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- रायपुर ।दंतेवाड़ा जिले के विभिन्न कैंपों में रक्षा बंधन पर्व का आयोजन बेहद खास रहा। महतारी वंदन योजना के अंतर्गत महिला हितग्राहियों ने सीआरपीएफ और डीआरजी के जवानों को राखियां बांधकर रक्षाबंधन पर्व मनाया। यह आयोजन उन जवानों के लिए बेहद यादगार रहा जो अपने परिवार से दूर देश की सुरक्षा में तैनात हैं। आज सुबह से ही महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं सीआरपीएफ कैंप कारली, बड़ेगुडरा, और बासनपुर कैंप पहुंची। उन्होंने जवान भाइयों को राखी बांधी, मिठाई खिलाई और उनकी सुरक्षा के लिए प्रार्थना की। इस मौके पर, महिलाओं ने जवानों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं और उनके त्याग को सराहा।इस अवसर पर जवान श्री अश्वनी परमार ने भावुक होते हुए कहा, "हम कई महीनों से अपने परिवार से दूर हैं। आज इस अवसर पर बहनों ने हमारे कैंप में आकर राखी बांधी, जिससे हमारी सुनी कलाई में राखी की सजावट हो गई। इसके लिए हम सभी जवान बहनों के आभारी हैं।"कार्यक्रम में सीआरपीएफ 111 बटालियन कारली के श्री विवेक कुमार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दंतेवाड़ा, सहायक कमांडेंट 111वीं बटालियन श्री आर.के. मिश्रा, महिला एवं बाल विकास अधिकारी श्री ऋतिष टण्डन, सीआरपीएफ और डीआरजी के जवान, महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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-एक्स पर टॉप - 2 में ट्रेंड करता रहा हमर-विष्णु-भैया
-माताओं-बहनों ने मनाया रक्षाबंधन, मुख्यमंत्री का जताया आभाररायपुर / रक्षाबंधन के अवसर पर सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर ‘हमर-विष्णु-भैया‘ दिनभर ट्रेंड करता रहा। बहनों ने महतारी वंदन, पीएम आवास योजना की स्वीकृति और अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय को धन्यवाद देते हुए ‘एक्स‘ पर पोस्ट किए और साय सरकार का आभार जताया। - -दिया प्रेम, स्नेह और विश्वास का अनूठा संदेश-यह मेरे लिए बड़ा सम्मान: मुख्यमंत्री श्री साय-राखी न केवल एक धागा है, बल्कि यह कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की भी याद दिलाती हैरायपुर / छत्तीसगढ़ में रक्षाबंधन का पर्व इस बार खास बन गया है, जब राज्य की महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति अपने स्नेह और सम्मान को एक अनूठे तरीके से व्यक्त किया। महिलाओं ने मुख्यमंत्री के लिए विशेष रूप से राखियां बनाई हैं, जो भाई और बहन के अटूट बंधन का प्रतीक है। मुख्यमंत्री श्री साय, जिन्हें राज्य में महिलाओं के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के प्रति समर्पित एक जननेता के रूप में जाना जाता है, उनके प्रति विशेष सम्मान ने रक्षाबंधन के इस पर्व को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।महिलाओं की भावनाएं -मुख्यमंत्री को राखी बांधने आई महिला समूह ने कहा, मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राज्य में महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार काम किया है। उनके इस समर्पण को देखते हुए हमने सोचा कि इस रक्षाबंधन पर उनके प्रति अपनी भावनाओं को एक विशेष तरीके से व्यक्त किया जाए। राखी बांधना तो एक परंपरा है, लेकिन हमारे लिए यह एक संदेश देने का भी तरीका है कि हम उनके नेतृत्व पर विश्वास करते हैं और उन्हें अपना भाई मानते हैं।इस राखी को महिलाओं ने अपने हाथों से बनाया, जिसमें उनके प्यार, विश्वास और आस्था की झलक साफ दिखाई देती है। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम की राखियां बनाकर यह संदेश दिया कि वे उनके द्वारा किए गए कार्यों की सराहना करती हैं और उन्हें अपने परिवार का हिस्सा मानती हैं।यह मेरे लिए बड़ा सम्मान: मुख्यमंत्री श्री सायमुख्यमंत्री श्री साय ने इस अनूठी पहल पर खुशी जताई और कहा, यह मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है कि राज्य की बहनें मुझे अपना भाई मानती हैं। मैं उनकी उम्मीदों पर खरा उतरने का प्रयास करूंगा और महिलाओं की सुरक्षा एवं सशक्तिकरण के लिए निरंतर काम करता रहूंगा। उन्होंने आगे कहा कि यह राखी न केवल एक धागा है, बल्कि यह उनके कर्तव्यों और जिम्मेदारियों की भी याद दिलाती है।
- रायपुर ।भाई-बहन के पवित्र रिश्ते का पर्व रक्षा बंधन आज कांकेर जिले के दूरस्थ अंचलों में स्थित विभिन्न कैम्पों में अत्यंत हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस विशेष अवसर पर महतारी वंदन योजना की महिला हितग्राहियों और स्वसहायता समूह की दीदीयों ने सुरक्षा बलों के जवानों को रक्षा सूत्र बांधकर उनकी सलामती की कामना की। बहनों द्वारा राखी बांधने पर जवान भावुक हो गए और उन्होंने बहनों को रक्षा का वचन देते हुए उपहार भी भेंट किए।रक्षा बंधन के इस आयोजन में कांकेर जिले के दुर्गूकोंदल विकासखंड स्थित बी.एस.एफ 178 बटालियन भूस्की में ग्राम भुस्की की श्रीमती हिना गावड़े ने सुरक्षा बलों के जवानों को राखी बांधी। इसी प्रकार ग्राम भुस्की की श्रीमती कमिला नेताम ने भी बी.एस.एफ 178 बटालियन में राखी बांधते हुए अपने भाव व्यक्त किए। उन्होंने कहा"सुरक्षा बलों के जवान अपने घर-परिवार से दूर देश एवं प्रदेश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। ऐसे में रक्षा बंधन के अवसर पर हम बहनों का फर्ज बनता है कि उनकी कलाइयों को सूनी न रहने दें।"इसी क्रम में बी.एस.एफ कैम्प कन्हार गांव, भानुप्रतापपुर विकासखंड अंतर्गत केवटी क्लस्टर के एस.एस.बी कैम्प और अंतागढ़ स्थित 28वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा सुरक्षा बल के जवानों को भी राखी बांधी गई। इसके अतिरिक्त कुहचे कैम्प अंतागढ़, कोयलीबेड़ा विकासखंड के बी.एस.एफ कैम्प प्रतापपुर, सीओबी 162 बटालियन बी.एस.एफ कैम्प रावघाट सहित जिले के विभिन्न स्थानों पर भी महिलाओं द्वारा जवानों को रक्षाबंधन पर राखी बांधा गया। बहनों ने कहा कि हमारे देश के जवान जो दिन-रात सतर्क रहकर हमारी रक्षा कर रहे हैं उनकी कलाईयाँ कभी भी सूनी नहीं रहेंगी। यह आयोजन न केवल जवानों के लिए उत्साहवर्धक रहा बल्कि बहनों के लिए भी यह एक गर्व का अवसर था।इस अवसर पर महतारी वन्दन योजना के हितग्राही महिलाओं ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का महतारी वंदन योजना के लिए विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा "महतारी वंदन योजना ने मातृत्व को सम्मानित करने और महिलाओं के सशक्तिकरण में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
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रायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से सपरिवार आत्मीय मुलाकात की और रक्षाबंधन एवं सावन सोमवार की बधाई व शुभकामनाएं दी।मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के संबंध में विभिन्न विषयों पर सारगर्भित चर्चा हुई। उज्जैन सांसद श्री अनिल फिरोजिया एवं अन्य गणमान्य जन भी उपस्थित रहे।
- -स्व-सहायता समूह की दीदीयों एवं स्कूली छात्राओं ने सुरक्षा बलों के जवानों के कलाई पर बांधा ‘‘रक्षा सूत्र’’रायपुर / देश की सुरक्षा में अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले जवान भाइयों की कलाइयों पर सोमवार को स्व-सहायता समूह की दीदीयों सहित महतारी वंदन योजना के हितग्राही दीदीयों द्वारा राखी बांधी गई। जवान भाइयों ने भी बहनों को आशीर्वाद दिया। महापर्व ‘‘रक्षाबंधन’’ के अवसर पर दूरस्थ कैम्प एवं थानों में तैनात सुरक्षा बलों के जवानों की कलाई में स्व-सहायता समूह की महिलाओं एवं स्कूली छात्राओं के द्वारा रक्षा सूत्र राखी बांधा गया। यह पर्व शहरों के दूरस्थ थाना व कैम्पों में हर्षाेल्लास के साथ बनाया गया।सुकमा जिले के माओवाद प्रभावित क्षेत्र में स्थित कैंप परिया में 22वीं वाहिनी सीएएफ ‘‘एफ’’ कंपनी में रक्षाबंधन का त्यौहार मनाया गया। इस दौरान महतारी वंदन योजना के हितग्राही दीदीयों ने जवानों को राखी बांधी। वहीं माओवाद से प्रभावित क्षेत्रों में सेवा देने वाले जवान भावुक नजर आये। जिले में दूरस्थ ग्रामीणों को सुरक्षा के साथ ही शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में इनकी अहम भूमिका रहती है।माड़वी ज्योति सरिता स्व-सहायता समूह की दीदी ने कहा कि हमारे देश के वीर सैनिक हमारी सुरक्षा के लिए अपने घरों से हजारों किलोमीटर दूर तैनात रहते हैं। रक्षाबंधन के पर्व पर अपने घर भी नहीं लौट पाते हैं। उनके साथ ये पर्व मनाने का सौभाग्य मिलना गौरव की बात है।माड़वी ज्योति ने कहा कि हमर विष्णुदेव भैया ने एक भाई की तरह हम सभी महिलाओं के हित को ध्यान में रखते हुए आर्थिक रूप से सक्षम बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हम सभी महिलाएं महतारी वंदन योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से सबल हो रहे है। योजनांतर्गत मुझे हर माह राशि प्राप्त हो रही है। इस राशि को हमारें जरूरत की चीजों एवं बच्चों के भविष्य के लिए बचत कर रहे है।माड़वी कौशल्या कौशल्या स्व सहायता समूह की महिलाओं ने कहा कि सैनिक भाइयों को राखी बांधाकर, मिठाई खिलाकर और आशीर्वाद प्राप्त कर गौरवान्वित महसूस हो रहा है। समूह की दीदी अंबिका ने कहा कि इस साल का रक्षा बंधन हमारे लिए हमेशा के लिए जीवन भर यादों में संजो कर रखूंगी। यह पहली बार है कि हमने सुरक्षा में तैनात जवान भाईयों को राखी बाधी। हमारे जवान भाई अपने घर-परिवार के पास नहीं जा पा रहे हैं तो हमने उनके कलाईयों पर रक्षासूत्र बांध कर उनके सुखी जीवन की कामना की। ये जवान अपने घर-परिवार से दूर सीमाओं पर देश के लोगों की रक्षा करते हैं। जवान ड्यूटी में सदैव तत्पर रहते हैं। इस वजह से वे कई त्योहारों में घर भी नहीं जा पाते हमारा सौभाग्य है कि हमने रक्षा में तत्पर भाईयों को राखी बाधी।22वीं वाहिनी सीएएफ ‘‘एफ’’ कंपनी में कमांडेंट श्री चंद कोसले ने कहा कि यह परंपरा कई सालों से चली आ रही है कि इंडियन आर्मी में, फोर्स कैंप में, पुलिस स्टेशन और जेल में बहनें जाती हैं और भाईयों को राखियां बांधती हैं। राखी बांधकर हमारा हौसला अफजाई करती हैं। यह पहली बार हो रहा है कि परिया कैंप सहित अन्य कैंपों में जवानों को राखी बाधी गई। बहनों के स्नेह और प्रेम की डोर से हमारी ताकत और बढ़ गई। लेफ्टिनेंट कोसले ने सभी बहनों को जीवन भर खुश रहने की शुभकामनाएं दीं।इसी प्रकार रक्षाबंधन के अवसर पर मिसमा, पोलमपली, कांकेरलंका, बुरकापाल, चितंलनार, जगरगुण्डा, कोर्रा, चिंगावरम ,मानकापाल,गादीरास, रामाराम, फुलबगड़ी, बडेसटटी, चिकपाल, कुन्दनपाल, पेदारास, कुकानार, पालेम, गोंगलारोड-सुकमा, गीदम नाला, लेदा कोयलाभट्टी, कुम्माकोलेंग, तोंगपाल, छिंदगढ़ कैंम्प सहित अन्य कैम्पों में जवानों को समूह की दीदीयों ने राखी बाधी।
- -महतारी वंदन योजना की लाभार्थी महिलाओं ने मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार-कोण्डागांव जिले के ग्राम राणापाल में 41वीं आईटीबीपी बटालियन के कैंप में मनाया गया रक्षाबंधन का पर्वरायपुर /कोण्डागांव जिले के मर्दापाल क्षेत्र के ग्राम राणापाल में 41वीं आईटीबीपी बटालियन के कैंप में रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। माओवाद से प्रभावित इस क्षेत्र में तैनात जवानों को क्षेत्र की महिलाओं ने राखी बांधकर अपना स्नेह और सम्मान प्रकट किया। इस आयोजन में रक्षाबंधन का उत्सव न केवल भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक बना, बल्कि जवानों के लिए अपनेपन का संदेश भी लेकर आया। कार्यक्रम में महतारी वंदन योजना के लाभार्थी महिलाओं ने भी जवानों को राखी बांधकर उनका मान बढ़ाया। उल्लेखनीय है कि महतारी वंदन योजना अंतर्गत पात्र लाभार्थी महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की राशि प्राप्त होती है।मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभारमहतारी वंदन योजना की लाभार्थियों ने इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय का आभार प्रकट किया। महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री उनके लिए भाई समान हैं, जो उनकी हर जरूरत का ख्याल रखते हैं। योजना के तहत मिलने वाली आर्थिक सहायता ने उन्हें सशक्त बनाया है।इंदु बघेल ने भावुक होकर कहा, “हमारे विष्णु भैया हमें महतारी वंदन योजना के तहत हर महीने पैसा देते हैं, जिससे मुझे अपने पति से पैसे मांगने की जरूरत नहीं पड़ती। विष्णु भैया हमें बहुत प्यार करते हैं और हमारी हर तकलीफ में हमारा साथ देते हैं।”भावुक रुखमणि नाग: वीर जवानों को माना भाईबड़ेकुरूसनार गांव की निवासी और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता रुखमणि नाग के लिए यह विशेष अवसर था। जवानों को राखी बांधते समय उनकी आँखें नम हो गईं। उन्होंने कहा, मेरा कोई सगा भाई नहीं है, लेकिन अपने इन वीर जवान भाईयों को राखी बांधकर मुझे महसूस हो रहा है कि अब मेरे पास अनेक भाई हैं। सुरक्षा बल के हमारे सभी जवान जो हमारी सुरक्षा के लिए अपने परिवार से दूर रहते हैं, मेरे लिए सभी भाई के समान हैं।” रुखमणि ने यह भी कहा कि अब वह हर साल जवानों को राखी बांधेंगी।कोंडगांव कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत और पुलिस अधीक्षक श्री वाय अक्षय कुमार ने भी इस आयोजन में भाग लिया। वहां की महिलाओं ने उन्हें भी राखी बांधी, जिससे भाई-बहन के रिश्ते की मिठास और प्रेम की भावना झलकी। कलेक्टर ने इस अवसर पर कहा, “रक्षाबंधन का पर्व हमें रक्षा का संकल्प लेने की प्रेरणा देता है। हमारे जवान दिन-रात निष्ठा के साथ क्षेत्र की सुरक्षा में लगे हुए हैं। उनका समर्पण और साहस अनुकरणीय है।”पुलिस अधीक्षक श्री वाय अक्षय कुमार ने कहा कि हमारे जवान जिले की सुरक्षा में पूरी निष्ठा से लगे हुए हैं। वे अपने घर से हजारों किलोमीटर दूर हैं, और हम उन्हें उनके परिवार से तो नहीं मिला सकते, लेकिन आज मुझे खुशी हो रही है कि राणापाल की दीदियों ने हमारे जवानों को राखी बांधकर उन्हें अपने प्यार और स्नेह का अहसास कराया। इसके लिए हम उनके आभारी हैं।जवानों को मिला स्नेह और सम्मानरक्षाबंधन के इस पावन पर्व पर राणापाल की महिलाओं ने आईटीबीपी के जवानों को राखी बांधकर अपना प्यार और सम्मान व्यक्त किया। इस आयोजन से जवानों को घर से दूर होने का एहसास कम हुआ और उन्होंने अपनेपन और परिवार के स्नेह को महसूस किया। इस आयोजन ने साबित कर दिया कि देश के वीर जवानों की कुर्बानी और समर्पण की लोग दिल से सराहना करते हैं।
- -महतारी वंदन योजना से मिल रही राशि का राखी बनाने में कर रही हैं उपयोग-समूह की महिलाओं ने कहा कि मुख्यमंत्री जी एक बड़े भाई के रूप में छत्तीसगढ़ की महिलाओं का रख रहें हैं ख्यालबालोद। भाई-बहन के अनूठे रिश्ते के पर्व रक्षाबंधन के अवसर पर आकर्षक राखियाॅ बना रही है बालोद जिले के डौण्डी विकासखण्ड के ग्राम कुमुड़कट्टा की महिलाएं। सुदूर वनांचल के इस ग्राम में जय माॅ पहाड़ों वाली स्वसहायता समूह की 12 महिलाओं द्वारा आकर्षक राखियाॅ बनाई जा रही है, जिसमें वे मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में महतारी वंदन योजना से हर माह मिल रही राशि का भी उपयोग कर रहीं हैं। समूह द्वारा तैयार किए जा रहे आकर्षक राखियों में धान, चांवल, बीज, बांस, मोर पंख सहित रेशमी धागों का उपयोग किया गया है। जिला प्रशासन बालोद के सहयोग से इन राखियों की पैकेजिंग ‘‘बालोद बंधन‘‘ के नाम से की गई है।जय माॅ पहाड़ों वाली स्वसहायता समूह की अध्यक्ष श्रीमती कुसुम सिन्हा ने बताया कि इस वर्ष उनके समूह द्वारा लगभग 40 हजार राखियाॅ तैयार की गई है, जिसका विक्रय बालोद जिले के साथ ही अन्य जिलों में भी किया गया है। उन्हें इस वर्ष राखियों की बिक्री से लगभग 02 लाख 50 हजार रूपए मुनाफे की उम्मीद है। श्रीमती कुसुम सिन्हा ने राज्य शासन की महतारी वंदन योजना की सराहना करते हुए बताया कि उनके समूह की महिलाओं को प्रतिमाह इस योजना से 01 हजार रूपये मिलता है, जिसे वे जमा कर राखी बनाने में उपयोग कर रही हैं। इस योजना के संचालन से उनकी बहुत सी छोटी-छोटी जरूरतों को भी पूरा करने में उन्हें काफी मदद मिली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एक बड़े भाई की तरह छत्तीसगढ़ की सभी महिलाओं के हित में कार्य करते हुए हम महिलाओं का ख्याल रख रहे हैं। उन्हें हम सभी महिलाएं तहेदिल से धन्यवाद देती हैं।
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भिलाई/ शिकायत मिल रही थी कि सुंदर विहार कॉलोनी में एक एकड़ शासकीय भूमि पर अवैध कब्जाधारियों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर जोन कमिश्नर येशा लहरे अपने दल के साथ मौके पर पहुंची। जेसीबी के माध्यम से अवैध कब्जे को खाली करवाया गया। कुछ लोग विरोध कर रहे थे उन्हें कागज दिखाने को कहा गया। बहुत से लोग वहां पर पूरी तरह निर्माण करके कर लिए थे। जिन्हें पूर्व में सूचना दी गई थी। उनके द्वारा स्वयं कब्जा नहीं हटाया जा रहा था। इसीलिए नगर निगम अमला जाकर के जेसीबी से अवैध दुकानों को हटाया गया सभी प्रकार के कब्जा से मुक्त कराया। सबको चेतावनी दी गई की दोबारा कोई भी शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा करेगा तो उसके खिलाफ नगर निगम अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की जाएगी।Fir फिर भी दर्ज किया जाएगा .इस कार्रवाई के दौरान जोन के राजस्व अधिकारी मलखान सिंह सोरी, जेपी तिवारी, शशांक सिंह, हरिओम गुप्ता ,अपने दल के साथ मौजूद रहे।
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भिलाई। निगम भिलाई के वार्ड क्रमांक 32 बैकुंठ धाम क्षेत्र में मौसमी बीमारी, जल जनित बीमारी के संबंध में मच्छरों से बचाव हेतु रैली निकालकर प्रचार प्रसार किया गया। वरिष्ठ स्वच्छता निरीक्षक के के सिंह के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी, जोन स्वास्थ्य अधिकारी शंकर साहनी, स्वच्छता निरीक्षक वीरेंद्र बंजारे, वार्ड सुपरवाइजर संजय कुमार, डोर टू डोर प्रचार प्रसार कर रहे हैं। सबको जागरुक कर रहे हैं, की बारिश के मौसम में पानी उबालकर पिए, कहीं भी गंदगी ना होने दे, जहां भी पानी जमा हो उसे साफ करें, उसमें केरोसिन, जला हुआ मोबाइल आई डालें। हाथ साबुन से धोकर ही खाना खाए, ताजा भोजन करें, बासी भोजन से बच्चे। किसी प्रकार की लापरवाही ना करें। हम अपने घरों में छोटी-छोटी सावधानियां करेंगे तो बीमारियों से बचे रहेंगे। किसी भी प्रकार का उल्टी दस्त होने पर चिकित्सक से परामर्श लेकर ही दवा ले। ओआरएस का गोल पीते रहे।
- -संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी एवं कर अपवंचन रोकने में मिलेगी मदद-पंजीयन प्रक्रिया को ज्यादा से ज्यादा जनता हितैषी एवं सरल बनाये: मंत्री ओ पी चौधरी-वाणिज्य कर मंत्री श्री ओ पी चौधरी ने पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की-विभाग से बिचौलिए पूरी तरह से समाप्त होरायपुर / वाणिज्यिक कर एवं वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज मोबाईल बेस्ड एप्लीकेशन सुगम का लोकार्पण किया। इस एप्लीकेशन में कोई भी व्यक्ति अपनी रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज के संपत्ति स्थल पर जाकर स्थल का 03 साईड से फोटो तथा अक्षांश एवं देशांतर भौगोलिक स्थिति को रजिस्ट्री सॉफ्टवेयर में प्रविष्ट कर सकेगा। इससे संपत्ति संबंधी धोखाधड़ी एवं कर अपवंचन को रोकने में सार्थक मदद मिलेगी।साथ ही श्री चौधरी ने पंजीयन विभाग के कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा बैठक मंत्रालय महानदी भवन, अटल नगर नवा रायपुर में आयोजित किया गया था। मंत्री श्री चौधरी ने विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिया कि पंजीयन विभाग जनता से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ विभाग है। ऐसा कार्य संस्कृति बनाए कि जनता को किसी प्रकार का कोई असुविधा न हो। पंजीयन के इच्छुक पक्षकारों को किसी भी प्रकार की परेशानियों का सामना न करना पड़े। पंजीयन विभाग में बिचौलियों के प्रवेश को रोकें तथा जनता बिना बिचौलियों के किसी भी दस्तावेज की रजिस्ट्री करा सके, यह सुनिश्चित करें। समीक्षा के दौरान स्टाम्प प्रकरण तथा पंजीयन में अनावश्यक विलंब के तथ्य प्रकाश में आने पर उन्होंने संबंधित जिला पंजीयक एवं उप पंजीयक को समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिये।मंत्री श्री चौधरी ने उपस्थित अधिकारियों को कहा कि लोक सेवक के रूप में उन्हें जनता की सेवा का मौका मिला है। देश अभी विकासशील से विकसित अर्थव्यवस्था की ओर अग्रसर हो रहा है तथा इस यात्रा में अधिकारी और कर्मचारी का योगदान महत्वपूर्ण होता है। अतः सभी अधिकारी और कर्मचारी सकारात्मक सोंच के साथ काम करें, ईमानदारी बरतें तथा पारदर्शिता दिखायें, जिससे वे विकसित भारत के निर्माण के भागीदार बन सकें।मंत्री श्री चौधरी ने समीक्षा के दौरान राजस्व प्राप्तियों, दस्तावेजों, आर.आर.सी. प्रकरण, स्टाम्प प्रकरण आदि के तुलनात्मक आंकड़ों की गहन समीक्षा की। इस दौरान विभागीय अधिकारियों ने बताया कि पुराने दस्तावेजों के स्कैनिंग का कार्य लगभग पूरा हो चुका है तथा कुछ ही दिनों में पंजीयन विभाग के सर्च एवं नकल मॉड्यूल को पूरी तरह से ऑनलाईन कर दिया जायेगा। इससे कोई भी व्यक्ति ऑफिस में आए बिना निर्धारित शुल्क ऑनलाईन जमा कर पूराने दस्तावेजों की सर्च कर सकेगा तथा नकल ऑनलाईन डाउनलोड कर सकेगा।अधिकारियों ने समीक्षा के दौरान बताया कि पंजीयन विभाग के कार्यों को कैशलेस, पेपर लेस एवं फेस लेस बनाने की दिशा में तेजी से काम चल रहा है। पंजीयन शुल्क भुगतान के लिए नेट बैंकिंग तथा पी.ओ.एस. से भुगतान चालू कर दिया गया है। मॉडल डीड जनरेशन का काम सॉफ्टवेयर के माध्यम से तेजी से जारी है। इससे कोई भी व्यक्ति वांछित इनपुट भरकर मॉडल रजिस्ट्री के कागजात स्वतः तैयार कर सकता है, जिससे रजिस्ट्री प्रक्रिया को पेपर लेस किया जा सकेगा। पेन कार्ड का इंटीग्रेशन किया जा चुका है। इसके अगले चरण में आधार के इंटिग्रेशन का कार्य भी जारी है। आधार इंटीग्रेशन होने के बाद गवाहों के रजिस्ट्री ऑफिस में आने की प्रथा समाप्त हो जायेगी एवं छद्म एवं फर्जी व्यक्ति के द्वारा रजिस्ट्री जैसी घटनाओं को रोका जा सकेगा। विभाग का लक्ष्य है कि अगले 01 महीने में फेस लेस के प्रथम चरण में हाउसिंग बोर्ड, आर.डी.ए. तथा कॉलोनाइजर्स को यह सुविधा प्राप्त हो जाये। इसके लिए ट्रायल जल्दी ही पूरा कर लिया जायेगा। इससे पक्षकारों को रजिस्ट्री ऑफिस में आये बिना रजिस्ट्री कराने की सुविधा प्राप्त होगी।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि विभाग से बिचौलियों को पूरी तरह समाप्त करें। उन्होंने निर्देश दिये कि जिला पंजीयक 10 प्रतिशत की निर्धारित सीमा तक सभी बड़े दस्तावेजों को अनिवार्य रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने कहा कि पंजीयन अधिकारियों के मदद से कर अपवंचन को किसी भी तरीके से बर्दाश्त नहीं किया जायेगा।मंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिया कि छत्तीसगढ़ में वैसे भी गाईड लाइन दर अन्य राज्यों की तुलना में कम है। ऐसी स्थिति में जिला पंजीयक और उप पंजीयक सुनिश्चित करेंगे कि गाईड लाईन से कम दर पर बाजार मूल्य निर्धारण किसी भी प्रकार से न करें। 01 महीने के भीतर दर्ज स्टाम्प प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करेंगे। 01 सप्ताह के भीतर स्टाम्प रिफंड की कार्यवाही सुनिश्चित करेंगे। अभियान चलाकर बकाया राजस्व की वसूली करेंगे। सभी बड़े दस्तावेजों का अनिवार्य रूप से स्थल निरीक्षण करेंगे लेकिन स्थल निरीक्षण के लिए कोई दस्तावेज मनमाने समय तक पेंडिंग नहीं रखेंगे।मंत्री श्री चौधरी ने निर्देश दिया कि जनता का कार्य शीघ्रता और परिशुध्दता के साथ संपन्न हो इसके लिए पंजीयन विभाग के सेटअप को रिवाईज्ड किया जाये। रायपुर, दुर्ग तथा बिलासपुर जिले जहां राज्य के कुल राजस्व का 60 प्रतिशत हिस्सा आता है वहां पंजीयन अधिकारियों की संख्या को 04 गुना तक बढ़ाया जाये। विभाग में 505 स्वीकृत अधिकारियों एवं कर्मचारियों के पद के विरूद्ध 260 पद रिक्त हैं। उन्होंने रिक्त पदों पर तत्काल भर्ती करने के निर्देश दिये। उन्होंने भवन विहीन उप पंजीयक कार्यालयों में भवन निर्माण का प्रस्ताव तत्काल भेजने का निर्देश दिया। मंत्री श्री चौधरी ने सभी कार्यालयों में सी.सी.टी.वी. कैमरा एवं बायोमैट्रिक लगाने का भी निर्देश दिया।
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रायपुर। ""छत्तीसगढ़ प्रदेश शतरंज संघ तथा खेल एवं युवा कल्याण विभाग के संरक्षण में रायपुर जिला शतरंज संघ तथा विप्र भवन प्रबंधन समिति के संयुक्त तत्वाधान"" में आयोजित अंडर 15 बालक एवम बालिका चयन एवम फिडे रेटिंग प्रतियोगिता का समापन 18 अगस्त को शाम 5 बजे बजे विप्र भवन समता कॉलोनी में हुआ पुरुस्कार वितरण में मुख्य अतिथि रायपुर उत्तर विधानसभा के विधयक श्री पुरन्दर मिश्रा जी थे विशेष अतिथि के रूप में रायपुर नगर निगम के सभापति श्री प्रमोद दूबे जी ,रायपुर नगर निगम लोक कर्म विभाग के अध्यक्ष श्री ज्ञानेश शर्मा जी , प्रदेश शतरंज संघ के महासचिव श्री विनोद राठी जी एवम मितान के संस्थापक सदस्य श्री रामअवतार तिवारी जी थे।इस स्पर्धा में प्रदेश के हर सम्भाग से कुल169 प्रतिभागियो ने हिस्सा लिया जिसमे रायपुर के अलावा बस्तर,सरगुजा,कवर्धा, महासमुंद,दुर्ग,भिलाई,जगदलपुर राजनांदगांव ,धमतरी,शक्ति, रायगढ़ ,बिलासपुर ,चाम्पा समेत छत्तीसगढ़ के सुदूर हिस्सो से खिलाड़ियों ने भाग लियाइस प्रतियोगिता के मुख्य निर्णायक पाटन से आये फिडे ऑर्बिटर श्री रोकी देवांगन थे उनके साथ प्रतियोगिता में सहायक निर्णायक के रूप में चार सीनियर नेशनल ऑर्बिटर थे जिसमे रायपुर से श्री अनूप झा एवम श्रीमती हेमा नागेश्वर ,दुर्ग से दिव्यांशु उपाध्याय एवं महासमुंद से चंदन विश्वकर्मा थे।इनके अलावा दो स्टेट आर्बिटर संदीप पटले महासमुंद से तथा अभिनव पांडे बिलासपुर से थे।प्रतियोगिता में कुल 34 हजार रुपये कैश प्राइज के अतिरिक्त लगभग 28 मोमेंटो और 169 मेडल प्रतिभागियों को पुरुस्कार स्वरूप प्रदान किये गए।यह पूरा आयोजन प्रदेश शतरंज संघ के महासचिव श्री विनोद राठी जी के संरक्षण में सम्पन्न हुआ एवम आयोजन समिति में एम चंद्रशेखर(उपाध्यक्ष छ ग प्रदेश शतरंज संघ) , आशुतोष शर्मा(अध्यक्ष रायपुर जिला शतरंज संघ) , नवीन शुक्ला(सचिव रायपुर जिला शतरंज संघ) ,विकास शर्मा ,रोहित यादव ,आनंद अवधिया, संदीप दीवान , गौरव दीवान,विवेक दुबे,अशोक दुबे ,पूनदास पाटले ,राघव शुक्ला,शिवांश शुक्ला,दीपक दीवान, एवम मोहम्मद लतीफ और रायपुर जिला शतरंज संघ के सभी सदस्य शामिल थे।ओपन वर्ग में 9 चक्र में 8अंक प्राप्त करके कोरबा के प्रभमन मल्होत्रा ने खिताब अपने नाम किया फाइनल राउंड में उन्होंने रायपुर के आलोक से ड्रॉ खेला।,और टाईब्रेक के आधार पर विजेता बनेदूसरे स्थान पर वनेध खटवा (दुर्ग)8अंक रहे एवं तीसरे और चौथे स्थान पर क्रमशः आलोक कन्नौजे व औजस्य मोहता (रायपुर )रहे,पांचवे और छठे स्थान पर क्रमश ईशान सैनी (दुर्ग) व अभिनव वर्मा रहें।वही बालिका वर्ग में रायपुर की तनीशा ड्रोलिया ने 6.5 अंक के साथ खिताब अपने नाम किया, दूसरे, तीसरे और चौथे स्थान पर क्रमशः राशि वरुढकर ,इशिका व जसमन कौर रहीं ।पांचवे और छठे स्थान पर क्रमश प्रतिष्ठा अहिरवार और सिवांगी सोनी रही।इनमे से दोनो ही वर्ग के शुरू के चार चार (खिलाड़ी 8 खिलाड़ी ) तमिलनाडु के होसुर में होने वाले राष्ट्रीय प्रतियोगिता में छत्तीसगढ़ का प्रतिनिधित्व करेंगे।मुख्य स्पर्धा के अलावा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए 4 अलग-अलग कैटेगरी U7,U9,U11 और U13 में भी विजेता और उपविजेता को ट्रॉफी और मेडल प्रदान किये गए।अंडर 13 बालक वर्ग मे विवान रॉय (रायपुर ) प्रथम व रिमेश कालो (बिलासपुर) द्वितीय स्थान प्राप्त किया।।अंडर 13 बालिका वर्ग में काशवी जैन (दुर्ग) प्रथम व अदिति पांडे (बलौदा बाजार ) ने द्वितीय स्थान प्राप्त कियाअंडर 11 बालक वर्ग मे शिल्प कुमार गोढ़ेस्वर प्रथम व शौर्य चिमनानी (रायपुर) ने दुसरा स्थान प्राप्त किया।।अंडर 11 बालिका वर्ग मे आद्विका पांडे (रायपुर ) प्रथम व अगम्या साहू (रायपुर) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।अंडर 09 बालक वर्ग मे विवान गुप्ता (रायपुर ) रायपुर प्रथम व भव्यम झंवर (रायपुर ) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।।अंडर 09 बालिका वर्ग में प्रथम अनिका रेड्डी (रायपुर) , व सावी गौरी (रायपुर) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया।।अंडर 07 बालक वर्ग मे अपूर्व भार्गव प्रथम व युवान कश्यप (रायपुर) ने दूसरा स्थान प्राप्त किया।।अंडर 07 बालिका वर्ग में अनिका गुप्ता (रायपुर) प्रथम व इधिका (राजनांदगांव) ने दुसरा स्थान प्राप्त किया।। - -प्रदेश स्तरीय दल ने शिकायत पर बिलासपुर के मदिरा दुकानों में की कार्रवाई, 18 दुकानों में मिली खामियां-मदिरा दुकानों में बायोमेट्रिक प्रणाली लागूबिलासपुर / आबकारी सचिव सह आयुक्त श्रीमती आर. संगीता के निर्देशन पर प्रदेशभर के मदिरा दुकानों की जांच के बाद निरंतर कार्रवाई की जा रही है। मदिरा दुकानों में कार्यरत प्लेसमेंट कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए बायोमेट्रिक प्रणाली लागू की गई। इससे उनकी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। निर्धारित समय से अधिक कार्य करने पर ओव्हरटाइम भुगतान किया जा रहा है। इसी परिपेक्ष्य में बिलासपुर जिले में राज्य स्तरीय टीम ने मदिरा दुकानों की जांच की। जिनमें अनेकों खामियां पाई गई है। छ.ग. स्टेट बेवरेजेस कार्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री श्यामलाल धावड़े के नेतृत्व में आबकारी, सी.एस.एम.सी.एल. एवं सी.एस.बी.सी.एल. मुख्यालय में पदस्थ 08 वरिष्ठ आबकारी अधिकारियों की टीम गठित कर जिला बिलासपुर में संचालित 18 मदिरा दुकानों की आकस्मिक जांच कराई गई।उपरोक्त जांच में जिला बिलासपुर के कंपोजिट मदिरा दुकान मोपका, देशी, विदेशी मदिरा दुकान लिंगियाडीह, देशी, विदेशी मदिरा दुकान बिल्हा, कंपोजिट मदिरा दुकान छोटीकोनी, विदेशी मदिरा दुकान सरकंडा, देशी, विदेशी मदिरा दुकान सिरगिट्टी, देशी, विदेशी मदिरा दुकान सकरी, प्रीमियम मदिरा दुकान लिंक रोड तारबहार, देशीध्विदेशी मदिरा दुकान चुचुहियापारा, देश, विदेशी मदिरा दुकान व्यापार विहार एवं देशी, विदेशी मदिरा दुकान यदुनंदन नगर की जांच श्री श्यामलाल धावड़े, श्री राकेश मंडावी, अपर आयुक्त आबकारी, श्री आशीष श्रीवास्तव अपर आयुक्त आबकारी, श्री पी.एल. साहू उपायुक्त आबकारी, श्रीमती नीतू नोतानी उपायुक्त आबकारी, श्री नवीन प्रताप सिंह तोमर सहायक आयुक्त आबकारी, श्रीमती मंजुश्री कसेर सहायक आयुक्त आबकारी, श्री आशीष कोसम सहायक आयुक्त आबकारी की टीम द्वारा किए जाने पर मदिरा दुकानों में खामियां पाई गई। मदिरा दुकानों के नियमानुसार संचालन में पाई गई खामियों की समीक्षा के लिए जांचकर्ता टीम द्वारा जिला बिलासपुर के आबकारी नियंत्रण कक्ष में जिला बिलासपुर तथा संभागीय उड़नदस्ता बिलासपुर में पदस्थ समस्त आबकारी अधिकारीगण की संयुक्त बैठक लिया जाकर जांच के दौरान पाई गई समस्त कमियों के संबंध में विस्तृत समीक्षा करते हुए राजस्व लक्ष्य प्राप्ति, उपलंभन एवं गुणवत्तापूर्ण आपराधिक प्रकरणों की कायमी हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।जांच के दौरान मिली अनेकों खामियांपॉपुलर ब्रांड की मदिरा की अनुपलब्धता, मदिरा ब्रांडों का विक्रय हेतु काउंटर में प्रदर्शन नहीं, प्रभारी आबकारी अधिकारियों द्वारा मदिरा दुकानों का नियमित निरीक्षण नहीं, प्रतिदिन की बिक्री राशि के बैंक जमा की रसीद दुकान में उपलब्ध नहीं, बियर के सभी ब्रांडों को विक्रय हेतु फ्रीजर में ठंडा करके नहीं, दुकान के सुरक्षागार्ड का समय पर दुकान में उपलब्ध नहीं, उपकरणों, फर्नीचर एवं फिक्चर्स के मेंटनेंस का अभाव, संग्रहित खाली कॉर्टन का नियमित विक्रय, उठाव नहीं, अधिकांश मदिरा दुकानों में अहातों का व्यवस्थापन, संचालन नहीं होना, दुकान परिसर में पर्याप्त साफ-सफाई का अभाव।
- दुर्ग / छत्तीसगढ़ में तकनीकी शिक्षा और उद्योगों के बीच तालमेल को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय ने केन्द्रीय पेट्रोकेमिकल इंजीनियरिंग एवं प्रौद्योगिकी संस्थान रायपुर के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कार्यक्रम छत्तीसगढ़ स्वामी विवेकानंद तकनीकी विश्वविद्यालय के तत्वाधान मंे सीएसवीटीयू के कुलपति डॉ. एम.के. वर्मा की अध्यक्षता मंे संपन्न हुआ। एमओयू पर सीआईपीईटी रायपुर की ओर से डायरेक्टर डॉ. आलोक कुमार साहू एवं सीएसवीटीयू की ओर से रजिस्ट्रार डॉ. अंकित अरोरा ने हस्ताक्षर किये। छात्रों को आधुनिक प्रौद्योगिकियों के माध्यम से कौशल विकास और उद्यमिता के क्षेत्र में सशक्त बनाना है। साथ ही पेट्रोकेमिकल्स, प्लास्टिक, पॉलिमर, केमिकल इंजीनियरिंग के अन्य क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास के महत्व को पहचानना। इस एमओयू के द्वारा पहली बात प्रदेश में नवाचार, उद्यमिता और आजीविका सृजन को बढ़ावा देने के लिए स्टार्टअप्स के को-इन्क्यबेशन की सुविधा को शामिल किया गया है, जिसके माध्यम से एक स्टार्टअप दोनों संस्थानों में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठा सकेगा। छात्रों को शोध और विकास के क्षेत्र में नए अवसर प्रदान किए जाएंगे। सीएसवीटीयू और सीआईपीईटी के संयुक्त प्रयासों से छात्रों को अपने प्रोजेक्ट्स को आगे बढ़ाने और व्यावहारिक अनुभव प्राप्त करने का मौका मिलेगा। इससे छात्रों को न केवल उनके तकनीकी कौशल में वृद्धि होगी बल्कि उन्हें नए-नए प्रोजेक्ट्स के साथ उद्यमिता के क्षेत्र में प्रवेश करने का भी अवसर मिलेगा।विशेषज्ञों द्वारा छात्रों को प्लास्टिक टेक्नॉलजी और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उन्नत प्रशिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। संयुक्त रूप मंे दोनों ही संस्थान एक दूसरे के विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट्स एवं शोध कार्यों मे सहयोग करेंगे। इको फ़्रेंडली प्लास्टिक उत्पादों और कम लागत के पैकेजिंग विकल्पों का डिजाइन, विकास और विनिर्माण मे सहयोग किया जाएगा। सीएसवीटीयू अपने फाउंडेशन फॉर रुरल टेक्नॉलजी एण्ड आन्ट्रप्रनर्शिप (फॉर्ट) के माध्यम से छात्रों को उनके स्वयं के उद्यम शुरू करने में मदद करने के लिए आवश्यक संसाधन और मार्गदर्शन प्रदान करेगा। इससे छात्र न केवल नौकरी चाहने वाले बनेंगे, बल्कि नौकरी देने वाले भी बन सकेंगे, जिससे राज्य के आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान होगा। यह पहल छात्रों को स्वावलंबी बनने और अपनी उद्यमशील क्षमताओं को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित करेगी। विभिन्न कार्यशालाओं, सेमिनारों, और इंडस्ट्री विज़िट्स का आयोजन किया जाएगा, जिससे छात्र उद्योगों में होने वाली नवीनतम प्रगति से अवगत हो सकेंगे। यह छात्रों के लिए न केवल शैक्षणिक बल्कि व्यावहारिक अनुभव भी प्रदान करेगा, जिससे वे उद्योगों की चुनौतियों का सामना करने के लिए बेहतर तरीके से तैयार होंगे। राज्य में तकनीकी शिक्षा के विकास और उद्योगों के साथ तालमेल बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल छात्रों को लाभ होगा बल्कि छत्तीसगढ़ राज्य के तकनीकी और औद्योगिक विकास को भी एक नई दिशा मिलेगी। यह समझौता छात्रों को उनके कौशल और ज्ञान को उद्योग की मांगों के अनुरूप विकसित करने में मदद करेगा, जिससे वे भविष्य में विभिन्न उद्योगों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकेंगे।
- दुर्ग / कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहदा (अ) दुर्ग में 16 अगस्त 2024 को गाजरघास उन्मूलन सप्ताह अंतर्गत गाजरघास जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में केन्द्र की सस्य वैज्ञानिक डॉ. नीतू स्वर्णकार ने बताया कि गाजरघास, जिसे आमतौर पर कांग्रेस घास, चटख चांदनी के नाम से भी जाना जाता है, एक विदेशी खरपतवार है। भारत में पहली बार 1950 के दशक में दृष्टिगोचर होने के बाद यह विदेशी खरपतवार रेलवे ट्रैक, सड़क किनारे, बंजर भूमि सहित कई स्थानों पर उगता है जो कि मनुष्य के स्वास्थ्य के लिए बहुत हानिकारक है। यह त्वचा और श्वसन तंत्र को जबरदस्त रूप से प्रभावित करती है। इस घास से एलर्जी इतनी खतरनाक होती है कि मनुष्य घातक रूप से अस्थमा से ग्रस्त हो सकते हैं। इसको नष्ट करने का उपाय यह है कि फूल लगने से पहले ही सावधानीपूर्वक हटा दिया जाए। गाजरघास मनुष्य के साथ-साथ पशुओं के लिए भी हानिकारक है। इसे खाने से दुधारू पशुओं का दूध कड़वा हो जाता है तथा मात्रा भी कम हो जाती है। इसलिए इस खरपतवार को फलने से पहले ही उखाड़ कर जला दिया जाना चाहिए ताकि इसके बीज न बन पावे व न ही फैल पावे। उक्त कार्यक्रम में 29 कृषक व महिला कृषक उपस्थित थे। इस दौरान केन्द्र की मृदा वैज्ञानिक डॉ. ललिता रामटेके तथा उद्यानिकी वैज्ञानिक डॉ. कमल नारायण भी उपस्थित थे।
- - निगम आवासीय परिसर में सामुदायिक भवन निर्माण कार्य का भूमिपूजनरायपुर / छत्तीसगढ़ के उद्योग वाणिज्य एवं श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से कहा है कि वे केन्द्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने हेतु पूरी निष्ठा व दृढ़ इच्छाशक्ति के साथ कार्य करें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी एवं मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने दर्जनों जनहितैषी योजनाओं का क्रियान्वयन किया है, इन योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचे, लोग योजनाओं से लाभांवित हो, यह हम सबका दायित्व है।उक्त बातें उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने नगर निगम आवासीय परिसर कोरबा में आयोजित एक भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान कही। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वार्ड क्र. 22 अंतर्गत नगर निगम आवासीय परिसर के पास प्रभारी मंत्री मद से स्वीकृत एवं 05 लाख 50 हजार रूपये की लागत से निर्मित होने जा रहे सामुदायिक भवन के निर्माण कार्य का भूमिपूजन प्रदेश के उद्योग मंत्री श्री लखनलाल देवांगन ने बतौर मुख्य अतिथि के रूप में किया। उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना की तथा शिलान्यास पट्टिका का अनावरण कर निर्माण कार्य का शुभारंभ कराया।उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि मेरा लगातार प्रयास है कि कोरबा का समग्र विकास हो तथा हमारा कोरबा एक पूर्ण विकसित शहर बनें। उन्होने कहा कि मुझे जनसेवा का सर्वप्रथम अवसर नगर निगम कोरबा के माध्यम से ही मिला था, एक पार्षद के रूप में और एक महापौर के रूप में मैंने कोरबा की जनता की सेवा की, उस दौरान निगम के सभी अधिकारी-कर्मचारियों ने मेरे साथ मिलकर एक परिवार की तरह कार्य किया तथा कोरबा का ऐतिहासिक विकास किया गया।उद्योग मंत्री श्री देवांगन ने आगे कहा कि कई बड़ी योजनाओं के साथ-साथ लगभग 200 करोड़ रूपये के विकास कार्य वर्तमान में स्वीकृत कराए गए हैं, उन्होने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि इन कार्याे की निविदा आदि की कार्यवाही शीघ्र से शीघ्र संपादित कराएं, ताकि विकास कार्य प्रारंभ किए जा सकें तथा इनका लाभ आमजनता को प्राप्त हो सके।सार्वजनिक पण्डाल निर्माण की घोषणाइस अवसर पर नगर निगम कोरबा के अधिकारी कर्मचारियों द्वारा निगम आवासीय परिसर में सार्वजनिक पण्डाल निर्माण कराए जाने का आग्रह उद्योग मंत्री श्री देवांगन से किया, जिसे सहर्ष स्वीकार करते हुए मंत्री श्री देवांगन ने नगर निगम आवासीय परिसर में विधायक निधि से 07 लाख रूपये की लागत से सार्वजनिक पण्डाल का निर्माण कराए जाने की घोषणा की। कार्यक्रम में डॉ. राजीव सिंह, पार्षद नरेन्द्र देवांगन, चन्द्रलोक सिंह, नारायणदास महंत, वरिष्ठ नेत्री उमाभारती सराफ, अजय विश्वकर्मा, अधिवक्ता निखिल शर्मा, नरेन्द्र पाटनवार, आकाश श्रीवास्तव, राखी तिवारी सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में नागरिकगण उपस्थित थे।
- - बच्चों ने जाना जैव विविधता संरक्षण का महत्वरायपुर // जैवविविधता से समृद्ध छत्तीसगढ़ राज्य में पाए जाने वाले जीव-जंतु एवं पौध, वनस्पति की प्रजातियों की पहचान करना, उनके औषधीय उपयोग एवं आर्थिक महत्व को जानने के उद्देश्य से पैराटैक्सोनामी एवं जैवविविधता संरक्षण के लिए आयोजित 30 दिवसीय कोर्स का समापन गत दिवस 17 अगस्त को हुआ। उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप के दिशा निर्देशन में छत्तीसगढ राज्य जैवविविधता बोर्ड एवं राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के संयुक्त तत्वाधान में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया (BSI) कोलकाता के सहयोग से संपन्न कराया गया।प्रशिक्षण में बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के द्वारा राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के कैम्पस में दिया गया। यह प्रशिक्षण कांकेर, कोंडागांव, केशकाल, पूर्व भानुप्रतापपुर, पश्चिम भानुप्रतापपुर एवं नारायणपुर वनमंडलों के अंतर्गत गठित बी.एम.सी. के तहत आने वाले जीवविज्ञान में स्नातक/ 12वी. पास छात्र/छात्राओं को चयनित कर दिया गया। प्रशिक्षण में उक्त वनमंडलों से 40 तथा बी.एस.आई. से आए 13 प्रशिक्षणार्थियों कुल 53 प्रशिक्षणार्थी के द्वारा कोर्स में सहभागिता की गई। प्रशिक्षण का मुख्य बिंदु उनके क्षेत्र में पाए जाने वाले जीव जंतु एवं पौध, वनस्पति प्रजातियों की पहचान करना, उनके औषधीय उपयोग को जानना, उनके उत्पादन की मात्रा को जानना था। प्रशिक्षण के दौरान छात्र-छात्राओं को जंगल सफारी, मोहरेंगा, सिरपुर, अर्जुनी, बारनवापारा आदि स्थलों का भ्रमण कराते हुए समृद्ध पौध प्रजातियों के पहचान, उनकी उपयोगिता एवं आर्थिक महत्व की जानकारी दी गई। इस दौरान प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा राज्य वन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान के कैम्पस एवं अन्य स्थानों पर 93 फंगस की प्रजातियां, फ्लोरा की 153 प्रजातियां, औषधीय पौधों की 47 प्रजातियां एवं बीज की 187 प्रजातियों को चिन्हित कर सूचीबद्ध किया गया।प्रशिक्षण में छात्र-छात्राओं के द्वारा पौधों की पहचान करना, उनकी औषधीय उपयोगिता को जानना, हरबेरियम तैयार करने के तरीके तथा संरक्षण के तौर तरीकों से अवगत हुए। इस प्रशिक्षण से छात्र/छात्राओं के पौध प्रजातियों के देखने के नजरिए में परिवर्तन हुआ तथा वे इनके संरक्षण की दिशा में कार्य करने को तत्पर हुए हैं। इन युवाओं के द्वारा अपने ग्राम पंचायत एवं आस-पास के ग्राम पंचायतों में इस जानकारी एवं ज्ञान का प्रचार-प्रसार करने की सहमति व इच्छा जाहिर की गई। बी.एस.आई. से आए प्रशिक्षणार्थियों के द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के लगभग 1500 औषधीय पौधों की जानकारी प्राप्त की गई।कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री व्ही.श्रीनिवास राव, वैज्ञानिक, बॉटनिकल सर्वे ऑफ इंडिया डॉ. एस.एस. दास उपस्थित थे।प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री राव ने कहा कि वन विभाग एवं छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड द्वारा पहली बार इस कोर्स का आयोजन किया गया है तथा पौधों की उपयोगिता एवं आर्थिक महत्व को जानने से ही इन पौधों के महत्व का पता चलता है। इस पैराटैक्सोनामी कोर्स के प्रशिक्षण उपरांत छात्र/छात्राओं को इसे पर्यटन (होमस्टे, नेचर ट्रेल, जंगल गाईड) से जोड़ने तथा इन युवाओं का उपयोग बी.एम.सी. ट्रेनिंग, पी.बी.आर. के अपग्रेडेशन कार्य में उपयोग किए जाने का सुझाव भी दिया गया। श्री राव द्वारा प्रशिक्षण उपरांत 4-5 ग्रामों के बीच एक प्रशिक्षित युवा को रखकर विभागीय कार्यों के साथ समन्वय किये जाने का भी सुझाव दिया गया। साथ ही भविष्य में पुनः इस पैराटैक्सोनामी कोर्स का आयोजन बस्तर वृत्त एवं सरगुजा वृत्त के छात्र/छात्राओं को प्रदान किए जाने हेतु योजना तैयार करने के निर्देश छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड को दिए।उक्त प्रशिक्षण कार्यक्रम छत्तीसगढ़ राज्य जैवविविधता बोर्ड के अध्यक्ष श्री राकेश चतुर्वेदी के कुशल मार्गदर्शन में सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।
- दुर्ग / 77वें स्वतंत्रता दिवस के शुभ अवसर पर वन विभाग दुर्ग के तत्वाधान में 1 पेड़ माँ के नाम एवं महतारी वंदन स्वरुप पौधारोपण का कार्यक्रम सर्किट हाउस दुर्ग में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, जल संसाधन, कौशल विकास एवं सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने कचनार पौधा का रोपण किया। इस अवसर पर मंत्री श्री कश्यप ने पर्यावरण के संरक्षण एवं विकास हेतु अधिक मात्रा में वृक्षारोपण कार्य को संकल्पित होकर पौधों का संरक्षण करते हुए स्वच्छ एवं सुन्दर वातावरण निर्मित करने में अपना सहयोग प्रदान करने हेतु जनमानस से आग्रह किया। मौके पर उपस्थित समस्त विभाग के विभाग प्रमुख, वन मंडल दुर्ग के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा मौलश्री, अमरूद, आम, चम्पा, बादाम, जामुन इत्यादि प्रजाति के पौधों का सामूहिक रूप से वृक्षारोपण किया गया। इसके पश्चात वन मंडल दुर्ग में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मचारियों श्री गोपाल ध्रुव, शहीद खान, त्र्यंबक साहू, जय श्रीराम साहू, महेंद्र यादव को वन मंत्री श्री कश्यप के द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। वृक्षारोपण कार्यक्रम में विधायक दुर्ग शहर श्री गजेंद्र यादव, विधायक दुर्ग ग्रामीण श्री ललित चंद्राकर तथा श्री जितेंद्र वर्मा, आईजी श्री रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी, एसपी श्री जितेंद्र शुक्ला, एडीएम श्री अरविंद कुमार एक्का, सहायक कलेक्टर श्री एम. भार्गव, डीएफओ श्री चंद्रशेखर परदेशी, एसडीओ श्री डी.के. सिंह एवं वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / खाद्य एवं औषधि प्रशासन जिला दुर्ग के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा अगस्त माह में त्यौहारी सीजन के मद्देनजर तैनात खाद्य प्रतिष्ठानों एवं मिठाई दुकानों का लगातार निरीक्षण किया जा रहा है तथा संदेह के आधार पर मेसर्स तृप्ति मिठाई दुर्ग से बूंदी लड्डू एवं गुलाब जामुन, जलाराम मिष्ठान भंडार दुर्ग से सुपर पेड़ा, जलाराम स्वीट्स कैलाश नगर भिलाई से खोवा, संगम स्वीट्स स्मृति नगर भिलाई से मिनी पेड़ा, न्यू सम्राट मिष्ठान भंडार उतई से छेना टोस्ट, खेदामारा से बेसन लड्डू, सुमन स्वीट्स एवं डेली नीड्स धमधा से पेड़ा एवं सौंठ लड्डू का नमूना संग्रहित कर परीक्षण हेतु राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला रायपुर भेजा गया है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के पश्चात नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। यादव मिष्ठान एवं भोजनालय जामगांव आर का निरीक्षण किया गया। फर्म में पेस्ट कंट्रोल सर्टिफिकेट, जल परीक्षण रिपोर्ट, फास्टेक ट्रेनिंग सर्टिफिकेट आदि मौके पर नहीं पाए गए। न्यू सम्राट मिष्ठान भंडार के मामले में भी यही स्थिति रही। मौके पर ही दोनों फर्मों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया। इसी क्रम में इंदौर सेव भंडार सिकोलाभाटा दुर्ग पर खारी अमानक पाए जाने पर 35 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
- -बीटीआई ग्राउंड में 17 अगस्त से 23 अगस्त तक आयोजित है यह मेलारायपुर / राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई ग्राउंड में आयोजित दिव्य कला मेला को दिव्यांगजनों के साथ-साथ आमजनों द्वारा भी बेहद सराहा और पसंद किया जा रहा है। लोग रक्षा बंधन पर्व के लिए खरीददारी करने के लिए भी मेले में आ रहे हैं। 16 राज्यों से आए हुए दिव्यांग कारीगर एवं उद्यमियों के शिल्प कौशल व उत्पादों को सराहा व खरीदा जा रहा है। दिव्यांगजनों को इस मेले में मार्केटिंग के लिए बेहतरीन मंच मिला है। रंग बिरंगी राखी,घर की साज सज्जा, ऊनी, सूती व रेशमी कपड़े, विभिन्न प्रकार के खाद्य पदार्थ, ऑर्गेनिक खाद्य सामग्री, जूट से बने सामान, हस्तशिल्प व हथकरघा के सामान, पश्मीना शॉल, जूते, ज्वैलरी, लकड़ी के सामान, खिलौने और हर राज्य के खाने पीने के स्टाल लगाए गए हैं। यह मेला सवेरे 10.00 बजे से रात्रि 9.00 बजे तक संचालित किया जा रहा है तथा प्रत्येक दिन सांस्कृतिक कार्यक्रम का भी आयोजन किया जा रहा है। इस मेले का आयोजन 23 अगस्त तक आयोजित है।गौरतलब है कि केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेन्द्र कुमार और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने विगत दिवस राजधानी रायपुर के शंकर नगर स्थित बीटीआई मैदान में 17वें ’दिव्य कला मेला’ का भव्य शुभारंभ किया है। दिव्य कला मेला एक ऐसी पहल है जो दिव्यांग उद्यमियों और कारीगरों को उनकी कला और उद्यम का प्रदर्शन करने का एक नया मंच प्रदान करता है। इस मेले का आयोजन नई दिल्ली से लेकर देश के विभिन्न शहरों जैसे वाराणसी, भोपाल, मुंबई, गुवाहाटी, इंदौर, जयपुर, सिंकदराबाद, बेंगलुरु, चेन्नई, पटना शहरों में हुआ है। भविष्य में देश के शहरों में भी इसका आयोजन किया जाएगा।उल्लेखनीय है कि दिव्य कला मेले में लाखों की संख्या में दिव्यांग और आमजन पहुंचते हैं। दिव्य कला मेले को लेकर लोगों का यह कहना है कि सरकार की तरफ से यह एक बहुत शानदार पहल है इससे न सिर्फ दिव्यांगजनों की उद्यमिता का प्रदर्शन होता है बल्कि वोकल फॉर लोकल के थीम को भी बढ़ावा मिलता है।
- रायपुर / वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने प्रदेशवासियों को रक्षाबंधन के पावन पर्व की हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि यह पर्व भाई-बहन के अटूट प्रेम और विश्वास का प्रतीक है, जो हमारी सांस्कृतिक धरोहर का महत्वपूर्ण हिस्सा है। श्री कश्यप ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से अपील की है कि वे पर्यावरण की रक्षा के लिए आगे आएं और इस पावन पर्व पर वृक्षारोपण कर प्रकृति के साथ अपनी बंधुत्व भावना को प्रकट करें। उन्होंने सभी के जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की कामना की है।
- -श्री शर्मा ने परिवारजनों से की भेंट-मुलाकातरायपुर / उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने आज कबीरधाम जिले के ग्राम बम्हनी पहुंचकर स्वर्गीय गायत्री कौशिक की निधन पर अपनी गहरी संवेदना प्रकट की तथा श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मृतक की आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा इस अवसर पर परिवारजनों से भेंट मुलाकात कर घटना के संबंध में पूरी जानकारी ली। इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष श्री मनहरण कौशिक सहित जनप्रतिनिधि और ग्रामीणजन तथा परिवार के सदस्य उपस्थित थे।
- प्रदेशवासियों के लिए सुख,शांति और समृद्धि की कामना कीकांवड़ यात्रा में सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, विधायक श्री राजेश मूणत और श्री मोतीलाल साहू भी उपस्थित रहेरायपुर /राजस्व मंत्री श्री टंक राम वर्मा आज गुढियारी स्थित मारुती मंगलम भवन में आयोजित विशाल कांवड़ यात्रा कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ पूर्व मंत्री एवं सांसद श्री बृजमोहन अग्रवाल, पूर्व मंत्री एवं विधायक श्री राजेश मूणत और विधायक श्री मोतीलाल साहू भी उपस्थित थे।राजस्व मंत्री श्री वर्मा ने भगवान भोलेनाथ की पूजा अर्चना की।उन्होनें प्रदेश वासियों की मनोकामना पूरी होने और सुख,शांति और समृद्धि की कामना करते हुए सभी को कांवड़ यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
- रायपुर /राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 793.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 18 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1720.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 436.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 772.5 मिमी, बलरामपुर में 1141.4 मिमी, जशपुर में 625.0 मिमी, कोरिया में 781.6 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 795.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 677.1 मिमी, बलौदाबाजार में 821.1 मिमी, गरियाबंद में 755.8 मिमी, महासमुंद में 568.7 मिमी, धमतरी में 728.3 मिमी, बिलासपुर में 708.7 मिमी, मुंगेली में 788.3 मिमी, रायगढ़ में 698.4 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 445.3 मिमी, जांजगीर-चांपा में 780.7 मिमी, सक्ती 656.0 मिमी, कोरबा में 999.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 752.8 मिमी, दुर्ग में 509.0 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 630.1 मिमी, राजनांदगांव में 835.5 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 924.0 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 586.8 मिमी, बालोद में 856.0 मिमी, बेमेतरा में 459.3 ममी, बस्तर में 872.2 मिमी, कोण्डागांव में 795.2 मिमी, कांकेर में 1036.7 मिमी, नारायणपुर में 923.9 मिमी, दंतेवाड़ा में 1007.1 मिमी और सुकमा जिले में 1092.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
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जशपुर. जिले में आकाशीय बिजली गिरने की अलग-अलग घटनाओं में तीन महिलाओं की मौत हो गई है और सात अन्य घायल हो गईं। अधिकारियों ने शनिवार को बताया कि जिले के पत्थलगांव और बागबहार थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने की दो घटनाओं में तीन महिलाओं श्रद्धा यादव (35), राखी पैंकरा (20) और अखियारो मिंज (40) की मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, पत्थलगांव क्षेत्र के अंतर्गत चंदागढ़ गांव में शुक्रवार दोपहर करीब दो बजे नौ महिलाएं खेत में काम करने गई थीं, तभी वहां अचानक बारिश होने लगी और तेज गरज के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। अधिकारियों ने बताया कि इस घटना में दो महिलाओं श्रद्धा और राखी की मौत हो गई तथा सात अन्य घायल हो गईं। उन्होंने बताया कि जब अन्य ग्रामीणों को घटना की जानकारी मिली, तब प्रभावितों को अस्पताल पहुंचाया गया। अधिकारियों के अनुसार, इसी तरह की एक अन्य घटना में बागबहार क्षेत्र के अंतर्गत कुरकुट नाले के करीब खेत में काम करने के दौरान अखियारो मिंज नामक महिला आकाशीय बिजली की चपेट में आने से झुलस गई। उन्होंने बताया कि घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने महिला को अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जशपुर जिले में मानसून के दौरान आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं में बढ़ोतरी हो जाती है। जिले में इन घटनाओं में कई लोगों की मौत हो चुकी है।





















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