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- करीब साढ़े 4 हजार आवेदन मौके पर ही निराकृत
-उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने प्रत्येक आवेदन के सार्थक निराकरण के दिए निर्देश-नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक ने आज दो नगर निगमों में किया औचक निरीक्षणरायपुर । प्रदेश के सभी नगरीय निकायों में विगत 27 जुलाई से प्रांरभ जनसमस्या निवारण पखवाड़ा का बेहतर प्रतिसाद नागरिकों को मिल रहा है। पखवाड़ा के पहले छह दिनों (27 जुलाई से 1 अगस्त तक) में प्रदेश भर में कुल 26 हजार 513 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से 4442 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण कर लोगों की समस्याएं दूर की गई हैं। उप मुख्यमंत्री तथा नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जनसमस्या निवारण पखवाड़ा की समीक्षा कर सभी आयुक्तों, मुख्य नगर पालिका अधिकारियों तथा क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को यथासंभव ज्यादा से ज्यादा आवेदनों को मौके पर ही निराकृत करने के निर्देश दिए हैं।उप मुख्यमंत्री श्री साव ने प्रदेश के सभी 184 नगरीय निकायों में वार्डवार आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों में नागरिकों को जनकल्याणकारी योजनाओं से लाभान्वित करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने शिविरों में प्राप्त आवेदनों का डॉटा-बेस तैयार करने को कहा है, ताकि इनकी निरंतर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने वरिष्ठ विभागीय अधिकारियों और सभी क्षेत्रीय संयुक्त संचालकों को शिविर स्थलों का औचक निरीक्षण कर वहां नागरिकों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं और व्यवस्थाओं की गुणवत्ता की जांच के निर्देश दिए हैं। जिन निकायों में लोगों की समस्याओं का शीघ्रता से निराकरण नहीं हो रहा है, उन्हें चिन्हांकित कर संबंधितों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई के भी निर्देश उन्होंने दिए हैं।प्रदेश में जनसमस्या निवारण पखवाड़ा के शुरूआती छह दिनों में सफाई से संबंधित कुल 243 आवेदन प्राप्त हुए हैं जिनमें से 46 का तत्काल निराकरण किया गया है। पेयजल से जुड़ी 1715 आवेदनों में से 102 तथा प्रकाश व्यवस्था से संबंधित 1447 में से 144 आवेदनों को मौके पर ही निराकृत किया गया है। वहीं सड़क व नाली मरम्मत के 90 और आवास से संबंधित 103 प्रकरण तुरंत निराकृत किए गए हैं। सामाजिक सुरक्षा पेंशन के 54 प्रकरणों पर तत्काल सहमति प्रदान कर हितग्राहियों को लाभान्वित किया गया है। राशन कॉर्ड के 983 और राजस्व के 249 प्रकरणों पर भी त्वरित कार्यवाही की गई है। शिविरों में 1607 शहरी लाभार्थियों को स्वास्थ्य संबंधी व आयुष्मान कॉर्ड की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।सभी नगरीय निकायों में 27 जुलाई से 1 अगस्त तक जनसमस्या निवारण शिविरों में प्राप्त 26 हजार 513 आवेदनों में से 4442 को मौके पर ही निराकृत किया गया है। शेष 22 हजार 071 आवेदनों को श्रेणीवार विभाजित कर निराकरण के लिए समय-सीमा दी गई है। जनसमस्या निवारण शिविरों के साथ ही वार्डों में मुख्यमंत्री स्लम स्वास्थ्य योजना के चलित वाहनों के माध्यम से चिकित्सा शिविरों का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बीपी, शुगर, बुखार, सर्दी-खांसी के मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण एवं इलाज कर निःशुल्क दवाईयां दी जा रही हैं। सभी निकायों के पदाधिकारी और जनप्रतिनिधि आमजनों की भागीदारी के साथ आगामी 10 अगस्त तक चलने वाले इन शिविरों में अपनी उपस्थिति दे रहे हैं।नगरीय प्रशासन विभाग के संचालक श्री कुंदन कुमार ने आज किया औचक निरीक्षणउप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव के निर्देश पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री कुंदन कुमार ने आज भिलाई नगर निगम और भिलाई-चरौदा नगर निगम में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने इस दौरान सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को आम जनता की समस्याओं के त्वरित निदान के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को शिविरों के माध्यम से प्राप्त मांगों का परीक्षण कर प्रस्ताव तैयार कर उच्च कार्यालय को प्रेषित करने को कहा। श्री कुमार ने करदाताओं के लिए करों के भुगतान की सुविधा वार्ड में ही उपलब्ध कराने के साथ ही वार्डवार शिविरों के आयोजन के संबंध में वार्ड एवं नगर में व्यापक प्रचार-प्रसार की व्यवस्था के भी निर्देश दिए। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय शनिवार 3 अगस्त को आरंग में विभिन्न छात्रावासों के लोकार्पण कार्यक्रम में शामिल होंगे। जारी दौरा कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री 3 अगस्त को दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री निवास कार्यालय से कार से प्रस्थान कर दोपहर 12.40 बजे आरंग में पहुंचेंगे। मुख्यमंत्री यहां आयोजित कार्यक्रम में पोस्ट मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन आरंग, प्री-मैट्रिक अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास भवन आरंग एवं मंदिर हसौद तथा अनुसूचित जाति कन्या आश्रम भवन आरंग एवं कोसरंगी का लोकर्पण करेंगे। मुख्यमंत्री दोपहर 2.50 बजे मुख्यमंत्री निवास रायपुर लौट आएंगे।
- -बस्तर, जशपुर, सरगुजा सहित प्रदेश के ट्राइबल क्षेत्रों पर होगा फोकस-नियद नेल्लानार योजनांतर्गत खेल सुविधाओं के विकास के लिए खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने जारी किए 54 लाख रूपयेरायपुर /केन्द्रीय श्रम एवं रोजगार और युवा कार्य एवं खेल मंत्री श्री मनसुख मांडविया के विगत 27 जुलाई को रायपुर प्रवास के दौरान् प्रदेश में वृहद स्तर पर खेल प्रतियोगिता के आयोजन की रूपरेखा बनी थी। इसी अनुक्रम में खेल संचालक श्रीमती तनुजा सलाम ने आज न्यू सर्किट हाउस जगदलपुर में बस्तर संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों की बैठक लेकर खेल प्रतियोगिता के वृहद स्तर पर आयोजन करने हेतु तैयारियों का जायजा लिया।बस्तर प्रवास के दौरान् खेल संचालक श्रीमती सलाम ने जगदलपुर में संचालित हॉकी खेलो इंडिया सेंटर और जगदलपुर में प्रस्तावित सिंथेटिक हॉकी टर्फ हेतु स्थल का निरीक्षण किया। प्रियदर्शनी स्टेडियम जगदलपुर में खेल सुविधाओं और प्रशिक्षण केंद्रों में खिलाड़ियों से मुलाकात की। व्यायाम शिक्षकों से मुलाकात कर जिले में संचालित खेल गतिविधियों और प्रशिक्षण का जायजा लिया। सहायक संचालक राजेन्द्र डेकाटे ने जगदलपुर में स्थित खेल अधोसंरचनाओं तथा प्रस्तावित अधोसंरचना के लिए चिन्हित भूमि के बारे में खेल संचालक को जानकारी दी। पंडरीपानी, प्रियदर्शनी स्टेडियम बैडमिंटन हॉल, निर्माणाधीन बैडमिंटन हॉल इत्यादि खेल अधोसंरचना का निरीक्षण किया गया।बस्तर के युवाओं को मुख्य धारा में जोड़ने के लिए युवा गतिविधियों के आयोजन की रूपरेखा तैयार करने के निर्देश खेल संचालक के द्वारा संभाग के सभी जिला खेल अधिकारियों को दिए गए।नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत बस्तर संभाग के 05 जिले कांकेर, नारायणपुर, बीजापुर, दंतेवाड़ा और सुकमा के अंतर्गत नेल्ला नार-टेकलगुड़ा कैम्प एवं आस-पास के 05 गावों में खेल की विशेष सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने इन जिलों को वित्तीय वर्ष 2023-24 में 10 लाख रूपये तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 44 लाख रूपये जारी किए हैं। चिन्हित कैंपों में खेल सामग्री की उपलब्धता एवं सुचारू क्रियान्वयन हेतु जिला खेल अधिकारियों को निर्देशित किया।बस्तर संभाग के सभी जिलों में खेल एवं युवा कल्याण विभाग की योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश खेल संचालक ने दिया। बस्तर संभाग में खेलों की नैसर्गिक प्रतिभाएं प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं, इन्हें खेलों का प्रशिक्षण देकर इनकी प्रतिभा को तराशने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। खेल संचालक ने बताया कि खेल एवं युवा कल्याण विभाग के रिक्त पदों पर भर्ती की अनुमति शासन से मिलते ही जल्द से जल्द रिक्त पदों पर भर्ती की कार्यवाही की जाएगी।न्यू सर्किट हाउस जगदलपुर में खेल संचालक के अलावा राजेन्द्र डेकाटे, सहायक संचालक, सुश्री सुधा कुमार, वरिष्ठ खेल अधिकारी कोण्डागांव, संजय जैन प्रभारी जिला खेल अधिकारी कांकेर, नारायण गवेल डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खेल अधिकारी जिला बीजापुर, सुमित कुमार गर्ग डिप्टी कलेक्टर एवं प्रभारी खेल अधिकारी जिला नारायणपुर, विरूपाक्ष पुराणिक प्रभारी सहायक खेल अधिकारी जिला सुकमा, प्रदीप सिंह प्रभारी सहायक खेल अधिकारी जिला दंतेवाड़ा सहित संचालनालय स्तर से विष्णु कुमार श्रीवास्तव ओ.एस.डी. छत्तीसगढ़ खेल विकास प्राधिकरण एवं गिरीश शुक्ला खेल अधिकारी उपस्थित रहे।
- -रिमझिम फुहारों के बीच लवन में मनाया गया वन महोत्सव-एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत रोपे गए पौधेरायपुर / जीने के लिए सांस और सांस लेने के लिए ऑक्सीजन की जरूरत धरती के सभी जीवों के लिए हमेशा बना रहेगा। वृक्षों से जीवनदायिनी ऑक्सीजन मिलती है, इसका मतलब पेड़ पौधों के बिना मानव और जीव जंतुओं का जीवन संभव नहीं है। हर साल बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण किया जाता है लेकिन उसमें से कितने पौधे जीवित बचते हैं। इसका आंकलन करना जरुरी है। जिस प्रकार माँ-बाप अपने बच्चों की देखभाल तब-तक करते हैं, जब तक वे अपने पैरों पर खड़े नहीं हो जाते। उसी प्रकार पौधे लगाने के बाद 5-6 साल तक भली-भांति देख-रेख करना जरूरी है। मंत्री श्री टंक राम वर्मा ने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के जवाहर नवोदय विद्यालय लवन में सावन के रिमझिम फुहारों के बीच वन विभाग द्वारा आयोजित जिला स्तरीय वन महोत्सव कार्यक्रम में उपर्युक्त बातें कही। वन महोत्सव कार्यक्रम में एक पेड़ माँ के नाम अभियान अंतर्गत मंत्री श्री टंक राम वर्मा सहित जनप्रतिनिधियों एवं अधिकारियों ने स्कूल परिसर में पौधरोपण किया।आज स्कूल परिसर में करीब 500 पौधे लगाए गए।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने ठाना है कि वृहद वृक्षारोपण के माध्यम से छत्तीसगढ़ कों हरियर प्रदेश बनाना है। उनकी प्रतिबद्धता को पूरा करने आप सभी अपने खेत, खलिहान और जहां भी खाली जमीन मिलता है वहां पेड़ जरूर लगाएं। मंत्री श्री वर्मा ने कहा कि राजस्व रिकार्ड में त्रुटियों को सुधारने के लिए अब तहसीलदारों को अधिकृत किया गया है,जिससे अब आसानी से त्रुटि सुधार हो सकेगा। राजस्व रिकार्ड त्रुटि सुधार आगे पंचायत स्तर पर भी शुरु किया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रदेश में खेल को बढ़ावा देने एवं खिलाडियों को सम्मानित करने के लिए खेल अलंकरण समारोह शुरू किया गया है। इस वर्ष 29 अगस्त को खेल अलंकरण समारोह होगा। उन्होंने कहा कि बलौदाबाजार- भाटापारा जिले का नाम खेल के क्षेत्र में रोशन हो इसके लिए खेल सुविधाएं बढ़ाने का काम किया जा रहा है। इसके तहत 7.5 करोड़ की लागत से एथलेटिक्स ट्रैक का निर्माण किया जाएगा।कार्यक्रम कों सम्बोधित करते हुए पूर्व विधानसभा अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि हर साल वृहद स्तर पर वृक्षारोपण किया जाता है, इस वर्ष इस अभियान को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने एक पेड़ माँ के नाम अभियान के तहत पेड़ लगाने का आह्वान किया है। यदि हम अपने माँ के नाम से पेड़ लगाएंगे तो उसमें हमारी भावना भी जुडी होगी,जिससे पेड़ की अच्छी देख-भाल होगी। उन्होंने कहा कि पृथ्वी पर हर प्राणी को जीने के लिए ऑक्सीजन की जरुरत होती है जो पेड़ से मिलती है। उन्होंने कहा कि स्वयं पेड़ लगाएं एवं समाज के लोगों को भी पेड़ लगाने के लिए प्रेरित कर्रे। कार्यक्रम को पूर्व विधायक भाटापारा श्री शिवरतन शर्मा, पूर्व संसदीय सचिव डॉ सनम जांगड़े ने भी सम्बोधित किया। डीएफओ श्री मयंक अग्रवाल ने बताया कि नदी तट योजना के तहत जिले में 50 हेक्टेयर में वृक्षारोपण किया गया है। किसान वृक्ष मित्र योजना अंतर्गत 1151 किसानों के 2185 एकड़ रकबे में वृक्षारोपण किया जाएगा।
- -मुख्य सचिव ने समीक्षा बैठक में अधिकारियों को दिए निर्देशरायपुर / मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन ने आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में बस्तर संभाग के कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा जिले में शासन की महत्वाकांक्षी नियद नेल्लानार योजना के तहत यहां के निवासियों को मिल रही बुनियादी सुविधाओं की गहन समीक्षा की। आवासीय विद्यालय, सामूहिक एवं व्यक्तिगत वनाधिकार पट्टा, 500 यूनिट मुफ्त बिजली, किसान सम्मान निधि, किसानों को निःशुल्क बीज एवं कृषि उपकरण, सिंचाई सोलर पंप और किसानों के खेतों मंे बोरवेल की सुविधा के बारे में जिलों के कलेक्टरों से जानकारी ली। इसी तरह से हाई मास्क लाइट, उज्जवला योजना के तहत मुफ्त गैस कनेक्शन, निःशुल्क खाद्यान्न सामग्री, पेयजल, अग्निवीर भर्ती कोचिंग, युवाओं को कौशल विकास टेªनिंग और खेल सामग्री, प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास, बारहमासी सड़कों की सुविधा सहित मोबाइल कनेक्टिविटी और बैंक एटीएम सुविधा की भी जानकारी ली। मुख्य सचिव ने योजनांतर्गत आने वाले गांवों में आंगनबाड़ी केन्द्र, स्वास्थ्य केन्द्र, स्कूलों की स्थिति और लघु वनोपज की खरीदी सहित अन्य बुनियादी सुविधाओं की विस्तार से समीक्षा की। बैठक में पुलिस कैम्पों के अंतर्गत नाइट लैंडिंग सुविधा के बारे में भी अधिकारियों से जानकारी ली।मुख्य सचिव ने अधिकारियों को नियद नेल्लानार योजना के अंतर्गत आने वाले गांवों में लोगों की सभी बुनियादी सुविधाओं और कल्याणकारी योजनाओं के लाभ दिलाने के लिए योजनाबद्ध कार्य करने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि सुविधा प्रदान करने वाले सभी विभागीय सचिवों के पास कार्ययोजना एवं दी जा रही सुविधाओं की जिलेवार अपडेट जानकारी रहना चाहिए। मुख्य सचिव ने खाद्य विभाग के अधिकारियों को कहा कि योजना क्षेत्र के गांवों में सभी हितग्राहियों को राशनकार्ड पर चावल, गुड़, चीनी, चना इत्यादि सामग्री अनिवार्य रूप से मिले इसकी निगरानी लगातार करें। श्री जैन ने बस्तर संभागायुक्त को नियद नेल्लानार योजना की सतत् निगरानी के निर्देश दिए।वीडियो कॉन्फ्रेंस से आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक में वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की प्रमुख सचिव श्रीमती निहारिका बारिक, आदिम जाति तथा अनुसूचित जाति विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, कृषि विभाग की सचिव श्रीमती शहला निगार, लोक निर्माण विभाग के सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह, कौशल विकास विभाग के सचिव डॉ. एस.भारतीदासन, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री हिमशिखर गुप्ता सहित बस्तर संभागायुक्त और कांकेर, दंतेवाड़ा, नारायणपुर, बीजापुर और सुकमा के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और अन्य विभागीय अधिकारी शामिल हुए।
- रायपुर /मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन से आज यहां मंत्रालय महानदी भवन में चिराग परियोजना के संबंध में विश्व बैंक के अधिकारियों के टीम ने सौजन्य मुलाकात की। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से चर्चा के दौरान चिराग परियोजना के क्रियान्वयन के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने बताया कि चिराग योजना का प्रदेश में बेहत्तर क्रियान्वयन हो रहा है।इस मौके पर विश्व बैंक के टास्क टीम लीडर श्री राज गांगुली के साथ विश्व बैंक के अधिकारी श्रीमती मीरा मिश्रा, श्री ब्रेमला नाथन, श्रीमती मनवीन्दर मामक, श्रीमती लक्ष्मी दुर्गा, श्रीमती मधुश्री बैनर्जी और ऋषिकेश ठाकुर मौजूद थे। विश्व बैंक के टीम ने चर्चा के दौरान चिराग परियोजना की प्रगति और पुर्नगठन की आवश्यकता के संबंध में विस्तार से जानकारी दी। इस मौके पर छत्तीसगढ़ शासन की ओर से कृषि उत्पादन आयुक्त सुश्री शहला निगार, संचालक कृषि श्री सारांश मित्तर, संचालक उद्यानिकी डॉ. एस.जगदीशन एवं परियोजना संचालक सुश्री तुलिका प्रजापति शामिल थी।
- दुर्ग, / कृषि विज्ञान केन्द्र, पाहंदा (अ), दुर्ग में कृष्णा पब्लिक स्कूल नेहरू नगर भिलाई के बच्चों ने प्रक्षेत्र में भ्रमण किया। कृषि विज्ञान केन्द्र में उन्होंने खेती के विभिन्न तरीकों एवं कृषि करने की वैज्ञानिक विधि के बारे में विस्तार से देखा। वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. विजय जैन ने कृषि विज्ञान केन्द्र की भूमिका के बारे में बच्चों को जानकारी दी और कहा कि कैस लैब से लैंड तक हम कृषि की नवीनतम तकनीकी को किसानों तक पहुंचाते है। कृषि विज्ञान केन्द्र को वित्तीय पोषण भारत सरकार द्वारा किया जाता है और संचालन इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय रायपुर द्वारा किया जा रहा है। जिसमें भारत सरकार और इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित नवीनतम तकनीक को किसानों तक पहुंचाया जाता है। कृषि विज्ञान केन्द्र की मृदा वैज्ञानिक डॉ. ललिता रामटेके ने कृषि एवं मृदा विज्ञान के बारे में बच्चों को जानकारी दी। जिसमें जैविक खेती, टिकाऊ खेती, वर्टीकल कार्मिग आई.एफ.एस. माडल के बारे में बताया। मृदा परीक्षण प्रयोगशाला के अंतर्गत मृदा परीक्षण प्रयोगशाला का भ्रमण कराया। नर्सरी पौधों की देखभाल, प्रो ट्रे, हल्दी की खेती, सोयाबीन की खेती, केचुआ खाद उत्पादन, बटेर पालन के बारे में जानकारी दी और भ्रमण कराया। जिसमें बच्चों ने भी उत्सुकता से सभी तकनीकों, प्रदर्शन ईकाइयों को ध्यान से देखा और अपने प्रश्नों को साझा किया। कृषि विज्ञान केन्द्र की प्रक्षेत्र प्रबंधक श्रीमती सृष्टि तिवारी ने प्रक्षेत्र भ्रमण कराया। वैज्ञानिक तकनीकी भ्रमण कार्यक्रम में कृष्णा पप्लिक स्कूल के शिक्षक श्री प्रतीक पाण्डया एवं सहयोगी उपस्थित थे।
- -स्कूलों और छात्रावास का किया निरीक्षण, बच्चों के लिए बने मध्यान्ह भोजन का चखा स्वाद-लंबे समय से नदारद डॉक्टर के विरूद्ध होगी कार्रवाई-जारी रहेगा डोर टू डोर सर्विलांस कार्यबिलासपुर /कलेक्टर श्री अवनीश शरण और पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह ने शासकीय योजनाओं का मैदानी स्तर पर क्रियान्वयन देखने के लिए कोटा ब्लॉक के कई गांवों का सघन दौरा किया। उन्होंने इस दौरान शासकीय योजनाओं का मौके पर क्रियान्वयन देखा। कलेक्टर ने बेलगहना अस्पताल के डॉक्टर स्पर्श गुप्ता के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए। डॉक्टर गुप्ता बिना किसी सूचना के विगत एक वर्ष से नदारद हैं। कलेक्टर-एसपी ने आज कोटा ब्लॉक के बेलगहना, कोंचरा, केंदा, आदि गांवों का दौरा कर शासकीय योजनाओं का जायजा लिया। एसडीएम श्री युगल किशोर उर्वशा सहित विभागीय अधिकारी साथ थे।कलेक्टर श्री शरण ने बेलगहना से दौरे की शुरूआत की। उन्होंने बेलगहना पीएचसी का बारीकी से जायजा लिया। पंजीयन एवं औषधि कक्ष, ओपीडी, महिला वार्ड, पुरुष वार्ड सहित पूरे अस्पताल का मुआयना किया। स्वास्थ्य विभाग के मैदानी कर्मचारियों से मलेरिया के हालात की जानकारी ली। मितानिनों से चर्चा कर सर्विलांस कार्य की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि मलेरिया के मरीज नहीं मिल रहे हैं तब भी डोर टू डोर सर्वे का काम बंद नहीं होना चाहिए। सभी चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों को मुख्यालय में रहने कहा है। बीएमओ को निर्देश दिए कि अस्पताल में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। एएनसी जांच नियमित रूप से अस्पताल में करवाने कहा। उन्होंने अस्पताल में मौजूद मितानिनों से भी चर्चा कर उनके काम-काज एवं समस्याओं के बारे में पूछताछ की। मितानिनों से नियमित मानदेय मिल रहा है कि नहीं इसकी जानकारी ली।कलेक्टर ने इसके बाद तहसील कार्यालय का निरीक्षण किया। तहसीलदार को नई बिल्डिंग में शिफ्ट होने के निर्देश दिए। तहसील कार्यालय में राजस्व अभिलेखों एवं दस्तावेजों का अवलोकन करते हुए अविवादित नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन भू-अर्जन के लंबित और निराकृत प्रकरणों की जानकारी ली और लंबित प्रकरणों को निर्धारित अवधि में निराकृत कर रिकार्ड दुरूस्त करने के निर्देश दिए। इस दौरान उन्होंने उपस्थिति पंजी, सर्विस बुक और रिकार्ड रूम, नकल शाखा, नायब नजीर, राजस्व न्यायालय, रीडर शाखा, कानूनगो शाखा, नजरात शाखा सहित अन्य शाखा के समस्त पंजियों का अवलोकन किया और सभी शाखाओं के पंजियों को अपडेट करने के निर्देश दिए। विभिन्न कार्यो से आए किसानों और पक्षकारों से चर्चा कर उनकी समस्याएं सुनी।कलेक्टर और एसपी ने बेलगहना थाना का भी निरीक्षण कर जरूरी निर्देश दिए। कलेक्टर ने इसके बाद कोंचरा गांव के प्राथमिक स्कूल का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां बच्चों के लिए तैयार किए गए मध्यान्ह भोजन को चखकर गुणवत्ता परखी। पहली कक्षा और पांचवी कक्षा के बच्चों से पढ़ाई के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने बच्चों को चॉकलेट बांटा। बच्चों को खूब मन लगाकर पढ़ने की सीख दी। कलेक्टर ने इसके बाद केंदा प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र का निरीक्षण किया। उन्होंने अस्पताल का पूरा जायजा लिया। अस्पताल में मौजूद कर्मचारियों की जानकारी ली। बताया गया कि अस्पताल में लैब टेक्नीशियन नहीं है। कलेक्टर ने जिला मलेरिया अधिकारी डॉ अनिल श्रीवास्तव को कल ही लैब टेक्नीशियन उपलब्ध कराने कहा। मितानिनों से चर्चा कर मलेरिया के मरीजों की पड़ताल के लिए डोर टू डोर सर्विलांस का काम नियमित रूप से करने कहा। यहां 108 और बाइक एंबुलेंस की सर्विस लेन के निर्देश दिए।कलेक्टर ने केंदा में प्री मैट्रिक छात्रावास का भी जायजा लिया। बताया गया कि यहां 70 छात्र रहते हैं। उन्होंने किचन सहित पूरे छात्रावास को घूम-घूम कर बारीकी से देखा। बच्चे मच्छरदानी लगाते हैं या नहीं इसकी जानकारी ली। बच्चों को निर्धारित मेनू के अनुसार भोजन देने के निर्देश दिए।
- -रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु स्पॉट काउंसलिंग 6 एवं 7 अगस्त कोरायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के अंतर्गत विभिन्न महाविद्यालयों में संचालित स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की 458 सीटों में से 437 सीटें काउंसलिंग के द्वारा चयनित अभ्यर्थियों को आबंटित कर दी गई हैं। संयुक्त प्रवेश परीक्षा-2024 की प्रावीण्य सूची के आधार पर अभ्यर्थियों को प्रोविजनल सीट एवं महाविद्यालय का आबंटन किया जा चुका है। चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेजों का परीक्षण कृषि महाविद्यालय, रायपुर में किया जा रहा है। आबंटित प्रोविजनल सीट को सुरक्षित करने हेतु अभ्यर्थियों को 01 से 03 अगस्त के मध्य ऑनलाइन फीस जमा करना अनिवार्य होगा। सीट सुरक्षित करने के पश्चात अभ्यर्थी सीट निरस्त करना चाहता है और आगे किसी भी प्रक्रिया में भाग नहीं लेना चाहता तो इस हेतु 01 से 04 अगस्त के मध्य सीट निरस्त करना होगा। रिक्त सीटों पर प्रवेश हेतु 6 एवं 7 अगस्त को स्पॉट काउंसलिंग तथा 8 अगस्त को कन्वर्सन काउंसलिंग की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थी काउंसलिंग संबंधित दिशा-निर्देशों की अधिक जानकारी हेतु विश्वविद्यालय की वेबसाईट www.igkv.ac.in का अवलोकन कर सकते हैं।
- - विधायक ईश्वर साहू की मौजूदगी में किया गया ऑयल पॉम पौधरोपणदुर्ग, / कलेक्टर सुश्री ऋचा प्रकाश चौधरी के मार्गदर्शन में उद्यानिकी विभाग द्वारा वृहद ऑयल पाम पौधरोपण अभियान के तहत कृषकों को ऑयल पॉम पौधरोपण हेतु प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज साजा विधायक श्री ईश्वर साहू की मौजूदगी में धमधा विकासखण्ड के ग्राम रूहा में वृहद ऑयल पॉम पौधरोपण कार्यकम अंतर्गत 3 एफ ऑयल पॉम कंपनी और उद्यानिकी विभाग के तत्वाधान में कृषक श्री कपिल पटेल रकबा 4.00 हेक्टेयर एवं श्री मनीष शर्मा रकबा 5.00 हेक्टेयर के प्रक्षेत्र में ऑयल पॉम पौधे का रोपण किया गया। साथ ही उद्यानिकी विभाग द्वारा ग्राम पंचायत-रूहा में किसानों की उपस्थिति में 3-एफ ऑयल पॉम कंपनी के समन्वय से ऑयल पॉम की खेती को बढ़ावा देने कृषक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। उक्त कार्यक्रम में उपसंचालक उद्यान श्रीमती पूजा कश्यप साहू और 3 एफ ऑयल पॉम छ.ग. प्रमुख श्री मनोज कुमार शर्मा द्वारा केन्द्र पोषित ऑयल पॉम योजना की विस्तृत जानकारी दी गई। उक्त कार्यक्रम में ऑयल पॉम की खेती कर रहे कृषक श्री योगेश साहू ग्राम-टेमरी द्वारा ऑयल पॉम खेती से होने वाले लाभ की जानकारी कृषकों को दी गई।उल्लेखनीय है कि भारत सरकार की इस महत्वकांक्षी योजना के अंतर्गत दुर्ग जिले को 300.00 हेक्टेयर का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। उद्यानिकी विभाग द्वारा लक्ष्य प्राप्ति हेतु सतत् प्रयास जारी है। कार्यक्रम में जिला पंचायत सदस्य श्री जितेन्द्र साहू, जनपद सदस्य श्री अशोक पटेल एवं श्री सागर वर्मा, धमधा के पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष श्री रमन यादव, पूर्व सरपंच खैरझिटी (डिहीपारा) श्री जोहन वर्मा, सरपंच ग्राम पंचायत रूहा श्री नटवर लाल, प्रगतिशील कृषक श्री धरमपाल वर्मा तथा श्री रोहित राजपूत एवं श्री लिमन साहू, सहित उद्यानिकी विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और 3 एफ ऑयल पॉम के कर्मचारी उपस्थित थे।
- दुर्ग / आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग ने संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की नई दिल्ली में योजना अंतर्गत फ्री कोचिंग के माध्यम से तैयारी करने हेतु राज्य के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के इच्छुक और पात्र युवक युवती अभ्यर्थियों से ऑनलाईन आवेदन पत्र आमंत्रित किया है। ऑनलाइन आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 05.08.2024 रात्रि 12.00 बजे तक निर्धारित है। ऑनलाईन आवदेन जमा करने हेतु वेबसाइट www.tribal.cg.gov.in ट्राइबल डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन अथवा https://hmstribal.cg.nic.in एमएसट्राइबल डॉट सीजी डॉट एनआईसी डॉट इन है।चयन के लिए पात्रता एवं शर्तेंइसके लिए आवेदक को छत्तीसगढ़ का मूल निवासी होना अनिवार्य हैं। आवेदक अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग से हो तथा छत्तीसगढ़ राज्य का स्थाई जाति प्रमाण पत्र धारक हो। आवेदक भारत सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के लिए घोषित अनुसूचित जाति,अनुसूचित जनजाति एवं छत्तीसगढ़ शासन द्वारा घोषित अन्य पिछड़ा वर्ग की सूची में सम्मिलित है अथवा नहीं, यह सिद्ध करने का दायित्व आवेदक का होगा एवं यदि इस संबंध में आवेदक द्वारा गलत विवरण प्रस्तुत किया जाता है तो उसे इस योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाएंगा। 01 अगस्त 2024 की स्थिति में न्यूनतम 20 वर्ष तथा अधिकतम 30 वर्ष हो। आवेदक मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या कॉलेज से स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण किया हो। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के आवेदको के लिए आय सीमा का कोई बंधन नहीं है तथा अन्य पिछड़ा वर्ग के ऐसे आवेदक जिनके पालकों की वार्षिक आय क्रीमीलेयर के लिए निर्धारित आय सीमा तक है, वे प्रवेश हेतु पात्र होंगे। इस हेतु सक्षम अधिकारी द्वारा जारी आय प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। ऐसे अभ्यर्थी जो वर्तमान में किसी शासकीय सेवा में कार्यरत हों, वे इस योजना हेतु पात्र नहीं होंगे। चयनित अभ्यर्थियों को योजना का लाभ केवल एक बार ही दिया जायेगा।कोचिंग अवधि और निर्धारित सीटविज्ञापन से संबधित विस्तृत जानकारी विभाग की वेबसाइट ट्राइबल डॉट सीजी डॉट जीओवी डॉट इन से अवलोकन एवं डाउनलोड किया जा सकता है। इस परीक्षा से संबंधित समस्त जानकारी यथा पात्र अभ्यर्थी, परीक्षा केन्द्र, परीक्षा परिणाम आदि की सूचना विभागीय वेबसाईट से अभ्यर्थी प्राप्त कर सकते हैं। नवीन 135 सीटों पर अभ्यर्थियों का चयन, वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति शासन से प्राप्त होने के अधीन होगी।संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा की कोचिंग हेतु सामान्य अनुदेश वर्ष 2024-25 में प्रशिक्षण की अवधि अंतर्गत कोचिंग की अवधि अधिकतम 10 माह की होगी। साक्षात्कार हेतु चयनित होने पर अभ्यर्थियों को साक्षात्कार हेतु प्रशिक्षण प्रदान किया जायेगा जिसका व्यय योजना से वहन किया जायेगा। कोचिंग का निर्धारण, आदिम जाति एवं अनुसूचित जाति विकास विभाग द्वारा सूचीबद्ध (इम्पेनल्ड) कोचिंग संस्थाओं में जो नईदिल्ली स्थित है, से होगा। योजनांतर्गत निर्धारित सीटें 50 सीटे $135 सीट = 185 सीट (एसटी-50 प्रतिशत, एससी-30 प्रतिशत, ओबीसी-20 प्रतिशत) (प्रत्येक वर्ग में 33 प्रतिशत महिलाओं के लिये आरक्षित) नवीन 135 सीटों पर अभ्यर्थियों का चयन, वित्तीय एवं प्रशासकीय स्वीकृति शासन से प्राप्त होने के अधीन होगा।
- दुर्ग / प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी जिले में 15 अगस्त 2024 स्वतंत्रता दिवस मुख्य समारोह का आयोजन गरिमापूर्वक किया जाना है। इस संबंध में छत्तीसगढ़ शासन सामान्य प्रशासन विभाग मंत्रालय महानदी भवन नवा रायपुर द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं। जारी निर्देशानुसार जिले के सभी शासकीय भवनों एवं ऐतिहासिक स्थानों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया जाएगा। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर शानदार परेड का आयोजन होगा। जिसमें बी.एस.एफ., सी.आर.पी.एफ., सी.आई.एस.एफ., एस.टी.एफ, आई.टी.बी.पी., एस.एस.बी., छ.ग.सशस्त्र बल(पुरूष), छ.ग.पुलिस बल (पुरूष), छ.ग.सशस्त्र बल (महिला), नगर सेना पुरूष, नगर सेना महिला, बैण्ड प्लाटून तथा एन.सी.सी. बालक एवं बालिकाओं आदि की टुकडियां शामिल होगी। जिला मुख्यालय स्तर पर आयोजित समारोह में शासन द्वारा विनिर्दिष्ट माननीय मंत्रीजी/महानुभाव द्वारा ध्वजारोहण किया जाकर परेड की सलामी ली जाएगी एवं ’माननीय मुख्यमंत्री जी के संदेश का वाचन किया जाएगा।स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा दिए जाने वाले पुरस्कार एवं पदकों के वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। जिला मुख्यालयों में परेड आयोजित की जाएगी, जिला मुख्यालयों के अलावा अन्य किसी स्थान पर परेड आयोजित नहीं होगी। परेड में सेना (जहाँ उपलब्ध हो), पुलिस, एन सी सी. नगर सेना जेल प्रहरी की टुकड़िया भाग लेंगी। जिला स्तर पर स्कूली बच्चों के द्वारा देशभक्ति/संस्कृति से परिपूर्ण सांस्कृतिक कार्यकम आयोजित किये जायेंगे। समारोह में आयोजित किए जाने वाले कार्यक्रम गरिमामय एवं रुचिपूर्ण होंगे।जनपद पंचायत मुख्यालयों पर संबंधित जनपद पंचायत अध्यक्ष द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा तत्पश्चात सामूहिक रूप से राष्ट्रगान करेंगे एवं मुख्य अतिथि द्वारा भाषण दिया जाएगा। ऐसी नगर पालिका/नगर पंचायत जिनका मुख्यालय ब्लाक मुख्यालय पर नहीं है। उनमें अध्यक्ष, नगर पालिका/नगर पंचायत द्वारा ध्वजारोहण किया जाएगा। पंचायत मुख्यालय में सरपंच द्वारा एवं बड़े गांवों में, गांवों के मुखिया द्वारा ध्वजारोहण किया जाकर सामूहिक रूप से राष्ट्रीय गान गाया जाएगा तथा कार्यक्रम में उपस्थित लोगों को 15 अगस्त (स्वतंत्रता दिवस) का महत्व बताते हुये, उन्हें देश की एकता तथा अखण्डता के लिए कार्य करने हेतु प्रेरित किया जाएगा।स्वतंत्रता दिवस, 15 अगस्त, 2024 की रात्रि में प्रदेश के सभी शासकीय/सार्वजनिक भवनों/राष्ट्रीय महत्व के स्मारकों पर रोशनी किया जाएगा। जिला स्तर पर ध्वजारोहण समारोह प्रातः 9.00 बजे से प्रारंभ किया जाएगा, ताकि इसके पूर्व नागरिकगण देश की राजधानी दिल्ली में लाल किले पर आयोजित होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह का रेडियो/दूरदर्शन पर होने वाले प्रसारण को सुन/देख सकें। सभी शिक्षण संस्थाओं में भी ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किये जाएंगे तथा सांस्कृतिक, साहित्यिक, मनोरंजन के कार्यक्रम खेल-कूद वृक्षारोपण आदि के कार्यक्रम आयोजित होंगे। शिक्षण संस्थाओं द्वारा अपने क्षेत्र में प्रातः काल “प्रभात फेरी का आयोजन किया जाए तथा विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन उपरात पुरस्कार/प्रमाण पत्र/मैडल आदि के वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।विश्वविद्यालय/महाविद्यालयों एवं विद्यालयों में ध्वजारोहण कार्यक्रम के आयोजन की कार्यवाही संबंधित विभागों द्वारा सुनिश्चित की जाएगी। स्वतंत्रता दिवस समारोह में ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउड स्पीकर) का उपयोग की अनुमति जिला कलेक्टर द्वारा दी जाएगी। ध्वनि विस्तारक यंत्र (लाउड स्पीकर) पर बजाए जाने वाले गाने सुरुचिपूर्ण और सामयिक हो।जिला मुख्यालयों में आयोजित होने वाले मुख्य समारोह प्रात 9ः00 बजे से प्रारंभ होगा, इसे देखते हुये अन्य जिला मुख्यालयों में स्थित शासकीय कार्यालयों में ध्वजारोहण कार्यक्रम प्रातः 9ः00 बजे के पूर्व सम्पन्न कर लिए जाएंगे, ताकि जन कार्यालयों के अधिकारी/कर्मचारीगण जिले के मुख्य समारोह में भाग ले सकें। नक्सली हिंसा में शहीदों के परिवारजनों को सम्मानपूर्वक जिला स्तरीय समारोह में आमंत्रित किए जाएंगे।
- - राशनकार्ड नवीनीकरण का कार्य 26 जुलाई से प्रारंभदुर्ग, / दुर्ग जिले में प्रचलित राशनकार्डों का नवीनीकरण कार्य सिटीजन ऐप एवं शासकीय उचित मूल्य दुकान के डीलर ऐप के माध्यम से किया जा रहा था। अब तक लगभग 85 प्रतिशत राशनकार्डधारियों द्वारा अपने राशनकार्ड का नवीनीकरण करवाया जा चुका है। खाद्य नियंत्रक श्री सी.पी. दीपांकर के अनुसार शेष बचे 15 प्रतिशत राशनकार्डधारियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन द्वारा राशनकार्ड नवीनीकरण की तिथि को 15 अगस्त 2024 तक की अवधि के लिए वृद्धि किये जाने की अनुमति दी गई है। राशनकार्ड नवीनीकरण का कार्य 26 जुलाई 2024 से पुनः प्रारंभ किया गया है। अपना राशनकार्ड नवीनीकरण न करवा पाने वाले राशनकार्डधारियों से अपील है कि वे 15 अगस्त 2024 के पूर्व आवश्यक रूप से अपने राशनकार्ड का नवीनीकरण करवा लें, जिससे उन्हें लगातार खाद्यान्न एवं राशनकार्ड के अंतर्गत प्राप्त होने वाली अन्य सुविधायें प्राप्त होती रहें।
- भिलाईनगर। नगर पालिक निगम भिलाई के रोका छेका अभियान की टीम द्वारा लगातार आवारा पशुओ को पकड़ने की कार्यवाही कर रही है। अकसर देखा जाता है कि मवेशी मालिको द्वारा जानवरो को खुला में छोड़ देते है। जिससे मवेशी सड़को के बीच झुण्ड लगाकर खड़े रहते या बैठ जाते है। नागरिको द्वारा सड़को पर गाड़ी से यात्रा करते समय मवेशियो के बीच सड़कों पर रहने से परेशानी होती है। दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इसको देखते हुए पकड़ाये गये जानवरो को रेडियम स्टीकर लगाया जा रहा है। जिससे सड़को पर जानवर बैठे या खड़े रहने से वाहन चालको को आसानी से जानवर दिख जाये। जिससे सड़को पर होने वाले सड़क दुर्घटना को रोका जा सके।आयुक्त देवेश कुमार ध्रुव के निर्देश पर रोका छेका अभियान के नोडल अधिकारी एवं उनके टीम को जानवर पकड़ने का कार्य सौंपा गया है। कर्मचारियो द्वारा प्रतिदिन सुबह से ही जानवर पकड़ने के कार्य में लग जाते है। जानवरो के बीच सड़क पर बैठे या खड़े रहने से वाहन चालको को दुर्घटना होने की संभावना बनी रहती है। रोका छेका टीम 3 काउकेचर के माध्यम से जानवरो को पकड़कर गौठान में छोड़ा जाता है। नगर निगम भिलाई द्वारा उसे रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।निगम आयुक्त ने जानवर पालने वाले मालिको से अपील के है कि बरसात का समय है। बारिश होते समय वाहन चालको को सड़क पर जानवर बैठे रहने से दुर्घटना की संभावना बनी रहती है। इस हेतु आप सभी अपने जानवरो को घर पर ही बांध कर रखे। खुले में जानवर छोड़ने वाले मवेशी मालिको के उपर निगम द्वारा दण्डनात्मक कार्यवाही की जावेगी। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी मवेशी मालिको की होगी।इस अभियान में जोन के राजस्व अधिकारी मलखान सिंह सोरी, जे.पी.तिवारी एवं दस्ता प्रमुख हरिओम गुप्ता अपने दल के सदस्यो के साथ मुस्तैदी से इस कार्य में लगे है।
- रायपुर । आज उपमुख्यमंत्री कार्यालय परिसर, कवर्धा में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान छत्तीसगढ़ के उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने 14 दिव्यांगजनों को बैटरी चलित मोटराइज्ड ट्रायसायकल, दो दिव्यांगजनों को ट्रायसायकल, और एक दिव्यांगजन को व्हील चेयर का वितरण किया। इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा, "प्रदेश की विष्णुदेव साय सरकार समावेशी विकास को प्राथमिकता दे रही है। हम निरंतर प्रयास कर रहे हैं कि दिव्यांगजनों का जीवन सुगम और सशक्त बने। इस पहल के माध्यम से, न केवल उनकी दैनिक गतिविधियों में सुविधा होगी, बल्कि वे सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों में भी अधिक सक्रिय भागीदारी कर सकेंगे।" कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि और अधिकारीगण उपस्थित थे। उपमुख्यमंत्री ने इस अवसर पर दिव्यांगजनों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया और उनके लिए चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी।
- -मरीजों से मिलकर जाना उनका हाल, सुविधाओं का लिया जायजारायपुर, ।छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने आज अभनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का आकस्मिक निरीक्षण किया। स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती मरीजों से मिलकर उनका हाल पूछा और उनके शीघ्र ही स्वस्थ होने की कामना की। श्री जायसवाल ने अस्पताल में मिल रही सुविधाओं का जायजा लिया। श्री जायसवाल ने इस दौरान अस्पताल के स्टाफ और चिकित्सकों के कार्य और व्यवहार के बारे में भी मरीजों से जानकारी ली । स्वास्थ्य मंत्री ने ओपीडी और वार्ड का निरीक्षण करने के साथ ही ओपीडी पंजीयन काउंटर का भी निरीक्षण किया। इस दौरान श्री जायसवाल ने चिकित्सकों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए मरीजों की बेहतर देखभाल और समुचित उपचार करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अभनपुर विधायक श्री इंद्र कुमार साहू एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे।
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-अरबों रूपये की छूट के षड़यंत्र व हिस्सेदारों का खुलासा हो
रायपुर । छत्तीसगढ़ में उच्चदाब स्टील उद्योगों के लिए बिजली दरों के पुनरीक्षण का निर्णय जून 2024 में छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग द्वारा लिया गया थ। इस निर्णय के खिलाफ स्टील उद्योग संगठन द्वारा आंदोलन किया जा रहा हैं। इस विषय पर छत्तीसगढ़ प्रदेश उपभोक्ता संरक्षण परिषद के अध्यक्ष श्री मोहन एंटी ने कहा है कि स्टील उद्योगपतियों को विद्युत दरों में राहत देने का विचार करने के पहले प्रदेश के लाखों घरेलू उपभोक्ताओं और छोटे व्यापारियों-व्यवसायियों को राहत देने पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सिर्फ एक वर्ग के उपभोक्ता समूह को इस तरह अचानक और रहस्यमय ढंग से तीन गुना छूट देना इस समूह के प्रति विशेष कृपा को इंगित करता हैं, अतः इससे यह सवाल उठता है कि अरबों रूपये की छूट की राशि का बंटवारा किनके बीच हुआ।श्री मोहन एंटी ने कहा है कि वैसे भी विद्युत विनियामक आयोग एक संवैधानिक संस्था है। उसकी कार्यप्रणाली न्यायिक प्रक्रिया की तरह संचालित होती है। उपभोक्ताओं के किसी वर्ग को यदि शिकायत होती है तो उनके पास न्यायिक प्रक्रिया के तहत यह अधिकार होता है कि उच्च न्यायिक संस्थाओं में अपील कर सके। उन्होंने कहा कि सामान्यतः गृहस्थ और सामान्य व्यापारी वर्ग नियामक आयोग जैसी संस्था के निर्णय को मानता है और विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण करने वाली संस्थाओं के साथ ही राज्य शासन से मिलने वाली मदद का सम्मान करता है। विगत वर्षां में बड़ी मंहगाई की तुलना में वैसे भी प्रदेश में बिजली ज्यादा महंगी न हो, इसका ध्यान स्वयं मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी ने रखा है और राज्य शासन की ओर से 1000 करोड़ रूपये का विशेष अनुदान देकर मदद की है। उल्लेखनीय है कि स्टील उत्पादकों को विगत चार वर्षों में जो अतिरिक्त सुविधा दी गई है, उसका भार कहीं न कहीं घरेलू तथा छोटे व्यापारी तथा व्यवसायी लोगों पर पड़ता है। इसलिए एक तो स्टील उत्पादकों की दी जा रही छूट का युक्तियुक्तकरण करते हुए उसे 25ः से 10ः किया जाना स्वागत योग्य है, वहीं यह गौरतलब है कि इस कमी के बावजूद भी उन्हें वर्ष 2021-22 की तुलना में दो प्रतिशत अधिक छूट मिल रही है।विभिन्न अध्ययनों से पता चला है कि स्टील उत्पादक विगत वर्षों में शासन से तीन गुना से अधिक छूट का लाभ भी लेते रहे और लोहे का दाम भी डेढ़ गुना से अधिक बढ़ा दिया, जिससे पुनः मध्यम वर्ग, सामान्य उपभोक्ता, घरेलू उपभोक्ता, छोटे व्यापारियों को दोहरी हानि हुई हैं। इसलिए यदि उच्च दाब स्टील उद्योंगों की मांगों पर गौर किया जाता हैं तो घरेलू उपभोक्ताओं तथा छोटे व्यापारियों को बिजली दरों में राहत देने पर विचार करना न्यायोचित होगा। - रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त की 03 अगस्त को जयंती पर उन्हें नमन किया है। श्री साय ने कहा कि गुप्त जी का काव्य जन-जागरण और नैतिक चेतना से ओतप्रोत था। राष्ट्रीय और सामाजिक चेतना से ओतप्रोत परिमार्जित खड़ी बोली की उनकी रचनाओं ने बड़े वर्ग पर प्रभाव डाला। देशवासियों के हृदय में देश-प्रेम की अलख जगाने में उनकी रचनाओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा है।मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान उनकी रचनाओं के प्रभाव को देखते हुए राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने उन्हें राष्ट्रकवि की उपाधि दी थी। उनकी रचनाएं रामायण एवं महाभारत से प्रभावित थीं। गुप्त जी को उनके कालजयी साहित्य के लिए पद्मभूषण सहित कई पुरस्कारों से नवाजा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि गुप्त जी की रचनाएं भारतीय सहित्य की अमूल्य धरोहर हैं, जो पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेंगी।
- -पर्यावरण विभाग के प्रदेश स्तरीय एवं जिला कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति, सी.सी. टी.वी. कैमरा लगाने एवं मानिटरिंग हेतु डैश बोर्ड तैयार करने के निर्देश-फ्लाई ऐश लाने ले जाने के लिये उपयोग किये जा रहे वाहनों में जी.पी.एस. सिस्टम व जियो टेगिंग के उपयोग के निर्देश-पर्यावरण संरक्षण के कार्यों में पारिदर्शिता एवं तत्परता लाने के निर्देश-पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों में शामिल वृक्षारोपण की शर्त का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराये : मंत्री श्री ओ.पी. चौधरीरायपुर / आवास एवं पर्यावरण मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने आज यहां अटल नगर नवा रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ पर्यावरण संरक्षण मंडल के कार्यालय में राज्य के सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होनें अधिकारियों से कहा स्व-प्रेरित होकर पर्यावरण संरक्षण से जुडे कार्यों में अपना योगदान दे। उनके द्वारा कार्यों में पारदर्शिता एवं तत्परता हेतु प्रदेश एवं जिला स्तरीय कार्यालयों में बायोमैट्रिक उपस्थिति, सी.सी.टी.वी. कैमरा लगाने एवं डैश बोर्ड तैयार करने के निर्देश दिये गये ताकि डैश बोर्ड के माध्यम से अधिकारियों द्वारा प्रकरणों के निराकरण की समीक्षा की जा सके। श्री चौधरी ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को मिलने का समय भी निर्धारित कर इसकी सूचना कार्यालय के सूचना पटल पर लगाने कहा।श्री चौधरी द्वारा उद्योगों द्वारा फ्लाई ऐश के परिवहन एवं निपटारे हेतु नियमों के पालन कड़ाई से कराने हेतु निर्देश दिया गया। फ्लाई ऐश लाने ले जाने के लिये उपयोग किये जा रहे वाहनों में जी.पी.एस. सिस्टम व जियो टेगिंग के उपयोग के निर्देश दिये, जिससे कि फ्लाई ऐश इधर-उधर न फेका जा सके।श्री चौधरी ने क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि उद्योगों को प्रदान किये गये पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्तों में शामिल वृक्षारोपण की शर्त का पूरी तरह से पालन सुनिश्चित कराये तथा उद्योगों केवल वृक्षारोपण करने तक सीमित ना रहें अपितु लगाये गये पौधों के संवर्धन हेतु भी निरीक्षण का एक सिस्टम तैयार किया जाये। सभी क्षेत्रीय अधिकारियों की यह जिम्मेदारी है कि वें अपने-अपने क्षेत्रों में सघन वृक्षारोपण करायें एवं इन पेड़ों में पीपल, नीम आदि पेड़ शामिल किये जाए। श्री चौधरी ने वाहन प्रदूषण नियंत्रण पर जोर देते हुये निर्देशित किया कि सभी क्षेत्रीय अधिकारी वाहन प्रदूषण मापन प्रदूषण जाँच सिस्टम को शक्तिशाली बनाये एवं वाहन प्रदूषण मापन केन्द्रो की समय-समय पर बैठक आयोजित करें।श्री चौधरी ने अधिकारियों से चर्चा में कहा कि पर्यावरण संरक्षण में उठाये गये कदमों को और कैसे प्रभावी बनाया जा सकता है तथा आने वाली चुनौतियों से कैसे निपटा जा सकता है, इस पर भी विचार करें। उन्होनें जल एवं वायु प्रदूषण निवारण तथा नियंत्रण अधिनियम के अंतर्गत किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की। श्री चौधरी ने परिसंकटमय एवं अन्य अपशिष्ट नियम के प्रावधानों का पालन, जैव चिकित्सा अपशिष्ट प्रबंधन नियम, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, ई अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, निर्माण विध्वंस अपशिष्ट प्रबंधन एवं नियम, पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, उद्योगों, खदानों, संस्थानों के चिमनी उत्सर्जन, परिवेशीय वायु मापन, उपचारित दूषित जल गुणवत्ता का मापन कार्य, राष्ट्रीय जल गुणवत्ता मापन कार्यकम के अंतर्गत प्राकृतिक जल स्त्रोतों, परिवेशीय वायु गुणवत्ता के मापन कार्यों की भी समीक्षा की।श्री चौधरी ने कहा की शीघ्र ही सभी स्टेक होल्डर्स की बैठक ली जायेगी एवं प्रदूषण नियंत्रण सुधार कार्यों में बुद्ध जीवी वर्ग की मदद ली जायेगी। श्री चौधरी ने मंडल की पद संरचना की समीक्षा करते हुये मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में पुनः पदसंरचना निर्धारित करने के निर्देश दिये। उनके द्वारा सभी कर्मचारियों के डेटा को एच.आर.एम.एस. सिस्टम में एक माह के भीतर अपलोड करते हुये ऑनलाईन कार्यवाही के निर्देश दिये गये। बैठक में मंडल की अध्यक्ष एवं सचिव, आवास एवं पर्यावरण विभाग सुश्री आर. शंगीता एवं मंडल के सदस्य सचिव श्री पी. अरूण प्रसाद भी उपस्थित थे।
- रायपुर। अखिल भारतीय विद्युत अभियंता संघ के संरक्षक, छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत विनियामक आयोग के पूर्व सचिव श्री पी.एन. सिंह ने उच्चदाब स्टील निर्माताओं द्वारा विद्युत दरों को लेकर की जा रही मांग पर विस्तार से तकनीकी पक्ष तथा अपने विचार प्रस्तुत किये है। श्री सिंह ने मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय तथा सचिव ऊर्जा श्री पी. दयानंद को पत्र प्रेषित करते हुए कहा है कि- छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिये विद्युत दरों के निर्धारण की प्रक्रिया अन्तर्गत समाचार पत्रों में विज्ञापन देकर सभी पक्षों को अपनी सुझाव एवं आपत्ति कहने की बात कही। जिस पर कोई भी चाहे तो वह अपना लिखित आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। नियामक आयोग का यह फैसला अर्द्धन्यायिक फैसला है यदि कोई इस फैसले से असहमत है तो वह अपीलेट ट्रिब्यूनल में अपना पक्ष रखकर वहां से न्याय प्राप्त करने को स्वतंत्र है। भारत सरकार द्वारा पूरे देश मे यह व्यवस्था कायम की गई है। फिर भी यदि कोई दूसरा रास्ता अपनाता है तो वह अराजकता फैलाने का दोषी है। यदि किसी अदालती कार्यवाही में किसी को न्याय नहीं मिलता है तो उसे उच्च अदालत में अपील करने का अधिकार है। यही व्यवस्था विद्युत नियामक आयोग के प्रकरण में भी है। यदि किसी अदालत के फैसले के खिलाफ अपील करने के बजाय सड़कों पर हुडदंग करते चला जाता है तो कानूनी कार्यवाही एवं सजा का हकदार है।विद्युत नियामक आयोग के आदेश से स्टील उद्योग का एक वर्ग यह महसूस करता है कि उसे नुकसान हो रहा है, तो उसके पास अपीलेट ट्रिब्यूनल में जाने का रास्ता है और अभी भी अपील करने का समय है यदि अपीलेट ट्रिब्यूनल से उन्हें न्याय मिलता है तो उन्हें वहां जाना चाहिये। हड़ताल करके प्रदेश में माहौल को खराब करने का प्रयास होता है। किसी भी अपीलीय फैसले के विरूद्ध कोई राज्य सरकार कदम नहीं उठा सकती है। स्टील उद्योग से संबंधित लोग यह चाहते हैं कि शासन की तरफ से कुछ अलग से राहत मिल जाये। बिजली की दरे तो सभी उद्योगों के लिये बढ़ी हैं. सभी छूट की मांग करेंगे। सभी को राज्य सरकार नहीं दे सकती हैं क्योंकि वर्तमान वित्तीय वर्ष के बजट में इसका कोई प्रावधान नहीं किया गया है। बजट में प्रावधान करने के लिये सरकार को विशेष विधान सभा सत्र आयोजित करना होगा जो कि वर्तमान में उचित नहीं दिखाई पड़ता है।स्टील उद्योगों से जुड़ें लोगों का कहना है कि पूरे प्रदेश में सात लाख रोजगार प्रदाय किये गये हैं, यह बहुत बड़ी अतिरेक है। लोहे के उद्योगों में उत्तर प्रदेश और बिहार के लोग काम कर रहे हैं और इनकी कुल संख्या 50 हजार के आसपास है। छत्तीसगढ़ में 30 प्रतिशत आदिवासी रहते हैं जबकि एक प्रतिशत ’आदिवासियों को भी लोहे के धन्धे में काम नहीं मिला है।आरोप है कि छत्तीसगढ़ में लोहे के उद्योगों में लगे हुये जो लोग हैं उन लोगों के साथ में है जो स्पंज आयरन बनाते हैं और जो 33 के.वी. पर केवल 577 उद्योग बिजली पाते हैं शेष मात्र 26 स्पंज आयरन बनाने वाले हैं जब भी बिजली की दरें घटती हैं उसी अनुपात में स्पंज आयरन बनाने वाले अपने सामान की कीमत बढ़ा देते हैं जिसकी वजह से एमएसपी वाले बडी संख्या में नुकसान में रहते हैं। घटी हुई बिजली की दरों का कोई लाभ फरनेश वालों को नहीं मिलता है, सारा मुनाफा स्पंज आयरन इकाईयां चट कर जाती हैं।
- -धान की बिक्री से 24 लाख 72 हजार किसानों के खाते में आए 32 हजार करोड़-किसानों को मिला 13,320 करोड़ रूपए का बकाया धान बोनसरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी की गारंटी छत्तीसगढ़ की जनता के लिए विश्वास, विकास और बदलाव की गारंटी बन चुकी है। छत्तीसगढ़ सरकार की किसान कल्याण की नीतियों से खेती में किसानों का मुनाफा बढ़ा है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में कई अहम निर्णय लिए गए हैं, जिनसे किसान परिवार अधिक सशक्त और फसल उगाने से लेकर उसे बेचे जाने तक की प्रक्रिया बेहद आसान हुई है। सरकार के परिवर्तनकारी फैसलों से छत्तीसगढ़ देश का एकमात्र ऐसा राज्य बन गया है, जहां किसानों को उनके धान का उच्चतम मूल्य मिल रहा है।कृषक उन्नति योजना के जरिए छत्तीसगढ़ के किसानों को 3,100 रुपये प्रति क्विंटल की दर से प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीद की गारंटी दी जा रही है। इस फैसले से किसानों में उत्साह दिख रहा है। किसानों से अपना वादा निभाते हुए छत्तीसगढ़ में की विष्णु देव साय की सरकार ने 25 दिसंबर 2023 को सुशासन दिवस के अवसर पर 13 लाख किसानों के बैंक खातों में पिछले दो वर्ष का लंबित धान बोनस का 3,716 करोड़ रुपये का भुगतान किया।किसानों को मिल रहे प्रोत्साहन का ही परिणाम है कि वर्ष 2023-24 में 24.75 लाख किसानों से समर्थन मूल्य पर 144.92 लाख मीट्रिक टन धान खरीदा गया, जिसके एवज में उन्हें 31,913 करोड़ रुपये का भुगतान कियागया। 12 जनवरी, 2024 को धान के मूल्य की अंतर राशि के रूप में 24.75 लाख किसानों को 13,320 करोड़ रुपये का अतिरिक्त भुगतान भी किया गया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन करने का निर्णय भी लिया गया, जिसके लागू होने से अब अन्य प्रदेश के मंडी बोर्ड अथवा समिति के एकल पंजीयन अथवा अनुज्ञप्तिधारी, व्यापारी एवं प्रसंस्करणकर्ता भारत सरकार द्वारा संचालित ई-नाम पोर्टल (राष्ट्रीय कृषि बाजार) के माध्यम से अधिसूचित कृषि उपज की खरीदी-बिक्री बिना पंजीयन के कर सकेंगे, इससे छत्तीसगढ़ राज्य के किसानों और विक्रेताओं को अधिकतम मूल्य मिल सकेगा। छत्तीसगढ़ कृषि उपज मंडी अधिनियम में संशोधन के अनुसार मंडी फीस के स्थान पर अब मंडी फीस तथा कृषक कल्याण शुल्क शब्द जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही कृषक कल्याणकारी गतिविधियों के लिए मंडी बोर्ड अपनी वार्षिक आय की 10 प्रतिशत राशि छत्तीसगढ़ राज्य कृषक कल्याण निधि में जमा करेगा।खेतों में काम करने वाले मजदूरों की समस्याओं को दूर करते हुए छत्तीसगढ़ की सरकार द्वारा दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर योजना संचालित करने का निर्णय लिया गया है, जिसमें भूमिहीन कृषि मजदूरों को सालाना 10,000 रुपये की आर्थिक सहायता दी जायेगी, इस योजना के लिए सरकार ने वर्ष 2024-2025 के बजट में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है, इसके साथ ही सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि किसानों को गुणवत्तापूर्ण खाद, बीजों का वितरण भी समय के भीतर ही हो सके।
- -केंद्रीय बजट में गरीब कल्याण, किसान का उत्थान, मातृशक्ति का सम्मान और नौजवानों की मुस्कान समाहितरायपुर / छत्तीसगढ़ के वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग मंत्री श्री ओ. पी. चौधरी ने अपने कोरबा प्रवास के दौरान प्रेस क्लब कोरबा में केंद्र सरकार के आम बजट के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरबा जिला उनके प्रशासनिक जीवन की नर्सरी रही है। यहां उन्होंने अपने प्रशासनिक जीवन की शुरुआत की है। यहां आना उनके लिए हमेशा यादगार रहा है। वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्रीय बजट अमृतकाल के विजन का नींव है। यह बजट विकसित भारत की संकल्प यात्रा का दिशा-निर्देशक बजट है, जो समृद्ध और दीर्घकालिक दृष्टिकोण के साथ विकसित भारत के संकल्प को नई मजबूती प्रदान करेगा। यह बजट देश की आर्थिक उन्नति को बढ़ावा देगा एवं प्रगति की नई ऊंचाइयों तक पहुँचाने में सहायक होगा।वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि अमृत काल के विजन पर फाउंडेशन रखने का कार्य प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया है। प्रधानमंत्री के लांग टर्म विजनरी सोच के साथ बजट लाया गया है। जिससे 2047 तक भारत विकसित राष्ट्र के रूप में स्थापित होगा। पिछले 10 वर्षाे में देश की अर्थव्यवस्था विश्व में 11वें नंबर से 5वें स्थान पर आ गई है। आने वाले 5 साल में भारत की अर्थव्यवस्था को तीसरे नंबर की अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य है।मंत्री श्री चौधरी ने बताया कि केंद्रीय बजट में विकास का मुख्य बिंदु GYAN है। यह बजट गरीब, युवा, अन्नदाता एवं नारी शक्ति को समर्पित है। वित्त मंत्री ने कहा, “बजट में गरीब कल्याण, किसान का उत्थान, मातृशक्ति का सम्मान और नौजवानों की मुस्कान समाहित है। बजट में मातृशक्ति का दर्शन, राम राज्य का विजन, विकसित भारत का संकल्प एवं आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य समाहित है। देश के इन वर्गों को विकसित बनाने से ही राष्ट्र का विकास होगा। इस के अतिरिक्त बजट में शिक्षा, रोजगार, कौशल, एमएसएमई, मध्यम वर्ग पर विशेष ध्यान दिया गया है। वैज्ञानिक शोध और अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए अलग प्रावधान रखा गया है।मंत्री श्री चौधरी बजट में ईपीएफओ के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया कि औपचारिक क्षेत्रों में पहली बार काम करने वाले कर्मचारियों को लक्षित करती है, जिसके तहत उन्हें ईपीएफओ पंजीकरण के माध्यम से तीन किस्तों में वितरित प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण के रूप में एक महीने का वेतन प्रदान किया जाता है। इसके तहत 15 हजार रुपये प्रति माह तक लाभ हो सकता है, जिसमें 1 लाख रुपये प्रति माह तक के वेतन पर पात्रता निर्धारित की गई है। इस पहल से लगभग 210 लाख युवाओं को लाभ मिलने का अनुमान है उन्होंने कहा कि रोजगार से जुड़े प्रोत्साहन देकर विनिर्माण क्षेत्र में रोजगार सृजन को बढ़ावा देना है। कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को रोजगार के शुरुआती चार वर्षों के दौरान उनके ईपीएफओ अंशदान से सीधे संबंधित निर्दिष्ट प्रोत्साहन प्राप्त होंगे। अतिरिक्त रोजगार अवसरों को प्रोत्साहित करके सभी क्षेत्रों में नियोक्ताओं का समर्थन करना है। सरकार प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी की नियुक्ति के लिए नियोक्ताओं को उनके ईपीएफओ अंशदान के लिए दो साल तक 3,000 रुपये प्रति माह तक की प्रतिपूर्ति करेगी।मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बजट में महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कामकाजी महिलाओं के लिए हॉस्टल निर्माण किया जाएगा एवं शिशु गृह का निर्माण किया जाएगा। हब एंड स्कोप मॉडल के आधार पर राष्ट्रीय अंतराष्ट्रीय स्तर पर उद्योग की आवश्यकता के अनुसार 1000 आईटीआई का उन्नयन किया जाएगा। बजट में देश के 1 करोड़ युवाओं के लिए इंटर्नशिप का प्रावधान रखा गया है। 500 बड़े चिन्हाकित उद्योग में प्रशिक्षण दिया जाएगा और युवाओं को 5000 इंटर्नशिप भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। कौशल विकास को बढ़ावा देते हुए बजट में युवाओं के लिए साढ़े 7 लाख तक ऋण का प्रावधान एवं उच्च शिक्षा में 10 लाख तक लोन का प्रावधान है। साथ ही 3 प्रतिशत तक ब्याज में सब्सिडी प्रदान किया जाएगा। बजट में आवास के क्षेत्र में केंद्र सरकार द्वारा 10 साल में 4 करोड़ आवास बनाने का काम किया गया है एवं आने वाले 5 साल में देश मे 3 करोड़ नए आवास बनने का काम किया जाएगा इससे पिछड़े परिवारों को छत मिलेगा एवं अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रो में प्रधानमंत्री आवास शहरी के तहत 10 लाख करोड़ रुपए निवेश कर 1 करोड़ शहरी आवास बनने का लक्ष्य रखा गया है। बजट में शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए विशेष प्रावधान है।आर्थिक विकास को मिलेगी रफ्तार-वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बजट में छोटे व्यापारियों एमएसएमई को प्रगति का नया रास्ता मिलेगा, बजट में मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर पर वृहद स्तर पर ध्यान रखा गया है। इससे आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी। देश में 100 औद्योगिक पार्क स्थापित किये जायेंगे। क्रिटिकल मिनिरल मिशन की शुरुवात की जाएगी। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना शुरुआत की गई है।पूंजीगत व्यय अर्थव्यवस्था की रीढ़ होती है-अधोसरंचना पर व्यय आधारभूत सरंचना होती है। बजट में 11 लाख 11 हजार 111 करोड़ आधार बहुत सरंचना पर खर्च करने का प्रावधान है। साथ ही नवाचार अनुसंधान एवं विकास हेतु 1 लाख करोड़ का प्रावधान है। आयकर स्लैब में भी बदलाव किया गया है। जिससे मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलेगी। वित्त मंत्री श्री चौधरी ने कहा कि बजट में किसान, मध्यम वर्ग, महिला से लेकर सभी वर्गों के लिए जो रूपरेखा रखी है, वह भारतीय अर्थव्यवस्था को सही रास्ते और उज्ज्वल भविष्य की ओर आगे बढ़ाएगी। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में बजट एलोकेशन लगातर बढ़ता जा रहा है। 2047 तक विकसित भारत बनने हेतु रोडमैप तैयार कर कार्य किया जा रहा है। इसी प्रकार राज्य में भी मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की सुशासन की सरकार द्वारा विकसित छत्तीसगढ़ बनाने हेतु सतत कार्य किया जा रहा है। राज्य की जीडीपी को आने वाले 5 सालों में दौगुना करने का लक्ष्य रखा गया है। जिससे छत्तीसगढ़ विकास की एक नई ऊंचाई पर पहुँचेगा।
- -मुख्यमंत्री विहंगम योग संत-समाज के कार्यक्रम में हुए शामिलरायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय आज राजधानी रायपुर के पं. दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में विहंगम योग संत-समाज द्वारा आयोजित स्वर्वेद कथा में शामिल हुए। उन्होंने संत प्रवर श्री विज्ञानदेव जी महाराज का आशीर्वाद प्राप्त किया और उनके पावन सानिध्य में जय स्वर्वेद कथामृत का श्रवण किया। इस अवसर पर कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी भी उपस्थित थीं।गौरतलब है कि विहंगम योग संत समाज द्वारा स्थापना के शताब्दी समारोह के पावन अवसर के निमित्त कन्याकुमारी से कश्मीर तक की राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा आयोजित की जा रही है। इसी कड़ी में राजधानी रायपुर में जय स्वर्वेद कथा आयोजित की गई थी।मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर कहा कि यह परम सौभाग्य की बात है कि माता कौशल्या की धरती और भगवान राम के ननिहाल छत्तीसगढ़ में हमें संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज के पावन सानिध्य का सुअवसर मिला है। उन्होंने कहा कि पूज्य संतों का आशीर्वाद सदैव प्रदेश पर बना रहे और लोगों के जीवन में खुशहाली और समृद्धि आए। उन्होंने कहा कि संत जी विहंगम योग संत समाज की स्थापना के शताब्दी वर्ष के अवसर पर कन्याकुमारी से कश्मीर की यात्रा कर रहे हैं। संत श्री विज्ञान देव जी ने 15 दिवस में छत्तीसगढ़ के 13 जिलों की यात्राएं की। श्री साय ने कहा कि विश्व शांति एवं कल्याण के लिए यह यात्रा निश्चित ही लाभदायी होगा। मुख्यमंत्री ने समाज कल्याण के लिए विहंगम योग संत समाज के प्रयासों की प्रशंसा की।विधायक श्रीमती लता उसेंडी ने कहा कि विहंगम योग संत समाज के पूज्य संतों का आशीर्वाद हमेशा से छत्तीसगढ़ को मिलता रहा है इनके पावन प्रवास की हम सभी प्रतीक्षा कर रहे थे। छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचलों में समाज के पूज्य संतों ने आध्यात्मिक अलख जगाने के लिए अनेक प्रयास किए हैं।विहंगम योग संत समाज के संत प्रवर श्री विज्ञान देव जी महाराज ने राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा के उद्देश्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कन्याकुमारी से प्रारंभ हुई यह यात्रा कश्मीर तक अपने पावन संकल्पों के साथ पूरी होगी। उन्होंने कहा कि इसी पड़ाव में छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से इस संकल्प यात्रा को गति देने का कार्य किया गया है। इस मौके पर विहंगम योग संत समाज के पदाधिकारी सहित समाज के अनुयायी मौजूद रहे।
- रायपुर / हल्दी का उपयोग धार्मिक कार्याें के अलावा मसाला, रंग सामग्री, औषधि तथा उबटन के रूप में किया जाता रहा है। औषधि एवं घरेलू उपयोग के साथ ही हल्दी में कैंसर रोधी गुण भी पाये जाते हैं। इस क्रम में दंतेवाड़ा जिले के विकासखण्ड कुआकोंडा के 5 ग्रामों को हल्दी की पैदावार के लिए चयन किया गया है। बिहान समूह की महिलाएं हल्दी की खेती कर आगे बढ़ती जा रही हैं।हल्दी शुभ कार्य के साथ खाने के लिए भी बेहतर उपयोग किया जाता है। हल्दी (टर्मरिक) एक भारतीय वनस्पति है यह अदरक की प्रजाति का 5 से 6 फिट बढने वाला पौधा है जिसमें जड़ की गाठो में हल्दी मिलती है। हल्दी को आयुर्वेद में एक महत्वपूर्ण औषधि मानी गयी है। इसके अलावा भारतीय रसोई में इसका महत्वपूर्ण स्थान है। धार्मिक एवं सांस्कृतिकदृष्टिकोण से भी भारतीय समाज में इसको बहुत शुभ समझा जाता है विवाह में तो हल्दीे की रस्म का एक विशेष महत्व है।राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ के तहत स्थानीय स्व सहायता समूह की दीदियों को हल्दी उत्पादन के लिए खेती की ओर आगे बढ़ रही है। समूह की महिलाएं ग्राम रेंगानार, गढ़मिरी, कुआकोण्डा, हल्बारास, मैलावाड़ा, गोगपाल के इच्छुक 50 महिलाओं को उद्यानिकी विभाग से 20 क्विंटल हल्दी बीज प्रदाय की गई है और समूह की दीदियों ने 40-40 किलो अपनी बाड़ी में हल्दी गाठों का रोपण किया है। इस प्रकार हल्दी उत्पादन इस वर्ष होने पर अगले वर्ष इस हल्दी को मां दन्तेश्वरी महिला फार्मर प्रोड्यूसर कंपनी लिमिटेड कुआकोण्डा के द्वारा खरीदी भी की जायेगी। खरीदी कर इस हल्दी का समूह के द्वारा प्रसंस्करण कर दुकान तथा थोक किराना दुकानों में सप्लाई करने की योजना है। जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में हल्दी की खेती के लिए अच्छा वातावरण है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ’’बिहान’’ द्वारा हल्दी की खेती को महिलाओं की आर्थिक समृद्धि एवं आजीविका से जोड़ते हुए पहल की जा रही हैं।
- रायपुर। रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने 3 अगस्त को रायपुर के शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाएगा। आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को स्वर्णप्राशन कराया जाता है। चिकित्सालय के कौमारभृत्य बाल रोग विभाग में सवेरे नौ बजे से दोपहर दो बजे तक इसका सेवन कराया जाता है। यह औषधि बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने, श्वसन संबंधी एवं अन्य रोगों से रक्षा करने के साथ ही एकाग्रता और स्मरण शक्ति बढ़ाने में अत्यंत लाभकारी है। यह बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी मदद करता है।शासकीय आयुर्वेद महाविद्यालय चिकित्सालय में हर पुष्य नक्षत्र तिथि में बच्चों के लिए स्वर्णप्राशन का आयोजन किया जाता है। स्वर्णप्राशन हर महीने की पुष्य नक्षत्र तिथि में शून्य से 16 वर्ष के बच्चों को पिलाई जाने वाली औषधि है। इस साल 3 अगस्त के साथ ही अन्य पुष्य नक्षत्र तिथियों 30 अगस्त, 26 सितम्बर, 24 अक्टूबर, 20 नवम्बर और 18 दिसम्बर को भी स्वर्णप्राशन कराया जाएगा।


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