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- -प्रत्येक बच्चे के विकास के लिए सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण देना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी : मुख्यमंत्री श्री सायरायपुर / मुख्यमंत्री श्री साय ने 20 नवंबर को विश्व बाल अधिकार दिवस के अवसर पर सभी बच्चों के सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल भविष्य की कामना की है। विश्व बाल अधिकार दिवस के अवसर पर जारी अपने संदेश में उन्होंने कहा है कि वयस्कों के समान बच्चों को भी कुछ अधिकार दिए गए हैं। हर बच्चे को जीने के अधिकार के साथ ही स्वास्थ्य, शिक्षा, सुरक्षा, समानता और पोषण पाने सहित कई अधिकार हैं।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि बच्चे हमारे देश का भविष्य हैं। बच्चों के अधिकारों के प्रति समाज में जागरूकता जरूरी हैं। बच्चों को स्वस्थ,सुपोषित,शिक्षित और सुरक्षित जीवन देना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। बाल अधिकार दिवस ऐसा ही अवसर है, जब हम बच्चों के लिए अपनी जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं को फिर से दोहराते हैं। उन्होंने कहा कि हम सभी की कोशिश हो कि प्रत्येक बच्चे को विकास के लिए सकारात्मक और सुरक्षित वातावरण मिल सके। श्री साय ने बच्चों को ढेर सारा प्यार देते हुए ईश्वर से अपनी कृपा सभी बच्चों पर बनाए रखने की प्रार्थना की है।
- -निर्माण कार्यों में गुणवत्ता और समय-सीमा का ध्यान रखने के दिए निर्देश, जल जीवन मिशन के कार्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण करने कहारायपुर।. उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने आज बीजापुर जिला मुख्यालय में अधिकारियों की बैठक लेकर विकास कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने बस्तर संभाग के नारायणपुर, सुकमा एवं दंतेवाड़ा जिले में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण और नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग सहित बीजापुर जिले में विभिन्न विभागों के कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। श्री साव ने बैठक में अंदरूनी इलाकों में सड़कों और पुल-पुलियों के निर्माण कार्यो में तेजी लाते हुए समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने निर्माण कार्यों में अनावश्यक लेट-लतीफी करने वाले और गुणवत्ता पर ध्यान नहीं देने वाले ठेकेदारों के कार्यों को निरस्त कर ब्लैक लिस्टेड करने को कहा। लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव श्री मोहम्मद कैसर अब्दुलहक भी समीक्षा बैठक में शामिल हुए।उप मुख्यमंत्री तथा लोक निर्माण मंत्री श्री साव ने बैठक में बीजापुर के आवापल्ली, बासागुड़ा, जगरगुंडा मार्ग की प्रगति की जानकारी ली और इसका निर्माण कार्य आगामी दिसम्बर माह तक पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने 50 किलोमीटर लंबाई के नेलसनार-गंगालूर मार्ग के शेष बचे 11 किलोमीटर का निर्माण कार्य भी जल्दी पूरा करने को कहा। श्री साव ने बीजापुर से भोपालपटनम मार्ग में मोदकपाल के पास सड़क दुर्घटनाओं पर नाराजगी व्यक्त करते हुए दुर्घटनाओं को रोकने के लिए आवश्यक उपाय करने के निर्देश दिए। उन्होंने भारत सरकार के महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन के कार्यों को दिसम्बर-2024 तक पूर्ण करने को कहा। उन्होंने बीजापुर, सुकमा, नारायणपुर और दंतेवाड़ा के मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत तीन चरणों के सर्वे कार्य को जल्द पूरा करते हुए सभी पात्र हितग्राहियों को योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने बैठक में अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बीजापुर एवं बस्तर संभाग सुदूरवर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्र है। यहां काम करने में कई बड़ी चुनौतियों का सामना करना पड़ता है। चुनौतियों के बीच काम करने का अनुभव अलग होता है। आप लोगों को बस्तर के सरल-सहज आदिवासी भाई-बहनों के विकास और कल्याण के कार्य करने का मौका मिला है। आप लोग संवेदनशीलता के साथ बस्तरवासियों की तकलीफों को समझें और उनसे प्रेमपूर्वक बातें कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। बीजापुर के कलेक्टर श्री संबित मिश्रा ने बैठक में विकास योजनाओं और जिले में संचालित योजनाओं की जानकारी दी। पूर्व मंत्री श्री महेश गागड़ा, पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव, जिला पंचायत के सीईओ श्री हेमंत रमेश नंदनवार, डीएफओ श्री रामाकृष्णा रंगानाथा वाय., इन्द्रावती टाइगर रिजर्व के उप निर्देशक श्री संदीप बल्गा और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के प्रमुख अभियंता डॉ. एम.एल. अग्रवाल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी भी समीक्षा बैठक में मौजूद थे।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिले में पदस्थ अपर कलेक्टरों के मध्य कार्य विभाजन किया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार अपर कलेक्टर श्री अरविन्द कुमार एक्का को अपर कलेक्टर एवं अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट जिला दुर्ग के न्यायालयीन कार्य, दुर्ग अनुभाग एवं भिलाई-3 अनुभाग के अंतर्गत छ.ग. भू-राजस्व संहिता से संबंधित अपील पुनरीक्षण एवं पुर्नविलोकन प्रकरण के निराकरण हेतु कलेक्टर की शक्तियों का उपयोग करने (प्रत्येक दसवां प्रकरण कलेक्टर न्यायालय को अंतरित), दुर्ग अनुभाग एवं भिलाई-3 अनुभाग के अंतर्गत भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 240 एवं 241 के अंतर्गत कलेक्टर को प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुये प्रकरणों में समुचित आदेश पारित करने हेतु अधिकृत किया गया है। रोस्टर के अनुसार तहसील/अनुविभाग कार्यालय/उप पंजीयक कार्यालय/जनपद कार्यालय का निरीक्षण, महिला एवं बाल विकास विभाग के नस्तियों का निराकरण (स्थानांतरण/पदस्थापना/अनुशासनात्मक कार्यवाही से संबंधित नस्तियां कलेक्टर को प्रस्तुत की जाएंगी), शासकीय कर्मचारियों के लिए शासन से प्राप्त होने वाले स्वत्वों के संबंध में वैध वारिसान प्रमाण पत्र जारी करना, शासकीय कार्यालयों के उपयोग हेतु भवन के किराया निर्धारण, प्रमाण पत्र जारी करना (2500 रु. तक के किराया) इसके ऊपर के प्रकरणों की नस्तियों को कलेक्टर को प्रस्तुत करना), अनुपयोगी डेड स्टॉक जो 5000 रू. तक की कीमत का हो, को अपलेखन करने का अधिकार, चोरी हुए 2000 रू. तक की सामग्री को अपलेखन करने का अधिकार, समयावधि में पेश शस्त्र लाईसेंसों का नवीनीकरण, शस्त्र अनुज्ञप्ति स्वीकृति एवं नवीनीकरण आदेश के पश्चात लाईसेंस बुक तथा लाईसेंस पंजी के प्रविष्टियों पर हस्ताक्षर एवं सत्यापन, अस्थायी फटाका लाईसेंसों का नवीनीकरण, 20,000 रू. तक आवर्ती व्यय स्वीकृति का अधिकार (उपजिलाध्यक्ष एवं तहसीलदारों के यात्रा भत्ता एवं औषधि देयकों की स्वीकृति), सेवानिवृत्त तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के परिवार कल्याण निधि, समूह बीमा योजना की राशि, ग्रेच्यूटी एवं जी.पी.एफ./डी.पी.एफ. जमा राशि का भुगतान, तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की यात्रा देयकों एवं चिकित्सा प्रतिपूर्ति देयकों की स्वीकृति, शासकीय वाहन के टायर, ट्यूब एवं बैटरी नियमानुसार क्रय करने की स्वीकृति, शासन के नियमों एवं निर्देशों के अनुरूप टेलीफोन, विद्युत, पीओएल, शासकीय वाहनों के मरम्मत के व्यय की स्वीकृति, दुर्ग तहसील के अवैध उत्खनन के प्रकरणों का प्रावधान अनुसार निराकरण एवं नोडल अधिकारी जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र दुर्ग व नोडल अधिकारी बायोमेट्रिक सिस्टम स्थापना जिला कार्यालय दुर्ग का प्रभार सौंपा गया है।अपर कलेक्टर श्री अरविन्द एक्का के माध्यम से विभिन्न शाखाओं की नस्तियाँ कलेक्टर सुश्री चौधरी को प्रस्तुत की जायेंगीे। जिनमें प्रोटोकाल अधिकारी, वित्त/स्थापना शाखा, भू-अभिलेख शाखा, डायवर्सन शाखा, लायसेंस शाखा, जिला नाजिर शाखा, चिटफंड शाखा, सांख्यिकी लिपिक, एस डब्ल्यू, सिविल सूट शाखा, सीएसआर मद शाखा, सहायक अधीक्षक सामान्य शाखा, खनिज शाखा, अल्प बचत शाखा, जिला कोषालय, आबकारी विभाग, श्रम विभाग/बाल श्रमिक परियोजना, चिप्स शाखा/लोक सेवा केन्द्र, जिला योजना मण्डल, छ.ग. आवास साफ्टवेयर/भवन निर्माण नियमितीकरण, जिला कार्यालय परिसर के कार्यालयों/विभिन्न शाखाओं का आकस्मिक निरीक्षण, आदिम जाति कल्याण विभाग के नस्तियों का निराकरण, अन्तयावसायी वित्त विकास निगम, पिछड़ा वर्ग वित्त विकास निगम के नस्तियों का अंतिम निराकरण, जेल/होमगार्ड/सैनिक कल्याण बोर्ड इत्यादि शाखाओं के साथ-साथ कलेक्टर द्वारा समय-समय पर सौंपे गये अन्य कार्य भी शामिल है।इसी प्रकार अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह को उप जिला निर्वाचन अधिकारी दुर्ग (सामान्य निर्वाचन), उप जिला निर्वाचन अधिकारी दुर्ग (स्थानीय निर्वाचन), परिसीमन (पंचायत एवं नगरीय निकाय), चिटफंड कंपनी के प्राप्त आवेदनों के निराकरण, नजूल एवं नजूल जांच से संबंधित समस्त नस्तियों एवं प्रकरणों का अंतिम निराकरण करने (भूमि आबंटन के प्रकरणों को छोड़कर), नजूल शाखा के केवल हुडको भिलाई से संबंधित समस्त नस्तियों का जिसमें कलेक्टर का आदेश अनिवार्य ना हों, अपर कलेक्टर के रूप में निराकरण का दायित्व सौंपा गया है। हुडको से संबंधित समस्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र जारी करने, नजूल शाखा के प्रकरणों एवं नस्तियों का जिनमें कलेक्टर का आदेश अनिवार्य न हो, अपर कलेक्टर के रूप में निराकरण, 4000 वर्गफुट तक के नजूल पट्टे का नवीनीकरण, ऋणमुक्ति अधिनियम 1976, पट्टाधृति अधिनियम 1984/1998 के अंतर्गत प्रकरणों का निराकरण, नोडल अधिकारी राजीव गांधी आश्रय योजना 2019 एवं पट्टाधृति अधिनियम 1984, विभागीय जांच अधिकारी जिला कार्यालय दुर्ग का दायित्व दिया गया। अपर कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह के माध्यम से विभिन्न शाखाओं की नस्तियाँ कलेक्टर सुश्री चौधरी को प्रस्तुत की जायेंगीे। जिसमें वरिष्ठ लिपिक 1, 2 एवं 3 शाखा, नगरीय प्रशासन (डूडा) शाखा, मुख्यमंत्री घोषणा शाखा के साथ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर सौंपे गये, अन्य कार्य शामिल है।अपर कलेक्टर श्री मुकेश रावटे को सूचना का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत प्रथम अपील प्रकरणों का निराकरण, जिला विवाह अधिकारी, प्रोटोकॉल शाखा, भू-अभिलेख शाखा एवं डायवर्सन शाखा, भू-अर्जन/भू आबंटन अधिकारी, लायसेस शाखा, सांख्यिकी लिपिक शाखा, सहायक अधीक्षक सामान्य शाखा, सिविल सूट व्यवहारवाद शाखा, जिला दुर्ग स्थित विभिन्न विभाग/कार्यालयों का निरीक्षण हेतु प्रभारी अधिकारी का दायित्व सौंपा गया है। अपर कलेक्टर श्री रावटे को सीएसआर शाखा, डीएमएफ शाखा, मानव अधिकार आयोग के प्रकरण/नागरिकता प्रमाण पत्र, नशा मुक्ति अभियान जिला दुर्ग, उद्यानिकी विभाग दुर्ग, आदिम जाति कल्याण विभाग दुर्ग, जिले अंतर्गत सड़क मरम्मत निर्माण एवं मरम्मत कार्यों के पर्यवेक्षक, कौशल विकास, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, चंदूलाल चन्द्राकर स्मृति शासकीय महाविद्यालय कचान्दूर दुर्ग एवं कॉल सेंटर शाखा जिला कार्यालय दुर्ग के नोडल अधिकारी का दायित्व दिया गया है। धमधा/पाटन अनुभाग के अंतर्गत छ.ग. भू-राजस्व संहिता से संबंधित अपील पुनरीक्षण एवं पुर्नविलोकन प्रकरण के निराकरण हेतु कलेक्टर की शक्तियों का उपयोग (प्रत्येक दसवां प्रकरण कलेक्टर न्यायालय को अंतरित) एवं धमधा/पाटन अनुभाग के अंतर्गत भू-राजस्व संहिता 1959 की धारा 240 एवं 241 के अंतर्गत कलेक्टर को प्राप्त शक्तियों का उपयोग करते हुये प्रकरणों में समुचित आदेश पारित करने हेतु अधिकृत किया गया है। अपर कलेक्टर श्री रावटे धमधा, पाटन तहसील के अवैध उत्खनन के प्रकरणों का प्रावधान अनुसार निराकरण का कार्य करेंगे। सक्षम अधिकारी नगर भूमि सीमा दुर्ग (अधिनियम समाप्ति उपरांत शेष अनुसांगिक कार्यवाही हेतु), राजस्व विभाग से संबंधित विधानसभा प्रश्नों की जानकारी समय पर भेजने हेतु नस्ती कलेक्टर के समक्ष पेश करना, जिले के प्राकृतिक आपदा के प्रकरणों के निराकरण (आर.बी.सी. 6-4), मुख्यमंत्री व मुख्य सचिव द्वारा आयोजित विडियो कांफ्रेसिंग का कार्य, शिकायत शाखा से प्राप्त नस्तियॉं (आवश्यकता अनुसार महत्वपूर्ण होने से कलेक्टर को प्रस्तुत), पीजीएन के आवेदन पत्रों का निराकरण एवं अन्य मदों से प्राप्त होने वाली शिकायतों की समय-समय पर समीक्षा तथा व्यक्तिगत रूचि लेकर निराकरण करने का दायित्व सौंपा गया है। इसके साथ कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी द्वारा समय-समय पर सौंपे गये कार्यों का दायित्व भी शामिल है।अपर कलेक्टर श्री रावटे के माध्यम से विभिन्न शाखाओं की नस्तियाँ कलेक्टर सुश्री चौधरी को प्रस्तुत की जायेंगीे। जिनमें खाद्य शाखा, नजूल व नजूल जांच, भू-अर्जन व भू- बंटन शाखा, स्वेच्छानुदान, जनसंपर्क, मुख्यमंत्री सहायता शाखा, सी एम घोषणा, जनगणना शाखा, सहायक अधीक्षक राजस्व/राजस्व मोहर्रिर शाखा, सहायक अधीक्षक (सामान्य)/वरिष्ठ लिपिक-1, 2, 3,/पासपोर्ट शाखा, राजस्व लेखा शाखा/बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधक/सूखा राहत शाखा, प्रेषक व मुद्रलेखन शाखा, मुख्य प्रतिलिपि शाखा, प्रपत्र एवं लेखन सामग्री/लायब्रेरी शाखा, पर्यावरण अधोसंरना मद, 20 सूत्रीय, 15 सूत्रीय एवं अल्पसंख्यक आयोग, काउन्टर शाखा, जवाहर नवोदय विद्यालय बोरई/केन्द्रीय विद्यालय दुर्ग/नेहरू युवा केन्द्र/खेल विभाग दुर्ग/शिक्षा के अधिकार कानून के अंतर्गत, सचिव रविशंकर स्टेडियम/मानस भवन, लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत जानकारी प्रस्तुत करना एवं समय-समय पर कलेक्टर द्वारा सौंपे गए अन्य कार्य शामिल है।
- दुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग दुर्ग मंडल के अधीक्षण अभियंता श्री संजीव ब्रिजपुरिया ने जल जीवन मिशन के तहत मोतीमपुर समूह जल प्रदाय योजना का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने योजना के कार्यों का जायजा लिया और एजेंसी को कार्य को तेजी से करते हुए तकनीकी गुणवत्ता का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए। अधीक्षण अभियंता श्री ब्रिजपुरिया ने कहा कि जल जीवन मिशन सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में सभी घरों को नल कनेक्शन प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए सभी संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को मिलकर काम करना होगा। मोतीमपुर समूह जल प्रदाय योजना से क्षेत्र के कई गांवों को लाभ मिलेगा। इस योजना के पूरा होने से ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध होगा और उनकी जीवनशैली में सुधार आएगा। निरीक्षण के दौरान कार्यपालन अभियंता श्री उत्कर्ष उमेश पांडेय, सहायक अभियंता श्री प्रकाश सिंह ठाकुर, उपभियंता सुश्री कल्पना पोया और टीपीआई एजेंसी के प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
- -10 नवाचारी शिक्षक, 6 उत्कृष्ट शाला और 7 संकुल समन्वयक को मिला सम्मानदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने जिले में संचालित आचार्य विनोबा भावे शिक्षक कार्यक्रम के अंतर्गत 23 शिक्षकों को सम्मानित किया। जिसमें धमधा ब्लॉक के 11, पाटन ब्लॉक के 07 और दुर्ग ब्लॉक के 05 शिक्षक शामिल है। जिले के विभिन्न स्कूलों के 10 शिक्षकों को माह सितम्बर और अक्टूबर के लिए ’पोस्ट ऑफ द मंथ’ और ’बोलेगा बचपन’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया। साथ ही उत्कृष्ट दुर्ग कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 10वीं एवं 12वीं की माह सितम्बर में आयोजित मासिक परीक्षा मे उत्कृष्ट परिणाम देने वाले 6 विद्यालय के प्राचार्यों को एवं माह अगस्त से अक्टूबर तक जिस क्लस्टर के विद्यालयों ने सक्रिय सहभागिता के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है, उन संकुलों के 7 संकुल समन्वयकों को सम्मानित किया गया। विनोबा ऐप के माध्यम से हर महीने जिले के नवाचारी शिक्षकों को ’’पोस्ट ऑफ द मंथ’’ और विभिन्न कौशल संवर्धन पहल में उत्कृष्ट कार्य के लिए पुरस्कृत किया जाता है। इसके अलावा बोलेगा बचपन, टॉप 3 क्लस्टर और उत्कृष्ट दुर्ग कार्यक्रम में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों का भी सम्मान किया जाता है। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कलेक्टर सुश्री चौधरी ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई दी और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने सभी शिक्षकों से छात्रों के समग्र विकास के लिए इसी तरह कार्य करते रहने का आह्वान किया। इस कार्यक्रम में ओपन लिंक्स फाउंडेशन के जिला समन्वयक प्राची तुमसरे और जिले के अनेक शिक्षक बड़ी संख्या में उपस्थित थे। कार्यक्रम में संयुक्त कलेक्टर श्री एम. भार्गव, नगर निगम भिलाई के आयुक्त श्री राजीव कुमार पाण्डेय, जिला शिक्षा अधिकारी श्री अरविन्द मिश्रा, विनोबा नोडल डॉ. पुष्पा पुरुषोत्तमन, डीएमसी श्री सुरेन्द्र पांडे, एपीसी श्री विवेक शर्मा, एमआईएस प्रशासक श्री संजय कुमार वर्मा एवं विकासखंड शिक्षा अधिकारी श्री कैलाश साहू उपस्थित थे।
- दुर्ग / राज्य नोडल अधिकारी उपायुक्त श्री आर.के.शर्मा ने विगत दिवस दुर्ग जिले का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने विकासखण्ड पाटन में मनरेगा के निर्माण कार्याे का निरीक्षण किया गया।भ्रमण के दौरान उप आयुक्त द्वारा विकासखण्ड पाटन के निर्माण कार्य और ग्राम पंचायत मोतीपुर आंगनबाड़ी भवन एवं सोक पीट निर्माण कार्यो का निरीक्षण किया। उन्होंने आंगनबाडी केन्द्र में उपस्थित बच्चों से बात की। इस पर तकनीकी सहायक ने बताया कि आंगनबाड़ी केन्द्र जर्जर होने के कारण आंगनबाड़ी बनाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान प्रधानमंत्री आवास का निर्माण कर रहे हितग्राही से भी चर्चा की। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास निर्माण के लिए 90 दिवस की मजदूरी प्राप्त हुई। आवास में दो रूम एक किचन का निर्माण किया गया है। हितग्राही ने बताया कि वह पहले कच्चे मकान में रहता था अब आवास मिल जाने से उनका परिवार एक पक्के छत के नीचे जीवन यापन करेगा। वही उन्होंने ग्राम पंचायत तेलीगुण्डरा में तालाब के किनारे वृक्षों को सुरक्षित किए गए अमृत सरोवर निर्माण की सराहना की। ग्राम पंचायत भवन में मनरेगा के तहत पंजी के संधारण व दस्तावेज की जांच की गई। इस पर रोजगार सहायक को संधारित पंजी को अद्यतन करने के निर्देश दिए गए।ग्राम पंचायत तेलीगुण्डरा में 28 हितग्राही का आजीविका हेतु प्रोजेक्ट उन्नति के तहत हितग्राहियों को आचार आगबत्ती, फिनाईल, निरमा, साबुन बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। इस दौरान प्रशिक्षण में शामिल भुनेश्वरी वर्मा से चर्चा की गई। उन्होंने हितग्राहियों को प्रशिक्षण का लाभ लेकर आजीविका की गतिविधियों को आगे बढ़ाने को कहा। साथ ही उन्होंने गुजरा ग्राम पंचायत के आश्रित ग्राम पंचायत गुजरा के डबरी निर्माण कार्य का निरीक्षण किया। साथ ही मनरेगा के तहत उचित मूल्य की दुकान, हाट सेग्रीगेशन यार्ड, बाजार चबूतरा निर्माण कार्य का निरीक्षण भी किया। उन्होंने गुणवत्तायुक्त निर्माण कार्यो की प्रंशासा की। भ्रमण के दौरान तकनीकी समन्वयक सहायक परियोजना अधिकारी, कार्यक्रम अधिकारी पाटन तकनीकी सहायक, रोजगार सहायक उपस्थिति थे।
- -खरीदे गए धान का अवलोकन कर गुणवत्ता को परखाबालोद । कलेक्टर श्री इन्द्रजीत सिंह ने आज जिला मुख्यालय बालोद के समीपस्थ ग्राम जुंगेरा में स्थित धान खरीदी केन्द्र पाररास का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारी-कर्मचारियों को धान खरीदी कार्य को सुचारू रूप से संपन्न कराने हेतु धान खरीदी केन्द्र में सभी व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। श्री चन्द्रवाल ने धान खरीदी केन्द्र में किसानों से खरीदे गए धान के बारदाने का अवलोकन कर धान के गुणवत्ता को परखा। उन्होंने समिति प्रबंधक एवं कर्मचारियों को वास्तविक किसानों के रकबे की धान की खरीदी हेतु जरूरी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। इस दौरान उन्हांेने मौके पर उपस्थित किसानों से बातचीत कर उनके द्वारा बेचे गए धान की मात्रा के संबंध में जानकारी ली। श्री चन्द्रवाल ने मौके पर उपस्थित अधिकारियों को धान खरीदी केन्द्र में धान के रखरखाव हेतु स्टेकिंग की व्यवस्था तथा धान विक्रेताओं के आधार सत्यापन हेतु लगाए गए बायोमेट्रिक मशीन आदि कार्यों के संबंध जानकारी ली। इस दौरान श्री चन्द्रवाल ने धान खरीदी पंजी एवं आॅनलाईन एंट्री के कार्य का अवलोकन कर किसानों से धान खरीदी की कुल मात्रा एवं उसकी समुचित एंट्री के कार्य का सूक्ष्मता से परीक्षण भी किया। कलेक्टर ने धान खरीदी के कार्य के पहले दिन 14 नवंबर एवं आज 18 नवंबर के लिए जारी किए गए टोकन एवं खरीदे गए कुल धान की मात्रा के संबंध मंे जानकारी ली। मौके पर उपस्थित समिति प्रबंधन ने बताया कि धान खरीदी केन्द्र पाररास में धान खरीदी के पहले दिन 14 नवंबर को कुल 24 किसानों एवं आज 18 नवंबर के लिए 36 किसानों के टोकन कटने की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि 14 नवंबर को 24 किसानों का कुल 744.80 क्ंिवटल धान की खरीदी करने की जानकारी दी। श्री चन्द्रवाल ने अधिकारी-कर्मचारियों को धान खरीदी कार्य को त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने तथा धान खरीदी केन्द्र में किसानों के लिए बैठक, पेयजल, शौचालय आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। इस दौरान उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं श्री राजेन्द्र राठिया, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के नोडल अधिकारी श्री सीआर रावटे सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- बालोद । जिले में वर्ष 2024-25 में होने वाली पंचायत एवं नगरीय निकाय चुनावों के लिए मतपत्रों के मुद्रण हेतु मुहरबंद निविदा आमंत्रित की गई है। अपर कलेक्टर श्री चन्द्रकांत कौशिक ने बताया कि आगामी नगरीय निकायों के लिए मतपत्रों के मुद्रण हेतु मुहरबंद निविदा 27 नंवबर 2024 को दोपहर 03 बजे तक आमंत्रित की गई है। निविदा 27 नवंबर को शाम 04 बजे उपस्थित निविदाकारों या उनके प्राधिकृत प्रतिनिधियों के समक्ष खोली जाएगी। उन्होंने बताया कि निविदा फाॅर्म कार्यालय कलेक्टर निर्वाचन शाखा से प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही निविदा से संबंधित विस्तृत जानकारी कार्यालय कलेेक्टर में उप जिला निर्वाचन अधिकारी से संपर्क कर प्राप्त की जा सकती है।
- - कृषक भागीरथी एवं जोहार ने की व्यवस्थाओं की सराहना, नई व्यवस्था से आसानी से हो गई उनकी धान की खरीदीबालोद। राज्य शासन के निर्देशानुसार खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी कार्य के अंतर्गत बालोद जिले के सभी 143 धान खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की सुविधा उपलब्ध होने से जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में पारदर्शी एवं सुविधाजनक ढंग से धान खरीदी का कार्य संपन्न हो रहा है। जिले के सभी धान खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन उपलब्ध होने से शीघ्रता एवं आसानी से किसानों के धान खरीदी होने के साथ-साथ धान खरीदी की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से संपन्न हो रहा है। इस नई व्यवस्था से बालोद जिले के किसानों में हर्ष व्याप्त है। जिले के आदिवासी बाहुल्य डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम छिंदगांव के कृषक श्री जोहार एवं ग्राम भण्डारी पारा डौण्डी के कृषक श्री भागीरथी ने राज्य शासन की इस नई व्यवस्था की सराहना करते हुए इसे किसानों के लिए अत्यंत कारगर एवं लाभप्रद बताया। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की सुविधा उपलब्ध होने से इस वर्ष शीघ्रता से बिना किसी परेशानी के उनकी धान की खरीदी हो गई। किसानों ने कहा कि इस नई व्यवस्था से धान खरीदी केन्द्र में किसी भी प्रकार की हेर-फेर की गुंजाईश नही है। जिसके कारण हम सभी कृषक बहुत ही प्रसन्नचित है।धान खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की उपलब्ध सुविधा के संबंध में जानकारी देते हुए किसान जोहार ने बताया कि इस नई व्यवस्था से हम किसानों के धान बिक्री का कार्य बहुत ही आसान हो गया है। उन्होंने बताया कि उनके पास उनके ग्राम छिंदगांव में मात्र 01 एकड़ खेती योग्य कृषि भूमि है। वे इस कृषि भूमि में खेती के अलावा मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण का कार्य करते हैं। उन्होंने बताया कि धान खरीदी के पहले दिन 14 नवंबर को विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डी के धान खरीदी केन्द्र में अतिथियों द्वारा उनका स्वागत, अभिनंदन के बाद उनके धान की खरीदी की गई। किसान जोहार ने बताया कि धान खरीदी के कर्मचारियों के द्वारा धान खरीदी केन्द्र के इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन के माध्यम से बहुत ही कम समय में आसानी एवं पूरे पारदर्शी तरीके से उनके धान खरीदी के कार्य को पूरा किया गया। इस दौरान उन्होंने कुल 20 क्विंटल धान की बिक्री की और इस कार्य में उन्हें किसी भी प्रकार की परेशानी नही हुई। किसान जोहार ने राज्य शासन के इस धान खरीदी योजना से मिले राशि को अपने जरूरत के समय के लिए बहुत बड़ा सहारा बताते हुए इसकी भूरी-भूरी सराहना की है। किसान जोहार ने बताया कि खरीफ विपणन वर्ष 2023-24 में धान खरीदी योजना से मिले राशि का उपयोग उन्होंने अपने खेती बाड़ी के अलावा अन्य पारिवारिक कार्यों के लिए किया है।इसी तरह राज्य सरकार के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना तथा सभी धान खरीदी केन्द्रों में की गई इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की नई व्यवस्था की सराहना विकासखण्ड मुख्यालय डौण्डी के भण्डारी पारा के कृषक श्री भागीरथी ने भी किया है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की नई व्यवस्था ने किसानों के धान बिक्री के कार्य को बहुत ही आसान बना दिया है। जिसके कारण धान खरीदी केन्द्र में बहुत ही शीघ्रता, आसान एवं पारदर्शी तरीके से धान खरीदी का कार्य संपन्न हो रहा है। उन्होंने बताया कि उनके पास कुल 01 एकड़ 40 डिस्मिल पैतृक कृषि भूमि है। उन्होंने धान खरीदी केन्द्र डौण्डी में कुल 15 क्ंिवटल 60 किलो धान की बिक्री की है। किसान भागीरथी ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रति क्ंिवटल 3100 रुपए की दर से प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान खरीदी के निर्णय की भूरी-भूरी सराहना की है। उन्होंने कहा कि किसान पुत्र मुख्यमंत्री ने किसानों के वास्तविक जरूरतों को समझते हुए उनके मेहनत का सम्मान करते हुए प्रति एकड़ 3100 रुपए में धान खरीदी करने का निर्णय लिया है, वास्तव में वह काबिले तारीफ है। इसके लिए उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि इसके अलावा राज्य शासन के सभी धान खरीदी केन्द्रों में इलेक्ट्राॅनिक तौल मशीन की नई व्यवस्था से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी का कार्य किसानों के लिए सोने पे सुहाग साबित हो रहा है।
- भिलाईनगर। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय को जानकारी मिली थी कि नगर पालिक निगम भिलाई में लगभग 150 उद्यान है। जहां पर स्थानीय निवासी रोज सुबह एवं शाम टहलने, बैठने, व्यायाम करने उद्यानों में आते है। उनके साथ ही उद्यानों में बच्चे भी खेलने आते रहते है।निगम आयुक्त उद्यानों की साफ-सफाई व्यवस्था देखने के लिए जी.ई.रोड स्थित नेहरू नगर जीम, योग, खेल एवं राशि उद्यान पहुंचे। वहां की साफ-सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किये। उद्यानों की साफाई कर रहे कर्मचारियों से बात किये। यह देखने में आता है, कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा निगम के उद्यानों में लगे फैसिंग, तारो एवं ग्रील को तोड़ देते है। वहां से आने-जाने का रास्ता बना दिया जाता है। कुछ ग्रीलों को चोरी कर ले जाते है। इसके लिए आयुक्त ने निर्देशित किया की जहां भी ऐसी घटना होती है। वहां का स्थल निरीक्षण प्रतिवेदन लेकर पंचनामा तैयार कर एफआईआर दर्ज कराया जाए। पुलिस प्रशासन द्वारा तपसीस की जाएगी और संबंधितो को इसकी सजा दी जाएगी।आयुक्त पाण्डेय ने उद्यानों में आन-जाने वाले लोगो से अनुरोध किये है कि इस प्रकार के असामाजिक तत्वों को देखे तो मना करें। यह संपत्ति हम सबकी है, सबको इसका देख-रेख वैसा ही करना है जैसा अपने घर की संपत्ति का करते हैं। गौरतलब है कि नगर निगम भिलाई का सफाई मित्र रोज सुबह प्रत्येक घर के दरवाजे पर जाता है और आवाजें लगता है। घर से निकलने वाले गीले एवं सुखे कचरे को लेकर आता है। सफाई सुपरवाइजर से जानकारी मिली कि नेहरू नगर के कुछ बंगलो में रहने वाले घर से निकलने वाले कचरे को उद्यानों में लाकर फेंक देते है। अपने बंगलो से निकलने वाले कचरे का उद्यानों में फेंकना संक्रिणता का द्योतक है । ऐसा करने वालो पर अर्थ दंड की कार्यवाही की जावेगी।
- -विभागों के लंबित पेंशन प्रकरणों का शीघ्र करें निराकरण-कलेक्टर ने की समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षादुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने आज कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में अधिकारियों की बैठक में समय-सीमा प्रकरणों की समीक्षा के साथ विभागीय कार्यों की भी समीक्षा की। उन्होंने धान खरीदी हेतु गिरदावरी सत्यापन की जानकारी ली।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में जिले में संचालित योजनाओं और सरकारी कार्यालयों की गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों की विशेष भूमिका तय की गई है। इस पहल के तहत, जिला स्तर के अधिकारियों को ग्राम पंचायतों में संचालित आंगनबाड़ी केन्द्र, पंचायत, पी.डी.एस., विद्यालय एवं स्वास्थ्य केन्द्रों की गतिविधियों का अवलोकन करना होता है। इस प्रक्रिया में अधिकारी एक विशेष एप्लिकेशन के माध्यम से सभी जरूरी जानकारियां प्रस्तुत करते हैं, जिससे योजनाओं और कार्यक्रमों की पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके। इस संबंध में कलेक्टर ने सत्यापन कार्य के लिए जिन अधिकारी-कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें 30 नवम्बर से पहले सत्यापन कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।कलेक्टर सुश्री चौधरी ने धान खरीदी में अनियमितता पाये जाने पर प्रकरण अनिवार्य रूप से तैयार कर आवश्यक कार्यवाही करने को कहा। साथ ही खाद्य अधिकारी से खरीफ विपणन 2024-25 में धान उर्पाजन केन्द्रों में बफर लिमिट निर्धारण के संबंध में जानकारी ली। कलेक्टर ने विभागों में लंबित पेंशन प्रकरण को शीघ्र पूर्ण करने को कहा।कलेक्टर ने पशु चिकित्सा विभाग के कार्यों की समीक्षा के दौरान पशु संगणना की भी जानकारी ली। जिले में ऑयल पाम की खेती को बढ़ावा देने उद्यानिकी विभाग को मिले लक्ष्य पूर्ति हेतु उप संचालक कृषि को कृषकों को ऑयल पाम की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने आयुष्मान कार्ड की अद्यतन प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए सभी नगरीय निकायों, जनपद एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पुनः डोर-टू-डोर अभियान चलाकर परिवार के सभी सदस्यों का आयुष्मान कार्ड बनाने के निर्देश दिए। साथ ही वृद्धावस्थ्या पेंशन के सभी हितग्राहियों का भी आयुष्मान कार्ड बनाना सुनिश्चित किया जाए। इसी प्रकार सेवानिवृत्ति पश्चात् लंबित पेंशन प्रकरण के निराकरण पर भी अधिकारी विशेष ध्यान देवे।कलेक्टर ने स्कूल जतन योजना व समग्र शिक्षा के तहत प्रगतिरत निर्माण कार्यो को पूर्ण गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए। स्कूल जतन योजना के अंतर्गत निर्माण एजेंसी द्वारा जीर्णोद्धार स्कूल व शौचालय का मूल्यांकन कर रिपोर्ट जिला शिक्षा अधिकारी को भेजना सुनिश्चित करते हुए 30 नवम्बर से पहले स्कूल शौचालयों की मरम्मत पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए।मुख्य चिकित्सा स्वास्थ्य अधिकारी को प्रत्येक स्वास्थ्य केन्द्रों में केन्द्र के खुलने का निर्धारित समय चस्पा करने को कहा, ताकि आम जनता को परेशानी न हो। कलेक्टर सुश्री चौधरी ने विभागवार समय-सीमा के लंबित प्रकरण, मुख्यमंत्री जनदर्शन, कलेक्टर जनदर्शन, जन शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के वेब एवं पोस्ट द्वारा प्राप्त शिकायत, सारथी-ई पोर्टल और पीजी पोर्टल के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। साथ ही शीघ्र प्रकरण निराकृत करने के निर्देश दिए। बैठक में एडीएम श्री अरविन्द एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, नगर निगम भिलाई आयुक्त श्री राजीव पाण्डेय, नगर निगम दुर्ग के आयुक्त श्री सुमित अग्रवाल, नगर निगम रिसाली की आयुक्त श्रीमती मोनिका वर्मा, एसडीएम दुर्ग श्री एच.एस. मिरी, एसडीएम पाटन श्री लवकेश ध्रुव, एसडीएम भिलाई-3 श्री महेश राजपूत, संयुक्त कलेक्टर श्री वीरेन्द्र सिंह सहित समस्त विभाग के जिला प्रमुख अधिकारी उपस्थित थे।
- रायपुर // मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज "एक पेड़ मां के नाम" अभियान के तहत सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन 241 वाहिनी के परिसर में नीम का पौधा रोपा। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान पर्यावरण संरक्षण की दिशा में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी का अनूठा प्रयास है, जिसमें सभी लोग स्वस्फूर्त अपनी भागीदारी दे रहे हैं। श्री साय ने सभी से एक पौधा लगाने और उसकी देखभाल करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पौधरोपण से हम न केवल पर्यावरण को सुरक्षित करते हैं, बल्कि भावी पीढ़ियों को स्वच्छ हवा और स्वस्थ वातावरण का उपहार देते हैं।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री साय बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक के बाद अचानक सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन के कैंप पहुंचे थे। वृक्षारोपण के दौरान सीआरपीएफ बस्तरिया बटालियन के सुरक्षा बल के जवान उपस्थित थे।
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- खेल अनुशासन के दायरे में श्रेष्ठ और उत्कृष्ट खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करें खिलाड़ी
- देश के विभिन्न राज्यों एवं संस्थाओं की 33 टीमों के 1064 प्रतिभागी खेल प्रतिभा का करेंगे प्रदर्शन
- प्रतियोगिता में बॉस्केटबॉल बालक 14 व 17 वर्ष एवं बालिका 14 वर्ष के प्रतिभागियों ने लिया हिस्सा
- 68वीं राष्ट्रीय शालेय कीड़ा प्रतियोगिता का किया गया शुभारंभ
राजनांदगांव । महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने सोमवार को स्कूल गेम्स फेडरेशन ऑफ इंडिया द्वारा संचालित एवं स्कूल शिक्षा विभाग छत्तीसगढ़ शासन द्वारा आयोजित 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता का विधिवत शुभांरभ दिग्जिवय स्टेडियम राजनांदगांव में किया । कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में पूर्व उपाध्यक्ष बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति श्री खूबचंद पारख, कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल, पुलिस अधीक्षक श्री मोहित अग्रवाल उपस्थित थे। इस अवसर पर उन्होंने ध्वजारोहण कर आसमान में गुब्बारे छोड़े। इसके पश्चात खिलाडिय़ों द्वारा आकर्षक मार्च पास्ट किया गया। खिलाडिय़ों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने छत्तीसगढ़ की कला-संस्कृति पर सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया।
महापौर श्रीमती हेमा देशमुख ने संस्कारधानी राजनांदगांव में देश के अलग-अलग राज्यों से आए युवा खिलाडिय़ों का अभिनंदन एवं स्वागत किया। उन्होंने कहा कि हमारा देश सबसे खुबसूरत देश के रूप में जाना जाता है। हम सब जानते है कि अनेकता में एकता भारत की विशेषता है, वहीं आज यहां देखने को मिल रही है। हमारे अलग-अलग राज्यों की अलग-अलग भाषा, पहनावा अपने आप में खुबसूरत होती है और सभी एक माला में पिरोए हुए हैं। सभी एक खुबसूरत फूल की तरह है। उन्होंने कहा कि बॉस्केटबॉल खेलने और अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए खिलाडिय़ों का आगमन राजनांदगांव में हुआ है। उन्होंने कहा कि सभी की अपनी-अपनी अपेक्षाएं और इच्छाएं होती है सभी यह सोच करके आते हैं कि यहां से जीतकर जाएंगे और खेल भावना से खेलते हैं। उन्होंने कहा कि खेल में कोई जीतता है तो कोई हारता है। उन्होंने खिलाडिय़ों से कहा कि इच्छाएं और सपने कभी खत्म नहीं होनी चाहिए। सपने हमेशा ऊंचा उडऩे के लिए देखने कहा। उन्होंने कहा कि आज राष्ट्रीय स्तर का खेल रहे है कल अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर खेलेंगे। उन्होंने सभी खिलाडिय़ों को जीत कर जाने के लिए कहा। उन्होंने देश का नाम गौरवान्वित करने के लिए शुभकामनाएं दी।
पूर्व उपाध्यक्ष बीस सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति श्री खूबचंद पारख ने कहा कि खिलाड़ी प्रतियोगिता के माध्यम से अपनी प्रतिभा का परिचय देने आए हैं। प्रतियोगिता में कोई जीतता है तो कोई हारता है। उन्होंने कहा कि जो जीतता है उसके लिए अपनी जीत को बरकरार रखना बहुत बड़ी चुनौती होती है, जबकि जो हारता है उसे शिखर तक पहुचने के लिए केवल कोशिश करनी पड़ी है। उन्होंने सभी टीमों को अनुशासन में अपने बेहतर प्रदर्शन करने कहा। प्रतियोगिता में जो टीम भाग लेती है उसमें से कई टीमें हार जाती है। लेकिन अपने प्रदर्शन से लोगों के दिल में अपना एक विशेष स्थान प्राप्त कर लेती हैं। उन्होंने खिलाडिय़ों को खेल अनुशासन के दायरे में रहकर खेल भावना से अपने प्रतियोगिता में उत्कृष्ट और श्रेष्ठ प्रदर्शन करने कहा। अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपना नाम गौरवान्वित करता है वह स्कूली खेल से चलकर शिखर तक पहुंचता है। उन्होंने कहा कि इस खेल के माध्यम से राष्ट्रीय स्तर और अंतर्राष्ट्रीय स्तर खेल के लिए चुने जाएंगे। प्रतियोगिता के माध्यम से अपने प्रदर्शन को श्रेष्ठ करने के लिए उज्जवल भविष्य की कामना की।
उल्लेखनीय है कि जिले में 68वीं राष्ट्रीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता 18 से 22 नवबंर 2024 तक आयोजित की गई है। प्रतियोगिता में बॉस्केटबॉल बालक 14 व 17 वर्ष एवं बालिका 14 वर्ष के मैच दिग्विजय स्टेडियम में खेंले जायेंगे। प्रतियोगिता में देश के 33 राज्यों एवं संस्थाओं की टीमें हिस्सा ले रही है। प्रतियोगिता में आंध्रप्रदेश, बिहार, चण्डीगढ़, दिल्ली, गुजरात, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू एण्ड कश्मीर, झारखण्ड, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, मिजोरम, उडि़सा, पुडुचेरी, पंजाब, राजस्थान, तमिलनाडु, तेलंगाना, उत्तरप्रदेश, उत्तराखण्ड, पश्चिम बंगाल राज्यों के साथ सीबीएसई डब्ल्यूएसओ, सीबीएसई, सीआईएससीई, डीसीएमसी, आईटीजीएस स्र्पोट्स आर्गनाजेशन, आईपीएससी, केन्द्रीय विद्यालय संगठन, नवोदय विद्यालय समिति, विद्याभारती के अलावा मेजबान छत्तीसगढ़ की टीम ने भाग लिया है। प्रतियोगिता में बॉस्केटबॉल 14 वर्ष में 336 बालक, 17 वर्ष में 383 बालक एवं 14 वर्ष में 345 बालिकाओं सहित कुल 1064 प्रतिभागी शामिल। इस अवसर पर एसडीएम श्री खेमलाल वर्मा, सहायक संचालक शिक्षा श्रीमती संगीता राव, प्रभारी जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री देवेन्द्र सिंह ठाकुर, समाजसेवी श्री राजेन्द्र गोलछा सहित विभिन्न राज्यों से आए कोच एवं बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित थे। -
- निर्माण कार्य गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के दिए निर्देश
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने कलेक्टोरेट सभाकक्ष में लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की बैठक लेकर जिले में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। कलेक्टर श्री अग्रवाल ने निर्माण कार्यों को गुणवत्तापूर्ण एवं निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने स्वीकृत निर्माण कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को विभागीय कार्यों के क्रियान्वयन के लिए सक्रियतापूर्वक और जिम्मेदारी से कार्य करने कहा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्माण कार्यों की लगातार मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर श्री अग्रवाल ने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं के अंतर्गत जो भी निर्माण कार्य स्वीकृत किये गए है, उसे शीघ्र प्रारंभ करें और जो कार्य निर्माणाधीन है उसे पूर्ण करें। उन्होंने गांवों में सड़क निर्माण करने के समय विशेष ध्यान देने कहा। गांव में सड़क निर्माण के दौरान नाली सीधी रहे यह सुनिश्चित करने कहा। जिससे पानी की निकासी आसानी से हो सके। उन्होंने मोड़ वाली स्थानों में सड़कों पर तकनीकी रूप से उसमें स्पीड ब्रेकर बनाने कहा। जिससे दुर्घटना से बचा जा सके। उन्होंने अधिकारियों को सभी स्कूल भवनों का लगातार निरीक्षण करने कहा। उन्होंने लक्ष्य निर्धारित कर निर्माण कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए। जिससे संबंधित क्षेत्रवासियों को इसका लाभ समय पर मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि जिन किसानों की जमीन सड़क निर्माण के लिए भू-अर्जन किया गया है उन किसानों को समय पर राशि भुगतान करने कहा। उन्होंने बाढ़ से क्षतिग्रस्त निर्माण कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने स्थल निरीक्षण कर प्रस्ताव बनाने कहा। इस अवसर पर लोक निर्माण विभाग और सेतु निर्माण विभाग के कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता और अनुविभागीय अधिकारी उपस्थित थे। -
महासमुंद / नगर पंचायत पिथौरा में प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 2.0 के तहत संभावित पात्र हितग्राहियों का रैपिड असेसमेंट सर्वे आयोजित किया जा रहा है। छत्तीसगढ़ शासन, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के निर्देशानुसार यह सर्वे 19 से 21 नवंबर 2024 तक विभिन्न वार्डों में किया जाएगा। मुख्य नगर पालिका अधिकारी नगर पंचायत पिथौरा से प्राप्त जानकारी अनुसार यह शिविर 19 नवंबर को वार्ड 01 से 05 तक, शारदा चौक रंग मंच, 20 नवंबर को वार्ड 06 से 10 तक, मंदिर चौक रंगमंच और 21 नवंबर को वार्ड 11 से 15 तक नगर पंचायत पिथौरा कार्यालय परिसर में आयोजित किए जाएंगे। सर्वे प्रक्रिया के सुचारू संचालन हेतु श्री धरमुराम सिन्हा, श्री मुकेश निषाद, श्री सुरेन्द्र नायक, श्री धनेन्द्र साहू, और श्री धनेश्वर निषाद की ड्यूटी निर्धारित की गई। सभी संबंधितों को निर्देश दिया गया है कि पात्र हितग्राहियों के सर्वेक्षण कार्य को समय पर पूरा करें।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज दंतेवाड़ा में बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या देवी साय और परिवार के अन्य सदस्य उपस्थित थे। इस अवसर पर विधायक श्री चैतराम अटामी, राज्य महिला आयोग की सदस्य श्रीमती ओजस्वी मण्डावी तथा अन्य जनप्रतिनिधियों सहित मुख्यमंत्री के सचिव श्री राहुल भगत, कमिश्नर बस्तर श्री डोमन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 426 करोड़ रुपए से अधिक लागत की योजनाओं के तेजी से क्रियान्वयन के दिए निर्देश
8,091 किलोमीटर लाइनें, 2217 ट्रांसफॉर्मर, 7950 बसाहटें
रायपुर/ आदिवासी अँचलों में बिजली से वंचित रह गए घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 3 अतिविशिष्ट योजनाओं के माध्यम से 77,292 घरों में बिजली पहुंचाने की कार्ययोजना बनाकर उस पर अमल प्रारंभ कर दिया गया है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी द्वारा इस महती कार्ययोजना पर कार्य किया जा रहा है जिसमें से 2 योजनाएं केंद्र सरकार की है तथा 1 योजना छत्तीसगढ़ शासन की है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने 426 करोड़ रुपए से अधिक लागत की इन योजनाओं का क्रियान्वयन शीघ्रता से करने के निर्देश दिए है। वहीं छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष श्री रोहित यादव ने तीनों योजनाओं की प्रगति की नियमित तौर पर मॉनिटरिंग की व्यवस्था की है।
प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महा-अभियान (पीएम जनमन) के अंतर्गत छत्तीसगढ़ की अति पिछड़ी 7 जनजातियों जिनमें अबुझमाड़िया, बैगा, भारिया, पहाड़ी कोरवा, कमार तथा बिरहोर शामिल हैं, इन 7 जनजातियों के लिए विशेष प्रयास किये जा रहे हैं। ग्रिड से विद्युतीकृत गांवों के 7,077 घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 37 करोड़ 60 लाख रुपए की लागत से कार्य किया जा रहा है। इसके अंतर्गत 1,087 बसाहटों में 363.24 किलोमीटर 11 के.वी. लाइन, 267 नग 25 के.वी.ए. क्षमता के वितरण ट्रांसफॉर्मर तथा 650 किलोमीटर से अधिक निम्नदाब लाइनें बिछाई जा रही है। पीएम जनमन के तहत अभी तक 4,500 घरों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है।
प्रधानमंत्री जनजाति उन्नत ग्राम अभियान की घोषणा हाल ही में की गई है जिसके अंतर्गत 919 गांवों के 65,711 अविद्युतीकृत घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 323 करोड़ 63 लाख रुपए की कार्ययोजना को स्वीकृति मिली है। जिसके अंतर्गत 6,863 बसाहटों में 1889.56 किलोमीटर लाइनें, 25 के.वी.ए. क्षमता के 1950 वितरण ट्रांसफॉर्मर स्थापित किए जाएंगे तथा 5,188 किलोमीटर से अधिक निम्नदाब लाइनें बिछाई जाएंगी।
आदिवासी बहुल गांवों में बिजली पहुंचाने में सबसे बड़ी समस्या वहां के सघन वन क्षेत्र होते हैं। घने जंगलों में बहुत से क्षेत्र पहुंच विहीन होती हैं। इसके अलावा बस्तर के सघन वन क्षेत्रों में विरासत में मिली नक्सलवाद की समस्या भी है जिसके समाधान की दिशा में राज्य सरकार द्वारा केंद्र की मदद से लगातार प्रयास किया जा रहा है। इस मोर्चे पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के कार्यकाल में बड़ी सफलताएं भी मिल रही हैं। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सुरक्षाबलों की तैनाती केंद्र तथा राज्य शासन द्वारा की गई है। जिसके लिए सुरक्षा कैम्प बनाए गए है। सुरक्षा कैम्पों के समीप 5 किलोमीटर के दायरे में बहु-आयामी विकास कार्यों को गति देने के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा नियद नेल्लानार योजना प्रांरभ की गई है। इस योजना के अंतर्गत 24 सुरक्षा कैम्पों के 5 किलोमीटर के दायरे में 96 गांवों में घरों को रोशन करने की कार्ययोजना बनाकर कार्य प्रारंभ किया गया है। इसमें ग्रिड से विद्युतीकृत 8 गांवों के 105 आवासों तथा ऑफग्रिड विद्युतीकृत 61 गांवों के 4,399 आवासों को ग्रिड से विद्युतीकृत करने की योजना प्रचलन में है। 61 करोड़ रुपए की लागत से इस योजना के अंतर्गत उपकेंद्रों, वितरण लाइनों की स्थापना की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत बीजापुर जिले के यथागुण्डम तथा चिन्तावागु गांवों का विद्युतीकरण किया गया है तथा 60 आवासों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनीज के अध्यक्ष श्री रोहित यादव के निर्देशानुसार इन तीनों योजनाओं को प्राथमिकता से पूरा किया जाना है। एम.डी. डिस्ट्रीब्यूशन श्री भीमसिंह कंवर द्वारा नियमित तौर पर क्रियान्वयन की समीक्षा की जा रही है। -
मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव के प्रति जताया आभार
रायपुर/ छत्तीसगढ़ को बाघों के संरक्षण और संवर्धन के लिए ‘गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व‘ के रूप में एक नया टायगर रिजर्व मिल गया है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इस महत्वपूर्ण घोषणा के लिए प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केन्द्रीय वन मंत्री श्री भूपेन्द्र यादव को धन्यवाद दिया है। यह टायगर रिजर्व देश का 56वां टायगर रिजर्व होगा। गुरू घासीदास-तमोर पिंगला टायगर रिजर्व का कुल क्षेत्रफल 2829.387 वर्ग किलोमीटर होगा। इनमें आरक्षित वन 1254.586 वर्ग किलोमीटर, संरक्षित वन 1438.451 वर्ग किलोमीटर तथा राजस्व क्षेत्र 136.35 वर्ग किलोमीटर शामिल हैं।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री भूपेंद्र यादव ने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को देश के 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किए जाने की जानकारी राष्ट्र को दी है। उन्होंने कहा कि भारत बाघ संरक्षण में नए मील के पत्थर स्थापित कर रहा है, इसी क्रम में हमने छत्तीसगढ़ के गुरु घासीदास-तमोर पिंगला को 56वें टाइगर रिजर्व के रूप में अधिसूचित किया है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व 2,829 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की सलाह पर छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, कोरिया, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व को अधिसूचित किया। कुल 2829.38 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैले इस बाघ अभयारण्य में 2049.2 वर्ग किलोमीटर का कोर/ क्रिटिकल टाइगर हैबिटेट शामिल है, जिसमें गुरु घासीदास राष्ट्रीय उद्यान और तमोर पिंगला वन्यजीव अभयारण्य शामिल हैं, और इसका बफर क्षेत्र 780.15 वर्ग किलोमीटर का है। यह इसे आंध्र प्रदेश के नागार्जुनसागर-श्रीशैलम टाइगर रिजर्व और असम के मानस टाइगर रिजर्व के बाद देश का तीसरा सबसे बड़ा टाइगर रिजर्व बनाता है। गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व देश में अधिसूचित होने वाला 56वां टाइगर रिजर्व बन गया है।
भारत की राष्ट्रीय वन्यजीव योजना में परिकल्पित संरक्षण के लिए परिदृश्य दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए, नव अधिसूचित बाघ अभयारण्य मध्य प्रदेश में संजय दुबरी बाघ अभयारण्य से सटा हुआ है, जो लगभग 4500 वर्ग किलोमीटर का परिदृश्य परिसर बनाता है। इसके अलावा, यह अभयारण्य पश्चिम में मध्य प्रदेश के बांधवगढ़ बाघ अभयारण्य और पूर्व में झारखंड के पलामू बाघ अभयारण्य से जुड़ा हुआ है। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण ने अक्टूबर, 2021 में गुरु घासीदास-तमोर पिंगला बाघ अभयारण्य को अधिसूचित करने के लिए अंतिम मंजूरी दी थी।
छोटा नागपुर पठार और आंशिक रूप से बघेलखंड पठार में स्थित यह बाघ अभयारण्य विविध भूभागों, घने जंगलों, नदियों और झरनों से समृद्ध है, जो समृद्ध जीव विविधता के लिए अनुकूल हैं और इसमें बाघों के लिए महत्वपूर्ण आवास मौजूद हैं।
भारतीय प्राणी सर्वेक्षण द्वारा गुरु घासीदास-तमोर पिंगला टाइगर रिजर्व से 365 अकशेरुकी और 388 कशेरुकी सहित कुल 753 प्रजातियों का दस्तावेजीकरण किया गया है। अकशेरुकी जीवों का प्रतिनिधित्व ज्यादातर कीट वर्ग द्वारा किया जाता है। कशेरुकी जीवों में पक्षियों की 230 प्रजातियाँ और स्तनधारियों की 55 प्रजातियाँ शामिल हैं, जिनमें दोनों समूहों की कई संकटग्रस्त प्रजातियाँ शामिल हैं।
इस अधिसूचना के साथ, छत्तीसगढ़ में अब 4 बाघ रिजर्व हो गए हैं, जिससे प्रोजेक्ट टाइगर के तहत राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण से मिल रही तकनीकी और वित्तीय सहायता से इस प्रजाति के संरक्षण को मजबूती मिलेगी। -
सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक होगी दावा आपत्ति
रायपुर। फिजियो थैरेपी के दो अस्थाई पदों की भर्ती के लिए दावा आपत्ति 25 नंवबर को जिला परियोजना कार्यालय में सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक ली जाएगी। यह भर्ती धरसींवा और तिल्दा के क्षेत्रों में एक-एक पद पर होगी। इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित समय में दावा या आपत्ति प्रस्तुत करनी होगी। दावा आपत्ति के बाद अंतिम चयन प्रक्रिया की जाएगी। अधिक जानकारी के लिए संबंधित कार्यालय से संपर्क किया जा सकता है। -
रायपुर। महेन्द्रा कंपनी द्वारा लाइवलीहुड काजेल जोरा में दो महीने का ट्रैक्टर मकैनिकल वर्कशॉप आयोजित किया जा रहा है। इस कोर्स के लिए आवेदन आज से शुरू होगा, जिसमें उम्मीदवारों को ट्रैक्टर की मरम्मत और देखभाल के बारे में प्रशिक्षित किया जाएगा। इस कोर्स का उद्देश्य युवाओं को तकनीकी कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है। इच्छुक उम्मीदवार आज से आवेदन कर सकते हैं। प्रशिक्षण के दौरान ट्रैक्टर से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर व्यावहारिक ज्ञान दिया जाएगा, जिससे प्रशिक्षार्थी अपनी नौकरी के लिए तैयार हो सकेंगे। अधिक जानकारी के लिए संबंधित केंद्र से संपर्क किया जा सकता है।
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रायपुर। लाईवलीहुड कॉलेज, जोरा में मुख्यमंत्री कौशल विकास योजना के तहत जिले में निवासरत 18 से 45 वर्ष तक के युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार से जुड़ी निःशुल्क प्रशिक्षण योजना शुरू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत सोलर पम्प तकनीशियन, असिस्टेंट इलेक्ट्रिशियन, रिटेल सेल्स एसोसिएट, सेविंग मशीन ऑपरेटर, डोमेस्टिक आईटी हेल्पडेस्क अटेंडेंट, मेकअप आर्टिस्ट में प्रशिक्षण दिया जाएगा। साथ ही, कम्प्यूटर स्किल्स, कम्युनिकेशन स्किल्स और व्यक्तित्व विकास पर भी प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। न्यूनतम योग्यता 8वीं और 10वीं कक्षा उत्तीर्ण है। अधिक जानकारी के लिए कार्यालय नंबर 0771-2443066 या मोबाइल नंबर 9109321845, 9399791163 पर संपर्क किया जा सकता है।
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रायपुर। सिपेट द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के उम्मीदवारों के लिए प्लास्टिक्स इंजीनियरिंग के विभिन्न कौशल विकास पाठ्यक्रमों की निःशुल्क ट्रेनिंग शुरू की जा रही है। यह प्रशिक्षण 2024-25 वर्ष के लिए निर्धारित है और उम्मीदवारों को रोजगारोन्मुखी कौशल प्रदान करेगा। मशीन ऑपरेटर असिस्टेंट - प्लास्टिक्स प्रोसेसिंग, मशीन ऑपरेटर असिस्टेंट - इंजेक्शन मोल्डिंग, मशीन ऑपरेटर असिस्टेंट - ब्लो मोल्डिंग, मशीन ऑपरेटर - लेथ में निशुल्क ट्रेनिंग दी जाएगी। उम्मीदवारों की शैक्षिक योग्यता 10वीं पास व आयु सीमा 18-30 वर्ष (आरक्षित वर्ग के लिए आयु सीमा में छूट) निर्धारित की गई है। आवेदन के लिए उम्मीदवारों को दस्तावेज़ों की फोटो कॉपी (अंकसूची, पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, पासपोर्ट साइज फोटो) के साथ आवेदन पत्र ईमेल या डाक के माध्यम से सिपेट, रायपुर भेजना होगा। प्रशिक्षण के बाद, सफल प्रशिक्षार्थियों को प्लास्टिक्स और मैन्युफैक्चरिंग इंडस्ट्रीज में रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। अधिक जानकारी और आवेदन के लिए सिपेट, रायपुर में संपर्क किया जा सकता है।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ विधानसभा का चतुर्थ सत्र 16 दिसम्बर से प्रारंभ होकर 20 दिसम्बर तक रहेगा। इस सत्र में कुल 4 बैठकें होंगी।
- -बैगा, गुनिया, सिरहा को प्रत्येक वर्ष मिलेगी 5-5 हजार रुपये की सम्मान निधिजगदलपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज सर्किट हाउस में आयोजित कार्यक्रम में जनजातीय परंपरा के संरक्षक बैगा, गुनिया और सिरहा को शाल और श्रीफल देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि बैगा, गुनिया और सिरहा जैसे परंपरागत जनजातीय समुदायों को अब प्रत्येक वर्ष 5-5 हजार रुपये की सम्मान निधि दी जाएगी। यह पहल जनजातीय समाज की सांस्कृतिक परंपराओं को प्रोत्साहन देने के साथ उनके आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।उन्होंने कहा कि सरकार जनजातीय समाज की संस्कृति और परंपराओं के संरक्षण और विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इस तरह के फैसले छत्तीसगढ़ के जनजातीय क्षेत्रों को आत्मनिर्भर बनाने और उनके गौरव को बढ़ाने में सहायक साबित होंगे।मुख्यमंत्री श्री साय ने जनजातीय समुदाय की परंपराओं को संजोने और उन्हें समाज के विकास में भागीदार बनाने के महत्व पर जोर दिया। इस अवसर पर वनमंत्री श्री केदार कश्यप, विधायक जगदलपुर श्री किरण देव, पूर्व विधायक महेश गागड़ा सहित स्थानीय जनप्रतिनिधिगण उपस्थित थे।
- -गौरसिंग मुकुट पहनाकर किया गया अभिनन्दन-मुख्यमंत्री ने किया बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन और स्टाल्स का अवलोकनरायपुर 1 / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आज बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक में शामिल होने चित्रकोट पहुंचने पर बस्तरिया अंदाज में स्वागत हुआ| उनके स्वागत में जनजातीय लोक नर्तक दलों ने आकर्षक प्रस्तुति दी| जनप्रतिनिधियों ने पारंपरिक गौर सिंग मुकुट पहनाकर उनका अभिनन्दन किया|प्रसिद्ध पर्यटन स्थल चित्रकोट में बस्तर क्षेत्र आदिवासी विकास प्राधिकरण की बैठक के आयोजन हेतु विशेष तैयारियां की गई थीं| इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर हाट की थीम पर आधारित एक्सपीरियंस जोन एवं विभिन्न विभागीय स्टालों का अवलोकन किया। प्राधिकरण के बैठक स्थल पर संभाग के सात जिलों बस्तर, कोण्डागांव, दंतेवाड़ा, कांकेर, नारायणपुर, सुकमा और बीजापुर की विकास योजनाओं और उपलब्धियों को स्टॉल के जरिए साझा किया गया। इन स्टालों में विकास और नवाचार की विस्तृत झलक दिखी|'बस्तर कॉफी' के सफर की दिखी झलकबस्तर जिले के स्टाल में 'बस्तर कॉफी' की प्रक्रिया और उसके प्रसार को रोचक ढंग से दिखाया गया है। प्रदर्शनी में कॉफी उत्पादन, ताजा चेरी उत्पादन से लेकर कॉफी की धुलाई, भुनाई, पिसाई और पाउडर पैकेजिंग तक की पूरी प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया है। 'बस्तर कैफे' की पहल से स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा दिया गया है। बस्तर कॉफी ब्रांड को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिलाने का प्रयास भी जारी है।कला और नवाचार का संगमकोण्डागांव जिले ने स्टाल के माध्यम से अपनी पारंपरिक शिल्पकला और आधुनिक विकास परियोजनाओं को सामने रखा है। झिटकू मिटकी आर्टिसन प्रोड्यूसर ने बेल मेटल कला से अयोध्या के श्री राम मंदिर के स्थापत्य को प्रदर्शित किया। इस दौरान जिले में हो रहे पर्यटन विकास, रोजगार के अवसर बढ़ाने गारमेंट फैक्ट्री, एनीमिया मुक्त कोण्डागांव अभियान स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने, 'मावा कोण्डानार' मोबाइल ऐप: पारदर्शी प्रशासन और नागरिक सुविधाओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने की दिशा में पहल की जानकारी दी गई।शिक्षा और बाल विकास में नवाचारदंतेवाड़ा जिले ने शिक्षा और बाल कल्याण के क्षेत्र में किए गए नवाचारों को साझा किया। बाल मित्र कार्यक्रम के माध्यम से स्कूल से बाहर और अप्रवेशी बच्चों को मुख्य धारा से जोड़ने के लिए पहल शुरू की गई है । बाल मित्र पुस्तकालय एवं पंचायत के जरिए बच्चों को नेतृत्व और निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह कार्यक्रम शिक्षा के साथ-साथ समग्र विकास के लिए भी अहम साबित हो रहा है।लघु वनोपज से बढ़ती आजीविकाकांकेर जिले में लघुवनोपज आधारित परियोजनाओं और उद्यानिकी विकास को प्राथमिकता दी जा रही है। फ्रेश सीताफल परियोजना स्थानीय किसानों सहित स्वसहायता समूह की दीदियों के लिए आय का प्रमुख स्रोत बनी है। पोषण और रोजगार, लघु धान के मछली पालन, कड़कनाथ मुर्गी पालन में रोजगार के नए अवसर और आजीविका संवर्धन की जानकारी दी गई है।महिला सशक्तिकरण का उदाहरणनारायणपुर जिले में महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रयास किए गए हैं। स्वसहायता समूहों की दीदियों ने हर्बल गुलाल, मशरूम उत्पादन, कड़कनाथ पालन और बटेर पालन जैसी गतिविधियों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई है। इन गतिविधियों से महिलाओं को आर्थिक स्वतंत्रता मिली है।पोषण आहार और एकीकृत कृषि, कृषि में नवीन तकनीकों के समावेश का प्रदर्शन किया गया है।यातायात और आवासीय योजनाओं की प्रगतिसुकमा जिले के स्टाल में आधारभूत संरचना और ग्रामीण विकास पर जोर दिया गया है। हक्कुम मेल अंतर्गत यातायात सुविधा को बेहतर बनाने की दिशा में हो रहे कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना,आवासीय परियोजनाओं से सकारात्मक बदलाव, लखपति दीदी योजना मरईगुड़ा (वन) पंचायत, महिला स्वसहायता समूहों को आर्थिक सशक्तिकरण में हो रहे सकारात्मक परिणामों को प्रदर्शित किया गया।'नियद नेल्ला नार' योजना के सकारात्मक परिणामबीजापुर जिले में प्रदेश सरकार द्वारा माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में संचालित 'नियद नेल्ला नार' योजना के माध्यम से समग्र विकास पर ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसमें ग्रामीणों के लिए बेहतर शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता, रोजगार के नए अवसर प्रदान करने के लिए तकनीकी और स्थानीय संसाधनों का उपयोग, जिले के प्राकृतिक सौंदर्य को पर्यटन के माध्यम से दुनिया के पटल पर रखने के प्रयासों की जानकारी दी गई है।








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