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रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देेव साय ने प्रदेशवासियों विशेषकर जैन धर्म के अनुयायियों को पर्युषण-पर्व की शुभकामनाएं दी हैं। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पर्युषण पर्व जैन समाज का एक महत्वपूर्ण त्यौहार है। मान्यता है कि भगवान महावीर ने इस त्यौहार के दौरान अपनी शिक्षाएं दीं और जैन धर्म के मुख्य सिद्धांतों को प्रतिपादित किया। पर्युषण पर्व मनाने का मूल उद्देश्य आत्मा को शुद्ध बनाने पर ध्यान केंद्रित करना होता है। यह महापर्व आत्मविशुद्धि, संयम, त्याग और आत्मचेतना को विकसित करने का अवसर देता है। यह पर्व अहिंसा, दया, क्षमा, प्रेम की राह पर चलना सिखाता है।
- -राज्यपाल रतनपुर में महामाया देवी का करेंगे दर्शनरायपुर, / राज्यपाल श्री रमेन डेका 31 अगस्त को बिलासपुर प्रवास पर रहेंगे। इस दौरान वे विभिन्न कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। निर्धारित दौरा कार्यक्रम के अनुसार राज्यपाल श्री डेका सुबह 10.00 बजे राजभवन रायपुर के पुलिस परेड ग्राउंड से बिलासपुर के लिए रवाना होंगे। श्री डेका सुबह 10.35 बजे हेलीपैड से पंडित सुंदर लाल शर्मा विश्वविद्यालय के ग्राउंड में पहुंचेंगे। सुबह 10.40 बजे से 10.55 बजे तक अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत पौधारोपण करेंगे। सवेरे 11.00 बजे से लेकर 12.00 बजे तक दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। समारोह के बाद दोपहर 12.00 बजे न्यू सर्किट हाउस पहुंचेंगे। दोपहर 1.30 बजे जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में अधिकारियों की बैठक लेंगे। दोपहर 3.00 बजे पंडित सुन्दर लाल शर्मा मुक्त विश्वविद्यालय के हेलीपैड से रतनपुर के लिए रवाना होंगे। दोपहर 3.15 बजे रतनपुर पहंुचेंगे और महामाया देवी का दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद शाम 4.05 बजे हेलीपैड से पुलिस परेड मैदान रायपुर के लिए रवाना होंगे।दीक्षांत समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में भारत के सर्वाेच्च न्यायालय के न्यायाधीश श्री प्रशांत कुमार मिश्रा शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय अति विशिष्ट अतिथि के रूप में समारोह में शामिल होंगे। समारोह में केन्द्रीय आवास एवं शहरी विकास मंत्री श्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव, राज्य की प्रथम महिला श्रीमती रानी डेका काकोटी अति विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल होंगी। पंचम दीक्षांत समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक सर्वश्री अमर अग्रवाल, धरम लाल कौशिक, धरमजीत सिंह, सुशांत शुक्ला, अटल श्रीवास्तव एवं दिलीप लहरिया शामिल होंगे। file photo
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय 31 अगस्त को बिलासपुर में आयोजित कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सवेरे 9.45 बजे रायपुर पुलिस ग्राउंड हेलीपेड से हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 10.20 बजे बिलासपुर पहुंचेंगे और वहां सवेरे 10.30 बजे अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय के पंचम दीक्षांत समारोह में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री श्री साय दोपहर 2 बजे बिलासपुर के एक निजी होटल में आयोजित जिला उद्योग संघ बिलासपुर के स्वर्ण जयंती समारोह में शामिल होंगे। कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री श्री साय बिलासपुर से अपरान्ह 3.20 बजे हेलीकॉप्टर द्वारा रवाना होकर 3.50 बजे रायपुर लौट आएंगे।
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-मिशन की टीम ने आयुर्वेद कॉलेज अस्पताल में स्वर्णप्राशन का किया अवलोकन, आज पुष्य नक्षत्र पर 1660 बच्चों का कराया गया स्वर्णप्राशन
रायपुर। नई दिल्ली से आई राष्ट्रीय आयुष मिशन की टीम ने रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र में आयोजित होने वाले स्वर्णप्राशन की सराहना की है। टीम के सदस्यों ने आज यहां कराए जा रहे स्वर्णप्राशन का अवलोकन किया और अधिकारियों से जानकारी ली। राष्ट्रीय आयुष मिशन के अंतर्गत बच्चों के व्याधिक्षमत्व, पाचन शक्ति, स्मरण शक्ति, शारीरिक शक्ति वर्धन एवं रोगों से बचाव के लिए आज आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में 1660 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया। राष्ट्रीय आयुष मिशन की टीम ने आयुर्वेद कॉलेज के चिकित्सकों से बच्चों पर इसके प्रभाव का अध्ययन करने को कहा। इस पर स्वर्णप्राशन समन्वयक डॉ. लवकेश चन्द्रवंशी ने उन्हें बताया कि नियमित रूप से स्वर्णप्राशन के लिए आ रहे बच्चों पर इसका सकारात्मक असर पड़ रहा है। उनकी प्रतिरोधक क्षमता बढ़ने के साथ ही अच्छा शारीरिक और मानसिक विकास हो रहा है। महाविद्यालय द्वारा लगातार इस पर अध्ययन किया जा रहा है।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय परिसर में आयुष विभाग की संचालक सुश्री इफ्फत आरा, प्राचार्य प्रो. डॉ. जी.आर. चतुर्वेदी, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. डॉ. प्रवीण कुमार जोशी और कौमारभृत्य विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. नीरज अग्रवाल के निर्देशन में स्वर्णप्राशन कराया गया। स्वर्णप्राशन के साथ ही डॉ. लवकेश चंद्रवंशी ने बच्चों के स्वास्थ्य का परीक्षण भी किया। महाविद्यालय के स्नातकोत्तर एवं स्नातक छात्र-छात्राएं हर महीने इसमें महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय द्वारा इस वर्ष की अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 25 जनवरी को 1235, 21 फरवरी को 1420, 18 मार्च को 1720, 16 अप्रैल को 1410, 13 मई को 1256, 10 जून को 1802, 8 जुलाई को 1342 और 3 अगस्त को 1370 बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया गया था। - -देखो अपना देश अभियान-क्या आपको छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य, समृद्ध सांस्कृतिक धरोहर और ऐतिहासिक स्थलों पर गर्व है ?तो आपके पास मौका है, इसे पूरे देश में पहचान दिलाने का।-आइए, हम सभी इस अभियान में हिस्सा लें और राज्य के पर्यटन गंतव्यों को देश का गौरव बनाएं-वोट करने के लिए गूगल फॉर्म https://forms.gle/ANvrFcQqxg55EkSw7 के माध्यम से छत्तीसगढ़ के उन स्थलों के लिए वोट कर सकते हैं-वोट करने की अंतिम तिथि - 15 सितंबर 2024
- -जन्म प्रमाण-पत्र बनने से परिवार में आई खुशियांरायपुर, / विगत एक बरस से अपने बच्चों के जन्म प्रमाण-पत्र बनाने के लिए विशेष पिछड़ी बैगा जनजाति के परिवारों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा था लेकिन प्रदेश के मुखिया श्री विष्णुदेव साय के सुशासन वाली सरकार के मंशानुरूप कोरिया जिला प्रशासन के विशेष पहल से इन परिवारों को इस परेशानियों से छुटकारा मिल गई है।कोरिया जिला के पोड़ी (बचरा) के तहसीलदार श्री ओपी सिंह ने जानकारी दी कि ग्राम गोविंदपुर निवासी श्री अशोक कुमार की पुत्री नीरज कुमारी, श्री दुलार साय की बेटियां कुमारी संगीता व कविता, श्री बृजलाल के बिटिया सगुन, बुधियारो, श्री जगसाय की बेटी रीना एवं शंकर लाल बैगा के पुत्र प्रशंसा कुमार, बैकुंठपुर विकासखंड के ग्राम आमगांव निवासी श्रीमती चंदा बाई के पुत्र श्री लक्ष्मण यादव के जन्म प्रमाण पत्र बनने में आ रही थी ।उन्होंने कलेक्टरेट कार्यालय में लगने वाले जन चौपाल कार्यक्रम में अपनी परेशानियों का जिक्र कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी के समक्ष किया। जिसका यह असर हुआ कि उन्हें तत्काल जन्म प्रमाणपत्र बनाकर दिया गया। जन्म प्रमाण पत्र बनने से बैगा परिवार में खुशियां देखने को भी मिली है।
- -महतारी वंदन योजना से पहाड़ी कोरवा महिलाओं का बदल रहा जीवनरायपुर /बलरामपुर जिला के ग्राम पंचायत भिलाईखुर्द की निवासी पहाड़ी कोरवा श्रीमती गुलाबी ने महतारी वंदन योजना की सराहना करते हुए कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की दिशा में एक सार्थक पहल है।वो कहती है कि उनके पति खेती व मजदूरी का कार्य करते हैं, उनके चार बच्चे हैं और परिवार के आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण वो अपने बच्चों का सही ढंग से पालन-पोषण तथा शिक्षा में ध्यान नहीं दे पाती थी। पर महतारी वंदन योजना से हर माह मेरे बैंक खाते में 1000 हजार रुपये आ जाते हैं, जिसका उपयोग मैं परिवार की छोटी-बड़ी जरूरतों को पूरा करने में करती हूं। उन्हें विगत 06 माह से योजना के तहत राशि प्राप्त हो रही है। जिसका उपयोग वे अपने एवं अपने परिवार की जरूरतों को पूरा करने, बच्चों के अध्यापन कार्य में करती हैं। उन्होंने इस योजना को जरूरतमंद महिलाओं के लिए मुश्किल समय का सहारा बताया। श्रीमती गुलाबी ने कहा कि हर माह खाते में राशि आने से महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ रहा है कि महिलाएं भी आगे बढ़ सशक्त हो सकती हैं। समाज के निम्न एवं मध्यम वर्ग की महिलाएं अपने जरूरी तथा छोटे-बड़े आवश्यकताओं के लिए परेशान होती थी। परन्तु प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी महतारी वंदन योजना से अब प्रतिमाह 1000 रुपए खाते में जमा हो रहा है, जिससे महिलाएं अपनी जरूरतों को पूरा कर पा रहीं हैं। जिससे वे निर्भीक होकर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर पा रहे हैं।गौरतलब है कि प्रदेश में महिलाओ के आर्थिक स्वावलंबन तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सतत सुधार तथा परिवार मे उनकी निर्णायक भूमिका सुदृढ़ करने हेतु, समाज मे महिलाओं के प्रति भेदभाव, असमानता एवं जागरूकता की कमी को दूर करने, स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर मे सुधार करने तथा आर्थिक स्वावलंबन एवं सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “महतारी वंदन योजना” लागू किए जाने का निर्णय लिया गया। जिसके अंतर्गत राज्य की विवाहित, विधवा परित्यक्ता और तलाकशुदा जिनकी उम्र 21 वर्ष से अधिक हो ऐसी महिलाओ को प्रतिमाह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 10 मार्च 2024 को महतारी वंदन योजना की शुरूआत की गई थी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने बटन दबाकर प्रथम किश्त की राशि जारी की थी।योजना के तहत पहले चरण में करीब 70 लाख से अधिक महिलाओं को लाभार्थी के तौर पर चुना गया है जिनके बैंक खाते में योजना की 6 किश्ते ट्रांसफर कर दी गई हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मार्च से अगस्त तक 06 माह की सहायता राशि 3923 करोड़ 53 लाख रूपए की राशि का भुगतान महिलाओं ने खाते में किया जा चुका है।
- -समुदायों को स्वास्थ्य, शिक्षा एवं पोषण आहार के प्रति किया जा रहा जागरूकरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप बलरामपुर जिले में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों को बेहतर मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने शासन लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत् विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य क्षेत्रों में निवासरत लोगों को विकास की मुख्य धारा से जोड़कर केन्द्र व राज्य शासन की योजनाओं प्रधानमंत्री आवास, आयुष्मान भारत, नलजल, शिक्षा, बिजली, कृषि, सड़क, आधार पंजीयन, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री मातृ वंदन योजना, महतारी वंदन योजना, राशनकार्ड, प्रधानमंत्री जनधन योजना, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना, सुकन्या समृद्धि योजना जैसे अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के उद्देश्य से जिले में कलेक्टर श्री रिमिजियुस एक्का के मार्गदर्शन में चिन्हांकित विकासखण्डों के ग्राम पंचायतों में शिविर का आयोजन किया जा रहा है। शिविर में विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोग शामिल होकर शासन की योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। इसी कड़ी में 28 एवं 29 अगस्त 2024 को जिले के विकासखण्ड बलरामपुर के ग्राम पंचायत पस्ता एवं सीतारामपुर, राजपुर के ग्राम पंचायत जिगड़ी व ककना, शंकरगढ़ के ग्राम पंचायत मनोहरपुर व डीपाडीहखुर्द एवं कुसमी के ग्राम पंचायत पंुदाग एवं भुलसीकलाखुर्द में प्रधानमंत्री जनमन अतंर्गत आईईसी कैंपेन उन्मुखीकरण सह शिविर आयोजित किया गया।शिविर में संबंधित क्षेत्रों के निर्वाचित जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक उपस्थित हो रहे हैं। शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने विशेष पिछड़ी जनजाति समुदाय के लोगों से उनकी समस्याओं के संबंध में सीधा संवाद कर उन्हें केन्द्र एवं राज्य शासन की योजनाओं का लाभ उठाने प्रेरित किया गया। शिविरों में विभिन्न विभागों द्वारा शासन के जनकल्याणकारी एवं विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करने स्टॉल लगाया गया था। साथ ही उपस्थित अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की जानकारी भी दी। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य कैंप का भी आयोजन किया। जिसमें पीव्हीटीजी परिवार के सदस्यों का बीपी, शुगर, सिकल सेल, खून जांच सहित अन्य जांच कर निःशुल्क दवाओं का वितरण किया गया।इस अवसर पर आयोजित शिविरों में जनप्रतिनिधियों द्वारा पीएम जनमन अंतर्गत पीवीटीजी हितग्राहियों को लाभान्वित भी किया गया। जिसमें 235 हितग्राहियों को सिकल सेल जांच, 54 हितग्राहियों को आधार कार्ड, 37 हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड, 08 हितग्राहियों को पीएम किसान सम्मान निधि, 04 किसान क्रेडिट कार्ड, 29 हितग्राहियों को पीएम जनधन योजना, 01 हितग्राही को पेंशन, 01 हितग्राहियों को पीएम सुरक्षा बीमा योजना, 22 हितग्राहियों का राशनकार्ड, 08 हितग्राहियों को पीएम मातृ वंदन योजना, 01 पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना, 17 जाति प्रमाण पत्र जारी किया गया। इस प्रकार पीएम जनमन अन्तर्गत हुए उक्त शिविरों में लगभग 417 पीवीटीजी हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया। इस अवसर पर संबंधित क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, अधिकारी-कर्मचारी व ग्रामीणजन उपस्थित थे।
- -उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई शपथरायपुर / प्रदेश के वाणिज्य, उद्योग एवं श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन कल अपने बालोद प्रवास के दौरान टाउन हॉल बालोद में आयोजित जिला देवांगन समाज बालोद के नव निर्वाचित पदाधिकारियों के शपथ ग्रहण समारोह में शामिल हुए। इस अवसर पर श्री देवांगन ने समाज के लोगों से देवांगन समाज को शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक, राजनैतिक तथा सभी क्षेत्रों में अग्रणी बनाने हेतु सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील भी की। समारोह में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने देवांगन समाज के नव निर्वाचित जिला अध्यक्ष श्री दीपक देवांगन एवं अन्य पदाधिकारियों को शपथ दिलाकर उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि देवांगन समाज एक मेहनतकश समाज है। जिसका छत्तीसगढ़ राज्य व देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान है। इस अवसर पर मंत्री श्री देवांगन ने समाज की अराध्य देवी माता परमेश्वरी से देवांगन समाज के उत्तरोत्तर प्रगति की कामना भी की। इस अवसर पर उन्होंने समाज के लोगों को शिक्षित एवं संगठित होकर समाज के विकास में योगदान देने की अपील की। समारोह में मंत्री श्री देवांगन ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाले छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा समाज के सभी वर्गों के विकास हेतु संचालित किए जा रहे विभिन्न योजनाओं के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होेंने कहा कि आज हमारे प्रदेश का बागडोर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय जैसे अत्यंत संवेदनशील एवं सक्षम व्यक्ति के हाथों मे सुरक्षित है। श्री देवांगन ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय के कुशल नेतृत्व में हमारा छत्तीसगढ़ आज निरंतर प्रगति के सोपानों को तय कर रही है।राष्ट्रीय बाल संरक्षण आयोग के पूर्व सदस्य श्री यशवंत जैन ने जिला देवांगन समाज के सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी। जिला देवांगन समाज के पूर्व अध्यक्ष श्री केदार देवांगन ने भी अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम में श्री पवन साहू, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री राकेश यादव, देवांगन समाज के प्रदेश अध्यक्ष श्री प्रदीप देवांगन सहित अन्य अतिथिगण उपस्थित थे।
- -विद्युत व्यवस्था को दुरूस्थ करते हुए कबीरधाम जिले में निर्बाध बिजली आपूर्ति करने के निर्देश दिए-केंद्र तथा राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा कीरायपुर, / वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम विभाग मंत्री और कबीरधाम जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने आज जिला कार्यालय के सभाकक्ष में केंद्र तथा राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल प्रधानमंत्री जनमन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, जल जीवन मिशन, उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना, उद्यानिकी विभाग, राशन कार्ड की नवनीकरण कार्याे सहित अन्य महत्वाकांक्षी योजनाओं की समीक्षा की। इस दौरान कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने विभागीय योजनाओं के क्रियान्यवन और योजनाओं की प्रगति की जानकारी दी।कैबिनेट मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि कबीरधाम जिले में लगातार विकास कार्य हो रहे हैं। जनप्रतिनिधि और अधिकारी जिले के विकास के लिए अच्छा कार्य कर रहें हैं। उन्होंने कहा कि हमारा मुख्य उद्देश्य शासन की जन कल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर हो और इसका लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। सभी को उत्साह के साथ टीम भावना से कार्य करते हुए सभी क्षेत्रों में कबीरधाम जिले की पहचान बनाना है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों द्वारा अपने क्षेत्रों से संबंधित विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया है। जिले के सभी अधिकारी इन समस्याओं को संज्ञान में लेकर प्राथमिकता के साथ निराकरण करना सुनिश्चित करें। कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि जिले में विद्युत आपूर्ति के संबंध में अधिक शिकायत मिली है। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को विद्युत व्यवस्था को दुरूस्थ करते हुए 24 घंटे आपूर्ति करने के निर्देश दिए।कैबिनेट मंत्री श्री देवांगन ने कहा कि पेयजल, सड़क, विद्युत, स्वास्थ्य, राशन मूलभूत आवश्यकता में शामिल है। यह सभी सुविधाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना चाहिए। इसके लिए सभी अधिकारी को निरंतर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी जिला अधिकारी मैदानी क्षेत्रों में जाकर दौरा करें और वास्तविक वस्तु स्थिति की जानकारी लें। जिससे वहां की कमियों को पहचान कर पूरा किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना की समीक्षा करते हुए अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने और प्रगति लाने के निर्देश दिए। जल जीवन मिशन के तहत जानकारी लेते हुए कहा कि शासन की यह महत्वपूर्ण योजना है जिसका उद्देश्य नल के माध्यम से हर घर जल पहुंचाना है। इस योजना का क्रियान्वयन जमीनी स्तर पर पूर्ण गुणवत्तापूर्ण और समय सीमा के भीतर होना चाहिए। उन्होंने जिले में खेती किसानी के संबंध में वर्षा और खाद उपलब्धता की जानकारी ली।बैठक में कलेक्टर श्री जनमेजय महोबे ने जिले के विभिन्नि विभाग में संचालित योजनाओं के प्रगति के संबंध में विभागवार जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में 2 लाख 83 हजार 704 राशन कार्ड प्रचलित है। जनवरी 2024 से अब तक 5 हजार 829 नवीन राशन कार्ड बनाया गया है। प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के तहत 1 लाख 29 हजार 613 कनेक्शन जारी किया गया है। जिले में 108 धान उर्पाजन केन्द्रों में माध्यम से धान खरीदी की जा रही है। जिले के 43 हजार 419 किसानों को वर्ष 2014-15 के तहत 57 करोड़ 92 लाख 28 हजार रूपए और 42 हजार 944 किसानों को वर्ष 2015-16 के तहत 61 करोड़ 30 लाख 79 हजार रूपए बोनस राशि का भुगतान किया गया है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजनांतर्गत 69 करोड़ 89 लाख रूपए का भुगतान किया गया है।इस दौरान कलेक्टर श्री महोबे ने केंद्र तथा राज्य शासन की प्राथमिकता में शामिल विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों के क्रियान्वयन और उसके प्रगति की जानकारी दी। बैठक में विभाग के अधिकारियों ने भी अपने विभागों के प्रारंभ, अप्रारंभ और प्रगतिरत कार्यों की जानकारी दी।बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती सुशीला रामकुमार भट्ट, पूर्व विधायक श्री अशोक साहू, नगर पालिका अध्यक्ष श्री मनहरण कौशिक, श्री रूपेश जैन, पुलिस अधीक्षक डॉ. अभिषेक पल्लव, जिला पंचायत सीईओं श्री संदीप अग्रवाल, सहित सर्व जनपद अध्यक्ष, सर्व नगर पंचायत के अध्यक्ष सहित जिला अधिकारी उपस्थित थे।
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रायपुर, । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निदेशालय विस्तार सेवाएं के अंतर्गत कार्यरत छत्तीसगढ़ के समस्त कृषि विज्ञान केन्द्रों के परिसर में ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। ज्ञातव्य हो कि यह अभियान कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली द्वारा देश के समस्त भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अन्तर्गत आने वाले संस्थानों में आयोजित करने का लक्ष्य रखा गया था। इस वृहद वृक्षारोपण अभियान का उद्देश्य पर्यावरण में सन्तुलन, ग्लोबल वार्मिंग को कम करना, स्वच्छ वायु, मृदा व जल की गुणवत्ता में सुधार व जैव विविधता में वृद्धि के साथ अगली पीढ़ी के लिये सुरक्षित वातावरण तैयार करना है। इस कार्यक्रम के तहत सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा बड़ी संख्या में पौध रोपण किया गया, जिसमें जामुन, बिही, नीम, आम, नारियल, काजू, पपीता, मुनगा, कटहल, गलमोहर आदि के पौधे रोपित किये गये। इस अवसर सभी कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, वैज्ञानिकगण, कर्मचारीगण तथा परिसर में कार्यरत श्रमिकगण उपस्थित थे। - -पहले हमर खपरा कर घर रहिस, अब पक्का घर बनथे, सूतेक-बैठेक में नी होय दिक्कत-सूरज-मुख्यमंत्री को दिया धन्यवादजशपुरनगर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा जनजातियों को आगे बढ़ाने के लिए सार्थक प्रयास कर रहे हैं। सभी का अपना एक पक्के मकान का सपना होता है और सपना पूरा होते देख मन को बहुत खुशी मिलती है। भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री आवास योजना एवं प्रधानमंत्री जनमन आवास के जरिये लोगों का सपना साकार किया जा रहा। ऐसी ही एक कहानी जशपुर जिले के जनपद पंचायत बगीचा के ग्राम पंचायत भितघरा से है। जहां राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहलाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा सूरज राम का पक्के मकान का सपना पूरा होने जा रहा है।भितघरा निवासी सूरज राम ने बताया कि पहले हमर खपरा कर घर रहिस और सूतेक, बैठेक में दिक्कत भी रहिस। उन्होंने बताया कि बगीचा विकासखण्ड के ग्राम भितघरा का रहने वाला हूं। छः महिने पहले प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची में मेरा नाम आया और अभी तक 03 किश्त की राशि मिला है। सूरज का पक्का मकान बन रहा है। सूरज ने पक्के मकान का सपना पूरा करने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद दिया है।
- रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी से कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन) श्री अशोक कुमार वर्मा को सेवानिवृत्ति पश्चात् भावभीनी विदाई दी गई। इस अवसर पर पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश शुक्ला एवं डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर सहित कार्यपालक निदेशक एवं मुख्य अभियंतागण उपस्थित थे। प्रबंधक निदेशकगणों ने सेवानिवृत्त कार्यपालक निदेशक श्री वर्मा को प्रतीकात्मक भंेट एवं प्रशस्ति पत्र से सम्मानित कर उनके उज्जवल भविष्य की कामना की।इस अवसर पर प्रबंध निदेशकगण श्री शुक्ला एवं श्री कंवर ने अपने उद्बोधन में सेवानिवृत्त ईडी श्री वर्मा के कार्यों की सराहना करते हुए उनके योगदान को कंपनी हित में बहुमूल्य निरूपित किया। उनके द्वारा कंपनी हित में किये गये कार्यों की उन्होंने प्रशंसा की एवं उनकी बेहतर कार्यशैली से पाॅवर कंपनी के लक्ष्य को हासिल करने के लिए साधुवाद दिया एवं सुखद सेवानिवृत्ति के लिए शुभकामनाएं दी। ईडी श्री वर्मा ने सेवायात्रा के दौरान अधिकारी-कर्मचारियों से मिले सहयोग के प्रति आभार व्यक्त किया।इसी प्रकार भार प्रेषण केन्द्र में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम में निज सचिव श्रीमती उमा शर्मा, रायपुर, कनिष्ठ पर्यवेक्षक श्री दिलीप कुमार देवांगन, भिलाई, लाईन परिचारक श्रेणी एक श्री मकरध्वज साहू, कोरबा एवं लाईन परिचारक श्रेणी एक श्री अयोध्या प्रसाद जायसवाल, बिलासपुर को भावभीनी विदाई दी गई। कार्यक्रम का संचालन प्रकाशन अधिकारी श्री गोविंद पटेल एवं सहायक प्रकाशन अधिकारी श्रीमती अनामिका मण्डावी ने किया।
- --2008 से ग्रामीण कर रहे थे मांग-उत्साहित ग्रामीणों ने कैम्प कार्यालय पहुंच कर जताया आभार,जशपुरनगर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की पहल पर राज्य सरकार ने घासीमुंडा गांव को राजस्व ग्राम घोषित कर दिया है। अपनी 16 साल पुरानी मांग पूरी होने से घांसीमुंडा गांव के रहवासी प्रसन्न है। ग्रामीणों ने सीएम कैम्प कार्यालय पहुंच कर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताया। क्षेत्र की बीडीसी सरिता पैंकरा ने बताया कि घांसीमुंडा गांव को राजस्व ग्राम बनाने के लिए स्थानीय रहवासी लंबे समय से संघर्ष कर रहे थे। इसके लिए ग्रामीण एकजुट हो कर सांसद रहने के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से अनुरोध किया था। मुख्यमंत्री साय ने इस दिशा में लगातार प्रयास कर रहे थे। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होनें घासीमुंडा के रहवासियों से किये गए वायदे को निभाते हुए,राजस्व ग्राम घोषित कर दिया है। पूर्व सरपंच विशेष्वरसाय ने बताया कि घांसीमुंडा को राजस्व ग्राम घोषित कर दिये जाने से इस गांव के 2778 ग्रामीणों को लाभ मिलेगा। गांव में पटवारी कार्यालय शुरू हो जाने लोगों को छोटे छोटे काम के लिए दौड़ लगाने से छुटकारा मिल जाएगा। गांव के वृद्व बैजनाथ साय ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय का आभार जताते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की पहल से उनकी बरसों पुरानी मांग पूरी हुई है। इसका लाभ गांव के सभी लोगों को मिलेगा।घांसीमुंडा को राजस्व ग्राम घोषित करने के बाद जिले में राजस्व गांवों की संख्या बढ़ कर 770 हो गई। भू अभिलेख शाखा द्वारा अंतिम प्रकाशन आदेश के अनुसार राजस्व ग्रामों की संख्या फरसाबहार ब्लाक में 101 और जिले में 770 हो गई है। राजस्व ग्राम घोषित इस गांव की जनसंख्या 2718,खसरा नम्बर की संख्या 943 और क्षेत्रफल 1066 हेक्टेयर है।
- -राजस्व मामलों की गहन समीक्षा-पारदर्शिता और शुद्धता के साथ करें गिरदावरीबिलासपुर /न्यायालयीन प्रकरणों के निराकरण में शिथिलता बरतने पर तीन नायब तहसीलदारों को शो-कॉज नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। इनमें बिल्हा तहसील के नायब तहसीलदार श्री लखेश्वर किरण, विनीता शर्मा और पचपेड़ी के नायब तहसीलदार श्री अप्रितम पाण्डेय शामिल है। कलेक्टर श्री अवनीश शरण के निर्देश पर एडीएम श्री आर.ए. कुरूवंशी ने आज यहां जिला कार्यालय के मंथन सभा कक्ष में राजस्व अधिकारियों की बैठक लेकर राजस्व से जुड़े विभिन्न मामलों की गहन समीक्षा की। उन्होंने पूरी पारदर्शिता और शुद्धता के साथ गिरदावरी का कार्य 30 सितम्बर तक करने के निर्देश दिए।बैठक में एडीएम ने राजस्व अधिकारियों को निर्देश दिए कि त्रुटि सुधार के प्रकरणों का जल्द निराकरण करें। विशेषकर 6 माह एवं 1 वर्ष से अधिक के प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाए। स्वामित्व योजना अंतर्गत मिले नक्शों का सत्यापन कर एक सप्ताह में प्रेषित करने कहा गया। उन्होंने कहा कि इस खरीफ वर्ष में डिजीटल क्रॉप सर्वे का काम शुरू किया गया है जिसमें बोदरी तहसील के अंतर्गत सभी हल्कों में यह काम किया जाए। इसके अलावा सभी तहसील के दो-दो गांवों में डिजीटल क्रॉप सर्वे का काम करने के निर्देश दिए गए। भू-अर्जन के निराकृत प्रकरणों में रिकॉर्ड दुरूस्तीकरण का कार्य जल्द करने कहा गया। राजस्व विभाग की विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत वसूली में भी तेजी लाने के सख्त निर्देश दिए गए। इसके अलावा ई-कोर्ट प्रकरण, जाति प्रमाण पत्र, सीमांकन, डायवर्सन, अभिलेख शुद्धता, नजूल भूमि आबंटन, भू-नक्शा अपडेशन आदि की समीक्षा कर विस्तृत निर्देश दिए गए। बैठक में एडीएम श्री शिव कुमार बनर्जी, संयुक्त कलेक्टर श्री मनीष साहू, सभी एसडीएम, तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार मौजूद थे।
- -समय पर दफ्तर आना सुनिश्चित करें कर्मचारी-गुणवत्ता एवं समय-सीमा में हो निर्माण कार्य-लोक सेवा गारण्टी नियमों का पालन करें सभी विभागबिलासपुर /संभागायुक्त श्री महादेव कावरे ने कार्यभार ग्रहण करने के तत्काल बाद संभाग स्तरीय अधिकारियों की परिचयात्मक बैठक ली। उन्होंने कहा कि अधिकारी-कर्मचारी निर्धारित समय पर दफ्तर पहुंचे और समय पर वापस जाएं। हर अधिकारी कर्मचारी की टेबल पर उनकी नाम पट्टिका प्रदर्शित होने चाहिए।श्री कावरे ने कहा कि लोक सेवा गारण्टी अधिनियम के तहत राज्य सरकार द्वारा जनता के कामों के लिए जो समय-सीमा निर्धारित की गई है, अनिवार्य रूप से इसका पालन किया जाये। निर्धारित प्रारूप में इसकी पंजी का संधारण किया जाये। मौसमी बीमारियों एवं खेती किसानी के बारे में भी जानकारी ली। स्वाईन फ्लू के कुछ प्रकरणों की जानकारी मिलने पर सजग रहने के निर्देश दिए। उन्होंने पशुओं में भी महामारी एवं टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली। विभाग द्वारा कुछ समस्या की जानकारी बताये जाने पर दूर करने का भरोसा दिलाया। उन्होंने बैठक में निर्माण एवं विकास कार्यों की भी समीक्षा की। निर्माण कार्यो में गुणवत्ता के साथ समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। बैठक में सभी संभाग स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे। बैठक के पहले अधिकारियों ने गुलदस्ता भेंटकर संभागायुक्त का स्वागत किया।
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दुर्ग, /ग्रामीण युवाओं को कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत मैनेज हैदराबाद द्वारा प्रायोजित, डॉ. एस.एस. टूटेजा, निदेशक विस्तार सेवायें, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर के निर्देशन में व डॉ. दिप्ती झा, नोडल अधिकारी के मार्ग दर्शन में कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ), दुर्ग द्वारा विकासखण्ड पाटन के ग्राम सोनपुर में ’’बीज उत्पादन’’ पर 6 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। कृषि विज्ञान केन्द्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विजय जैन ने बताया कि ग्रामीण युवाओं को उद्यमी एवं व्यवसायिक कौशल प्रदान कर उन्हें रोजगार देने वाले उद्यमी के रूप में तैयार करना इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है। किसान फसल उत्पादन तो करते ही हैं पर उसी कार्य को थोड़ा तकनीकी रूप से परिष्कृत कर ले तो उत्पादित फसल को बीज के रूप में बेच कर व्यवसायिक आय और अधिक लाभ प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के प्रभारी केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. ईश्वरी कुमार साहू ने बताया कि इस प्रशिक्षण में बीज उत्पादन की बारीकियों में ’’हृृष्टपुष्ट बीज’’ कैसे पैदा होगा इसके लिये उन्नत कृषि तकनीकों के प्रशिक्षण के लिये इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर से डॉ. अभिनव साव, डॉ. नीतिश तिवारी, बीज प्रक्रिया केन्द्र के प्रभारी श्री एस.के. बेहरा, बीज प्रशिक्षण प्रभारी श्रीमती रामेश्वरी नेताम, कृषि विभाग की योजनाओं के लिये मुकेश मढरिया वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी सहित केन्द्र के वैज्ञानिक गण डॉ. ललिता रामटेके, डॉ. कमल नारायण वर्मा, डॉ. नीतू स्वर्णकार, डॉ. विनय कुमार नायक भी कृषकों को जैविक बीज उत्पादन, मृदा स्वास्थ की बीज उत्पादन में भूमिका, कृषि यंत्रों का कम आय में अधिक उत्पादन के लिये प्रयोग, सब्जी बीज उत्पादन पर प्रशिक्षण दिये।
- दुर्ग, / पुरानी पेंशन योजना लागू होने पर मृत्यु/आशक्ता के प्रकरणों के निराकरण के संबंध में जिला कोषालय द्वारा आज लोक निर्माण विभाग के सभाकक्ष में जिले के समस्त विभागों के आहरण एवं संवितरण अधिकारियों की एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में जिला कोषालय के अधिकारियों द्वारा विभागों में लंबित ईडब्ल्यूआर के प्रकरणों में शासकीय सेवकों द्वारा ओपीएस का विकल्प चयन करने के उपरान्त पेंशन भुगतान हेतु वित्त निर्देश 10/2023 अनुसार कार्यवाही करने के संबंध में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। कार्यशाला में ईआरएम की आवश्यकता क्यों है, ईआरएम की प्रक्रिया और ईआरएम के संबंधित आवेदनों की कार्यवाही, ईडब्ल्यूआर की आवश्यकता, चालान सत्यापन हेतु महत्वपूर्ण बिन्दुओं के संबंध में विस्तृत दिशा-निर्देश से अवगत कराया गया। पेंशन से संबंधित अधिकारियों की शंकाओं का समाधान भी किया गया। कार्यशाला में जिला कोषालाय अधिकारी श्री राघवेन्द्र सहित समस्त विभाग के आहरण एवं संवितरण अधिकारी उपस्थित थे।
- - कलेक्टर सुश्री चौधरी ने लैब में प्रादर्शों का अवलोकन कर विद्यार्थियों को किया प्रोत्साहित- अटल टिकरिंग लैब के नोडल शिक्षकों का दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजनदुर्ग / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने कहा कि अटल टिकरिंग लैब कक्षा छटवीं से बारहवीं तक विद्यार्थियों के लिए खोज एवं आविष्कार का प्लेटफार्म उपलब्ध कराने के साथ-साथ बच्चों में रचनात्मक और आलोचनात्मक सोच विकसित करता है। उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य शिक्षक प्रशिक्षण प्राप्त कर विद्यार्थियों को इस लैब का अधिकत्तम लाभ दे सकते हैं। कलेक्टर सुश्री चौधरी आज शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैशालीनगर में अटल टिकरिंग लैब के नोडल शिक्षकों का दो दिवसीय कार्यशाला का शुभारंभ समारोह को सम्बोधित करते हुए उक्त विचार व्यक्त किये। उन्होंने आगे कहा कि वर्तमान युग डिजीटल युग हैं, इसमें आने वाले पीढ़ी को कम्प्यूटर कोडिंग की भाषा जानना बहुत आवश्यक है। कलेक्टर ने कहा कि भविष्य में बच्चों को लैब के माध्यम से कोडिंग प्रशिक्षण दिये जाने की योजना है। इस अवसर पर कलेक्टर ने अटल टिकरिंग लैब में विद्यार्थियों के द्वारा तैयार किये गये प्रादर्शों का अवलोकन कर उन्हें प्रोत्साहित किया।उल्लेखनीय है कि कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के पहल पर जिले में पहली बार समस्त शासकीय विद्यालयों में संचालित अटल टिकरिंग लैब के नोडल शिक्षकों का दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय वैशाली नगर में किया जा रहा है। समग्र शिक्षा, जिला प्रशासन एवं यूनिसेफ के तकनीकी सहयोग से जिले के सभी अटल टिकरिंग लैब के सुदृढ़ीकरण एवं बालिकाओं के लिए कोडिंग कार्यक्रम का शुभारंभ जिले में किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में रचनात्मक विचार, समस्या को चिन्हित करने, कम्प्यूटर एवं डिजीटल की ओर समक्ष बनाना है। इस कार्यशाला में जिले के 20 नोडल शिक्षक सम्मिलित हुए है। कार्यशाला में यूनीसेफ की शिक्षा विशेषज्ञ श्रीमती छाया कवंर एवं समन्वयक सुश्री रंजू के द्वारा लेट्स कोड प्रोग्राम फॉर गर्ल्स के पोस्टर का विमोचन किया गया। इस अवसर पर सहायक संचालक श्री अमित घोष एवं समग्र शिक्षा के सहायक जिला परियोजना अधिकारी श्री जे. मनोहरण, विद्यालय की प्राचार्या श्रीमती संगीता बघेल वैशाली नगर की पार्षद, श्रीमती स्मृता दौड़के एवं विधायक प्रतिनिधि श्रीमती नमीता हाण्डा और विद्यालय के शिक्षकगण एवं विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -क्लास में कभी टाॅप नहीं, बल्कि दूसरा स्थान ही किया हासिल: कलेक्टर डाॅ. सिंह-लक्ष्य, दृढ़संकल्प, जज्बा और मेहनत, मूलमंत्र से निश्चित ही मिलेंगे सकारात्मक परिणाम: डाॅ. सिंह-कक्षाओं में प्रथम स्थान हासिल करना सफलता का नहीं है पैमाना, हमेशा कीजिए बेहतर-हर बच्चे में आलौकिक प्रतिभाएं, पालक बच्चों पर न बनाएं दबाव-कलेक्टर , नगर निगम आयुक्त और जिला पंचायत सीईओ ने विद्यार्थियों के अलग-अलग सवालों के दिए जवाबरायपुर । कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने आमापारा स्थित पीएम श्री पंडित आर. डी. तिवारी अंग्रेजी माध्यम उत्कृष्ट विद्यालय में उड़ान कार्यक्रम के तहत शालेय विद्यार्थियों के लिए प्ररेक उद्बोधन एवं संवाद की शुरूआत की। कलेक्टर डाॅ. गौरव सिंह ने विद्यार्थियों को सफलता का मूलमंत्र बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ-साथ लक्ष्य निर्धारत कर कड़ी मेहनत करनी चाहिए। इसके लिए पदचिन्ह तय करने की जरूरत है। हर विद्यार्थियों को अपने लिए पढ़ाई करनी चाहिए। इससे माता-पिता की पहचान बनने के साथ गांव, परिवार का नाम रौशन होता है। उन्होंने अपने पुराने अनुभव साझा करते हुए कहा कि असफलता मिलती तो कभी घबराएं नहीं। कलेक्टर ने कहा कि मैंने कभी कक्षाओं में कभी प्रथम स्थान हासिल नहीं किया, बल्कि द्वितीय स्थान पर ही रहा। शासकीय इंजीनियरिंग काॅलेज से अध्ययन किया और बाद में मास्टर आईआईटी से किया, लेकिन लक्ष्य सोचा था उसके लिए मेहनत की और यूपीएससी पास कर आईएएस बनकर गांव लौटा तो पूरा गांव गौरवान्वित हो उठा।डाॅ. सिंह ने कहा कि कोई भी चीज को पाने के लिए लक्ष्य निर्धारित करने के साथ दृढ़संकल्पित होना जरूरी है। साथ ही जज्बा और कड़ी मेहनत से निश्चित ही सकारात्मक परिणाम आता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों में सीखने, समझने की जिज्ञासा होनी चाहिए। पढ़ाई को बोझ समझने से बेहतर हैं कि खेल की तरह मन लगाकर करें।कलेक्टर डाॅ. सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को कड़ी मेहनत कर कुछ बड़ा कर गुजरने की चाहत होनी चाहिए। जीवन में कठिनाई के दौर भी आते हैं, लेकिन मेहनत ही सफलता दिलाती है। वहीं समय ही खुशियों का पल होता है। कलेक्टर डाॅ. सिंह ने पालकों से भी आग्रह किया कि कोई भी पालक अपने बच्चों उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दबाव न बनाएं। प्रत्येक विद्यार्थियों ने आलौकिक प्रतिभा लेकर जन्म लिया है। उन्होंने कहा कि कक्षा में प्रथम स्थान हासिल करना ही सफलता का पैमाना नहीं हैं, बल्कि कड़ी मेहनत और दृढ़ निश्चित से ही विद्यार्थी सफल होता है।कलेक्टर डाॅ. सिंह ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि यूपीएससी में चयनित अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में सबसे सरल सवाल पूछे जाते हैं। सर्वप्रथम अभ्यर्थियों से बेसिक जानकारी ली जाती है और अभ्यर्थियों के व्यक्तित्व के बारे में सवाल किए जाते हैं। इंटरव्यू के दौरान अनेकों सवाल होते है। हर विद्यार्थियों को अखबार पढ़ने की आदत डालनी चाहिए। इससे देश-विदेश की जानकारी मिलती है। साथ ही उन्होंने कहा कि नीट और जेईई की तैयारी के लिए आॅनलाइन कोचिंग की सुविधा प्रारंभ की गई है। इसका लाभ अधिक से अधिक बच्चे उठा सकते है और अपना भविष्य बेहतर बना सकते है। साथ ही कलेक्टर ने विद्यार्थियों के सवालों के जवाब भी दिए।नगर निगम आयुक्त श्री अबिनाश मिश्रा ने बच्चों को अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि कक्षा 6 वीं से 12 वीं तक हर बच्चों को कड़ी मेहनत करने की आवश्यकता है। क्योंकि इसी दौरान विद्यार्थियों को इतिहास की बेहतर जानकारी मिलती है। यहीं आगे की पढ़ाई में बहुत ही कारगर साबित होती है। जिला पंचायत सीईओ श्री विश्वदीप ने अपने अनुभव को साझा करते हुए कहा कि विद्यार्थियों को यूपीएससी की तैयारी करने से पहले सिलेबस की जानकारी रखें। जब भी पढ़े सिद्दत के साथ पढ़ाई करें और अनुभवी लोगों से जानकारी लें। इस अवसर पर सहायक कलेक्टर सुश्री अनुपमा आनंद, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय खंडेलवाल, समग्र शिक्षा जिला समन्वयक श्री के.एस. पटले समेत स्कूल के शिक्षक, पालकगण व बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
- -ओपन काउंसलिंग हेतु 31 अगस्त से 3 सितम्बर तक आवेदन आमंत्रितरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत संचालित 39 शासकीय एवं निजी कृषि महाविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2024-25 के बी.एस.सी. कृषि (ऑनर्स) स्नातक पाठ्यक्रम में ‘‘नवीन शिक्षा नीति 2020’’ के तहत रिक्त सीटों हेतु काउंसलिंग प्रक्रिया ओपन कर दी गई है। इसके तहत 12वीं उत्तीर्ण निम्न योग्यताधारी अभ्यर्थी भी आवेदन कर सकते हैं - ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने विज्ञान समूह (भौतिक, रसायन एवं गणित या भौतिक, रसायन एवं जीव विज्ञान) अथवा कृषि समूह (कृषि के लिए उपयोगी विज्ञान एवं गणित, फसल उत्पादन एवं उद्यान शास्त्र, पशुपालन एवं कुक्कुट पालन) के साथ 12वीं उत्तीर्ण की हो वे इस आनलाईन काउंसलिंग प्रक्रिया में भाग लेने हेतु योग्य होंगे। पूरक परीक्षा 2024 से 12वीं उत्तीर्ण अभ्यर्थी काउंसलिंग में शामिल होने हेतु योग्य नहीं होंगे। सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 12वीं में 50 प्रतिशत एवं अरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 40 प्रतिशत अंक होना आवश्यक होगा। काउंसलिंग में छत्तीसगढ़ के मूल निवासी एवं अन्य प्रदेशों के मूल निवासी आवेदन कर सकते हैं। छत्तीसगढ़ के मूलन निवासी उपलब्ध न होने पर रिक्त सीटें अन्य प्रदेशों के योग्य अभ्यर्थियों (न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक आवश्यक) से भरी जाएगी।अभ्यर्थियां का काउंसलिंग में भाग लेने हेतु 31 अगस्त से 05 सितम्बर, 2024 रात्रि 11ः30 बजे तक ऑनलाइन पंजीयन एवं दस्तावेज अपलोड करना होगा। 4 सितम्बर, 2024 रात्रि 11ः30 बजे तक असफल फीस ट्रांजेक्शन वाले अभ्यर्थियों को पुनः फीस जमा कर सकते हैं। ऑफलाइन दस्तावेज सत्यापन हेतु कृषि महाविद्यालय, रायपुर में 5 से 7 सितम्बर, 2024 तक प्रातः 09 से सायं 5ः30 बजे तक उपस्थित होना होगा। 09 सितम्बर, 2024 को प्रावीण्य सूची अपलोड की जाएगी। अभ्यर्थियां को सीट आबंटन, आवश्यक होने पर सीट कन्वर्जन एवं फीस जमा करने हेतु कृषि महाविद्यालय, रायपुर में पंजीकृत पी.ए.टी. उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को 16 सितम्बर, 2024 का उपस्थित होना होगा एवं पंजीकृत 12वीं उत्तीर्ण छत्तीसगढ़ प्रदेश के मूल निवासी वाले अभ्यर्थियों को 11 सितम्बर, 2024 को उपस्थित होना होगा। पंजीकृत 12वीं उत्तीर्ण अन्य प्रदेश के अभ्यर्थियों की सूची 12 सितम्बर, 2024 को उपलब्ध होगी। ऑनलाइन आवेदन एवं काउंसिलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in, का अवलोकन कर सकते हैं।
- -राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट के हाथों मिला पुरस्कार-नई दिल्ली के भारत मण्डपम में आयोजित है राष्ट्र स्टार की प्रदर्शनी-कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने दी बधाई और शुभकामनाएंरायपुर / देश की राजधानी नई दिल्ली के भारत मण्डपम में आयोजित राष्ट्र स्टार की प्रदर्शनी एग्रीटेक इनोवेट इंडिया में छत्तीसगढ़ उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी को उत्कृष्ट प्रदर्शनी के लिए प्रथम पुरस्कार प्राप्त हुआ है। कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री राम विचार नेताम ने स्टॉल प्रदर्शनी में प्रथम स्थान प्राप्त करने के लिए बधाई और शुभकामनाएं दी है। उद्यानिकी विभाग के संचालक श्री जगदीशन एस. के मार्गदर्शन में उद्यानिकी एवं वानिकी कृषकों की सफलता की कहानी पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई है।गौरतलब है कि नई दिल्ली में 29 से 31 अगस्त तक आयोजित एग्रीटेक इनोवेट इंडिया प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ शासन के उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी, विभाग द्वारा भी स्टॉल लगाई गई है। इस स्टॉल में उद्यानिकी उत्पाद पुष्प, फल, सब्जी एवं प्रसंस्कृत उत्पादों से सुसज्जित कर प्रगतिशील कृषकों की सफलता की कहानी प्रदर्शित की गई। स्टॉल में सक्ती जिले की मल्लिका किस्म की आम एवं जेरेनियम का बना हुआ रूम फ्रेशनर आदि प्रसंस्कृत उत्पाद प्रदर्शित किया गया, जो मुख्य आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। प्रदर्शनी के दूसरे दिन आज छत्तीसगढ़ उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी के स्टॉल को आगंतुकों एवं जनप्रतिनिधियों सहित प्रबुद्धजनों द्वारा काफी सराहना मिल रही है। स्टॉल में दिल्ली सहित अन्य राज्यों के किसान उत्साह के साथ प्रदर्शनी का अवलोकन कर रहे हैं।
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-शेष जिलों के विद्यार्थियों को 1 प्रतिशत ब्याज दर पर मिलेगा ऋण
-कमजोर आर्थिक स्थिति वाले विद्यार्थियों को मिलेंगे तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के बेहतर अवसर-मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना: 2 लाख से कम वार्षिक आय वाले परिवारों के विद्यार्थी होंगे पात्र-डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के 35 तकनीकी एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रम शामिल-ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा 4 लाख रूपए-कलेक्टरों को अभियान चलाकर अधिक से अधिक छात्रों को योजना का लाभ दिलाने के निर्देशरायपुर /छत्तीसगढ़ के माओवादी आतंक से प्रभावित जिलों में कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चों को तकनीकी एवं व्यावसायिक उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर दिलाने के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इन जिलों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को ’मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना’ के तहत लाभान्वित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने इसके लिए विशेष अभियान चलाने कहा है। मुख्यमंत्री श्री साय ने राज्य के अन्य जिलों के कलेक्टरों को भी कमजोर आर्थिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चों को भी तकनीकी एवं व्यावसायिक उच्च शिक्षा के लिए एक प्रतिशत के ब्याज दर पर दी जा रही ऋण सुविधा का लाभ दिलाने के निर्देश भी दिए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के संचालन के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग को नोडल विभाग बनाया गया है। इस योजना के अंतर्गत डिप्लोमा, स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के 35 तकनीकी एवं अन्य व्यावसायिक पाठ्यक्रमों को शामिल किया गया है। योजना में ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा रूपये 4 लाख निर्धारित है।मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा ऋण ब्याज अनुदान योजना के तहत तकनीकी शिक्षा एवं अन्य व्यावसायिक शिक्षा पाठ्यक्रमों में प्रवेशित ऐसे छात्रों को, जिनके परिवारों की वार्षिक आय 2 लाख से कम है, उनको मोेरेटोरियम अवधि के पश्चात ऋण किश्तों के नियमित भुगतान की स्थिति में केवल एक प्रतिशत की दर से ब्याज देय होगा। शेष ब्याज की राशि का भुगतान राज्य शासन द्वारा सीधे संबंधित बैंक को किया जायेगा।राज्य के माओवादी आतंक प्रभावित जिले बस्तर, बीजापुर, दक्षिण बस्तर दंतेवाड़ा, जशपुर, उत्तर बस्तर कांकेर, कोरिया, नारायणपुर, राजनांदगांव, सरगुजा, धमतरी, महासमुंद, गरियाबंद, बालोद, सुकमा, कोण्डागांव एवं बलरामपुर जिले के छात्रों को ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा।इस योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए निर्धारित शर्ताें में छात्र को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना चाहिए। छत्तीसगढ़ राज्य में स्थापित तथा सक्षम प्राधिकारी (यथा एआईसीटीई, यूजीसी) मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम प्रवेशित हो। अधिकतम पारिवारिक आय रूपये 2 लाख होनी चाहिए, जो कि सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण-पत्र द्वारा प्रमाणित होनी चाहिए।योजना के अंतर्गत ब्याज अनुदान के लिए शिक्षा ऋण की अधिकतम सीमा रूपये 4 लाख है। ब्याज अनुदान का लाभ लेने के लिए नियमित रूप से ऋण किश्तों का भुगतान अनिवार्य है। ड्राप ऑउट एवं निष्कासित छात्र इस योजना के लाभार्थी नहीं बने रहेंगे किन्तु चिकित्सीय कारणों से एक वर्ष की अधिकतम सीमा तक अध्ययन में रूकावट होने की दशा में पात्रता बनी रहेगी।योजना के अंतर्गत बीई/बीटेक, एमई, एम टेक, डी आर्क, एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग, एमसीए, एम.बी.ए, डीई, बी.पी.एड, एमपीएड, पी.जी.डी.सी.ए., बी.एच.एम.एस., बी.ए.एम.एस, बी.एन.वाई.एस, बी.एन.एस., बी.यू.एम.एस, वी.एफ.एस.सी., बी.टेक डेयरी, बी.एग्री, बी.डी.एस, एमडीएस, एमबीबीएस, बीव्हीएससी, बीएससी नर्सिंग बेसिक तथा पोस्ट बेसिक, बी. फार्मा, एम फार्मा, डी फार्मा, डिप्लोमा इन मॉर्डन आफिस मेनेजमेंट, डिप्लोमा इन इंटीरियर डेकोरेशन एण्ड डिजाइन, डिप्लोमा इस कास्टयूम डिजाईन एण्ड ड्रेस मेकिंग, बीएड, डीएड, एमएड, के पाठ्यक्रमों में अध्ययन के लिए योजना का लाभ लिया जा सकता है। अधिक जानकारी के लिए दूरभाष नंबर 0771-2331331 सम्पर्क तथा वेबसाइट cgdteraipur.cgstate.gov.in पर अवलोकन किया जा सकता है। -
भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के जोन 02 वैशाली नगर क्षेत्र अंतर्गत कचरा डपिंग प्वांइट को हटाने की कार्यवाही की गई। वार्ड क्र. 14 सड़क नम्बर 09 सेंट जेवियर स्कूल के सामने कचरा डपिंग प्वांइट बना दिया गया था। जिसकी शिकायत मिल रही थी, अड़ोस पड़ोस के लोग लाकर वहां कचरा डाल रहे थे। जिसे निगम के स्वास्थ्य विभाग की टीम मौके पर स्थल निरीक्षण कर डपिंग प्वांइट को व्यवस्थित किया। स्थल पर चेतावनी बोर्ड लगा दिया गया है।
आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव को शिकायत मिली थी कि जोन 02 वैशाली नगर क्षेत्र में सेंट जेवियर स्कूल के सामने कचरा डपिंग किया जा रहा है, जहां से आने जाने वालो को गंदगी एवं बदबु का सामना करना पड़ता था। छात्र पढ़ाई-लिखाई करते हैं शिकायत के आधार पर आयुक्त ने निगम के स्वास्थ्य अधिकारी को निर्देशित किये। संबंधित स्थल का निरीक्षण कर वहां को व्यवस्थित करवावे, नगर को स्वच्छ सुंदर व्यवस्थित बनाना है। निर्देश उपरांत स्वास्थ्य विभाग का अमला मौके पर पहुंच कर सफाई किया चूने की मार्किंग की गई ।स्थानी लोगों को समझाइस की दोबारा यहां पर कोई कचरा नहीं फेंकेगा फेंकने वालों पर चालानी कार्रवाई की जाएगी।महापौर नीरज पाल ने कहां है कि ऐसी जगह का पर सौंदर्यकरण कर दिया जाएगा इसमें स्थानी निवासियों की सहयोग की आवश्यकता पड़ेगी। हम सब का उद्देश्य है हमारा नगर निगम स्वच्छ सुंदर व्यवस्थित हो । जो सबके सहयोग से ही संभव होगा। कार्यवाही के दौरान स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली , जोन के स्वास्थ्य अधिकारी अनिल मिश्रा सुपरवाइजर अंजनी सिंह अपने दल के साथ उपस्थित रहे। - रायपुर, /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 908.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 30 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1881.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 506.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 916.4 मिमी, बलरामपुर में 1326.5 मिमी, जशपुर में 794.0 मिमी, कोरिया में 930.7 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 929.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 745.1 मिमी, बलौदाबाजार में 945.7 मिमी, गरियाबंद में 875.5 मिमी, महासमुंद में 723.1 मिमी, धमतरी में 785.6 मिमी, बिलासपुर में 844.8 मिमी, मुंगेली में 940.9 मिमी, रायगढ़ में 892.2 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 535.7 मिमी, जांजगीर-चांपा में 997.0 मिमी, सक्ती 856.8 मिमी, कोरबा में 1223.7 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 932.2 मिमी, दुर्ग में 544.2 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 711.0 मिमी, राजनांदगांव में 872.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 981.7 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 645.2 मिमी, बालोद में 910.7 मिमी, बेमेतरा में 499.3 मिमी, बस्तर में 949.9 मिमी, कोण्डागांव में 860.9 मिमी, कांकेर में 1067.6 मिमी, नारायणपुर में 1002.7 मिमी, दंतेवाड़ा में 1137.9 मिमी और सुकमा जिले में 1225.0 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।


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