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- -धान का उठाव केंद्रों से जल्द से जल्द सुनिश्चित की जाएं: कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह-माॅश्चर मशीन से धान की जांची नमी, किसानों से धान खरीदी व्यवस्था की ली जानकारीरायपुर । राजधानी रायपुर के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों में आज कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह एवं एसपी डाॅ. लाल उम्मेद सिंह पहुंचे। कलेक्टर एवं एसपी ने धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप समेत अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। कलेक्टर एवं एसपी ने बरौदा, दौंदेकला एवं पचेड़ा के धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने धान खरीदी केंद्रों में धान के उठाव की व्यवस्था देखी और अधिकारियों को जल्द से जल्द धान के उठाव कराने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने कहा कि धान खरीदी केंद्रों में धान को सुरक्षित तरीके से रखा जाएं और राइस मिलों द्वारा जल्द ही धान का उठाव किया जाना सुनिश्चित की जाएं।कलेक्टर ने धान खरीदी केंद्रों में धान के माॅश्चर को मशीन से जांच की। कलेक्टर ने कहा कि धान में माश्चर की मात्रा शासन के निर्धारित मात्रा से ज्यादा न हो। किसानों से धान खरीदी करते समय धान का माॅश्चर जांच किया जाएं। साथ ही कलेक्टर ने धान बेचने पहुंचे किसानों से बातचीत की। कलेक्टर ने धान खरीदी व्यवस्था साथ ही ऑनलाइन-ऑफलाइन टोकन व्यवस्था की जानकारी किसानों से ली। बेहतर व्यवस्था पर किसानों ने संतुष्टि जताई। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि टोकन संबंधी व्यवस्था बेहतर रखी जाएं, जिससे किसानों को किसी भी प्रकार की परेशानियां नहीं होनी चाहिए। कलेक्टर ने इलेक्ट्राॅनिक तौल व्यवस्था का अवलोकन किया।
- -वित्त मंत्री ओपी चौधरी से की मुलाकातरायपुर /आरंग के सृजन सोनकर विद्या मंदिर उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के छात्रों ने आज छत्तीसगढ़ विधानसभा का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने विधानसभा कार्यवाही को नजदीक से देखा और संसदीय प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की।भ्रमण के दौरान छात्रों ने छत्तीसगढ़ के वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी से मुलाकात की। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने छात्रों को राज्य की राजनीति, विधायी प्रक्रिया और उनके महत्व के बारे में बताया। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ समाज और देश के प्रति जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी।इस अवसर पर विद्यालय के शिक्षकों ने कहा कि यह भ्रमण छात्रों के लिए सीखने और अनुभव प्राप्त करने का अनूठा अवसर था। इससे उन्हें राज्य की राजनीतिक संरचना और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को गहराई से समझने में मदद मिलेगी। छात्रों ने विधानसभा भ्रमण और वित्त मंत्री से मुलाकात को बेहद प्रेरणादायक बताया और भविष्य में ऐसी और भी शैक्षणिक यात्राओं की इच्छा जताई। इस अवसर पर विधायक गुरु श्री खुशवंत साहेब उपस्थित थे।
- -एसीआई में कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए उपचार सुविधा की शुरुआत-स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने ऐसीआई की पूरी टीम की प्रशंसा कीरायपुर /पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय रायपुर से संबद्ध डॉ. भीमराव अम्बेडकर स्मृति चिकित्सालय स्थित एडवांस कार्डियक इंस्टीट्यूट में दो हृदय रोगियों के धमनियों में जमे कैल्शियम को ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिये हटाते हुए हृदय में रक्त प्रवाह को सुगम बनाया गया। एथेरेक्टोमी एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उपयोग एंजियोप्लास्टी से पहले कैल्सीफाइड ब्लॉक (प्लाक) को खोलने के लिए किया जाता है। इसमें 1.25 मिमी का डायमंड-कोटेड ड्रिल डिवाइस होता है जो कैल्शियम को लगभग दो माइक्रोन आकार के महीन कणों में बदल देता है। सरल शब्दों में कहें तो यह कैल्शियम को चूर-चूर करके महीन आकार के कण बना देता है। इस पद्धति के जरिये धमनियों को अच्छी तरह से साफ करके रक्त प्रवाह को सुगम बनाया जाता है। आर्बिटल एथेरेक्टोमी का उपयोग भारी (हैवी) कैल्सीफाइड कोरोनरी धमनियों वाले रोगियों के इलाज के लिए किया जाता है।इस प्रक्रिया में एक पतले कैथेटर के जरिये धमनी के अंदर अपने अक्ष पर घूमने वाला हीरे का लेप किये हुए बर को प्रविष्ट कराया जाता है जो कैल्सिफाइड सतह को धीरे-धीरे पीस कर बाहर निकालता है और धमनी की सतह को चिकना कर देता है। इस चिकनी सतह में रक्त का प्रवाह सुगमता से होता है जिससे दिल के दौरे पड़ने की संभावना कम हो जाती है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने मरीजों के सफल उपचार के लिए टीम को बधाई देते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। एसीआई में हृदय रोग विशेषज्ञों की अनुभवी एवं समर्पित टीम ने कोरोनरी ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति से हृदय रोगियों के लिए नयी उपचार सुविधा की शुरुआत की है। शासकीय चिकित्सालय में इस तकनीक का उपयोग कर एसीआई ने उपलब्धि हासिल की है। हृदय रोग के उपचार की दिशा में एसीआई की टीम द्वारा किये जा रहे नवाचार मरीजों में अच्छे जीवन की नई उम्मीद जगा रहे हैं।केस के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. स्मित श्रीवास्तव ने बताया कि रायपुर निवासी 77 वर्षीय को-मॉर्बिड बुजुर्ग मरीज को बी. पी., शुगर की समस्या के साथ-साथ उनके हृदय की पम्पिंग क्षमता काफी कम थी। एंजियोग्राफी रिपोर्ट में हृदय की बायीं मुख्य एवं तीनों नसों में कैल्शियम का जमाव था। इस वजह से सामान्य एंजियोप्लास्टी पद्धति से एंजियोप्लास्टी करना संभव नहीं था। ऐसी स्थिति में ऑर्बिटल एथरेक्टोमी प्रक्रिया के जरिए कैल्शियम को हटाते हुए एंजियोप्लास्टी की गई। वहीं भिलाई निवासी 68 वर्षीय मरीज की नसों में कैल्शियम का जमाव था। बाहर के अस्पताल में एंजियोग्राफी करवाया था। वहां पर बाईपास सर्जरी का सुझाव दिया गया। मरीज वहां से सुझाव लेकर एसीआई आया और एसीआई में उसके लेफ्ट साइड की मुख्य नस में बहुत ज्यादा कैल्शियम जमा होने की वजह से ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी पद्धति का उपयोग करते हुए सफलतापूर्वक एंजियोप्लास्टी कर दी गई। एक दिन में ही मरीज स्वस्थ होकर अपने घर चला गया।क्या है ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रियाकार्डियोलॉजी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. कुणाल ओस्तवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि ऑर्बिटल एथेरेक्टोमी प्रक्रिया में धमनी में एक पतली कैथेटर डाली जाती है। इस कैथेटर में एक घूमता हुआ हीरा-लेपित बर (डायमंड कोटेड बर (किसी उपकरण या धातु की खुरदरी सतह)) होता है जो विशेष वृत्ताकार धुरी पर 360 डिग्री घूमते हुए नसों के अंदर जमे हुए कैल्शियम को खुरचकर निकालता है। कैल्शियम के जमाव को तोड़कर या पीसकर, यह प्रक्रिया रक्त प्रवाह के लिए एक चिकनी सतह बनाती है, जिससे एंजियोप्लास्टी करने एवं स्टंट लगाने में सहूलियत प्राप्त होती है और रुकावटों की संभावना कम हो जाती है। ऐसी नसें जिनमें सामान्य तरीके से एंजियोप्लास्टी एवं स्टंटिंग नहीं की जा सकती। उनमें यह तरीका अपनाया जाता है। यह कैल्शियम को इतने छोटे टुकड़ों में तोड़ता है कि वह आर्टरिज के कैपिलरी के द्वारा ही निकल जाता है।
- -30 बिस्तर तक के चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत , फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट-स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम: स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवालरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 में संशोधन करते हुए चिकित्सा संस्थानों को बड़ी राहत देते हुए नई अधिसूचना जारी की गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने इस बदलाव को स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के लिए ऐतिहासिक कदम बताते हुए मुख्यमंत्री का आभार प्रकट किया है।इस अधिसूचना के तहत 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को छत्तीसगढ़ राज्य उपचार्यगृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन नियम 2013 के तहत रजिस्ट्रेशन करवाने हेतु नियमों को लचीला बना दिया गया है। अधिसूचना के अनुसार अब प्रदेश में सभी क्लिनिक को आवेदन के साथ निर्धारित मापदंडों का पालन करने हेतु शपथ पत्र देने पर स्वत लाइसेंस दे दिया जाएगा, जिसे वे ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं। इनमें से 10 प्रतिशत संस्थाओं का निरीक्षण किया जाएगा और यदि कोई कमी पाई गई तो एक माह के भीतर उक्त कमियों को दूर करना होगा।1 से 10 बिस्तर तक के अस्पतालों को आवेदन के साथ मापदंडों का पालन करने हेतु शपथपत्र देने पर लाइसेंस प्रदान कर दिया जाएगा तथा 3 महीने के अंदर उन्हें मापदंडों को पूरा करना होगा। 11 से 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को नियमों के तहत आवेदन करना होगा तथा चिकित्सा अधिकारी के द्वारा उनका 3 महीने के अंदर उनका निरीक्षण कर लाइसेंस जारी किया जाएगा । यदि 3 महीने के अंदर यह प्रक्रिया पूरी नहीं की जाती है तो ऐसी संस्थाएं स्वत पंजीकृत मानी जाएगी तथा ऑनलाइन लाइसेंस की प्रति डाउनलोड कर सकेंगी।30 बिस्तर से अधिक अस्पतालों को लाइसेंस प्राप्त करने हेतु सभी नियमों का पूर्ववर्त पालन करना होगा परंतु उन्हें फायर एनओसी और बायोमेडिकल वेस्ट के अनापत्ति प्रमाणपत्र की बाध्यता से छूट दी गई है । इसके लिए उन्हें अलग से नियमों का पालन करना होगा।नियमों की सरलीकरण से क्लीनिक 30 बिस्तर तक के अस्पतालों को अब पंजीयन कराने में काफी आसानी होगी। इससे स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार होगा और राज्य के लोगों को पहले से अधिक स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिलेगा।
- -बाल रक्षा किट भी वितरित किए जाएंगे-स्वर्णप्राशन के लिए आने वाले बच्चों के माता-पिता का देश का प्रकृति परीक्षण अभियान के तहत की जाएगी प्रकृति परीक्षारायपुर । रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 18 दिसम्बर को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। विभिन्न रोगों से रोकथाम एवं इम्युनिटी बढ़ाने के लिए बच्चों को पांच दवाईयों से बने बाल रक्षा किट भी वितरित किए जाएंगे। स्वर्णप्राशन के लिए आने वाले बच्चों के माता-पिता का देश का प्रकृति परीक्षण अभियान के तहत प्रकृति परीक्षा भी की जाएगी।आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर तीन बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है। स्वर्णप्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है।
- -रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर शहरों को जोड़ने नई विमान सेवा 19 दिसंबर से शुरू होगी-पहले आओ पहले पाओ के आधार पर होगी बुकिंग, शुरूआती किराया मात्र 999-सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होगी उड़ानेंरायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में केन्द्र सरकार की रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत हवाई सेवाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है।रिजनल कनेक्टिविटी योजना के तहत शुरू हो रही नई उड़ान सेवाओं का उद्देश्य हवाई यात्रा को न केवल किफायती बनाना है बल्कि क्षेत्र में यात्रियों के लिए पसंदीदा विकल्प भी बनाना है। इन उड़ानों के शुरू होने से व्यापारिक यात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय समुदायों को बहुत लाभ होगा, समय की बचत होगी और आर्थिक विकास के नए द्वार खुलेंगे।इसी कड़ी में रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को एयर कनेक्टिविटी से जोड़ने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। इन तीनों शहरों को जोड़ने के लिए नई उड़ान सेवा का संचालन 19 दिसंबर, 2024 से शुरू होने जा रहा है।रायपुर, अंबिकापुर और बिलासपुर को जोड़ने वाली नई उड़ानें सप्ताह में तीन दिन गुरुवार, शुक्रवार और शनिवार को संचालित होंगी। यह नई सेवा न केवल यात्रा के समय को कम करेगी बल्कि इंटरसिटी यात्राओं को एक आरामदायक और सुविधाजनक बनाएगी, जिससे पर्यटन, व्यापार के अवसरों और क्षेत्रीय विकास को और बढ़ावा मिलेगा। इन शहरों में पहले आओ-पहले पाओ के आधार पर यात्री विमान सेवा के लिए बुकिंग करा सकते हैं। इस नई उड़ान सेवा का शुरुआती किराया मात्र 999 रूपए रखा गया है। इस संबंध में अधिक जानकारी और बुकिंग के लिएwww.flybig.in पर सम्पर्क किया जा सकता है।
- -विधानसभा अध्यक्ष, मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष ने किया शुभारंभरायपुर ।छत्तीसगढ़ विधान सभा के ‘‘रजत जयंती वर्ष’’ के उपलक्ष्य में विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरण दास महंत ने आज विधान सभा परिसर में ‘‘स्मृतियां’’ छायाचित्रों की प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।प्रदर्शनी के शुभारंभ के पश्चात विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत सहित मंत्रियों एवं विधायकों ने छायाचित्र प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उसकी सराहना की। इस अवसर पर विधानसभा सचिव श्री दिनेश शर्मा भी उपस्थित थे ।छायाचित्र प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधानसभा की स्थापना से लेकर वर्तमान तक के 25 वर्षों के ऐतिहासिक सफर के महत्वपूर्ण अवसर के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। छायाचित्रों की इस प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ विधान सभा के आरंभ से लेकर वर्तमान तक विशिष्ट अतिथियों के छत्तीसगढ़ विधानसभा में विभिन्न कार्यक्रमों में आगमन एवं अन्य महत्वपूर्ण अवसरों के छायाचित्रों को प्रदर्शित किया गया है। यह प्रदर्शनी रजत जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में पूरे वर्ष भर विधान सभा परिसर में लगी रहेगी। प्रदर्शनी स्थल पर नवा रायपुर में निर्माणाधीन नवीन विधान सभा भवन के ‘‘मॉडल’’ को भी प्रदर्शित किया गया है।
- -1850 लोग लोन उठाने के बाद नहीं कर रहे वापस-कलेक्टर ने बकायादारों की सूची सौंपीबिलासपुर, /अंत्यावसायी विकास समिति के बकायेदार हितग्राही स्थानीय निकायों का चुनाव लड़ने से वंचित हो सकते हैं। उन्हें समिति से लिये गये ऋण को चुक्ता करना होगा। इसके बाद समिति से एनओसी लेकर नामांकन फार्म भरने के दौरान जमा कराना होगा। अन्यथा उनका नाम निर्देशन पत्र रद्द भी हो सकता है। कलेक्टर ने ऐसे बकायादारों की सूची निगम आयुक्त, नगरीय निकायों के सीएमओ और जनपद पंचायतों के सीईओ को भेज दी है। नामांकन के दौरान उनके फार्मों पर निगाह रखने के निर्देश दिए हैं।उल्लेखनीय है कि अन्य योग्यताओं के साथ चुनाव लड़ने के इच्छुक उम्मीदवारों के उपर सरकारी टैक्स अथवा लोन का बकाया नहीं होने चाहिए। अंत्यावसायी सहकारी विकास समिति के कार्यपालन अधिकारी ने बताया कि जिले में 1850 बकायादार हितग्राही हैं। उनके द्वारा लोन राशि पटाने में रूचि नहीं ली जा रही है। लगभग 20-25 साल से वे लोन नहीं पटा रहे हैं। लगभग 10 करोड़ की राशि उनसे वसूली करना है। उन्होंने बताया कि इनमें अकेले बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र के 1108 हितग्राही हैं। इसके अलावा मल्हार नगर पंचायत से दो, तखतपुर नपा से 5, बिल्हा से 3, कोटा से 28 तथा रतनपुर से 15 लोगों का नाम बकायादारों की सूची में शामिल है। ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायत बिल्हा के अंतर्गत विभिन्न ग्रामों से 115, तखतपुर जन पंचायत से 64, जनपद पंचायत कोटा से 52 तथा जनपद पंचायत मस्तुरी से 458 बकायादारों के नाम शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि अंत्यावसायी विकास सहकारी समिति द्वारा अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक एवं सफाई कामगारों को अत्यंत किफायती ब्याज दर पर स्वरोजगार के लिए आसान ऋण दिया जाता है। बावजूद इसके ऋण पटाने में आनाकानी की जाती रही है।
- -नगर सेना कार्यालय में लगा परीक्षण शिविरबिलासपुर / कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देशानुसार आयुष मंत्रालय भारत सरकार के प्रकृति परीक्षण अभियान के तहत नगर सेना कैंप बिलासपुर में प्रकृति परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। जिसमें आयुर्वेदिक कॉलेज बिलासपुर के चिकित्साधिकारी डॉ सी एस ओंटेन, डॉ प्रशांत निषाद, डॉ निधि मरकाम एवं उनकी 15 सदस्यीय टीम के द्वारा प्रकृति परीक्षण क्या है, क्यों आवश्यक है एवं आवश्यक उपाय पर विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान नगर सेना बिलासपुर के महिला और पुरुष जवान एवं संभागीय सेनानी बिलासपुर तथा परसदा बिलासपुर के एसडीआरएफ के 80 जवानों ने भाग लिया तथा प्रकृति परीक्षण ऐप में पंजीयन कर डिजिटल प्रकृति प्रमाणपत्र प्राप्त किया । इस दौरान नगर सेना विभाग के डी आई जी श्री एस. के. ठाकुर एवं डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट श्री दीपांकुर नाथ, चंद्रभान ठाकुर, रवि शर्मा, योगेश सेन, मनोहर ध्रुव, प्रमोद राय उपस्थित थे ।
- -उठाव में तेजी लाने दिए सख्त निर्देशबिलासपुर, /कलेक्टर अवनीश शरण ने अधिकारियों की बैठक लेकर धान खरीदी अभियान की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र किसी भी हालत में बंद नहीं होने चाहिए। केन्द्र में धान के उठाव कार्य में तेजी लाया जाये। वर्तमान धीमी प्रगति पर उन्होंने जिला विपणन अधिकारी पर नाराजगी जाहिर की। अभी की रिपोर्ट के अनुसार कुल खरीदी का लगभग 10 फीसदी ही उठाव हुआ है। बताया गया कि जिले में 2.36 लाख मीटरिक टन धान की खरीदी की जा चुकी है। बारदाना की उपलब्धता, भुगतान, तौल आदि किसी भी कार्य में दिक्कत नहीं है। जिले में 133 मिलर्स ने कस्टम मिलिंग के लिए पंजीयन कराये हैं। इनमें से केवल 48 मिलर्स ने समितियों से उठाव शुरू किये हैं। कलेक्टर ने पंजीकृत सभी मिलर्स को उठाव करने के कड़े निर्देश दिए हैं। बैठक में जिला खाद्य अधिकारी अनुराग भदौरिया, उपायुक्त सहकारिता अंजु पाण्डेय, डीएमओ शंभु कुमार गुप्ता, सीईओ जिला सहकारी बैंक सुनील सोढ़ी, उप संचालक कृषि डी हथेश्वर, नान के जीएम श्री तिवारी उपस्थित थे।
- -अमानक बीज मिलने पर भंडारण और विक्रय पर लगा प्रतिबंधबिलासपुर /किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान की उपलब्धता सुनिश्चित करने जिले में पदस्थ निरीक्षकों द्वारा सहकारी संस्थानों का सतत निरीक्षण एवं भंडारित आदानों का विधिवत नमूना लिया जाकर विश्लेषण हेतु शासन द्वारा अधिकृत प्रयोगशाला में भेजा जाता है। इसी कड़ी में सहकारी समिति घुरू से 20.00 क्विंटल गेंहू बीज, सहकारी समिति टिकारी से 13.40 क्विंटल गेंहू बीज, सहकारी समिति रानीगांव में 5.60 क्विंटल गेंहू बीज एवं सहकारी समिति कोटा में 73.20 क्विंटल चना अमानक पाए गए। इन बीजों का नमूना लेकर छत्तीसगढ़ राज्य बीज प्रमाणीकरण संस्था कृषक संस्थान रायपुर में प्रशिक्षण किया गया, जिसमें ये बीज अमानक पाए गए। विश्लेषण परिणाम प्राप्त होने के बाद अमानक मिले कुल 112.2 क्विंटल गेंहू एवं चना बीज बैच/लॉट के विक्रय पर उप संचालक कृषि श्री पी.डी. हथेश्वर ने बीज गुण नियंत्रण 1983 के प्रावधान अनुसार खण्ड (11) में प्रदत्त अधिकारों का उपयोग करते हुए गेंहू बीज भण्डारण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से प्रतिबंध लगाया गया। file photo
- -प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक दिनांक 20 दिसम्बर तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगाभिलाई। जगद्गुरु श्री कृपालुजी महाराज की प्रमुख प्रचारिका सुश्री धामेश्वरी देवीजी द्वारा बडा दशहरा मैदान रिसाली सेक्टर भिलाई, में चल रही 11 दिवसीय आध्यात्मिक प्रवचन श्रृंखला के आठवें दिन बताया कि उस ईश्वर तत्व को जानने के लिए श्रोत्रिय ब्रह्मनिष्ठ महापुरुष की आवश्यकता है, जिसके शरणागत होकर सेवापूर्वक जिज्ञासु बनकर ही परमतत्व का ज्ञान प्राप्त हो सकता है। ग्रंथों एवं लोक में भी तीन शब्द पढ़ने सुनने में आते हैं - एक पुरुष, दूसरा महापुरुष, तीसरा परमपुरुष। जिस पुरुष या जीवात्मा ने परमपुरुष या परमात्मा को जान लिया, देख लिया, उसमें प्रविष्ट हो चुका हो, वही महापुरुष या महात्मा है। भावार्थ यह कि ईश्वर-प्राप्त जीव को ही महापुरुष कहते हैं। प्रायः दो प्रकार के महापुरुष प्राप्त होते हैं।1. जिनको ईश्वर का वास्तविक ज्ञान, दर्शन आदि अनुभव हो एवं बाहर भी उसी रूप में दिखते हो। ऐसे महापुरुष को पहचानना सरल है।2. दूसरे महापुरुष में होते हैं जो भीतर से तो वास्तव में ही महापुरुष होते हैं किंतु बाह्य व्यवहार में सांसारिक से दिखते हैं ऐसे महापुरुष को पहचाना अति कठिन होता है।जो महापुरुष अनादिकाल से मायातीत ही रहे, कभी मायाधीन नहीं थे। उन्हें ईश्वर का परिकर, पार्षद आदि कहते हैं। दूसरे वे जो अनादि काल से मायाधीन रहे हैं, किन्तु किसी गुरु की शरण में जाकर उनके द्वारा निर्दिष्ट पथ पर चलकर अनंत काल के लिए वे भी महापुरुष हो गए हैं।वास्तव में महापुरुष उसे कहते हैं जो कुछ न कर सके, न शुभ कर्म कर सके और न अशुभ कर्म कर सके। महापुरुष मिथ्या आशीर्वाद नहीं देता एवं श्राप भी नहीं देता।महापुरुष को पहचानने का प्रत्यक्ष प्रमाण है कि महापुरुष के दर्शन सत्संग आदि से ईश्वर में स्वाभाविक रूप से मन लगने लगता है। दूसरा प्रत्यक्ष लाभ यह होता है कि साधक की साधना पथ की क्रियात्मक गुंथिया होती है उन्हें वह सुलझा कर बोधगम्य करा देता है। तीसरा प्रत्यक्ष प्रमाण यह है कि वास्तविक महापुरुष की वें क्रियात्मक अवस्थाएं जो समय-समय पर बहिरंग रूप से गोचर होती है उन्हें देखकर साधक को स्वाभाविक उत्साह एवं उत्तेजना मिलती है। प्रेमास्पद भगवान के नाम, गुण, लीला आदि के स्मरण कीर्तन आदि से वह प्रेम बाहर छलक पड़ता है। जिसे हम सात्विक भाव के रूप में देखते हैं।प्रवचन का अंत श्री राधा कृष्ण भगवान की आरती के साथ हुआ। प्रवचन श्रृंखला का आयोजन दिनांक दिनांक 20 दिसम्बर 2024 तक रोज शाम 6 से रात 8 बजे तक होगा।
- -शैक्षणिक संस्थानों से 100 मीटर की परिधि तक मादक पदार्थ की बिक्री पूर्णतः प्रतिबंधित हो- संभागायुक्त-मिलिंग व धान उठाव संबंधी समस्याओं का शीघ्रता से निराकरण करने दिए निर्देश-डोंगरगढ़ से खैरागढ़ सड़क निर्माण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने दिए निर्देशदुर्ग, / दुर्ग संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने आज संभागीय कार्यालय के सभाकक्ष में संभागस्तर पर विभागीय समीक्षा की। समीक्षा बैठक में उन्होंने पर्यवरण संरक्षण मंडल, लोक निर्माण विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, उच्च शिक्षा, पंचायत एवं ग्रमीण विकास, सहकारिता, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी तथा खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की समीक्षा की एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया।संभागायुक्त श्री राठौर ने शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देशित करते हुये कहा कि अधिकारी इस बात का विशेष ध्यान रखे कि शैक्षणिक संस्थाओं से 100 मीटर की परिधि तक किसी प्रकार के मादक पदार्थ की बिक्री पर पूर्णतः रोक लगाया जाना सुनिश्चित करें। मादक पदार्थ बिक्री होते पाए जाने पर सख्त कार्यवही की जायेगी। मादक पदार्थों की बिक्री पर रोक लगाने पुलिस प्रशासन संपूर्ण सहयोग प्रदान करें। इसी प्रकार संभागायुक्त श्री राठौर ने पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के कार्यों के जानकारी ली। उन्होंने शासन की महतारी वंदन योजना संबंधित प्रकरणो का निराकरण शीघ्रता से करनेे के निर्देश दिए। पंचायतो से संबंधित कार्याे का मुल्यांकन कर चुनाव से पहले कार्ये पूर्ण करने के निर्देश दिये। संभागायुक्त श्री राठौर ने खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के अधिकारी को समिति के साथ समन्वय बनाकर मिलिंग व धान उठाव संबंधी समस्याओं का निराकरण अतिशीघ्रता से करने कहा। लोक निर्माण विभाग के गतिविधियों की जानकारी लेकर संभागायुक्त ने अधिकारी को निर्देश देते हुये कहा कि सड़क निर्माण के कार्यों को शीघ्र-अतिशीघ्र पूर्ण करने कहा। निर्माण कार्यों अंतर्गत उन्होंने विशेष रूप से डोंगरगढ़ से खैरागढ़ सड़क निर्माण कार्य को निर्धारित समयावधि में पूर्ण करने को कहा। साथ ही खराब सड़कों के मरम्मत का कार्य भी शीघ्रता से पूर्ण करने कहा। इसके अलावा नगपुरा मे पुल के ऊपर की सड़क का मरम्मत शीघ्रता से किया जाना सुनिश्चित करने कहा। उन्होंने चन्दूलाल चन्द्राकर अस्पताल के मार्ग पर प्रकाश व्यवस्था करने एवं अस्पताल पंहुच मार्ग के निर्माण कार्य को शीघ्रता से पूर्ण करने हेुतु संबंधित अधिकारी को निर्देशित किया। सुरक्षा के दृष्टिकोण से महिला छात्रावास के पास हाई मास्क लाईट लगाने के निर्देश दिये। छात्र एवं छाात्रों की सुविधा के लिए छात्रावास मे लिफ्ट लगाने के निर्देश दिये। इस संबंध में संबंधित अधिकारी ने बताया कि माह अप्रैल 2025 तक छात्रावास का कार्य पूर्ण कर लिया जायेगा। सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त श्री राठौर ने पंचायतों को सहकारी समिति से जोड़ा जाना सुनिश्चित करने कहा। इसके अलावा उन्होंने समिति को जल जीवन मिशन योजना से संबंधित कार्याे को पूर्ण करनें मे सहयोग करने निर्देशित किया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान संभागायुक्त ने जिला अस्पताल मे स्थित आयुष भवन का जीर्णाेद्धार कार्य के गतिविधियों की जानकारी ली एवं अस्पताल अंतर्गत लंबित निर्माण कार्यों को शीघ्रता से पूर्ण करने के निर्देश दिये। समीक्षा बैठक में समस्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।
- -निर्धारित मापदंड के अनुरूप कार्यवाही सुनिश्चित करें अधिकारी- कलेक्टर सुश्री चौधरी-पंचायत/नगरीय निकाय आरक्षण की टेबल टॉक तैयारी रखें-उपार्जन केद्रों में धान खरीदी बंद न होने पाए-कलेक्टर ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षादुर्ग / जिले में 19 दिसंबर से 24 दिसंबर 2024 तक सुशासन सप्ताह मनाया जाएगा। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज अधिकारियों की बैठक में विभागवार अधिकारियों को सौंपे गए दायित्वों की समीक्षा की। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अवगत कराया कि सुशासन सप्ताह के दौरान शासन द्वारा निर्धारित 8 मापदण्ड के अनुरूप भारत सरकार और राज्य सरकार की पोर्टल पर प्रस्तावित गतिविधियों के संचालन/क्रियान्वयन की जानकारी अपलोड किया जाना है। भारत सरकार की सीपी ग्राम पोर्टल में निराकृत प्रकरण और पीजी पोर्टल में लंबित प्रकरणों को निराकरण कर अपलोड करना है। इसी प्रकार राज्य सरकार की पोर्टल में जनदर्शन, जनशिकायत और मुख्यमंत्री अन्य पत्र के सभी लंबित प्रकरणों के निराकरण की जानकारी अपलोड किया जाना है। इसके अलावा विगत 1 वर्ष की विभागीय उपलब्धियां और हितग्राही मूलक योजनाओं की सफलता की कहानियां भी अपलोड किया जाना है। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने सुशासन सप्ताह के दौरान सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण करने अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने अवगत कराया कि सुशासन सप्ताह के दौरान 21 दिसंबर 2024 को विकासखण्ड स्तर पर किसान सम्मेलन का आयोजन होना है। उन्होंने कहा संबंधित जनपद सीईओ, एसडीएम, कृषि एवं सहकारिता विभाग के समन्वय से सम्मेलन आयोजित किया जाए। 23 दिसंबर 2024 को प्रत्येक विधानसभा मुख्यालय पर महतारी वंदन संबंधित कार्यक्रम आयोजित होंगे। महिला एवं बाल विकास विभाग जनपद सीईओ एवं एसडीएम के समन्वय से कार्यक्रम आयोजित करना सुनिश्चित करें। इसी प्रकार 25 दिसंबर 2024 को जिले के प्रत्येक अटल चौक पर सुशासन दिवस कार्यक्रम आयोजित है। सभी अटल चौकों की मरम्मत व रंग रोगन के साथ स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कार्यक्रम आयोजित किए जाए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने इस दौरान विभागों में आयोजित होने वाले प्रस्तावित गतिविधियों से संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया तथा सरकार के 1 साल होने पर स्थानीय स्तर पर तैयार किए गए प्रचार सामग्री में ’’सुशासन का एक साल, छत्तीसगढ़ हुआ खुशहाल’’ लोगो के रूप में प्रयोग करने के निर्देश दिए। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने पंचायत/नगरीय निकाय चुनाव की तैयारियों की भी जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को पंचायत चुनाव आरक्षण और नगरीय निकाय चुनाव आरक्षण संबंधी टेबल टॉक तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने डीएमओ से धान उठाव हेतु मिलर पंजीयन और अब तक कटे टीओ की जानकारी ली। साथ ही संबंधित एसडीएम को सूची उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने कहा कि जिले के किसी भी उपार्जन केंद्र में धान खरीदी बंद नहीं होनी चाहिए। अब तक जिले के 49 प्रतिशत किसान धान बेच चुके है। अधिकारी ध्यान रखे केंद्रों में धान की रिसायकलिंग न होने पाए। काटे गए टोकन के विरूद्ध किसानों से रकबा एवं खसरा समर्पण कराना संबंधित एसडीएम, कृषि विभाग और समितियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सीसीबी के नोडल अधिकारी को जिले के लघु एवं सीमांत और बड़े किसानों की अद्यतन स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने समय-सीमा प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की। शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान स्कूलवार आपार अपडेशन पर जोर देने कहा। इसी प्रकार स्कूलों में उत्कृष्टता परीक्षा कराने और प्री-बोर्ड की तैयारी कराने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने शैक्षणिक स्तर पर अप्रसन्नता व्यक्त करते हुए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को कहा प्रायमरी लेवल के निपुण में 75 प्रतिशत बच्चे होने चाहिए यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्टता साबित करने अधिकारी पूरा प्रयास करें। कलेक्टर ने मुख्यमंत्री अन्य पत्र, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, पीजीएन वेब एवं पोस्ट द्वारा आवेदन, सार्थ-ई पोर्टल और पीजी पोर्टल द्वारा प्राप्त पत्रों के अद्यतन निराकरण की जानकारी ली। विगत सप्ताह मुख्यमंत्री अन्य पत्र से संबंधित 8 आवेदनों का, मुख्यमंत्री जनदर्शन से संबंधित 11 आवेदनों का एवं कलेक्टर जनदर्शन से प्राप्त 83 आवेदनों, पीजीएन वेब से संबंधित 6 आवेदन और पीजीएन पोस्ट से संबंधित 7 आवेदन, सार्थ-ई पोर्टल से संबंधित 100 आवेदनों का निराकरण किया गया है। बैठक में एडीएम श्री अरविंद एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, जिला पंचायत सीईओ श्री बीके दुबे, अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह, सभी निगम आयुक्त, सभी एसडीएम व जनपद सीईओ एवं समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- -प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना के सफल क्रियान्वयन हेतु कलेक्टर ने ली समीक्षा बैठकदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के बेहतर क्रियान्वयन और लक्ष्य प्राप्ति हेतु जिला स्तर पर एक महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक में योजना की गाइडलाईन, संभावित चुनौतियों और लक्ष्यों को समय पर पूरा करने के लिए व्यापक रणनीति पर चर्चा की गई। इस दौरान ई.ई सीएसपीडीएल श्री छगन शर्मा ने बताया कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत दुर्ग जिले के लिए 10,000 कनेक्शन (वर्ष 24-25 हेतु) लक्ष्य निर्धारित है। इसकी पूर्ति हेतु नगर निगम/जनपद वार जिले में अधिक खपत वाले घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं की सूची तैयार की गई है। जिसके आधार पर अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं को योजना से जोड़ने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने सभी निकाय प्रमुखों से सूची के अनुरूप अधिक बिजली की खपत करने वाले उपभोक्ताओं से संपर्क कर उन्हें योजना का लाभ दिलाने निर्देशित किया तथा विभिन्न संबंधित विभागों, वेंडर्स और बैंक सेे आपसी समन्वयन हेतु निरंतर संवाद बनाए रखने एवं योजना की जानकारी जन-जन तक पहुँचाने विभिन्न माध्यमों में प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देने की बात कही।प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना- सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देने और आमजन को बिजली के बोझ से राहत देने के उद्देश्य से भारत सरकार ने प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की घोषणा की है। इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत देश के लाखों घरों में सौर ऊर्जा के माध्यम से बिजली पहुँचाने का लक्ष्य रखा गया है। इस योजना से न केवल आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को लाभ होगा बल्कि देश को ऊर्जा हेतु आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी यह एक बड़ा कदम साबित होगा। योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जाएगी। इसके लिए सरकार द्वारा सोलर पैनल की स्थापना पर 78 हजार रूपए तक की सब्सिडी दी जा रही है। इसके अतिरिक्त, सस्ती ब्याज दर पर ऋण भी उपलब्ध कराया जाएगा ताकि सभी इच्छुक लोग इस योजना का लाभ उठा सकें।बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत दुर्ग श्री बजरंग दुबे, नगर पालिका निगम दुर्ग, भिलाई, रिसाली, चरोदा-भिलाई के आयुक्त, प्रबंधक लीड एवं समस्त क्षेत्रीय प्रबंधक बैंक जिला दुर्ग, कार्यपालन अभियंता छ.ग.स्टे.पा.डि.कं.लि., कार्यपालन अभियंता अक्षय ऊर्जा विकास प्राधिकरण दुर्ग, सभी जनपद पंचायत सीईओ, मुख्य नगर पालिका अधिकारी, नगर पालिका परिषद्/नगर पंचायत, अहिवारा, कुम्हारी, जामुल, अम्लेश्वर, धमधा, पाटन व उतई, पीएम सूर्यघर योजना के अंतर्गत कार्यरत् समस्त वेंडर एवं यूवोदय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
- - मुख्यमंत्री ने बाबा गुरू घासीदास जयंती की दी बधाईरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने सतनाम पंथ के प्रवर्तक बाबा गुरू घासीदास जी की 18 दिसम्बर को जयंती पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री साय ने कहा है कि बाबा गुरू घासीदास जी ने अपने उपदेशों के माध्यम से दुनिया को सत्य, अहिंसा और सामाजिक सद्भावना का मार्ग दिखाया। उन्होंने सम्पूर्ण मानव जाति को ’मनखे-मनखे एक समान’ का प्रेरक संदेश देकर समानता और मानवता का पाठ पढ़ाया। बाबा जी ने छत्तीसगढ़ में सामाजिक और आध्यात्मिक जागरण की आधारशिला रखी। उन्होंने लोगों को मानवीय गुणों के विकास का रास्ता दिखाया और नैतिक मूल्यों की पुनर्स्थापना की। श्री साय ने कहा कि गुरू घासीदास जी का जीवन दर्शन और विचार मूल्य आज भी प्रासंगिक और समस्त मानव जाति के लिए अनुकरणीय हैं।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने पर शासन की उपलब्धियों और जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रति नागरिकों को जागरूक करने जनसंपर्क विभाग द्वारा मरीन ड्राइव, तेलीबांधा, रायपुर में 17 दिसंबर को खुशहाल एक साल कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है । यह कार्यक्रम शाम 6.30 बजे से रात 9.30 बजे तक होगा जिसमें विभिन्न तरह की मनोरंजक गतिविधियों और गेम्स का आयोजन भी होगा। इसमें प्रत्येक आयु वर्ग के लोग भाग ले सकते हैं । कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ राज्य और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के संबंध में पूछे गए रोचक प्रश्नों का सही उत्तर देने पर तत्काल गिफ्ट/गिफ्ट वाउचर मौक़े पर ही दिया जाएगा। file photo
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना को देखने के लिए पुनः आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय दौरा किए। पूर्व में दिए गये निर्देशो के अनुसार कार्य के प्रगति की समीक्षा किए। मकान बनाने वाली एजेंसी को निर्देशित किए है कि 31 दिसम्बर तक जिन ब्लाॅको की लाटरी हो चुकी है, उसके हितग्राही 50 प्रतिशत तक राशि जमा कर चुके है। उन मकानो के ब्लाक को समय अवधि में पूर्ण करें। जिससे हितग्राहियो को समय अवधि के अंदर मकान में शिफ्ट किया जा सके।अभी वर्तमान में 210 मकान एन.आर. स्टेट, 1120 मकान सूर्या विहार के पीछे चंद्रनिर्माण एजेंसी, 322 मकान कृष्णा इंजीनियरिंग के पीछे विनोद जैन एजेंसी के माध्यम से कार्य कराया जा रहा है। आज निरीक्षण के दौरान नगर निगम के संबंधित अभियंता एवं एजेंसी के अधिकारियो को भी बुलाया गया था। उनके द्वारा किए जा रहे कार्यो के प्रगति को देखकर आयुक्त ने कड़ा निर्देश दिए। यह भी कहा कि प्रथम कार्य मकान तक पहुंच मार्ग को पहले पूर्ण करें, जिससे हितग्राही आकर अपने मकानो का निरीक्षण कर सकें। जो भी पूर्व में खिड़की, दरवाजे, नल, पाईप, वांस बेसिंग इत्यादि लगाए गए है, सब व्यवस्थित होने चाहिए। किसी प्रकार की कमी पाए जाने पर संबंधित एजेंसी जिम्मेदार होगी, उसके खिलाफ कार्यवाही की जावेगी।निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता विनिता वर्मा, अभियंता नितेश मेश्राम, दीपक देवांगन, सहित संबंधित एजेंसी के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भिलाई। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत मोर जमीन-मोर मकान बीएलसी योजना के अंतर्गत मकान का निर्माण किया जा रहा है। इसमें जिन हितग्राहियों के पास खुद का भूखंड, पट्टा युक्त भूखंड, रजिस्ट्री सुधा भूखंड आदि रहता है। उन्हें शासन के नियमानुसार सेन्ट्रल गारमेंट से 1.50 लाख रूपये, राज्य सरकार से लगभग 75000 रूपये 4 समान किस्तो में प्रदान किया जाता है। पहला फाउंडेशन लेवल, दुसरा लिंटर लेवल, तीसरा रूफ लेवल, चैथा फिनिशिगं लेवल शेष राशि हितग्राही को स्वयं लगाकर अपना मकान बनाना रहता है। नगर निगम भिलाई क्षेत्र में ऐसे 130 से अधिक मकान निर्माणाधीन है। हितग्राही अपना मकान शुरू तो कर दिए हैं, पर आगे नहीं बना रहे हैं। नियमानुसार शासन का पैसा एक-एक स्तर पूरा करने के बाद मिलता है। आज उन सभी हितग्राहियों को बुलाकर के आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा समझाया गया कि आप लोग अपने मकान को मार्च तक शीघ्र पूरा कर लेवे, नहीं तो आपकी शेष पैसा रुकने की संभावना है।सभी बीएलसी योजना 2 मोर जमीन-मोर मकान के लिए शासन से प्राप्त दिशा-निर्देश अनुसार प्राप्त आवेदनो का आनलाईन एन्ट्री प्रधानमंत्री आवास योजना के वेब युनिफाइड पोर्टल में किया जाना है। आनलाईन एन्ट्री में आवेदक से ओटीपी लिया जाना है, आनलाईन एन्ट्री की प्रक्रिया निगम कार्यालय/अनुबंधित वास्तविक के माध्यम से किया जा रहा है। अपना ओटीपी संबंधित निगम के अधिकारी को ही देवें, किसी बाहरी व्यक्ति को न देवें। जिससे गोपनीय जानकारी का दुरूपयोग न हो सके। आनलाईन एन्ट्री की प्रक्रिया निःशुल्क है, आनलाईन एन्ट्री में आवेदक का आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र एवं भूमि संबंधी दस्तावेज अपलोड किया जाना अनिवार्य है। अधिक जानकारी के लिए नगर पालिक निगम भिलाई जोन क्रमांक 03 प्रधानमंत्री आवास योजना शाखा में संपर्क कर सकते है।प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक के अंतर्गत निर्मित आवासो के आबंटन हेतु किराये दारी के रूप में निवासरत परिवारो से निर्मित/निर्माणाधीन आवासो के आबंटन हेतु किराएदारो से आवेदन आमंत्रित किये गये है। उक्त स्थलो पर आवास आबंटन हेतु कुल 1018 आवेदन प्राप्त हुए है। आवेदनो की सूची एवं पूर्ण दस्तावेज संलग्न कर आवेदन जमा किये जाने आवेदको की सूची दावा आपत्ति हेतु मुख्य कार्यालय एवं जोन कार्यालय के सूचना पटल पर चस्पा किया गया है। जिसकी दावा आपत्ति तिथि बढ़ा दी गई है, जो अब 27.12.2024 निर्धारित की गई है। उसके पश्चात कोई भी दावा आपत्ति मान्य नहीं होगा। समय अवधि के अंदर अपने दावा आपत्ति का निराकरण करा लेवें। ।बैठक के दौरान नोडल अधिकारी डी. के. वर्मा, कार्यपालन अभियंता विनिता वर्मा, अभियंता नितेश मेश्राम, दीपक देवांगन सहित एजेंसी के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित रहे।
- भिलाई। नगर पालिक निगम भिलाई के सभी जोन कार्यालय अंतर्गत 172 राशन दुकान (कापरेटिव) संचालित हो रहे है। जहां भिलाई क्षेत्र के नागरिक अपना राशन कार्ड ले जाकर राशन प्राप्त करते है। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा सभी कोऑपरेटिव राशन दुकान संचलितों की मीटिंग ली गई है उनसे जानकारी प्राप्त किये, नवीन राशन कार्ड बन जाने के बाद वितरण क्यों नहीं हो रहा है। तो उनके द्वारा बताया गया हितग्राही अपना राशन किसी अन्य दुकान से भी ले ले रहे हैं। वह अपने पुराने कोऑपरेटिव पर नहीं आ रहे हैं चर्चा के दौरान सहमति बनी कि अब प्रत्येक सोमवार को सभी जोन कार्यालय अंतर्गत पीडीएफ नवीन राशन कार्ड वितरण के लिए शिविर लगाया जा रहा है। नागरिक सुबह 11 बजे से साम 4 बजे तक शिविर स्थल पर राशन कार्ड राशन कार्ड प्राप्त कर सकते है। वहां पर कोऑपरेटिव दुकान संचालित करने वाले दुकानदार बैठेंगे साथ में निगम के भी कर्मचारी बैठेगे उनके द्वारा राशन कार्ड वितरित किया जाएगा। आयुक्त ने कोऑपरेटिव संचालकों से यह भी अनुरोध किया कि नागरिकों का सीधे जुड़ाव कोऑपरेटिव संचालकों से रहता है। स्वच्छ भारत अभियान में लोगों को समझाएं कि घर से गीला कचरा एवं सूखा कचरा अलग.अलग डस्टबिन में स्वच्छता मित्रों को देवें। सभी अपने दुकान पर प्रचार सामग्री भी रखें, उन्हे प्रदान की गई।कोऑपरेटिव संचालकों ने बताया कि नगर निगम भिलाई क्षेत्र लगभग 600 से अधिक राशन कार्डधारी अपना राशन कार्ड बनवा कर विदेश चले गए हैं। उन्हें भी राशन कार्ड नवीनीकरण करवाना है। जो नहीं करवा रहे हैं। राशन कार्डधारी 1.12.2024 से 28.02.2025 तक अपना राशन कार्ड नवीनीकरण करा सकते है। लगभग 40000 राशन कार्डधारियो का राशन कार्ड पुराना है। जो अभी तक अपना राशन कार्ड प्राप्त नहीं किए है। वे सभी शिविर स्थल पर जाकर अपना राशन कार्ड नवीनीकरण जल्द से जल्द करा लें। राशन कार्ड नवीनीकरण नहीं होने से नागरिको को राशन प्राप्त होने में परेशानी होगी। एक बार राशन कार्ड नवीनीकरण हो जाएगा तो किसी भी कोऑपरेटिव राशन दुकान से राशन ले सकते हैं। सभी जोन कार्यालय में फूड अधिकारी की नियुक्ति है।जोन क्रमांक-01 नेहरू नगर एवं जोन क्रमांक-02 वैशाली नगर में चंद्रभान बद्येल व कविता ठाकुर को दायित्व सौंपा गया है। वही जोन क्रमाक-03 मदर टेरेसा नगर एवं जोन क्रमांक-04 शिवाजी खुर्सीपार में आयुतोष चंद्राकरए तथा जोन क्रमांक-05 में वसुधा गुप्ता की डयूटी लगाई गई है। नागरिक फूड अधिकारी से संपर्क कर भी जानकारी प्राप्त कर सकते है। अंत में सब लोग मिलकर के स्वच्छता बनाए रखने एवं लोगों को प्रेरित करने के लिए स्वच्छता शपथ लिए। बैठक के दौरान प्रोगामर दीप्ति साहू, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, रीता चतुर्वेदी आदि उपस्थित रहे।
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- प्रदर्शनी में देखने को मिल रही एक साल के विकास की झलक
बिलासपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर यहां जिला कार्यालय परिसर में विकास आधारित फोटो प्रदर्शनी लगाई गई है। कलेक्टर अवनीश शरण ने फीता काटकर प्रदर्शनी का शुभारंभ किया। उन्होंने प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। गत एक बरस में हुए विकास कार्यों को सुन्दर छायाचित्र के जरिए प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में राज्य के साथ साथ स्थानीय उपलब्धियों पर ज्यादा फोकस किया गया है। बड़ी संख्या में लोग इसका अवलोकन कर जानकारी ले रहे हैं। जनसंपर्क विभाग द्वारा उन्हें राज्य शासन की मासिक पत्रिका जनमन और अन्य सामग्री भी वितरित की जा रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना, महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री जनमन योजना, शहर में खेल सुविधाओं का विकास, कृषक उन्नति योजना, रामलला दर्शन योजना, एक पेड़ मां के नाम सहित दर्जनों योजनाओं के सुंदर फोटो देखने को मिल रहा है। प्रदर्शनी का आयोजन जनसंपर्क विभाग द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से किया गया है। प्रदर्शनी एक सप्ताह तक चलेगी। - -आर्थिक मजबूती मिलने से परिवार की बनी धुरीबिलासपुर, /राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन से जुड़कर महिलाएं सफलता की इबारत लिख रही हैं। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन योजना से जुड़कर आज जिले की ग्रामीण महिलाओं ने स्वावलंबन की मिशाल पेश कर रही है। इसी के तहत मां सहोद्रा स्व सहायता समूह की उड़गन की रविकुमारी दीदी ने कुछ अलग करने की सोची एवं समूह के माध्यम से सिलाई, सब्जी बाड़ी, ई रिक्शा, सब्जी बिजनेस और थाल पोस बनाने का कार्य करना प्रारम्भ की। इन गतिविधियों से रविकुमारी आज लखपति दीदी बन गई है। वे आज आत्मनिर्भर है। स्वास्थ्य शिक्षा एवं सामाजिक स्थिति में काफी सुधार हुआ है। समूह के अध्यक्ष के रुप में श्रीमती रवि कुमारी टंडन अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रही है।बिल्हा ब्लॉक के ग्राम उड़गन की लखपति दीदी रविकुमारी टंडन ने बताया कि इस योजना से अब वह न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर है बल्कि योजना से मिली राशि का उपयोग करते हुए वे स्वयं का व्यवसाय अपने घर से ही कर रही है। वे कहती है कि स्व सहायता समूह से जुड़ने के बाद महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और इस माध्यम से वे बहुत कुछ सीख रहीं है। जानकारी मिलने के बाद स्व रोजगार स्थापित करने के संबंध में भी मार्गदर्शन मिला। योजना के तहत ऋण राशि स्वीकृत की गई, जिससे उसे अपना व्यवसाय स्थापित करने में मदद मिली। अब उसका परिवार आर्थिक रूप से सशक्तिकरण की ओर बढ़ रहा है।रविकुमारी अपने बीते हुए दिनों के दिक्कतों को बताते हुए कहती है कि वे पहले केवल कृषि और मजदूरी का कार्य करती थी। एक वर्ष किसानी करने से केवल उनको सालाना 55 हजार ही कमाई हो पाता था जिससे उनके बच्चों के पढ़ाई और घर में आमदनी की तंगी बनी रहती थी। लेकिन समूह से जुड़ने के बाद 3 लाख तक का बैंक से लोन लेकर स्वयं का व्यवसाय अपने घर में ही स्थापित कर लिया है। रविकुमारी अब कृषि कार्याे के साथ ही घर पर ही सब्जी बाड़ी, सिलाई, सब्जी बिजनेस, थाल पोस बना कर घर पर ही आमदनी कमा रही है। उन्होंने ई रिक्शा भी लिया है इन सभी कार्याे से वे अपने परिवार की आर्थिक स्थिति में अपनी सहभागिता निभा रहीं है। उनका कृषि कार्य में 55 हजार रूपए, सिलाई कार्याे में 36 हजार रूपए, सब्जी बाड़ी से 24 हजार रूपए, थाल पोस बनाने में 15 हजार रूपए, सब्जी बिजनेस में 1 लाख 80 हजार रूपए एवं ई रिक्शा से 1 लाख 20 हजार रूपए कर पूरे साल का परिवार 4 लाख 43 हजार रूपए आमदनी कमा रहा है।रविकुमारी कहती है कि केन्द्र एवं राज्य सरकार की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की पहल उन जैसी सभी महिलाओं के लिए वरदान साबित हुआ है। वे अपने परिवार को स्वयं के रोजगार से आर्थिक तंगी से उबार रही है और अपने आस पास के लिए मिशाल साबित हो रही है। रवि कुमारी ने योजना के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का तहे दिल से आभार और धन्यवाद प्रकट किया।
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बालोद. जिले में एक एसयूवीऔर ट्रक के बीच हुई टक्कर में सात लोगों की मौत हो गई तथा छह अन्य घायल हो गए। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने घटना पर दुख जताया है तथा जिला प्रशासन को घायलों को बेहतर चिकित्सा सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया है। उन्होंने बताया कि घटना रविवार देर रात डौंडी थाना क्षेत्र के चोरहापड़ाव गांव के निकट की है जब एक ट्रक ने एसयूवी को टक्कर मार दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया, "वाहन और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। एसयूवी में सवार 13 लोगों में से छह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि सात अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।" उन्होंने बताया कि पांच महिलाओं और एक बच्चे सहित सात घायलों को स्थानीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में स्थानांतरित कर दिया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजनांदगांव जिला अस्पताल भेजा गया। अधिकारियों ने बताया कि बाद में एक घायल ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
मृतकों की पहचान दुर्पत प्रजापति (30), वाहन चालक युवराज साहू (30), चार महिलाएं - सुमित्रा बाई कुंभकार (50), मनीषा कुंभकार (35), सगुन बाई कुंभकार (50) और इमला बाई (55) तथा सात वर्षीय बालक जिग्नेश कुंभकार के रूप में हुई है। उन्होंने बताया कि दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि मुख्यमंत्री साय ने घटना में सात लोगों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की है तथा घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने जिला प्रशासन को घायलों के बेहतर इलाज की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। - - वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर बाघिन का रेस्क्यू-एक्सपर्ट डॉक्टरों की टीम ने बाघिन को किया ट्रैंकुलाइजरायपुर / वन मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देशन में कोरिया वनमंडल के अंतर्गत आने वाले नगर निगम चिरमिरी के रिहायशी इलाकों में बीते एक सप्ताह से विचरण कर रही बाघिन को ट्रैंकुलाइज करने के बाद सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया है।सरगुजा से वन संरक्षक (वन्यप्राणी) केआर बढ़ई की अगुवाई में बाघिन को रेस्क्यू करने कानन पेंडारी से डॉ. पीके चंदन, तमोर पिंगला एलीफेंट रेस्क्यू सेंटर से डॉ. अजीत पांडेय व जंगल सफारी रायपुर से डॉ. वर्मा पहुंचे थे। उनकी निगरानी में आज शाम 4 बजे बाघिन को रेस्क्यू कर सुरक्षित ले जाया गया। मादा बाघ को नगर निगम चिरमिरी के हल्दीबाड़ी बघनच्चा दफाई के पास जंगल में ट्रैंकुलाइज किया गया। फिर उसे ग्रीन नेट से ढंककर पिंजरे में डाला गया। इसके बाद वन विभाग के ट्रक में लोड कर ले जाया गया। इस दौरान बाघिन को देखने बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। वन मुख्यालय रायपुर से निर्देश मिलने पर बाघिन को किसी टाइगर रिजर्व छोड़ा जाएगा।गौरतलब है कि बीते एक सप्ताह से कोरिया वनमण्डल बैकुण्ठपुर के पूर्वी साजापहाड़ बीट में बाघिन के विचरण के प्रमाण मिलने के बाद से ही वन विभाग का अमला पूरी तरह से अलर्ट रहकर लगातार निगरानी बनाए हुए था। बाघिन के विचरण क्षेत्र में वनों के चारों ओर गांव बसे हुए हैं, इसको ध्यान में रखते हुए विशेष सावधानी बरती जा रही थी। वन मंडलाधिकारी ने बाघिन के रेस्क्यू और उसे सुरक्षित स्थान पर छोड़ने के लिए छत्तीसगढ़ के प्रधान मुख्य वनसंरक्षक वन्यप्राणी को पत्र लिखकर ट्रैंकुलाईजेशन और परिवहन की अनुमति भी मांगी थी। वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने बताया कि इस बाघिन के विचरण की पुष्टि ट्रैप कैमरा एवं प्रत्यक्ष रूप से हुई थी। इसके बाद वन विभाग का अमला सक्रिय होकर ग्रामीणों और चरवाहों को सावधानी बरतने तथा जंगल ने जाने की लगातार हिदायत दे रहा था। यह बाघिन आज नगर निगम चिरमिरी के वार्ड क्रमांक 15 एवं 6 नम्बर गोलाई (बगनचा) में एक बाड़ी में घुस गई थी। गश्ती दल बाघिन के मूव्हमेंट पर चौबीसों घंटे निगरानी रख रहा था। बाघिन ने 2 मवेशी का शिकार भी किया था।
- -एक निश्चेतना विशेषज्ञ और एक पैथोलॉजिस्ट की भी पदस्थापना-स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन ने जारी किया आदेशरायपुर । स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में स्वास्थ्य सुविधाओं में लगातार इजाफा किया जा रहा है। उन्होंने कहा है में मुख्यमंत्री की पहल पर स्वास्थ्य सेवाओं के सुधार के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं और राज्य के सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की पदस्थापना भी इसी पहल का परिणाम है। बीते एक साल के भीतर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा 800 से ज्यादा चिकित्सा अधिकारियों, विशेषज्ञ चिकित्सक और अन्य चिकित्सा स्टाफ की नियुक्ति की जा चुकी है। एक बार फिर राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के द्वारा राज्य में 10 चिकित्सा अधिकारियों, 19 दंत चिकित्सक, निश्चेतना विशेषज्ञ और पैथोलॉजिस्ट की संविदा नियुक्ति के आदेश जारी किए गए हैं।जारी आदेश में निश्चेतना विशेषज्ञ डॉ अजीत कुमार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पत्थलगांव तथा पैथोलॉजिस्ट डॉ अनुभव वर्मा को जिला अस्पताल बिलासपुर में पदस्थ किया गया है।इसी तरह से 10 चिकित्सा अधिकारियों में डॉ. राकेश कुमार खोब्रागढ़े को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर- दोरनापाल जिला सुकमा, डॉ. अभयजीत गोलदार को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पेण्ड्रा जिला- गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही, डॉ. दीपाली मरकाम को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर शीतला पारा जिला कांकेर, डॉ. शुभम पाण्डेय को शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र- मुंगेली जिला- मुंगेली, डॉ. प्रदीप कुमार पाण्डेय को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर - खपरी वार्ड नं. 01. सरगांव जिला- मुंगेली, डॉ. तस्नीम फातिमा को शहरी प्राथ. स्वास्थ्य केन्द्र धमधा नाका जिला- दुर्ग, डॉ आकाक्षा कोरेटी को जिला अस्पताल जिला- दुर्ग, डॉ अब्दुर राजिक खान को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर रामेश्वर नगर जिला- रायपुर, डॉ. अर्जुन सिंह बंजारे को शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर सतनामीपारा साईनाथ कॉलोनी जिला- रायपुर, डॉ. संवेग दिनकर को जिला अस्पताल कालीबाड़ी जिला-रायपुर में पदस्थापित किया गया है।जारी पदस्थापना आदेश में 19 दंत चिकित्सको में से डॉ सुबी को यूपीएचसी बैकुंठधाम जिला दुर्ग, डॉ. नेहा मिश्रा को यूपीएचसी पोटियाकला जिला दुर्ग, डॉ. प्रसना सोनी को यूपीएचसी खुर्सीपार जिला दुर्ग, डॉ प्रीतिका साहू को यूपीएचसी चरौदा जिला दुर्ग, डॉ दीपा तिवारी को सीएचसी एस लोहारा जिला कबीरधाम, डॉ रंजना दान को सीएचसी शंकरगढ़ जिला बलरामपुर, डॉ ऋषि राज को सीएचसी पथरिया जिला मुंगेली, डॉ सी. नाग को सीएचसी मणिपुर जिला गरियाबंद, डॉ. अरूणिमा चौहान को सीएचसी लैलूंगा जिला रायगढ़, डॉ. परमेश्वर पात्र को सीएचसी धनोरा जिला कोण्डागांव, डॉ. श्रद्धा को सीएचसी पलारी जिला बलौदाबाजार-भाटापारा, डॉ. मधु राठौर को सीएचसी मालखरौदा जिला सक्ती, डॉ हेम सिंह को सीएचसी विजयनगर जिला रायगढ़, डॉ प्रज्ञा लोधी को सीएचसी मंदिर हसौद जिला रायपुर, डॉ वसुंधरा कश्यप को सीएचसी खरौद जिला जांजगीर-चांपा, डॉ मालविका मशीह को सीएचसी तखतपुर जिला बिलासपुर, डॉ. लीना को सीएचसी अंबागढ़-चौकी जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, डॉ. रश्मि को सीएचसी नरहरपुर जिला कांकेर, डॉ रणजीत खाण्डे को सीएचसी मानपुर जिला मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में संविदा नियुक्ति दी गई है।





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