौंपकर इन पर निगरानी बढ़ाने को कहा है। धान खरीदी का मौसम चूंकि अब अपने उच्च स्तर पर पहुंच चुका है, लिहाज़ा नोडल अधिकारी पूरे समय केन्द्र में बैठकर अपने समक्ष खरीदी कराएं और रिपोर्ट दें। राज्य सरकार का फिलहाल सबसे बड़ा काम किसानों से सफलता पूर्वक धान खरीदी करने का है। इसमें किसी भी स्तर पर गड़बड़ी अथवा लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।बैठक में अधिकारियों ने बताया गया कि जिले में अब तक सुव्यवस्थित तरीके से खरीदी कार्य चल रहा है। उठाव की मात्रा भी बढ़कर 50 फीसदी हो चुका है। खरीदी केंद्रों में धान रखने जगह की कमी नहीं है। 3 जनवरी तक जिले में 4.67 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। लगभग 96 हजार किसान अपना धान समीप स्थित केन्द्रों पर बेच चुके हैं। किसानों को उनके ऊपज के एवज में 1073 करोड़ की राशि का भुगतान किया जा चुका है। कलेक्टर ने फील्ड में दौरा कर रहे अधिकारियों से फीडबैक भी लिया। उनकी शंकाओं का समाधान भी किया गया। उन्होंने। उप पंजीयक सहकारिता को गड़बड़ी कर रहे समिति के कर्मचारियों के विरुद्ध त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में एसडीएम पीयूष तिवारी, एसडीएम एसएस दुबे, जिला खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया, उप पंजीयक सहकारिता मंजू पाण्डेय, सहकारी बैंक के सीईओ सुनील सोढी, डीएमओ शंभू गुप्ता सहित एसडीएम और तहसीलदार वीसी के जरिए शामिल हुए।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से आज मुख्यमंत्री निवास कार्यालय में सुप्रसिद्ध फिल्म निर्माता, निर्देशक, कलाकार एवं पटकथा लेखक श्री प्रकाश झा ने सौजन्य मुलाकात की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने श्री प्रकाश झा के छत्तीसगढ़ आगमन पर उन्हें शाल और स्मृति चिन्ह भेंटकर स्वागत और अभिनंदन किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने छत्तीसगढ़ में हिंदी फिल्मों के निर्माण और फिल्म उद्योग के विकास की संभावनाओं के सम्बन्ध में चर्चा की। प्रकाश झा ने कहा कि छत्तीसगढ़ पसंदीदा फिल्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित किया जा सकता है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रकाश झा जी उन दिग्गज फिल्मकारों में से एक हैं, जो अपनी फिल्मों के माध्यम से सामाजिक मुद्दों को पर्दे पर बखूबी उतारते हैं।
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*कलेक्टर ने जारी की आम सूचना*
बिलासपुर/त्रिस्तरीय पंचायत राज संस्थाओं में विभिन्न पदों के लिए आरक्षण की कार्यवाही 8 जनवरी 2025 को संपन्न होगी। जिला कार्यालय बिलासपुर के मंथन सभाकक्ष और जनपद पंचायतों के सभाकक्ष में इस दिन आरक्षण की कार्यवाही की जायेगी। दोपहर 12 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभाकक्ष में जिला पंचायत सदस्यों और जनपद पंचायतों के आरक्षण की कार्यवाही शुरू होगी। वहीं सभी जनपद पंचायतों के सभाकक्ष में सवेरे साढ़े 10 बजे से जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं पंच पदों के लिए नियमानुसार आरक्षण किया जायेगा। कलेक्टर अवनीश शरण ने आरक्षण की कार्यवाही संपन्न कराने के लिए अधिकारियों की नियुक्ति करते हुए इसके लिए आम सूचना जारी कर दी है।
जिला स्तर पर जनपद पंचायत अध्यक्ष एवं जिला पंचायत सदस्यों के आरक्षण की कार्यवाही संपन्न कराने के लिए अपर कलेक्टर श्री शिवकुमार बनर्जी को प्रभारी अधिकारी बनाया गया है। अनुविभागीय अधिकारी राजस्व बिलासपुर श्री पीयूष तिवारी, उप संचालक पंचायत श्रीमती शिवानी सिंह एवं जिला अंकेक्षक एके धिरही उन्हें सहयोग करेंगे। इसी प्रकार सभी अनुविभागीय राजस्व अधिकारी अपने अनुविभाग में आरक्षण की प्रक्रिया पूर्ण करने के लिए प्रभारी अधिकारी बनाये गये है। संबंधित तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उन्हें इस कार्य में सहयोग करेंगे। जनपद पंचायत कार्यालय, बिल्हा, मस्तुरी, कोटा एवं तखतपुर में 8 जनवरी को सवेरे 10.30 बजे से आरक्षण की प्रक्रिया शुरू होगी। जनपद पंचायत सदस्य, सरपंच एवं वार्ड पंचों के पदों का नियमानुसार आरक्षण किया जायेगा। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं इन सभी वर्गों में महिलाओं के लिए पद आरक्षित किए जाएंगे।
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*राज्य में बीते साल अस्तित्व में आए नौ नए नगरीय निकाय, सात नगर पंचायतों का नगर पालिका में उन्नयन*
बिलासपुर/छत्तीसगढ़ में पिछले साल जनवरी से दिसम्बर के बीच नौ नए नगरीय निकायों का गठन किया गया है। राज्य शासन ने इस दौरान सात नगर पंचायतों का नगर पालिका के रूप में उन्नयन भी किया है। स्थानीय रहवासियों की मांगों पर राज्य शासन ने संवेदनशीलतापूर्वक विचार करते हुए जन-आकांक्षाओं को पूरा करने नए नगरीय निकायों के गठन को मंजूरी दी है। इससे उभरते शहरों के रूप में विकसित हो रहे कस्बों में शहरी सुविधाएं जुटाने के कामों को और गति मिलेगी। राज्य में पिछले वर्ष गठित नगरीय निकायों को मिलाकर अब कुल 192 नगरीय निकाय हो गए हैं। इनमें 14 नगर निगम, 54 नगर पालिका और 124 नगर पंचायत शामिल हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की कस्बाई आवादी की मांग और उभरते शहरों के अनुरूप अधोसंरचनात्मक विकास को गति देने बीते कैंलेडर वर्ष 2024 में नौ नए नगर पंचायतों का गठन किया गया है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर स्थानीय जन-आकांक्षाओं को पूर्ण करने तथा उन्हें मूर्त रूप देने नए नगरीय निकायों के गठन तथा ज्यादा आबादी वाले नगर पंचायतों के नगर पालिकाओं में उन्नयन की त्वरित कार्यवाही की गई है।
जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांग पर वर्ष-2024 में जनवरी से दिसम्बर के बीच राजनांदगांव जिले के लाल बहादुर नगर और घुमका, मुंगेली के जरहागांव, कोरिया के पटना, बेमेतरा के कुसमी, गरियाबंद के देवभोग, सूरजपुर के शिवनंदनपुर, जांजगीर-चांपा के बम्हनीडीह और बालोद जिले के पलारी को नगर पंचायत बनाया गया है। वहीं जन-आकांक्षाओं को देखते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला नगर पंचायत और पेंड्रा नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन किया गया है। इनके साथ ही मुंगेली जिले के लोरमी नगर पंचायत, रायपुर के अभनपुर नगर पंचायत, बिलासपुर के बोदरी नगर पंचायत, बलौदाबाजार-भाटापारा के सिमगा नगर पंचायत और बलरामपुर-रामानुजगंज के रामानुजगंज को भी नगर पालिका के रूप में उन्नयन किया गया है।
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*कलेक्टर बिलासपुर के निर्देश पर की गई बड़ी कार्रवाई*
बिलासपुर/ग्राम कोटवार द्वारा अपनी कोटवारी जमीन बेचने तथा रास्ते पर कब्जा करने संबंध में कलेक्टर से ग्रामीणों ने शिकायत की। जिस पर कलेक्टर बिलासपुर अवनीश शरण ने जांच कर त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए । जांच के बाद मामला सही पाए जाने पर कोटवार को बर्खास्त कर दिया गया है।
बेलतरा तहसील अंतर्गत ग्राम बसहा में ग्राम कोटवार के पद पर संतोष कुमार गंधर्व पिता सुधोराम पदस्थ था। अनुविभागीय अधिकारी पीयूष तिवारी के निर्देश पर नायब तहसीलदार राहुल साहू ने अ 56 मद में प्रकरण दर्ज कर सुनवाई के बाद बर्खास्तगी आदेश जारी किया है।नायब तहसीलदार राहुल साहू ने ग्राम कोटवार बसहा संतोष कुमार गंधर्व को नोटिस जारी किया और मामले में जवाब मांगा। नोटिस के जवाब में कोटवार ने बताया कि कोटवारी भूमि से लगी उसकी निजी पैतृक भूमि है। जिसे उसने बेचा है। पैतृक भूमि बेचने पर कोटवारी जमीन बेचने का भ्रम हुआ है।
कोटवार के जवाब का परीक्षण किया गया।और इस मामले में प्रकरण चला कर जानकारी जुटाई गई। प्रकटन में संलग्न दस्तावेजों के अवलोकन और परिशीलन से यह स्पष्ट हुआ कि ग्राम बसहा तहसील बेलतरा स्थित भूमि खसरा नंबर 221/1 रकबा 0.292 हेक्टेयर को संतोष कुमार पिता स्वर्गीय सुधो जाति गाड़ा द्वारा खरीददार धनेश्वर प्रसाद कश्यप पिता राधेश्याम कश्यप के पास विक्रय कर दिया गया है। हल्का पटवारी द्वारा खसरा–1 का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया है। जिसमें ग्राम बसहा तहसील बेलतरा में स्थित उक्त कोटवारी भूमि कोटवार संतोष कुमार पिता सुधोराम के नाम पर दर्ज होना और कोटवारी भूमि को बेचना पाया गया। कोटवार को बर्खास्त कर भूमि को पुनः नौकर के रूप में दर्ज की जाएगी।
कोटवारी भूमि ग्राम नौकर की शासकीय भूमि होती है। छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 230 के कंडिका पांच के अनुसार संतोष कुमार गंधर्व पिता सुधोराम को कोटवारी भूमि बेचने पर बर्खास्त कर दिया गया है। वही कोटवार द्वारा बेजा– कब्जा किए जाने के ग्रामीणों द्वारा की गई शिकायत पर नायब तहसीलदार राहुल साहू ने कहा कि कोटवार रहते शासन के किसी अन्य कार्य में बाधा न उत्पन्न कर सके इसलिए शासन को क्षति पहुंचाने वाले कोटवार को पहले सेवा से पृथक किया गया है। बेजा कब्जा हटाने की कार्रवाई अलग से की जाएगी। -
बिलासपुर/केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण जबलपुर न्यायपीठ जबलपुर मध्य प्रदेश का सर्किट कोर्ट सीटिंग कैंप 6 जनवरी से 10 जनवरी 2025 तक कार्यालय जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण कम्पोजिट बिल्डिंग के पास बिलासपुर में आयोजित है।
- -महिलाओं के बैंक खाते में 651.62 करोड़ रूपए अंतरितरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा महतारी वंदन योजना की 11वीं किस्त की राशि जारी कर दी गई है। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत प्रदेश की पात्र माताओं एवं बहनों को नववर्ष पर लगभग 70 लाख माताओं-बहनों को महतारी वंदन योजना की एक-एक हजार रुपए की सहायता राशि राज्य शासन द्वारा महिलाओं के बैंक खाते में 01 जनवरी 2025 को अंतरित कर दी है। इस योजना में मार्च 2024 से लेकर जनवरी 2025 तक हितग्राही महिलाओं को 11 मासिक किश्तों में 7181 करोड़ 94 लाख रूपए की आर्थिक सहायता दी जा चुकी है।गौरतलब है कि उक्त योजना का शुभारंभ 10 मार्च 2024 को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। राज्य की लगभग 70 लाख हितग्राही महिलाओं को हर माह एक हजार रूपए की आर्थिक सहायता दी जा रही है। महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि की जानकारी के लिए महतारी वंदन योजना का मोबाईल एप भी है. जिसे हितग्राही प्ले स्टोर से डाउनलोड कर अपनी जानकारी देख सकते हैं।महिला एवं बाल विकास से मिली जानकारी के अनुसार माह जनवरी 2025 में कुल 69 लाख 69 हजार 399 हितग्राहियों को 651.62 करोड़ रूपए की राशि का भुगतान उनके बैंक खाते में किया गया। इन हितग्राहियों में से 60 लाख 65 हजार 160 हितग्राहियों को एक हजार रूपए के मान से 606 करोड़ 51 लाख 60 हजार रूपए की सहायता दी गयी है तथा सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त करने वाले 9 लाख 04 हजार 239 महतारियों को 45 करोड़ 10 लाख 76 हजार 400 रूपए इस प्रकार कुल 651 करोड़ 62 लाख 36 हजार 400 रूपए की सहायता राशि जारी की गयी है।
- - छत्तीसगढ़ सरकार को दी 225 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशिरायपुर। /छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण और आधुनिकीकरण के लिए किए गए प्रयासों की केंद्र सरकार ने सराहना की है। छत्तीसगढ़ सरकार की पहल और इसके दूरगामी सकारात्मक प्रभावों को देखते हुए केंद्र सरकार ने राज्य को 225 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की है। छत्तीसगढ़ सरकार को भूमि रजिस्ट्री प्रक्रिया को ऑनलाइन करने और इसे भूमि रिकॉर्ड से जोड़ने के लिए 150 करोड़ रुपये तथा विरासत रजिस्ट्री को डिजिटल कर आम जनता के लिए सर्च सुविधा उपलब्ध कराने के लिए 75 करोड़ रुपये दिए गए हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा है कि केंद्र सरकार द्वारा राज्य में भू-अभिलेखों के डिजिटलीकरण कार्य की सराहना और इसके लिए दी गई प्रोत्साहन राशि हमारे लिए उत्साहवर्धक है। यह राशि हमारे डिजिटलीकरण प्रयासों को और तेज करेगी, जिससे नागरिकों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ सुगमता से प्राप्त हो सकेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि अभिलेखों के डिजिटलीकरण के तहत भू-आधार (विशिष्ट भूमि पार्सल पहचान संख्या) जारी करने, कैडेस्ट्रल नक्शों का सर्वेक्षण और डिजिटलीकरण तथा कृषक रजिस्ट्री तैयार करने का कार्य किया जा रहा है। इससे किसानों को बैंकिंग सेवा, ऋण और सरकारी योजनाओं का सहजता से लाभ मिलेगा। शहरी क्षेत्रों में ईज ऑफ लिविंग को बढ़ावा देने के लिए जीआईएस मैपिंग के माध्यम से भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण किया जा रहा है। यह प्रक्रिया शहरी नियोजन में पारदर्शिता और दक्षता सुनिश्चित करने के साथ ही मास्टर प्लान तैयार करने में सहायता करेगी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि भूमि रिकॉर्ड डिजिटलीकरण परियोजना छत्तीसगढ़ के ग्रामीण और शहरी नागरिकों को सशक्त बनाने के साथ ही राज्य में विकास कार्यों को नई दिशा प्रदान करेगी। केंद्र सरकार द्वारा मिली यह सराहना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है और इस प्रोत्साहन राशि का उपयोग नागरिकों के जीवन को सरल और सुविधाजनक बनाने में किया जाएगा।
- -शासन की जनहितकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन के दिए निर्देशरायपुर / महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सक्ती जिले के कलेक्ट्रेट के सभाकक्ष में सभी विभागों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने जिले में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न जनहितकारी योजनाओं का जमीनी स्तर पर बेहतर क्रियान्वयन करते हुए आमजन को ज्यादा से ज्यादा लाभान्वित कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने विभागीय अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न ग्राम पंचायतों में जाकर स्व-सहायता समूह को स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य कार्यों के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए है।समीक्षा बैठक में सांसद लोकसभा क्षेत्र जांजगीर-चांपा श्रीमती कमलेश जांगड़े, पूर्व विधायक डॉक्टर खिलावन साहू, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती विद्या सिदार, जिला पंचायत सदस्य श्री टिकेश्वर गबेल, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी श्री अमृत विकास तोपनो, पुलिस अधीक्षक सुश्री अंकिता शर्मा सहित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने समीक्षा बैठक में सक्ती जिले में अब तक किये गए पौधरोपण के कार्यों की जानकारी लेते हुए रोपित किये गए पौधों की देख रेख करने के निर्देश दिए। मंत्री ने समीक्षा बैठक में जिले के विभिन्न ग्रामों में मनरेगा अंतर्गत कौन-कौन से कार्य चल रहे है तथा कितने लोगों को मनरेगा अंतर्गत कार्य उपलब्ध कराया गया है की विस्तारपूर्वक जानकारी ली। श्रीमती राजवाड़े ने जिले के किसानों को धान के बदले अन्य फसल लेने के लिए कृषि विभाग के मैदानी अमलांे द्वारा जमीनी स्तर पर जागरुक करते हुए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। उन्होंने खाद्य अधिकारी से धान खरीदी कार्याे की जानकारी ली। जिले में बारदानो की उपलब्धता, धान उठाव की स्थिति, संग्रहण केन्द्रों की भण्डारण क्षमता, छत्तीसगढ़ सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत जारी किये गए राशनकार्ड की संख्या सहित अन्य कार्यों की विस्तारपूर्वक जानकारी लेते हुए सुव्यवस्थित रूप से धान खरीदी कार्य कराये जाने के निर्देश दिए। उन्होंने जिले में विभिन्न निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण करने के निर्देश दिए।मंत्री ने समीक्षा बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग अंतर्गत पूरक पोषण आहार कार्यक्रम, गर्भवती महिलाओ की संख्या, शिशुवती माताओं की संख्या, मुख्यमंत्री बाल संदर्भ योजना, पोषण पुनर्वास केंद्र, नोनी सुरक्षा योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सुकन्या समृधि योजना सहित अन्य विभिन्न विभागीय योजनाओं व कार्यों की विस्तार से जानकारी ली। मंत्री ने सक्ती जिले में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिका भर्ती प्रक्रिया के वर्तमान स्थिति की जानकारी ली तथा उक्त भर्ती प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता और उचित ढंग से नियमानुसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने महतारी वंदन योजना के लक्ष्य और उसके विरुद्ध किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली। मंत्री ने महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारी को जिले के आंगनबाड़ी केन्द्रों की व्यवस्थाए अच्छी रखने तथा आंगनबाड़ी केन्द्रों में आने वाले बच्चों को नैतिक शिक्षा देने कहा।मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कृषि विभाग, स्वास्थ्य विभाग, शिक्षा विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग सहित अन्य विभागों के योजनाओं की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ सभी जरूरतमंद को मिले।
- बिलासपुर। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मुंगेली में आगर खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को चेक और चौबी सौंपी। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना के चार हितग्राहियों को आवास की प्रतीकात्मक चाबी, पीएम स्वनिधि योजना के दो हितग्राहियों को 10-10 हजार रुपए का चेक, तीन सफाई कामगारों को पीपीई किट, मुख्यमंत्री स्वावलंबन योजना के तहत हितग्राही को दुकान की चाबी, एनयूएलएम के अंतर्गत स्वसहायता समूह को एक लाख रुपए का चेक और श्री सुरेंद्र कुम्हार को अनुकंपा नियुक्ति प्रमाण पत्र प्रदान किया। श्री साव ने कार्यक्रम में शिक्षक संघ के वार्षिक कैलेंडर का विमोचन भी किया।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि हमारी सरकार हमने बनाया है, हम ही सवारेंगे की तर्ज पर विकास की दिशा में लगातार आगे बढ़ रही है। पिछले एक वर्षों में अलग-अलग योजनाओं से अलग-अलग मद से प्रदेश के 180 नगरीय निकायों को सात हजार करोड़ रुपए से अधिक की राशि प्रदान की गई है। मोदी की हर एक गारंटी को पूरा करने का काम किया जा रहा है। हमने सरकार बनते ही 18 लाख पीएम आवास स्वीकृत किए। आठ लाख से अधिक हितग्राहियों के खाते में आवास की पहली किस्त प्रदान की जा चुकी है। शहरों में भी हम तेज गति से प्रधानमंत्री आवास बना रहे हैं। हमने किसानों से दो साल का पुराना बोनस देने का वादा किया था और 25 दिसम्बर 2023 को सुशासन दिवस पर हमने 12 लाख से अधिक किसानों के खाते में 3700 करोड रुपए से अधिक की राशि अंतरित किया। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत हमारी माताओं को प्रतिमाह एक हजार के मान से 11 किस्त प्रदान की जा चुकी है। 70 लाख माताओं और बहनों के खाते में योजना के अंतर्गत प्रतिमाह 1000 रुपए प्रदान किया जा रहा है। किसानों से 3100 रुपए प्रति क्विंटल की दर से धान खरीदी की जा रही है। पीएससी घोटाले की जांच सीबीआई द्वारा की जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई भी की जा रही है।विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले ने कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि गांवों और शहरों में विकास का कार्य तेज गति से हो रहा है। प्रदेश नए उत्साह और नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रहा है। सरकार बनने के पहले जितना वादा किया गया था, उसे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में लगातार पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने मुंगेली नगर पालिका के अंतर्गत विभिन्न विकास कार्यों की सौगात के लिए जिलेवासियों को बधाई दी। मुंगेली नगर पालिका के अध्यक्ष श्री संतुलाल सोनकर और कलेक्टर श्री राहुल देव ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, वनमण्डलाधिकारी श्री संजय यादव और जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय भी कार्यक्र में मौजूद थे।
- -तीन ठिकानों में दबिश देकर 327 क्विंटल धान किया बरामदबिलासपुर, /संयुक्त टीम ने आज फिर 3 ठिकानों पर दबिश देकर अवैध रूप से भंडारित 327 क्विंटल धान जब्त किया। जब्त धान की कीमत 10 लाख रुपए से ज्यादा की है। कलेक्टर के निर्देश पर कोचियों और दलाल किस्म के लोगों पर कार्रवाई लगातार जारी है। राजस्व, खाद्य और मंडी के अधिकारी मिलकर कार्रवाई को अंजाम दे रहे हैं। मॉल जब्त होने के साथ साथ परिवहन करते गाड़ियों पर भी कठोर कार्रवाई की जा रही है। बताया गया कि भोले भाले किसानों को झांसे में लेकर इस धान को खपाने की मंशा थी। उसके पहले वे पकड़ा गए।जिला खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया ने बताया कि तहसील बेलगहना के ग्राम कुसुमखेड़ा में राजस्व एवं मण्डी विभाग के अधिकारियों द्वारा जॉच अभियान चलाया गया। जाँच के दौरान ग्राम कुसुमखेड़ा में सेवक राम धृतलहरे पिता मंगल सिंह के घर पर 180 बोरी धान ( लगभग 72 क्विंटल) अवैध रूप से भण्डारण किया जाना पाया गया। उपरोक्तानुसार धान की मण्डी अधिनियम के तहत् जब्त कर कार्रवाई की गई। तहसील बेलगहना के ही ग्राम कोनचरा में राजस्व एवं मण्डी विभाग के अधिकारियों द्वारा संयुक्त रूप से जॉच अभियान चलाया गया। जाँच के दौरान ग्राम कोनचरा में जीतू गुप्ता पिता विजय कुमार गुप्ता के घर पर 50 क्विंटल धान अवैध रूप से भण्डारण किया जाना पाया गया। उपरोक्तानुसार धान की मण्डी अधिनियम् के तहत् जप्त की गई। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी कोटा के नेतृत्व में विकासखण्ड कोटा में जॉच के दौरान श्रीराम राईस मिल में 513 कट्टी (205 क्विंटल) धान के संबंध में मण्डी शुल्क प्रस्तुत नहीं करने के कारण उपरोक्तानुसार धान की मण्डी अधिनियम् के तहत् जप्त की कार्यवाही की गई। भविष्य में भी इसी प्रकार अवैध धान विकय, परिवहन एवं व्यापार पर इसीप्रकार कार्यवाही जारी रहेगी।
- -लिंगियाडीह वेयर हाउस गोदाम का किया निरीक्षण-बिरकोना में 9 किसानों का टोकन लेकर धान बेचने पहुंचा था पूर्व प्रबंधक-संचालक ने दिए जांच एवं सत्यापन के निर्देशबिलासपुर /खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के संचालक जितेंद्र शुक्ला ने आज जिले का दौरा कर धान खरीदी और पीडीएस प्रणाली के कार्यों का निरीक्षण किया गया। खाद्य संचालक श्री शुक्ला ने लिंगियाडीह स्थित छ०ग० स्टेट वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन के गोदाम का निरीक्षण किया गया। गोदाम में भण्डारित चावल की गुणवत्ता का निरीक्षण किया। गोदाम में भण्डारित 02 माह के सार्वजनिक वितरण प्रणाली के चावल की उपलब्धता का निरीक्षण किया गया। गोदाम में उपलब्ध चावल शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप एवं गोदाम से संलग्न उ०मू० दुकान अनुसार 02 माह के सार्वजनिक वितरण प्रणाली चावल का भंडारित होना पाया गया।श्री शुक्ला इसके बाद सेन्दरी पहुंचे और धान उपार्जन केन्द्र का निरीक्षण किया गया। आज की स्थिति में उपार्जन केन्द्र में उपार्जित धान की मात्रा 39,585 क्विंटल, जारी डी०ओ० की मात्रा 22160 क्विंटल एवं उपार्जन केन्द्र में उठाव 56 प्रतिशत होना पाया गया। केन्द्र में धान विक्रय करने हेतु आये किसानों से चर्चा की गई। रैण्डम रूप से बोरो का तौल कर वजन की जाँच की गई। आर्द्रतामापी यंत्र द्वारा नमी की मात्रा की जाँच की गई, जो कि निर्धारित मानकों के अनुरूप पाया गया। शासन द्वारा निर्धारित गुणवत्ता के अनुरूप धान उपार्जन करने के निर्देश केन्द्र प्रबंधक और प्रभारी को दिये गए।धान उपार्जन केन्द्र बिरकोना का भी निरीक्षण किया गया। वर्तमान में उपार्जन केन्द्र में उपार्जित धान की मात्रा 28,532 क्विंटल, जारी डी०ओ० की मात्रा 17,500 क्विं० एवं उपार्जन केन्द्र में उठाव का प्रतिशत 61.33 होना पाया गया। उपार्जन केन्द्र बिरकोना में विगत खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में 2388 क्विंटल धान (5.7 प्रतिशत) का शॉर्टेज था। कलेक्टर महोदय द्वारा विगत वर्ष केन्द्र में पदस्थ प्रबंधक एवं समस्त स्टॉक को हटाए जाने के निर्देश दिये जाने के पश्चात् प्रबंधक को हटाते हुए पूर्व वर्ष में पदस्थ लिपिक को ही प्रबंधक का प्रभार सौंपा जाना पाया गया।निरीक्षण के दौरान विगत वर्ष के प्रबंधक देवारी लाल यादव पिता कार्तिक राम यादव मौके पर उपस्थित पाये गये। उनके द्वारा 09 कृषकों का टोकन प्राप्त किया गया था, जो निम्नानुसार कृषको के थे - नंद किशोर, रामधन, कृष्ण कुमार द्विवेदी, अमित द्विवेदी, ईश्वर प्रसाद बरेठ, सुशीला रूद्रकर, आनंद यादव, बहोरन पिता विजय तथा मिलिंद पिता नंदकिशोर। पूर्व प्रबंधक द्वारा बताया गया है कि वे उपरोक्त कृषकों के रकबे में अधिया/रेगहा का कार्य सम्पादित करते है। खाद्य विभाग एवं विपणन संघ के कर्मचारियों को उपार्जन केन्द्र बिरकोना के तत्काल भौतिक सत्यापन पूर्ण करने के निर्देश दिये गये हैं।
- -धान का उठाव 1,85,929.31 मीट्रिक टनदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले के 87 सहकारी समितियों के अंतर्गत 102 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 85023 किसानों से 4,08,202.80 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है।जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से प्राप्त जानकारी अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य 31 जनवरी 2025 तक किया जाएगा। धान उठाव के लिए 3,48,751.84 मीट्रिक टन धान के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है। अब तक 1,85,929.31 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।
- -राज्य में बीते साल अस्तित्व में आए नौ नए नगरीय निकाय, सात नगर पंचायतों का नगर पालिका में उन्नयनरायपुर . ।छत्तीसगढ़ में पिछले साल जनवरी से दिसम्बर के बीच नौ नए नगरीय निकायों का गठन किया गया है। राज्य शासन ने इस दौरान सात नगर पंचायतों का नगर पालिका के रूप में उन्नयन भी किया है। स्थानीय रहवासियों की मांगों पर राज्य शासन ने संवेदनशीलतापूर्वक विचार करते हुए जन-आकांक्षाओं को पूरा करने नए नगरीय निकायों के गठन को मंजूरी दी है। इससे उभरते शहरों के रूप में विकसित हो रहे कस्बों में शहरी सुविधाएं जुटाने के कामों को और गति मिलेगी। राज्य में पिछले वर्ष गठित नगरीय निकायों को मिलाकर अब कुल 192 नगरीय निकाय हो गए हैं। इनमें 14 नगर निगम, 54 नगर पालिका और 124 नगर पंचायत शामिल हैं। Iमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य की कस्बाई आवादी की मांग और उभरते शहरों के अनुरूप अधोसंरचनात्मक विकास को गति देने बीते कैंलेडर वर्ष 2024 में नौ नए नगर पंचायतों का गठन किया गया है। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव की पहल पर स्थानीय जन-आकांक्षाओं को पूर्ण करने तथा उन्हें मूर्त रूप देने नए नगरीय निकायों के गठन तथा ज्यादा आबादी वाले नगर पंचायतों के नगर पालिकाओं में उन्नयन की त्वरित कार्यवाही की गई है।जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों की मांग पर वर्ष-2024 में जनवरी से दिसम्बर के बीच राजनांदगांव जिले के लाल बहादुर नगर और घुमका, मुंगेली के जरहागांव, कोरिया के पटना, बेमेतरा के कुसमी, गरियाबंद के देवभोग, सूरजपुर के शिवनंदनपुर, जांजगीर-चांपा के बम्हनीडीह और बालोद जिले के पलारी को नगर पंचायत बनाया गया है। वहीं जन-आकांक्षाओं को देखते हुए गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के गौरेला नगर पंचायत और पेंड्रा नगर पंचायत का नगर पालिका के रूप में उन्नयन किया गया है। इनके साथ ही मुंगेली जिले के लोरमी नगर पंचायत, रायपुर के अभनपुर नगर पंचायत, बिलासपुर के बोदरी नगर पंचायत, बलौदाबाजार-भाटापारा के सिमगा नगर पंचायत और बलरामपुर-रामानुजगंज के रामानुजगंज को भी नगर पालिका के रूप में उन्नयन किया गया है।
- - बिलासपुर जिले में अब तक 2000 से अधिक वय वंदन कार्ड बनाए गएरायपुर ।देश में 70 वर्ष और उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत विशेष स्वास्थ्य सहायता प्रदान की जा रही है। आयुष्मान वय वंदन कार्ड के माध्यम से बुजुर्गाे को यह स्वास्थ्य सेवा दी जा रही है जिसके तहत उन्हें 5 लाख रूपए की चिकित्सा सहायता प्राप्त होगी। बुजुर्गाे ने इस योजना को वरदान बताया है और प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री का आभार जताया है।बुजुर्ग श्री झाडूराम कश्यप ने बताया कि उनकी उम्र 77 वर्ष हो गई है और यह योजना हम जैसे बुजुर्गाे के लिए वरदान है। उम्र के इस पड़ाव पर हमें अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझना पड़ता है। सरकार की इस संवेदनशील पहल से उन जैसे लाखों बुजुर्गाे को राहत मिल रही है। 5 लाख की स्वास्थ्य सहायता मिलने से अब उनकी अस्पताल के खर्चाे की चिंता समाप्त हो गई है। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया।बिलासपुर के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रमोद तिवारी ने बताया कि इस नई योजना के तहत 70 वर्ष और उससे अधिक के सभी नागरिकों का वय वंदन कार्ड बनाया जा रहा है जिससे उन्हें 5 लाख रूपए तक के इलाज की सुविधा मिलेगी। जिन वरिष्ठ नागरिकों का नाम पहले से आयुष्मान कार्ड में दर्ज है उन्हें इस योजना के तहत दोबारा पंजीकरण कराना होगा। पंजीयन के लिए नागरिकों को अपना आधार कार्ड प्रस्तुत करना होगा जिससे उनकी आयु का सत्यापन किया जा सके। पंजीयन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद वरिष्ठ नागरिकों को आयुष्मान वय वंदन कार्ड जारी किया जाएगा जिससे पंजीकृत स्वास्थ्य केन्द्रों में उन्हें 5 लाख रूपए तक की स्वास्थ्य सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि जिले में वय वंदन कार्ड बनाने का कार्य तेजी से जारी है। सामुदायिक केन्द्रों, च्वाईस सेंटर और विशेष शिविर के साथ ही स्वास्थ्य कर्मी घर-घर जाकर वय वंदन कार्ड बना रहे हैं। जिले में अब तक 2000 से अधिक कार्ड बनाए जा चुके हैं।डॉ. तिवारी ने बताया कि योजना का लाभ उठाने के लिए वरिष्ठ नागरिक अपना आधार कार्ड लेकर नजदीकी लोक सेवा केन्द्र (च्वाईस सेंटर), सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र या प्राथमिक केन्द्र में जाकर भी निःशुल्क पंजीकरण करा सकते हैं। योजना के विषय में अधिक जानकारी या सहायता के लिए टोल फ्री नंबर 104 पर संपर्क किया जा सकता है।
- -कृषि मंत्री ने कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2025 का किया विमोचनरायपुर, ।कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने आज यहां नया रायपुर स्थित अपने निवास कार्यालय में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2025 का विमोचन किया। कृषि मंत्री ने कहा कि कृषि दर्शिका में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्यों के साथ ही नवीनतम कृषि प्रौद्योगिकी तथा किसानों के लिए केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारियों को शामिल किया गया है। यह कृषि दर्शिका किसानों के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि कृषि विश्वविद्यालय छत्तीसगढ़ के किसानों के हित में इसी प्रकार निरंतर प्रयासरत रहे। मंत्री श्री नेताम ने कृषि दर्शिका के प्रकाशन हेतु इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल एवं उनके सहयोगियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल ने कृषि मंत्री को विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका 2025 के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित कृषि दर्शिका में छत्तीसगढ़ राज्य की सामान्य जानकारी, कृषि क्षेत्रफल, प्रमुख कृषि फसलों, उनकी उत्पादन तकनीक, कृषि विश्वविद्यालय द्वारा किये जा रहे अनुसंधान एवं विस्तार कार्य योजनाओं, गतिविधियों एवं उपलब्धियों की जानकारी शामिल किया गया है। दर्शिका में विभिन्न खरीफ एवं रबी फसलों जिनमें अनाज, दलहन, तिलहन, लघु धान्य फसलें, चारा फसलें, औषधीय एवं सुगंधित फसलें तथा फल, फूल एवं सब्जी वाली फसलों की उन्नत कृषि कार्यमाला प्रकाशित की जाती है। इसके साथ ही कृषि विश्वविद्यालय की विगत वर्ष की गतिविधियों एवं उपलब्धियों, विश्वविद्यालय द्वारा विकसित विभिन्न फसलों की उन्नत किस्मों तथा विश्वविद्यालय द्वारा विकसित एवं प्रसारित कृषक उपयोगी प्रौद्योगिकी की जानकारी भी प्रकाशित की जाती है। विभिन्न फसलों के प्रमुख कीट एवं प्रमुख रोग तथा उनका प्रबंधन भी शामिल किया जाता है। इसके साथ ही केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा किसानों के लिए संचालित विकास एवं कल्याण योजनाओं, उनके तहत दी जाने वाली सुविधाओं एवं अनुदान के संबंध में जानकारी दी जाती है। कृषि दर्शिका में कृषि विश्वविद्यालय, कृषि तथा संबंधित विभागों एवं किसानों के लिए उपयोगी अन्य संपर्क सूत्रों की जानकारी भी प्रकाशित की गई है। विमोचन समारोह में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के निदेश विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा, डॉ. नीता खरे, डॉ. ज्योति भट्ट, डॉ. दीप्ति झा एवं संजय नैयर उपस्थित थे।
- -साढ़े पांच करोड़ की लागत से बनने वाले नवीन नगर पालिका भवन का हुआ भूमिपूजन-उप मुख्यमंत्री श्री साव ने 25 करोड़ रुपए के नए कार्यों की भी घोषणा कीरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने आज मुंगेली में 36 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। उन्होंने जिला मुख्यालय मुंगेली के आगर खेल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में पांच करोड़ 43 लाख रुपए से अधिक के कार्यों का लोकार्पण किया। इनमें 17 लाख 56 हजार रुपए की लागत से गुरु घासीदास, महाराणा प्रताप एवं महावीर चौक का सौंदर्यीकरण, एक करोड़ 79 लाख 34 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-1 से वार्ड क्रमांक-22 में 37 स्थानों पर सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य, 25 लाख छह हजार रुपए की लागत से पौनी-पसारी परिसर का निर्माण कार्य, एक करोड़ 44 लाख 46 हजार रुपए की लागत से आठ स्थानों पर ट्यूबलर पोल स्थापना कार्य और 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत एक करोड़ 76 लाख 79 हजार रुपए की लागत से विभिन्न वाहनों के क्रय शामिल हैं।विधायक श्री पुन्नू लाल मोहले भी कार्यक्रम में शामिल हुएउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में मुंगेली शहर के लिए 25 करोड़ रुपए से अधिक के नए विकास कार्यों की घोषणा की। उन्होंने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि आज गौरवशाली और ऐतिहासिक पल है। मुंगेली शहरवासियों के लिए 36 करोड़ रुपए से अधिक के लागत के कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन हुआ है। श्री साव ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में तेज गति से विकास कार्य किए जा रहे हैं। मुंगेली की जनता को मांगने की जरूरत नहीं है। वे मुंगेली की आवश्यकताओं को भली-भांति जानते हैं। मुंगेली का बहुत पुराना व गौरवशाली इतिहास रहा है। उसके गौरव के अनुरूप मुंगेली की तरक्की हो, उसके लिए हरसंभव कार्य करेंगे।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने आज मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के लिए 31 करोड़ 35 लाख रुपए से अधिक के निर्माण कार्यों का भूमिपूजन किया। इनमें पांच करोड़ 50 लाख रुपए की लागत का नवीन नगर पालिका भवन एवं पार्किंग निर्माण कार्य, चार करोड़ 30 लाख रुपए की लागत से गौरव पथ उन्नयन एवं सौंदर्यीकरण कार्य, 45 लाख रुपए की लागत से विवेकानंद की मूर्ति का सौंदर्यीकरण कार्य, तीन करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से स्वीमिंग पुल निर्माण कार्य, तीन करोड़ रुपए की लागत से पांच स्थानों पर स्वागत द्वार निर्माण कार्य, एक करोड़ 50 लाख रुपए की लागत से बुधवारी बाजार उन्नयन कार्य, दो करोड़ रुपए की लागत से पुष्प वाटिका उन्नयन कार्य, छह लाख 24 हजार रुपए की लागत से परशुराम चौक का सौंदर्यीकरण एवं निर्माण कार्य, 48 लाख 13 हजार रुपए की लागत से चौपाटी निर्माण कार्य, आठ लाख 15 हजार रुपए की लागत से वार्ड-11 में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, आठ लाख 15 हजार रुपए की लागत से वार्ड नंबर-20 में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, आठ लाख 15 हजार रुपए की लागत से वार्ड नंबर-22 में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य, 29 लाख 84 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-11 में मुक्तिधाम उन्नयन कार्य, 48 लाख 32 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-8 में देवांगन समाज मुक्तिधाम निर्माण कार्य, 53 लाख 19 हजार रुपए की लागत से परमहंस वार्ड क्रमांक-6 में डंपिंग यार्ड के समीप बाउंड्रीवाल एवं शेड निर्माण कार्य, 21 लाख 53 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-8 में मुक्तिधाम उन्नयन कार्य, 35 लाख 10 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-12 में मुक्तिधाम में कंपाउंड वाल निर्माण कार्य, 35 लाख 15 हजार रुपए की लागत से वार्ड क्रमांक-20 महाराणा प्रताप वार्ड पेंडाराकापा में मुक्तिधाम उन्नयन कार्य, 14वें वित्त आयोग एवं अधोसंरचना मद के अंतर्गत आठ करोड़ आठ लाख 50 हजार रुपए की लागत से मुंगेली नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड-1 से वार्ड-22 में 107 स्थानों पर सीसी रोड एवं नाली निर्माण कार्य शामिल हैं।मुंगेली में हाइटेक बस स्टैण्ड और नालंदा परिसर बनेगाउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मुंगेली में लोकार्पण-भूमिपूजन कार्यक्रम में 25 करोड़ रुपए से अधिक के नए कार्यों की घोषणा की। उन्होंने मुंगेली में हाइटेक बस स्टैंड के लिए छह करोड़ 20 लाख रुपए और नालंदा परिसर के लिए चार करोड़ 41 लाख रुपए की घोषणा की। श्री साव ने आगर खेल मैदान के जीर्णोद्धार के लिए एक करोड़ 10 लाख रुपए, अधिकारी-कर्मचारी आवास निर्माण एवं अन्य आवश्यक कार्यों के लिए 80 लाख रुपए, भक्त माता कर्मा चौक के निर्माण एवं मूर्ति की स्थापना के लिए 30 लाख रुपए, निरंजन प्रसाद केशरवानी बाल वाटिका मलाई घाट के मुक्तिधाम के लिए 30 लाख रुपए, साहू पारा में सामुदायिक भवन के लिए 25 लाख रुपए, मां परमेश्वरी चौक, परशुराम चौक, गुरू घासीदास चौक जैसे पांच चौकों के सौंदर्यीकरण के लिए 25 लाख रुपए, मां परमेश्वरी चौक देवांगन मुक्तिधाम में हाई मास्क लाइट के लिए 12 लाख रुपए, हीरालाल वार्ड में आगर नदी तट पर शेड निर्माण और मृतक संस्कार हेतु चबूतरा निर्माण के लिए 10 लाख रुपए तथा महाराणा प्रताप पेंडाराकापा में पचरी निर्माण के लिए सात लाख रुपए देने की भी घोषणा की। कलेक्टर श्री राहुल देव, पुलिस अधीक्षक श्री भोजराम पटेल, वनमण्डलाधिकारी श्री संजय यादव, जिला पंचायत के सीईओ श्री प्रभाकर पाण्डेय, मुंगेली नगर पालिका के सीएमओ श्री आशीष तिवारी, नगर पालिका अध्यक्ष श्री संतूलाल सोनकर, उपाध्यक्ष श्री मोहन मल्लाह, पूर्व सांसद श्री लखनलाल साहू और जिला पंचायत की सदस्या श्रीमती दुर्गा उमाशंकर साहू सहित जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में कार्यक्रम में मौजूद थे।
- -रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने शिविर आयोजित-स्वास्थ्य विभाग के कुल 47 अधिकारी /कर्मचारियों ने किया रक्तदानरायपुर । नया रायपुर स्थित स्वास्थ्य भवन में एक दिवसीय स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। रक्तदान शिविर के माध्यम से आमजन के बीच रक्तदान से जुड़ी भ्रांतियों को दूर करने के साथ रक्तदान के प्रति समझ को विकसित करने का प्रयास किया गया ।एक दिवसीय रक्तदान शिविर में आयुक्त सह संचालक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. प्रियंका शुक्ला, मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री विजय दयाराम के., संचालक महामारी नियंत्रण डॉ सुरेन्द्र पामभोई, राज्य नोडल अधिकारी ब्लड सेल डॉ निधि गवालरे व समस्त विभागों के नोडल, उप संचालक व समस्त अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे। इस अवसर पर संचालनालय स्वास्थ्य सेवाएं के स्वैच्छिक रक्तदाता के रूप में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया व कुल 47 यूनिट रक्त संग्रहित किये गए ।रक्तदान शिविर के आयोजन पर आयुक्त डॉ. प्रियंका शुक्ला ने स्वयं भी रक्तदान किया और रक्तदान के संबंध में जानकारी दी कि एक यूनिट रक्त से तीन व्यक्तियों की जान बचाई जा सकती है। कई बार ऐसी स्थिति देखने में आती है, जिसमें खासतौर पर गर्भवती महिलाएं शामिल होती है, जिनके अंदर रक्त की कमी पाई जाती है तथा डिलीवरी के समय उन्हें रक्त की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे समय में आपके द्वारा दिया गया एक यूनिट रक्त बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है। उन्होंने कहा कि रक्तदान करने से लोगों के शरीर में एक नई उर्जा का संचार होता है। रक्तदान के पश्चात 90 दिन के बाद लोगों के शरीर में फिर नया रक्त संग्रह हो जाता है। इसलिए लोगों को रक्तदान करने से कभी घबराना नहीं चाहिये और रक्तदान कर लोगों को जीवन दान देना चाहिए। रक्तदान किसी एक व्यक्ति की जान को तो बचाता ही है बल्कि साथ-साथ में कुछ व्यक्ति के जीवन से जुड़े अन्य परिवारजनों की आशाओं को भी जीवित रखता है, क्योंकि यह किसी भी रक्तदाता को पता नहीं होता कि उसके द्वारा दान किया गया रक्त कितने जरूरतमंद व्यक्ति को मिल रहा है। रक्तदान करने के कई स्वास्थ्यगत लाभ भी हैं। नियमित रूप से रक्तदान करने से आयरन की अतिरिक्त मात्रा नियंत्रित हो जाती है। जो दिल की सेहत के लिए अच्छी है। कई बार मरीजों के शरीर में खून की मात्रा इतनी कम हो जाती है कि उन्हें किसी और व्यक्ति से ब्लड लेने की आवश्यकता पड़ जाती है। ऐसी आपात स्थिति में रक्त की आपूर्ति के लिए लोगों को रक्तदान करने के लिए आगे आकर जरूरतमंदों की मदद की जानी चाहिए।
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*-आगामी 3 वर्षों में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने हेतु अभियान चलाकर किया जाएगा कार्य*
*-बाल विवाह की रोकथाम हेतु प्रशासन जन सामान्य से समन्वय बनाकर करे कार्य -संभाग आयुक्त
*-कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने महिलाओं को शिक्षित एवं सक्षम बनाने की अपील की*
दुर्ग/ मिशन वातसल्य योजना अंतर्गत ’’बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान’’ के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आज लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह के सेमीनार कक्ष में एक दिवसीय संभाग स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में दुर्ग संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी उपस्थित थे।
संभाग आयुक्त श्री एस.एन. राठौर ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं नागरिकों को संबोधित करते हुए कहा बाल विवाह एक सामाजिक कुरीति है। बाल विवाह का दुष्प्रभाव स्वयं के जीवन के साथ-साथ समाज को भी दूषित करता है। संभाग आयुक्त ने अवगत कराया वर्तमान में राज्य में बाल विवाह की दर 12 प्रतिशत है। इस आंकड़े को कम करने के लिए संभाग में हम सबको प्रयास करना है। प्रशासन के समस्त विभाग जैसे स्वास्थ्य विभाग, पुलिस विभाग एवं जन सामान्य को भी समन्वय बनाकर बाल विवाह की रोकथाम हेतु निरंतर प्रयास करना है।
कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा बाल विवाह अर्थात कम उम्र में शादी समाज की प्रगति में बाधा डालती है। बाल विवाह प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से देश की अर्थव्यवस्था को भी प्रभावित करती है। उन्होंने बाल विवाह के दुष्परिणामों से अवगत कराते हुए विशेषरूप से महिलाओं को शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा बालिकाएं जल्द विवाह न करे। सबसे पहले सक्षम बनना आवश्यक है। बेटियां पहले सक्षम बने फिर विवाह करे। अभिभावक बेटियों, बहनों एवं महिलाओं को पढ़ाएं, उन्हे आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करे और समाज की प्रगति में सहयोग करे।
कार्याशाला में महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त संचालक श्री नंदलाल चौधरी ने प्रमुख रूप से प्रशिक्षण दिया। उन्होंने अपने उद्बोधन में कहा शासन प्रशासन बाल विवाह रोकथाम के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है। इसके तहत चरणबद्ध रूप से संभाग स्तरीय उन्मुखीकरण कार्यशाला आयोजित की जा रही है। जिसकी शुरुआत दुर्ग संभाग से की गई है। छत्तीसगढ़ प्रदेश को बाल विवाह मुक्त बनाने के लिए शासन प्रशासन समाज की सहभागिता से अभियान चला कर कार्य कर रही है। हमें लोगों को बाल विवाह एवं उससे होने वाले दुष्परिणाम के बारे में जागरूक करना है। समाज के प्रमुख अपने अपने सामाजिक संगठनों में चर्चा कर जागरूकता लाने का कार्य करे। स्थानीय निकाय विशेष कर ग्राम पंचायत को बाल विवाह मुक्त बनाने का प्रयास करे। कार्याशाला में बाल विवाह से संबंधित अनेक पहलुओं पर चर्चा की गई। युवोदय दुर्ग के दूत स्वयं सेवी टीम द्वारा बाल विवाह जागरूकता के लिए किए गए प्रयासों के बारे में बताया गया।*बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ अभियान-*
प्रदेश में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ की अवधारणा को साकार करने के लिए छत्तीसगढ़ शासन दृढ़ संकल्पित है। इस अभियान को जन आंदोलन का स्वरूप देते हुए बाल विवाह से प्रदेश को मुक्त करने हेतु पंचायत राज संस्थाओं व नगरीय निकाय के जन प्रतिनिधियों, समाज प्रमुखों, स्वयंसेवी संगठनों, महिला समूहों, युवा संगठनों, शासकीय विभागों, गैर-शासकीय संस्थानों एवं आमजनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जायेगी। शासन और समाज की सहभागिता से बाल विवाह के विरुद्ध व्यापक जन समर्थन से आगामी 3 वर्षों में बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ बनाने हेतु इस अभियान को संचालित किया जाना है। सामाजिक जागरूकता एवं गतिशीलता (सोशल मोबीलाइज़ेशन), किशोर सशक्तिकरण (एडोलोसेंट इम्पावरमेंट), मीडिया संवेदीकरण (मीडिया सेंसिटाइज़ेशन), बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के विषय में जागरूकता बढ़ाने जैसी रणनीतियों के अनुसार राज्य, जिला, विकासखंड एवं ग्राम स्तर तक विभिन्न गतिविधियां आयोजित कर व्यापक जन जागरूकता लाने के प्रयास किए जाएंगे। इस़ अभियान के माध्यम से व्यापक जन सहयोग से बच्चों में व्याप्त कुपोषण, शिशु मृत्यु दर एवं मातृ मृत्यु दर को शून्य स्तर तक लाकर कुपोषण के चक्र को तोड़ा जा सकता है। बाल विवाह की सूचना अनुविभागीय दंडाधिकारी, पुलिस थाने में, महिला एवं बाल विकास विभाग के क्षेलीय अधिकारी/कर्मचारी/आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरपंच, कोटवार, चाइल्ड हेल्पलाईन 1098 एवं महिला हेल्पलाईन 181 आदि को दी जा सकती है।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य बाल विवाह रोकथाम अधिनियम 2006 के प्रावधानों के अनुरूप बाल विवाह मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान को प्रभावी बनाना है। बाल विवाह के कुप्रभावों जैसे शिक्षा में बाधा, मानसिक एवं शारीरिक विकास में रुकावट, समयपूर्व गर्भावस्था, शिशु एवं मातृ मृत्यु दर में वृद्धि एवं कुपोषण जैसे गंभीर मुद्दों पर चर्चा की गई। अंत में बाल विवाह रोकथाम संकल्प की शपथ दिलायी गई। शपथ में कहा गया ’’मैं ..संकल्प लेता/लेती हूँ, कि मैं अपने परिवार में कभी भी बाल विवाह नहीं कराऊंगा/कराऊंगी। समाज में बाल विवाह के रूप में व्याप्त बुराई का सदैव विरोध करूँगा करूँगी। मैं बाल विवाह रोकने के लिए आमजनों को जागरूक करने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहूंगा/रहूंगी।’’ प्रशासन का यह प्रयास बाल विवाह रोकने और एक स्वस्थ एवं शिक्षित समाज के निर्माण की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। अभियान को सफल बनाने के लिए समाज के हर वर्ग से सहयोग की अपील की गई है। कार्यक्रम का संचालन महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री आर.के. जाम्बुलकर के नेतृत्व में किया गया। संभाग स्तरीय कार्यशाला में दुर्ग संभाग अंतर्गत सभी जिलों के पुलिस विभाग, जिला पंचायत, स्वास्थ्य विभाग, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग, श्रम और समस्त परियोजना अधिकारी तथा युवोदय-दुर्ग के दूत स्वयं सेवक भी सम्मिलित हुए।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के महापौर परिषद की बैठक गुरूवार को एमआईसी कक्ष में आहूत की गई। जिसकी अध्यक्षता महापौर नीरज पाल, आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय एवं महापौर परिषद के सदस्यो की उपस्थिति में की गई। बैठक में प्रमुख रूप से 14 एजेण्डा पर विस्तृत चर्चा की गई। 1 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं 5 सहायिकाओं की नियुक्ति हेतु महापौर परिषद से अनुमोदन किया गया। निगम के वाहन शाखा हेतु उच्च कुशल, कुशल, अद्र्वकुशल वाहन चालक एवं हेल्फर उपलब्ध कराने का कार्य चर्चा के बाद पारित किया गया। राज्य प्रवर्तित योजना अंतर्गत वर्ष 2020-21 से 2021-22 तक निविदा उपरांत एसओआर से कम के कारण बचत राशि से कार्य कराये जाने की अनुसंशा प्रदान की गई है। इस कार्य हेतु संबंधित अभियंता की तारिफ की गई।
इसी तारतम्य में तुम्हर शहर तुम्हर जिम्मेदारी के तहत नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्रांतर्गत स्थित रामनगर मुक्तिधाम का उन्नयन विकास कार्य एवं रखरखाव कार्य को सलाहकार समिति की बैठक की अनुसंशा के पश्चात पुनः महापौर परिषद में रखे जाने की सहमति बनाई गई है। मिशन अमृत 2.0 अंतर्गत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण कार्य में चर्चा कर पारित किया गया। तालाब की जलकुम्भी सफाई हेतु वीड हारवेस्टर मशीन क्रय किये जाने की आवश्यकता को देखते हुए सर्व सम्मति से पारित किया गया है। नगर पालिक निगम भिलाई जोन कार्यालय जोन क्रं. 03 एवं शिवनाथ विस्तार योजना के मध्य स्थित भूमि के आबंटन कार्य को सलाहकार समिति की बैठक में चर्चा के उपरांत आगामी महापौर परिषद की बैठक में पुनः प्रस्तुत करने को कहा।महापौर नगर पालिक निगम भिलाई एवं आयुक्त नगर पालिक निगम भिलाई हेतु आवास की आवश्यकता को देखते हुए सर्व सम्मति से पारित किया गया। साथ में यह भी चर्चा की गई एक विश्रामगृह निर्माण की भी आवश्यकता है। नगर पालिक निगम भिलाई के संपत्ति की सुरक्षा हेतु सुरक्षागार्ड की सेवांए जारी करने के लिए प्रस्तुत संक्षेपिका के अनुसार सहमति प्रदान की गई। नगर पालिक निगम कार्यालय के स्थान पर चन्द्रा मौर्या अण्डर ब्रिज के पास आंन ग्रिड सोलर प्लांट स्थापना से स्थल पर लगे हुए मोटर में विद्युत प्रवाह की निरंतरता बनी रहे इस हेतु सहमति प्रदान की गई। इससे निगम का विद्युत व्यय का भी बचत होगा। भारत तिब्बत सीमा पुलिस बल में शहीद स्व. संजय गुप्ता के नाम पर सड़क एवन्यू ए सेक्टर 7 का नामकरण करने हेतु वार्ड पार्षद से प्राप्त जानकारी एवं स्थल निरीक्षण उपरांत नामकरण किये जाने की सहमति प्रदान की गई। साथ में 3 और सड़को का नामकरण हेतु सामान्य सभा के माध्यम से अनुमोदन पश्चात प्रस्तावित किया गया। निगम क्षेत्र में स्थित उच्चस्तरीय जलागार में डबल वैल्यू सिस्टम लगाने हेतु आवश्यकता को देखते हुए सहमति प्रदान की गई। इससे यह सुविधा मिलेगी की एक वाल खराब होने के कारण दुसरे वाल का उपयोग किया जा सकता है जिससे नगर वासियो को शुद्व पेयजल प्रदाय की निरंतरता बनी रहे। चर्चा के दौरान यह भी आया कि महापौर निधि के माध्यम से नगर पालिक निगम भिलाई के सभी 70 वार्ड में बैडमिंटन ग्राउण्ड निर्माण कराने की सर्व सम्मति से पारित हुआ था। कुछ वार्ड ऐसे है जहां पर पहले से ही बैडमिंटन ग्राउण्ड है या कुछ वार्ड में उपयुक्त स्थल नहीं होने के कारण बैडमिंटन ग्राउण्ड नहीं बन पाया। बैडमिंटन कोर्ट नहीं बनने से जो बचत राशि है उस राशि से जोन स्तर पर बेहतर रूप से बैडमिंटन कोर्ट का निर्माण किया जाये।बैठक में महापौर परिषद के सदस्य सीजू एन्थोनी, साकेत चंद्रकार, आदित्य सिंह, मन्नान गफ्फार खान, चंद्रशेखर गंवई, एकांश बंछोर, संदीप निरंकारी, केशव चैबे, मालती ठाकुर, रीता सिंह गेरा, नेहा साहू सहित निगम के उपायुक्त नरेन्द्र कुमार बंजारे, जोन आयुक्त येशा लहरे, अजय सिंह राजपूत, सतीश कुमार यादव, कुलदीप गुप्ता, लेखाधिकारी चंद्रकांत साहू, अभियंतागण, एवं विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।












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