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बिलासपुर /कृषि तथा आदिम जाति एवं अजा विकास मंत्री श्री राम विचार नेताम के मुख्य आतिथ्य में जस्टिस तनखा मेमोरियल रोटरी स्कूल फार स्पेशल चिल्ड्रन में शिक्षक दिवस मनाया गया। श्री नेताम ने इस अवसर पर स्कूल के शिक्षकों कों शाल एवं श्रीफल से सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधायक श्री अमर अग्रवाल ने की। मंत्री श्री नेताम ने स्कूल को 1 लाख रूपये की मदद की घोषणा की। उन्होंने स्वेच्छानुदान मद से 11 हजार रूपये भी दिए।
मुख्य अतिथि की आसंदी से श्री नेताम ने कहा कि आज शिक्षा सहित हर क्षेत्र में क्रांति हो रही है। शिक्षा में क्रांति लाने में शिक्षकों का अहम योगदान है। शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका बदल गया है। लेकिन इस बदलाव के साथ-साथ हमें इसकी गुणवत्ता को बनाये रखना होगा। बच्चों में नैतिक मूल्यों का विकास करने की जिम्मेदारी भी शिक्षकों की है। माता-पिता एक बच्चे को जन्म देते हैं लेकिन उसके व्यक्तित्व को गढ़ने की जवाबदारी शिक्षकों की होती है। स्कूल पहुंचने पर विशेष बच्चों द्वारा अतिथियों को तिलक लगाकर एवं स्वयं के द्वारा निर्मित पुष्पगुच्छ भेंटकर स्वागत किया गया। विशेष स्कूल के अध्यक्ष एसपी चतुर्वेदी ने अतिथियों को शाला का भ्रमण कराकर बच्चों के प्रशिक्षण की जानकारी दी गई। विशेष बच्चों ने मनोहारी सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किये। अध्यक्ष चतुर्वेदी ने शाला के विस्तार के लिए शासकीय भवन अथवा शासकीय भूमि की मांग करते हुए मंत्री को ज्ञापन सौंपा। कार्यक्रम का संचालन सचिव श्री आरके सक्सेना एवं आभार ज्ञापन संजय दुबे ने किया। कार्यक्रम में विशेष अतिथि के रूप में बिलासपुर इनरव्हील क्लब के अध्यक्ष श्रीमती जीके पिल्ले, सचिव संगीता पानफर, रोटरी क्लब अध्यक्ष पवन नालोटिया, रोटरी क्लब सचिव श्रीमती शैलजा शुक्ला, श्री प्रणव शर्मा आदि बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि एवं नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में शाला के कोषाध्यक्ष नवनीत अग्रवाल, ट्रस्टी डॉ. आरपी मिश्रा, एनके वर्मा, प्रभारी प्राचार्य श्रीमती कांति दुबे का सराहनीय योगदान रहा। - -एक ही दिन में 172 यूनिट रक्त का हुआ संग्रहणबिलासपुर /शिक्षक दिवस के अवसर पर रेड क्रॉस सोसायटी बिलासपुर द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिक्षकों ने बढ़चढकर शिविर में भाग लिया एक ही दिन में 172 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने शिक्षकों को शॉल श्रीफल से सम्मानित किया।कलेक्टर श्री अवनीश शरण के मार्गदर्शन में रेड क्रॉस सोसायटी द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन प्रार्थना सभा भवन में किया गया । शिविर में शिक्षकों ने बड़ी संख्या में रक्तदान किया और लोगो को रक्तदान कर अमूल्य जीवन बचाने का संदेश दिया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि शिक्षकों पर देश का भविष्य है वे भावी पीढ़ी के निर्माता हैं। शिक्षकों से उन्होंने आह्वान किया कि वे ऐसी पीढ़ी का निर्माण करें जो जीवन के हर क्षेत्र में सफल हों ,उन्हें अच्छा इंसान बनाएं। बच्चों को कैरियर काउंसलिंग के साथ ही मेंटल काउंसलिंग भी दें ताकि बच्चे जीवन की चुनौतियों का सामना कर सकें और अपने जीवन के सभी क्षेत्र में संतुलन बना सकें। कलेक्टर श्री अवनीश शरण ने अपने उद्बोधन में अपने स्कूल और कोचिंग के दिनों को याद किया, उन्होंने कहा कि वे अपने गुरुओं के प्रति कृतज्ञ हैं जिनके योगदान से आज वे यहां हैं। सभी के जीवन में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है।शिविर में सीएमएचओ डॉ. प्रभात श्रीवास्तव, रेड क्रॉस सोसायटी के नोडल अधिकारी डॉ. एम ए जीवानी, रेड क्रॉस के जिला समन्वयक श्री सौरभ सक्सेना, रेड क्रॉस सोसायटी के सदस्य श्री अनिल तिवारी, एनएस गौतम, वी एल गौतम,श्रीमती अर्चना पांडे मौजूद रहे जिनकी भूमिका कार्यक्रम के। आयोजन में महत्वपूर्ण रही। समग्र शिक्षा के कार्यक्रम समन्वय डॉ. अखिलेश तिवारी शिक्षक श्री वासुदेव पांडे ,प्रमोद शुक्ला, श्री देवी चंद्राकर के साथ बड़ी संख्या में शिक्षकगण,एनएसएस ,स्काउट व एनसीसी के स्वयं सेवक इस अवसर पर बड़ी संख्या में मौजूद रहे।रेहाना/39/1463
- -प्राथमिकता से करें अनुकम्पा नियुक्ति प्रकरणों का निपटारा-समय-सीमा पार कर चुके मामलों में बताएं विलंब का कारण-गोठानों एवं कांजी हाऊसों में रखें चारे-पानी का इंतजामबिलासपुर, /संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने आज वीसी के जरिए कलेक्टरों की बैठक लेकर राज्य सरकार की प्राथमिकता वाली योजनाओं और कार्यक्रमों की समीक्षा की। संभाग के सभी आठ जिलों - बिलासपुर, मुंगेली, जीपीएम, कोरबा, जांजगीर, सक्ती, रायगढ़ एवं सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले के कलेक्टर वीसी के जरिए बैठक में शामिल हुए।उन्होंने अनुकम्पा नियुक्ति के लंबित सभी प्रकरणों का निराकरण तत्परता से करने को कहा है। चतुर्थ वर्ग में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कोई लिमिट नहीं हैं। इसलिए उनकी सहमति लेकर नियुक्ति आदेश जारी किया जाना सुनिश्चित किया जाये। संभाग में फिलहाल अनुकम्पा नियुक्ति के 240 प्रकरण लंबित हैं।लोक सेवा गारण्टी के अंतर्गत 1104 मामले समय-सीमा को पूर्ण कर चुके हैं। कारणों की जानकारी लेकर इनका प्राथमिकता के साथ निराकरण करने के निर्देश दिए। राजस्व विभाग की समीक्षा करते हुए कहा कि समय-सीमा में यदि कोई प्रकरण निबटारा नहीं हो रहा है तो उसका उचित कारण भी दर्ज किया जाये। उन्होंने भू-अर्जन के मामलों में अवार्ड पारित करने की कार्यवाही जल्द करने और मुआवजा राशि किसानों को अविलंब देने को कहा है। संभाग में विभिन्न प्रकरणों में 563 करोड़ की मुआवजा राशि को जल्द बांटने के निर्देश दिए हैं। जल जीवन मिशन की समीक्षा करते हुए कहा कि केवल संरचना निर्माण हमारा लक्ष्य नहीं है। इन नलों में पानी आने चाहिए। इसके लिए तेजी से कार्य किया जाये। यदि ठेकेदार इसमें बाधा बन रहे हैं तो उनके विरूद्ध भी कठोर कार्रवाई किया जाये। रकम जमा करने के बाद भी सौर ऊर्जा चालित पम्पों की स्थापना में विलंब किये जाने पर क्रेडा के प्रति नाराजगी जाहिर की। गौरतलब है कि संभाग में 617 पम्पों के सौर ऊर्जीकरण के लिए राशि जारी की जा चुकी है।कमिश्नर ने कहा कि सड़क से मवेशियों को हटाने के अभियान की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि जिन गोठानों एवं कांजी हाऊसों में मवेशियों को रखा जाता हैं, वहां पर्याप्त मात्रा में चारा एवं पानी सुनिश्चित किया जाए। उनका नियमित रूप से स्वास्थ्य परीक्षण भी किया जाये। उन्होंने ध्वनि प्रदूषण के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने के निर्देश दिए। श्री कावरे ने मौसमी बीमारियों एवं उनकी रोकथाम के उपायों पर भी चर्चा की। संयुक्त संचालक स्वास्थ्य ने बताया कि संभाग में दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता है। लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है। उन्होंने सरकारी दफ्तरों में अधिकारी-कर्मचारियों के आने-जाने के समय का पालन करने के निर्देश दिए। यदि कोई कर्मचारी आदतन विलंब से आता हो तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई किया जाये। अधिकारी कर्मचारियों की टेबल पर उनका नाम पट्टिका भी रखने के निर्देश दिए।
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-दो सेल्समैन गिरफ्तार, फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कलेक्टर व एसपी को निर्देश
रायपुर, / वन मंत्री एवं जिला के प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के दिशा-निर्देश पर सुकमा जिले में राशन माफियाओ के खिलाफ जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। स्थानीय लोगों से शिकायत मिल रही थी कि चिंतलनार इलाके के ग्रामीणों को केंद्र व राज्य सरकार के द्वारा दी जाने वाली फ्री राशन का लाभ नहीं मिल पा रहा है। राशन माफिया गरीबों के हक का चावल डकार रहे हैं। शिकायत मिलने के पश्चात प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप के निर्देश पर सुकमा कलेक्टर ने टीम बनाकर कार्रवाई के निर्देश दिए। जिस पर छापेमारी कार्रवाई की गई और भारी मात्रा में अमानक खाद्यान्न जब्त किए गए।प्रभारी मंत्री श्री केदार कश्यप ने कहा कि छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन वाली सरकार है जो गरीब कल्याण के कृत संकल्पित सरकार है। उन्होंने कहा कि गरीबों के पेट का निवाला छिनने वाले, गरीबों का राशन लूटने वाले लुटेरों को बक्शा नही जायेगा। सभी के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जायेगी। इस मामले में संलिप्त दो सेल्स मैन विजय हेमला और भीमसेन वेट्टी को पुलिस ने गिरफ्तार कर रिमांड पर जेल भेज दिया हैं वहीं अन्य फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी के लिए कलेक्टर और एसपी को निर्देशित किया गया है। - भिलाईनगर। स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत नगर पालिक निगम भिलाई द्वारा गीला एवं सूखा कचरा अलग-अलग दिये जाने निरंतर अपील की जा रही है। इसके जागरूकता हेतु स्व सहायता समूह की महिलाओ द्वारा डोर-टू-डोर जाकर जागरूक किया जा रहा है। गली-गली, मोहल्ले-मोहल्ले मेे वर्षो से मुनादी पर भी कराई जा रही है। प्रत्येक परिवार व दुकान को नगर निगम भिलाई द्वारा गीला कचरे के लिए हरा डस्ट बिन एवं सूखे कचरे के लिए नीला डस्ट बिन दो बार वितरित किया गया। कई स्तरो से समझाइस भी दी गई, लेकिन सामान्यतः लोगो के व्यवहार में परिवर्तन नहीं होने के कारण नगर निगम भिलाई द्वारा अब अर्थदण्ड वसूलने की कार्यवाही की जा रही है। विगत 2 माह से स्व सहायता समूह की बहनो द्वारा घर-घर जाकर परिवार की महिलाओ से मिलकर उन्हे समझाइस भी दी जाती रही है। फिर भी एक ही डब्बे मे डालकर कचरा सफाई मित्र को देते है। घरो व दुकानो में एक ही डब्बे मे दोनो प्रकार के कचरे को डालकर रखते है कभी-कभी तो सामने के नाली में भी फेंक देते है। जो स्वच्छता के लिए सबसे बड़ी परेशानी का कारण बन रहा है।इसी कड़ी में नेहरू नगर जोन 01 के 22 मकान एवं दुकानो से 2980 रूपये, जोन 02 के 38 मकान एवं दुकानो से 7630 रूपये, जोन 03 के 33 मकान एवं दुकान से 900 रूपये, जोन 04 से 38 मकान एवं दुकान से 760 रूपया कुल 131 मकान से 12270 रूपये अर्थदण्ड से दण्डित करने की कार्यवाही की गई। आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को निर्देशित किया है कि आदतन जो परिवार या दुकानदार निरंतर एक ही डब्बे में कचरा डालकर देते हुए या नाली में फेकते हुए पाये जाते है, उनसे अर्थदण्ड वसूला जाये। पहले 50 रूपये से शुरू करे नहीं सुधरे तो बढ़ाते जावे। सब तरह के समझाइस दिये जाने के बाद भी नहीं मानने वालो से नगर निगम भिलाई के स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा अर्थदण्ड वसूला जा रहा है।महापौर नीरज पाल ने सभी नागरिको से अनुरोध किया है कि नगर निगम भिलाई के संसाधन सीमित है। शहर के सफाई में सबका हाथ और साथ होना चाहिए। तभी हमारा भिलाई स्वच्छता सर्वेक्षण में अग्रणी बन पायेगा। कचरा सब लोग देते है बस आदत सुधार लें। गीले एवं सूखे कचरे को अलग-अलग डब्बे में डालकर ही देवें।
- भिलाईनगर/नगर पालिक निगम भिलाई क्षेत्र अंतर्गत वृक्षारोपण कार्य निरंतर जारी है। पर्यावरण को हरा-भरा रखने के उददेश्य को लेकर वृहद पैमाने पर वृक्षारोपण का कार्य किया जा रहा है। साथ ही पौधो की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्री-गार्ड भी लगाया जा रहा है। जिससे पौधे आसानी से बड़ा हो जाये और वृक्ष का रूप ले सके।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने उद्यान अधिकारी तिलेश्वर कुमार साहू को निर्देश दिये है। निगम भिलाई क्षेत्र में जहां भी वृक्षारोपण किया गया है। उसका माॅनिटरिंग करे साथ ही जो पौधे बड़े हो गये है या जिनके डाल इधर-उधर बिखर गये है। उनकी कटाई-छटाई, ट्रिमिंग का कार्य करते रहे। जिससे पौधे सुन्दर एवं स्थल के आकार में बड़े हो। निर्देश का पालन करते हुए उद्यान विभाग के श्रमिको को पेड़ो की कटाई, छटाई कार्य पर लगाया गया है। जिनके द्वारा गौरवपथ डिवाइडर, सेक्टर 01 के उद्यानों में ट्रिमिंग का कार्य किया जा रहा है। जहां भी खाली स्थान दिख रहा है वहां पौधे भी रोपित किया जा रहा है।महापौर नीरज पाल ने नागरिको से अपील किये है कि पर्यावरण हम सब के लिए बहुत ही उपयोगी है। इसका पुरी तरह से खयाल रखना हमारी जिम्मेदारी है। पौधे लगाये और उसकी सुरक्षा करे। हम सब के प्रयास से ही भिलाई शहर को हरा-भरा एवं सुन्दर बना सकते है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से कल रात यहां उनके निवास कार्यालय में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि मंडल ने प्रांताध्यक्ष श्री शिशुपाल शोरी के नेतृत्व में सौजन्य मुलाकात की। उन्होंने मुख्यमंत्री को छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के रायपुर में आयोजित होने वाले शपथ ग्रहण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने आमंत्रण के लिए प्रतिनिधि मंडल को धन्यवाद देते हुए कार्यक्रम में आने की सहमति दी। प्रतिनिधि मंडल में छत्तीसगढ़ सर्व आदिवासी समाज के सर्वश्री बी.पी. एस नेताम, भारत सिंह, पूर्व विधायक श्री राजेंद्र कुमार राय, श्रीमती लक्ष्मी ध्रुव और श्री श्यामलाल कंवर, सर्वश्री एम आर ठाकुर, देवरतन सिंह, आर बी सिंह, फूल सिंह नेताम, मोहिंदर कंवर, गणेश ध्रुव, कुंदन सिंह ठाकुर, शिव प्रसाद ध्रुव, सनम सिंह, श्रीमती हेमलता परते, श्रीमती उमा शर्मा, सुश्री अलका परते, श्री उपेंद्र ठाकुर डॉ शंकर उईके सहित अनेक पदाधिकारी और सदस्य शामिल थे।
- रायपुर / मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के मनेंद्रगढ़ विकासखण्ड के ग्राम पंचायत पिपरिया की भौगोलिक स्थिति वनांचल जैसी है। लेकिन यहां किसानों को सिंचाई के लिए पानी की समस्या हमेशा बनी रहती है। वंचित वर्ग में आने वाले ऐसे ही एक आदिवासी परिवार के लिए खेती योग्य भूमि होने के बाद भी पानी का संसाधन ना होना एक बड़ी समस्या थी। ऐसे में मनरेगा के तहत बनी एक डबरी में सिंचाई की कमी पूरी कर खुशहाली का माध्यम बन गई। पहले केवल मानसूनी बारिश पर आधारित धान की खेती करने वाले आदिवासी किसान रामप्यारे के खेत में अक्सर सिंचाई के लिए पानी की कमी हो जाती थी। ऐसे में मेहनत करने के बाद भी उन्हें अपनी फसल से कोई लाभ नहीं मिल पाता था। परंतु इस बार सिंचाई की सुविधा पाकर रामप्यारे के परिवार ने समय पर अपने खेतों में रोपाई का कार्य पूरा कर लिया है और उनकी धान की फसल भी लहलहा रही है। इस खुशहाली के लिए महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत बनी एक डबरी इस किसान परिवार के लिए वरदान साबित हो रही है।पहले श्री रामप्यारे की समस्या का निराकरण ग्राम सभा की बैठक में हुआ, जहां उन्होंने अपने खेतों में महात्मा गांधी नरेगा के तहत एक डबरी बनाए जाने का आवेदन प्रस्तुत किया। उनके आवेदन के आधार पर ग्राम सभा ने डबरी बनाए जाने का प्रस्ताव पारित किया और ग्राम पंचायत को एजेंसी बनाया और डबरी का निर्माण कार्य पूर्ण कराया गया। इसमें अकुशल मजदूरी करके इस परिवार को सौ दिवस का रोजगार भी प्राप्त हुआ। डबरी बन जाने के बाद रामप्यारे बताते हैं कि सब्जी लगाकर वह लगभग 20 हजार रुपए की आमदनी ले चुके हैं और इस बार उनके खेतों में समय पर धान की रोपाई का काम पूरा हुआ है। डबरी में पर्याप्त पानी होने के कारण वह इसमें अगले साल से मछली पालन करने की योजना बना रहे हैं। रामप्यारे के अनुसार लगभग तीन एकड़ खेतों में इस बार धान की अच्छी फसल होने से उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा। मनरेगा से बना एक संसाधन इस परिवार के लिए आजीविका की नई राहें बना रहा है। इसके लिए रामप्यारे ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना का धन्यवाद ज्ञापित किया है।
- -घर जाकर एक शिक्षक की तरह पढ़ाया ऐसा पाठ कि अब विद्यार्थियों को पढ़ा रही किताब-कलेक्टर पी दयानंद की प्रेरणा ने बदल दी पहाड़ी कोरवा ममता की जिंदगीरायपुर / तब गांव आंछीमार के पहाड़ी कोरवा मंगल सिंह घर पर नहीं थे। उनकी बेटी ममता कोरवा शायद स्कूल जाने के लिए झटपट तैयार हो रही थी। अचानक से ममता तक खबर आई कि उनके घर के बाहर कोरबा के कलेक्टर आए हैं। वह अपनी जूती भी नहीं पहन पाई थी और सफेद मोजे पहने हुए स्कूल ड्रेस में भागती हुई बाहर आई। उन्हें यकीन ही नहीं हो रहा था कि पहाड़ी कोरवाओं की इस छोटी सी बस्ती और तंग गली में कभी मोटर सायकल भी नहीं आता-जाता, उस गली से होकर उनके द्वार तक कलेक्टर की गाड़ी और स्वयं कलेक्टर आए हैं। ममता की खुशी का ठिकाना नहीं था। कलेक्टर ने जब उनसे पूछा...कौन से क्लास में हो...नाम क्या है ? मैं कोरबा कलेक्टर पी दयानंद हूं...तो सबसे पहले ममता ने मुस्कुराते हुए हाथ मिलाया और नाम बताते हुए कहा...तो सर आप ही कलेक्टर..है.! कलेक्टर से हाथ मिलाते ही उलझनों के मोड़ में उलझी ममता को कलेक्टर पी दयानंद से ऐसा ज्ञान और प्रोत्साहन मिला कि एक दिन उसकी जिंदगी बदल गई।आठ साल पहले स्कूल खुलने के दिन यानी एक जुलाई को ग्राम आंछीमार की पहाड़ी कोरवा ममता तब कक्षा दसवीं पास करके कक्षा 11वीं में ही पहुंची थीं। तब वह बहुत असमंजस में थी कि 11 वीं में कौन सा विषय लिया जाए, जो विषय ली है, वह ठीक है या नहीं..? उसके समाज में कोई ऐसा परिचित भी उन्हें नहीं मिल रहा था कि वह उससे पूछ सकें...। विषय चयन सहित आगे की पढ़ाई को लेकर एक मोड़ पर उलझी ममता के लिए अचानक से कलेक्टर का घर आना उनके भविष्य के लिए एक नया रास्ता था। कलेक्टर पी दयानंद ने तब उन्हें एक शिक्षक की तरह समझाते हुए बायोलॉजी सब्जेक्ट चयन करने और इससे बनने वाले कैरियर के विषय में बताते हुए एकाग्रता के साथ मन लगाकर पढ़ाई करने तथा पहाड़ी कोरवा समाज की अन्य बेटियों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनने की बात कही। पहाड़ी कोरवा ममता के लिए यहीं एक ऐसा मोड़ था जिससे उनकी उलझने दूर हुई और ममता की जिंदगी बदल गई। कलेक्टर की बातों को गांठ बांधकर पूरा ध्यान पढ़ाई में लगाया और बायोलॉजी से पहले 11वीं और 12वीं पास करने के बाद बीएससी, डीसीए, एमए की पढ़ाई पूरी की। किसी शिक्षक के रूप में एक कलेक्टर से मिले ज्ञान और अपनी पढ़ाई की बदौलत ममता ने आखिरकार कामयाबी हासिल की। अब वह शिक्षिका बन गई है और प्रभारी प्रधानपाठक का दायित्व सम्हालने के साथ ही ग्रामीण विद्यार्थियों को ज्ञान की किताब पढ़ा रही है।कोरबा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम आंछीमार की पहाड़ी कोरवा ममता शिक्षिका के रूप में प्राथमिक शाला चीतापाली में पढ़ाती है। उसने बताया कि वह जिस समाज से आती है, उसमें बहुत ही कम लोग 10वीं, बारहवीं तक की पढ़ाई किए हुए हैं। कॉलेज की पढ़ाई करने वाले गिनती के ही लोग है। उसे भी लगता था कि वह बारहवीं तक की पढ़ाई पूरी कर पायेगी या नहीं। 10वीं कक्षा पास करने के बाद कलेक्टर श्री पी दयानंद के घर आने और उनसे मिली प्रेरणा के विषय में बताती हुई ममता कहती है कि वह दिन सचमुच मेरी जिंदगी में एक नया मोड़ के समान था। कलेक्टर सर का चेहरा, उनकी बातें मुझे पढ़ाई के लिए हमेशा प्रेरित करती रही। ममता ने बताया कि उनके दादा-दादी, माता-पिता की जिंदगी संघर्षों के बीच बीती है। समाज में लड़कियां 5वीं, 8वीं पढ़ लेती थीं, वहीं उनकी उपलब्धि थी और इसके बाद शादी के बंधन में बंध जाती थी। ऐसे में उन्हें भी लगता था कि 10वीं के बाद पता नहीं कब उनका भी रिश्ता तय कर दिया जाए और पढ़ाई वहीं बंद हो जाए। ममता कहती है कि कलेक्टर के घर आकर उनसे मिलने से घर का पूरा माहौल बदला। उनके निर्देश पर हास्टल में जगह मिली। माता-पिता ने उन्हें आगे पढ़ाई पूरी करने में पूरा सहयोग दिया और नौकरी मिलते तक शादी भी नहीं की। समाज के अन्य लोगों को भी यह जानकार खुशी हुई कि कलेक्टर साहब उनके घर आए थे और उन्होंने भी अपने बच्चों को स्कूल भेजने का काम किया। ममता ने बताया कि कॉलेज की पढ़ाई करने के बाद वह एनआरएलएम से जुड़ी और सक्रिय महिला सदस्य के रूप में दिल्ली में कार्यक्रम में सम्मिलित भी हुई। उन्होंने बताया कि कलेक्टर के घर आने के बाद वह भी अधिकारी बनना चाहती थी, लेकिन शिक्षिका के रूप में नौकरी लगने के बाद अहसास हुआ कि यह फील्ड उनके लिए बहुत अच्छा है और इस नौकरी की बदौलत अपने समाज के बच्चों को पढ़ाई के लिए प्रेरित कर सकती है।अपने से अधिक पढ़ाई वाला या बड़ा नौकरी वाला पति नहीं ढूंढी-ममता बताती है कि अधिक पढ़ाई करने के बाद भले ही कुछ लड़कियों का सपना होता है कि वह उनके जैसा या उनसे अधिक पढ़ाई करने वाला लड़के से शादी करेगी। ममता ने बताया कि वह भी ऐसा कर सकती थी, लेकिन उन्होंने 12वीं पास लड़के से विवाह किया है। पति मुकेश कुमार को हाल ही में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के निर्देश पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने अतिथि शिक्षक के रूप में स्कूल में नौकरी प्रदान की है। ममता कहती है कि हमारी किस्मत बदल रही है। आने वाले समय में हमारा भविष्य बेहतर होगा। हम शासन-प्रशासन से मिले सहयोग से अपना ही भविष्य नहीं संवार रहे है, अपितु आने वाले पीढ़ियों का भी भविष्य संवारने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।शिक्षा और शिक्षक के भूमिका को बताया महत्वपूर्णपहाड़ी कोरवा ममता कहती है कि मैं जो कुछ हूं अपनी शिक्षा और स्कूल में पढ़ाने वाले शिक्षा से लेकर कलेक्टर द्वारा शिक्षक के रूप में घर आकर दिए गए प्रेरणा से ही हूं। मैं पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी होती तो आज मेरा भविष्य जंगलों में गुम हो जाता। बकरी चरा रही होती। आर्थिक रूप से भी मजबूत नहीं होती। मेरे आने वाले बच्चों का भविष्य भी गरीबी से गुजरता। अब ऐसा नहीं है। हर महीने वेतन मिलती है और यह राशि मेरी जरूरतों को पूरा करने में मददगार बनती है। ममता ने बताया कि वेतन के पैसे से उन्होंने अपने स्कूल आने के लिए स्कूटी ली है और घर का कुछ सामान, आभूषण ली है तथा बचत भी कर रही है। उन्होंने समाज के बच्चों को स्कूल जाने वाले मन लगाकर पढ़ाई करने तथा शिक्षकों को भी बच्चों को पढ़ाई के प्रति प्रेरित करने की अपील की।
- - छत्तीसगढ़ के उद्योग मंत्री ने नई दिल्ली में 'उद्योग समागम' में की भागीदारीरायपुर। छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने आज नई दिल्ली में आयोजित 'उद्योग समागम' सम्मेलन में भाग लिया। यह कार्यक्रम केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें सभी राज्यों के उद्योग मंत्री और प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। इस सम्मेलन में देश भर के उद्योगपतियों, उद्यमियों और निवेशकों ने भाग लिया, जिसमें व्यापार, उद्योग और आर्थिक विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।श्री देवांगन ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में निवेश की विशाल संभावनाओं और राज्य सरकार द्वारा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने के लिए बेहतर नीतियों और बुनियादी ढांचे के विकास पर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कई विशेष योजनाएं और सुविधाएं प्रदान कर रही है, जिससे न केवल राज्य का आर्थिक विकास होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। मंत्री श्री देवांगन ने कहा छत्तीसगढ़ निवेश के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थल के रूप में उभर रहा है। प्रदेश खनिज उत्पादन वाले प्रमुख राज्यों में शामिल है। यहां उद्योग स्थापित करने के लिए अनुकूल माहौल है। प्रदेश में नए उद्योगों को सर्वसुविधा उपलब्ध कराने के नई रणनीति बनाई गई है। उन्होंने कहा राज्य में निवेश बढ़ाने व उद्योगों के प्रोत्साहन के लिए वित्तीय प्रोत्साहन व छूट भी दी जा रही है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में सिंगल विंडो सिस्टम 2.0 की लांचिंग किया गया है, इससे नए उद्योग शुरू करने वाले व्यापारियों को किसी तरह की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसके अलावा 1 नवंबर 2024 से प्रदेश की नई उद्योग नीति भी लागू हो जाएगी। नई नीति उद्यमियों के सहूलियत को ध्यान में रखते हुए मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में तैयार किया जा रहा है। सम्मेलन के दौरान उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई और राज्य में भविष्य में निवेश करने की संभावनाओं पर विचार किया। कार्यक्रम में उद्योग विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, इन्वेस्टमेंट कमिश्नर सुश्री रितु सेन, सीएसआईडीसी के कार्यपालन संचालक आलोक त्रिवेदी भी उपस्थित रहे।
- -महिलाएं जता रही है विष्णु भईया के स्नेह भरे तोहफे के लिए आभाररायपुर, /छत्तीसगढ़ में गांव-गांव मनाए जा रहे तीजा त्यौहार की खुशी महतारी वंदन योजना ने बढ़ा दी है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने पोला त्योहार के अवसर पर महतारी वंदन योजना की सातवीं किश्त की राशि महिलाओं के खातों में जमा की। इस योजना के तहत मिली सहायता राशि ने महिलाओं के लिए तीजा की तैयारियों को और भी खास बना दिया।बलौदाबाजार के ग्राम सकरी में निवास करने वाली श्रीमती धारणा साहू और श्रीमती रांति साहू ने खुशी-खुशी बताया, “तीजा का यह त्यौहार हमारे लिए बेहद खास हो गया है। मुख्यमंत्री जी ने हमें महतारी वंदन योजना के माध्यम से जो राशि दी है उससे हम साड़ी और तीज के लिए श्रृंगार का सामान खरीदेंगी। यह भाई के स्नेह जैसा तोहफा है जिसके लिए हम मुख्यमंत्री जी का दिल से धन्यवाद करते हैं।छत्तीसगढ़ में तीजा का त्यौहार महिलाओं के जीवन में एक विशेष स्थान रखता है। यह त्यौहार न केवल पारिवारिक प्यार और बंधनों को मजबूत करता है, अपितु पति के दीर्घायु के साथ ही पति और पत्नी में आपसी प्रेम व स्नेह को भी बढ़ाता है। इस बार तीजा के मौके पर बलौदाबाजार विकासखंड के ग्राम सकरी की दो महिलाएं श्रीमती धारणा साहू (भतीजी) और श्रीमती रांति साहू (बुआ) अपने मायके में त्यौहार की खुशियों को साझा करने आईं।श्रीमती धारणा साहू की शादी दो साल पहले नंद किशोर साहू से हुई थी। उनके पति ग्राम जारा विकासखंड पलारी में किराना दुकान चलाते हैं। परिवार में ससुर, सास और एक देवर के साथ कुल पांच सदस्य हैं। वहीं, श्रीमती रांति साहू अपने जीवन में कठिनाइयों का सामना कर रही हैं। उनके पति महेंद्र साहू, का सात साल पहले बीमारी के कारण निधन हो गया था। रांति साहू खरोरा के एक निजी स्कूल में स्वीपर का काम करती हैं।श्रीमती रांती अपनी बेटी के साथ ससुराल, ग्राम मोहरेंगा (रायपुर जिला) में रहती हैं। उनकी बेटी कक्षा 5 वीं में पढ़ती है, जबकि बेटा अपने नाना के घर रहकर कक्षा 4थीं की पढ़ाई कर रहा है। इस योजना के माध्यम से महिलाओं को अतिरिक्त आर्थिक सहायता मिलने से उनके चेहरे पर सुकून और खुशी साफ झलक रही थी। त्यौहार की रौनक के बीच,यह मदद उनके लिए एक नया उत्साह लेकर आई, जिससे वे अपने परिवार के साथ तीजा का पर्व और भी आनंद से मना सकेंगी।
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-प्रतिभाओं के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण
-देश उत्तम शिक्षा के मामले में हमेशा से समृद्ध - श्री विष्णुदेव साय-राजभवन में राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान समारोह सम्पन्नरायपुर /राज्यपाल श्री रमेन डेका और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर राजभवन गरिमामयी समारोह में वर्ष 2023-24 के उत्कृष्ट शिक्षकों को राज्य स्तरीय सम्मान प्रदान किया। राज्यपाल श्री डेका ने कहा शिक्षक विद्यार्थियों को बड़ा सपना देखने प्रेरित और पूरा करने प्रोत्साहित करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा देना सुनिश्चित करें।राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने वर्ष 2023-2024 के लिए सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई और शुभकामनाएं दी। प्रदेश के तीन महान साहित्यकारों के नाम पर 03 शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार तथा 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने राज्य शिक्षक सम्मान वर्ष 2024-25 के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों की घोषणा की।राजभवन के दरबार हॉल में आज आयोजित राज्यस्तरीय समारोह में तीन उत्कृष्ट शिक्षकों बिलासपुर जिले की डॉ. रश्मि सिंह धुर्वे को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कबीरधाम जिले के श्री राजर्षि पाण्डेय को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और दुर्ग जिले की डॉ. श्रीमती सरिता साहू को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार से सम्मानित किया गया। इस तरह प्रधान पाठक, व्याख्याता, व्याख्याता एल.बी., शिक्षक एल.बी., सहायक शिक्षक, सहायक शिक्षक एल.बी वर्ग के 52 शिक्षकों को राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान से सम्मानित किया गया।इस गरिमामय कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल श्री रमेन डेका ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण प्रतिभाआंे के विकास में शिक्षकों की भूमिका महत्वपूर्ण है। शिक्षक समाज के प्रमुख नागरिक हैं। राज्यपाल ने कहा कि आजादी के 75 वर्ष बाद लार्ड मैकाले की शिक्षा पद्धति में बड़ा परिवर्तन हो रहा हैै, जिसका परिणाम भी अच्छा होगा।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि आज हर क्षेत्र में क्रांति हो रही है और शिक्षा के क्षेत्र में भी क्रांति हो रही है। शिक्षक इस क्रांति का एक हिस्सा है। शिक्षकों के पढ़ाने का तरीका बदल गया है, लेकिन इस बदलाव के साथ-साथ शिक्षा के गुणवत्ता पर भी ध्यान देना होगा। बच्चों में नैतिक मूल्यांे का विकास करने की जवाबदारी भी शिक्षकों की है।श्री डेका ने कहा कि माता-पिता एक बच्चे को जन्म देते हैं जबकि शिक्षक उस बच्चे के व्यक्तित्व को गढ़ते हैं और उसे उज्ज्वल भविष्य प्रदान करते हैं। शिक्षा के अलावा, शिक्षक बेहतर इंसान बनने के लिए मार्गदर्शन, प्रोत्साहन और प्रेरणा देने के लिए हर कदम पर हमारे साथ खड़े रहते हैं। शिक्षक ज्ञान और बुद्धि का स्रोत हैं। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार एक देश उतना ही अच्छा होता है जितने उसके लोग, उसी प्रकार उसके नागरिक भी उतने ही अच्छे होते हैं जितने उसके शिक्षक। इसलिए बहुत कुछ शिक्षकों पर निर्भर करता है कि बच्चों को अच्छी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। मैं सभी शिक्षकों को उनके जुनून, समर्पण, प्रतिबद्धता और योगदान के लिए सलाम करता हूं।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि शिक्षण सभी व्यवसायों की जननी है। शिक्षक दिवस हमें भविष्य की पीढ़ियों को और भी अधिक चुनौतियों का सामना करने और हमारे देश को मानव कल्याण के प्रति उच्च संवेदनशीलता के साथ एक उन्नत और विकसित राष्ट्र बनाने के लिए जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं की याद दिलाता है।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि भारत में शिक्षक दिवस का जितना उत्साह और महत्व है वैसा शायद ही कहीं और देखने को नहीं मिलता। भूतपूर्व राष्ट्रपति भारत रत्न सर्वपल्ली डॉ. राधाकृष्णन की जयंती को हम सब शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। श्री साय ने कहा कि भारत देश उत्तम शिक्षा के मामले में हमेशा से समृद्ध रहा है। गणित के क्षेत्र में शून्य भारत ने ही विश्व को दिया, आर्यभट्ट जैसे वैज्ञानिक और भाष्कराचार्य जैसे गणितज्ञ भारत में ही पैदा हुए। नागार्जुन जैसे रसायनज्ञ यहाँ हुए। शिक्षकों ने देश को हमेशा नई दिशा दिखाई है। भले ही आज इंटरनेट की दुनिया में ज्ञान एक क्लिक पर उपलब्ध है लेकिन अनुभव भरा ज्ञान, संस्कारपूर्ण शिक्षा, जीवन जीने की कला, कौशल, उत्तम शैली की सीख केवल विद्यालयों में शिक्षकों के जरिए ही संभव है। भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इसकी जरूरत को समझा और राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लेकर आए। इस नीति के माध्यम से हमारी शिक्षा में आमूलचूल बदलाव की संभावना तैयार हुई है, जिसमें लोकल से वोकल तक के ज्ञान, सीख व समझ का समावेश किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति को हमने प्रदेश में भी लागू कर दिया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत हमने प्रदेश में 9438 बालवाड़ियाँ आरंभ की हैं। हमने 18 स्थानीय भाषाओं में पढ़ाई की शुरुआत की है। इसके लिए किताबें बनाई हैं और शिक्षक इसे पढ़ा रहे हैं। यह बच्चों की नींव तैयार करने में काफी महत्वपूर्ण है। शिक्षा से नक्सलवाद का अँधियारा छँटने से बस्तर में अब शिक्षा की रोशनी भी तेजी से फैल रही है। बस्तर में वर्षों से बंद 29 स्कूलों को पुनः शुरू किया गया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि आधुनिक समय एआई तथा रोबोटिक्स का है। हमारे बच्चे भी इसमें पीछे नहीं रहेंगे। हमने आदिवासी क्षेत्र के बच्चों के लिए भी स्कूलों में रोबोटिक्स तथा एआई की शिक्षा आरंभ कर दी है। नक्सल प्रभावित जिलों के बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए हम बिना ब्याज के शिक्षा ऋण दे रहे हैं। हमारा सबसे ज्यादा ध्यान कौशल विकास पर है। छोटे-छोटे ट्रेड में बच्चों को थोड़ा भी प्रशिक्षित कर दें, तो उनके लिए बेहतर भविष्य की राह खुल जाती है। हम हाइटेक स्कूल तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में पीएम श्री योजना के अंतर्गत 211 स्कूलों का शुभारंभ किया गया है। इसके अलावा 52 स्कूलों की और स्वीकृति मिल गई है। यहाँ गुणवत्तायुक्त शिक्षा बच्चों को उपलब्ध कराई जा रही है। हमारी सरकार ने 13 नगरीय निकायों में नालंदा की तरह हाइटेक लाइब्रेरी की स्थापना का निर्णय लिया है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि हमारी सरकार ने स्कूलों में न्योता भोज की भी पहल की है, इससे सामुदायिक सहयोग से स्कूलों में बच्चों को रूचिकर पोषण आहार मिल रहा।इस अवसर पर स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने स्वागत उद्बोधन के साथ प्रतिवेदन का वाचन किया। आभार प्रदर्शन संचालक लोक शिक्षण श्रीमती दिव्या उमेश मिश्रा ने किया। स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने राज्यपाल श्री डेका और मुख्यमंत्री श्री साय को स्मृति चिन्ह स्वरूप पुस्तक भेंट की।कार्यक्रम में आयुक्त जनसंपर्क श्री मयंक श्रीवास्तव, राज्यपाल के विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, समग्र शिक्षा के प्रबंध संचालक श्री संजीव झा, राज्यपाल की संयुक्त सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम सहित स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक, पत्रकारगण उपस्थित थे। - बिलासपुर /खनि अमला बिलासपुर द्वारा 4 और 5 सितम्बर की दरमियानी रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक लोधीपारा, कोनी,सेंदरी, कछार, लोफंदी, मंगला,धुरीपारा,लोखंडी, निरतू, घुटकू , लावर ,मस्तूरी, सिरगिट्टी- चकरभाठा क्षेत्र मे रेत खदान एवं खनिज परिवहन कर रहे वाहनों की सघन जांच किया गया।मस्तूरी क्षेत्र में 4 हाईवा को खनिज रेत का अवैध परिवहन करते पाये जाने पर जप्तकर खनिज जांच चौकी लावर (मस्तूरी) अभिरक्षा में रखा गया है।सिरगिट्टी- चकरभाठा- तेलसरा क्षेत्र में शासकीय भूमि से खनिज मिट्टी और मुरूम का अवैध उत्खनन एवं परिवहन करते पाये जाने पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बिलासपुर एवं चकरभाठा पुलिस थाना की मदद से 4 जेसीबी एवं 3 हाईवा को जप्त कर पुलिस थाना चकरभाठा में अभिरक्षा मे रखा गया है।रात्रि की कार्रवाई में ही 7 हाईवा एवं 4 जेसीबी सहित कुल 11 वाहनों के विरूद्घ खनिज नियमों के तहत कार्रवाई की गई है।विगत एक सप्ताह में खनि अमला द्वारा खनिज रेत,भसुवा मिट्टी,मुरूम,ईंट-मिट्टी के अवैध उत्खनन व परिवहन करने पर 12 हाईवा 1ट्रेक्टर एव़ 4 जेसीबी सहित कुल 17 वाहनों के विरूध्द खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज जप्ती की कार्रवाई की गयी है।वैध अभिवहन पास एवं अनुमति के बिना खनिजों का उत्खनन व परिवहन किये जाने के कारण सभी 17 वाहन चालकों,मालिकों के विरूद्ध छत्तीसगढ़ गौण खनिज नियम 2015 के नियम 71खान एवं खनिज(विकास एवं विनियमन) अधिनियम की धारा 21 के तहत खनिज के अवैध उत्खनन और परिवहन का प्रकरण दर्ज किया गया हैl खनि विभाग द्वारा कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।
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रायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 934.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 05 सितम्बर सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1988.6 मिमी और बेमेतरा जिले में सबसे कम 501.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।
राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सरगुजा जिले में 515.6 सूरजपुर जिले में 923.0 मिमी, बलरामपुर में 1336.9 मिमी, जशपुर में 796.6 मिमी, कोरिया में 936.2 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 936.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 752.6 मिमी, बलौदाबाजार में 951.3 मिमी, गरियाबंद में 903.4 मिमी, महासमुंद में 728.0 मिमी, धमतरी में 810.1 मिमी, बिलासपुर में 847.5 मिमी, मुंगेली में 957.0 मिमी, रायगढ़ में 893.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 540.5 मिमी, जांजगीर-चांपा में 1002.7 मिमी, सक्ती 858.2 मिमी, कोरबा में 1228.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 984.0 मिमी, दुर्ग में 548.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 748.2 मिमी, राजनांदगांव में 897.3 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी में 1022.8 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 653.6 मिमी, बालोद में 948.4 मिमी, बस्तर में 1012.9 मिमी, कोण्डागांव में 899.7 मिमी, कांकेर में 1103.4 मिमी, नारायणपुर में 1050.0 मिमी, दंतेवाड़ा में 1227.2 मिमी और सुकमा जिले में 1348.8 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई। - -शिक्षक दिवस पर सभी शिक्षकों और प्रदेशवासियों को दी शुभकामनाएंरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज यहाँ अपने निवास कार्यालय में पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर उनके छायाचित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। उन्होंने शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों और प्रदेशवासियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान अपने सभी गुरुओं का स्मरण किया।मुख्यमंत्री ने इस मौके पर कहा कि डॉ. राधाकृष्णन के जन्मदिन को देशभर में शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जा रहा है। वे महान दार्शनिक और शिक्षक रहे हैं। देश को शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जाने में उनका योगदान अतुलनीय है। उन्होंने कहा कि मैंने जीवन में जो कुछ भी हासिल किया है, उनमें मेरे गुरुओं की बड़ी भूमिका रही है। जीवन के हर पड़ाव में मुझे गुरुओं का आशीष मिला है। जीवन को सही दिशा देने और चुनौतियों से लड़ने के लिए शिक्षक आपको तैयार करते है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक उच्च नैतिक मूल्यों को विद्यार्थियों के जीवन में उतारकर अच्छा नागरिक तैयार करने में अपनी सर्वोच्च भूमिका निभाते है। मुझे विश्वास है कि डॉ. राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलते हुए देश और समाज को सकारात्मक दिशा देने में आगे भी शिक्षकगण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।
- रायपुर /छत्तीसगढ़ के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री लखन लाल देवांगन ने नई दिल्ली में आयोजित ‘उद्योग समागम‘ सम्मेलन में भाग लिया। यह कार्यक्रम केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल की अध्यक्षता में आयोजित किया गया, जिसमें सभी राज्यों के उद्योग मंत्री और प्रतिनिधि सम्मिलित हुए। इस सम्मेलन में देश भर के उद्योगपतियों, उद्यमियों और निवेशकों ने भाग लिया, जिसमें व्यापार, उद्योग और आर्थिक विकास से जुड़े प्रमुख मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई।श्री देवांगन ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ में निवेश की विशाल संभावनाओं और राज्य सरकार द्वारा व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए उठाए गए कदमों का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य में औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर प्रकाश डाला। साथ ही, उन्होंने निवेशकों को राज्य में आकर्षित करने के लिए बेहतर नीतियों और बुनियादी ढांचे के विकास पर राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों को प्रोत्साहित करने के लिए कई विशेष योजनाएं और सुविधाएं प्रदान कर रही है, जिससे न केवल राज्य का आर्थिक विकास होगा, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे। सम्मेलन के दौरान उपस्थित उद्योग जगत के प्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ में निवेश के प्रति गहरी रुचि दिखाई और राज्य में भविष्य में निवेश करने की संभावनाओं पर विचार किया।
- रायपुर / रायगढ़ में आयोजित किए जा रहे 39वें चक्रधर समारोह में छत्तीसगढ़ के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों की संस्कृति की झलक दिखेगी। समारोह में देश के ख्यातिलब्ध कलाकार शास्त्रीय नृत्य और लोक संगीत की प्रस्तुति देंगे।समारोह में भरतनाट्यम, कथक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम, मणिपुरी नृत्य के साथ-साथ असमिया नृत्य, ओडिशी, मणिपुरी नृत्य विधाओं की मनमोहक प्रस्तुति होगी। पद्मश्री सुश्री हेमा मालिनी, और पद्मश्री देवयानी और मीनाक्षी शेषाद्रि शास्त्रीय नृत्यों की विशेष प्रस्तुति देंगी। असम के कलाकार बिहू नृत्य की प्रस्तुति भी देंगे। साथ ही स्थानीय कलाकारों को भी अपनी लोक कला और संस्कृति दिखाने का अवसर मिलेगा।समारोह में भूपेंद्र बरेठ, श्रीमती पूर्णाश्री राउत, सुश्री दीपान्निता सरकार, पदम् श्री रंजना गौहर, सुश्री जया दीवान, सुश्री धरित्री सिंह चौहान, श्री शैंकी सिंह, श्री गजेंद्र पंडा, सुश्री आर्या नंदे, सुश्री नित्या खत्री, श्रीमती बासंती वैष्णव एवं ज्योतिश्री बोहिरदार, सुश्री सौम्या नामदेव, सुश्री विधि सेन गुप्ता, सुश्री दीपमाला सिंह, उपासना भास्कर की प्रस्तुति भी होगी।समारोह में सुुश्री दीक्षा घोष, सुश्री अवंतिका विश्वकर्मा, डॉ आरती सिंह, डॉ.जी रथीस बाबू, सुश्री शार्वी केशरवानी, सुश्री भद्रा सिन्हा, श्री लकी मोहंती, सुश्री मृदु स्मिता दास, सुश्री विद्या प्रदीप एवं साथी, सुश्री शाश्वती बनर्जी, श्री कृष्ण भद्र नंबूदरी, डॉ रघुपत रूनी श्रीकांत, सुश्री पौशाली चटर्जी, श्री आलोक श्रीवास, सुश्री पलक देवांगन, सुश्री भूमिसूता मिश्रा, सुश्री वेदिका शरण, सुश्री माया कुलश्रेष्ठ अपनी नृत्य प्रस्तुति देंगी।वही सरोद वादन में श्री सौगत गांगुली, फ्यूजन के तहत तबला, संतूर, सितार में श्री जीतू शंकर और ग्रुप, अकार्डियन वादन में श्री तपसीर मोहम्मद एवं साथी, बांसुरी और तबला वादन में श्री राकेश चौरसिया, सितार वादन में सुश्री अनुष्का सोनी, तबला वादन में श्री अंशु प्रताप सिंह, संतूर तबला वादन में श्री राहुल शर्मा एवं श्री रामकुमार मिश्रा के वाद्य यंत्रों से पूरा मंच से गुंजायमान होगा।छत्तीसगढ़ी लोक नर्तक दल भी देंगे प्रस्तुतिकरमा लोक नृत्य में श्री मनिहर भगत मनमोहक प्रस्तुति देंगे। इसी प्रकार इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय खैरागढ़ द्वारा राज्य में प्रचलित विविध छत्तीसगढ़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति एवं पद्मश्री अनुज शर्मा द्वारा छत्तीसगढ़ी लोकगायन के साथ ही छत्तीसगढ़ की पारंपरिक गेड़ी लोक नृत्य की प्रस्तुति श्री अनिल कुमार गढ़ेवाल द्वारा की जाएगी। श्री हुतेन्द्र ईश्वर शर्मा छत्तीसगढ़ी नृत्य संगीत में अपनी प्रस्तुति देंगे।
- रायपुर, / छत्तीसगढ़ के वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को शिक्षक दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने इस अवसर पर शिक्षकों के महत्वपूर्ण योगदान की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मंत्री श्री कश्यप ने कहा कि शिक्षक बच्चों के भविष्य को गढ़ने में अहम भूमिका निभाते हैं और उनका सम्मान और योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने सभी शिक्षकों को उनके समर्पण और कड़ी मेहनत के लिए धन्यवाद दिया और प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
- -जिले के कानून व्यवस्था के सम्बंध में पुलिस अधीक्षकों से लेंगे वन टू वन जानकारी-महिला एवं बाल अपराध, गौवंश, चाकूबाजी, मादक पदार्थों की स्थिति की करेंगे समीक्षारायपुर। उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा कल बिलासपुर प्रवास के दौरान पुलिस विभाग के बिलासपुर रेंज की समीक्षा बैठक लेंगे। इस बैठक में छत्तीसगढ़ शासन के गृह एवं जेल विभाग के अपर मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, गृह विभाग के सचिव, बिलासपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक, और बिलासपुर रेंज के जिलों के पुलिस अधीक्षक उपस्थित रहेंगे।बैठक में लंबित गंभीर अपराधों की स्थिति, ब्लाइंड मर्डर के अनसुलझे मामलों, चाकूबाजी, तलवारबाजी और फायरिंग के मामलों की समीक्षा समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही लंबित मर्ग के प्रकरणों, राष्ट्रीय और राज्य मानव अधिकार आयोग के लंबित मामलों की स्थिति की भी समीक्षा की जाएगी। महिला और बाल अपराधों के लंबित प्रकरणों पर चर्चा और पीड़ितों को क्षतिपूर्ति देने, मानव तस्करी के लंबित मामलों, गुमशुदा महिलाओं, पुरुषों और बच्चों के प्रकरणों, अनुसूचित जाति और जनजाति पर घटित अपराधों एवं राहत राशि के वितरण की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। चिटफंड प्रकरणों की अद्यतन स्थिति, एनडीपीएस अधिनियम के तहत दर्ज मामलों की जांच की प्रगति और मादक पदार्थों की नष्ट करने की प्रक्रिया, गौवंश से संबंधित अपराधों, वाहन जब्ती और राजसात की कार्यवाही, जिले के कानून व्यवस्था के संबंध में आगामी कार्ययोजनाओं और जिले में लागू की जा रही बेस्ट प्रैक्टिस पर चर्चा की जाएगी। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और उप पुलिस अधीक्षक द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की समीक्षा की जाएगी।
- -अधिवक्ताओं के लिए नवीन सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा कीरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज बिलासपुर जिला अधिवक्ता संघ के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। उन्होंने संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। मुख्यमंत्री ने संघ की मांग पर जिला न्यायालय परिसर में नये सामुदायिक भवन बनाने की घोषणा की। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री दाऊराम चंद्रवंशी ने की। अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव मौजूद थे। इस अवसर पर विशेष अतिथि के रूप में महाधिवक्ता श्री प्रफुल्ल एन भारत, विधायक श्री अमर अग्रवाल, श्री धरमलाल कौशिक, श्री दिलीप लहरिया, श्री अटल श्रीवास्तव, श्री सुशांत शुक्ला, महापौर श्री रामशरण यादव, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती नीता यादव, संरक्षक अधिवक्ता संघ श्री एसके सिन्हा एवं प्रतिनिधि भारतीय विधिज्ञ परिषद श्री शैलेन्द्र दुबे उपस्थित थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने जिला अधिवक्ता संघ के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि बिलासपुर का जिला अधिवक्ता संघ प्रदेश के अधिवक्तओं का सबसे पुराना संगठन है। फिलहाल साढ़े 3 हजार विद्वान अधिवक्ता इस संघ से जुड़े है। उन्होंने कहा कि इस संस्था का ऐतिहासिक महत्व रहा है। इनके सदस्यों ने आजादी की लड़ाई में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। यही नहीं बल्कि बड़े-बड़े राजनेता और न्यायविद इस संगठन ने पैदा किये हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिवक्ताओं के समक्ष कई समस्याएं मौजूद हैं। लेकिन उन्होंने इनकी परवाह किये बिना लोगों को न्याय दिलाने में महती भूमिका अदा कर रहे हैं। गरीबी-अमीरी का भेदभाव किये बिना सभी को समभाव से न्याय दिलाने में जिला अधिवक्ता संघ ने मिसाल पेश की है। मुख्यमंत्री ने संघ की मांग पर राजस्व मण्डल एवं स्थायी लोक अदालत में सदस्यों की नियुक्ति जल्द करने का आश्वासन भी दिया। उन्होंने तीजा एवं गणेश चतुर्थी महापर्व की बधाई एवं शुभकामनाएं भी दी।उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव ने कहा कि जिला अधिवक्ता संघ का इतिहास गौरवशाली रहा है। यहां से निकले विधिवेत्ता और राजनेताओं ने बिलासपुर का गौरव बढ़ाया है। उन्होंने कहा कि पिछले 10-12 बरसों में न्यायालयों में सुविधाओं का तीव्र गति से विकास हुआ है। आगे भी यह सिलसिला जारी रहेगा। जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष श्री दाऊराम चंद्रवंशी ने स्वागत भाषण दिया। इस अवसर पर कलेक्टर अवनीश शरण, एसपी रजनेश सिंह सहित न्यायाधीश गण, अधिवक्ता एवं शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हस्तशिल्पी श्रीमती हीराबाई को प्रदेश का गौरव बढ़ाने पर दी बधाईरायपुर / छत्तीसगढ़ की श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल को हस्तशिल्प क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान के लिए 2023 के राष्ट्रीय हस्तशिल्प पुरस्कार के लिए चयनित किया गया है। यह पुरस्कार कार्यालय विकास आयुक्त हस्तशिल्प वस्त्र मंत्रालय भारत सरकार की ओर से दिया जाता है। श्रीमती बघेल ढोकरा बेलमेटल शिल्प की प्रसिद्ध शिल्पकार है। अधिसूचना के अनुसार पांच शिल्प गुरू तथा 18 नेशनल हस्तशिल्प पुरस्कार 2023 के लिए दिए गए है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव ने शिल्पकार हीराबाई झरेका बघेल को छत्तीसगढ़ का गौरव बढ़ाने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है।छत्तीसगढ़ के सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिला के वनांचल ग्राम पंचायत बैगीनडीह की ढोकरा बेलमेटल शिल्पकार श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल इसके पूर्व भी अपनी कलाकारी का डंका बजा चुकी है। श्रीमती बघेल को बेलमेटल शिल्प कला के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा वर्ष 2011-12 में पुरुस्कृत किया गया जा चुका है। उनके पति श्री मिनकेतन बघेल को भी वर्ष 2006-07 में छत्तीसगढ़ शासन द्वारा सम्मानित किया गया था। पुरस्कार के लिए चयनित शिल्पी श्रीमती हीराबाई झरेका बघेल ने कहा कि मेरे पिता श्री भुलाऊ झरेका व पति ही मेरी प्रेरणास्रोत है, जिन्होंने मुझे ढोकरा बेलमेटल कला सिखाया और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित और प्रोत्साहित किया।
- -निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरा करने के दिए निर्देशरायपुर /आदिम जाति, अनुसूचित जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग तथा अल्प संख्यक विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने आज नवा रायपुर में निर्माणाधीन शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संग्रहालय का साप्ताहिक निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर उपस्थित अधिकारियों, इंजीनियर्स, क्यूरेटर एवं निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से अब तक के कार्य की प्रगति के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों से कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के लिए मैन पावर बढ़ाने के निर्देश दिए।श्री बोरा ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा माह नवंबर में संग्रहालय का लोकार्पण किया जाना प्रस्तावित है। अतः कार्य में गुणवत्ता के साथ तेजी लाई जाए। इस अवसर पर सचिव सह आयुक्त श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा एवं अन्य अधिकारी भी उपस्थित थे।उल्लेखनीय है कि शहीद वीर नारायण सिंह आदिवासी (स्वतंत्रता संग्राम सेनानी) संग्रहालय पुरखौती मुक्तांगन के समीप 45 करोड़ की लागत से लगभग 10 एकड़ भूमि पर स्थापित किया जा रहा है।प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि यह संग्रहालय न केवल छ.ग. के आदिवासी स्वतंत्रता सेनानियों के स्वतंत्रता काल में दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद दिलाएगा, बल्कि छत्तीसगढ़ की गौरवशाली आदिवासी परंपरा से भी आमजन को रूबरू करवाएगा। श्री बोरा ने निर्माणाधीन स्थल पर उपस्थित मूर्तिकारों से भी चर्चा की। क्यूरेटर द्वारा द्वारा बताया गया कि संग्रहालय में लगने वाली लगभग 60 प्रतिशत मूर्तियों का निर्माण कार्य पूर्ण किया जा चुका है, जबकि शेष कार्य को भी निर्धारित समयावधि में पूरा कर लिया जाएगा। मूर्तियों की फिनिशिंग का कार्य भी समानांतर रूप से किया जा रहा है।गौरतलब है कि निर्माणाधीन संग्रहालय में कुल 15 गैलरियां हैं। प्रथम गैलरी में छत्तीसगढ़ की जनजातीय जीवन शैली का परिचय का खूबसूरत वर्णन किया गया है, वहीं दूसरी गैलरी में राज्य की जनजातियों पर अंग्रेजों और स्थानीय हुकूमत के अत्याचार का, तीसरी गैलरी में वर्ष 1774-79 के डोंगर क्षेत्र के हल्बा विद्रोह का दृश्य, चौथी गैलरी में सरगुजा विद्रोह (1792) का दृश्य, पांचवी गैलरी में भोपालपट्टनम विद्रोह (1795) का दृश्य, छठवीं गैलरी में परलकोट विद्रोह (1824-25) का दृश्य, सातवीं गैलरी में तारापुर विद्रोह (1842-54) का दृश्य, आठवीं गैलरी में लिंगागिरी विद्रोह (1856) का दृश्य, नौवीं गैलरी में कोई विद्रोह (1859) का दृश्य, दसवीं गैलरी में दंतेवाड़ा के मेरिया विद्रोह (1842-63) का दृश्य, ग्यारवीं गैलरी में मुरिया विद्रोह (1876) का दृश्य, बारहवीं गैलरी में रानी चौरिस विद्रोह (1878-82) का दृश्य, तेरहवीं गैलरी में बस्तर के भूमकाल विद्रोह (1910) का दृश्य, चौदहवीं गैलरी में शहीद वीर नारायण सिंह के सोनाखान विद्रोह (1857) का दृश्य एवं पंद्रहवीं गैलरी में झण्डा सत्याग्रह एवं जंगल सत्याग्रह के वीर आदिवासी नायकों के संघर्ष (1923, 1920) के दृश्य का बखूबी चित्रण किया जा रहा है। निश्चित ही यह संग्रहालय सभी वर्ग के लोगों के लिए एक आकर्षण का केन्द्र के रूप में बनकर उभरेगा।
- -हर पंचायत में होगी सहकारी समितियां-पेक्स को मल्टीपेक्स के रूप में किया जाएगा विकसितरायपुर / छत्तीसगढ़ में सहकारिता आंदोलन को मजबूत बनाने की ठोस रणनीति तैयार की जा रही है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आव्हान पर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए राज्य के सभी ग्राम पंचायतों में सहकारी समितियों का नेटवर्क बनाया जाएगा। सहकारिता विभाग के सचिव डॉ. सी. आर. प्रसन्ना एवं श्री कुलदीप शर्मा, आयुक्त सहकारिता एवं पंजीयक सहकारी संस्थाएं छत्तीसगढ़, ने ‘सहकार से समृद्धि’ पर बनाई गई कार्ययोजना की समीक्षा की और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।इस अवसर पर अपर पंजीयक श्री एच के दोशी, अपर पंजीयक एच के नागदेव,अपेक्स बैंक प्रबंध संचालक श्री के.एन. काण्डे, कृषि विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, पशुपालन विभाग, मछली पालन विभाग, दुग्ध महासंघ मत्स्य महासंघ, कॉमन सर्विस सेंटर व प्रधानमंत्री जन औषधि केन्द्र के राज्य प्रभारी व प्रतिनिधियों सहित अपर पंजीयक, संयुक्त पंजीयक, उप पंजीयक, सहायक पंजीयक तथा जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक के मुख्य कार्यपालन अधिकारी उपस्थित थे।बैठक में पंचायतवार, पेक्स, मत्स्य समिति और दुग्ध समितियों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही क्रियाशील और अक्रियाशील समितियों के चिन्हांकन कर सक्रिय करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे ग्राम पंचायत जहां एक भी समिति नहीं है, वहां नवीन समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि आगामी छह-छह माह का लक्ष्य बनाकर पेक्स को मबजूत करने तथा मल्टी एक्टिविटी की सुविधाएं बढ़ाने के दिशा में काम किया जाए। उन्होंने कहा कि पेक्स को मल्टी परपस पेक्स के रूप में विकसित करने से लोगों के लिए घर के द्वार पर ही अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे किसानों, गरीबों और मजदूरों के समय और पैसे की बचत होगी। आगामी खरीफ फसल की खरीदी का समय नजदीक आ रहा है। अतः सभी समितियों के पुराने कार्याें का ऑडिट अनिवार्य रूप से कर ली जाए। वर्तमान में 2058 सहकारी समितियों और 2739 धान उपार्जन केन्द्र हैं। ऐसे ग्राम पंचायत अथवा ऐसे स्थान जहां दूरी अधिक है, वहां नवीन समितियों का गठन किया जाए। उन्होंने किसान क्रेडिट कार्ड एवं रूपे क्रेडिट कार्ड की प्रगति की समीक्षा की और राज्य के ज्यादा से ज्यादा प्रदेश के किसानों इस योजना से लाभान्वित करने के निर्देश दिए। उन्होंने नेशनल कोऑपरेटिव डेटाबेस की समीक्षा करते हुए सभी समितियों के डेटाबेस को अपडेट करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।जिलेवार, पंचायतवार, पेक्स, मत्स्य समिति और दुग्ध समितियों की जानकारी उपलब्ध कराने के साथ ही क्रियाशील और अक्रियाशील समितियों के चिन्हांकन करने के निर्देश भी दिए। ऐसे ग्राम पंचायत जहां एक भी समिति नहीं है, उन्हें लक्ष्य में रखकर नवीन समितियों का गठन किया जाए। इसी प्रकार उन्होंने विश्व अन्न भंडारण योजना, भारतीय बीज सहकारी समिति, राष्ट्रीय सहकारी निर्यात समिति, प्रधानमंत्री जनऔषधि केन्द्र, कॉमन सर्विस सेंटर एवं ई-डिस्ट्रिक्स सर्विस की स्थिति सहित विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्राप्त की गई। यथा संभव समस्त सहकारी संस्थाओं के खाते जिला सहकारी केंद्रीय बैंक में अनिवार्यता खोले जाना चाहिए, जिससे सहकारिता का समग्र विकास सुनिश्चित हो सके।
- -पंजीयन एवं ऑनलाईन विकल्प फार्म 05 से 11 सितम्बर तकरायपुर, / छत्तीसगढ़ राज्य के शासकीय और निजी शिक्षा महाविद्यालयों में द्विवर्षीय बी.एड., डी.एल.एड., चार वर्षीय बी.ए.बी.एड., और बी.एस.सी.बी.एड. पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु ऑनलाइन आबंटन कार्यक्रम 2024 की शुरुआत हो चुकी है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी जो प्री.बी.एड., प्री.डी.एल.एड., या प्री टेस्ट 2024 में सम्मिलित हुए हैं, वे 5 सितंबर 2024 से 11 सितंबर 2024 तक चिप्स के आधिकारिक वेबसाइट https://slcm.cgstate.gov.in/SCERTOnline/ पर जाकर निर्धारित प्रक्रिया शुल्क का भुगतान कर विकल्प फार्म ऑनलाइन जमा किया जा सकता है। विस्तृत जानकारी के लिए एससीईआरटी रायपुर की आधिकारिक वेबसाइट https://scert.cg.gov.in पर देखा जा सकता है। प्रवेश प्रक्रिया छत्तीसगढ़ शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के दिशानिर्देशों और माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशों के अधीन होगी। अभ्यर्थी अपनी दावा आपत्ति और पत्र व्यवहार ईमेल के माध्यम से E-mail [email protected] पर भेज सकते हैं। किसी भी जानकारी के लिए हेल्पडेस्क नंबर 7470470609 पर कार्यालयीन समय में संपर्क किया जा सकता है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने 5 सितम्बर को शिक्षक दिवस के अवसर पर सभी शिक्षकों और प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दी है। मुख्यमंत्री ने अपने बधाई संदेश में कहा कि पूर्व राष्ट्रपति भारतरत्न डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन को हम शिक्षक दिवस के रूप में मनाते हैं। डॉ. राधाकृष्णन दार्शनिक और शिक्षक भी रहे हैं। देश को शिक्षा के क्षेत्र में आगे ले जाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक, शिक्षा के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की क्षमता रखते हैं। वे उच्च नैतिक मूल्यों को विद्यार्थियों के जीवन में उतारकर अच्छा नागरिक तैयार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। आशा है कि डॉ. राधाकृष्णन के पदचिन्हों पर चलते हुए देश और समाज को सकारात्मक दिशा देने में आगे भी शिक्षकगण महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहेंगे।














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