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- विकासखंड मुख्यालय डौंडी में किया गया जनजातीय गौरव दिवस का भव्य आयोजनजनजातीय समाज के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में योगदानों का किया गया उल्लेखबालोद/ कांकेर लोकसभा क्षेत्र के सांसद श्री भोजराज नाग ने कहा कि जनजातीय समाज का देश के स्वाधीनता से लेकर राष्ट्र और समाज के नवनिर्माण में अतुलनीय योगदान है। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज का इतिहास एवं विरासत अत्यंत वैभवशाली है। श्री नाग आज विकासखंड मुख्यालय डौंडी के पुलिस मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। वे कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में विधायक डौंडीलोहारा श्रीमती अनिला भेड़िया, विधायक गुण्डरदेही श्री कुंवर सिंह निषाद एवं विधायक संजारी बालोद श्रीमती संगीता सिन्हा सहित जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री मिथलेश निरोटी, नगर पंचायत अध्यक्ष श्री सोमेश सोरी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, कलेक्टर श्री इंद्रजीत सिंह चंद्रवाल, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ संजय कन्नौजे, जनपद अध्यक्ष श्रीमती बसंती दुग्गा, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती ललिता पीमन साहू, जनपद उपाध्यक्ष श्री पुनीत सेन, नगर पंचायत उपाध्यक्ष श्री रूपेश नायक एवं तुलसी राम मरकाम सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे। धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के 150वीं जयंती के अवसर पर आयोजित इस जनजातीय गौरव समारोह के अवसर पर आयोजित समारोह में अतिथि एवं वक्ताओं के द्वारा जनजातीय समाज के विशेषताओं एवं महत्व के संबंध में रोचक तथा ज्ञानवर्धक जानकारी दी। इस अवसर पर स्कूली विद्यार्थियों के द्वारा भव्य एवं रंगारंग कार्यक्रमों की प्रस्तुति भी दी गई। समारोह को संबोधित करते हुए वक्ताओं एवं प्रबुद्धजनों ने जनजातीय समाज के ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत के साथ-साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में जनजातीय समाज के योगदानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर अतिथियों एवं समारोह में उपस्थित लोगों ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के वर्चुअल संबोधन को भी सुना।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री नाग ने कहा कि देश व समाज के सामने जब-जब चुनौतियां आई हंै तब-तब जनजातीय समाज के विभूतियों एवं जनजातीय समाज के लोगों ने उनका डटकर मुकाबला किया है। उन्होंने कहा कि मुगल बादशाह अकबर के शक्ति के सामने भारत के सभी राजा-महराजा नतमस्तक होकर उनकी अधीनता स्वीकार कर रहे थे। ऐसी विषम परिस्थितियों में गोंडवाना साम्राज्य की शासिका वीरांगना रानी दुर्गावती ने मातृभूमि की रक्षा के लिए मुगलों से लोहा लेते हुए अपने प्राणों की आहुति दे दी। लेकिन मुगलों की अधीनता कभी स्वीकार नहीं की। इस अवसर पर उन्होंने जनजातीय समाज के महानायक वीर सपूत भगवान बिरसा मुंडा, तिलका मांझी, शहीद वीर नारायण सिंह, गुण्डाधुर एवं शहीद गेंद सिंह नायक आदि के शौर्य एवं पराक्रम का उल्लेख करते हुए इन विभूतियों को पूरे भारत वर्ष का गौरव बताया। श्रीन नाग ने कहा कि हमारे इन विभूतियों से प्रेरणा लेकर प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा आदिवासियों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाये संचालित की जा रही है। श्री नाग ने जनजातीय समाज के उत्कृष्ट जीवन पद्धति पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि हम सबको ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से निजात पाना है तो आदिवासियों की जीवन पद्धति को आत्मसात करना होगा। इस अवसर पर उन्होंने आदिवासियों की ऐतिहासिक घोटूल प्रथा पर प्रकाश डालते हुए इसे संस्कृति एवं सभ्यता के उत्कृष्ट शिक्षण संस्थान बताया। श्री नाग ने आदिवासियों के परम्परागत खानपान एवं उत्पाद मड़िया, कोदो-कुटकी आदि के विशेषताओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। इस अवसर पर उन्होंने समाज के लोगों को अपने अधिकारों की प्राप्ति के लिए शिक्षित, संगठित एवं जागरूक होने की भी अपील की। श्री नाग ने नशापान को समाज के लिए अभिशाप बताते हुए समाज के लोगों को इससे सर्वथा दूर रहने की अपील की।इस अवसर पर विधायक डौंडीलोहारा श्रीमती अनिला भेड़िया ने देश व समाज के नवनिर्माण में आदिवासी समाज के लोगों के योगदान पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने समाज के लोगों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए निरंतर संघर्ष करने को कहा। विधायक गुण्डरदेही श्री कुंवर सिंह निषाद ने आदिवासियों की संस्कृति एवं इतिहास को अत्यंत गौरवशाली एवं समृद्ध बताते हुए सभी के लिए इसे प्रेरणास्त्रोत बताया। विधायक संजारी बालोद श्रीमती संगीता सिन्हा ने भगवान बिरसा मुंडा एवं जनजातीय समाज के अन्य महानायकों के योगदानों पर प्रकाश डालते हुए उन्हें सादर नमन किया। वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू ने कहा कि पूरे मानव समाज को संस्कृति एवं सभ्यता की शिक्षा आदिवासियों की उत्कृष्ट जीवन पद्धति से मिला है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में स्वाधीनता की सर्वप्रथम अलख जनजातीय समाज की विभूतियों ने जगाई थी। इस अवसर पर कलेक्टर सिंह चंद्रवाल ने धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के पावन जयंती के अवसर पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि आदिवासी धरती के सबसे प्राचीन एवं मूलनिवासी है। श्री चंद्रवाल ने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा आदिवासी समाज के लोगों के सर्वांगीण विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि शासन के निर्देशानुसार बालोद जिले में भी आदिवासी समाज के चहँुमुखी विकास के लिए जिला प्रशासन द्वारा जनकल्याणकारी योजनाओं का सफल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके अंतर्गत जिले के अंतिम छोर में स्थित आदिवासी बाहुल्य ग्राम हुच्चेटोला के ग्रामीणों के आय को दुगुना करने समुचित उपाय सुनिश्चित किए गए है। इसके अलावा जिले के सभी आदिवासी ग्रामों में मूलभूत सुविधा उपलब्ध कराने के अलावा वहाँ के निवासियों को शासन के जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता श्री कृष्णा साहू ने जनजातीय समाज के गौरवशाली विरासत, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक महत्व एवं योगदानों के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। सहायक आयुक्त आदिवासी विकास ने कार्यक्रम का स्वागत भाषण प्रस्तुत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्यों के संबंध में जानकारी दी। इस अवसर पर आदिवासियों के संस्कृति एवं परंपरा का भी प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम स्थल में आदिवासी के कला एवं संस्कृति पर आधारित स्टाल भी लगाया था। कार्यक्रम में एसडीएम श्री रामकुमार सोनकर, तहसीलदार एवं जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री डीडी मंडले सहित जनप्रतिनिधि एवं आदिवासी समाज के प्रतिनिधियों के अलावा बड़ी संख्या में ग्रामीण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे।
- मुख्यमंत्री के हाथों सम्मानित होकर अभिभूत हुएकिसान हरिराम और उत्तमबालोद /समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के द्वारा जिले के गुण्डरदेही विकासखण्ड के धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में धान खरीदी के कार्य का विधिवत् शुभारंभ किए जाने पर भाठागांव बी एवं धान खरीदी केन्द्र के अंतर्गत आने वाले गांवों के कृषक बहुत ही प्रसन्नचित है। धान खरीदी के पहले दिन मुख्यमंत्री श्री साय की उपस्थिति में संपन्न धान खरीदी के कार्य के शुभारंभ अवसर में शामिल होने का अवसर प्राप्त होने पर इस दौरान मौजूद कृषकों ने इस पल को अपने लिए अविस्मरणीय पल बताते हुए इसका मुक्तकंठ से सराहना की है। इस अवसर पर अपने धान की बिक्री करने हेतु धान खरीदी केन्द्र में पहुँचे ग्राम मोंगरी निवासी कृषक हरिराम साहू एवं ग्राम भाठागांव बी निवासी कृषक उत्तम निषाद मुख्यमंत्री के हाथों से सम्मानित होने पर बहुत ही अभिभूत हुए। इन दोनों किसानों ने इस पल को अपने जीवन का सबसे यादगार और रोमांचकारी क्षण बताया। उन्होंने कहा कि अपने धान की बिक्री के लिए धान खरीदी केन्द्र में पहुँचने पर राज्य के मुखिया के हाथों से सम्मानित होना निश्चित रूप से हमारे लिए गौरव की बात है। यह क्षण उनके स्मृति पटल पर सदैव अंकित रहेगा।धान खरीदी के पहले दिन धान खरीदी केन्द्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों सम्मानित होने से प्रफुल्लित किसान हरिराम साहू ने बताया कि वे एक मध्यमवर्गीय किसान है। श्री साहू ने कहा कि राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना उनके परिवार के लिए एन वक्त पर आर्थिक सहायता का प्रमुख आधार है। उन्होंने बताया कि आज धान खरीदी केन्द्र में सम्मानित होने के पश्चात् कुल 65 क्विंटल 20 किलो पतला धान की बिक्री की है। श्री साहू ने कहा कि आज वे धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में अपने धान की बिक्री के लिए पहुँचे थे। लेकिन उसे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों सम्मानित होने का अवसर प्राप्त हुआ। श्री साहू ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार के द्वारा प्रति क्ंिवटल 3100 रुपये की दर पर प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान खरीदी का निर्णय लिया गया है, वह बहुत ही सराहनीय एवं किसान हितैषी फैसला है। इससे हम किसानों को संबल मिलने के साथ-साथ हमारा आत्मविश्वास भी बढ़ा है।इसी तरह धान खरीदी के पहले दिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों धान खरीदी के शुभारंभ अवसर पर धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में सम्मानित होने का अवसर प्राप्त होने पर ग्राम भाठागांव बी के किसान श्री उत्तम निषाद बहुत ही अभिभूत नजर आ रहे थे। उन्होंने इसे अपने जीवन का खुबसूरत पल बताते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के प्रति हृदय से धन्यवाद ज्ञापित किया। श्री निषाद ने कहा कि राज्य शासन के समर्थन मूल्य पर धान खरीदी योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि उनके परिवार के लिए मुश्किल वक्त का सराहा साबित होता है। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के हाथों सम्मानित होने पर कुल 42 क्ंिवटल पतला धान की बिक्री की है। राज्य सरकार के द्वारा प्रति क्ंिवटल 3100 रुपये की दर पर प्रति एकड़ 21 क्ंिवटल धान की खरीदी के निर्णय को किसान पुत्र मुख्यमंत्री का किसान हितैषी निर्णय बताया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने एक सच्चे अभिभावक की तरह राज्य की किसानों की वास्तविक जरूरतों को समझते हुए धान खरीदी के दर में जो वृद्धि किया है उससे उनके जैसा अनेक किसान लाभान्वित होंगे। श्री उत्तम निषाद ने कहा कि राज्य शासन के इस निर्णय से राज्य के किसान बहुत ही प्रसन्नचित होकर इस योजना की भूरी-भूरी सराहना कर रहे हैं। उन्होंने इस किसान हितैषी निर्णय के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय छत्तीसगढ़ सरकार को हृदय से धन्यवाद ज्ञापित करते हुए उनके प्रति विनम्र आभार व्यक्त किया है। इसी तरह धान खरीदी केन्द्र में आज किसान गंगोत्री बाई, दशरथ एंव पीताम्बर ने भी अपने धान की बिक्री की है। इन सभी ने मुख्यमंत्री की उपस्थिति में धान खरीदी के शुभारंभ अवसर में शामिल होने पर प्रसन्नता व्यक्त की। इस अवसर पर धान खरीदी के पहले दिन धान खरीदी केन्द्र भाठागांव बी में अपने धान की बिक्री करने पहुँचे सभी किसानों ने धान खरीदी केन्द्र की व्यवस्थाओं की भूरी-भूरी सराहना की। उन्होंने कहा कि धान खरीदी केन्द्र में धान बिक्री के लिए आने वाले किसानों के लिए छांव, बैठक, शुद्ध पेयजल, शौचालय आदि सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई है। इससे सभी किसान आसानी से अपने धान की बिक्री कर पा रहे हैं।
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*प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी को राष्ट्रीय मानक में मिले 88.15 % प्रतिशत अंक*
रायपुर/.प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार को लेकर लगातार बेहतर प्रयासों का सिलसिला जारी है। किसी कड़ी में राजधानी रायपुर के सिलियारी स्वास्थ्य केंद्र को राष्ट्रीय स्तर के मानक का उच्चतम अंक प्राप्त हुआ है। जिले को स्वास्थ्य के क्षेत्र में एक और उपलब्धि प्राप्त हुई है जो स्वास्थ्य की दिशा में सुधार को दर्शाता है। सभी स्वास्थ्य केन्द्रो को राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में रायपुर जिला कलेक्टर डॉक्टर गौरव कुमार सिंह के निर्देशन में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉक्टर श्री मिथिलेश चौधरी तथा जिला कार्यक्रम प्रबंधक श्री मनीष मेजर वार के मार्गदर्शन में, आयुष्मान आरोग्य मंदिर सह प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सिलयारी में, राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानक टीम ने दिनांक 25 और 26 अक्टूबर 2024 को भ्रमण जांच किया था. टीम में डॉक्टर श्री भानु कुमार धरावत ,डॉक्टर श्री प्रबल कुमार पवार ने 88.15% राष्ट्रीय स्तर मानक सिलयारी पीएचसी को सर्टिफिकेट प्रदान किया। खंड चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर श्री विकास तिवारी ,बीपीएम जुबेदा खान पीएचसी सिलियारी के प्रभारी डॉक्टर सोनम नायक ने सभी स्टाफ को बधाई दी एवं सीएमएचओ सर डीपीएम सर वह जिले के NQAS टीम को मार्गदर्शन व सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।*क्या है NQAS*: राष्ट्रीय गुणवत्ता आश्वासन मानकों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधा के साथ-साथ वैश्विक सर्वोत्तम अभ्यास के लिए विशिष्ट आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकसित किया गया है इसकी शुरुआत 2017 में हुई है। NQAS वर्तमान में जिला अस्पतालों, सामुदायिक ग्रामीण और शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के लिए उपलब्ध है। मानक मुख्य रूप से प्रदाताओं के लिए पूर्व निर्धारित मानकों के माध्यम से सुधार के लिए अपनी स्वयं की गुणवत्ता का आकलन करने और प्रमाणन के लिए अपनी सुविधाओं को लाने के लिए है। - भिलाई /शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं में से एक प्रधान मंत्री आवास योजना शहरी 2.0 रैपिड असेसमेंट सर्वे का कार्य का शुभारंभ किया गया। इसी तारतम्य में नगर पालिक निगम भिलाई में इसका शुभारंभ वैशाली नगर विधायक रिकेश सेन द्वारा आवास योजना का फार्म भरवा कर, नगर पालिक निगम भिलाई जोन 1 नेहरू नगर में करवाया गया। विधायक ने अपने उद्बोधन में बताया कि हमारे देश के प्रधानमंत्री जी बहुत संवेदनशील है हर वर्ग के बारे में सोचते हैं उनके द्वारा यह योजना लाई गई है हर व्यक्ति के सब सुविधा युक्त मकान हो, कोई भी परिवार आवास हीन नहीं रहना चाहिए । हम सब का प्रयास होगा प्रधानमंत्री आवास योजना फेज 2 सब हितग्राही परिवार तक पहुंचे। आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने कहा कि सर्वे करवा कर समय अवधि में आवेदन करने वाले हितग्राहियों को मकान की सुविधा प्रदान की जाएगी। जो भी मकान बनेगा वह गुणवत्तापूर्ण समय पर हितग्राहियों मिल जाएगा । इस अवसर एम आई सी प्रभारी अध्यक्ष सीजू एंथोनी, वरिष्ठ पार्षद जिला अध्यक्ष महेश वर्मा नेता प्रतिपक्ष भोजराज सिन्हा, एमआईसी सदस्य संदीप निरंकारी, लालचंद वर्मा, चंद्रशेखर गवई, नेहा साहू पार्षद हरिओम तिवारी, रविशंकर कुर्रे संतोष मौर्या, जोन कमिश्नर ऐसा लहरे, सतीश यादव, कुलदीप गुप्ता, नोडल अधिकारी अभियंता डीके वर्मा, अखिलेश चंद्राकर, स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली, प्रभारी अधिकारी विद्याधर देवांगन के साथ सीएलटीसी और प्रधानमंत्री आवास योजना के बीएलसी हितग्राही उपस्थित रहे।
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*प्रकृति को सहेजने और संवारने में जनजाति समाज का अहम योगदान-श्री तोखन साहू*
*कार्यक्रम में शामिल हुए केंद्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री*
जल, जंगल जमीन के सच्चे रक्षक हैं जनजाति समाज के लोग-विधायक
*विभिन्न योजनाओं से हितग्राही हुए लाभान्वित, स्टॉल लगाकर दी गई योजनाओं की जानकारी*
बिलासपुर/स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुण्डा की जयंती के अवसर पर आज जिले में जनजातीय गौरव दिवस का आयोजन कोटा ब्लॉक के बेलगहना शासकीय स्कूल में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने बिहार राज्य के जमुई से वर्चुअली जुड़कर लोगों को संबोधित किया। जिला स्तरीय कार्यक्रम में केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। तखतपुर विधायक श्री धर्मजीत सिंह, बेलतरा विधायक श्री सुशांत शुक्ला, कोटा विधायक श्री अटल श्रीवास्तव, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री अरुण सिंह चौहान, श्री रामदेव कुमावत, भारत सरकार के संयुक्त सचिव श्री गया प्रसाद, कलेक्टर श्री अवनीश शरण, एसपी श्री रजनेश सिंह, जनजातीय समाज प्रमुख श्री बुधराम बैगा, जेठू राम बैगा, श्री सुभाष परते सहित अन्य समाज प्रमुख भी कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में हजारों की संख्या में जनजातीय समाज के लोग उत्साह से शामिल हुए।
दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम की शुरुआत हुई। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के स्वतंत्रता संग्राम में निभाई गई ऐतिहासिक भूमिका और उनकी प्रेरणादायक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान बिरसा आज भी हमारे समाज में एक आस्था के प्रतीक बने हुए हैं। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने भगवान बिरसा मुंडा के सम्मान में एक स्मारक सिक्का और डाक टिकट भी जारी किया। साथ ही इस अवसर पर प्रधानमंत्री द्वारा 6,640 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास भी किया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि की आसंदी से केंद्रीय शहरी विकास राज्यमंत्री श्री तोखन साहू ने उपस्थित सभी लोगों को आदिवासी जननायक भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती के पावन अवसर की शुभकामनाएं और बधाई दी। उन्होंने कहा कि आज हम यहाँ जनजातीय गौरव दिवस के आयोजन में एकत्रित हुए हैं, जो हमारे आदिवासी समाज की महान परंपराओं, संस्कृति, और स्वाभिमान का प्रतीक है। भगवान बिरसा मुंडा, हमारे गौरवशाली इतिहास के उस नायक का नाम है, जिन्होंने न केवल अपने समाज के अधिकारों के लिए संघर्ष किया, बल्कि पूरे देश को स्वतंत्रता के संघर्ष में एक नई दिशा दी। उनके संघर्ष, उनकी वीरता, और उनकी अटूट संकल्पशक्ति ने हमें यह सिखाया कि यदि हमारा संकल्प मजबूत हो, तो कोई भी कठिनाई हमें रोक नहीं सकती। उन्होंने जल, जंगल, और जमीन की रक्षा के लिए अपने जीवन को समर्पित किया और आदिवासी समाज के लिए एक नई जागरूकता का संदेश दिया। देश की आजादी में भी जनजातीय समाज का विशेष योगदान रहा है। जनजाति समाज के नायकों मांझी राम गोंड, शहीद वीर नारायण सिंह जैसे अन्य जननायकों पर हमें गर्व है। जनजाति समाज के लोगों ने भारत की भूमि और प्राकृतिक संपदा को सहेजने का काम किया है। उन्होंने कहा कि हम एकजुट होकर, उनके आदर्शों पर चलें और हमारे देश को और भी सशक्त, स्वाभिमानी और गौरवशाली बनाएं। आजादी के बाद भारतीय संस्कृति को पुनर्जीवित करने और उसे नई पहचान देने का जो कार्य हुआ, वह प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संभव हुआ है।
विधायक श्री धर्मजीत सिंह ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जी का संघर्ष सिर्फ सामाजिक और आर्थिक शोषण के खिलाफ नहीं था, बल्कि यह अपनी संस्कृति, अधिकारों और अस्तित्व की रक्षा के लिए एक महाक्रांति थी। आज हम इस जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर उनकी प्रेरणादायक शिक्षाओं को याद करते हुए यह संकल्प लें कि हम सभी मिलकर उनके सपनों को साकार करेंगे। उन्होंने कहा कि हमारे देश के राष्ट्रपति और प्रदेश के मुख्यमंत्री जनजाति समुदाय से है जिससे हमें गर्व का एहसास होता है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में जनजाति समाज की उन्नति और समृद्धि के लिए निरंतर कार्य किया जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा बहुत बड़ा हथियार है। उन्होंने कहा कि आप अपने बच्चों को अच्छी से अच्छी शिक्षा दें। कार्यक्रम को विधायक श्री सुशांत शुक्ला ने कहा कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में जनजातीय समाज के लोगों की अहम भूमिका रही है। उनकी विरासत हमें सिखाती है कि अपनी जड़ों से जुड़कर, आत्म-सम्मान के साथ आगे बढ़ना ही सच्ची प्रगति है।
इस अवसर पर कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने बताया कि जनमन योजना के तहत पीवीटीजी के सामाजिक और आर्थिक उन्नति का काम किया गया है। अधिकांश योजनाओं सैचुरेशन लेबल हासिल कर लिया गया है। जनजातीय लोगों के लिए धरती आबा जनजाति उत्कर्ष अभियान शुरू किया जा रहा है। इसमें 17 विभाग शामिल होंगे। कार्यक्रम में हितग्राहियों को सामग्री और चेक का वितरण कर लाभान्वित किया गया। एनआरएलएम के तहत समूह की दीदियों को चेक, वनअधिकर पट्टा, किसानों को सब्जियों का मिनी किट, आयुष्मान कार्ड, जाती प्रमाण पत्र, जनमन आवास योजना के तहत आवास की चाबी, सिंचाई पंप का वितरण किया गया। बच्चों को अन्नप्राशन कराया गया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ने समाज प्रमुखों का सम्मान किया। इससे पूर्व अतिथियों ने जिला स्तरीय कार्यक्रम में विभागवार विभागीय गतिविधियों के लिए लगाए गए स्टॉल्स का अवलोकन किया। इस दौरान स्व सहायता समूह के स्टॉल का अवलोकन करते हुए स्व सहायता समूह की दीदियों से चर्चा की और उनके द्वारा तैयार किए गए सामग्रियों की सराहना की। मुख्य अतिथि ने स्कूल शिक्षा, महिला बाल विकास, कृषि विभाग, वन विभाग और पंचायत एवं ग्रामीण विकास, आदिम जाति विकास विभाग के स्टॉल का बारी-बारी से अवलोकन किया तथा विभागीय योजनाओं से अवगत होते हुए उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजनाओं से लाभान्वित करने अधिकारियों को निर्देश दिए। कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष श्री मनोहर राज, श्री लखन पैंकरा, डीएफओ श्री सत्यदेव शर्मा, सीईओ जिला पंचायत श्री संदीप अग्रवाल, अनुविभागीय अधिकारी श्री युगल किशोर उर्वशा सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी, बड़ी संख्या में जनजातीय समाज के लोग मौजूद थे। कार्यक्रम में बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। -
*- अवैध धान बिक्री पर अंकुश लगाने निगरानी समिति गठित*
*- पहले दिन 22 क्विंटल अवैध धान जप्त*
दुर्ग/ खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 में समर्थन मूल्य पर धान उपार्जन का कार्य 14 नवम्बर 2024 से प्रारंभ हो गई है। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मागदर्शन में उपार्जन के दौरान अन्य राज्य से धान की आवक कोचियों/बिचौलियों/अन्य अवांछित व्यक्तियों द्वारा किसानों के खाते में धान बेचने के प्रयासों की रोकथाम हेतु जिला एवं विकासखंड स्तर पर निगरानी समिति का गठन किया गया है।
कलेक्टर सुश्री चौधरी के निर्देश पर निगरानी सामिति द्वारा 14 नवम्बर 2024 को धान व्यापारी/कोचियों की जांच के दौरान छोटूलाल देवांगन पिता स्व. फिरन लाल देवांगन निवासी पाटन से 10 क्विंटल तथा लाभचंद जैन पिता परसमल जैन निवासी ग्राम सेलूद से 12 क्विंटल धान की जप्ती मंडी अधिनियम 1972 के अंतर्गत की गई है। धान उपार्जन अवधि में धान के अवैध परिवहन एवं विक्रय को रोकने के लिए निगरानी समिति द्वारा उपरोक्तानुसार जांच नियमित रूप से की जाएगी। - -भगवान बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने का कार्य किया- विधायक श्री रिकेश सेन-’जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर बीआईटी कॉलेज में एक दिवसीय कार्यक्रम का हुआ आयोजन- सांसद श्री विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में हुआ समारोह का आयोजन-प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल रूप से जनजातीय गौरव दिवस के अवसर पर प्रदेशवासियों को किया संबोधित-जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास योजना, श्रम कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मसूर मिनी किट एवं आयुष्मान कार्ड प्रदान किया गयादुर्ग, /स्वतंत्रता संग्राम सेनानी भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती ’जनजातीय गौरव दिवस’ के अवसर पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन आज बीआईटी कॉलेज में सांसद श्री विजय बघेल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी वर्चुअल रूप से जुड़कर प्रदेशवासियों को सम्बोधित किया।समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि सांसद श्री विजय बघेल ने कहा कि हमारे यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने वर्तमान पीढ़ी को छत्तीसगढ़ के आदिवासी नायक बिरसा मुंडा के अदम्य साहस, शौर्य का परिचय कराया, उसके लिए उन्होंने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के अवसर पर जिलेवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा के शक्ति, साहस और वीरता के कारण आज हमारा देश आजाद हुआ है। उन्होंने ब्रिटिश व्यवस्था के खिलाफ लड़ाई लड़ी। वह मुंडा जनजाति थे। वर्तमान पीढ़ियों को देश के लिए उनके बलिदान के बारे में जागरूक करने के लिए बिरसा मुंडा जयंती को जनजातीय गौरव दिवस के रूप मनाया जा रहा है। आदिवासी समाज के रीति-रिवाज, रहन-सहन, संस्कृति, कला तथा जीवन शैली को आत्मसात करना चाहिए। आदिवासी समाज के लोग प्रकृति को सरंक्षित और सुरक्षित रखने के लिए जल, जंगल और जमीन को बचाने के लिए आंदोलन किया। आदिवासी समाज संगठित रहते हुए हमेशा क्षेत्र में भाईचारा, स्नेह को बढ़ाने का कार्य किया। सांसद श्री विजय बघेल ने बिरसा मुंडा एवं छत्तीसगढ़ महतारी के छायचित्र पर माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।विशिष्ट अतिथि विधायक श्री रिकेश सेन ने अपने संक्षिप्त उद्बोधन में कहा कि बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती को पूरे प्रदेशवासी ’जनजातीय गौरव दिवस’ के रूप में मना रहे हैं। यह जयंती पूरे प्रदेश में बड़े धूमधाम से मनाया जा रहा है। बिरसा मुंडा का 18वीं शताब्दी में हमारे देश के लिए बहुत बड़ा योगदान था। उन्होंने आदिवासी समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने का कार्य किया। आदिवासीयों को भगवान बिरसा मुंडा के रूप में अपना नायक मिला। आदिवासी समाज आगे बढ़ रहा है चाहे वह कला के क्षेत्र में हो, चाहे वह शिक्षा व खेल के क्षेत्र में कहीं न कहीं अपना प्रेरणा स्त्रोत वह बिरसा मुंडा को मानते हैं। छत्तीसगढ़ का नेतृत्व आदिवासी समाज के मुखिया मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा छत्तीसगढ़ विकास की गाथा लिखी जा रही है। बिरसा मुंडा का आदिवासी समाज को आगे बढ़ाने में विशेष योगदान है।संभागायुक्त श्री सत्यनारायण राठौर ने सभी जिलेवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज को आगे बढ़ाने के लिए बिरसा मुंडा ने महत्वपूर्ण कार्य किए हैं उसे हम जनजातीय गौरव दिवस के माध्यम से आज मना रहे हैं।कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि आज हम सभी एकत्र होकर भगवान बिरसा मुंडा जी की 150वीं जयंती का समारोह मना रहे है, जिन्होंने आजादी के आंदोलन में अहम योगदान दिया है। माननीय प्रधानमंत्री जी ने 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने का ऐलान किया है।भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी स्वतंत्रता सेनानी और मुंडा जनजाति के लोकनायक थे। उनके संघर्ष व बलिदान ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा दी है। भगवान बिरसा मुंडा आदिवासी गौरव के प्रतीक है, जिन्हे “धरती आबा के रूप में पूजा जाता है। उनके जन्म जंयती को आज सम्पूर्ण देश में “गौरव दिवस“ के रूप में मनाया जा रहा है।उन्होंने कहा कि जिले में भी आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत 7 बालक एवं 4 कन्या छात्रावास इस प्रकार कुल 11 अनुसूचित जनजाति के छात्रावास संचालित है जिसमें 220 बालक एवं 227 कन्या कुल 447 विद्यार्थी निवास करते हुए अध्ययनरत है इन छात्रावासों से बहुत से विद्यार्थी महत्वपूर्ण शासकीय पदों पर चयनित हुए है। छत्तीसगढ़ में कुल 15 प्रयास विद्यालय संचालित है जिसमें से सर्वसुविधायुक्त 500-500 सीटर 03 प्रयास विद्यालय दुर्ग जिले के अंतर्गत संचालित है जिसमें कक्षा 9वी, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं में शालेय शिक्षा के साथ-साथ अखिल भारतीय स्तर के इंजीनियरिंग, मेडिकल की कोचिंग की तैयारी करवाई जाती है। प्रयास विद्यालय में वर्तमान समय में कुल 344 अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थी अध्ययनरत है। प्रयास आवासीय विद्यालय से 12वीं उत्तीर्ण पश्चात 3 विद्यार्थी एमबीबीएस, 3 विद्यार्थी आईएलटी, 21 विद्यार्थी एनआईटी, 2 विद्यार्थी आईजेएलटी एवं 139 विद्यार्थियों का बीएएमएस फार्मेसी इंजीनियर संस्थाओं में चयन हुआ है।राज्य में 02 विज्ञान विकास केन्द्र संचालित है जिसमें से 01 विज्ञान विकास केंद्र (कन्या) 500 सीटर हमारे दुर्ग जिले में संचालित है। जिसका उद्देश्य प्रदेश के अनुसूचित क्षेत्र की शैक्षणिक संस्थाओं में विज्ञान एवं वाणिज्य विषय के शिक्षक एवं व्याख्याताओं के रिक्त पदों की पूर्ति हेतु योग्य उम्मीद्वार तैयार करना है। वर्तमान में अनुसूचित क्षेत्र के 472 अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्राएं अध्ययनरत है। इस संस्था से अध्ययन उपरांत 115 विद्यार्थी व्याख्याता, शिक्षक, सहायक शिक्षक के पदों पर चयनित होकर अनुसूचित क्षेत्र में अपनी सवाएं दे रहे है। जवाहर उत्कर्ष योजना अंतर्गत कक्षा 5 वी उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बेहतर अवसर उपलब्ध कराने हेतु उत्कृष्ट आवासीय व्यवस्था वाले निजी शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश दिलाकर निःशुल्क अध्ययन सुविधा प्रदान की जा रही हैं। वर्तमान में 19 अनुसूचित जनजाति विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके अतिरिक्त सभी विभागों की संचालित योजनाओं में आदिवासियों के हित से संबंधित प्रकरणों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय पर लाभांवित किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रदेश अध्यक्ष जनजातीय गौरव समाज श्री एम.डी.ठाकुर ने बिरसा मुंडा के गौरवशाली जनजातीय इतिहास के बारे में जानकारी दी।इस अवसर पर जनजातीय वर्ग के हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास पूर्णतः प्रमाण पत्र, श्रम कार्ड, मृदा स्वास्थ्य कार्ड, मसूर मिनी किट, आयुष्मान कार्ड का वितरण किया गया। कार्यक्रम में सहायक कलेक्टर श्री एम.भार्गव, एडीएम श्री अरविंद एक्का, पूर्व मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, सीईओ जिला पंचायत श्री बजरंग दुबे, संयुक्त कलेक्टर श्री हितेश पिस्दा, एसडीएम श्री हरवंश मिरी, कंडरा समाज अध्यक्ष श्री अशोक कुमार, कंवर समाज अध्यक्ष श्री कृष्ण कुमार, हल्बा समाज श्री मंथीर खलेंद्र, जनजातीय गौरव समाज सलाहकार श्री सीताराम ठाकुर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
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दुर्ग, / प्रधानमंत्री आवास योजना भारत सरकार आवास मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना फेस 2 का शुभारंभ आज जिले के नगर पालिक निगम भिलाई, रिसाली, दुर्ग एवं भिलाई-3 चरोदा सहित सभी निकायों में किया गया। शुभारम्भ के अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं निगम के पदाधिकारी/पार्षदगण मौजूद थे। कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के निर्देश पर निगम कमिश्नरों द्वारा संबंधित नगरीय निकायों में प्रधानमंत्री आवास योजना/शहरी 2.0 अंतर्गत रेपिड असेसमेंट सर्वे, संभावित पात्र हितग्राहियों का सर्वेक्षण प्रधानमंत्री आवास 2.0 क्रियान्वित किया जाएगा। इस हेतु वार्डों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। उक्त शिविर में नगर निगम शहर क्षेत्र का सर्वे, योजना के माध्यम से मिलने वाले लाभों, आवेदन प्रक्रिया और अन्य पहलुओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। निगम के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा वार्ड के नागरिकों को प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 के बारे में जागरूक किया जाएगा।
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दुर्ग, / छत्तीसगढ़ राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार जिले में 16 नवंबर शनिवार एवं 17 नवंबर रविवार को समस्त मतदान केन्द्रों में दावा आपत्ति प्राप्त करने का कार्य किया जायेगा। उक्त दिवस समस्त मतदान केन्द्रों में अभिहित अधिकारी उपस्थित रहेंगे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने निशा से कहा हम तुम्हारा सपना पूरा करेंगे।-छत्तीसगढ़ की बेटी निशा अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो पर फहराएगी तिरंगाआर्थिक तंगी अब सपनों को पूरा करने में बाधा नहीं बनेगीरायपुर // अलसुबह आज बिलासपुर में रहने वाली निशा यादव के पास एक फोन आया और फोन पर एक सौम्य सी आवाज में किसी ने उससे कहा आपको किलिमंजारो चढ़ना है, आप खर्च की चिंता न करें। निशा चकित हुई और आश्चर्य से पूछा आप कौन हैं, सामने से आवाज आई बेटा मैं विष्णु देव साय बोल रहा हूं। निशा ने आश्चर्यचकित भाव से कहा आप सच में मुख्यमंत्री बोल रहे हैं। उसे यकीन नहीं हो रहा था, लेकिन जब मुख्यमंत्री ने पूरी बात बताई और कहा कि आप अपने लक्ष्य पर फोकस करें। छत्तीसगढ़ के हर एक बेटी का सपना पूरा करना हमारी जिम्मेदारी है। छत्तीसगढ़ सरकार आपके साथ खड़ी है। मुख्यमंत्री के स्नेहपूर्ण आश्वासन को सुनकर निशा की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। निशा को इस बात पर भी यकीन करना पड़ा मुश्किल हो रहा था कि बिना किसी आवेदन या आग्रह के मुख्यमंत्री ने उनका सपना पूरा करने की पहल की है।मुख्यमंत्री श्री साय ने निशा के साथ पर्वतारोहण के बारे विस्तार से बात की। निशा ने मुख्यमंत्री को यूरोप महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एलब्रुस की चढ़ाई के दौरान आई चुनौतियों के बारे में बताया। उसने बताया कि पर्वत की यात्राएं रोमांच से भर देती हैं। पर्वतों की चोटी पर तिरंगा फहराना गर्व से भर देता है। निशा ने आगे बताया कि अब अफ्रीका महाद्वीप की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतह करना चाहती हैं और उनका अंतिम लक्ष्य माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराने का है।निशा ने नम आवाज में मुख्यमंत्री को आगे बताया कि मैं पिछले कई दिनों से सो नहीं पा रही थी। मेरे पिता ऑटो चालक हैं और मेरे सपने को पूरा कर पाना उनके लिए कठिन था। मन में बड़ी दुविधा थी कि यह कैसे संभव हो पाएगा, मेरा सपना कैसे पूरा होगा । आज आप ने मेरी सारी चिंताओं को दूर कर दिया है। मुख्यमंत्री जी मैं आपको बहुत धन्यवाद देती हूं।निशा की आत्मविश्वास भरी इन बातों को सुनकर मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को अपनी बेटियों पर गर्व है। हम चाहेंगे कि छत्तीसगढ़ की बेटी माउंट एवरेस्ट पर भी तिरंगा फहराए। उन्होंने कहा कि आर्थिक हालात से हौसले पस्त नहीं होते। उन्होंने निशा को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि आपका आत्मविश्वास और जुनून जरूर आपको अपने लक्ष्य तक पहुंचाएगी।
- रायपुर। नागपुर से कोलकाता जाने वाली इंडिगो के विमान में बम होने की धमकी मिलने के बाद विमान को रायपुर में आपात स्थिति में उतारा गया। हालांकि, बाद में यह धमकी झूठी निकली। रायपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह ने बताया कि 187 यात्रियों और चालक दल के छह सदस्यों को लेकर जा रहे इंडिगो के विमान में बम होने की धमकी के बाद सुबह नौ बजे के उपरांत विमान को रायपुर हवाई अड्डे पर उतार लिया गया। सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जब विमान हवा में था तब यात्रियों में से एक ने विमान के चालक दल के सदस्यों को विमान में बम होने की सूचना दी, जिसके बाद ‘हवाई यातायात नियंत्रण' को इसकी सूचना दी गई। उन्होंने बताया कि इसके बाद विमान को आपातकालीन कार्रवाई के तहत रायपुर के स्वामी विवेकानंद हवाई अड्डे पर उतारा गया और अनिवार्य सुरक्षा जांच के लिए उस तुरंत ‘आइसोलेशन-बे' में ले जाया गया। अधिकारी ने बताया कि बम निरोधक दस्ते के साथ पुलिस की एक टीम तुरंत विमान तल पर पहुंची और स्थिति संभाली। उन्होंने बताया कि सभी यात्रियों को विमान से उतार लिया गया और तकनीकी कर्मचारियों तथा बम निरोधक दस्ते ने विमान की गहन जांच की। सभी यात्रियों के सामान की भी जांच की गई। सिंह ने बताया, "पूरी जांच के बाद बम की धमकी झूठी निकली। बम की सूचना देने वाले यात्री को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। विमान तल के अधिकारियों ने बताया कि विमान दोपहर करीब 12 बजे कोलकाता के लिए रवाना हुआ।इससे पहले 24 अक्टूबर को कोलकाता से बिलासपुर (छत्तीसगढ़) जाने वाले एलायंस एयर के विमान को भी इसी तरह की धमकी दी गई थी, जिसके बाद विमान की बिलासपुर हवाई अड्डे पर जांच की गई थी लेकिन उसमें कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला था।
- -14 से 27 नवंबर तक होगा आयोजनरायपुर / नई दिल्ली में आयोजित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेले में छत्तीसगढ़ का स्टॉल इस बार विशेष आकर्षण का केंद्र है। यहां ढोकरा कला, कोसा सिल्क, बस्तर के बांस शिल्प और अन्य पारंपरिक शिल्पों की झलक देखने को मिलती है। इसके साथ ही, राज्य ने अपने औद्योगिक उत्पादों, विशेष आर्थिक क्षेत्रों और हर्बल उत्पादों को भी प्रमुखता से प्रदर्शित किया है। इस वर्ष की थीम “विकसित भारत @ 2047” को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ ने अपने स्टॉल को तैयार किया है। राज्य ने हाल के वर्षों में अपने आदिवासी क्षेत्रों के विकास, रोजगार सृजन, और औद्योगिक निवेश में उल्लेखनीय प्रगति की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य ने एक मजबूत औद्योगिक और सामाजिक आधार तैयार किया है, जिसने देश-विदेश के निवेशकों को आकर्षित किया है।उल्लेखनीय है कि नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 43वें भारत अंतर्राष्ट्रीय व्यापार मेला 14 नवंबर से प्रारंभ हो गया है। इस वर्ष मेले की थीम “विकसित भारत @ 2047” है, जिसमें देश के सभी राज्यों व केन्द्रशासित प्रदेश अपनी प्रगति और उपलब्धियों को प्रदर्शित कर रहे हैं। छत्तीसगढ़ भवन की आवासीय आयुक्त श्रीमती श्रुति सिंह ने छत्तीसगढ़ के पवेलियन का उद्घाटन किया। इस मौके पर छत्तीसगढ़ से आए कलाकारों ने करमा नृत्य की प्रस्तुति दी। ‘विकसित छत्तीसगढ़@2047' की अवधारणा पर छत्तीसगढ़ के ग्रामोद्योग, स्वयं सहायता समूह, हैंडलूम, हस्तशिल्प, हर्बल, कृषि विभाग आदि के स्टॉल लगाए गए हैं। 20 नवंबर को राज्य सांस्कृतिक दिवस मनाया जाएगा जहां लोक कलाकार प्रदेश की समृद्ध लोक कला और संस्कृति का प्रदर्शन करेंगे।
- रायपुर /वन एवं जलवायु परिवर्तन, जलसंसाधन, कौशल विकास, सहकारिता और संसदीय कार्य मंत्री श्री केदार कश्यप ने नया रायपुर स्थित नवनिर्मित शासकीय आवास में अपने परिजनों के साथ विधिवत पूजा-अर्चना कर गृह प्रवेश किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्री श्री कश्यप को उनके नए आवास में प्रवेश के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी।गृह प्रवेश समारोह में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन, खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री टंकराम वर्मा, महिला बाल विकास श्रीमती लक्ष्मी रजवाड़े, सांसद श्री संतोष पाण्डेय, सांसद श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, विधायक सर्वश्री राजेश मूणत, रोहित साहू, संपत अग्रवाल, रोहित साहू,रिकेश सेन, इंद्र कुमार साहू, धर्मजीत सिंह, पुरंदर मिश्रा, योगेश्वर राजू सिन्हा और आशाराम नेताम, सहित अन्य जन प्रतिनिधिगण ने भी वन मंत्री श्री केदार कश्यप को अपनी शुभकामनाएं और बधाई दी।उल्लेखनीय है कि वनमंत्री श्री केदार कश्यप को नवा रायपुर के सेक्टर 24 में मंत्रीगणों के लिए नवनिर्मित आवासों में से आवास क्रमांक एम-10 आबंटित हुआ है।
- -देश भर से आए नर्तक दलों ने बिखेरी आदिवासी लोक नृत्यों की छटारायपुर /राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में दो दिवसीय जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव का शुभारंभ हुआ। महोत्सव में विभिन्न राज्यों से आए लोक नर्तक दलों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। इस अवसर पर सिक्किम, गुजरात, अरुणाचल प्रदेश, मध्यप्रदेश, जम्मू कश्मीर, छत्तीसगढ़, नागालैण्ड, उत्तरांचल, तेलंगाना, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, दमन दीव, गुजरात और राजस्थान के जनजातीय समूह ने पारंपरिक लोकनृत्यों की प्रस्तुति दी।लोक नृत्य महोत्सव में पहली सांस्कृतिक प्रस्तुति छत्तीसगढ़ के माड़िया जनजाति ने गौर माड़िया नृत्य के माध्यम से दी। गौर माड़िया नृत्य छत्तीसगढ़ राज्य के बस्तर संभाग में गौर माड़िया जनजाति द्वारा किया जाता है। इस जनजाति का यह नृत्य बहुत ही हर्षाेल्लास से परिपूर्ण, सजीव एवं सशक्त होता है। सिक्किम के लिम्बू जनजाति समुदाय के लोक नर्तक दल ने प्रकृति पूजा, फसल और प्राणियों के संरक्षण में किए जाने वाला नृत्य चासोक तांगनाम नृत्य प्रस्तुत किया। गुजरात से आए लोकनर्तक दल ने सिद्दी गोमा नृत्य और राठवा नृत्य की प्रस्तुति दी। अरुणाचल प्रदेश से आए नर्तक समूह ने गेह पदम ए ना-न्यी की प्रस्तुति दी।इसके उपरांत मध्यप्रदेश के डिंडौरी से आए गोंड जनजाति समूह ने सैला-रीना नृत्य की प्रस्तुति से दर्शकों का मन मोह लिया। सैला-रीना नृत्य एवं गीत बहु जनजातीय नृत्य है। जम्मू कश्मीर के गुज्जर जनजातीय समुदाय के नर्तक दल ने मनमोहक गोजरी नृत्य की प्रस्तुति से खूब तालियां बंटोरी। जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के पहले दिन उत्तराखंड के जनजातीय समुदाय द्वारा दिया बाती नृत्य, तेलंगाना के द्वारा मथुरी नृत्य, उत्तर प्रदेश के द्वारा कर्मा नृत्य, कर्नाटक के द्वारा सुगाली नृत्य , आंध्र प्रदेश के द्वारा ढीमसा नृत्य, दमन दीव द्वारा तारपा नृत्य तथा राजस्थान के जनजातीय कलाकारों द्वारा चकरी नृत्य की प्रस्तुति दी गई।इसके साथ ही छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के जनजातीय कलाकारों द्वारा अलग-अलग तीज त्यौहारों के लोक नृत्यों की प्रस्तुति दी गई।साइंस कॉलेज मैदान में आयोजित जनजातीय गौरव दिवस एवं अंतर्राज्यीय आदिवासी लोक नृत्य महोत्सव के पहले दिन कलाकारों के साथ ही उपस्थित दर्शकों में भी जबरदस्त उत्साह का माहौल था।दर्शकों ने विभिन्न प्रदेशों से आए जनजातीय कलाकारों के नृत्य पर तालियां बजाकर उनका उत्साहवर्धन किया।
- -राज्य के 14567 किसानों ने बेचा धानरायपुर ।प्रदेश में आज खरीफ विपणन वर्ष 2024-25 के लिए समर्थन मूल्य पर धान खरीदी की शुरूआत हो गई है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज बालोद जिले के भांठागांव (बी) धान खरीदी केन्द्र से प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ किया। धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। प्रदेश में आज धान खरीदी के पहले दिन 14562 किसानों के द्वारा लगभग 55 हजार टन धान का विक्रय किया गया है। आज धान खरीदी के लिए कुल 24 हजार 748 टोकन जारी किए गए थे। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इस खरीफ वर्ष के लिए 27.68 लाख किसानों द्वारा पंजीयन कराया गया है। इसमें 1.42 लाख नए किसान शामिल है।
- -15 नवंबर को आयोजित कार्यशाला में विभिन्न राज्यों के गिद्ध विशेषज्ञ होंगे शामिल-बाम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी और बर्ड काउंट इंडिया के प्रतिनिधि भी होंगे शामिलरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर छत्तीसगढ़ में विलुप्त होने के कगार पर पहुंचे वन्य जीव प्रजातियों के संरक्षण की दिशा में वन विभाग द्वारा कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में वन विभाग द्वारा 15 नवम्बर 2024 को नवा रायपुर स्थित अरण्य भवन में गिद्ध संरक्षण पर कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है जिसमें विभिन्न राज्यों में गिद्ध संरक्षण हेतु कार्य कर रहे विशेषज्ञ राजधानी रायपुर में गिद्धों के संरक्षण पर चर्चा करने के लिए एकत्रित होंगे। इस कार्यशाला में विशेषज्ञ और शोधार्थी अपने अनुभव साझा करेंगे और मध्य भारत में विशेषकर छत्तीसगढ़ में गिद्ध संरक्षण के क्षेत्र में अपने-अपने सुझाव प्रस्तुत करेंगे। बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी (बीएनएचएस), बर्ड काउंट इंडिया और डब्ल्यूडब्ल्यूएफ जैसी संस्थाओं के प्रतिनिधि भी इस कार्यशाला में शामिल होंगे।उल्लेखनीय है कि छत्तीसगढ़ के इंद्रावती टाइगर रिजर्व, अचानकमार टाइगर रिजर्व, बस्तर और गुरु घासीदास टाइगर रिज़र्व और अन्य वन्यजीव अभ्यारण्यों में गिद्धों की छह प्रजातियाँ पाई जाती हैं जिसमे लॉन्ग बिल्ड वल्चर, व्हाइट रम्प्ड वल्चर, इजिप्शियन वल्चर, हिमालयन वल्चर, यूरेशियन वल्चर, और सिनेरियस वल्चर शामिल हैं। जंगल सफारी के संचालक श्री धम्म्शील गणवीर ने बताया कि गिद्ध जैव विविधता के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, वे पर्यावरण में प्राकृतिक सफाईकर्मी के रूप में कार्य करते हैं और संक्रमण फैलने से रोकने में सहायक होते हैं। गिद्धों की संख्या में कमी के कारण पर्यावरण में जैविक असंतुलन उत्पन्न हो सकता है। इस कार्यशाला का उद्देश्य न केवल छत्तीसगढ़ में बल्कि संपूर्ण देश में गिद्ध संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाना और गिद्ध संरक्षण में सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना है।
- -मुख्यमंत्री ने जनजातीय गौरव दिवस की दी बधाईरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को जनजातीय गौरव दिवस की बधाई दी है। उन्होंने देश के अमर नायकों और बलिदानियों को नमन करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की पहल से भगवान बिरसा मुंडा की जयंती पर हर साल 15 नवंबर को 'जनजातीय गौरव दिवस' मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा जननायक थे। उन्होंने आदिवासी समुदाय को जल, जंगल, जमीन के बारे में जागरूक किया और उन्हें अपने हक की लड़ाई लड़ने की प्रेरणा दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिरसा मुंडा जी ने तत्कालीन ब्रिटिश साम्राज्य की नीतियों का विरोध किया और आदिवासियों की सामाजिक-आर्थिक उन्नति के लिए जीवन भर काम किया। उनके क्रांतिकारी विचार और देश प्रेम की भावना आज भी हम सभी को प्रेरित करती है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ में जनजातीय समाज के उत्थान के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। भगवान बिरसा मुंडा जी से प्रेरणा लेकर हमारा प्रदेश आगे बढ़े और विकास के पथ पर सतत अग्रसर रहे, इस के प्रयास हम सभी को मिलजुलकर करने हैं।
- रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुनानक देव की जयंती पर उन्हें नमन किया है। उन्होंने प्रदेशवासियों को विशेषकर सिख समुदाय के लोगों को गुरू नानक जयंती की बधाई और शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि गुरू नानकदेव की जयंती को गुरूपरब और प्रकाश पर्व के रूप में उल्लास के साथ मनाया जाता है। गुरूनानक देव जी ने विश्व को प्रेम, एकता, समानता और भाईचारे का संदेश दिया है। गुरु नानक देव जी के उपदेश हम सभी को प्रेम और सद्भाव के साथ सेवाभाव से जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने कार्तिक पूर्णिमा पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र नदियों में स्नान कर दानपुण्य करने और भगवान शिव की आराधना करने की परंपरा है। इस दिन भगवान विष्णु की भी आराधना की जाती है। कार्तिक पूर्णिमा पर छत्तीसगढ़ में विभिन्न स्थानों में पवित्र नदियों और देवालयों के समीप मेला लगता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सभी प्रदेशवासियों के सुख,समृद्धि और खुशहाली की कामना की है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय आज राजधानी रायपुर के मेडिकल कॉलेज सभागार में राज्यसभा के पूर्व सांसद एवं प्रख्यात समाज सेवी स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास की श्रद्धांजलि सभा में शामिल हुए। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास सादगी की प्रतिमूर्ति और अपने सिद्धांत के पक्के व्यक्ति थे। उनका निधन छत्तीसगढ़ के लिए अपूरणीय क्षति है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री श्री साय ने श्रद्धाजंलि सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि अंतिम बार मुझे केन्द्रीय मंत्री श्री जेपी नड्डा के साथ उनके निवास पर जाने का मौका मिला। वहां श्री श्रीगोपाल व्यास जी से मुलाकात हुई। जब हम उनसे मिलने पहुंचे तो 90 वर्ष की आयु में भी वे अत्यंत गर्मजोशी से हम लोगों से मिले। यह उनकी आत्मीयता को दर्शाता है। बचपन से मैं उनके विषय में सुना करता था। कुनकुरी के पंडित देवकी महाराज के साथ श्री श्रीगोपाल व्यास मीसाबंदी रहे। मैं अक्सर जेल का अनुभव उनसे पूछता था। वे श्री श्रीगोपाल की सादगी के बारे में बताते थे। जब मैं सांसद बना, तब श्री श्रीगोपाल व्यास जी से प्रत्यक्ष मिलने का सौभाग्य मिला। उनसे मिलकर एहसास हुआ कि जो कुछ उनके विषय में सुना था, वो शत-प्रतिशत सही था। वे सादगी की प्रतिमूर्ति थे। सादा जीवन उच्च विचार की पंक्तियां उनके लिए सटीक हैं।
मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि जब मैं केंद्रीय मंत्री था, तब श्री श्रीगोपाल व्यास राज्यसभा सांसद थे। उस समय मुझे उनका आशीर्वाद और मार्गदर्शन मिला। वे अपने जेल के अनुभव मुझे बताते थे। श्री श्रीगोपाल व्यास जी सिद्धांतवादी और उसूलों के पक्के व्यक्ति थे। वे पंडित दीनदयाल उपाध्याय के अंत्योदय के सिद्धांत में विश्वास रखते थे।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि एक बार दिल्ली के व्यापार मेला में हम दोनों को साथ में छत्तीसगढ़ के स्टॉल के उद्घाटन कार्यक्रम में जाने का मौका मिला। वे उद्घाटन पर फीता काटने से मना करते थे। उनका विचार था कि हम जोड़ने वाले लोग हैं काटने वाले नहीं। मुख्यमंत्री ने इस मौके पर स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए ईश्वर से शोकसंतप्त परिजनों को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की कामना की।
सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल ने कहा कि श्री व्यास का जीवन देखकर नहीं लगता था कि वे गृहस्थ जीवन जी रहे थे। उन्होंने सन्त की तरह जीवन जीया। राज्यसभा सदस्य रहते हुए भी वे सामान्य जीवन जीते थे। वे हर कार्यकर्ता की चिंता करते थे। बड़े दायित्व में रहते हुए वे सामान्य रूप से रहते थे। उन्होंने कभी किसी की सहायता नहीं ली। उनके जीवन से कर्त्तव्य के प्रति समर्पण और देशसेवा की सीख मिलती है। वे अंतिम समय तक सक्रिय रहे और उन्होंने अहर्निश सेवा का कार्य किया।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव, कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, वित्त मंत्री श्री ओपी चौधरी, वनमंत्री श्री केदार कश्यप, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्यामबिहारी जायसवाल, राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा, सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, सांसद तोखन साहू, पूर्व राज्यपाल श्री रमेश बैस, विधायक व पूर्व मंत्री श्री अजय चन्द्राकर, विधायक श्री अनुज शर्मा, विधायक गुरू खुशवंत साहेब, विधायक श्री संपत अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, पूर्व विधायक श्री अरुण वोरा सहित स्व. श्री श्रीगोपाल व्यास के परिजन व बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे। - -जनजाति गौरव दिवस एवं कंवर समाज सम्मेलन में शामिल हुए मुख्यमंत्रीरायपुर, /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत सरकार एवं छत्तीसगढ़ सरकार जनजाति समाज के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पित है। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा जनजाति समाज के समग्र विकास के लिए अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही है। श्री साय आज बालोद जिले के गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम भाठागांव (बी) में आयोजित जनजाति गौरव दिवस एवं कंवर समाज के सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे।मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर धरती आबा भगवान बिरसा मुंडा के शौर्य और पराक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपनी अस्मिता, संस्कृति एवं मातृभूमि की रक्षा के लिए अंग्रेजी हुकूमत से लड़ाई लड़ी और 25 वर्ष की अल्पायु ने ही शहीद हो गए थे। मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम भाठागांव बी में कंवर समाज द्वारा संचालित हायर सेकंडरी स्कूल का शासकीयकरण करने तथा शाला भवन के जीर्णाेद्धार हेतु 25 लाख रुपए, गुण्डरदेही विकासखंड के ग्राम रेंगाकठेरा में आदिवासी पैंकरा कंवर समाज के सामाजिक भवन निर्माण हेतु 50 लाख रुपए एवं गुण्डरदेही के वार्ड नंबर 10 में राम मंदिर के राम सत्ता स्थल के निर्माण हेतु 10 लाख रुपए की राशि प्रदान करने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरबंश मिरी ने की।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने भगवान बिरसा मुंडा एवं संत गहिरा गुरु को नमन करते हुए कहा कि स्वाधीनता संग्राम के साथ साथ राष्ट्र व समाज के नवनिर्माण में जनजाति समाज की विभूतियों का महत्वपूर्ण योगदान है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के द्वारा पूरे देश एवं दुनिया के साथ साथ भावी पीढ़ी को जनजाति समाज एवं जनजाति नायकों के गौरव गाथा का बोध कराने के लिए भगवान बिरसा मुंडा के जन्म दिवस 15 नवम्बर को जनजातीय गौरव दिवस के रूप में मनाने की घोषणा की गई है। इससे जनजातीय समाज का गौरव बढ़ा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने ग्राम भाठागांव (बी) के शहीद ठामन सिंह ठाकुर एवं जमींदार स्व दाऊ गिरधारी सिंह का गांव में शिक्षा के प्रसार के लिए उनके योगदान की सराहना की और कार्यक्रम में पहुंचने से पूर्व उनकी समाधि पर गए और पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर श्री साय ने कार्यक्रम स्थल में विभिन्न विभागों द्वारा लगाए स्टालों का अवलोकन कर सराहना की।कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में कंवर समाज के लोग उपस्थित थे।
- -राज्य के शहरी आवासहीनों को मिलेगा स्वयं का पक्का आवास-189 नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क के साथ ही ऑनलाइन आवेदन की भी सुविधारायपुर। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव राज्य के शहरी आवासहीनों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राही सर्वेक्षण का प्रदेशव्यापी शुभारंभ करेंगे। वे 15 नवम्बर को दोपहर ढाई बजे मुंगेली के स्वामी आत्मानंद स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में इसकी शुरूआत करेंगे। श्री साव कार्यक्रम में मौजूद हितग्राहियों का सर्वेक्षण प्रपत्र सांकेतिक रूप से भरकर छत्तीसगढ़ में इसकी विधिवत शुरूआत करेंगे।केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के प्रथम चरण में आवासहीन हितग्राहियों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। ऐसे हितग्राही जिन्हें प्रथम चरण में आवास की सुविधा नहीं मिल पाई है, और जो अभी तक आवास की सुविधा से वंचित है, उन्हें द्वितीय चरण [प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0] में सर्वेक्षण के माध्यम से चिन्हांकित करते हुए आवास के लिए आवेदन की प्रक्रिया और आवास उपलब्ध कराए जाने की कार्यवाही की जाएगी। राज्य के शहरों में आबादी बढ़ने के साथ ही आवास की मांग भी लगातार बढ़ रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के माध्यम से ईडब्ल्यूएस, एलआईजी और एमआईजी परिवारों को उनके पहले पक्के आवास के सपने को पूरा करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी, जिससे कि वे सम्मानजक जीवन व्यतीत करने के साथ ही खुद के आवास के सपने को भी साकार कर सकें।पिछले 11 महीनों में पूर्ण किए गए 49,834 आवासमुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में ’’हमने बनाया है, हम ही संवारेंगे’’ के ध्येय वाक्य पर त्वरित अमल करते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने पिछले 11 महीनों में 49 हजार 834 आवासों का निर्माण पूर्ण किया है। राज्य में योजना के साथ भागीदारी में किफायती आवास परियोजना (एएचपी) के तहत 38 हजार 097 आवास एवं हितग्राही द्वारा स्वयं आवास निर्माण (बीएलसी) के तहत दो लाख 11 हजार 069 यानि कुल दो लाख 49 हजार 166 आवास स्वीकृत हैं। वर्तमान सरकार के गठन के बाद बीते 11 महीनों में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के कार्यों को प्राथमिकता देते हुए एएचपी घटक के अंतर्गत 5415 आवास पूर्ण करते हुए कुल 21 हजार 600 आवास पूर्ण किए गए हैं। वहीं बीएलसी घटक के तहत 44 हजार 419 आवास पूर्ण करते हुए कुल एक लाख 74 हजार 967 आवास पूर्ण किए गए हैं।प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में तीन आय वर्गों को किया गया है शामिलप्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के अंतर्गत हितग्राहियों को आवास उपलब्ध कराने के लिए योजना को चार श्रेणियों लाभार्थी आधारित निर्माण, भागीदारी में किफायती आवास, किफायती किराया आवास तथा ब्याज सब्सिडी योजना में विभाजित किया गया है। भारत सरकार ने योजना का दायरा बढ़ाते हुए तीन आय वर्गों के हितग्राहियों को इसमें शामिल किया है। तीन लाख रुपए तक के वार्षिक पारिवारिक आय वाले आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ईडल्ब्यूएस), छह लाख रुपए तक के वार्षिक पारिवारिक आय वाले निम्न आय वर्ग (एलआईजी) एवं नौ लाख रुपए तक के वार्षिक पारिवारिक आय वाले मध्यम आय वर्ग (एमआईजी) को भी योजना का लाभ प्रदान किया जाएगा।योजना के तहत पात्रताप्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 का लाभ लेने के लिए एक लाभार्थी परिवार में पति, पत्नी, अविवाहित बेटे और अविवाहित बेटियों को शामिल किया गया है। लाभार्थी परिवार का देश में कहीं भी कोई पक्का घर नहीं होना चाहिए। योजना का लाभ लेने के लिए परिवार के सभी सदस्यों का आधार कार्ड/वर्चुअल आधार अनिवार्य है। आवेदक/हितग्राही परिवार प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) अथवा प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 में से किसी एक योजना का ही लाभ ले सकता है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) 2.0 के हितग्राही परिवार को 31 अगस्त 2024 के पूर्व स्थानीय निकाय क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य है।केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा हितग्राहियों की सुविधा के लिए आवास हेतु आवेदन की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। आवास के आवेदन सरलतापूर्वक ऑनलाईन माध्यम से भारत सरकार के अधिकृत पोर्टल पर स्वयं हितग्राही द्वारा दर्ज किया जा सकता है। इसके साथ ही प्रदेश की सभी 189 अधिसूचित नगरीय निकायों में हेल्पडेस्क के माध्यम से भी आवेदन की प्रक्रिया संपादित की जा सकती है।
- -सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना को किया जाएगा मजबूत-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल से मिलकर राशि स्वीकृत करने का किया था अनुरोधरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए 230 करोड़ रुपए मंजूर किए हैं। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के अंतर्गत स्वीकृत इस राशि से सभी नगरीय निकायों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए अधोसंरचना और तकनीकी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जाएगा। इससे राज्य में अपशिष्ट प्रबंधन और ज्यादा पुख्ता तथा टिकाऊ होगी।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय के इस सहयोग के लिए भारत सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस राशि से शहरों में स्वच्छ भारत मिशन के कार्यों को नया आयाम मिलेगा। यह राज्य के प्रत्येक नगरीय निकाय को स्वच्छ और स्वस्थ बनाने में सहायक होगा। उन्होंने कहा कि भारत सरकार द्वारा स्वीकृत इस राशि से प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अपशिष्ट प्रबंधन के इन्फ्रॉस्ट्रक्चर को बेहतर और स्थाई बनाया जाएगा। इससे राज्य में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए आवश्यक तकनीकी, भौतिक और मानव संसाधन जुटाए जाएंगे, जिससे न केवल स्वच्छता की स्थिति में सुधार होगा, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर पर्यावरणीय सुविधाएं मिलेंगी।उल्लेखनीय है कि उपमुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने विगत दिनों अपने नई दिल्ली प्रवास के दौरान केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्री श्री मनोहर लाल से मुलाकात कर ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों के लिए राशि मंजूर करने का आग्रह किया था। उन्होंने राज्य के शहरों में ठोस अपशिष्ट प्रबंधन की व्यवस्था को और अधिक सुगम तथा प्रभावी बनाने केंद्र सरकार से सहयोग का अनुरोध किया था। राज्य शासन के नगरीय प्रशासन विभाग के प्रस्तावों के आधार पर केन्द्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए छत्तीसगढ़ के लिए 230 करोड़ रुपए स्वीकृत किए हैं।उपमुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने कहा कि इस पहल से छत्तीसगढ़ को स्वच्छ और हरा-भरा बनाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने स्वच्छता को हर नागरिक के दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर देते हुए कहा कि संपूर्ण स्वच्छता के लिए सभी नागरिकों की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है।
- -मुख्यमंत्री की मौजूदगी में किसानों ने भांठागांव (बी) खरीदी केन्द्र में बेचा अपना धान-सहकारी बैंक मोहंदीपाट की नवनिर्मित भवन का किया लोकार्पणरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने आज छत्तीसगढ़ राज्य में समर्थन मूल्य पर किसानों से प्रदेशव्यापी धान खरीदी महापर्व का शुभारंभ बालोद जिले के भांठागांव (बी) धान खरीदी केन्द्र से किया। इसी के साथ आज 14 नवम्बर राज्य में किसानों से धान खरीदी की शुरूआत हो गई है, जो 31 जनवरी 2025 तक चलेगी। मुख्यमंत्री श्री साय ने भांठागांव (बी) उपार्जन केन्द्र पहुंचने के बाद इलेक्ट्रॉनिक तौल एवं अन्य यंत्रों का पूजन और वहां उपस्थित किसानों को माला पहना कर उनका स्वागत किया। मुख्यमंत्री ने किसान भाईयों को धान खरीदी महापर्व के शुभारंभ की बधाई और शुभकामनाएं दी।मुख्यमंत्री की उपस्थिति में ग्राम भांठागांव के किसान श्री भागबली ने कुल 148 क्विंटल और श्री हरिराम ने 65 क्विंटल 20 किलो धान की बिक्री की। मुख्यमंत्री के समक्ष अपने धान की बिक्री का अवसर प्राप्त होने से किसान भागबली और हरिराम बहुत ही खुश नजर आ रहे थे। उक्त उपार्जन केन्द्र में 14 नवम्बर को धान खरीदी हेतु कुल 06 किसानों का टोकन काटा गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर गुण्डरदेही विकासखण्ड के ग्राम मोहंदीपाट में 30 लाख रूपये की लागत से नवनिर्मित जिला सेवा सहकारी केन्द्रीय बैंक शाखा मर्यादित दुर्ग के नवीन शाखा भवन का लोकार्पण भी किया। मुख्यमंत्री श्री साय ने इससे पूर्व छत्तीसगढ़ महतारी के तैल चित्र पर माल्यार्पण किया। कार्यक्रम स्थल में मुख्यमंत्री श्री साय ने शहीद बिरसा मुंडा एवं गहिरा गुरु के तैल चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ राज्य में पंजीकृत किसानों से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 31 जनवरी 2025 तक होगी। किसानों को उनके द्वारा बेचे गए धान के एवज में राज्य शासन द्वारा 72 घंटे भीतर उनके बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। राज्य में धान खरीदी के लिए 2,739 स्थापित किए गए हैं। इस साल धान बेचने के लिए 27,01,109 पंजीकृत किसानों द्वारा बोये गए धान का कुल रकबा 34,51,729 हेक्टेयर है। पंजीकृत किसानों में 1,35,891 नये किसान हैं।कार्यक्रम में सांसद श्री भोजराज नाग, विधायक श्री कुंवर सिंह निषाद, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सोनादेवी देशलहरा, पूर्व विधायक श्री बीरेंद्र साहू एवं श्री राजेंद्र राय, कंवर समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री हरबंश मिरी, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री पवन साहू, पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष श्री देवलाल ठाकुर, कंवर समाज के जिला अध्यक्ष श्री केश कुमार ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधियो एवं विभिन्न समाज के पदाधिकारी, किसान एवं ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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दुर्ग/ कलेक्टर एवं जिला रेडक्रॉस सोसायटी अध्यक्ष सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा दुर्ग के प्रबंधकारिणी समिति का निर्वाचन कार्य दिसम्बर 2024 में सपन्न किया जाना है। इस हेतु इंडियन रेडक्रॉस सोसायटी जिला शाखा दुर्ग के सदस्यों की सूची जिले के वेबसाईट पर अपलोड कर दी गई है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं सचिव रेडक्रॉस सोसायटी दुर्ग से मिली जानकारी अनुसार अपलोड सदस्य सूची में किसी प्रकार की त्रुटि के संबंध में दावा/आपत्ति होने पर अपना नाम सूची में 23 नवंबर 2024 तक दर्ज एवं त्रुटि सुधार करवा सकते है।






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