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- -22 गांवों को लो-वोल्टेज की समस्या से मिलेगी मुक्तिरायपुर । उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के नवरंगपुर में 33/11 केव्ही नवीन सब स्टेशन का लोकार्पण किया। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत वितरण कंपनी द्वारा यहां 3.15 एमव्हीए क्षमता का पॉवर ट्रांसफॉर्मर स्थापित किया गया है। इस नए विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्र के 22 गांवों को लो-वोल्टेज की समस्या से मुक्ति मिलेगी। इससे छह हजार बिजली उपभोक्ता लाभान्वित होंगे।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विद्युत उपकेंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश में लगातार विकास के कार्य किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की हर एक गारंटी को पूरा किया जा रहा है। गांव, गरीब, किसान सभी का विकास हो रहा है। उन्होंने कहा कि आज शुरू हुए इस नए विद्युत उपकेंद्र से क्षेत्रवासियों को लो-वोल्टेज की समस्या से निजात मिलेगी। लंबे समय से इसकी मांग की जा रही थी। उन्होंने लोगों से बिजली का सदुपयोग करते हुए इसके बचत की अपील की।उल्लेखनीय है कि नवरंगपुर, डिंडोरी, कठौतिया इत्यादि गांवों के खुड़िया फीडर से अधिक दूरी के कारण हमेशा लो-वोल्टेज की समस्या बनी रहती थी। नवरंगपुर में 33/11 केव्ही का नया सब-स्टेशन बन जाने से अब यह समस्या नहीं होगी। पथर्रा फीडर के आठ गांवों आछीडोंगरी, राम्हेपुर, भस्करा, लीलापुर, खैराखुर्द, पीथमपुर, डबरी इत्यादि को नवरंगपुर सब-स्टेशन से जोड़ा जाएगा। इससे अधिक लोड की समस्या दूर होगी। लोकार्पण कार्यक्रम में विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद थे।
- रायपुर.। उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 8 दिसम्बर को बिलासपुर और बलौदाबाजार में विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। वे 8 दिसम्बर को सवेरे पौने 11 बजे बिलासपुर से सड़क मार्ग द्वारा बलौदाबाजार के लिए रवाना होंगे। वे दोपहर 12 बजे बलौदाबाजार के साहू छात्रावास भवन में युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल होंगे। वे दोपहर पौने एक बजे बलौदाबाजार से बिलासपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। श्री साव दोपहर दो बजे बिलासपुर के सिम्स (CIMS) ऑडिटोरियम में जिला साहू समाज द्वारा आयोजित युवक-युवती परिचय सम्मेलन में शामिल होंगे। वे दोपहर पौने तीन बजे सिम्स ऑडिटोरियम से बिलासपुर के सरकंडा स्थित सिद्धि मुस्कान भवन के लिए रवाना होंगे। उप मुख्यमंत्री श्री साव दोपहर तीन बजे बिलासपुर के सिद्धि मुस्कान भवन में समग्र ब्राह्मण युवक-युवती वैवाहिक परिचय एवं परिवार मिलन कार्यक्रम में शामिल होंगे। वे शाम छह बजे बिलासपुर से रायपुर के लिए प्रस्थान करेंगे। वे रात आठ बजे रायपुर पहुंचेंगे।
- -लोक निर्माण विभाग द्वारा विभागीय अभियंताओं के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजनरायपुर । राज्य शासन के लोक निर्माण विभाग द्वारा विभागीय अभियंताओं के तीन दिवसीय प्रशिक्षण में विशेषज्ञों ने भवन निर्माण और मरम्मत की नई तकनीकों की जानकारी दी। लोक निर्माण विभाग द्वारा रोडवार्ता फाउंडेशन के सहयोग से रायपुर के नवीन विश्राम भवन में 6 दिसम्बर से 8 दिसम्बर तक ‘गुड इंजीनियरिंग प्रेक्टिसेस इन बिल्डिंग कन्सट्रक्शन’ (GOOD ENGINEERING PRACTICES IN BUILDING CONSTRUCTION) पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। इसमें लोक निर्माण विभाग के दुर्ग जोन के सात जिलों राजनांदगांव, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मानपुर-मोहला-अंबागढ़ चौकी, दुर्ग, बालोद, बेमेतरा और कबीरधाम जिले के 150 कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता एवं उप अभियंता भाग ले रहे हैं।लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं को विभिन्न प्रशिक्षण सत्रों में रोडवार्ता फाउंडेशन के मुख्य प्रबंध निदेशक श्री आई.के. पाण्डेय, नया रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण के प्रमुख अभियंता श्री सलिल श्रीवास्तव, क्रांकीट विशेषज्ञ एवं वैज्ञानिक श्री सतन्दर कुमार, क्रांकीट विशेषज्ञ श्री सुरेश कुमार और बिल्डिंग स्ट्रक्चर विशेषज्ञ श्री समीर पाण्डेय ने ‘गुड इंजीनियरिंग प्रेक्टिसेस इन बिल्डिंग कन्सट्रक्शन’ के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने भवन निर्माण और मरम्मत के कार्यों में उपयोग हो रहे नए तकनीकों और मशीनरी के बारे में भी बताया।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री अरुण साव विभागीय समीक्षा बैठकों में लगातार निर्माण की गुणवत्ता पर जोर दे रहे हैं। उन्होंने इसके लिए विभागीय अभियंताओं के क्षमता विकास के लिए नियमित प्रशिक्षण के निर्देश दिए हैं। विभाग द्वारा सड़क एवं पुल-पुलियों के निर्माण संबंधी प्रशिक्षण के बाद भवन निर्माण और मरम्मत में नई तकनीकों की जानकारी तथा इन कार्यों में बेहतर गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए इस तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया है। दुर्ग जोन के अभियंताओं के प्रशिक्षण के बाद अन्य जोनों के लिए भी इसका आयोजन किया जाएगा।
- -आयोजन स्थल का किया निरीक्षणरायपुर / बस्तर ओलंपिक 2024 के संभाग स्तरीय प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज बस्तर पहुँचकर आयोजन की तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप और खेलमंत्री श्री टंकराम वर्मा साथ थे। बस्तर जिला के कलेक्टोरेट प्रेरणा सभाकक्ष में उपमुख्यमंत्री ने तैयारियों का विस्तृत चर्चाकर आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक निर्देश दिए। बस्तर ओलंपिक के समापन समारोह में अति विशिष्ट अतिथि श्री अमित शाह के आगमन के संबंध में भी चर्चा किए।बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बस्तर ओलंपिक बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों के युवाओं को खेल के माध्यम से मुख्य धारा से जोड़ने की पहल है। खेल के द्वारा युवाओं का एक माहौल देना है साथ ही योजनाओं के संबंध में जानकारी भी दिया जाना है। बस्तर ओलंपिक के संभाग स्तर के विजेता का समाज में महती भूमिका होगी, ये विजेता बस्तर के नौजवानों को उन्नति के लिए अन्य युवाओं को प्रेरित करने का प्रयास करेंगे। खेल प्रतियोगिता में बस्तर के अंदरूनी इलाक़ों के अधिक से अधिक पहुँचे और खिलाड़ियों का हौसला अफ़ज़ाई करें ।बैठक में वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि इस प्रतियोगिता में खेल संघों, विभिन्न समाजों के प्रमुखों को आमंत्रित किया जाए। साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं और उपलब्धियों को भी प्रचारित किया जाए। खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री की मंशानुसार बस्तर के युवाओं की खेल प्रतिभाओं को निखारने के लिए बस्तर ओलंपिक जैसे आयोजन किया जा रहा है।इसका सफलता पूर्वक संभाग स्तरीय आयोजन किया जाने हेतु आवश्यक तैयारियां समय पर पूरी की जाए।संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में 2422 खिलाड़ी भाग ले रहे हैं इसके अलावा 300 आत्मसमर्पित खिलाड़ियों और नक्सल हिंसा से दिव्यांग खिलाडी शामिल हो रहे है। बैठक में संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेने वाले खिलाड़ियों की आवास की व्यवस्था, परिवहन व्यवस्था सहित अन्य व्यवस्थाओं की जानकारी दी गई। साथ ही उद्घाटन और समापन समारोह की रूपरेखा की जानकारी दी गई। बैठक से पहले तीनों मंत्रियों ने इंदिरा प्रियदर्शनी स्टेडियम में उद्घाटन और समापन समारोह की तैयारियों का जायजा लिया और अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। खिलाड़ियों और दर्शकों की सुविधा और बैठक व्यवस्था, सांस्कृतिक कार्यक्रम, मुख्य अतिथियों की बैठक व्यवस्था, खिलाड़ियों का पुरस्कार वितरण सहित अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा भी की। इस अवसर पर कमिश्नर श्री डोमन सिंह, आईजी श्री सुंदरराज पी, खेल विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता, कलेक्टर श्री हरिस एस, पुलिस अधीक्षक श्री शलभ सिन्हा, संचालक खेल विभाग तनुजा सलाम सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे ।
- -206 गांवों की ढाई लाख आबादी को मिलेगा स्वच्छ पेयजल-जल जीवन मिशन के तहत 290 करोड़ की लागत से तैयार की जा रही खुड़िया मल्टी-विलेज योजनारायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री श्री अरुण साव ने आज मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के खुड़िया में 290 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भूमिपूजन और शिलान्यास किया। जल जीवन मिशन के तहत खुड़िया मल्टी-विलेज योजना से मुंगेली जिले के तीनों विकासखंडों के 206 गांवों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। जिले के करीब 60 हजार परिवारों को योजना का फायदा मिलेगा। खुड़िया जलाशय के सामने ही 23 एमएलडी क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। योजना का काम एक वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के भूमिपूजन के मौके पर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि खुड़िया मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना से खुड़िया जलाशय के पानी को शुद्ध कर गांव-गांव में बनी पानी टंकियों के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जाएगा। जल गुणवत्ता से प्रभावित और ग्रीष्म ऋतु में जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने से संकटग्रस्त गांवों को इससे पूरे साल भर स्वच्छ पेयजल मिलेगा। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार जल जीवन मिशन के माध्यम से हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए तेजी से काम कर रही है। श्री विष्णु देव साय की सरकार में सांय-सांय विकास कार्य हो रहे हैं। राज्य के चहुंमुखी विकास और समाज के सभी वर्गों के कल्याण के लिए सक्रियता से योजनाओं का क्रियान्वयन किया जा रहा है। मुंगेली जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रभाकर पाण्डेय और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री संजय सिंह सहित जिला प्रशासन व पीएचई के अनेक अधिकारी, जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक शिलान्यास कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद थे।योजना से जल गुणवत्ता और गर्मियों में भू-जल स्तर के नीचे चले जाने से प्रभावित गांवों में नहीं होगी पेयजल की समस्याखुड़िया मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना से मुंगेली जिले के 206 गांवों की करीब ढाई लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। लोरमी विकासखंड के 84 गांवों के 27 हजार 627, मुंगेली विकासखंड के 86 गांवों के 19 हजार 737 और पथरिया विकासखंड के 36 गांवों के 12 हजार 248 परिवारों को योजना से पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। योजना के अंतर्गत 423 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाने के साथ ही तीनों विकासखंडों के गांवों में कुल 216 पानी टंकियों के माध्यम से घर-घर पेयजल पहुंचाया जाएगा। लोरमी विकासखंड में 87, मुंगेली विकासखंड में 91 तथा पथरिया विकासखंड में 38 टंकियां बनाई जाएंगी।मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना से तीनों विकासखण्डों के खारे पानी वाले 19 गांवों और भू-जल स्तर के नीचे चले जाने से प्रभावित 38 गांवों के साथ ही अन्य गांवों को भी साल भर शुद्ध पेयजल की आपूर्ति होगी। शासन द्वारा योजना के लिए 290 करोड़ 12 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के तहत पेयजल की आपूर्ति के लिए 430 किलोलीटर क्षमता के एमबीआर के साथ ही अलग-अलग क्षमता के छह जेडबीआर भी बनाए जाएंगे। 45 बीएचपी क्षमता की तीन रॉ वाटर पम्पिंग मशीनरी और 95 बीएचबी क्षमता की तीन क्लियर वाटर मशीनरी भी स्थापित की जाएगी।
- -नक्सल प्रभावित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से पहुंचे मतदान केंद्र-71 फीसदी मतदान और दल की हुई सकुशल वापसीरायपुर / कांकेर के अतिसंवेदनशील पोलिंग बूथ के पीठासीन अधिकारी टिकेश कुमार साहू को एनडीटीवी के एडिटर- इन-चीफ ने एनडीटीवी इंडियन ऑफ द ईयर 2024 पोलिंग बूथ ऑफिसर अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार भी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि लोकसभा आम निर्वाचन 2024 के दौरान उत्कृष्ट कार्यों के लिए 6 राज्यों के पीठासीन अधिकारियों को एनडीटीवी इंडियन ऑफ द ईयर 2024 पोलिंग बूथ ऑफिसर अवॉर्ड से सम्मानित किया। इसी कड़ी में कांकेर जिले के अंतागढ़ विधानसभा क्षेत्र के गुड़ाबेड़ा मतदान केंद्र में पीठासीन अधिकारी टिकेश कुमार साहू भी सम्मानित हुए। उन्होंने नक्सल प्रभावित अति संवेदनशील क्षेत्र में 71% मतदान करवा कर मतदान दल की सकुशल वापसी कराई थी। टिकेश कुमार साहू ने मतदान के दौरान अपने और अपने दल की मतदान केंद्र पर पहुंचने और वापसी की घटना को मुख्य निर्वाचन आयुक्त से साझा किया। उन्होंने कहा कि उनकी टीम को हेलीकॉप्टर के माध्यम से बीएसएफ कैंप तक पहुंचाया गया और वहां से आगे मतदान केंद्र के लिए जंगलों के रास्ते 5 किलोमीटर दूर पैदल जाना पड़ा। टिकेश ने बताया कि सुरक्षाबलों की मदद से मतदान केंद्र सुरक्षित पहुंचे। इस अवसर पर टिकेश ने सफलतापूर्वक चुनाव संपन्न कराने के लिए मुख्य निर्वाचन आयुक्त राजीव कुमार के प्रति आभार प्रकट किया।इस मौके पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त ने टिकेश कुमार साहू से हाथ मिलाकर एवं पीठ थपथपाकर दुर्गम स्थल पर कार्य करने वाले मतदान दल के अधिकारियों एवं बीएलओ की प्रशंसा कर सफल निर्वाचन का श्रेय दिया।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णदेव साय राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार और युवाओं के लिए राज्य में ही मेडिकल शिक्षा की सुविधा को लेकर काफी संवेदनशील है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर चिकित्सा शिक्षा विभाग ने स्व. श्री लखीराम मेमोरियल शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में पीजी के 02 नये कोर्स प्रसुति एवं स्त्रीरोग विभाग हेतु 04 सीट एवं चर्मरोग विभाग हेतु 04 सीट की मंजूरी दी है।स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि राज्य शासन के द्वारा नए पाठ्यक्रमों को मंजूरी दिए जाने पर सीटों में वृद्धि से मेडिकल के छात्रों को लाभ मिलेगा। राज्य में ही पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश की संभावना बढ़ने से छात्रों को राज्य में ही उच्च शिक्षा प्राप्त करने का मौका मिलेगा।उल्लेखनीय है कि राज्य शासन की तरफ से स्व. लखीराम अग्रवाल मेमोरियल शासकीय मेडिकल कॉलेज रायगढ़ में पीजी के 02 नए पाठ्यक्रमों को शुरू करने की मंजूरी दी गयी है। चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा इस आशय का इशेंसियेलिटी सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया गया है। नए कोर्स में प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग के लिए 04 सीट एवं चर्म एवं रजित रोग विभाग के लिए 04 सीट पीजी हेतु अनुमति प्रदान की गई है। गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व भी जनरल सर्जरी के 07, एमडी पीडियाट्रिक्स से 04 और जनरल मेडिसीन के 05 की अनुमति प्रदान की गई थी।
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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज राजधानी रायपुर के ऐम्स परिसर में "निक्षय निरामय छत्तीसगढ़" 100 दिवसीय जांच व उपचार अभियान के दौरान लोगों में जागरूकता व टीबी जांच हेतु संचालित मोबाइल मेडिकल यूनिट व प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इनमें रायपुर, दुर्ग एवं बिलासपुर संभाग के लिए एक एक वाहन शामिल हैं। इस दौरान स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल उपस्थित थे। मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा अभियान के दौरान चिन्हाकित किये गए जोखिम समूहों की टीबी हेतु स्पॉट स्क्रीनिंग की जाएगी जिससे संदेहास्पद टीबी मरीजों का स्पॉट पर ही टीबी रोग का पता लगाया जा सकेगा । मोबाइल मेडिकल यूनिट द्वारा ए.आई. तकनीक से हैंड हेल्ड एक्स रे , CY-टीबी जांच व 16 चैनल वाले ट्रूनाट मशीन से टीबी के संभावित मरीजों की तुरंत एक्स रे द्वारा जांच एवं उपचार किया जाएगा ।
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रोजगार की तलाश से रोजगार देने तक का अनूठा सफर
आर्थिक सशक्तिकरण की बनी मिसाल
बिलासपुर/ शासन की कल्याणकारी योजनाओं से आम लोगों का जीवन खुशहाल हो रहा है। शासन की विभिन्न योजनाओं का लाभ लेकर दिव्यांग रत्ना के जीवन में खुशहाली आई है, वह न केवल स्वयं आत्मनिर्भर बनी है बल्कि अन्य दिव्यांगों को भी रोजगार देकर उन्हें सशक्त बना रही है। रत्ना ने प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री का आभार जताते हुए कहा कि उसके जीवन में यह बदलाव सरकार की मदद से आया हैं।
बंधवापारा नूतन चौक पर अपनी सिलाई की दुकान चलाकर रत्ना अपने परिवार की आजीविका चला रही हैं। सिलाई मशीन चलने में ऐसी पारंगत की कहना मुश्किल है कि वे पैरों से 80 प्रतिशत विकलांग है। रत्ना बताती है कि उनके पति भी विकलांग हैं, और घर की आजीविका कमाने वाली वही मुख्य सदस्य है, रत्ना कहती हैं कि जब वे बिलासपुर ब्याह कर आई तो उनके पास कुछ भी नहीं था। न अपना घर और न ही कोई व्यवसाय अपने हुनर की बदौलत और सरकारी मदद से दुकान मिली और लोन दिया गया। जिससे उन्होंने अपने व्यवसाय की शुरुआत की।बुटीक से उन्हें हर माह 25 से 30000 ₹ की कमाई हो जाती है जिससे वो अपने दोनों बच्चों को अच्छी शिक्षा दे पा रही हैं। बच्चों को सरकार की ओर से छात्रवृत्ति भी मिलती है। सरकार की ओर से उन्हें पक्का आवास भी दिया गया है जिसमें वो अपना खुशहाल जीवन बिता रही हैं, साथ ही मोटराइज्ड ट्राय सायकल भी मिली है जिससे वो आसानी से आना जाना कर लेती हैं। रत्ना ने बताया कि वह अपने घर पर शाम को स्वीट बॉक्स बनाने का भी काम करती है जिसमें उन्होंने तीन दिव्यांगों को काम दिया है वे कहती हैं कि दिव्यांगों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में सरकार की पहल सराहनीय है। रत्ना खुश होकर बताती हैं कि उन्हें एक और सरकारी योजना का लाभ मिल रहा है जो है महतारी वंदन योजना, इससे मिली राशि से वह अपनी छोटी छोटी जरूरतों को आसानी से पूरा कर पा रही है।
रत्ना कृतज्ञ भाव से कहती हैं कि सरकार की योजनाओं ने उसके जीवन में बड़ा बदलाव लाया है रत्ना ने प्रधानमंत्री,मुख्यमंत्री का आभार जताया।
उल्लेखनीय है कि सरकार की कल्याणकारी योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों का जीवन संवर रहा है।
- रायपुर। प्रदेश के कॉलेजों में बीएड व डीएलएड की जितनी सीटें हैं, उसकी तुलना में एडमिशन के लिए अधिक आवेदन मिले। इसके बाद भी छह लिस्ट में पूरी सीटें नहीं भर पाई है। अभी 1420 खाली है। इसे लेकर अब आखिरी चरण की काउंसिलिंग होगी। इसमें तीन लिस्ट जारी होगी।
- सरगुजा से लेकर बस्तर संभाग तक बूंदाबांदीअंबिकापुर में 10 डिग्री पहुंचा रात का पारारायपुर। छत्तीसगढ़ के कुछ इलाकों में दो दिनों यानी 7 और 8 दिसंबर को बारिश होगी। सरगुजा से लेकर बस्तर संभाग तक कहीं-कहीं पर हल्की बारिश और बूंदाबांदी से मौसम ठंडा रहेगा। रात के तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। छत्तीसगढ़ के करीब 9 जिलों में आज बारिश के आसार हैं। वहीं 8 दिसंबर को सरगुजा से लेकर बस्तर संभाग तक हल्की बारिश और बूंदाबांदी होगी, जिससे मौसम ठंडा रहेगा। रात के तापमान में विशेष बदलाव की संभावना नहीं है। फिलहाल सरगुजा संभाग सबसे ठंडा है।
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रायपुर। सरकार ने जमीन के पंजीयन शुल्क में बदलाव किया है। इस संबंध में राज्य सरकार की तरफ से नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। राज्य में अब कोई व्यक्ति जमीन की खरीदी-बिक्री और वसीयत सहित पंजीयन कार्यालय में होने वाले सभी काम घर बैठे भी करा सकता है, लेकिन इसके लिए अतिरिक्त शुल्क देना पड़ेगा।
- रायपुर। कलेक्टर महोदय की अध्यक्षता में दिनांक 26/11/2024 को आयोजित जिला रेडक्रॉस सोसायटी की सामान्य सभा बैठक में 15 सदस्यों का प्रबंध समिति गठन किया गया है। शेष 5 सदस्यों का चयन हेतु भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा रायपुर के संरक्षक, उपसंरक्षक एवं आजीवन सदस्यों की अनंतिम सूची का प्रकाशन कार्यालय भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, कलेक्ट्रेट परिसर, रायपुर और कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी रायपुर के सूचना पटल पर 07 दिसम्बर 2024 को चस्पा किया गया है। यदि किसी भी सदस्य को आपत्ति हो तो 13 दिसम्बर 2024 तक समय सायं 4 बजे तक अपना दावा आपत्ति संबंधी आवेदन मय सदस्यता रसीद सहित जमा कर सकते है। निर्धारित तिथि के पश्चात प्राप्त दावा आपत्ति मान्य नहीं होगी। 13 दिसम्बर 2024 के पश्चात प्राप्त दावा आपत्तियों का निराकरण कर संरक्षक, उपसंरक्षक एवं आजीवन सदस्यों की अंतिम सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
- -बेलगहना में 11 हाइवा व 4 ट्रैक्टर रेत उठाते धरे गए-कलेक्टर के निर्देश पर प्रशिक्षु आईएस ने की तगड़ी मोर्चाबंदीबिलासपुर, /कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर सहायक कलेक्टर एवं कोटा तहसीलदार तन्मय खन्ना आईएएस और नायब तहसीलदार राकेश ठाकुर के नेतृत्व में राजस्व विभाग कोटा और बेलगहना की संयुक्त टीम ने बीती रात अवैध उत्खनन के संबंध में मिली शिकायत पर तत्परता से कार्रवाई करते हुए ताबड़तोड़ कार्रवाई की। उन्होंने करहीकछार और रतखंडी में रात 11 बजे से लेकर 3 बजे तक वाहनों का धरपकड़ किया। उनके द्वारा 11 हाइवा और 4 ट्रैक्टर मौके पर पकड़े गए। इनमें से 4 हाइवा और 4 ट्रैक्टर को तत्काल थाना बेलगहना थाना पहुंचाया गया। अंधेरे का फायदा उठाकर कुछ वाहन निकल लिए और कुछ फंस गए थे।। जिसे खनिज विभाग को बुलवाकर इन 7 शेष हाइवा को चलवाकर चौकी प्रभारी बेलगहना के सुपुर्द किया गया। उनके बारे में ग्रामीणों और ड्राइवरों से सख्ती से पूछताछ करने पर बताया गया कि पिछले लगभग 1 माह से इलाके में अवैध खनन बेखौफ तरीके से चल रहा है। आगे भी अवैध उत्खनन के विरुद्ध कार्रवाई अभियान चालू रहेगा। कुछ पोकलेन और हाइवा के अवैध खनन में संलिप्त होने की पुख्ता सूचना मिली है। पकड़े गए सभी वाहनों को थाना बेलगहना और तहसील कार्यालय बेलगहना में सुरक्षित रूप से खड़े किया गया है। एकाएक इतनी बड़ी कार्रवाई और वाहन जब्त किए जाने पर रेत के अवैध कारोबारियों के बीच हड़कंप मचा हुआ है।
- -संविदा भर्ती के 47 विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु दिए आदेश पत्ररायपुर / प्रभारी मंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने जिला चिकत्सालय जीपीएम में 20 बिस्तरीय आईसोलेशन सह पीडियाट्रिक वार्ड का लोकार्पण और भारतीय जन औषधि केन्द्र का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा भर्ती के 47 विभिन्न पदों पर नियुक्ति हेतु आदेश पत्र दिए। उन्होंने सभी लोगों को भारत को टी. बी. मुक्त बनाने की शपथ भी दिलाई। संविदा भर्ती के पदों में स्टॉफ नर्स एनआरसी, नर्सिंग ऑफिसर एनएचएमपी, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर (मनोरोग नर्स), साइकोलॉजिस्ट-क्लिनिकल, द्वितीय एएनएम, एएनएम (आरबीएसके), डेंटल असिस्टेंट, ब्लॉक सुपरवाइजर (वीबीडी), एसटीएस, ओटी टेक्निशियन, लैब सहायक, नर्सिंग अधिकारी, जूनियर सचिवीय सहायक (एनएचएम), सचिवीय सहायक (आईडीएसपी), जूनियर सचिवीय सहायक (एनसीडी), जिला डाटा सहायक एवं सचिवीय सहायक (एनएचएम) के पद शामिल है।
- -इस वृहद गौरवशाली आयोजन के साक्षी बने राज्यपाल श्री रमेन डेका-अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी ने दिलाई चिकित्सा आचार संहिता पर आधारित महर्षि चरक शपथरायपुर। पंडित जवाहर लाल नेहरू स्मृति चिकित्सा महाविद्यालय, रायपुर में एम. बी. बी. एस. प्रथम वर्ष में नव प्रवेशित विद्यार्थियों को चिकित्सा आचार संहिता की शपथ दिलाने के लिए ‘‘व्हाइट कोट सेरेमनी’’ का वृहद गौरवशाली आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में छत्तीसगढ़ राज्य के राज्यपाल श्री रमेन डेका की गरिमामयी उपस्थिति रही। पं. नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी ने अपने स्वागत उद्बोधन में कहा कि एम. बी. बी. एस. प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित 230 छात्र - छात्राओं को राज्यपाल महोदय की उपस्थिति में चिकित्सा आचार संहिता महर्षि चरक शपथ दिलाया जाना महाविद्यालय के लिए बड़े गौरव की बात हैं। मेडिकल टीचर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. अरविंद नेरल ने मेडिकल प्रोफेशन के क्रियान्वयन के समय निभाये जाने वाले नैतिक मूल्यों और आदर्शों की जानकारी दी। डॉ. नेरल ने कहा कि मरीज दवाइयों के अलावा एक आदर्श चिकित्सक से अपनत्व, मुस्कुराहट और मित्रवत व्यवहार की अपेक्षा रखते हैं। मेडिकल साइंस सभी विज्ञानों में सबसे अधिक मानवीय और सभी मानविकी में सबसे अधिक वैज्ञानिक होता है। एक डॉक्टर ताउम्र विद्यार्थियों की तरह सीखता रहता है।अधिष्ठाता डॉ. विवेक चौधरी ने चरक आचार संहिता की शपथ विद्यार्थियों को दिलाई, उनके द्वारा कहे गए शब्दों को नवप्रवेशित 230 छात्र-छात्राओं ने अपना दाहिना हाथ उठाकर दोहराया।मुख्य अतिथि राज्यपाल श्री रमेन डेका ने चिकित्सा छात्रों को व्हाइट कोट समारोह की महत्ता बताते हुए कहा कि आज आपने जो शपथ लिया है उसका सदैव स्मरण करना अति आवश्यक है। चिकित्सा का क्षेत्र सेवा के साथ-साथ एक गरिमामयी प्रोफेशन है जिसमें ‘‘यह व्हाइट कोट बेदाग रहे,’’ इस बात का ध्यान रखना आवश्यक होता है। चरक संहिता एवं व्यक्तिगत जीवन से जुड़े कुछ अनुभवों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि एक चिकित्सक को बीमारी के मूल कारणों (रूट कॉज ऑफ डिजीज) को जानने की कला में निपुण होना चाहिए। बतौर चिकित्सक मरीज के गोल्डन ऑवर में जीवन रक्षा के लिए बेहतर निर्णय लेने की क्षमता होनी चाहिए। राज्यपाल ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के दौरान चिकित्सक एवं चिकित्सा कर्मियों के चिकित्सा सेवा, साहस और कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आप सभी ने मानव सेवा के लिए जो कुछ भी किया वह अतुलनीय है।राज्यपाल के उद्बोधन पश्चात विद्यार्थियों द्वारा अपने सामाजिक उत्तरदायित्वों का ज़िक्र करते हुए ‘‘हम तुम्हारे साथ हैं, वी आर द डॉक्टर्स, वी आर आलवेज देयर फार यू'' की संगीतमय प्रस्तुति दी गई। एम. बी. बी. एस. चिकित्सा पाठ्यक्रम में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को गोल्ड मेडल देकर सम्मानित किया गया।
- -पुलिस कर्मियों के लिए आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का बनेगा मजबूत आधार - मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ पुलिस विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए राज्य सरकार ने एक बड़ा कदम उठाते हुए 8 प्रमुख बैंकों के साथ पुलिस सैलरी पैकेज के तहत समझौता (एमओयू) किया है। इस समझौते में भारतीय स्टेट बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा, कैनरा बैंक, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और आईडीबीआई बैंक शामिल हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस पहल को पुलिस कर्मियों के लिए सुरक्षा और सहयोग का एक मजबूत आधार बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता पुलिस विभाग के कर्मचारियों के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि यह समझौता न केवल पुलिस कर्मियों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा, बल्कि उनके परिवारों की आवश्यकताओं को भी पूरा करेगा। यह पहल छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन और पारदर्शिता की नीति को और मजबूत करेगी और पुलिस कर्मियों के कार्यक्षमता और मनोबल में सकारात्मक परिवर्तन लाएगी।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने इस पहल को पुलिस विभाग के कल्याण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस कर्मियों को यह स्वतंत्रता दी गई है कि वे अपनी सुविधा और आवश्यकता के अनुसार किसी भी बैंक में सैलरी खाता खोल सकते हैं। इसके लिए किसी भी प्रकार की बाध्यता या अतिरिक्त शुल्क नहीं होगा। सभी बैंकों से प्राप्त प्रस्ताव पुलिस इकाइयों को भेजे जाएंगे ताकि पुलिस कर्मी अपनी आवश्यकताओं के अनुसार सबसे उपयुक्त बैंक का चयन कर सकें। यह समझौता पुलिस कर्मियों और उनके परिवारों के लिए कई लाभ प्रदान करेगा। इसमें सामान्य मृत्यु के मामलों में ₹1 लाख से ₹10 लाख तक की जीवन बीमा राशि, दुर्घटना में मृत्यु के मामलों में ₹10 लाख से ₹1 करोड़ तक की सहायता, स्थायी विकलांगता के मामलों में ₹30 लाख से ₹1 करोड़ तक और आंशिक विकलांगता के लिए ₹22.5 लाख से ₹1 करोड़ तक की बीमा राशि का प्रावधान शामिल है। बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए ₹4 लाख से ₹20 लाख तक और कन्या विवाह के लिए ₹5 लाख से ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता उपलब्ध होगी। नक्सल हिंसा में शहीद होने वाले पुलिस कर्मियों के परिवारों के लिए ₹10 लाख से ₹50 लाख तक की सहायता राशि प्रदान की जाएगी।
- -700 बिस्तरीय एकीकृत नवीन अस्पताल भवन निर्माण के लिए 231 करोड़ रूपए का ई टेंडर सीजीएमएससी ने किया जारी-डॉ. भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय रायपुर परिसर (मेकाहारा) में होगा निर्माणरायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की दिशा में लगातार कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य सुविधाओं में विस्तार के रूप में तरक्की और सुशासन का ये सफर लगातार आगे बढ़ रहा है। इसी कड़ी में रायपुर के मेकाहारा में बढ़ते मरीजों का दबाव कम करने के लिए परिसर में 700 बिस्तरीय एकीकृत नवीन अस्पताल भवन निर्माण के लिए टेंडर प्रक्रिया को शुरू कर दिया गया है । उल्लेखनीय है कि इस वर्ष के बजट में मेकाहारा परिसर में 700 नवीन एकीकृत अस्पताल का प्रावधान किया था जिसके निर्माण की प्रक्रिया अब शुरू कर दी गयी है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य में इलाज के लिए बेहतर संसाधन उपलब्ध हो सके इसके लिए लगातार पूंजीगत व्यय के निर्णय लिए जा रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और नई सुविधाओं के विकास पर विशेष जोर दे रहे है।मेकाहारा परिसर में 700 बिस्तरीय नवीन एकीकृत अस्पताल भवन के लिए 231 करोड़ रूपए के ई- टेंडर जारी होने पर स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा है कि राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं का इजाफा करना उनकी पहली प्राथमिकता है। उन्होने कहा है कि इस एकीकृत अस्पताल के निर्माण से मेकाहारा अस्पताल के अतिरिक्त भी लोगों के पास सर्वसुविधा वाला अस्पताल रहेगा। इसमें रायपुर सहित सम्पूर्ण प्रदेश के लोगों को इलाज की बेहतर सुविधा उपलब्ध हो सकेगी और लोगों को ज्यादा से ज्यादा स्वास्थ्य सुविधा का लाभ मिलेगा।ई टेंडर के सम्बन्ध में विस्तृत जानकारी सीजीएमएससी की वेबसाइट www.cgmsc.gov.in पर 10 दिसंबर से उपलब्ध रहेगी । इसके लिए प्री-बिड मीटिंग 19 दिसंबर को सीजीएमएससी मुख्यालय में सुबह 11 बजे होगी। आनलाइन निविदा जमा करने की अंतिम तारीख 2 जनवरी 2025 तक होगी और 6 जनवरी 2025 को यह टेंडर खुलेगा।
- -मूलभूत सुविधाओं और जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए किया जा रहा विशेष शिविरों का आयोजनरायपुर /छत्तीसगढ़ राज्य की विशेष पिछड़ी जनजातियों में पंडो जनजाति का नाम प्रमुखता से आता है। यह जनजाति राज्य के दूर-दराज इलाकों में निवास करती है, जहां मूलभूत सुविधाओं का अभाव और शासन की योजनाओं तक पहुंच की समस्या लंबे समय से बनी हुई थी। इस समस्या का समाधान करने के लिए छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सूरजपुर जिला प्रशासन द्वारा महत्त्वपूर्ण कदम उठाया गया है। सूरजपुर जिले में पंडो जनजाति को मूलभूत सुविधाओं और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष शिविरों का आयोजन संपूर्णता अभियान के तहत प्रत्येक बुधवार को किया जा रहा है, जो कि उनकी विकास यात्रा में एक निर्णायक पहल साबित हो रही है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सदैव समाज के सबसे पिछड़े और हाशिए पर खड़े समुदायों के विकास पर विशेष ध्यान देने की बात कही है। उनकी यह मान्यता है कि समाज के हर वर्ग को समान अवसर और सुविधा मिलनी चाहिए, चाहे वह किसी भी भौगोलिक स्थिति में क्यों न हो। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की इस सोच को मूर्त रूप प्रदान करते हुए पंडो जनजाति जैसी विशेष पिछड़ी जनजातियों को शासकीय योजनाओं से जोड़ने के लिए जिला प्रशासन द्वारा प्रयास किया जा रहा है, ताकि इन समुदायों का समुचित विकास हो सके और उन्हें समाज की मुख्यधारा में लाया जा सके। इसी क्रम में पंडो जनजाति के विकास की दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सूरजपुर जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में विशेष शिविरों का आयोजन इस उद्देश्य से किया जा रहा है कि पंडो जनजाति के लोगों को शासन की योजनाओं का संपूर्ण लाभ पहुंचाया जा सके।पण्डो जाति के लिए विशेष शिविरों का आयोजन इनके विकास की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। विशेष शिविरों के द्वारा इस जनजाति के प्रत्येक परिवार को शासकीय योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन शिविरों का आयोजन 18 दिसंबर 2024 तक जिले के विभिन्न ग्राम पंचायत भवनों में किया जाएगा। इसके तहत हर परिवार का सर्वेक्षण कर पंडो परिवार की जानकारी एकत्रित कर उनकी आवश्यकता और उपलब्ध सुविधाओं का आकलन करने के बाद संबंधित विभागों द्वारा आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। इन पंडो परिवारों को मूलभूत सुविधाओं और योजनाओं से शत-प्रतिशत संतृप्त करने के लिए शिविरों का रोस्टर और कार्ययोजना बनाई गई है। रोस्टर के अनुसार प्रत्येक गांव में शिविर का आयोजन किया जा रहा हैै। इसमें तिथियों का निर्धारण कर जनजाति के लोगों को सरकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। शिविरों के सफल क्रियान्वयन के लिए, कलेक्टर श्री एस जयवर्धन ने विभिन्न विभागों के जिला अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपी हैं। सभी विभाग के अधिकारियों द्वारा अद्यतन जानकारी परियोजना प्रशासक व एकीकृत आदिवासी विकास परियोजना सूरजपुर को उपलब्ध कराई जाती है। इस वर्ग के विकास के लिए जिला प्रशासन, जनपद पंचायत, और आदिवासी विकास परियोजना के अधिकारी समन्वय में कार्य कर रहे हैं। हर विभाग के अधिकारी को अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि विकास की यह प्रक्रिया निर्बाध रूप से आगे बढ़ सके।इस पहल से इस आदिवासी वर्ग के जीवन स्तर में निरंतर सुधार आ रहा है। शिविरों के आयोजन से पंडो जनजाति को स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार, आवास और आर्थिक सहायता की योजनाओं का लाभ विशेष शिविरों के माध्यम से उन्हें योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। इन शिविरों में जिन योजनाओं का लाभ प्रदान किया जा रहा है, उनमें प्रमुख रूप से प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत योजना, उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन, और राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना शामिल हैं। इन योजनाओं के तहत पंडो जनजाति के परिवारों को पक्के मकान, स्वास्थ्य बीमा, मुफ्त गैस कनेक्शन, शौचालय निर्माण और सस्ती दरों पर खाद्यान्न उपलब्ध कराया जा रहा है।शासन एवं प्रशासन के इस प्रयास की सराहना पंडो जनजाति और स्थानीय समुदाय के लोगों द्वारा निरंतर की जा रही है। पहले जहां इन जनजातियों को मूलभूत सुविधाओं की कमी और योजनाओं से वंचित रहने की शिकायत थी, वहीं अब इन शिविरों के माध्यम से उन्हें उनका हक मिल रहा है। कई पंडो परिवारों ने अपने अनुभव साझा किए हैं कि कैसे इन योजनाओं के कारण उनके जीवन में बदलाव आया है।इस योजना के संबंध में स्थानीय पंडो निवासी रामेश्वर पंडो ने बताया कि पहले हमें शासन की योजनाओं के बारे में सही जानकारी नहीं मिल पाती थी, और न ही हमें पूरी तरह से उनका लाभ मिल पाता था। लेकिन अब विशेष शिविरों के माध्यम से हमें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल रहा है। हमारे परिवार को आवास योजना का लाभ मिला है, और हमें स्वास्थ्य बीमा भी मिला है। इससे हमारे जीवन में काफी सुधार हुआ है।उल्लेखनीय है कि इस संपूर्णता अभियान अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों सूरजपुर, रामानुजनगर, प्रेमनगर, भैयाथान, ओडगी और प्रतापपुर के ग्रामों में निवासरत विषेष पिछड़ी जनजाति पंडो को शासन की योजनाओं से लाभान्वित करने एवं संतृप्तिकरण प्राप्त करने की दिशा में निरंतर शिविर का आयोजन किया जा रहा है। इसके अंतर्गत परिवार के मुखिया आधारित योजनाओं को देखा जाए तो विभिन्न ग्राम पंचायतों में 124 शिविर का अयोंजन कर 82 घरों में विद्युतीकरण, 184 हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, 72 शौचालय, 118 का मनरेगा जॉब कार्ड, 209 को उज्जवला गैस कनेक्षन, 389 को किसान क्रेडिट कार्ड, 250 को पीएम किसान सम्मान निधि एवं 73 घरों में हर घर नल से जल की सुविधा प्रदान की गई।इसके अलावा हितग्राहीमूलक योजनाओं को देखा जाए तो 191 हितग्राहियों का जाति प्रमाण पत्र, 322 का आधार कार्ड, 393 का राशन कार्ड, 99 को वोटर कार्ड, 116 को पेंशन, 243 स्व सहायता समूह गठन, 16 हितग्राहियों को वनधन केंद्र आजीविका, 44 का कौशल विकास, 583 हितग्राहियों का श्रम विभाग में पंजीकरण, 347 को प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, 113 को प्रधानमंत्री पोषण योजना, 278 को सुकन्या समुद्धि योजना से लाभन्वित किया गया। 291 हितग्राहियेां का आंगनबाड़ी में पंजीयन, 496 का आयुष्मान कार्ड निर्माण, 107 को प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान का लाभ, 1558 का सिकल सेल एनीमिया जांच, 140 हितग्राहियों का टीकाकरण, 94़9 हितग्राहियों का टीवी उन्मूलन जांच, 1166 लेागों का कुष्ठ रोग जांच, 33 को प्रधानमंत्री जनधन योजना से, 91 को जीवन ज्योति बीमा योजना एवं 158 हितग्राहियों को सुरक्षा बीमा योजना से लाभान्वित किया गया है।
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आसान हुई खेती किसानी*
*बारिश पर निर्भरता हुई खत्म*
बिलासपुर/न बिजली के बिल की झंझट ओर न ही पावर कट की परेशानी। छत्तीसगढ़ शासन की सौर सुजला योजना पूरे प्रदेश सहित बिलासपुर जिले के किसानों के लिए भी वरदान साबित हो रही हे। इस योजना से जहां किसान भरपूर पानी अपने खेतों तक पहुंचा रहे हैं तो दूसरी तरफ ऐसे ही किसानों के लिए बेहद लाभकारी साबित हो रही है। इस योजना का लाभ लेकर लिम्हा के किसान श्री तिरथ राम की आमदनी बढ़ गई है उन्हें खेती किसानी में भी आसानी हो रही है।
बिल्हा विकासखंड के ग्राम लिम्हा के किसान श्री तिरथ राम ने बताया कि सिंचाई सुविधा नही होने से मनवांछित उत्पादन नही ले पा रहे थे। क्रेडा द्वारा सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई पम्प लगने के बाद हितग्राही अपने खेत पर तीन फसल चना, गेहू व मसूर ले कर खेती कर रहे है एवं किसान द्वारा बेहद खुशी से बताया गया है कि उनके खेत में अब सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है जिससे उनकी आय बढी है। उन्होने बताया की इस सोलर पम्प द्वारा पूरे दिन आसानी से सिंचाई हो जाती है तथा उन्हे कोई बिजली बिल भी नही देना पडता है। उन्होंने कहा कि अब उन्हें खेती किसानी के लिए बारिश पर निर्भर नहीं होना पड़ता है।
सोलर पम्प स्थापना से किसानों के आयों में दोगुना बढोतरी होने के साथ कृषकों द्वारा लगातार सोलर पम्प स्थापना हेतु मांग की जा रही है। क्रेडा द्वारा अब तक जिला बिलासपुर में कुल 2191 नग पम्प स्थापित किये जा चुके है जिसमें विकासखंड बिल्हा में 415, तखतपुर में 622, मस्तूरी में 833 एवं कोटा में 321 शामिल है। राज्य शासन द्वारा सौर सुजला योजना अंतर्गत स्थापित किये जाने वाले सोलर पम्प का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराया जाना है। सोलर पम्प के उपयोग से राज्य में कृषि उत्पादन में वृद्धि के साथ-साथ भूजल के संरक्षण एवं संवर्धन तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने मे सहायता मिल रही है। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य कर निरीक्षकों को शासकीय कार्य के दौरान व्यवसायियों द्वारा धमकाने की घटना को गंभीरता से लेते हुए इस पर कड़ी कार्यवाही के निर्देश दिए है।उल्लेखनीय है कि राज्य कर जीएसटी विभाग द्वारा बोगस फर्मों, संदिग्ध फर्मों की पहचान के लिए रिस्क पैरामीटर के आधार पर ऐसे फर्मों की पहचान कर भौतिक सत्यापन की कार्यवाही की जा रही है। विभाग के निर्देश पर निरीक्षकों द्वारा रायपुर स्थित मेसर्स योगेश कमर्शियल, महेश कालोनी, गुढियारी के मुनीश कुमार शाह एव मेसर्स श्री जगन्नाथ कन्स्ट्रक्शन, दलदल सिवनी के राहुल शर्मा के विरूद्ध अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने पर व्यवसाय के भौतिक सत्यापन हेतु राज्य कर निरीक्षक श्रीमती रितु सोनकर और श्री होमेश वर्मा को निर्देशित किया गया था। आदेश के परिपालन में कर निरीक्षक भौतिक सत्यापन करने गये थे, लेकिन उक्त दोनों व्यवसायियों के द्वारा निरीक्षकों के साथ दुर्व्यवहार करते हुए धमकी दिया गया जिससे व्यवसाय के भौतिक सत्यापन के शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न हुआ। मुख्यमंत्री श्री साय के द्वारा व्यवसायियों के इस कृत्य को गंभीरता से लिया गया।मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देशन में विभाग ने व्यवसायियों के संव्यवहारों की पड़ताल की तथा कर अपवंचन और जीएसटी अधिनियम के प्रावधानो का पालन नहीं करने पर आज विभाग ने दोनों फर्मों के प्रतिष्ठानों पर जांच जब्ती की कार्यवाही की। विभाग द्वारा शासकीय कार्यों में बाधा पहुंचाने एवं अधिकारियों को धमकाने के लिए उक्त व्यक्तियों के विरूद्ध पुलिस थाना में प्राथमिकी दर्ज कराने की कार्रवाई की गई।
- -290 करोड़ रुपए से अधिक की योजना से 60 हजार परिवार होंगे लाभान्वितरायपुर / जल जीवन मिशन के तहत खुड़िया मल्टी-विलेज योजना से जिले के तीनों विकासखंडों के 206 गांवों को स्वच्छ और सुरक्षित पेयजल की आपूर्ति की जाएगी। मुंगेली जिले के करीब 60 हजार परिवारों को योजना का फायदा मिलेगा।उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव 7 दिसम्बर को मुंगेली जिले के खुड़िया में 290 करोड़ रुपए से अधिक की लागत के मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का भूमिपूजन करेंगे। खुड़िया जलाशय के सामने ही 23 एमएलडी (Million Liter per Day) क्षमता का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनाया जा रहा है। योजना का काम एक वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।खुड़िया मल्टी-विलेज जल प्रदाय योजना में खुड़िया जलाशय के पानी को शुद्ध कर गांव-गांव में बनी पानी टंकियों के माध्यम से घरों तक पहुंचाया जाएगा। जल गुणवत्ता से प्रभावित और ग्रीष्म ऋतु में जल स्तर के ज्यादा नीचे चले जाने से संकटग्रस्त गांवों को इससे पूरे साल भर स्वच्छ पेयजल मिलेगा। मुंगेली जिले के लोरमी विकासखंड के 84 गांवों के 27 हजार 627 परिवार, मुंगेली विकासखंड के 86 गांवों के 19 हजार 737 परिवार और पथरिया विकासखंड के 36 गांवों के 12 हजार 248 परिवार योजना से लाभान्वित होंगे।शासन द्वारा योजना के लिए 290 करोड़ 12 लाख रुपए स्वीकृत किए गए हैं। योजना के अंतर्गत मुंगेली जिले के 206 गांवों में पेयजल की आपूर्ति के लिए 430 किलोलीटर क्षमता के एमबीआर (Master Balance Reservoir) के साथ ही अलग-अलग क्षमता के छह जेडबीआर (Zonal Balance Reservoir) भी बनाए जाएंगे। 45 बीएचपी क्षमता की रॉ वाटर पंपिग मशीनरी और 95 बीएचबी क्षमता की क्लीयर वाटर मशीनरी स्थापित की जाएगी।
- बिलासपुर/समग्र शिक्षा बिलासपुर जिले के विकासखण्डों में दिव्यांग बच्चों हेतु संचालित समावेशी संसाधन स्त्रोत केन्द्रों हेतु फिजियोथेरेपिस्ट के 3 पद हेतु एनआईसी बिलासपुर के वेबसाईट www.bilaspur.gov.in में विज्ञापन प्रकाशित किया गया था, जिसके अनुक्रम में 11 आवेदन प्राप्त हुए है। सभी आवेदकों के प्रमाण पत्रों का परीक्षण 12 दिसंबर को जिला परियोजना कार्यालय, समग्र शिक्षा, जिला पंचायत के द्वितीय तल में दोपहर 1 बजे से शाम 4 बजे के बीच किया जाना है। आवेदकों का सम्पूर्ण विवरण जिला कार्यालय समग्र शिक्षा बिलासपुर में चस्पा किया गया है। अगर आवेदकों के विवरण में किसी प्रकार की त्रुटि है तो लिखित में आवेदन जिला मिशन समन्वयक को 9 दिसंबर तक प्रस्तुत कर सकते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के वीआईपी रोड स्थित श्री राम मंदिर परिसर के महर्षि वाल्मीकि उत्सव मंडप में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने व्यास पीठ पर विराजमान आचार्य श्री पवन नन्दन जी द्वारा कही जा रही श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने आचार्य श्री पवन नन्दन जी से आशीर्वाद ग्रहण किया और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। उल्लेखनीय है कि श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन श्री राम मंदिर परिसर में 02 दिसंबर से 08 दिसंबर तक किया जा रहा है। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, कथा के आयोजकों सहित बड़ी संख्या में भक्तगण उपस्थित थे।
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बिलासपुर/छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय द्वारा उच्चतर न्यायिक सेवा (भर्ती एवं सेवा शर्तें) नियम, 2006 के अंतर्गत जिला न्यायाधीश (प्रवेश स्तर) के पदों पर पदोन्नति एवं सीमित भर्ती प्रतियोगी परीक्षा 2023 के चयनित उम्मीद्वारों की सूची जारी कर दी गई है। उक्त चयन सूची का अवलोकन उच्च न्यायालय की वेबसाईट https://highcourt.cg.gov.in पर किया जा सकता है।


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