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- -शोक संतप्त परिवारजनों को बंधाया ढांढसरायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शुक्रवार को बेमेतरा नयापारा में श्री तुषार साहू के श्रद्धांजलि कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने तुषार साहू को पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने शोक संतप्त परिजनों से मिलकर ढाढ़स बंधाते हुए कहा कि हम सब दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े हैं, इस कठिन समय में हम सब को धैर्य बनाए रखना है। मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तुषार साहू एक होनहार युवा थे। समाज सेवा के कार्यों में सक्रिय रूप से उनकी भागीदारी रहती थी। किसी भी कार्य को वह हमेशा समर्पण और सेवा भाव से करते थे। उनकी कमी हम सब को खलेगी। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने भी श्रद्धांजलि दी और परिवारजनों से मिलकर अपनी संवेदना व्यक्त की।श्रद्धांजलि कार्यक्रम में स्थानीय नेताओं, गणमान्य नागरिकों और श्री तुषार साहू के करीबी सहयोगियों ने भी दिवंगत आत्मा के प्रति सम्मान प्रकट किया और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। गौरतलब है कि श्री तुषार साहू, उप मुख्यमंत्री श्री अरूण साव के भांजे थे। विगत 4 अगस्त को उनकी कवर्धा ज़िले के बोडला स्थित रानीदहरा जलप्रपात में नहाने के दौरान डूबने से मृत्यु हो गयी थी।
- -उपमुख्यमंत्री ने आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर और उनके योगदान की सराहना की-उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा कबीरधाम जिले के ग्राम तरेगांव जंगल और रेंगाखार में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर / उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री श्री विजय शर्मा शुक्रवार को कबीरधाम जिले के आदिवासी एवं बैगा बहुल बोड़ला विकासखंड के सुदूर वनांचल ग्राम तरेगाव जंगल के एकलव्य आर्दश आवसीय विद्यालय परिसर और ग्राम रेंगाखर में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी, वीर शहीद गुंडाधुर, शहीद वीर नारायण सिंह और धरती आबा बिरसा मुंडा के तैल्यचित्र पर पुष्प अर्पित और दीप प्रज्जवलित कर किया गया। ग्राम तरेगांव जंगल में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस के कार्यक्रम में पहुंचने पर उप मुख्यमंत्री श्री शर्मा का आदिवासी परंपरा की विशेष पहचान फेटा (पगड़ी), कलगी, छिट और तिलक लगाकर स्वागत अभिनंदन किया गया। उपमुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में आदिवासी समुदाय की सांस्कृतिक धरोहर और उनके योगदान को सराहा। उन्होंने आदिवासी अधिकारों और उनके विकास के लिए किए जा रहे प्रयासों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की और आदिवासी संस्कृति की रक्षा और संवर्धन के लिए जोर दिया।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने विश्व आदिवासी दिवस की बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि आज हम सब इस समाज के लोग विश्व आदिवासी दिवस पर एक साथ उपस्थित हुए है यह हमारे आदिवासी समाज के एकता का प्रतीक है। इसी तरह हम 15 नवंबर को धरती आबा बिरसा मुंडा के जयंती पर एक साथ मिलकर स्मरण करेंगे। उन्होंने इस क्षेत्र में समाज के प्रमुखों की प्रशंसा करते हुए बताया कि अपने समाज को एक जुट रख कर अपने समाज, अपनी परंपरा को बचाएं रखने का प्रयास करना बहुत ही सराहनीय कार्य है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदेश में संचालित सभी आश्रम छात्रावास में जनभागीदारी समिति का गठन किया जाएगा। इस समिति में आश्रम छात्रावास में पढ़ने वाले बच्चों के पालक, जनप्रतिनिधि और बच्चों के माताएं शामिल होंगे। समिति के लिए सदस्यों का चयन प्रारंभ हो गया है। जनभागीदारी समिति आश्रम छात्रावास के व्यवस्थाओं देख रेख करेंगे। समिति यह सुनिश्चित करेगी कि बच्चों को सभी सुविधाएं उपलब्ध हो। इसके लिए समाज को एक होकर कार्य करना है।उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने बताया कि विशेष पिछड़ी बैगा जन जातियों के युवक और युवतियों के लिए एएनएम, बीएससी नर्सिंग का कोर्स कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि बैगा समाज के प्रमुख व्यक्ति अपने आसपास युवक और युवतियों को प्रेरित करें और बताए की जो युवक, युवतिया एएनएम, बीएससी नर्सिंग का कोर्स करना चाहते है उसकी पूरी व्यवस्था कराई जाएगी। इस दौरान ग्राम वासियों ने उप मुख्यमंत्री को विभिन्न मांगों, शिकायत के संबंध में आवेदन किया। उप मुख्यमंत्री ने सभी आवेदनों का अवलोकन कर पूरा करने का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में श्री संतोष पटेल, श्री विदेशी राम धुर्वे, श्री बरसती वर्मा, श्री राम किनकर वर्मा, श्री बलदाऊ चंद्रवंशी, श्री झुम्मन चंद्रवंशी, श्री नरेश चंद्रवंशी, श्री संतराम, श्री सुंदर लाल बैगा, एसडीएम बोड़ला श्रीमती गीता रायस्त सहित जनप्रतिनिधि और समाज के पदाधिकारी उपस्थित थे। मंच का संचालन श्री लालमनी सोनवानी ने किया।
- -पारम्परिक वेशभूषा में पहुंचे मूल निवासीरायपुर / बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के कलेक्टोरेट परिसर में शुक्रवार को विश्व आदिवासी दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कलेक्टर श्री दीपक सोनी तथा आदिवासी समाज के पदाधिकारियों ने बड़ा देव की पूजा- अर्चना किया तथा शहीद वीर नारायण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर नमन किया। कार्यक्रम में आदिवासी समाज के लोग पारम्परिक परिधान एवं वेश- भूषा के साथ शामिल हुए। इस दौरान मल्लखम्भ प्रशिक्षण के 20 प्रतिभागियों को ड्रेस किट का वितरण किया गया। इसके साथ ही निःशुल्क पौधा वितरण भी किया गया।कलेक्टर श्री सोनी ने विश्व आदिवासी दिवस की शुभकामनायें देते हुए कहा कि ऐसे अवसर एक दूसरे के साथ जुडने व जानने समझने के लिए होता है। एक दूसरे से जुड़ेंगे तो समाज के बारे में जानकारी मिलेगी, समस्या या सुझाव मिलेंगे जिससे समाज की बेहतरी के लिए रास्ते निकलेंगे। उन्होंने कहा कि अपनी समस्या या बात रखने में संकोच न हो। अपनी बोली भाषा में भी बिना झिझक के समस्या या सुझाव के बारे में बता सकते हैं। समाज के विकास के लिए नवाचार पहल होनी चाहिए जिससे प्रशासन के सहयोग से आगे बढ़ाया जा सके। उन्होंने बताया कि जिले में मल्लखम्ब खेल प्रशिक्षण की शुरुआत हुई है। जिला प्रशासन द्वारा प्रशिक्षण के माध्यम से हुनर तराशने का प्रयास किया जा रहा है।सर्व आदिवासी समाज के जिला अध्यक्ष श्री भूपेंद्र ध्रुवंशी ने कहा कि विश्व आदिवासी दिवस सभी मूल निवासियों के लिए गौरव का दिन है। आदिवासियों को प्रकृति के सान्निध्य में जीवन यापन करने का सौभाग्य मिला है। हमें सांवैधानिक अधिकार भी दिए गए हैं। इन अधिकारों के तहत हमें अपने समाज को आगे ले जाना है।
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दुर्ग/ विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर 09 अगस्त 2024 को आदिवासी विकास विभाग द्वारा संचालित जिले के सभी शासकीय छात्रावासों, प्रयास आवासीय विद्यालय तथा विज्ञान एवं वाणिज्य शिक्षण केन्द्र में आदिवासी महापुरुषों से संबंधित शैक्षणिक एवं सामाजिक, समाज सेवा, सांस्कृतिक, पर्यावरण संरक्षण, गीत संगीत, आदिवासी नृत्य, भाषण, चित्रकला आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसके माध्यम से आदिवासी समाज की संस्कृति/सभ्यता को कैसे एक पीढ़ी से दूसरे पीढ़ी में हस्तांरित किए जाये, ऐसे संदेश देने वाले कार्यक्रम कराया गया। कार्यक्रम में अतिरिक्त जिला दण्डाधिकारी दुर्ग श्री अरविंद कुमार एक्का, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास श्री हेमंत कुमार सिन्हा तथा समाज के गणमान्य प्रतिनिधि उपस्थित रहे। शासन के मंशा अनुरूप हर घर तिरंगा कार्यक्रम की शुरूआत 09 अगस्त को तिरंगा रैली निकाली गई। - भिलाई/ नगर निगम भिलाई के सभागार में हर घर तिरंगा झंडा अभियान की शुरुआत की गई। इसके अंतर्गत तिरंगा संगोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसमें हमारे तिरंगे झंडे में जो तीनों रंग है के बारे में बताया गया। केसरिया बलिदान का प्रतीक, सफेद शांति अहिंसा विश्व बंधुत्व, हरा, हरी भरी हो धरती, प्रकृति की हरी हरियाली का प्रतीक है।संगोष्ठी के दौरान आज 9 अगस्त ऐतिहासिक काकोरी कांड को भी याद किया। गुलामी के समय कैसे हमारे क्रांतिकारियों द्वारा पहली बार अंग्रेजों का खजाना काकोरी रेलवे स्टेशन पर लूट थे। उद्देश्य था जो पैसा मिलेगा उससे आजादी के आंदोलन में लगाएंगे। जिसमें राष्ट्रभक्त राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खान, रोशन सिंह, को फांसी की सजा हुई थी। कुछ को उम्र कैद, कुछ को काले पानी की सजा हुई थी ।उसे भी याद किया गया। हर घर तिरंगा झंडा अभियान की शुरुआत तिरंगा शपथ से लेकर की गई। उसके बाद प्रतीकात्मक रैली निकल गई ।नगर निगम भिलाई से निकलकर आकाशगंगा होते हुए, घड़ी चौक पर समापन हुआ। वहां पर राष्ट्रगीत गया गया। सभी लोगों ने संकल्प लिया, हम अपने घर घर में तिरंगा झंडा फहराएंगे, दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करेंगे। राष्ट्र की भावना जागृत करने के लिए, यह एक बहुत ही गौरव का प्रतीक है। वैशाली नगर विधायक रीकेस सेन, भिलाई नगर विधायक देवेंद्र यादव, महापौर नीरज पाल, आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने सभी नागरिकों से अपील की है कि 9 अगस्त से 15 अगस्त तक सब लोग अपने घर सम्मान एवं राष्ट्रभक्ति का प्रतीक तिरंगा झंडा लगाना है ।इसका सम्मान करना है । भिलाई में प्रत्येक घर में तिरंगा झंडा लगाना है। कोई घर ना छूटे राष्ट्रभक्ति से ।
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दुर्ग/ जिला चिकित्सालय दुर्ग में पोषण पुर्नवास केन्द्र (एनआरसी) में बच्चों व माताओ के स्वास्थ्य के बेहतर बनाने तथा स्तनपान की आवश्यकता के बारे में जागरूक करने के लिए 1 अगस्त से 7 अगस्त तक विश्व स्तनपान सप्ताह 2024 का आयोजन किया गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी से मिली जानकारी अनुसार हर साल विश्व स्तनपान दिवस (वर्ल्ड एलाएंस फॉर ब्रेस्ट फीडिंग) के द्वारा चुनी गई नयी थीम के साथ मनाया जाता है। इस कार्यक्रम में हमारे जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन, डॉ. हेमंत साहू ने स्तनपान की आवश्यकता की जानकारी दी, नोडल अधिकारी डॉ. सीमा जैन के द्वारा स्तनपान के बारे मे बच्चों को स्वास्थ्य व पोषण के महत्व के बारे में बताया गया तथा एनआरसी के फीडिंग डेमोन्स्ट्रेटर श्रीमति सपना शर्मा द्वारा पोषण पुर्नवास में भर्ती सभी माताओं में स्तनपान की अवश्यकता, जरूरत व पोषण संबंधी जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डां हेमंत साहू, नोडल अधिकारी डाँ सीमा जैन, डा. ओ.पी.वर्मा अस्पताल सलाहकार, फिडिंग डेमोन्ट्रेटर (एनआरसी) श्रीमती सपना शर्मा समस्त स्टाफ नर्स अंजू वर्मा, सविता मानिकपुरी, राजलक्ष्मी, प्रिति विश्वकर्मा उपस्थित थे। इसके अलावा एनआरसी कूक अश्वनी बांधे, अटेंडेंट देवकी यादव व समस्त एनआरसी में भर्ती माताएं एवं बच्चे शामिल थे। -
दुर्ग/ कलेक्टर एवं दावा निपटान आयुक्त सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी ने दुर्घटना में घायलों को 1 लाख रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की है। प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम परसदा पोस्ट कोड़िया तहसील अहिवारा जिला दुर्ग निवासी श्री शौर्य सिंह कश्यप एवं खुमान सिंह कश्यप की विगत 07 फरवरी 2023 को ’’टक्कर मारो और भाग जाओ’’ वाहन दुर्घटना के चलते गंभीर उपहति हो गई थी।
उक्त घटना में गंभीर रूप से घायल श्री शौर्य सिंह कश्यप एवं खुमान सिंह कश्यप को प्रतिकर राशि स्कीम 2022 के तहत सोलेशियम प्रतिकर के रूप में कलेक्टर द्वारा 50-50 हजार रूपये की आर्थिक सहायता अनुदान राशि स्वीकृत की गई है। -
वृहद् ऑयल पॉम पौधरोपण अभियान के तहत
दुर्ग/ जिले के धमधा विकासखण्ड अंतर्गत ग्राम चेटूवा में विधायक श्री डोमन लाल कोर्सेवाड़ा और कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी की मौजूदगी में ऑयल पॉम पौधरोेेपण किया गया। वृहद् ऑयल पॉम पौधरोपण कार्यक्रम अंतर्गत 3 एफ ऑयल पॉम कंपनी और उद्यानिकी विभाग के तत्वाधान में कृषक श्री जगदीश सोलंकी रकबा 5.00 हेक्टेयर के प्रक्षेत्र में पॉम ऑयल पौधे का रोपण किया गया। विधायक श्री कोर्सेवाड़ा ने स्वयं भी ऑयल पॉम पौधरोपण किया।
ग्राम पंचायत चेटुवा में किसानों की उपस्थिति में उद्यान विभाग एवं 3-एफ ऑयल पॉम कंपनी के समन्वय से ऑयल पॉम की खेती को बढ़ावा देने तथा किसानों में जागरूकता लाने हेतु कार्यक्रम रखा गया। उपसंचालक उद्यान श्रीमती पूजा कश्यप साहू और 3 एफ ऑयल पॉम छ.ग. प्रमुख श्री मनोज कुमार शर्मा द्वारा केन्द्र पोषित ऑयल पॉम योजना (एनएमईओ-ओपी) की विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान ऑयल पॉम की खेती कर रहे कृषक श्री योगेश साहू ग्राम टेमरी द्वारा ऑयल पॉम खेती से होने वाले लाभ की जानकारी दी गई। भारत सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत दुर्ग जिले को 300.00 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इस कार्यक्रम में नगर पालिका अहिवारा अध्यक्ष श्री नटवर लाल ताम्रकार, जनपद पंचायत धमधा अध्यक्ष श्रीमती सरस्वती रात्रे, जनपद सदस्य श्रीमती हेमा साहू व श्री अशोक पटेल, पूर्व सरपंच ढौर श्री खेमू साहू, सरपंच ग्राम पंचायत चेटूवा श्री आत्मा राम गजपाल, साथ ही उद्यानिकी विभाग धमधा के अधिकारीगण और 3 एफ ऑयल पॉम के कर्मचारी उपस्थित थे। -
दुर्ग/ जिले में 01 जून से 09 अगस्त तक 483.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 814.6 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 332.1 मिमी धमधा तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 402.0 मिमी, तहसील बोरी में 396.6 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 427.6 मिमी और तहसील अहिवारा में 527.7 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 09 अगस्त को तहसील पाटन में 3.0 मिमी, तहसील बोरी में 6.3 मिमी, तहसील भिलाई-3 में 1.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 2.3 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। -
*- अऋणी कृषकों के लिए 16 अगस्त की तिथि यथावत*
दुर्ग/ छत्तीसगढ़ के ऋणी किसान अब 25 अगस्त तक अपनी खरीफ फसलों का बीमा कर सकेंगे। भारत सरकार ने ऋणी किसानों के लिए बीमा कराए जाने की निर्धारित तिथि 16 अगस्त को बढ़ाकर 25 अगस्त कर दिया है। अऋणी कृषकों के लिए फसलों का बीमा कराने की 16 अगस्त तक की निर्धारित तिथि यथावत रहेगी।
गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ सरकार के प्रस्ताव पर केन्द्र सरकार ने खरीफ फसल बीमा कराए जाने की तिथि को बढ़ाकर 16 अगस्त कर दिया है। अब नए आदेश के तहत ऋणी कृषकों के लिए समयावधि 25 अगस्त तक कर दी गयी है।
मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय एवं कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने कृषि विभाग के अधिकारियों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ दिलाने के लिए राज्य के किसानों को फसल बीमा कराने के लिए आवश्यक मार्गदर्शन देने तथा पंजीयन कराने को कहा है, ताकि प्राकृतिक आपदा से फसल नुकसान होने पर उन्हें क्षतिपूर्ति मिल सके।
राज्य में कृषि विभाग द्वारा खरीफ वर्ष 2024 के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा के लिए जारी अधिसूचना के अनुसार योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को पंजीयन कराना जरूरी है। किसान प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत धान सिंचित, असिंचित, सोयाबीन, मूंगफली, मक्का, मूंग, उड़द, कोदो-कुटकी, रागी फसल का बीमा करा सकते हैं।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत प्रतिकूल मौसम, सूखा, बाढ़, जलप्लावन, ओलावृष्टि आदि प्राकृतिक आपदाओं से किसानों को होने वाले फसल नुकसान की क्षतिपूर्ति होती है। योजना में ऋणी और अऋणी किसान, जो भू-धारक व बटाईदार हो, शामिल हो सकते हैं। ऐसे किसान जो अधिसूचित ग्राम में अधिसूचित फसल का बीमा करा सकते हैं, इसके लिए किसानों को अपना आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका, बी-1 पॉचशाला खसरा, बैंक पासबुक की छायाप्रति एवं बोनी प्रमाण पत्र के साथ पंजीयन कराना होगा। बैंक अथवा चॉईस सेंटरों के माध्यम से भी फसल बीमा कराया जा सकता है। -
दुर्ग/ डॉ. खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार के लिए कृषकों से निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र 31 अगस्त 2024 तक आमंत्रित किये गये है। पुरस्कार हेतु इच्छुक एवं पात्र कृषक कार्यालय उप संचालक कृषि एवं वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी कार्यालय से निःशुल्क प्राप्त कर निर्धारित तिथि तक निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी कार्यालय एवं वेबसाईट www.agriportal.cg.nic.in से प्राप्त की जा सकती है। पुरस्कार वितरण राज्य स्थापना दिवस 01 नवम्बर 2024 के अवसर पर किया जाएगा। पुरस्कृत कृषकों को दो लाख रूपए एवं प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। प्रतिस्पर्धा में केवल ऐसे कृषक ही सम्मिलित होने के लिये पात्र होंगे जो विगत दस वर्षों से कृषि का कार्य छत्तीसगढ़ क्षेत्र में कर रहे हो। छत्तीसगढ़ राज्य के मूल निवासी हो। कुल वार्षिक आमदनी में से न्यूनतम 75 प्रतिशत आय कृषि से हो एच तकाबी/सिचाई शुल्क/सहकारी बैंकों का कालातीत ऋण ना हो। कृषक का चयन एवं मूल्यांकन -फसल विविधीकरण एवं उत्पादकता वृद्धि हेतु नवीन कृषि तकनीकी अपनाने का स्तर, उन्नत कृषि तकनीकी के प्रचार प्रसार एवं अन्य कृषकों द्वारा अपनाने के लिये प्रेरित करने हेतु प्रयास, विगत तीन वर्षों में विभिन्न फसलों की उत्पादकता का स्तर और कृषि एवं सहयोगी क्षेत्र में कृषक द्वारा लिया गया उल्लेखनीय/नवोन्वेषी कार्य के आधार पर किया जाएगा। पुरस्कार का कार्यक्षेत्र- कृषि के क्षेत्र में सर्वोत्तम कार्य करने वाले कृषक को यह पुरस्कार दिया जायेगा। ऐसे कृषक, जो खेती में नवीन तकनीकी को अपनाते ही जिसकी फसल सघनता अच्छी हो। समन्वित कृषि प्रणाली एवं फसल विविधीकरण अपनाते हो, कृषि के क्षेत्र में नवोन्वेषी कार्य करते ही भूमि एवं जल संरक्षण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किये हो, कृषि संसाधनों का श्रेष्ठतम उपयोग करते हो, कृषि विपणन में जिनका योगदान हो, इत्यादि को यह पुरस्कार का वितरण राज्य स्थापना दिवस के अवसर पर दिया जायेगा। पुरस्कार हेतु कृषकों से प्राप्त आवेदन पत्र में उल्लेखित गुण-दोष के आधार पर तथ्यों का सत्यापन विकासखंड स्तरीय डॉ खूबचंद बघेल कृषक रत्न पुरस्कार छानबीन समिति द्वारा किया जावेगा। कृषकों का चयन जिला स्तरीय छानबीन समिति एवं राज्य स्तरीय जूरी के द्वारा किया जायेगा और उनके द्वारा लिया गया निर्णय अंतिम व मान्य होगा।
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दुर्ग/ सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत माह जुलाई 2024 में दुकानों में खाद्यान्न भंडारण समय पर नहीं होने के कारण कुछ हितग्राहियों को खाद्यान्न वितरण नहीं हो पाया है। इस संबंध में शासन को सूचना दी गई थी जिसके आधार पर शासन द्वारा खाद्यान्न वितरण की तिथि में वृद्धि करते हुए 15 अगस्त 2024 तक जुलाई 2024 के खाद्यान्न की वितरण की अनुमति प्रदान की गई है। खाद्य नियंत्रक के अनुसार ऐसे राशनकार्डधारी जिनके द्वारा माह जुलाई 2024 के खाद्यान्न का उठाव नहीं किया जा सका है वे 15 अगस्त तक शासकीय उचित मूल्य दुकानों से जुलाई 2024 का भी खाद्यान्न प्राप्त कर सकते हैं। -
दुर्ग/अंत्यावसायी व्यवसायिक प्रशिक्षण केन्द औद्योगिक क्षेत्र जवाहर नगर धमधा नाका दुर्ग में मुख्यमंत्री कौशल विकास प्रशिक्षण हेतु मेहमान प्रशिक्षक की अस्थायी नियुक्ति किया जाना है। प्रशिक्षण ट्रेड सेल्फ एप्लाइड टायलर में प्रशिक्षण देने के लिए इच्छुक व्यक्ति से 20 अगस्त तक आवेदन पत्र आमंत्रित किये गये है। पात्रता की शर्ते- आवेदक अपना पंजीयन एवं दस्तावेज आवेदन पत्र, दस्तावेजजों व उसकी स्वप्रमाणित छायाप्रति प्रस्तुत करना होगा। आवेदक की शैक्षणिक योग्यता संबंधित ट्रेड में डिप्लोमा (फैशन डिजाइन एवं चार साल एडवांस डिप्लोमा 03 साल का ग्रेजुयूट 02 साले का पोस्ट ग्रेज्यूट 01 साल का 12 का 04 साल का अनुभव होना अनिवार्य है स आवेदक को संबंधित ट्रेड/कोर्स में टीओटी का प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा ।चयन मेरिट के आधार पर होगा। आवेदक छत्तीसगढ़ का मूल निवासी हो एवं रोजगार कार्यालय का जीवित पंजीयन प्रमाण प पत्र संलग्न करना होगा। चयनित आवेदक मेहमान प्रशिक्षक का मानदेय 15 हजार एक मुश्त प्रशिक्षण अवधि में देय होगा। उपरोक्त पद पर भर्ती पूर्ण अस्थायी होगी। -
अंशदान की राशि का हुआ भुगतान
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में अब एक फोन पर समस्या का समाधान मिल रहा है। रायपुर के वार्ड क्रमांक 64 टिकरापारा निवासी श्रीमति साहिन बानो ने राज्य सरकार द्वारा दी जाने वाली अंशदान की राशि दो महीने मई और जून की नहीं मिलने को लेकर शिकायत की थी। उनका कहना था कि उनको दो महीने की राशि नहीं मिली है। जिससे उन्हंे परेशानी का सामना करना पड रहा है। जिसको लेकर उन्होंने जिला प्रशासन के जन समस्या निवारण कॉल सेंटर में फ़ोन किया। जिसके बाद संबंधित विभाग ने प्रकरण की जानकारी ली और अंशदान की राशि को दिलवाया। समस्या का निराकरण होने के बाद शिकायतकर्ता श्रीमति साहिन बानो ने संतुष्टी जताई और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। -
*निवास प्रमाण पत्र बनने में लग रहा था समय, फोन किया तत्काल हुआ निराकरण*
रायपुर। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में अब एक फोन पर समस्या का समाधान मिल रहा है। खरोरा तहसील के भडहा ग्राम निवासी श्री योगेश घृतलहरे ने अपने दोनों बच्चों के निवास प्रमाण पत्र बनने में हो रही देरी को लेकर शिकायत की थी। उनका कहना था कि उनको दोनों बच्चे गौतम और चंदा का निवास प्रमाण पत्र उनके स्कूल में जमा करना था। जिसके लिए उन्होनें आवेदन किया था। लेकिन महीनेभर से ज्यादा का समय हो जाने के बाद भी नहीं बना। जिसको लेकर उन्होंने जिला प्रशासन के जन समस्या निवारण कॉल सेंटर में फ़ोन किया। जिसके बाद संबंधित विभाग ने प्रकरण की जानकारी ली और निवास प्रमाण पत्र को दिलवाया। समस्या का निराकरण होने के बाद शिकायतकर्ता श्री योगेश घृतलहरे ने संतुष्टी जताई और मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया। -
*बड़े उत्साह और जोश के साथ स्कूली बच्चों ने निकाली रैली
रायपुर । मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के आव्हान पर हर घर तिरंगा कार्यक्रम की शुरूआत की गई है। इसी कार्यक्रम के तहत आज रायपुर जिले में संभाग स्तरीय तिरंगा रैली का आयोजन किया गया। इस रैली में बड़े जोश और उत्साह के साथ लगभग साढ़े चार सौ स्कूली बच्चे शामिल हुए। साथ ही देशभक्ति नारों के साथ रैली निकाली गई। इसमें रैली में शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक श्री राकेश पांडे, जिला शिक्षा अधिकारी श्री विजय खंडेलवाल, सहायक संचालक श्री अजीत सिंह जाट, सहायक संचालक एम. मिंज, दानी गल्र्स स्कूल के प्राचार्य श्री हितेश कुमार दीवान एवं शिक्षकों ने भी भाग लिया। - -नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से 1 करोड़ 16 लाख रूपए के 13 निर्माण कार्यों की मंजूरी-श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भेजा था निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए प्रस्तावरायपुर । स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल से नगर पंचायत झगराखाण्ड को वित्तीय वर्ष 2024-25 में निकाय क्षेत्रांतर्गत नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से अधोसंरचना मद में 13 निर्माण कार्यों हेतु अधोसंरचना मद से स्वीकृति मिली है। इन निर्माण कार्यो के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 1 करोड़ 16 लाख 78 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गयी है।कार्य का विवरणनगर पंचायत झगराखाण्ड के वार्ड क्र. 12 में धनेश के घर से पहाड़ी के घर तक सी.सी. रोड निर्माण के लिए 10.02 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 में सुदामा चौधरी के घर से खलील के घर तक नाली निर्माण के लिए 8.04 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 में आबिद के घर से सबीर के घर तक रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य के लिए 4.86 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 में भवानी के घर से पूनम पनिका के घर तक नाली निर्माण कार्य के लिए 4.91 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12 में पंप हाऊस के पास शौचालय निर्माण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 05 में गोलाई दफाई में शौचालय निर्माण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।इसी प्रकार वार्ड क्र. 10 में लैला मजनू ग्राउण्ड के पास सांस्कृतिक मंच निर्माण कार्य के लिए 10.00 लाख रूपए, वार्ड क्र. 10 में आंगनबाड़ी में बाऊण्ड्रीवॉल निर्माण कार्य के लिए 4.76 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 में संजय सेन के घर से संतोष वर्मा के घर तक सी.सी. रोड निर्माण कार्य के लिए 4.72 लाख रूपए, वार्ड क्र. 15 में मोहन वर्मा के घर के पिछे रिटर्निंग वॉल निर्माण कार्य के लिए 4.48 लाख रूपए, वार्ड क्र. 06 एवं 07 मांगलिक भवन में बाउण्ड्रीवॉल निर्माण कार्य के लिए 19.91 लाख रूपए, वार्ड क्र. 10 में जमुना यादव के घर से आनंद के घर तक नाली निर्माण कार्य के लिए 5.08 लाख रूपए, वार्ड क्र. 08 में पुष्पवाटिका में उन्नयन कार्य के लिए 20.00 लाख रूपए की राशि प्रदाय की गयी है।
- -एक दिवसीय प्रवास पर कवर्धा पहुंचे प्रदेश के उपमुख्यमंत्री, गृहमंत्री विजय शर्मा ने 25 दिव्यांगजनों को पेट्रोल चलित स्कूटी वितरण किया-उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा ने कहा दिव्यांगजनों और आमजनों की सेवा से मिलती है आत्मीय खुशीरायपुर / प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं गृहमंत्री श्री विजय शर्मा ने कवर्धा प्रवास के दौरान विधायक कार्यालय में जिले के 25 दिव्यांगजनों को पेट्रोल चलित स्कूटी वितरण किया। उन्होंने इस अवसर पर दूर-दराज से आए दिव्यांगजनों से आत्मीयता से मुलाकात की और उनकी समस्याओं से रूबरू भी हुए। उन्होंने कहा कि प्रदेश में श्री विष्णु देव साय की सरकार आपके सहयोग और आर्थिक विकास के लिए हमेशा साथ रहेगी। उन्होंने कहा कि लोगों की सेवा और क्षेत्र का विकास हमारी प्राथमिकता में शामिल है। प्राथमिकता से सभी समस्याओं का निराकरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा दिव्यांगजनों और आमजनों की सेवा में आत्मीय खुशी मिलती है। श्री शर्मा ने इससे पहले कवर्धा आगमन के दौरान ठाकुरदेव चौक में अपने वाहन रुकवाकर आमजनों से भेंट की और सभी का हालचाल जाना। उपमुख्यमंत्री श्री शर्मा कबीरधाम जिले के एकदिवसीय प्रवास पर है। श्री शर्मा आज जिले के तरेगांव, रेंगाखार और कवर्धा के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में भी शामिल हो रहे हैं।
- रायपुर / राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 744.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 09 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1671.6 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 358.8 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 672.3 मिमी, बलरामपुर में 951.4 मिमी, जशपुर में 565.1 मिमी, कोरिया में 698.5 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 712.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 654.0 मिमी, बलौदाबाजार में 789.6 मिमी, गरियाबंद में 719.9 मिमी, महासमुंद में 545.0 मिमी, धमतरी में 703.8 मिमी, बिलासपुर में 687.7 मिमी, मुंगेली में 714.7 मिमी, रायगढ़ में 616.3 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 414.3 मिमी, जांजगीर-चांपा में 711.5 मिमी, सक्ती 595.3 कोरबा में 931.4 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 682.8 मिमी, दुर्ग में 483.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 592.8 मिमी, राजनांदगांव में 794.4 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 910.8 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 545.0 मिमी, बालोद में 834.6 मिमी, बेमेतरा में 432.7 मिमी, बस्तर में 829.8 मिमी, कोण्डागांव में 782.5 मिमी, कांकेर में 1000.2 मिमी, नारायणपुर में 913.1 मिमी, दंतेवाड़ा में 981.2 मिमी और सुकमा जिले में 1063.3 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- -कलेक्टर-डीएफओ ने वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को विस्तार से दिए प्रशिक्षणरायपुर / गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले में राज्य मंत्रि-परिषद द्वारा 9 जुलाई 2024 को लिए गए निर्णय के अनुसार व्यक्तिगत वन अधिकार पत्र धारकों की मृत्यु-फौत होने पर विधिक वारिसानों के नाम पर काबिज वन भूमि का हस्तांतरण एवं राजस्व-वन अभिलेखों में दर्ज करने और अन्य भूमि संबंधित कार्यवाही के लिए प्रशिक्षण सह कार्यशाला आयोजित की गई। कलेक्ट्रेट के अरपा सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी और वनमण्डलाधिकारी श्री रौनक गोयल ने वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों को वन अधिकार मान्यता पत्र धारक का निधन होने पर फौती नामांतरण, विधिक वारिसानों के मध्य वन अधिकार पत्र की वन भूमि का बंटवारा, मान्य वन अधिकारों का सीमांकन एवं वन अधिकार पुस्तिका आदि अभिलेखों में त्रुटि सुधार के संबंध में विस्तार से प्रशिक्षण दिया।कार्यशाला में फौती-नामांतरण के लिए आवेदन प्राप्त होने पर निर्धारित प्रारूप में ईश्तहार-ज्ञापन जारी करने, दावा आपत्ति प्राप्त करने, आपत्ति प्राप्त होने के स्थिति में सुनवाई कर नियम प्रक्रिया के तहत निर्धारित समय सीमा में निराकरण करने के संबंध में बताया गया। विधिक वारिसानों द्वारा फौती नामांतरण-संशोधन हेतु आवश्यक दस्तावेज प्राप्त करने, विधिक वारिसानों का नाम दर्ज करने के लिए छत्तीसगढ़ भू राजस्व संहिता 1959 की धारा 110 की भांति प्रकरण दर्ज कर धारा 110 के अधीन बने नियमों का पालन करते हुए प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने कहा गया। प्रशिक्षण के दौरान नक्शा काटने, खसरा नंबर, रकबा नंबर, वारिसानों को संशोधित वन अधिकार पुस्तिका (ऋण पुस्तिका) जारी करने सहित सभी तकनीकी पहलुओं के बारे में प्रतिभागियों को विस्तार से बताया गया।
- -नवाचारी पहल के तहत फोन से ही ग्रामीणों को मिलेगी योजनाओं की जानकारी-कलेक्टर ने वीडियो कॉल के जरिए ग्रामीणों से बातचीत कर संपर्क सुविधा केंद्र का किया शुभारंभरायपुर / बलौदाबाजार जिले में नवाचारी पहल के तहत आम जनता के समस्याओं,मांग के निराकरण,योजनाओं की जानकारी सहित सुझाव प्रदान करने के उद्देश्य से संपर्क 92018-99925 की स्थापना संयुक्त जिला कार्यालय में की गई है। इसके माध्यम से अब जिलेवासियों को घर बैठे ही अपनी समस्याओं एवं सुझावों के निराकरण सहित योजनाओं से संबधित जानकारी की सुविधा उपलब्ध होगी। कलेक्टर दीपक सोनी ने वीडियो कॉल के जरिए 5 गांव के ग्रामीणों से बातचीत कर संपर्क सुविधा केंद्र का संचालन प्रारंभ किया है।कलेक्टर श्री सोनी ने बताया कि जिले का कोई भी व्यक्ति 92018-99925 पर फोन करके अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। न केवल इसमें शिकायत बल्कि रूटीन में विभिन्न विभागों द्वारा विभागीय योजनाओं की जानकारी मुहैया करायी जायेगी। इसके लिए बकायदा अधिकारी कर्मचारियों की विभागवार ड्यूटी भी लगायी गई है। जो भी शिकायतें दर्ज करायी जायेगी उनका लगातार मॉनिटरिंग करते हुए उन्हे दर्ज किया जा रहा है ताकि तेजी से समस्या का समाधान हो सके। उक्त सुविधा केवल कॉल के जरिए नहीं बल्कि वाट्सअप के माध्यम से भी किया जा सकता है।कलेक्टर श्री सोनी से सीधा संवाद करते हुए ग्राम कुम्हारी के ग्रामीणों ने गांव में जल जीवन मिशन के कार्य लम्बे समय से नहीं चलने के संबंध में जानकारी प्रदान की। जिस पर कलेक्टर ने शीघ्र ही निराकरण का आश्वासन दिया है। इसी तरह ग्राम बिनैका के ग्रामीणों ने फौती नामांतरण के कार्य नहीं होने भवन निर्माण के कार्य अधूरे होने की जानकारी कलेक्टर को दी है। ग्राम जर्वे के ग्रामीणों ने अतिक्रमण संबंधित समस्याओं के बारे में अवगत कराया। कलेक्टर ने भी ग्रामीणों से पेयजल की समस्या,महिला स्व सहायता समूह के कामकाज, विद्युत एवं रोड की समस्याओं के बारे में भी जानकारी ली। साथ ही साथ उन्होनें दस्तक अभियान से संबंधित जानकारी ग्रामीणों के साथ साझा किए।
- -भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 के अंतर्गत प्रकरण दर्जरायपुर / गौरेला पेंड्रा मरवाही जिले के मरम्मत योग्य नहीं जर्जर हो चुके शाला भवनों को डिस्मेंटल कराने के लिए राज्य शासन द्वारा निर्देश दिए गए है, ताकि जर्जर हो चुके शाला भवनों से किसी तरह की अप्रिय घटना एवं जानमाल की क्षति होने से बचा जा सके। शाला विकास समितियों के प्रस्ताव पर मरवाही विकासखंड के अंतर्गत अत्यंत जर्जर हो चुके 59 शाला भवनों एवं शौचालयों को डिस्मेंटल करने न्यायालय अनुविभागीय दण्डाधिकारी मरवाही द्वारा अनुमति प्रदान की गई है।जारी आदेश में कहा गया है कि नवीन भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 152 अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर तत्संबंध में अनुविभागीय अधिकारी लोक निर्माण विभाग, अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा एवं विकास खण्ड शिक्षा अधिकारी मरवाही की संयुक्त जांच दल के प्रतिवेदन के अनुसार 28 शाला भवन, 18 शौचालय एवं 06 शालाओं के अतिरिक्त कक्ष भवन डिस्मेंटल योग्य पाया गया है। उपरोक्त भवनों को डिस्मेंटल करने की अनुमति पदान की गई है। डिस्मेंटल उपरांत मलबा एवं अन्य सामग्री का निस्तारण संबंधित ग्राम पंचायत द्वारा किया जाएगा। संबंधित शाला प्रबंधन एवं विकास समिति के बैंक खातों में नियमानुसार राशि जमा की जाएगी।डिस्मेंटल योग्य शाला भवनों में माध्यमिक शाला धुम्माटोला, माध्यमिक शाला बरौर, माध्यमिक शाला बगरार, माध्यमिक शाला कटरा, प्राथमिक शाला देवराजपारा, प्राथमिक शाला मौहारटोला, प्राथमिक शाला सिलपहरी, प्राथमिक शाला कांसबहरा, प्राथमिक शाला डोगराटोला, प्राथमिक शाला चिलहनटोला, प्राथमिक शाला माड़ाकोट, प्राथमिक शाला बरैहाटोला, प्राथमिक शाला मडवाही, प्राथमिक शाला दुवारीटोला, प्राथमिक शाला सिलवारी, प्राथमिक शाला मढैयाटोला, प्राथमिक शाला सचराटोला, प्राथमिक शाला ठाड़पथरा, प्राथमिक शाला बलबहराटोला, प्राथमिक शाला कटरा, प्राथमिक शाला करहनिया, प्राथमिक शाला धौराठी, प्राथमिक शाला फाटपानी, प्राथमिक शाला बरटोला, प्राथमिक शाला टिकठी, प्राथमिक शाला भर्रीडांड, प्राथमिक शाला ढपनीपानी एवं प्राथमिक शाला धनुहारीटोला शामिल है।डिस्मेंटल शौचालयों में माध्यमिक शाला धुम्माटोला, माध्यमिक शाला सिलपहरी, प्राथमिक शाला मौहारटोला, प्राथमिक शाला कांसबहरा, प्राथमिक शाला डोगराटोला-बेलझिरिया, प्राथमिक शाला पतेराटोला, प्राथमिक शाला डोगराटोला, प्राथमिक शाला ललमटियाटोला, प्राथमिक शाला भर्रीडांड, प्राथमिक शाला खलोटिहाटोला, प्राथमिक शाला चितवाहीटोला, प्राथमिक शाला कोरकोरटोला, प्राथमिक शाला मसूरीखार, प्राथमिक शाला अरमानटोला, प्राथमिक शाला पीपरडांड, प्राथमिक शाला मासुलडांड, प्राथमिक शाला भर्रीडांड एवं प्राथमिक शाला टिकठी शामिल है। इसी तरह अतिरिक्त कक्षों में प्राथमिक शाला देवराजपारा, प्राथमिक शाला भिरहीनार, प्राथमिक शाला खरकाटोला, प्राथमिक शाला देवरीडांड, माध्यमिक शाला अण्डी एवं बालक माध्यमिक शाला उषाढ शामिल है। file photo
- - हथकरघा में हुनरमंद हो रही महिलाएं और बालिकाएं--विभिन्न ट्रेड में ले रही प्रशिक्षणरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में बस्तर संभाग के माओवादी आतंक से सुरक्षा प्रदान करने के लिए एक तरफ सुरक्षा कैंपों की सख्या बढ़ायी जा रही है। वहीं सुरक्षा कैंपों के आसपास 5 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों में केन्द्र और राज्य सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए नियद् नेल्लानार जैसी नवाचारी योजनाओं की शुरूआत की गई है। इस योजना के बेहतर और सार्थक परिणाम मिल रहे हैं। लोगों का विश्वास फिर से शासन-प्रशासन के प्रति लौटने लगा है।नियद नेल्लानार योजना से युवाओं को रोजगार के अवसर मिल रहे हैं। युवा पढ़ाई के साथ साथ अपनी पसंद के ट्रेडस में प्रशिक्षण लेकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के सुशासन में युवाओं को हुनरमंद बनाने के लिए सार्थक प्रयास किया जा रहा है। बेहतर शिक्षा के साथ उनका कौशल उन्नयन किया जा रहा है। दंतेवाड़ा जिले में शासन की महत्वकांक्षी योजना ‘‘नियद नेल्लानार योजना‘‘ के तहत बासनपुर कैंप के अंतर्गत आने वाले ग्राम गामावाड़ा की 21 महिलाओं को आजीविका के नये संसाधनों से जोड़ने के लिए हथकरघा का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके साथ ही प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना अंतर्गत लाइवलीहुड कॉलेज में 12 छात्र भी एसोसिएट, डेस्कटॉप, असिस्टेंट, हैंड एंब्रॉयडरी, टू व्हीलर सर्विस असिस्टेंट ट्रेड में प्रशिक्षण ले रहे हैं। ज्ञात हो कि ’’नियद नेल्लानार योजना‘‘ एवं प्रधान मंत्री कौशल विकास योजना के तहत जिले के बेरोजगार युवक-युवतियों को हुनरमंद बनाने के तहत विभिन्न प्रकार के प्रशिक्षण सत्र चलाये जा रहे हैं। यह एक ऐसा अवसर है जिसमें बेरोजगार युवक-युवतियां किसी भी टेªड में प्रशिक्षण लेकर स्वावलंबी बन सकते है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के मंशानुरूप पर्यटन क्षेत्र को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। सूरजपुर जिले में पर्यटन विकास की दृष्टि से रामानुजनगर जनपद अंतर्गत कुमेली जलप्रपात और सूरजपुर जनपद अंतर्गत पहाड़गांव क्षेत्रों में हुए पूर्व के निर्माण कार्य प्रगति पर हैं।गौरतलब है कि पहाड़गांव सूरजपुर जनपद में अंबिकापुर रोड, सिलफिली के समीप स्थित क्षेत्र है जहां खोखनिया बांध निर्माण से झील का निर्माण हुआ है। पहाड़ों के बीच स्थित झील शांत वातावरण में मनोरम एवं आकर्षक दृश्य निर्मित करता है। स्थल में पर्यटन विकास की संभावना को देखते हुए प्रशासन के द्वारा यहां पहुंच मार्ग के विकास के साथ अन्य सभी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही है।क्षेत्र के विकास को लेकर पर्यटकों के सुरक्षा, खाद्य पदार्थों और पेयजल की उपलब्धता, हट पैगोडा निर्माण, अपशिष्ट प्रबंधन, शौचालय सुविधा उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके अलावा झील में बोटिंग की सुविधा शुरू करने के संबंध में भी कार्ययोजना बनाने के लिए कहा गया है। जिला प्रशासन द्वारा कुमेली जलप्रपात क्षेत्र के विकास के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है।जिला प्रशासन द्वारा यहां अपशिष्ट प्रबंधन, चेतावनी बोर्ड सहित सुरक्षा के इंतजाम, पेयजल की सुविधा, हट पैगोडा निर्माण के निर्देश दिए साथ ही उन्होंने यहां लगे सोलर लाइट एवं निर्मित शौचालय के मरम्मत के लिए भी निर्देशित किया। कुमेली जलप्रपात सूरजपुर से लगभग 30 किलोमीटर दूर स्थित है। सूरजपुर जिला मुख्यालय से यहां केतका रोड एवं राजापुर रोड होते हुए पहुंचा जा सकता है। कुमेली जलप्रपात घने वन के मध्य स्थित है जो लगभग 50 फीट ऊंचा जलप्रपात है जो वर्षा काल में और भी ज्यादा आकर्षक एवं मनमोहक दृश्य का निर्माण करता है।
- कृषि विज्ञान केन्द्र, रायपुर, महासमुंद एवं दुर्ग की वैज्ञानिक सलाहकार समितियों की बैठक संपन्नरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. (कर्नल) गिरीश चंदेल ने कहा है कि विश्वविद्यालय के मार्गदर्शन में संचालित कृषि विज्ञान केन्द्र स्थानीय किसानों की आवश्यकताओं तथा समस्याओं को ध्यान में रखते हुए अपनी योजनाएं तैयारकर किसानां के विकास के लिए कार्य कर रहे हैं। डॉ. चंदेल ने कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों तथा विषय वस्तु विशेषज्ञों से आव्हान किया कि वे फसलों की गुणवत्ता में सुधार कर तथा इनका मूल्य संवर्धन कर किसानों की आय बढ़ाने का कार्य करें। डॉ. चंदेल आज यहां निदेशक विस्तार सेवाएं, रायपुर में महासमुंद एवं (पाहंदा) दुर्ग कृषि विज्ञान केन्द्रों की वैज्ञानिक सलाहकार समितियों की बैठक को संबोधित कर रहे थे। बैठक में कृषि महाविद्यालय, रायपुर एवं महासमुंद के अधिष्ठाता, तीनों कृषि विज्ञान केन्द्रां के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख, विषय वस्तु विशेषज्ञ, कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य पालन विभागों के अधिकारी तथा कृषक प्रतिनिधि शामिल हुए।बैठक में कृषि विज्ञान केन्द्र रायपुर, महासमुंद एवं दुर्ग के कार्यक्षेत्र में कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा किसानों के लिए चलाई जाने वाली लाभकारी योजनाआें पर चर्चा की गई तथा कृषक प्रतिनिधियों से प्राप्त स्थानीय आवश्यकताओं तथा समस्याओं के अनुरूप इनमें आवश्यक फेर-बदल करने के निर्देश दिये गये। बैठक के दौरान तीनों कृषि विज्ञान केन्द्रों के वरिष्ठ वैज्ञानिकों द्वारा उनके कृषि विज्ञान केन्द्र द्वारा संचालित योजनाओं, गतिविधियों एवं उपलब्धियों का प्रस्तुतिकरण किया गया। निदेशक विस्तार सेवाएं डॉ. एस.एस. टुटेजा ने इन कृषि विज्ञान केन्द्रों द्वारा संचालित योजनाआें एवं गतिविधियों की की समीक्षा की तथा आवश्यक दिशा निर्देश दिये। इस अवसर पर संचालक अनुसंधान सेवाएं डॉ. विवेक कुमार त्रिपाठी, निदेशक प्रक्षेत्र एवं बीज डॉ. राजेन्द्र लाकपाले सहित बड़ी संख्या में कृषि वैज्ञानिक उपस्थित थे।



















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