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- रायपुर । प्रदेश के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज परिवहन कार्यालय, कबीरधाम में राज्य का पहला सड़क सुरक्षा अनुभव कक्ष का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि यह कक्ष मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए किए जा रहे प्रयासों की एक कड़ी है। उन्होंने कहा कि कबीरधाम जिला प्रदेश का पहला जिला है जहां इस प्रकार का अनुभव कक्ष स्थापित किया गया है। इस उद्घाटन समारोह में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कक्ष के सभी पहलुओं का अवलोकन किया और इसकी कार्यप्रणाली पर विस्तार से जानकारी ली। सड़क सुरक्षा अनुभव कक्ष का उद्देश्य नागरिकों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना है। इस कक्ष में विभिन्न प्रकार की सड़क सुरक्षा संबंधित जानकारी और सामग्री प्रस्तुत की गई है, जिसमें वाहन चालकों को दुर्घटनाओं से बचने के उपाय, ट्रैफिक नियमों के पालन और सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में बताया गया है। कक्ष में विभिन्न वर्चुअल अनुभव, वीडियो और मॉडल्स के जरिए सड़क सुरक्षा को समझने का एक आकर्षक तरीका अपनाया गया है।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि बचपन से ही हमें सही और गलत का भेद सिखाया जाता है। माताओं की भूमिका बच्चों को जीवन के उचित और अनुचित कार्यों के प्रति जागरूक करने में महत्वपूर्ण होती है। इसी प्रकार यह सत्र समाज में सुरक्षा और नियमों के प्रति एक सकारात्मक सोच विकसित करेगा। उन्होंने कार्यक्रम के सफल क्रियान्वयन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रक्रिया को निरंतर जारी रखा जाए, ताकि हर व्यक्ति सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक हो सके। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने सड़क सुरक्षा अनुभव कक्ष के शुभारंभ में कहा कि अब ड्राइविंग लाइसेंस बनाने आने वाले व्यक्तियों को एक विशेष ऑडियो, वीडियो सत्र से गुजरना होगा। यह सत्र आवेदनकर्ताओं को ट्रैफिक नियमों और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा कि इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक व्यक्ति ट्रैफिक नियमों, चालान प्रक्रिया और सुरक्षित वाहन संचालन के महत्व को गहराई से समझे। ऑडियो, वीडियो सत्र पूरा करने के बाद प्रतिभागियों को एक प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा। यह प्रमाण पत्र यह दर्शाएगा कि उन्होंने सड़क सुरक्षा के नियमों को समझ लिया है। यह सत्र लोगों को सड़क पर सही निर्णय लेने और सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता देने के लिए प्रेरित करेगा। इससे न केवल ट्रैफिक नियमों के पालन में सुधार होगा, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं की संख्या भी कम होगी। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि विभागीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और जागरूकता बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया गया है। यह सुनिश्चित करेगा कि ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करने वाला हर व्यक्ति सड़क पर जिम्मेदारी से वाहन चलाए। उन्होंने कहा कि संपूर्ण छत्तीसगढ़ में इस प्रक्रिया की शुरुआत कवर्धा से की गई है। इसे पूरे राज्य में लागू किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को लाभ मिले।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा के समक्ष उस समय कार्यालय में लाईसेंस बनवाने के लिए आए नागरिकों ने भी सड़क सुरक्षा अनुभव कक्ष का अवलोकन किया और वहां उपलब्ध जानकारी का लाभ लिया। उन्होंने कहा कि इस कक्ष की स्थापना से न केवल स्थानीय नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता मिलेगी। इस उद्घाटन के साथ ही कबीरधाम जिला एक कदम और आगे बढ़ा है, जहां सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता के साथ-साथ सुरक्षा उपायों को प्राथमिकता दी जा रही है।
- रायपुर । राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में पंडित रविशंकर शुक्ला विश्वविद्यालय रायपुर के कुलपति प्रो. सच्चिदानंद शुक्ला एवं अटल बिहारी बाजपेयी विश्वविद्यालय बिलासपुर के कुलपति आचार्य अरूण दिवाकर नाथ बाजपेयी ने भेंट कर नववर्ष की शुभकामनाएं दी और विश्वविद्यालयों की गतिविधियों से अवगत कराया। श्री डेका ने भी उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दीं।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में रायपुर उत्तर क्षेत्र के विधायक श्री पुरंदर मिश्रा और धरसींवा क्षेत्र के विधायक श्री अनुज शर्मा ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्यपाल श्री डेका को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। श्री डेका ने भी उन्हें नववर्ष की शुभकामनाएं दी।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में प्रकृति की ओर संस्था के अध्यक्ष श्री मोहन वरल्यानी के नेतृत्व में पदाधिकारियों ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को नेहरू-गांधी उद्यान रायपुर में आयोजित होने वाले तीन दिवसीय फ्लावर शो के लिए आमंत्रित किया। साथ ही बांस के कपड़े से बना तौलिया भेंट किया। राज्यपाल ने पर्यावरण और प्रकृति के संरक्षण के लिए संस्था के द्वारा किए जा रहे कार्याे की सराहना की। इस अवसर पर संस्था के श्री निर्भय धारीवाल, श्री जयेश पिटालिया और डॉ. अनिल चौहान भी उपस्थित थे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से आज राजभवन में मुख्य सचिव छत्तीसगढ़ शासन श्री अमिताभ जैन, पुलिस महानिदेशक श्री अशोक जुनेजा और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री व्ही. श्रीनिवास राव ने सौजन्य भेंट की। उन्होंने राज्यपाल को नववर्ष की शुभकामनाएं दी। श्री डेका ने भी उन्हें नववर्ष की बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। श्री डेका ने इन अधिकारियों से केन्द्र शासन की फ्लैगशीप योजनाओं, राज्य शासन की योजनाओं की प्रगति, प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति आदि के संबंध में भी जानकारी ली।
- -जगदलपुर में श्री वेदमाता गायत्री महाविद्यालय का भूमिपूजन-मुख्यमंत्री ने संस्था के विकास हेतु 50 लाख रुपए देने की घोषणा कीरायपुर । कोई भी देश तभी मजबूत रह सकता है जब उसकी बुनियाद मजबूत हो। हमारे देश की बुनियाद हमारी सनातन परंपराओं में है। सनातन परंपरा हमें वसुधैव कुटुम्बकं की सीख देती है और देशभक्ति का पाठ पढ़ाती है। अपने देश और राज्य की तरक्की के लिए बहुत जरूरी है कि हम अपनी युवा पीढ़ी को भी सनातन परंपरा के वही संस्कार प्रदान करें जो हमें अपने शिक्षकों और अभिभावकों से मिले हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बस्तर प्रवास के दौरान जगदलपुर के समीप ग्राम कंगोली में श्री वेदमाता गायत्री महाविद्यालय के भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए यह बात कही।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गायत्री मंत्र हमारी सनातन परंपरा का सबसे महत्वपूर्ण मंत्र है। यह मंत्र हमें सन्मार्ग की ओर चलने के लिए प्रेरित करता है। विद्या भारती संस्थान में विद्यार्थियों को श्रेष्ठ शिक्षा के साथ-साथ देशभक्ति के संस्कार भी दिए जा रहे हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि मानव जीवन में शिक्षा का विशेष महत्व है और इसी ध्येय के साथ प्रदेश सरकार शिक्षा के साथ-साथ कौशल विकास पर भी जोर दे रही है। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ में आईआईटी, आईआईएम जैसी उच्च स्तरीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान उपलब्ध हैं। इसके अलावा राज्य में 341 पीएम श्री स्कूल स्थापित किए गए हैं जहां गुणवत्ता युक्त शिक्षा के लिए सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। साथ ही प्रदेश के विद्यार्थियों को जरूरी सुविधाएं और अनुकूल वातावरण प्रदान करने नालंदा परिसर भी बड़े शहरों में स्थापित किए जा रहे हैं। उन्होंने नई शिक्षा नीति और दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए तैयारी के लिए बनाए गए यूथ हॉस्टल के संबंध में भी जानकारी दी। कार्यक्रम को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, वन मंत्री श्री केदार कश्यप, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने भी संबोधित किया।मुख्यमंत्री श्री साय ने विद्याभारती संस्था के विकास के लिए 50 लाख रुपए प्रदान करने की घोषणा भी की। इस अवसर पर लोकसभा क्षेत्र कांकेर के सांसद श्री भोजराज नाग ने विद्याभारती संस्था के प्रदेश में स्थित विभिन्न संस्थाओं के विकास के लिए सांसद निधि से हर वर्ष एक करोड़ रूपए दिए जाने तथा जगदलपुर विधायक श्री किरणदेव सिंह ने जगदलपुर स्थित संस्था के विकास के लिए 10 लाख रूपए की वित्तीय सहायता प्रदाय करने की घोषणा की। कार्यक्रम में संस्था प्रमुख श्री राजबहादुर सिंह राणा, संस्थान के महामंत्री श्री नरेन्द्र तनेजा एवं श्री रामदत्त चक्रधर ने संस्था के उद्देश्यों और गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने सरस्वती शिशु मंदिर परिसर में आयोजित यज्ञ में सम्मिलित होकर वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधानपूर्वक आहुति दी और बस्तर सहित प्रदेशवासियों की प्रगति व खुशहाली के लिए कामना की। उन्होंने प्रांगण में सागौन के पौधे रोपे। इस अवसर पर दंतेवाड़ा विधायक श्री चैतराम अटामी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय के आचार्यगण और बड़ी संख्या में विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र आज निरीक्षण के दौरान आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने देखा कि किराना दुकान के सामने एवं अन्य दुकान के सामने नाली में कचरा डाला गया है ।प्लास्टिक पानी का गिलास, कुरकुरे, चिप्स, गुटका, पान का रैपर आदि का हाथ के पैकेट पानी पाउच नाली में पड़ा था।। जो उसे दुकानदार द्वारा बेचे गए ग्राहकों द्वारा फेंका गया था। वह अपने दुकान के सामने डस्टबिन भी नहीं रखा था। आयुक्त पहले सब साफ करवाये, उसके बाद कार्रवाई के निर्देश दिए। जोन क्रमांक 01 अंतर्गत नाली में कचरा डालने एवं प्रतिष्ठान में डस्टबिन नहीं पाये जाने वालो पर कार्यवाही की गई। वार्ड क्रं. 17 नेहरू भवन एवं वार्ड क्रं 18 कान्ट्रेक्टर कालोनी क्षेत्र का निरीक्षण किये। निरीक्षण के दौरान दुकानदार संचालको द्वारा सिगलयूज प्लास्टिक रखने एवं अनुज्ञप्ति लाईसेंस नहीं रखने वालो पर कार्यवाही की गई। प्रमुख रूप से शासकीय उचित मूल्य दुकान, राजकुमार साहू, आकाश कुमार गुप्ता, अर्जुन साव, देव टेलर्स एवं रूखमणी देवी वालो पर चालानी कार्यवाही करते हुए कुल 4600 रूपये अर्थदण्ड वसूला गया।आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने अधिकारियो को निर्देश दिए है, कि जो भी व्यापारी सिंगलयूज प्लास्टिक में खादय सामग्री विक्रय कर रहे है या व्यवसाय परिसर, फल ठेला के आस-पास गंदगी फैला रहे है या फिर गीला एवं सूखा कचरे को अलग-अलग डस्ट बिन में नही डाल रहे है। उनके पास जाकर उनसे चालानी कार्यवाही कर अर्थदण्ड वसूला जाए। व्यापारियो को बार-बार समझाइस देने के बाद भी कचरा पृथक कर नहीं दे रहे है एवं सिंगलयूज प्लास्टिक पर खादय पदार्थ बेच रहे है, और शहर की साफ-सफाई में जो व्यापारी सहयोग नही कर रहे है। उन पर अर्थदण्ड की कार्यवाही लगातार की जा रही है।
कार्यवाही के दौरान जोन प्रभारी स्वास्थ्य अधिकारी अंकित सक्सेना, कमलेश द्विवेदी, संतोष हरमुख आदि उपस्थित रहे।
- कोरिया / छत्तीसगढ़ के कोरिया जिले के सुदूर गांवों में बिजली पहुंचने की यह कहानी केवल तकनीकी विकास की नहीं है, बल्कि धैर्य, संघर्ष और आशा की जीत का प्रतीक है। यह एक ऐसा अवसर है जो इन गांवों के लोगों की जिंदगी में एक क्रांतिकारी बदलाव लेकर आया है।अंधकार से उजाले तक का सफर1947 में देश को आजादी मिलने के बाद विकास की गंगा देश के हर कोने में बहने लगी। लेकिन कोरिया जिले के तर्रा, बसेर और मेन्द्रा जैसे गांवों को इस गंगा का इंतजार करते-करते 77 वर्ष लग गए। 1997-98 में जब इन गांवों में बिजली के खंभे लगाए गए, तब ग्रामीणों ने सोचा कि अब उनका जीवन भी रोशन होगा। लेकिन वर्षों तक तारों में करंट नहीं दौड़ा। इस दौरान गांव के लोग सौर ऊर्जा या फिर मिट्टी के तेल के दीयों के सहारे जिंदगी गुजारते रहे।मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना: एक नई शुरुआतछत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत इन गांवों को रोशन करने का बीड़ा उठाया। ग्राम तर्रा में 55 लाख रुपए की लागत से 12 किमी 11 केवी और 9 किमी एलटी लाइन बिछाई गई। 3 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 88 घरों को बिजली कनेक्शन मिला। ग्राम बसेर में 1.08 करोड़ रुपए की लागत से 8 किमी 11 केवी और 6 किमी एलटी लाइन का विस्तार हुआ। 7 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 230 घरों में बिजली पहुंची। ग्राम मेन्द्रा में 54 लाख रुपए की लागत से 9 किमी 11 केवी और 6 किमी एलटी लाइन बिछाई गई। 2 ट्रांसफार्मर लगाए गए और 64 घरों में बिजली की सप्लाई शुरू हुई।ग्रामीणों के लिए बदलाव की नई किरणगांवों में बिजली पहुंचने के बाद न केवल रातें रोशन हुईं, बल्कि जीवन की दिशा भी बदली। ग्राम बसेर की छात्रा सुखमतिया ने कहा, "अब मैं देर रात तक पढ़ाई कर सकती हूं। बिजली ने मेरी पढ़ाई को आसान बना दिया है।" सुखमतिया की मां शांति बाई ने खुशी जाहिर करते हुए कहा, "गर्मी में अब पंखा खरीदेंगे। जीवन पहले से आसान और आरामदायक हो जाएगा।" बिजली से गांवों में छोटे व्यवसाय शुरू करने की संभावनाएं भी बढ़ी हैं। बिजली आने से घरों में रोशनी ही नहीं, रोजगार और आय के साधन भी आएंगे।अब अगला लक्ष्य 4जी टॉवरजिले के कलेक्टर चंदन त्रिपाठी ने बताया, "सही योजनाओं के कारण ही इन गांवों में बिजली पहुंच पाई है।" उन्होंने कहा कि, "हमने मार्गों का गहन सर्वेक्षण कराया, सड़कें बनाई गईं और वन विभाग से मदद मांगकर बिजली के खंभे लगाए गए और गांवों में बिजली पहुंचाई गई। शुरुआत में चीजें कठिन थीं क्योंकि यह घने जंगल और सुदूर क्षेत्र था।" एप्रोच रोड भी नहीं था, लेकिन लोगों की इच्छाशक्ति और समाज के विभिन्न तबकों के सहयोग की वजह से सम्भव हुआ है। श्रीमती त्रिपाठी ने कहा कि अगला लक्ष्य उन्हें 4जी बीएसएनएल मोबाइल नेटवर्क दिलाना है।" उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी ने मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना के तहत इन गांवों को रोशन करने का काम अपने हाथ में लिया है। कलेक्टर ने कहा जिन गांवों, पारा-मोहल्ले में बिजली नहीं पहुंची है, वहां भी शीघ्र पहुंचाने कार्य चल रही है। निश्चित ही इन ग्रामीणों के घरों में बिजली कनेक्शन होने से अंधेरे से मुक्ति मिली है।संघर्ष और आशा की कहानीग्राम पंचायत बसेर के सरपंच नाहर सिंह ने बताया कि 1997-98 में जब खंभे लगाए गए थे, तब ग्रामीणों ने कई सपने देखे थे। लेकिन बिजली न होने के कारण उन सपनों पर अंधकार छा गया। हालांकि इन गांवों में सोलर पैनल के माध्यम से बिजली पहुंचने से कुछ हद तक राहत मिली थी। सरपंच ने बताया कि लगातार प्रशासन से मांग और प्रयास के बाद आखिरकार 2024 में इन गांवों में बिजली पहुंची। बिजली का गांवों में पहुंचना केवल रोशनी का आगमन नहीं है, बल्कि यह शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और सामाजिक उन्नति के नए द्वार खोलने का संकेत है। आजादी के 77 वर्षों बाद बिजली का पहुंचना विकास की एक नई लहर है। यह गांवों के लिए एक नई शुरुआत है, जो उनकी जिंदगी में उजाले के साथ-साथ नई संभावनाओं को भी लेकर आई है।
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-आतिशबाजी से पूरा परिसर जगमगा उठा- महिलाओं, पुरुषों तथा बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईंटी सहदेवभिलाई नगर। तालपुरी बी ब्लॉक में नए साल का शानदार तरीके से स्वागत किया गया। जश्न का आलम ऐसा था कि क्लब हाउस परिसर में देर रात डेढ़ बजे तक फिल्मी गानों की धुन पर महिलाएं और बच्चे जमकर नाचे। विदा होते साल तथा नए साल के स्वागत समारोह का समापन पहले हो जाना था, लेकिन बच्चों और महिलाओं की फरमाइश पर इसे आगे बढ़ा दिया गया। इस दौरान आतिशबाजी भी हुई, जिससे पूरा परिसर जगमगा उठा। इस मौके पर महिलाओं, पुरुषों तथा बच्चों के बीच विभिन्न प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं, जिनके विजेताओं को एसोसिएशन के अध्यक्ष कुबेर देशमुख तथा पूर्व उपाध्यक्ष असीम सिंह ने पुरस्कार प्रदान किए। समारोह का संचालन महेश विश्वकर्मा ने किया।महिलाओं तथा युवाओं में छाया जुनूनसमारोह स्थल पर शाम होते ही लोगों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। यहां पर सेल्फी लेने के शौकीनों के लिए एक डेकोरेटेड प्वाइंट भी बनाया गया, जहां महिलाओं, पुरुषों और बच्चों ने अपनी खूबसूरत तस्वीरें भी लीं। आधुनिक और पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं में सेल्फी लेने का जुनून कुछ ज्यादा ही देखने को मिला। युवा वर्ग और बच्चों का जोश भी कम न था। उनमें भी सेल्फी का सुरूर छाया हुआ था। समारोह को यादगार बनाने के लिए कॉलोनी के गजानन अवचट, महेश विश्वकर्मा, जे मनोहरण, नरेंद्रजानी तथा जयश्री फुले ने फिलमी नगमे पेश किए। पुष्पा-2 के गानों के प्रति महिलाओं का क्रेज कुछ ज्यादा ही देखने को मिला। 'थप्पड़ मारूंगी..... ' की धुन पर महिलाएं जमकर थिरकीं।इन प्रतिभागियों ने दिखाया दमखमप्रतियोगिताओं की कमान कीर्तिलता वर्मा, शशिकिरण बघेल, टी सहदेव और पीयूष सेन संभाले हुए थे। जिनके नतीजों के मुताबिक पासिंग द बॉल- बालक वर्ग में विख्यात वर्मा प्रथम, रुद्राक्ष श्रीवास्तव द्वितीय तथा आरव गजभिये तृतीय। इसी प्रतियोगिता के पुरुष वर्ग में प्रदीप वर्मा, योगेंद्र सिन्हा और सौरभ बेनर्जी क्रमशः फर्स्ट, सेकंड और थर्ड रहे। मोमबत्ती रेस (कपल) में तपस्विनी पहले स्थान पर रही, जबकि सुनीता ठाकुर दूसरे और नीतू साहू तीसरे स्थान पर रहीं। हूपला रिंग में फर्स्ट रजनी विकास गजभिये, सेकंड यामा गजेंद्र एवं थर्ड श्रद्धा बैतुले। चाकलेट रेस बालिका वर्ग में प्रथम रीत, द्वितीय आरची और तृतीय ख्वाहिश। रस्साकशी पुरुष वर्ग में यमलेश देवांगन, हरीश बैतुले, बलराम साहू, मनीष चंद्राकर, एलएल साहू, चंद्रवंशी, प्रदीप वर्मा और विश्वकर्मा ने बाजी मारी, जबकि महिला वर्ग में वंदना, कविता, रजनी, दीपाली, ममता, नीतू, योगिता, गायत्री, गार्गी, आशा, पुष्पा, तपस्विनी और दीप्ति अपने विरोधियों पर भारी पड़ीं। -
रायपुर. सुंदर नगर रायपुर निवासी श्रीमती गार्गी दीवान का लंबी बीमारी के उपरांत आज सुबह निधन हो गया जिनका अंतिम संस्कार महादेव घाट रायपुर की मोक्ष धाम में किया गया । वे सुंदर नगर रायपुर निवासी डा आशीष दीवान की पत्नी तथा स्व बलराम धर दीवान पूर्व अतिरिक्त संचालक खाद्य की पुत्र वधु थी।
- -लगभग 19 वर्ष बाद पोटाली में बहाल हुई स्वास्थ्य सुविधा-नक्सलियों के गढ़ में लोकतंत्र की जीतरायपुर /छत्तीसगढ़ के दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर-जगरगुंडा इलाके के गांव पोटाली में लगभग 19 वर्ष बाद फिर से स्वास्थ्य सुविधा बहाल हो गई है। पोटाली के ग्रामीणों को अब उनके गांव में ही स्वास्थ्य सुविधा मिलनी शुरू हो गई है। विधायक श्री चैतराम अटामी ने पोटाली गांव में शासन-प्रशासन की विशेष पहल से फिर से तैयार सर्वसुविधायुक्त उप स्वास्थ्य केन्द्र (आयुष्मान आरोग्य मंदिर) का शुभारंभ किया। इस दौरान दंतेवाड़ा के कलेक्टर और एसपी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।गौरतलब है कि पोटाली ग्राम पंचायत दंतेवाड़ा जिले के अरनपुर-जगरगुंडा इलाके में स्थित है। यह धुर नक्सल प्रभावित इलाका रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार के नक्सल उन्मूलन अभियान की सफलता के चलते अब यहां शांति और विकास की बयार बहने लगी है, जिसके फलस्वरूप यहां स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सहित अन्य बुनियादी सुविधाएं तेजी से पहुंचने लगी हैं।बताया जाता है कि वर्ष 2004-05 में एनएमडीसी द्वारा ग्राम पोटाली सब हेल्थ सेंटर का निर्माण कराया गया था। निर्माण के कुछ समय बाद ही नक्सली हिंसा और सलवा जुडूम आंदोलन के कारण यह पूरी तरह से बंद हो गया और स्वास्थ्य केन्द्र का भवन खंडहर में तब्दील हो गया। नक्सलियों ने इस भवन की दीवारों पर धमकी भरे संदेश लिख दिए थे, और इस भवन का उपयोग करने वालों को नुकसान पहुंचाने की चेतावनी देते थे। जिसके चलते यह उप स्वास्थ्य केन्द्र पूरी तरह से अनुपयोगी हो गया।पोटाली गांव के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अरनपुर या समेली गांव के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक पैदल जाना पड़ता था। कई बार, केवल बुनियादी दवाओं के लिए भी उन्हें मीलों चलना पड़ता था। यह स्थिति ग्रामीणों के लिए बेहद कठिन और निराशाजनक थी। ग्रामीणों की मांग और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की पहल को देखते हुए शासन-प्रशासन द्वारा फिर से इसका जीर्णोद्धार, रंग-रोगन एवं स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की गई। ग्रामीण बताते हैं कि इस स्वास्थ्य केन्द्र के जीर्णोंद्धार के दौरान अप्रैल 2023 में अरनपुर के पास हुए एक बम धमाके में 10 सुरक्षा कर्मियों की शहादत ने पूरे क्षेत्र में भय व्याप्त हो गया, जिसके चलते ठेकेदारों और श्रमिकों ने अपनी सुरक्षा के डर से काम रोक दिया। शासन-प्रशासन द्वारा ग्रामीणों को विश्वास में लेकर काम को फिर से शुरू किया गया। लेकिन, अप्रैल 2024 में एक स्थानीय जनप्रतिनिधि जो पोटाली में स्वास्थ्य सुविधा की बहाली के लिए बढ़-चढ़कर काम कर रहे थे, नक्सलियों द्वारा उनकी हत्या कर दी गई।इन सभी बाधाओं के बावजूद, पोटाली स्वास्थ्य केन्द्र को पुनर्जीवित करने का कार्य नहीं रूका। जिला प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और ग्रामीणों के अथक प्रयास से यह काम अंततः पूरा हुआ और पोटाली स्वास्थ्य केन्द्र वहां की जनता के लिए लोकार्पित कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ सरकार की नियद नेल्ला नार योजना का भी पोटाली में स्वास्थ्य सेवाओं की बहाली में महत्वपूर्ण रोल रहा है। इस स्वास्थ्य केंद्र में छह-बिस्तरों वाला वार्ड की भी सुविधा है जिसके सफल संचालन के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, ग्रामीण स्वास्थ्य समन्वयक और 26 मितानिन की टीम मौजूद है।पोटाली में स्वास्थ्य केन्द्र शुरू हो जाने से ग्रामीण बेहद प्रसन्न हैं। ग्राम पंचायत की सरपंच ललिता मंडावी ने कहा कि उनके गांव में सर्वसुविधायुक्त उप स्वास्थ्य केन्द्र का शुरू होना अच्छी बात है। अब ग्रामीणों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। गांव के युवा दिलीप कुमार ने कहा कि नक्सलियों के चलते गांव का स्वास्थ्य केन्द्र उजड़ गया था। यहां के लोगों को इलाज कराने के लिए अरनपुर और समेली जाना पड़ता था, जो कि 15 से 18 किलोमीटर की दूरी पर है अब लोग गांव में ही इलाज करा लेंगे। गांव में आवागमन के लिए सड़क सहित अन्य सुविधाओं का भी विकास हो रहा है।
- -आदर्श शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल-नवा रायपुर में एकीकृत उपनगरों के विकास को मिलेगी गति और क्षेत्र में बसाहट को मिलेगा बढ़ावा - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर नवा रायपुर अटल नगर के लेयर 2 में एकीकृत उपनगर के विकास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मौजूदा नियमों को अधिक सरल और व्यावहारिक बनाया गया है। यह कदम क्षेत्र में बसाहट और निवेश को बढ़ावा देने के लिए उठाया गया है ।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यह बदलाव सुनिश्चित करेगा कि इन आवश्यक सुविधाओं का विकास उपनगर के भीतर अधिक प्रभावी ढंग से हो सके। उन्होंने कहा कि सुधारों का मुख्य उद्देश्य नवा रायपुर अटल नगर के लेयर 2 में एकीकृत उपनगरों के विकास को गति देना और क्षेत्र में बसाहट को बढ़ावा देना है। यह कदम नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने और क्षेत्र को एक आदर्श शहरी केंद्र के रूप में विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि सामाजिक सुविधाओं जैसे स्वास्थ्य, शिक्षा, सामुदायिक भवन, और धार्मिक स्थलों के लिए आरक्षित क्षेत्र को न्यूनतम 5 प्रतिशत किया गया है, जो पहले अधिकतम 5 प्रतिशत था। इसके अलावा आवासीय गतिविधियों को प्राथमिकता देते हुए, पूर्व में निर्धारित अधिकतम 50 प्रतिशत क्षेत्र को बदल कर अब न्यूनतम 50 प्रतिशत क्षेत्र को आवासीय उपयोग के लिए अनिवार्य किया गया है। इससे आमजन के लिए किफायती आवास उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी और लोगों को आवास की बेहतर सुविधा मिलेगी।आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) संबंधित प्रावधान को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अधिसूचना/नियमों के अनुरूप करते हुए संबंधित प्रावधानों में सुधार किया गया है, ताकि इन नियमों में एकरूपता लाई जा सके। साथ ही पर्यावरण संरक्षण और जनस्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए, एकीकृत उपनगरों में सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट, रेन वाटर हार्वेस्टिंग, और सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को अनिवार्य किया गया है।छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के तहत 10 प्रतिशत क्षेत्र को खुली जगहों जैसे गार्डन और खेल के मैदानों के लिए आरक्षित रखने का प्रावधान किया गया है।
- -छत्तीसगढ़ सरकार के फैसले से चावल उद्योग को मिलेगा प्रोत्साहनरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देशानुसार छत्तीसगढ़ सरकार ने छत्तीसगढ़ के चावल उद्योग को प्रोत्साहित करने तथा राज्य से गैर-बासमती चावल के निर्यात को बढ़ावा देने के लिए चावल निर्यातकों को मण्डी शुल्क और कृषक कल्याण शुल्क से पूर्णतः छूट देने का निर्णय लिया है। यह छूट उन निर्यातकों को मिलेगी जो राज्य के राइस मिलर्स और मंडियों के माध्यम से खरीदे गए धान से तैयार गैर-बासमती चावल का निर्यात करेंगे। शुल्क में छूट देने का उद्देश्य छत्तीसगढ़ से गैर बासमती चावल निर्यात को बढ़ावा देना और राज्य के किसानों तथा चावल मिलर्स को अधिक लाभ दिलाना है। सरकार के इस फैसले से छत्तीसगढ़ के चावल उद्योग को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में प्रतिस्पर्धी बनाने में मदद मिलेगी।छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा मंडी शुल्क एवं किसान कल्याण में छूट दिए जाने की अधिसूचना को राजपत्र में प्रकाशन के लिए जारी कर दिया गया है। यह छूट अधिसूचना प्रकाशन के दिनांक से लेकर एक वर्ष तक के लिए होगी। उक्त दोनों शुल्कों में छूट के लिए चावल निर्यातकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके शिपिंग बिल में चावल के कार्गाे का मूल स्थान छत्तीसगढ़ लिखा हो। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ का वस्तु एवं सेवा कर विवरण, लदान बिल, और बैंक री-कॉसिलेशन स्टेटमेंट की प्रति संबंधित मंडी में प्रस्तुत करनी होगी। राज्य के पंजीकृत चावल निर्यातकों और राइस मिलर्स को एक घोषणा पत्र देना होगा, जिसमें यह स्पष्ट रूप से दर्शाया गया हो कि चावल छत्तीसगढ़ से खरीदे गए धान से तैयार किया गया है। राइस मिलर्स को मंडी अधिनियम के तहत चावल निर्यातकों को परमिट जारी करना होगा।
- रायपुर /उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अपने कबीरधाम प्रवास के दौरान ग्राम तिवारी नवांगांव में बन रहे प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभार्थियों से मुलाकात की। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों को निर्माण कार्य में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत घरों का निर्माण केवल एक बुनियादी आवश्यकता नहीं, बल्कि यह हर व्यक्ति को सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर प्रदान करता है और इसे पूरी तरह से गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना चाहिए।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनाए जा रहे घरों का निरीक्षण किया और लाभार्थियों से बातचीत कर अनुभवों के बारे में जानकारी ली। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हर लाभार्थी को समय पर, पूरी गुणवत्ता के साथ अपना आवास मिलना चाहिए, ताकि वे जल्द से जल्द अपना नया घर पा सकें। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने लाभार्थियों से कहा कि वे प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ पूरी तरह से उठाएं और सरकार द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं का सही तरीके से उपयोग करें। इस अवसर पर पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री संतोष पटेल सहित जनप्रतिनिधि, ग्रामीण, प्रधानमंत्री आवास योजना के हितग्राही उपस्थित थे।
- -राष्ट्रीय एकता को मिलेगी मजबूती और विभिन्न राज्यों के बीच बढ़ेगा आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदानप्रदान - मुख्यमंत्री-यूनिटी मॉल से स्थानीय उत्पादों और रोजगार को मिलेगा बढ़ावारायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा राज्य में ओडीओपी (वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट) मॉडल को प्रोत्साहित करने एवं स्थानीय उत्पादों के विक्रय को बढ़ावा देने के लिए यूनिटी मॉल की स्थापना की जा रही है।यूनिटी मॉल की स्थापना से स्थानीय हस्तशिल्पियों, बुनकरों और स्वयं सहायता समूहों को प्रोत्साहन मिलेगा और नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे। मॉल में उत्पादों का प्रदर्शन एवं विक्रय होने से हस्तशिल्पियों को प्रोत्साहन मिलेगा तथा राज्य के छोटे उद्यमियों, शिल्पकारों एवं बुनकरों को लाभ मिलेगा। यह स्थानीय उत्पादों के प्रमोशन एवं विक्रय के लिए ‘‘वन स्टॉप मार्केट प्लेस’’ के रूप में कार्य करेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि यूनिटी मॉल राज्य के गरीबों, युवाओं, अन्नदाताओं, और नारी शक्ति के विकास के लिए एक क्रांतिकारी कदम है। यह राज्य की अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के साथ ही स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन को भी बढ़ावा देगा। साथ ही यह मेक इन इंडिया और राष्ट्रीय एकता को भी प्रोत्साहित करेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश वासियों के विकास के साथ राष्ट्रीय एकीकरण एवं मेक इन इण्डिया जैसे महत्वपूर्ण विषयों को अपनी प्राथमिकता मानती है। राज्य में स्थापित किये जाने वाले यूनिटी मॉल में अन्य सभी राज्यों के महत्वपूर्ण स्थानीय उत्पादों का भी प्रदर्शन एवं विक्रय किया जाएगा। इससे राष्ट्रीय एकता को मजबूती मिलेगी और विभिन्न राज्यों के बीच आर्थिक एवं सांस्कृतिक आदान-प्रदान बढ़ेगा।मुख्यमंत्री श्री साय ने बताया कि हस्तशिल्पियों, बुनकरों, स्वयं सहायता समूहों एवं स्थानीय लोगों को प्रोत्साहित करने तथा स्थानीय स्तर पर नवीन रोजगार सृजन करने स्वस्थ इकोसिस्टम तैयार करने की दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार के इस रिफॉर्म के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की पहल पर केन्द्र सरकार द्वारा पूर्ण सहयोग दिया जा रहा है। राज्य में यूनिटी मॉल की स्थापना के लिए केंद्र सरकार ने 200 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी है, जिसमें से 100 करोड़ रुपये राज्य को कैपेक्स (पूंजीगत व्यय) के तहत अग्रिम रूप में प्रदान किए गए हैं।वित्त मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने कहा कि यूनिटी मॉल में स्थानीय हस्तशिल्प उत्पादों के साथ-साथ फूडकोर्ट्स में स्थानीय व्यंजनों को भी विक्रय के लिए उपलब्ध कराया जायेगा। यूनिटी मॉल के माध्यम से प्रत्येक जिले के विशेष उत्पादों को वैश्विक बाजार तक पहुंचाने की योजना है। यूनिटी मॉल की स्थापना का दायित्व रायपुर विकास प्राधिकरण को सौंपा गया है। यूनिटी मॉल से न केवल राज्य के स्थानीय कारीगरों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक पहचान को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार का यह प्रयास छत्तीसगढ़ में एक सशक्त और स्थायी इकोसिस्टम का निर्माण करेेगा, जो ग्रामीण क्षेत्रों में विकास और शहरी बाजारों तक उत्पादों की पहुंच में मददगार होगा।
- -अगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना का काम देखा-इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्यों का किया औचक निरीक्षण-अगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज योजना से 50 गांवों में पहुंचेगा पेयजल, 75 करोड़ की लागत से शिवनाथ नदी का पानी पहुंचाया जाएगा-उप मुख्यमंत्री ने सड्डू में सिंगल-विलेज जल प्रदाय योजना के कार्यों का भी किया अवलोकनरायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव जल जीवन मिशन के कार्यों को गति देने आज नए साल के पहले ही दिन फील्ड पर उतरे। वे आज राजधानी रायपुर से करीब 75 किलोमीटर दूर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना का काम देखने पहुंचे। उन्होंने दामाखेड़ा के पास ग्राम तोरा में शिवनाथ नदी के चक्रवाय एनीकट पर योजना के लिए तैयार हो रहे इंटेकवेल और ग्राम किरवई में निर्माणाधीन वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के कार्यों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने दोनों कार्यों के निर्माण में तेजी लाते हुए समय-सीमा में पूर्ण गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने के निर्देश दिए। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक, जल जीवन मिशन के संचालक श्री सर्वेश्वर नरेन्द्र भुरे और पूर्व विधायक श्री शिवरतन शर्मा भी इस दौरान मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने अगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज योजना के इंटेकवेल और वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के निर्माण कार्यों का बारिकी से निरीक्षण किया। उन्होंने किरवई में वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की ड्राइंग-डिजाइन देखकर जल शोधन की प्रक्रिया समझी। उन्होंने विभागीय अधिकारियों और निर्माण एजेंसी से निर्माण कार्यों में उपयोग हो रहे सामग्रियों एवं निर्माण की गुणवत्ता की टेस्टिंग के बारे में पूछा। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को दोनों साइट्स का नियमित भ्रमण कर कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री साव ने निर्माण एजेंसी से कहा कि इस पूरे क्षेत्र में स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति के लिए यह एक बड़ी और महत्वपूर्ण योजना है। इससे 50 गांवों को पेयजल मिलेगा। इसके सभी घटकों का काम अच्छा होना चाहिए। उन्होंने पाइपलाइन बिछाने और गांवों में टंकी निर्माण के कार्यों की प्रगति की भी जानकारी ली।करीब 75 करोड़ की योजना, 15 हजार परिवार होंगे लाभान्वितअगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना से सिमगा विकासखंड के 50 गांवों के 15 हजार से अधिक परिवारों को शुद्ध पेयजल मिलेगा। शिवनाथ नदी पर तोरा गांव में बने चक्रवाय एनीकट से पानी लेकर गांव-गांव में निर्मित पानी टंकियों के माध्यम से हर घर में नल से जल की आपूर्ति की जाएगी। करीब 75 करोड़ रुपए लागत की इस योजना का 40 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। योजना का काम इस साल जून तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।पानी टंकी पर चढ़कर गुणवत्ता देखी, महिलाओं से जलापूर्ति का लिया फीडबैकउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज रायपुर जिले के तिल्दा विकासखंड के सड्डू में सिंगल-विलेज जल प्रदाय योजना का भी अवलोकन किया। उन्होंने पानी टंकी पर चढ़कर निर्माण की गुणवत्ता देखी। उन्होंने गांव के घरों में जाकर नल से आ रही पानी की धार भी देखी। श्री साव ने सरपंच, पंचों, अन्य ग्रामीणों और महिलाओं से चर्चा कर जलापूर्ति के संबंध में फीडबैक भी लिया। ग्रामीणों ने बताया कि सुबह-शाम दोनों समय नल से पर्याप्त पानी आ रहा है। सड्डू में पूर्व से ही संचालित नल जल योजना के तहत 212 घरों में नल कनेक्शन दिए गए थे। जल जीवन मिशन के अंतर्गत गांव में दूसरी पानी टंकी के निर्माण के बाद 292 और घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। दोनों को मिलाकर अब गांव में 504 नल कनेक्शन हो गए हैं। टंकियों को भरने के लिए यहां दो जलस्रोत स्थापित हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने ग्रामीणों से चर्चा के दौरान कहा कि घर-घर लगे नल, गांव में स्थापित पानी की टंकियां और जलस्रोत आपके ही हैं। आप लोगों को ही इनका इस्तेमाल, संधारण, रखरखाव और सुरक्षा करनी है। योजना पूर्ण हो जाने के बाद नल जल योजना का संचालन भी ग्राम पंचायतों को ही करना है। श्री साव के अगमधाम-खंडवा मल्टी-विलेज योजना और सड्डू सिंगल-विलेज योजना के निरीक्षण के दौरान लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, रायपुर के मुख्य अभियंता श्री राजेश गुप्ता और अन्य विभागीय अधिकारी भी मौजूद थे।
- -मेडिकल कालेज रायपुर एवं चिकित्सालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था हेतु 12 गार्ड एवं 10 बंदूकधारी सुरक्षा कर्मियों की हुई तैनातीरायपुर /छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने के उद्देश्य से पं. जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर में गुणवत्ता पूर्ण चिकित्सा शिक्षा के लिए एक साथ 18 चिकित्सा शिक्षकों की संविदा नियुक्ति की गई है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज रायपुर में पहली बार एक साथ इतने संविदा चिकित्सा शिक्षकों की नियुक्ति की गई है। डॉ. रूमी कुमार, सहायक प्राध्यापक प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग, डॉ. हर्षिता भाटिया सहायक प्राध्यापक रेडिएशन अंकोलॉजी, डॉ. कमलकांत साहू, सहायक प्राध्यापक फॉरेंसिक मेडिसीन, डॉ. स्निग्धा कुमारी सहायक प्राध्यापक (कार्डियक निश्चेतना) सीटीव्हीएस विभाग, डॉ. रचना रिची पांडेय सहायक प्राध्यापक (अंकोनिश्चेतना) रेडियोथेरेपी विभाग, डॉ. अविनाश बंजारे (अंकोनिश्चेतना) रेडियोथेरेपी विभग, डॉ. श्रूती तूरकर सहायक प्राध्यापक (एनेस्थिसिया) क्रिटिकल केयर, डॉ. संध्या वर्मा सीनियर रेसीडेंट पैथोलॉजी, डॉ. रेबिना यादव सीनियर रेसीडेंट पैथोलॉजी विभाग, डॉ. प्रिंशी चौधरी सीनियर रेसीडेंट नेत्र रोग, डॉ. पियूषी साव सीनियर रेसीडेंट नेत्र रोग, डॉ. सुरभि चौबे सीनियर रेसीडेंट ईएनटी, डॉ. पारूल राठी सीनियर रेसीडेंट ईएनटी, डॉ. शुभांगन मिश्रा सीनियर रेसीडेंट प्रसूति एवं स्त्री रोग, डॉ. नील पसरीजा सीनियर रेसीडेंट अस्थि रोग, विनय मिश्रा रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स, अनजुम मिश्रा रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स, अनुराग संचय कालकुलेवर रजिस्ट्रार मेडिकल फिजिक्स की चिकित्सा शिक्षक के रूप में संविदा नियुक्ति की गई है।स्वास्थ्य मंत्री के निर्देश पर कार्डयो वैस्कुलर एवं थोरेसिक सर्जरी विभाग में बाईपास सर्जरी प्रारंभ करने हेतु 3 परफ्युजनिस्ट एवं 3 फिजिशियन असिस्टेंट की संविदा आधार पर नियुक्ति की प्रक्रिया जारी है। इसके साथ ही डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर में 57 वार्ड ब्वाय एवं 17 स्वीपर सहित कुल 74 सफाई कर्मियों की नियुक्ति भी की गयी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय राज्य में गुणवत्तायुक्त चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार पहल कर रहे हैं। इसके साथ ही मरीज एवं उनके परिजनों की सुरक्षा के लिए भी मुख्यमंत्री श्री साय संवेदनशीलता के साथ निर्णय ले रहे हैं। इन निर्णयों से अस्पताल में सुरक्षा की स्थिति मजबूत होने के साथ ही स्वास्थ्य सुविधाओं की बेहतरी एवं चिकित्सा छात्रों के पठन-पाठन में सुधार भी देखा जा रहा है। इसी कड़ी में स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर मेडिकल कालेज एवं चिकित्सालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था के सुदृढीकरण हेतु 12 गार्ड एवं 10 गनमैन की भी तैनाती की गई है। उल्लेखनीय है कि मेडिकल कालेज और अस्पतालों की सुरक्षा को लेकर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने शीघ्र ही बंदूकधारी सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की बात कही थी।
- -अब तक 90.07 लाख मीट्रिक टन धान की हो चुकी है खरीदी-18.12 लाख किसानों को धान खरीदी के एवज में 20 हजार करोड़ रूपए से अधिक का भुगतान-पंजीकृत किसानों के धान विक्रय हेतु 25 जनवरी तक के लिए ऑनलाईन एवं ऑफलाईन टोकन उपलब्ध-किसान सुविधानुसार तिथि का चयन कर धान विक्रय कर सकते है-धान खरीदी के साथ-साथ तेजी से हो रहा धान का उठाव-अब तक 61 लाख मीट्रिक टन धान के उठाव के लिए डीओ और टीओ जारी-34.61 लाख मीट्रिक टन धान का हो चुका है उठावरायपुर / राज्य में 14 नवम्बर से शुरू हुई धान खरीदी का सिलसिला अनवरत रूप से जारी है। अब तक लगभग 90.07 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हो चुकी है। धान खरीदी के एवज में 18.12 लाख किसानों को बैंक लिकिंग व्यवस्था के तहत 20 हजार 035 करोड़ रूपए का भुगतान किया गया है। धान खरीदी का यह अभियान 31 जनवरी 2025 तक चलेगी।प्रदेश के समस्त पंजीकृत कृषकों को खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में धान विक्रय हेतु टोकन की सुविधा ऑनलाईन एप्प (टोकन तुंहर हांथ) एवं उपार्जन केन्द्रों में 25 जनवरी 2025 तक के लिए उपलब्ध कराया गया है। किसान सुविधा अनुसार तिथि का चयन कर नियमानुसार धान विक्रय कर सकते है।धान खरीदी के साथ-साथ मिलर्स द्वारा धान का उठाव भी तेजी से हो रहा है। धान उठाव के लिए लगभग 61 लाख मीट्रिक टन धान के लिए डीओ और टीओ जारी किया गया है, जिसके विरूद्ध अब तक 34.61 लाख मीट्रिक टन धान का उठाव कर लिया गया है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.78 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.59 लाख नए किसान शामिल है। इस वर्ष 2739 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी अनुमानित है।खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आज 01 जनवरी 2025 को 57893 किसानों से 2.66 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। इसके लिए 74 हजार 760 से अधिक टोकन जारी किए गए थे। आगामी दिवस के लिए 81 हजार 927 टोकन जारी किए गए हैं।
- रायपुर। सुंदर नगर रायपुर निवासी श्रीमती गार्गी दीवान का बुधवार 1 जनवरी को सुबह निधन हो गया। उनका अंतिम संस्कार महादेव घाट स्थित मुक्तिधाम में किया गया। वे डॉ. आशीष दीवान की पत्नी तथा पूर्व अतिरिक्त खाद्य संचालक स्व. बलराम धर दीवान की पुत्र वधु थीं।
- -स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर रायगढ़ मेडिकल कालेज चिकित्सालय के सुविधाओं में किया गया विस्तार-आयुष्मान योजना कक्ष का विस्तार, आईपीडी मरीजों के लिए अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं, फीडबैक के लिए लगाई गयी सुझाव पेटीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर शासकीय अस्पतालों में आम नागरिकों को मिलने वाली चिकित्सा सुविधाओं में लगातार विस्तार किया जा रहा है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर नए वर्ष की शुरूआत में ही चिकित्सा सुविधाओं की सभी लोगों को सुगम एवं सहज उपलब्धता सुनिश्चित हो सके, यह प्रयास किया जा रहा है। स्व.श्री लखीराम अग्रवाल स्मृति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय संबद्ध संत बाबा गुरु घासीदास जी स्मृति शासकीय चिकित्सालय रायगढ़ में शहीद वीर नारायण सिंह आयुष्मान स्वास्थ्य योजना की सुविधा हेतु सभी तलों (फ़्लोर )में कक्ष का शुभारंभ 1 जनवरी 2025 को किया गया है। वित्त मंत्री और रायगढ़ के स्थानीय विधायक श्री ओ. पी. चौधरी ने स्वास्थ्य सेवाओं की सुगम उपलब्धता हेतु किया जा रहे इस पहल का स्वागत किया है।मेडिकल कालेज रायगढ़ के अधिष्ठाता डॉ. विनित कुमार जैन एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम. के. मिंज के अनुसार इस सुविधा विस्तार से भर्ती मरीजों एवं उनके परिजनों को काफी सुविधा होगी।इससे अनावश्यक भीड़ एवं कतार का सामना नहीं करना पड़ेगा और समय की बचत होगी। पूर्व में यह सुविधा सिर्फ एमआरडी के रजिस्ट्रेशन ओपीडी काऊंटर के समीप ही उपलब्ध थी। अस्पताल अधीक्षक डॉ. एम के मिंज के अनुसार आयुष्मान योजना कक्ष के विस्तार के साथ ही चिकित्सालय में अब ओपीडी , आईपीडी मरीज़ के जाँच के लिये अलग से जाँच पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। सभी जांच पूर्णतः निःशुल्क है। ओपीडी की 10 रुपये की पंजीयन पर्ची एवं आईपीडी मरीज के लिये 85 रुपये की पर्ची के अलावा अलग से पर्ची कटवाने की आवश्यकता नहीं हैं। इसके संबंध में आदेश भी जारी कर दिया गया है।इसके साथ ही एक नई पहल करते हुए चिकित्सालय में सुझाव एवं शिकायत पेटी (बॉक्स) की व्यवस्था की गई है । साथ ही वार्ड में भर्ती मरीज के इलाज के सम्बन्ध में प्रतिदिन चिकित्सा सामाजिक कार्यकर्ता और व्यावसायिक सलाहकार द्वारा फीडबैक लिया जा रहा है। सुझाव एवं शिकायत पेटी में प्राप्त पत्र एवं फीडबैक को अस्पताल प्रबंधन द्वारा समिति में रख कर उसका निराकरण सुनिश्चित किया जाएगा।
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रायपुर. राजधानी रायपुर में पुलिस ने दो लोगों की पत्थर से सिर कुचलकर हत्या करने के आरोप में दो नाबालिगों समेत छह लोगों को पकड़ा है। पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों बताया कि शहर के चंगोराभाटा इलाके में दो लोगों की हत्या के आरोप में पुलिस ने 4 लोगो को गिरफ्तार करने के साथ 16 और 17 साल के दो लड़कों को भी हिरासत में लिया है। उन्होंने बताया कि आरोपियों ने सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात को कृष्णा यादव (27) और सचिन बडोले (29) की हत्या कर दी थी। अधिकारियों ने बताया कि आरोपी और मृतक डीडी नगर थाना क्षेत्र के चंगोराभाटा इलाके के निवासी थे और वे एक-दूसरे को जानते थे। उन्होंने बताया कि घटना रात करीब एक बजे चंगोराभाटा इलाके के काला पुतला चौक मैदान में हुई, जब आरोपी अलाव ताप रहे थे। इस दौरान वहां मौजूद यादव और बडोले शराब पी रहे थे। अधिकारियों ने बताया कि इस दौरान उनके बीच बहस शुरू हो गई और गुस्से में आकर आरोपियों ने यादव और बडोले की हत्या कर दी। आरोपियों ने उनके सिर पत्थर से कुचल दिए। उन्होंने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को नजदीकी अस्पताल ले गई, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर हमलावरों की तलाश शुरू की गई है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तारी के बाद छह लोगों ने अपराध कबूल कर लिया है। अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने यादव और बडोले की हत्या में इस्तेमाल किया गया पत्थर जब्त कर लिया है।
- दुर्ग, / प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना अंतर्गत जिला स्तरीय क्रियान्वयन समिति की बैठक आज कलेक्टोरेट सभा कक्ष में संपन्न हुई। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के पोर्टल स्टेज-2 में लंबित कुल 11556 प्रकरणों का समिति के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत किया गया। जिसमें से 3397 प्रकरण स्टेज-02 (डीएम पोर्टल) में एवं 8159 प्रकरण कार्यालय नगर निगम दुर्ग द्वारा दर्जी एवं मेसन के प्रकरणों का भौतिक सत्यापन उपरांत प्राप्त प्रकरण है। स्टेज-2 में लंबित कुल 11556 प्रकरणों में डीएम पोर्टल के 3397 प्रकरण एवं कार्यालय नगर निगम दुर्ग से दर्जी एवं मेसन के भौतिक सत्यापन रिपोर्ट अनुसार प्राप्त 8159 प्रकरणों में से 7405 प्रकरण अनुमोदित एवं 754 प्रकरण निरस्त किया जाकर 10802 प्रकरण स्टेज-03 में अग्रेषित करने का निर्णय लिया गया। इसी प्रकार मेसन एवं दर्जी के ग्राम पंचायतों एवं नगरीय निकायों में लंबित प्रकरणों का जल्द से जल्द भौतिक सत्यापन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का विचार किया गया। बैठक में जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र के मुख्य महाप्रबंधक श्री सिमोन एक्का, डिप्टी कलेक्टर श्री उत्तम ध्रुव, जिला अग्रणी बैंक प्रबंधक श्री पी.वी.आर.एस. प्रकाश राव, एमएसएमई कार्यालय रायपुर के सहायक संचालक श्री दामोदर बेहरा, श्रम विभाग के श्रम आयुक्त श्री बसंत वर्मा, शासकीय आई.टी.आई दुर्ग के प्रतिनिधि श्री ए.ए. मंसूरी एवं अन्य अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले के 87 सहकारी समितियों के अंतर्गत 102 उपार्जन केन्द्रों के माध्यम से 74,967 किसानों से 3,53,310.20 मीट्रिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। 30 दिसम्बर तक 81,317.38 लाख रूपए का धान खरीदा जा चुका है।जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक से प्राप्त जानकारी अनुसार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य 31 जनवरी 2025 तक धान खरीदा जाएगा। अब तक 78,317.47 लाख रूपए का ऑनलाईन भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही किसानों से लिंकिंग की राशि 22,717.95 की वसूली की जा चुकी है। जिले में अब तक 8,379.72 मीट्रिक टन धान का उठाव हो चुका है।
- - 01 अन्य प्रकरण में आरोपी के कब्जे से जप्त किए गए मध्यप्रदेश निर्मित शराबदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देशानुसार एवं प्रभारी सहायक आयुक्त आबकारी श्री सी.आर. साहू के मार्गदर्शन में विगत 28 दिसम्बर 2024 की रात्रि में गश्त के दौरान आबकारी विभाग के धमधा वृत्त के अन्तर्गत ग्राम मुरमुंदा थाना नन्दिनी नगर में अवैध शराब के धारण की सूचना पर त्वरित एवं विधिवत् कार्यवाही कर आरोपी ज्ञानेश्वर भारती पिता चवलदास उम्र 40 वर्ष निवासी मुरमुंदा थाना नंदिनी नगर जिला दुर्ग के कब्जे से एक सफेद रंग के प्लास्टिक बोरी में 92 नग पाव देशी मदिरा मसाला एवं एक थैले में 68 नग पाव देशी मदिरा मसाला कुल 160 नग पाव (कुल मात्रा 28.800 बल्क लीटर) शराब जप्त कर आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर आबकारी उप निरीक्षक भूपेन्द्र कुमार नेताम द्वारा आरोपी को जेल दाखिल किया गया।इसी प्रकार 31 दिसम्बर 2024 को प्रातः गश्त के दौरान आबकारी विभाग के वृत-दुर्ग दक्षिण के अन्तर्गत पाटन में अवैध शराब के विक्रय, धारण की सूचना पर त्वरित एवं विधिवत कार्यवाही करते हुए ग्राम गुढ़ियारी थाना उतई में 80 नग गोवा स्पेशल फॉर सेल इन मध्यप्रदेश ओनली मदिरा पाव, जिसकी कुल मात्रा 14.4 बल्कलीटर मदिरा जप्त किया गया। उक्त प्रकरण में आरोपी मुकेश साहू के विरुद्ध आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36,59(क)के तहत प्रकरण दर्ज कर आबकारी उप निरीक्षक अरविन्द साहू के द्वारा आरोपी को जेल दाखिल किया गया। उपरोक्त प्रकरणों में आबकारी उप निरीक्षक श्री हरीश पटेल, श्री प्रियंक ठाकुर मुख्य आरक्षक श्री पी.एस.राजपूत, संतोष दुबे, वाहन चालक नोहर साहू, धनराज का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
- बिलासपुर /माननीय मुख्यमंत्री छतीसगढ़ शासन द्वारा राज्य में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन, भण्डारण पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई किये जाने हेतु प्राप्त निर्देश के परिपालन में कलेक्टर महोदय के आदेशानुसार जिले में खनिज, राजस्व एवं पुलिस विभाग के टास्क फोर्स की संयुक्त टीम द्वारा सतत निरीक्षण करते हुए माह दिसम्बर 2024 में खनिजों के अवैध खनन के 14 प्रकरण एवं अवैध परिवहन के 102 प्रकरण पर कार्यवाही करते हुए कुल 116 मामले दर्ज किए गए।संयुक्त टीम एवं खनिज अमला द्वारा अवैध खनिज परिवहन करते पाए जाने पर रेत के 84. चूनापत्थर के 10 मिटटी इंट/मुरूम के एक डोलोमाईट के 1 प्रकरण सहित कुल 102 प्रकरण दर्ज किया गया है जिसमें से 64 प्रकरणों का निराकरण करते हुए अवैध परिवहनकर्ताओं से अर्थदण्ड राशि रु 14 लाख 46 हजार 860 रुपए जमा कराया गया है। शेष 28 प्रकरणों में अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की जाती है। अवैध खनिज उत्खनन करते पाए जाने पर रेत के 11 मुरूम के 02 एवं डोलोमाईट के 01 प्रकरण सहित कुल 14 प्रकरण दर्ज किया गया है। जिसने से 6 प्रकरणों का निराकरण करते हुए अर्थदण्ड की राशि 17,70,912 रुपए जमा कराया गया है। शेष 08 प्रकरणों में अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की जा रही है।माह दिसम्बर 2024 में खनिजों के अवैध उत्खनन परिवहन एवं भण्डारण के कुल 116 प्रकरण दर्ज किया गया है जिसमें से 70 प्रकरणों का निराकरण करते हुए अर्थदण्ड की राशि 32,17,772 रुपए जमा कराया गया है। शेष 46 प्रकरणों में अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की जा रही है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में अप्रैल 2024 से दिसम्बर तक अवैध उत्खनन के 71 प्रकरण अवैध परिवहन के 506 प्रकरण तथा अवैध भण्डारण के 15 प्रकरण दर्ज करते हुए कुल 592 प्रकरण दर्ज किया गया है जिसमें से 534 प्रकरणों का निराकारण करते हुए अर्थदण्ड की राशि 1,52,89,328 रुपए जमा कराया गया है। शेष 58 प्रकरणों में अर्थदण्ड वसूली की कार्यवाही की जा रही है। खनिजों के अवैध उत्खनन परिवहन/भण्डारण पर खनिज विभाग राजस्व एवं पुलिस विभाग द्वारा संयुक्त कार्यवाही जारी है। वन विभाग के द्वारा भी वन क्षेत्र अंतर्गत अवैध खनिज उत्खनन/परिवहन के मामलों में नियमानुसार कार्यवाही की जा रही है।













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