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अधीनस्थ अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति कार्यालय प्रमुख की जिम्मेदारी
संभागस्तरीय बैठक में संभागायुक्त श्री कावरे ने दिए निर्देश, शासकीय कामकाज की समीक्षा की
रायपुर / शासकीय कार्यालयों में निर्धारित समय पर अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर रायपुर संभागायुक्त ने कड़ा रूख दिखाया है। आज संभागायुक्त कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में श्री कावरे ने सख्त निर्देश दिए की निर्धारित समय पर कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारियों की उपस्थिति कार्यालय प्रमुख की जिम्मेदारी होगी। निर्धारित समय पर कार्यालय नही आने वाले अधिकारी-कर्मचारी के कारण आमजनों के काम प्रभावित होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे कर्मचारियों के विरूद्ध शासकीय नियमो के अनुसार निलंबन तक की कार्रवाई कार्यालय प्रमुख कर सकेंगे। श्री कावरे ने यथासंभव कार्यालयों में बायोमेट्रिक अटेंडेस सिस्टम लगाने की पहल करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। संभागायुक्त ने रायपुर संभाग के सभी पांच जिलों में चल रहे विकास कार्यांें की अद्यतन जानकारी उपस्थित अधिकारियों से ली। बैठक में कृषि, लोक निर्माण विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग, सेतु विकास निगम, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, स्कूल शिक्षा विभाग, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा, सहकारिता विभाग, समाज कल्याण विभाग के संभाग स्तरीय अधिकारी शामिल हुए।
बैठक में संभागायुक्त ने अधिकारियों को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत शामिल सभी जन सेवाओं को निर्धारित समय सीमा में हितग्राहियों को उपलब्ध कराने निर्देश दिए। उन्होंने लोक सेवा गारंटी अधिनियम की सेवाओं से संबंधित जानकारी बोर्ड लगाकर कार्यालयों में प्रदर्शित करने के निर्देश भी दिए। श्री कावरे ने बैठक में यह भी कहा कि लोक सेवा गारंटी के सेवाओं का ऑनलाईन रिकॉर्ड रखने के साथ-साथ सप्ताहवार प्रिंट आउट लेकर पंजी संधारण भी करें। उन्होंने सभी संभाग स्तरीय अधिकारियों से अपने-अपने कार्यालयों में लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों के भी जल्द से जल्द निपटाने के निर्देश दिए। श्री कावरे ने संभाग मे चल रहे विभिन्न निर्माण कार्यों में तेजी लाते हुए निर्धारित समय सीमा में पूरा करने के निर्देश भी दिए।
खेती-किसानी के लिए ग्रामीणों को ना हो कोई तकलीफ, पहले से रहें इंतजाम- बैठक में श्री कावरे ने चालू खरीफ मौसम के संदर्भ में खेती-किसानी के लिए खाद-बीज-दवा, उद्यानिकी फसलों के बीज, दवा आदि की उपलब्धता और वितरण की भी जानकारी अधिकारियों से ली। उन्होंने निर्देशित किया कि किसी भी स्थिति में किसानों को बीज-खाद-दवा आदि वस्तुओं की कमी ना हो। खेती-किसानी, पशुपालन आदि से जुड़ी आदान सामग्रियों का पहले से ही पर्याप्त मात्रा में भण्डारण सुनिश्चित कर लिया जाए। संभागायुक्त ने इन सामग्रियों की किसानों को उपलब्धता भी सरलता और सुगमता से सुनिश्चित कराने के निर्देश अधिकारियों को दिए। श्री कावरे ने किसानों को आसानी से कृषि ऋण उपलब्ध कराने के लिए भी व्यापक व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश सहकारिता विभाग के अधिकारियों को दिए।
ज्यादा से ज्यादा किसानो को मिलें शासकीय योजनाओं और नई तकनीकों की जानकारी - संभागायुक्त श्री कावरे ने बैठक में कृषि और उससेे जुड़े विभागों की शासकीय योजनाओं का विस्तार अधिकारियों के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों तक प्रचार-प्रसार पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विभागीय योजनाओं की पूरी जानकारी ग्रामीण विस्तार अधिकारियों को रहे ताकि वे ग्रामीणों को संतुष्टि के स्तर तक योजनाओं की समझाइस दे सकें। संभागायुक्त ने यह भी कहा कि खेती-किसानी, मछली पालन से लेकर सब्जी उत्पादन, फल-फूल उत्पादन और पशुपालन की नई-नई तकनीकों को भी ग्रामीणों को अधिक से अधिक बताया जाए ताकि वे इन तकनीकों से उत्पादन को बढ़ाकर ज्यादा से ज्यादा लाभ ले सके। संभागायुक्त ने राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं के प्रचार-प्रसार और शत-प्रतिशत लक्ष्य पूर्ति के लिए भी प्रयास करने के निर्देश अधिकारियों को दिए। -
पेईंग वार्ड के कमरों में लगेंगे 27 ए.सी., पोस्टमार्टम व्यवस्था भी सुधरेगी
संभागायुक्त श्री कावरे की अध्यक्षता में हुई प्रबंध कार्यकारिणी समिति की बैठक
कलेक्टर डॉ सिंह भी रहे मौजूद, मरीजों के हित में कई विषयों पर हुई चर्चा
रायपुर / संभागायुक्त श्री महादेव कावरे की अध्यक्षता और कलेक्टर डॉ गौरव सिंह की मौजूदगी में आज पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय और डॉ भीमराव अंबेडकर स्मृति चिकित्सालय मेकाहारा की स्वशासी प्रबंध कार्यकारिणी समिति की बैठक हुई। इस बैठक में मरीजों के हित में कई विषयों पर सकारात्मक चर्चा की गई। बैठक में मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पेईंग वार्ड के रूप में मरीजों को ए.सी. कमरों की सुविधा देने के लिए कक्षों के नवीनीकरण और 26 नए ए.सी. लगाने का निर्णय लिया गया। मरीजों को यह ए.सी. युक्त कमरे एक हजार रूपये प्रतिदिन के रियायती दर पर मिल सकेंगे। अस्पताल में सामान्य कमरों का किराया पांच सौ रूपये प्रतिदिन रखने की अनुशंसा भी समिति द्वारा बैठक में की गई। इस बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय और अस्पताल के वित्तीय वर्ष 2024-25 के प्रस्तावित बजट प्रावधानों पर भी चर्चा की गई। बैठक में स्वशासी समिति की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं अधिष्ठाता डॉ तृप्ति नागरिया, अंबेडकर अस्पताल के अधीक्षक एवं संयुक्त संचालक डॉ एस.बी.एस नेताम सहित सभी विभागों के विभागाध्यक्ष डॉक्टर, अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी भी उपस्थित रहे।
मेकाहारा में सोलह नए डॉक्टरों की नियुक्ति, सुधरेगी पोस्टमार्टम व्यवस्था- बैठक में कलेक्टर डॉ गौरव सिंह ने मेकाहारा में सोलह नए डॉक्टरों की नियुक्ति की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य शासन द्वारा विशेष मांग पर मेकाहारा में नए डॉक्टरों की नियुक्ति की गई है। उन्होंने अस्पताल अधीक्षक को निर्देशित किया कि पोस्टमार्टम व्यवस्था सुधारने में इन सभी डॉक्टरों की मदद ली जाए। कलेक्टर ने अस्पताल में मरीजों और उनके परिजनों से उचित और नैतिक व्यवहार करने को भी कहा। उन्होंने मरीजों के ईलाज के लिए हर संभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन अधिकारियों को दिया।
बैठक में चिकित्सा महाविद्यालय के एनाटॉमी विभाग में मृत्यु के बाद शरीर दान और मृत शरीर में एम्बाल्मिंग करने वाले कर्मचारी को निश्चित मानदेय देने पर भी सहमति बनी। इसके साथ ही चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल में मरीजों के ईलाज में सहायता और अन्य प्रशासकीय कामों के लिए इंटरनेट की एक अन्य लीज लाईन सुविधा लेने पर भी सहमति हुई। बैठक में मेकाहारा अस्पताल में डायलिसिस टेक्निशियन, ड्रेसर, इलेक्ट्रिीशियन, लैब असिस्टिेंट, फार्मासिस्ट, ऑपरेशन थियेटर टेक्निशियन जैसे तकनीकी पदों पर नियम अनुसार योग्य लोगों की सेवाएं लेने पर भी सहमति व्यक्त की गई। -
-स्मार्ट मीटर से उपभोक्ता भी बनेंगे स्मार्ट- हेमंत वर्मा
रायपुर। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा आज छत्तीसगढ़ स्टेट पॉवर कंपनी मुख्यालय में स्मार्ट मीटरिंग की कार्यप्रणाली एवं प्रगति से संबंधित प्रस्तुतिकरण का अवलोकन किया गया। इस अवसर पर आयोग के अध्यक्ष श्री हेमंत वर्मा ने कहा कि स्मार्ट मीटर लगाने के साथ ही उपभोक्ताओं को भी स्मार्ट बनाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस प्रणाली से प्राप्त होने वाले आंकड़ों का उपयोग वितरण कंपनी की कार्यप्रणाली में सुधार के लिए किया जा सकता है।विद्युत सेवाभवन मे प्रबंध निदेशकगण श्री भीमसिंह कंवर, श्री एस.के. कटियार, श्री राजेश कुमार शुक्ला सहित कार्यपालक निदेशक, मुख्य अभियंताओं व अन्य अधिकारियों की उपस्थिति में अतिरिक्त मुख्य अभियंता (प्रोजेक्ट) श्री अब्राहम वर्गीज ने पाॅवर पाइंट के माध्यम से प्रस्तुतिकरण दिया। इस अवसर पर टाटा पॉवर और जीनस कंपनी के अधिकारी भी उपस्थित थे। प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं के परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य शुरू किया गया है। आयोग को बताया गया कि जिन परिसरों में स्मार्ट मीटर लगाया गया है उसकी निरंतर समीक्षा की जा रही है। स्मार्ट मीटर की रीडिंग सटीक और वास्तविक है। पुराने मीटरों की रीडिंग व स्मार्ट मीटर की रीडिंग में मान्य सीमा के अंदर ही विचलन पाया गया जो 0.1 प्रतिशत से कम है।इस अवसर पर श्री हेमंत वर्मा ने कहा कि यह योजना आधुनिक तकनीकी पर आधारित है जिसके सही उपयोग से उपभोक्ता को अपने घर की बिजली खपत की जानकारी, बिजली उपभोग की ट्रैकिंग, उपभोग की वास्तविक जानकारी व नियंत्रण करने का अधिकार मिलेगा। यह योजना संपूर्ण रूप से उपभोक्ता हित में बनाई गई है। उन्होंने इस योजना के प्रति संतुष्टि जाहिर की और पॉवर कंपनी, टाटा पॉवर और जीनस कंपनी को शुभकामनाएं दी।कार्यक्रम में नियामक आयोग के सचिव श्री सूर्यप्रकाश शुक्ला, निदेशकगण श्री सुरेंद्र सिंह, श्री सुरोबिन राॅय सहित पाॅवर कंपनी के कार्यपालक निदेशक श्री आर.ए. पाठक, श्री वी.के. साय, श्रीमती ज्योति नन्नौरे एवं मुख्य अभियंता राजेंद्र प्रसाद उपस्थित थे। - -निर्वाचन हेतु 6 वर्ष के लिए अयोग्य घोषितरायपुर ।कार्यों के भुगतान हेतु बिना पंचायत प्रस्ताव के 3 लाख 34 हजार 500 रुपये का आहरण नियम विरुद्ध करने पर जनपद पंचायत बलौदाबाजार अंतर्गत ग्राम पंचायत मोहतरा की सरपंच श्रीमती ईश्वरी साहू को छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम1993 की धारा 40 (1) के प्रावधानो के तहत तत्काल प्रभाव से पृथक कर दिया गया है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ पंचयती राज अधिनियम 1993 की धारा 40(2) के प्रावधानो के तहत 6 वर्ष की कलावधि के लिए पंचायत अधिनियम के अधीन निर्वाचन, सहयोजन के लिए निरर्हित घोषित किया है। इस सम्बन्ध में आदेश जारी कर दिया गया है।जारी आदेशानुसार ग्राम पंचायत मोहतरा के सरपंच सचिव के विरुद्ध 14 वें एवं 15 वें वित्त की राशि का दुरूपयोग करने की शिकायत पर जनपद पंचायत बलौदाबाजार के मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा जाँच दल गठित कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया गया जिसमें ग्राम पंचायत मोहतरा की सरपंच श्रीमती ईश्वरी साहु द्वारा ग्राम पंचायत में सार्वजनिक शौचालय निर्माण,अहाता निर्माण, गोठान में वर्मी शेड निर्माण, हैंडपम्प मरम्मत, पेयजल, स्वच्छता कार्यक्रम कार्यो का भुगतान स्वयं एवं अपने पति तथा बिना पंचायत प्रस्ताव के 3 लाख 34 हजार 500 रूपये आहरण किया गया।सरपंच ग्राम पंचायत मोहतरा द्वारा छत्तीसगढ़ पंचायत राज अधिनियम 1993 के अधीन छत्तीसगढ़ पंचायत लेखा नियम 1999 के प्रावधानो का पालन न कर अपने कर्तव्यों के निर्वहन में घोर लापरवाही बरती गई जिसके कारण वह अपने कर्तव्य के निर्वहन में अवचार के दोषी तथा उनका पद पर बना रहना लोकहित में अवांछनीय है। उक्त जाँच प्रतिवेदन के आधार पर एसडीएम द्वारा सरपंच ग्राम पंचायत मोहतरा श्रीमती ईश्वर साहु को छत्तीसगढ़ पंचायती राज अधिनियम1993 की धारा 40 (1) के प्रावधानो के तहत तत्काल प्रभाव से पृथक कर दिया है।
- -वर्ष 2023-24 में लगभग 13000 करोड़ रूपए के खनिज राजस्व की हुई प्राप्ति, राज्य स्थापना वर्ष की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक-राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मंडल छत्तीसगढ़ की 24वीं बैठक सम्पन्नरायपुर / राज्य स्तरीय भू-वैज्ञानिक कार्यक्रम मडल छत्तीसगढ़ की 24वीं बैठक आज खनिज साधन विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद की अध्यक्षता में राजधानी रायपुर स्थित सिविल लाईन विश्राम भवन के मिनी कॉन्फ्रेंस हॉल में सम्पन्न हुई। बैठक में सचिव श्री पी. दयानंद ने कहा कि किसी भी देश एवं राज्य के विकास में खनिजों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। छत्तीसगढ़ में खनिज अधारित नये उद्योगों की स्थापना के लिए राज्य में विद्यमान विभिन्न खनिजों का सतत् एवं व्यवस्थित तरीके से अन्वेषण किया जाना चाहिए।उन्होंने बैठक में उपस्थित अन्वेषण कार्यों से संबद्ध सभी विभागों एवं संस्थानों से कहा कि छत्तीसगढ़ के समग्र विकास हेतु वे अपनी कुशलता, संसाधन एवं उपलब्ध नवीनतम् तकनीकियों का उपयोग कर प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों का अन्वेषण करे। उन्होंने छत्तीसगढ़ में खनिजों के विकास के लिए कार्य करने वाली एजेंसियों के मध्य उत्पादित आंकड़ों को आपस में साझा करने और परस्पर समन्वय स्थापित किये जाने की सलाह दी है। श्री पी. दयानंद ने बताया कि वर्ष 2023-24 में लगभग 13000 करोड़ रूपए के खनि राजस्व की प्राप्ति हुई है जो राज्य स्थापना वर्ष की तुलना में लगभग 30 गुना अधिक है।खनिज विभाग के सचिव श्री पी. दयानंद ने राज्य में खनिज अन्वेषण एवं खनिज दोहन के क्षेत्र में कार्यरत केंद्र और राज्य सरकार के विभागों एवं संस्थानों द्वारा वर्ष 2023-24 में किये गये भू-वैज्ञानिक कार्यों की समीक्षा की। समीक्षा के दौरान वर्ष 2023-24 के सम्पादित कार्यों की उपलब्धियों पर चर्चा की गई और प्रदेश में पाये जाने वाले खनिजों की खोज के लिए वर्ष 2024-25 में प्रस्तावित भू-वैज्ञानिक कार्यों को अंतिम रूप दिया गया। बैठक में भौमिकी तथा खनिकर्म विभाग के संचालक श्री सुनील कुमार जैन सहित केन्द्र तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों और उपक्रमों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।प्रदेश में चूना पत्थर और लौह अयस्क के नए भण्डार खोजे गएभौमिकी तथा खनिकर्म विभाग के संचालक श्री जैन ने वर्ष 2023-24 में सम्पन्न कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष कुल 1050 मिलियन टन चूनापत्थर एवं लौह अयस्क के कुल 179 मिलियन टन भण्डार आंकलित किये गये।खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में NMET के तहत वर्ष 2023-24 में चूनापत्थर हेतु 01 अन्वेषण परियोजना की स्वीकृति प्राप्त हुई है। अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को NMET के तहत् राज्य के अन्वेषण कार्य हेतु तीन प्रस्ताव स्वीकृत किये गये थे। जिसमें दो ग्रेफाईट एवं एक दुर्लभ मृदा धातुएँ (REE) शामिल है।केन्द्र तथा राज्य शासन के विभिन्न विभागों, उपक्रमों के प्रतिनिधियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ राज्य में किये गये खनिज अन्वेषण कार्यों की जानकारियों पर प्रस्तुतिकरण दिया गया। भारतीय भू-वैज्ञानिक सर्वेक्षण विभाग के उप महानिदेशक डॉ. सुदीप भट्टाचार्या ने बताया कि छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों में बाक्साइट, गोल्ड, कॉपर, ग्लूकोनाईट, ग्रेफाइट, बेसमेटल, डायमण्ड, लिथियम, REE, PGE, फास्फोराइट, फ्लोराईट खनिज हेतु सर्वेक्षण कार्य किया गया है। वर्ष 2024-25 में विभिन्न खनिजों की कुल 25 परियोजनाओं पर कार्य लिया जा रहा है।संयुक्त संचालक (भौमिकी) श्री संजय कनकने ने बताया कि संचालनालय भौमिकी तथा खनिकर्म, छत्तीसगढ़ द्वारा वर्ष 2024-25 में कुल 12 अन्वेषण परियोजना को सर्वेक्षण-पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें मैंगनीज पर 01, ग्रेफाईट पर 01, चूनापत्थर पर 03, लौह अयस्क पर 05 एवं बाक्साइट पर 02 परियोजना शामिल है। खान मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ में NMET के तहत वर्ष 2024-25 में अधिसूचित निजी अन्वेषण संस्थान को राज्य में अन्वेषण कार्य हेतु दो प्रस्ताव स्वीकृत किये गये हैं। जिसमें 01 लिथियम तथा 01 ग्रेफाईट का प्रस्ताव सम्मिलित है।इसी प्रकार वर्ष 2024-25 में विभिन्न संस्थानों द्वारा प्रदेश में 10 विभिन्न खनिजों की कुल 44 परियोजना अन्वेषण-पूर्वेक्षण कार्य हेतु अनुमोदित किया गया। जिसमें फास्फोराईट के 02, गोल्ड के 05, ग्लुकोनाईट के 06, REE (Lithium, Tantalum etc.) के 11, लेड-जिंक के 01, फास्फेट के 01, बॉक्साईट के 05, लौह अयस्क के 09, कॉपर के 02, ग्रेफाईट की 01 एवं लीथियम की 01 अन्वेषण-पूर्वेक्षण परियोजना शामिल है।
- रायपुर राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद, छत्तीसगढ़ ने सभी स्कूलों में ‘राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस’ के उपलक्ष्य में विशेष गतिविधियों के आयोजन हेतु निर्देश जारी किए हैं। चंद्रयान-3 मिशन की सफलता के उपलक्ष्य में हर साल 23 अगस्त को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस मनाया जाएगा, जिसका उद्देश्य युवाओं में विज्ञान और अंतरिक्ष के प्रति रुचि उत्पन्न करना है। राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस 2024 के लिए थीम ‘‘चंद्रमा को छूते हुए जीवन को छूना: भारत के अंतरिक्ष गाथा’’ है।राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर स्कूलों में होने वाले मुख्य गतिविधियों में एनसीईआरटी द्वारा विकसित विशेष ’चंद्रयान पर आधारित मॉड्यूल’ प्रदर्शित करते हुए 22 और 23 अगस्त को ’चंद्रयान मॉड्यूल पर व्याख्यान’ का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर अंतरिक्ष से संबंधित विभिन्न विषयों पर पोस्टर और निबंध, मॉडल बिल्डिंग, क्विज एवं पेटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। साथ ही अंतरिक्ष विज्ञान संबंधित 30 मिनट का एक वीडियो स्कूलों में प्रदर्शित किया जाएगा।
- रायपुर / राष्ट्रीय ग्रामीण सड़क विकास अभिकरण, नई दिल्ली के निरीक्षण कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के निरीक्षण अगस्त-2024 निर्धारित किया गया है। जिसके अंतर्गत राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों के दौरा करेंगे। राष्ट्रीय गुणवत्ता समीक्षक श्री सुशील कुमार पंडिता मोबाईल नंबर 94191-86625, 97974-90901 द्वारा रायगढ़ एवं कोरबा जिले के प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत निर्मित सड़कों का निरीक्षण करेंगे। इसी प्रकार श्री राम अवतार शर्मा मोबाईल नंबर 80778-61407, 94122-87989 सरगुजा एवं बलरामपुर जिले में निरीक्षण करेंगे।
- ’’अमृत काल: छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ विजन डाक्युमेंट तैयार करने स्टियरिंग कमेटी की बैठक सम्पन्नरायपुर /छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा ’’अमृत कालः छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ के तहत स्टियरिंग कमेटी की बैठक आज यहां मंत्रालय महानदी भवन अटल नगर नवा रायपुर में आयोजित की गई। बैठक वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी की अध्यक्षता एवं मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन की सह-अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक का उद्देश्य 2047 तक छत्तीसगढ़ को एक विकसित राज्य बनाने के लिए विभिन्न योजनाओं और नीतियों पर चर्चा करना था। बैठक में राज्य नीति आयोग के सदस्य, सलाहकार, विभिन्न विभागों के सचिव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे। बैठक में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों स्वास्थ्य, शिक्षा, उद्योग, बुनियादी ढांचा, उद्योग और पर्यावरण संरक्षण, कृषि, टेक्नोलॉजी, कला और संस्कृति की पहचान सहित अन्य विषयों पर राज्य को विकसित राज्य बनाने की संकल्पना पर आधारित विषयों को प्रस्तुतिकरण के माध्यम से बताया गया।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने अधिकारियों को विजन डॉक्यूमेंट तैयार करने के कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी ने विधानसभा बजट सत्र में घोषणा की थी कि राज्य स्थापना दिवस, 1 नवंबर 2024 को ’’अमृत काल: छत्तीसगढ़ विजन@2047’’ दस्तावेज़ जारी किया जाएगा। इस विजन डॉक्यूमेंट में अगले 23 वर्षों में छत्तीसगढ़ के विकास की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसमें राज्य के सभी सेक्टर्स के त्वरित विकास को सुनिश्चित किया जाएगा। वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने कहा कि सभी वर्गों के कल्याण के लिए केन्द्रीय बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं। उन बजट प्रावधानों को भी ध्यान में रखते हुए हमारा विजन तैयार किया जाएगा। उन्होंने बताया कि विजन दस्तावेज में सभी विभागों के विजन को शामिल करने के लिए अधिक से अधिक जनभागीदारी सुनिश्चित की गई है। इसके लिए सभी संभागों में युवा, महिला, कृषक और प्रबुद्धजनों के साथ जन संवाद कार्यक्रम का आयोजन कर उनके विचारों को शामिल किया जा रहा है। साथ ही मोर सपना मोर विकसित छत्तीसगढ़ पोर्टल के माध्यम से लोगों के सुझाव आमंत्रित किए गए हैं।मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने सर्विस सेक्टर को और ज्यादा बढ़ावा देने, इंडस्ट्रियल कॉरिडोर बनाने, भविष्य में जल की जरूरतों को पूरा करने, राज्य के युवाओं के लिए उद्यमशिलता को बढ़ावा देने, राज्य में पर्यटन संभावनाओं को देखते हुए उस पर फोकस करना है। वित्तीय स्रोतों को बढ़ाने के उपायों, ग्रीन एनर्जी की डिमांड, केन्द्रीय सरकार के भविष्य की नीति, पर्यटन के क्षेत्र में ब्रांड विकसित करने, जिसमें रोजगार और राजस्व का सृजन, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करने सहित अन्य महत्वपूर्ण विषयों को दस्तावेज में शामिल कर सरल और सुशासित छत्तीसगढ़ बनाने तथा राज्य के नागरिक खुशहाल जीवन जी सके जैसे बातों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पड़ोसी राज्यों द्वारा संबंधित क्षेत्रों के विकास के लिए बनायी जा रही नीतियों की भी जानकारी होनी चाहिए। स्वस्थ और खुशहाल छत्तीसगढ़ के लिए उन्होंने स्वास्थ्य और सुपोषण पर जोर देते हुए, विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं तथा सभी को सस्ता और सुलभ ईलाज की उचित व्यवस्था को भी दस्तावेज में शामिल किए जाने की बात कही। उन्होंने राज्यों के कुछ शहरों को मेडीसिटी के रूप में विकसित करने, जनसंख्या आधारित स्वास्थ्य प्रबंधन कार्यक्रम बनाने तथा सुपोषण के लिए अभियान चलाने की भी बात कही।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने छत्तीसगढ़ को कृषि और संबंधित सुपर फूड के पॉवर हब के रूप में विकसित करने, लाजिस्टिक सेवाओं के विस्तार, वायु और सड़क मार्ग की कनेक्टिविटी विकसित करने, हर्बल राज्य के रूप में विकास करने पर जोर दिया। बीपीओ और केपीओ सर्विस की बढ़ोत्तरी, वाईब्रेंड स्टार्टअप विकसित करने, एआई और आईटी सर्विस को बढ़ाने जैसे विषयों को विजन दस्तावेज में प्रमुखता से शामिल करने की बात कही। विजन डाक्युमेंट तैयार करने के संबंध में मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, नीति आयोग के सदस्य श्री एस. सुब्रमण्यम, सदस्य सचिव श्री अनुप श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, योजना एवं आर्थिक सांख्यिकी विभाग के सचिव श्री अंकित आनंद, सचिव सुशासन और अभिसरण श्री राहुल भगत ने अपने महत्वपूर्ण सुझाव बैठक में दिए। बैठक में मुख्यमंत्री के सचिव श्री पी.दयानंद, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, सचिव सामान्य प्रशासन श्री अन्बलगन पी., सचिव कृषि सुश्री शहला निगार, सचिव तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार डॉ. एस. भारतीदासन, सचिव श्रम श्रीमती अलरमेल मंगई डी., सचिव वित्त श्री मुकेश कुमार, सचिव आवास एवं पर्यावरण सुश्री आर. संगीता, सचिव परिवहन श्री एस. प्रकाश, सचिव खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण श्री बसवराजु एस., सचिव समाज कल्याण श्री भूवनेश यादव, सचिव उच्च शिक्षा श्री प्रसन्ना आर., सचिव महिला एवं बाल विकास विभाग श्रीमती शम्मी आबिदी, सचिव सहकारिता श्री सी.आर. प्रसन्ना, सचिव लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी श्री मोहम्मद कैसर अब्दुल हक, सचिव आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास श्री नरेन्द्र कुमार दुग्गा, विशेष सचिव स्वास्थ्य श्री चंदन कुमार सहित अन्य विभागों के भारसाधक सचिव शामिल हुए।
- -विदेशी मदिरा स्प्रिट के 303 ब्राण्ड एवं बीयर के 69 ब्राण्ड शामिल-आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक में दी गई जानकारीरायपुर / छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कार्पाेरेशन द्वारा विदेशी मदिरा की खरीदी के लिए जारी रेट आफर में 70 कंपनियों ने रेट ऑफर प्रस्तुत किया है, जिनमें छत्तीसगढ़ के मदिरा विनिर्माताओं के साथ-साथ अन्य राज्यों में निर्मित की जाने वाली मदिरा और विदेश में निर्मित मदिरा आपूर्ति करने वाली कंपनियां (बीआईओएस) भी शामिल हैं। इन कंपनियों ने विदेशी मदिरा स्प्रिट के 303 ब्राण्ड एवं बीयर के 69 ब्राण्ड के रेट दिए हैं। यह जानकारी आज आबकारी विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान दी गई।गौरतलब है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में बीते 19 जून को हुई कैबिनेट की बैठक में विदेशी मदिरा के थोक विक्रय एवं भंडारण हेतु वर्तमान में प्रचलित एफएल 10 ए बी अनुज्ञप्प्ति की व्यवस्था को समाप्त करते हुए सीधे विनिर्माता इकाईयों से विदेशी मदिरा का थोक क्रय किए जाने का निर्णय लिया गया था। विदेशी ब्रांड की मदिरा की सीधी खरीदी की जिम्मेदारी छत्तीसगढ़ बेवरेज कार्पोरेशन को दी गई थी। कैबिनेट की इस निर्णय के परिपालन में बेवरेज कार्पोरेशन द्वारा विदेशी मदिरा खरीदी की तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। इसी सिलसिले में कंपनियों को रेट ऑफर भी जारी किया गया है। यहां यह उल्लेखनीय है कि राज्य में विदेशी मदिरा का क्रय इससे पहले लायसेंसियों द्वारा किया जाता था। सरकार ने इस व्यवस्था को समाप्त कर दिया है।बैठक में सचिव सह आबकारी आयुक्त सुश्री आर संगीता ने विदेशी मदिरा की खरीदी से लेकर उपभोक्ताओं को इसकी उपलब्धता सुनिश्चित करने के संबंध में विभागीय अधिकारियों द्वारा की जा रही तैयारियों की गहन समीक्षा की और प्रस्तावित व्यवस्था को पारदर्शी बनाने के संबंध में अधिकारियों को विस्तृत दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को कंपनियों के रेट ऑफर एवं फुटकर विक्रय के लिए अनुमोदित होने वाली दर को ब्राण्ड एवं लेबलों के अनुसार वेबसाईट पर प्रदर्शित करने के निर्देश दिये।छत्तीसगढ़ में उपभोक्ताओं को विदेशी मदिरा की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रस्तावित व्यवस्था के लागू होने से यूरोप के बड़े देशों में बिकने वाले लोकप्रिय बाण्ड की मदिरा भी दुकानों में मांग अनुरूप उपलब्ध रहेगी। बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट रूप से निर्देश दिए गए कि मदिरा दुकानों में निर्धारित दर से अधिक दर पर मदिरा का विक्रय न हो एवं मदिरा में किसी भी प्रकार की मिलावट न हो, यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए। मदिरा के निर्धारित रेट एवं क्वालिटी की निगरानी एवं किसी भी तरह की गड़बड़ी के मामले में प्रभावी कार्यवाही के लिये मदिरा दुकानों में लगाए गए सीसीटीव्ही कैमरों को आबकारी मुख्यालय के सेन्ट्रलाईज्ड वीडियो मॉनिटरिंग सिस्टम से जोड़ा जाएगा। बैठक में यह भी जानकारी दी कि मुख्यमंत्री श्री साय की मंशा के अनुसार शासकीय कार्य में पारदर्शिता के उद्देश्य से आबकारी विभाग द्वारा मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन तैयार किया जा रहा है। इस मोबाइल बेस्ड एप्लीकेशन के जरिए राज्य के मदिरा दुकानों में विभिन्न ब्रांड की मदिरा की उपलब्धता की जानकारी आम लोगों को मिल सकेगी।बैठक में सचिव सह आबकारी आयुक्त ने अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए राजस्व लक्ष्य की प्राप्ति के लिए कार्ययोजना तैयार करने तथा अवैध मदिरा एवं अन्य मादक पदार्थों के निर्माण, संग्रहण, परिवहन एवं विक्रय पर कठोर कार्यवाही के निर्देश दिए। छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को निर्देशित किया कि मदिरा की बिक्री से प्राप्त राशि निर्धारित समयावधि में विनिर्दिष्ट बैंक खाते में जमा कराएं। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही पाये जाने पर संबंधित कैश कलेक्शन, बैंक एजेंसी के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करें। मदिरा की गुणवत्ता की जांच हेतु हाइड्रोमीटर-थर्मामीटर की खरीदी प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए गए। निर्धारित समयावधि में पूर्ण कर सर्वसबंधितों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। बैठक में छत्तीसगढ़ स्टेट बेवरेज कार्पाेरेशन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कार्पाेरेशन लिमिटेड के प्रबंध संचालक श्री श्याम धावडे, विशेष सचिव (आबकारी) श्री देवेन्द्र सिंह भारद्वाज तथा मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।
- -विभिन्न राज्यों के दिव्यांग कारीगरों की उत्कृष्ट कला और शिल्प उत्पादों की होगी प्रदर्शनी एवं बिक्री-रायपुर के बीटीआई ग्राउण्ड में 16 से 22 अगस्त 2024 होगा आयोजनरायपुर /केन्द्रीय मंत्री सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय तथा दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, भारत सरकार के मुख्य अतिथि डॉ. वीरेंद्र कुमार खटिक द्वारा दिव्य कला शक्ति-सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा। राष्ट्रीय दिव्यांग वित्त एवं विकास निगम द्वारा 16 अगस्त से 22 अगस्त 2024 तक बीटीआई ग्राउंड शंकर नगर रायपुर छत्तीसगढ़ में दिव्यांगजन द्वारा दिव्य कला शक्ति-सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ प्रदेश स्तर की एकमात्र संस्था समेकित क्षेत्रीय केंद्र राजनांदगाँव द्वारा इस कार्यक्रम का सफल आयोजन करने के लिए छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के शासकीय विशेष विद्यालय, एनजीओ, दिव्यांगजन द्वारा दिव्य कला शक्ति- सांस्कृतिक कार्यक्रम, प्रधानमंत्री दिव्याशा केंद्र, राष्ट्रीय वयोश्री योजना में विभिन्न सहायक उपकरण वितरण एवं सीआरसी के अन्य गतिविधियों के प्रदर्शन हेतु समन्वय किया जाएगा।दिव्यकला मेला कार्यक्रम में दिव्यांगजन द्वारा दिव्य कला शक्ति-सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लेने के लिए अनुभवी कोरियोग्राफर एवं दिव्यांगजन प्रतिभागियों से व्यक्तिगत या समूह के रूप में आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। उक्त आवेदन 9 अगस्त 2024 तक कार्यालय में जमा कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए संस्था की वेबसाइट www.ndfdc.nic.in एंव मोबाईल नंबर 9355726880 पर संपर्क कर सकते हैं।
- -रायगढ़ शहर में सुगम और आकर्षक डामरीकृत सड़कों के निर्माण पर किया जा रहा फोकसरायपुर / वित्त मंत्री व रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी. चौधरी की पहल से रायगढ़ शहर की 6 सड़कों का कायाकल्प होने जा रहा है। इसके लिए 23 करोड़ 26 लाख रुपए की स्वीकृति नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरूण साव द्वारा मिली है।वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी के निर्देश पर शहर के भीतर प्रमुख सड़कों को सुगम और आकर्षक बनाने के लिए डामरीकृत सड़कों के निर्माण को प्राथमिकता में रखा गया है। जिन सड़कों के लिए राशि स्वीकृति की गई है उनके निर्माण को लेकर रायगढ़ में जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों द्वारा लंबे समय से मांग की जा रही थी। सड़कों के निर्माण की मंजूरी के पश्चात् स्वीकृति शर्तों के अनुरूप निविदा की प्रक्रिया पूरे करने के निर्देश दिए गए हैं। जिससे बारिश के तत्काल बाद काम शुरू किया जा सके और इन सड़कों और सुविधाओं का लाभ शहरवासियों को शीघ्र मिल सके।वित्त मंत्री श्री ओ.पी चौधरी की पहल से जिन 6 सड़कों के निर्माण को मंजूरी मिली है वे रायगढ़ की प्रमुख सड़कों में से हैं। यहां बड़े पैमाने पर लोगों की आवाजाही होती है। स्वीकृति के पश्चात इन सड़कों को डामरीकरण के साथ बनाया जाएगा। डामरीकृत सड़कें चलने में ज्यादा सुविधाजनक और आरामदेह होने के साथ आकर्षक भी दिखती हैं। वित्त मंत्री श्री चौधरी के मार्गदर्शन में शहर की सड़कों को संवारने की दिशा में काम किया जा रहा है। बीते दिनों शहर में 3.14 करोड़ से अन्य सड़कों के डामरीकृत निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। इसके साथ ही शहर की आवश्यकताओं के अनुरूप अधोसंरचना विकास को गति देने के लिए लगातार निर्माण कार्यों को मंजूरी दी जा रही है। बुनियादी सुविधाओं के साथ शिक्षा और खेल से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर भी काम हो रहा है।23 करोड़ 26 लाख से 6 डामरीकृत सड़कों का होगा निर्माणअंधोसंरचना मद अंतर्गत शहर में 6 डामरीकृत सड़कों के निर्माण हेतु 23 करोड़ 26 लाख 47 हजार रूपये की राशि स्वीकृत की गई है। इनमें 2 करोड़ 15 लाख 66 हजार रूपये की लागत से वार्ड क्रमांक 7 एवं 8 जोगीडीपा से वाटर वर्ल्ड रामपुर मेन रोड तक बीटी रोड निर्माण कार्य शामिल है। इसी तरह 6 करोड़ 50 लाख 86 हजार रुपये की लागत से वार्ड क्रमांक 16, 39 एवं 40 सत्तीगुड़ी चौक से कोतरा रोड थाना तक बीटी रोड निर्माण कार्य, 3 करोड़ 45 लाख 54 हजार रुपये की लागत से वार्ड क्रमांक 19, 22 एवं 23 जिला चिकित्सालय से सदाबहार होटल (चक्रधर नगर चौक) तक बीटी रोड निर्माण कार्य, 4 करोड़ 17 लाख 99 हजार रुपये की लागत से वार्ड क्रमांक 30, 31, 35 एवं 36 नगर निगम ऑफिस से छातामुड़ा चौक तक बीटी रोड निर्माण कार्य, 2 करोड़ 78 लाख 95 हजार रुपये की लागत से वार्ड क्रमांक 31, 36 एवं 37 गोगा राईस मिल से मिट्ठुमुड़ा चौक से ट्रांसपोर्ट नगर तक बीटी रोड निर्माण कार्य एवं 4 करोड़ 17 लाख 47 हजार रुपये की लागत से शालिनी स्कूल से एश्वर्यम अपार्टमेंट होते हुए गोवर्धनपुर पुल तक बीटी रोड निर्माण कार्य शामिल है।
- रायपुर /’छत्तीसगढ़ जनजातीय अद्भूत एवं विविध संस्कृति’ पर केंद्रित तीन दिवसीय फोटो प्रदर्शनी का आयोजन विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर किया जाएगा। इस कार्यक्रम का आयोजन छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग द्वारा 9 से 11 अगस्त 2024 तक कलावीथिका महंत घासीदास संग्राहालय रायपुर में किया जा रहा है। फोटोप्रदर्शनी का शुभारंभ विशिष्ट गणमान्य नागरिकों की उपस्थिति में 9 अगस्त 2024 को शाम 5 बजे किया जायेगा। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छत्तीसगढ़ की जनजातीय संस्कृति के संबंध में फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से जनसामान्य को जागरूक करना और जनजातीय संस्कृति को मूलरूप में बचाये रखने और उसे संजोए रखने में सहयोग देना है।
- समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने दिए निर्देशजगदलपुर। कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. ने कहा कि नगरीय निकायों में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में प्राप्त हो रहे राशन कार्ड से संबंधित आवेदनों का तत्काल निराकरण करवाएं। साथ ही सामाजिक सहायता कार्यक्रम अन्तर्गत संचालित पेंशन योजनाओं की राशि का भुगतान बैंक सखी के माध्यम से करवाने की पहल की जाए। कलेक्टर श्री विजय मंगलवार की शाम समय-सीमा की बैठक जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में ली। बैठक में कलेक्टर ने पालक-शिक्षक मेगा बैठक की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि मध्यान्ह भोजन का मॉनीटरिंग, छात्रों की उपस्थिति, टीचर की उपस्थिति, छुट्टी हेतु ऑनलाईन आवेदन, स्कूल के मरम्मत की स्थिति, शाला त्यागी अप्रवेशी बच्चों की स्थिति का भी आगामी पालक-शिक्षक की बैठक में शामिल होने वाले जिला स्तरीय अधिकारी जांच करेंगे। उन्होंने जिला स्तर के अन्य अधिकारियों को भी स्कूल निरीक्षण के दायित्व देने के निर्देश दिए।कलेक्टर ने समय-सीमा की बैठक में समय-सीमा के प्रकरणों, जन शिकायत, जन चौपाल के मामलों का संबंधित विभाग को आवश्यक कार्यवाही कर निराकृत करने के निर्देश दिए। बैठक में ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण, नक्सल प्रभावितों के परिजनों-आत्म समर्पित नक्सलियों के पुनर्वास, बादल अकादमी और ज्ञानगुड़ी केन्द्र के कार्यो की समीक्षा की गई। उन्होंने विभागीय कार्यो और योजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत् बैंक लिंकेज के माध्यम से अधिक से अधिक महिला स्व-सहायता समूहो को रिवाल्विंग फंड की उपलब्धता को बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक सखी द्वारा ट्राजेक्शन, स्व-सहायता समूहो के सदस्यों को बीमा योजना से लाभ की समीक्षा की। प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण), प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, किसान क्रेडिट कार्ड, वित्तीय वर्ष के आधार पर विशेष केन्द्रीय सहायता अन्तर्गत स्वीकृत अपूर्ण कार्यो का, पीएम आदि आदर्श ग्राम योजनांतर्गत स्वीकृत कार्यो, प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना की प्रगति, चिरायु योजना में स्कूली बच्चों का जांच करवाने, स्वास्थ्य विभाग के निर्माणाधीन भवनों की प्रगति, शालाओं में पोषण वाटिका-किचन गार्डन विकसित, उल्लास पोर्टल में विद्यार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों की विकासखण्डवार एन्ट्री की समीक्षा की गई।कलेक्टर ने 433 पंचायत में मनरेगा का मानव दिवस सृजित करने लक्ष्य तय कर कार्यो का प्रगति देने के निर्देश दिए। उन्होंने अमृतसरोवर की प्रगति और पंचायत स्तर पर अपूर्ण विकास कार्य की वित्तीय वर्ष के आधार पर समीक्षा कर कार्यो को प्रगति देने के निर्देश दिए। बैठक में खाद्य विभाग द्वारा नवीनीकरण किए जा रहे राशनकार्डो और निरस्तीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने बस्तर व लोहण्डीगुड़ा में निरस्तीकरण के आवेदनों पर विशेष कार्यवाही करने के निर्देश दिए। विकासखण्ड और नगरीय निकायों में ऑफलाईन प्रक्रिया से संचालित उचित मूल्य दुकानों की निरीक्षण करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने पीडीएस बारदाने संकलन के लिए बस्तर, बकावण्ड पर विशेष ध्यान देने कहा। साथ ही विभाग के सम्बद्ध कार्य एजेसिंयों से चावल जमा करवाने की स्थिति, पीडीएस दूकानों में खाद्यान भण्डारण की स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर सीईओ जिला पंचायत श्री प्रकाश सर्वे, वनमण्डलाधिकारी श्री उत्तम गुप्ता, अपर कलेक्टर श्री सीपी बघेल सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारीगण उपस्थित थे
- धमतरी। कलेक्टर सुश्री नम्रता गांधी के निर्देश पर जिले मे विशेष पिछड़ी जनजाति कमार हितग्राहियों को शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित किया जा रहा है। इसी कड़ी में नगरी के ग्राम मसानडबरा में कमार युवाओं की आर्थिक स्थिति सुधारने, उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से कौशल विकास के तहत प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सहायक संचालक, कौशल विकास डॉ.शैलेन्द्र गुप्ता ने बताया कि प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन कुरूद के सहयोग से गांव में कम्युनिटी कैम्प स्थापित किया गया है। इस कैम्प में गांव के 12 कमार युवाओं को राजमिस्त्री का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इस दौरान युवाओं को भवन निर्माण संबंधी विभिन्न कौशल सिखाए जा रहे हैं। इनमें ईंट बिछाना, सीमेंट प्लास्टरिंग और अन्य तकनीक शामिल है। इस प्रशिक्षण से कमार युवाओं का आत्मविश्वास तो बढ़ेगा ही, साथ ही वे स्वरोजगार की दिशा में अग्रसर होंगे।गौरतलब है कि गांव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत निर्माणाधीन आवासों को तैयार करने इन प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार दिया जाएगा। इससे न केवल उन्हें रोजगार मिलेगा, बल्कि गांव के अन्य लोगों को भी स्थायी आवास मिल सकेगा। इस पहल से ग्रामीणों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा और उनका जीवनस्तर ऊपर उठेगा।
- रायपुर । राज्य शासन के राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा बनाए गए राज्य स्तरीय नियंत्रण कक्ष द्वारा संकलित जानकारी के मुताबिक एक जून 2024 से अब तक राज्य में 709.7 मिमी औसत वर्षा दर्ज की जा चुकी है। राज्य के विभिन्न जिलों में 01 जून 2024 से आज 07 अगस्त सवेरे तक रिकार्ड की गई वर्षा के अनुसार बीजापुर जिले में सर्वाधिक 1602.5 मिमी और सरगुजा जिले में सबसे कम 333.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी है।राज्य स्तरीय बाढ़ नियंत्रण कक्ष से प्राप्त जानकारी के अनुसार एक जून से अब तक सूरजपुर जिले में 597.8 मिमी, बलरामपुर में 891.3 मिमी, जशपुर में 535.3 मिमी, कोरिया में 599.8 मिमी, मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में 598.1 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी।इसी प्रकार, रायपुर जिले में 644.5 मिमी, बलौदाबाजार में 774.9 मिमी, गरियाबंद में 703.5 मिमी, महासमुंद में 535.9 मिमी, धमतरी में 693.1 मिमी, बिलासपुर में 672.5 मिमी, मुंगेली में 707.3 मिमी, रायगढ़ में 589.5 मिमी, सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 378.2 मिमी, जांजगीर-चांपा में 644.5 मिमी, सक्ती 551.4 कोरबा में 815.8 मिमी, गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में 649.9 मिमी, दुर्ग में 471.9 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गयी। कबीरधाम जिले में 572.3 मिमी, राजनांदगांव में 774.6 मिमी, मोहला-मानपुर-अंबागढ़चौकी में 892.8 मिमी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई में 530.0 मिमी, बालोद में 821.4 मिमी, बेमेतरा में 428.6 मिमी, बस्तर में 804.5 मिमी, कोण्डागांव में 758.9 मिमी, कांकेर में 977.9 मिमी, नारायणपुर में 890.2 मिमी, दंतेवाड़ा में 945.0 मिमी और सुकमा जिले में 1032.7 मिमी औसत वर्षा एक जून से अब तक रिकार्ड की गई।
- जीवन स्तर में हो रहा है सुधाररायपुर। मुख्यमंत्री के सुशासन में किसान हुए खुशहालमुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में किसान हितैषी निर्णयों से आर्थिक लाभ मिल रहा है, जिससे किसानों को खेती-किसानी करने में आसानी हो रही हैं। प्रदेश के किसान खुशहाल हो रहें हैं। छत्तीसगढ़ को धान का कटोरा कहा जाता है और प्रदेश में धान की अच्छी फसल होती है। छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा किसानों से धान खरीदी की जाती है। खरीफ वर्ष 2023-24 में समर्थन मूल्य पर 24 लाख 72 हजार किसानों से 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी की गई है। बालोद जिले के अधिकतर किसान प्रमुख रूप से कृषि कार्य करते हैं, उनके आर्थिक जीवन का आधार कृषि है। किसान प्रमुख रूप से धान की खेती करते हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुुशासन किसानों की खुशहाली का नया दौर शुरू हुआ है।जिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम कोहंगाटोला के किसान श्री डोमन लाल साहू ने बताया कि वे लगभग 05 एकड़ में धान की खेती करते हैं। उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के सुशासन में विगत खरीफ वर्ष का धान उन्होंने 21 क्विंटल प्रति एकड़ के मान से विक्रय किया था, जिसका उन्हे 3100 रूपये की दर से राशि प्राप्त हुआ है इसके साथ ही उसे 02 साल का बकाया बोनस भी उनके खाते में आ गया है। यह सब उसके लिए बहुत ही सुखद समय था जब उसने इन पैसों का उपयोग अपने पक्का मकान बनाने के लिए किया और बचे हुए पैसों को अपने बच्चों की शादी के लिए जमा किया है। उन्होंने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के किसान हितैषी योजना की सराहना करते हुए किसानों के लिए मददगार बताया है। मुख्यमंत्री के सुशासन में किसान हुए खुशहालजिले के बालोद विकासखण्ड के ग्राम रेवती नवागांव के किसान श्री तुलाराम नागवंशी ने बताया कि अब उन्हें धान विक्रय का सही दाम मिला है। इसका उपयोग उन्होंने अपने निर्माणाधीन मकान में किया है। अच्छी खेती किसानी और डबल फसल लेने के लिए अपने खेत में सिंचाई हेतु एक बोर खनन भी कराया है। उन्होंने योजनाओं की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री साय किसानों के उत्थान के लिए बेहतर काम कर रहे हैं इससे किसानों की आर्थिक स्थिति में काफी ज्यादा सुधार आया है। अब समय पर हमें खेती किसानी के लिए आवश्यक खाद व उर्वरक सोसायटी से मिल रहा है। इसके साथ ही हमें कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर तकनीकी मार्गदर्शन भी प्राप्त हो रहा है।
- नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से 4 करोड़ 98 लाख रूपए के 35 निर्माण कार्यों की मंजूरीश्री श्याम बिहारी जायसवाल ने भेजा था निर्माण कार्यों की स्वीकृति के लिए प्रस्तावरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की पहल से नगर निगम चिरमिरी को नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग से अधोसंरचना मद में 35 निर्माण कार्यों की स्वीकृति मिली है। वित्तीय वर्ष 2024-25 में निकाय क्षेत्रांतर्गत इन निर्माण कार्याे के लिए नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा 4 करोड़ 98 लाख 58 हजार रूपए की राशि स्वीकृत की गयी है।स्वीकृत निर्माण कार्यों में वार्ड क्र. 15. सरगुजा समिति के पास, हल्दीबाड़ी, धिरमिरी में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 16. भुरकुण्डी मुक्तिधाम के पास, हल्दीबाडी, चिरमिरी में भवन निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 34, क्षत्रीय समाज भवन के पास, सोनाग्नी नाका, चिरमिरी में सांस्कृतिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 23, एसईसीएल पानी टंकी पास, छोटा बाजार, चिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रूपए, वार्ड क्र. 17, पुलिया के पार, मोहन कॉलोनी, हल्दीबाड़ी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13, बब्लू डे के घर के पास, हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में भवन निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।इसी प्रकार वार्ड क्र. 39, गिरीडीह दफाई पो पास, डोमनहिल, चिरमिरी में भवन निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 37, दुर्गा पण्डाल के सामने डोमनहिल, चिरमिरी में बाउण्ड्रीवाल निर्माण के लिए 11.65 लाख रूपए, वार्ड क्र. 39, संकट मोचन मंदिर के पास, डोगनहिल, चिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 21, मारिया स्कूल के पास, छोटा बाजार, चिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 35, टैक्सी स्टेण्ड के पास, डोमनहिल, चिरमिरी में उद्यान का सौदर्गीकरण कार्य 22.31 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20, सुलभ शौचालय के पास, छोटा बाजार, चिरनिरी में अतिरिक्त हॉल निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20, लाहिड़ी कॉलेज के सामने, छोटा बाजार, बिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 20.50 लाख रूपए, वार्ड क्र. 07, सुलभ कॉम्पलेक्स के सामने, कोरिया कॉलरी, चिर्तमेरी में सांस्कृतिक मंच निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13, रेल्वे स्टेशन शिव मंदिर के पास हल्दीबाड़ी, चिरगिरी में शेड निर्माण के लिए 5.55 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20, दलगंजन दाई छोटा बाजार, चिरमिरी में पार्क निर्माण के लिए 25.44 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।वार्ड क्र. 07, फुटबॉल ग्राउण्ड के पास कोरिया कॉलरी, विरविरी में शेड निर्माण के लिए 5.55 लाख रूपए, वार्ड क्र. 07, मित्तल के घर के पास, कोरिया कॉलरी चिरमिरी में शेड निर्माण 5.55 लाख रूपए, वार्ड क्र. 40, टैक्सी स्टैण्ड के पार होमनहिल चिरगिरी में शेड निर्माण के लिए 15.22 लाख रूपए, वार्ड क्र. 20, गौरव भौय के घर के पार, छोटा बाजार, विरमिरी में सांस्कृतिक मंत्र निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13 शा. उ. मा. विद्यालय हल्दीबाड़ी के पास अतिरिक्त का निर्माण के लिए 12.05 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, मीना के घर के पास ईटा भट्टा दफाई, हल्दीबाडी में सांस्कृतिक भवन निर्माण के लिए 25 लाख रूपए, वार्ड क्र. नोहर साय के घर के पास से तुर्रा तक, हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में सी०सी० नाली निर्माण के लिए, 3.99 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, जिम हॉल के पास, हल्दीबगड़ी, मिरमिरी में सी०सी० नाली निर्माण के लिए 4.46 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, इन्द्रजीत के घर के पास से कृष्णा यादव के घर तक हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में नाली एवं रिटेनिंगवाल निर्माण के लिए 30.64 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।इसी प्रकार वार्ड क्र. 18, ईटा भट्टा दफाई, हल्दीबाड़ी में सी०सी० रोड निर्माण के लिए 10.89 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, महेश यादव के घर के पास से संतोष लहरे के घर तक, हल्दीबाड़ी. चिरमिरी में पेवर ब्लॉक फिक्सिंग कार्य के लिए 8.43 लाख रूपए, वार्ड क्र. 11. हल्दीबाडी में छठघाट का सौदर्याकरण कार्य के लिए 15.51 लाख रूपए, वार्ड क्र. 01 से 40 तक, नगरपालिक निगम चिरमिरी क्षेत्रांतर्गत विभिन्न स्थलों में स्ट्रीट लाईट स्थापना कार्य के लिए 11.59 लाख रूपए, वार्ड क्र. 15, हल्दीबाड़ी चिरमिरी में शहीद राजेश पटेल स्मारक का सौंदर्याकरण कार्य के लिए 19.99 लाख रूपए, वार्ड क्र. 12, शिव मंदिर टैक्सी स्टैण्ड के पास, महुआ दफाई, हल्दीबाड़ी में अतिरिक्त कक्ष निर्माण एवं नवीनीकरण कार्य के लिए 9.14 लाख रूपए, वार्ड क्र. 13, शिव मंदिर के पास, हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में शेड निर्माण के लिए 10.35 लाख रूपए, वार्ड क्र. 18, ब्राम्हण समाज के पास, हल्दीबाड़ी, चिरमिरी में सामुदायिक भवन निर्माण के लिए 10.42 लाख रूपए, वार्ड क्र. 35, शनि मंदिर के पास, डोमनहिल, चिरमिरी में आर०सी०सी० चबूतरा निर्माण के लिए 3 लाख रूपए, वार्ड क्र. 39, छठघाट के पास, डोमनहिल, चिरमिरी में सौंदयीकरण कार्य के लिए 20 लाख रूपए की स्वीकृति प्रदान की गयी है।
- राजभवन में हुई बैठकरायपुर। राज्यपाल श्री डेका ने आज राजभवन में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों की परिचयात्मक बैठक ली। उन्होंने जलवायु परिवर्तन एवं पर्यावरण प्रदूषण के दुष्प्रभावों से बचने के लिए प्रत्येक नागरिक की सहभागिता पर जोर दिया। इस अवसर पर राज्यपाल के सचिव श्री यशवंत कुमार, विधिक सलाहकार श्री भीष्म प्रसाद पाण्डेय, सहित राजभवन के अधिकारी उपस्थित थे।राज्यपाल श्री डेका ने कहा कि ऊर्जा की बचत के लिए सभी को प्रयास करना होगा। अनावश्यक बिजली खर्च नहीं करना चाहिए। इसके अलावा प्लास्टिक प्रदूषण से बचने के लिए पानी की बोतलों का यथासंभव कम उपयोग करना चाहिए। अपने आस-पास के वातावरण में स्वच्छता का ध्यान रखना चाहिए।उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के आव्हान पर ‘‘एक पेड़ मां के नाम‘‘ अभियान के तहत सभी को पेड़ लगाना चाहिए और अन्य लोगों को भी प्रेरित करना चाहिए। राज्यपाल श्री डेका ने राज्य में विशेषकर आदिवासी क्षेत्रों में रेडक्रॉस की गतिविधियों को बढ़ाने पर बल दिया और कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में महिलाओं के स्वास्थ्य की देखभाल हेतु रेडक्रॉस सक्रिय भूमिका निभाए। उन्होंने प्रधानमंत्री टी.बी. मुक्त भारत अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली।राज्यपाल ने कहा कि राज्य में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए और अधिक प्रयास करना होगा। राज्य के आकांक्षी जिलों में जो कार्य चल रहे है उनकी नियमित रूप ये मॉनिटरिंग की जाए। राज्यपाल ने कहा कि राज्य के सभी विश्वविद्यालयों में रिक्त पदों में भर्ती के लिए कार्रवाई हेतु विश्वविद्यालयों को निर्देशित किया जाए ताकि विद्यार्थियांे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने कार्यालय में डिजिटाइजेशन और डिजिटल लाइब्रेेरी बनाने की दिशा में कार्य करने हेतु निर्देशित किया। इसके अलावा सभी को साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और दूसरोें को भी जागरूक करने के लिए प्रेरित किया।राज्यपाल श्री डेका ने आज के समाचार पत्र में प्रकाशित नारायणपुर जिले में नक्सलियों से लड़ कर अपने पिता की जान बचाने वाली साहसी बालिका की खबर को जानकर, उसे राजभवन में बुलाकर सम्मानित करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर राज्यपाल के उप सचिव श्रीमती हिना अनिमेष नेताम एवं राजभवन के सभी अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
- रायपुर। राज्यपाल श्री रमेन डेका से दो विश्वविद्यालयों के कुलपतियों ने सौजन्य मुलाकात की। आज राजभवन में शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर के कुलपति प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव और आंजनेय विश्वविद्यालय रायपुर के कुलाधिपति श्री अभिषेक अग्रवाल एवं कुलपति डॉ. टी. रामाराव ने सौजन्य मुलाकात की। उन्होेंने अपने-अपने विश्वविद्यालयों की गतिविधियों से राज्यपाल को अवगत कराया।
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भिलाईनगर। विकसित भारत के संकल्प को हर घर तक पहुंचाने के लिए छत्तीसगढ़ सरकार प्रतिबद्व है, इसी क्रम में हमारे संगवारी द्वारा एक काॅल पर शासकीय सेवाए घर तक पहुंचायी जा रही है। इससे बिना परेशानी के सुगमता पूर्वक समय पर दस्तावेज और प्रमाण पत्र उपलब्ध हो जा रहे है। नागरिको की मूलभूत प्रमाण पत्र जो उनके दैनिक उपयोग के लिए बहुत आवश्यक है। घर बैठे बैठे मोर संगवारी सेवा के माध्यम से पहुंच जा रहा है। यह योजना छत्तीसगढ़ के 14 नगर निगमों में चल रही है। प्रदेश में भिलाई नगर निगम का तीसरा स्थान है। कोई भी नागरिक अपनी आवश्यकता के अनुसार शासन द्वारा जारी किये गये टोल फ्री नम्बर 14545 पर फोन करके अपने घर बैठे बैठे मोर संगवारी सेवा के एजेंट को बुला सकता है, जो आवश्यक दस्तावेज घर से लेकर समय अवधि में घर पर ही प्रमाण पत्र बनवाकर पहुचा देता है। इस सुविधा का उददेश्य है, नागरिको को आफिसो तक न आना पड़े। उनके समय की बचत हो। सभी आवश्यक प्रमाण पत्र उनके घर बैठे बैठे मोर संगवारी सेवा के अंतर्गत मिल जाये। यह सभी वर्ग के लिए बहुत ही उपयोगी सिद्व हो रहा है।
नगर निगम भिलाई द्वारा अभी तक 26278 प्राप्त आवेदन का निराकरण करके नागरिको को लाभ पहुंचाया गया है। जिसमें प्रमुख रूप से विवाह प्रमाण पत्र के कुल- 1969, मृत्यु प्रमाण पत्र के कुल-309, जन्म प्रमाण पत्र के कुल-376, दुकान एवं स्थापना पंजीयन/गुमस्ता लाइसेंस के कुल-314, 0 से 5 वर्ष तक के बच्चों का आधार पंजीयन के कुल-8648, पेनकार्ड सेवा के कुल-236, आधार मोबाईल नम्बर अपडेट के कुल-10110, मूल निवासी प्रमाण पत्र के कुल-1169, अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति प्रमाण पत्र के कुल-56, पिछड़ा वर्ग प्रमाण पत्र के कुल-254, आय प्रमाण पत्र के कुल-2428, एपीएल राशन कार्ड के कुल- 151, विवाह सुधार प्रमाण पत्र के कुल-81 प्रमाण पत्र एवं अन्य प्रमाण पत्र के कुल- 177 बनाकर घर तक पहुचाया गया।
आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव ने बताया कि प्रत्येक प्रमाण पत्र का शुल्क शासन द्वारा निर्धारित है। मोर संगवारी सेवा का एजेंट निर्धारित शुल्क लेकर हितग्राही को रसीद प्रदान करती है। मोर संगवारी सेवा घर पहुच सुविधा देने के लिए अतिरिक्त 50 रूपये पारिश्रमिक शुल्क लेता है। वैशालीनगर विधायक रिकेश सेन, भिलाईनगर विधायक देवेन्द्र यादव, महापौर नीरज पाल ने सभी नागरिको से अपील की है कि घर बैठे बैठे आवश्यकतानुसार प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते है। यह शासन की बहुत ही महत्वकांक्षी योजना है, इससे सब को लाभ मिल रहा है। इसके लिए नागरिको को नगर निगम भिलाई आने की आवश्यकता नहीं है। केवल टोल फ्री नम्बर 14545 पर काॅल करना होगा। मोर संगवारी सेवा का एजेंट आपके घर तक पहुंच कर सेवा प्रदान कर देगा।
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भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के रोका-छेका अभियान की टीम द्वारा लगातार आवारा पशुओ को पकड़ने की कार्यवाही लगातार कर रही है। अकसर देखा जा रहा है कि मवेशी मालिको द्वारा जानवरो को खुले में छोड़ दिया जा रहा है। जिससे मवेशी सड़को के बीच झुण्ड लगाकर खड़े रहते या बैठ जाते है। दुर से आ रही गाड़ियों में दिखाई नहीं पड़ते, इससे दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। पूर्व में नगर निगम भिलाई द्वारा जानवरो को पकड़कर सिंग में रेडियम पटटी लगाया जा रहा था। बाद मे देखा गया, बारिश से भीगकर जानवरो के सिंग से वह पटटी गिर जा रही है। इस लिए नगर निगम भिलाई द्वारा जानवरो को पकड़ कर सीधे उनके गले में रेडियम का पटटी लगा दिया जा रहा है। ताकि दुर से आ रही गाड़ियो की लाईट से रेडियम पटटी चमके, गाड़ी चालक देखकर संभल जाये और दुर्घटना से बच जाये।
नगर निगम भिलाई के रोका छेका अभियान के अंतर्गत दल द्वारा लगातार आवारा पशुओ को पकड़ने की कार्यवाही कर रही है। आवारा पशुओ को पकड़कर शहरी गौठान में बंद कर रही है। दोनो पाली में नगर निगम भिलाई के टीम 3 काउकेचर के माध्यम से जानवरो को पकड़कर गौठान में ले जा रही है। बार-बार अपील करने के बाद भी पशु मालिक जानवरो को छोड़ देते है। कुछ ऐसे पशु मालिक भी है जो पकड़े गये पशु को छुड़ाने नहीं आते है। इस प्रकार के सैकड़ो जानवर नगर निगम के गौठान में बंद है जिसके मालिक छुड़ाने नहीं आ रहे है।
रोका छेका अभियान के नोडल अधिकारी अनिल सिंह, राजस्व अधिकारी मलखान सिंह सोरी, जे.पी.तिवारी, बालकृष्ण नायडू एवं तोड़फोड़ दस्ता प्रमुख हरिओम गुप्ता अपने दल के सदस्यो के साथ जानवरो को पकड़ने का कार्य कर रहे है।
- -शिक्षा केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं किसी भी क्षेत्र में सबसे अच्छा कार्य करने शिक्षा जरूरी-मुख्यमंत्री जशपुर जिले के ग्राम बंदरचुंआ में आयोजित मेगा शिक्षक पालक कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज जशपुर जिले के ग्राम बंदरचुंआ में आयोजित मेगा शिक्षक पालक कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि बच्चों की अच्छी शिक्षा और इनके उन्नत भविष्य के लिए यह आवश्यक है कि अभिभावक शिक्षकों से नियमित रूप से संवाद करें जितना अधिक शिक्षक और अभिभावक संवाद प्रक्रिया में हिस्सा लेंगे, उतना ही अधिक बच्चों का रचनात्मक विकास होगा उन्होंने पालकों तथा शिक्षकों से कहा कि बच्चों के व्यक्तित्व विकास के लिए उन्हें बेझिझक बोलने के लिए तैयार करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा विकास का मूलमंत्र हैं। यह केवल नौकरी पाने का माध्यम नहीं है बल्कि किसी भी क्षेत्र में सबसे अच्छा काम करने के लिए भी शिक्षा बेहद जरूरी है। एक शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति दोनों ही जीवन जीते हैं लेकिन दोनों के जीवन की गुणवत्ता में काफी अंतर देखने में आता है।मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक बच्चे के भीतर आई जिज्ञासाओं का समाधान करने की कोशिश करें। घर पहुंचने पर यह जरूर पूछें कि बच्चे ने आज क्या सीखा। मुख्यमंत्री ने कहा कि बंदरचुंआ के स्कूल से पुराना लगाव है। यहां के शिक्षक और जागरूक पालकों के कारण इस स्कूल में शिक्षा का स्तर काफी अच्छा है।मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के समाज में पुरातन काल से ही शिक्षा का काफी महत्व रहा है। भारत विश्वगुरू कहलाता था। पूरी दुनिया से लोग यहां के विश्वविद्यालयों में विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण करने आते थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में नई शिक्षा नीति लाई गई है जिसे प्रदेश में लागू किया गया है। इसमें नैतिक शिक्षा को भी शामिल किया गया है। संस्कार सिखाने के साथ ही रोजगार के लिए भी विद्यार्थियों को तैयार किया जा रहा है। छात्रों के स्किल बिल्डिंग पर काम किया जा रहा है, ताकि उनके लिए रोजगार के अवसर बढ़ सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस गर्मी में समर कैंप लगाए गए। बच्चों को बहुत सी रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शासकीय स्कूलों में पालक शिक्षक बैठक का नियमित आयोजन किया जाएगा। उन्होंने सभी पालकों से अनुरोध किया कि स्कूल आएं और अपने बच्चे के पढ़ाई लिखाई और प्रोग्रेस के बारे में जाने। उन्होंने कहा कि स्थानीय बोली भाषा में भी पढ़ाई को बढ़ावा दिया जायेगा। इसके लिए किताबें भी उपलब्ध कराई जायेगी। पीएम श्री योजना से स्कूलों में संसाधनों को बेहतर किया जायेगा। टॉपर बच्चों को सम्मानित किया जाएगा। सरस्वती सायकल योजना से छात्राओं को सायकल वितरण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि नालंदा परिसर की तर्ज में प्रदेश के 22 जिलों में पुस्तकालय का निर्माण किया जा रहा है, इसमें जशपुर और कुनकुरी में भी नालंदा परिसर खोलने जा रहे हैं। यहां बच्चों को प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के किताबें वातावरण भी उपलब्ध कराई जाएंगी।मुख्यमंत्री को पालक शिक्षक बैठक में 12 मुख्य गतिविधियों के बारे में स्कूल के बच्चों ने ही बताया। पालकों ने भी अपने अनुभव बताए। पालक श्री हरिसेवक चौहान ने बताया कि उनका एक पोता यहां से पढ़कर अभी एमएससी कर रहा है और एक यहां से ग्यारहवीं कक्षा में पढ़ रहा है। वे एक जागरूक पालक हैं जो अपने बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में पूरी जानकारी रखते हैं।इस मौके पर मुख्यमंत्री की धर्म पत्नी श्रीमती कौशल्या साय ने भी संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि बंदरचुंआ स्कूल में सन 1997-98 से स्वतंत्रता और गणतंत्र दिवस के आयोजन में शामिल होने का मौका मिल रहा है। यहां के बच्चों के साथ दिल से जुड़ाव है। परीक्षा से पहले भी यहां बच्चों के मार्गदर्शन के लिए पहुंचते रहे हैं। बच्चों और पालकों से यही बात कहना चाहती हूं कि परीक्षा परिणाम के लिए तनाव नहीं लेना है। पूरी मेहनत से परीक्षा देना है। नंबर कम ज्यादा हो तो तनाव बिल्कुल न लेना है। परिवार पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु हैं।मुख्यमंत्री की घोषणाएं - इस मौके पर मुख्यमंत्री ने बंदरचुंआ में सर्वसुविधायुक्त बस स्टैंड निर्माण की घोषणा की। साथ ही उन्होंने प्राथमिक शाला बंदरचुंआ से छेराघोघरा चौक तक सड़क किनारे सोलर स्ट्रीट लाइट लगाने, भुइयार बस्ती से सरना पहुंच मार्ग में सड़क और पुल, गायत्री मंदिर और शिव मंदिर के जीर्णाेद्धार, आश्रम छात्रावास को 50 सीटर से 100 सीटर करने तथा बंदरचुंआ में मिनी स्टेडियम निर्माण की घोषणा की।
- -मुख्यमंत्री श्री साय ने बच्चों से कहा- मेहनत और लगन से पढ़िए और अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़िएरायपुर / मेगा पालक शिक्षक बैठक में शामिल होने पहुंचे मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को स्कूली बच्चों ने पोस्टर के माध्यम से पालक शिक्षक मीटिंग के उद्देश्य और गतिविधियों की रूपरेखा और इससे छात्रों को होने वाले लाभ के बारे में विस्तार से बताया। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए शिक्षा विभाग द्वारा 13 बिंदु पालक शिक्षक मीटिंग के लिए निर्धारित किए गए हैं, अलग अलग बच्चों ने इन बिंदुओं के बारे में बताया। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने सभी गतिविधियों के बारे में जानकारी ली और बच्चों से इन सभी का अच्छे से लाभ उठाने के लिए कहा। उन्होंने बच्चों से उनके करियर प्लान भी पूछे और खूब मेहनत कर अपने सपनों को पूरा करने की सीख दी। उन्होंने कहा जीवन में श्रेष्ठता हासिल करने का एक मात्र माध्यम शिक्षा है। आप करियर में जिस क्षेत्र में आगे बढ़ना चाहते उसके लिए लगन और मेहनत से पढ़िए जिससे आप अपना उज्ज्वल भविष्य गढ़ सकें। इस दौरान मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी श्रीमती कौशल्या साय और स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी भी इस दौरान साथ रहे।पालक शिक्षक संवाद में पालकों को बच्चों के लिए यथासंभव घर में पढ़ाई के लिए मेरा कोना-स्टडी कॉर्नर के रूप में एक निश्चित स्थान तय करने की बात बताई गई। इसी प्रकार छात्रों के लिए एक आदर्श दिनचर्या कैसी हो इसकी जानकारी दी गई।बच्चों ने आज क्या सीखा के तहत पालकों की सहभागिता बढ़ाने के साथ उनकी प्रोग्रेस मॉनिटर करने में सहायता मिलेगी। ‘‘बच्चा बोलेगा बेझिझक’’ से बच्चों के अंदर स्टेज में बोलने के भय को दूर करना और पब्लिक स्पीकिंग और लीडरशिप क्वालिटी बढ़ाने पर काम होगा। बच्चों की अकादमिक प्रगति एवम परीक्षा पर चर्चा का उद्देश्य पालकों और छात्रों को परीक्षा के दौरान होने वाले तनाव को दूर करना और अच्छे अंक लाने के लिए प्रोत्साहित करना है। पुस्तक की उपलब्धता सुनिश्चित करना, बस्ता रहित शनिवार के अंतर्गत अन्य ज्ञानवर्धक गतिविधियों से छात्रों को जोड़ना, विद्यार्थियों के आयु/कक्षा अनुरूप स्वास्थ्य परीक्षण एवम पोषण की जानकारी देना, न्योता भोज के माध्यम से सामुदायिक भागीदारी को प्रोत्साहित करना, विभिन्न डिजिटल प्लेटफार्म के माध्यम से शिक्षा हेतु पालकों एवम छात्रों को अवगत कराना, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं/ छात्रवृत्ति एवम विभागीय योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ जाति/आय/निवास प्रमाण पत्र निर्माण और नई शिक्षा नीति के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
- -मुख्यमंत्री ने पालकों से जाने पालक शिक्षक संवाद के अनुभव-मुख्यमंत्री श्री साय ने पालकों से कहा शिक्षकों के संपर्क में रहकर बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में लेते रहें जानकारीरायपुर /मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय बंदरचुंआ के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में आयोजित मेगा पालक शिक्षक बैठक कार्यक्रम में शामिल हुए। यहां उन्होंने पालक शिक्षक बैठक में शामिल होकर पालकों से कार्यक्रम को लेकर उनके अनुभव जाने। बच्चों के माता पिता के साथ कुछ बच्चों के दादा दादी भी कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे।मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने कहा कि परिवार किसी भी बच्चे की पहली पाठशाला है और माता पिता पहले गुरु। शासकीय स्कूलों में पालक शिक्षक संवाद का कार्यक्रम शुरू किया गया है जिससे पालकों को उनके बच्चों के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिले और बच्चे के शैक्षणिक प्रगति में उनकी भी सहभागिता हो। उन्होंने बताया कि आज स्कूलों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए बहुत सी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। उन्होंने पालकों से अनुरोध किया कि अपने बच्चों के शिक्षकों से सतत संपर्क में रहें। इससे बच्चे के पढ़ाई लिखाई के बारे में जानकारी मिलेगी ही साथ ही आपकी सहभागिता से बच्चे के गलत संगत में जाने की आशंका भी नही होगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने पालकों को सम्मानित भी किया।इस मौके पर स्कूल शिक्षा सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल परदेशी ने भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी साढ़े पांच हजार संकुलों में मेगा पालक शिक्षक मीटिंग कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री महोदय ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक में यह बात रखी कि प्राइवेट स्कूल में पीटीएम आयोजित होता है लेकिन सरकारी स्कूलों में यह नही होता है। इसे हमें लागू किया जाना चाहिए। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर यह पालक शिक्षक बैठक आयोजित किया जा रहा है। यह बच्चे के सर्वांगीण विकास में अहम भूमिका निभाएगा। पालक शिक्षक बैठक का मुख्य उद्देश्य है पढ़ाई लिखाई और स्कूली गतिविधियों में शिक्षकों के साथ पालकों की सहभागिता हो।दादा ने बताया मैं भी यहां से पढ़ा मेरा पोता भी यहीं से पढ़ रहा -डोंडापानी के श्री हरिसेवक चौहान ने बताया कि वे खुद इसी स्कूल से पढ़े हैं और अब उनका एक पोता यहां से पढ़कर अभी एमएससी कर रहा है। वहीं दूसरा पोता अभी जीव विज्ञान विषय के साथ कक्षा 11वीं में है। उन्होंने इस कार्यक्रम को शिक्षा गुणवत्ता बेहतर करने की दिशा में एक शानदार पहल बताया। उन्होंने कहा कि हमारे शिक्षक कहते थे मैं आपको तो पढ़ा ही रहा हूं आपके साथ आपके बच्चों की अच्छी शिक्षा का माध्यम भी बन रहा हूं क्योंकि आप शिक्षित होंगे तो आपका बच्चा भी निश्चित रूप से शिक्षित होगा। पालक शिक्षक के बीच संवाद से बच्चे के शिक्षा के स्तर की निरंतर मॉनिटरिंग होगी और उनकी नींव मजबूत होगी। इसी प्रकार फिलसिता कुजूर ने बताया कि मैं ज्यादा पढ़ी लिखी नही हूं लेकिन अपनी पोती को अच्छे से पढ़ाने लिखाने का प्रयास कर रहे हैं। पालक शिक्षक बैठक सभी पालकों को उनके बच्चों के बारे में जानकारी मिलेगी जिससे वे घर में भी बच्चों पर मेहनत कर पाएंगे।
- - जेम पोर्टल से होगी उपकरण, कंज्यूमेबल और रीएजेंट की खरीदी, वर्तमान प्रचलित अनुबंध दर को किया गया निरस्त-जेम पोर्टल में अनुपलब्ध सामग्रियों की खुली निविदा के माध्यम से होगी खरीदीरायपुर। स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल की अध्यक्षता में आज मंत्रालय महानदी भवन में सीजीएमएससी संचालक मंडल की 48वीं बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विसेज कॉरपोरेशन की संचालक श्रीमती पद्मिनी भोई साहू ने संचालक मंडल के सामने कार्यवाही विवरण और लिए गए निर्णयों का पालन प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। बैठक में आवश्यक निर्माण कार्य की वस्तुस्थिति, नए कार्यों कि जानकारी, जेम्स पोर्टल से उपकरणों, कंज्यूमेबल तथा दवाइयों की खरीदी सम्बन्धी चर्चा हुई और निर्णय लिए गए। बैठक कंज्यूमेबल के क्रय हेतु सीजीएमएससी द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 11.07.2024 के क्रियान्वन हेतु जो कंज्यूमेबल सामग्रिया GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध है, उनको GeM पर क्रय करने एवं उनका निगम में वर्तमान प्रचलित दर अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय तथा जो कंज्यूमेबल सामग्रियां GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध नहीं है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।बैठक में उपकरणों के क्रय हेतु सीजीएमएससी द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 11.07.2024 के क्रियान्वन हेतु जो उपकरण GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध है, उनको GeM पर क्रय करने एवं उनका निगम में वर्तमान प्रचलित दर-अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय तथा तथा जो उपकरण GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध नही है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।इसी तरह से रीएजेंट के क्रय हेतु सीजीएमएससी द्वारा वाणिज्य एवं उद्योग विभाग द्वारा जारी अधिसूचना दिनांक 11.07.2024 के क्रियान्वन हेतु जो रीएजेंट GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध है, उनको GeM पर क्रय करने एवं उनका निगम में वर्तमान प्रचलित दर अनुबंध को समाप्त करने का निर्णय तथा जो रीएजेंट GeM पोर्टल/ई-मानक पोर्टल में उपलब्ध नही है, उनकी निविदा जारी कर दर-अनुबंध कर क्रय करने का निर्णय लिया गया।बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ , विशेष सचिव श्री चंदन कुमार, आयुक्त चिकित्सा सेवा श्रीमती किरण कौशल, संचालक स्वास्थ्य सेवाएं श्री ऋतुराज रघुवंशी, संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन श्री जगदीश सोनकर, संचालक आयुष सुश्री इफ्फत आरा समेत स्वास्थ्य एवं वित्त विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।




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