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- महासमुंद। महासमुन्द के गुरूघासी दास वार्ड की निवासी ममता अनंत, जो कि एक परित्यकता हैं, अपने जीवन को पुनः संवारने के लिए संघर्षरत थीं। आर्थिक सहायता के अभाव में वे स्वयं का ब्यूटी पार्लर शुरू नहीं कर पा रही थीं। बढ़ती ब्याज दरों के कारण बैंक से ऋण लेना उनके लिए संभव नहीं हो पाया। ऐसे में, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता श्रीमती कोमिन झुलपे ने उन्हें 'सक्षम योजना' के बारे में अधिक जानकारी दी और जाना कि वह इस योजना के लिए योग्य हैं। ममता ने योजना के तहत आवेदन किया और अपने स्वरोज़गार की योजना को प्रस्तुत किया। आवेदन करने पर उन्हें सक्षम योजना के तहत मात्र 3 प्रतिशत साधारण ब्याज की दर पर कुल एक लाख बीस हजार रुपये का ऋण प्रदान किया गया। ऋण स्वीकृत होते ही ममता ने अपनी 19 वर्षीय बेटी के साथ मिलकर ब्यूटी पार्लर का काम शुरू किया। इस योजना ने न केवल ममता को बल्कि उनकी बेटी को भी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना दिया।ममता और उनकी बेटी ने निरंतर मेहनत करके काम को बढ़ाती रही और अब उनकी मासिक आमदनी लगभग 15,000 रुपये हो जाती है। इस आमदनी से ममता न केवल अपने जीवन का गुजारा आराम से कर रही हैं, बल्कि अपनी बेटी के लिए रोजगार की नई राह भी बनाई है।ममता ने बताया कि उन्होंने सक्षम योजना के तहत ऋण लिया था, उसकी नियमित किस्त जमा करती है और अपने परिवार का खर्च भी अच्छे से उठा रही है। यह योजना आर्थिक परेशानियों से घिरी महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त करने के साथ अपने पैरों में खड़े होने का मौका भी प्रदान कर रही है। ममता ने इस योजना के संचालन के लिए शासन को धन्यवाद दिया है।
- -15 अगस्त तक नवीनीकरण कार्य किए जाएंगे-नवीनीकरण के कार्य में पहले पायदान पर बीजापुर जिलारायपुर ।सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत अब राशनकार्ड नवीनीकरण का कार्य 15 अगस्त तक किया जा सकता है। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के निर्देशानुसार प्रदेश प्रचलित राशनकार्ड के नवीनीकरण एवं राशनकार्डधारियों का ई-केवायसी किया जा रहा है। प्रदेश के समस्त श्रेणी के राशनकार्ड अन्त्योदय, प्राथमिकता, एकल निराश्रित, निशक्तजन और एपीएल योजना के राशनकार्डधारियों का ई-केवायसी एवं राशनकार्डों के नवीनीकरण 15 अगस्त 2024 तक अनिवार्य रूप से कराने के लिए कहा गया है। खाद्य विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राशनकार्ड नवीनीकरण करने के लिये ई-केवायसी कराना अनिवार्य है। वर्तमान में प्रदेश में लगभग 77 लाख राशनकार्ड हितग्राही है। अब तक कुल 70 लाख 26 हजार 106 राशन कार्डधारकों का नवीनीकरण किया जा चुका है।नवीनीकरण के कार्य में पहले पायदान पर बीजापुर जिला है, कुल हितग्राही 71,329 हितग्राहियों में से 71,109 हितग्राहियों ने, द्वितीय स्थान पर नारायणपुर जिला 36,136 हितग्राहियों में से 35,790 हितग्राहियों ने, इसी प्रकार तृतीय स्थान पर सुकमा जिला जहां 78,703 हितग्राहियों में से लगभग 78 हजार हितग्राहियों ने अपना राशन कार्ड नवीनीकरण का कार्य करवा लिया है।विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार राशनकार्ड नवीनीकरण के लिए खाद्य विभाग के द्वारा खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोेक्ता संरक्षण विभाग का नया मोबाईल एप्प तैयार किया गया है, इसे प्ले स्टोर में जाकर डाउनलोड किया जा सकता है। हितग्राही द्वारा खाद्य विभाग की वेबसाइटhttp://khadya.cg.nic.inसे डाउनलोड करके नवीनीकरण का कार्य किया जा सकता है। हितग्राही उचित मूल्य दुकान में भी जाकर ऑनलाईन के माध्यम से अपना नवीनीकरण और ई-केवायसी का कार्य करवा सकतें है।ई-केवायसी के लिए प्रत्येक हितग्राही का बायोमेट्रिक अद्यतन होना चाहिए जिन सदस्यों का बाल आधार बना है उन्हें पहले आधार सेवा केंद्र से अपना बायोमेट्रिक अपडेट कराना होगा। इसके पश्चात् उचित मूल्य दुकान के ई-पॉस मशीन से ई-केवायसी करा सकते है। विदित हो कि राशनकार्ड में ई-केवायसी और नवीनीकरण की सुविधा निःशुल्क है।
- -नक्सल पीड़ित परिवारों के पुनर्वास हेतु जिला स्तरीय समिति में लिया गया निर्णय-प्रथम चरण में 58 लोगों को मिलेगी शासकीय नौकरीरायपुर / नक्सली हिंसा में मृतक के परिजनों को छत्तीसगढ़ शासन के पुनर्वास नीति के तहत शासकीय सेवा में अनुकंपा नियुक्ति प्रदान की जा रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय की पहल पर राज्य के सभी वर्गाें के विकास के लिए कल्याणकारी योजनाओं का त्वरित क्रियान्वयन कर लाभांवित किया जा रहा है। आज बीजापुर जिला स्तरीय पुनर्वास समिति की बैठक में नक्सल पीड़ित परिवारों के 58 लोगों को अनुकम्पा नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया।पुलिस अधीक्षक डॉ. जितेन्द्र यादव ने बताया कि अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कुल 58 पात्र आवेदकों को प्रथम चरण में अनुकंपा नियुक्ति दी जाएगी। पूर्व में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक में पुलिस अधीक्षक कार्यालय से प्राप्त प्रकरणों की समीक्षा करते हुए 19 जुलाई तक दावा आपत्ति आमंत्रित की गई थी, बाद में इस तिथि में वृद्धि करते हुए 24 जुलाई 2024 को निर्धारित की गई। उक्त तिथियों में प्राप्त दावा आपत्तियों का निराकरण करते हुए समिति के निर्णय के आधार पर विभिन्न विभागों में चतुर्थ वर्ग के पदों पर नियुक्ति हेतु अंतिम रूप से 58 आवेदक प्रथम चरण में पात्र पाए गए हैं, जिन्हें यह नियुक्ति दी जाएगी।
- -न्यूनतम फीस से हासिल कर सकेंगे यूजी एवं पीजी की डिग्री-नवपदस्थ कमिश्नर बस्तर ने अंदरूनी ईलाके के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा हेतु दाखिला करवाने दिए निर्देशरायपुर, / शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर (जगदलपुर) द्वारा पहली बार अपने विश्वविद्यालय के अध्ययन शाला में शैक्षणिक सत्र 2024-25 से बीए, बीएससी, बीकॉम सहित एमए, एमएसी एवं एमकॉम में सीधे प्रवेश की सुविधा प्रदान किया जा रहा है। प्रवेश के इच्छुक छात्र-छात्राएं न्यूनतम 975 रुपए शुल्क में ग्रेजुएशन और 3650 रुपये के शुल्क में पोस्ट ग्रेजुएशन कर सकते हैं। कोई भी छात्र-छात्रा सीधे विश्वविद्यालय आकर 31 जुलाई 2024 तक प्रवेश ले सकते हैं। प्रवेश से संबंधित समस्त जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट https://smkvbastar.ac.in पर देखी जा सकती है।बस्तर अंचल के अंदरूनी ईलाके के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए अभिप्रेरित करने के उद्देश्य से अलग-अलग छात्रावास की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही छात्र-छात्राओं की अध्ययन के प्रति रूझान को और अधिक प्रोत्साहित करने के लिए 24×7 लाइब्रेरी की सुविधा उपलब्ध है। प्रवेश सम्बन्धी अधिक जानकारी के लिए हेल्पलाइन नंबर 87122-27321, 87122-29289 अथवा ई-मेल [email protected] पर सम्पर्क कर सकते हैं।ज्ञातव्य है कि राज्य शासन द्वारा शहीद महेन्द्र कर्मा विश्वविद्यालय बस्तर को 20 नवीन शिक्षण विभागों में 33 नवीन स्नात्तक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में प्रारंभ करने की स्वीकृति दी गई है। साथ ही भारत सरकार द्वारा बस्तर विश्वविद्यालय को पीएम उषा बहुविषयी शिक्षा एवं शोध योजनांतर्गत अनुदान भी स्वीकृत किया गया है। उक्त प्रोजेक्ट के अन्तर्गत विश्विद्यालय को बहुविषयक शिक्षा आधारित पाठ्यक्रमों का संचालन एवं सभी अध्ययनशाला में महत्वपूर्ण विषयों पर शोध को भी प्रारंभ किया गया है।बस्तर यूनिवर्सिटी पीएम उषा विश्वविद्यालय होने के कारण सम्पूर्ण बस्तर अंचल के अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति एवं अन्य वर्ग के युवाओं को अपने अध्ययनशाला में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने एवं युवाओं के रुचिकर व्यवसाय एवं रोजगार चुनने का अवसर प्रदान करना चाहता है। लेकिन वर्तमान में बस्तर क्षेत्र की उच्च शिक्षा में ग्रास इनरोलमेंट रेशियो (जीईआर) लगभग 11 प्रतिशत है, जो कि बहुत कम है। इसे मद्देनजर रखते हुए नवपदस्थ कमिश्नर बस्तर संभाग श्री डोमन सिंह ने बस्तर विश्वविद्यालय के उक्त पाठ्यक्रमों में प्रवेश हेतु सभी शासकीय एवं गैर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूलों में सत्र 2023-24 के तहत कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकाय में कक्षा बारहवी उत्तीर्ण करने वाले समस्त छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय अध्ययनशाला में प्रवेश हेतु मार्गदर्शन कर उच्च शिक्षा हासिल करने हेतु प्रोत्साहित किये जाने के निर्देश सयुंक्त संचालक स्कूल शिक्षा और सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को दिए गए हैं। साथ ही बस्तर संभाग के अंतर्गत संचालित शासकीय एवं गैर शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल के समस्त प्राचार्यों के माध्यम से इस दिशा में अंदरूनी ईलाके के विद्यालयों से उत्तीर्ण होने वाले छात्र-छात्राओं को विश्वविद्यालय के विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने हेतु प्राथमिकता के साथ अभिप्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
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-100 गाँव और 12,000 से अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगा लाभ- प्रदेश में ईएचटी ट्रांसफार्मर क्षमता अब 25,354 एम.वी.ए.रायपुर। छत्तीसगढ़ स्टेट पाॅवर ट्रांसमिशन कंपनी के प्रबंध निदेशक श्री राजेश कुमार शुक्ला ने आज रायपुर जिले के अंतर्गत ग्राम गुल्लू (आरंग) में 132/33 के.वी क्षमता के विद्युत उपकेंद्र में 40 एम.वी.ए क्षमता के अतिरिक्त पाॅवर ट्रांसफाॅर्मर को ऊर्जीकृत किया।गुल्लू स्थित 132 के.वी उपकेंद्र परिसर में आज दोपहर 132/33 के.वी क्षमता के विद्युत उपकेंद्र में 40 एम.वी.ए क्षमता के अतिरिक्त पाॅवर ट्रांसफाॅर्मर को ऊर्जीकृत किया गया। इस उपकेंद्र को 132 के.वी माठखरोरा उपकेंद्र से विद्युत आपूर्ति हो रही है। जिसके लिए लगभग 19 किलोमीटर लंबी लाइन स्थापित की गई है। इस कार्य की लागत लगभग 33 करोड़ रूपए है। गुल्लू उपकेंद्र के ऊर्जीकृत होने के साथ प्रदेश में 132 के.वी उपकेंद्रों की संख्या बढ़कर 134 हो गई है। दिसंबर 2023 के बाद गुल्लू के अलावा बैजलपुर (कबीरधाम जिला) में 132 के.वी उपकेंद ऊर्जीकृत किया गया है। पाटन में 132/33 के.वी उपकेंद्र को 220 के.वी उपकेंद्र के रूप मे उन्नत किया गया है। इस अवसर पर एम.डी पारेषण श्री राजेश कुमार शुक्ला ने बताया है कि राज्य गठन के समय प्रदेश की पारेषण प्रणाली में अति उच्चदाब ट्रांसफाॅर्मरों की क्षमता 3552 एम.वी.ए थी, जो अब बढ़कर 25,354 एम.वी.ए. हो गई है। हम विद्युत आपूर्ति की सुगमता एवं गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में अनेक बड़े कदम उठा रहे हंै, जिसका लाभ निकट भविष्य में मिलेगा।गुल्लू उपकेंद्र से आरंग, मंदिर हसौद क्षेत्र के लगभग 100 से अधिक गाँवों और 12,000 से अधिक उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति का लाभ मिलेगा। इस अवसर पर ई.डी. श्री के.सी मनोठिया, श्री संजय पटेल, श्री आर.सी अग्रवाल, श्री एम.एस चैहान, मुख्य अभियंतागण श्री अविनाश सोनेकर, श्री जी. आनंदराव, श्री अंबस्ट, एस.डी.एम श्री पुष्पेंद्र, अतिरिक्त महाप्रबंधक (जनसंपर्क) श्री उमेश कुमार मिश्र तथा अन्य अतिरिक्त मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता, कार्यपालन अभियंता आदि उपस्थित थे। - -नल जल योजना से जल संकट वाले गांवों में दूर होने लगी है पेयजल की समस्यारायपुर / यह कोरबा जिले के कोरबा विकासखण्ड के अंतर्गत पहाड़ों से घिरा विमलता गाँव है। भले ही इन गांव में रहने वाले परिवारों की संख्या बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन पानी को लेकर यहाँ की समस्या बहुत बड़ी है। गर्मी क्या आई ? गाँव का हैंडपंप जलस्तर नीचे जाने से जवाब दे जाता था। इस गांव के लोगों ने ऐसे कई गर्मी के मौसम देखे हैं, जो उन्हें पानी के बूँद-बूँद के लिए मोहताज करते हुए उनकी आँखों से आँसुओं के बूँद गिराए हैं। अब जबकि गाँव में जल जीवन मिशन से घर-घर नल लग गया है तो यहाँ पीने के पानी के लिए गर्मी के दिनों में ग्रामीणों को आँखों से आँसुओं की बूंद नहीं गिराना पड़ता। गाँव में लगे नल और घरों के कनेक्शन से उन्हें गर्मी और बरसात में स्वच्छ पानी की धार मिल जाती है। उन्हें लगभग एक किलोमीटर दूर पहाड़ के नीचे मुसीबत मोल लेकर खतरनाक ढोढ़ी में पानी भरने नहीं जाना पड़ता।कोरबा ब्लाक के नकिया पंचायत अंतर्गत ग्राम विमलता में जल जीवन मिशन के माध्यम से नल कनेक्शन घर-घर लगाया गया है। जल संकट वाले इस ग्राम में हर साल गर्मी के दिनों में पानी की समस्या विकराल हो जाती थी। बारिश के समय जान जोखिम में लेकर पहाड़ के चट्टानों के बीच ढोढ़ी का पानी निकालना पड़ता था। इस दौरान पत्थरों के फिसलन होने से गिरने का खतरा भी बना रहता था। वे मटमैला पानी पीने मजबूर थे। ग्राम विमलता की महिला रामवती बाई, फुसुन्दरी बाई ने बताया कि गर्मी आते ही सभी को पानी के लिए जूझना पड़ता है। जलस्तर नीचे चले जाने के बाद समस्या और भी बढ़ जाती थी। बारिश के समय बहुत कम पानी से काम चलाना पड़ता था। अब घर में नल का कनेक्शन लग जाने से सुबह शाम पानी उपलब्ध हो जाता है। उन्हें 01 किलोमीटर दूर ढोढ़ी से पानी नहीं लाना पड़ता है। उन्होंने बताया कि गर्मी के दिनों में पानी की समस्या देखकर रोना आ जाता था। ग्रामीण दिलमती बाई ने बताया कि पास का हैण्डपम्प से लगातार पानी निकालने से हैंडपंप भी बिगड़ जाते थे। गांव में सोलर ड्यूल पंप लगा है, जिससे गांव वालों को आसानी से पीने का पानी मिलने लगा है। उन्होंने बताया कि घरों में पेयजल के लिए सबसे ज्यादा महिलाओं को ही परेशानी उठानी पड़ती थी। उन्हें ही दूर कहीं से पानी लाना पड़ता था। अब ऐसी समस्या दूर हो गई है। गाँव के जनेऊ सिंह का कहना है कि घर-घर नल लगाना बहुत अच्छी पहल है। इससे स्वच्छ पेयजल मिल रहा है। घरों में नल का कनेक्शन भी लगा है। पानी की सप्लाई से गाँव वालों को राहत मिलने लगी है। सोलर ड्यूल पंप लग जाने से 24 घण्टे पानी की सुविधाएं मिल गई है। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव द्वारा हर घर पेयजल पहुंचाने का संकल्प लिया गया है। जिला कलेक्टर के निर्देश में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा दूरस्थ ग्रामों में क्रेडा के सहयोग से सोलर ड्यूल पंप स्थापित कराकर घरों में नल कनेक्शन दिया गया है। इससे दूरस्थ क्षेत्रों में पानी की गंभीर समस्या कम हो गई है। उन्हें घर पर ही पानी उपलब्ध हो पा रहा है।
- रायपुर / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय से रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल के छात्रों ने मुलाकात की। राजनांदगांव से आए रॉयल किड्स कॉन्वेंट के कक्षा 11वीं और 12वीं के विद्यार्थियों ने आज विधानसभा परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह और नेता प्रतिपक्ष श्री चरण दास महंत से भी मुलाकात की।रॉयल किड्स कॉन्वेंट स्कूल के विद्यार्थियों ने पहली बार विधानसभा की कार्यवाही को प्रत्यक्ष रूप से देखा। विद्यार्थियों ने मुख्यमंत्री और विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात के दौरान जिज्ञासा वश कई महत्वपूर्ण प्रश्न पूछे और विधानसभा की कार्यप्रणाली के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की। विद्यार्थियों ने इस अनुभव को अत्यंत ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायक बताया।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने छात्रों को अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी का राजनीति और सरकारी कार्यप्रणाली के प्रति जागरूक होना बहुत आवश्यक है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विद्यार्थियों को विधानसभा की कार्यवाही और उसकी भूमिका के बारे में विस्तृत जानकारी दी। वहीं, नेता प्रतिपक्ष श्री चरण दास महंत ने विद्यार्थियों को राजनीति में नैतिकता और ईमानदारी के महत्व पर बल दिया। यह भम्रण विद्यार्थियों के लिए एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक यात्रा साबित हुआ, जिसमें उन्होंने न केवल विधानसभा की कार्यवाही को देखा, बल्कि प्रदेश के प्रमुख नेताओं से भी बातचीत करने का अवसर पाया।
- -‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत विधानसभा आवासीय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन-विधानसभा अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष, उप मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने भी किया वृक्षारोपण-विधायकों ने भी अपनी मां की स्मृति और सम्मान में लगाए पौधेरायपुर / प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के आह्वान ‘एक पेड़ मां के नाम’ के तहत आज छत्तीसगढ़ विधानसभा के आवासीय परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने अपनी मां के सम्मान में वहां बेल का पौधा लगाया। विधानसभा के अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने सीताफल, नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने हनुमान फल और उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने नीम के पौधे का रोपण किया। विधानसभा आवासीय परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम में कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने रामफल, वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने महुआ, खाद्य मंत्री श्री दयालदास बघेल ने आंवला, श्रम मंत्री श्री लखन लाल देवांगन और महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने हर्रा, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लक्ष्मण फल, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी ने बेल तथा राजस्व मंत्री श्री टंकराम वर्मा ने पीपल का पौधा लगाया।वृक्षारोपण कार्यक्रम में विधायकों और राज्य शासन के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी अपनी मां की स्मृति और सम्मान में पौधे लगाए। कार्यक्रम में आज विभिन्न प्रजाति के सौ से अधिक पौधे लगाए गए। वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि विधानसभा के आवासीय परिसर में 50 एकड़ क्षेत्र में इकोलॉजिकल पार्क (Ecological Park) विकसित किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज यहां ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के अंतर्गत वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया है।
- -किसानों को मिलेगी बड़ी सुविधारायपुर /जशपुर जिले के बगीचा में मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय की पहल से जल्द ही अपेक्स बैंक की शाखा का शुभारंभ होगा। रायपुर स्थित रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की क्षेत्रिय बैंक ने बगीचा में अपेक्स बैंक की शाखा शुरू करने की अनुमति प्रदान कर दी है। आवश्यक कागजी कार्रवाई के बाद जल्द ही अपेक्स बैंक बगीचा में काम करना प्रारंभ होगा। इस बैंक के शुरू हो जाने से बगीचा ब्लाक के किसानों को बड़ी सुविधा मिलेगी। अपेक्स बैंक का प्रयोग किसानों के समर्थन मूल्य में फसलों की खरीदी के भुगतान के लिए किया जाता है। इस बैंक में जमा होने वाली राशि को निकालने के लिए किसानों को जशपुर और कुनकुरी तक दौड़ लगाना पड़ता था। अपेक्स बैंक की शाखा खुल जाने किसानों को इस दौड़ से मुक्ति मिल जाएगी।उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की नेतृत्व वाली राज्य सरकार किसानों के हित में लगातार निर्णय ले रही है। छत्तीसगढ़ सरकार ने मोदी की गारंटी के तहत किये गए वायदों को पूरा करते हुए पंजीकृत किसानों से 3100 रूपये प्रति क्विंटल की दर से धान की खरीदी कर, बोनस सहित धान का मूल्य किसानों के खाते में डाल चुकी है। इससे किसानों में प्रसन्नता व्याप्त है।
- -कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने दी बधाई एवं शुभकामनाएं-अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी एक्सपो के राष्ट्रीय मंच पर छत्तीसगढ़ के 5 उद्यानिकी कृषक सम्मानित-छत्तीसगढ़ उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी के स्टॉल को उत्कृष्ट प्रदर्शनी तथा उद्यानिकी को बढ़ावा देने हेतु मिला प्रथम पुरस्काररायपुर /नई दिल्ली के प्रगति मैदान में 20 से 22 जुलाई तक सरकार की उपलब्धियों को प्रदर्शित करने वाले अंतर्राष्ट्रीय कृषि एवं उद्यानिकी पर आयोजित अंतर्राष्ट्रीय मेले में जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए बस्तर अंचल के महिला कृषक को लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। वहीं उद्यानिकी के क्षेत्र में नवाचार तथा उत्कृष्ट कार्य करने वाले छत्तीसगढ़ के पांच कृषकों को भी सम्मानित किया गया है। कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने उद्यानिकी के क्षेत्र में वनांचल क्षेत्रों सहित प्रदेश के किसानों को अंतर्राष्ट्रीय मेले में अवार्ड मिलने पर उन्हें बधाई एवं शुभकामनाएं दी।उद्यानिकी विभाग के अधिकारियों ने आज यहां बताया कि बस्तर के सुदूर अंचल के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में 1000 महिला कृषकों को आत्मनिर्भर बनने की प्रेरणा देने एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने वाली महिला कृषक श्रीमती वेदेश्वरी (बिंदु) शर्मा को उक्त एक्पो में लाईफ टाईम अचीवमेंट पुरस्कार से सम्मानित किया गया। बस्तर की जैविक महिला की पदवी प्राप्त श्रीमती शर्मा के मार्गदर्शन में जिला-कोंडागांव के ग्राम कोकोड़ी एवं आस पास के गांवों के 1000 महिला कृषक, जैविक खेती अपनाकर विगत 6 वर्षों से अधिक आमदनी अर्जित कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि 5 एकड़ खेत में श्रीमती शर्मा द्वारा पूर्ण जैविक खेती ली जा रही है, इनके कठिन परिश्रम के परिणामस्वरूप इन्हें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर पुरस्कारों से पहले भी सम्मानित किया जा चुका है।जिला-बिलासपुर के ग्राम मल्हार के कृषक यदुनंदन प्रसाद वर्मा को विगत 5-6 वर्षों से 2.5 एकड क्षेत्र में केला, सब्जी आदि की जैविक खेती करने के लिए प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। जिरेनियम की खेती में उत्कृष्ट कार्य करने वाले एवं राज्य में इसकी खेती को बढावा देने वाले जयराम नगर जिला-बिलासपुर के कृषक लोकेश बालकृष्ण पताडे को तकनीकी नवाचार के लिए प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। जय किसान नर्सरी, ग्राम बम्हनी चारपारा, जिला राजनांदगांव के कृषक श्री जसवंत कुमार साहू के कुशल मार्गदर्शन एवं अथक प्रयासों से ग्राफ्टेड सब्जी पौध तैयार करने तथा उद्यानिकी के क्षेत्र में नवाचार करने हेतु प्रशस्ति पत्र से नवाज़ा गया। पुष्प की खेती में अपना नाम रोशन करने वाली महिला कृषक श्रीमती अंकिता वर्मा, जिला-रायपुर को ग्रीन हाउस में गुलाब के फूलों की उत्कृष्ट खेती हेतु प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया।गौरतलब है कि 3 दिवसीय एक्सपो में छत्तीसगढ़ उद्यानिकी एवं प्रक्षेत्र वानिकी द्वारा स्टॉल लगाकर पुष्प, फल, सब्जी आदि की प्रदर्शनी लगाई गयी तथा विभागीय योजनाओं, गतिविधियों एवं प्रगतिशील कृषकों की सफलता की कहानी को बैनर के माध्यम से प्रदर्शित किया गया था। साथ ही मशरूम के उत्पाद, प्रसंस्करण उत्पाद, महुआ तथा जामुन का जूस आदि भी स्टाल में प्रदर्शनी एवं विक्रय हेतु रखा गया था। स्टाल में मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा जरेनियम की खेती, पॉली हाउस में आर्किड की खेती, ग्राफ्टेड बैंगन की खेती, ड्रैगन फ्रूट, कालीमिर्च एवं चाय की खेती की विस्तृत जानकारी के साथ लगे डिस्प्ले जिसे पढने और उसकी अधिक जानकारी प्राप्त करने विभिन्न राज्यों के किसानों के लिए आकर्षण का केन्द्र बना रहा। प्रदर्शनी में आये विशेष अतिथियों एवं अधिकारियों द्वारा भी छत्तीसगढ़ उद्यानिकी के स्टाल में लगाई गयी उत्कृष्ट प्रदर्शनी की प्रशंसा की गयी एवं ‘‘प्रमोशन ऑफ़ बेस्ट हॉर्टिकल्चर एंड फार्म फॉरेस्ट्री प्रैक्टिसेज‘‘ के केटेगरी में भी अवार्ड से सम्मानित किया गया।
- -तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि से घर-परिवार की जरूरतें हो रही पूरी-तेंदूपत्ता सीजन 2024 में 36 हजार से अधिक संग्राहकों को 12 करोड़ रुपए से ज्यादा पारिश्रमिक राशि का हो रहा भुगतानरायपुर / बस्तर अंचल में तेंदूपत्ता को हरा सोना माना जाता है, जो वनांचल के संग्राहकों की अतिरिक्त आय का मुख्य जरिया है। गर्मी के दिनों में जब ग्रामीणों के पास न तो खेतों में काम होता है और न ही घर में कुछ काम, तब इसी तेंदूपत्ता यानी हरा सोना का संग्रहण उन्हें मेहनत एवं संग्रहण के आधार पर भरपूर पारिश्रमिक देता है। वनांचल में रहने वाले ग्रामीणों के लिये तेंदूपत्ता के प्रति मानक बोरा की दर में हुई वृद्धि भी खुशियां जगा दी है। प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा तेंदूपत्ता का प्रति मानक बोरा राशि 5500 रुपए किए जाने के बाद संग्राहकों में अपार खुशी है। वहीं तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि स्थानीय स्तर पर बैंक सखियों के माध्यम से भुगतान होने के फलस्वरूप विशेषकर दूरस्थ ग्रामीण क्षेत्रों के संग्राहकों को बहुत सहूलियत हो रही है। इसे मद्देनजर रखते हुए बस्तर कलेक्टर श्री विजय दयाराम के. के मार्गदर्शन में जिले के अंदरूनी इलाके के संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि का भुगतान बैंक मित्र और बैंक सखियों के माध्यम से किया जा रहा है। तेंदूपत्ता सीजन 2024 में संग्रहित तेंदूपत्ता का 36 हजार 229 संग्राहकों को 12 करोड़ 43 लाख 95 हजार 749 रुपए पारिश्रमिक राशि अपने गांव के बैंक मित्र एवं बैंक सखियों द्वारा की जा रही है।लोहण्डीगुड़ा विकासखंड के दूरस्थ ग्राम कुथर के तेंदूपत्ता संग्राहक आयतू और बैसू तेंदूपत्ता संग्रहण कर उसे समिति में बेचने का कार्य वर्षों से कर रहे हैं। एक सीजन में तीन से पांच से आठ हजार रूपए तक कमाई करने वाले इन संग्राहकों का कहना है कि वे सुबह से शाम तक पत्ते तोड़कर उसे गड्डी तैयार करते हैं, फिर फड़ में ले जाकर विक्रय करते हैं। उनका अधिकांश समय वन में ही गुजरता है। मुख्यमंत्री द्वारा 04 हजार रूपए प्रति मानक बोरा राशि की दर को 05 हजार 500 रूपए किए जाने पर खुशी जताते हुए बैसू ने कहा कि इससे उसके जैसे अनेक संग्राहकों को अच्छा लाभ मिला है।दरभा ब्लॉक के ग्राम पखनार की रहने वाली संग्राहक मासे मंडावी एवं सुकली मंडावी का कहना है कि वह कई साल से तेंदूपत्ता तोड़ने का कार्य कर रही है। संग्राहकों के हित में 4000 की राशि 5500 रूपए प्रति मानक बोरा होने पर गरीब संग्राहकों को इससे फायदा होने की बात कही। बकावंड ब्लॉक के डिमरापाल निवासी सुकरी नेताम ने बताया कि वह खेती-किसानी के साथ-साथ तेंदूपत्ता संग्रहण का काम कई वर्षों से कर रही हैं। गांव में तेंदूपत्ता संग्रहण से गर्मी के दिनों में कुछ कमाई हो जाती है। एक-एक पत्तों को तोड़कर बण्डल बनाने में मेहनत लगता है। शासन ने संग्राहकों के परिश्रम का महत्व को समझते हुए राशि बढ़ाई है जो सराहनीय है।इन ग्रामीण संग्राहकों ने बताया कि मुख्यमंत्री द्वारा तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर 4000 रुपए से बढ़ाकर 05 हजार 500 रूपये किए जाने से संग्राहकों को राहत मिल रही है। बकावंड डिमरापाल के संग्राहक सैयतो यादव ने बताया कि गांव के पास ही मरहान और जंगल है। आसपास के क्षेत्र में तेंदूपत्ता संग्रहण आसानी से हो जाता है। तेंदूपत्ता संग्रहन से राशि मिलती है तो घर-परिवार की जरूरतें होती है। यह ग्रामीण संग्राहकों के लिए अतिरिक्त आमदनी का मुख्य जरिया है। इस प्रकार तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए प्रति मानक बोरा दर में वृद्धि से जिले के वनांचल में रहने वाले सभी तेंदूपत्ता संग्राहकों को सुखद अनुभूति हुई है।बैंक मित्र पखनार रामो कुंजाम ने बताया कि वह ईलाके के 05 ग्राम पंचायतों के 250 से ज्यादा तेंदूपत्ता संग्राहकों को तेंदूपत्ता पारिश्रमिक राशि का भुगतान कर चुके हैं। वहीं लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के कस्तूरपाल के बैंक मित्र सामू कश्यप ने 50 से अधिक संग्राहकों तथा बस्तर विकासखण्ड के भानपुरी की बैंक सखी जमुना ठाकुर ने 56 से ज्यादा संग्राहकों को भुगतान किया है। वहीं बकावंड ब्लॉक के डिमरापाल की बैंक सखी तुलेश्वरी पटेल अब तक डिमरापाल एवं छिंदगांव के 90 से अधिक तेंदूपत्ता संग्राहकों को डेढ़ लाख रुपए से ज्यादा का भुगतान कर चुकी हैं।जिले के 15 समितियों के तेंदूपत्ता संग्राहकों को बैंक सखियों ने किया भुगतानवनमंडलाधिकारी एवं प्रबंध संचालक जिला सहकारी यूनियन जगदलपुर श्री उत्तम गुप्ता ने बताया कि जिले के सभी 07 विकासखण्डों के अंतर्गत 15 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियों के कुल 36 हजार 229 संग्राहकों को 12 करोड़ 43 लाख 95 हजार 749 रुपए पारिश्रमिक राशि अपने गांव के बैंक मित्र एवं बैंक सखियों से भुगतान किया जा रहा है। जिसके तहत लोहण्डीगुड़ा ब्लॉक के 13 ग्राम पंचायतों के 1947 संग्राहकों को 79 लाख 47 हजार 665 रुपए, तोकापाल विकासखण्ड के एक ग्राम पंचायत के 76 संग्राहकों को 03 लाख 36 हजार 193 रुपए,बास्तानार ब्लॉक के 22 ग्राम पंचायतों के 1831 संग्राहकों को 79 लाख 69 हजार 995 रुपए,बस्तर विकासखण्ड के 65 ग्राम पंचायतों के 10 हजार 78 संग्राहकों को 02 करोड़ 68 लाख 72 हजार 736 रुपए, दरभा ब्लॉक के 21 ग्राम पंचायतों के 1782 संग्राहकों को एक करोड़ 37 लाख 71 हजार 934 रुपए तथा बकावंड विकासखण्ड के 86 ग्राम पंचायतों के 16 हजार 510 संग्राहकों को 05 करोड़ 45 लाख 47 हजार 614 रुपए पारिश्रमिक राशि का भुगतान स्थानीय बैंक सखियों द्वारा किया जा रहा है। जिससे जहां ग्रामीण संग्राहकों को भुगतान प्राप्त करने में सुविधा हुई, वहीं इन बैंक सखियों को भी अच्छी कमीशन राशि मिली।
- दुर्ग / जिले में 01 जून से 25 जुलाई तक 310.4 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 539.1 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 202.9 मिमी बोरी तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 270.0 मिमी, तहसील धमधा में 219.5 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 275.8 मिमी और तहसील अहिवारा में 355.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 25 जुलाई को तहसील दुर्ग में 0.4 मिमी, धमधा तहसील में 1.3 मिमी, पाटन तहसील में 17.3 मिमी, बोरी तहसील में 0.0 मिमी, भिलाई-3 तहसील में 5.8 और अहिवारा तहसील में 0.0 वर्षा दर्ज की गई है।
- दुर्ग / जिले के विकास खण्ड दुर्ग के अंतर्गत ग्राम अंडा में 26 जुलाई 2024 को आयोजित होने वाली जिला स्तरीय जनसमस्या निवारण शिविर को क्षेत्र में भारी बारिश से उत्पन्न स्थिति को ध्यान में रखते हुए स्थगित कर दिया गया है। उक्त तिथि को शिविर आयोजित नहीं होगी। शिविर की तिथि पृथक से घोषित की जाएगी।
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- जिले में 15 जुलाई से 14 अगस्त 2024 तक बाल सक्षम नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक, भिक्षा वृत्ति, मादक द्रव्यों के शिकार बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू एवं पुनर्वास करने तथा एक युद्ध नशे के विरूद्ध चलाया जा रहा अभियान
राजनांदगांव । कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिले में बाल सक्षम नीति एवं एक युद्ध नशे के विरूद्ध अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली। कलेक्टर ने कहा कि जिले में 15 जुलाई से 14 अगस्त 2024 तक बाल सक्षम नीति के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए बाल श्रमिक, अपशिष्ट संग्राहक, भिक्षा वृत्ति, मादक द्रव्यों के शिकार बच्चों के सर्वेक्षण, रेस्क्यू एवं पुनर्वास करने तथा एक युद्ध नशे के विरूद्ध अभियान का क्रियान्वयन किया जा रहा हैं। उन्होंने सड़क जैसी परिस्थितियों में जीवन यापन करने वाले बच्चों का चिन्हांकन, रेस्क्यू एवं पुनर्वास कार्य को गंभीरतापूर्वक करने निर्देशित किया तथा चिन्हांकित बच्चों को 24 घंटे के भीतर बाल कल्याण समिति राजनांदगांव को सांैपने कहा। कलेक्टर ने कहा कि आवश्यकतानुसार बाल कल्याण समिति के माध्यम से बाल देखरेख संस्थानों में बच्चों को आश्रय प्रदान करते हुए बच्चों के पुनर्वास की कार्रवाई जिला बाल संरक्षण इकाई महिला एवं बाल विकास द्वारा किया जाए। साथ ही शासन के विभिन्न विभागों द्वारा बच्चों के लिए संचालित योजनाओं से शत-प्रतिशत लाभान्वित करना सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री संजय अग्रवाल ने बच्चों से जुड़े मादक पदार्थो के क्रय-विक्रय प्रकरणों पर किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने अभियान के दौरान चिन्हित बच्चों एवं परिवारों को उसके शिक्षण प्रशिक्षण हेतु आर्थिक सहयोग प्रदान करने कहा। कलेक्टर ने अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने निर्देशित किया। इस अवसर पर वनमंडलाधिकारी श्री आयुष जैन, सीईओ जिला पंचायत सुश्री सुरूचि सिंह, अपर कलेक्टर श्री सीएल मारकण्डेय, अपर कलेक्टर श्रीमती इंदिरा नवीन प्रताप सिंह, नगर निगम आयुक्त श्री अभिषेक गुप्ता, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास श्रीमती गुरूप्रीत कौर सहित पुलिस, नगर पालिक निगम, महिला एवं बाल विकास, समाज कल्याण, शिक्षा, स्वास्थ्य, श्रम, आदिम जाति कल्याण, चाईल्ड लाईन, खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग व अन्य विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। -
राजनांदगांव । राजनांदगांव विकासखंड के ग्राम किरगी रिवागाहन में विगत दिनों जिला पंचायत के सहयोग एवं एबीस पहल द्वारा दो दिवसीय स्वच्छता त्यौहार मनाया गया। दो दिनों तक चले स्वच्छता त्यौहार का मुख्य उद्देश्य ग्राम को ओडीएफ प्लस बनाने के लिए ग्रामवासियों को जागरूक करना था। जिसके तहत स्कूली बच्चों द्वारा पोस्टर प्रतियोगिता, सेग्रेगेशन को लेकर जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वच्छता का संदेश दिया गया। इसके अलावा बच्चों ने कबाड़ से जुगाड़ का प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों को प्लास्टिक के उचित प्रबंधन के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में ग्राम पंचायत सरपंच श्रीमती पूर्णिमा साहू, जनपद पंचायत डोंगरगांव एसीईओ श्री होरी लाल साहू, प्राचार्य श्री नरोत्तम लाल कमरिया, ग्राम पंचायत सचिव पूनम साहू, एबीस एक्सपोट्र्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से असिस्टेंट मैनेजर सीएसआर महिमा सोनी, पहल मोटीवेटर श्री विनोद एवं भूमिका सहित विकासखंड समन्वयक एसबीएम, पंच, ग्राम पटेल, शिक्षक, स्वच्छताग्राही दीदी, स्कूली बच्चे एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।
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राजनांदगांव । श्रम मंत्रालय भारत सरकार के नेशनल कैरियर सेंटर फॉर डिफरेंटली एबल्ड जबलपुर एवं विशेष रोजगार कार्यालय (दिव्यांगजनों हेतु नियोजित) रायपुर द्वारा छत्तीसगढ़ राज्य के शिक्षित दिव्यांगजनों की सुविधा के लिए उपयुक्तता प्रमाण-पत्र प्रदान करने के लिए 25 जुलाई 2024 को सुबह 10 बजे से सह शिक्षा पॉलिटेक्निक कॉलेज बैरन बाजार रायपुर में एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया जा रहा है।
उप संचालक रोजगार ने बताया कि दिव्यांगजनों को पीटीआई, पीएटी, प्री एमसीए, प्री बीएससी नर्सिंग, प्री एमएससी नर्सिंग, प्री बीएड सहित विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए उपयुक्तता प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करना होता है। छत्तीसगढ़ राज्य के दिव्यांगजनों को उपयुक्तता प्रमाण पत्र के लिए जबलपुर जाना होता है। आयोजित शिविर में दिव्यांगजनों का परीक्षण कर पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु उपयुक्तता की जांच कर उपयुक्तता प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। शिविर में शामिल होने के लिए दिव्यांग अभ्यर्थी को जिला चिकित्सा बोर्ड द्वारा जारी दिव्यांगता प्रमाण पत्र, शिक्षा एवं आयु से संबंधित प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, मोबाईल नंबर, आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी होने पर जाति प्रमाण-पत्र, पासपोर्ट आकार के दो फोटो तथा यदि व्यापम द्वारा आयोजित किसी प्रवेश परीक्षा में शामिल हुए हो तो प्रवेश पत्र प्रस्तुत करना होगा। शिविर के संबंध में अन्य जानकारी के लिए कार्यालयीन समय में दूरभाष क्रमांक 0771-4044081 पर संपर्क कर सकते है। - -तकनीकी कारणों से रुकी थी राशि, फिर बैंक खाते में आएगा पैसा-मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को दिया धन्यवादरायपुर । जन समस्या निवारण कॉल सेंटर से अब महिलाओं की समस्या का निराकरण भी घर बैठे भी मिलने लगा है। महतारी वंदन योजना की पात्र हितग्राही श्रीमती सरोज साहू कॉल सेंटर में अपनी समस्या दर्ज कराते हुए योजना के तहत राशि प्राप्त नहीं होने की जानकारी दी। तत्काल मामले से महिला एवं बाल विकास विभाग को अवगत कराया गया। विभाग ने मामले की जांच की और पाया कि श्रीमती साहू को योजना का लाभ दिया जा रहा है, परन्तु तकनीकी कारणों की वजह से रूक गई थी। विभाग ने इस तकनीकी समस्या को जानकर समाधान कर दिया है। श्रीमती साहू को वापस योजना का लाभ दिया जाएगा। इसकी जानकारी उन्हें प्रदान भी कर दी गई है। यह जानकर श्रीमती साहू संतुष्ट हुई और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस महत्वपूर्ण योजना की राशि मिलने लगेगी। जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए कॉल सेंटर महिलाओं के लिए भी मददगार है। file photo
- दुर्ग / जिले में 01 जून से 24 जुलाई तक 306.3 मिमी औसत वर्षा दर्ज की गई है। कार्यालय कलेक्टर भू-अभिलेख शाखा से प्राप्त जानकारी के अनुसार 1 जून से अब तक सर्वाधिक वर्षा 521.8 मिमी पाटन तहसील में तथा न्यूनतम 202.9 मिमी बोरी तहसील में दर्ज की गई है। इसके अलावा तहसील दुर्ग में 269.6 मिमी, तहसील धमधा में 218.2 मिमी, तहसील भिलाई 3 में 270.0 मिमी और तहसील अहिवारा में 355.2 मिमी वर्षा दर्ज की गई है। 24 जुलाई को तहसील दुर्ग में 45.8 मिमी, धमधा तहसील में 30.0 मिमी, पाटन तहसील में 77.3 मिमी, बोरी तहसील में 38.5 मिमी, भिलाई-3 तहसील में 49.8 और अहिवारा तहसील में 72.4 वर्षा दर्ज की गई है।
- बिलासपुर /भारत सरकार द्वारा संचालित प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम योजना के अंतर्गत जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बिलासपुर द्वारा वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए स्वरोजगार हेतु इच्छुक आवेदकों से सेवा एवं उद्योग कार्य हेतु बैंक ऋण के आवेदन आमंत्रित किये जा रहे है। इच्छुक एवं पात्र आवेदक विभागीय वेबसाईट (www.kviconline.gov.in) में ऑनलाईन निःशुल्क आवेदन प्रस्तुत कर सकते है। आवेदक द्वारा आवेदन प्रस्तुत करते समय केवीआईसी/डीआईसी एजेंसी का विकल्प आता है। हितग्राहियों को जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, बिलासपुर में आवेदन करने के लिए (DIC) का विकल्प चयन करना होता है।मुख्य महाप्रबंधक श्री कुस्रे ने बताया कि आवेदन हेतु न्यूनतम आयु 18 वर्ष है। योजनांतर्गत सेवा क्षेत्र के लिए अधिकतम 20 लाख रू. एवं उद्योग के लिए अधिकतम 50 लाख रू. बैंक ऋण हेतु आवेदन किया जा सकता है। सेवा क्षेत्र के लिए 5.00 लाख रू. एवं उद्योग क्षेत्र के लिए 10.00 लाख रू. से अधिक बैंक ऋण लेने के लिए 8वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। सेवा क्षेत्र के अंतर्गत च्वाईस सेंटर, टेलरिंग कार्य, टेन्ट हाउस, ब्यूटी पार्लर, सेलून, रेस्टोरेंट, मोबाईल रिपेयरिंग, इलेक्ट्रानिक रिपेयरिंग, मोटर सायकल एवं कार रिपेयरिंग एवं सर्विसिंग इत्यादि कार्य आते है। उद्योग के अंतर्गत कुलर अलमीरा निर्माण, फर्नीचर निर्माण, फ्लाई एश ब्रिक्स, राईस मिल, फ्लोर मिल, पेपर कप प्लेट, मसाला, निर्माण, फेब्रीकेशन डोर, विंडो निर्माण जैसे कार्य परियोजना आते हैं।योजनांतर्गत सामान्य श्रेणी के आवेदक को शहरी क्षेत्र में परियोजना लागत का 15 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्र में 25 प्रतिशत अनुदान की पात्रता है तथा 10 प्रतिशत स्वयं का अंशदान देना होता है। जबकि महिला, अ.पि.व. अनु.जाति, अनु.जन-जाति, अल्प संख्यक, निःशक्तजन एवं भूतपूर्व सैनिकों को शहरी क्षेत्रों में 25 प्रतिशत एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 35 प्रतिशत अनुदान की पात्रता है तथा 5 प्रतिशत स्वयं का अंशदान देना होता है। आवेदन हेतु आवश्यक दस्तावेज शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र या अंकसूची, जाति प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, पेनकार्ड, जनसंख्या प्रमाण पत्र प्रोजेक्ट रिपोर्ट और पासपोर्ट साइज फोटो एवं राशनकार्ड, आईटीआर, बैंक पासबुक, बिजली बिल, बीमा, भूमि संबंधी दस्तावेज अपलोड करना होता है।इस संबंध में जानकारी एवं मार्गदर्शन के लिए कार्यालय के प्रबंधक श्री सुनील कुमार पाण्डेय, (मो.नं. 7898609895) एवं प्रबंधक श्री नरेन्द्र कुमार साहू (मो.नं. 9630020012) से संपर्क कर सकते है। अधिक जानकारी हेतु कार्यालय मुख्य महाप्रबंधक, जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र, न्यू कम्पोजिट बिल्डिंग, प्रथम तल, बिलासपुर से संपर्क कर सकते है।
- बिलासपुर , / कलेक्टर श्री अवनीश शरण 26 जुलाई को सवेरे 11 बजे मंथन सभाकक्ष में प्रधानमंत्री आवास योजना और पीएम जनमन आवास योजना में प्रगति की समीक्षा करेंगे। सीईओ जिला पंचायत श्री आर पी चौहान ने बैठक में संबंधित नोडल अधिकारियों को पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। आवास योजना के कार्यों की मॉनिटरिंग के लिए चारों ब्लॉक में 63 नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं।
- सारगंढ़। सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में एक कांग्रेस नेता की लाश अर्धनग्न हालत में सडक़ किनारे मिली है। । मृतक नेता का नाम हरिराम पटेल हैं, जो ब्लॉक कांग्रेस कमेटी में कार्यकारिणी सदस्य थे। मामला बरमकेला थाना क्षेत्र का है। .जिले के ग्राम कमरीज सरिया थाना क्षेत्र निवासी कांग्रेस नेता हरिराम पटेल पिता रिपु पटेल (45) की हत्या कर उनकी लाश खेत में फेंक दी गई थी। बताया जा रहा है कि मंगलवार की शाम को वे अपनी बाइक से घर से बरमकेला जाने के लिए निकले थे। वहीं शाम को फोन पर डुमाभांठा में रहने की सूचना घर वालों को दी थी। वहीं कुछ देर में लौटने की बात भी कही, लेकिन वे घर नहीं लौटे। जिसके बाद परिवार वालों ने उनकी खोजबीन शुरू की। इस बीच डुमाभांठा बरमकेला क्षेत्र में सिंगारपुर गांव के पास सडक़ किनारे उनकी बाइक नजर आई। आसपास तलाशी की तो हीरालाल पटेल की लाश सडक़ किनारे मिली। परिजनों ने बताया कि हरिराम पटेल के सिर पर और पेट में चोट के गंभीर निशान थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने भी हत्या की आशंका जताई है। बरमकेला पुलिस शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
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- समिति की अध्यक्ष श्रीमती चंदेल ने रोपित पौधों की देखभाल एवं सुरक्षा का आव्हान करते हुए समिति की सदस्यों को इसका संकल्प दिलवाया।रायपुर । ‘‘एक पेड़ माँ के नाम’’ वृक्षारोपण अभियान के तहत जय हरीतिमा महिला समिति, कृषक नगर, रायपुर द्वारा इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय परिसर में वृक्षारोपण किया गया। समिति की अध्यक्ष श्रीमती ममता चंदेल ने एक कटहल और एक चम्पा का पौधा लगाकर वृक्षारोपण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समिति की अन्य सदस्यों ने भी कटहल और चम्पा के पौधे रोपित किये। समिति की अध्यक्ष श्रीमती चंदेल ने इस अवसर पर रोपित पौधों की देखभाल एवं सुरक्षा का आव्हान करते हुए समिति की सदस्यों को इसका संकल्प दिलवाया। इस अवसर पर वेस्ट मटेरियल से पॉट डेकोरेशन प्रतियोगिता का आयोजन भी किया गया। समिति की सदस्य महिलाओं ने प्रतियोगिता में वेस्ट मटेरियल से बनाए गए सुंदर-सजीले पॉट्स का प्रदर्शन किया। पॉट डेकोरेशन प्रतियोगिता की विनर डॉ. सविता तिवारी रहीं। श्रीमती जागृति राणा और श्रीमती निशा वर्मा को संयुक्त रूप से द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ, जबकि श्रीमती प्रकृति श्रीवास्तव और श्रीमती सपना वर्मा संयुक्त रूप से तृतीय स्थान पर रहीं। इस अवसर पर समिति की उपाध्यक्ष श्रीमती तृप्ति शर्मा, सचिव श्रीमती ज्योति वर्मा, कोषाध्यक्ष डॉ. (श्रीमती) ज्योति भट्ट, सहसचिव श्रीमती कनक खोखर, खेल प्रभारी प्रकृति श्रीवास्तव सहित सभी कार्यकारिणी सदस्याएं मौजूद थीं। वृक्षारोपण कार्यक्रम को सुचारू रूप से संपन्न करने में इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक डॉ. हेमन्त पाणिग्रही तथा डॉ. जी.एल. शर्मा का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ। - रायपुर / छत्तीसगढ़ के स्कूल शिक्षा विभाग ने अटल इनोवेशन मिशन के अंतर्गत राज्य के 33 जिलों में कुल 368 अटल टिंकरिंग लैब्स (ATL) संचालित करने की घोषणा की है। इनमें से 278 लैब्स शासकीय विद्यालयों में और 90 लैब्स अशासकीय विद्यालयों में संचालित हो रहें हैं। इन लैब्स का मुख्य उद्देश्य युवाओं को विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के क्षेत्र में सशक्त बनाना है।राज्य स्तर पर अटल टिंकरिंग लैब्स की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कई विद्यालयों में आवश्यकताओं की पूर्ति में कमी है। इसके समाधान हेतु राज्य सरकार ने 03 दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें ATL शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया। इस दौरान यह भी निर्णय लिया गया कि संचालित लैब्स का फीडबैक प्राप्त कर अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी इनका उपयोग करने का अवसर प्रदान किया जाएगा। ATL संबंधित गतिविधियों को अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों हेतु विद्यालय प्रारंभ अथवा विद्यालय बंद होने के 02 घंटे पूर्व अथवा बाद की समयावधि में किया जायेगा। जिला एवं राज्य स्तर से ATLलैब का नियमित निरीक्षण किया जायेगा। समय-समय पर जिला स्तर पर आयोजित गतिविधियों में ATL लैब की गतिविधियों का प्रदर्शन किया जाये एवं गतिविधियों में संम्मिलिति विद्यार्थियों एवं शिक्षकों को उनके कार्य के आधार पर पुरस्कृत किया जाये। जिले से पुरस्कृत विद्यार्थियों को राज्य स्तर पर होने वाले ATL मैराथन में सम्मिलित होने के लिए प्रेरित करें।समस्त जिलों के कलेक्टरों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने जिलों में संचालित ATL के विद्यालयों के प्राचार्यों की बैठक आयोजित कर फीडबैक प्राप्त करें। साथ ही, अन्य विद्यालयों के विद्यार्थियों को भी इन लैब्स का उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करें।राज्य सरकार समय-समय पर जिला और राज्य स्तर पर आयोजित गतिविधियों में ATL (अटल टिंकरिंग लैब्स) की उपलब्धियों का प्रदर्शन करेगी। इससे विद्यार्थियों को नवाचार और रचनात्मकता के क्षेत्र में और अधिक प्रेरणा मिलेगी।ATL संचालित विद्यालयों में गतिविधियों का संचालन माहवार किया जाएगा जो इस प्रकार होगा। हर महीने के 5 तारीख को माई एटीएल डैशबोर्ड का संचालन किया जाएगा। जून-जुलाई में एटीएल टिंकर फैस्ट 2024, 15 अगस्त को इंडिपेंडेंस डे टेक शोकेस, 5 सितम्बर को इनोवेटीव टीचिंग मैथर्ड वर्कशॉप, 1 सितम्बर को थीम बेस्ड हैकथॉन, 2 अक्टूबर गांधी जयंती के अवसर पर सोशल इनोवेशन चैलेंज, 14 नवम्बर चिल्ड्रन्स डे पर यंग इनोवेटर्स अवार्ड, नवम्बर और जनवरी में एटीएल मैराथन 2024-25, 1 दिसम्बर को एनुअल टीचिंगफेस्ट, 12 जुलाई युवा दिवस के अवसर पर हैकथॉन का आयोजन, 28 फरवरी राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के दिन विज्ञान मेला और 15 मार्च को साल के अंत में इवोल्यूशन करके अवार्ड वितरित किया जाएगा।
- -वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी की पहल, रायगढ़ शहर में 3.14 करोड़ के सड़कों के काम स्वीकृत-रायगढ़ में अधोसंरचना विकास को तेजी से दिया जा रहा मूर्त रूपरायपुर, / प्रदेश के वित्त मंत्री व रायगढ़ विधायक श्री ओ.पी.चौधरी की पहल से रायगढ़ शहर में सड़कों के निर्माण के 3.14 करोड़ की स्वीकृति नगरीय प्रशासन विभाग से मिली है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी.चौधरी ने रायगढ़ के जनप्रतिनिधियों और शहरवासियों की मांग को पत्र लिखकर नगरीय प्रशासन मंत्री श्री अरूण साव के समक्ष रखा था, जिसे स्वीकृति प्रदान की गई है।मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय प्रदेश के विकास के लिए कृत संकल्पित हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए त्वरित निर्णय लेकर कार्य कराए जा रहे है, जिसके फलस्वरूप प्रदेश के नगरीय निकायों को राष्ट्रीय स्तर पर 5 पुरस्कार प्राप्त हुआ है। वित्त मंत्री श्री ओ.पी चौधरी की पहल पर रायगढ़ शहर के सर्वांगीण विकास के लक्ष्य को पूरी प्रतिबद्धता के साथ पूरा किया जा रहा है। शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर करने की दिशा में निरंतर कार्य हो रहा है। वित्त मंत्री श्री चौधरी के निर्देश पर शहर में डामरीकृत सड़कों के निर्माण पर फोकस किया है, जिससे शहर के भीतर लोगों को आवागमन के लिए सुंदर और सुगम सड़कें मिलें। इसके साथ ही रायगढ़ में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ ही शिक्षा और खेल के क्षेत्र में भी अधोसंरचना विकास को तेजी से मूर्त रूप दिया जा रहा है। जिससे शहर में सभी वर्गाे की आवश्यकताओं के अनुरूप सुविधाएं जल्द विकसित की जा सके।3.14 करोड़ से 4 डामरीकृत सड़कों का होगा निर्माणजिन सड़कों के निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की गई है वे डामरीकृत सड़कें होंगी। इसमें 1 करोड़ 8 लाख 42 हजार की लागत से वार्ड क्रमांक 21 सर्किट हाऊस से हाऊसिंग बोर्ड तक बीटी रोड, इसी तरह वार्ड क्रमांक 27 अतरमुड़ा से मंगल भवन तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए 83 लाख 51 हजार रुपये, वार्ड क्रमांक 32 सर्वेश्वरी स्कूल से 25 एमएलडी एसटीपी प्लांट एवं गीता ट्रेडर्स से बांझीनपाली तक बीटी रोड निर्माण कार्य के लिए 78 लाख 53 हजार रुपये एवं वार्ड क्रमांक 17 हण्डी चौक से अनाथालय होते हुए नीलांचल भवन तक एवं गणेश मंदिर होते हुए बस स्टैण्ड तक बीटी रोड रिपेयरिंग कार्य हेतु 44 लाख 12 हजार रुपये शामिल है।
- -मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय होंगे शामिल-कार्यक्रम में मंत्रीमंडल के सदस्य, नेताप्रतिपक्ष सहित विधायकगण भी लेंगे हिस्सारायपुर, / मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय गुरूवार 25 जुलाई को दोपहर 1.30 बजे राजधानी रायपुर के विधानसभा आवासीय परिसर में होने वाले ‘‘एक पेड़ मां के नाम’’ वृक्षारोपण कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह करेंगे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथि उप मुख्यमंत्री द्वय श्री अरूण साव एवं श्री विजय शर्मा, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री श्री केदार कश्यप कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम, खाद्य मंत्री श्री दयाल दास बघेल, श्रम मंत्री श्री लखनलाल देवांगन, वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, स्वास्थ्य मंत्री श्री श्याम बिहारी जायसवाल, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े, खेल मंत्री श्री टंकराम वर्मा एवं विधानसभा नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत होंगे। इस मौके पर समस्त विधायकगण भी उपस्थित रहेंगे।












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