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- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका ने आज मैग्नेटो मॉल स्थित पीवीआर मल्टीप्लेक्स में जाकर राज भवन स्टाफ के साथ फिल्म साबरमती रिपोर्ट देखी।फिल्म देखने के बाद राज्यपाल ने कहा कि 27 फरवरी 2002 को साबरमती ट्रेन मे घटितअग्नि दुर्घटना के बारे में फिल्म में सच्चाई दिखाई गई है। यह साहसिक फिल्म है इसे सभी लोगों को देखना चाहिए।
- -स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर किया गया सम्मानितमहासमुंद / नेपाल की राजधानी काठमांडू में 27-28 नवंबर को आयोजित द्विदिवसीय अंतर्राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी में प्रो. डॉ. अनुसुइया अग्रवाल, डी.लिट्, प्राचार्य, स्वामी आत्मानंद शासकीय अंग्रेजी माध्यम आदर्श महाविद्यालय महासमुंद, छत्तीसगढ़ ने रामकथा को निस्वार्थ प्रेम और शक्ति का प्रतीक बताया।इस संगोष्ठी का आयोजन कन्हैयालाल मानिकलाल मुंशी हिन्दी तथा भाषा विज्ञान विद्यापीठ आगरा, डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय आगरा, त्रिभुवन विश्वविद्यालय काठमांडू नेपाल, बी.डी. जैन कन्या महाविद्यालय आगरा, बैकुंठी देवी कन्या महाविद्यालय आगरा, और ग्लोबल हिन्दी ज्योति कैलिफ़ोर्निया अमेरिका के संयुक्त तत्वावधान में किया गया। उद्घाटन समारोह के मुख्य अतिथि नेपाल सरकार के संस्कृति, पर्यटन और नागरिक उड्डयन मंत्री बद्रीप्रसाद पांडे थे, जबकि ग्लोबल हिन्दी ज्योति कैलिफ़ोर्निया की संस्थापक अध्यक्ष डॉ. अनीता कपूर विशिष्ट अतिथि थीं। कार्यक्रम के दूसरे दिन अकादमिक सत्र की अध्यक्षता करते हुए डॉ. अनुसुइया ने राम के जीवन को सत्य, प्रेम और कर्तव्य का आदर्श बताया। उन्होंने कहा, "राम का अपनी पत्नी सीता के प्रति अटूट प्रेम ही उन्हें रावण से युद्ध करने और उसे पराजित करने के लिए प्रेरित करता है। राम अच्छाई, धर्म, और करुणा का प्रतीक हैं।"उन्होंने राम के चरित्र की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि राम का जीवन न केवल उनके साहस और भक्ति के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि वे न्याय, त्याग और कर्तव्यपरायणता के आदर्श भी हैं। छत्तीसगढ़ के जनजीवन में राम की लोकप्रियता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां "राम-राम" अभिवादन का प्रचलित रूप है। डॉ. अनुसुइया के वक्तव्य को सभा में उपस्थित विद्वानों ने अत्यधिक सराहा। उनके अध्यक्षीय उद्बोधन के अंत में उन्हें काठमांडू की सांसद द्वारा स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी में भारत के विभिन्न राज्यों हरियाणा, गुजरात, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, केरल, दिल्ली आदि से विद्वान शामिल हुए। कार्यक्रम का संयोजन प्रो. प्रदीप श्रीधर और बंदना अग्रवाल ने किया।
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दुर्ग, / पशु चिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा दाऊ श्री वासुदेव चंद्राकर कामधेनू विश्वविदयालय अंजोरा दुर्ग में जिला पंचायत बीजापुर के अनुरोध पर राष्ट्रीय ग्रामीण अजीविका मिशन अंतर्गत बीजापुर के पशु सखी एवं किसानों के लिये तीन दिवसीय ”बकरीपालन प्रबंधन एवं उद्यमिता विकास” में प्रशिक्षण कार्यक्रम विगत 27 से 29 नवंबर 2024 तक सम्पन्न हुआ। प्रशिक्षण में बकरी पालन संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी जैसे छत्तीसगढ में बकरी पालन की संभावनायें, छत्तीसगढ की जलवायु के लिये उपयुक्त नस्ले, उनका आवास एवं सामान्य प्रबंधन, भोजन का प्रबंधन, बकरियों में आकस्मिक शल्य चिकित्सा एवं प्राथमिक उपचार, बकरियों में होने वाली महत्वपूर्ण बीमारियां, उनका टीकाकरण, रोकथाम, छत्तीसगढ एवं भारत सरकार दवारा बकरी पालन व्यवसाय को बढावा देने के लिये चलाई जा रही वाली महत्वपूर्ण योजनाये जैसे एन.एल.एम एवं नाबार्ड पोषित योजनाये, आवेदन प्रक्रिया, बैंक लोन की प्रक्रिया, छत्तीसगढ राज्य में बकरीपालन में संभावनायें के बारे में विभिन्न विषय विशेषज्ञों के द्धारा सारगर्भित व्याख्यान एवं प्रायोगिक प्रशिक्षण दिया गया एवं विभिन्न फार्म का भ्रमण कराया गया। इस प्रशिक्षण में बीजापुर के बीजापुर के 38 पशु सखी एवं किसानों ने भाग लिया। प्रशिक्षण के अन्त में विश्वविद्यालय के कुलपति डा. आर.आर.बी.सिंह, पशुचिकित्सा एवं पशुपालन महाविद्यालय अंजोरा, दुर्ग के अधिष्ठाता डा.संजय शाक्य, निदेशक फार्म डा. धीरेन्द्र भोसले, केवीके के कार्यक्रम समन्वयक डा. वी.एन. खूने एवं प्रशिक्षण प्रभारी डा. रामचंद्र रामटेके ने सभी प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाणपत्र वितरित कर इनके उज्वल्ल भविष्य की कामना की। इस कार्यकम का संचालन डा. रूपल पाठक एवं धन्यवाद ज्ञापन डा. शब्बीर अनंत के द्वारा किया गया।
- -ग्राम तुमड़ीकसा में सभी घरों में पहुँच रहा है शुद्ध एवं समुचित पानी-ग्रामीणों को अब पानी के प्रबंध के लिए घर से बाहर निकलने की जरूरत नहीबालोद। केन्द्र सरकार द्वारा देश के प्रत्येक नागरिकों को उनके घरों पर ही शुद्ध पेयजल एवं निस्तारी हेतु पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराकर उनके स्वास्थ्य सुरक्षा एवं समय और श्रम की बचत हेतु शुरू की गई ’हर घर जल’ योजना बालोद जिले के वनांचल के निवासियों के लिए भी संजीवनी साबित हो रहा है। यह योजना खास कर जिले के दुर्गम एवं दुरस्थ क्षेत्रों मंे बसे परिवारों के लिए जहाँ के निवासियों को पेयजल एवं निस्तारी हेतु पानी के लिए हैण्डपंप, कुआं, तालाब आदि पर निर्भर रहना पड़ता है। वहाँ के लोगों को शुद्ध पेेयजल एवं अन्य दैनिक क्रियाकलापों के लिए समुचित मात्रा में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के दिशा मंे एक क्रांतिकारी कदम साबित हो रहा है। इस योजना के फलस्वरूप सभी घरों में समुचित मात्रा में पानी उपलब्ध होने से जिले के आदिवासी बाहुल्य डौण्डीलोहारा विकासखण्ड सुदूर वनांचल के ग्राम तुमड़ीकसा के ग्रामीणों के लिए वास्तव में वरदान साबित हो गया है। इस योजना के शुरू होने से तुमड़ीकसा के ग्रामीणों को अब पानी के प्रबंध के लिए अपने घरों से बाहर निकलने की जरूरत नही पड़ रही है। जिसके कारण उन्हें शुद्ध पेयजल उपलब्ध होेने के साथ-साथ उनके श्रम की बचत हो रही है। उल्लेखनीय है कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत ग्राम तुमड़ीकसा में एकल ग्राम योजना के तहत 40-40 हजार लीटर के दो पानी टंकी का निर्माण कर वहाँ निवासरत सभी 196 घरों में नल कनेक्शन पहुँचाया गया है। गांव के सभी 196 घरों में नल कनेक्शन पहुँच जाने से ग्रामवासी अब पानी प्रबंध करने की विकट समस्या से पूरी तरह से निजाद पा चुके है। इस योजना का सबसे ज्यादा लाभ घरेलु एवं कामकाजी महिलाओं को हो रही है जिनके ऊपर पानी प्रबंध करने की प्रमुख जिम्मेदारी होती थी। इसके साथ ही गांव में जल जीवन मिशन के तहत घर पर ही शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित होने से ग्रामीणों को अब जलजनित बीमारियों के खतरा होने की संभावना नही है।इस योजना की सराहना करते हुए जल जीवन मिशन के हितग्राही श्रीमती मीना बाई रावटे ने बताया कि यह योजना हम महिलाओं के लिए तो एक वरदान है। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले तक इस योजना से जब हमारे घरों में नल नही लगा था, उस समय हमें पानी के प्रबंध के लिए हमें गांव के हैण्डपंप एवं कुएं आदि पर आश्रित रहना पड़ता था। जहाँ से पानी निकालने में समय एवं मेहनत भी अधिक लगता था। साथ ही कड़ी मेहनत करने के बाद भी पेयजल एवं अन्य घरेलु कार्यों के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी का प्रबंध करना एक कठिन कार्य होता था। लेकिन अब इस योजना के फलस्वरूप हमें अपने घरों मंे भी पेयजल के साथ-साथ अन्य जरूरतों के लिए पानी मिल रहा है। इसी तरह इस योजना की प्रशंसा इस योजना से लाभान्वित होने वाले हितग्राही श्री खिलेश कुमार सिन्हा ने भी की है। खिलेश कुमार ने बताया कि इस योजना के प्रारंभ होने के पूर्व हमारे गांव में पेयजल एवं निस्तारी के लिए पानी का प्रबंध कराना हम ग्रामीणों के लिए सबसे बड़ी समस्या थी। उन्होंने कहा कि बाहर से पेयजल के लिए प्रबंध किए जाने वाले पानी से जलजनित बीमारियों का खतरा भी रहता था। इस कार्य में सबसे ज्यादा परेशानी हमारे घर की महिलाओं को होती थी। लेकिन आज जल जीवन मिशन के अंतर्गत हमारे घर के सभी गांवों में पानी पहुँच जाने से हम ग्रामवासियों के बहुत बड़ी समस्या का निदान हुआ है। उन्होेंने ’हर घर जल’ योजना के माध्यम से प्रत्येक घरों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित कराकर उनके स्वास्थ्य रक्षा तथा समय एवं मेहनत के बचत करने की दिशा में महत्वपूर्ण सौगात देने के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति विनम्र आभार व्यक्त करते हुए हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- दुर्ग / विश्व एड्स दिवस आज 1 दिसंबर को राज्य शासन (नाको) के आदेशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग के निर्देशन में जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी दुर्ग के करकमलों से हरी झंडी दिखाकर रैली को रवाना किया गया। आज की थीम, ’’अपने अधिकार को समझिये और लिए गये रास्ता चुनिये’’ इस रैली में नोडल अधिकारी डॉ. खंडेलवाल, लिंक कार्यकर्त्ता, जीएनएम ट्रेनी एवं अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। रैली में पोस्टर, बैनर के साथ ही नारों के माध्यम से लोगों को एड्स जागरूकता का संदेश दिया गया। एड्स एक भयावह बीमारी है। ये संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने या बिना सावधानी पर चपेट में आ सकते है। इससे बचाव के लिए सबसे बड़ा उपाय सावधानी है। वही लोग एआरटी सेंटर पर एड्स की जांच के साथ ही निःशुल्क इलाज भी ले सकते है। इलाज से व्यक्ति इस भयावह बीमारी से खुद और परिवार का बचाव कर सकता है।
- बालोद। जिले के सभी धान खरीदी केंद्रों में धान को सुरक्षित रखने सभी व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। वर्तमान में खराब मौसम धान मद्देनजर सभी समिति प्रबंधक द्वारा उपार्जन केन्द्रों में धान को कैंप कवर से ढक कर सुरक्षित रखा गया है। उप पंजीयक श्री राजेंद्र राठिया और जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के नोडल अधिकारी श्री सी आर रावटे द्बारा उपार्जन केन्द्र सांकरा ज,पिरीद,कुरदी, पैरी,लाटाबोड़ का भ्रमण कर व्यवस्था का निरीक्षण किया गया। जहां पर सभी जगह धान कैप कवर से ढका हुआ पाया गया। इसी प्रकार उपार्जन केंद्र भाटागांव आर , भाटागांव बी, मेड़की, बालोद, करहीदर सहित सभी जगह धान ढक कर रखा गया है।
- बिलासपुर /कलेक्टर अवनीश शरण के निर्देश पर जिला खनि अधिकारी के नेतृत्व में खनि अमला बिलासपुर द्वारा आज लगातार दूसरे दिन 01 दिसंबर को सुबह 5 बजे से दोपहर 12 बजे तक ग्राम लोधीपारा,कोनी,सेंदरी,कछार, लोफ़दी,मंगला,धुरीपारा,लोखंडी, नीरतू, घुटकू , सरकंडा, दर्री, सिरगिट्टी क्षेत्र मे रेत खदान एवं खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की सघन जांच की गई। जांच में 2 हाईवा को खनिज निम्न श्रेणी चूना पत्थर व गिट्टी तथा 04 ट्रेक्टर को खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर पुलिस थाना कोनी एवं सरकंडा के अभिरक्षा में रखा गया है। वैध अभिवहन पास रायल्टी पर्ची के बिना खनिजों का परिवहन किये जाने के कारण सभी 6 वाहन चालकों/मालिकों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71 खान एवं खनिज(विकास एवं विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21 के तहत खनिज के अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया है एवं आगे शास्ति की कार्यवाही की जा रही है। खनि अमला द्वारा कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
- -सब्जी बेचकर परिवार का भरण पोषण करने वाली महिलाओं ने मुख्यमंत्री का जताया आभारबिलासपुर /हर माह की एक तारीख को महतारी वंदन योजना से मिलने वाली राशि महिलाओं के लिए बड़ा सहारा बन रही है। अपनी आजीविका के लिए कड़ी मेहनत करने वाली ग्राम नीरतू की महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को इस संवेदनशील पहल के लिये धन्यवाद दिया है।' हर माह की एक तारीख को मुख्यमंत्री की ओर से मिलने वाली 1000 रुपए की मदद से हम जैसे गरीब महिलाओं को बड़ा सहारा मिला है।' ये कहना है ग्राम नीरतू की श्रीमती श्यामा बाई पटेल और लीला बाई पटेल का। उन्होंने बताया कि बाड़ी में सब्जी उगाने के बाद वे उसे बेचने शहर आती हैं और नूतन चौक में सड़क किनारे सब्जी बेचकर परिवार को आर्थिक मदद कर रही है। महतारी वंदन योजना से हर माह मिलने वाली राशि से वह व्यवसाय के लिए गांव से सब्जी लेकर शहर आना जाना करती हैं, इससे उन्हें पैसे की बचत होती है उनका कहना है कि पहले कमाए हुए पैसे में से रोजाना ऑटो किराया देने में काफी खर्च हो जाता था, अब महतारी वंदन योजना से मिले पैसे का उपयोग वे ऑटो भाड़ा देने में करती हैं और सब्जी बेचने से कमाए हुए पैसे की बचत करती हैं।श्रीमती श्यामा बाई और लीलाबाई ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार जताया और कहा कि अपनी मेहनत की कमाई की अब वे बचत कर पा रही हैं।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय द्वारा शुरू की गई महतारी वंदन योजना महिलाओं के लिए एक अहम कदम साबित हो रही है। इस योजना के तहत हर माह महिलाओं के खाते में एक हजार रुपये की राशि दी जाती है। महिलाओं को मिल रही इस राशि से उन्हें अपनी छोटी छोटी जरूरतें पूरी करने में मदद मिल रही है।
- रायपुर ।सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर शंगीता एवं कलेक्टर रायपुर श्री गौरव सिंह के निर्देश पर आबकारी विभाग जिला रायपुर द्वारा शनिवार को चार अलग-अलग प्रकरणों में हरियाणा प्रांत की मदिरा सहित कुल 97.46 लीटर शराब जप्त कर चार आरोपियों को जेल दाखिल किया गया । वी.आई.पी. रोड स्थित शगुन फार्म हाउस से आरोपी परमानंद विश्वकर्मा के आधिपत्य से कुल 55.28 लीटर विदेशी मदिरा जिसमें हरियाणा राज्य में विक्रय हेतु जैग़रमास्टर , ग्लैनलेविट, जॉनी वाकर गोल्ड लेबल, रोकु जीन, ग्रे गूज वोडका, सिल्वर पैटरॉन टेकीला तथा छत्तीसगढ़ राज्य में विक्रय हेतु लेबल लगी वाइन जैकब क्रीक , सुला, बीयर कोरोना जैसी प्रीमियम ब्रांड की विदेशी मदिरा जप्त की गई । अवंती विहार निवासी राजकुमार निषाद उर्फ राजू कबाड़ी से 115 पाव मसाला एवं 35 पाव जम्मू व्हिस्की जप्त की गई । जोरापुरा निवासी काजल शर्मा से 50 पाव देसी मदिरा मसाला जप्त की गई । भटिया गांव थाना खरोरा निवासी जगमोहन भारद्वाज से 10 पाव शोले मसाला, 6 पाव बेस्ट्रो,5 बोतल हेवर्ड्स 5000 बियर जप्त कर प्रकरण कायम किया गया । उपरोक्त कार्यवाहियों में सहायक जिला आबकारी अधिकारी श्री राजेंद्र तिवारी, श्री आशीष सिंह, श्री वैभव मित्तल एवं आबकारी उपनिरीक्षकगण प्रकाश देशमुख एवं कमल कोड़ोपी का महत्वपूर्ण योगदान रहा ।
- भिलाई। नगर निगम भिलाई द्वारा आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय के पहल पर कांजी हाउस के पशुधन को पर्याप्त चारा मिले इसीलिए गांव क्षेत्र से निशुल्क चारा मंगाया जा रहा है। ज्ञात हो की नगर निगम भिलाई में दो काजी हाउस संचालित हो रहे हैं। डी मार्ट एवं कोसानाला भिलाई रेलवे स्टेशन के पास। पशुओं को पर्याप्त चारा मिले इसके लिए ग्रामीण क्षेत्र से खेत से सीधे चारा मंगाया जा रहा है। कोई भी किसान दान स्वरूप सहयोग रूप से अपने खेत से पैरा दे सकता है। नगर निगम भिलाई की गाड़ी जाएगी वहां से चारा लेकर आएगी। नगर निगम भिलाई का प्रयास चल रहा है पर्याप्त मात्रा में पैरा, कुट्टी काजी हाउस में रख दिया जाए। जिससे पशुओं को चारा पानी का तकलीफ ना हो। जो भी किसान फार्म हाउस के मालिक पशु चारा देना चाहते हैं। वे नगर निगम भिलाई के नोडल अधिकारी अनिल सिंह मोबाइल नंबर 98261690 14 पर कॉल करके सहयोग कर सकते हैं। गौरतलाप है कि सड़कों पर घूमने वाले आवारा पशुओं को पड़कर नगर निगम भिलाई के शहरी काजी हाउस में रखा गया है। पशुओं के चारे पानी एवं दवाई की व्यवस्था शासकीय स्तर पर किया जाता है। अभी खेतों की कटाई हुई है, खेत में किसानों के पास पर्याप्त मात्रा में चारा रहता है। उसी को लाकर के निगम के गोदाम में रख रहे हैं। नगर निगम भिलाई के तरफ से अनुरोध है कि इस पुनीत कार्य में कोई भी सहयोग कर सकता है। किसानों का छोटा सा सहयोग पशुओं के लिए बहुत बड़ा सहारा होगा।
- भिलाई नगर । विश्व एड्स जागरूकता दिवस पर आज भिलाई इस्पात संयंत्र के पं. जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय और अनुसंधान केन्द्र में चित्रकला, पोस्टर, लघु नाटिका सहित अनेक आयोजन कर लोगों को एड्स के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र के कर्मचारियों और टाउनशिप में अनेक जागरूकता आयोजन भी हुए।चीफ मेडिकल ऑफिसर डॉ विनीता द्विवेदी जवाहरलाल नेहरु हॉस्पिटल एंड रिसर्च ने बताया कि विश्व एड्स रोकथाम दिवस का थीम है राइट टू अ न्यू पाथ। इसके तहत हमने पेशेट्स को उनके पूरे राइट्स के बारे में जानकारी देने के लिए एक पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया। सारे डॉक्टर्स ने मिलकर एक जागरूकता का अभियान शुरू किया है ताकि लोगों में यह संदेश फैला सकें कि विश्व एड्स की रोकथाम के लिए हमारे यहां भी इलाज चल रहा है और हम अपने एंप्लॉयीज को नया से नया जो भी ट्रीटमेंट, वर्ल्ड में होता है वो दे सकें और सारे समाज में यह भ्रांति हटा दें कि एड्स का कोई इलाज नहीं है। एड्स का बिल्कुल इलाज है और रोकथाम भी हो सकती है। इसी जागरूकता के चलते हमने हास्पिटल में विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया। जिसके माध्यम से विश्व एड्स दिवस पर बहुत अच्छे से जागरूकता के संदेश हम फैला रहे हैं।
- - मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर लगातार जारी है स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने का प्रयास-स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के निर्देश पर रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर व सरगुजा संभाग में कुल 83 चिकित्सा अधिकारियों के संविदा नियुक्ति आदेश जारी-ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला अस्पतालों को मिले नए चिकित्सा अधिकारीरायपुर । राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने व स्वास्थ्य सेवाओं की प्रदायगी हेतु पर्याप्त मानव संसाधन की उपलब्धता को सुनिश्चित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के निर्देश व स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन अंतर्गत संविदा पदों पर चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति प्रदान करते हुए पदस्थापना आदेश जारी किए गए हैं।प्रदेश के रायपुर संभाग के शासकीय अस्पतालों में 31 चिकित्सा अधिकारियों, बिलासपुर संभाग में 22 चिकित्सा अधिकारियों, सरगुजा संभाग में 03 चिकित्सा अधिकारियों के साथ दुर्ग संभाग में 27चिकित्सा अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, छत्तीसगढ़ द्वारा आज इन नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारियों की पदस्थापना के आदेश जारी किए गए हैं। इन डॉक्टरों को संबंधित जिले के विभिन्न ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों तथा जिला चिकित्सालयों में पदस्थ किया गया है। नवीन संविदा चिकित्सा अधिकारी की पदस्थापना से त्वरित इलाज में तेजी आएगी और चिकित्सा सुविधाओं को बढ़ावा मिलेगा।रायपुर संभाग हेतु चिकित्सा अधिकारी(संविदा) के जारी आदेश में डॉ शुभम विश्वकर्मा, डॉ प्रिदम्बिनी नायक, डॉ तोयेष चंद्राकर, डॉ स्मृति इंगोले, डॉ साहिल कुमार, डॉ मिलनदीप कौर, डॉ देवांग शाह, डॉ नीलम जायसवाल, डॉ चंद्र शेखर जायसवाल, डॉ वाय. मुनमुन, डॉ यशवंत सोनी, डॉ दीक्षा थवाईत, डॉ ऋतम्भरा शर्मा, डॉ वैशाली चौरसिया, डॉ यूसुफ उस्मानी, डॉ एम शिवानी राव, डॉ निशा पैकरा, डॉ शिखा शुक्ला, डॉ सोनाली अवधिया, डॉ सुब्रनिल घोष, डॉ सचिन अग्रवाल, डॉ अम्मूनाथ अनमोल पांडेय, डॉ प्रशांत कुमार पांडेय, डॉ अदिबा खान, डॉ श्रेया मुखर्जी, डॉ एशिनी अग्रवाल, डॉ प्रीति खालखो, डॉ विकास सिंह, डॉ विपिन कुमार सिंह, डॉ संग्राम येरेवार, डॉ मयंक शर्मा व बिलासपुर संभाग हेतु डॉ सावी शुक्ला, डॉ सोनाली प्रकाश, डॉ धनंजय कुमार निर्मलकर, डॉ विवेक पटेल, डॉ कृष्ण कुमार कुम्भकार, डॉ अदिति सिंह, डॉ नीलमणी सिंह, डॉ जोन कुजूर, डॉ पूजा सिंह, डॉ निशि निर्मलकर, डॉ प्रफुल्लता कंवर, डॉ अमीशा टेकाम, डॉ पूर्णिमा कंवर, डॉ दिव्या अंकित रोहलेदार, डॉ अनुभूति नंद, डॉ अदिति मारिया लाकरा, डॉ रितीशा वेरोनिका थॉमस,डॉ प्रियंका सिंह पैकरा, डॉ संदीप पटेल, डॉ ज्योत्सना गुप्ता, डॉ स्मृति रानी लकड़ा, डॉ त्रिलोक जागीतानाथ हिमधर व दुर्ग संभाग हेतु डॉ कृति ठाकुर, डॉ दामिनी नाग, डॉ शशांक बारले, डॉ प्रिया चन्दानन, डॉ श्रीयम शुक्ला, डॉ सुदीप्ता पाल, डॉ संध्या कंवर, डॉ सौरीन चटर्जी, डॉ सुधांशु शेखर सेनापति, डॉक्स नवेद मालिक, डॉ सुलेखा विंध्यराज, डॉ मोनिका मरकाम, डॉ हितेश प्रसाद पात्रे, डॉ अंजलि आर जोसेफ, डॉ प्रणय दत्ता, डॉ मोहम्मद असहर खान, डॉ पलक मेश्राम, डॉ रुपाली सिंह, डॉ राजेश्वर प्रसाद हेटली, डॉ अवधेश सिदार, डॉ प्रतीक साहू, डॉ प्रियंका गेन्ड्रे, डॉ मोहम्मद अरशद अंसार, डॉ सैयद ताजिश अली, डॉ अकांक्षा श्रीवास्तव, डॉ योगिता पांडरे, डॉ भाविका टंडन के साथ सरगुजा संभाग हेतु डॉ भोजमनियां, डॉ प्रेमा कुजूर व डॉ अभिषेक नामदेव को विभिन्न जिलों में पदस्थ किया गया है ।
- -बिटिया को बना रहीं आईटी इंजीनियररायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा है कि जो हाथ कुशलता से चूल्हा-चौका का काम करते हैं वे तकनीक के क्षेत्र में भी उतनी ही कुशलता का परिचय दे सकते हैं। डबल इंजन की सरकार में महिलाएं न सिर्फ आर्थिक रूप से अपितु तकनीकी रूप से भी सक्षम हो रही हैं।छत्तीसगढ़ की ड्रोन दीदियों ने इस सोच को साकार कर दिया है।रायपुर जिले की ग्राम नगपुरा की ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता की उड़ान ड्रोन की तरह है।प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम से वे भी ड्रोन दीदी बनीं। उन्होंने ड्रोन चलाना सीखा और बहुत थोड़े समय में इसमें कुशल हो गईं। चंद्रकली बताती हैं कि हुनरमंद होने से उनके काम का मूल्य भी कई गुना बढ़ गया। वे केवल 10 मिनटों में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर देती हैं और इससे 300 रुपए कमा लेती हैं। गांव में खेतों में छिड़काव के बाद उनके ड्रोन चालन की कुशलता की जानकारी पड़ोसी गांवों में भी फैल गई। उन्हें खूब काम मिला और पूरी लगन के साथ चंद्रकली ने लगभग 700 एकड़ खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर दिया।सबसे बड़ी खूबी यह है कि तकनीक ने उन्हें समय की बाधा से पूरी तरह से मुक्त कर दिया। वे बच्चों को तैयार करती हैं। घर में चूल्हा-चौका कर लेती हैं फिर खेतों के लिए निकल पड़ती हैं। उनके हाथ में ड्रोन का रिमोट होता है। जैसे ही चंद्रकली ड्रोन कंट्रोल रिमोट ऑन करती हैं, धीरे-धीरे ड्रोन गति लेते हुए आसमान की ओर उड़ता है और खेत का चक्कर काटने लगता है। अब चंद्रकली अपने गांव सहित आसपास के क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती है।रायपुर जिले की आरंग विकासखंड की निवासी श्रीमती वर्मा कुछ महीनों पहले महिला समूह से जुडकर बहुत ही कम आमदनी प्राप्त कर रही थीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नवंबर 2023 को नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरूआत की थी, जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त करते हुए आत्मनिर्भर बनाते हुए आधुनिकता से जोड़ना है। इसी योजना के तहत छत्तीसगढ़ की महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को चयन किया गया जिसमें रायपुर जिले की चन्द्रकली वर्मा भी शामिल थी।श्रीमती चन्द्रकली बताती हैं कि उनके समूह में अच्छे कार्य को देखते हुए इस योजना के लिए चयनित किया गया और ऑनलाइन इन्टरव्यू हुआ। जिसके लिए उन्हें ग्वालियर में 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई और दिसंबर 2023 में इन्हें ड्रोन निःशुल्क दिया गया, साथ ही परिवहन के लिए ड्रोन वाहन दिया गया। वे बताती हैं कि मुझे अन्य दीदियों के साथ उत्तर प्रदेश के फूलपुर में आमंत्रित किया गया, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें नमो ड्रोन दीदी की उपाधि दी। इसके बाद श्रीमती चन्द्रकला के आने बाद किसानों को इसकी बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मैनुवल तरीके से कीटनाशक का छिड़काव करने की अपेक्षा अब यह काम तकनीक की सहायता से ड्रोन से मिनटों में ही हो जाता है। धीरे-धीरे उन्हें काम मिलने लगा। चंद्रकला दो लाख रूपये से अधिक की आय अर्जित कर चुकी है जिससे वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहीं है उनकी बेटी आईटी में इंजीनियरिंग कर रही हैं। तकनीक का महत्व जब चंद्रकला ने समझा तो अपनी बिटिया को भी तकनीक की ओर मोड़ दिया, यह चमत्कार नमो ड्रोन दीदी योजना का है।श्रीमती चन्द्रकला कहती हैं कि मुझे गर्व है कि मै ड्रोन दीदी हूं। मै आज नई तकनीक का उपयोग कर रही हूं। अपने गांव के खेती किसानी में मदद कर रही हूं, जिससे फसल उत्पादन में वृद्धि होगी और लागत भी कम आएगी। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देती हूं और अन्य महिलाओं से आग्रह करती हूं कि इस तकनीक से जुड़ें और छत्तीसगढ़ को और आगे बढ़ाएं।
- रायपुर 1 दिसंबर 2024/ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, जगदलपुर और अंबिकापुर एयरपोर्ट के विकास कार्यों के लिए वित्त विभाग ने 23.64 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की है। इससे एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर और सुरक्षा से संबंधित कार्य किए जाएंगे। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि इन कार्यों की स्वीकृति से राज्य के एयरपोर्टों का उन्नयन और विकास प्रभावी व सुव्यवस्थित तरीके से हो सकेगा। इससे विमानन सेवाएं बेहतर होंगी और पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।वित्त विभाग ने बिलासपुर एयरपोर्ट में एप्रन विस्तार और लाइटिंग कार्य के लिए 2 करोड़ 96 लाख रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। एप्रन विस्तार कार्य के तहत एयरपोर्ट के उड़ान पट्टी के आसपास के क्षेत्र को बढ़ाया जाएगा, जिससे विमानों की पार्किंग और संचालन में सहूलियत होगी। इसके साथ ही, एयरपोर्ट के लाइटिंग सिस्टम का उन्नयन किया जाएगा, ताकि रात के समय विमान संचालन को सुरक्षित एवं प्रभावी बनाया जा सके।जगदलपुर एयरपोर्ट के लिए एयरस्ट्रिप सुधार के लिए 20.40 करोड़ की राशि मंजूर की गई है। इससे एयरपोर्ट की सुरक्षा और संचालन क्षमता में वृद्धि होगी। आइसोलेशन बे का निर्माण विमान को आपातकालीन स्थिति में सुरक्षित खड़ा रखने के लिए किया जाता है, जबकि सड़क का चौड़ीकरण यातायात में सुगमता लाएगा। वायर फेंसिंग से एयरपोर्ट के चारों ओर सुरक्षा को बढ़ावा मिलेगा।इसी तरह अंबिकापुर एयरपोर्ट के विकास कार्यों के लिए 27.92 लाख की राशि स्वीकृत की गई है। यह राशि एयरपोर्ट के बुनियादी ढांचे और संचालन क्षमता में सुधार लाने के लिए उपयोग की जाएगी।
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रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ के किसानों की तरक्की की राहें आसान हुई है। आरंग ब्लाॅक के अमोदी गांव के निवासी श्री करण मानिकपुरी कृषक परिवार से है। वे बताते हैं कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाली सरकार में किसानों को आर्थिक मजबूती मिल रही है और किसानों की तरक्की भी बहुत हो रही है।
श्री मानिकपुरी बताते हैं कि कृषक उन्नति योजना के तहत राशि मिलने से बच्चों की भविष्य की चिंताएं दूर हो गई है। बच्चों को अच्छे स्कूल में अच्छी शिक्षा दे रहे है। साथ ही बच्चों को घर से स्कूल तक आने-जाने के लिए वाहन की सुविधा भी शुरू कराई है। बच्चों के भविष्य के लिए एलआईसी भी कराया गया है। इससे भविष्य उनका सुरक्षित हो रहा है। छत्तीसगढ़ सरकार 3100 रूपए प्रति क्विंटल में धान खरीद रही है। इससे खेती को आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है और फसल को सुरक्षित करने के लिए खेत में फेंसिंग भी जल्द करा सकेंगे। वे यह भी बताते हैं कि आने वाले समय में कृषक उन्नति योजना के तहत राशि मिलने पर खेत में बोर कराकर अधिक फसल का उत्पाद कर सकेंगे।श्री मानिकपुरी बताते हैं कि धान खरीदी केंद्र में बेहतर सुविधा उपलब्ध कराई गई है। टोकन की सुविधा भी आसान हुई है। इससे हम जैसे किसानों को बहुत ही फायदा मिल रहा है। इसके लिए श्री मानिकपुरी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया। -
*तकनीक की उड़ान से ड्रोन दीदी चंद्रकली वर्मा ने खरीफ और रबी सीजन में कमाये दो लाख रुपए*
*तकनीक से जुड़ी इसलिए बिटिया को भी तकनीक की ओर मोड़ दिया और बिटिया को बना रहीं आईटी इंजीनियर*
रायपुर/ जो हाथ कुशलता से चूल्हा-चौंका का काम करते हैं वे तकनीक के क्षेत्र में भी उतनी ही कुशलता का परिचय दे सकते हैं। देश भर की ड्रोन दीदियों ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की इस सोच को साकार कर दिया है। रायपुर जिले की ग्राम नगपुरा की ड्रोन दीदी चंद्रकली की सफलता की उड़ान ड्रोन की तरह है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के महिला सशक्तिकरण के कार्यक्रम के चलते वे भी ड्रोन दीदी बनीं। ड्रोन चलाना सीखा और बहुत थोड़े समय में इसमें कुशल हो गईं। चंद्रकली बताती हैं कि हुनरमंद होने से उनके काम का मूल्य भी कई गुना बढ़ गया। वे केवल 10 मिनटों में एक एकड़ खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर देती हैं और इससे 300 रुपए कमा लेती हैं। गांव में खेतों में छिड़काव के बाद उनके ड्रोन चालन की कुशलता की जानकारी पड़ोसी गांवों में भी फैल गई। खूब काम मिला और पूरी लगन के साथ चंद्रकली ने लगभग 700 एकड़ खेतों में कीटनाशकों का छिड़काव कर दिया।
सबसे बड़ी खूबी यह है कि तकनीक ने उन्हें समय की बाधा से पूरी तरह से मुक्त कर दिया। वे बच्चों को तैयार करती हैं। घर में चूल्हा-चौका कर लेती हैं फिर खेतों के लिए निकल पड़ती हैं। उनके हाथ में ड्रोन का रिमोट होता है। जैसे ही चंद्रकली ने ड्रोन कंट्रोल रिमोट ऑन करती हैं, धीरे-धीरे ड्रोन गति लेते हुए आसमान की ओर उड़ता है और खेत का चक्कर काटने लगता है। अब चंद्रकली अब अपने गांव सहित आसपास के क्षेत्र में ड्रोन दीदी के नाम से जानी जाती है।
रायपुर जिले की आरंग विकासखंड की निवासी श्रीमती वर्मा कुछ महीनों पहले महिला समूह से जुडकर बहुत ही कम आमदनी प्राप्त कर रही थीं। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने नवंबर 2023 को नमो ड्रोन दीदी योजना की शुरूआत की थी। जिसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को तकनीकी रूप से सशक्त रूप के साथ साथ आत्मनिर्भर बनाते हुए आधुनिकता से जोड़ना है। इसी योजना के तहत छत्तीसगढ़ की महिला स्व-सहायता समूहों की सदस्यों को चयन किया गया जिसमें रायपुर जिले की चन्द्रकली वर्मा भी शामिल थी।
श्रीमती चन्द्रकली बताती हैं कि उनके समूह में अच्छे कार्य को देखते हुए इस योजना के लिए चयनित किया गया और ऑनलाइन इन्टरव्यू हुआ। जिसके लिए उन्हें ग्वालियर में 15 दिन की ट्रेनिंग दी गई और दिसंबर 2023 में इन्हें ड्रोन निःशुल्क दिया गया, साथ ही परिवहन के लिए ड्रोन वाहन दिया गया। वे बताती हैं कि मुझे अन्य दीदियों के साथ उत्तर प्रदेश के फूलपुर में आमंत्रित किया गया, जहां प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें नमो ड्रोन दीदी की उपाधि दी। इसके बाद श्रीमती चन्द्रकला के आने बाद किसानों को इसकी बारे में जानकारी देते हुए बताया कि जो वे मैनुवल तरीके से कीटनाशक का छिड़काव करते हैं वह अब ड्रोन से मिनटों में ही हो जाता है। धीरे-धीरे उन्हें काम मिलने लगा। चंद्रकला को दो लाख रूपये से अधिक की आय कर चुकी है जिससे वे अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा दे रहीं है उनकी बेटी आईटी में इंजीनियरिंग कर रही हैं। तकनीक का महत्व जब चंद्रकला ने समझा तो अपनी बिटिया को भी तकनीक की ओर मोड़ दिया, यह चमत्कार नमो ड्रोन दीदी योजना का है।
श्रीमती चन्द्रकला कहती हैं कि मुझे गर्व है कि मै ड्रोन दीदी हूं। मै आज नई तकनीक का उपयोग कर रही हूं। अपने गांव के खेती किसानी में मदद कर रही हूं। जिससे उत्पादन में वृद्धि होगी और लागत भी कम आएगी। मैं प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देती हूं और अन्य महिलाओं से आग्रह करती हूं कि इस तकनीक से जुड़ें और छत्तीसगढ़ को आगे बढ़ाएं। -
*नालंदा लाइब्रेरी से 21, तक्षशिला 4 और सेंट्रल लाइब्रेरी से 9 युवाओं को मिली सफलता*
*नायब तहसीलदार, जनपद सीईओ, सहकारी निरीक्षक एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी बने*
रायपुर । छत्तीसगढ़ लोकसेवा आयोग 2023 के परीक्षा में रायपुर जिला प्रशासन की लाइब्रेरी से पढ़ाई करने वाले युवाओं ने बड़ी सफलता हासिल की है। यहां से पढ़ने वाले 34 युवाओं का चयन हुआ है। यहां से युवा नायब तहसीलदार, जनपद सीईओ, सहकारी निरीक्षक एवं बाल विकास परियोजना समेत अन्य पदांे पर चयनित हुए है। चयनित युवाओं ने जिला प्रशासन भी धन्यवाद जताया है।
नालंदा परिसर स्थित लाइब्रेरी से श्री पुनीत राम वर्मा, खाद अधिकारी, सहायक संचालक, श्री सागर वर्मा नायब तहसीलदार, श्री कुलदीप पटेल नायब तहसीलदार, श्री अतुल भोई, नायब तहसीलदार, श्री विमल खांडेकर नायब तहसीलदार, प्रीती भगत, नायब तहसीलदार, श्री पुष्कर पटले, मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत, लोकेश्वरी साहू, जेल अधीक्षक, श्री अमन दुबे, जिला सेनानी, श्री अजय कुमार मारकंडे, जिला सेनानी, सुमन श्यामनानी, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारी, श्री भानुप्रताप साहू, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा लेखा अधिकारी, श्री आलोक सिंह मरकाम, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा लेखा अधिकारी, श्री पीयूष कुमार कंवर, छत्तीसगढ़ राज्य वित्त सेवा अधिकारी, श्री विनोद कुमार बांधे, राज्य कर निरीक्षक, श्री रूपेंद्र सोनवर्षा, सहकारी निरीक्षक, श्री संजय नायक सहकारी निरीक्षक, लोकश्री श्रीवास, सहकारी निरीक्षक, नागेश साहू, सहकारी निरीक्षक, सौरभ जाम्बुलकर, सहकारी निरीक्षक, श्री अभय दुबे सहकारी निरीक्षक (सहकारी निरीक्षक अनुपूरक सूची) में चयन किया गया है।
साथ ही, मोतीबाग स्थित तक्षशिला लाइब्रेरी से श्री कुलदीप पटेल, नायब तहसीलदार, श्री ओमप्रकाश साहू, राज्य कर निरीक्षक, श्री मुकेश यदु, छत्तीसगढ़ अधीनस्थ लेखा सेवा अधिकारी वित्त विभाग, श्री चंद्रकांत नेताम, सहकारी निरीक्षक के लिए चयन किया गया है।
इसके अलावा सेंट्रल लाइब्रेरी से श्री त्रिलोक, जिला आबकारी अधिकारी, राजेश कुमार, राज्य कर सहायक आयुक्त, विनय कश्यप, सहायक पंजीयक, योगेंद्र, सहकारी निरीक्षक, खुशबु साहू, सहकारी निरीक्षक, रेशमा मिश्रा, बाल विकास परियोजना अधिकारी, शैलेंद्र कुमार, राज्य कर सहायक आयुक्त, तोमन कुमार, नायब तहसीलदार, विद्या साहू, सहकारी निरीक्षक के पद पर चयनित हुए। -
भिलाई/ नगर निगम भिलाई के 77 mld एवं 66 mld दो बड़े जल शोधन संयंत्र संचालित हो रहे हैं । जिनके माध्यम से नगर निगम भिलाई एवं रिसाली के नागरिकों को पानी की प्रतिपूर्ति की जाती है। जल शोधन संयंत्र में शिवनाथ नदी से पानी आता आता है। नेहरू नगर बटालियन के पास संयंत्र में आधुनिक मशीनों द्वारा उसे साफ करके पीने के योग्य बनाया जाता है। नव नियुक्त आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय संयंत्र का निरीक्षण करने के लिए गए। वहां पर पानी कैसे साफ किया जाता है, किस प्रकार से रा वॉटर को पीने की योग्य बनाते हैं। उसकी पूरी प्रक्रिया की जानकारी प्राप्त की। ऑटोमेटिक सिस्टम होने के कारण कंप्यूटर में यह पता चल जाता है पानी कैसे आ रहा है, कहां जा रहा है, किस प्रकार से शुद्धिकरण हो रहा है, अगर कहीं पर भी कोई गड़बड़ी होती है तो सिस्टम बता देता है। वहां उपस्थि आधिकारिक कर्मचारियों को निर्देश दिए की पानी की सप्लाई सुचारू रूप से चलनी चाहिए। एक बैकअप प्लान भी होना चाहिए अगर कभी किसी कारण से एक सिस्टम में खराबी आ जाए दूसरा चालू कर दिया जाए ।वहां पर स्थित लेबोरेटरी का भी निरीक्षण किय। किस प्रकार से नगर निगम के विभिन्न क्षेत्रों से पानी का सैंपल लाया जाता है। वहां पर जांच किया जाता है। कि पानी पीने के योग्य है कि नहीं। उसमें किसी प्रकार की बैक्टीरिया या कोई अशुद्धि तो नहीं है। गौरतलब है कि नगर निगम भिलाई के कर्मचारी विभिन्न वार्डों में जाते हैं
औचक रूप से किसी घर से या बोरिंग से पानी का सैंपल लेते हैं। लाकर के लेबोरेटरी में चेक करते हैं। कि पानी के सप्लाई में किसी प्रकार का अशुद्धि तो नहीं है। यह देख करके बहुत अफसोस होता है कि कुछ लोग इतनी कीमती पानी को बर्बाद करते हैं। नल को बंद नहीं करते, नगर निगम के नल को तोड़ देते हैं। जिससे पानी बेकार गिरता है। पानी सबको बचाना आवश्यक है।निरीक्षण के दौरान अभियंता संजय अग्रवाल, बृजेश श्रीवास्तव, अर्पित बंजारे, जनसंपर्क अधिकारी अजय शुक्ला आदि उपस्थित रहे। - भिलाई, दुर्ग जिले में दुर्ग जिला अर्बन पब्लिक सर्विस सोसायटी माध्यम से सस्ते दर पर यात्री सिटी बस चलाई जाएगी। नगर निगम आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय द्वारा शासन को परमिट के लिए पत्र लिखा गया है। परमिट प्राप्त होते ही नगर निगम भिलाई दुर्ग क्षेत्र में विभिन्न मार्गों पर सिटी बस संचालित होने लगेंगी। परमिट के प्रत्याशा में सिटी बसों का संचालन मे विलंब हो रहा था। जन सुविधा, आम नागरिकों, एवं जनप्रतिनिधियों को मांग को देखते हुए इसमें शीघ्रता लाई जा रही है ।
- रायपुर। भारत सरकार के विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय, जैव प्रौद्योगिकी विभाग के द्वारा जारी आदेश के अनुसार इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल को भारत सरकार के ‘‘ जैव प्रौद्योगिकी विभाग, विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय’’ के रिसर्च एसोसिएट फेलोशिप चयन समिति का सदस्य मनोनीत किया गया है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर गठित इस चयन समिति में डॉ. चंदेल सहित देश के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों एवं अनुसंधान संस्थानों के कुल 22 सदस्य रखे गये हैं। इस समिति के अध्यक्ष बनारस हिन्दू विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति डॉ. राकेश भटनागर हैं एवं उपाध्यक्ष जी.बी. पंत विश्वविद्यालय, पंतनगर के कुलपति डॉ. मोहन सिंह चौहान को बनाया गया है। राष्ट्रीय स्तर पर गठित इस प्रतिष्ठित चयन समिति का मुख्य कार्य देश भर के प्रतिभाशाली छात्रों को अनुसंधान हेतु फेलोशिप उपलब्ध कराना तथा उनका मार्गदर्शन करना है। डॉ. चंदेल का रिसर्च एसोसिएट फेलोशिप चयन समिति में मनोनयन छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का विषय है।
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-तीन महीनों में काम पूरा करने के निर्देश
रायपुर। बिलासपुर जिले के सीपत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) का लगभग एक करोड़ रुपए की लागत से रिनोवेशन किया जाएगा। विभिन्न योजनाओं के कन्वर्जेंस से यह राशि जुटाई जाएगी। बिलासपुर के कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने आज अस्पताल भवन एवं परिसर का निरीक्षण कर डॉक्टरों और इंजीनियरों के साथ बैठकर रिनोवेशन की कार्ययोजना बनाई। उन्होंने सीजीएमएससी (छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेस कॉर्पोरेशन) और आरईएस (ग्रामीण यांत्रिकी सेवा) के अधिकारियों को अगले तीन महीनों में रिनोवेशन का काम पूर्ण करने के निर्देश दिए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अनिल श्रीवास्तव, पीएचसी की प्रभारी डॉ. आकांक्षा दुबे और डीपीएम सुश्री पीयूली मजूमदार सहित आरईएस और सीजीएमएससी के अधिकारी भी इस दौरान मौजूद थे। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने अस्पताल परिसर में बने शासकीय आवास गृहों में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की समस्याएं सुनी और रिनोवेशन की कार्ययोजना में इसे भी शामिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने इलाज कराने आए मरीजों से मुलाकात कर अस्पताल की व्यवस्था के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने महिला वार्ड का भ्रमण कर प्रसव की सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। श्री शरण ने बढ़ते ठंड को देखते हुए जिले के सभी अस्पतालों में तीन दिनों में मरीजों के लिए कंबल की व्यवस्था करने को कहा। उन्होंने मुख्यालय में रहने वाले स्वास्थ्य कर्मियों की प्रशंसा करते हुए उनके आवास की मरम्मत और पेयजल की समस्या को दूर करने के निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल परिसर में सिम्स (CIMS) के खाली पड़े दो छात्रावासों का उपयोग मेडिकल वार्ड के रूप में करने की अनुमति प्रदान की।
- -माताओं-बहनों के आर्थिक सशक्तिकरण की नई पहलरायपुर /वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने महतारी शक्ति ऋण योजना का अपने निवास कार्यालय से लांचिंग की। इस अवसर पर राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन श्री विनोद अरोरा भी उपस्थित थे।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, "यह योजना माताओं और बहनों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।"राज्य ग्रामीण बैंक के चेयरमैन श्री अरोरा ने बताया कि महतारी वंदन योजना के तहत, जिन बहनों का खाता ग्रामीण बैंक में है और जिनमें महतारी वंदन योजना की राशि जमा होती है, उन्हें स्वरोजगार के लिए 25 हजार रुपए तक का ऋण बिना किसी औपचारिकता के उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य ग्रामीण बैंक द्वारा शुरू की गई महतारी शक्ति ऋण योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना और उनके आर्थिक सशक्तिकरण को बढ़ावा देना है। यह योजना महिलाओं को न केवल वित्तीय मदद प्रदान करेगी, बल्कि उन्हें स्वरोजगार के माध्यम से अपने परिवार और समाज के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करने में भी सहायक होगी।
- -हितग्राहियों ने कहा- पीएम सूर्यघर बहुत अच्छी योजना, सभी को लेना चाहिए इसका फायदा-प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना से रोशन होंगे 25 हजार घररायपुर / बिलासपुर जिले के बोदरी निवासी श्री अनुराग शर्मा ने लगभग 7 महीने पहले अपने घर की छत पर 7 किलोवॉट का सोलर पैनल लगवाया, तब से उन्हें बिजली के बिल की फिक्र नहीं करनी पड़ती हैै। पहले जहां वे हर माह दो से पांच हजार का बिजली बिल दे रहे थे, वहीं अब बिल नहीं आ रहा है उल्टे अतिरिक्त बिजली भी उत्पादित हो रही है। इसके लिए उन्हें सरकार से 78 हजार की सब्सिडी भी मिली है। इससे उन्हें आर्थिक बचत हो रही है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही अच्छी योजना है सभी को इसका फायदा लेना चाहिए।धमतरी जिले के पतंजलि नगर निवासी हेमन्त साहू बताते हैं कि उन्होंने पीएम सूर्यघर योजना का लाभ लेने आवेदन दिया और एक माह में ही उनका सौर पैनल लग गया। पहले जहां एक हजार रुपए बिजली बिल आता था, अब बिलकुल बिजली बिल नहीं पटाना पड़ रहा। वहीं गीता साहू कहती हैं कि वह योजना के तहत सोलर पैनल लगाने के बाद अपनी स्कूटी भी निश्चिंत होकर चार्ज करतीं हैं।छत्तीसगढ़ में पीएम सूर्यघर योजना लगातार लोकप्रिय होते जा रही है। राज्य में 25 हजार घर सौर ऊर्जा से रोशन होंगे। इस योजना का उद्देश्य लोगों को सस्ते दर पर स्थायी ऊर्जा मुहैय्या कराना है। सौर ऊर्जा का उपयोग न केवल पर्यावरण के लिए बल्कि आर्थिक दृष्टिकोण से भी फायदेमंद है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना में सौर पैनलों के माध्यम से घरेलू उपयोग के लिए बिजली का उत्पादन किया जाता है। इससे दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली की उपलब्धता सुनिश्चित होने के साथ ही सौर पैनल इंस्टॉलेशन और मेंटेनेंस के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में जीवनशैली के सुधार के साथ ही पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।उल्लेखनीय है कि शहरी एवं ग्रामीण घरेलू विद्युत उपभोक्ताओं को अपने घरों की छतों पर रूफ टॉप सोलर प्लाण्ट स्थापित करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। यह सोलर प्लाण्ट नेट मीटरिंग द्वारा विद्युत ग्रिड से जुड़ेगा जिससे उपभोक्ता द्वारा अपनी खपत से अधिक उत्पादित बिजली ग्रिड में सप्लाई हो जाती है। इससे न केवल उपभोक्ता के घर का बिजली बिल शून्य हो जाता है, बल्कि ग्रिड में दी गई बिजली के एवज में अतिरिक्त आमदनी भी मिल जाती है। इस योजना में प्रति माह 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली प्रदान की जा रही है। इस योजना में 30 हजार रूपये से लेकर 78 हजार रूपये तक अनुदान भी दिया जा रहा है। पीएम सूर्यघर डॉट जीओव्ही डॉट इन वेब पोर्टल अथवा पीएम सूर्यघर एप्प में पंजीयन कर इस योजना का लाभ उठाया जा सकता है।
- -नागरिकों को मिलेगी इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा: मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव सायरायपुर / छत्तीसगढ़ के चार शहरों रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग-भिलाई और कोरबा में नागरिकों को जल्द ही इको-फ्रेंडली, किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिलने जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत इन चारों शहरों में कुल 240 ई-बसें संचालित की जाएंगी। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत रायपुर के लिए 100, बिलासपुर और दुर्ग-भिलाई के लिए 50-50 तथा कोरबा के लिए 40 ई-बसों की स्वीकृति प्रदान की गई है। राज्य स्तर पर इसके लिए सुडा को नोडल एजेंसी तथा संबंधित जिलों में गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को क्रियान्वयन एजेंसी बनाया गया है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कहा कि ई-बस सेवा प्रारंभ होने से छत्तीसगढ़ के शहरों में कम कार्बन उत्सर्जन से वायु गुणवत्ता में सुधार और पर्यावरण का संरक्षण होगा। कम ऊर्जा खपत और बेहतर ईंधन दक्षता के साथ ही नागरिकों को आरामदायक आवागमन की सुविधा सुलभ होगी। इसे शहरों में मेट्रो के विकल्प या उसके सहयोगी साधन के रूप में विकसित किया जाएगा, ताकि लोगों को किफायती, भरोसेमंद और सुगम परिवहन की सुविधा मिले।उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन के ढांचे को दुरुस्त करने केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना प्रारंभ की गई है। सार्वजनिक परिवहन की इस अभिनव योजना में केंद्र सरकार द्वारा शहरों को बसों की खरीद तथा उनके संचालन के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी। इसका एक बड़ा हिस्सा शहरों में बस डिपो एवं बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी अधोसंरचना विकास के लिए भी खर्च किया जाएगा। उन्होंने बताया कि योजना के तहत तीन तरह की बसें स्टैंडर्ड, मीडियम और मिनी चलाई जाएंगी। शहरों की जनसंख्या के आधार पर बसों की संख्या निर्धारित की गई है। उन्होंने बताया कि राज्य शासन ने सड़कों पर इन ई-बसों को उतारने की तैयारियां तेज करते हुए चारों शहरों में बस डिपो और बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कुल 67 करोड़ 40 लाख रुपए मंजूर करते हुए निविदा आमंत्रण की भी अनुमति दे दी है। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के राज्य शहरी विकास अभिकरण ने चारों शहरों में ई-बस सेवा के संचालन के लिए अलग-अलग गठित अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को इन दोनों कार्यों के लिए राशि स्वीकृत करते हुए निविदा आमंत्रित करने कहा है।सुडा द्वारा रायपुर में बस सेवा प्रारंभ करने के लिए बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर हेतु रायपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को 14 करोड़ 33 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की है। इसमें आठ करोड़ 60 लाख रुपए का केन्द्रांश और पांच करोड़ 73 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। सुडा ने बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए भी 12 करोड़ 90 लाख रुपए मंजूर किए हैं। दुर्ग-भिलाई में ई-बसों हेतु बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए दुर्ग-भिलाई अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को छह करोड़ 73 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति सुडा द्वारा जारी की गई है। इसमें चार करोड़ चार लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 69 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। वहां बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए 11 करोड़ दो लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। बिलासपुर में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए बिलासपुर अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को आठ करोड़ 37 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। इसमें पांच करोड़ दो लाख रुपए का केन्द्रांश और तीन करोड़ 35 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए तीन करोड़ आठ लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। इसी तरह कोरबा में बस डिपो के सिविल इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए कोरबा अरबन पब्लिक सर्विस सोसाइटी को सात करोड़ 19 लाख रुपए की प्रशासकीय स्वीकृति जारी की गई है। इसमें चार करोड़ 31 लाख रुपए का केन्द्रांश और दो करोड़ 88 लाख रुपए का राज्यांश शामिल है। बीटीएम पॉवर इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए वहां तीन करोड़ 78 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं।चार श्रेणियों में बांटा गया है शहरों को, जनसंख्या के आधार पर स्वीकृत की गई हैं बसेंप्रधानमंत्री ई-बस सेवा के तहत शहरों को जनसंख्या के आधार पर चार श्रेणियों में बांटा गया है। 20 लाख से 40 लाख तक की आबादी वाले शहरों को 150, दस से बीस लाख और पांच से दस लाख तक की आबादी वाले शहरों को 100-100 तथा पांच लाख से कम आबादी वाले शहरों को 50 ई-बसों की पात्रता है। इसके आधार पर रायपुर को 100 मीडियम ई-बसों, दुर्ग-भिलाई को 50 मीडियम ई-बसों, बिलासपुर को 35 मीडियम और 15 मिनी ई-बसों तथा कोरबा को 20 मीडियम एवं 20 मिनी ई-बसों की स्वीकृति प्राप्त हुई है। योजना के दिशा-निर्देशों के अनुसार बसों का क्रय तथा संचालन एजेंसी का चयन भारत सरकार द्वारा किया जाएगा।
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प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 सर्वेक्षण
उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने दस्तावेजों की पूर्ति के लिए हितग्राहियों को समय देने के दिए निर्देश
रायपुर/ उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के लिए वर्तमान में जारी सर्वेक्षण के दौरान ऐसे पात्र नागरिकों जिनके पास आवश्यक दस्तावेज नहीं है, उनके आवेदन तत्काल निरस्त नहीं करते हुए उन्हें दस्तावेजों के लिए समय प्रदान करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने नगरीय निकायों को हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के लिए संबंधित राजस्व कार्यालय से व्यक्तिगत समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश दिए हैं। उप मुख्यमंत्री श्री साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के सचिव डॉ. बसवराजु एस. ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राहियों के राजस्व कार्यालयों में लंबित जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र के प्रकरणों को प्राथमिकता से निराकृत करने के लिए राजस्व विभाग को पत्र प्रेषित किया है।
केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शहरी क्षेत्रों में 'सबके लिए आवास' मिशन के तहत प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 (पीएमएवाई-यू 2.0) का क्रियान्वयन 1 सितम्बर 2024 से किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ में योजना को सभी नगरीय निकायों में लागू करते हुए भारत सरकार के यूनिफाइड वेब पोर्टल पर हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) 15 नवम्बर से प्रारंभ कर दिया गया है। सर्वेक्षण के दौरान हितग्राहियों की जानकारी भारत सरकार के पोर्टल पर दर्ज की जा रही है। इसके लिए हितग्राही परिवार का आधार कार्ड, बैंक खाता, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, भूमि के दस्तावेज इत्यादि की प्रविष्टि भारत सरकार द्वारा अनिवार्य की गई है।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव को कुछ हितग्राहियों के माध्यम से यह पता चलने पर कि वांछित दस्तावेजों में से मुख्यतः राजस्व संबंधी दस्तावेजों की कमी के कारण पोर्टल पर हितग्राहियों की जानकारी दर्ज नहीं हो पा रही है, श्री साव ने हितग्राहियों की असुविधा को देखते हुए और योजना का लाभ ज्यादा से ज्यादा परिवारों तक पहुंचाने के लिए सहानुभूतिपूर्वक कार्यवाही करते हुए सभी नगरीय निकायों को तत्काल निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने सभी नगरीय निकायों में योजना के अन्तर्गत प्रक्रियाधीन हितग्राही सर्वेक्षण कार्य (रैपिड असेसमेंट सर्वे) में प्राप्त हो रहे आवेदनों में अनिवार्य दस्तावेजों की कमी के कारण आवेदनों को तत्काल निरस्त न करते हुए संबंधित हितग्राहियों को दस्तावेजों की पूर्ति के लिए यथोचित समयावधि प्रदान करने को कहा है, जिससे अधिकतम हितग्राहियों को योजना का लाभ प्रदान किया जा सके। श्री साव ने हितग्राहियों के जाति प्रमाण पत्र एवं आय प्रमाण पत्र जैसे अनिवार्य दस्तावेजों के लिए संबंधित राजस्व कार्यालय से व्यक्तिगत समन्वय स्थापित करने के भी निर्देश नगरीय निकायों को दिए हैं, जिससे कि संभावित हितग्राहियों को दस्तावेज प्राप्त करने में आवश्यक सहयोग प्रदान किया जा सके।
उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का लाभ हर हाल में अधिक से अधिक जरूरतमंदों तक पहुंचाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रत्येक पात्र हितग्राही परिवार को आवास दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार अंतिम छोर पर खड़े हर व्यक्ति तक योजना का लाभ पहुँचाना सुनिश्चित करेगी। उन्होंने सभी नगरीय निकायों को राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र हितग्राही परिवारों को योजना में शामिल करने आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने हरसंभव प्रयास करने को कहा है।












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