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- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 820.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से 22 अगस्त 2024 सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1740.2 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 456.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। जबकि प्रदेश की औसत वार्षिक वर्षा 1236 मिलीमीटर है।
- -मांग का 90 प्रतिशत बीज का हो चुका है वितरणरायपुर / प्रदेश के किसानों को चालू खरीफ सीजन में विभिन्न फसलों की बोनी के लिए सरकारी समितियों एवं निजी क्षेत्र के माध्यम से सुगमता के साथ प्रमाणित बीज उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अब तक किसानों को विभिन्न खरीफ फसलों के 8 लाख 83 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज वितरण किए गए हैं, जो कि राज्य में बीज की मांग का 90 प्रतिशत है। गौरतलब है कि राज्य में खरीफ की विभिन्न फसलों के प्रमाणित बीज की कुल मांग 9 लाख 78 हजार क्विंटल है, इसके विरूद्ध 9 लाख 31 हजार क्विंटल प्रमाणित बीज भण्डारण किया जा चुका है। किसानों को अब तक 8.83 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया गया है, जो मांग का 90 प्रतिशत है।
- -अब तक 12 लाख मीट्रिक टन खाद का हो चुका वितरणरायपुर / प्रदेश में चालू खरीफ सीजन के लिए किसानों को विभिन्न प्रकार के रासायनिक उर्वरकों का वितरण जारी है। 21 अगस्त 2024 की स्थिति में किसानों को लगभग 12 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किया जा चुका हैं, जो लक्ष्य का 88 प्रतिशत है। वितरित किए गए उर्वरकों में 5 लाख 81 हजार 342 मीट्रिक टन यूरिया, 2 लाख 62 हजार 207 मीट्रिक टन डीएपी, 1 लाख 51 हजार 259 मीट्रिक टन एनपीके, 50 हजार 431 मीट्रिक टन पोटाश तथा एक लाख 52 हजार 664 मीट्रिक टन सुपर फास्फेट का वितरण शामिल है।चालू खरीफ सीजन के लिए राज्य में सहकारिता एवं निजी क्षेत्र के माध्यमों से किसानों को 13 लाख 68 हजार मीट्रिक टन खाद वितरण का लक्ष्य निर्धारित है, जिसके विरूद्ध अब तक 15.24 लाख मीट्रिक टन का भण्डारण करा लिया गया है। भण्डारण के विरूद्ध लगभग 12 लाख मीट्रिक टन उर्वरक का वितरण किसानों को किया जा चुका है। किसानों को सुगमता पूर्वक खाद का वितरण सोसायटी और निजी विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। किसानों को किसी प्रकार से परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा खाद-बीज वितरण पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
- - अब तक 12 लाख मीट्रिक टन खाद और 8.83 लाख क्विंटल बीज का हो चुका वितरण-लक्ष्य का 95 प्रतिशत बोनी पूर्ण-अब तक 820.3 मि.मी. औसत वर्षा दर्जरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर प्रदेश के किसानों को उनकी मांग के अनुरूप सुगमता के साथ प्रमाणित खाद-बीज का वितरण किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा इन पर निरंतर निगरानी रखी जा रही है। प्रदेश के किसानों को अब तक लगभग 12 लाख मीट्रिक टन खाद जो लक्ष्य का 88 प्रतिशत वितरित हो चुका है। इसी प्रकार किसानों को 8.83 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज का वितरण किया जा चुका है, जो लक्ष्य का 90 प्रतिशत है। कृषि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में मानसून के साथ शुरू हुए खेती-किसानी में बोनी का रकबा भी निरंतर बढ़ते जा रहा है। प्रदेश में मानसून की काफी अच्छी स्थिति है। राज्य में अब तक 46.35 लाख हेक्टेयर क्षेत्र याने 95 प्रतिशत क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी हो चुकी है। राज्य सरकार द्वारा इस खरीफ सीजन में 48.63 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में विभिन्न फसलों की बोनी का लक्ष्य रखा गया है।
- रायपुर । राज्य शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने 166 अधिकारियों और कर्मचारियों की नवीन पदस्थापना के आदेश जारी किए हैं। विभाग द्वारा मंत्रालय से इस संबंध में चार अलग-अलग आदेश जारी किए गए हैं। स्थानांतरित अधिकारियों में मुख्य नगर पालिका अधिकारी से लेकर मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, उप अभियंता, मुख्य स्वच्छता निरीक्षक, वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक, स्वच्छता निरीक्षक, राजस्व निरीक्षक, राजस्व उप निरीक्षक, सहायक राजस्व निरीक्षक, लेखापाल, सहायक ग्रेड-2, कैशियर, सफाई दरोगा, वाहन चालक, पंप अटेंडेंट और सफाई कामगार शामिल हैं।


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कोरबा. जिले में आकाशीय बिजली की चपेट में आने से 20 मवेशियों की मृत्यु हो गई। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जिले में कोरबा विकासखंड के केराकछार गांव में मंगलवार को आकाशीय बिजली की चपेट में आने से नौ गायों, सात बैलों और चार बछड़ों की मृत्यु हो गई। उन्होंने बताया कि मंगलवार को जंगल में जब चरवाहे और मवेशी थे तब दोपहर वहां अचानक तेज बारिश होने लगी एवं इस दौरान वहां आकाशीय बिजली गिरने से इन मवेशियों की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि कुछ ही दूरी पर दो चरवाहे भी मौजूद थे, जो इस घटना में बाल-बाल बच गए। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी तब पुलिस दल को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। बाद में पुलिस दल ने पशु चिकित्सा विभाग को इसकी जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि आज पुलिस और राजस्व विभाग की मौजूदगी में पशु चिकित्सा विभाग ने मृत पशुओं का पोस्टमार्टम किया। मृत पशुओं के मालिकों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
- रायपुर / विशेष पिछड़ी जनजाति पहाड़ी कोरवा से ताल्लुक रखने वाली छतकुंवर की पहचान अब शिक्षिका के रूप में होगी। छत्तीसगढ़ के संवेदनशील मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के निर्देश पर जिला प्रशासन कोरबा द्वारा छतकुंवर को सहायक शिक्षक के रूप में नौकरी दे दी गई है। विशेष पिछड़ी जनजाति की होने के बावजूद छतकुंवर ने पोस्ट ग्रेजुएशन तक शिक्षा हासिल करने के साथ कम्प्यूटर में डिप्लोमा भी की है। छतकुंवर के उच्च शिक्षा हासिल करने के पीछे तत्कालीन कलेक्टर श्री पी. दयानंद की विशेष प्रेरणा रही है।कोरबा में कलेक्टर रहने के दौरान श्री पी. दयानंद एक बार दौरे में कोरबा ब्लॉक के आंछीमार गांव पहुंचे थे। इस दौरान गांव में सबसे ज्यादा पढ़ी-लिखी पहाड़ी कोरवा जनजाति की छात्रा छतकुंवर से मुलाकात हुई थी। कलेक्टर ने छतकुंवर को उच्च शिक्षा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा था कि उसे नौकरी हासिल करने के लिए आगे की पढ़ाई पूरी करनी होगी।पोस्ट ग्रेजुएट छतकुंवर आज सहायक शिक्षिका के रूप में करतला ब्लॉक के शासकीय माध्यमिक शाला नोनबिर्रा में अपने दायित्वों का बखूबी निर्वहन कर रही है। विषम परिस्थिति में एक गरीब परिवार में पली-बढ़ी वह कहती है कि उन्हें खुशी है कि तत्कालीन कलेक्टर श्री पी. दयानंद ने उन्हें पढ़ाई के लिए प्रेरित किया था। उनकी प्रेरणा का ही परिणाम है कि वह पोस्ट ग्रेजुएट तक शिक्षा हासिल कर शिक्षक बन गई हैं।छतकुवंर का कहना है कि पहाड़ी कोरवा समाज अभी भी बहुत पिछड़ा हुआ है। समाज के कुछ लोग ही शिक्षा हासिल कर पाये हैं। उन्हें नौकरी दिए जाने से जो पिछड़े हुए हैं उन्हें भी प्रेरणा मिल रही है। वे लोग भी पढ़ाई करने स्कूल जा रहे हैं। छतकुंवर चाहती है कि अन्य समाज की तरह उनके समाज के सभी लोग शिक्षा से जुड़ पाएं और एक सामान्य जीवनयापन कर सकें। छतकुंवर ने उन्हें और उनके समाज के बेरोजगारों को नौकरी से जोड़ने आर्थिक रूप से सक्षम बनाकर विकास से जोड़ने के लिए शासन-प्रशासन को धन्यवाद दिया और बताया कि नौकरी मिलने के बाद घर की आर्थिक हालात तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा समाज के अनेक घरों में आज भी जीवनयापन सामान्य नहीं है। गरीबी की वजह से ही वे पीछे हैं। उनका कहना है कि उन्होंने शिक्षा से नाता जोड़ लिया, आज इसी का परिणाम है कि जिला प्रशासन ने उन्हें नौकरी देकर बहुत पिछड़े हुए समाज को अन्य समाज के साथ मुख्यधारा में लाने और बेहतर भविष्य बनाने की दिशा में कदम उठाया है।छतकुंवर बताती है कि उनके समाज में युवा ज्यादा पढ़ाई नहीं किये थे, इसलिए आठवीं पास सजातीय युवक से विवाह हो गया। इस बीच उन्हें 12वीं तक पढ़ाने में मदद की। अभी उनके पति की नौकरी भी भृत्य के पद पर लग गई है और परिवार खुश है।
- रायपुर / जनसंपर्क विभाग द्वारा स्थानीय टाउन हॉल में लगाई गई राज्य सरकार की उपलब्धियों एवं स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान वीर क्रांतिकारियों के जीवनवृत्त पर आधारित इस छायाचित्र प्रदर्शनी को विद्यार्थियों, युवाओं सहित सभी वर्ग के लोगों ने सराहा। आज 15 अगस्त से 21 अगस्त लगाई गई इस प्रदर्शनी का समापन हुआ। प्रदर्शनी स्थल पर युवाओं के लिए क्विज प्रतियोगिता भी आयोजित की गई है।राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में आज इस प्रदर्शनी को देखने के लिए प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थी, युवाओं और विभिन्न वर्ग के लोग आए। इस प्रदर्शनी में राज्य सरकार की उपलब्धियों एवं देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को बड़े ही आकर्षक ढंग से प्रदर्शित किया गया था। यह प्रदर्शनी स्कूली विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले प्रतिभागियों के लिए ज्ञानवर्धक रही।प्रतिदिन यहां प्रदर्शनी देखने के लिए आने वाले स्कूली विद्यार्थियों के मध्य क्विज प्रतियोगिता एवं वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें विजयी प्रतिभागियों को तत्काल मिलने वाले पुरस्कार से प्रदर्शनी को लेकर स्कूली विद्यार्थियों और युवाओं में उत्सुकता रही। क्विज प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ के इतिहास, भूगोल, पुरातत्व पर्यटन, संस्कृति, लोक कला, खेती-किसानी सहित अन्य विषय पर आधारित प्रश्न पूछे गए और सही उत्तर देने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया।प्रदर्शनी के अंतिम दिन महाविद्यालयों की छात्राओं ने प्रदर्शनी का आनंद उठाया और प्रदर्शनी की सराहना की। छात्रा सुश्री अनु पाण्डेय और सुश्री सुधा कुर्रे ने प्रदर्शनी के बारे में कहा कि यहां आजादी के लिये किए गए सभी संघर्षों और छत्तीसगढ़ के वीर क्रांतिकारियों के बारे में रोचक जानकारी दी गई है। इसी तरह गोबरा नवापारा निवासी श्री हेमलाल यादव ने बताया कि जनसंपर्क विभाग ने बहुत ही अच्छा आयोजन किया है, इस प्रकार की प्रदर्शनी समय-समय पर लगनी चाहिए जिससे आम नागरिकों में जागरूकता बढ़ेगी।उल्लेखनीय है कि इस प्रदर्शनी का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर किया था। सात दिवसीय छायाचित्र प्रदर्शनी में आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों का योगदान और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उनकी जीवन यात्रा, जंगल सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता आंदोलन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदानों को प्रदर्शित किया गया। इसके अलावा राज्य सरकार द्वारा संचालित की जा रही मुख्य योजनाओं जैसे महतारी वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, रामलला दर्शन योजना, कृषक उन्नति योजना, महिला सशक्तीकरण, पीएम जनमन योजना, मुख्यमंत्री जनदर्शन आदि योजनाओं को प्रमुख रूप से शामिल किया गया। प्रदर्शनी स्थल पर प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म का भी प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शनी में आगंतुको को छत्तीसगढ़ राज्य शासन के लोक कल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विभिन्न पुस्तकों का भी वितरण निःशुल्क किया गया।
- -स्कूल और महाविद्यालय के बच्चों ने प्रदर्शनी की सराहना की-आजादी की 77वीं वर्षगांठ पर जनसंपर्क विभाग द्वारा आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का लोगो ने किया अवलोकनरायपुर / राजधानी रायपुर के कचहरी चौक स्थित टाउन हॉल में जनसंपर्क विभाग द्वारा आजादी की 77 वीं वर्षगांठ पर आयोजित छायाचित्र प्रदर्शनी का आमजन,स्कूल तथा महाविद्यालयीन छात्र के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं ने अवलोकन किया। महेंद्र साहू,सुरेश कुमार दिवान,खेमलाल यादव,सुधा कुर्रे,इंद्राणी कुर्रे ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से आम लोगो के लिए सरकार द्वारा संचालित योजनाओं की जानकारी होने के साथ-साथ छत्तीसगढ़ के महान वीर सपूतों के बारे में भी जानकारी हुई। निजी संस्थान में कार्यरत श्री महावीर कौशिक ने कहा कि प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ से जुड़ी रोचक जानकारी लोगो को आकर्षित कर रही है। छत्तीसगढ़ की संस्कृति के बारे में जानकारी से लोगों को अवगत कराया जा रहा है। इसी तरह रायपुर पी.जी.उमाठे उत्कृष्ट अंग्रेजी स्कूल से आये कुणाल साहू,कान्हा बर्मन,टिकेश्वर साहू,चरण यादव,लक्की नायक आदि बच्चों ने कहा कि प्रदर्शनी में छत्तीसगढ़ के स्वतंत्रता आंदोलनकारियों और शासकीय योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी दी गई है। इस जानकारी से ज्ञान में वृध्दि हुई है।इस प्रदर्शनी में देश के स्वतंत्रता आंदोलन में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले छत्तीसगढ़ के महान क्रांतिकारियों की स्मृतियों को सुसज्जित ढंग से प्रदर्शित किया गया है। प्रदर्शनी में आजादी की लड़ाई में छत्तीसगढ़ के क्रांतिकारियों का योगदान और उनके महत्वपूर्ण दस्तावेज, स्वतंत्रता आन्दोलन के दौरान उनकी जीवन यात्रा, जंगल सत्याग्रह, भारत छोड़ो आन्दोलन एवं स्वतन्त्रता आंदोलन से जुड़ी विभिन्न गतिविधियों में उनके योगदानों को प्रदर्शित किया गया है। प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर आधारित डाक्यूमेंट्री फिल्म का प्रदर्शन भी प्रदर्शनी स्थल पर किया जा रहा हैं।
- -भोरमदेव महोत्सव से पहले वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य पूर्ण कराये-उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा-श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और मंदिर परिसर के विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर की गई चर्चारायपुर ।उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज अपने निवास कार्यालय में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग तथा कबीरधाम जिले से आये गणमान्य नागरिकों एवं पुजारी के साथ भोरमदेव मंदिर के जीर्णोद्धार के संबंध में बैठक ली। बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और मंदिर परिसर के विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई। बैठक में उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा कि बरसात के दिनों में पानी रिसाव की समस्या को तत्काल दूर करे। उन्होंने संस्कृति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि मंदिर के इतिहास से संबंधित वीडियो डॉक्यूमेंटेशन बनाये ताकि श्रद्धालु मंदिर के इतिहास से परिचित हो सके। उन्होंने थ्री डी डिजाइन और लिडार सर्वे करवाने के निर्देश भी दिए। साथ ही भोरमदेव महोत्सव से पहले वर्तमान में चल रहे निर्माण कार्य और ट्रीटमेंट को पूरा करने के निर्देश दिए।बैठक में संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के संचालक श्री विवेक आचार्य, सहायक अभियंता श्री चेतन मनहरे, उप अभियंता श्री दिलीप साहू, कबीरधाम क्षेत्र के श्री आदित्य श्रीवास, अजय चंद्रवंशी, आशीष पाठक, अमित वर्मा, दुर्गेश दुबे एवं खोरु सिंह उपस्थित थे।बैठक में श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं को बढ़ाने और मंदिर परिसर के विकास के विभिन्न प्रस्तावों पर चर्चा की गई।श्रद्धालुओं के लिए शेड का निर्माण, चौकीदार क्वाटर को मंदिर के पास से अन्यत्र शिफ्ट करने तथा मंदिर के पीछे वीआईपी रूम बनाने चर्चा की गई। इसके अलावा मंदिर के पीछे और वीआईपी रूम के बीच की दीवाल को हटाकर ग्रील और गेट लगाने, भैरव मंदिर, चामुंडा माता मंदिर और हनुमान मंदिर आदि के पारंपरिक स्वरूप बरकरार रखने जे निर्देश दिए। इसके अलावा आवश्यकता होने पर वन विभाग के माध्यम से पेड़ों की रखरखाव के भी निर्देश उन्होंने अधिकारियों को दिए ।मंदिर के बाहरी हिस्से के सौंदर्यीकरण के लिए पर्यटन विभाग के अंतर्गत प्रसाद योजना के तहत प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। इसके अंतर्गत रोड का चौड़ीकरण, मेन गेट के बाहर पार्किंग की व्यवस्था, ई-रिक्शा का संचालन, तालाब का सौंदर्यीकरण, बाउंड्रीवाल के चारों ओर शिव कथाओं से संबंधित भित्ति चित्र बनवाने का प्रस्ताव भेजा जाएगा।बैठक में भोरमदेव मंदिर से छेड़की महल-मड़वा महल तक पक्की सड़क के निर्माण करवाने, मंदिर परिसर में सोलर लाइट्स और सीसीटीवी कैमरे लगाने, साथ ही मंदिर परिसर के ड्रेनेज सिस्टम में सुधार और फ्लोरिंग की जगह सेंड स्टोन लगाने के लिये चर्चा की गई।क्योंकि यह क्षेत्र पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आता है इसलिए सभी कार्य पुरातत्व विभाग की अनुमति से ही किए जाएंगे।
- रायपुर / वाणिज्य, उद्योग, श्रम और कोण्डागांव जिले के प्रभारी मंत्री श्री लखनलाल देवांगन 22 अगस्त को एक दिवसीय कोण्डागांव जिले के दौरे पर रहेंगे। वे सुबह 10.30 बजे कार द्वारा रायपुर से कोण्डागांव जिले के लिए प्रस्थान करेंगे। दोपहर 2.30 बजे कोण्डागांव जिले के कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों के साथ चर्चा करेंगे, तत्पश्चात् श्री देवांगन दोपहर 03.10 बजे कलेक्टर सभागृह में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक लेंगे। इसके बाद शाम 4.30 बजे कोण्डागांव से रायपुर के लिए रवाना होंगे।
- - रायपुर में स्थापित हुआ विद्या समीक्षा केंद्ररायपुर / छत्तीसगढ़ के स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के प्रदर्शन पर नजर रखने के लिए राजधानी रायपुर में विद्या समीक्षा केंद्र स्थापित किया गया है। स्कूली शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने की दिशा में राज्य में एक और बड़ी पहल की गई है, जिसमें स्कूलों के साथ उनमें पढ़ने वाले प्रत्येक बच्चे के प्रदर्शन पर भी अब सीधी नजर रखी जाएगी। सॉफ्टवेयर एवं मोबाइल एप्प का विकास तथा कॉल सेंटर के माध्यम से मॉनिटरिंग आई.आई.टी. भिलाई के सहयोग से किया जा रहा है।स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं की ऑनलाईन मॉनिटरिंग एवं आंकड़ों के विश्लेषण करने के लिए रायपुर स्थित पेंशन बाड़ा में विद्या समीक्षा केन्द्र की स्थापना की गई है। इस केन्द्र के माध्यम से शासन की योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू एवं मॉनिटरिंग करने में आसानी होगी। स्कूल और उनमें पढ़ने वाले एक-एक बच्चों के प्रदर्शन का रीयल टाइम ब्यौरा मुहैया कराएगा।विद्या समीक्षा केंद्र की स्थापना से शासन की विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं से संबंधित जानकारी एवं सुविधाओं को विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों तक आसानी से उपलब्ध हो सकेगी। शालाओं में मूलभूत संरचनाओं की उपलब्धता, मरम्मत, उपयोगिता आदि की सतत् मॉनिटरिंग की जायेगी ताकि विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए उचित एवं पर्याप्त संसाधन उपलब्ध हो सके तथा बेहतर शिक्षा प्रदान की जा सके। इसके द्वारा शिक्षकों की पदस्थापना से सबंधित जानकारियों की भी मॉनिटरिंग की जा रही है।विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत शिक्षकों का विवरण, यूडाइस डाटा, मध्यान्ह भोजन, शिक्षक प्रशिक्षण से सबंधित मॉनिटरिंग, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की दैनिक उपस्थिति, अधिकारियों के द्वारा शालाओं का निरीक्षण, विद्यार्थियों का मूल्यांकन आदि तथा केन्द्र सरकार से सबद्ध शैक्षिक योजनाओं की नियमित आनलाइन मानिटरिंग की जायेगी। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु साफ्टवेयर एवं एप्प भी तैयार किया जा रहे हैं। योजनाओं की मॉनिटरिंग हेतु काल सेंटर स्थापित किया गया है। विद्यार्थियों, पालकों एवं शिक्षकों की शैक्षिक गतिविधियों से संबंधित समस्याओं का समाधान करने के लिये एक टोल-फ्री नम्बर भी जारी किया जायेगा।स्कूल में मूलभूत सुविधाएँ जैसे शाला भवन, शौचालय, विद्युत् व्यवस्था आदि उपलब्ध है अथवा नहीं है, के सबंध में एआई आधारित माड्यूल के उपयोग से जानकारी प्राप्त की जा रही है। प्राप्त जानकारियों की सूची के साथ की सहायता से स्कूलों का चिन्हांकन भी किया जा रहा है।एआई के उपयोग से ही बच्चों को दी जाने वाली मध्यान्ह भोजन की जानकारी प्राप्त की जा रही है। एआई के माध्यम से ही मध्यान्ह भोजन के अंतर्गत बच्चों को परोसी जानी वाली सामग्रियों की गुणवत्ता का विश्लेषण किया जायेगा जिससे बच्चों को पर्याप्त मात्रा में भोजन मिल रहा है कि नहीं इसकी जानकारी भी प्राप्त हो सकेगी। एआई (Artificial Intelligence) के उपयोग से शिक्षकों के डाटा के विश्लेषण की सुविधा भी विद्या समीक्षा केन्द्र के अंतर्गत तैयार की गई है। विषयवार शिक्षकों की जानकारी, अतिशेष शिक्षकों की जानकारी, एकल शिक्षकों की जानकारी भी प्राप्त की जा सकेगी। भविष्य में एआई के उपयोग से विद्यार्थियों के अकादमिक आंकलन/मूल्यांकन का विश्लेषण किया जायेगा जिससे कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष फोकस किया जा सकेगा। शाला में उपलब्ध सुविधाएँ, शिक्षकों की जानकारी तथा विद्यार्थियों के अकादमिक गतिविधियों के आंकड़े के आधार पर एआई आधारित विश्लेषण किया जायेगा। प्राप्त जानकारी एवं विभिन्न पैरामीटर के आधार पर शालाओं की रैंकिंग की जाएगी।ज्ञातव्य है कि एन.सी.ई.आर.टी. के द्वारा 12-13 अगस्त 2024 को नई दिल्ली में विद्या समीक्षा केंद्र के सम्बन्ध में कार्यशाला का आयोजन किया था जिसमें छत्तीसगढ़ सहित अन्य राज्यों के नोडल आफिसर शामिल हुये थे। उक्त कार्यशाला में विद्या समीक्षा केंद्र छत्तीसगढ़ द्वारा विकसित एआई-मॉड्यूल की जीवंत प्रस्तुतीकरण किया गया जिसकी भारत शासन, शिक्षा मंत्रालय द्वारा सराहना की गई। छत्तीसगढ़ के एआई-मॉड्यूल को राष्ट्रीय स्तर पर विशेष कार्य करने तथा अन्य राज्यों के साथ साझा करने के सम्बन्ध में भारत शासन से ई-मेल प्राप्त हुआ है। शीघ्र ही एआई-मॉड्यूल को विकसित रूप भारत शासन, शिक्षा मंत्रालय के अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा।
- रायपुर / छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल के गठन से आज दिनांक तक ऐसे पंजीकृत श्रमिक जिनके पंजीयन की वैधता समाप्त हुए 01 वर्ष या उससे अधिक का समय हो चुका है तथा उनके द्वारा पंजीयन नवकरण हेतु आज दिनांक तक आवेदन प्रस्तुत नहीं किया गया है, ऐसे निर्माण श्रमिकों को 31 दिसंबर 2024 तक पंजीयन/नवकरण आवेदन कर सकते हैं तथा दिनांक 31 दिसंबर 2024 के पश्चात ऐसे अनवीनीकृत पंजीयन को अपंजीकृत माना जाएगा। अधिक जानकारी हेतु मुख्यमंत्री श्रमिक सहायता केंद्र 0771-3505050 में संपर्क कर सकते है।
- -दिव्यांग अशोक को ट्राई सायकल और अर्जुन को मिला श्रवण यंत्ररायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के गृह ग्राम बगिया में संचालित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के माध्यम से पीड़ितों एवं जरूरतमंदों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो रहा है। आज मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय पहुंचे श्रवणबाधित श्री अर्जुन राम यादव को श्रवण यंत्र और दिव्यांग श्री अशोक दुबे को ट्राई सायकल प्रदान किया गया है। दोनों ने अपनी समस्या का तत्काल समाधान होने पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें धन्यवाद दिया है।गौरतलब है कि श्री विष्णु देव साय की पहल पर उनके गृह ग्राम बगिया में आम लोगों की समस्याओं के सामाधान के लिए मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थापित किया गया है। अंचल के लोग बड़ी उम्मीद के साथ यहां पहुंच रहे हैं। कैंप कार्यालय में लोगों की समस्याओं को न केवल गंभीरतापूर्वक सुना जाता है, बल्कि उसका त्वरित समाधान भी किया जाता है।जशपुर जिले के ग्राम फरसाबहार, बरटोली निवासी 60 वर्षीय श्री अर्जुन राम यादव पिछले 40 सालों से दोनों कानों से सुनाई नहीं देने की समस्या से पीड़ित थे। इससे उन्हें अपने दैनिक जीवन में काफी परेशानी होती थी। अपनी इस समस्या को लेकर वे मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय बगिया पहुंचे। कैंप कार्यालय में उनकी समस्या को तत्काल संज्ञान लेते हुए श्रवण यंत्र प्रदान किया गया। श्रवण यंत्र मिलने से वे काफी प्रसन्न हैं उन्हें अब लोगों की बातें सुनाई देने लगी है।इसी तरह कुनकुरी निवासी 62 वर्षीय दिव्यांग श्री अशोक दुबे चलने-फिरने में असमर्थ थे। ट्राई सायकल की मांग को लेकर उन्होंने मुख्यमंत्री कैंप में आवेदन किया। कैंप कार्यालय द्वारा उन्हें ट्राई सायकल दे दी गई है। श्री दुबे ने ट्राई सायकल मिलने पर प्रसन्नता जताई और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद दिया।
- -नव-पदोन्नत और नव-नियुक्त न्यायाधीशों के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभरायपुर / छत्तीसगढ़ राज्य न्यायिक अकादमी द्वारा 21 अगस्त 2024 को नव-पदोन्नत जिला जज (प्रवेश स्तर) के ओरिएंटेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम और नव-नियुक्त सिविल जज वर्ग- दो (प्रवेश स्तर) के इंडक्शन ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन समारोह सफलता पूर्वक आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नव-नियुक्त और नव-पदोन्नत न्यायिक अधिकारियों को उनकी भूमिकाओं के लिए आवश्यक कौशल, ज्ञान और नैतिक आधार प्रदान करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच प्रदान करता है।उद्घाटन सत्र का प्रारंभ राष्ट्रगान और मुख्य अतिथि उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के मुख्य न्यायाधिपति न्यायमूर्ति श्री रमेश सिन्हा द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर की गई। अपने संबोधन में मुख्य न्यायाधीश ने न्यायाधीशों की भूमिका की महत्वपूर्णता पर जोर दिया, जो विधि का शासन बनाए रखने तथा सभी नागरिकों को न्याय प्राप्त हो सुनिश्चित करने के संबंध में निभाई जाती है। उन्होंने नव-पदोन्नत जिला जजों और नव-नियुक्त सिविल जजों को उनकी नवीन भूमिकाओं के लिए बधाई दी तथा न्यायपालिका में उनके पद के महत्व पर प्रकाश डाला। मुख्य न्यायाधिपति श्री सिन्हा ने यह भी बताया कि प्रशिक्षण कार्यक्रम इस प्रकार तैयार किया गया है जिससे न्यायाधीशों को कानूनों को व्यावहारिक रूप से लागू करने के लिए आवश्यक कौशल और ज्ञान प्राप्त हो। उन्होंने ईमानदारी और निष्ठा को न्यायाधीशों के महत्वपूर्ण गुणों के रूप में बताया, जिसे किसी के द्वारा सिखाया नहीं जा सकता बल्कि वह व्यक्तित्व में समाहित होता है। न्यायाधीश की कार्यशैली पारदर्शी और निष्पक्ष होनी चाहिए और ये गुण उनके आदेश और निर्णयों में भी परिलक्षित होने चाहिए। महिलाओं की न्यायपालिका में बढ़ती भागीदारी को देखते हुए मुख्य न्यायाधिपति ने विशेष रूप से महिला न्यायिक अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने व्यक्त किया कि न्यायपालिका में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी एक सकारात्मक और प्रगतिशील न्यायपालिका का सूचक है। यह तथ्य न्यायपालिका की समावेशिता, विविधता और लैंगिक समानता के प्रति प्रतिबद्धता को भी दर्शाता है। मुख्य न्यायाधिपति ने प्रतिभागियों को तकनीकी दक्षता हासिल करने और कानून के लगातार बदलते पहलुओं के साथ चलने के लिए निरंतर शिक्षा की आवश्यकता पर भी जोर दिया।स्वागत और प्रारंभिक संबोधन में न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल ने न्यायाधीशों की नवीन भूमिकाओं के साथ जुड़े दायित्वों की गंभीरता पर बल दिया। उन्होंने नव-पदोन्नत और नव-नियुक्त न्यायाधीशों से हमेशा निष्पक्षता, ईमानदारी तथा सहानुभूति के साथ कर्तव्य निर्वहन करने पर जोर दिया। उनके द्वारा न्यायाधीशगण से यह भी अपेक्षा की गई कि वे निरंतर शिक्षा के मूल्यों को बनाये रखें। न्यायमूर्ति श्री संजय के. अग्रवाल ने न्यायिक आचरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया और न्यायाधीशों को न्याय के सिद्धांतों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को अडिग बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। इस कार्यक्रम में उच्च न्यायालय छत्तीसगढ़ के न्यायमूर्ति श्री सचिन सिंह राजपूत, न्यायाधीश, न्यायमूर्ति श्री अरविंद कुमार वर्मा, न्यायाधीश उपस्थित थे। कार्यक्रम में सीएसजेए के निदेशक श्री सिराजुद्दीन कुरैशी द्वारा धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
- -मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने ई-आफिस प्रणाली, स्वागतम पोर्टल और मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाईन पोर्टल का किया शुभारंभ-मुख्यमंत्री ने ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के संबंध में मुख्य सचिव को निर्देश देने संबंधी फाइल का अनुमोदन कर ई-ऑफिस प्रणाली का किया शुभारंभ-शासकीय कामकाज को पारदर्शी बनाने और व्यवस्थित करने ई-आफिस प्रणाली की शुरुआत-मंत्रालय में आमजनों के सुगम प्रवेश के लिए स्वागतम पोर्टल का शुभारंभरायपुर / छत्तीसगढ़ में ई-गवर्नेंस को बढ़ावा देने और शासकीय काम-काज में पारदर्शिता लाने के लिए सभी क्षेत्रों में आईटी का व्यापक पैमाने पर इस्तेमाल शुरू हो गया है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज तीन पोर्टलों ई-ऑफिस प्रणाली, मुख्यमंत्री कार्यालय ऑनलाइन पोर्टल और स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ किया। इस पहल से सुशासन के साथ शासकीय कामकाज में दक्षता और पारदर्शिता बढ़ेगी।मुख्यमंत्री की मंशा के अनुसार सरकारी काम-काज में अधिक से अधिक पारदर्शिता लाने के लिए अधिकाधिक क्षेत्रों में आईटी का उपयोग किया जा रहा है, ताकि भष्ट्राचार की गुंजाईश न रहे। मुख्यमंत्री श्री साय के निर्देश पर ये तीनों ऑनलाईन पोर्टल तैयार किए गए हैं, जिसका शुभारंभ आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में बटन दबाकर मुख्यमंत्री ने किया। इस दौरान मुख्यमंत्री श्री साय ने मुख्य सचिव को सभी विभागों में ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के निर्देश देने संबंधी फाइल का डिजिटल अनुमोदन कर ई-ऑफिस प्रणाली का शुभारंभ किया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने इस अवसर पर कहा कि सुशासन के संकल्प को पूरा करने की दिशा में ई-आफिस प्रणाली और स्वागतम पोर्टल का शुभारंभ राज्य सरकार का एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस और सरकारी काम में पारदर्शिता के उद्देश्य से सभी विभागों में आईटी के उपयोग को बढ़ावा दे रही है। डिजिटल गवर्नेंस को हर स्तर पर ले जाने के लिए हम काम कर रहे है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए आज का दिन ऐतिहासिक है। आज हम लोगों ने सरकारी कामकाज में अधिक पारदर्शिता और आमजन की सुविधा के लिए एक साथ तीन-तीन ऑनलाइन प्रणाली का शुभारंभ किया है। तीनों पोर्टल का शुभारंभ प्रदेश में सुशासन स्थापित करने में मील का पत्थर साबित होगा। ई-ऑफिस प्रणाली से फाइलों के निराकरण में अनावश्यक देरी नहीं होगी। गलती की गुंजाइश कम होगी। फाइल किस स्तर पर है, इसकी ट्रेकिंग हो सकेगी।इसी तरह मंत्रालय में मुख्यमंत्री, मंत्रीगणों और अधिकारियों से मिलने जो आंगतुक आते है, उनकी सुविधा के लिए स्वागतम पोर्टल भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री श्री साय ने सीएमओ पोर्टल के शुभारंभ की जानकारी देते हुए बताया कि इसके माध्यम से सरकार की योजनाओं, कार्यक्रमों, जनहितैषी फैसलों और काम-काज की जानकारी आम लोगों को मिलेगी।गौरतलब है कि ई-ऑफिस प्रणाली शुरुआती चरण में सामान्य प्रशासन विभाग में लागू किया गया है, जिसे क्रमशः सभी विभागों में लागू किया जाएगा। ई-आफिस प्रणाली में आफिस के दस्तावेज डिजिटल किये जाएंगे। दस्तावेज को एक आफिस से दूसरे आफिस भेजे जाने पर काफी समय लगता था, यह समय अब बच जाएगा। इसके साथ ही दस्तावेज में हेरफेर किये जाने की गुंजाईश समाप्त हो जाएगी। दस्तावेजों के खोने या गायब होने की दिक्कत नहीं रहेगी। डिजिटल माध्यम में दस्तावेज अधिक सुरक्षित रहेंगे। उन्होंने कहा कि अब तय समय-सीमा पर फाइलों का निराकरण हो सकेगा। इससे अधिकारियों के कामकाज की मॉनिटरिंग भी आसान हो सकेगी। ई-आफिस सिस्टम आने से आम जनता के लिए भी अपने आवेदनों के निराकरण की स्थिति जानने में आसानी होगी।इसी प्रकार मंत्रालय में प्रवेश हेतु स्वागतम पोर्टल के माध्यम से आगंतुकों के प्रवेश की व्यवस्था आसान हो जाएगी। आगंतुकों से संबंधित विवरणों के संधारित हो जाने से मंत्रालय परिसर की सुरक्षा सुदृढ़ होगी। इसके साथ ही सीएमओ पोर्टल का भी आज शुभारंभ किया गया। सीएमओ पोर्टल के माध्यम से शासकीय योजनाओं की जानकारी एक क्लिक पर लोगों को मिल सकेगी। इस पोर्टल के माध्यम से छत्तीसगढ़ के कला संस्कृति इतिहास और अन्य विशेषताओं के बारे में लोग जान पाएंगे। छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों और उससे संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां इस पोर्टल पर उपलब्ध होगी।इस अवसर पर उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल, विधायक श्री मोतीलाल साहू, श्री गजेंद्र यादव, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी दयानंद, श्री बसवराजू एस, सुशासन एवं अभिसरण विभाग के सचिव श्री राहुल भगत, सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव श्री मुकेश बंसल, श्री अन्बलगन पी. सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / भारतीय थल सेना में अग्निवीर भर्ती हेतु माह अप्रैल 2024 में आयोजित लिखित परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों के लिए निःशुल्क शारीरिक दक्षता प्रशिक्षण आज से प्रारम्भ हो गई है।उपसंचालक 'रोजगार' श्री राजकुमार कुर्रे से प्राप्त जानकारी अनुसार विकासखण्ड दुर्ग में 43, पाटन-13, धमधा-08 आवेदक प्रशिक्षण के पहले दिन उपस्थित हुए। रविशंकर स्टेडियम दुर्ग में एन.आई.एस. कोच श्री विनोद नायर, पी.टी.आई. श्री बालकदास डाहरे, पाटन में ललित साहू, भवानी शंकर तथा धमधा में दुष्यंत महोबिया, शिवकुमार रजक द्वारा युवाओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ऐसे अभ्यर्थी जिन्होंने लिखित परीक्षा पास कर ली है , वे प्रशिक्षण के लिए अपने विकासखण्ड मुख्यालय स्थान- रविशंकर स्टेडियम दुर्ग, कॉलेज मैदान सिरनाभाठा धमधा, खेल मैदान रेस्ट हाउस के पीछे पाटन में प्रातः 06 बजे उपस्थित हो सकते है। इच्छुक अभ्यर्थी को लिखित परीक्षा हेतु जारी प्रवेश पत्र, परिचय पत्र (आधार कार्ड / ड्राइविंग लाइसेंस) की छायाप्रति तथा 1 पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ प्रशिक्षक के पास जमा करना होगा।
- रायपुर । नगर पालिक निगम रायपुर के आयुक्त श्री अबिनाष मिश्रा के आदेषानुसार नगर पालिक निगम रायपुर मुख्यालय भवन महात्मा गांधी सदन और सभी 10 जोनो के कार्यालयों में निगम के अधिकारी एवं कर्मचारीगण प्रतिदिन कार्य दिवसों में कार्य का प्रारंभ निगम कार्यालयों में सामूहिक राष्ट्रगान जन-गण-मन करने के साथ कर रहे है।प्रतिदिन की भांति आज भी नगर निगम मुख्यालय भवन में निगम उपायुक्त सामान्य प्रषासन विभाग श्रीमती कृष्णा खटीक की उपस्थिति में सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महात्मा गांधी सदन में दिन के कार्य का प्रारंभ सामूहिक राष्ट्रगान करके किया। विगत दिनों से यह क्रम निरंतर कार्य दिवसों मंे जारी है एवं इसके पीछे उद्देष्य नगर निगम के सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों मंे राष्ट्रभक्ति की भावना की सकारात्मक उर्जाओं का संचार करना है, जो नगर निगम में प्रषासनिक तौर पर दिये जाने वाले कार्य के लक्ष्यों की पूर्ति में सहायक हो एवं आमजनों के कार्य निरंतर व्यवस्थित तौर पर सुचारू रूप से संचालित हो ।
- भिलाईनगर। आगशगंगा थोक पदाधिकारियो, विक्रेताओ, व्यापारियो एवं आम नागरिको के अनुरोध पर सुपेला आकाश गंगा सब्जी मंडी में कचरा संग्रहण हेतु ट्राली रखा गया। लोगो की शिकायत थी, खुले में कचरा रखने से जानवर इधर-उधर बिखेर देते है, बदबू फैलता है। सब के सुझाव पर ही रोज का रोज सब्जी का कचरा दो टाइम उठे इसी लिए स्पेशल बड़ा ट्राली बनवाकर रखा गया। जिसे ट्रेक्टर खीच कर संग्रहण स्थल तक ले जायेगा। जिस पर व्यापारी अपने दुकान का कचरा ट्राली में डाल सके। दोपहर को दुकान-दुकान से कचरा भी संग्रहण हो रहा है, व्यापारियो के पदाधिकारियो ने सहमति भी दी हम कचरा बाहर नहीं फेकेगे।उसी का निरीक्षण करने सुबह जोन आयुक्त येशा लहरे अपने दल के साथ निरीक्षण करने पहुंची। अपने आदत से मजबूर थोक विक्रेताओ द्वारा सड़क पर गंदगी डाली जा रही थी। कचरा भी ट्राली में न फेककर खुले में डाला जा रहा था। सड़क के उपर बीच में दुकाने लगाकर रास्ता जाम करके सब्जी का व्यवसाय भी किया जा रहा था। जिसे जाकर नगर निगम की टीम ने बंद कराया।छोटे व्यापारियो के साथ-साथ बड़े व्यापारी, पदाधिकारी, जिन्होने अपनी सहमति दी थी, कि हम रोड में कचरा नहीं फेकेगे, वो स्वयं कचरा फेकते हुए पाये गये। चालानी कार्यवाही करने के दौरान व्यापारिक संगठनो द्वारा एक अवसर और प्रदान करने की मांग की गई। उसी के आधार पर आज चालानी कार्यवाही नहीं की गई। आज आखरी चेतावनी था, कल से जो भी सब्जी व्यपारी रोड पर कचरा फेकेगा या रोड पर फैलाकर व्यापार करते हुए पाया जायेगा। उसके उपर अर्थदण्ड की कार्यवाही के साथ-साथ थाने में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जायेगी। आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने सभी व्यापारियो से अपील की है कि स्वच्छता में सब सहयोग करे। जब निगम व्यापारियो के मांग के अनुसार सुविधा प्रदान कर रही है, तो व्यापारी भी इसमें अपना सहयोग देे।कार्यवाही के दौरान जोन के स्वच्छता निरीक्षक कमलेश द्विवेदी, स्वास्थ्य एवं राजस्व विभाग का अमला मौजूद था।
- भिलाईनगर। निगम भिलाई आयुक्त के निर्देश पर अपर आयुक्त अशोक द्विवेदी ने निगम सभागार में अधिकारियों की समीक्षा बैठक बुलाई। बैठक में शहर के नागरिको की मांग एवं शिकायत के निराकरण के विषयों पर प्रमुखता से चर्चा की गई। जिससे नागरिको की समस्याओ का शीध्र निराकरण किया जा सके।अपर आयुक्त ने सभी अधिकारियो को निर्देशित किये है, कि कलेक्टर जनदर्शन, कलेक्टर जन शिकायत, कलेक्टर जनचैपाल, मुख्यमंत्री जनदर्शन, साारर्थी एप में प्राप्त मांग एवं शिकायत का निराकरण करने के निर्देश दिये है। 05 अगस्त से पहले जो भी मांग एवं शिकायत प्राप्त हुए है, उसको तत्काल निराकरण करने कहा गया है। नागरिको की सुविधा के लिए पानी, बिजली, सफाई एवं राशन कार्ड आदि का जनसमस्या निवारण शिविर लगाया गया था। इसमें भी नागरिको द्वारा मांग एवं शिकायत की गई है, जिसका निराकरण भी शीध्र करने के निर्देश दिये है। इसी प्रकार जी.व्ही.पी. के तहत रेड स्पाॅट, येलो स्पाॅट का निरीक्षण कर व्यवस्था को सुदृड़ बनाते हुए निराकरण करने को कहा गया है।नगर निगम भिलाई अंतर्गत तैयाहारी सिजन को ध्यान में रखते हुए रोड के किनारे सामग्री बेचने वालो पर कार्यवाही करते हुए सामग्री को हटाने को कहा गया है। मौसमी बिमारी जैसे- पीलिया, डायरिया, डेंगू लगातार सर्वे कर उचित निर्णय लिये जाने को कहा गया है। जहां भी बिमारी प्रभावित क्षेत्र है वहां के पानी सेंपल लेकर जाॅच कराने के निर्देश दिये है। रोका छेका अभियान द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग पर आवारा बैठे एवं घूम रहे मवेशी को पकड़ने तथा मवेशी मालिको पर अर्थदण्ड की कार्यवाही करने को कहा गया है। इसी कड़ी में ओबीसी सर्वे के लिए बीएलओ के साथ आॅपरेटरो की डयूटी लगाकर कार्य कराये जाने के निर्देश दिये है। बैठक में उपायुक्त, सर्व जोन आयुक्त, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता, सहायक अभियंता, राजस्व अधिकारी, स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक राजस्व अधिकारी, उद्यान अधिकारी आदि उपस्थित रहें ।
- बिलासपुर, /संभागायुक्त श्री नीलम नामदेव एक्का ने बेलपान (तखतपुर) रीपा का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां अलग-अलग उद्यम एवं सेवा केन्द्र संचालित कर रहे उद्यमियों और महिला समूहों की इकाईयों का अवलोकन कर उनका मनोबल बढ़ाया। संचालित गतिविधियों की जानकारी लेकर इन्हें और ज्यादा लाभकारी बनाने के लिए कुछ उपयोगी सुझाव भी दिए। एक पेड़ मां के नाम अभियान के अंतर्गत श्री एक्का ने रीपा परिसर में जामुन के पौधे भी लगाए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ रामप्रसाद चौहान एवं एसडीएम डॉ. ज्योति पटेल, उपायुक्त अर्चना मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी मौजूद थे।
- दुर्ग, / राज्यपाल श्री रमेन डेका के भिलाई प्रवास के दौरान आज भिलाई निवास में वरिष्ठ अधिकारियों ने राज्यपाल श्री रमेन डेका से मुलाकात की। इस दौरान सांसद श्री विजय बघेल, भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रबंध निदेशक श्री अनिर्बन दास गुप्ता, प्रबंध निदेशक मानव संसाधन श्री पवन कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे। भिलाई निवास पहुँचने पर अधिकारियों ने राज्यपाल श्री डेका का आत्मीय स्वागत किया। इस दौरान अधिकारियों ने राज्यपाल को स्मृति चिन्ह भी भेंट किया।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ प्रदेश के महामहिम राज्यपाल श्री रमेन डेका आज अपने दुर्ग भिलाई प्रवास के दौरान भिलाई इस्पात संयंत्र का भ्रमण किया। इस दौरान सांसद श्री विजय बघेल भी साथ मौजूद थे। राज्यपाल श्री डेका ने भिलाई इस्पात संयंत्र के ब्लास्ट फर्नेंस, रेल पथ मिल्स, सेप्टि पाइंट और इस्पात गार्डन का भ्रमण व अवलोकन किया। बीएसपी के अधिकारियों ने महामहिम राज्यपाल को संयंत्र में इस्पात निर्माण की विभिन्न गतिविधियों से अवगत कराया। भिलाई इस्पात संयंत्र के प्रबंध निदेशक श्री अनिर्बन दास गुप्ता, प्रबंध निदेशक मानव संसाधन श्री पवन कुमार सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
- बिलासपुर /स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा जिले में संचालित 21 अंग्रेजी माध्यम विद्यालय में रिक्त पदों पर संविदा नियुक्ति हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए है। ऑनलाईन आवेदन करने की अंतिम तिथि 6 सितम्बर 2024 तक है। विस्तृत जानकारी के लिए जिले के वेबसाइट bilaspur.gov.in का अवलोकन किया जा सकता है। इन पदों हेतु पदवार लिंक जारी किए गए है जिसमें जाकर आवेदक ऑनलाईन आवेदन कर सकते है।ऑफलाईन आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। विज्ञापन का प्रारूप कार्यालय जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर और संबंधित विद्यालयों के सूचना पटल पर अवलोकन किया जा सकता है।
- बिलासपुर, /प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आहवान पर एक पेड़ मां के नाम अभियान के तहत केन्द्रीय जेल परिसर में वृहद पौधरोपण किया गया। इस अवसर पर जेल अधीक्षक श्री खोमेश मण्डावी, उप जेल अधीक्षक श्री यू.केे. पटेल सहित समस्त जेल स्टाफ ने पौधा लगाया।

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